सोमवार, 26 अक्टूबर 2026

जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, विजयनगर में नन्हें मुन्ने बच्चों किए रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत

 






मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, विजयनगर मे कक्षा प्रथम एवं द्वितीय के विद्यार्थियों द्वारा 24 अक्टूबर 2026, शनिवार को अनुगूँज पंचतत्वों में गूँजती सृष्टि की धुन' विषय पर एक आकर्षक कक्षा प्रस्तुति (ब्लें चतमेमदजंजपवद) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक विधि से स्कूल चैयरमेन जेके गौड द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

इस विशेष प्रस्तुति के माध्यम से नन्हे-मुन्ने विद्यार्थी प्रकृति और जीवन के मूल आधार पंचतत्वों-आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी के महत्व को रचनात्मक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का उद्देश्य पंचतत्वों के आपसी संतुलन और मानव जीवन में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका को समझाना था।

प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने, पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने तथा प्राकृतिक संसाधनों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। इस आयोजन के जरिए बच्चों को यह समझाने का अवसर मिला कि पृथ्वी पर जीवन का अस्तित्व पंचतत्वों के संतुलन पर निर्भर करता है और इनका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। छात्रों के प्रदर्शन ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। नन्हें प्रतिभागियों ने अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया कि कहानियाँ केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि वे जीवन जीने की कला सिखाती हैं और बच्चों में मानवीय मूल्यों का संचार करती है। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी रही। सभी ने कार्यक्रम को अत्यंत सराहनीय एवं प्रेरणादायी बताया।


कार्यक्रम विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल एवं सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें प्रकृगके करीब लाने का एक सार्थक प्रयास है।

इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डा० करुण कुमार गौड़ ने छात्रों और शिक्षकों के अथक परिश्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों की प्रतिभा को निखारने का मंच प्रदान करते हैं और उन्हें आत्मविश्वास तथा नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर मिलता है।

विद्यालय प्रधानाचार्या अंजू गौड़ ने इस अवसर पर कहा कि बच्चों को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि पंचतत्वों का संतुलन बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों को जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा के लिए प्रेरित करें।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अंजू गौड ने अभिभावकों एवं छात्रों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी का साधुवाद किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय सदैव विद्यार्थियों की प्रतिभा को उभारने और उन्हें नैतिक मूल्यों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने शिक्षकों के प्रयासों और छात्रों के उत्साह की विशेष प्रशंसा की।

ब्राह्मण युवक-युवती वैवाहिक परिचय सम्मेलन का पंजीकरण कार्यालय संजय नगर मे खुला

      

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा द्वारा आयोजित 12,13 दिसंबर को होने वाले वैवाहिक परिचय सम्मेलन का पंजीकरण कार्यालय  संजय नगर स्थित पी 81 में विष्णु शर्मा के यहां खुल गया है।  कार्यालय का उद्घाटन पं जयनंदन शर्मा पं नरेन्द्र शर्मा, मनवीर शर्मा ओमदत कौशिक, पं राकेश शर्मा  आदि ने किया।पं राकेश शर्मा ने बताया कि विवाह योग्य युवक युवती की शादी के लिए यहां फॉर्म भर  सकते हैं। सभी से ज्यादा से ज्यादा फार्म भरवाने की अपील की है।

राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2026 में शहरी विकास, सुशासन और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर मंथन, नगर आयुक्त ने भी साझा की प्लानिंग

 




शहर वासियों की आवश्यकता को ध्यान में रखने के साथ-साथ पर्यावरण हित को ध्यान में रखते हुए नगर निगम कर रहा है कार्य- नगर आयुक्त

                              मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा ओडिशा सरकार के सहयोग से 24 एवं 25 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2026 का आयोजन किया गया। सम्मेलन का मुख्य विषय ‘अर्बन राइजिंग – शहरी प्रणालियों, समाधानों और सेवा वितरण पर पुनर्विचार’ रहा। सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने किया। इसमें 1,200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। विभिन्न राज्यों के शहरी विकास मंत्री, महापौर, नगर निकायों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, शहरी विकास विशेषज्ञ, शिक्षाविद्, उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए, उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री ए के शर्मा, प्रमुख सचिव नगर विकास पी गुरु प्रसाद, गाजियाबाद के नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए नगर आयुक्त गाजियाबाद ने शहर की विकास की प्लानिंग को भी साझा किया गया जिसमें शहर की आवश्यकताओं को देखते हुए प्रोजेक्ट पर चल रहे कार्यों पर विशेष रूप से उपस्थित जनों को बताया गया।


नगर आयुक्त ने बताया कि शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं पर सम्मेलन में शहरों की बेहतर योजना, मजबूत शहरी प्रशासन, आधुनिक आधारभूत संरचना, किफायती आवास, स्वच्छता, जल प्रबंधन, अपशिष्ट निस्तारण तथा नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

उन्होंने बताया कि सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि शहरी विकास का उद्देश्य केवल निर्माण कार्यों को पूरा करना नहीं, बल्कि नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना, नगर निकायों की कार्यक्षमता बढ़ाना और शहरों को समावेशी, सुरक्षित, स्वच्छ एवं टिकाऊ बनाना होना चाहिए चर्चा हुई, इसी क्रम में गाजियाबाद में नगर निगम द्वारा लाए गए प्रोजेक्ट भी शहर वासियों की आवश्यकता और पर्यावरण तथा शहर हित के साथ-साथ उद्योग बंधुओं के लिए भी लाभदायक सिद्ध होंगे।

नगर आयुक्त ने बताया कि गाजियाबाद के बायोडायवर्सिटी पार्क, टीएसटीपी तथा इंदिरापुरम में चल रहे सी एम ग्रिड फेस 2 के कार्यों के बारे में नगर आयुक्त द्वारा बताया गयाl गाजियाबाद नगर निगम द्वारा आधुनिक तकनीकी का उपयोग करते हुए पर्यावरण तथा शहर वासियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जा रहे हैं आगामी योजनाओं को भी साझा किया गया l कचरा निस्तारण को लेकर किया जा रहे कार्य, भूगर्भ जल संरक्षण के लिए किया जा रहे कार्य, वायु गुणवत्ता सुधार के लिए किया जा रहे कार्यों पर विशेष रूप से साझा किया गया।


सम्मेलन के दौरान शहरी विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल और प्रकाशन प्रस्तुत किए गए। इनमें HUDCO की अर्बन इन्वेस्ट विंडो (UiWIN) पत्रिका, जल एवं अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में क्षमता निर्माण के लिए समर्थ्य प्लेटफॉर्म, ANKUR हैंडबुक, ओडिशा टाउन प्लानिंग हैंडबुक तथा प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) से संबंधित प्रकाशन शामिल रहे। इसके अतिरिक्त PMAY-U 2.0 मोबाइल एप्लिकेशन, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी सलाह-पत्र तथा सार्वजनिक स्थानों को अधिक समावेशी और नागरिकों के लिए सुलभ बनाने से संबंधित पहल भी प्रस्तुत की गईं।

विकसित भारत-2047 की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सम्मेलन के समापन सत्र में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने शहरी विकास की चुनौतियों का समाधान करने, किफायती आवास को बढ़ावा देने, स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने और नगर निकायों की कार्यक्षमता में सुधार लाने की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मेलन से प्राप्त सुझावों में बेहतर शहरी नियोजन, विभागीय समन्वय, मजबूत नगर निकाय, टिकाऊ वित्तीय व्यवस्था और जवाबदेह नागरिक सेवा वितरण को प्राथमिकता दी गई। इन सुझावों का उद्देश्य देश के शहरों को अधिक रहने योग्य, समावेशी, पर्यावरण के अनुकूल और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना है। राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2026 शहरी विकास से जुड़े विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और व्यावहारिक समाधान तैयार करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। सम्मेलन में हुई चर्चाओं एवं सुझावों से विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप देश में शहरी सुधारों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

गाजियाबाद नगर निगम से अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

रविवार, 25 अक्टूबर 2026

राष्ट्रीय व्यापार मंडल का द्वितीय भव्य डांडिया नाइट सीजन-2 का आयोजन धूमधाम से संपन्न, हजारों लोग हुए शामिल,विधायक संजीव शर्मा पप्पू पहलवान ने किया उदघाटन






मुकेश गुप्ता

साहिबाबाद। राष्ट्रीय व्यापार मंडल के तत्वावधान में अध्यक्ष शैलेन्द्र सक्सेना की अध्यक्षता में द्वितीय भव्य डांडिया नाइट सीजन-2 का आयोजन चंद्रशेखर पार्क, बी-ब्लॉक, शालीमार गार्डन एक्स-2 में बड़ी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणेश की पूजा एवं माँ सरस्वती वंदना के साथ किया गया। पूजन के पश्चात ढोल-नगाड़ों की थाप पर सैकड़ों की संख्या में उपस्थित महिलाओं, युवतियों, बच्चों और परिवार जनों ने डांडिया-गरबा नृत्य कर माहौल को भक्तिमय और उत्सवमय बना दिया। कार्यक्रम स्थल पर खाने-पीने, ज्वेलरी और शॉपिंग के आकर्षक स्टॉल भी लगाए गए थे, जिसका उपस्थित लोगों ने भरपूर आनंद लिया। देर रात तक चले इस आयोजन में हजारों लोगों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शहर विधायक *माननीय संजीव शर्मा* उपस्थित रहे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व महानगर महामंत्री *पप्पू पहलवान*, राष्ट्रीय व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष *अशोक भारतीय*, पूर्व एमएलसी विधायक *सुरेश कश्यप*, पार्षद *श्याम शर्मा*, *यशपाल पहलवान*, *ओमवती देवी*, *प्रवीण भाटी*, *राहुल शर्मा*, प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक *मनोज शर्मा* तथा बिग बॉस सीजन-2 व रोडीज विजेता *आशुतोष कौशिक* मुख्य रूप से उपस्थित रहे।


मंच का कुशल संचालन राष्ट्रीय व्यापार मंडल के अध्यक्ष *शैलेन्द्र सक्सेना* एवं महामंत्री *शरद स्वरूप* द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

ऑनलाइन नहीं, ऑफलाइन शॉपिंग से बढ़ेगी बाजार की रौनक

शैलेन्द्र सक्सेना ने कहा, "मैंने मंच से कई बार आग्रह किया है और आज फिर कर रहा हूँ कि ऑनलाइन शॉपिंग न करें, सिर्फ ऑफलाइन शॉपिंग करें और बाजार की रौनक बढ़ाएं। आज हमारे द्वारा किए गए इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग आए, सबने एक साथ मनोरंजन किया, एक-दूसरे से मिले-जुले। क्या ऐसा कार्यक्रम ये ऑनलाइन वाली कंपनियाँ कभी कर सकती हैं? कभी नहीं कर सकतीं। जो संस्कृति, जो मेलजोल और जो खुशी हम स्थानीय बाजार में बनाते हैं, वो ऑनलाइन पर कभी नहीं मिलेगी। इसलिए सिर्फ और सिर्फ अपने आसपास के दुकानदारों से ही सामान खरीदें।"

प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक भारतीय ने भी कहा कि राष्ट्रीय व्यापार मंडल केवल व्यापारियों के हितों के लिए ही नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है।

अंत में अध्यक्ष शैलेन्द्र सक्सेना ने सभी अतिथियों, सहयोगियों, क्षेत्रवासियों और मीडिया बंधुओं का तहे दिल से आभार व्यक्त किया।

जागृति’ के दिव्य प्रकाश एवं एकत्व के संदेश से आलोकित* हुआ 79वां वार्षिक निरंकारी सन्त समागम का दूसरा दिन,आध्यात्मिक जागृति ही वास्तविक जीवन का आधार-निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज

 




मुकेश गुप्ता

समालखा, 25 अक्टूबर, 2026।“जागरूकता केवल बाहरी सजगता तक सीमित नहीं, बल्कि विचारों, व्यवहार और भावनाओं में भी चेतन रहना आवश्यक है।’’ इसी आध्यात्मिक संदेश का आह्वान करते हुए निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम के दूसरे दिन उपस्थित विशाल मानव परिवार को संबोधित किया।

इस चार दिवसीय सन्त समागम में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु एवं भक्त एकत्रित हुए। विभिन्न भाषाओं एवं संस्कृतियों से सम्मिलित इस विशाल मानव परिवार का प्रेमपूर्ण मिलन सौहार्द, सद्भावना और विश्वबंधुत्व की अनुपम छवि प्रस्तुत कर रहा है। समागम का वातावरण आध्यात्मिक चेतना, भक्ति और आपसी प्रेम के भावों से परिपूर्ण है।

सतगुरु माता जी ने आध्यात्मिक ‘जागृति’ के वास्तविक भाव को स्पष्ट करते हुए फरमाया कि जागरूकता केवल बाहरी सजगता तक सीमित नहीं, बल्कि विचारों, व्यवहार और भावनाओं में भी चेतन रहना आवश्यक है।

भक्ति की महत्ता को प्रकाशित करते हुए सतगुरु माता जी ने समझाया कि सच्ची भक्ति किसी बाहरी पहचान की मोहताज नहीं, बल्कि प्रेम, विनम्रता, सहनशीलता और सत्य को जीवन में अपनाने से सार्थक होती है। समय के साथ जीवनशैली में बदलाव स्वीकार करते हुए भी सत्य को अपना आधार बनाए रखना चाहिए। सत्संग की सार्थकता तभी है, जब वहां प्राप्त शिक्षाओं को अपने आचरण में उतारा जाए और आत्मसुधार की भावना निरंतर बनी रहे।

सतगुरु माता जी के संबोधन से पूर्व निरंकारी राजपिता रमित जी ने दृष्टिहीन व्यक्ति और लालटेन के उदाहरण से समझाया कि केवल गुरमुख का बाहरी स्वरूप धारण करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि जीवन में ब्रह्मज्ञान, प्रेम और समर्पण का प्रकाश निरंतर जागृत रहना चाहिए। सेवा, सुमिरन और सत्संग के माध्यम से अपने विचारों, भावनाओं और आचरण को निरंतर निखारना ही सच्ची आध्यात्मिक जागृति है।

इस अवसर पर चिश्ती फाउंडेशन द्वारा सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज को ग्लोबल पीस अवॉर्ड से सम्मानित भी किया गया।

*निरंकारी प्रदर्शनीः- ज्ञान, जागृति और मानव कल्याण का प्रेरणादायी संगम*

सन्त समागम में आधुनिक तकनीक, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों से सुसज्जित निरंकारी प्रदर्शनी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केन्द्र बनी हुई है। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं विभिन्न आयु वर्गों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इसे तीन प्रमुख भागों में विभाजित किया गया है;

मुख्य प्रदर्शनी, बाल प्रदर्शनी तथा सन्त निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन (एस.एन.सी.एफ.) प्रदर्शनी।

*मुख्य प्रदर्शनीः-* इस प्रदर्शनी में मिशन के इतिहास, आध्यात्मिक यात्रा तथा सतगुरु माता जी एवं निरंकारी राजपिता जी की मानव कल्याण यात्राओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। तीन विशेष मॉडलों के माध्यम से समागम के मुख्य विषय ‘जागृति’ को दर्शाते हुए आत्मचिंतन, आध्यात्मिक समझ एवं सकारात्मक जीवन-दृष्टि अपनाने की प्रेरणा दी गई है।

बाल प्रदर्शनी प्रदर्शनी बच्चों के मानसिक, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक विकास पर केंद्रित है। रोचक प्रस्तुतियों के माध्यम से अच्छे संस्कारों, नैतिक मूल्यों एवं जीवनोपयोगी शिक्षाओं को अपनाने का संदेश दिया गया है, ताकि बच्चे शिक्षा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को भी अपने जीवन में स्थान दे सकें।

एस.एन.सी.एफ. प्रदर्शनी में संत निरंकारी मिशन की सामाजिक कल्याण एवं समाज सुधार से जुड़ी गतिविधियों को दर्शाया गया है जिसमें रक्तदान, स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक जागरूकता तथा सादे एवं सामूहिक विवाह जैसे प्रयासों के माध्यम से निःस्वार्थ सेवा, मानवता और समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने की प्रेरणा प्रदान की गई।

अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद का 2 दिवसीय क्षेत्रीय अधिवेशन का केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने किया उद्घाटन

 







मुकेश गुप्ता

ग़ाज़ियाबाद । नेहरूनगर स्थित पं.दीनदयाल ऑटोडोरीयम में अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद का 2 दिवसीय क्षेत्रीय अधिवेशन रविवार को सम्पन्न हुआ।

दो दिनों तक चलने वाले इस आयोजन का उद्घाटन केंद्रीय क़ानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के द्वारा किया गया।

इस अधिवेशन में राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा अनेक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी जानकारियाँ अधिवक्ताओं के साथ साझा की गयी।

  डिजिटल युग में न्याय प्रणाली-मिडिया ट्रायल और न्यायिक निष्पक्षता की चुनौतीयॉं विषय पर बोलते हुए टी वी टुडे ग्रुप के डिप्टी एडिटर संजय शर्मा ने कहा कि पत्रकारिता अपने चुनौति वाले दौर से गुजर रही है, जहॉं खबरों को जल्दी पहुँचाने की प्रतिस्पर्धा है वहॉं कई बार अपरिपक्वता भी सामने आती है,न्याय प्रणाली में मीडिया ट्रायल की अपनी प्रभावशीलता भूमिका है और इसको नज़रअंदाज़ करना अब सम्भव नहीं हैं लेकिन संतुलन बहुत आवश्यक है।

नये अपराधिक क़ानून और फ़ोरेंसिक साक्ष्य की अनिवार्यता पर बोलते हुये 

राष्ट्रीय फ़ॉरेंसिंक विज्ञान विश्वविद्यालय, गांधी नगर गुजरात 

से पधारे प्रोफेसर डॉ नवीन कुमार चौधरी ने बताया कि तकनीकी के बदलाव के कारण अपराध नये नये रूपों में हमारे सामने आ रहे हैं, जहॉं 

फ़ॉरेंसिंक साक्ष्यों का महत्व दिन प्रतिदिन और बढ़ता जा रहा है। आज फ़ॉरेंसिंक साक्ष्य अपराध को डिकोड करने की अहम कड़ी बन गये हैं।

अधिवेशन में संघ और समन्वय/संगठन संस्कृति पर अपना विषय रखते हुये राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक महेन्द्र जी ने अधिवक्ताओं को जागृत 

ज़िम्मेदार नागरिक बताया।संघ ने अपनी सौ वर्ष की यात्रा पूर्ण करके अब पंच परिवर्तन के द्वारा प्रत्येक नागरिक को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है और जिसके बल पर देश को विश्वगुरु के सर्वोच्च स्थान पर स्थापित करने का बड़ा लक्ष्य लिया गया है,अधिवक्ता इसमें अपनी महती भूमिका निभायेंगे ऐसा उन्होंने विश्वास जताया।

संवैधानिक संस्थाओं का सुदृढ़ीकरण एवं विधिक नैतिकता जैसे विषय पर बोलते हुये पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस एन झा ने कहा कि आज देश में संवैधानिक संस्थाओं पर कई बार प्रश्न चिन्ह लगाने का प्रयास किया जाता है,यह जानते हुये भी कि इन संस्थाओं के बल पर ही देश की सारी व्यवस्थाएँ टिकी हैं। तो ऐसे में हमारा दायित्व और बढ़ जाता है कि हम न्याय को सबके लिये सुलभ और पारदर्शी बनायें।

उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा डॉ गीता खन्ना ने न्याय प्रक्रिया को तीव्र करने का आह्वान किया। 

भारतीय न्याय व्यवस्था का भारतीयकरण विषय पर बोलते हुए अधिवक्ता परिषद की राष्ट्रीय उपाध्यक्षा श्रीमती सीमा सिंह ने कहा कि किसी भी देश की न्याय व्यवस्था मानवीयता के साथ साथ उस देश की सामाजिक रचना और परम्पराओं को ध्यान में रखते हुये ही बनाई जाती है, और तभी वह न्याय कहलाती है अन्यथा न्याय और अन्याय में अधिक अंतर नहीं रह जाता।

अधिवेशन के समापन सत्र को सम्बोधित करते हुये अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सत्यप्रकाश प्रकाश राय ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करते हुये उन्हें समाज के सजग नेतृत्वकर्ता के रूप में कार्य करने का आह्वान किया।

ज्ञात रहे कि दो दिन चलने वाले इस आयोजन में उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के सभी जनपदों तथा तहसीलों तथा सभी उच्च न्यायालय से 1200 से अधिक अधिवक्ता उपस्थित रहे।

अधिवक्ता परिषद के क्षेत्रीय संयोजक विपिन त्यागी ने क्षेत्रीय अधिवेशन को इतना सफल बनाने के लिये सभी व्यवस्था के बंधुओं-बहनों एवं बड़ी संख्या में पधारे आगंतुक अधिवक्ताओं 

का आभार व्यक्त किया।

अधिवेशन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं मिलन कार्यक्रम में अधिवक्ताओं द्वारा अनेक प्रस्तुतियों का मंचन किया गया जिसका सभी अधिवक्ताओं ने आनंद लिया गया।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से उत्तराखंड  अधिवक्ता परिषद के महामंत्री अनुज शर्मा, काशी प्रांत के महामंत्री नीरज सिंह,राष्ट्रीय मंत्री चरण सिंह त्यागी,अवध प्रांत की महामंत्री मीनाक्षी परिहार, ब्रज प्रांत के महामंत्री प्रमोद कुमार आदि अनेक गणमान्य आगंतुक उपस्थित रहे।


सिल्वरलाइन प्रेस्टिज स्कूल के प्रांगण में वार्षिकोत्सव ‘तरंग 2026’ ’पृथ्वीराज चौहान - गाथा शौर्य व स्वाभिमान की’ का हुआ भव्य आयोजन

 






मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । 24 अक्टूबर 2026 । सिल्वरलाइन प्रेस्टिज स्कूल, सीनियर सेकेंडरी शाखा, गाज़ियाबाद के प्रांगण में रविवार को वार्षिकोत्सव ‘तरंग 2026’ पृथ्वीराज चौहान - गाथा शौर्य व स्वाभिमान  की’ का भव्य आयोजन किया गया । इस अवसर पर कक्षा III से V तक के विद्यार्थियों ने ‘पृथ्वीराज चौहान–गाथा शौर्य व स्वाभिमान की’ एक प्रभावशाली संगीतमय नाट्य प्रस्तुति की। इसके माध्यम से विद्यार्थियों ने वीरता, स्वाभिमान, देशभक्ति, त्याग और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के गौरवशाली इतिहास को जीवंत कर दिया।


कार्यक्रम की शुरुआत एक शानदार बैंड प्रस्तुति के साथ हुई, जिसने पूरे वातावरण को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्य अतिथि डॉ. राम अवतार जिंदल (राष्ट्रीय अध्यक्ष, इंडिपेंडेंट स्कूल्स फेडरेशन ऑफ इंडिया-ISFI), गुलशन कुमार भाम्बरी (महासचिव, ISFI), आलोक गर्ग (संस्थापक सदस्य, ISFI, गाजियाबाद) एवं सरदार जोगेंद्र सिंह (संस्थापक सदस्य, ISFI, गाजियाबाद) ने विद्यालय अध्यक्ष डॉ. सुभाष जैन और अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ मिलकर दीप प्रज्वलित किया। इसके पश्चात, माननीय अध्यक्ष, डॉ० सुभाष जैन द्वारा अतिथिगण का आभार व्यक्त करते हुए अतिथिगण को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

विद्यालय के बैंड की ऊर्जावान प्रस्तुति ने समारोह के उत्साह को और बढ़ा दिया एवं वाद्य-संगीत की प्रस्तुति ने समारोह को एक नया आयाम प्रदान किया। कॉन्गो, गिटार और कैसियो जैसे वाद्य-यंत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों ने सुर, ताल और लय का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। नाट्य प्रस्तुति में पृथ्वीराज चौहान के जीवन के विभिन्न पड़ावों को दिखाया गया, जिनमें उनका जन्म, शिक्षा, युद्ध कौशल का प्रशिक्षण, राज्याभिषेक एवं संयोगिता के संग विवाह के दृश्य भी शामिल थे। तराइन के युद्ध, मुहम्मद गोरी की हार, जयचंद का विश्वासघात, चंदबरदाई की ऐतिहासिक भूमिका और जौहर की घटना के अभिनय द्वारा विद्यार्थियों ने दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का समापन एक अत्यंत प्रभावशाली प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसमें वीरता, देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के अंतिम क्षणों में पृथ्वीराज चौहान की कालजयी विरासत का जश्न मनाया गया और साहस, सम्मान तथा बलिदान के शाश्वत महत्व को प्रदर्शित किया गया।

विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. सुभाष जैन ने अपने संबोधन के माध्यम से बच्चों के पालन-पोषण में समय, विश्वास, प्रोत्साहन एवम भारत की समृद्ध ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरी समझ विकसित करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इससे बच्चे आत्मविश्वासी, जिम्मेदार और अपनी संस्कृति से जुड़े रहेंगे। उपाध्यक्ष नमन जैन ने छात्रों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा की आधुनिक शिक्षा में नवाचार, अनुशासन, तकनिकी समझ एवं सामूहिक सहभागिता पर विशेष महत्व दिया। निदेशक प्रशासन, श्री प्रणव जैन ने गणमान्य अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और छात्रों का आभार व्यक्त किया। प्रधानाचार्या, डॉ. गीता जोशी ने अपने संबोधन में कहा की वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शेक्षणिक रूप से तैयार करना ही नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी, संवेदनशील, रचनात्मक एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करना भी है।

सिल्वरलाइन प्रेस्टिज स्कूल ने समग्र शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ करते हुए विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी, भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार तथा राष्ट्र की समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक धरोहर से गहराई से जुड़े जिम्मेदार नागरिकों के रूप में विकसित करने के अपने संकल्प को दोहराया।

शनिवार, 24 अक्टूबर 2026

अभिषेक गर्ग के नेतृत्व में डूंडाहेड़ा में लगा समाजवादी निःशुल्क मेडिकल कैंप, AIMIM के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष फरहान ने साथियों सहित थामा सपा का दामन

 








                              
                              मुकेश गुप्ता
गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग के नेतृत्व में शनिवार को डूंडाहेड़ा स्थित शिव मंदिर चौक, तालाब के पास समाजवादी निःशुल्क मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। शिविर में सैकड़ों लोगों ने पहुंचकर विभिन्न स्वास्थ्य जांचों और निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श का लाभ उठाया। इस दौरान राजनीतिक गतिविधियों के तहत AIMIM के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष फरहान ने अपनी टीम के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल होने की घोषणा की और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में आस्था जताई। मेडिकल कैंप का उद्घाटन डूंडाहेड़ा के बुजुर्ग हाजी कासिम एवं सपा प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग ने संयुक्त रूप से किया।

शिविर में चिकित्सकों ने लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया। कैंप के दौरान ब्लड प्रेशर, ईसीजी, हीमोग्लोबिन, पीएफटी यानी फेफड़ों की कार्यक्षमता और ब्लड शुगर की निःशुल्क जांच की गई। इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना और उन्हें समय पर चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराना रहा। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाया।

इस अवसर पर हाजी कासिम ने कहा कि समाज के जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने अभिषेक गर्ग की ओर से निःशुल्क मेडिकल कैंप आयोजित कराए जाने की सराहना की। वहीं, अभिषेक गर्ग ने कहा कि वंचितों, शोषितों और जरूरतमंदों की सहायता करना समाजवादी पार्टी की जनसेवा की भावना का हिस्सा है। उनका प्रयास है कि विधानसभा गाजियाबाद के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे स्वास्थ्य शिविर आयोजित कराकर आम लोगों को जांच और चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

अभिषेक गर्ग ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी जनहित से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रही है। स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाओं को आम जनता तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भी समय पर जांच और उचित परामर्श मिल सके। उन्होंने कहा कि जनसेवा के ऐसे कार्यक्रम आगे भी जारी रखने का प्रयास किया जाएगा।


फरहान ने टीम के साथ समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की

मेडिकल कैंप के दौरान AIMIM के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष फरहान ने अपनी टीम के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में विश्वास जताते हुए पार्टी के साथ मिलकर कार्य करने की बात कही। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। फरहान के साथियों के पार्टी में शामिल होने को कार्यक्रम का एक प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम माना गया।

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष सपा शाहनवाज खान, पूर्व जिला सचिव, डॉ. सलीम, सपा नेता मंजूर भाई, हाजी कासिम, अर्श, पूर्व पार्षद प्रत्याशी किरन चौधरी, सपा नेता मुस्तफा खान, मुकेश त्यागी, आशा राम त्यागी, कपिल त्यागी, निशांत त्यागी, बालक राम गोयल, विवेक यादव, पप्पू यादव, मोहम्मद अली, डॉ. जावेद, एडवोकेट आसिफ खान, रहीस ठेकेदार, भूरे खान, निखिल पर्चा, ओम दत्त जाटव, फरहान, रिजवान, शानू, यासीन मास्टर, अमीरू, उस्मान, दिलशाद और रामनाथ त्यागी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।



आस्था की सुगंध और भक्ति की मिठास से महका 79वां निरंकारी सन्त समागम का पहला दिन


 


                               संवाददाता

परमात्मा के एहसास से जीवन में जागृति का भाव निरंतर बना रहता है-निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज

समालखा, 24 अक्टूबर, 2026। जब हृदय में प्रेमाभक्ति का प्रकाश जागृत होता है, तब जीवन का प्रत्येक भाव प्रेम, समर्पण और मानव एकत्व की दिव्य अनुभूति से महक उठता है। इसी आध्यात्मिक चेतना एवं प्रेमपूर्ण संदेश से ओतप्रोत निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने समालखा (हरियाणा) स्थित निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर आयोजित चार दिवसीय 79वें वार्षिक निरंकारी सन्त समागम के प्रथम दिवस पर देश-विदेश से सम्मिलित हुए लाखों श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए प्रेम, भक्ति और मानवीय एकत्व की महत्ता को उजागर किया।

सतगुरु माता जी ने अपने पावन प्रवचनों में कहा कि ब्रह्मज्ञान जागृति का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि इसकी शुरुआत है। सच्ची जागृति वही है, जब मनुष्य जीवन के प्रत्येक पल में निराकार के एहसास के साथ प्रेम, विश्वास और विनम्रता से जीवन व्यतीत करे। सत्संग में केवल उपस्थित होना पर्याप्त नहीं, बल्कि वहाँ से प्राप्त शिक्षाओं को अपने व्यवहार में अपनाना आवश्यक है। हमारी सेवा और समर्पण दिखावे के लिए नहीं, बल्कि सच्चे भावों से युक्त होना चाहिए। दूसरों के प्रति प्रेम रखना, निंदा और अहंकार से बचना तथा अपनी वाणी और कर्मों से अच्छाई दर्शाना ही वास्तविक आध्यात्मिक जागृति की पहचान है। 




सतगुरु माता जी ने प्रेरित किया कि परमात्मा द्वारा प्रदत्त साधनों का उपयोग मानवता की सेवा एवं परोपकार के लिए किया जाए। जीवन की हर परिस्थिति में मन की शांति, सहजता और विश्वास बनाए रखें। अंत में माता जी ने आशीर्वाद देते हुए कामना की कि सभी श्रद्धालुओं के जीवन में सेवा, सुमिरन और सत्संग के प्रति समर्पण बना रहे तथा ब्रह्मज्ञान से प्राप्त दिव्य प्रकाश सदैव उनके जीवन को प्रेम, शांति और भक्ति से आलोकित करता रहे।

देश-विदेश से विभिन्न संस्कृतियों एवं पृष्ठभूमियों के श्रद्धालुओं का यह प्रेमपूर्ण मिलन समागम स्थल को भक्ति, एकत्व और सद्भावना के दिव्य भावों से गुंजायमान कर रहा था।

सेवादल रैली

समागम के दूसरे दिन का शुभारम्भ भव्य सेवादल रैली से हुआ, जिसमें भारत के विभिन्न राज्यों एवं विदेशों से सम्मिलित हुए हजारों सेवादल बहन-भाइयों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शारीरिक व्यायाम, स्किट, खेलकूद, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं मिशन की शिक्षाओं पर आधारित लघु नाटिकाओं के माध्यम से अनुशासन, सहयोग और निःस्वार्थ सेवा का सुंदर संदेश दिया गया।

सेवादल रैली में उपस्थित भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए सतगुरु माता जी ने संदेश दिया कि सेवा केवल ड्यूटी निभाने तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न अंग है। सच्चा सेवादार वही है, जो निरंकार को हृदय में बसाकर हर परिस्थिति में मानवता के कल्याण के लिए तत्पर रहे।

सतगुरु माता जी ने प्रेरित किया कि निरंकार पर अटूट विश्वास रखते हुए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं तथा तन, मन और धन को परोपकार में लगाकर जीवन को सार्थक बनाएं।

इससे पूर्व, सतगुरु माता जी के करकमलों द्वारा शांति एवं एकत्व के प्रतीक मिशन के ‘श्वेत ध्वज’ का ध्वजारोहण किया गया।

रैली के दौरान संत निरंकारी सेवादल के मुख्य संचालक एस के जुनेजा ने विश्वभर से आए सेवादल स्वयंसेवकों की ओर से सतगुरु माता जी के चरणों में श्रद्धा अर्पित करते हुए सभी के लिए पावन आशीर्वाद की कामना की।

दिल्ली में 1 नवम्बर से वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए वाहनों का रहेगा प्रतिबंध,परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों एवं परिवहन व्यवसायियों से की अपील


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । दिल्ली मे 1 नवम्बर 2026 से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शीतकाल के दौरान वायु प्रदूषण की रोकथाम एवं वायु गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से दिल्ली में विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू किए जा रहे हैं। इस संबंध में परिवहन विभाग, गाजियाबाद द्वारा समस्त परिवहन व्यवसायियों, ट्रांसपोर्ट यूनियनों तथा वाहन स्वामियों से निर्धारित प्रतिबंधों एवं उनकी प्रभावी तिथियों की जानकारी प्राप्त कर नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की है।

 सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) गाजियाबाद अशोक कुमार श्रीवास्तव ने वायुगुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 1 नवंबर, 2025 से BS-VI, CNG, LNG, एवं इलेक्ट्रिक वाहनों को छोड़कर अन्य व्यावसायिक माल वाहक वाहनों, तथा हल्के माल वाहक वाहन (LGV), मध्यम माल वाहक वाहन (MGV), एवं भारी माल वाहक वाहन (HGV) के दिल्ली में प्रवेश पर प्रतिबंध लागू किया गया है। उक्त व्यवस्था में दिल्ली में पंजीकृत वाहनों को अपवाद प्रदान किया गया है तथा BS-IV श्रेणी के व्यावसायिक मालवाहक वाहनो को दिनांक 31 अक्टूबर, 2026 तक सीमित अवधि के लिए दिल्ली में प्रवेश की अनुमति का उल्लेख किया गया है।

उन्होंने बताया कि इसी प्रकार, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 1 नवंबर, 2026 से CNG/इलेक्ट्रिक / BS-VI डीजल श्रेणी के अतिरिक्त अन्य बसों, जिनमें ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट एवं अन्य सेवा व्यवस्थाओं के अन्र्तगत संचालित बसें भी सम्मिलित हैं, को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। उक्त प्रतिबंध दिल्ली में पंजीकृत बसों पर लागू नहीं होगा।

सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) गाजियाबाद अशोक कुमार श्रीवास्तव ने परिवहन यूनियनों एवं वाहन स्वामियों से अपील की गई है कि वे दिल्ली में प्रवेश से पूर्व अपने वाहनों की उत्सर्जन श्रेणी एवं लागू प्रतिबंधों की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि प्रतिबंधित वाहनों के संचालन के कारण होने वाली असुविधा एवं संभावित दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके।

सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल के प्रांगण में वार्षिकोत्सव 2026 "पॉम पॉम शो" 'तारे ज़मीन पर' का हुआ भव्य आयोजन

 


प्री-फाउंडेशन से कक्षा दो तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभा, सृजनशीलता, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास का संदेश दिया

                              मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद 24अक्टूबर 2026। सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल (एस. एल. पी. एस), सीनियर सेकेंडरी शाखा, गाज़ियाबाद में वार्षिकोत्सव 'तारे ज़मीन पर का भव्य आयोजन किया गया। प्री-फाउंडेशन से कक्षा दो तक के नन्हें मुन्हें विद्यार्थियों ने विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रत्येक बच्चे की विशिष्ट प्रतिभा को पहचानने, उसकी अंतर्निहित क्षमताओं को विकसित करने तथा उसे अपनी आकांक्षाओं की पूर्ति करने हेतु प्रोत्साहित करने का संदेश दिया। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य बच्चों की व्यक्तिगत रुचियों, योग्यताओं और भावनाओं का सम्मान करते हुए उनके विकास के महत्त्व को रेखांकित करना रहा।

समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का सम्मान एवं अभिनंदन किया गया तथा विद्यार्थियों द्वारा मधुर संगीत प्रस्तुत कर मुख्य अतिथिगण एवं अभिभावक गण का स्वागत किया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. सुभाष जैन, श्रीमती बबीता जैन, उपाध्यक्ष नमन जैन, कार्यकारी निदेशक रचनात्मक एवं अनुभवात्मक कार्यक्रम सुश्री मोनिका जैन, संस्थापक निदेशक डॉ. माला कपूर, निदेशक प्रशासन प्रणव जैन, निदेशक वित्त डॉ. स्वाति अग्रवाल, प्रधानाचार्या डॉ. गीता जोशी एवं रणनीति, कौशल एवं क्षमता निर्माण के निदेशक डॉ. सी. एस. नायर की गरिमामयी उपस्थिति रही। अभिभावकों एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी समारोह में सहभागिता की।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में बाल्यावस्था की सहज अभिव्यक्ति, सपनों, पारिवारिक संबंधों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को केंद्र में रखकर विविध प्रस्तुतियों दी गई। गणेश वंदना पर आधारित मनोहारी नृत्य से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके पश्चात 'खोल दे पर', 'गिव मी सम सनशाइन', 'मैं कभी बतलाता नहीं' और 'ऑल इज़ वेल जैसे गीतों पर विद्यार्थियों ने आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों के प्रति अभिभावकों की समझ, भावनात्मक सहयोग और प्रोत्साहन की आवश्यकता को उजागर किया गया। साथ ही, यह संदेश दिया गया कि बच्चों पर दूसरों से आगे निकलने का दबाव डालने के बजाय उनकी विशिष्ट क्षमताओं को पहचानकर उन्हें अपने सपनों को साकार करने के अवसर दिए जाने चाहिए।

कार्यक्रम के अगले चरण में विभिन्न प्रेरणादायी व्यक्तित्वों के जीवन, उपलब्धियों और संघर्षों को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया। 'मैथ में डब्बा गुल के माध्यम से महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन की असाधारण प्रतिभा को दर्शाया गया, जबकि 'में राधा तेरी, तू मेरा श्याम' की प्रस्तुति ने प्रख्यात कथक नर्तक पंडित बिरजू महाराज की अनुपम कला-साधना को सम्मानित किया। 'दिल यह ज़िद्दी है' के माध्यम से विश्वविख्यात मुक्केबाज़ मैरी कॉम के संघर्ष, साहस और दृढ़ संकल्प को प्रस्तुत किया गया। वहीं, 'शाबाशियों ने डिस्लेक्सिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा बच्चों की विविध अधिगम क्षमताओं को समझाने और स्वीकार करने का संदेश दिया। उद्योगपति एवं समाजसेवी रतन टाटा के जीवन मूल्यों से प्रेरित 'आशाएँने आशावाद, परिश्रम, दूरदृष्टि और लक्ष्य के प्रति समर्पण की भावना को रेखांकित किया।

समारोह का समापन ठान लिया और बादल पे पाँव हैं गीतों पर आधारित ऊर्जापूर्ण प्रस्तुतियों के साथ हुआ। विद्यार्थियों के उत्साह, आत्मविश्वास, समन्वय और मंचीय कौशल ने उपस्थित दर्शकों को प्रभावित किया। प्रत्येक प्रस्तुति ने इस विचार को सशक्त किया कि हर बच्चे में कोई न कोई विशिष्ट गुण और क्षमता होती है, जिसे उचित मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और प्रोत्साहन के माध्यम से विकसित किया जा सकता है।

इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. सुभाष जैन ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों को अपनी क्षमताओं को पहचानने और उनकी महत्वकांक्षाओं को साकार करने हेतु पर्याप्त समय, विश्वास और प्रोत्साहन देने हेतु प्रेरित किया। उसके उपरांत बच्चों की रुचियों का सम्मान करने तथा उन्हें स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने पर बल दिया। उपाध्यक्ष श्री नमन जैन ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए शिक्षा में सृजनशीलता, अनुशासन और सामूहिक सहयोग की महत्त्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। निदेशक प्रशासन श्री प्रणव जैन ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. गीता जोशी ने अपने संबोधन में बच्चों के विकास हेतु दृढ़ संकल्प, साहस और आत्मविश्वास को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियाँ प्राप्त करना नहीं, बल्कि बच्चों में सृजनात्मकता, भावनात्मक संतुलन, संवेदनशीलता और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करना भी है। उन्होंने बच्चों की व्यक्तिगत विशेषताओं को समझने तथा उन्हें अपनी क्षमताओं के अनुरूप आगे बढ़ने हेतु प्रेरित किया।

वार्षिकोत्सव 'तारे ज़मीन पर' के माध्यम से सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल ने प्रत्येक विद्यार्थी की विशिष्ट प्रतिभा को पहचानने और उसके विकास हेतु अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को दोहराया।

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026

अधिवक्ता परिषद ब्रज का दो दिवसीय अधिवेशन कल से गाजियाबाद मे-श्रद्धा चौहान


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । अधिवक्ता परिषद ब्रज की गाजियाबाद इकाई द्वारा  24-25 अक्टूबर 2026 को पंडित दीनदयाल ऑटोडोरीयम में क्षेत्र अधिवेशन का आयोजन किया जा रहा है।जिसमे पन्द्रह सो से अधिक अधिवक्ता, जज आदि उपस्थित होगे।

यह जानकारी अधिकता परिषद  की अध्यक्ष श्रीमति श्रद्धा चौहान ,महामत्री अरुण कुमार ,वरुण त्यागी उपाध्यक्ष, राजीव गुप्ता कोषाध्यक्ष आदि ने सयुंक्त रुप से प्रेसवार्ता मे दी।

उन्होंने बताया कि अधिकता परिषद जो विधि क्षेत्र में कार्य करने वाले विधिवेत्तागण एवं राष्ट्रवादी अधिवक्ताओं का एक ऐसा संगठन है जो समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय प्रदान किए जाने की चिंता करता है तथा न्यायिक व्यवस्था में सहजता तथा सुगमता आए निरंतर इस प्रयास में लगा रहता है. गाजियाबाद अधिकारी के अध्यक्ष श्रीमती द्वारा बताया गया कि इस आयोजन में उत्तर प्रदेश उत्तराखंड के सभी जनपदों तथा तहसीलों तथा सभी उच्च न्यायालय से लगभग 1200 से अधिक अधिवक्ता रहेंगे. उपस्थित अधिवक्ताओं के द्वारा सात सत्रों में विधि के सभी विषयों पर चर्चा की जाएगी जिनमें एफ.सी.आर.ए. वक्फ अधिनियम, फॉरेंसिक साइंस एवं आर्टिफिशियल का वकालत में उपयोग जैसे तमाम बिंदुओं पर विधिक मंथन होगा. इस अधिवेशन में वक्ताओं के रूप में पटना तथा राजस्थान हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे सत्यानंद झा, गुजरात की गांधीनगर स्थित फोरेंसिक यूनिवर्सिटी से नरेंद्र चौधरी उत्तराखंड से राज्य महिला आयोग तथा बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्षता श्रीमती गीता कंडवाल इसके अतिरिक्त मीडिया क्षेत्र से वरिष्ठ संवाददाता (आजतक) संजय शर्मा, सईद अंसारी जैसे अनेकों वक्ताओं का मार्गदर्शन इन विषयों पर अधिवक्ताओं को प्राप्त होगा. उनके द्वारा बताया गया कि इस अधिवेशन में अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के भी राष्ट्रीय स्तर के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे

प्रेस वार्ता में इकाई महामंत्री अरुण कुमार द्वारा बताया गया कि अधिवक्ता परिषद द्वारा इस प्रकार का क्षेत्र अधिवेशन प्रथम बार किया जा रहा है.

प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से वरुण त्यागी, अनिमेष मित्तल, राजीव गुप्ता अशोक शर्मा, मोहनीश जयंत व अन्य अधिवक्ता गण उपस्थित रहे।



परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य मे हुआ छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित महानाट्य ‘जाणता राजा’ का आयोजन

 





गाज़ियाबाद में 22 से 28 अक्टूबर तक होगा भव्य महानाट्य का आयोजन राष्ट्रचेतना, स्वराज्य और भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का स्मरण

 पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तराखंड़, पद्म भूषण भगत सिंह कोश्यारी, महामण्डलेश्वर स्वामी ईश्वरदास  और विभिन्न विशिष्ट अतिथियों, विभूतियों और गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रहे

अद्वितीय शौर्य और वीरता की प्रतीक वीरांगना कित्तूर की रानी चेन्नम्मा को उनकी जयंती पर परमार्थ निकेतन से नमन         

                             विशेष संवाददाता

ऋषिकेश/गाज़ियाबाद, 23 अक्टूबर 2026। छत्रपति शिवाजी महाराज के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति, सुशासन और स्वराज्य के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से दिव्य प्रेम सेवा मिशन न्यास द्वारा गाज़ियाबाद में भव्य महानाट्य ‘जाणता राजा’ का आयोजन किया गया। आज, 23 अक्टूबर को परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी मुख्य अतिथि के रूप में विशेष रूप से आमंत्रित है। माननीय पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तराखंड़, पद्म भूषण श्री भगत सिंह कोश्यारी जी, महामण्डलेश्वर स्वामी ईश्वरदास जी और विभिन्न विशिष्ट अतिथियों, विभूतियों और गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। 

पद्मविभूषण बाबासाहेब पुरंदरे द्वारा लिखित एवं निर्देशित यह महानाट्य छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रेरणादायी जीवन और उनके राष्ट्रनिर्माण के आदर्शों को मंच पर जीवंत करता है। शिवाजी महाराज का जीवन हमें संदेश देता है कि स्वराज्य अर्थात् राजनीतिक स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, सांस्कृतिक अस्मिता, धर्म-संरक्षण, न्यायपूर्ण शासन और जनकल्याण के प्रति समर्पण भी है।

 आशीष  के नेतृत्व में दिव्य प्रेम सेवा मिशन पिछले लगभग 30 वर्षों से हरिद्वार में कुष्ठ रोग से प्रभावित, अनाथ, असहाय और निराश्रित लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य एवं स्वावलंबन से जुड़े अनेक सेवा-प्रकल्प निःशुल्क संचालित कर रहा है। सेवा कार्यों के विस्तार तथा उत्तर प्रदेश के जनमानस में राष्ट्रचेतना जागृत करने के उद्देश्य से आयोजित यह महानाट्य भारतीय इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के अदम्य शौर्य, दूरदर्शी नेतृत्व और स्वराज्य के संकल्प की गौरवगाथा को जीवंत करता भव्य ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अध्याय का सजीव चित्रण है।यह महानाट्य दर्शकों को शिवाजी महाराज के युग की प्रेरणादायी यात्रा पर ले जाता है।

छत्रपति शिवाजी महाराज केवल एक वीर योद्धा ही नहीं, बल्कि कुशल प्रशासक, दूरदर्शी राष्ट्रनायक और लोककल्याणकारी शासक भी थे। उन्होंने प्रतिकूल परिस्थितियों में अदम्य साहस, नीति, शौर्य और आत्मविश्वास के बल पर स्वराज्य की स्थापना की। उनकी शासन-व्यवस्था न्याय, सुशासन, जनकल्याण और     सांस्कृतिक गौरव के आदर्शों से प्रेरित थी। उनके लिए सत्ता नहीं, जनसेवा सर्वाेपरि थी। ‘जाणता राजा’ स्वराज्य, राष्ट्रधर्म, संस्कृति और आत्मगौरव की चेतना जागृत करने वाला एक महान सांस्कृतिक अनुभव है, जो आज की पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है।

छत्रपति शिवाजी महाराज युवाओं के लिए साहस, नेतृत्व, आत्मसम्मान और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध की प्रेरणा है। उनका व्यक्तित्व संदेश देता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प, दूरदृष्टि और जनकल्याण की भावना से इतिहास की दिशा बदली जा सकती है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का बोध भी कराते हैं।

अद्वितीय शौर्य और वीरता की प्रतीक वीरांगना कित्तूर की रानी चेन्नम्मा को उनकी जयंती पर परमार्थ निकेतन से नमन। अंग्रेज़ी हुकूमत की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध उनका साहसिक संघर्ष भारत के इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय है। 

मातृभूमि की स्वतंत्रता और सम्मान की रक्षा के लिए उनका अडिग संकल्प भारतीय नारी शक्ति और राष्ट्रभक्ति की अमर मिसाल है। उनका पराक्रम और त्याग पीढ़ियों को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने तथा राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखने की प्रेरणा देता रहेगा।

‘जाणता राजा’ महानाट्य के माध्यम से स्वराज्य, संस्कृति, साहस और राष्ट्रगौरव की उस चेतना को पुनः जागृत करने का एक अद्भुत प्रयास है। यह आयोजन इतिहास को स्मरण करने के साथ-साथ उससे प्रेरणा लेकर वर्तमान और भविष्य के भारत के निर्माण का संकल्प लेने का अवसर भी है।