रविवार, 12 जुलाई 2026

महापौर, नगर आयुक्त सहित विशेष सचिव राज्य कर विभाग उत्तर प्रदेश, पार्षदों तथा निगम और जी डी ए अधिकारियों ने सेना की जमीन पर किया पौधारोपण

 







                            मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद नगर निगम द्वारा 141000 पौधारोपण कर, पूरा किया गया लक्ष्य, 100वार्डों में पार्षदों ने लगाए पौधे

गाजियाबाद  । नगर निगम द्वारा वृहद स्तर पर पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें विजयनगर स्थित आर्मी लैंड पर महापौर सुनीता दयाल, विशेष सचिव राज्य कर विभाग उत्तर प्रदेश सरकार राहुल पाण्डेय, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, उपाध्यक्ष गाजियाबाद विकास प्राधिकरण नंदकिशोर कलाल, मुख्य विकास अधिकारी सौरभ कुमार, अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, पार्षद गणों तथा निगम और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा एक साथ पौधारोपण किया गया, मौके पर कई स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा भी पौधारोपण किया गया कार्यक्रम के आयोजन में वरिष्ठ प्रभारी उद्यान नरेंद्र कुमार चौधरी, प्रभारी उद्यान डॉक्टर अनुज द्वारा व्यवस्थाओं को संभाल गया l


 महापौर तथा नगर आयुक्त द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया गया इसके साथ पौधारोपण में सहयोग कर रहे विद्यार्थियों का भी मनोबल बढ़ाया गया, आज लगाए हुए पौधे कल वृक्ष बनाकर लाभदायक सिद्ध होंगे महापौर द्वारा उपस्थित जनों को शुभकामनाएं दी गई, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक द्वारा विजयनगर के साथ-साथ शहर के हर वार्ड में चल रह पौधारोपण कार्यक्रम के बारे में बताया गया गाजियाबाद नगर निगम द्वारा एक दिन में 141000 पौधे लगाए गए हैं जिसमें जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय निवासियों का भी सहयोग लिया जा रहा है बताया गया l *गाजियाबाद नगर निगम द्वारा जहां लक्ष्य पूर्ति करते हुए विजयनगर के साथ--साथ 1 लाख 41 हजार पौधे पांचों जोन अंतर्गत लगाए गए हैं, वही ऐतिहासिक कार्यों की श्रृंखला में विजयनगर आर्मी लैंड की शेष 48 एकड़ भूमि पर नवंबर तक 6 लाख से अधिक पौधारोपण करने की प्रक्रिया भी जारी है, विशाल वन से विजयनगर क्षेत्र वासियों को लाभ मिलेगा*


विशेष सचिव राज्य कर विभाग राहुल पाण्डेय द्वारा गाजियाबाद नगर निगम के कार्यों की प्रशंसा की गई जिसमें बड़ी संख्या में पौधा रोपण को देखकर टीम का उत्साह वर्धन किया गया, विशेष सचिव राज्य कर विभाग उत्तर प्रदेश सरकार राहुल पांडे द्वारा उपस्थित जनों के समक्ष बताया गया कि जिस प्रकार घरों में जिम्मेदारी निभाई जाती है उसी प्रकार पर्यावरण के प्रति भी पौधे लगाने के साथ-साथ पौधों का संरक्षण करना बड़ी जिम्मेदारी है, जिससे भविष्य में सभी को लाभ मिलेगा, कार्यक्रम में उपस्थित गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष द्वारा पर्यावरण के प्रति बृहद पौधा रोपण के कार्य योजना को सरहाया गया, गाजियाबाद नगर निगम और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण संयुक्त रूप से शहर वासियों के लिए कार्य कर रहा हैl  पर्यावरण को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है संयुक्त रूप से पौधारोपण किया गया, कार्यक्रम के अंत में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा शहर के डेवलपमेंट के साथ-साथ पर्यावरण हित में किए जा रहे बृहद पौधारोपण पर गाजियाबाद नगर निगम तथा टीम को धन्यवाद किया गया l

गाजियाबाद नगर निगम द्वारा शासन द्वारा दिए गए लक्ष्य को पूरा करने के क्रम में 141000 हजार पौधे लगाए गए, सभी पार्षदों ने भी अपने-अपने वार्डों में प्लांटेशन किया, वार्ड संख्या 78 शालीमार गार्डन में विशेष सफाई अभियान नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन हुआ गाजियाबाद नगर निगम अधिकारियों के साथ-साथ पार्षदों में भी प्लांटेशन के लिए उत्साह देखा गया, विजयनगर में एक विशाल वन और ऑक्सीजन को बढ़ाने के लिए आर्मी लैंड से कूदा और अतिक्रमण हटाकर प्लांटेशन का कार्य सराहनीय है जिसकी प्रशंसा विजयनगर क्षेत्रवासी भी कर रहे हैं, आयोजित कार्यक्रम में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक द्वारा मालियों से बातचीत करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया गया उनके द्वारा किया गया कार्य हर क्षेत्र वासियों के लिए लाभदायक होगा मालियों के कार्यों की प्रशंसा की गई, बने हुए सेल्फी पॉइंट पर नगर आयुक्त ने मालियों के साथ फोटो ली तथा उपस्थित टीम को बड़े कार्यक्रम का हिस्सा बनने, और प्लांटेशन में सहयोग करने के लिए शुभकामनाएं दी गई l

अंतर्राष्ट्रीय आशा दिवस पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज का संदेश-आशा के बिना शांति नहीं, विश्वास के बिना विकास नहीं और शान्ति व विकास के बिना भविष्य नहीं

 


संवाददाता

*🌺भारतीय ऋषियों ने हजारों वर्ष पूर्व ही मानवता को यह संदेश दिया था कि तमसो मा ज्योतिर्गमय अर्थात् अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ो। यही आशा का वास्तविक स्वरूप*

*✨आशा, मानवता के नवजागरण, वैश्विक शांति और सतत भविष्य का आधार-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश, 12 जुलाई। अंतर्राष्ट्रीय आशा दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने समस्त मानवता को आशा, विश्वास, करुणा और सेवा का संदेश देते हुए कहा कि आज जब विश्व युद्धों, हिंसा, मानसिक तनाव, सामाजिक असमानताओं, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय संकटों जैसी अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है, तब आशा केवल एक सकारात्मक भावना नहीं, बल्कि मानव चेतना को दिशा देने वाली दिव्य शक्ति है। यही शक्ति हमें निराशा से निकालकर उद्देश्यपूर्ण जीवन, समाज को विभाजन से निकालकर समरसता और विश्व को संघर्ष से निकालकर शांति की ओर ले जाती है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा, आशा के बिना शांति नहीं, विश्वास के बिना विकास नहीं, और शान्ति व विकास के बिना भविष्य नहीं यह सनातन जीवन-दर्शन और मानव सभ्यता का शाश्वत सत्य है। आशा, विश्वास और परस्पर आस्था ऐसे तीन दिव्य स्तंभ हैं जिन पर व्यक्ति का चरित्र, समाज की संस्कृति और विश्व का भविष्य निर्मित होता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय ऋषियों ने हजारों वर्ष पूर्व ही मानवता को यह संदेश दिया था कि तमसो मा ज्योतिर्गमय अर्थात् अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ो। यही आशा का वास्तविक स्वरूप है। आशा वह आंतरिक प्रकाश है जो सबसे कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने का साहस देता है। महामारी, प्राकृतिक आपदाएँ, युद्ध और मानवीय संकट यह सिद्ध करते हैं कि मानवता का अस्तित्व केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि आशा, सहयोग और करुणा से सुरक्षित रहता है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि केवल आशा पर्याप्त नहीं है; आशा को विश्वास का आधार और सेवा का स्वरूप मिलना चाहिए। विश्वास ही परिवारों को जोड़ता है, समाज में सहयोग को बढ़ाता है और राष्ट्रों के बीच शांति एवं साझेदारी का मार्ग प्रशस्त करता है। जहाँ विश्वास समाप्त होता है, वहाँ भय, हिंसा और विभाजन जन्म लेते हैं। इसलिए आज विश्व को हथियारों से अधिक विश्वास, प्रतिस्पर्धा से अधिक सहयोग और उपभोग से अधिक करुणा की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति का मूल संदेश वसुधैव कुटुम्बकम् आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है। जब सम्पूर्ण पृथ्वी को एक परिवार माना जाएगा, तभी मानवता जाति, धर्म, भाषा, संस्कृति और सीमाओं से ऊपर उठकर साझा भविष्य का निर्माण कर सकेगी। यदि हम एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि सहयात्री मानें, तो संघर्ष संवाद में और विभाजन सहयोग में परिवर्तित हो सकता है।

पूज्य स्वामी जी ने विशेष रूप से मानसिक स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज भौतिक सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ मानसिक तनाव, अकेलापन, अवसाद और जीवन के प्रति निराशा भी बढ़ रही है। आधुनिक जीवन ने साधन तो दिए हैं, किन्तु साधना से दूरी भी बढ़ा दी है। योग, ध्यान, प्रार्थना, सत्संग, सेवा और प्रकृति के साथ पुनः जुड़ना ही मन की शांति और आंतरिक संतुलन का वास्तविक मार्ग है। जब मन आशा से भरता है, तब जीवन में उद्देश्य, ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होता है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि पृथ्वी के भविष्य के प्रति आशा तभी सार्थक होगी जब हम प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएँ। नदियाँ, वन, पर्वत, जल, वायु और जैव विविधता केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत हैं। परमार्थ निकेतन द्वारा संचालित स्वच्छ गंगा अभियान, वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली, जल संरक्षण, जैविक जीवनशैली और पर्यावरण जागरूकता अभियान इसी विश्वास पर आधारित हैं कि प्रकृति की रक्षा ही मानवता की रक्षा है। जब हम पृथ्वी की सेवा करते हैं, तब हम आने वाली पीढ़ियों के लिए आशा का बीजारोपण करते हैं।

पूज्य स्वामी जी ने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आशा के दूत बनें। आशा भविष्य की प्रतीक्षा नहीं करती, बल्कि भविष्य का निर्माण करती है। विश्वास उस निर्माण को स्थायित्व देता है और एक-दूसरे पर आस्था उसे शांति, समृद्धि और मानवता के उज्ज्वल कल में परिवर्तित कर देती है। आइए, हम अपने भीतर आशा का दीप प्रज्वलित करें, अपने जीवन को सेवा का माध्यम बनाएँ और वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना के साथ ऐसा विश्व निर्मित करें जहाँ प्रत्येक प्राणी सम्मान, करुणा, सुरक्षा और शांति के साथ जीवन जी सके। यही सनातन  संस्कृति का संदेश है और यही आज के युग की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

एमएलसी दिनेश कुमार गोयल ने किया वृक्षारोपण

                                           




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । आज दिन रविवार को वसुंधरा मंडल अध्यक्ष विनीत त्यागी जी द्वारा अपने मंडल में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें दिनेश कुमार गोयल सदस्य विधान परिषद द्वारा मुख्य रूप से वृक्षारोपण कार्यक्रम किया और उन्होंने आह्वान किया की अधिक से अधिक वृक्ष लगाए जाये। जिसमें मुख्य रूप से अमरेश चौधरी महामंत्री, अजय त्यागी पूर्व विस्तारक, पूर्व पार्षद वार्ड 54 मंजू त्यागी,कमल सिंह चौहान मधु गोस्वामी, रेनू सिंह, प्रशांत बिष्ट, रूपक सिंह, नवल गुप्ता, राजेश शर्मा , गोपाल सिंह चौहान, रविंद्र सिंह, अवधेश कुमार आदि मौजूद रहे।

वैश्य एकता समिति गाजियाबाद का 98वां मासिक परिचय सम्मेलन सम्पन्न,17 रिश्ते हुए तय-प्रेमचंद गुप्ता

 


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । वैश्य एकता समिति गाजियाबाद द्वारा आज  को दुर्गा वाशिंग पाउडर परिसर, पारस होटल के पीछे, अम्बेडकर रोड, कालकागढ़ी चौक, गाजियाबाद पर विवाह योग्य वैश्य युवक युवती एवं ब्राह्मण, पंजाबी एवं अन्य वर्ग हेतु 98वां मासिक परिचय सम्मेलन समिति के अध्यक्ष प्रेमचंद गुप्ता ;चेयरमैन दुर्गा वाशिंग पाउडरद्ध के सौजन्य से आयोजित किया गया। समिति के अध्यक्ष ने सभी प्रत्याशियों, अभिभावको, परिचयकर्ताओं एवं आयोजन में उपस्थित समाजसेवियों व पत्रकार बंधुओं का अभिनंदन किया। उन्होने कहा कि आप सभी के सहयोग के कारण यह सम्मेलन हर माह सफलतापूर्वक आयोजित हो रहा है एवं प्रत्येक माह 50-60 नये रजिस्टेªशन फार्म का सहयोग मिलता रहा है तथा 13-14 रिश्ते भी तय हो जाते हैं, इसके लिए उन्होने सभी का धन्यवाद किया। संयोजक एवं महासचिव अजय कुमार गोयल ने सभी प्रत्याशियों का मंच के माध्यम से परिवार सहित परिचय कराया। उन्होने बताया कि इस माह सम्मेलन में 60 नये प्रत्याशियों के पंजीकरण हुए एवं पत्रिका में पूर्व पंजीकृत प्रत्याशियों से सम्पर्क करने पर 17 प्रत्याशियों के वैवाहिक सम्बन्ध तय होने की जानकारी प्राप्त हुई है जो कि समिति के लिए बहुत ही हर्ष का विषय है, उन्होने कहा कि यह कार्य प्रेमचंद गुप्ता जी के मार्गदर्शन व सभी पदाधिकारियों एवं अभिभावकों के सहयोग से सम्भव हो पाया है। पत्रिका के संपादन का कार्य अनुराग अग्रवाल के द्वारा बहुत कम समय में किया गया जिसके लिए मैं समिति के समस्त पदाधिकारियों की तरफ से उनका भी विशेष रूप से आभार प्रकट करता हूँ। समारोह में उपस्थित युवती प्रत्याशियों द्वारा मंच पर परिचय देने के उपरांत उन्हें पुरूस्कार देकर सम्मानित भी किया गया। सम्मेलन को सफल बनाने में अध्यक्ष प्रेमचंद गुप्ता, अजय कुमार गोयल, अनुराग अग्रवाल, नीरू अग्रवाल, रेनू अग्रवाल, बुद्वगोपाल गोयल, नीतू कंसल, रविन्द्र गर्ग, अमिता गोयल, एस्ट्रो मनोज अग्रवाल, आर पी जैन, बी एन अग्रवाल, लक्ष्मीनारायण सिंघल, हरस्वरूप सिंघल एवं महेन्द्र गुप्ता, राधारमण अग्रवाल, राजेश गुप्ता, देवेन्द्र गर्ग, राजीव अग्रवाल, अनुराग, राकेश शर्मा आदि पदाधिकारियों का भी सहयोग रहा।

पौधरोपण महाभियान धरती माता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का महायज्ञ: सीएम योगी,मुख्यमंत्री ने गोरखपुर से किया एक दिन में 35 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य वाले पौधरोपण महायज्ञ 2026 का शुभारंभ

 







                        विशेष संवाददाता

एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सीएम ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर रोपे पवित्र त्रिवेणी (नीम, पीपल, बरगद) के पौधे

विकास की रफ्तार के साथ वनाच्छादन का विस्तार, सैकड़ों टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करता है एक पेड़: मुख्यमंत्री

आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड के किनारे भी मुख्यमंत्री ने किया पौधरोपण, लगाया मौलश्री का पौधा

गोरखपुर, 12 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह गोरखपुर से एक दिन में 35 करोड़ रिकॉर्ड पौधरोपण के लक्ष्य वाले प्रदेशव्यापी पौधरोपण महायज्ञ 2026 का शुभारंभ किया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत उन्होंने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भगवानपुर टोल प्लाजा के समीप पवित्र त्रिवेणी (नीम, पीपल, बरगद) के पौधे लगाए और सेल्फी भी ली। इसके बाद गीडा सेक्टर-28 में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधरोपण महाभियान धरती माता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का महायज्ञ है। विगत नौ वर्षों में प्रदेश में भौतिक विकास की रफ्तार तेज होने के साथ ही वनाच्छादन का भी विस्तार हुआ है। गोरखनाथ मंदिर लौटते समय सीएम ने आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड के किनारे भी मौलश्री का पौधा रोपित किया।

जनसभा में सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद से यूपी के इंफ्रास्ट्रक्चर का वृहद विस्तार हुआ है। एक्सप्रेसवे, हाईवे के साथ बड़े पैमाने पर सड़कों का जाल बिछा है। नए-नए उद्योग लगे हैं। शहरीकरण का दायरा बढ़ा है और नई-नई कॉलोनियां विकसित हुई हैं। भौतिक विकास में तेज योगदान देने वाले इस राज्य ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति संकल्पित प्रयासों से वनाच्छादन के विस्तार में भी सफलता प्राप्त की है। एक पेड़ सैकड़ों टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करता है। 9 वर्षों में यूपी का वनाच्छादन बढ़ने से 6 करोड़ 37 लाख 74 हजार 130 टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण तथा 4 करोड़ 63 लाख 90 हजार 130 टन ऑक्सीजन का उत्सर्जन हुआ।

माता भूमिः पुत्रो अहं पृथिव्या:'

मुख्यमंत्री ने पौधरोपण महाभियान को धरती माता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का महायज्ञ बताया और इसमें हर व्यक्ति की तरफ से योगदान दिए जाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि धरती माता हम सबको अच्छा वातावरण देती हैं। आगे बढ़ने का अवसर, पेट भरने को अन्न, अच्छे-अच्छे फल, पीने के लिए जल देने के साथ घर की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करती हैं। धरती माता के बारे में हमारे ऋषियों ने संकल्प भाव से कहा है- 'माता भूमिः पुत्रो अहं पृथिव्या:', अर्थात यह धरती हमारी माता हैं और हम सब इसके पुत्र हैं। एक पुत्र के रूप में धरती माता के प्रति उत्तरदायित्व का निर्वहन करने के लिए ही प्रधानमंत्री मोदी जी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ का आह्वान किया है।  यह आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुंदर बनाने का राष्ट्रीय कर्तव्य है। 

*धरती माता की आरोग्यता का भी रखें ध्यान*

सीएम योगी ने पौधरोपण की थीम ‘एक पेड़ मां के नाम’ को बहुत सुंदर बताते हुए कहा कि मां हर व्यक्ति, हर जीव के लिए दुनिया का सबसे सुंदर उपहार है। हम खुद के स्वास्थ्य की चिंता करते हैं, लेकिन सबकुछ देने वाली धरती माता के स्वास्थ्य की परवाह नहीं करते। खुद की आरोग्यता के लिए हम सभी को धरती माता की आरोग्यता का भी ध्यान रखना होगा। अनंतकाल तक जीवसृष्टि बनी रहे, इसके लिए पौधरोपण अत्यंत आवश्यक है। मोदी के आह्वान पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर इस वर्ष 5 करोड़ पौधे लगाए गए। गत वर्ष 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए। 9 वर्ष में अब तक प्रदेश में 242 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।

*मौसम चक्र में परिवर्तन से कृषि उत्पादन पर असर*

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण पर मंडरा रहे संकट का प्रभाव मौसम चक्र पर भी पड़ा है। बारिश करीब एक महीना विलंब से शुरू हुई है। जो बीज 15 जून तक लग जाना चाहिए था, उसे 15 जुलाई को लगाएंगे तो उत्पादन में 25 से 30 प्रतिशत तक अंतर पड़ेगा। पर्यावरण असंतुलन से कभी प्रचंड गर्मी पड़ रही है तो कभी सर्दी। लगातार ग्लोबल वार्मिंग की चेतावनी दी जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले समय में समुद्र के किनारे बहुत सारे शहर डूबने की स्थिति में होंगे तो कहीं भीषण जल संकट होगा।

*मानवता को चुकानी पड़ रही प्रकृति से खिलवाड़ की कीमत*

मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्दियों के मौसम में बहुत सारे शहर ऐसे हैं, जहां गैस चैंबर जैसी स्थिति बन जाती है। वहां अलर्ट जारी करना पड़ता है कि बुजुर्ग, बीमार और बच्चे घर से बाहर न निकलें, जरूरी हो तो मास्क लगाकर निकलें। आखिर यह स्थिति पैदा ही क्यों हुई? क्योंकि प्रकृति के साथ खिलवाड़ किया गया। अंधाधुंध पेड़ काटे गए, जल दोहन किया गया लेकिन जल संरक्षण के लिए कोई प्रयास नहीं हुआ। तालाबों पर अवैध कब्जे हो गए। अपने स्वार्थ के लिए लोगों ने प्रकृति के साथ जो खिलवाड़ किया है, आज उसकी कीमत विश्व मानवता को चुकानी पड़ रही है। 

*पर्यावरण अनुकूल एलईडी लाइट से बचे 100 करोड़ रुपये*

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में जब डबल इंजन की भाजपा सरकार बनी तब हैलोजन लाइटों को हटाकर उसकी जगह पर्यावरण अनुकूल एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का अभियान शुरू किया गया। प्रदेश में 16 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई गईं, इससे प्रदेश सरकार को 100 करोड रुपये की बचत हुई। साथ ही हैलोजन में जलकर मरने वाले कीड़े-मकोड़ों की भयंकर बदबू से भी मुक्ति मिली। सरकार नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है। पीएम सूर्य घर बिजली योजना से लोगों के बिजली बिल आधे हो रहे हैं। ग्रीन एनर्जी का नया स्रोत लोगों को उपलब्ध कराया गया है।

*उज्जवला योजना ने दी धुएं से मुक्ति*

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के विजन से उज्जवला योजना के तहत 10 करोड़ परिवारों को निशुल्क एलपीजी कनेक्शन बांटे गए, जो कांग्रेस सरकार में ब्लैक में मिलते थे। 10 करोड़ परिवारों में माताओं-बहनों को चूल्हे के धुएं से मुक्ति मिली। अकेले उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ परिवारों को यह लाभ मिला है। इंटरनेशनल सोलर अलायंस के अध्यक्ष के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने दुनिया से इसके बारे में आह्वान किया है। अयोध्या प्रदेश की पहली सोलर सिटी बनी है। वहां समस्त स्ट्रीट लाइट में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल किया जाता है।

*पौधा लगाकर देखभाल भी करें*

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें न सिर्फ पौधे लगाने हैं, बल्कि उनकी उचित देखभाल भी करनी है। जिन किसानों ने अपने खेत में पेड़ लगाए हैं, उन्हें कार्बन क्रेडिट फाइनेंस स्कीम के अंतर्गत पैसा भी प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री ने हर व्यक्ति से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का हिस्सा बनने की अपील करते हुए कहा कि अपने पूर्वजों व परिजनों की स्मृति में और परिवार के सदस्यों के नाम से एक पौधा अवश्य लगाएं।


*’हरित गाथा’ लघु फिल्म और ‘वानिकी कैलेंडर’ का विमोचन*

पौधरोपण महायज्ञ 2026 के अवसर पर आयोजित जनसभा के मंच से मुख्यमंत्री ने ‘उत्तर प्रदेश के नौ वर्ष की हरित गाथा’ लघु फिल्म और ‘वानिकी कैलेंडर’ का विमोचन किया। लघु फिल्म में यूपी में पिछले नौ सालों में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों और हासिल उपलब्धियों को दर्शाया गया है, जबकि वानिकी कैलेंडर में वर्ष 2026-27 के लिए वन विभाग की कार्ययोजना का उल्लेख है। 

*सीएम ने किया पौध वितरण, किसानों को सौंपे प्रमाण-पत्र*

कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना की लाभार्थी गीता देवी, मधुरा, इशरावती, शीला, कालिंदी को घर के सामने रोपने के लिए सहजन के पौधे भेंट किए। उन्होंने कार्बन क्रेडिट फाइनेंस योजना के अंतर्गत 700 से अधिक पौधरोपण करने वाले नरपति (कैम्पियरगंज गोरखपुर), 650 से अधिक पौधरोपण करने वाले अशफाक खान (देसही देवरिया),  800 पौधरोपण करने वाली रंजना देवी (हाटा कुशीनगर) और 850 पौधे लगाने के लिए अरविंद कुमार (पडरौना कुशीनगर) को कार्बन क्रेडिट के लिए मिलने वाली राशि का प्रमाण-पत्र सौंपा। 

*सीएम योगी के मार्गदर्शन में यूपी में बढ़ी हरियाली: वनमंत्री*

कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन में यूपी में हरियाली बढ़ी है। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया देहरादून की रिपोर्ट के अनुसार देश में ग्रीनरी वृद्धि के मामले में उत्तर प्रदेश प्रगति करते हुए दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। आज का पौधरोपण पूर्ण होते ही यूपी में पिछले 10 सालों में पौधरोपण की कुल संख्या 275 करोड़ हो जाएगी। इस बार के पौधरोपण महाभियान में 30 प्रतिशत फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। गोरखपुर में मुख्यमंत्री द्वारा घोषित वानिकी विश्वविद्यालय के निर्माण की शुरुआत जल्द ही की जाएगी।

*पीएम मोदी-सीएम योगी पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद संवेदनशील: रविकिशन*

इस मौके पर सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी पर्यावरण संरक्षण को लेकर बेहद संवेदनशील हैं। वे सदैव लोगों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करते रहते हैं। इसी विजन के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री ने एक दिन में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में यूपी का इतना विराट विकास हुआ है, जितना कोई सोच भी नहीं सकता।

नौ वर्ष में हुआ सौ वर्ष से अधिक का विकास: प्रदीप शुक्ल

सहजनवा के विधायक प्रदीप शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में सहजनवा विधानसभा का अभूतपूर्व विकास हो रहा है। उन्होंने नौ वर्षों में जितना विकास किया, वह सौ वर्षों में भी नहीं हो पाता। प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील कुमार चौधरी ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद, राज्यसभा सदस्य संगीता यादव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, महेंद्रपाल सिंह, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, पौधरोपण महायज्ञ के लिए गोरखपुर के नोडल अधिकारी सुहास एलवाई, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, ब्लॉक प्रमुख दिलीप यादव आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' के अन्तर्गत पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद ने वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया

 




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित प्रदेश के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से संचालित 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' के अंतर्गत दिनांक 12 जुलाई, 2026 को पूरे प्रदेश में 35 करोड़ पौधों के रोपण का महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया। इस महाभियान में जनसहभागिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक नागरिक से "एक पेड़ माँ के नाम" लगाने का आह्वान किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया जा सके।


इसी क्रम में पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद द्वारा भी इस महाभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए वर्ष 2026 के लिए 12,000 पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया। लक्ष्य की प्रभावी पूर्ति के लिए पुलिस लाइन्स, समस्त थाना परिसरों एवं विभिन्न पुलिस कार्यालयों को आवश्यकतानुसार पौधों का आवंटन पूर्व में ही किया गया था।






इस अवसर पर पुलिस लाइन्स गाजियाबाद के परेड ग्राउंड में एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस आयुक्त द्वारा पौधारोपण कर किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं अपराध), समस्त पुलिस उपायुक्त, अपर पुलिस उपायुक्त अपराध सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए अधिकाधिक वृक्ष लगाने एवं उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित भविष्य की आधारशिला हैं।

पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद द्वारा पुलिस लाइन्स, सभी थाना परिसरों तथा विभिन्न पुलिस कार्यालयों में एक साथ व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए छायादार, फलदार एवं औषधीय प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण एवं नियमित रख-रखाव का भी संकल्प लिया गया, जिससे लगाए गए पौधे विकसित होकर पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य को सार्थक बना सकें।

पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद का यह प्रयास न केवल उत्तर प्रदेश सरकार के 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' अभियान को सफल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति पुलिस एवं समाज की साझा जिम्मेदारी और जनभागीदारी का भी उत्कृष्ट उदाहरण है।

पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक पौधे लगाएँ, उनका संरक्षण करें तथा पर्यावरण संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाते हुए हरित, स्वच्छ एवं समृद्ध उत्तर प्रदेश के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।

मुख्यमंत्री के निर्देशन में आयोजित हुआ “वृक्षारोपण महायज्ञ-2026”, रक्षा भूमि राइफल रेंज में किया 02 हरिशंकरी सहित 50 हजार पौधों का रोपण,वृक्ष देवतुल्य, इनके संरक्षण में ही मानवता का कल्याण निहित: राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप





मुकेश गुप्ता

वृक्ष धरती के आभूषण एवं मानव जीवन के आधार स्तंभ: जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़

*वृक्षारोपण से हरियाली बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिलेगी: विधायक सदर संजीव शर्मा

*डीएफओ ने किया पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन में सक्रिय भागीदारी निभाने का अनुरोध*

गाजियाबाद । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश एवं मार्गदर्शन में प्रदेशव्यापी “वृक्षारोपण महायज्ञ-2026” के अंतर्गत जनपद गाजियाबाद में “सबका साथ, वनों का विकास” तथा “एक पेड़ माँ के नाम” थीम पर वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन एवं सामाजिक वानिकी प्रभाग गाजियाबाद के संयुक्त तत्वावधान में विजयनगर स्थित रक्षा भूमि राइफल रेंज परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 50 हजार पौधों का रोपण किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार,  नरेंद्र कश्यप रहे। अतिथियों को पौधा एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत एवं सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आयना डांस एकेडमी द्वारा गणेश वंदना कर किया गया, इस दौरान उनके द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

कार्यक्रम में  विधायक सदर संजीव शर्मा, जिलाधिकारी  रविन्द्र कुमार मॉंदड़, डीएफओ श्रीमती ईशा तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ, एसडीएम  अरुण दीक्षित, जिला विद्यालय निरीक्षक बुद्ध ​प्रिय सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी  ओ.पी. यादव, स्थानीय पार्षद संतराम यादव, समाजसेवी  सुभाष गुप्ता एवं  उप विभागीय वनाधिकारी डा.सलोनी,क्षेत्रिय वनाधिकारी निमि कुचिया, क्षेत्रिय वनाधिकारी मोदीनगर  अमित सिंह  सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।


 राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, ग्लोबल वार्मिंग की चुनौतियों से निपटने तथा भावी पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण प्रदान करने के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिकाधिक पौधे लगाने एवं उनके संरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों को देवतुल्य माना गया है तथा इनके संरक्षण में ही मानवता का कल्याण निहित है।




जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमुदाय का स्वागत करते हुए कहा कि वृक्ष धरती के आभूषण हैं तथा मानव जीवन के आधार स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में अनेक वृक्षों को पूजनीय माना गया है और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने नागरिकों से वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लेने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने कहा कि जब हम वृक्षों की रक्षा करेंगे, तभी वृक्ष हमारी रक्षा कर सकेंगे। इस मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि वृक्षारोपण संबंध संचालित कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा।





 विधायक सदर संजीव शर्मा ने कहा कि जिस क्षेत्र में आज वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया है, वहां 2025 से पूर्व में अवैध अतिक्रमण, गंदगी एवं असामाजिक गतिविधियों की स्थिति थी। जिला प्रशासन एवं वन विभाग के संयुक्त प्रयासों से क्षेत्र का कायाकल्प हुआ है और आज यहां हरित एवं स्वच्छ वातावरण विकसित हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में किए जा रहे वृक्षारोपण से हरियाली और अधिक बढ़ेगी तथा पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने सभी नागरिकों से वृक्ष लगाने एवं उनकी देखभाल करने की अपील की।


डीएफओ श्रीमती ईशा तिवारी ने बताया कि जनपद को इस वर्ष 1022300 पौधारोपण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है तथा जनपद द्वारा निर्धारित लक्ष्य से अधिक पौधारोपण किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर दो भागों में 50 हजार पौधों का रोपण किया गया। इसके साथ ही अन्य चिन्हित 2100 स्थलों पर शेष पौधों का रोपण किया जाएगा। डीएफओ महोदया ने बताया कि मंत्री जी द्वारा पाकड़/पिलखन,  विधायक द्वारा पीपल एवं जिलाधिकारी द्वारा बरगद/वट पौधा रोपण किया गया। इस प्रकार तीनों अतिथियों द्वारा हरिशं​करी स्थापित ​की गई। इस प्रकार कार्यक्रम स्थल पर दो हरिशंकरी स्थापित करते हुए अन्य हजारों पौधों का रोपण किया गया। डीएफओ महोदया ने नीम एवं सीडीओ महोदय ने महोगनी के पौधे का रोपण किया गया। उन्होंने सभी नागरिकों से पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन में सक्रिय भागीदारी निभाने का अनुरोध किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. पूनम शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, स्कूली छात्र-छात्राएं, अभिभावक तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने नितेश पाल

 

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद/ भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन BJMTU की कोर कमेटी ने गाजियाबाद के  नितेश पाल को संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है।BJMTU के महासचिव बैद्य देय द्वारा नियुक्ति पत्र  के अनुसार राजनगर, गाजियाबाद निवासी नितेश पाल को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। संगठन के पदाधिकारी द्वारा कहा गया है कि संगठन को मजदूरों के हितों के लिए मजबूत और सक्रिय बनाने में श्री पाल की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

राज्य कर विभाग मे व्यापारी जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित, व्यापार मण्डल के चेयरमैन रजनीश बंसल ने व्यापारियों की समस्याओं चाइनीज मांझे का निर्माण, बेचने, व् उपयोग नहीं करने को अवगत कराया

 

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। शासन की मंशानुरूप व्यापारी संवाद कार्यक्रम में आज राज्य कर अधिकारियों द्वारा व्यापारियों से संवाद किया गया जिसमें व्यापारियों से प्रतिबंधित चाइनीज मांझे व अन्य प्रतिबंधित पतंग के उत्पादों के निर्माण, बिक्री एवं उपयोग नहीं करने के लिए जागरूक करते हुए व्यापारियों की समस्याओं को सुना गया। 

कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिबंधित मांझे का निर्माण, बिक्री एवं उपयोग नहीं करने के लिए अवगत कराना एवं व्यापारियों की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान के लिए राज्य कर विभाग तथा व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारियों ने, जिसमें प्रमुख रूप से बाजार के होजरी, रेडीमेड, फार्मा , रियल एस्टेट व्यापारियों ने भाग लिया और जीएसटी, कर निर्धारण, ऑनलाइन प्रक्रियाओं तथा व्यापार संचालन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को विभागीय अधिकारियों के समक्ष रखा। 

 व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करते हुए रजनीश बंसल ने कर संबंधी जटिलताओं और व्यावहारिक कठिनाइयों पर चर्चा की, व्यापारियों की समस्याओं को प्रमुखता से विभागीय अधिकारियों के समक्ष रखा । कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने व्यापारियों की बातों को गंभीरता से सुना और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। 

इस दौरान उपायुक्त खंड 10 श्रीमती शिवानी गुप्ता, उपायुक्त खंड 8 श्रीमती रेणु सिंह, उपायुक्त खंड 12 श्री संजीव कुमार, उपायुक्त खंड 9 श्री विजय चौधरी सहायक आयुक्त श्री विपिन कुमार शुक्ला ने विभागीय योजनाओं, सुविधाओं और कर प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। 

इस अवसर पर विजय गुप्ता, रजनीश बंसल, सुधीर शुकला, मनोज गोयल, सचिन शर्मा, राहुल जिंदल, आदि व्यापारी उपस्थित रहे।

राजस्थान की पावन धरा पर बिश्नोई समाज ने पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती के पावन सान्न्ध्यि में किया पौधारोपण

 






                               संवाददाता

*🌳जितने वर्षों के हम, उतने पौधे लगाएँ का संकल्प*

*💥पूज्य स्वामी जी के 75वें वर्ष में प्रवेश पर 75 हजार पौधों के रोपण का महाअभियान प्रारम्भ*

जोधपुर, राजस्थान, 10 जुलाई। प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और जीवों के प्रति करुणा का अद्भुत संगम हुआ जब परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के अध्यक्ष परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में राजस्थान की पावन धरती पर बिश्नोई समाज ने पौधारोपण कर एक विराट पर्यावरणीय जन-अभियान का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर पूज्य स्वामी जी के 75वें वर्ष में प्रवेश के उपलक्ष्य में 75 हजार पौधे लगाने का संकल्प लिया गया तथा अभियान के प्रथम पौधे का रोपण पूज्य स्वामी जी के करकमलों द्वारा सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि वृक्ष केवल प्रकृति की धरोहर नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों का जीवन हैं। आज विश्व जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, जल संकट और जैव विविधता के क्षरण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन चुनौतियों का सबसे सरल, प्रभावी और स्थायी समाधान वृक्षारोपण तथा वृक्षों का संरक्षण है। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना महत्वपूर्ण है, किन्तु उससे भी अधिक आवश्यक है उसकी वर्षों तक उसी प्रकार देखभाल करना, जैसे परिवार के किसी सदस्य की की जाती है।

पूज्य स्वामी जी ने बिश्नोई समाज की पर्यावरणीय चेतना की सराहना करते हुए कहा कि बिश्नोई समाज केवल वृक्ष नहीं लगाता, बल्कि प्रकृति के साथ जीने की संस्कृति का संरक्षण करता है। सदियों पूर्व गुरु जम्भेश्वर जी द्वारा स्थापित जीवन मूल्यों ने प्रकृति संरक्षण, जीव दया और पर्यावरणीय संतुलन का ऐसा आदर्श प्रस्तुत किया, जिसे आज आधुनिक पर्यावरण विज्ञान भी अनुकरणीय मानता है। विशेष रूप से खेजड़ी (शमी) सहित अनेक वृक्षों का संरक्षण, उनका रोपण तथा वर्षों तक उनका पालन-पोषण बिश्नोई समाज की अद्वितीय पहचान है।

उन्होंने कहा कि बिश्नोई समाज हिरण, चिंकारा, काला हिरण, नीलगाय, मोर, खरगोश तथा असंख्य पक्षियों को अपने परिवार का सदस्य मानकर उनकी सेवा करते हैं। घायल एवं बीमार वन्यजीवों का उपचार, उनके लिए भोजन एवं जल की व्यवस्था तथा भीषण गर्मी में पक्षियों और पशुओं के लिए जल पात्र रखना उनकी संस्कृति का अभिन्न अंग है। वास्तव में बिश्नोई समाज ने मानव और प्रकृति के सह-अस्तित्व का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, वही भारत की सनातन संस्कृति का वास्तविक स्वरूप है।

इस प्रेरणादायी अवसर पर फगलू राम  के 100वें जन्मदिवस को भी प्रकृति समर्पण के रूप में मनाया गया। उनकी धर्मपत्नी तुलसी देवी जी और चारों सुपुत्र  सुखराम बनोई, जगदीश बनोई, सहराम तथा  पूना राम बनोई ने अपने पैतृक गाँव में पौधारोपण कर अपने पिता का हरित जन्मदिवस मनाया। उन्होंने अपने आसपास के गाँवों में एक हजार से अधिक खेजड़ी सहित अन्य पौधों का रोपण करेंगे तथा पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के 75वें वर्ष में प्रवेश के उपलक्ष्य में 75 हजार वृक्ष लगाने के महाअभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।

इस अभियान के प्रथम चरण में पूज्य स्वामी जी के पावन सान्निध्य में 11,000 और 11,00 पौधों का रोपण कर इस अभियान का शुभारम्भ कियाा। यह भी घोषणा की गई कि यह अभियान सम्पूर्ण मानसून अवधि में निरन्तर चलता रहेगा तथा हजारों पौधों को रोपित कर उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया। इस उत्कृष्ट कार्य के लिये पूज्य स्वामी जी ने सभी को धन्यवाद देते हुये कहा कि इसी तरह सभी जुटे रहे और धरती के पर्यावरण को हरित व समृद्ध बनाये रखने में योगदान प्रदान करे।

कार्यक्रम के दौरान वातावरण संकल्पों की ऊर्जा से गुंजायमान हो उठा। अनेक श्रद्धालुओं, समाजसेवियों, युवाओं एवं उपस्थित जनसमूह ने एक पौधे से लेकर 11 हजार, 21 हजार तथा 51 हजार पौधे लगाने के संकल्प लिए। यह केवल पौधारोपण का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व, पर्यावरणीय चेतना और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का सामूहिक संकल्प बन गया।

इस अवसर पर  विनीत माथुर (न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर), घनश्याम सोनी (निदेशक, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, जोधपुर) सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।