शुक्रवार, 19 जून 2026

परमार्थ निकेतन में गंगा आरती जागरूकता कार्यशाला का हुआ शुभारम्भ, वेदमंत्रों के दिव्य वातावरण में परमार्थ पीठाधीश्वर, स्वामी चिदानन्द सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती ज के पावन सान्निध्य में भारत के 5 राज्यों से आये पुरोहितों और नमामि गंगे के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में 13 वीं गंगा आरती जागरूकता कार्यशाला का दीप प्रज्वलित कर किया उद्घाटन

 



सत्ता बन्धु संवाददाता

*💐नमामि गंगे, अर्थ गंगे, जल शक्ति मंत्रालय एवं परमार्थ निकेतन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विशेष कार्यशाला*

*🌼गंगा आरती केवल परम्परा नहीं, जन-जागरण का सशक्त माध्यम बने*

*🌺भारत के पाँच राज्यों के अनेक घाटों, हराही पोखर घाट, हजारीनाथ मंदिर घाट, क्षमा मंदिर घाट, कोनहारा घाट, रसलपुर घाट, सुल्तानपुर घाट, शिवकर घाट, दक्षिण घाट, बिहू नदी, पीपरा घाट, कमला नदी, जीवछ घाट, मनीहारी, कड़ागोला घाट, दरोली घाट, सिमरिया घाट एवं देवकुंड मंदिर घाट से आए पुरोहितों ने किया सहभाग*

ऋषिकेश, 19 जून। परमार्थ निकेतन में आज नमामि गंगे, अर्थ गंगे, जल शक्ति मंत्रालय एवं परमार्थ निकेतन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित गंगा आरती जागरूकता कार्यशाला का शुभारम्भ हुआ। 

वेदमंत्रों की दिव्य ध्वनि और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत वातावरण में परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में 13वीं गंगा आरती जागरूकता कार्यशाला का दीप प्रज्वलित कर शुभारम्भ किया गया।

इस गरिमामयी अवसर पर भारत के पाँच राज्यों से आये पुरोहितगण, नमामि गंगे  के पदाधिकारी एवं गंगा संरक्षण के प्रति समर्पित अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यशाला का उद्देश्य गंगा आरती को केवल आस्था का अनुष्ठान न बनाकर जन-जागरण का सशक्त माध्यम बनाना है, ताकि प्रत्येक आरती के साथ स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन का संदेश जन-जन तक पहुँचे।

यह कार्यशाला पुरोहितों को समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक के रूप में सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। 

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भारत की संस्कृति में नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं, बल्कि जीवनधाराएँ हैं। मां गंगा हमारी आस्था, संस्कृति, सभ्यता और आध्यात्मिक चेतना की आधारशिला हैं। हम प्रतिदिन गंगा मैया की आरती करते हैं, उन्हें माँ कहकर प्रणाम करते हैं, किन्तु यदि उसी गंगा में प्लास्टिक, कचरा, पूजा सामग्री और अन्य अपशिष्ट डालते हैं, तो यह हमारी श्रद्धा और आध्यात्मिकता नहीं है।

इस कार्यशाला का विशेष उद्देश्य है कि देशभर के पुरोहितों और आचार्यों के माध्यम से जागरूकता की प्रखर ज्योति प्रज्वलित करना है। भारत में लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन मंदिरों और घाटों पर पुरोहितों के मार्गदर्शन में पूजा-अर्चना करते हैं। यदि प्रत्येक पुरोहित आरती के माध्यम से केवल दो मिनट का संदेश और गंगा जी को स्वच्छ और निर्मल करने का संकल्प लें तो विलक्षण परिवर्तन हो सकता है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि गंदगी और बंदगी साथ-साथ नहीं चल सकते। जहाँ गंदगी होगी, वहाँ पवित्रता कैसे टिकेगी? जहाँ प्रदूषण होगा, वहाँ पूजा कैसे जीवित रहेगी? पूजा और प्रदूषण साथ-साथ नहीं हो सकते इसलिये अपने भीतर सेवा का दीप जलाना होगा। 

साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि मां गंगा नदी नहीं, बल्कि भारत की आत्मा हैं। उनकी निर्मलता हमारी राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। जब हम मां गंगा की रक्षा करते हैं, अर्थात् हम अपने भविष्य, अपनी संस्कृति और अपने अस्तित्व की रक्षा करते हैं।

आइए, इस कार्यशाला के माध्यम से हम सभी यह संकल्प लें कि मां गंगा में कचरा नहीं, केवल श्रद्धा प्रवाहित करें। हर पुरोहित जन-जागरण का दूत बने, हर श्रद्धालु मां गंगा के प्रहरी बने।

तीन दिवसीय गंगा आरती जागरूकता कार्यशाला में भारत के पाँच राज्यों के अनेक घाटों, हराही पोखर घाट, हजारीनाथ मंदिर घाट, क्षमा मंदिर घाट, कोनहारा घाट, रसलपुर घाट, सुल्तानपुर घाट, शिवकर घाट, दक्षिण घाट, बिहू नदी, पीपरा घाट, कमला नदी, जीवछ घाट, मनीहारी, कड़ागोला घाट, दरोली घाट, सिमरिया घाट एवं देवकुंड मंदिर घाट से आए पुरोहितों ने सहभाग किया।

गाजियाबाद पुलिस प्रशासन के खिलाफ पत्रकारों का हल्ला बोल,अब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को बचाने के लिए बलिदान देने का वक्त आ गया है — ललित चौधरी




                         संवाददाता

धरने के 10वें दिन प्रेस वार्ता में छलका दर्द, मानसिक औ शारीरिक उत्पीड़न के बीच आंदोलन ने लिया नया मोड़*

 *कल जिलाधिकारी (DM) के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा ज्ञापन, पत्रकारों की सुरक्षा के लिए उठेगी बड़ी मांग।*

गाजियाबाद। गाजियाबाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और कथित तानाशाही के खिलाफ न्याय की आस में बैठे पत्रकारों का आंदोलन अब उग्र रूप लेता जा रहा है। धरने के 10वें दिन एक भावुक और आक्रोशित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार ललित चौधरी ने दोटूक कहा, "अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को इतना कमजोर कर दिया गया है कि इसे बचाने के लिए अब बलिदान देने का वक्त आ गया है।"

ललित चौधरी ने गाजियाबाद पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि आखिर क्यों पुलिस के आला अधिकारी अपने ही भ्रष्ट पुलिसकर्मियों को बचाने में लगे हुए हैं?

प्रेस वार्ता के दौरान आपबीती सुनाते हुए ललित चौधरी ने बताया कि यह लड़ाई पिछले 30 दिनों से चल रही है। उन्होंने कहा- बीती 21 मई को हमें कार्रवाई का सिर्फ 3 दिन का आश्वासन मिला था। इसके बाद 24, 27 और फिर 30 मई को तारीखें दी गईं। हमारी साथी अपूर्वा जी ने 10 दिनों तक कड़ा अनशन किया, जिसे एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने यह भरोसा देकर खुलवाया था कि 2-3 दिनों में सख्त कार्रवाई होगी। लेकिन आज हमें धरने पर बैठे 10 दिन हो चुके हैं और इस मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न को झेलते हुए पूरा एक महीना बीत गया है।

अपनी और अपने साथियों की पारिवारिक स्थिति का जिक्र करते हुए ललित चौधरी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वे किसी रसूखदार या बड़े नेता की औलाद नहीं हैं, बल्कि किसान-मजदूर परिवारों से आते हैं, जहां रोज कमाकर घर का चूल्हा जलता है। आज उनका कामकाज ठप है, बूढ़े मां-बाप और बच्चे घर पर राह देख रहे हैं।

उन्होंने पत्रकार साथी अपूर्वा के साहस को सलाम करते हुए कहा कि वे पिछले दो महीने से बेहद बीमार हैं और उनका गंभीर ऑपरेशन होना बाकी है। इसके बावजूद, गिरते स्वास्थ्य के साथ वे 24 घंटे धरने पर डटी हुई हैं क्योंकि हम पूरी तरह निर्दोष हैं। ललित चौधरी ने दावा किया कि मुझे मुख्य आरोपी बनाए जाने के बावजूद मेरे मुख से किसी महिला या पुलिसकर्मी के लिए एक भी अपशब्द नहीं निकला है।

ललित चौधरी ने बताया कि उन्होंने अपनी बेगुनाही के एक दर्जन से अधिक पुख्ता सबूत खुद पुलिस को सौंपे हैं। ललित चौधरी ने कहा, "हमारी शुरू से एक ही मांग थी—अगर हम दोषी हैं तो हमें तुरंत जेल भेजो, और अगर निर्दोष हैं तो हमारे साथ दुर्व्यवहार करने वाले अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई करो। लेकिन प्रशासन की खामोशी साफ करती है कि वे अपनी नाकामी छिपाने और हमारा मनोबल तोड़ने के लिए अफवाहें उड़ा रहे हैं।"

ललित चौधरी ने साफ किया कि पुलिस ने पत्रकार और जनता के बीच जानबूझकर एक ऐसी खाई खोद दी है, ताकि कोई भी पत्रकार किसी पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए थाने-चौकी न जा सके। इस तानाशाही के खिलाफ अब आंदोलन को राष्ट्रव्यापी बनाने की तैयारी है।

गाजियाबाद पुलिस प्रशासन से उम्मीद टूटने के बाद, कल सुबह आंदोलनकारी जिलाधिकारी (DM) गाजियाबाद के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक ज्ञापन सौंपेंगे। इस ज्ञापन में गाजियाबाद पुलिस की तानाशाही की शिकायत के साथ-साथ पत्रकारों के हित और सुरक्षा के लिए एक बड़ी मांग की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि चाहे उन्हें यहां सालों बैठना पड़े, वे पीछे नहीं हटेंगे। हमारे पत्रकार साथी अब बलिदान देने के लिए भी तैयार हैं।

तहसील में चल रही वकीलों, बैनामा लेखकों की हड़ताल को सपा ने दिया सर्मथन

 



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन विभाग के कार्यों का निजीकरण कर दस्तावेजों के पंजीकरण एवं निष्पादन का काम निजी एजेंसियों को सौंपने के विरोध में गाजियाबाद सहित प्रदेशभर के अधिवक्ता, बैनामा लेखक एवं सहायक अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।

आज “राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार समाजवादी पार्टी गाजियाबाद के जिला अध्यक्ष फैसल हुसैन एडवोकेट एवं महानगर अध्यक्ष वीरेंद्र यादव एडवोकेट के नेतृत्व में वरिष्ठ सपा नेता अभिषेक गर्ग व विशाल वर्मा पूर्व विधायक प्रत्याशी गाजियाबाद  विधानसभा एव  पार्टी का प्रतिनिधिमंडल गाजियाबाद तहसील पहुंचा और तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा एवं सचिव दीपक वार्ष्णेय को समर्थन पत्र सौंपकर आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया।

समाजवादी पार्टी का स्पष्ट मानना है कि भाजपा सरकार की यह नीति अधिवक्ताओं और बैनामा लेखकों के रोजगार पर सीधा हमला है। प्रदेश के लगभग 45 जिलों में चल रहा यह आंदोलन सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनता के आक्रोश का प्रतीक है।

हम मांग करते हैं कि सरकार तत्काल अधिवक्ताओं एवं बैनामा लेखकों के प्रतिनिधियों से वार्ता कर इस निजीकरण के फैसले को वापस ले और लाखों लोगों के रोजगार तथा आम जनता के हितों की रक्षा करे।

समाजवादी पार्टी हर संघर्ष में अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों और आम जनता के साथ खड़ी है।

राष्ट्रीय व्यापार मंडल के पदाधिकारीयो ने जिलाधिकारी को सम्मानित किया

 


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद  19 जून 2026 । राष्ट्रीय व्यापार मंडल के पदाधिकारीयो ने जिला अध्यक्ष बालकिशन गुप्ता के नेतृत्व में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित अशोक भारतीय, राष्ट्रीय सलाहकार रितेश शर्मा, जिला महामंत्री संजय शर्मा, काजल छिब्बर, वीरेंद्र कंडेरे, शंकर आदि पदाधिकारीयो के साथ जिला कलेक्ट्रेट जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जिला अधिकारी  रविंदर कुमार मंदार को उनके द्वारा गाजियाबाद की जनता के लिए किए जा रहे कार्यों के लिए उनको स्मृति चिन्ह भेंट कर बधाई दी एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की तथा राष्ट्रीय व्यापार मंडल पदाधिकारीयो ने गोविंदपुरम के बाबा मार्केट में लगी भयंकर आग से जली बाबा मार्केट गोविंदपुरम की दुकानों, अंकित डेरी एंड स्वीट्स, श्री बालाजी कम्युनिकेशन, सिंघल स्वीट्स, महा गणेश ट्रेडर्स, अग्रवाल स्वीट्स के व्यापारियों को दोबारा स्थापित करने के लिए उनकी मदद करने का आवेदन किया तथा मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी को भेंट करते हुए व्यापारियों की पूरी तरीके से पुनर्स्थापित कर मुआवजा दिलाने का निवेदन किया जिससे कि वह भविष्य में अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें। जिलाधिकारी श्री रविंद्र कुमार मंदार द्वारा व्यापारियों के हित में इस समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया गया।

गुरुवार, 18 जून 2026

गाजियाबाद नगर निगम पहुंचे डिप्टी सीएमबृजेश पाठक ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम का लिया जायज़ा, महापौर तथा नगर आयुक्त ने चल रहे कार्यों की दी जानकारी

 








मुकेश गुप्ता

*जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए निगम के  आई ट्रिपल सी का सराहनीय प्रयास--डिप्टी सीएम*

गाजियाबाद ।  नगर निगम मुख्यालय पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का जायजा लिया गया महापौर सुनीता दयाल तथा नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया साथ ही जनहित में किया जा रहे कार्यों पर भी जानकारी दी गई जिसके क्रम में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, व्हीकल ट्रैकिंग मॉनिटरिंग सिस्टम के बारे में विस्तार से बताया गया मौके पर स्क्रीन के माध्यम से शहर की यातायात व्यवस्था को देखा गया डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की मॉनिटरिंग को लेकर विस्तार से नगर आयुक्त द्वारा बताया गया, जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कॉल सेंटर के माध्यम से बेहतर कार्य किया जा रहा है मौके पर माननीय डिप्टी सीएम द्वारा देखा गया।

 उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने बताया कि शहर वासियों की समस्याओं का समाधान, यातायात व्यवस्था मॉनिटरिंग, घरों से निकलने वाले कूड़े का निस्तारण हेतु प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुंचाना सभी कार्य गाजियाबाद नगर निगम द्वारा योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहे है प्रशंसा की गई, मौके पर विधायक संजीव शर्मा तथा पार्षद गण भी उपस्थित रहे ।

पत्रकारों ने जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष बनने पर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज का भव्य अभिनंदन किया

 






मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर, गोशाला रोड, गाजियाबाद में दिल्ली के पत्रकारों द्वारा एक भव्य अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज को जूना अखाड़ा की प्रतिष्ठित 13 मढ़ी का अध्यक्ष बनाए जाने पर सम्मानित किया गया।

समारोह में दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे पत्रकारों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज को बधाई दी तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ। इसके पश्चात उपस्थित पत्रकारों ने श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज को पुष्पमालाएं पहनाकर, अंगवस्त्र भेंट कर तथा स्मृति-चिह्न प्रदान कर उनका अभिनंदन किया।

पत्रकारों एवं वक्ताओं ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने वर्षों से धर्म, संस्कृति, राष्ट्र चेतना एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उनके नेतृत्व में श्री दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर आध्यात्मिक, सामाजिक एवं धार्मिक जागरण का प्रमुख केंद्र बनकर कार्य कर रहा है।

वक्ताओं ने कहा कि जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष पद पर उनकी नियुक्ति गौरव का विषय है। उन्होंने सनातन संस्कृति के संरक्षण, युवाओं को संस्कारों से जोड़ने तथा समाज में समरसता स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी संगठन क्षमता, दूरदर्शी नेतृत्व एवं सामाजिक स्वीकार्यता को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है।

समारोह के दौरान मान्यता प्राप्त पत्रकार कल्याण समिति, दिल्ली के अध्यक्ष रवींद्र गुप्ता का जन्मोत्सव भी श्रद्धापूर्वक मनाया गया। श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर में पूजन-अर्चन कर उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की मंगलकामना की गई तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की गई।

अपने संबोधन में श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने सभी पत्रकारों, श्रद्धालुओं एवं गणमान्य अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, समाज सेवा एवं राष्ट्रहित के कार्यों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि उन्हें जो दायित्व सौंपा गया है, उसका निर्वहन वे पूर्ण निष्ठा, समर्पण एवं सेवा-भाव से करेंगे।

महाराजश्री का अभिनंदन करने वालों में अशोक कौशिक, अजय शर्मा, देवेंद्र तोमर, जिला सूचना अधिकारी वाई.पी. सिंह, अशोक धवन, महेश श्रीवास्तव, सोनू अरोड़ा, राजेश शर्मा, नवीन खाती, उदय सिंह मीणा, सुदामा पाल, राजा तालुकदार, संजय गोयल, रजनीकांत तिवारी, पवन कश्यप, अमित गुप्ता, सनी कुमार, शैशव शर्मा, अनिल सोनी, राकेश वर्मा, सुजीत सोनी, गौरव शर्मा, अंकित पंवार, दिवाकर मिश्रा, अमित कुमार, वंश कौशिक, राजीव गुप्ता, राकेश शर्मा, मुकेश गुप्ता, दिलीप अरोड़ा, सुनील गुप्ता उर्फ बबलू सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

अंत में प्रसाद वितरण एवं सामूहिक भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

जे के जी इन्टरनेशनल स्कूल इन्दिरापुरम गाज़ियाबाद में 19 से 21 जून तक आयोजित होगी द्वितीय उत्तर प्रदेश राज्य रैंकिंग टेबल टेनिस प्रतियोगिता--वरूण गौड़

   

                            मुकेश गुप्ता

गाज़ियाबाद, 18 जून 2026 । गाजियाबाद एक बार फिर प्रदेश स्तरीय टेबल टेनिस की रोमांचक प्रतिस्पर्धा का साक्षी बनने जा रहा है। द्वितीय उत्तर प्रदेश राज्य रैंकिंग टेबल टेनिस प्रतियोगिता का आयोजन 19 से 21 जून, 2026 तक जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, गाज़ियाबाद में किया जाएगा।

इस संबंध में स्कूल में आयोजित प्रेस वार्ता मे जानकारी देते हुए गाज़ियाबाद एसोसिएशन ऑफ टेबल टेनिस (GATT) के अध्यक्ष जे. के. गौर एवं डायरेक्टर वरुण गौड़ ने बताया कि बताया कि जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल को इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेज़बानी का अवसर प्राप्त हुआ है। इस प्रतियोगिता में प्रदेश भर के  श्रेष्ठ टेबल टेनिस खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

GATT के मानद सचिव  ऋषिराज त्यागी ने बताया कि इस प्रतियोगिता में 500 से अधिक खिलाड़ियों के भाग लेने की संभावना है। इनमें लखनऊ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, बरेली, मुरादाबाद, गौतम बुद्ध नगर, वाराणसी, गाज़ियाबाद सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों के खिलाड़ी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि अब तक 650 खिलाड़ियों की एंट्री हुई हैं 

प्रतियोगिता में अंडर-11, अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17, अंडर-19 तथा सीनियर वर्ग में बालक एवं बालिका दोनों श्रेणियों की स्पर्धाएँ आयोजित की जाएंगी।


श्री त्यागी ने आगे बताया कि यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें प्राप्त प्रदर्शन एवं रैंकिंग के आधार पर उन्हें उत्तर प्रदेश राज्य टेबल टेनिस टीम में स्थान बनाने का अवसर प्राप्त होता है। इसलिए प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए यह प्रतियोगिता अपनी प्रतिभा सिद्ध करने का एक महत्वपूर्ण मंच है।

डायरेक्टर वरूण गौड़ ने बताया कि तीन दिवसीय यह आयोजन न केवल उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा का केंद्र बनेगा, बल्कि प्रदेश में टेबल टेनिस के प्रचार-प्रसार और युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रतियोगी खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएंगी। इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा बच्चे गाजियाबाद के है। यह टूर्नामेंट गाजियाबाद एसोसिएशन आफ  टेबल टेनिस तथा युपी टेबल टेनिस एसोसिएशन के तात्वाधान आयोजित किया जा रहा है।प्रेस वार्ता में कशिश अरोड़ा, विभोर खरे,अर्पित नितू शर्मा आदि उपस्थित




बुधवार, 17 जून 2026

परमार्थ निकेतन में आयोजित 34 दिवसीय श्री राम कथा अनेक संकल्पों, संस्कारों और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ सम्पन्न हुई

 





सत्ता बन्धु संवाददाता

*💥वीरता, स्वाभिमान और मेवाड़ के शेर, राष्ट्रभक्ति के प्रतीक महाराणा प्रताप जी की जयंती पर परमार्थ निकेतन से उनकी साधना को नमन*

*🌸जीजाबाई की पुण्यतिथि पर परमार्थ निकेतन से भावभीनी श्रद्धांजलि, नमन*

ऋषिकेश, उत्तराखण्ड, 17 जून । परमार्थ निकेतन में आयोजित 34 दिवसीय दिव्य एवं भव्य श्री राम कथा का आज भावपूर्ण समापन हुआ। कथा के समापन अवसर पर परमार्थ निकेतन के पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, परमार्थ निकेतन की अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष, साध्वी भगवती सरस्वती जी, डॉ. परमहंस  रामप्रसाद  महाराज तथा पूज्य बापू जी का पावन सान्निध्य, आशीर्वाद एवं प्रेरणादायी उद्बोधन प्राप्त हुआ।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने 34 दिवसीय श्रीराम मानस कथा के विराम अवसर पर मानस कथा व्यास संत मुरलीधर जी, भक्तिमति मीना जी एवं सम्पूर्ण कुलरिया परिवार को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके समर्पण, श्रद्धा और सेवाभाव ने इस कथा को केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जन-जन के जीवन को संस्कारित करने वाले आध्यात्मिक महायज्ञ का स्वरूप प्रदान किया। कथा के साथ विशाल भंडारे की व्यवस्था, सैकड़ों श्रद्धालुओं के लिये सुविधाजनक आश्रय तथा निरंतर कथा श्रवण का दिव्य अवसर उपलब्ध कराना वास्तव में अनुकरणीय सेवा है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि श्रीराम कथा का वास्तविक सार केवल कथा सुनने में नहीं, बल्कि उसे जीवन में उतारने में है। परिस्थितियाँ कैसी भी हों, जीवन में कितने भी उतार-चढ़ाव आएँ, यदि हमारी आंतरिक स्थिति स्थिर, शांत और सकारात्मक बनी रहे, तो वही कथा का सच्चा संदेश है। बाहरी परिस्थितियों को हम सदैव नियंत्रित नहीं कर सकते, परंतु अपने विचारों, भावनाओं और दृष्टिकोण को अवश्य नियंत्रित कर सकते हैं। यही आध्यात्मिकता है, यही रामत्व है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का संपूर्ण जीवन मेवाड़ की संप्रभुता, अस्मिता और गौरवशाली परम्पराओं की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने राजस्थान की पुण्यभूमि का स्मरण करते हुए कहा कि इस धरती ने भारत को शक्ति और भक्ति दोनों प्रदान की हैं। यह वीरता, त्याग, समर्पण और धर्मनिष्ठा की भूमि है। इसी भूमि ने शक्ति के प्रतीक महाराणा प्रताप, भक्ति की अमर धारा भक्त शिरोमणि मीराबाई तथा राष्ट्रसेवा और दानशीलता के आदर्श भामाशाह जैसे महान विभूतियों को जन्म दिया। इनके जीवन से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि जब शक्ति, भक्ति और सेवा का समन्वय होता है, तब राष्ट्र और समाज का गौरव बढ़ता है।

पूज्य स्वामी जी ने आज जीजाबाई की पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इतिहास केवल युद्धों और विजयों से नहीं बनता, बल्कि उन महान आत्माओं के संकल्प, संस्कार और त्याग से निर्मित होता है जो युगों को दिशा देते हैं। जीजाबाई ऐसी ही दिव्य विभूति थीं। वे उस राष्ट्रचेतना की आधारशिला थीं जिसने हिन्दवी स्वराज्य के स्वप्न को जन्म दिया

एक माँ के रूप में उन्होंने अपने पुत्र को केवल जन्म ही नहीं दिया, बल्कि उसे धर्म, कर्तव्य, करुणा, न्याय और राष्ट्रप्रेम के उच्चतम संस्कार प्रदान किए। उन्होंने शिवाजी के मन में यह भाव जगाया कि सत्ता का उद्देश्य स्वार्थ नहीं, बल्कि लोककल्याण और धर्म की रक्षा है।

आइए, हम उनके जीवन से प्रेरणा लेकर ऐसे चरित्रवान, करुणामय और राष्ट्रनिष्ठ समाज के निर्माण का संकल्प लें, जहाँ प्रत्येक घर से शिवाजी जैसे आदर्श और जीजाबाई जैसी दिव्य मातृशक्ति का उदय हो।

साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि हम सब माँ गंगा के पावन तट पर विगत 34 दिनों से श्रवण कर रहे हैं। अब कथा में सुनने के साथ हमें कथा को जीना भी होगा। हमें स्वयं से पूछना है कि श्रीराम चरित्र मानस ने हमें बदल दिया, अब हमें अपने परिवार, समाज और राष्ट्र में कुछ सकारात्मक बदलाव करना है।

जहाँ हम हैं, वहीं से हमें राम राज्य शुरू करना होगा। जब हम अपने घरों में वापस जाएँ तो माँ सीता, श्री राम जी और हनुमान जी की तरह जीने का प्रयास करें। हमें श्रीराम राज्य वापस लाने हेतु साधना करनी होगी। यहाँ से आप गंगा जल अपने घर में लेकर जरूर जाएँ, परन्तु माँ गंगा का दिव्य संदेश भी अपने साथ लेकर जाएँ।

डॉ. परमहंस रामप्रसाद महाराज ने कहा कि परमार्थ निकेतन के पावन गंगा तट पर पूज्य संत मुरलीधर महाराज के श्रीमुख से निरंतर प्रवाहित हो रही मानस-ज्ञान गंगा का श्रवण करने का परम सौभाग्य सभी को प्राप्त हुआ। परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, साध्वी भगवती सरस्वती जी एवं पूज्य संतों का स्नेहिल आशीर्वाद और प्रेरणादायी उद्बोधन भी निरंतर प्राप्त हुआ, जो वास्तव में जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करने वाला तथा आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने वाला है। परमार्थ निकेतन स्वयं में एक दिव्य तीर्थ स्थल है, इस दिव्य धाम में बैठकर कथा श्रवण करना स्वर्ग का आनंद देने वाला है।

समापन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के संकल्प कराए। श्रद्धालुओं ने जल संरक्षण, वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने तथा माँ गंगा सहित सभी नदियों की स्वच्छता एवं अविरलता के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। 34 दिनों तक चली इस दिव्य राम कथा ने हजारों श्रद्धालुओं के जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा, सांस्कृतिक चेतना और सकारात्मक प्रेरणा से आलोकित किया। मानस परिवार, शंकर जी कुलरिया, धर्म जी कुलरिया, माता जी हरप्रिया जी और सभी मानस प्रेमियों को अनेकानेक धन्यवाद दिया।

स्वास्थ्य क्षेत्र में गाजियाबाद ने रचा विकास का नया अध्याय : केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर संगोष्ठी आयोजित









मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को रानी दुर्गावती देवी सभागार, विकास भवन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पिछले 12 वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों को जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत करना था।

संगोष्ठी की अध्यक्षता  विधायक मोदीनगर श्रीमती मंजू शिवाच एवं  विधायक सदर गाजियाबाद  सुनील शर्मा द्वारा की गई। कार्यक्रम में सदस्य विधान परिषद  दिनेश गोयल, भारतीय जनता पार्टी महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, भाजपा जिलाध्यक्ष चैन सिंह, मुख्य विकास अधिकारी  कुमार सौरभ तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन वैश्य की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त जनपद के वरिष्ठ चिकित्सकों, भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) के पदाधिकारियों तथा भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।

अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में जनपद गाजियाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। इस अवधि में 1,98,420 क्षय रोगियों की पहचान कर उनका सफल उपचार किया गया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत 17,52,722 बच्चों तथा 81,055 विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। 11,15,740 व्यक्तियों की गैर-संचारी रोग (NCD) स्क्रीनिंग की गई।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में 2,01,570 महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ प्रदान किया गया तथा 36,250 गर्भवती महिलाओं का सिजेरियन सेक्शन के माध्यम से सुरक्षित प्रसव कराया गया। परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत 825 पुरुष नसबंदी एवं 24,146 महिला नसबंदी प्रक्रियाएं संपन्न कराई गईं।

सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में 8,46,120 बच्चों को पूर्ण रूप से प्रतिरक्षित किया गया। वहीं 6,60,183 पात्र व्यक्तियों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराए गए तथा 1,03,215 मरीजों का प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत विभिन्न चिकित्सालयों में निःशुल्क उपचार कराया गया।


स्वास्थ्य अवसंरचना के विकास की चर्चा करते हुए बताया गया कि विगत 12 वर्षों में जनपद में दो 50 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय, एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 5 ग्रामीण आयुष्मान आरोग्य मंदिर तथा 168 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना की गई है।

संगोष्ठी में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। नियमित टीकाकरण अभियान के माध्यम से शत-प्रतिशत टीकाकरण कवरेज की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए संस्थागत प्रसव एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया गया है।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जनपद में राजकीय चिकित्सालयों का आधुनिकीकरण, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के माध्यम से आमजन को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

संगोष्ठी में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक पहुंचाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों, अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से जनस्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं जनोन्मुखी बनाने का आह्वान किया।

अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन (IVF) की बैठक आयोजित, समाज के बिखराव को समाप्त कर संगठन को मजबूत बनाने में ध्यान दें वैश्य समाज-अशोक अग्रवाल












                 

                               मुकेश गुप्ता

ग़ाज़ियाबाद । गाज़ियाबाद। अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन (IVF) के तत्वावधान में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल जी एवं पूर्व सांसद अनिल अग्रवाल जी ने वैश्य समाज की एकता, संगठन की मजबूती तथा सामाजिक-राजनीतिक भागीदारी पर विशेष बल दिया।

अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा कि समाज के बिखराव को समाप्त कर संगठन को मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को सिविल सर्विस की तैयारी के लिए एक लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है तथा उच्च शिक्षा हेतु ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने सभी से अधिक से अधिक “वैश्य मित्र” बनाने का आग्रह किया।

पूर्व सांसद अनिल अग्रवाल ने कहा कि वैश्य समाज ने देश को बहुत कुछ दिया है, लेकिन अपेक्षित सम्मान नहीं मिल पाया, जिसका मुख्य कारण आपसी सहयोग की कमी है। उन्होंने समाज को एकजुट होकर अपने नेताओं और साथियों का समर्थन करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम संयोजक अनिल अग्रवाल साँवरिया द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वैश्य समाज को एकजुट होकर सभी वर्गों का सहयोग करना चाहिए। जब तक हम सभी एक होकर समाज के हित में नहीं सोचेंगे, तब तक वैश्य समाज का समुचित उत्थान संभव नहीं है।

प्रमुख वक्ता अशोक गोयल  ने कहा कि वैश्य समाज से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी न केवल देश, बल्कि पूरे विश्व को दिशा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि जैन समाज के पुत्र अमित शाह जी देश की आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभा रहे हैं। उन्होंने सभी से वैश्य होने पर गर्व करने तथा गौ सेवा के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने बड़ौत कांड पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए संगठन की एकता पर बल दिया।

वरिष्ठ महामंत्री संजय अग्रवाल ने आह्वान किया कि वैश्य समाज के जो भी व्यक्ति राजनीति में उच्च स्तर पर विराजमान हैं, उन्हें टिकट वितरण में वैश्य समाज को उचित प्रतिनिधित्व दिलाने का कार्य करना होगा।


रूबी अग्रवाल  ने संगठन को सशक्त बनाने, युवाओं को जोड़ने तथा महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। वहीं मेरठ महिला विंग की प्रभारी सीमा गोयल जी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक परिवार को अपनी महिलाओं को संगठन से जोड़ना चाहिए।

के.पी. गुप्ता ने “एक बनो, श्रेष्ठ बनो” का संदेश देते हुए आपसी सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए देवेंद्र हितकारी  ने महाराजा अग्रसेन नगर, गाज़ियाबाद के नामकरण की मांग रखी।

वरिष्ठ समाज सेवी व अग्र शिरोमणि वी.के. अग्रवाल ने बड़ौत की घटना के विरोध में गाज़ियाबाद में भी सांकेतिक प्रदर्शन करने का सुझाव दिया। करंट क्राइम के संपादक मनोज गुप्ता  ने कहा कि वैश्य समाज को केवल मंदिर और धर्मशालाओं तक सीमित न रहकर स्वयं को मजबूत बनाने और राजनीति में आगे आने की आवश्यकता है।

दीपक मित्तल जी (प्रभारी, उत्तर प्रदेश) ने बताया कि IVF की शाखाएं पूरे देश में कार्य कर रही हैं।

कार्यक्रम में आदिनारायण गुप्ता, संजीव गुप्ता, अशोक गोयल, दीपक मित्तल, ललित जायसवाल, के.पी. गुप्ता, अशोक अग्रवाल, अनिल अग्रवाल (पूर्व सांसद), विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरज बोरा, विवेक गोयल, राजेश गुप्ता,मुकेश गुप्ता कुलदीप अग्रवाल, नीरज गुप्ता, विशाल गर्ग, डॉ. संदीप सिंघल, रितु गुप्ता, संगीता माहेश्वरी, सीमा गोयल, देवेंद्र हितकारी, अनिल गर्ग, अनिल सांवरिया, ओ.पी. गुप्ता, सारिका गर्ग, अंजलि सिंघल,कैलाश मंगला, संजय अग्रवाल, सुनील वैष्णेय राजेश गुप्ता, विवेक अग्रवाल, प्रदीप गुप्ता, नीरज गुप्ता, गगन गुप्ता, दीप्ति अरोड़ा,  रितु गुप्ता, डीके गोयल, सुभाष गुप्ता रोड स्टील, मनोज गुप्ता करंटक्राइम,सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।

मंगलवार, 16 जून 2026

शिक्षा और खेल के समन्वय से विकसित भारत का निर्माण संभव : विधायक संजीव शर्मा










                                मुकेश गुप्ता

केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं सम्मान के 12 वर्ष पूर्ण होने पर शिक्षा एवं खेल संवाद संगोष्ठी का आयोजन

गाजियाबाद। केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं सम्मान के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विकास भवन स्थित दुर्गावती देवी सभागार में “शिक्षा एवं खेल संवाद संगोष्ठी” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा एवं खेल के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, शिक्षकों, खिलाड़ियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता कर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गाजियाबाद विधायक संजीव शर्मा ने संगोष्ठी में वक्ताओं द्वारा प्रस्तुत विचारों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि शिक्षा विकसित समाज की आधारशिला है। वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, निपुण अभियान, नई शिक्षा नीति, डिजिटलीकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा शिक्षकों के सतत प्रशिक्षण जैसे प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा और खेल एक-दूसरे के पूरक हैं। जिस प्रकार शिक्षा में खेल का समावेश आवश्यक है, उसी प्रकार खेलों में शिक्षा का महत्व भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह अद्भुत समन्वय युवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आज गाजियाबाद को विकास, समृद्धि और प्रगतिशील सोच के लिए सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।

सह विद्यालय निरीक्षक सतीश पांडे ने विकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए सभी शिक्षकों को अपने दायित्वों के प्रति प्रेरित किया।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओ.पी. यादव ने स्वागत संबोधन में उपस्थित अतिथियों एवं प्रबुद्ध जनों का स्वागत करते हुए संगोष्ठी में हुए विचार-विमर्श को अपने कार्य एवं व्यवहार में अपनाने का आह्वान किया।

शिक्षा एवं शिक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में लगभग 40 वर्षों तक योगदान देने वाली तथा दो बार राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर रेखा अग्रवाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति तथा शिक्षा के माध्यम से समाज में होने वाले सकारात्मक परिवर्तनों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

खेल विशेषज्ञ डॉ. रिचा सूद ने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से खेलों के विभिन्न आयामों पर चर्चा की। उन्होंने सुझाव दिया कि जिस प्रकार “एक जनपद-एक उत्पाद” योजना संचालित है, उसी प्रकार “एक जनपद-एक खेल” की अवधारणा को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

माध्यमिक शिक्षा विभाग की श्रीमती तनुजा शर्मा ने आंकड़ों के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हो रही निरंतर प्रगति एवं उपलब्धियों को प्रस्तुत किया।

बेसिक शिक्षा विभाग के एकेडमिक रिसोर्स पर्सन  नीरज खटाना ने निपुण भारत मिशन तथा परिषदीय विद्यालयों में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं शैक्षिक सुधारों की जानकारी दी।

कार्यक्रम का संचालन एसआरजी श्रीमती पूनम शर्मा ने किया। उन्होंने संगोष्ठी को संवादात्मक बनाते हुए उपस्थित सभी प्रतिभागियों को चर्चा एवं विचार-विमर्श में सक्रिय रूप से सम्मिलित किया। "प्राचीन शिक्षा पद्धति एवं नवीन शिक्षा प्रणाली" विषय पर भी प्रतिभागियों ने अपने विचार व्यक्त किए।

अंत में जिला समन्वयक (माध्यमिक शिक्षा) पवन कुमार भाटी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संगोष्ठी अपने उच्च स्तरीय एवं गुणवत्तापूर्ण विचार-विमर्श के कारण लंबे समय तक स्मरणीय रहेगी।

कार्यक्रम में जिला समन्वयक रुचि त्यागी, सिंपल चौधरी, राजकीय इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षकगण, बेसिक शिक्षा विभाग के सभी एसआरजी, एआरपी, जेंडर नोडल अधिकारी तथा खेल विभाग के फुटबॉल खिलाड़ी एवं उनके प्रशिक्षक उपस्थित रहे।