शुक्रवार, 25 सितंबर 2026

महापौर, नगर आयुक्त ने 157 घंटे लगातार चलने वाले महासफाई अभियान का शुभारंभ किया,छात्राओं, सफाई कर्मचारियों को किया सम्मानित

 








शहर की स्वच्छता हम सबकी जिम्मेदारी- महापौर

जन-जन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेगा निगम, 5200 सफाई मित्रों की बनाई गई टीम-नगर आयुक्त

गाजियाबाद।  नगर निगम द्वारा महा सफाई अभियान की शुरुआत की गई मोहन नगर जोन राजेंद्र नगर पहुंचकर महापौर सुनीता दयाल तथा नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की उपस्थिति में 157 घंटे लगातार चलने वाले महासफाई अभियान का शुभारंभ किया गया, मौके पर नगर आयुक्त द्वारा उपस्थित छात्र-छात्राओं, सामाजिक संस्थाओं, शहर निवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया, उत्साहवर्धन किया गया।

महापौर ने बताया गया कि स्वच्छता हर घर की जिम्मेदारी है जिसमें छात्राओं का विशेष सहयोग शहर को मिल रहा है, गाजियाबाद नगर निगम द्वारा 157 घंटे का महा अभियान शुरू किया गया है जो की दिन-रात लगातार चलेगा जिसमें न केवल निगम की सफाई मित्र अपनी भूमिका निभाएंगे बल्कि शहर हित में हर घर को अपनी भूमिका निभाई है शहर की स्वच्छता सामूहिक जिम्मेदारी है, महापौर द्वारा उपस्थित जनों को शुभकामनाएं दी गई तथा निगम का सहयोग करने वाली संस्थाओं को सम्मानित किया गया।

नगर आयुक्त ने बताया गया की 2 अक्टूबर तक महासफाई अभियान चलेगा जिसकी शुरुआत मोहन नगर से हुई है सभी जोन में दिन-रात लगातार सफाई का अभियान चलेगा, 5200 सफाई मित्रों की ड्यूटी लगाई गई है जिसमें टीम बनाकर सभी जोन में दिन-रात सफाई होगी, व्यापारी वर्ग का विशेष सहयोग लिया जाएगा, 100 वार्डों में जन सहयोग तथा माननीय पार्षदों के सहयोग से अभियान को सफल बनाया जाएगा मौके पर उपस्थित जनों को नगर आयुक्त द्वारा प्रशस्ति पत्र भेंट कर स्वच्छता के प्रति प्रोत्साहित किया गया।

गाजियाबाद नगर निगम द्वारा 157 घंटे का महा सफाई अभियान शुरू किया गया जिसमें मोहन नगर जोन राजेंद्र नगर में सफाई के साथ शुरुआत की गई, मौके पर क्षेत्रीय पार्षद कविता भाटी, पार्षद प्रमोद राघव उपस्थित रहे, गाजियाबाद नगर निगम द्वारा जन-जन को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है, महापौर तथा नगर आयुक्त द्वारा शहर वासियों से स्वच्छता की अपील की गई
















भारतीय वैश्य ग्लोबल फाउंडेशन ने टैक्स ऑडिट की तिथि 31 अक्टूबर तक बढ़ाने की मांग; सीबीडीटी को सौंपा ज्ञापन


मुकेश गुप्ता

गाज़ियाबाद, 25 सितंबर 2026। भारतीय वैश्य ग्लोबल फाउंडेशन ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) से धारा 44AB के अंतर्गत कर निर्धारण वर्ष 2026-27 की टैक्स ऑडिट रिपोर्ट एवं अन्य ऑडिट रिपोर्टों (फॉर्म 10B, 10BB सहित) की अंतिम तिथि 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026, तथा ऑडिट मामलों में रिटर्न की तिथि 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 30 नवंबर 2026 करने की मांग की है। फाउंडेशन ने सीए एसोसिएशन जालंधर, राजस्थान टैक्स कंसल्टेंट्स एसोसिएशन और AIMTPA सहित अन्य संगठनों के ज्ञापनों का भी समर्थन किया है।

फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीए डॉ. विनय मित्तल ने बताया कि इस वर्ष ऑडिट का समय कई कारणों से अत्यंत सीमित रहा. उन्होंने बताया कि आईसीएआई ने गैर-कॉर्पोरेट इकाइयों (₹5 करोड़ से अधिक टर्नओवर) के लिए नया लेखा प्रारूप 31 मार्च 2026 को, वर्ष के अंतिम दिन, अनिवार्य किया।

आईटीआर फॉर्म और यूटिलिटी देर से आए और बार-बार बदले; आईटीआर-6 की यूटिलिटी 20 अगस्त को आई तथा आईटीआर-3/5 की यूटिलिटी 1 सितंबर को फिर संशोधित हुई।

गैर-ऑडिट रिटर्न की तिथि 31 अगस्त होने से ऑडिट के लिए केवल एक माह बचा

एमसीए की CCFS-2026 योजना 15 सितंबर तक चली, जिसके फॉर्म भी इन्हीं सीए को तैयार करने पड़े।

पर्युषण एवं दशलक्षण पर्व (8–25 सितंबर) ऑडिट माह के 18 दिनों में पड़े।

दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान आदि में भारी वर्षा व जलभराव से कामकाज बाधित रहा।

पोर्टल पर लॉगिन, ओटीपी, डीएससी और फॉर्म 3CD वैलिडेशन की समस्याएँ बनी रहीं।

सितंबर में जीएसटी, टीडीएस, अग्रिम कर, ईपीएफ/ईएसआई जैसी अन्य देयताएँ रहीं; साथ ही यह पहला सितंबर है जिसमें आयकर अधिनियम 1961 और 2025, दोनों के अनुपालन साथ-साथ करने पड़े।

बैंक हड़ताल: 11 सितंबर 2026 को एक दिवसीय हड़ताल हो चुकी है और 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल प्रस्तावित है, जो ठीक अंतिम तिथि के सप्ताह में है। इससे बैंक स्टेटमेंट, बैलेंस कन्फर्मेशन व कर भुगतान प्रभावित होने की आशंका है। 

फाउंडेशन ने कहा कि तिथि बढ़ाने से राजस्व की कोई हानि नहीं होगी, क्योंकि कर अग्रिम कर व स्व-निर्धारण कर से जमा होता है; आवश्यकता हो तो धारा 234A का ब्याज जारी रखा जा सकता है। इसके विपरीत, जल्दबाज़ी के ऑडिट से संशोधित रिपोर्ट, नोटिस और मुकदमेबाज़ी बढ़ती है। बोर्ड ने पिछले वर्ष भी यह तिथि 31 अक्टूबर 2025 तक बढ़ाई थी।

फाउंडेशन ने यह भी मांग की है कि निर्णय तुरंत आधिकारिक आदेश से घोषित किया जाए, फॉर्म 3CEB/ट्रांसफर प्राइसिंग मामलों को भी राहत मिले, अगले वर्ष से सभी आईटीआर फॉर्म व यूटिलिटी 30 अप्रैल तक जारी कर स्थिर किए जाएँ, तथा ऑडिट रिपोर्ट हेतु 31 अक्टूबर और रिटर्न हेतु 30 नवंबर की तिथि स्थायी रूप से तय की जाए।

सीए डॉ. विनय मित्तल ने कहा, "करदाताओं को धार्मिक आस्था और अनुपालन के बीच चुनाव के लिए विवश नहीं किया जाना चाहिए। अंतिम सप्ताह में बैंक बंद रहने की आशंका के बीच समयसीमा पर अड़े रहना व्यावहारिक नहीं है। हमें विश्वास है कि बोर्ड लाखों ईमानदार करदाताओं के हित में शीघ्र निर्णय लेगा।"

संपर्क:

सीए डॉ. विनय मित्तल, राष्ट्रीय अध्यक्ष

भारतीय वैश्य ग्लोबल फाउंडेशन, गाज़ियाबाद

मोबाइल: 9310556351

गणेश विसर्जन-विसर्जन से सर्जन की यात्रा, राष्ट्रसेवा और जनकल्याण को जीवन का ध्येय बनाने वाले महान चिंतक एवं युगद्रष्टा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर परमार्थ निकेतन से भावभीनी श्रद्धाजंलि



संवाददाता

ऋषिकेश, 25 सितम्बर। परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती  और डा साध्वी भगवती सरस्वती  ने अनंत चतुदर्शी की शुभकामनायें देते हुये कहा कि श्री गणेश विसर्जन अंत नहीं है, विसर्जन तो नये सर्जन की शुरुआत है। मंगलमूर्ति, प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा को हम श्रद्धा, प्रेम और भक्ति के साथ अपने घरों और पूजा स्थलों में स्थापित करते हैं। 14 दिनों तक उनकी पूजा-अर्चना करते हैं, प्रार्थना करते हैं, उनसे सुख, शांति, समृद्धि, बुद्धि और मंगल का आशीर्वाद मांगते हैं और फिर उसी प्रेम एवं श्रद्धा के साथ उनकी प्रतिमा का विसर्जन करते हैं।

परमार्थ निकेतन में देश विदेश से आये श्रद्धालुओं ने पूज्य स्वामी जी के साथ अनंत चतुदर्शी मनायी। इस पावन परम्परा के बीच एक महत्वपूर्ण प्रश्न हमारे सामने आता है, विसर्जन के बाद हमारे जीवन में क्या नया जन्म लेता है? क्या विसर्जन केवल एक प्रतिमा के जल में विलीन होने तक सीमित रह जाए, या यह हमारे भीतर और हमारे आसपास किसी नये जीवन, नयी चेतना और नये संकल्प के सर्जन का माध्यम बने?

इसी भाव के साथ परमार्थ निकेतन से पूज्य स्वामी जी ने संदेश दिया कि हमारी परम्पराएँ ऐसी हों जो प्रकृति को भी बचाएँ, संस्कृति को भी सहेजें और आने वाली पीढ़ियों को भी सुरक्षित रखें।

आज आवश्यकता है कि हम अपनी श्रद्धा को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी से जोड़ें। गणेश जी की प्रतिमाओं के निर्माण में ऐसे प्राकृतिक एवं पर्यावरण-अनुकूल माध्यमों का प्रयोग किया जा सकता है, जिनमें किसी औषधीय पौधे, फलदार वृक्ष या उपयोगी वनस्पति का बीज सुरक्षित रूप से रखा जाए। विसर्जन के पश्चात जब प्रतिमा प्रकृति में विलीन हो, तो उसमें निहित बीज धरती में रोपा जाए और उससे एक नये पौधे का जन्म हो।

तब गणेश विसर्जन केवल मूर्ति का विसर्जन नहीं रहेगा, वह एक नये जीवन का सर्जन बन जाएगा। एक प्रतिमा जल में विलीन होगी और उसी प्रक्रिया से धरती पर एक पौधा जन्म लेगा। एक रूप समाप्त होगा और दूसरा रूप प्रकट होगा। यही तो प्रकृति का शाश्वत नियम है, विसर्जन से सर्जन, अंत से आरम्भ और परिवर्तन से नवजीवन।

इस श्रीगणेश विसर्जन पर हम केवल प्रतिमा का विसर्जन न करें, बल्कि अपने भीतर की उन वृत्तियों का भी विसर्जन करें जो हमारे जीवन और समाज को कमजोर करती हैं।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि इस अनंत चतुदर्शी हम अपने अहंकार का विसर्जन करें, विनम्रता का सर्जन करें। नकारात्मकता का विसर्जन करें, सकारात्मकता का सर्जन करें। नेगेटीव नेरेटीव का विसर्जन करें, प्रदूषण का विसर्जन करें और      प्रकृति-संरक्षण का सर्जन करें।

परमार्थ निकेतन का आह्वान है कि इस बार गणेश विसर्जन को एक ऐसे संकल्प से जोड़ें, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आशीर्वाद बन सके। प्रत्येक परिवार, विद्यालय, संस्था और समुदाय अपने स्तर पर पर्यावरण-अनुकूल गणेश उत्सव मनाने का संकल्प ले। प्राकृतिक सामग्री से निर्मित प्रतिमाओं को अपनाएँ, जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाएँ और विसर्जन के बाद बीजों को धरती में रोपकर एक गणेश प्रतिमा से एक नये जीवन के सर्जन की यात्रा प्रारम्भ करें।

गणपति बप्पा हमें छोड़कर नहीं जाते। वे हमारे भीतर एक नई चेतना, नया संकल्प और नये जीवन का सर्जन करके जाते हैं। आइए, इस अनंत चतुर्दशी पर हम संकल्प लें, विसर्जन को सर्जन से जोड़ें, श्रद्धा को सेवा से जोड़ें, परम्परा को प्रकृति-संरक्षण से जोड़ें और आज के उत्सव को आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ें।

गुरुवार, 24 सितंबर 2026

जीडीए की 174वीं बोर्ड बैठक में शहर के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से लगी बोर्ड की मुहर,अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से लेकर हरनन्दीपुरम की विशाल आवासीय योजना तक—आवास, रोजगार, निवेश, अवस्थापना, खेल एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी







मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की 174वीं बोर्ड बैठक आज दिनांक 24 सितम्बर 2026 को आयुक्त मेरठ मण्डल एवं बोर्ड के अध्यक्ष भानु चन्द्र गोस्वामी की अध्यक्षता में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के कॉन्फ्रेंस हॉल में सम्पन्न हुई। इस  बैठक में  जिलाधिकारी गाजियाबाद  रविन्द्र कुमार मांदड़, जिलाधिकारी हापुड़ श्रीमती कविता मीना, उपाध्यक्ष GDA नंद किशोर कलाल, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मालिक, संयुक्त निदेशक कोषागार एवं पेंशन मेरठ मंडल सतीश कुमार, प्रतिनिधि CTCP एंड चीफ coordinator planner NCR Cell Ghaziabad  विशाल भारती , क्षेत्रीय प्रबंधक UPSIDA प्रदीप कुमार सत्यार्थी उपस्थित रहे | इसके अतिरिक्त प्राधिकरण बोर्ड के नामित सदस्य केशव त्यागी एवं पवन गोयल उपस्थित रहे | बैठक में गाजियाबाद के वर्तमान एवं भावी शहरी विकास को नई दिशा देने वाले महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा एवं विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के उपरान्त बैठक में प्रस्तुत प्रस्तावों पर बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से अपनी स्वीकृति प्रदान करते हुए मुहर लगाई गई। बैठक के एजेंडे में आवासीय योजनाओं, बड़े टाउनशिप विकास, भू-उपयोग परिवर्तन, औद्योगिक विकास, प्राधिकरण की संपत्तियों के बेहतर उपयोग, अवस्थापना सुविधाओं तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषय सम्मिलित रहे।


 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से गाजियाबाद को मिलेगी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान, खेल के साथ बढ़ेंगे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के अवसर

जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने बताया कि 174वीं बोर्ड बैठक में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रस्ताव में उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) के स्वामित्व वाली भूमि को Land Pooling के माध्यम से प्राप्त किए जाने तथा स्टेडियम निर्माण के लिए Draft MOU एवं Feasibility Report से संबंधित कार्यवाही शामिल थी। प्रस्ताव पर विस्तृत विचार-विमर्श के उपरान्त बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम के विकसित होने से गाजियाबाद को एक बड़ी खेल सुविधा प्राप्त होने के साथ-साथ शहर की पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती मिलने की संभावना है। बड़े खेल आयोजनों के दौरान खिलाड़ियों, दर्शकों, मीडिया एवं अन्य आगंतुकों की आवाजाही बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन, स्थानीय व्यापार, हॉस्पिटैलिटी, पर्यटन तथा अन्य सेवा क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने बताया कि इसके साथ ही खेल से जुड़े प्रशिक्षण, स्थानीय खेल प्रतिभाओं को अवसर, विभिन्न सहायक सेवाओं तथा आयोजन प्रबंधन से जुड़े रोजगार के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं। इस दृष्टि से प्रस्तावित स्टेडियम को केवल खेल परिसर के रूप में नहीं, बल्कि गाजियाबाद की अर्थव्यवस्था, शहरी पहचान और भविष्य की गतिविधियों को गति देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में देखा जा सकता है।

 हरनन्दीपुरम—501.2173 हेक्टेयर में विकसित होने वाली नई आवासीय योजना से गाजियाबाद के भविष्य के आवासीय विस्तार को मिलेगी नई दिशा

बोर्ड बैठक में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की नई आवासीय योजना ‘हरनन्दीपुरम’ से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की गई। योजना का प्रस्तावित कुल क्षेत्रफल 501.2173 हेक्टेयर है। प्रथम चरण में ग्राम भोवापुर एवं शाहपुर निज मोरटा में प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहीत 47.1612 हेक्टेयर भूमि में से 24.1213 हेक्टेयर भूमि के भू-उपयोग को महायोजना-2031 में ‘कृषि’ से ‘आवासीय’ किए जाने से संबंधित प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के उपरान्त बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।

जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने बताया कि योजना के प्रथम चरण का तलपट मानचित्र लगभग 49.62 हेक्टेयर क्षेत्रफल के लिए तैयार किया गया है। सड़क चौड़ीकरण, जोनल रोड एवं अन्य आवश्यक प्रावधानों के बाद लगभग 25.40 हेक्टेयर नेट स्कीम एरिया में आवासीय,व्यावसायिक व अन्य सुविधाओं को सम्मिलित किया गया है। इस नेट क्षेत्रफल में लगभग 50.18 प्रतिशत आवासीय, 6.30 प्रतिशत वाणिज्यिक, 5.46 प्रतिशत सामुदायिक सुविधाएं, 7.42 प्रतिशत क्षेत्रीय मनोरंजन/ग्रीन तथा 30.66 प्रतिशत यातायात के लिए प्रावधान दर्शाया गया है।

उन्होंने बताया कि ,योजना में आवासीय उपयोग के साथ-साथ वाणिज्यिक क्षेत्र, सामुदायिक सुविधाएं, सामाजिक सुविधाएं, हरित एवं मनोरंजन क्षेत्र तथा यातायात के लिए पर्याप्त स्थान प्रस्तावित किया गया है। इस प्रकार हरनन्दीपुरम केवल आवासीय कॉलोनी के रूप में नहीं, बल्कि आवास एवं आवश्यक नगरीय सुविधाओं को एक साथ विकसित करने वाली योजनाबद्ध शहरी इकाई के रूप में आकार लेगी।

 इन्दिरापुरम में 5,965.29 वर्गमीटर भूमि का आवासीय उपयोग—विकसित क्षेत्र में बढ़ती आवासीय मांग को मिलेगा समर्थन

बोर्ड बैठक में इन्दिरापुरम योजना के शक्तिखण्ड-4 स्थित होटल भूखंड संख्या SK-IV-01, क्षेत्रफल 5,965.29 वर्गमीटर के भू-उपयोग को ‘होटल (व्यावसायिक)’ से ‘आवासीय (ग्रुप हाउसिंग)’ में परिवर्तित करने तथा तलपट मानचित्र में आंशिक संशोधन से संबंधित प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की गई। चर्चा के बाद बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

इन्दिरापुरम जैसे पूर्ण विकसित एवं उच्च आवासीय मांग वाले क्षेत्र में उपलब्ध भूमि का आवासीय उपयोग किए जाने से आवासीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। इससे विकसित शहरी क्षेत्र में उपलब्ध भूमि का अधिक उपयोगी एवं आवश्यकता आधारित नियोजन संभव होगा तथा आवासीय इकाइयों की उपलब्धता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

 कोयल एन्क्लेव एवं इन्द्रप्रस्थ में आवासीय विकल्पों का विस्तार—प्लॉटेड डेवलपमेंट से नागरिकों को मिलेंगे अधिक लचीले आवासीय विकल्

बोर्ड एजेंडे में कोयल एन्क्लेव आवासीय योजना के ग्रुप हाउसिंग भूखंडों के उपयोग को प्लॉटेड डेवलपमेंट में परिवर्तित करने से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। इनमें एक प्रमुख भूखंड का क्षेत्रफल 12,868.88 वर्गमीटर तथा दूसरा 2,020 वर्गमीटर है।


इसी क्रम में इन्द्रप्रस्थ आवासीय योजना के भूखंड संख्या GH-08, क्षेत्रफल 4,353 वर्गमीटर के संबंध में भी ग्रुप हाउसिंग के स्थान पर प्लॉटेड डेवलपमेंट—एकल/बहु-आवासीय इकाइयों—की अनुमति से संबंधित तलपट मानचित्र संशोधन के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। विस्तृत विचार-विमर्श के उपरान्त इन प्रस्तावों को भी बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।

इन क्षेत्रों में आवासीय विकास को स्थानीय परिस्थितियों एवं उपलब्ध अवस्थापना के अनुरूप अधिक व्यवहारिक बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। विशेष रूप से कम ऊंचाई वाले आवासीय विकास से उन नागरिकों के लिए विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं जो बहुमंजिला अपार्टमेंट के स्थान पर स्वतंत्र अथवा कम ऊंचाई वाले आवासीय विकल्प पसंद करते हैं।

 *वेव सिटी में भूमि उपयोग का बेहतर नियोजन—आवासीय एवं व्यावसायिक विकास के साथ सुविधाओं का विस्तार* 


बैठक में वेव सिटी के स्वीकृत तलपट मानचित्र से संबंधित प्रस्ताव पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इसमें सेक्टर-1 के लगभग 8,035.44 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले PSP भूखंड तथा लगभग 14,756.86 वर्गमीटर के कमर्शियल भूखंड से संबंधित भू-उपयोग परिवर्तन का विषय शामिल था। प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के उपरान्त बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।

भूमि उपयोग में आवश्यक संशोधन एवं वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप नियोजन से विकसित क्षेत्र में उपलब्ध भूमि का अधिक प्रभावी उपयोग संभव होगा। इससे भविष्य में वाणिज्यिक गतिविधियों, सार्वजनिक सुविधाओं और सहायक शहरी सेवाओं के विकास को बेहतर आधार मिलेगा।


 *सनसिटी के बड़े टाउनशिप विकास को मिलेगी नियोजित गति—2,420.11 एकड़ के व्यापक क्षेत्र में चरणबद्ध विकास का आधार* 


174वीं बोर्ड बैठक में ‘सनसिटी’ टाउनशिप के संशोधित क्षेत्रफल 2,420.11 एकड़ की DPR के अंतर्गत प्रथम चरण में 589.02 एकड़ क्षेत्रफल के तलपट मानचित्र की स्वीकृति से संबंधित प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की गई। चर्चा के बाद बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।


जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने बताया कि इतने बड़े क्षेत्र में नियोजित टाउनशिप विकास का प्रभाव केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा। इसके साथ सड़क, जल निकासी, हरित क्षेत्र, सामुदायिक सुविधाएं, वाणिज्यिक गतिविधियां एवं अन्य नगरीय सेवाओं का चरणबद्ध विकास संभव होगा।

 हसनपुर लोढ़ा में 13.1568 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक विकास की दिशा में—MSME एवं रोजगार के अवसरों को मिलेगा प्रोत्साहन

बोर्ड एजेंडे में ग्राम हसनपुर लोढ़ा, तहसील धौलाना, जनपद हापुड़ की कुल 13.1568 हेक्टेयर भूमि को ‘कृषि’ से ‘औद्योगिक’ भू-उपयोग में परिवर्तित किए जाने के प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की गई। यह प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रोत्साहन नीति-2022 के अंतर्गत था। चर्चा के उपरान्त बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

औद्योगिक उपयोग के लिए नियोजित भूमि उपलब्ध होने से क्षेत्र में MSME गतिविधियों, निवेश एवं रोजगार को बढ़ावा देने का आधार तैयार हो सकेगा।

 शाहपुर बम्हैटा में सनराइज ग्रीन इंटीग्रेटेड टाउनशिप—संशोधित DPR के माध्यम से विकास को मिलेगी व्यवहारिक दिशा

बोर्ड बैठक में शाहपुर बम्हैटा स्थित सनराइज ग्रीन इंटीग्रेटेड टाउनशिप की पूर्व स्वीकृत 300 एकड़ की DPR को संशोधित कर लगभग 252.32 एकड़ क्षेत्रफल के लिए पुनरीक्षित DPR को स्वीकृति दिए जाने से संबंधित प्रस्ताव पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के बाद बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

संशोधित DPR के माध्यम से क्षेत्र की वास्तविक विकास क्षमता, उपलब्ध भूमि तथा नियोजन आवश्यकताओं के अनुरूप टाउनशिप के विकास को आगे बढ़ाने का आधार मिलेगा।

 मधुबन-बापूधाम में निर्माणाधीन 198 दो-BHK आवासीय भवनों के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

गाजियाबाद की महत्वपूर्ण विकसित योजनाओं में शामिल मधुबन-बापूधाम योजना के अंतर्गत भूखंड संख्या GH-2 पार्ट पर निर्माणाधीन 198 दो-BHK भवनों से संबंधित प्रस्ताव पर भी बोर्ड में विस्तृत चर्चा की गई। इसमें परियोजना का मूल्यांकन कराकर ‘जैसा है जहां है’ के आधार पर ई-नीलामी किए जाने की दिशा में विचार किया गया। विस्तृत चर्चा के उपरान्त बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

इस पहल से पहले से निर्मित आवासीय परिसंपत्ति का बेहतर उपयोग संभव होगा। साथ ही ई-नीलामी के माध्यम से नागरिकों को उपलब्ध आवासीय संपत्तियों तक पहुंच का अवसर मिल सकता है और प्राधिकरण की परिसंपत्तियों का प्रभावी आर्थिक उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

 गाजियाबाद के समग्र एवं भविष्य उन्मुख विकास की मजबूत आधारशिला

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की 174वीं बोर्ड बैठक में प्रस्तुत विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा एवं गहन विचार-विमर्श के उपरान्त सर्वसम्मति से बोर्ड की मुहर लगना शहर के नियोजित एवं समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हरनन्दीपुरम जैसी नई आवासीय योजना भविष्य की आवासीय आवश्यकताओं के लिए नियोजित आधार तैयार करेगी, इन्दिरापुरम, कोयल एन्क्लेव एवं इन्द्रप्रस्थ में भूमि का बेहतर उपयोग आवासीय विकल्पों को बढ़ाएगा, सनसिटी एवं सनराइज ग्रीन जैसी बड़ी टाउनशिप परियोजनाएं शहर के विस्तार को योजनाबद्ध स्वरूप देंगी, औद्योगिक उपयोग से रोजगार एवं निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा और प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम गाजियाबाद को खेल के साथ-साथ पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, व्यापार एवं सेवा क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का आधार बनेगा। इस प्रकार 174वीं बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से स्वीकृत प्रस्ताव गाजियाबाद को अधिक व्यवस्थित, आधुनिक, सुविधायुक्त, आर्थिक रूप से सक्रिय और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी कदम सिद्ध होंगे।

एशियन गेम्स 2026 में भारत की विजय को परमार्थ निकेतन की ओर से सभी खिलाडियों को दी अनेकानेक शुभकामनायें

 




संवाददाता

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने भारतीय खिलाड़ियों की गौरवपूर्ण उपलब्धियों हेतु बधाईयाँ दी

माँ गंगा की आज की आरती खिलाड़ियों की विजय को की समर्पित

ऋषिकेश, 24 सितंबर 2026। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा देश का गौरव बढ़ाने का सिलसिला निरंतर जारी है। खेल मैदान से लेकर जल की लहरों और लक्ष्यभेद की एकाग्रता तक, भारत के युवा खिलाड़ी अपने परिश्रम, अनुशासन, साहस और संकल्प से तिरंगे की शान बढ़ा रहे हैं। इन गौरवपूर्ण उपलब्धियों पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश की ओर से समस्त भारतीय खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ अर्पित की गईं।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने आज की पावन गंगा आरती, एशियन गेम्स में भारत के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों और देश की युवा शक्ति को समर्पित करते हुए कहा कि जब कोई भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लेकर खड़ा होता है, तब उसके साथ केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आशा, प्रार्थना और गौरव खड़ा होता है।

उन्होंने कहा कि “खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वयं पर विजय प्राप्त करने की साधना है। खिलाड़ी हमें सिखाते हैं कि एकाग्रता, अनुशासन, तप, त्याग और निरंतर अभ्यास से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। आज एशियन गेम्स में भारत का तिरंगा जिस ऊँचाई पर लहरा रहा है, उसके पीछे हमारे खिलाड़ियों की वर्षों की साधना और पूरे राष्ट्र की शक्ति है।”

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज की गंगा आरती उन सभी भारतीय खिलाड़ियों को समर्पित है, जिन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत का मान बढ़ाया है। उन्होंने माँ गंगा से प्रार्थना की कि सभी खिलाड़ी स्वस्थ रहें, निरंतर आगे बढ़ें और अपने खेल तथा अपने संकल्प से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहें।

शूटिंग के स्कीट मिश्रित टीम मुकाबले में परिनाज़ धालीवाल और अनंतजीत सिंह नरूका ने कांस्य पदक जीतकर भारत के पदक अभियान में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जोड़ा। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 44 अंक हासिल कर पोडियम स्थान प्राप्त किया।

परमार्थ निकेतन की ओर से दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा गया कि लक्ष्य पर केंद्रित दृष्टि और मन की एकाग्रता ही सफलता की आधारशिला है। उनका यह प्रदर्शन देश के उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है जो अपने सपनों को साधना और परिश्रम से साकार करना चाहते हैं।

भारत की नाओरेम रोशिबिना देवी ने महिला 60 किग्रा सांडा स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। यह उनकी लगातार तीसरी एशियन गेम्स पदक उपलब्धि है। 

पूज्य स्वामी जी ने रोशिबिना देवी को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सच्चा योद्धा वही है जो हर परिस्थिति में अपने संकल्प को जीवित रखे। उनकी यात्रा साहस, अनुशासन और आत्मविश्वास की प्रेरक कहानी है।

रोइंग के पुरुष डबल स्कल्स में सतनाम सिंह और सलमान खान ने कांस्य पदक जीतकर भारत को गौरवान्वित किया। दोनों ने फाइनल में इस स्पर्धा में भारत का पहला एशियन गेम्स पदक हासिल किया।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि जल पर उनकी गति और लय केवल खेल की सफलता नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि जब दो संकल्प एक दिशा में, एक लय में और एक लक्ष्य के साथ आगे बढ़ते हैं, तो विजय की धारा स्वयं मार्ग बनाती है।

उन्होंने खिलाड़ियों के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि भारत के खिलाड़ी आज दुनिया को यह संदेश दे रहे हैं कि भारत की युवा शक्ति में सामर्थ्य भी है, संस्कार भी हैं और संकल्प भी है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भारत के लिए खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण की साधना हैं। मैदान पर खिलाड़ी जिस अनुशासन, धैर्य और आत्मसंयम का परिचय देते हैं, वही गुण जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता की नींव बनते हैं।

उन्होंने देश के अभिभावकों और युवाओं से आह्वान किया कि बच्चों को केवल परीक्षा और करियर तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें खेल, योग, ध्यान, सेवा और संस्कार से भी जोड़ें। स्वस्थ शरीर, शांत मन और मजबूत चरित्र ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण करते हैं।

परमार्थ निकेतन माँ गंगा के पावन तट से आज प्रार्थना की गई कि भारत का तिरंगा विश्व के हर खेल मैदान में गौरव के साथ लहराता रहे, भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिभा को नई ऊँचाइयाँ मिलें और उनकी विजय से देश के करोड़ों युवाओं में स्वस्थ जीवन, अनुशासन, खेल भावना और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा जागृत हो।

बुधवार, 23 सितंबर 2026

दिव्यांग दुकानदार ने पुलिसकर्मियों पर अभद्रता, धमकी और रुपये ले जाने के लगाए गंभीर आरोप

         

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार जहां दिव्यांगजनों और निराश्रित लोगों को रोजगार सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए योजनाएं चला रही है, वहीं विजयनगर थाना क्षेत्र के सिद्धार्थ विहार स्थित गंगाजल चौकी क्षेत्र में एक दिव्यांग दुकानदार ने पुलिसकर्मियों पर अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज, धमकी देने और रुपये ले जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

दिव्यांगजन निराश्रित सर्व उत्थान सेवा समिति के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिए गए शिकायती पत्र में कांशीराम आवास योजना, प्रताप विहार निवासी दिनेश कुमार पुत्र स्वर्गीय घीसाराम ने बताया कि 20 सितंबर को वह गंगा-जमुना अपार्टमेंट के पास ब्रह्मपुत्र रोड, सिद्धार्थ विहार स्थित अपनी खोखा नुमा दुकान पर बैठा हुआ था।

शिकायत के अनुसार, करीब सुबह 11:30 बजे एक सफेद रंग की कार उसकी दुकान के सामने आकर रुकी। कार से उतरा एक व्यक्ति कुछ देर दुकान के सामने खड़ा रहा और इसके बाद दुकान के अंदर आ गया। दिनेश कुमार का आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने सबसे पहले उसका मोबाइल फोन ले लिया, जिससे वह किसी को फोन न कर सके और कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग भी न कर पाए।

दिनेश के मुताबिक, उक्त व्यक्ति ने दुकान से सिगरेट ली, लेकिन उसके पैसे नहीं दिए। उसने स्वयं को डीपी सिंह, चौकी इंचार्ज बताया। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त व्यक्ति पुलिस की वर्दी में नहीं था। वर्दी के संबंध में पूछने पर उसने स्वयं को सिविल ड्रेस में होना बताया।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दुकान लगाने की अनुमति के संबंध में पूछताछ के दौरान दिनेश ने अधिकारियों से मिली अनुमति की जानकारी दी और अनुमति पत्र दिखाया। इसके बाद कथित रूप से उसके साथ गाली-गलौज की गई और उस पर गांजा बेचने का आरोप लगाया गया, जिसे दिनेश ने पूरी तरह गलत बताया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, इसके बाद उक्त व्यक्ति ने फोन कर दो पुलिसकर्मियों को बुलाया, जिनमें से एक का नाम आरिफ अली बताया गया है। इसके बाद कथित रूप से दुकान की तलाशी ली गई और सामान को इधर-उधर फैला दिया गया। दिनेश का आरोप है कि उसकी जेब और गल्ले की भी तलाशी ली गई तथा उसे मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी गई।

दिनेश कुमार ने आरोप लगाया है कि करीब आधे घंटे तक उसके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया गया तथा उसके गल्ले से लगभग 4,000 से 5,000 रुपये निकालकर ले लिए गए। साथ ही कथित रूप से धमकी दी गई कि यदि उसने शिकायत की तो उसके साथ बुरा व्यवहार किया जाएगा।

शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के बाद वह डर के कारण अगले दिन अपनी दुकान भी नहीं खोल सका और किसी को घटना बताने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। बाद में हिम्मत करके उसने मामले की जानकारी दिव्यांगजन निराश्रित सर्व उत्थान सेवा समिति के पदाधिकारियों को दी।

सोमवार, 21 सितंबर 2026

तीरथ सिंह रावत का गाजियाबाद में हुआ भव्य स्वागत, दर्जनों सामाजिक संगठनों ने किया सम्मान, राष्ट्रीय निर्माण में समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी :तीरथ सिंह रावत

 





मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व सांसद  तीरथ सिंह रावत के सोमवार को गाजियाबाद आगमन पर क्लाउड 9 कम्पाउंड, मेरठ रोड स्थित “भारत का बदलता शासन” दैनिक समाचार पत्र कार्यालय में भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक, पत्रकार, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने तीरथ सिंह रावत का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत और सम्मान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में राष्ट्रीय व्यापार मंडल, सल्यूट तिरंगा, एक्टिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन, उत्तराखंड समाज, गुर्जर समाज, त्यागी समाज, ब्राह्मण समाज सहित दर्जनों सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने तीरथ सिंह रावत का स्वागत किया।  कार्यक्रम में राष्ट्रीय व्यापार मंडल की ओर से राष्ट्रीय महामंत्री विवेक त्यागी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारियों ने तीरथ सिंह रावत का स्वागत किया। विवेक त्यागी ने कहा कि व्यापारियों और समाज के बीच मजबूत संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और राष्ट्र निर्माण में उसका योगदान लगातार बढ़ रहा है।

 स्वागत एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि राष्ट्र का निर्माण केवल सरकारों के प्रयास से नहीं होता, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति और प्रत्येक वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। देश को आगे ले जाने के लिए सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, युवाओं, महिलाओं, पत्रकारों, शिक्षाविदों और आम नागरिकों को अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

 उन्होंने कहा कि भारत आज विकास और परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में समाज की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। देश की तरक्की के लिए नागरिकों में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठन समाज की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने के साथ-साथ स्वयं भी जनहित के कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

रावत ने कहा कि समाज को जोड़ने का काम केवल राजनीतिक मंचों तक सीमित नहीं होना चाहिए। सामाजिक एकता, आपसी सहयोग और राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने का काम करते हैं।

उन्होंने युवाओं की भूमिका पर भी जोर देते हुए कहा कि देश की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। युवाओं को शिक्षा, रोजगार, खेल, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के सकारात्मक कार्यों से जोड़ना जरूरी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महामंत्री विवेक त्यागी ने की। कार्यक्रम का मंच संचालन पूर्व राज्यमंत्री उत्तराखंड (भाजपा) सच्चिदानंद पोखरियाल ने किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का परिचय कराया तथा तीरथ सिंह रावत के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।

सच्चिदानंद पोखरियाल ने कहा कि गाजियाबाद में उत्तराखंड से जुड़े लोगों की बड़ी संख्या है और यहां उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक सरोकारों को लेकर लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। क्लाउड 9 कम्पाउंड में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उत्तराखंड समाज के लोग भी उपस्थित रहे। 

एक्टिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष एवं पत्रकार अपूर्वा चौधरी के नेतृत्व में तीरथ सिंह रावत का स्वागत एवं सम्मान किया गया।

 इस अवसर पर एसोसिएशन के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल कौशिक, संगठन मंत्री पवन चौधरी, वरिष्ठ पत्रकार बृजभूषण,सुमन मिश्रा, निगम पांडे, अनिल कुमार, मनोज तोमर, सुशील मौर्य, पुष्पेंद्र राघव सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

 बिजनौर से पहुंचे भारत का बदलता शासन के प्रभारी आकाश तोमर, पत्रकार डॉ. खुशीराम, डॉ. तुषार भारद्वाज और रिहान जैदी सहित अन्य लोगों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। 

 समारोह में गाजियाबाद के डिप्टी मेयर प्रवीन चौधरी, पार्षद मधुकर त्यागी, पार्षद प्रदीप चौधरी, डी.एन. सिंह, बृजपाल तेवतिया, संदीप चौधरी, कृष्ण तेवतिया, शीला भारती, प्रिया बिष्ट, डॉ. संजय, संदीप त्यागी, प्रताप सिंह, मदन मोहन, मनोज पाहवा, सुशीला शर्मा, बालकिशन गुप्ता, अशोक भारती, चिन्मय भारद्वाज, एस.पी. मिश्रा, अनिल जुल्का, विपिन कौशिक, मुकेश शर्मा, बी.बी. मित्तल, विशाल जैन, आनंद भारद्वाज, डॉ. सुभाष तोमर, अंशु चौधरी, महिपाल सिंह, मनमोहन धोंधियाल, योगेंद्र बिष्ट सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

 इसके अलावा बॉलीवुड अभिनेता निशिकांत त्यागी भी मौजूद रहे।  ग़ाज़ियाबाद की जानी मानी हस्ती डॉ. स्वाति ध्यानी, रितेश ध्यानी सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भी समारोह में भाग लिया।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सैकड़ों गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। 

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक संगठन सरकार और जनता के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सुरक्षा, युवा विकास, नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर काम करने के लिए संगठनों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। वक्ताओं ने कहा कि यदि अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले संगठन आपस में समन्वय बनाकर काम करें तो स्थानीय स्तर पर कई समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।

कार्यक्रम के समापन पर एक्टिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन की अध्यक्ष एवं पत्रकार अपूर्वा चौधरी ने तीरथ सिंह रावत सहित सभी अतिथियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों और कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोगों का आभार व्यक्त किया। अपूर्वा चौधरी ने कहा कि कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों और समाज के लोगों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने का प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने विशेष रूप से उन सभी सामाजिक संगठनों और पदाधिकारियों का धन्यवाद किया जिन्होंने समय निकालकर कार्यक्रम में भाग लिया और तीरथ सिंह रावत का स्वागत एवं सम्मान किया।

कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक पूर्व राज्यमंत्री उत्तराखंड (भाजपा) सच्चिदानंद पोखरियाल,  राष्ट्रीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महामंत्री विवेक त्यागी,  एक्टिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन की अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार अपूर्वा चौधरी रही।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पश्चिम क्षेत्र के पूर्व पदाधिकारियों से किया संवाद

 






                                मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आज गाजियाबाद पहुंचे जहाँ उनका कार्यकर्ताओ ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।इसके बाद मेरठ मे  पश्चिम क्षेत्र के पूर्व पदाधिकारी की बैठक ली बैठक में जिलावार जिले की समस्याओं को लेकर कार्यकर्ताओं के विचार सुने और समाधान करने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश संगठन मंत्री  धर्मपाल , प्रदेश सह प्रभारी जगदीश ईश्वर भाई पटेल, राष्ट्रीय मंत्री एवं सांसद बुलंदशहर भोला सिं, प्रदेश महामंत्री राम प्रताप सिंह  एवं क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर उपस्थित रहे।

 इस अवसर पर लेखराज माहौर एडवोकेट, सभी पूर्व महानगर महामंत्री, राजीव अग्रवाल, राजेश त्यागी, धर्मेंद्र कोरी. गोपाल अग्रवाल, सुशील गौतम, राजेश शर्मा पप्पू पहलवान उपस्थित रहे।

सपा के प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग का हुआ भव्य स्वागत, श्री जी शोभायात्रा ,गणेश महोत्सव में लिया भाग एव युवा साथियों के साथ किया जनसंवाद







मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों के तहत समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग का एक दिवसीय दौरा अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में अभिषेक गर्ग ने विधानसभा 56 में श्री जी की भव्य शोभायात्रा में सहभागिता की, जहाँ उन्होंने पूजा-अर्चना कर क्षेत्र एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि तथा शांति की कामना की।

इसके पश्चात, वे श्री गणेश महोत्सव पंडाल पहुँचे और भगवान श्री गणेश के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

कार्यक्रम के अगले चरण में, प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग ने अपने कार्यालय में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान क्षेत्र के युवा साथियों से शिष्टाचार भेंट की। भेंट के दौरान युवाओं ने उनका फूल-मालाओं से जोरदार अभिनंदन किया। इस अवसर पर अभिषेक गर्ग ने उपस्थित युवाओं से संवाद करते हुए सामाजिक समरसता, युवा सशक्तिकरण और समाज सेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।

इस मौके पर कई गणमान्य नागरिक, स्थानीय पदाधिकारी व युवा साथी उपस्थित रहे।

परमार्थ पीठाधीश्वर,पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस पर परमार्थ निकेतन से श्रद्धालुओं को शांति का शाश्वत संदेश दिया

   





                                मुकेश गुप्ता

परमार्थ निकेतन में स्पेन, ऑस्ट्रेलिया सहित विश्व के अनेक देशों से आए श्रद्धालु

शांति बाहर खोजने की वस्तु नहीं, शांति हमारे भीतर जगाने वाली चेतना है

ऋषिकेश, 21 सितंबर। अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन में स्पेन, ऑस्ट्रेलिया सहित विश्व के अनेक देशों से भारत की सनातन आध्यात्मिक संस्कृति, योग, ध्यान और गंगा के दिव्य सान्निध्य का अनुभव करने आए श्रद्धालुओं ने परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से भेंट कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। 

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के अवसर पर शांति की वास्तविक प्रकृति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य सदियों से शांति की खोज कर रहा है। हम शांति की कामना करते हैं, उसके लिए प्रार्थना करते हैं, शांति की बातें करते हैं, राष्ट्रों और समाजों के बीच शांति स्थापित करने के प्रयास करते हैं, फिर भी प्रश्न यह है कि शांति इतनी कठिन क्यों प्रतीत होती है?

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि शांति बाहर से प्राप्त की जाने वाली कोई वस्तु नहीं, बल्कि भीतर से प्रकट होने वाली अवस्था है। जब तक हमारे भीतर द्वेष, अहंकार, असंतोष, भय और विभाजन की वृत्तियाँ सक्रिय हैं, तब तक बाहरी परिस्थितियाँ कितनी ही अनुकूल क्यों न हों, अंतःकरण में वास्तविक शांति स्थापित नहीं हो सकती। शांति का आरम्भ संसार को बदलने से पहले स्वयं के भीतर उतरने से होता है।

उन्होंने कहा कि हम प्रायः शांति को परिस्थितियों से जोड़ देते हैं, जब सब कुछ हमारी इच्छा के अनुसार होगा, तब हम शांत होंगे; जब कोई हमें समझेगा, तब हम शांत होंगे; जब संसार बदल जाएगा, तब हमें शांति मिलेगी। परंतु शांति परिस्थितियों की दासी नहीं, चेतना की अवस्था है

पूज्य स्वामी जी ने कहा आज विश्व को केवल सीमाओं पर युद्धों की समाप्ति की नहीं, बल्कि हृदयों में युद्ध की समाप्ति की आवश्यकता है। बाहरी संघर्षों की जड़ अक्सर भीतर के संघर्षों में होती है। अतः विश्व शांति की यात्रा आत्मशांति से प्रारम्भ होती है। योग, ध्यान, प्रार्थना, सेवा, करुणा और आत्मचिंतन मनुष्य को अपने भीतर स्थित शाश्वत शांति से जोड़ने के साधन हैं।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा ने सदैव समस्त विश्व को शांति का संदेश दिया है “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः।” यह केवल एक प्रार्थना नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के कल्याण की जीवन-दृष्टि है। हमारी प्रार्थना केवल ‘मैं’ तक सीमित नहीं होती; वह ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना से सम्पूर्ण सृष्टि के सुख और मंगल की कामना करती है।

परमार्थ निकेतन में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने माँ गंगा के पावन तट पर विश्व शांति, मानवता की एकता, प्रकृति संरक्षण और मंगल के लिए प्रार्थना की। विभिन्न देशों, संस्कृतियों और भाषाओं से आए साधकों का एक साथ गंगा तट पर बैठना स्वयं उस शाश्वत संदेश का प्रतीक है जहां भाषाएँ भिन्न हो सकती हैं,    संस्कृतियाँ भिन्न हो सकती हैं, परंतु हृदय की शांति और प्रेम की आकांक्षा सार्वभौमिक है।

आइए, शांति की खोज संसार से आरम्भ न करके स्वयं से करें। अपने भीतर के द्वेष को प्रेम में, अशांति को ध्यान में, अहंकार को विनम्रता में और विभाजन को एकत्व में रूपांतरित करें। शांति बाहर खोजने की वस्तु नहीं, शांति हमारे भीतर जगाने वाली चेतना है। आइए, स्वयं में शांति जगाएँ और विश्व में शांति का प्रकाश प्रसारित करें।

नगर आयुक्त ने लाजपत नगर साहिबाबाद के 79 वर्ष के सीनियर सिटीजन को शहर के प्रति उत्साह देख किया सम्मानित


मुकेश गुप्ता

 शहर हित में 15 साल पहले निगम को दिए गए सुझावों को धरातल पर पूरा होते देख नगर आयुक्त से मिलने आए 79 साल के बुजुर्ग, बोले थैंक यू नगर निगम

गाजियाबाद । जनसुनवाई के दौरान नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक से लाजपत नगर साहिबाबाद के 79 वर्ष के सीनियर सिटीजन  जयंत बाबूराव द्वारा मुलाकात की। जिनके द्वारा शहर में चल रहे शहर हित के कार्यों पर गाजियाबाद नगर निगम का धन्यवाद किया गया, विशेष रूप से नंदी पार्क गौशाला की व्यवस्था, निराश्रित श्वानों में चिप लगाने का कार्य तथा वैक्सीनेशन का कार्य पर प्रसन्नता जाहिर की गई डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन को बढ़ावा और कचरा पृथक्करण पर निगम टीम का धन्यवाद किया गया।

गाजियाबाद नगर निगम जहां विकास कार्यों को कर रहा है शहर में नए-नए प्रोजेक्ट ला रहा है जिसमें स्पोर्ट्स कंपलेक्स, बायो डायवर्सिटी पार्क, सी एम ग्रिड फेस 2 व अन्य पर कार्य चल रहा है वही शहर हित में जन जागरूकता अभियान पर भी कार्य कर रहा है डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के साथ साथ, कचरा पृथक्करण पर शहर वासियों को जागरूक किया जा रहा है, गीले कचरे से खाद बनाने की प्रक्रिया को हर घर समझ रहा है इसी के साथ-साथ शहर में निराश्रित श्वानों में माइक्रोचिप लगाने की कार्यवाही भी की जा रही है जो की सराहनीय है। जयंत बाबूराव द्वारा गाजियाबाद नगर निगम में 15 साल पहले श्वानों में माइक्रोचिप लगाने तथा गीले कचरे से खाद बनाने व अन्य पर्यावरण और शहर हित के लिए पत्र लिखकर अपना सुझाव दिया था, आज धरातल पर कार्यों को सफलतापूर्वक संपन्न होता देख प्रसन्नता जाहिर की गई, गाजियाबाद नगर निगम का धन्यवाद करने के लिए नगर आयुक्त से मुलाकात की, बताया 15 साल से लगातार शहर हित और पर्यावरण हित के लिए लगातार निगम से जुड़कर कार्य कर रहे हैं, पर्यावरण हित के सुझाव भी दिए गए है, नगर आयुक्त द्वारा लाजपत नगर साहिबाबाद के सीनियर सिटीजन जयंत बाबूराव का उत्साह देखा सम्मान प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया, मौके पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मिथिलेश, मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी उपस्थित रहे।

नगर आयुक्त ने शहर वासियों को भी गाजियाबाद नगर निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों में सहयोग करने, कचरा पृथक्करण को बढ़ावा देने, प्लास्टिक मुक्त गाजियाबाद बनाने, रिड्यूस रीयूज रीसाइकिल को बढ़ावा देने के लिए जन-जन को जागरूक करने और सहयोग करने की अपील की गई, गाजियाबाद नगर निगम शहर की ऐसी सामाजिक संस्थाओं तथा व्यक्ति विशेष को सम्मानित कर रहा है जिनके द्वारा शहर हित और पर्यावरण हित के लिए कार्य किया जा रहे हैं जो की सराहनीय है।

रविवार, 20 सितंबर 2026

परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती रामकिंकर भारत भूषण सम्मान’ से सम्मानित

 






मुकेश गुप्ता

*💥श्री रामकिंकर विचार मिशन के पूज्य स्वामी मैथिलीशरण जी महाराज ने किया सम्मानित*

*🌸सामाजिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिये पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी को किया विभूषित*

*🌺संतों की सत्संग परंपरा से सिंचित परमार्थ निकेतन से तीर्थ को तीर्थ बनाए रखने का आह्वान*

ऋषिकेश, 20 सितम्बर। परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज को उनके दीर्घकालीन सामाजिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक योगदान के लिये प्रतिष्ठित ‘श्री रामकिंकर भारत भूषण सम्मान’ से विभूषित किया गया। श्री रामकिंकर विचार मिशन के पूज्य स्वामी मैथिलीशरण जी महाराज ने यह सम्मान पूज्य स्वामी जी को अर्पित किया।

यह सम्मान संत परंपरा की उस अखंड धारा का अभिनंदन है, जो आध्यात्मिक चेतना को सेवा, संस्कार, करुणा और लोककल्याण से जोड़ती है। पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों, गंगा संरक्षण, पर्यावरण जागरण, स्वच्छता, सेवा तथा वैश्विक शांति के संदेश को देश-विदेश में व्यापक स्तर पर प्रसारित किया है।

पूज्य स्वामी मैथिलीशरण जी महाराज ने कहा कि पूज्य स्वामी जी का जीवन साधना से सेवा और सेवा से विश्वकल्याण की प्रेरणादायी यात्रा है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने सम्मान को श्रीरामकिंकर जी महाराज की पावन स्मृति को समर्पित करते हुए कहा कि यह सम्मान संत परंपरा, सेवा-साधना और सनातन संस्कृति के प्रति सम्मान है।

परमार्थ निकेतन की पावन धरा पूज्य संतों की चरणरज, सत्संग की अमृतधारा और साधना की अखंड परंपरा से सिंचित एक जीवंत तीर्थ है। माँ गंगा के पावन तट पर स्थित यह भूमि उन दिव्य स्मृतियों को अपने भीतर संजोए हुए है, जहाँ समय-समय पर भारत की महान संत परंपरा के अनेक ऋषितुल्य संतों, महापुरुषों और विद्वानों ने आकर सत्संग, कथा और साधना की गंगा प्रवाहित की।

परमार्थ निकेतन के इस दिव्य आध्यात्मिक वातावरण में वृंदावन से पूज्य स्वामी अखंडानन्द जी महाराज, वेदों के परम विद्वान पूज्य स्वामी गंगेश्वरानन् महाराज, पूज्य डोगरे जी महाराज, माँ आनंदमयी तथा अनेक संत-महापुरुषों का आगमन हुआ। इन महापुरुषों के चरणों से यह भूमि धन्य हुई और उनके श्रीमुख से निकले ज्ञान, भक्ति, वैराग्य एवं सेवा के संदेशों ने असंख्य साधकों के अंतर्मन को स्पर्श किया।

इन्हीं दिव्य स्मृतियों को पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने पूज्य स्वामी मैथिलीशरण जी महाराज के साथ साझा करते हुए संतों की उस अखंड परंपरा का स्मरण किया। संतों की साधना, सत्संग और तपस्या से निर्मित आध्यात्मिक एवं तीर्थ नगरी का स्वरूप प्रदान किया।

पूज्य स्वामी जी ने स्मरण करते हुए कहा कि पूज्य श्री रामकिंकर जी महाराज  प्रतिवर्ष परमार्थ निकेतन पधारते थे और यहाँ कथा एवं सत्संग के माध्यम से रामकथा की अमृतधारा प्रवाहित करते थे। 

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम अपने तीर्थों की इस दिव्यता को समझें और तीर्थ को तीर्थ बनाए रखने का संकल्प लें। हमारे तीर्थ स्वच्छ हों, निर्मल हों, प्रदूषणमुक्त हों, नशामुक्त हों और यहाँ आने वाले प्रत्येक साधक बाहरी स्वच्छता के साथ-साथ अंतःकरण की स्वच्छता का भी अनुभव करे। संतों ने हमें तीर्थ दिए हैं; अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम आने वाली पीढ़ियों को उन तीर्थों की पवित्रता सुरक्षित रूप में सौंपें।

परमार्थ निकेतन की यह परंपरा आज भी उसी सत्संग, सेवा, साधना और संस्कार की अखंड ज्योति को आगे बढ़ा रही है।

हिंदी दिवस समारोह व कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ,हिंदी भवन समिति ने हिंदी के 35 विद्यार्थियों व शिक्षकों को सम्मानित किया

 




मुकेश गुप्ता

हिंदी भवन में चार घंटे बही कविताओं की रसधारा

आठ में से चार कवि पहली बार आए हिंदी भवन के मंच पर

गाज़ियाबाद । हिंदी भवन समिति की ओर से आयोजित हिंदी दिवस समारोह एवं कवि सम्मेलन में जहां 35 मेधावी विद्यार्थियों व शिक्षकों को सम्मानित किया गया, वहीं जाने माने कवियों ने लगातार चार घंटे गीत, गजल, कविताओं की रसधारा बहाई।

मुख्य अतिथि डीसीपी धवल जायसवाल और मुख्य वक्ता डॉ हरीश अरोड़ा आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह की शुरुआत कराई। डीसीपी धवल जायसवाल ने कहा कि हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए इस तरह के आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पीजी डी ए वी कॉलेज (दिल्ली विश्वविद्यालय) के प्रोफेसर डॉ हरीश अरोड़ा ने मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए हिंदी की स्थिति पर सारगर्भित विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि तमाम विपरीत परिस्थितियों के बाद भी हिंदी का भविष्य उज्ज्वल है। 

हिंदी भवन समिति के अध्यक्ष ललित जायसवाल ने कहा कि हिंदी दिवस और हिंदी पखवाड़े के अवसर पर प्रत्येक वर्ष कवि सम्मेलन के साथ साथ हिंदी के मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है। भविष्य में भी इस तरह के आयोजन हिंदी भवन में होते रहेंगे। 

समारोह में जनपद गाज़ियाबाद के विभिन्न विद्यालयों के हिंदी के 35 मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षकों को सम्मानित किया गया। हिंदी भवन समिति के महासचिव सुभाष गर्ग और अन्य पदाधिकारियों ने रचनाकारों का स्वागत किया।

इस अवसर पर आयोजित कवि सम्मेलन में देश के जाने माने कवियों की रचनाओं का श्रोताओं ने चार घंटे तक आनंद लिया।सिकंदरा राऊ (हाथरस) से आए सुप्रसिद्ध गीतकार डॉ विष्णु सक्सेना के गीतों पर श्रोता खूब झूमे..

जो हाथ थाम लो वो फिर न छूटने पाये,

प्यार की दौलतें कोई न लूटने पाये,

जब भी छूलो बुलंिदयां तो ध्यान ये रखना

ज़मीं से पाँव का रिश्ता न टूटने पाये।

दिल्ली से आए प्रसिद्ध कवि डॉ प्रवीन शुक्ल ने शानदार संचालन के साथ उम्दा काव्य पाठ भी किया...

कविता हर हारे मन को भी जीत दिया करती है

मन के टूटे तारों को संगीत दिया करती है

घोर निराशा में आशा का दीपक बन जाती है

विपदा में जीवन जीने का रस्ता दिखलाती है।

कवि राज कौशिक ने दिलों में नफरत के स्थान पर प्यार रखने का ये संदेश देकर खूब तालियां बटोरीं...

कुछ इक दिन में ही ये दुनिया गुलो गुलज़ार हो जाए

जो नफरत की जगह दिल में हमारे प्यार हो जाए

मैं इस हद तक मोहब्बत का हूं पैरोकार अब यारो

कोई समझे मुझे दुश्मन तो मेरी हार हो जाए 

ग्वालियर से पधारे शायर अतुल अजनबी को उनकी पंक्तियों पर खूब दाद मिली...

कश्तियाँ डूब रही हैं यहाँ एक एक करके

और हम ख़ुश हैं कि पतवार सँभाले हुए हैं।

पानीपत से पधारे हास्य कवि मनु बदायूँनी ने लोगों को खूब हंसाया..

दोनों बच्चे पीटकर और दाल आटा एक कर

मैं सहम जाता हूँ उनकी लाल आँखें देखकर 

सूट तू लाया है जो मुझको पसंद आया नहीं 

बात समझाती हैं पत्नी ये भी बर्तन फेंक कर

कवयित्री अंजु जैन को भी खूब सुना गया..

है यंकी हमको कि हम और निखर जाएँगे 

हौंसला देख के तूफ़ान ठहर जाएँगे 

है नहीं ख़ौफ़ हवाओं की शरारत का हमें 

हम नहीं ताश का इक घर जो बिखर जाएँगे

मथुरा से आए ओज के कवि

मनवीर मधुर को भी खूब प्रशंसा मिली...

सहज शालीन लौकिक बुद्ध, भी दुनिया ने देखा है । 

किया है शत्रु-पथ अवरुद्ध, भी दुनिया ने देखा है ॥

क्षमा कर युद्धबंदी लाख, वापस कर दिये हमने,

हमारा शौर्य साहस युद्ध, भी दुनिया ने देखा है ॥

दस लक्षण पर्व पर एस.एस.डी. जैन पब्लिक स्कूल में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम मे एम एल सी दिनेश गोयल हुए उपस्थित

 






मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । दस लक्षण पर्व के पावन अवसर पर एस.एस.डी. जैन पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि दिनेश गोयल एम एल सी गाजियाबाद द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।उनके साथ समिति के अध्यक्ष जे.पी. जैन,मंत्री अजय जैन, सुनील जैन, प्रधानाचार्या श्रीमती लता चंद्रा साधना जैन,प्रदीप जैन,डी के जैन,सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।मुख्य अतिथि दिनेश गोयल एम एल सी का स्वागत स्कूल के अध्यक्ष जम्बू प्रसाद जैन व मंत्री अजय जैन ने पटका,माला,व स्मृति चिह्न भेंट करके किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की कोऑर्डिनेटर श्रीमती परिना जैन द्वारा मंगलाचरण से किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम की अगली प्रस्तुति ‘णमोकार महामंत्र’ रही, जिसमें छात्र-छात्राओं ने णमोकार महामंत्र के महत्व एवं उसकी महत्ता को विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

इसके बाद ‘हम जैन हैं’ प्रस्तुति के माध्यम से छोटे-छोटे बच्चों द्वारा जैन धर्म को अपनाने और जैन होने के महत्व को दर्शाया गया। अगली प्रस्तुति ‘आओ पधारो हे जिनवर’ गीत पर मनमोहक नृत्य रहा, जिसने उपस्थित सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में ‘षट्लेश्या’ विषय पर आधारित प्रस्तुति भी दी गई, जिसमें लेश्या क्या है, उसके विभिन्न स्वरूप तथा नकारात्मक भावों से बचने का संदेश प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

इसके पश्चात सुंदर नृत्य-नाटिका ‘आओ मिलकर पाठशाला आएँ’ प्रस्तुत की गई। इसके माध्यम से बताया गया कि जैन पाठशाला में जाकर बच्चों को किस प्रकार धार्मिक एवं नैतिक संस्कार प्राप्त होते हैं तथा एक अच्छे और संस्कारी व्यक्ति के रूप में उनका चरित्र निर्माण कैसे होता है।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए ‘नगरी आज सजाओ’ गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद शिक्षाप्रद नाटक ‘पूजा का फल’ का सजीव मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से पूजा और धार्मिक आस्था के महत्व को दर्शाते हुए संदेश दिया गया कि सच्चे मन से की गई पूजा और दृढ़ धार्मिक भावना व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक शक्ति प्रदान करती है तथा उसे सुमार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।

कार्यक्रम की अंतिम एवं विशेष प्रस्तुति ‘मैडले’ रही, जिसमें सात गीतों का समावेश किया गया। विभिन्न गीतों के माध्यम से गुरुभक्ति को अलग-अलग भावों और प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया गया। प्रस्तुति के दौरान पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। विद्यार्थियों की सजीव एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित गणमान्य अतिथियों और दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के मंत्री अजय जैन ने छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने विद्यार्थियों, अध्यापिकाओं एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण एवं उनमें नैतिक तथा धार्मिक संस्कार विकसित करने के लिए इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर होते रहना चाहिए।

विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती लता चंद्रा ने भी सभी आगंतुकों, गणमान्य अतिथियों एवं विद्यालय की अध्यापिकाओं का धन्यवाद किया। उन्होंने अध्यापिकाओं की लगन एवं निष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि उनके अथक प्रयासों से विद्यार्थियों ने इतनी सुंदर एवं प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं। उन्होंने छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया और अपनी उपस्थिति से बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में विद्यालय समिति के अध्यक्ष जे.पी. जैन, मंत्री अजय जैन, सुनील जैन ,परम संघरक्षक अजय जैन विजय जैन ,अंकित जैन सदस्य प्रदीप जैन ,सुभाष जैन तथा प्रधानाचार्या श्रीमती लता चंद्रा,साधना जैन आदि का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमान दिनेश गोयल एम एल सी ने कहा की जैन समाज हमेशा से धर्म के सिद्धांत पर आधारित है और उसी के आधार पर कार्य करता है (जियो और जीने दो )अहिंसा परमो धर्मः के आधार पर समाज चलता है पूरे विश्व को इसे अपना करके इसे पालन करना चाहिए।बच्चों ने जो यहाँ कार्यक्रम प्रस्तुत किया वो धर्म पर आधारित है इस तरह के कार्यक्रम होने से बच्चों समाज और देश में धर्म की प्रभावना बढ़ता है और देश आगे बढ़ता है मुझे इस अवसर पर बुलाया इसके लिए में एस एस डी जैन पब्लिक स्कूल के प्रबंधक वह समस्त टीम का आभारी हूँ और मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है। इस स्कूल के बच्चे धर्म को जीवन में आचरण करते हुए आगे बढ़ेंगे आज के बच्चे ही कल का भविष्य हैं।में स्कूल की प्रिंसिपल एवं समस्त अध्यापिकाओं का आभार प्रकट करता हूँ की उन्होंने इतनी मेहनत करके इतना सुंदर प्रोग्राम बच्चों धारा प्रस्तुत करवाया।

मंच का सफल संचालन विद्यालय की कोऑर्डिनेटर श्रीमती परिना जैन द्वारा किया गया।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में स्कूल के सचिव अजय जैन,प्रतिभा,अंजली,रचना,अल्का,नीतू,पायल,सीमा ,विधि,दीक्षा,मुस्कान,निशा,आरूषी,मीनाक्षी,शिल्पी,कृतिका,अंशिका आदि का विशेष सहयोग रहा।

कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध जनजागरूकता का संदेश लेकर हिंदी भवन में हुआ विशाल रागिनी कार्यक्रम,सासंद, विधायक, मंत्री हुए उपस्थित




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में “कन्या भ्रूण हत्या क्यों” विषय पर विशाल रागिनी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में कन्या भ्रूण हत्या जैसी गंभीर सामाजिक बुराई के प्रति जनजागरूकता पैदा करना तथा बेटियों के संरक्षण, सम्मान और शिक्षा के लिए लोगों को प्रेरित करना रहा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप, गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र के सांसद माननीय अतुल गर्ग तथा शहर विधायक संजीव शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दूधेश्वरनाथ मंदिर के पीठाधीश्वर महंत नारायण गिरी महाराज द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात आचार्य द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं शंखनाद के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।





इस अवसर पर वृंदावन से पधारे बिहारी जी के मुख्य पुजारी राहुल गोस्वामी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की आध्यात्मिक एवं सामाजिक भावना को और अधिक प्रभावशाली बनाया। रागिनी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या के दुष्परिणामों, बेटियों के महत्व तथा समाज में समानता और सम्मान की आवश्यकता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटी परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या केवल एक सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक संतुलन से जुड़ा गंभीर विषय है। बेटियों को जन्म लेने, शिक्षा प्राप्त करने और अपने सपनों को पूरा करने का समान अवसर मिलना चाहिए। समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर ऐसी कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम का संचालन विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के पीठाधीश्वर ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान ने किया। उन्होंने उपस्थित अतिथियों, संत-महात्माओं, कलाकारों एवं समाज के गणमान्य लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से जनमानस तक सकारात्मक संदेश पहुंचाया जा सकता है।आयोजन में बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक, धर्माचार्य एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने बेटियों के सम्मान, संरक्षण एवं सुरक्षित भविष्य के लिए सामाजिक जागरूकता को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।