बुधवार, 28 अक्टूबर 2026

वाराणसी में ‘हमारे मनु’ समारोह में पद्मश्री मनु शर्मा की साहित्यिक विरासत का भव्य उत्सव,परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती का पावन सान्निध्य, गरिमामयी उद्बोधन किया

 






संवाददाता

राज्यसभा के उपसभापति  हरिवंश, उपमुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश,  ब्रजेश पाठक, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष रामबहादुर राय सहित अनेक विशिष्ट विभूतियों की गरिमामयी उपस्थिति

*🌺पद्मश्री मनु शर्मा की तीन पुनर्प्रकाशित पुस्तकों ‘तीन प्रश्न’, ‘राणा सांगा’ और ‘के बोले माँ तुम अबले’ का लोकार्पण*

वाराणसी, 28 अक्टूबर 2026। साहित्य, भारतीय संस्कृति, इतिहास और सामाजिक चेतना की समृद्ध परंपरा को समर्पित ‘हमारे मनु’ लोकार्पण समारोह रुद्राक्ष इंटरनेशनल सेंटर, सिगरा, वाराणसी में आयोजित किया गया। यह समारोह प्रख्यात साहित्यकार पद्मश्री मनु शर्मा की रचनात्मक यात्रा, साहित्यिक साधना और वैचारिक योगदान को नमन करने के साथ उनकी कालजयी कृतियों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण अवसर है।

समारोह में पद्मश्री मनु शर्मा की तीन पुनर्प्रकाशित पुस्तकों ‘तीन प्रश्न’, ‘राणा सांगा’ और ‘के बोले माँ तुम अबले’ का लोकार्पण किया। इन कृतियों के माध्यम से साहित्य, इतिहास, मानवीय संवेदना और समाज के विविध पक्षों पर विचार-विमर्श किया। आयोजन साहित्यिक विरासत के संरक्षण और समाज में अध्ययन, चिंतन तथा वैचारिक संवाद की संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।


कार्यक्रम में परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य, गरिमामयी उद्बोधन और आशीर्वाद प्राप्त हुआ। राज्यसभा के उपसभापति  हरिवंश, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक जी, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष रामबहादुर राय और अन्य विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि पद्मश्री मनु शर्मा जी हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं। उनका संपूर्ण जीवन साहित्य-साधना, संघर्ष और सृजन के प्रति अटूट समर्पण की प्रेरक गाथा है। उन्होंने अपनी लेखनी से भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और मानवीय संवेदनाओं को अद्भुत अभिव्यक्ति दी। श्रीकृष्ण, कर्ण, द्रौपदी और द्रोण जैसे पात्रों के माध्यम से उन्होंने जीवन के द्वंद्व, धर्म की सूक्ष्मता और कर्तव्य की गरिमा को जीवंत किया।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि पुस्तकें हमारी जीवन-यात्रा की मौन सहयात्री हैं। वे केवल ज्ञान नहीं देतीं, हमारी चेतना जगाती हैं, दृष्टि बदलती हैं और व्यक्तित्व को गढ़ती हैं। रामायण मर्यादा, भगवद्गीता कर्तव्यबोध और उपनिषद आत्मबोध का मार्ग दिखाते हैं। पुस्तकें जब विचारों से आचरण तक पहुँचती हैं, तब व्यक्ति, समाज और राष्ट्र का निर्माण करती हैं।

आइए, पुस्तकों को अलमारी की शोभा नहीं, जीवन का हिस्सा बनाएँ। पढ़ें, विचार करें और सीखे हुए को आचरण में उतारें। यही साहित्य के प्रति सम्मान और मनु शर्मा जी की साधना को सार्थक नमन है।

सभी विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्वलन एवं पद्मश्री मनु शर्मा जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। सभी अतिथियों का पुस्तक-संचय, पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर स्वागत अभिनन्दन किया। प्रभात कुमार ने सभी का स्वागत अभिनन्दन किया।

पं. मनु शर्मा जी के जीवन, साहित्यिक यात्रा और योगदान पर केंद्रित विशेष फिल्म का प्रदर्शन किया। श्री हेमंत शर्मा जी ‘हमारे मनु’ की संकल्पना पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। श्री पाणिनि आनंद तीनों पुस्तकों, ‘तीन प्रश्न’, ‘राणा सांगा’ और ‘के बोले माँ तुम अबले’ से सभी का परिचय कराया। सुश्री ईशानी शर्मा द्वारा संचालित न्यास के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। समारोह के अध्यक्ष रामबहादुर राय ने अपना अध्यक्षीय उद्बोधन दिया।

‘हमारे मनु’ समारोह साहित्य और समाज के बीच जीवंत संवाद स्थापित करने का अवसर है। पं. मनु शर्मा की रचनाएँ पाठकों को इतिहास, संस्कृति, मानवीय संवेदना और जीवन के जटिल प्रश्नों से परिचित कराती हैं। उनकी पुस्तकों का पुनर्प्रकाशन साहित्यिक धरोहर को पुनः पाठकों के बीच प्रतिष्ठित करने तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और वैचारिक परंपराओं से जोड़ने की दिशा में उल्लेखनीय कदम है।

यह आयोजन साहित्यकार के प्रति सम्मान के साथ-साथ उस व्यापक विचारपरंपरा का उत्सव भी है, जो समाज को प्रश्न करने, इतिहास से सीखने और संवेदनशीलता के साथ भविष्य का निर्माण करने की प्रेरणा देती है।

समारोह का समापन राष्ट्रगान एवं पद्मश्री डॉ. सोमा घोष जी की गायन प्रस्तुति के साथ हुआ।

एम एल सी दिनेश गोयल को बधाई देने वालो का लगा ताता














.                            मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । मेरठ-सहारनपुर मंडल से विधान परिषद सदस्य (स्नातक वर्ग) के रूप में भारी बहुमत से विजयी होने पर समाजसेवियों, पार्टी कार्यकर्ताओं ने Dinesh Kumar Goel के निवास पर पहुंचकर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। वहीं लोहा विक्रेता मंडल के अध्यक्ष एवं टेक्निकल इंस्टीट्यूशंस फाउंडेशन ऑफ उत्तर प्रदेश के महासचिव डॉक्टर अतुल कुमार जैन ने बताया कि दिनेश गोयलजी की ऐतिहासिक जीत हैं उन्होंने दूसरी बार जीत दर्ज कर इतिहास रचा है।


महामाई जन कल्याण सेवा समिति का 11 वाँ मां भगवती महामाई का भव्य जागरण एवं भंडारे का आयोजन 31 अक्टूबर को-ललित कुमार दीक्षित

 

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । महामाई जन कल्याण सेवा समिति रजि. द्वारा 31 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को मां भगवती महामाई का 11 वाँ भव्य जागरण एवं भंडारे का आयोजन किया जा रहा। मां भगवती की असीम अनुकम्पा से पिछले 10 वर्ष से लगातार यह जागरण और भंडारा राधा कृष्णापुरम कॉलोनी, नियर राजनगर एक्सटेंशन, मोरटी, गाजियाबाद में आयोजित कराया जाएगा। 

यह जानकारी ललित कुमार दीक्षित,अध्यक्ष, महामाई जन कल्याण सेवा समिति रजि.ने दी उन्होंने बताया कि अबकी बार महामाई जनकल्याण सेवा समिति एवं कॉलोनीवासियों के संयुक्त तत्वावधान में  मां भगवती जगदम्बे का 11 वां भव्य जागरण दिनांक 31 अक्टूबर 2026 को कराया जा रहा है, जिसमें सभी कॉलोनीवासियों,  ग्रामवासियों एवं भक्तगणों को सादर आमंत्रित किया जा रहा है। 

ललित कुमार दीक्षित ने बताया कि 31 अक्टूबर को शाम 4:00 बजे हवन पूजन किया जाएगा एवं शाम 6:00 बजे से मां भगवती की इच्छा तक भंडारे का आयोजन किया जाएगा। रात्रि 9:00 बजे मां भगवती महामाई की ज्योति प्रचंड की जाएगी। इस बार मां भगवती का जागरण मोरटी से अटोर की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर नए हाइवे के पास स्थित राधाकृष्णापुरम कॉलोनी, गली नं 3 के सामने गली नं 17, मोरटी में किया जाएगा। मां भगवती का गुणगान शुक्ला जागरण पार्टी एवं कीर्तन मंडल प्रो. पंडित सुनील शुक्ला जी द्वारा किया जाएगा। अबकी बार मां भगवती के गुणगान में विशेष प्रस्तुति पंडित राम अवतार शर्मा जॉकी टी-सीरीज के सुप्रसिद्ध भजन गायक हैं, जिनकी मधुर एवं सुरीली आवाज से भजन संध्या में चार चांद लग जाते हैं। 31 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले मां भगवती के जागरण एवं भंडारे  में उपस्थित होकर भंडारे का प्रसाद ग्रहण करें, एवं मां के जगराते में अपनी उपस्थिति दर्ज कर जगत जननी महामाई का आशीर्वाद प्राप्त करें। मां भगवती के जागरण में विभिन्न प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा मनोरम झांकियों की प्रस्तुति की जाएगी, एवं भजन गायकों द्वारा मां भगवती के सुंदर एवं मनभावन भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।

समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष कराया जाता है यह जागरण और भंडारा । इस कार्यक्रम की  रूप रेखा तैयार करने में तीन महीने पूर्व से ही लग जाते हैं समिति के सभी सदस्य। समिति के अध्यक्ष ललित कुमार दीक्षित द्वारा अवगत कराया गया कि प्रत्येक वर्ष बड़ी धूमधाम से मां भगवती का जागरण एवं भंडारा कराया जाता है। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष 11वां भव्य जागरण कराया जा रहा है, जिसके लिए सभी भक्तगणों एवं समिति के सदस्यों तथा कॉलोनीवासियों में एक अलग ही उत्साह है। सभी सदस्य एवं भक्तगण उक्त आयोजन को एक पर्व की तरह मानते हैं एवं अपने पूरे परिवार के साथ मां भगवती के इस आयोजन में प्रतिभाग करते हैं, *जिसमें आप सभी मीडिया साथी सादर आमन्त्रित हैं तथा माता रानी के भंडारे का आशीर्वाद रूपी प्रसाद ग्रहण करें।*

समिति के प्रमुख सदस्य सचिव सुशील चंद्र चौहान, उपेंद्र कुमार मिश्रा संस्थापक, संरक्षक मास्टर सुखवीर पाल, कोषाध्यक्ष अनंत देव हुड्डा, उपाध्यक्ष राम जयसवाल, वरिष्ठ सलाहकार बालकृष्ण पाल, सांस्कृतिक महामंत्री प्रेम सागर यादव, मीडिया प्रभारी पुनीत दीक्षित,  प्रमुख सलाहकार विनोद कुमार, मुख्य सदस्य एवं सहयोगी, प्रदीप यादव , संदीप यादव, किरणपाल केपी फर्नीचर, सुरेंद्र पाल (पाल इलेक्ट्रिकल), संजू हार्डवेयर, सचिन वर्मा, साध्वी ज्वेलर्स,  अर्जुन सिंह फौजी,  राजू सोम, राकेश कुमार, सतीश शर्मा, संजय त्यागी, नीरज त्यागी गंगा एसोसिएट, सुशील त्यागी, अरुण त्यागी, ठेकेदार रंजीत, सचिन त्यागी, प्रिंस त्यागी, उमेश त्यागी, विकास चौधरी, हरिओम, विनोद चौधरी, अंकुर त्यागी, प्रदीप त्यागी, गौरव त्यागी, सतेंद्र त्यागी, खड़क सिंह पाल, नितिन पाल, राहुल त्यागी, हरिओम त्यागी, राहुल गुप्ता, अर्जुन त्यागी , कांता प्रसाद, डॉ कमल सिंह, अनिल दीक्षित, अनुज दीक्षित, रोहतास पाल, सतेंद्र त्यागी, इन्द्रपाल चौधरी, सोहन सिंह, वी जी रोहिल्ला, अंकुर त्यागी, चौधरी आटा चक्की, सचिन त्यागी, सानिध्य हार्डवेयर, वर्षा ऑटोमोबाइल, हिमांशु इलेक्ट्रिकल, महामाई शटरिंग, शिव मेडिकल सौरभ चौधरी, कपिल दीक्षित, राजन थापा, किरणपाल, वरुण दादा, देवानंद, गगन सिंह, अमित पाल, उज्जवल पाल, राहुल शर्मा, प्रमोद कुमार,संजय गुप्ता, प्रवीण गुप्ता, ओमपाल ठेकेदार, त्रिभुवन झा, आर के रोहिल्ला, पंकज वर्मा, सुभाष तिवारी, अमित कश्यप, नीतिश शर्मा, नीरज शर्मा,  गौरव फौजी, कमलेश यादव, दीपक गोस्वामी, राहुल गुप्ता, राजू सोम, राजू, नीरज शर्मा,  ओमपाल सैनी, सुन्दरलाल, अनित कुमार सैनी, वीरेंद्र चौधरी, आकाश मिस्त्री, नेत्रपाल, ओमपाल ठेकेदार,  राजीव रतन भारद्वाज आदि हैं।



मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026

सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल में वार्षिकोत्सव दानवीर कर्ण’- “गाथा त्याग व ज्ञान की”* नाटक का भव्य मंचन किया गया

  







*सूर्यपुत्र कर्ण के त्याग, अदम्य साहस, स्वाभिमान और वचनबद्धता की गाथा ने दर्शकों को किया भावविभोर*

                              मुकेश गुप्ता

गाज़ियाबाद, 27 अक्टूबर 2026। सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल, सीनियर सेकेंडरी शाखा, गाज़ियाबाद के परिसर में वार्षिकोत्सव ‘उमंग 2026’ के अंतर्गत ‘दानवीर कर्ण’- “गाथा त्याग व ज्ञान की” का प्रभावशाली एवं भावपूर्ण नाट्य मंचन रविवार को किया गया। कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों ने अपने सजीव अभिनय और सशक्त संवादों के माध्यम से महाभारत के महान योद्धा सूर्यपुत्र कर्ण के जीवन, संघर्ष, अद्वितीय उदारता, अदम्य पराक्रम और वचन के प्रति अटूट निष्ठा को मंच पर साकार कर दिया।


कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के बैंड की ऊर्जामय एवं आकर्षक प्रस्तुति से हुआ, जिसने संपूर्ण वातावरण को संगीतमय और उत्साहपूर्ण बना दिया। विद्यालय के अध्यक्ष **डॉ. सुभाष जैन जी* के सानिध्य में मुख्य अतिथि श्री अमित गुप्ता (डिस्ट्रिक्ट गवर्नर) एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर अध्यक्ष, डॉ. सुभाष जैन जी ने अतिथियों का अभिनंदन करते हुए उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट किए तथा उनके बहुमूल्य समय एवं गरिमामयी उपस्थिति के प्रति आभार व्यक्त किया।

संगीतमय प्रस्तुतियों ने समारोह की भव्यता में विशेष रंग भर दिए। कॉन्गो, गिटार और कैसियो जैसे वाद्य-यंत्रों पर विद्यार्थियों ने सुर, ताल और लय का मनोहारी समन्वय प्रस्तुत किया। उनकी संगीत-साधना, लयबद्धता और सामूहिक तालमेल ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

काल भैरव गाने पर विद्यार्थियों की  प्रस्तुति ने वातावरण में एक अलौकिक आभा का संचार किया, साथ ही भरी भरी गाने पर कुंती द्वारा किया गया नृत्य अनुपम रहा। नाट्य प्रस्तुति में कर्ण के जीवन के विभिन्न महत्त्वपूर्ण प्रसंगों को क्रमबद्ध एवं प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। उनके जन्म से जुड़ी घटनाओं, शिक्षा-दीक्षा, युद्ध-कौशल के प्रशिक्षण तथा सूतपुत्र होने के कारण उन्हें समय-समय पर सामाजिक उपेक्षा और अपमान के दृश्यों ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। विपरीत  परिस्थितियों में भी अपने वचन और दानधर्म के प्रति अडिग रहने वाले कर्ण के चरित्र ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। विद्यार्थियों के उत्कृष्ट अभिनय, नृत्य  और सामूहिक प्रयासों ने वार्षिकोत्सव ‘उमंग 2026’  एक अविस्मरणीय सांस्कृतिक अनुभव बना दिया।       

विद्यालय के माननीय अध्यक्ष डॉ. सुभाष जैन ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में बच्चों के सम्पूर्ण  विकास हेतु  समय, विश्वास और सकारात्मक प्रोत्साहन की महत्ता पर विशेष बल दिया । उन्होंने कहा कि बच्चों में भारत की गौरवशाली ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान और समझ विकसित करना आवश्यक है, ताकि वे आत्मविश्वास से परिपूर्ण, उत्तरदायी तथा अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े नागरिक बन सकें।

विद्यालय के उपाध्यक्ष नमन जैन ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के समर्पण और सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए आधुनिक शिक्षा में नवाचार, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और सहभागितापूर्ण अधिगम की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने इन गुणों को विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताया।

निदेशक प्रशासन, प्रणव जैन ने समारोह को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी गणमान्य अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने सभी के सहयोग और सहभागिता को आयोजन की सफलता का महत्त्वपूर्ण आधार बताया।

विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. गीता जोशी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी, संवेदनशील, सृजनशील और जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों की अंतर्निहित प्रतिभाओं को पहचानने, उनकी विशिष्ट क्षमताओं को निखारने तथा उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करने में विद्यालय और परिवार की सांझी भूमिका पर बल दिया।

सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल ने विद्यार्थियों के संपूर्ण  विकास एवं समग्र शिक्षण के अपने ध्येय को पुनः दोहराते  हुए उन्हें आत्मविश्वास से परिपूर्ण, भविष्य की संभावनाओं और चुनौतियों के प्रति सजग तथा भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं एवं समृद्ध विरासत के प्रति गहरी संवेदनशीलता रखने वाले सशक्त, जागरूक और उत्तरदायी नागरिकों के रूप में गढ़ने की अपनी प्रतिबद्धता को अभिव्यक्त किया।


जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, विजयनगर में पशु सप्ताह' का आयोजन बड़े उत्साह एवं उमंग के साथ आयोजित

 





मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, विजयनगर में 5 से 9 अक्टूबर 2026 तक 'पशु सप्ताह' का आयोजन बड़े उत्साह एवं उमंग के साथ किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य नन्हे विद्यार्थियों को पशु जगत से परिचित कराना तथा जीव-जंतुओं के प्रति प्रेम, संवेदनशीलता और संरक्षण की भावना विकसित करना था।

इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न रोचक एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से जंगली, पालतू तथा जलीय जीवों के विषय में महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं। रंग-बिरंगी फेस पेंटिंग और आकर्षक पशु हेडगियर जैसी गतिविधियों ने बच्चों के उत्साह को दोगुना कर दिया। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता, रचनात्मकता और सीखने की जिज्ञासा का सुंदर प्रदर्शन किया।

इस आयोजन का विशेष आकर्षण 17 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को आयोजित भव्य प्रस्तुति रही, जिसमें नन्हे विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी उपस्थित अभिभावकों का दिल जीत लिया। आकर्षक पशु हेडगियर, रंग-बिरंगी फेस पेंटिंग और उत्साह से भरपूर अभिव्यक्तियों के साथ बच्चों ने पशु जगत की विविधता को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने जंगली, पालतू एवं जलीय जीवों से जुड़ी रोचक जानकारियाँ आत्मविश्वास और सहजता के साथ अभिभावकों के समक्ष साझा कीं। बच्चों की शानदार प्रस्तुति में उनकी रचनात्मकता, मंच पर आत्मविश्वास और सीखने के प्रति उत्सुकता स्पष्ट रूप से झलकी। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक श्री डा० करुण कुमार गौड़ ने छात्रों और शिक्षकों के अथक परिश्रम की सराहना की।

अभिभावकों ने नन्हे सितारों के प्रयासों की खूब सराहना की और पूरा वातावरण तालियों, मुस्कुराहटों तथा उत्साह से गूंज उठा। विद्यालय प्रधानाचार्या अंजू गौड़ ने इस अवसर पर कहा कि बच्चों को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

यह प्रस्तुति न केवल बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने का अवसर बनी, बल्कि उनके लिए सीखने को आनंदमय और यादगार बनाने का एक सुंदर अनुभव भी सिद्ध हुई।

सोमवार, 26 अक्टूबर 2026

जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, विजयनगर में नन्हें मुन्ने बच्चों किए रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत

 






मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, विजयनगर मे कक्षा प्रथम एवं द्वितीय के विद्यार्थियों द्वारा 24 अक्टूबर 2026, शनिवार को अनुगूँज पंचतत्वों में गूँजती सृष्टि की धुन' विषय पर एक आकर्षक कक्षा प्रस्तुति (ब्लें चतमेमदजंजपवद) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक विधि से स्कूल चैयरमेन जेके गौड द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

इस विशेष प्रस्तुति के माध्यम से नन्हे-मुन्ने विद्यार्थी प्रकृति और जीवन के मूल आधार पंचतत्वों-आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी के महत्व को रचनात्मक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का उद्देश्य पंचतत्वों के आपसी संतुलन और मानव जीवन में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका को समझाना था।

प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने, पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने तथा प्राकृतिक संसाधनों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। इस आयोजन के जरिए बच्चों को यह समझाने का अवसर मिला कि पृथ्वी पर जीवन का अस्तित्व पंचतत्वों के संतुलन पर निर्भर करता है और इनका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। छात्रों के प्रदर्शन ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। नन्हें प्रतिभागियों ने अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया कि कहानियाँ केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि वे जीवन जीने की कला सिखाती हैं और बच्चों में मानवीय मूल्यों का संचार करती है। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी रही। सभी ने कार्यक्रम को अत्यंत सराहनीय एवं प्रेरणादायी बताया।


कार्यक्रम विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल एवं सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें प्रकृगके करीब लाने का एक सार्थक प्रयास है।

इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डा० करुण कुमार गौड़ ने छात्रों और शिक्षकों के अथक परिश्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों की प्रतिभा को निखारने का मंच प्रदान करते हैं और उन्हें आत्मविश्वास तथा नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर मिलता है।

विद्यालय प्रधानाचार्या अंजू गौड़ ने इस अवसर पर कहा कि बच्चों को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि पंचतत्वों का संतुलन बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों को जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा के लिए प्रेरित करें।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अंजू गौड ने अभिभावकों एवं छात्रों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी का साधुवाद किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय सदैव विद्यार्थियों की प्रतिभा को उभारने और उन्हें नैतिक मूल्यों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने शिक्षकों के प्रयासों और छात्रों के उत्साह की विशेष प्रशंसा की।

ब्राह्मण युवक-युवती वैवाहिक परिचय सम्मेलन का पंजीकरण कार्यालय संजय नगर मे खुला

      

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा द्वारा आयोजित 12,13 दिसंबर को होने वाले वैवाहिक परिचय सम्मेलन का पंजीकरण कार्यालय  संजय नगर स्थित पी 81 में विष्णु शर्मा के यहां खुल गया है।  कार्यालय का उद्घाटन पं जयनंदन शर्मा पं नरेन्द्र शर्मा, मनवीर शर्मा ओमदत कौशिक, पं राकेश शर्मा  आदि ने किया।पं राकेश शर्मा ने बताया कि विवाह योग्य युवक युवती की शादी के लिए यहां फॉर्म भर  सकते हैं। सभी से ज्यादा से ज्यादा फार्म भरवाने की अपील की है।

राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2026 में शहरी विकास, सुशासन और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर मंथन, नगर आयुक्त ने भी साझा की प्लानिंग

 




शहर वासियों की आवश्यकता को ध्यान में रखने के साथ-साथ पर्यावरण हित को ध्यान में रखते हुए नगर निगम कर रहा है कार्य- नगर आयुक्त

                              मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा ओडिशा सरकार के सहयोग से 24 एवं 25 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2026 का आयोजन किया गया। सम्मेलन का मुख्य विषय ‘अर्बन राइजिंग – शहरी प्रणालियों, समाधानों और सेवा वितरण पर पुनर्विचार’ रहा। सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने किया। इसमें 1,200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। विभिन्न राज्यों के शहरी विकास मंत्री, महापौर, नगर निकायों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, शहरी विकास विशेषज्ञ, शिक्षाविद्, उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए, उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री ए के शर्मा, प्रमुख सचिव नगर विकास पी गुरु प्रसाद, गाजियाबाद के नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए नगर आयुक्त गाजियाबाद ने शहर की विकास की प्लानिंग को भी साझा किया गया जिसमें शहर की आवश्यकताओं को देखते हुए प्रोजेक्ट पर चल रहे कार्यों पर विशेष रूप से उपस्थित जनों को बताया गया।


नगर आयुक्त ने बताया कि शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं पर सम्मेलन में शहरों की बेहतर योजना, मजबूत शहरी प्रशासन, आधुनिक आधारभूत संरचना, किफायती आवास, स्वच्छता, जल प्रबंधन, अपशिष्ट निस्तारण तथा नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

उन्होंने बताया कि सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि शहरी विकास का उद्देश्य केवल निर्माण कार्यों को पूरा करना नहीं, बल्कि नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना, नगर निकायों की कार्यक्षमता बढ़ाना और शहरों को समावेशी, सुरक्षित, स्वच्छ एवं टिकाऊ बनाना होना चाहिए चर्चा हुई, इसी क्रम में गाजियाबाद में नगर निगम द्वारा लाए गए प्रोजेक्ट भी शहर वासियों की आवश्यकता और पर्यावरण तथा शहर हित के साथ-साथ उद्योग बंधुओं के लिए भी लाभदायक सिद्ध होंगे।

नगर आयुक्त ने बताया कि गाजियाबाद के बायोडायवर्सिटी पार्क, टीएसटीपी तथा इंदिरापुरम में चल रहे सी एम ग्रिड फेस 2 के कार्यों के बारे में नगर आयुक्त द्वारा बताया गयाl गाजियाबाद नगर निगम द्वारा आधुनिक तकनीकी का उपयोग करते हुए पर्यावरण तथा शहर वासियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जा रहे हैं आगामी योजनाओं को भी साझा किया गया l कचरा निस्तारण को लेकर किया जा रहे कार्य, भूगर्भ जल संरक्षण के लिए किया जा रहे कार्य, वायु गुणवत्ता सुधार के लिए किया जा रहे कार्यों पर विशेष रूप से साझा किया गया।


सम्मेलन के दौरान शहरी विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल और प्रकाशन प्रस्तुत किए गए। इनमें HUDCO की अर्बन इन्वेस्ट विंडो (UiWIN) पत्रिका, जल एवं अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में क्षमता निर्माण के लिए समर्थ्य प्लेटफॉर्म, ANKUR हैंडबुक, ओडिशा टाउन प्लानिंग हैंडबुक तथा प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) से संबंधित प्रकाशन शामिल रहे। इसके अतिरिक्त PMAY-U 2.0 मोबाइल एप्लिकेशन, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी सलाह-पत्र तथा सार्वजनिक स्थानों को अधिक समावेशी और नागरिकों के लिए सुलभ बनाने से संबंधित पहल भी प्रस्तुत की गईं।

विकसित भारत-2047 की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सम्मेलन के समापन सत्र में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने शहरी विकास की चुनौतियों का समाधान करने, किफायती आवास को बढ़ावा देने, स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने और नगर निकायों की कार्यक्षमता में सुधार लाने की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मेलन से प्राप्त सुझावों में बेहतर शहरी नियोजन, विभागीय समन्वय, मजबूत नगर निकाय, टिकाऊ वित्तीय व्यवस्था और जवाबदेह नागरिक सेवा वितरण को प्राथमिकता दी गई। इन सुझावों का उद्देश्य देश के शहरों को अधिक रहने योग्य, समावेशी, पर्यावरण के अनुकूल और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना है। राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2026 शहरी विकास से जुड़े विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और व्यावहारिक समाधान तैयार करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। सम्मेलन में हुई चर्चाओं एवं सुझावों से विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप देश में शहरी सुधारों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

गाजियाबाद नगर निगम से अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

रविवार, 25 अक्टूबर 2026

राष्ट्रीय व्यापार मंडल का द्वितीय भव्य डांडिया नाइट सीजन-2 का आयोजन धूमधाम से संपन्न, हजारों लोग हुए शामिल,विधायक संजीव शर्मा पप्पू पहलवान ने किया उदघाटन






मुकेश गुप्ता

साहिबाबाद। राष्ट्रीय व्यापार मंडल के तत्वावधान में अध्यक्ष शैलेन्द्र सक्सेना की अध्यक्षता में द्वितीय भव्य डांडिया नाइट सीजन-2 का आयोजन चंद्रशेखर पार्क, बी-ब्लॉक, शालीमार गार्डन एक्स-2 में बड़ी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणेश की पूजा एवं माँ सरस्वती वंदना के साथ किया गया। पूजन के पश्चात ढोल-नगाड़ों की थाप पर सैकड़ों की संख्या में उपस्थित महिलाओं, युवतियों, बच्चों और परिवार जनों ने डांडिया-गरबा नृत्य कर माहौल को भक्तिमय और उत्सवमय बना दिया। कार्यक्रम स्थल पर खाने-पीने, ज्वेलरी और शॉपिंग के आकर्षक स्टॉल भी लगाए गए थे, जिसका उपस्थित लोगों ने भरपूर आनंद लिया। देर रात तक चले इस आयोजन में हजारों लोगों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शहर विधायक *माननीय संजीव शर्मा* उपस्थित रहे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व महानगर महामंत्री *पप्पू पहलवान*, राष्ट्रीय व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष *अशोक भारतीय*, पूर्व एमएलसी विधायक *सुरेश कश्यप*, पार्षद *श्याम शर्मा*, *यशपाल पहलवान*, *ओमवती देवी*, *प्रवीण भाटी*, *राहुल शर्मा*, प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक *मनोज शर्मा* तथा बिग बॉस सीजन-2 व रोडीज विजेता *आशुतोष कौशिक* मुख्य रूप से उपस्थित रहे।


मंच का कुशल संचालन राष्ट्रीय व्यापार मंडल के अध्यक्ष *शैलेन्द्र सक्सेना* एवं महामंत्री *शरद स्वरूप* द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

ऑनलाइन नहीं, ऑफलाइन शॉपिंग से बढ़ेगी बाजार की रौनक

शैलेन्द्र सक्सेना ने कहा, "मैंने मंच से कई बार आग्रह किया है और आज फिर कर रहा हूँ कि ऑनलाइन शॉपिंग न करें, सिर्फ ऑफलाइन शॉपिंग करें और बाजार की रौनक बढ़ाएं। आज हमारे द्वारा किए गए इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग आए, सबने एक साथ मनोरंजन किया, एक-दूसरे से मिले-जुले। क्या ऐसा कार्यक्रम ये ऑनलाइन वाली कंपनियाँ कभी कर सकती हैं? कभी नहीं कर सकतीं। जो संस्कृति, जो मेलजोल और जो खुशी हम स्थानीय बाजार में बनाते हैं, वो ऑनलाइन पर कभी नहीं मिलेगी। इसलिए सिर्फ और सिर्फ अपने आसपास के दुकानदारों से ही सामान खरीदें।"

प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक भारतीय ने भी कहा कि राष्ट्रीय व्यापार मंडल केवल व्यापारियों के हितों के लिए ही नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है।

अंत में अध्यक्ष शैलेन्द्र सक्सेना ने सभी अतिथियों, सहयोगियों, क्षेत्रवासियों और मीडिया बंधुओं का तहे दिल से आभार व्यक्त किया।

जागृति’ के दिव्य प्रकाश एवं एकत्व के संदेश से आलोकित* हुआ 79वां वार्षिक निरंकारी सन्त समागम का दूसरा दिन,आध्यात्मिक जागृति ही वास्तविक जीवन का आधार-निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज

 




मुकेश गुप्ता

समालखा, 25 अक्टूबर, 2026।“जागरूकता केवल बाहरी सजगता तक सीमित नहीं, बल्कि विचारों, व्यवहार और भावनाओं में भी चेतन रहना आवश्यक है।’’ इसी आध्यात्मिक संदेश का आह्वान करते हुए निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम के दूसरे दिन उपस्थित विशाल मानव परिवार को संबोधित किया।

इस चार दिवसीय सन्त समागम में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु एवं भक्त एकत्रित हुए। विभिन्न भाषाओं एवं संस्कृतियों से सम्मिलित इस विशाल मानव परिवार का प्रेमपूर्ण मिलन सौहार्द, सद्भावना और विश्वबंधुत्व की अनुपम छवि प्रस्तुत कर रहा है। समागम का वातावरण आध्यात्मिक चेतना, भक्ति और आपसी प्रेम के भावों से परिपूर्ण है।

सतगुरु माता जी ने आध्यात्मिक ‘जागृति’ के वास्तविक भाव को स्पष्ट करते हुए फरमाया कि जागरूकता केवल बाहरी सजगता तक सीमित नहीं, बल्कि विचारों, व्यवहार और भावनाओं में भी चेतन रहना आवश्यक है।

भक्ति की महत्ता को प्रकाशित करते हुए सतगुरु माता जी ने समझाया कि सच्ची भक्ति किसी बाहरी पहचान की मोहताज नहीं, बल्कि प्रेम, विनम्रता, सहनशीलता और सत्य को जीवन में अपनाने से सार्थक होती है। समय के साथ जीवनशैली में बदलाव स्वीकार करते हुए भी सत्य को अपना आधार बनाए रखना चाहिए। सत्संग की सार्थकता तभी है, जब वहां प्राप्त शिक्षाओं को अपने आचरण में उतारा जाए और आत्मसुधार की भावना निरंतर बनी रहे।

सतगुरु माता जी के संबोधन से पूर्व निरंकारी राजपिता रमित जी ने दृष्टिहीन व्यक्ति और लालटेन के उदाहरण से समझाया कि केवल गुरमुख का बाहरी स्वरूप धारण करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि जीवन में ब्रह्मज्ञान, प्रेम और समर्पण का प्रकाश निरंतर जागृत रहना चाहिए। सेवा, सुमिरन और सत्संग के माध्यम से अपने विचारों, भावनाओं और आचरण को निरंतर निखारना ही सच्ची आध्यात्मिक जागृति है।

इस अवसर पर चिश्ती फाउंडेशन द्वारा सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज को ग्लोबल पीस अवॉर्ड से सम्मानित भी किया गया।

*निरंकारी प्रदर्शनीः- ज्ञान, जागृति और मानव कल्याण का प्रेरणादायी संगम*

सन्त समागम में आधुनिक तकनीक, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों से सुसज्जित निरंकारी प्रदर्शनी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केन्द्र बनी हुई है। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं विभिन्न आयु वर्गों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इसे तीन प्रमुख भागों में विभाजित किया गया है;

मुख्य प्रदर्शनी, बाल प्रदर्शनी तथा सन्त निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन (एस.एन.सी.एफ.) प्रदर्शनी।

*मुख्य प्रदर्शनीः-* इस प्रदर्शनी में मिशन के इतिहास, आध्यात्मिक यात्रा तथा सतगुरु माता जी एवं निरंकारी राजपिता जी की मानव कल्याण यात्राओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। तीन विशेष मॉडलों के माध्यम से समागम के मुख्य विषय ‘जागृति’ को दर्शाते हुए आत्मचिंतन, आध्यात्मिक समझ एवं सकारात्मक जीवन-दृष्टि अपनाने की प्रेरणा दी गई है।

बाल प्रदर्शनी प्रदर्शनी बच्चों के मानसिक, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक विकास पर केंद्रित है। रोचक प्रस्तुतियों के माध्यम से अच्छे संस्कारों, नैतिक मूल्यों एवं जीवनोपयोगी शिक्षाओं को अपनाने का संदेश दिया गया है, ताकि बच्चे शिक्षा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को भी अपने जीवन में स्थान दे सकें।

एस.एन.सी.एफ. प्रदर्शनी में संत निरंकारी मिशन की सामाजिक कल्याण एवं समाज सुधार से जुड़ी गतिविधियों को दर्शाया गया है जिसमें रक्तदान, स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक जागरूकता तथा सादे एवं सामूहिक विवाह जैसे प्रयासों के माध्यम से निःस्वार्थ सेवा, मानवता और समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने की प्रेरणा प्रदान की गई।