मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026

भारत में विविधता संघर्ष नहीं, सौंदर्य-स्वामी चिदानन्द सरस्वती*

                         संवाददाता

ऋषिकेश, 3 फरवरी। वैश्विक स्तर पर 1 से 7 फरवरी को मनाये जाने वाला इंटरफेथ हार्मनी सप्ताह देव भक्ति अपनी अपनी परन्तु देशभक्ति सब मिलकर करें का दिव्य संदेश देता है। यह सप्ताह आह्वान करता है कि हम अलग आस्थाओं के होकर भी एक राष्ट्र, एक मानवता और एक परिवार हैं।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती  ने अमेरिका की धरती से संदेेश दिया कि भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि एक चेतना है; एक संस्कृति है जो पूरी मानवता को अपने हृदय में समेटने का संदेश देता है। भारत की संस्कृति “वसुधैव कुटुम्बकम्” की संस्कृति है, जहाँ पूरी पृथ्वी एक परिवार है।

स्वामी जी ने कहा कि हमारी परंपरा केवल “जिओ और जीने दो” तक सीमित नहीं है। वह तो उससे भी आगे बढ़कर “जिओ और जीवन दो” का संदेश देती है। भारत की संस्कृति “सर्वे भवन्तु सुखिनः” का संदेश देती है। भारतीय संस्कृति युद्ध नहीं, योग सिखाती है; संघर्ष नहीं, सह-अस्तित्व सिखाती है; विभाजन नहीं, करुणा का संदेश देती है।

स्वामी जी कहा कि जब तक दुनिया का अंतिम व्यक्ति सुखी नहीं, तब तक हमारी प्रार्थनायें अधूरी है। आज जब संसार में विभाजन की रेखाएँ गहरी होने लगी हैं, जाति, पंथ, भाषा और मत के नाम पर दिलों में दीवारें खड़ी होने लगी हैं तब मानवता को फिर से जोड़ने के लिए धर्म की ज्योति प्रज्ज्वलित करनी पड़ेगी। इंटरफेथ हार्मनी वीक वह पुकार है जो हमें याद दिलाती है कि हमारे अलग-अलग मार्ग हो सकते हैं, अलग-अलग पूजा पद्धति हो सकती है परन्तु मंज़िल एक ही है और वह है शांति, प्रेम और करुणा।

भारत की पावन धरती ने सदियों से “वसुधैव कुटुम्बकम्” का संदेश दिया है। यहाँ मंदिर की घंटियाँ, मस्जिद की अज़ान, गुरुद्वारे का कीर्तन और चर्च की प्रार्थना सभी का स्वर यही संदेश देता है कि मानवता ही सर्वाेच्च धर्म है, अब इसे आत्मसात करने की जरूरत है।

स्वामी जी ने कहा कि हमें सबसे पहले संवाद की संस्कृति को बढ़ावा देना होगा। जब अलग-अलग धर्मों के प्रतिनिधि एक मंच पर बैठकर एक-दूसरे की मान्यताओं को समझते हैं, तो गलतफहमियाँ स्वतः समाप्त हो जाती हैं। संवाद, शत्रुता को मित्रता में बदल देता है। हमारी विविधता संघर्ष नहीं, बल्कि सौंदर्य है। इंटरफेथ हार्मनी सप्ताह सांस्कृतियों के आदान-प्रदान का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है। 

स्वामी जी ने कहा कि आइए, हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि धर्म केवल पूजा तक सीमित न रहे, बल्कि मानवता की सेवा, प्रकृति की रक्षा और विश्व शांति का माध्यम बने। हर हृदय मंदिर बने, हर कदम सेवा बने और हर श्वास प्रार्थना बने। आज दुनिया को हथियारों की नहीं, संस्कारों की ज़रूरत है; तर्कों की नहीं, करुणा की ज़रूरत है और यही मानवता का मार्ग भी है।

जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, इंदिरापुरम में कक्षा 12 के छात्रों के लिए "जश्न-ए-विदाई" समारोह का आयोजन हुआ



                           मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। 3.फरवरी 2026 को जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, इंदिरापुरम में कक्षा बारहवीं के छात्रों के लिए "जश्न-ए-विदाई" समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मंत्रोच्चारण एवं हवन के साथ हुई, जिसमें छात्रों के बेहतर परिणाम और उनके स्वर्णिम भविष्य की कामना की गई।

कार्यक्रम में सर्वप्रथम विद्यालय के चेयरमैन जे. के. गौड़ एवं प्रधानाचार्या श्रीमती निधि गौड़ ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया। इसके बाद प्रधानाचार्या श्रीमती निधि गौड़ ने स्वागत भाषण दिया, जिसमें उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें बुलंदियों को छूने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्रों को परीक्षा के दौरान तनावमुक्त रहने एवं आत्मविश्वास बनाए रखने की सलाह दी। साथ ही, उन्होंने कहा कि वे जहाँ भी जाएँ, यहाँ से मिली शिक्षा और संस्कारों को हमेशा याद रखें।





कक्षा ग्यारहवीं के छात्रों ने अपने सीनियर्स के लिए रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें लघु नाटिका, समूह नृत्य आदि शामिल रहे। इन कार्यक्रमों में स्कूल के दिनों से जुड़े खट्टे-मीठे अनुभवों को खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया।

विद्यालय के चेयरमैन जे. के. गौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि "जीवन एक यात्रा के समान है, जिसमें कई साथी मिलते और बिछड़ते हैं। विद्यार्थी जीवन भी इससे अछूता नहीं है। स्कूल में अपने साथियों से लगाव होने के कारण उनसे बिछड़ने का दुःख होता है, लेकिन हमें इस भावनात्मक जुड़ाव को संजोते हुए आगे बढ़ना चाहिए।" उन्होंने सीनियर छात्रों को यह भी याद दिलाया कि वे हमेशा अपने जूनियर्स के लिए पथ-प्रदर्शक का कार्य करते हैं, अतः उन्हें ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे छोटे बच्चों को गलत संदेश मिले।

अंत में, उन्होंने छात्रों को आगामी परीक्षाओं के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत और लक्ष्य निर्धारण अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से अपने गुरुजनों एवं माता-पिता का सम्मान करने की अपील की।


 



पैरामाउंट लिटिल ऐंजल्स स्कूल में बड़े धूमधाम से मनाया वार्षिकोत्सव


 



                            मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । वैवसिटी इकला स्थित पैरामाउंट लिटिल ऐंजल्स स्कूल में वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सभी बच्चों ने बहुत सुंदर मनमोहक प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया बच्चों ने देश मेरा रंगीला, बूमरो बूमरो, मैने कहा फूलों से , पापा ओ मेरे पापा , राधा गौरी गौरी ..आदि गानों पर सुंदर प्रस्तुति से सभी का ध्यान आकर्षित कर लिया। 

बेटी प्ले,मोबाइल प्ले द्वारा लोगों को एक संदेश दिया की बेटियां भी पढ़ लिखकर कामयाब बन सकती है। इसलिए बेटियों को उचित शिक्षा दे। उन्हें पढ़ाए घर नहीं बैठाएं, बेटी एवं बेटा में कोई भेद भाव ना करे, आज के समय में मोबाईल की लत कितनी लगी है लोगों को यह एक नाटक के माध्यम से स्कूल के प्यारे बच्चों ने बताया।  और निवेदन किया कि कम से कम मोबाइल का प्रयोग करें। 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एस एच ओ वेव सिटी सर्वेश पाल , विजय अग्रवाल ( चैयरमेन राॅयल काॅलेज आफ लाॅ)  डाॅ. अजय पंवार  (चैयरमेन- अंजय बोन एंड मेडिकेयर), विशिष्ट अतिथि श् विनोद नागर , अजीत मावी,  रविन्द्र बंसल, आदि रहे। 

कार्यक्रम में अपनी-अपनी कक्षाओं में प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी बच्चों, सर्वाधिक स्कूल आने वाले बच्चों को तथा सही लंच भेजने वाले अभिभावकों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। 

प्यारे बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए दिन रात एक कर देने वाले शिक्षकों को शिक्षा का योद्धा सम्मान से सम्मानित किया गया। स्कूल के अन्य कार्यकर्ता का भी सम्मान किया गया। 

स्कूल डायरेक्टर  मोहित नागर ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। 

स्कूल चैयरमेन  टीकम नागर ने सभी अतिथियों एवं अभिभावकों के बहुमूल्य समय देने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्कूल हमेशा प्यारे बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए इसी तरह कार्य करता रहेगा। 

इस अवसर पर स्कूल संरक्षक - श्रीमति दयावती देवी, चैयरमेन  टीकम नागर, डायरेक्टर मोहित नागर, गुंजन,सीता, शीतल, वर्षा,शैली, सीमा, मिनाक्षी,ममता , हर्षिता, निशा, दीपा, नेहा, जसबीर , बलराम, ऊषा, आशा,समस्त सम्मानित अभिभावकगण आदि लोग मौजूद रहे।

SIR अभियान को गति देने हेतु भाजपा महानगर कार्यालय में हुई बैठक आयोजित



                         मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के अंतर्गत मतदाता सूची को सशक्त एवं त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल के नेतृत्व में भाजपा महानगर कार्यालय, नेहरू नगर पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आगामी तीन दिनों में अभियान को और अधिक प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने हेतु बूथ स्तर पर घर-घर जाकर फार्म-6 के माध्यम से नए मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल कराने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने कहा कि “लोकतंत्र की मजबूती मतदाता सूची की शुद्धता से जुड़ी है। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इस अभियान में राष्ट्रसेवक की भूमिका निभा रहा है। आने वाले तीन दिन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, अतः सभी कार्यकर्ता अपने-अपने बूथों पर घर-घर संपर्क कर पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने हेतु सक्रिय सहयोग प्रदान करें।”

उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देशित करते हुए कहा कि युवाओं, नवविवाहितों, नए स्थान पर आए नागरिकों तथा अब तक सूची से वंचित पात्र मतदाताओं तक पहुँच बनाकर उन्हें फार्म-6 भरवाने में पूर्ण सहायता दी जाए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न रहे।

मयंक गोयल ने आगे कहा कि “भारतीय जनता पार्टी सदैव लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षक रही है। संगठन का प्रत्येक पदाधिकारी और कार्यकर्ता बूथ स्तर पर समन्वय, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ कार्य करे। यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि लोकतंत्र को सशक्त करने का संकल्प है।”

बैठक में अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए आगामी रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं को निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर महामंत्री पप्पू पहलवान, राजेश त्यागी, उपाध्यक्ष बॉबी त्यागी, रनिता सिंह , अभियान महानगर संयोजक सुभाष चंद्र शर्मा, महानगर मीडिया प्रभारी प्रदीप चौधरी सहित भाजपा महानगर के अन्य पदाधिकारी एवं SIR अभियान से जुड़े प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने अभियान को सफल बनाने हेतु पूर्ण निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया।

सोमवार, 2 फ़रवरी 2026

भारतीय शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति 'ऋतु रंग' ने गाजियाबाद में दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध, चीफ वार्डन ललित जायसवाल ने कार्यक्रम का उद्घाटन

 





                         मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । नूपुर कथक केंद्रद्वारा "ऋतु रंग" शीर्षक से भारतीय शास्त्रीय नृत्य कार्यक्रम का आयोजन शनिवार संध्या, 31 जनवरी को जानकी ऑडिटोरियम, कविनगर में किया गया। यह प्रस्तुति केंद्र की वार्षिक नृत्य श्रृंखला "नूपुर संध्या" के अंतर्गत आयोजित की गई। कार्यक्रम में नृत्य प्रेमियों, विद्यार्थियों तथा सांस्कृतिक जगत से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

इस कार्यक्रम की परिकल्पना एवं निर्देशन नूपुर कथक केंद्र की प्रमुख, श्रीमती आभा बंसल द्वारा किया गया, जिनका सहयोग रश्मि रथी कला वृंद की श्रीमती मनीषा हांडा तथा देवध्वनि की श्रीमती अनिंदिता बसु ने किया। इन तीनों की संयुक्त रचनात्मक दृष्टि और सुव्यवस्थित संरचना ने संपूर्ण प्रस्तुति को एक सशक्त और सुसंगठित स्वरूप प्रदान किया।

कार्यक्रम में भारतीय ऋतु परंपरा की छह ऋतुओं की भावात्मक और सौंदर्यात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की गई। सशक्त अभिनय, लयात्मक जटिलता और सुसंयोजित नृत्य विन्यास के माध्यम से शास्त्रीय साहित्य और नाट्यशास्त्र की परंपरा को जीवंत किया गया। मूलतः कथक परंपरा में रचा-बसा यह कार्यक्रम भरतनाट्यम और ओडिसी शैलियों के तत्वों से भी समृद्ध रहा, जिससे प्रस्तुति को शैलीगत वैविध्य प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम में  ललित जायसवाल , नागरिक सुरक्षा संगठन, गाजियाबाद के प्रमुख एवं सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय व्यक्तित्व, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अन्य विशिष्ट अतिथियों में पं. हरिदत्त शर्मा (वी.एन. भातखंडे संगीत महाविद्यालय), श्रीमती तारा गुप्ता (गंधर्व संगीत विद्यालय) तथा श्रीमती शर्मिला रहेजा, प्राचार्या, उत्तम स्कूल फॉर गर्ल्स, शामिल रहीं। अतिथियों ने प्रस्तुति की कलात्मक गुणवत्ता की सराहना करते हुए आयोजकों के शास्त्रीय नृत्य संरक्षण एवं शिक्षण के प्रयासों की प्रशंसा की।

नूपुर कथक केंद्रकी वार्षिक श्रृंखला "नूपुर संध्या" भारतीय शास्त्रीय नृत्य को समर्पित एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में निरंतर स्थापित हो रही है, जिसमें "ऋतु रंग" एक सुसंस्कृत और प्रभावशाली प्रस्तुति के रूप में स्मरणीय रहा। कार्यक्रम के अंत में श्रीमती आभा मंसल जी ने सबका आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रतिभागियों के माता-पिता का भी आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग के बिना कार्यक्रम का आयोजन संभव नहीं होता।

इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज में 24 घंटे के राष्ट्रीय हैकाथॉन ‘स्नोहैक-आईपीईसी’ का हुआ भव्य शुभारंभ

 

                         मुकेश गुप्ता

देशभर के प्रतिभाशाली छात्रों ने दिखाया नवाचार और तकनीकी दक्षता का दमखम

गाज़ियाबाद। तकनीकी नवाचार, रचनात्मक सोच और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज में 24 घंटे के राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन ‘स्नोहैक-आईपीईसी’ का शनिवार को भव्य शुभारंभ हुआ। इस आयोजन को लेकर छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। देश के विभिन्न राज्यों से 2,000 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से चयनित 85 टीमों के लगभग 300 प्रतिभागी मुख्य प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं।

हैकाथॉन में स्थानीय तकनीकी संस्थानों के साथ-साथ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) एवं देश के अन्य प्रतिष्ठित तकनीकी शिक्षण संस्थानों के छात्र भी शामिल हुए हैं, जिससे प्रतियोगिता का स्तर अत्यंत प्रतिस्पर्धात्मक हो गया है। प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शीर्ष तीन टीमों के लिए 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। कॉलेज प्रशासन द्वारा प्रतिभागियों के लिए निःशुल्क पंजीकरण, तथा 24 घंटे तक चलने वाले आयोजन के दौरान भोजन एवं आवास की समुचित व्यवस्था की गई है।

प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों द्वारा विकसित नवोन्मेषी परियोजनाओं का मूल्यांकन देश-विदेश की प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों एवं वरिष्ठ मानव संसाधन विशेषज्ञों की जूरी द्वारा किया जा रहा है। मूल्यांकन के प्रमुख मानदंडों में परियोजनाओं की व्यावहारिक उपयोगिता, नवाचार, तकनीकी गुणवत्ता तथा सामाजिक-औद्योगिक प्रभाव शामिल हैं।

इस अवसर पर संस्थान के वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी युग में नवाचार और तकनीकी दक्षता अत्यंत आवश्यक है। वहीं, संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार सोलंकी ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को टीमवर्क, समय प्रबंधन और समस्या-समाधान जैसे महत्वपूर्ण कौशल विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम के संयोजक प्रो. एस. पी. सिंह एवं डॉ. अरविंद तिवारी ने बताया कि हैकाथॉन का उद्देश्य छात्रों को वास्तविक औद्योगिक चुनौतियों से परिचित कराते हुए नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देना है। उद्घाटन समारोह में सभी अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

माघ पूर्णिमा केवल अनुष्ठानों का पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और अंतर्मन के जागरण का पर्व--स्वामी चिदानन्द सरस्वती




                          सत्ता बन्धु संवाददाता

संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती पर उनकी राष्ट्र साधना को नमन

ऋषिकेश, 1 फरवरी। पवित्र माघ पूर्णिमा के पुण्य अवसर पर समस्त देशवासियों, श्रद्धालुओं और कल्पवासियों को परमार्थ निकेतन से शुभकामनाएँ। माघ मास अत्यंत पवित्र होने के  साथ तप, साधना, दान तथा स्नान का महीना है। इस मास में किए गए जप, तप, व्रत और तीर्थस्नान का फल अनेक गुना बढ़ जाता है, और माघ पूर्णिमा इसका परम मंगलमय समापन पर्व है।

माघ पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों विशेषकर गंगा, यमुना और संगम में स्नान करने से समस्त पापों का क्षय होता है तथा मन, वचन और कर्म की शुद्धि प्राप्त होती है। यह तिथि भगवान विष्णु एवं चंद्रदेव की आराधना के लिए विशेष है। इस दिन दान, हवन, सत्संग, कथा-श्रवण और भजन-कीर्तन के माध्यम से ईश्वर के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करे।

माघ पूर्णिमा केवल बाहरी अनुष्ठानों का पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और अंतर्मन के जागरण का भी संदेश देती है। यह हमें संयम, सेवा, करुणा और परोपकार की भावना से जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करती है। सनातन परंपरा में ‘दान’ और ‘स्नान’ के साथ ‘ज्ञान’ का विशेष महत्व है, जो आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर करती है।

आइए, हम सभी इस शुभ अवसर पर अपने जीवन में पवित्रता, सदाचार और धर्म के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लें तथा राष्ट्र और समाज के कल्याण के लिए समर्पित हों। माघ पूर्णिमा की इस दिव्य बेला पर सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की परमार्थ निकेतन से मंगलमय शुभकामनाएँ।

आज संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती है, यह एक महान संत की स्मृति के साथ ही समता, भक्ति, मानवता और सामाजिक न्याय के आदर्शों को आत्मसात करने का प्रेरक अवसर भी है।

संत रविदास जी ने अपने जीवन और वाणी से समाज को आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ सामाजिक जागरण का मार्ग दिखाया। उन्होंने भक्ति आंदोलन को नई दिशा देते हुए ईश्वर-प्रेम को जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर रखा। उनकी रचनाएँ सरल भाषा में मानवता, करुणा और समरसता का संदेश देती हैं। एक कवि और संत के रूप में उन्होंने जन-जन के हृदय में भक्ति की ज्योति प्रज्वलित की, वहीं एक समाज सुधारक के रूप में छुआछूत, ऊँच-नीच और सामाजिक असमानता के विरुद्ध सशक्त आवाज़ उठाई।


उनका प्रसिद्ध संदेश “मन चंगा तो कठौती में गंगा” संदेश देता है कि भक्ति बाहरी आडंबरों में नहीं, बल्कि निर्मल मन और शुद्ध आचरण में निहित है। आज भी उनके विचार सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं।

संत रविदास जी का जीवन प्रेरित करता है कि हम प्रेम, समानता और सेवा के मूल्यों को अपनाकर एक न्यायपूर्ण और समावेशी समाज के निर्माण में योगदान दें। उनकी शिक्षाएँ वर्तमान समय में और भी प्रासंगिक हैं, जब समाज को आपसी सद्भाव और आध्यात्मिक जागृति की आवश्यकता है।

इस पावन अवसर पर हम संत रविदास जी की साधना को नमन करते हुये उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लें।

समरकूल - थर्मोकूल की सर्विस मीट में देश भर के सैकड़ों सर्विस पार्टनर्स ने लिया भाग,

 






                           मुकेश गुप्ता

उत्कृष्ट सेवा के लिए दस जॉन के नंबर वन सर्विस सेंटर को कंपनी की ओर से विशेष सम्मान प्रतीक चिन्ह दिया गया

गाजियाबाद । शनिवार को देश की जानी मानी इलैक्ट्रिक होम एप्लांयसेज निर्माता कंपनी, समरकूल होम एप्लांयसेज लिमिटेड और थर्मोकूल होम एप्लांयसेज लिमिटेड की सर्विस मीट का आयोजन साहिबाबाद के एक प्रसिद्ध होटल में संपन्न हुआ। 

कंपनी की ओर से यह आयोजन  अपने इंजीनियर और टेक्नीशियन को नये मॉडलों की तकनीकी से अवगत कराने, स्पेयर पार्टस की जानकारी, बहतरीन सर्विस की टिप्स देने और सर्विस के नियमों से अवगत कराने के लिए किया जाता है। 

सर्विस मीट में सभी प्रतिभागियों को पटका पहनकर, तिलक लगाकर स्वागत किया गया। तथा कंपनी के चेयरमैन संजीव कुमार गुप्ता एवं राजीव कुमार गुप्ता तथा डायरेक्टर अभिषेक गुप्ता, आशुतोष गुप्ता, तनुज गुप्ता, तुषार गुप्ता सहित अन्य लोगों ने  गणेश वंदना के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। 

इस अवसर पर लगभग दौ सौ लोगों को सम्मानित करते हुए, कंपनी की ओर से एक किट सहित, प्रशस्ति पत्र के साथ उपहार भी भेंट किये गए। तथा देश के दस जॉन में बहतरीन सर्विस के लिए विशेष सम्मान प्रतीक चिन्ह भी भेंट किये गए। 

सर्विस मीट में समरकूल के चेयरमैन संजीव कुमार गुप्ता ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि, वर्ष 2026 में अब हमारी आफ्टर सेल्स सर्विस के सेन्टर लगभग पूरे देश में स्थापित हैं। हमारे उत्पादों की क्वालिटी बहुत बहतरीन है। और यदि गारंटी पीरियड में कोई परेशानी होती भी है। तो अब हमारी सर्विस सेवा तत्काल संभव है। संजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि हमारे किसी भी सर्विस पार्टनर को कंपनी की ओर से भुगतान संबंधित कोई भी समस्या नहीं होती है। और इसी विस्वास के साथ आज समरकूल परिवार दिनों दिन बढता जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे समरकूल ग्रुप के किसी भी सदस्य को यदि कोई परेशानी आती है तो वह निशंकोच मुझसे सीधा संपर्क कर सकता है। 

इस अवसर पर कंपनी के डायरेक्टर तुषार गुप्ता ने कंपनी की ओर से अपनी बात रखते हुए कहा कि, विश्वस्तरीय आधुनिक मशीनों और नयी तकनीकी के साथ साथ अब हमारी सर्विस भी टेक्नोलॉजी के साथ बहतर हुई है। जिसकी वजह से अब हमारी सर्विस फर्स्ट विजिट में ही तत्काल संभव हो रही है। हमारे सर्विस टोल फ्री नंबर पर अब बिना किसी परेशानी के  कंपलैंट बुक होती है। तथा सभी सर्विस सेंटर पर स्पेयर पार्टस की पूरी व्यवस्था हो रही है। उन्होंने अपने सर्विस पार्टनर्स को टिप्स देते हुए कहा कि आप सभी लोग हमारे ब्रांड को रिप्रजेंट करते हैं। इसलिए कुशल एवं मधुर व्यवहार के साथ तसल्ली पूर्वक काम करके हर उपभोक्ता की संतुष्टि करना आपका पहला कर्तव्य है।

सर्विस मीट में सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ तम्बोला, म्यूजिकल गेम, और अन्य कई आकर्षक गतिविधियां की गई। जिनके विजेताओं को स्मार्ट एलईडी टीवी, जीएमजी जैसे उपहार भेंट किये गए। इस कार्यक्रम में संजीव कुमार गुप्ता, राजीव कुमार गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, आशुतोष गुप्ता, तनुज गुप्ता, तुषार गुप्ता, रोहित गोयल, पंकज ठाकुर, अशोक शर्मा, बी पी अग्रवाल, सहित देश भर से आये सैकड़ों टेक्नीशियन उपस्थित रहें।

लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट ने समाज वादी विचारक रामदुलार यादव के नेतृत्व में मनाई संत शिरोमणि रविदास की जंयती




                             मुकेश गुप्ता

  गाजियाबाद  1 फरवरी 2026 को मानवतावादी, समतामूलक समाज बनाने के प्रबल समर्थक, पाखंड-जातिवाद, धर्मान्धता के घोर विरोधी संत शिरोमणि रविदास जी का प्रकटोत्सव लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा ज्ञानपीठ केन्द्र 1, स्वरुप पार्क जी0 टी0 रोड साहिबाबाद के प्रांगण में समाजवादी विचारक, शिक्षाविद राम दुलार यादव के नेतृत्व में आयोजित किया गया, विद्वानगणों व ज्ञानपीठ केन्द्र के साथियों ने महान समाज सुधारक संत रविदास जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें स्मरण किया, तथा उनके बताए ज्ञान मार्ग के रास्ते पर चलने का संकल्प लिया, कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रह्म प्रकाश ने की, मुख्य अतिथि एस0 एन0 जायसवाल, संचालन श्रमिक नेता अनिल मिश्र ने, आयोजन इंजी0 धीरेन्द्र यादव ने किया, चन्द्रबली मौर्य, राम प्यारे यादव, वीर सिंह सैन, कैलाश यादव ने भी समारोह को संबोधित किया, राजेन्द्र सिंह, हुकुम सिंह ने भजन, देश-प्रेम के गीत सुना सभी को आत्मविभोर कर दिया, ताहिर अली ने ज्ञानपीठ सन्देश “लोक को शिक्षित करने का अभियान चलाना है’’ प्रस्तुत किया ।

        कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी चिन्तक शिक्षाविद राम दुलार यादव ने कहा कि संत रविदास  ने निर्भीकता पूर्वक उस समय समाज को सन्देश दिया जब देश वैचारिक संकट में था, चारों तरफ विषमता, जाति-पांत, पाखंड, धर्मान्धता, अहंकार, सामंतवादी ताकतों का बोलबाला था, तब उन्होंने कट्टरपंथी ताकतों को ललकारा और कहा कि भोली-भाली जनता को भ्रम फैलाकर ठगने का काम मत करो, लोगों में समता, समानता, बंधुत्व की भावना पैदाकर समतामूलक समाज बनाने का कार्य करो, धर्मान्धता पर चोट करते हुए उन्होंने कहा कि

                                  ‘’माथे तिलक, हाथ में माला, जग ठगने का स्वांग रचाया ।

                                    मारग छाडि, कुमारग डहके, साँची प्रेम बिन राम न पाया” ।

   उन्होंने न केवल पाखंडी हिन्दुओं को ही नहीं बल्कि अहंकारी, जुल्मी मुसलमानों को भी ललकारा और कहा कि 

                                        “देता रहे हजार बरस, मुल्ला चाहे अजान ।

                                      रविदास खुदा न मिल सकें, जौ लौ मन शैतान “ ।

   उनका सारा जीवन संत, महात्माओं की सेवा में लगा रहा, उन्होंने जन-जन को सद्कर्म करने का सन्देश दिया, तथा नेक कमाई से वह गरीबों, साधु-संतों का सत्कार करते रहे, तथा ऊंच-नीच, जाति-पांत के विरुद्ध लड़ाई लड़ते रहे, उन्होंने सत्संग में पाखंडियों को झकझोरते हुए कहा कि 

                                                     “जाति न पूछो साधु की, पूंछ लीजिये ज्ञान ।

                                                     मोल करो तलवार का , पड़ी रहे जो म्यान” ।

                                                “एकै माटी के सब भाड़ें, सबका एकौ सिरजन हारा” 

                      ऊंची जाति का अहंकार क्यों करता है, रुढ़िवादियों को समझाया ।

          श्री यादव ने कहा कि आज 21वीं शदी में भी हम असमानता, सवर्ण, अवर्ण, अहंकार, ईर्ष्या, द्वेष, नफ़रत, असहिष्णुता फैला लोगों में डर का वातावरण बना रहे है, यह देश, समाज के लिए शुभ संकेत नहीं है, आज रविदास जी के नाम को केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए प्रयोग किया जा रहा है, जिससे उनके करोड़ों समर्थकों का समर्थन हासिल हो, लेकिन उंनके विचार को आत्मसात न कर समाज में विषमता, नफ़रत पैदा किया जा रहा है, सद्भाव, भाईचारा, प्रेम और सहयोग का वातावरण देश. समाज में बनाने पर बल देना चाहिए, तभी हम संत शिरोमणि रविदास जी के विचार के प्रति न्याय कर पाएंगे ।

   सैकड़ों साथियों ने महान संत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें स्मरण किया। कार्यक्रम में प्रमुख रुप से राम दुलार यादव, राम प्यारे यादव, कैलाश यादव, अनिल मिश्र, चन्द्रबली मौर्य, वीरेन्द्र यादव एडवोकेट, मुनीव यादव, सम्भूनाथ जायसवाल, तौसीर हुसैन, वीर सिंह सैन, बालकरन यादव, ताहिर अली, विजय भाटी एडवोकेट, ब्रह्म प्रकाश, विनोद यादव, हरीस ठाकुर, ओम प्रकाश अरोड़ा, बैजनाथ रजक, रामेश्ववर यादव, हरेन्द्र यादव, अमृत लाल चौरसिया, झारखंडे गुप्ता, फूलचंद पटेल, अवधेश यादव, संजय कुमार, संतोष कुमार आदि उपस्थित रहे।


                                                                                                                                   


                                                                                                                              

                                                                                                                               

रविवार, 1 फ़रवरी 2026

वरिष्ठ बैंक यूनियन नेता एवं समाजसेवी शीतला प्रसाद सिंह का निधन



                       सत्ता बन्धु संवाददाता

AIBEA के लिए तीन दशकों से अधिक समर्पित नेतृत्व, निःस्वार्थ सेवा और सामाजिक चेतना के प्रतीक

गाजियाबाद । वरिष्ठ बैंक यूनियन नेता एवं प्रख्यात समाजसेवी  शीतला प्रसाद सिंह काशनिवार को दुःखद निधन हो गया। उनके निधन से बैंकिंग क्षेत्र, संगठित श्रमिक आंदोलन तथा सामाजिक जीवन को एक अपूरणीय क्षति पहुँची है। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और शुक्रवार को दोपहर लगभग 2:00 बजे मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। शीतला प्रसाद सिंह के पुत्र सतेन्द्र सिंह ने बताया कि शीतला प्रसाद सिंह ने बैंक सेवा से सेवानिवृत्त होने के पश्चात भी बैंक कर्मचारियों के अधिकारों, सम्मान और कल्याण के लिए आजीवन संघर्ष किया। वे ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) से तीन दशकों से अधिक समय तक सक्रिय रूप से जुड़े रहे और प्रदेश अध्यक्ष के रूप में संगठन को सशक्त नेतृत्व प्रदान किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर संगठन मंत्री के रूप में भी संगठन की नीतिगत दिशा और मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने बताया कि उनका नेतृत्व स्पष्ट वैचारिक दृष्टि, दृढ़ संकल्प और कर्मचारियों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा। तथा

संगठनात्मक दायित्वों के साथ-साथ वे सामाजिक, धार्मिक एवं जनकल्याणकारी कार्यों में भी निरंतर सक्रिय रहे। उनका सम्पूर्ण जीवन निःस्वार्थ सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण रहा। जो भी सहायता या मार्गदर्शन की अपेक्षा लेकर उनके पास पहुँचा, उन्होंने कभी किसी को निराश नहीं किया। यही कारण है कि वे समाज के हर वर्ग में समान रूप से सम्मान और स्नेह के पात्र बने रहे।

उनके निधन की सूचना मिलते ही बैंक कर्मचारियों, यूनियन पदाधिकारियों तथा सहयोगियों में गहरा शोक व्याप्त हो गया। देशभर से विभिन्न संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और शुभचिंतकों द्वारा शोक-संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएँ प्रेषित की जा रही हैं।

 शीतला प्रसाद सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती मनोरमा सिंह ने सामाजिक एवं पारिवारिक दायित्वों में सदैव उनका सशक्त सहयोग किया। परिवार में उनके दो पुत्र सत्येन्द्र सिंह एवं  नीतेंद्र सिंह, तथा एक पुत्री—श्रीमती अपर्णा सिंह हैं।

शोकाकुल परिवार की ओर से यह भी सूचित किया गया है कि पारिवारिक रीति-रिवाजों एवं आवश्यक कर्मकांडों के कारण आगामी 15 दिनों तक  सत्येन्द्र सिंह अपने पैतृक गाँव शाहगंज, जनपद जौनपुर में रहेंगे।

मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल से पार्थिव देह वाराणसी ले जाई जाएगी, जहाँ अंतिम संस्कार संपन्न होगा। इसके पश्चात शेष धार्मिक एवं पारिवारिक कार्यक्रम ग्राम छताईं कला, शाहगंज में आयोजित किए जाएंगे।

 शीतला प्रसाद सिंह का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का प्रेरणास्रोत रहेगा।

शनिवार, 31 जनवरी 2026

भक्ति, शक्ति और शरणागति का दिव्य अनुष्ठान—कविनगर के रामलीला मैदान में गूँजी रावण-मर्दन और लंका विजय की शाश्वत विजयगाथा


 

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की पावन लीलाओं के माध्यम से जन-मानस में धर्म, संस्कार और सदाचार का बीजारोपण कर रहे ‘मंगलमय परिवार’ द्वारा आयोजित अष्ट दिवसीय श्रीराम कथा के सप्तम सोपान पर आज श्रद्धा का अभूतपूर्व ज्वार उमड़ पड़ा। कविनगर स्थित रामलीला मैदान में पूज्य संत श्री विजय कौशल जी महाराज की ओजस्वी और रससिक्त वाणी से जब ‘सीता खोज’ से लेकर ‘लंका विजय’ तक के प्रसंगों का प्रवाह आरंभ हुआ, तो उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर होकर मानो त्रेतायुग की दिव्यता का साक्षी बन गया। महाराजश्री ने अपनी विशिष्ट व्याख्या-शैली से प्राचीन प्रसंगों को समकालीन जीवन-मूल्यों से जोड़ते हुए अध्यात्म की नव्य चेतना का संचार किया।


*हनुमान का चरित्र: संकल्प और सिद्धि का शिखर*

कथा के प्रथम चरण में महाराजश्री ने हनुमान जी के समुद्र-लंघन की दार्शनिक विवेचना करते हुए कहा कि वे केवल पराक्रम के प्रतीक नहीं, अपितु सेवा, सुमिरन और सामर्थ्य के सजीव आदर्श हैं। अशोक वाटिका में शोक-संतप्त माता जानकी को प्रभु की मुद्रिका सौंपने का प्रसंग जीव और ब्रह्म के मध्य अटूट विश्वास का सेतु है। उन्होंने रेखांकित किया कि हनुमान जी की विनयशीलता उनके बल से भी अधिक विराट है—जिसने लंका के स्वर्णिम अहंकार को भस्म कर दिया।

*धर्म-युद्ध और अधर्म का उन्मूलन: लंका विजय*

आगे सेतु-निर्माण, विभीषण की शरणागति और रावण-वध के प्रसंगों का सशक्त वर्णन करते हुए महाराजश्री ने स्पष्ट किया कि यह विजय केवल युद्ध का परिणाम नहीं, बल्कि काम, क्रोध और लोभ जैसी आसुरी प्रवृत्तियों पर सात्विकता की निर्णायक जीत है। विभीषण के माध्यम से यह संदेश उभरा कि जब व्यक्ति कुल, स्वार्थ और भय से ऊपर उठकर धर्म का आलिंगन करता है, तब स्वयं ईश्वर उसका पथ प्रशस्त करते हैं। लंका विजय के क्षणों में समूचा पंडाल ‘राजाराजेश्वर राम’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

महाराजश्री का आध्यात्मिक पाथेय

महाराजश्री ने कहा कि रामकथा केवल श्रवण का विषय नहीं, आचरण की जीवन-संहिता है। हनुमान जैसी भक्ति, लक्ष्मण जैसा अनुशासन और राम जैसा मर्यादित आचरण अपनाकर ही भीतर के रावण—अहंकार—का वध संभव है। शुद्ध संकल्प और सात्विक वृत्तियाँ हों, तो कोई नकारात्मक शक्ति पराजित नहीं कर सकती।”

पूर्णाहुति एवं राज्याभिषेक

आयोजकों ने अवगत कराया कि कल इस ज्ञान-यज्ञ का अंतिम एवं सर्वाधिक प्रतीक्षित दिवस है, जिसमें प्रभु श्रीराम के भव्य राज्याभिषेक का अलौकिक प्रसंग प्रस्तुत किया जाएगा। व्यापक सहभागिता को देखते हुए कथा अपने निर्धारित समय से एक घंटा पूर्व, अपराह्न 3:00 बजे से आरंभ होगी। आज की कथा का विश्राम महाआरती और सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसमें नगर के गणमान्य नागरिकों सहित सहस्रों राम-भक्तों ने सहभागिता की।

नारी सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण बनेगा केंद्रीय बजट : मयंक गोयल





                          मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। भारतीय जनता पार्टी महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि कल 1 फरवरी को प्रातः 11 बजे भारत की माननीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत किया जाने वाला केंद्रीय बजट नारी सशक्तिकरण का एक सशक्त उदाहरण होगा।

मयंक गोयल ने कहा कि लगातार दूसरी बार देश की महिला वित्त मंत्री द्वारा केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया जाना न केवल भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूती देता है, बल्कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को निर्णायक भूमिकाओं में आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि इस अवसर पर भाजपा महानगर कार्यालय, नेहरू नगर, गाजियाबाद में पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सामूहिक रूप से बजट का लाइव प्रसारण सुनेंगे। यह कार्यक्रम संगठनात्मक सहभागिता और जनहित से जुड़े विषयों को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मयंक गोयल ने आगे कहा कि.यह बजट विकसित भारत की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इसमें गरीब, किसान, मध्यम वर्ग, युवा, महिला एवं उद्यमियों के लिए ठोस और दूरदर्शी प्रावधान होने की पूरी उम्मीद है। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता बजट के माध्यम से देश की प्रगति को और गति देने के संकल्प के साथ जुड़ा हुआ है।”

उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से समय पर कार्यालय पहुंचकर कार्यक्रम में सहभागिता करने का आह्वान किया।



यशोदा मेडिसिटी की नई पहल एक ऐसा मैच जो जान बचाता है,स्टेम सेल डोनेशन को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में कदम

                         मुकेश गुप्ता

एक आसान बकल स्वाब टेस्ट की जीवन बचाने वाली क्षमता और भारत में स्टेम सेल डोनर रजिस्ट्री बढ़ाने की जरूरत पर केंद्रित पहल

गाजियाबाद, 31 जनवरी 2026। दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख अस्पतालों में से एक, यशोदा मेडिसिटी ने AMatchThatSavesLives नामक जन-जागरूकता अभियान का आयोजन किया। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को स्टेम सेल डोनेशन के महत्व और जीवन बचाने में बकल स्वाब टेस्ट की भूमिका के बारे में जागरूक करना था। DATRI स्टेम सेल डोनेशन रजिस्ट्री और जेनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के साथ मिलकर आयोजित इस अभियान में आसपास की आवासीय सोसायटियों से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। यह सहभागिता न केवल स्टेम सेल डोनेशन को लेकर बढ़ती जन-जागरूकता को दर्शाती है, बल्कि भारत में स्टेम सेल डोनर रजिस्ट्री के विस्तार की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।


इस कार्यक्रम में  अभिनव गोपाल, आईएएस, मुख्य विकास अधिकारी, गाज़ियाबाद, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

आज के चिकित्सकीय परिदृश्य में इस तरह की पहल की आवश्यकता और भी स्पष्ट हो जाती है। ल्यूकेमिया, लिम्फोमा, थैलेसीमिया और अन्य गंभीर रक्त विकारों से जूझ रहे कई मरीजों के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट ही एकमात्र उपचारात्मक विकल्प होता है। हालांकि, 70 प्रतिशत से अधिक मरीजों को अपने परिवार के भीतर उपयुक्त डोनर नहीं मिल पाता। इसके अलावा, असंबंधित डोनर से मेल मिलने की संभावना भी अत्यंत कम, लगभग 10,000 में एक, होती है, क्योंकि इसके लिए ह्यूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन (HLA) का अत्यधिक सटीक मेल आवश्यक होता है। ऐसे में मरीजों और संभावित डोनर्स के बीच की दूरी अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

इन्हीं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, इस अभियान के माध्यम से लोगों को यह जानकारी दी गई कि जीवन बचाने की दिशा में पहला कदम एक साधारण बकल स्वाब टेस्ट हो सकता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित, त्वरित और बिना किसी दर्द के होती है। अभियान के दौरान स्टेम सेल डोनेशन को लेकर फैली आम गलतफहमियों को दूर करने और लोगों को सही जानकारी के साथ आगे आने के लिए प्रेरित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य जागरूकता को सार्थक भागीदारी में बदलना रहा। इसके तहत यशोदा मेडिसिटी, इंदिरापुरम और यशोदा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, कौशांबी में विशेष जागरूकता एवं पंजीकरण बूथ लगाए गए। यहां लोगों ने स्टेम सेल डोनर के रूप में पंजीकरण कराया, बकल स्वाब सैंपल दिए और विशेषज्ञ चिकित्सकों से बातचीत कर यह समझा कि एक छोटा-सा, सोच-समझकर लिया गया निर्णय भविष्य में किसी मरीज के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है।

इन प्रयासों को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अभियान के दौरान स्वास्थ्य वार्ताओं और पैनल चर्चाओं का आयोजन किया गया। इनमें थैलेसीमिक्स इंडिया एवं थैलेसीमिया इंटरनेशनल फेडरेशन की सचिव सुश्री शोभा तुली, DATRI की नॉर्थ इंडिया हेड सुश्री बिंदिया साहनी सहित स्वास्थ्य एवं सार्वजनिक जागरूकता क्षेत्र के अन्य प्रमुख विशेषज्ञों ने सहभागिता की। वक्ताओं ने भारत में स्टेम सेल डोनर इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने, समय पर उपयुक्त डोनर मिलने से मरीजों के उपचार परिणामों में होने वाले सकारात्मक बदलाव, तथा दीर्घकालिक जन-जागरूकता की अहम भूमिका पर अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

अभियान के मानवीय पक्ष को सामने लाने के लिए #BMTKiKahaniSurvivorKiZubani के तहत मरीजों और सर्वाइवर्स की वास्तविक कहानियां भी साझा की गईं, जिन्होंने यह स्पष्ट किया कि स्टेम सेल डोनेशन किस तरह जीवन बदल देने वाला प्रभाव डाल सकता है।


डॉ. पी. एन. अरोड़ा, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने कहा कि“स्टेम सेल डोनेशन के प्रति जागरूकता फैलाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह अभियान चिकित्सा उत्कृष्टता के साथ-साथ जनस्वास्थ्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।”

डॉ. उपासना अरोड़ा,  मैनेजिंग डायरेक्टर, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने कहा, कि “‘A Match That Saves Lives’ के माध्यम से हमारा प्रयास स्टेम सेल डोनेशन की जीवनरक्षक क्षमता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और डोनर रजिस्ट्रेशन को सरल व सुलभ बनाने का रहा है। यशोदा मेडिसिटी में हमारी उन्नत बोन मैरो ट्रांसप्लांट सुविधाएं मरीजों को उपचार के हर चरण में सहयोग प्रदान करती हैं, वहीं यह अभियान जरूरतमंद मरीजों तक समय पर उम्मीद पहुंचाने वाले एक मजबूत डोनर नेटवर्क के निर्माण में भी सहायक सिद्ध हुआ है।”

डॉ. निवेदिता ढींगरा, डायरेक्टर एवं हेड,हेमेटोलॉजी, हेमेटो-ऑन्कोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट,ने कहा कि  “हर नया पंजीकृत डोनर मरीजों को एक उपयुक्त मैच के और करीब ले जाता है, जो उपचार की सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। ‘A Match That Saves Lives’ जैसे अभियान स्टेम सेल डोनेशन को लोगों के लिए सरल बनाते हैं, प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी देते हैं और जागरूकता को ऐसे ठोस कदमों में बदलते हैं, जो वास्तव में जीवन बचा सकते हैं।”

‘A Match That Saves Lives’ अभियान जनस्वास्थ्य के प्रति यशोदा मेडिसिटी की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है और यह स्पष्ट करता है कि मरीज-केंद्रित देखभाल अस्पताल की चारदीवारी से आगे बढ़कर समाज तक भी प्रभावी रूप से पहुंच सकती है।

अपर मुख्य सचिव,अमृत अभिजात ने बायोडायवर्सिटी पार्क के कार्य सहित ITMS तथा तैयार हुए विजयनगर कार्यालय का लिया जायजा

 



                          मुकेश गुप्ता

इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में एक ही कार्यालय में 311, IGRS,कंट्रोल रूम,VTMS, तथा ITMS शहर की सुविधाओं को बना रहा है सरल--अमृत अभिजात

बायोडायवर्सिटी पार्क एनसीआर का भव्य, आकर्षक और सुविधाजनक पर्यटन स्थल के रूप में हो तैयार अपर मुख्य सचिव ने नगर आयुक्त व टीम को दिए निर्देश

आर्मी ग्राउंड विजय नगर में 6 महीने पहले लगाए गए पौधों को वृक्ष बनते देख, अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश द्वारा प्रसन्नता जाहिर करते हुए नगर आयुक्त और टीम का किया गया उत्साहवर्धन


गाजियाबाद । नगर निगम मुख्यालय में बनी आई ट्रिपल सी बिल्डिंग अपर मुख्य सचिव,  अमृत अभिजात, पर्यटन संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग द्वारा निरीक्षण किया गया मौके पर महापौर सुनीता दयाल, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार माँदंड, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक,मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, एडिशनल सीपी आलोक प्रियदर्शी भी उपस्थित रहे, उपस्थित अधिकारियों द्वारा इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से चल रहे ट्रायल के कार्य को देखा गया, अपर मुख्य सचिव तथा महापौर द्वारा ट्रायल के क्रम में हापुर चुंगी रेड लाइट पर बिना हेलमेट के चल रहे स्कूटी सवार का चालान काटा गयाl नगर आयुक्त द्वारा ITMS प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कैमरा इंटीग्रेटेड के बारे में बताया गया, ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ निगम के कार्यों पर भी मॉनिटरिंग रखी जा रही है बताया गयाl 


अपर मुख्य सचिव, श्री अमृत अभिजात, पर्यटन संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बताया गया कि गाजियाबाद नगर निगम द्वारा इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के अंतर्गत 311 एप्लीकेशन, IGRS, कंट्रोल रूम तथा व्हीकल ट्रैकिंग मॉनिटरिंग सिस्टम का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है, इसके अलावा इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से सुविधा ट्रैफिक व्यवस्था में रहेगी तथा शहर वासियों को जाम से भी मुक्ति मिलेगी यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी मॉनिटरिंग सरल होगी ट्रायल के रूप में विभागों के चल रहे कार्यों के क्रम में चालान काटने की शुरुआत की गई है, एक ही बिल्डिंग में जन समस्याओं के समाधान के लिए चल रहे कार्य प्रसंसनीय हैं नगर निगम टीम का उत्साहवर्धन किया गया।


नगर आयुक्त तथा निगम अधिकारियों द्वारा निगम के चल रहे प्रोजेक्ट बायोडायवर्सिटी पार्क का भी स्थलीय निरीक्षण कराया गया, बायोडायवर्सिटी पार्क एनसीआर का सबसे भव्य और आकर्षक होने के साथ-साथ सुविधाजनक भी बनाया जाए अपर मुख्य सचिव द्वारा निर्देश दिए गए, बायोडायवर्सिटी एक्सपर्ट के माध्यम से उक्त पार्क की प्लानिंग को कराया जाए निर्देशित किया गया, समय सीमा के अंतर्गत ही कार्य पूर्ण हो निर्देश दिए गए पर्यटकों के लिए गाजियाबाद का बायोडायवर्सिटी पार्क बहुत ही अद्भुत और सुविधाजनक हो प्लानिंग करने के लिए कहा गया।


विजयनगर जोन अंतर्गत बने जोनल कार्यालय का भी जायजा लिया गया बिल्डिंग का निर्माण पूरा हो चुका है उद्घाटन से पूर्व इलेक्ट्रिक तथा इंटरनेट की वर्किंग का पर्यवेक्षण करने के लिए निर्देश दिए गए, अग्नि समन संयंत्र के अधिष्ठापन के लिए भी कहा गया।


अपर मुख्य सचिव द्वारा विजयनगर अंतर्गत आर्मी लैंड पर 6 महीने पूर्व पौधारोपण किया था जिसमें 18000 स्क्वायर मीटर लैंड पर 55000 पौधे लगाए गए थे जो अब 6 फीट से ऊंचे हो गए हैं, पौधों को वृक्ष बनते देखा अपर मुख्य सचिव द्वारा नगर निगम उद्यान विभाग की प्रशंसा की तथा मौके पर उपस्थित नगर आयुक्त द्वारा बताया गया कि कूड़े को हटाकर मियांवकी पद्धति से पौधारोपण किया गया है, लगभग 50 से अधिक प्रजातियों के फलदार और फूलों के पौधे लगाए गए थे जो कि अब बड़े हो रहे हैं ।

सिंदूर,पीपल,नीम,जामुन,कदम ,पिलखन,अशोक,अर्जुन, कॉनोकार्पस,चक्रेसिया ,आम गुलमोहर,बेल पत्थर,बॉटल ब्रश अमरूद के पौधे लगाए गए थे जो कि अब वृक्ष बन रहे हैंl इसी प्रकार शहर में आने को स्थान पर प्लांटेशन किया गया था जो कि अब वृक्ष का रूप ले रहे हैं वर्तमान में ऑक्सीजन का हब बन रहा है आगे भी रिक्त भूमि पर पौधारोपण करने की योजना बनी हुई है, अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मिथिलेश, महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद, प्रभारी संपत्ति पल्लवी सिंह, प्रकाश प्रभारी आश कुमार भी मौके पर उपस्थित रहे।

परमवीर चक्र से अलंकृत अमर शहीद मेजर सोमनाथ शर्मा जयंती पर परमार्थ निकेतन मे भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित की


                           मुकेश गुप्ता

ऋषिकेश, 31 जनवरी। माँ भारती के वीर सपूत, अदम्य साहस, अद्वितीय शौर्य और सर्वाेच्च राष्ट्रभक्ति के प्रतीक, परमवीर चक्र से अलंकृत अमर शहीद मेजर सोमनाथ शर्मा जी की जयंती पर परमार्थ निकेतन से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनका जीवन केवल एक सैनिक की कहानी नहीं, बल्कि कर्तव्य, त्याग, समर्पण और राष्ट्रप्रेम का वह दिव्य आदर्श है, जिसने भारतीय सैन्य इतिहास में स्वर्णिम अध्याय अंकित किया।

मेजर सोमनाथ शर्मा सन 1947-48 के भारत-पाक युद्ध के दौरान कश्मीर की धरती पर जब शत्रु सेना ने आक्रमण किया, तब मेजर सोमनाथ शर्मा जी ने अद्वितीय वीरता का परिचय दिया। श्रीनगर एयरफील्ड की सुरक्षा का दायित्व उनके कंधों पर था। विषम परिस्थितियों, सीमित संसाधनों और भारी शत्रु बल के बावजूद उन्होंने पीछे हटना स्वीकार नहीं किया। घायल होने के बाद भी वे अपने साथियों का उत्साह बढ़ाते रहे और अंतिम सांस तक मोर्चे पर डटे रहे। उनका वह अमर वाक्य “मैं एक इंच भी पीछे नहीं हटूँगा” आज भी हर सैनिक के हृदय में अग्निशिखा की तरह प्रज्वलित है।

उनकी वीरता और नेतृत्व क्षमता तथा भारतीय सेना अद्वितिय साहस से विजय प्राप्त की। उनका बलिदान केवल एक युद्ध की जीत नहीं, बल्कि भारत की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा का निर्णायक क्षण था।

स्वामी जी ने कहा कि स्वतंत्रता हमें यूँ ही नहीं मिली है। यह आज़ादी असंख्य वीरों के रक्त, तप, त्याग और बलिदान से सिंचित हुई है। भारत की मिट्टी का कण-कण शहीदों की शौर्यगाथा सुनाता है, हर तिरंगा हमें उन अमर बलिदानों की याद दिलाता है जिन्होंने हँसते-हँसते अपने प्राण मातृभूमि पर न्योछावर कर दिए। यदि हम आज निर्भय होकर सांस ले पा रहे हैं, अपने सपनों को जी पा रहे हैं, तो उसके पीछे किसी सैनिक की जागती हुई रातें, किसी माँ की भीगी हुई आँखें और किसी परिवार का अधूरा जीवन छिपा है।

उन्होंने दृढ़ स्वर में कहा कि भारतीय सेना वेतन के लिये नहीं वतन के लिये जीती है। जब सीमा पर गोलियाँ चलती हैं, तब सैनिक लाभ-हानि नहीं सोचते केवल तिरंगे की आन-बान-शान की रक्षा करता है। हिमालय की बर्फ हो या रेगिस्तान की तपती रेत, हमारे जवान हर परिस्थिति में अडिग खड़े रहते हैं।

आज की परमार्थ गंगा आरती सेना के वीर जवानों को समर्पित की।

शुक्रवार, 30 जनवरी 2026

कविनगर रामलीला मैदान में आयोजित भव्य श्रीरामकथा का षष्ठम दिवस , हमें अपने पुराने कर्मो का फल अवश्य भोगना पड़ता है, राजा दशरथ भी इससे नहीं बच सके-- विजय कौशल

 





                         मुकेश गुप्ता

भरत का चरित्र नि:स्वार्थ प्रेम, कर्तव्य परायणता और आदर्श भातृ प्रेम का प्रतीक: विजय कौशल जी महाराज जी महाराज

- कथा व्यास ने छठे दिन की रामकथा में दशरथ मृत्यु व चित्रकूट में राम-भरत मिलाप का सुंदर वर्णन किया 

गाजियाबाद। कविनगर स्थित रामलीला मैदान में मंगलमय परिवार द्वारा आयोजित भव्य श्रीरामकथा के षष्ठम दिवस शुक्रवार को जब कथा व्यास पूज्य संत विजय कौशल जी महाराज की दशरत मृत्यु व भरत मिलाप का संजीव वर्णन किया तो वहां मौजूद श्रद्धालुओं को आंखें रामभक्ति में भावुकता के कारण नम हो गयीं। 

कथा व्यास विजय कौशल महाराज ने अपन श्रीमुख से रामकथा के छठे दिन अयोध्या के राजा दशरथ के राम के वन जाने के पश्चात उनके वियोग में मृत्यु के वरण करने और चित्रकूट जाकर भरत को अपने अग्रज भ्राता राम के साथ हुए मिलाप के भावपूर्ण प्रसंग का बहुत ही सुंदर वर्णन किया। दशरथ का विलाप और भरत-राम मिलन के दृश्य ने कथास्थल को भावुक कर दिया। महाराज ने भरत के प्रेम और त्याग की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भरत का चरित्र नि:स्वार्थ प्रेम, कर्तव्य परायणता और आदर्श भातृ प्रेम का प्रतीक है। आज के समय में ऐसे भाव वाले भाई का मिलना असंभव है। 

विजय कौशल जी महाराज ने हमें अपने पुराने कर्मो का फल अवश्य ही भोगना पड़ता है। राजा दशरथ भी इससे नहीं बच सके थे। रामकथा में राजा दशरथ की मृत्यु राम के वनवास के दुख में हुई, जो श्रवण कुमार के माता-पिता के श्राप का परिणाम था। भरत एक आदर्श भाई थे। उन्होंने अपनी माता कैकेयी की उन्हें राजा बनाने की योजना को अस्वीकार करके वे अपने बड़े भाई राम को वापस लाने के लिए चित्रकूट गये। लेकिन श्रीराम द्वारा उनकी वापस अयोध्या लौटने की विनती अस्वीकर कर दिया, क्यों राम ने अपने पिता का वचन निभाना था। जब राम ने अयोध्या लौटने में असमर्थता जतायी तो भरत उनकी पादुकाएं लेकर आये और उन्हें सिंहासन पर रखकर 14 वर्षो तक स्वयं भी तपस्वी का जीवन बिताया। 


विजय कौशल जी महाराज ने कहा कि राजा दशरथ से जाने-अनजाने में श्रवण कुमार का वध हो गया था और श्रवण के अंधे माता-पिता ने स्वयं तो प्राण त्याग ही दिये थे। उन्होंने राजा दशरथ को भी पुत्र वियोग में प्राण त्यागने का श्राप दिया था। 

उन्होंन कहा कि राम अपने वचनों के पक्के थे। पिता दशरथ की आज्ञा से ही राम वन गये और इसके पीछे राजा दशरथ का कैकेयी के दिये गये वचनों को पूरा करना था। श्राप के चलते ही पुत्र मोह में राजा दशरथ ने छठवें दिन रघुकुल शिरोमणि राम का नाम लेते हुए प्राण त्याग थे। 

कथा का वृतांत सुनाते हुए पूज्य संत ने आगे बताया कि राजा दशरथ कैकयी के कर रह जाते हैं और श्री राम को वनवास के बाद भरत ने 14 साल तक नदी ग्राम से राजपाठ संभाला था। महाराज श्री ने कहा कि हमें अपने कर्तव्य के पथ से कभी पीछे नहीं हठना चाहिए। यह हम भरत के चरित्र से सीख लेते हैं। 

पूज्य श्री विजय कौशल जी महाराज के पावन श्रीमुख से प्रवाहित रामकथा के षष्ठम दिवस में भरत के निस्वार्थ प्रेम, कर्तव्यपरायणता और आदर्श भातृ प्रेम को बहुत ही सुंदर ढंग से वर्णन किया। शनिवार को कथा का सातवां व अंतिम दिन है। मंगलयम परिवार ने सभी भक्तों से अंंतिम दिन कथा सुनने आने का आग्रह किया है, ताकि वे इस भव्य रामकथा का लाभ उठा सकें। कथा के विधायक नंद किशोर गुर्जर, उधोगपति संजीव गुप्ता ,भाजपा नेता भानू शिशोदिया आदि को महाराज जी द्वारा सम्मानित किया गया।


सुभास पार्टी ने कार्यालय पर राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 79वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए

 

                         मुकेश गुप्ता

 गाजियाबाद । 30 जनवरी 2026 दिन शुक्रवार को सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी (सुभास पार्टी) ने जगदीश नगर स्थित कार्यालय पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को 79 वीं पुण्यतिथि पर याद किया और श्रद्धा सुमन अर्पित किए। 

 ज्ञात रहे कि 30 जनवरी 1948 को आजादी में अपना कोई योगदान ना देने वाले संगठन के नेताओं ने नाथूराम गोडसे के द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या करवा दी थी। राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि देते हुए सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी के संयोजक व संस्थापक सतेन्द्र यादव ने महात्मा गांधी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए कहा महात्मा गांधी जी के प्रयोग और विचारों द्वारा ही हम शक्तिशाली भारत बना सकते हैं वर्तमान परिस्थितियों में उनके विचार और ज्यादा प्रासंगिक हो जाते हैं जिस प्रकार वे ग्राम स्वराज की बात करते थे कोरोना जैसी विश्वव्यापी महामारी ने उन्हें सिद्ध कर दिया कि देश दुनिया का उद्धार गांधीजी के ग्राम स्वराज द्वारा ही संभव है। राष्ट्रपिता गांधी जी को अपनी श्रद्धांजलि देते हुए प्रदेश प्रवक्ता विनोद सिंह अकेला ने कहा कुछ वे लोग जिनका आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं था, आज सत्ता में बैठे हैं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस अन्य क्रांतिकारियों के बीच विभेद पैदा करने में लगे हैं जबकि महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता की पदवी नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी ने ही दी थी और शहीद राम प्रसाद बिस्मिल जी ने भी फांसी चढ़ते हुए यही कहा था कि देश के युवाओं को महात्मा गांधी के साथ मिलकर कार्य करना चाहिए। श्रद्धांजलि देते हुए पूर्व सांसद प्रत्याशी धीरेंद्र सिंह भदौरिया ने कहा गाँधी जी का देश की आजादी में अमूल्य योगदान है, जिसका देश कभी मूल्य चुका नहीं सकता। श्रद्धांजलि देते हुए अनिल सिन्हा(प्रभारी उत्तरप्रदेश, बिहार) ने कहा कि गाँधी जी ने देश की आजादी में विदेशी सामानों का बहिष्कार किया और देश की जनता से कहा कि सभी स्वदेशी सामान का उपयोग करें जनता ने उनका साथ दिया और अंग्रेजों को बहुत बड़ी धन की हानि हुई। अगर आज भी गांधी जी कि इस नीति पर चला जाए तो देश का भविष्य बहुत उज्जवल होगा। 

  श्रद्धांजलि देने वालों में मुख्य रूप से अनिल सिन्हा (प्रभारी बिहार प्रदेश),विनोद कुमार अकेला, तेजेन्द्र कुमार वर्मा, अनुपम अग्रवाल,  सत्येंद्र यादव,  धीरेन्द्र सिंह भदौरिया, राजेन्द्र यादव, नसरुद्दीन मलिक,  जगदीश राय,  दीपक वर्मा,  विकास कुमार, दीपक पाल,  रिंकू कुमार,  विवेक राणा,  आबिद, इर्शाद,  हरीश शर्मा,  रोहित कुमार आदि उपस्थित रहे।

मंडल स्तरीय विजेता श्री ठाकुर द्वारा बालिका विद्यालय की छात्रा “उर्वशी महेदिया “ ने किया जिला गाज़ियाबाद का नाम रोशन

 

                          मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । उत्तर प्रदेश एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान संस्कृति उत्सव-2026 प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । इसमें संगीत की विभिन्न विधाओं का , विभिन्न स्तरों पर आयोजन किया गया। बहुत हर्ष का विषय है कि श्री ठाकुर द्वारा बालिका विद्यालय की छात्रा उर्वशी महेदिया  ने शास्त्रीय (कत्थक) नृत्य में मंडल स्तर पर विजेता बन विद्यालय का एवं जिला ग़ाज़ियाबाद का नाम रोशन किया ।

“उत्तर प्रदेश पर्व-हमारी संस्कृति हमारी पह्चान “ के अंतर्गत इसका पहला चरण- तहसील स्तरीय प्रतियोगिता , ग़ाज़ियाबाद ,कविनगर रामलीला ग्राउंड जानकी सभागार में तथा दूसरा चरण- जनपद स्तरीय प्रतियोगिता, लोहिया नगर स्थित हिन्दी भवन में आयोजित किया गया । दोनों ही स्तरों में विद्यालय की छात्रा उर्वशी महेदिया विजयी रही और फिर अगले चरण -मंडल स्तरीय प्रतियोगिता के लिए भातखंडे संस्कृति विश्विद्यालय, लखनऊ में प्रतिभाग किया । वहाँ अपनी शानदार कत्थक नृत्य प्रस्तुति कर ,सभी प्रतिभागियों को पछाड़ते हुए उर्वशी महेदिया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इतना ही नहीं इसके पश्चात सभी विजेताओं को “राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल”, हरदोई रोड बसंत कुंज लखनऊ पर प्रस्तुति प्रस्तुत करने का और सम्मानित होने का अवसर प्राप्त हुआ । विद्यालय की संगीत विभागाध्यक्ष रचना वार्ष्णेय के निर्देशन में उर्वशी महेदिया निरंतर नयी उपलब्धियाँ प्राप्त कर रही है।

मंडल स्तर पर विजेता रहीं उर्वशी का विद्यालय में ज़ोरदार स्वागत किया गया और प्रधानाचार्या पूनम शर्मा ,प्रबंधक ज्ञान प्रकाश गोयल जी एवं प्रबंध समिति के अन्य सदस्यों ने  छात्रा को बहुत-बहुत शुभकामनाएं दीं और उज्जवल भविष्य के लिए कामना की। यहाँ आपको अवगत करा दें कि उर्वशी पिछले अनेक वर्षों से गंधर्व संगीत महाविद्यालय ग़ाज़ियाबाद ,में कत्थक नृत्य की शिक्षा ले रही हैं। उर्वशी पहले भी अनेक पुरस्कार जीत चुकी हैं , यहाँ तक की TV पर डान्स शो में प्रतिभाग कर चुकी हैं ।

गुरुवार, 29 जनवरी 2026

जी डी ए तथा नगर निगम के बीच शहर की 7 प्रमुख योजनाओं का हुआ हस्तांतरण, 66 करोड़ 32 लाख में बनी सहमति, नगर आयुक्त तथा जीडीएवीसी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर हैंडोवर प्रक्रिया को किया पूर्ण

 



                        मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक तथा गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल द्वारा शहर की 6 प्रमुख क्षेत्र की योजनाओं को हस्तांतरण करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया है, जिसके क्रम में स्वर्णजयंतीपुरम, कर्पूरीपुरम बी ब्लॉक गोविंदपुरम योजना का सी पी ब्लॉक, प्रताप विहार सेक्टर 12 अंतर्गत भवराव देवरस योजना, के ए ब्लॉक व बी एच ब्लॉक, राजनगर एक्सटेंशन योजना की 45 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क, गोविंदपुरम योजना में क्रियाशील एसटीपी, प्राधिकरण का नगर निगम कार्यालय भवन हस्तांतरण किए जाने हेतु दोनों विभागों के समस्त अधिकारियों की उपस्थिति में बैठक हुई जिसमें हस्तांतरण की कार्यवाही को पूर्ण किया गया तथा हस्तांतरण कार्यवृत पर दोनों अधिकारियों द्वारा हस्ताक्षर किए गए ।


नगर आयुक्त ने बताया गया कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण कि विकसित योजनाओं का हैंडोवर लिया गया है जिसमें स्वर्ण जयंतीपुरम, कर्पूरीपुरम,गोविंदपुरम, राज नगर एक्सटेंशन योजना की 45 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क तथा प्रताप विहार की योजनाओं का हैंडोवर हुआ है, 66 करोड़ 32 लाख में सहमति बनी है जिसके क्रम में पहली किस्त 1 फरवरी 2026 को 33 करोड़ 16 लाख का भुगतान गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के द्वारा किया जाना है तथा दूसरी किस्त 33 करोड़ 16 लाख का भुगतान 25 मार्च 2026 तक किया जाना है जिसके लिए समस्त कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है दिनांक 1 अप्रैल 2026 से योजनाओं की समस्त अवस्थापना सुविधा सड़के, नाली नाले,वाटर लाइन ट्यूबवेल, ओवरहेड टैंक, सीवर लाइन, सेंट्रल वर्ज, फुटपाथ, पार्क एवं ग्रीन बेल्ट का हैंडोवर मान्य होगा ।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल द्वारा नगर निगम को शुभकामनाएं दी गई, उपाध्यक्ष जी डी ए द्वारा बताया गया कि स्वर्ण जयंतीपुरम की सड़क, सीवर व जलापूर्ति, ड्रेन का निर्माण कार्य, मार्ग की प्रकाश व्यवस्था,उद्यानिकरण हेतु सहमति के क्रम में धनराशि निगम को दी जाएगी कर्पूरीपुरम, बी ब्लॉक, गोविंदपुरम का सी पी ब्लॉक, प्रताप विहार सेक्टर 12 भाउराव देवरस योजना में पेयजल, स्ट्रीट लाइट, पार्क में अन्य कार्य हेतु नगर निगम को 66 करोड़ 32 लाख दो किस्तों में दिए जाएंगे 87 करोड़ 7 लाख के सापेक्ष 66 करोड़ 32 लाख पर सहमति बनी है बताया गया ।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की 6 प्रमुख योजनाओं का हैंडोवर नगर निगम को हुआ है मौके पर नगर निगम से अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, प्रभारी उद्यान डॉक्टर अनुज, प्रभारी प्रकाश आश कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मिथिलेश उपस्थित रहे गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से मुख्य अभियंता आलोक रंजन व अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

एल.आर.पब्लिक स्कूल भीमनगर में आयोजित साइंस एग्जीबिशन का अजीत सिंह बैसला ने किया उद्घाटन

 


                          मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । एल.आर.पब्लिक स्कूल भीमनगर गाजियाबाद में साइंस एग्जीबिशन में मुख्य अतिथि के रूप में सरदार पटेल गलोबल स्कूल के चैयरमैन अजीत सिंह बैसला पहुंचे जहां विधालय के प्रबंधक राम किशन प्रधान, राजाराम प्रधान, मनोज प्रधान व विधालय के प्रधानाचार्य अजय प्रधान ने उनका  बुके देकर स्वागत किया और रीबन काटकर विधिवत साइंस एग्जीबिशन की शुरुआत की।  इस मौके पर  उन्होंने कहा कि बच्चों ने बहुत ही सुंदर प्रोजेक्ट बनायें  और उनकी तैयारी भी बहुत अच्छी थी, बहुत से बच्चे बहुत ही प्रतिभाशाली थे और उन्होंने तैयारी भी लाजवाब थी। उन्होंने  इस सफल आयोजन के लिए विधालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य समस्त स्टाफ को बहुत बहुत बधाई व साधुवाद किया सभी बच्चों को उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।