रविवार, 20 सितंबर 2026

परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती रामकिंकर भारत भूषण सम्मान’ से सम्मानित

 






मुकेश गुप्ता

*💥श्री रामकिंकर विचार मिशन के पूज्य स्वामी मैथिलीशरण जी महाराज ने किया सम्मानित*

*🌸सामाजिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिये पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी को किया विभूषित*

*🌺संतों की सत्संग परंपरा से सिंचित परमार्थ निकेतन से तीर्थ को तीर्थ बनाए रखने का आह्वान*

ऋषिकेश, 20 सितम्बर। परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज को उनके दीर्घकालीन सामाजिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक योगदान के लिये प्रतिष्ठित ‘श्री रामकिंकर भारत भूषण सम्मान’ से विभूषित किया गया। श्री रामकिंकर विचार मिशन के पूज्य स्वामी मैथिलीशरण जी महाराज ने यह सम्मान पूज्य स्वामी जी को अर्पित किया।

यह सम्मान संत परंपरा की उस अखंड धारा का अभिनंदन है, जो आध्यात्मिक चेतना को सेवा, संस्कार, करुणा और लोककल्याण से जोड़ती है। पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों, गंगा संरक्षण, पर्यावरण जागरण, स्वच्छता, सेवा तथा वैश्विक शांति के संदेश को देश-विदेश में व्यापक स्तर पर प्रसारित किया है।

पूज्य स्वामी मैथिलीशरण जी महाराज ने कहा कि पूज्य स्वामी जी का जीवन साधना से सेवा और सेवा से विश्वकल्याण की प्रेरणादायी यात्रा है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने सम्मान को श्रीरामकिंकर जी महाराज की पावन स्मृति को समर्पित करते हुए कहा कि यह सम्मान संत परंपरा, सेवा-साधना और सनातन संस्कृति के प्रति सम्मान है।

परमार्थ निकेतन की पावन धरा पूज्य संतों की चरणरज, सत्संग की अमृतधारा और साधना की अखंड परंपरा से सिंचित एक जीवंत तीर्थ है। माँ गंगा के पावन तट पर स्थित यह भूमि उन दिव्य स्मृतियों को अपने भीतर संजोए हुए है, जहाँ समय-समय पर भारत की महान संत परंपरा के अनेक ऋषितुल्य संतों, महापुरुषों और विद्वानों ने आकर सत्संग, कथा और साधना की गंगा प्रवाहित की।

परमार्थ निकेतन के इस दिव्य आध्यात्मिक वातावरण में वृंदावन से पूज्य स्वामी अखंडानन्द जी महाराज, वेदों के परम विद्वान पूज्य स्वामी गंगेश्वरानन् महाराज, पूज्य डोगरे जी महाराज, माँ आनंदमयी तथा अनेक संत-महापुरुषों का आगमन हुआ। इन महापुरुषों के चरणों से यह भूमि धन्य हुई और उनके श्रीमुख से निकले ज्ञान, भक्ति, वैराग्य एवं सेवा के संदेशों ने असंख्य साधकों के अंतर्मन को स्पर्श किया।

इन्हीं दिव्य स्मृतियों को पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने पूज्य स्वामी मैथिलीशरण जी महाराज के साथ साझा करते हुए संतों की उस अखंड परंपरा का स्मरण किया। संतों की साधना, सत्संग और तपस्या से निर्मित आध्यात्मिक एवं तीर्थ नगरी का स्वरूप प्रदान किया।

पूज्य स्वामी जी ने स्मरण करते हुए कहा कि पूज्य श्री रामकिंकर जी महाराज  प्रतिवर्ष परमार्थ निकेतन पधारते थे और यहाँ कथा एवं सत्संग के माध्यम से रामकथा की अमृतधारा प्रवाहित करते थे। 

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम अपने तीर्थों की इस दिव्यता को समझें और तीर्थ को तीर्थ बनाए रखने का संकल्प लें। हमारे तीर्थ स्वच्छ हों, निर्मल हों, प्रदूषणमुक्त हों, नशामुक्त हों और यहाँ आने वाले प्रत्येक साधक बाहरी स्वच्छता के साथ-साथ अंतःकरण की स्वच्छता का भी अनुभव करे। संतों ने हमें तीर्थ दिए हैं; अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम आने वाली पीढ़ियों को उन तीर्थों की पवित्रता सुरक्षित रूप में सौंपें।

परमार्थ निकेतन की यह परंपरा आज भी उसी सत्संग, सेवा, साधना और संस्कार की अखंड ज्योति को आगे बढ़ा रही है।

हिंदी दिवस समारोह व कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ,हिंदी भवन समिति ने हिंदी के 35 विद्यार्थियों व शिक्षकों को सम्मानित किया

 




मुकेश गुप्ता

हिंदी भवन में चार घंटे बही कविताओं की रसधारा

आठ में से चार कवि पहली बार आए हिंदी भवन के मंच पर

गाज़ियाबाद । हिंदी भवन समिति की ओर से आयोजित हिंदी दिवस समारोह एवं कवि सम्मेलन में जहां 35 मेधावी विद्यार्थियों व शिक्षकों को सम्मानित किया गया, वहीं जाने माने कवियों ने लगातार चार घंटे गीत, गजल, कविताओं की रसधारा बहाई।

मुख्य अतिथि डीसीपी धवल जायसवाल और मुख्य वक्ता डॉ हरीश अरोड़ा आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह की शुरुआत कराई। डीसीपी धवल जायसवाल ने कहा कि हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए इस तरह के आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पीजी डी ए वी कॉलेज (दिल्ली विश्वविद्यालय) के प्रोफेसर डॉ हरीश अरोड़ा ने मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए हिंदी की स्थिति पर सारगर्भित विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि तमाम विपरीत परिस्थितियों के बाद भी हिंदी का भविष्य उज्ज्वल है। 

हिंदी भवन समिति के अध्यक्ष ललित जायसवाल ने कहा कि हिंदी दिवस और हिंदी पखवाड़े के अवसर पर प्रत्येक वर्ष कवि सम्मेलन के साथ साथ हिंदी के मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है। भविष्य में भी इस तरह के आयोजन हिंदी भवन में होते रहेंगे। 

समारोह में जनपद गाज़ियाबाद के विभिन्न विद्यालयों के हिंदी के 35 मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षकों को सम्मानित किया गया। हिंदी भवन समिति के महासचिव सुभाष गर्ग और अन्य पदाधिकारियों ने रचनाकारों का स्वागत किया।

इस अवसर पर आयोजित कवि सम्मेलन में देश के जाने माने कवियों की रचनाओं का श्रोताओं ने चार घंटे तक आनंद लिया।सिकंदरा राऊ (हाथरस) से आए सुप्रसिद्ध गीतकार डॉ विष्णु सक्सेना के गीतों पर श्रोता खूब झूमे..

जो हाथ थाम लो वो फिर न छूटने पाये,

प्यार की दौलतें कोई न लूटने पाये,

जब भी छूलो बुलंिदयां तो ध्यान ये रखना

ज़मीं से पाँव का रिश्ता न टूटने पाये।

दिल्ली से आए प्रसिद्ध कवि डॉ प्रवीन शुक्ल ने शानदार संचालन के साथ उम्दा काव्य पाठ भी किया...

कविता हर हारे मन को भी जीत दिया करती है

मन के टूटे तारों को संगीत दिया करती है

घोर निराशा में आशा का दीपक बन जाती है

विपदा में जीवन जीने का रस्ता दिखलाती है।

कवि राज कौशिक ने दिलों में नफरत के स्थान पर प्यार रखने का ये संदेश देकर खूब तालियां बटोरीं...

कुछ इक दिन में ही ये दुनिया गुलो गुलज़ार हो जाए

जो नफरत की जगह दिल में हमारे प्यार हो जाए

मैं इस हद तक मोहब्बत का हूं पैरोकार अब यारो

कोई समझे मुझे दुश्मन तो मेरी हार हो जाए 

ग्वालियर से पधारे शायर अतुल अजनबी को उनकी पंक्तियों पर खूब दाद मिली...

कश्तियाँ डूब रही हैं यहाँ एक एक करके

और हम ख़ुश हैं कि पतवार सँभाले हुए हैं।

पानीपत से पधारे हास्य कवि मनु बदायूँनी ने लोगों को खूब हंसाया..

दोनों बच्चे पीटकर और दाल आटा एक कर

मैं सहम जाता हूँ उनकी लाल आँखें देखकर 

सूट तू लाया है जो मुझको पसंद आया नहीं 

बात समझाती हैं पत्नी ये भी बर्तन फेंक कर

कवयित्री अंजु जैन को भी खूब सुना गया..

है यंकी हमको कि हम और निखर जाएँगे 

हौंसला देख के तूफ़ान ठहर जाएँगे 

है नहीं ख़ौफ़ हवाओं की शरारत का हमें 

हम नहीं ताश का इक घर जो बिखर जाएँगे

मथुरा से आए ओज के कवि

मनवीर मधुर को भी खूब प्रशंसा मिली...

सहज शालीन लौकिक बुद्ध, भी दुनिया ने देखा है । 

किया है शत्रु-पथ अवरुद्ध, भी दुनिया ने देखा है ॥

क्षमा कर युद्धबंदी लाख, वापस कर दिये हमने,

हमारा शौर्य साहस युद्ध, भी दुनिया ने देखा है ॥

दस लक्षण पर्व पर एस.एस.डी. जैन पब्लिक स्कूल में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम मे एम एल सी दिनेश गोयल हुए उपस्थित

 






मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । दस लक्षण पर्व के पावन अवसर पर एस.एस.डी. जैन पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि दिनेश गोयल एम एल सी गाजियाबाद द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।उनके साथ समिति के अध्यक्ष जे.पी. जैन,मंत्री अजय जैन, सुनील जैन, प्रधानाचार्या श्रीमती लता चंद्रा साधना जैन,प्रदीप जैन,डी के जैन,सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।मुख्य अतिथि दिनेश गोयल एम एल सी का स्वागत स्कूल के अध्यक्ष जम्बू प्रसाद जैन व मंत्री अजय जैन ने पटका,माला,व स्मृति चिह्न भेंट करके किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की कोऑर्डिनेटर श्रीमती परिना जैन द्वारा मंगलाचरण से किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम की अगली प्रस्तुति ‘णमोकार महामंत्र’ रही, जिसमें छात्र-छात्राओं ने णमोकार महामंत्र के महत्व एवं उसकी महत्ता को विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

इसके बाद ‘हम जैन हैं’ प्रस्तुति के माध्यम से छोटे-छोटे बच्चों द्वारा जैन धर्म को अपनाने और जैन होने के महत्व को दर्शाया गया। अगली प्रस्तुति ‘आओ पधारो हे जिनवर’ गीत पर मनमोहक नृत्य रहा, जिसने उपस्थित सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में ‘षट्लेश्या’ विषय पर आधारित प्रस्तुति भी दी गई, जिसमें लेश्या क्या है, उसके विभिन्न स्वरूप तथा नकारात्मक भावों से बचने का संदेश प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

इसके पश्चात सुंदर नृत्य-नाटिका ‘आओ मिलकर पाठशाला आएँ’ प्रस्तुत की गई। इसके माध्यम से बताया गया कि जैन पाठशाला में जाकर बच्चों को किस प्रकार धार्मिक एवं नैतिक संस्कार प्राप्त होते हैं तथा एक अच्छे और संस्कारी व्यक्ति के रूप में उनका चरित्र निर्माण कैसे होता है।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए ‘नगरी आज सजाओ’ गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद शिक्षाप्रद नाटक ‘पूजा का फल’ का सजीव मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से पूजा और धार्मिक आस्था के महत्व को दर्शाते हुए संदेश दिया गया कि सच्चे मन से की गई पूजा और दृढ़ धार्मिक भावना व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक शक्ति प्रदान करती है तथा उसे सुमार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।

कार्यक्रम की अंतिम एवं विशेष प्रस्तुति ‘मैडले’ रही, जिसमें सात गीतों का समावेश किया गया। विभिन्न गीतों के माध्यम से गुरुभक्ति को अलग-अलग भावों और प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया गया। प्रस्तुति के दौरान पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। विद्यार्थियों की सजीव एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित गणमान्य अतिथियों और दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के मंत्री अजय जैन ने छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने विद्यार्थियों, अध्यापिकाओं एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण एवं उनमें नैतिक तथा धार्मिक संस्कार विकसित करने के लिए इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर होते रहना चाहिए।

विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती लता चंद्रा ने भी सभी आगंतुकों, गणमान्य अतिथियों एवं विद्यालय की अध्यापिकाओं का धन्यवाद किया। उन्होंने अध्यापिकाओं की लगन एवं निष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि उनके अथक प्रयासों से विद्यार्थियों ने इतनी सुंदर एवं प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं। उन्होंने छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया और अपनी उपस्थिति से बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में विद्यालय समिति के अध्यक्ष जे.पी. जैन, मंत्री अजय जैन, सुनील जैन ,परम संघरक्षक अजय जैन विजय जैन ,अंकित जैन सदस्य प्रदीप जैन ,सुभाष जैन तथा प्रधानाचार्या श्रीमती लता चंद्रा,साधना जैन आदि का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमान दिनेश गोयल एम एल सी ने कहा की जैन समाज हमेशा से धर्म के सिद्धांत पर आधारित है और उसी के आधार पर कार्य करता है (जियो और जीने दो )अहिंसा परमो धर्मः के आधार पर समाज चलता है पूरे विश्व को इसे अपना करके इसे पालन करना चाहिए।बच्चों ने जो यहाँ कार्यक्रम प्रस्तुत किया वो धर्म पर आधारित है इस तरह के कार्यक्रम होने से बच्चों समाज और देश में धर्म की प्रभावना बढ़ता है और देश आगे बढ़ता है मुझे इस अवसर पर बुलाया इसके लिए में एस एस डी जैन पब्लिक स्कूल के प्रबंधक वह समस्त टीम का आभारी हूँ और मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है। इस स्कूल के बच्चे धर्म को जीवन में आचरण करते हुए आगे बढ़ेंगे आज के बच्चे ही कल का भविष्य हैं।में स्कूल की प्रिंसिपल एवं समस्त अध्यापिकाओं का आभार प्रकट करता हूँ की उन्होंने इतनी मेहनत करके इतना सुंदर प्रोग्राम बच्चों धारा प्रस्तुत करवाया।

मंच का सफल संचालन विद्यालय की कोऑर्डिनेटर श्रीमती परिना जैन द्वारा किया गया।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में स्कूल के सचिव अजय जैन,प्रतिभा,अंजली,रचना,अल्का,नीतू,पायल,सीमा ,विधि,दीक्षा,मुस्कान,निशा,आरूषी,मीनाक्षी,शिल्पी,कृतिका,अंशिका आदि का विशेष सहयोग रहा।

कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध जनजागरूकता का संदेश लेकर हिंदी भवन में हुआ विशाल रागिनी कार्यक्रम,सासंद, विधायक, मंत्री हुए उपस्थित




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में “कन्या भ्रूण हत्या क्यों” विषय पर विशाल रागिनी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में कन्या भ्रूण हत्या जैसी गंभीर सामाजिक बुराई के प्रति जनजागरूकता पैदा करना तथा बेटियों के संरक्षण, सम्मान और शिक्षा के लिए लोगों को प्रेरित करना रहा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप, गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र के सांसद माननीय अतुल गर्ग तथा शहर विधायक संजीव शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दूधेश्वरनाथ मंदिर के पीठाधीश्वर महंत नारायण गिरी महाराज द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात आचार्य द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं शंखनाद के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।





इस अवसर पर वृंदावन से पधारे बिहारी जी के मुख्य पुजारी राहुल गोस्वामी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की आध्यात्मिक एवं सामाजिक भावना को और अधिक प्रभावशाली बनाया। रागिनी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या के दुष्परिणामों, बेटियों के महत्व तथा समाज में समानता और सम्मान की आवश्यकता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटी परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या केवल एक सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक संतुलन से जुड़ा गंभीर विषय है। बेटियों को जन्म लेने, शिक्षा प्राप्त करने और अपने सपनों को पूरा करने का समान अवसर मिलना चाहिए। समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर ऐसी कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम का संचालन विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के पीठाधीश्वर ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान ने किया। उन्होंने उपस्थित अतिथियों, संत-महात्माओं, कलाकारों एवं समाज के गणमान्य लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से जनमानस तक सकारात्मक संदेश पहुंचाया जा सकता है।आयोजन में बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक, धर्माचार्य एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने बेटियों के सम्मान, संरक्षण एवं सुरक्षित भविष्य के लिए सामाजिक जागरूकता को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

हनुमान अंश फिल्म के गायक कलाकार को नगर आयुक्त और पार्षदों ने किया सम्मानित, जय श्री राम बोल किया जय घोष

 



"मैने तेरे ही भरोसे हनुमान सागर में नैया डाल दई" भजन गायक ने दिया नगर आयुक्त के साथ स्वच्छता का संदेश

*स्वच्छता की बात भक्ति के साथ*



                               मुकेश गुप्ता
गाजियाबाद । हनुमान अंश फिल्म के सुप्रसिद्ध गायक कलाकार सुनील लोधी गाजियाबाद नगर निगम पहुंचे, क्षेत्रीय निवासियों, जनप्रतिनिधियों माननीय पार्षदों, निगम अधिकारियों, निगम कर्मियों तथा नगर आयुक्त गाजियाबाद से मुलाकात की और भजनो को गया जिसमें मुख्य रूप से हनुमान अंश फिल्म में गया हुआ भजन *"मैने तेरे ही भरोसे हनुमान सागर में नैया डाल दई"* उपस्थित जनों को सुनाया, उपस्थित पार्षदों ने तथा निगम की टीम द्वारा जय श्री राम का जय घोष किया गया l

नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक तथा सुनील लोधी गायक की विशेष मुलाकात रही दोनों ने मिलकर शहर वासियों से स्वच्छता की अपील भी की, शहर निवासियों द्वारा अपने घर को स्वच्छ रखना व शहर को स्वच्छ रखना ही सच्ची भक्ति और अपने देश के प्रति सच्चा प्रेम है स्वच्छता की अपील की गई मौके पर उपस्थित पार्षदों द्वारा भजन गायक सुनील लोधी से उनके जीवन से जुड़े हुए प्रश्न भी किए गए जिनका बहुत ही सहजता से जवाब दिया गया गाजियाबाद नगर निगम में भक्ति मय माहौल रहा, पार्षदों तथा नगर आयुक्त द्वारा हनुमान अंश फिल्म के भजन गायक कलाकार का शॉल और पटका पहनाकर सम्मानित किया गया राम दरबार और मोमेंटो भेंट कर स्वागत किया गया, मौके पर  प्रभारी नजारत डॉ अनुज व अन्य टीम उपस्थित रहीl

पार्षदों द्वारा गाजियाबाद नगर निगम टीम का विशेष आयोजन पर धन्यवाद किया गया, शहर में रफ्तार से हो रहे विकास कार्यों के साथ साथ पर्यावरण पर भी कार्य हो रहा है इसी श्रृंखला में गाजियाबाद नगर निगम मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित होकर प्रसन्नता जाहिर की, इस प्रकार के कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होते रहने चाहिए जिससे शहर में और निगम में सकारात्मक माहौल बना रहे और धर्म पर चलते हुए सभी वर्ग अपने-अपने कार्य को करें बात रखी गई, मौके पर पार्षद मनोज त्यागी, प्रदीप चौधरी, नीरज गोयल, सुमन जाटव, कुलदीप त्यागी, सुभाष चौधरी, विनिल दत्त, रेखा गोस्वामी, मधुकर त्यागी, अमित त्यागी व अन्य उपस्थित रहे, गाजियाबाद नगर निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उत्साह का भाव देखा गया, स्वच्छता की बात भक्ति के साथ का संदेश दिया गया l

शनिवार, 19 सितंबर 2026

परमार्थ निकेतन पहुँचे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के माननीय अध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल






 मुकेश गुप्ता

ऋषिकेश 19 सितंबर।  माँ गंगा के पावन तट पर स्थित परमार्थ निकेतन में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, भारत सरकार के माननीय अध्यक्ष श्री हरजीत सिंह ग्रेवाल जी का दर्शनार्थ आगमन हुआ। उन्होंने परमार्थ निकेतन में विश्राम कर सायंकालीन दिव्य परमार्थ गंगा आरती में सहभाग किया तथा परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से आत्मीय भेंटवार्ता की।

माँ गंगा की निर्मल धारा, हिमालय की दिव्य छाया और मंत्रोच्चार से गुंजायमान परमार्थ निकेतन का आध्यात्मिक वातावरण में उन्होंने दिव्य गंगा आरती की। गंगाजी की आरती के पश्चात पूज्य स्वामी जी और हरजीत सिंह ग्रेवाल के मध्य भारतीय संस्कृति, सनातन दर्शन, प्रकृति संरक्षण, सामाजिक समरसता, सेवा तथा भावी पीढ़ियों के संस्कारों सहित अनेक समसामयिक और शाश्वत विषयों पर सार्थक एवं आत्मीय संवाद हुआ।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भारत की संस्कृति जीवन को देखने की एक व्यापक दृष्टि है। सनातन का मूल भाव ही है, समस्त सृष्टि में एक ही चेतना का दर्शन। हमारी प्रार्थनाएँ केवल अपने लिए नहीं, बल्कि सर्वे भवन्तु सुखिनः की मंगलकामना से प्रारम्भ होती हैं। यही दृष्टि भारत को विविधताओं के मध्य एकात्मता और सह-अस्तित्व का संदेश देती है।

उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता केवल विकास की नहीं, बल्कि विकास के साथ विवेक, प्रगति के साथ प्रकृति और आधुनिकता के साथ अपनी जड़ों से जुड़ाव की है। आने वाली पीढ़ियों को हम केवल भौतिक संसाधनों की विरासत न दें, बल्कि उन्हें ऐसी संस्कृति भी दें जो उन्हें करुणा, कर्तव्य, संयम, सेवा और सह-अस्तित्व का मार्ग दिखाए।

वार्ता के दौरान युवा पीढ़ी और संस्कारों पर भी विशेष चर्चा हुई। पूज्य स्वामी जी ने कहा कि तकनीक ने दुनिया को अभूतपूर्व रूप से जोड़ा है, परन्तु मनुष्य को अपने भीतर से जोड़ना भी उतना ही आवश्यक है। शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि जीवन-मूल्यों, उत्तरदायित्व और संवेदनशील नागरिकता का निर्माण भी होना चाहिए। आधुनिक ज्ञान और भारतीय जीवन-मूल्यों का समन्वय ही एक संतुलित एवं सशक्त भविष्य का आधार बन सकता है।


 हरजीत सिंह ग्रेवाल ने परमार्थ निकेतन के आध्यात्मिक एवं सेवामूलक वातावरण की सराहना करते हुये कहा कि भारतीय संस्कृति की शक्ति उसके संवाद, सह-अस्तित्व और विविधता में एकता के भाव में निहित है। उन्होंने कहा कि समाज में परस्पर सम्मान, सद्भाव और सहयोग की भावना को सुदृढ़ करने के लिए ऐसे आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केन्द्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहाँ विभिन्न पृष्ठभूमियों के लोग एक साथ आकर भारतीय जीवन-दृष्टि का अनुभव कर सकें।


उन्होंने कहा कि आज भारत के सामने एक अद्भुत अवसर है, वह अपनी आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक चेतना और पर्यावरणीय ज्ञान को आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ जोड़कर विश्व के समक्ष एक ऐसा जीवन-मॉडल प्रस्तुत कर सकता है, जिसमें विकास भी हो, धरती का संरक्षण भी; तकनीक भी हो, मानवीय संवेदना भी; और समृद्धि भी हो, साथ ही शांति भी।

भेंट के दौरान पूज्य स्वामी जी ने हरजीत सिंह ग्रेवाल को रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया। परमार्थ निकेतन के आध्यात्मिक वातावरण में सम्पन्न यह भेंट संवाद, संस्कृति, सेवा, प्रकृति और मानवता के साझा मूल्यों पर केन्द्रित एक सार्थक भेंट थी। दोनों ने इस बात पर बल दिया कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी प्राचीन जड़ों और भविष्य की संभावनाओं के सुंदर समन्वय में निहित है।

शुक्रवार, 18 सितंबर 2026

परमार्थ निकेतन, विश्व को पर्यटन नहीं, दे रहा है तीर्थाटन का अनुभव

 


संवाददाता

*🌺माँ गंगा, भारतीय संस्कृति और अध्यात्म से जुड़ने का दिव्य केन्द्र परमार्थ निकेतन*

*✨परमार्थ निकेतन, जहाँ दुनिया भारत को नहीं, भारत की आत्मा को अनुभव करती है*

*🌸माँ गंगा की गोद में विश्वभर से आने वाले जिज्ञासुओं को मिलती है शांति, साधना और जीवन की नई दिशा*

ऋषिकेश, 18 सितम्बर। परमार्थ निकेतन में थाइलैंड से पर्यटकों का एक दल आया। उन्होंने परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से भेंट कर अपनी आध्यात्मिक जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समाधान प्राप्त किया।

दुनिया के अलग-अलग देशों से लोग समय-समय पर ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन आते हैं। कोई अपने भीतर उठ रहे प्रश्नों के उत्तर खोजने आता है, कोई जीवन के लक्ष्य को समझने, कोई मन की अशांति को शांत करने और कोई अपने परिवार, समाज, प्रकृति तथा समस्त मानवता के प्रति अपने कर्तव्यों को जानने की जिज्ञासा लेकर आता है। उनके प्रश्न अलग-अलग होते हैं, उनकी भाषाएँ अलग होती हैं, उनकी जीवन-शैली अलग होती है, लेकिन भीतर की तलाश एक ही होती है, शांति की, सत्य की और अपने वास्तविक स्वरूप को जानने की।

माँ गंगा के पावन तट पर स्थित परमार्थ निकेतन उन्हें केवल एक स्थान नहीं देता, बल्कि एक ऐसा वातावरण देता है जहाँ वे कुछ क्षण ठहरकर स्वयं से मिल सकें। यहाँ पहुँचते ही हिमालय की गोद में बसा उत्तराखंड का सुरम्य वातावरण, माँ गंगा की कल-कल धारा, मंदिरों की घंटियाँ, मंत्रों की गूँज, साधना की शांति और भारतीय संस्कृति की आत्मीयता मन को सहज ही अपनी ओर आकर्षित करती है। गंगा के तट पर बैठकर अपने भीतर के विचारों की धारा शांत होने लगती है।

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि वह किसी को केवल बाहरी उत्तर नहीं देती, बल्कि अपने भीतर उतरने की प्रेरणा देती है। जीवन में प्रश्न होना स्वाभाविक है, लेकिन उन प्रश्नों को लेकर भीतर की यात्रा प्रारंभ करना ही साधना है।

परमार्थ निकेतन इसी आंतरिक यात्रा का एक पवित्र पड़ाव है। यहाँ आने वाले जिज्ञासुओं के लिए योग, ध्यान और वेदान्त की कक्षाएँ जीवन को देखने की एक नई दृष्टि प्रदान करती हैं। योग उन्हें शरीर और मन के संतुलन की ओर ले जाता है, ध्यान उन्हें भीतर की शांति से जोड़ता है और वेदान्त उन्हें स्वयं, संसार और जीवन के मूल प्रश्नों पर चिंतन करने का अवसर देता है।


इन कक्षाओं की विशेषता केवल उनका ज्ञान नहीं, बल्कि उनका जीवन से जुड़ना है। प्रतिदिन संध्या की अनुपम बेला में पूज्य स्वामी जी और साध्वी जी के पावन सान्निध्य में माँ गंगा के तट पर गंगा आरती का दिव्य वातावरण साधकों को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है।


परमार्थ निकेतन आने वाले साधक अपने साथ कुछ प्रश्न लेकर आते हैं और अक्सर अपने भीतर कुछ नए संकल्प लेकर लौटता है। यहाँ की दिव्यता, पवित्रता और आत्मीयता मन को स्पर्श करती है। अनेक अतिथियों के लिए यह अनुभव जीवन की उन स्मृतियों में शामिल हो जाता है जिन्हें वे वर्षों बाद भी अपने भीतर संजोकर रखते हैं। भारत आने वाला प्रत्येक अतिथि भारत को केवल देखे नहीं, भारत को अनुभव करे। वह मां गंगा के प्रति श्रद्धा को समझे, प्रकृति के प्रति अपने दायित्व को पहचाने, योग से संतुलन पाए, ध्यान से शांति पाए और भारतीय संस्कृति से ‘मैं’ से ‘हम’ की यात्रा सीखे।


परमार्थ निकेतन का यही प्रयास है कि विश्वभर से आने वाले यहाँ से केवल स्मृतियाँ लेकर न लौटें, बल्कि शांति, सेवा, संस्कार और सद्भावना का संदेश लेकर लौटें। परमार्थ निकेतन का आमंत्रण केवल विश्व के पर्यटकों के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए है, आइए ऋषिकेश, आइए माँ गंगा के तट पर; कुछ क्षण संसार से दूर होकर स्वयं के निकट आइए। माँ गंगा के तट से भारत विश्व को केवल पर्यटन नहीं, एक अनुभव दे रहा है, एक ऐसी यात्रा, जो बाहर से शुरू होकर भीतर तक पहुँचती है।

विभु बंसल के नेतृत्व में रोटरी क्लब ऑफ गाजियाबाद अनंत ने लगाया महा रक्तदान शिविर

 







मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । रोटरी क्लब ऑफ गाजियाबाद अनंत द्वारा प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में अंबेडकर रोड पर बीकानेर के सामने दीपाली ज्वेलर्स के प्रांगण में एक महा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। क्लब के मीडिया प्रभारी संदीप सिंघल ने बताया कि इसमें क्लब की महिला सदस्यों ने भी खूब बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। हमारे इस प्रोजेक्ट के प्रोजेक्ट चैयरमैन रो. विभु बंसल चेयरमैन नगर पालिका पिलखुवा ने सबसे पहले रक्तदान देकर रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। साथ ही यहां पर व्यापार मंडल, अंबेडकर रोड ने भी हमारे कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस रक्तदान शिविर में करीब 85 यूनिट ब्लड एकत्रित किया गया। रोटरी अनंत के अध्यक्ष अंजुल गुप्ता ने  सभी व्यापार मंडल के साथियों एवं क्लब के सदस्यों का आभार व्यक्त किया जिनकी वजह से यह कार्यक्रम सफल हो सका। जन्मदिन के उपलक्ष में रक्तदान शिविर के साथ भंडारे का भी सफल आयोजन किया।




गुरुवार, 17 सितंबर 2026

परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ जमुना कृष्णा धाम परिसर यमुना घाट, हरिपुर कालसी में दिव्य, भव्य एवं अलौकिक गंगा आरती का आयोजन

 



संवाददाता

कालसी में जमुना कृष्ण धाम परिसर में मां यमुना की मूर्ति के अनावरण व हरिघाट का लोकार्पण एवं सेवा संकल्प अभियान के अन्तर्गत 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम

*🌺माँ गंगा जी की आरती के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं राष्ट्रसेवा के संकल्पों की सफलता हेतु प्रार्थना

परमार्थ निकेतन ऋषिकेश, परमार्थ त्रिवेणी पुष्प प्रयागराज, परमार्थ गुरुकुल उत्तरकाशी, दिल्ली एवं कोटद्वार में ऋषिकुमारों ने प्रज्वलित किए ‘आशीर्वाद के दीप’

भगवान विश्वकर्मा जी की कृपा से भारत के नव-निर्माण और नव-सृजन की यात्रा निरंतर प्रखर हो - पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती 

हर दीप बने राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प, हर प्रार्थना बने भारत की समृद्धि एवं शांति का आह्वान

कालसी, 17 सितम्बर। हिमालय की पावन गोद और यमुना के निर्मल तट पर स्थित जमुना कृष्णा धाम परिसर, यमुना घाट, हरिपुर कालसी में आज दिव्य, भव्य एवं अलौकिक गंगा आरती का आयोजन किया गया। आध्यात्मिक ऊर्जा, राष्ट्रभक्ति और सेवा-संकल्प से ओतप्रोत इस दिव्य अवसर पर परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी की गरिमामयी उपस्थिति ने पूरे वातावरण को विशेष आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की।


मंत्रोच्चार, वेदध्वनि, दीपों की ज्योति और माँ गंगा-यमुना के पावन तट पर सम्पन्न हुई गंगा जी आरती में माननीय मोदी जी के उत्तम स्वास्थ्य, राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण के लिए प्रार्थना की गई। आज की परमार्थ गंगा आरती विशेष रूप से भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर उनके दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं राष्ट्रसेवा के संकल्पों की सफलता हेतु समर्पित की।



पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने माँ गंगा के पावन तट से  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को जन्मदिवस की ढेरों मंगलकामनाएँ अर्पित करते हुए कहा कि भारत की महान परम्परा में जन्मदिवस केवल व्यक्तिगत उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि जीवन को लोकमंगल, राष्ट्रसेवा और मानवता के लिए समर्पित करने का संकल्प लेने का अवसर है। आज माँ गंगा और माँ यमुना के पावन तट से हम प्रार्थना करते हैं कि प्रभु उन्हें दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, ऊर्जा और शक्ति प्रदान करें तथा राष्ट्रसेवा के उनके संकल्प निरंतर सशक्त होते रहें।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि “कालसी की यह पावन धरती जौनसार-बावर की समृद्ध देवपरंपरा और लोकआस्था की भूमि है। महासू देवता की न्याय, संरक्षण और लोकमंगल की दिव्य परंपरा से अनुप्राणित इस क्षेत्र में माँ यमुना के पावन तट पर हुई आरती ने देवभूमि की सनातन चेतना, प्रकृति और संस्कृति के अद्भुत संगम को साकार किया।

आज भगवान विश्वकर्मा की जयंती भी है। भगवान विश्वकर्मा सृजन, निर्माण, कौशल और नव-रचना के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा जी की कृपा से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्पों को शक्ति मिले और उनके मार्गदर्शन में भारत के निर्माण एवं नव-सृजन की यात्रा निरंतर प्रखर होती रहे। भारत केवल भवनों और सड़कों का निर्माण न करे, बल्कि ऐसा राष्ट्र निर्मित हो जहाँ विकास के साथ संस्कार हों, विज्ञान के साथ आध्यात्मिकता हो, समृद्धि के साथ संवेदना हो और प्रगति के साथ प्रकृति का संरक्षण भी हो।


उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी सनातन संस्कृति, उसकी नदियों, हिमालय, ऋषि-परम्परा और उसकी युवा शक्ति में निहित है। जब राष्ट्र निर्माण की भावना सेवा से जुड़ती है तो विकास केवल भौतिक परिवर्तन नहीं रहता, वह राष्ट्र के चरित्र का निर्माणकर्ता बन जाता है। यही भारत की सनातन दृष्टि है-‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’।


 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के साथ-साथ परमार्थ त्रिवेणी पुष्प प्रयागराज, परमार्थ गुरुकुल उत्तरकाशी, परमार्थ गुरुकुल दिल्ली एवं परमार्थ गुरुकुल कोटद्वार में भी ऋषिकुमारों द्वारा आशीर्वाद दीप प्रज्वलित किए गए। इन दीपों के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस को सेवा, साधना, प्रार्थना और राष्ट्रहित के संकल्प से जोड़ा।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि एक दीप केवल प्रकाश नहीं देता, वह अंधकार को चुनौती देने का संकल्प भी देता है। आज प्रज्वलित प्रत्येक आशीर्वाद दीप इसी भावना का प्रतीक है कि भारत का प्रत्येक नागरिक अपने भीतर सेवा, सद्भाव, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, संस्कार और राष्ट्रप्रेम का दीप प्रज्वलित करे।

 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने कहा कि माँ गंगा और माँ यमुना केवल नदियाँ नहीं, हमारी जीवनधाराएँ और हमारी सांस्कृतिक चेतना की आधारशिलाएँ हैं। नदियों के तट पर होने वाली आरती हमें यह संदेश देती है कि प्रकृति का सम्मान ही भविष्य का सम्मान है। जल बचेगा तो जीवन बचेगा, नदियाँ निर्मल रहेंगी तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य निर्मल रहेगा।

माँ गंगा और माँ यमुना की पावन धाराएँ भारत की आत्मा को सदियों से सींचती आई हैं। आज इन्हीं पवित्र धाराओं के साक्षी भाव में प्रज्वलित आशीर्वाद दीप भारत के उज्ज्वल भविष्य, विश्वकल्याण और मानवता के मंगल का संकल्प बनकर प्रकाशमान हुए। 

दिव्य आरती के दौरान पूरा यमुना घाट दीपों की ज्योति से जगमगा उठा। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद, घंटियों की मधुर ध्वनि और आरती की दिव्य ज्योति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने राष्ट्र की एकता, अखंडता, शांति, समृद्धि और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रार्थना की।

इस पावन अवसर पर महानिदेशक सूचना एवं विद्यालयी शिक्षा तथा एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  प्रमेन्द्र सिंह डोभाल , स्वामी अरुण गिरि जी, विधायक मुन्ना सिंह चैहान जी सहित उत्तराखंड सरकार एवं प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर से निकली भव्य एवं दिव्य गणपति विसर्जन शोभायात्रा,रंग-बिरंगी झांकियों, राजस्थान के प्रसिद्ध डीजे-बैंड, घोड़ों और रथों के साथ शहर में हुआ गणपति बप्पा का भव्य स्वागत








मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद, 17 सितंबर 2026। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर, गाजियाबाद में आयोजित भव्य श्री दूधेश्वर गणपति लड्डू महोत्सव के समापन अवसर पर गुरुवार को भगवान श्री गणपति की भव्य एवं दिव्य विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, भक्तों और कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

शोभायात्रा का आयोजन एवं समस्त व्यवस्थाएं परम पूज्य श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज के पावन सानिध्य में की गईं। इस अवसर पर देवी मंदिर के महंत गिरिशानंद गिरि जी महाराज, महंत महेश दास जी, श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के मुख्य आयोजक अनुज धर्म गर्ग, कार्यक्रम व्यवस्थापक विजय मित्तल सहित सभी कार्यकर्ताओं और श्रृंगार समिति के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

गणपति बप्पा की प्रतिमा को भव्य रूप से सजाए गए रथ पर विराजमान किया गया। शोभायात्रा में रंग-बिरंगी आकर्षक झांकियां, राजस्थान के प्रसिद्ध डांडिया नृत्य, डीजे-बैंड, घोड़े और विभिन्न प्रकार के रथ विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। झांकियों और डांडिया नृत्य को देखने के लिए मार्ग में श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ढोल-नगाड़ों और भक्तिमय संगीत के बीच श्रद्धालु “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष करते हुए आगे बढ़े।

शोभायात्रा श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर से प्रारंभ होकर गाजियाबाद के पुराने शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों और क्षेत्रों से होती हुई मुरादनगर स्थित गंग नहर के छोटा हरिद्वार पहुंची। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर गणपति बप्पा का स्वागत किया। शोभायात्रा के दौरान भक्तों को भगवान श्री गणपति का प्रसाद भी वितरित किया गया।

छोटा हरिद्वार, मुरादनगर पहुंचने के बाद विधि-विधान और पूर्ण श्रद्धा के साथ भगवान श्री गणपति की प्रतिमा का गंग नहर में विसर्जन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा से सभी के सुख, समृद्धि, शांति और मंगलमय जीवन की कामना की।

मुख्य आयोजक अनुज धर्म गर्ग ने कहा कि भगवान श्री गणेश विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता हैं। गणपति महोत्सव के माध्यम से समाज में धार्मिक आस्था के साथ-साथ आपसी भाईचारे, एकता और सद्भाव का संदेश भी दिया गया। उन्होंने शोभायात्रा को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज ने सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करते हुए भगवान श्री गणेश की कृपा सभी पर बनी रहने की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान गणपति सभी के जीवन से विघ्न दूर करें और प्रत्येक परिवार में सुख-शांति, समृद्धि एवं मंगल प्रदान करें।

मीडिया प्रभारी पिंटू सुथार ने बताया कि शोभायात्रा में मंदिर विकास समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, आचार्य, विद्यार्थी, संत-महात्मा, गणपति भक्त और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक उत्साह, भक्ति और सामाजिक एकता का वातावरण बना रहा। श्रद्धालु लगातार “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष करते रहे।

शोभायात्रा में विजय सिंघल, आचार्य लक्ष्मीकांत, तोयराज, नित्यानंद, अमित शर्मा (मंदिर मैनेजर), पुनीत पावा, संजीव वर्मा, सुशील शर्मा सहित सैकड़ों साधु-संत और हजारों भक्त उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने आरती-पूजन में भाग लिया और भव्य शोभायात्रा के माध्यम से भगवान श्री गणपति को भावपूर्ण विदाई दी।


सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी के प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष की जयंती पर आयोजित परिवार मिलन समारोह संपन्न

 

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । सुभाष युवा मोर्चा के तत्वाधान में सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी सुभाष पार्टी के प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव की जयंती पर आयोजित परिवार मिलन समारोह आज 17 सितंबर 2026 दिन बुधवार को वृंदावन ग्रीन फार्म हाउस हिंडन नदी के पास धूमधाम से संपन्न हो गया

समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ की गई, इसके उपरांत सुभाष युवा मोर्चा के संस्थापक और सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी (सुभास पार्टी) के संरक्षक सतेंद्र यादव ने बताया कि स्वर्गीय अशोक श्रीवास्तव जोकि पार्टी के प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष थे आज उनकी 75 वीं जयंती परिवार परिवार मिलन समारोह के रूप में मना रहे हैं, क्योंकि अशोक श्रीवास्तव हमेशा हर तबके को साथ लेकर चलते थे और एक परिवार के रुप में दुख सुख में साथ देते थे।अशोक श्रीवास्तव एक वरिष्ठ समाजसेवी और राजनीति के एक जाने-माने चेहरे थे उन्होंने समय-समय पर अपने से जुड़े लोगों की मदद की थी

समारोह में आगे बोलते हुए सुभाष युवा मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य और पूर्व विधायक प्रत्याशी (मुरादनगर) मनोज शर्मा होदिया ने बताया कि सुभाष पार्टी की स्थापना सन 2018 में हुई थी और माननीय अशोक श्रीवास्तव जी पार्टी के प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष बने,उन्होंने पार्टी के लिए अपने स्तर पर तन मन धन से बहुत कार्य किया और पार्टी को यहां तक पहुंचाया आज पार्टी को गाजियाबाद और प्रदेश में सभी लोग अच्छी तरीके से जानते हैं यह सब अशोक श्रीवास्तव के कारण ही हो पाया है पूर्वांचल से जुड़े लोगों में उनके लिए जो सम्मान और प्यार है उसको बयां करना मेरे बस में नहीं है वह हर दिल अजीज थे।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए पार्टी के महानगर अध्यक्ष पवन सक्सेना ने स्वर्गीय अशोक श्रीवास्तव को कविता के माध्यम से अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की उन्होंने अशोक श्रीवास्तव को पूर्वांचल का पुरोधा और हृदय सम्राट बताया आए हुए लोगों ने ताली बजाकर इस कथन का स्वागत किया


इस अवसर पर करीब 400 परिवारों  सहित स्वर्गीय अशोक श्रीवास्तव जी का पूरा परिवार शामिल हुए। इस  अवसर पर गीत संगीत भजन आदि का रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भजन मंडली के भजनों के आनंद में  सभी श्रोताओं भाव विभोर हुए। समारोह के उपरांत रात्रि भोज की व्यवस्था की गई थी

 इस अवसर पर युवा विकास प्रयास पूर्वांचल भोजपुरी महासभा पूर्वांचल स्वर्णकार सभा पूर्वांचल विकास मंच नव चेतना सेवा समिति पंच आस सेवा समिति चित्रगुप्त कल्याण समिति पूर्वांचल विकास समिति यादव वैवाहिक परिचय सम्मेलन समिति पूर्वांचल जन कल्याण समिति लाजपत नगर विश्व भोजपुरी सम्मेलन अवंतिका नवयुवक पूर्वांचल विकास समिति राजीव कॉलोनी गाजियाबाद चित्रगुप्त सभा कीर्ति चैरिटेबल ट्रस्ट रोबोट इंडिया पूर्वांचल आदर्श जन कल्याण समिति श्री बालाजी शिव शक्ति मंदिर राजीव कॉलोनी पूर्वांचल भोजपुरी महासभा साहिबाबाद पूरे अभियान कल्याण परिषद पूर्वांचल नवनिर्माण मोर्चा घोषणा का सभा वरिष्ठ नागरिक मंच राजनगर एक्सटेंशन संकल्प सिद्धि फाउंडेशन नव विश्व मैथिल संघ पूर्वांचल छठ पूजा समिति से आए सदस्यों को पटका पहनाकर सम्मानित किया गया


परिवार मिलन समारोह में मुख्य रूप से कुमार अभिनव प्रियंका श्रीवास्तव सिकंदर यादव शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव आनंदमणि त्रिपाठी जेपी यादव वीरेंद्र कुशवाहा हरिशंकर वर्मा टी के वर्मा राम प्यार यादव अवधेश कुमार कृष्ण मोहन झा प्रभा शंकर सिंह शैलेश शर्मा गिरीश मिश्रा महेश पांडे हरिओम शर्मा विजय सिंह अनिल श्रीवास्तव अमित किशोर आशुतोष सिन्हा विनोद अकेला संजय कुमार कमल यादव रामवतार यादव देवेंद्र यादव श्यामवीर यादव महेश कुमार यादव एडवोकेट सुजीत तिवारी नागेंद्र मौर्य योगेश राय मनोज तिवारी जेपी द्विवेदी प्रीति चंद्र राय विनोद यादव रामनरेश ठाकुर अनूप कुमार ठाकुर अजय सिंह चंद्रवंशी सुधीर यादव शंकर यादव  अनुरंजन श्रीवास्तव प्रशांत सिन्हा अनिल सिन्हा विकल कुलश्रेष्ठ संजय शर्मा संजय श्रीवास्तव सियाराम यादव प्रभुनाथ गुप्ता ओम प्रकाश शाह इंद्रजीत प्रसाद दीनानाथ मिश्रा मुरारी मिश्रा सत्यम मिश्रा सनी झा श्याम बिहारी कुशवाहा बलिराम यादव अरविंद श्रीवास्तव विकास पांडे सुनील सिंह रीता सिंह राकेश तिवारी टी के पांडे जय दीक्षित साधुराम मंटू सिंह प्रीती अरुण सिंह कमलेश राय सुजीत तिवारी मधुकर शर्मा हरेंद्र सिंह ममता झा राजेंद्र सक्सेना रमेश श्रीवास्तव अनिल सिन्हा संजय श्रीवास्तव कैप्टन गोपाल सिंह आरके गुप्ता राजीव झा बिंदु शेखर झा राजीव झा दयानंद झा सर तेज बहादुर वर्मा मार्कंडेय राय सुरेश यादव संजय कुमार वर्मा विजय जुआठा  सहित हजारों लोग उपस्थित थे

सोमवार, 14 सितंबर 2026

गणेश चतुर्थी, मिट्टी की प्रतिमा से भीतर की चेतना तक की दिव्य यात्रा

 






संवाददाता

टेम्स के तट पर गूँजी माँ गंगा की आरती

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती, पूज्य स्वामी स्वरूपानन्द एवं पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती का पावन सान्निध्य में हिन्दी दिवस की शुभकामनायें

ऋषिकेश, 14 सितंबर। लंदन के हृदय, टेम्स नदी के तट पर माँ गंगा की आरती भारत की सनातन चेतना का एक भावपूर्ण स्पर्श है। माँ गंगा जी की आरती का टेम्स तट पर आगाज़ दो संस्कृतियों का अद्भुत मिलन है। 

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, पूज्य स्वामी स्वरूपानन्द जी एवं पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी का पावन सान्निध्य में दिव्य टेम्स के तट पर दिव्य गंगा आरती सम्पन्न हुयी।

इस दिव्य अवसर ने यूके के हिंदू समुदाय की एकता और अपनी जड़ों के प्रति प्रेम को भी अत्यंत सुंदर रूप में प्रकट किया। अलग-अलग स्थानों, परिवारों और पीढ़ियों से आए लोग जब एक साथ मिलकर वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेेश पूरी दुनिया को दे रहे हैं। यह गंगा आरती का दीप केवल टेम्स के तट पर नहीं जला, यह उन हृदयों में जला, जो अपनी जड़ों से जुड़े हैं और अपनी संस्कृति के प्रकाश को पूरे विश्व तक पहुँचाना चाहते हैं। टेम्स की धारा से आज मां गंगा का एक मौन संदेश विश्व तक पहुँचा। टेम्स के तट पर प्रज्वलित यह दीप भारत की उस शाश्वत भावना का दीप है, जो कहती है-“सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः।” यूके के हिंदू समुदाय को इस ऐतिहासिक, भावपूर्ण और गौरवमयी क्षण के लिए हृदय से अभिनंदन।

लंदन से परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने गणेशजी की शुभकामनायें देते हुये कहा कि श्री गणेश जी के जन्म की दिव्य कथा, प्रकृति से पुरुष, देह से चेतना और सीमित अहं से विराट अस्तित्व की आध्यात्मिक यात्रा है।

उन्होंने कहा कि गणेशजी का मस्तक अलग होना केवल एक घटना नहीं, बल्कि सीमित ‘मैं’ और अहंकार के विसर्जन का प्रतीक है। जब संकीर्ण अहं की पहचान टूटती है, तभी विराट चेतना का प्राकट्य होता है। भगवान शिव द्वारा उन्हें गज का मस्तक प्रदान करना व्यापक दृष्टि और उच्च चेतना की ओर उनके रूपांतरण का संदेश देता है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि गणेशजी का प्रत्येक अंग जीवन के लिए एक गहन संदेश देता है। उनका विशाल मस्तक हमें विराट दृष्टि अपनाने की प्रेरणा देता है, बड़े कान गहराई से सुनने और छोटी आँखें एकाग्रता का संदेश देती हैं। उनकी सूँड सूक्ष्मतम वस्तु को उठाने के साथ विशाल शक्ति का भी प्रतीक है, जो हमें कोमलता और सामर्थ्य, सूक्ष्मता और शक्ति के संतुलन की शिक्षा देती है। एकदंत हमें सिखाता है कि जीवन में विवेकपूर्वक सार को धारण करना और अनावश्यक को छोड़ना आवश्यक है।

उनका विशाल उदर जीवन में आने वाले सुख-दुःख, मान-अपमान और सफलता-असफलता को पचाने की साधना का प्रतीक है। साधना का अर्थ कठिनाइयों से बचना नहीं, बल्कि यह सीखना है कि परिस्थितियाँ हमारे भीतर विष न बनें। उनके चरणों में स्थित मूषक चंचल मन और अनियंत्रित इच्छाओं का प्रतीक है। गणेशजी उसे नष्ट नहीं करते, बल्कि उस पर आरूढ़ होते हैं। यह संदेश देता है कि मन को मिटाना नहीं, बल्कि मन पर आरूढ़ होना और इच्छाओं को दबाना नहीं, बल्कि उन्हें सही दिशा देना ही साधना है।

पूज्य स्वामी जी ने इस गणेश चतुर्थी पर मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करने और उसके भीतर एक बीज रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रतिमा मिट्टी की हो, उसमें श्रद्धा का भाव हो और विसर्जन के बाद वही मिट्टी प्रकृति में लौटकर एक नए जीवन का आधार बने। उन्होंने कहा कि गणेशजी की प्रतिमा के साथ केवल मिट्टी का विसर्जन न हो, बल्कि एक वृक्ष का जन्म हो और हमारे भीतर भी विवेक, करुणा, संतुलन तथा प्रकृति-प्रेम का बीज अंकुरित हो।

उन्होंने कहा कि श्री गणेशजी की प्रतिमा को घर में स्थापित करना हमारी परंपरा है, लेकिन उन्हें अपने भीतर प्रकट करना सनातन का रहस्य है। यह गणेश चतुर्थी केवल उत्सव न हो, बल्कि प्रकृति-सम्मान, पर्यावरण संरक्षण और आत्म-जागरण का पर्व बने।

मुख्यमंत्री ने किया गाजियाबाद 360 किताब का अनावरण, महापौर तथा नगर आयुक्त को दी शुभकामनाएं

 



मुकेश गुप्ता 

नगर निगम की गाजियाबाद 360 कॉफी टेबल बुक का हुआ अनावरण, 164 पेज में डेढ़ सौ से अधिक कार्यों को दर्शाया

गाजियाबाद । नगर निगम ने शहर हित, पर्यावरण हित में विशेष कार्य किए गए हैं जिसको गाजियाबाद 360 बुक में दर्शाया गया हैl नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश अनुसार गाजियाबाद नगर निगम के सभी विभाग जलकल, उद्यान, स्वास्थ्य, प्रकाश, टैक्स तथा निर्माण विभाग तीव्र गति से शहर के विकास में कार्य कर रहा है जिसमें पर्यावरण का भी विशेष ध्यान रखते हुए कार्य किए गए हैं गाजियाबाद 360 किताब में दिखाया गया है लगभग डेढ़ सौ से अधिक प्रोजेक्ट्स को 164 पेज में विस्तृत रूप से दिखाया गया, नगर निगम की गाजियाबाद 360 कॉफी टेबल बुक का अनावरण उत्तर प्रदेश के  मुख्यमंत्री द्वारा किया गया मौके मुख्यमंत्री ने महापौर सुनीता दयाल तथा नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के द्वारा शहर में पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए किया जा रहे कार्यों की सराहना भी की गई, नगर आयुक्त से प्रमुख चल रहे प्रोजेक्ट बायोडायवर्सिटी पार्क, बायो सीएनजी प्लांट, सी एम ग्रिड फेस 2 योजना, उपवन योजना तथा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी भी ली गई, गाजियाबाद 360 किताब में गाजियाबाद नगर निगम की प्लानिंग को देखकर भी संतोष जताया तथा अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया, मौके पर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार माँदड,पुलिस उपायुक्त गाजियाबाद जे रविंदर गौड, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल, मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ भी उपस्थित रहे जिनके द्वारा गाजियाबाद नगर निगम को शुभकामनाएं दी गई ।


महापौर सुनीता दयाल द्वारा बताया गया गाजियाबाद नगर निगम द्वारा पिछले 3 साल में अब तक शहर हित में तथा पर्यावरण हित में अनेकों कार्य किए हैं, नगर निगम ने आधुनिक युग के साथ कदम को बढ़ाते हुए आधुनिक उपकरण तथा तकनीकी को अपनाया गया है इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, आई ट्रिपल सी, वी टी एम एस, ई ऑफिस इसी का उदाहरण हैl विकास के कार्यों को रफ्तार देने जनहित में नए-नए प्रोजेक्ट लाने का कार्य गाजियाबाद नगर निगम द्वारा किया गया है, बड़ी योजनाओं में सी एम ग्रिड फेस 2 योजना इंदिरापुरम को एक नया स्वरूप देगी, वही मियावकी पद्धति से वृहद प्लांटेशन पर्यावरण तथा शहर हित का प्रत्यक्ष प्रमाण है इसी प्रकार आने को छोटे व बड़े कार्य जो गाजियाबाद नगर निगम द्वारा किए गए हैं गाजियाबाद 360 में दिखाए गए हैं जिसके लिए माननीय पार्षदों तथा अधिकारियों की विशेष भूमिका रही है।


नगर आयुक्त ने बताया कि शासन की योजना के क्रम में गाजियाबाद नगर निगम शहर वासियों के लिए विशेष कार्य कर रहा है जिसके आधार पर गाजियाबाद नगर निगम की "गाजियाबाद 360" कॉफी टेबल बुक बनाई गई है जिसमें न केवल गाजियाबाद नगर निगम द्वारा पूरे किए गए प्रोजेक्ट की जानकारी है बल्कि आगामी योजना और चल रहे प्रोजेक्ट के बारे में भी बताया गया है इसके आधार पर जनहित में आगे की योजना और चल रहे कार्यों में सरलता बनेगी, माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा (Ghaziabad 360) के बारे में चर्चा की गई है, जिसके अंतर्गत नगर निगम के 164 पेजों में विभिन्न कार्यों, पहलों और भविष्य की योजनाओं को दर्शाया गया है। ​इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स, ​I-CCC (Integrated Command and Control Centre): नगर निगम की सुविधाओं को स्मार्ट बनाने के लिए। ​CM Grids: सड़कों का विकास एवं सुधार (जिसमें चार फेज़ शामिल हैं—एक पूर्ण, दूसरा प्रगति पर, और बाकी प्रस्तावित) ​गाजियाबाद नगर निगम मुख्यालय: नए हेडक्वार्टर और ज़ोनल ऑफिस का निर्माण/सुधार। ​टाउन हॉल व एतिहासिक स्थल: टाउन हॉल की मरम्मत, चौराहों का सौंदर्य करण प्रमुख स्थान का सौंदर्य करण ​अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर, पूर्वांचल-उत्तरांचल भवन, डिजिटल लाइब्रेरी, साईं उपवन, वर्टिकल पार्किंग, यूपी गेट का विकास, सीनियर सिटीजन केयर सेंटर, स्मार्ट क्लासेस और मल्टी-लेवल कार पार्किंग। ​अपशिष्ट प्रबंधन सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट,​बायो-CNG प्लांट, भारत का पहला STP-आधारित बायो-CNG प्लांट, ​लेगेसी वेस्ट, ​अन्य पहल सी&डी (C&D) वेस्ट प्लांट, ड्राई वेस्ट प्लांट, कम्युनिटी कंपोस्टिंग सेंटर, ग्लास अपसाइक्लिंग सेंटर, स्वच्छ मोहल्ला स्क्वाड और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट। ​जल संचयन और पर्यावरण,जल संचयन जल भागीदारी' के तहत रेन वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर्स का निर्माण (जिसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार भी मिला)। ​गंगा जल आपूर्ति: 10 MLD गंगा वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट। ​हरियाली व सौंदर्यीकरण: मियावाकी तकनीक से 17 साइट्स पर सघन वन, उपवन योजना, हिंडन नदी की सफाई के लिए IIT दिल्ली के साथ MOU (Nature-based solutions), और ग्रीन नेट्स व कूलिंग स्टेशंस लगाना। ​परिवहन व विद्युत व्यवस्था, ई-बस व ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर, साथ ही चार्जिंग स्टेशंस की स्थापना। ​स्मार्ट लाइटिंग: CCMS (Central Control and Monitoring System) द्वारा कमांड सेंटर से ही स्ट्रीट लाइट्स का संचालन और सोलर लाइट्स का उपयोग। ​भविष्य की प्रस्तावित योजनाएं (Upcoming / On-going Projects): ​UCF (Urban Challenge Fund) प्रोजेक्ट्स: गाजियाबाद इंटीग्रेटेड बिजनेस हब, लॉजिस्टिक्स पार्क और को-वर्किंग स्पेस।​अन्य योजनाएं: मल्टी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, समृद्धि गलियारा, बस शेल्टर, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, पेट क्रेमेटोरियम (Pet Crematorium), और एबीसी सेंटर्स (ABC Centers)​डिजिटल व नागरिक सेवाएं:​एप्स व पोर्टल: 311 App, MyGNN Portal, VTMS और ITMS तकनीक।​निगम का सशक्तीकरण: ई-ऑफिस प्रणाली हेतु 150 से अधिक डेस्कटॉप, कार्यकारिणी कक्ष का मेकओवर और शक्ति रसोई की शुरुआत,​नागरिक गतिविधियां: कांवड़ यात्रा प्रबंधन, प्लॉग रन और दिवाली कॉम्पिटिशन, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में गाजियाबाद की रैंक 18वीं (2024) और 12वीं (2025) से सुधरकर 9वीं रैंक पर आना व अन्य को विस्तार से बताया गया है।

पर्यावरण हित तथा जनहित को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद नगर निगम आधुनिक तकनीकी के माध्यम से न केवल मॉनिटरिंग पर कार्य कर रहा है बल्कि धरातल पर भी आधुनिक उपकरणों का उपयोग शहर को सुविधा उपलब्ध कराने में सरलता का अनुभव कर रहा है, शहर को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए प्लानिंग को और अधिक मजबूती और चल रहे कार्यों में और अधिक तेजी लाने के लिए गाजियाबाद 360 का अनावरण किया गया है जो की सराहनीय है ।