गुरुवार, 18 जून 2026

जे के जी इन्टरनेशनल स्कूल इन्दिरापुरम गाज़ियाबाद में 19 से 21 जून तक आयोजित होगी द्वितीय उत्तर प्रदेश राज्य रैंकिंग टेबल टेनिस प्रतियोगिता--वरूण गौड़

   

                            मुकेश गुप्ता

गाज़ियाबाद, 18 जून 2026 । गाजियाबाद एक बार फिर प्रदेश स्तरीय टेबल टेनिस की रोमांचक प्रतिस्पर्धा का साक्षी बनने जा रहा है। द्वितीय उत्तर प्रदेश राज्य रैंकिंग टेबल टेनिस प्रतियोगिता का आयोजन 19 से 21 जून, 2026 तक जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, गाज़ियाबाद में किया जाएगा।

इस संबंध में स्कूल में आयोजित प्रेस वार्ता मे जानकारी देते हुए गाज़ियाबाद एसोसिएशन ऑफ टेबल टेनिस (GATT) के अध्यक्ष जे. के. गौर एवं डायरेक्टर वरुण गौड़ ने बताया कि बताया कि जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल को इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेज़बानी का अवसर प्राप्त हुआ है। इस प्रतियोगिता में प्रदेश भर के  श्रेष्ठ टेबल टेनिस खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

GATT के मानद सचिव  ऋषिराज त्यागी ने बताया कि इस प्रतियोगिता में 500 से अधिक खिलाड़ियों के भाग लेने की संभावना है। इनमें लखनऊ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, बरेली, मुरादाबाद, गौतम बुद्ध नगर, वाराणसी, गाज़ियाबाद सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों के खिलाड़ी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि अब तक 650 खिलाड़ियों की एंट्री हुई हैं 

प्रतियोगिता में अंडर-11, अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17, अंडर-19 तथा सीनियर वर्ग में बालक एवं बालिका दोनों श्रेणियों की स्पर्धाएँ आयोजित की जाएंगी।


श्री त्यागी ने आगे बताया कि यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें प्राप्त प्रदर्शन एवं रैंकिंग के आधार पर उन्हें उत्तर प्रदेश राज्य टेबल टेनिस टीम में स्थान बनाने का अवसर प्राप्त होता है। इसलिए प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए यह प्रतियोगिता अपनी प्रतिभा सिद्ध करने का एक महत्वपूर्ण मंच है।

डायरेक्टर वरूण गौड़ ने बताया कि तीन दिवसीय यह आयोजन न केवल उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा का केंद्र बनेगा, बल्कि प्रदेश में टेबल टेनिस के प्रचार-प्रसार और युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रतियोगी खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएंगी। इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा बच्चे गाजियाबाद के है। यह टूर्नामेंट गाजियाबाद एसोसिएशन आफ  टेबल टेनिस तथा युपी टेबल टेनिस एसोसिएशन के तात्वाधान आयोजित किया जा रहा है।प्रेस वार्ता में कशिश अरोड़ा, विभोर खरे,अर्पित नितू शर्मा आदि उपस्थित




बुधवार, 17 जून 2026

परमार्थ निकेतन में आयोजित 34 दिवसीय श्री राम कथा अनेक संकल्पों, संस्कारों और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ सम्पन्न हुई

 





सत्ता बन्धु संवाददाता

*💥वीरता, स्वाभिमान और मेवाड़ के शेर, राष्ट्रभक्ति के प्रतीक महाराणा प्रताप जी की जयंती पर परमार्थ निकेतन से उनकी साधना को नमन*

*🌸जीजाबाई की पुण्यतिथि पर परमार्थ निकेतन से भावभीनी श्रद्धांजलि, नमन*

ऋषिकेश, उत्तराखण्ड, 17 जून । परमार्थ निकेतन में आयोजित 34 दिवसीय दिव्य एवं भव्य श्री राम कथा का आज भावपूर्ण समापन हुआ। कथा के समापन अवसर पर परमार्थ निकेतन के पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, परमार्थ निकेतन की अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष, साध्वी भगवती सरस्वती जी, डॉ. परमहंस  रामप्रसाद  महाराज तथा पूज्य बापू जी का पावन सान्निध्य, आशीर्वाद एवं प्रेरणादायी उद्बोधन प्राप्त हुआ।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने 34 दिवसीय श्रीराम मानस कथा के विराम अवसर पर मानस कथा व्यास संत मुरलीधर जी, भक्तिमति मीना जी एवं सम्पूर्ण कुलरिया परिवार को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके समर्पण, श्रद्धा और सेवाभाव ने इस कथा को केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जन-जन के जीवन को संस्कारित करने वाले आध्यात्मिक महायज्ञ का स्वरूप प्रदान किया। कथा के साथ विशाल भंडारे की व्यवस्था, सैकड़ों श्रद्धालुओं के लिये सुविधाजनक आश्रय तथा निरंतर कथा श्रवण का दिव्य अवसर उपलब्ध कराना वास्तव में अनुकरणीय सेवा है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि श्रीराम कथा का वास्तविक सार केवल कथा सुनने में नहीं, बल्कि उसे जीवन में उतारने में है। परिस्थितियाँ कैसी भी हों, जीवन में कितने भी उतार-चढ़ाव आएँ, यदि हमारी आंतरिक स्थिति स्थिर, शांत और सकारात्मक बनी रहे, तो वही कथा का सच्चा संदेश है। बाहरी परिस्थितियों को हम सदैव नियंत्रित नहीं कर सकते, परंतु अपने विचारों, भावनाओं और दृष्टिकोण को अवश्य नियंत्रित कर सकते हैं। यही आध्यात्मिकता है, यही रामत्व है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का संपूर्ण जीवन मेवाड़ की संप्रभुता, अस्मिता और गौरवशाली परम्पराओं की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने राजस्थान की पुण्यभूमि का स्मरण करते हुए कहा कि इस धरती ने भारत को शक्ति और भक्ति दोनों प्रदान की हैं। यह वीरता, त्याग, समर्पण और धर्मनिष्ठा की भूमि है। इसी भूमि ने शक्ति के प्रतीक महाराणा प्रताप, भक्ति की अमर धारा भक्त शिरोमणि मीराबाई तथा राष्ट्रसेवा और दानशीलता के आदर्श भामाशाह जैसे महान विभूतियों को जन्म दिया। इनके जीवन से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि जब शक्ति, भक्ति और सेवा का समन्वय होता है, तब राष्ट्र और समाज का गौरव बढ़ता है।

पूज्य स्वामी जी ने आज जीजाबाई की पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इतिहास केवल युद्धों और विजयों से नहीं बनता, बल्कि उन महान आत्माओं के संकल्प, संस्कार और त्याग से निर्मित होता है जो युगों को दिशा देते हैं। जीजाबाई ऐसी ही दिव्य विभूति थीं। वे उस राष्ट्रचेतना की आधारशिला थीं जिसने हिन्दवी स्वराज्य के स्वप्न को जन्म दिया

एक माँ के रूप में उन्होंने अपने पुत्र को केवल जन्म ही नहीं दिया, बल्कि उसे धर्म, कर्तव्य, करुणा, न्याय और राष्ट्रप्रेम के उच्चतम संस्कार प्रदान किए। उन्होंने शिवाजी के मन में यह भाव जगाया कि सत्ता का उद्देश्य स्वार्थ नहीं, बल्कि लोककल्याण और धर्म की रक्षा है।

आइए, हम उनके जीवन से प्रेरणा लेकर ऐसे चरित्रवान, करुणामय और राष्ट्रनिष्ठ समाज के निर्माण का संकल्प लें, जहाँ प्रत्येक घर से शिवाजी जैसे आदर्श और जीजाबाई जैसी दिव्य मातृशक्ति का उदय हो।

साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि हम सब माँ गंगा के पावन तट पर विगत 34 दिनों से श्रवण कर रहे हैं। अब कथा में सुनने के साथ हमें कथा को जीना भी होगा। हमें स्वयं से पूछना है कि श्रीराम चरित्र मानस ने हमें बदल दिया, अब हमें अपने परिवार, समाज और राष्ट्र में कुछ सकारात्मक बदलाव करना है।

जहाँ हम हैं, वहीं से हमें राम राज्य शुरू करना होगा। जब हम अपने घरों में वापस जाएँ तो माँ सीता, श्री राम जी और हनुमान जी की तरह जीने का प्रयास करें। हमें श्रीराम राज्य वापस लाने हेतु साधना करनी होगी। यहाँ से आप गंगा जल अपने घर में लेकर जरूर जाएँ, परन्तु माँ गंगा का दिव्य संदेश भी अपने साथ लेकर जाएँ।

डॉ. परमहंस रामप्रसाद महाराज ने कहा कि परमार्थ निकेतन के पावन गंगा तट पर पूज्य संत मुरलीधर महाराज के श्रीमुख से निरंतर प्रवाहित हो रही मानस-ज्ञान गंगा का श्रवण करने का परम सौभाग्य सभी को प्राप्त हुआ। परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, साध्वी भगवती सरस्वती जी एवं पूज्य संतों का स्नेहिल आशीर्वाद और प्रेरणादायी उद्बोधन भी निरंतर प्राप्त हुआ, जो वास्तव में जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करने वाला तथा आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने वाला है। परमार्थ निकेतन स्वयं में एक दिव्य तीर्थ स्थल है, इस दिव्य धाम में बैठकर कथा श्रवण करना स्वर्ग का आनंद देने वाला है।

समापन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के संकल्प कराए। श्रद्धालुओं ने जल संरक्षण, वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने तथा माँ गंगा सहित सभी नदियों की स्वच्छता एवं अविरलता के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। 34 दिनों तक चली इस दिव्य राम कथा ने हजारों श्रद्धालुओं के जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा, सांस्कृतिक चेतना और सकारात्मक प्रेरणा से आलोकित किया। मानस परिवार, शंकर जी कुलरिया, धर्म जी कुलरिया, माता जी हरप्रिया जी और सभी मानस प्रेमियों को अनेकानेक धन्यवाद दिया।

स्वास्थ्य क्षेत्र में गाजियाबाद ने रचा विकास का नया अध्याय : केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर संगोष्ठी आयोजित









मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को रानी दुर्गावती देवी सभागार, विकास भवन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पिछले 12 वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों को जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत करना था।

संगोष्ठी की अध्यक्षता  विधायक मोदीनगर श्रीमती मंजू शिवाच एवं  विधायक सदर गाजियाबाद  सुनील शर्मा द्वारा की गई। कार्यक्रम में सदस्य विधान परिषद  दिनेश गोयल, भारतीय जनता पार्टी महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, भाजपा जिलाध्यक्ष चैन सिंह, मुख्य विकास अधिकारी  कुमार सौरभ तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन वैश्य की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त जनपद के वरिष्ठ चिकित्सकों, भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) के पदाधिकारियों तथा भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।

अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में जनपद गाजियाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। इस अवधि में 1,98,420 क्षय रोगियों की पहचान कर उनका सफल उपचार किया गया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत 17,52,722 बच्चों तथा 81,055 विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। 11,15,740 व्यक्तियों की गैर-संचारी रोग (NCD) स्क्रीनिंग की गई।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में 2,01,570 महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ प्रदान किया गया तथा 36,250 गर्भवती महिलाओं का सिजेरियन सेक्शन के माध्यम से सुरक्षित प्रसव कराया गया। परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत 825 पुरुष नसबंदी एवं 24,146 महिला नसबंदी प्रक्रियाएं संपन्न कराई गईं।

सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में 8,46,120 बच्चों को पूर्ण रूप से प्रतिरक्षित किया गया। वहीं 6,60,183 पात्र व्यक्तियों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराए गए तथा 1,03,215 मरीजों का प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत विभिन्न चिकित्सालयों में निःशुल्क उपचार कराया गया।


स्वास्थ्य अवसंरचना के विकास की चर्चा करते हुए बताया गया कि विगत 12 वर्षों में जनपद में दो 50 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय, एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 5 ग्रामीण आयुष्मान आरोग्य मंदिर तथा 168 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना की गई है।

संगोष्ठी में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। नियमित टीकाकरण अभियान के माध्यम से शत-प्रतिशत टीकाकरण कवरेज की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए संस्थागत प्रसव एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया गया है।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जनपद में राजकीय चिकित्सालयों का आधुनिकीकरण, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के माध्यम से आमजन को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

संगोष्ठी में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक पहुंचाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों, अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से जनस्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं जनोन्मुखी बनाने का आह्वान किया।

अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन (IVF) की बैठक आयोजित, समाज के बिखराव को समाप्त कर संगठन को मजबूत बनाने में ध्यान दें वैश्य समाज-अशोक अग्रवाल












                 

                               मुकेश गुप्ता

ग़ाज़ियाबाद । गाज़ियाबाद। अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन (IVF) के तत्वावधान में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल जी एवं पूर्व सांसद अनिल अग्रवाल जी ने वैश्य समाज की एकता, संगठन की मजबूती तथा सामाजिक-राजनीतिक भागीदारी पर विशेष बल दिया।

अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा कि समाज के बिखराव को समाप्त कर संगठन को मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को सिविल सर्विस की तैयारी के लिए एक लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है तथा उच्च शिक्षा हेतु ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने सभी से अधिक से अधिक “वैश्य मित्र” बनाने का आग्रह किया।

पूर्व सांसद अनिल अग्रवाल ने कहा कि वैश्य समाज ने देश को बहुत कुछ दिया है, लेकिन अपेक्षित सम्मान नहीं मिल पाया, जिसका मुख्य कारण आपसी सहयोग की कमी है। उन्होंने समाज को एकजुट होकर अपने नेताओं और साथियों का समर्थन करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम संयोजक अनिल अग्रवाल साँवरिया द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वैश्य समाज को एकजुट होकर सभी वर्गों का सहयोग करना चाहिए। जब तक हम सभी एक होकर समाज के हित में नहीं सोचेंगे, तब तक वैश्य समाज का समुचित उत्थान संभव नहीं है।

प्रमुख वक्ता अशोक गोयल  ने कहा कि वैश्य समाज से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी न केवल देश, बल्कि पूरे विश्व को दिशा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि जैन समाज के पुत्र अमित शाह जी देश की आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभा रहे हैं। उन्होंने सभी से वैश्य होने पर गर्व करने तथा गौ सेवा के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने बड़ौत कांड पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए संगठन की एकता पर बल दिया।

वरिष्ठ महामंत्री संजय अग्रवाल ने आह्वान किया कि वैश्य समाज के जो भी व्यक्ति राजनीति में उच्च स्तर पर विराजमान हैं, उन्हें टिकट वितरण में वैश्य समाज को उचित प्रतिनिधित्व दिलाने का कार्य करना होगा।


रूबी अग्रवाल  ने संगठन को सशक्त बनाने, युवाओं को जोड़ने तथा महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। वहीं मेरठ महिला विंग की प्रभारी सीमा गोयल जी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक परिवार को अपनी महिलाओं को संगठन से जोड़ना चाहिए।

के.पी. गुप्ता ने “एक बनो, श्रेष्ठ बनो” का संदेश देते हुए आपसी सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए देवेंद्र हितकारी  ने महाराजा अग्रसेन नगर, गाज़ियाबाद के नामकरण की मांग रखी।

वरिष्ठ समाज सेवी व अग्र शिरोमणि वी.के. अग्रवाल ने बड़ौत की घटना के विरोध में गाज़ियाबाद में भी सांकेतिक प्रदर्शन करने का सुझाव दिया। करंट क्राइम के संपादक मनोज गुप्ता  ने कहा कि वैश्य समाज को केवल मंदिर और धर्मशालाओं तक सीमित न रहकर स्वयं को मजबूत बनाने और राजनीति में आगे आने की आवश्यकता है।

दीपक मित्तल जी (प्रभारी, उत्तर प्रदेश) ने बताया कि IVF की शाखाएं पूरे देश में कार्य कर रही हैं।

कार्यक्रम में आदिनारायण गुप्ता, संजीव गुप्ता, अशोक गोयल, दीपक मित्तल, ललित जायसवाल, के.पी. गुप्ता, अशोक अग्रवाल, अनिल अग्रवाल (पूर्व सांसद), विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरज बोरा, विवेक गोयल, राजेश गुप्ता,मुकेश गुप्ता कुलदीप अग्रवाल, नीरज गुप्ता, विशाल गर्ग, डॉ. संदीप सिंघल, रितु गुप्ता, संगीता माहेश्वरी, सीमा गोयल, देवेंद्र हितकारी, अनिल गर्ग, अनिल सांवरिया, ओ.पी. गुप्ता, सारिका गर्ग, अंजलि सिंघल,कैलाश मंगला, संजय अग्रवाल, सुनील वैष्णेय राजेश गुप्ता, विवेक अग्रवाल, प्रदीप गुप्ता, नीरज गुप्ता, गगन गुप्ता, दीप्ति अरोड़ा,  रितु गुप्ता, डीके गोयल, सुभाष गुप्ता रोड स्टील, मनोज गुप्ता करंटक्राइम,सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।

मंगलवार, 16 जून 2026

शिक्षा और खेल के समन्वय से विकसित भारत का निर्माण संभव : विधायक संजीव शर्मा










                                मुकेश गुप्ता

केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं सम्मान के 12 वर्ष पूर्ण होने पर शिक्षा एवं खेल संवाद संगोष्ठी का आयोजन

गाजियाबाद। केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं सम्मान के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विकास भवन स्थित दुर्गावती देवी सभागार में “शिक्षा एवं खेल संवाद संगोष्ठी” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा एवं खेल के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, शिक्षकों, खिलाड़ियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता कर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गाजियाबाद विधायक संजीव शर्मा ने संगोष्ठी में वक्ताओं द्वारा प्रस्तुत विचारों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि शिक्षा विकसित समाज की आधारशिला है। वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, निपुण अभियान, नई शिक्षा नीति, डिजिटलीकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा शिक्षकों के सतत प्रशिक्षण जैसे प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा और खेल एक-दूसरे के पूरक हैं। जिस प्रकार शिक्षा में खेल का समावेश आवश्यक है, उसी प्रकार खेलों में शिक्षा का महत्व भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह अद्भुत समन्वय युवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आज गाजियाबाद को विकास, समृद्धि और प्रगतिशील सोच के लिए सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।

सह विद्यालय निरीक्षक सतीश पांडे ने विकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए सभी शिक्षकों को अपने दायित्वों के प्रति प्रेरित किया।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओ.पी. यादव ने स्वागत संबोधन में उपस्थित अतिथियों एवं प्रबुद्ध जनों का स्वागत करते हुए संगोष्ठी में हुए विचार-विमर्श को अपने कार्य एवं व्यवहार में अपनाने का आह्वान किया।

शिक्षा एवं शिक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में लगभग 40 वर्षों तक योगदान देने वाली तथा दो बार राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर रेखा अग्रवाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति तथा शिक्षा के माध्यम से समाज में होने वाले सकारात्मक परिवर्तनों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

खेल विशेषज्ञ डॉ. रिचा सूद ने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से खेलों के विभिन्न आयामों पर चर्चा की। उन्होंने सुझाव दिया कि जिस प्रकार “एक जनपद-एक उत्पाद” योजना संचालित है, उसी प्रकार “एक जनपद-एक खेल” की अवधारणा को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

माध्यमिक शिक्षा विभाग की श्रीमती तनुजा शर्मा ने आंकड़ों के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हो रही निरंतर प्रगति एवं उपलब्धियों को प्रस्तुत किया।

बेसिक शिक्षा विभाग के एकेडमिक रिसोर्स पर्सन  नीरज खटाना ने निपुण भारत मिशन तथा परिषदीय विद्यालयों में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं शैक्षिक सुधारों की जानकारी दी।

कार्यक्रम का संचालन एसआरजी श्रीमती पूनम शर्मा ने किया। उन्होंने संगोष्ठी को संवादात्मक बनाते हुए उपस्थित सभी प्रतिभागियों को चर्चा एवं विचार-विमर्श में सक्रिय रूप से सम्मिलित किया। "प्राचीन शिक्षा पद्धति एवं नवीन शिक्षा प्रणाली" विषय पर भी प्रतिभागियों ने अपने विचार व्यक्त किए।

अंत में जिला समन्वयक (माध्यमिक शिक्षा) पवन कुमार भाटी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संगोष्ठी अपने उच्च स्तरीय एवं गुणवत्तापूर्ण विचार-विमर्श के कारण लंबे समय तक स्मरणीय रहेगी।

कार्यक्रम में जिला समन्वयक रुचि त्यागी, सिंपल चौधरी, राजकीय इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षकगण, बेसिक शिक्षा विभाग के सभी एसआरजी, एआरपी, जेंडर नोडल अधिकारी तथा खेल विभाग के फुटबॉल खिलाड़ी एवं उनके प्रशिक्षक उपस्थित रहे।

वैश्य एकता समिति गाजियाबाद का 97वां मासिक विवाह योग्य वैश्य युवक युवती परिचय सम्मेलन आयोजित हुआ

 



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । वैश्य एकता समिति गाजियाबाद द्वारा रविवार 14 जून 2026 को दुर्गा वाशिंग पाउडर परिसर, पारस होटल के पीछे, अम्बेडकर रोड, कालकागढ़ी चैक, गाजियाबाद पर विवाह योग्य वैश्य युवक युवती एवं समाज के ब्राह्मण, पंजाबी एवं अन्य वर्ग हेतु 97वां मासिक परिचय सम्मेलन समिति के अध्यक्ष प्रेमचंद गुप्ता ;चेयरमैन दुर्गा वाशिंग पाउडरद्ध के सौजन्य से आयोजित किया गया। समिति के अध्यक्ष ने सभी प्रत्याशियों, अभिभावको, परिचयकर्ताओं एवं आयोजन में उपस्थित समाजसेवियों व पत्रकार बंधुओं को आगामी गंगा दशहरा एवं निर्जला एकादशी की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उनका अभिनंदन किया। उन्होने कहा कि आप सभी के सहयोग के कारण यह सम्मेलन हर माह सफलतापूर्वक आयोजित हो रहा है एवं प्रत्येक माह 40-42 नये रजिस्टेªशन फार्म का सहयोग मिलता रहा है तथा 12-14 रिश्ते भी तय हो जाते हैं, इसके लिए उन्होने सभी का धन्यवाद अर्पित किया। अन्य समाजों के अनुरोध पर समिति द्वारा विवाह योग्य वैश्य युवक युवती हेतु परिचय सम्मेलन के साथ-साथ ब्राह्मण एवं अन्य वर्ग के युवक एवं युवती हेतु भी सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। महासचिव व संयोजक अजय कुमार गोयल ने सभी प्रत्याशियों का मंच के माध्यम से परिवार सहित परिचय कराया। उन्होने बताया कि इस माह सम्मेलन में 39 नये प्रत्याशियों के पंजीकरण हुए एवं पत्रिका में पूर्व पंजीकृत प्रत्याशियों से सम्पर्क करने पर 14 प्रत्याशियों के वैवाहिक सम्बन्ध तय होने की जानकारी प्राप्त हुई है जो कि समिति के लिए बहुत ही हर्ष का विषय है, उन्होने कहा कि यह कार्य प्रेमचंद गुप्ता जी के मार्गदर्शन व सभी पदाधिकारियों एवं अभिभावकों के सहयोग से सम्भव हो पाया है। पत्रिका के संपादन का कार्य अनुराग अग्रवाल के द्वारा बहुत कम समय में तैयार किया गया जिसके लिए मैं समिति के समस्त पदाधिकारियों की तरफ से उनका भी विशेष रूप से आभार प्रकट करता हूँ। समारोह में उपस्थित युवती प्रत्याशियों द्वारा मंच पर परिचय देने के उपरांत उन्हें पुरूस्कार देकर सम्मानित भी किया गया। सम्मेलन को सफल बनाने में अध्यक्ष प्रेमचंद गुप्ता, अजय कुमार गोयल, अनुराग अग्रवाल, नीरू अग्रवाल, बुद्वगोपाल गोयल, राकेश मित्तल, रेनू अग्रवाल, विनोद गुप्ता, बी एन अग्रवाल एवं महेन्द्र गुप्ता, राधारमण अग्रवाल, राजेश गुप्ता, लक्ष्मी नारायण सिंघल, देवेन्द्र गर्ग, राजीव अग्रवाल, अनुराग, राकेश शर्मा आदि पदाधिकारियों का विशेष सहयोग रहा।

खिलाड़ियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प,खाई सभी ने कसम: चौधरी नीरपाल, खिलाड़ियों ने कहा मरते दम तक अपने लिए नहीं,देश के लिए खेलेंगे।विजय कौशिक

 




सत्ता बन्धु संवाददाता

सहारनपुर । सहारनपुर में रविवार 14 जून को राष्ट्रीय लोकदल खेल प्रकोष्ठ द्वारा देश के गौरवशाली खिलाड़ियों का फूल बरसाकर भव्य स्वागत किया।

सम्मान समारोह के संयोजक राष्ट्रीय लोकदल खेल प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी चौ नीरपाल सिंह ने अपनी खेल प्रकोष्ठ की पूरी टीम के साथ राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सम्मान देते हुए कहा कि आज पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी आए हुए हैं जिन्होंने अपने देश का मान सम्मान बढ़ाया है।आज के सम्मान समारोह से युवाओं में जागरूकता बढ़ेगी।बच्चों को प्रेरणा मिलेगी।हमारे नेता केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी का सपना है कि किसानों के बच्चों का खेलो के माध्यम से भविष्य बने। हर गांव, हर घर मेडल जीतकर आए वो सपना हमे साकार करना है।

  सम्मानित होने वाले खिलाड़ियों में कुश्ती के अर्जुन अवार्डी सुनील राणा,टीम इंडिया के कोच जितेंद्र राणा,एशिया चैंपियनशिप थाईलैंड कांस्य पदक उत्तम राणा,जाट रेजिमेंट बरेली मे मेजर कुश्ती एशिया मेडलिस्ट मनोज खोखर,जाट रेजीमेंट बरेली सुबेदार रेसलिंग ग्रेपलिंग एशिया मेडलिस्ट नवीन बालियान,वुशु वर्ल्ड चैंपियन सूबेदार उचित शर्मा, पैरा ओलम्पिक रजत पदक निखिल कुमार,कॉमनवेल्थ गेम्स कराटे रजत पदक विजेता राजीव मुंडेलवाल, सिराज अहमद 

नैशनल रेफरी,  जू जित्सू में एशिया पदक विश्वदीप कोशिक,नरेंद्र पंवार गोल्डमेडलिस्ट, मोहम्मद असाद वर्ल्ड चैंपियन रेसलिंग ग्रेपलिंग,इनके अलावा एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले विपिन राठी,मोंटी मलिक,रिक्की तोमर,आरोही चौधरी, प्रवीण शर्मा राष्ट्रीय मैराथन गोल्ड मेडल,सहित लगभग 184 अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय गौरवशाली खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।

   इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष दीपक तोमर, राष्ट्रीय महासचिव डॉ संजीव आर्य, राष्ट्रीय महासचिव विजय कौशिक, राष्ट्रीय सचिव योगेश प्रताप सिंह, राष्ट्रीय सचिव सतवीर घिस्सा, क्षेत्रीय अध्यक्ष शारिक चौधरी, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष रेयान त्यागी,प्रदेश महासचिव अरविंद पंवार, प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश एडवोकेट, जिलाध्यक्ष संजीव चौधरी,नौशाद प्रिंस, रिंकू सोनकर,अनुभव निर्वाल,प्रताप लोहिया,विनोद प्रधान,महानगर अध्यक्ष अरविंद मलिक उपस्थित रहे।

अध्यक्षता रालोद जिलाध्यक्ष शाहजमां खान ने की।

करणी सेना उत्तर प्रदेश की पचास विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी खड़ा करेगी: सूरजपाल अम्मू

 


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू ने दावा किया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश के चालीस जनपदों में सक्रिय है। प्रदेश की कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने के लिए उनकी पार्टी उप्र में होने वाले विधानसभा चुनाव -2027 में पचास विधान सभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। 

अम्मू मंगलवार को यहां दुबई मॉल में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों में करणी सेना की सक्रिय भागीदारी को लेकर संगठन के पदाधिकारियों से व्यापक चर्चा की गई। करनी सेना उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में चिंतन शिविर, प्रशिक्षण वर्ग एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने का काम करेगा। 

करणी सेना प्रमुख ने कहा कि हर लक्ष्य उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में मजबूत संगठनात्मक संरचना तैयार करके आगामी चुनावों के लिए योग्य एवं समर्पित उम्मीदवारों की पहचान करना है। इसके लिए एक विशेष कोर कमेटी के गठन का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा जातीय भेदभाव से ऊपर उठकर योग्य, शिक्षित, राष्टÑभक्त लोगों को उम्मीदवार बनाया जाएगा। 

राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू ने एक सवाल के जवाब में कहा कि यदि कोई राष्टÑभक्त मुस्लिम वंदे मातरम बोलता है और देश के प्रति समर्पण भाव रखता है तो वह उनकी पार्टी से चुनाव लड़ना चाहता है तो पार्टी में उसका स्वगत होगा। उन्होंने कहा कि करणी सेना समाज हित, राष्ट्र हित एवं युवाओं को संगठित कर एक मजबूत सामाजिक एवं राजनीतिक शक्ति के रूप में कार्य कर रही है तथा आने वाले समय में संगठन की भूमिका और अधिक प्रभावी होगी।

सूरज पाल अम्मू ने अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में चंदे एवं दान पात्र में हुई चोरी की घटना पर भी गहरा रोष व्यक्त किया। साथ ही इस संबंध मे करणी सेना ने कविनगर थाने में रिपोर्ट कराने के लिए पत्र देकर दोषियों के विरुद्ध जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की मांग की हैं । 

इस प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय महामंत्री संदीप सिंघल, राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष विवेक तोमर, गाजियाबाद जिलाध्यक्ष गौरव शर्मा, निशित रावल, वीके शर्मा हनुमान भी उपस्थित थे।

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परमार्थ निकेतन गंगा तट पर आयोजित 34 दिवसीय श्रीराम कथा का 33वाँ दिवस, घर केवल ईंट और पत्थरों से नहीं, संस्कृति और संस्कारों से बनता है--स्वामी चिदानन्द सरस्वती

 



आशिष शर्मा

ऋषिकेश । परमार्थ निकेतन के पावन गंगा तट पर आयोजित 34 दिवसीय श्रीराम कथा आज अपने 33वें दिवस में प्रवेश कर गई। भक्ति, ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के संदेशों से ओतप्रोत यह दिव्य कथा अनेकों श्रद्धालुओं के हृदय में धर्म, संस्कृति और प्रकृति के प्रति जागरूकता का दीप प्रज्वलित कर रही है। कथा अब अपने समापन की ओर अग्रसर है, परंतु इसके द्वारा जागृत संकल्प और प्रेरणाएँ आने वाली पीढ़ियों के जीवन को आलोकित करती रहेंगी।

अधिक मास की पूर्णता के उपरांत पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि आज से एक नए शुभ और मंगलमय समय का प्रारम्भ हुआ है। अब सभी शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ समय आरम्भ हो चुका है। यह केवल तिथियों का परिवर्तन नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का भी अवसर है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे आने वाले वर्षों के लिए ऐसे संकल्प लें जो स्वयं के साथ-साथ समाज, संस्कृति और राष्ट्र के लिए भी कल्याणकारी हों।

पूज्य स्वामी जी ने रामायण के एक प्रेरणादायी प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि राजा बाली जैसा महान पराक्रमी योद्धा, जिसने अपने बल से रावण जैसे शक्तिशाली राजा को भी अपने बाजु में दबाकर छह माह तक रखा, उसने भी अपने जीवन के अंतिम क्षणों में अपने पुत्र अंगद को भगवान श्रीराम के चरणों में समर्पित कर दिया। यह प्रसंग हमें संदेश देता है कि संसार की सबसे बड़ी शक्ति  प्रभु के चरणों में ही है।

उन्होंने कहा कि यदि हमें सनातन संस्कृति, अपने संस्कारों और अपनी गौरवशाली परंपराओं को सुरक्षित रखना है तो हमें अपनी संतानों को भगवान से जोड़ना होगा। अपने बच्चों को केवल आधुनिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शिक्षा, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति का ज्ञान भी देना होगा। जब नई पीढ़ी प्रभु के चरण, शरण और आचरण को अपनाएगी, तभी संस्कृति और सभ्यता का संरक्षण संभव होगा।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि श्रीराम कथा का सार यही है कि हम अपने जीवन में प्रभु के आदर्शों को धारण करें। प्रभु श्रीराम का जीवन सत्य, सेवा, त्याग, मर्यादा और करुणा का अनुपम उदाहरण है। यदि परिवार और समाज इन मूल्यों को आत्मसात कर लें तो अनेक सामाजिक समस्याएँ स्वतः समाप्त हो सकती हैं।

उन्होंने सभी परिवारों का आह्वान करते हुये कहा कि प्रतिदिन कुछ समय एक साथ बैठकर प्रार्थना करें। परिवार की सामूहिक प्रार्थना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भावनात्मक एकता, प्रेम, विश्वास और संस्कारों का आधार है। जब परिवार के सदस्य एक साथ ईश्वर का स्मरण करते हैं, तब उनके बीच के संबंध और अधिक मजबूत होता है तथा घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि घर केवल ईंट और पत्थरों से नहीं बनता, बल्कि   संस्कृति और संस्कारों से बनता है। भव्य भवन होने के बावजूद यदि उसमें प्रेम, सम्मान, करुणा, अनुशासन और आध्यात्मिकता का अभाव है तो वह केवल एक मकान है, घर नहीं। घर तब घर बनता है जब उसमें बड़े-बुजुर्गों का सम्मान, बच्चों को संस्कार, माता-पिता का स्नेह और प्रभु का स्मरण हो।

उन्होंने कहा कि यदि परिवारों में संस्कारों की कमी होगी तो समाज की नींव कमजोर हो जाएगी। इसलिए आज आवश्यकता इस बात की है कि हम अपने बच्चों को केवल सफल नहीं, बल्कि संस्कारी भी बनाएं। संस्कारयुक्त युवा ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता बन सकते हैं।

श्रीराम कथा के दौरान लाखों-लाख पौधों के रोपण और उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। पूज्य स्वामी जी ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण की रक्षा नहीं करते, बल्कि जीवन की रक्षा करते हैं। एक वृक्ष अनेक पीढ़ियों को शुद्ध वायु, छाया, फल और जीवन प्रदान करता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना और उसका पालन-पोषण करना होगा।

कथा व्यास संत मुरलीधर ने कहा कि कथा अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है, और इसके माध्यम से लिए गए संकल्प, सनातन संस्कृति के संरक्षण, परिवारों में संस्कारों के संवर्धन, प्रभु से जुड़ाव तथा पर्यावरण संरक्षण, समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई चेतना का आधार है।

सोमवार, 15 जून 2026

विश्व रक्तदाता दिवस पर यशोदा अस्पतालों में स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों का सफल आयोजन






मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद, 14 जून 2026। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर "One Drop of Humanity, Give Blood – Save Lives" (मानवता की एक बूंद – रक्तदान करें, जीवन बचाएं) थीम के अंतर्गत यशोदा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं कैंसर इंस्टीट्यूट, संजय नगर, गाजियाबाद तथा यशोदा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, नेहरू नगर, गाजियाबाद में भव्य स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया।

इन शिविरों का आयोजन डॉ. (पूर्व कमांडेंट) प्रमोद यादव विभागाध्यक्ष, इम्यूनोहीमैटोलॉजी एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन (ब्लड सेंटर) के मार्गदर्शन में किया गया।

यशोदा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं कैंसर इंस्टीट्यूट, संजय नगर में आयोजित शिविर में **54 स्वैच्छिक रक्तदाताओं** ने रक्तदान किया, जबकि यशोदा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, नेहरू नगर में आयोजित शिविर में **66 स्वैच्छिक रक्तदाताओं** ने रक्तदान कर मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। इस प्रकार दोनों शिविरों में कुल **120 यूनिट रक्त** एकत्रित किया गया।

इस अवसर पर डॉ. प्रमोद यादव ने कहा कि सुरक्षित एवं पर्याप्त रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्वैच्छिक रक्तदान अत्यंत आवश्यक है। रक्तदान न केवल किसी जरूरतमंद मरीज का जीवन बचाता है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को भी सुदृढ़ करता है। उन्होंने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक लोगों से नियमित रक्तदान करने की अपील की।

शिविरों में भाग लेने वाले सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। अस्पताल प्रशासन ने रक्तदान अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी रक्तदाताओं, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ तथा ब्लड सेंटर टीम का धन्यवाद ज्ञापित किया।

शिविर में डॉ. (पूर्व कमांडेंट) प्रमोद यादव विभागाध्यक्ष, इम्यूनोहीमैटोलॉजी एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन (ब्लड सेंटर) यशोदा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं कैंसर इंस्टीट्यूट, संजय नगर, गाजियाबाद तथा यशोदा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, नेहरू नगर, गाजियाबाद का सहयोग रहा।