गुरुवार, 25 जून 2026

सहायक पुलिस आयुक्त अमित सक्सेना ने स्वयं रक्तदान कर दिया प्रेरणादायक संदेश, 56 वीर रक्तदाताओं ने किया रक्तदान, 224 जिंदगियों को मिलेगा जीवनदान

 





मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद/ साहिबाबाद। भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, गाजियाबाद एवं जिला रक्तकोष, एमएमजी अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में एस के कलायड होटल साहिबाबाद में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) अमित सक्सेना ने स्वयं रक्तदान कर समाज को प्रेरणादायक संदेश दिया।

इस अवसर पर ACP अमित सक्सेना ने कहा कि "रक्तदान महादान है। रक्त की एक यूनिट से चार लोगों का जीवन बचाया जा सकता है।" होटल में कार्यरत स्टाफ व  सभी नागरिकों से नियमित रूप से रक्तदान करने का आह्वान किया तथा रक्तदान को सामाजिक उत्तरदायित्व के रूप में अपनाने की अपील की।

शिविर में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए 56 वीर रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। विशेषज्ञों के अनुसार इन 56 यूनिट रक्त से लगभग 224 जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिल सकेगा।

शिविर की सफलता में जिला रक्तकोष, एमएमजी अस्पताल की पूरी टीम का विशेष योगदान रहा। डॉ. अंशुल चौधरी के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में रक्तदान की समस्त प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक संपन्न हुईं।

भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, गाजियाबाद के निवर्तमान सभापति डॉ. सुभाष गुप्ता ने बताया कि रेड क्रॉस के सभी सेवा कार्य जिला अधिकारी श्री रविंद्र कुमार मांदड की प्रेरणा  से निरंतर संचालित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में होटल की HR टीम के अमित एवं अंजली का विशेष सहयोग रहा। वहीं होटल के वाइस प्रेसिडेंट वीर सिंह गोसाई ने रेड क्रॉस की सेवा गतिविधियों की सराहना करते हुए डॉ. सुभाष गुप्ता को आश्वस्त किया कि उनके संस्थान में प्रत्येक तीन माह के अंतराल पर नियमित रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनका संस्थान भविष्य में भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी गाजियाबाद के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सामाजिक एवं मानवीय कार्यों में सहयोग प्रदान करेगा तथा अपने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को रक्तदान के प्रति जागरूक करेगा।

शिविर के सफल आयोजन में शिविर संयोजक एम. सी. गौर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अतिरिक्त विपिन अग्रवाल, राकेश गुप्ता, गीता शर्मा एवं नागेन्द्र नाथ सामल सहित रेड क्रॉस व रक्तकोष की टीम सर्वेश, विनोद कुमार, मोनू चौधरी,मनीष पाल व सुरेंद्र चौधरी ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया।

कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं, सहयोगियों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए नियमित रक्तदान को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया गया।

सहयोग ट्रस्ट ने निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर वसुंधरा में लगाई छबल भाजपा नेता हरिश मल्होत्रा पहुंचे

                             मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । सहयोग ट्रस्ट रजिस्टर्ड, वसुंधरा द्वारा निर्जला एकादशी के शुभ अवसर पर सेक्टर-2बी मेन रोड चौराहे पर छबील लगाकर राहगीरों एवं स्थानीय निवासियों को शरबत, जूट के बैग तथा तुलसी के पौधों का वितरण किया गया। इस सेवा कार्य का उद्देश्य जनसेवा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता का संदेश देना रहा।

इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता योगेश त्रिपाठी , निवर्तमान महानगर महामंत्री पप्पू पहलवान , निवर्तमान महानगर मंत्री संजीव झा, महानगर मंत्री आशीष चौधरी, निवर्तमान मंडल अध्यक्ष अनिल शर्मा , भाजपा वरिष्ठ नेता हरीश मल्होत्रा , कार्यकारिणी सदस्य वीरेंद्र कंडेरे ,महानगर सोशल मीडिया प्रभारी प्रतीक माथुर , महानगर सोशल मीडिया प्रभारी अनुराग मिश्रा , डॉ. कार्तिक शर्मा, रिटायर्ड ब्रिगेडियर बलराम त्यागी , प्रमोद त्यागी , सर्वानंद संस्था के अध्यक्ष गुंजन श्रीवास्तव जी, महेश उपाध्याय, पुनीत पीयूष भट्ट , भाजपा वरिष्ठ नेत्री कादंबरी कौशिक , स्वीटी रैना ,अमृता सिंह , नीति राय , तोशी श्रीवास्तव  सहित सहयोग ट्रस्ट की संपूर्ण टीम की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में सहयोग ट्रस्ट की चेयरमैन श्रीमती निशि त्यागी  एवं डायरेक्टर  नवीन त्यागी ने सभी अतिथियों का पटका पहनाकर एवं तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया।

इस सफल आयोजन को सफल बनाने में अपना अमूल्य समय, सहयोग एवं योगदान देने वाले सभी सम्मानित अतिथियों, सहयोग ट्रस्ट के सदस्यों, कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित जनों का हृदय से आभार एवं धन्यवाद। आप सभी के सहयोग, उत्साह और समर्पण से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भविष्य में भी इसी प्रकार समाज सेवा एवं जनकल्याण के कार्यों में आपका स्नेह, मार्गदर्शन एवं सहयोग मिलता रहे, यही अपेक्षा है।


परमार्थ निकेतन के पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती के पावन सान्निध्य में संत भक्ति की अनुपम गाथाओं का हुआ रसपूर्ण श्रवण



सत्ता बन्धु संवाददाता

गौवत्स श्री राधाकृष्ण जी के श्रीमुख से मेरे नामदेव-भक्तमाल कथा की ज्ञानधारा प्रवाहित

ऋषिकेश, 25 जून। परमार्थ निकेतन में संत परंपरा की अमूल्य विरासत ‘‘मेरे नामदेव-भक्तमाल कथा’’ का दिव्य एवं भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य, प्रेरणामयी उपस्थिति, आशीर्वचन एवं उद्बोधन सभी श्रद्धालुओं के लिये आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुपम स्रोत बना।

कथा के दिव्य वक्ता गौवत्स श्री राधाकृष्ण जी महाराज ने अपने श्रीमुख से भक्तमाल की अमृतमयी कथाओं का ऐसा रसपान करा रहे हैं कि श्रोतागण भक्ति, प्रेम और समर्पण के अद्भुत संसार में प्रवेश कर रहे हैं। भक्तमाल कथा पूज्य संतों के तप, त्याग, प्रेम और परमात्मा के प्रति अटूट समर्पण की जीवंत अनुभूति है। भक्तमाल कथा का प्रत्येक प्रसंग मानो श्रद्धा के सुप्त बीजों को जागृत कर रहा है।

भक्तमाल कथा पूज्य संतों के जीवन का ऐसा प्रकाशस्तंभ है जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर, अहंकार से समर्पण की ओर और अशांति से आनंद की ओर ले जाती है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि संतों का जीवन मानवता के लिये ईश्वर का खुला संदेश है। उन्होंने कहा कि भक्तमाल की कथाएँ हमें संदेश देती हैं कि सच्ची भक्ति हृदय की निर्मलता, सेवा की भावना और परमात्मा के प्रति अटूट विश्वास में निहित है। आज जब संसार तनाव, विभाजन और भौतिकता की दौड़ में उलझा हुआ है, तब पूज्य संतों की जीवनगाथाएँ मानवता को प्रेम, करुणा और एकता का मार्ग दिखाती हैं।

उन्होंने कहा कि पूज्य संतों ने अपना जीवन केवल अपने लिये नहीं जिया, बल्कि उन्होंने सम्पूर्ण समाज के कल्याण को अपना जीवन लक्ष्य बनाया। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर यदि हम अपने भीतर सेवा, सद्भाव और संवेदनशीलता के भाव विकसित करें तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः संभव हो सकता है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भारतीय संत परंपरा के ऐसे तेजस्वी नक्षत्र हैं, जिन्होंने यह सिद्ध किया कि भगवान को न विद्वत्ता चाहिए, न वैभव, न बाहरी आडंबर, उन्हें केवल निष्कलुष प्रेम चाहिए। संत नामदेव जी का जीवन इस सत्य का प्रमाण है कि जब भक्त का हृदय पूर्ण समर्पण से भर जाता है, तब भगवान स्वयं उसके प्रेम के अधीन हो जाते हैं। 

संत ज्ञानेश्वर ज्ञान के सूर्य थे और संत नामदेव प्रेम के चन्द्रमा थे। दोनों ने मिलकर पूरे भारत में भक्ति की अलख जगाई। संत नामदेव महाराज भक्ति आंदोलन के उन महान संतों में से हैं जिन्होंने प्रेम, नाम-स्मरण और ईश्वर के प्रति अटूट समर्पण का संदेश दिया। वे वास्तव में महाराष्ट्र के नरसी हैं।

गौवत्स श्री राधाकृष्ण जी महाराज ने कथा के माध्यम से अनेक पूज्य संतों के जीवन प्रसंगों को अत्यंत भावपूर्ण शैली में बताते हुये कहा कि ईश्वर तक पहुँचने का सबसे सरल मार्ग प्रेम और भक्ति का है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य अपने अहंकार को त्यागकर प्रभु के चरणों में समर्पित हो जाता है, तब उसका सम्पूर्ण जीवन ही एक सुंदर साधना बन जाता है।

मेरे नामदेव समाज कथा समिति, सूरत द्वारा आयोजित यह आध्यात्मिक आयोजन भारतीय संत संस्कृति, सनातन मूल्यों और भक्ति परंपरा के पुनर्जागरण का एक सशक्त माध्यम है।

जीडीए सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के ईडब्ल्यूएस आवासों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराने के निजी बिल्डरों के साथ की बैठक

                                मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) "सभी के लिए किफायती आवास (AHP)" घटक के अंतर्गत गाजियाबाद विकास प्राधिकरण क्षेत्र में स्वीकृत निजी विकासकर्ताओं एवं प्राधिकरण की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु सचिव द्वारा विस्तृत बैठक आयोजित की गई। बैठक में समस्त निजी विकासकर्ता उपस्थित रहे।

सचिव विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि निजी विकासकर्ताओं की कुल 11 स्वीकृत परियोजनाओं में से 05 परियोजनाएँ पूर्ण हो चुकी हैं तथा 03 परियोजनाओं के पूर्णता प्रमाण-पत्र (Completion Certificate) शीघ्र प्राप्त होने की प्रक्रिया में हैं। शेष परियोजनाओं के निर्माण एवं विकास कार्यों को मिशन अवधि दिनांक 30 सितम्बर, 2026 से पूर्व पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही विकासकर्ताओं को आवश्यक औपचारिकताएँ समयबद्ध रूप से पूर्ण करने हेतु भी निर्देशित किया गया।

उन्होंने बताया कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित की जा रही 5 परियोजनाओं के अंतर्गत सभी भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। बैठक में सचिव द्वारा शेष लंबित निजी परियोजनाओं को भी शीघ्र पूर्ण कराते हुए लाभार्थियों को समय पर आवास उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया।


बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि जिन परियोजनाओं को पूर्णता प्रमाण-पत्र प्राप्त हो चुका है, उनमें पात्र आवंटियों को शीघ्रातिशीघ्र पट्टा विलेख निष्पादित कर कब्जा प्रदान करने की कार्यवाही प्रारम्भ की जाए। इसके अतिरिक्त डूडा (DUDA) स्तर पर लंबित एमआईएस एंट्री एवं अन्य औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करते हुए शेष उपलब्ध आवासों की योजना प्रकाशित कर उनका आवंटन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। 

सचिव ने निजी विकासकर्ताओं को लाभार्थियों द्वारा जमा की गई धनराशि का विवरण उपलब्ध कराने तथा शेष देय धनराशि जमा कराकर पट्टा विलेख निष्पादन की प्रक्रिया को गति देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत निर्मित प्रत्येक आवास का समयबद्ध आवंटन एवं लाभार्थियों को कब्जा उपलब्ध कराना शासन एवं प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा योजना के लक्ष्यों की प्राप्ति एवं पात्र लाभार्थियों को शीघ्र आवास उपलब्ध कराने हेतु सतत निगरानी एवं प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।

मंगलवार, 23 जून 2026

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती का लेह में प्रथम सिंधु कुंभ एवं 30वीं सिंधु दर्शन यात्रा में पावन सान्निध्य





156 देशों के पवित्र जल से हुआ ऐतिहासिक सिंधु जलाभिषेक, विश्व शांति एवं ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का दिया संदेश 

लेह की धरती स्नेह की धरती-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

लेह, लद्दाख, 23 जून, 2026। भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक परंपरा, राष्ट्रीय एकात्मता तथा वैश्विक सद्भाव के अद्वितीय संगम के रूप में प्रथम सिंधु कुंभ एवं 30वीं सिंधु दर्शन यात्रा का लेह स्थित ऐतिहासिक सिंधु दर्शन घाट पर भव्य शुभारंभ हुआ। भारत की सनातन विरासत को विश्व समुदाय के समक्ष नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने वाले इस ऐतिहासिक आयोजन का उद्घाटन लद्दाख के माननीय उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना ने किया।

इस पावन अवसर पर परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री इन्द्रेश कुमार, स्वामी यतिन्द्रानन्द सरस्वती जी, अनेक देशों के राजदूत, पूज्य संत और अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे।

इस अवसर पर लगभग 2,800 श्रद्धालुओं, देश-विदेश के पूज्य संत-महात्माओं, विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों, आठ देशों के राजदूतों, अनेक विदेशी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।

समारोह का शुभारंभ पुलिस बैंड के साथ ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान से हुआ। तत्पश्चात माननीय उपराज्यपाल द्वारा विधिवत सिंधु कुंभ महोत्सव का उद्घाटन किया गया। मातृशक्ति द्वारा पारंपरिक कलश यात्रा एवं कलश पूजन ने भारतीय संस्कृति की दिव्यता और नारी शक्ति की गौरवशाली परंपरा का अनुपम दर्शन कराया। तिरंगा वंदन के साथ वातावरण राष्ट्रभक्ति एवं सांस्कृतिक चेतना से ओत-प्रोत हो उठा।

कार्यक्रम का सबसे ऐतिहासिक एवं विशेष अवसर था जब 156 देशों से एकत्रित पवित्र जल द्वारा सिंधु नदी का जलाभिषेक किया। विश्व के विभिन्न देशों से लाए गए पवित्र जल का सिंधु नदी में समर्पण केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए शांति, सद्भाव, सह-अस्तित्व और वैश्विक एकता का सशक्त संदेश है। यह आयोजन भारतीय दर्शन ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को मूर्त रूप देने वाला ऐतिहासिक क्षण है। इसके उपरांत भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर विशेष पूजन-अर्चन किया।

अपने उद्घाटन संबोधन में माननीय उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि सिंधु नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि भारत की सभ्यता, संस्कृति और राष्ट्रीय अस्मिता की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि सिंधु कुंभ भारत की       सांस्कृतिक विरासत को विश्व मंच पर स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है तथा यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को अपनी ऐतिहासिक जड़ों से जोड़ने का प्रेरणादायी प्रयास है।

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि सिंधु दर्शन केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, आस्था और अस्मिता से जुड़ने का दिव्य अवसर है। इसी पावन धरती ने हमारी सभ्यता, संस्कृति और सनातन मूल्यों को युगों-युगों तक सुरक्षित रखा है। सिंधु के तट पर पहुँचकर यह अनुभूति होती है कि हमारी पहचान केवल वर्तमान से नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की उस गौरवशाली परंपरा से है जिसने विश्व को ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के मंत्र दिये।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि सिंधु दर्शन की यात्रा का अर्थ है, हमारे अतीत की यात्रा, अपने भविष्य की यात्रा तथा अपनी संस्कृति और संस्कारों की यात्रा। यह वह सभ्यता है, जिसने हजारों वर्षों से हमारी जड़ों, मूल और मूल्यों को समेटे हुए रखा है।यह यात्रा हमारे अतीत को नमन करने के साथ-साथ भविष्य के प्रति हमारे संकल्प को भी सुदृढ़ करती है। यह हमें अपनी जड़ों से जोड़ती है और स्मरण कराती है कि परिस्थितियों ने भले ही बहुत कुछ हमसे छीन लिया हो, पर हमारी संस्कृति, हमारी श्रद्धा, हमारी चेतना और हमारी सनातन विरासत आज भी अक्षुण्ण है। इसलिए यह भाव हमारे हृदय में सदैव जीवित रहना चाहिए कि जो हमने खोया उसका ग़म नहीं, पर जो बचा है वह भी किसी से कम नहीं। यही विश्वास भारत की अमर शक्ति और आत्मगौरव का आधार है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि जब पिछली बार यहाँ आए थे, तब यहाँ तीन सौ लोग थे और इस बार तीन हजार श्रद्धालु हैं। अगली बार जब यहाँ अर्द्धकुंभ या कुंभ का आयोजन किया जाए, तो कम से कम तीस हजार लोग हों, पूरा भारत यहाँ उपस्थित हो।


पूज्य स्वामी जी ने लद्दाखवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सदियों से उन्होंने इस धरती को संभालकर रखा है। यहाँ की पवित्रता और दिव्यता को सुरक्षित रखा है। हम यहाँ के लोगों के प्रति कृतज्ञ हैं, जिन्होंने इतनी कठिन परिस्थितियों में भी सब कुछ संभालकर रखा है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जो विकास की यात्रा शुरू की है, वह अद्भुत है। उसका दृश्य पूरे भारत में स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री इन्द्रेश कुमार जी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि सिंधु भारत की आत्मा का प्रतीक है। उन्होंने सिंधु सभ्यता, सनातन संस्कृति, राष्ट्रीय एकात्मता एवं विश्व बंधुत्व के मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत सदैव विश्व को शांति, करुणा और सह-अस्तित्व का मार्ग दिखाता रहा है। उन्होंने सभी उपस्थित जनों से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा राष्ट्रीय एकता को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया।

समारोह के दौरान लेह के मुख्य कार्यकारी पार्षद ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर विभिन्न देशों के राजदूत, परम पूज्य रिम्पोछे, दिल्ली विधानसभा के माननीय अध्यक्ष तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों का औपचारिक अभिनंदन किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह की गरिमा को और अधिक बढ़ाया। लद्दाख के पारंपरिक लोकनृत्यों, लोकसंगीत, भारतीय शास्त्रीय एवं लोक कलाओं तथा देश के विभिन्न राज्यों के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भारत की ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को जीवंत कर दिया। विविधता में एकता की यह अनुपम झलक उपस्थित सभी देशी-विदेशी अतिथियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

सिंधु कुंभ महोत्सव भारत की प्राचीन सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय एकता, आध्यात्मिक विरासत और वैश्विक मैत्री का विराट उत्सव है। यह आयोजन इस सत्य को पुनः स्थापित करता है कि भारत की सनातन संस्कृति सम्पूर्ण मानवता के कल्याण, विश्व शांति और सार्वभौमिक भाईचारे की वाहक रही है।

लेह में प्रारंभ हुआ यह पाँच दिवसीय सिंधु कुंभ महोत्सव विभिन्न आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय कार्यक्रमों के माध्यम से सिंधु सभ्यता की गौरवशाली परंपरा, भारत की सांस्कृतिक धरोहर तथा विश्व शांति के संदेश को जन-जन तक पहुँचाएगा। आयोजन से लद्दाख को सांस्कृतिक पर्यटन, राष्ट्रीय एकात्मता तथा अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संवाद के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में नई पहचान मिलने की भी अपेक्षा है। इस कार्यक्रम के संयोजक डॉ. विजय जॉली जी और महासचिव, श्री भूपेन्द्र कंसल जी का विशेष योगदान करा।

अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन हेतु गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने विशेष अभियान चला कर 56 आवासीय परिसरों, होटल, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, को किया सील


 






मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । गौर ग्रीन एवेन्यू, इंदिरापुरम में घटित अग्निकांड की घटना को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित समूह आवासीय परिसरों, होटल, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा अन्य बहुमंजिला भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन सुनिश्चित कराने हेतु विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।

जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने बताया कि प्राधिकरण की प्रवर्तन टीमों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में स्थलीय निरीक्षण एवं अभिलेखीय परीक्षण के माध्यम से अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण-पत्र (फायर एनओसी) तथा अन्य सुरक्षा प्रावधानों का परीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिन भवनों एवं प्रतिष्ठानों में निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन नहीं पाया गया अथवा आवश्यक अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं पाया गया, उनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के प्रावधानों के अंतर्गत विधिक कार्यवाही प्रारम्भ की गई है।

उन्होंने बताया कि अब तक किए गए निरीक्षणों के दौरान लगभग 206 ऐसे प्रकरण चिन्हित किए गए हैं, जिनमें अग्नि सुरक्षा मानकों के संबंध में कमियां पाई गई हैं। इनमें से 56 प्रकरणों में सीलिंग एवं अन्य प्रवर्तनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित/प्रारम्भ की जा चुकी है, जबकि शेष प्रकरणों में नियमानुसार कार्यवाही किये जाने हेतु संबंधित विभाग को भी सूचित किया गया है साथ ही प्राधिकरण द्वारा अग्रिम प्रक्रिया सतत रूप से प्रस्तावित है।

 उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त जनपद में स्थित ऐसे सभी समूह आवासीय परिसरों, जिनमें आरडब्ल्यूए (Resident Welfare Association) का गठन हो चुका है, उनके पदाधिकारियों को पत्र निर्गत करते हुए निर्देशित किया गया है कि परिसर में स्थापित अग्निशमन प्रणाली, फायर अलार्म, हाइड्रेंट, स्प्रिंकलर सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग तथा अन्य अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्राधिकरण एवं संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश एवं चेतावनियां भी जारी की जा रही हैं, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करते हुए अग्निशमन विभाग की क्षमता संवर्धन हेतु लगभग ₹100 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। उक्त धनराशि से आधुनिक अग्निशमन उपकरणों, विशेषीकृत फायर फाइटिंग संयंत्रों एवं आवश्यक संसाधनों की खरीद अग्निशमन विभाग द्वारा की जा रही है, जिससे बहुमंजिला भवनों एवं समूह आवासीय परिसरों सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में अग्निकांड की घटनाओं पर अधिक त्वरित एवं प्रभावी ढंग से नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

प्राधिकरण द्वारा गठित विशेष टीमें प्रभारी प्रवर्तन अधिकारियों के नेतृत्व में विभिन्न जोनों में निरंतर निरीक्षण एवं सत्यापन का कार्य कर रही हैं। यह अभियान आगामी दिनों में और अधिक व्यापक एवं प्रभावी रूप से संचालित किया जाएगा तथा अग्नि सुरक्षा मानकों की अवहेलना करने वाले संस्थानों एवं भवन स्वामियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की जनसामान्य से अपील

● फायर ड्राइव-वे, खुले क्षेत्रों एवं आपातकालीन निकास मार्गों को पूर्णतः अवरोधमुक्त रखा जाए।

● अग्निशमन उपकरणों, फायर अलार्म एवं हाइड्रेंट सिस्टम का नियमित निरीक्षण एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।

● फायर एनओसी की वैधता का समय-समय पर नवीनीकरण कराया जाए

● स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किसी भी प्रकार के अतिक्रमण अथवा निर्माण से बचा जाए।

● प्रत्येक परिसर में प्रशिक्षित फायर सेफ्टी स्टाफ एवं प्रभावी आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र विकसित किया जाए।

● समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित कर निवासियों एवं कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जाए।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण जनपदवासियों की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा सुरक्षित, व्यवस्थित एवं आपदा-प्रतिरोधी शहरी वातावरण के निर्माण हेतु सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से निरंतर कार्य कर रहा है।

"अग्नि सुरक्षा केवल एक मानक नहीं, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा का आधार है।"

विजयनगर को गंगा जल आपूर्ति शुरू, महापौर, विधायक तथा नगर आयुक्त ने पूजा अर्चना के साथ किया योजना का शुभारंभ

 






                              मुकेश गुप्ता

विजय नगर की जलसंकट की समस्या का आज हुआ अंत

पार्षदों तथा क्षेत्रीय निवासियों में गंगाजल आपूर्ति शुरू होने पर प्रसन्नता, गाजियाबाद नगर निगम का किया धन्यवाद

गाजियाबाद । विजय नगर के 10 वार्डो में 15 वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि 16 करोड़ 20 लाख की लागत से  गंगाजल आपूर्ति का शुभारंभ  महापौर सुनीता दयाल की अध्यक्षता, शहर विधायक संजीव शर्मा अतिथि एवं नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में सभी मा. पार्षदगणों के साथ मिलकर पूजा अर्चना कर महापौर द्वारा नारियल फोड़ कर योजना की शुरुआत की गयी जिसमे विधायक संजीव शर्मा द्वारा शासन की योजनाओं को धरातल पर सफलतापूर्वक लाने के लिए क्षेत्रवासियों को श्रेय दिया व शुभकामनाएं दी गई, महापौर सुनीता दयाल द्वारा शहर के विकास कार्यों के साथ-साथ विजयनगर के विकास कार्यों में भी रफ्तार और वृद्धि लाने के लिए पार्षदों का विशेष सहयोग बताया गंगाजल की आपूर्ति 10 वार्डों में हो रही है उपस्थित पार्षदों को कड़ी मेहनत पर सफलता प्राप्त होने की शुभकामनाएं दी गई, साथ ही प्रदेश के मुखिया योगी जी का धन्यवाद ज्ञापित किया कि यह योजना नोएडा और खोड़ा से पहले हमारे विजय नगर में शुरू हुई है। नगर आयुक्त द्वारा बताया गया कि 15 वित आयोग से प्राप्त धनराशि 16 करोड़ 20 लाख की लागत से विजयनगर क्षेत्र वासियों को गंगाजल की आपूर्ति का शुभारंभ किया गया,पार्षदों तथा क्षेत्र वासियों को शुभकामनाएं दी गई अन्य योजनाएं भी विजयनगर में विकास कार्यों के क्रम में लाई जा रही है।

महा प्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद द्वारा बताया गया वार्ड संख्या 3 ओल्ड विजयानगर, वार्ड संख्या 4 सेक्टर 12 माता कॉलोनी, वार्ड संख्या 14 न्यू विजय नगर, वार्ड संख्या 15 चरण सिंह कॉलोनी, वार्ड संख्या 25 अंबेडकर नगर, वार्ड संख्या 26 माधोपुर सुंदरपुरी, वार्ड संख्या 48 मिर्जापुर, वार्ड संख्या 51 प्रताप विहार सेक्टर 11, वार्ड संख्या 55 विजयनगर सेक्टर 11 ए ब्लॉक, वार्ड संख्या 58 शिवपुरी क्षेत्र में गंगाजल आपूर्ति का कार्य पूर्ण करते हुए गंगाजल आपूर्ति का शुभारंभ हुआ, कार्यक्रम के अंत में अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार द्वारा उपस्थित जनों का धन्यवाद किया गया, पार्षदों तथा क्षेत्रीय निवासियों द्वारा गंगाजल आपूर्ति होने पर प्रसन्नता जाहिर की गाजियाबाद नगर निगम टीम को धन्यवाद किया गया l

सोमवार, 22 जून 2026

यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना में वीवीआईपी ग्रुप का भव्य रियल एस्टेट शोकेस आयोजित

 

मुकेश गुप्ता

ग्रेटर नोएडा, 21 जून 2026: वीवीआईपी ग्रुप ने 20 एवं 21 जून को अपने प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट वीवीआईपी यमुना, सेक्टर-22D, यमुना एक्सप्रेसवे में ग्राहकों एवं चैनल पार्टनर्स के लिए एक भव्य सहभागिता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। इस दो दिवसीय आयोजन में एनसीआर के विभिन्न क्षेत्रों से आए संभावित गृह खरीदारों, निवेशकों एवं चैनल पार्टनर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर पर परियोजना के नए टॉवर E का परिचय कराया गया तथा चयनित इन्वेंट्री पर विशेष ऑफर्स की घोषणा की गई, जिसने उपस्थित ग्राहकों और निवेशकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम में वीवीआईपी ग्रुप के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक प्रवीण त्यागी जी सहित कई गणमान्य अतिथि एवं उद्योग जगत की प्रतिष्ठित हस्तियां उपस्थित रहीं। आयोजन को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान करते हुए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बांसुरी वादक पंडित अनुराग रस्तोगी जी ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से सभी उपस्थितजनों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर श्री उमेश राठौर, वाइस प्रेसिडेंट – सेल्स एवं मार्केटिंग, वीवीआईपी ग्रुप ने कहा, "दो दिवसीय इस आयोजन को ग्राहकों और निवेशकों से मिला उत्साहजनक प्रतिसाद हमारे लिए बेहद प्रेरणादायक है। टॉवर E के शुभारंभ और विशेष ऑफर्स को लेकर लोगों में काफी रुचि देखने को मिली। वीवीआईपी ग्रुप अपने ग्राहकों को उत्कृष्ट जीवनशैली और दीर्घकालिक मूल्य प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।"

कार्यक्रम के दौरान आगंतुकों को परियोजना की विस्तृत जानकारी, साइट विजिट तथा प्रीमियम सुविधाओं का अनुभव कराया गया। इस आयोजन ने वीवीआईपी ग्रुप और उसके मूल्यवान चैनल पार्टनर्स के बीच संबंधों को और अधिक मजबूत किया तथा यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं के प्रति निवेशकों का विश्वास भी बढ़ाया।

अपनी रणनीतिक लोकेशन और सुविचारित विकास योजना के कारण वीवीआईपी यमुना आज गुणवत्तापूर्ण आवासीय निवेश की तलाश कर रहे ग्राहकों और निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनकर उभर रहा है।

शुक्रवार, 19 जून 2026

परमार्थ निकेतन में गंगा आरती जागरूकता कार्यशाला का हुआ शुभारम्भ, वेदमंत्रों के दिव्य वातावरण में परमार्थ पीठाधीश्वर, स्वामी चिदानन्द सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती ज के पावन सान्निध्य में भारत के 5 राज्यों से आये पुरोहितों और नमामि गंगे के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में 13 वीं गंगा आरती जागरूकता कार्यशाला का दीप प्रज्वलित कर किया उद्घाटन

 



सत्ता बन्धु संवाददाता

*💐नमामि गंगे, अर्थ गंगे, जल शक्ति मंत्रालय एवं परमार्थ निकेतन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विशेष कार्यशाला*

*🌼गंगा आरती केवल परम्परा नहीं, जन-जागरण का सशक्त माध्यम बने*

*🌺भारत के पाँच राज्यों के अनेक घाटों, हराही पोखर घाट, हजारीनाथ मंदिर घाट, क्षमा मंदिर घाट, कोनहारा घाट, रसलपुर घाट, सुल्तानपुर घाट, शिवकर घाट, दक्षिण घाट, बिहू नदी, पीपरा घाट, कमला नदी, जीवछ घाट, मनीहारी, कड़ागोला घाट, दरोली घाट, सिमरिया घाट एवं देवकुंड मंदिर घाट से आए पुरोहितों ने किया सहभाग*

ऋषिकेश, 19 जून। परमार्थ निकेतन में आज नमामि गंगे, अर्थ गंगे, जल शक्ति मंत्रालय एवं परमार्थ निकेतन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित गंगा आरती जागरूकता कार्यशाला का शुभारम्भ हुआ। 

वेदमंत्रों की दिव्य ध्वनि और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत वातावरण में परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में 13वीं गंगा आरती जागरूकता कार्यशाला का दीप प्रज्वलित कर शुभारम्भ किया गया।

इस गरिमामयी अवसर पर भारत के पाँच राज्यों से आये पुरोहितगण, नमामि गंगे  के पदाधिकारी एवं गंगा संरक्षण के प्रति समर्पित अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यशाला का उद्देश्य गंगा आरती को केवल आस्था का अनुष्ठान न बनाकर जन-जागरण का सशक्त माध्यम बनाना है, ताकि प्रत्येक आरती के साथ स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन का संदेश जन-जन तक पहुँचे।

यह कार्यशाला पुरोहितों को समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक के रूप में सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। 

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भारत की संस्कृति में नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं, बल्कि जीवनधाराएँ हैं। मां गंगा हमारी आस्था, संस्कृति, सभ्यता और आध्यात्मिक चेतना की आधारशिला हैं। हम प्रतिदिन गंगा मैया की आरती करते हैं, उन्हें माँ कहकर प्रणाम करते हैं, किन्तु यदि उसी गंगा में प्लास्टिक, कचरा, पूजा सामग्री और अन्य अपशिष्ट डालते हैं, तो यह हमारी श्रद्धा और आध्यात्मिकता नहीं है।

इस कार्यशाला का विशेष उद्देश्य है कि देशभर के पुरोहितों और आचार्यों के माध्यम से जागरूकता की प्रखर ज्योति प्रज्वलित करना है। भारत में लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन मंदिरों और घाटों पर पुरोहितों के मार्गदर्शन में पूजा-अर्चना करते हैं। यदि प्रत्येक पुरोहित आरती के माध्यम से केवल दो मिनट का संदेश और गंगा जी को स्वच्छ और निर्मल करने का संकल्प लें तो विलक्षण परिवर्तन हो सकता है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि गंदगी और बंदगी साथ-साथ नहीं चल सकते। जहाँ गंदगी होगी, वहाँ पवित्रता कैसे टिकेगी? जहाँ प्रदूषण होगा, वहाँ पूजा कैसे जीवित रहेगी? पूजा और प्रदूषण साथ-साथ नहीं हो सकते इसलिये अपने भीतर सेवा का दीप जलाना होगा। 

साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि मां गंगा नदी नहीं, बल्कि भारत की आत्मा हैं। उनकी निर्मलता हमारी राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। जब हम मां गंगा की रक्षा करते हैं, अर्थात् हम अपने भविष्य, अपनी संस्कृति और अपने अस्तित्व की रक्षा करते हैं।

आइए, इस कार्यशाला के माध्यम से हम सभी यह संकल्प लें कि मां गंगा में कचरा नहीं, केवल श्रद्धा प्रवाहित करें। हर पुरोहित जन-जागरण का दूत बने, हर श्रद्धालु मां गंगा के प्रहरी बने।

तीन दिवसीय गंगा आरती जागरूकता कार्यशाला में भारत के पाँच राज्यों के अनेक घाटों, हराही पोखर घाट, हजारीनाथ मंदिर घाट, क्षमा मंदिर घाट, कोनहारा घाट, रसलपुर घाट, सुल्तानपुर घाट, शिवकर घाट, दक्षिण घाट, बिहू नदी, पीपरा घाट, कमला नदी, जीवछ घाट, मनीहारी, कड़ागोला घाट, दरोली घाट, सिमरिया घाट एवं देवकुंड मंदिर घाट से आए पुरोहितों ने सहभाग किया।

गाजियाबाद पुलिस प्रशासन के खिलाफ पत्रकारों का हल्ला बोल,अब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को बचाने के लिए बलिदान देने का वक्त आ गया है — ललित चौधरी




                         संवाददाता

धरने के 10वें दिन प्रेस वार्ता में छलका दर्द, मानसिक औ शारीरिक उत्पीड़न के बीच आंदोलन ने लिया नया मोड़*

 *कल जिलाधिकारी (DM) के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा ज्ञापन, पत्रकारों की सुरक्षा के लिए उठेगी बड़ी मांग।*

गाजियाबाद। गाजियाबाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और कथित तानाशाही के खिलाफ न्याय की आस में बैठे पत्रकारों का आंदोलन अब उग्र रूप लेता जा रहा है। धरने के 10वें दिन एक भावुक और आक्रोशित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार ललित चौधरी ने दोटूक कहा, "अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को इतना कमजोर कर दिया गया है कि इसे बचाने के लिए अब बलिदान देने का वक्त आ गया है।"

ललित चौधरी ने गाजियाबाद पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि आखिर क्यों पुलिस के आला अधिकारी अपने ही भ्रष्ट पुलिसकर्मियों को बचाने में लगे हुए हैं?

प्रेस वार्ता के दौरान आपबीती सुनाते हुए ललित चौधरी ने बताया कि यह लड़ाई पिछले 30 दिनों से चल रही है। उन्होंने कहा- बीती 21 मई को हमें कार्रवाई का सिर्फ 3 दिन का आश्वासन मिला था। इसके बाद 24, 27 और फिर 30 मई को तारीखें दी गईं। हमारी साथी अपूर्वा जी ने 10 दिनों तक कड़ा अनशन किया, जिसे एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने यह भरोसा देकर खुलवाया था कि 2-3 दिनों में सख्त कार्रवाई होगी। लेकिन आज हमें धरने पर बैठे 10 दिन हो चुके हैं और इस मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न को झेलते हुए पूरा एक महीना बीत गया है।

अपनी और अपने साथियों की पारिवारिक स्थिति का जिक्र करते हुए ललित चौधरी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वे किसी रसूखदार या बड़े नेता की औलाद नहीं हैं, बल्कि किसान-मजदूर परिवारों से आते हैं, जहां रोज कमाकर घर का चूल्हा जलता है। आज उनका कामकाज ठप है, बूढ़े मां-बाप और बच्चे घर पर राह देख रहे हैं।

उन्होंने पत्रकार साथी अपूर्वा के साहस को सलाम करते हुए कहा कि वे पिछले दो महीने से बेहद बीमार हैं और उनका गंभीर ऑपरेशन होना बाकी है। इसके बावजूद, गिरते स्वास्थ्य के साथ वे 24 घंटे धरने पर डटी हुई हैं क्योंकि हम पूरी तरह निर्दोष हैं। ललित चौधरी ने दावा किया कि मुझे मुख्य आरोपी बनाए जाने के बावजूद मेरे मुख से किसी महिला या पुलिसकर्मी के लिए एक भी अपशब्द नहीं निकला है।

ललित चौधरी ने बताया कि उन्होंने अपनी बेगुनाही के एक दर्जन से अधिक पुख्ता सबूत खुद पुलिस को सौंपे हैं। ललित चौधरी ने कहा, "हमारी शुरू से एक ही मांग थी—अगर हम दोषी हैं तो हमें तुरंत जेल भेजो, और अगर निर्दोष हैं तो हमारे साथ दुर्व्यवहार करने वाले अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई करो। लेकिन प्रशासन की खामोशी साफ करती है कि वे अपनी नाकामी छिपाने और हमारा मनोबल तोड़ने के लिए अफवाहें उड़ा रहे हैं।"

ललित चौधरी ने साफ किया कि पुलिस ने पत्रकार और जनता के बीच जानबूझकर एक ऐसी खाई खोद दी है, ताकि कोई भी पत्रकार किसी पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए थाने-चौकी न जा सके। इस तानाशाही के खिलाफ अब आंदोलन को राष्ट्रव्यापी बनाने की तैयारी है।

गाजियाबाद पुलिस प्रशासन से उम्मीद टूटने के बाद, कल सुबह आंदोलनकारी जिलाधिकारी (DM) गाजियाबाद के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक ज्ञापन सौंपेंगे। इस ज्ञापन में गाजियाबाद पुलिस की तानाशाही की शिकायत के साथ-साथ पत्रकारों के हित और सुरक्षा के लिए एक बड़ी मांग की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि चाहे उन्हें यहां सालों बैठना पड़े, वे पीछे नहीं हटेंगे। हमारे पत्रकार साथी अब बलिदान देने के लिए भी तैयार हैं।

तहसील में चल रही वकीलों, बैनामा लेखकों की हड़ताल को सपा ने दिया सर्मथन

 



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन विभाग के कार्यों का निजीकरण कर दस्तावेजों के पंजीकरण एवं निष्पादन का काम निजी एजेंसियों को सौंपने के विरोध में गाजियाबाद सहित प्रदेशभर के अधिवक्ता, बैनामा लेखक एवं सहायक अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।

आज “राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार समाजवादी पार्टी गाजियाबाद के जिला अध्यक्ष फैसल हुसैन एडवोकेट एवं महानगर अध्यक्ष वीरेंद्र यादव एडवोकेट के नेतृत्व में वरिष्ठ सपा नेता अभिषेक गर्ग व विशाल वर्मा पूर्व विधायक प्रत्याशी गाजियाबाद  विधानसभा एव  पार्टी का प्रतिनिधिमंडल गाजियाबाद तहसील पहुंचा और तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा एवं सचिव दीपक वार्ष्णेय को समर्थन पत्र सौंपकर आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया।

समाजवादी पार्टी का स्पष्ट मानना है कि भाजपा सरकार की यह नीति अधिवक्ताओं और बैनामा लेखकों के रोजगार पर सीधा हमला है। प्रदेश के लगभग 45 जिलों में चल रहा यह आंदोलन सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनता के आक्रोश का प्रतीक है।

हम मांग करते हैं कि सरकार तत्काल अधिवक्ताओं एवं बैनामा लेखकों के प्रतिनिधियों से वार्ता कर इस निजीकरण के फैसले को वापस ले और लाखों लोगों के रोजगार तथा आम जनता के हितों की रक्षा करे।

समाजवादी पार्टी हर संघर्ष में अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों और आम जनता के साथ खड़ी है।

राष्ट्रीय व्यापार मंडल के पदाधिकारीयो ने जिलाधिकारी को सम्मानित किया

 


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद  19 जून 2026 । राष्ट्रीय व्यापार मंडल के पदाधिकारीयो ने जिला अध्यक्ष बालकिशन गुप्ता के नेतृत्व में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित अशोक भारतीय, राष्ट्रीय सलाहकार रितेश शर्मा, जिला महामंत्री संजय शर्मा, काजल छिब्बर, वीरेंद्र कंडेरे, शंकर आदि पदाधिकारीयो के साथ जिला कलेक्ट्रेट जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जिला अधिकारी  रविंदर कुमार मंदार को उनके द्वारा गाजियाबाद की जनता के लिए किए जा रहे कार्यों के लिए उनको स्मृति चिन्ह भेंट कर बधाई दी एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की तथा राष्ट्रीय व्यापार मंडल पदाधिकारीयो ने गोविंदपुरम के बाबा मार्केट में लगी भयंकर आग से जली बाबा मार्केट गोविंदपुरम की दुकानों, अंकित डेरी एंड स्वीट्स, श्री बालाजी कम्युनिकेशन, सिंघल स्वीट्स, महा गणेश ट्रेडर्स, अग्रवाल स्वीट्स के व्यापारियों को दोबारा स्थापित करने के लिए उनकी मदद करने का आवेदन किया तथा मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी को भेंट करते हुए व्यापारियों की पूरी तरीके से पुनर्स्थापित कर मुआवजा दिलाने का निवेदन किया जिससे कि वह भविष्य में अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें। जिलाधिकारी श्री रविंद्र कुमार मंदार द्वारा व्यापारियों के हित में इस समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया गया।

गुरुवार, 18 जून 2026

गाजियाबाद नगर निगम पहुंचे डिप्टी सीएमबृजेश पाठक ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम का लिया जायज़ा, महापौर तथा नगर आयुक्त ने चल रहे कार्यों की दी जानकारी

 








मुकेश गुप्ता

*जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए निगम के  आई ट्रिपल सी का सराहनीय प्रयास--डिप्टी सीएम*

गाजियाबाद ।  नगर निगम मुख्यालय पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का जायजा लिया गया महापौर सुनीता दयाल तथा नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया साथ ही जनहित में किया जा रहे कार्यों पर भी जानकारी दी गई जिसके क्रम में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, व्हीकल ट्रैकिंग मॉनिटरिंग सिस्टम के बारे में विस्तार से बताया गया मौके पर स्क्रीन के माध्यम से शहर की यातायात व्यवस्था को देखा गया डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की मॉनिटरिंग को लेकर विस्तार से नगर आयुक्त द्वारा बताया गया, जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कॉल सेंटर के माध्यम से बेहतर कार्य किया जा रहा है मौके पर माननीय डिप्टी सीएम द्वारा देखा गया।

 उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने बताया कि शहर वासियों की समस्याओं का समाधान, यातायात व्यवस्था मॉनिटरिंग, घरों से निकलने वाले कूड़े का निस्तारण हेतु प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुंचाना सभी कार्य गाजियाबाद नगर निगम द्वारा योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहे है प्रशंसा की गई, मौके पर विधायक संजीव शर्मा तथा पार्षद गण भी उपस्थित रहे ।

पत्रकारों ने जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष बनने पर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज का भव्य अभिनंदन किया

 






मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर, गोशाला रोड, गाजियाबाद में दिल्ली के पत्रकारों द्वारा एक भव्य अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज को जूना अखाड़ा की प्रतिष्ठित 13 मढ़ी का अध्यक्ष बनाए जाने पर सम्मानित किया गया।

समारोह में दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे पत्रकारों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज को बधाई दी तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ। इसके पश्चात उपस्थित पत्रकारों ने श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज को पुष्पमालाएं पहनाकर, अंगवस्त्र भेंट कर तथा स्मृति-चिह्न प्रदान कर उनका अभिनंदन किया।

पत्रकारों एवं वक्ताओं ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने वर्षों से धर्म, संस्कृति, राष्ट्र चेतना एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उनके नेतृत्व में श्री दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर आध्यात्मिक, सामाजिक एवं धार्मिक जागरण का प्रमुख केंद्र बनकर कार्य कर रहा है।

वक्ताओं ने कहा कि जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष पद पर उनकी नियुक्ति गौरव का विषय है। उन्होंने सनातन संस्कृति के संरक्षण, युवाओं को संस्कारों से जोड़ने तथा समाज में समरसता स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी संगठन क्षमता, दूरदर्शी नेतृत्व एवं सामाजिक स्वीकार्यता को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है।

समारोह के दौरान मान्यता प्राप्त पत्रकार कल्याण समिति, दिल्ली के अध्यक्ष रवींद्र गुप्ता का जन्मोत्सव भी श्रद्धापूर्वक मनाया गया। श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर में पूजन-अर्चन कर उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की मंगलकामना की गई तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की गई।

अपने संबोधन में श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने सभी पत्रकारों, श्रद्धालुओं एवं गणमान्य अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, समाज सेवा एवं राष्ट्रहित के कार्यों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि उन्हें जो दायित्व सौंपा गया है, उसका निर्वहन वे पूर्ण निष्ठा, समर्पण एवं सेवा-भाव से करेंगे।

महाराजश्री का अभिनंदन करने वालों में अशोक कौशिक, अजय शर्मा, देवेंद्र तोमर, जिला सूचना अधिकारी वाई.पी. सिंह, अशोक धवन, महेश श्रीवास्तव, सोनू अरोड़ा, राजेश शर्मा, नवीन खाती, उदय सिंह मीणा, सुदामा पाल, राजा तालुकदार, संजय गोयल, रजनीकांत तिवारी, पवन कश्यप, अमित गुप्ता, सनी कुमार, शैशव शर्मा, अनिल सोनी, राकेश वर्मा, सुजीत सोनी, गौरव शर्मा, अंकित पंवार, दिवाकर मिश्रा, अमित कुमार, वंश कौशिक, राजीव गुप्ता, राकेश शर्मा, मुकेश गुप्ता, दिलीप अरोड़ा, सुनील गुप्ता उर्फ बबलू सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

अंत में प्रसाद वितरण एवं सामूहिक भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

जे के जी इन्टरनेशनल स्कूल इन्दिरापुरम गाज़ियाबाद में 19 से 21 जून तक आयोजित होगी द्वितीय उत्तर प्रदेश राज्य रैंकिंग टेबल टेनिस प्रतियोगिता--वरूण गौड़

   

                            मुकेश गुप्ता

गाज़ियाबाद, 18 जून 2026 । गाजियाबाद एक बार फिर प्रदेश स्तरीय टेबल टेनिस की रोमांचक प्रतिस्पर्धा का साक्षी बनने जा रहा है। द्वितीय उत्तर प्रदेश राज्य रैंकिंग टेबल टेनिस प्रतियोगिता का आयोजन 19 से 21 जून, 2026 तक जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, गाज़ियाबाद में किया जाएगा।

इस संबंध में स्कूल में आयोजित प्रेस वार्ता मे जानकारी देते हुए गाज़ियाबाद एसोसिएशन ऑफ टेबल टेनिस (GATT) के अध्यक्ष जे. के. गौर एवं डायरेक्टर वरुण गौड़ ने बताया कि बताया कि जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल को इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेज़बानी का अवसर प्राप्त हुआ है। इस प्रतियोगिता में प्रदेश भर के  श्रेष्ठ टेबल टेनिस खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

GATT के मानद सचिव  ऋषिराज त्यागी ने बताया कि इस प्रतियोगिता में 500 से अधिक खिलाड़ियों के भाग लेने की संभावना है। इनमें लखनऊ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, बरेली, मुरादाबाद, गौतम बुद्ध नगर, वाराणसी, गाज़ियाबाद सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों के खिलाड़ी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि अब तक 650 खिलाड़ियों की एंट्री हुई हैं 

प्रतियोगिता में अंडर-11, अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17, अंडर-19 तथा सीनियर वर्ग में बालक एवं बालिका दोनों श्रेणियों की स्पर्धाएँ आयोजित की जाएंगी।


श्री त्यागी ने आगे बताया कि यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें प्राप्त प्रदर्शन एवं रैंकिंग के आधार पर उन्हें उत्तर प्रदेश राज्य टेबल टेनिस टीम में स्थान बनाने का अवसर प्राप्त होता है। इसलिए प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए यह प्रतियोगिता अपनी प्रतिभा सिद्ध करने का एक महत्वपूर्ण मंच है।

डायरेक्टर वरूण गौड़ ने बताया कि तीन दिवसीय यह आयोजन न केवल उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा का केंद्र बनेगा, बल्कि प्रदेश में टेबल टेनिस के प्रचार-प्रसार और युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रतियोगी खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएंगी। इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा बच्चे गाजियाबाद के है। यह टूर्नामेंट गाजियाबाद एसोसिएशन आफ  टेबल टेनिस तथा युपी टेबल टेनिस एसोसिएशन के तात्वाधान आयोजित किया जा रहा है।प्रेस वार्ता में कशिश अरोड़ा, विभोर खरे,अर्पित नितू शर्मा आदि उपस्थित




बुधवार, 17 जून 2026

परमार्थ निकेतन में आयोजित 34 दिवसीय श्री राम कथा अनेक संकल्पों, संस्कारों और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ सम्पन्न हुई

 





सत्ता बन्धु संवाददाता

*💥वीरता, स्वाभिमान और मेवाड़ के शेर, राष्ट्रभक्ति के प्रतीक महाराणा प्रताप जी की जयंती पर परमार्थ निकेतन से उनकी साधना को नमन*

*🌸जीजाबाई की पुण्यतिथि पर परमार्थ निकेतन से भावभीनी श्रद्धांजलि, नमन*

ऋषिकेश, उत्तराखण्ड, 17 जून । परमार्थ निकेतन में आयोजित 34 दिवसीय दिव्य एवं भव्य श्री राम कथा का आज भावपूर्ण समापन हुआ। कथा के समापन अवसर पर परमार्थ निकेतन के पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, परमार्थ निकेतन की अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष, साध्वी भगवती सरस्वती जी, डॉ. परमहंस  रामप्रसाद  महाराज तथा पूज्य बापू जी का पावन सान्निध्य, आशीर्वाद एवं प्रेरणादायी उद्बोधन प्राप्त हुआ।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने 34 दिवसीय श्रीराम मानस कथा के विराम अवसर पर मानस कथा व्यास संत मुरलीधर जी, भक्तिमति मीना जी एवं सम्पूर्ण कुलरिया परिवार को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके समर्पण, श्रद्धा और सेवाभाव ने इस कथा को केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जन-जन के जीवन को संस्कारित करने वाले आध्यात्मिक महायज्ञ का स्वरूप प्रदान किया। कथा के साथ विशाल भंडारे की व्यवस्था, सैकड़ों श्रद्धालुओं के लिये सुविधाजनक आश्रय तथा निरंतर कथा श्रवण का दिव्य अवसर उपलब्ध कराना वास्तव में अनुकरणीय सेवा है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि श्रीराम कथा का वास्तविक सार केवल कथा सुनने में नहीं, बल्कि उसे जीवन में उतारने में है। परिस्थितियाँ कैसी भी हों, जीवन में कितने भी उतार-चढ़ाव आएँ, यदि हमारी आंतरिक स्थिति स्थिर, शांत और सकारात्मक बनी रहे, तो वही कथा का सच्चा संदेश है। बाहरी परिस्थितियों को हम सदैव नियंत्रित नहीं कर सकते, परंतु अपने विचारों, भावनाओं और दृष्टिकोण को अवश्य नियंत्रित कर सकते हैं। यही आध्यात्मिकता है, यही रामत्व है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का संपूर्ण जीवन मेवाड़ की संप्रभुता, अस्मिता और गौरवशाली परम्पराओं की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने राजस्थान की पुण्यभूमि का स्मरण करते हुए कहा कि इस धरती ने भारत को शक्ति और भक्ति दोनों प्रदान की हैं। यह वीरता, त्याग, समर्पण और धर्मनिष्ठा की भूमि है। इसी भूमि ने शक्ति के प्रतीक महाराणा प्रताप, भक्ति की अमर धारा भक्त शिरोमणि मीराबाई तथा राष्ट्रसेवा और दानशीलता के आदर्श भामाशाह जैसे महान विभूतियों को जन्म दिया। इनके जीवन से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि जब शक्ति, भक्ति और सेवा का समन्वय होता है, तब राष्ट्र और समाज का गौरव बढ़ता है।

पूज्य स्वामी जी ने आज जीजाबाई की पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इतिहास केवल युद्धों और विजयों से नहीं बनता, बल्कि उन महान आत्माओं के संकल्प, संस्कार और त्याग से निर्मित होता है जो युगों को दिशा देते हैं। जीजाबाई ऐसी ही दिव्य विभूति थीं। वे उस राष्ट्रचेतना की आधारशिला थीं जिसने हिन्दवी स्वराज्य के स्वप्न को जन्म दिया

एक माँ के रूप में उन्होंने अपने पुत्र को केवल जन्म ही नहीं दिया, बल्कि उसे धर्म, कर्तव्य, करुणा, न्याय और राष्ट्रप्रेम के उच्चतम संस्कार प्रदान किए। उन्होंने शिवाजी के मन में यह भाव जगाया कि सत्ता का उद्देश्य स्वार्थ नहीं, बल्कि लोककल्याण और धर्म की रक्षा है।

आइए, हम उनके जीवन से प्रेरणा लेकर ऐसे चरित्रवान, करुणामय और राष्ट्रनिष्ठ समाज के निर्माण का संकल्प लें, जहाँ प्रत्येक घर से शिवाजी जैसे आदर्श और जीजाबाई जैसी दिव्य मातृशक्ति का उदय हो।

साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि हम सब माँ गंगा के पावन तट पर विगत 34 दिनों से श्रवण कर रहे हैं। अब कथा में सुनने के साथ हमें कथा को जीना भी होगा। हमें स्वयं से पूछना है कि श्रीराम चरित्र मानस ने हमें बदल दिया, अब हमें अपने परिवार, समाज और राष्ट्र में कुछ सकारात्मक बदलाव करना है।

जहाँ हम हैं, वहीं से हमें राम राज्य शुरू करना होगा। जब हम अपने घरों में वापस जाएँ तो माँ सीता, श्री राम जी और हनुमान जी की तरह जीने का प्रयास करें। हमें श्रीराम राज्य वापस लाने हेतु साधना करनी होगी। यहाँ से आप गंगा जल अपने घर में लेकर जरूर जाएँ, परन्तु माँ गंगा का दिव्य संदेश भी अपने साथ लेकर जाएँ।

डॉ. परमहंस रामप्रसाद महाराज ने कहा कि परमार्थ निकेतन के पावन गंगा तट पर पूज्य संत मुरलीधर महाराज के श्रीमुख से निरंतर प्रवाहित हो रही मानस-ज्ञान गंगा का श्रवण करने का परम सौभाग्य सभी को प्राप्त हुआ। परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, साध्वी भगवती सरस्वती जी एवं पूज्य संतों का स्नेहिल आशीर्वाद और प्रेरणादायी उद्बोधन भी निरंतर प्राप्त हुआ, जो वास्तव में जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करने वाला तथा आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने वाला है। परमार्थ निकेतन स्वयं में एक दिव्य तीर्थ स्थल है, इस दिव्य धाम में बैठकर कथा श्रवण करना स्वर्ग का आनंद देने वाला है।

समापन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के संकल्प कराए। श्रद्धालुओं ने जल संरक्षण, वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने तथा माँ गंगा सहित सभी नदियों की स्वच्छता एवं अविरलता के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। 34 दिनों तक चली इस दिव्य राम कथा ने हजारों श्रद्धालुओं के जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा, सांस्कृतिक चेतना और सकारात्मक प्रेरणा से आलोकित किया। मानस परिवार, शंकर जी कुलरिया, धर्म जी कुलरिया, माता जी हरप्रिया जी और सभी मानस प्रेमियों को अनेकानेक धन्यवाद दिया।

स्वास्थ्य क्षेत्र में गाजियाबाद ने रचा विकास का नया अध्याय : केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर संगोष्ठी आयोजित









मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को रानी दुर्गावती देवी सभागार, विकास भवन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पिछले 12 वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों को जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत करना था।

संगोष्ठी की अध्यक्षता  विधायक मोदीनगर श्रीमती मंजू शिवाच एवं  विधायक सदर गाजियाबाद  सुनील शर्मा द्वारा की गई। कार्यक्रम में सदस्य विधान परिषद  दिनेश गोयल, भारतीय जनता पार्टी महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, भाजपा जिलाध्यक्ष चैन सिंह, मुख्य विकास अधिकारी  कुमार सौरभ तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन वैश्य की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त जनपद के वरिष्ठ चिकित्सकों, भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) के पदाधिकारियों तथा भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।

अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में जनपद गाजियाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। इस अवधि में 1,98,420 क्षय रोगियों की पहचान कर उनका सफल उपचार किया गया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत 17,52,722 बच्चों तथा 81,055 विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। 11,15,740 व्यक्तियों की गैर-संचारी रोग (NCD) स्क्रीनिंग की गई।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में 2,01,570 महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ प्रदान किया गया तथा 36,250 गर्भवती महिलाओं का सिजेरियन सेक्शन के माध्यम से सुरक्षित प्रसव कराया गया। परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत 825 पुरुष नसबंदी एवं 24,146 महिला नसबंदी प्रक्रियाएं संपन्न कराई गईं।

सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में 8,46,120 बच्चों को पूर्ण रूप से प्रतिरक्षित किया गया। वहीं 6,60,183 पात्र व्यक्तियों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराए गए तथा 1,03,215 मरीजों का प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत विभिन्न चिकित्सालयों में निःशुल्क उपचार कराया गया।


स्वास्थ्य अवसंरचना के विकास की चर्चा करते हुए बताया गया कि विगत 12 वर्षों में जनपद में दो 50 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय, एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 5 ग्रामीण आयुष्मान आरोग्य मंदिर तथा 168 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना की गई है।

संगोष्ठी में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। नियमित टीकाकरण अभियान के माध्यम से शत-प्रतिशत टीकाकरण कवरेज की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए संस्थागत प्रसव एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया गया है।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जनपद में राजकीय चिकित्सालयों का आधुनिकीकरण, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के माध्यम से आमजन को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

संगोष्ठी में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक पहुंचाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों, अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से जनस्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं जनोन्मुखी बनाने का आह्वान किया।