सोमवार, 6 जुलाई 2026

हिन्दू संघर्ष समिति निकोला टेस्ला की 170वीं जयंती पर करेगी “टेस्ला विवेकानन्द फ्रेंडशिप फोरम” का शुभारम्भ-मोहित माधव




संवाददाता

नई दिल्ली । हिन्दू संघर्ष समिति द्वारा 10 जुलाई 2026 को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में विश्वविख्यात वैज्ञानिक निकोला टेस्ला की 170वीं जयंती के अवसर पर “टेस्ला विवेकानन्द फ्रेंडशिप फोरम” का शुभारम्भ किया जाएगा।

इस कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए हिन्दू संघर्ष समिति के राष्ट्रीय सचिव  मोहित माधव ने कहा कि यह केवल एक स्मृति समारोह नहीं, बल्कि विज्ञान, अध्यात्म, संस्कृति और वैश्विक सहयोग को समर्पित एक दूरदर्शी पहल है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द और निकोला टेस्ला के विचार आज भी विश्व को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं तथा यह फोरम उन्हीं आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बनेगा।

मोहित माधव ने देशभर के युवाओं, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, उद्योग जगत, नीति निर्माताओं एवं प्रबुद्ध नागरिकों से इस ऐतिहासिक अवसर पर सहभागिता का आग्रह करते हुए कहा—

“भारत ने सदैव ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का संदेश दिया है। ‘टेस्ला विवेकानन्द फ्रेंडशिप फोरम’ विज्ञान और आध्यात्मिक चेतना के समन्वय के माध्यम से विश्व बंधुत्व, नवाचार, ज्ञान-विनिमय और सांस्कृतिक सहयोग को नई गति प्रदान करेगा। यह मंच आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र निर्माण एवं मानव कल्याण के लिए प्रेरित करेगा।”

उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य भारत और विश्व के बीच ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार, सांस्कृतिक संवाद एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित सहयोग को सशक्त बनाना है।

इस अवसर पर हिन्दू संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महामंत्री श्री अनुप पाण्डेय ने कहा कि समिति राष्ट्रहित, सांस्कृतिक जागरण एवं वैश्विक समन्वय के ऐसे रचनात्मक प्रयासों के लिए निरंतर कार्यरत है। उन्होंने सभी राष्ट्रप्रेमी नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक पहल का हिस्सा बनने का आह्वान किया।




रालोद संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष व रालोद के प्रोफ़ेशनल मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष के मध्य हुई महत्वपूर्ण बैठक

 


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । राष्ट्रीय लोकदल के प्रोफेशनल मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट रविकांत चड्ढा ने आज राष्ट्रीय लोकदल के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद के. सी. त्यागी  से शिष्टाचार भेंट की।

बैठक के दौरान राष्ट्रीय लोकदल के संगठनात्मक विस्तार, पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने तथा समाज के सभी वर्गों को संगठन से जोड़ने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।बैठक मे राष्ट्रीय लोकदल के संगठन को देशभर में और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।गाँव, नगर, बूथ एवं मंडल स्तर तक संगठन को सशक्त करने तथा नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने की रणनीति पर चर्चा हुई।युवाओं, किसानों, महिलाओं, व्यापारियों, पेशेवर वर्ग, मजदूरों एवं समाज के सभी वर्गों को राष्ट्रीय लोकदल की नीतियों से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री, किसान मसीहा एवं स्वतंत्रता सेनानी श्रद्धेय चौधरी चरण सिंह जी तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजीत सिंह जी के किसान हितैषी, लोकतांत्रिक और जनकल्याणकारी कार्यों एवं विचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर सहमति बनी।राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री श चौधरी जयंत सिंह द्वारा कौशल विकास, युवाओं के प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि युवाओं को कौशल, शिक्षा और रोजगार से जोड़ने वाली योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुँचाकर संगठन के प्रति विश्वास और सहभागिता को बढ़ाया जाए।दोनों नेताओं ने संगठनात्मक मजबूती के लिए प्रोफेशनल वर्ग, शिक्षित युवाओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर भी विचार साझा किए।बैठक में राष्ट्रीय लोकदल की विचारधारा, किसान हित, सामाजिक न्याय, युवाओं के सशक्तिकरण और संगठन के विस्तार को आगामी समय की प्रमुख प्राथमिकता बताया गया।दोनों नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री माननीय चौधरी जयंत सिंह जी के नेतृत्व में संगठन निरंतर मजबूत होगा तथा पार्टी की नीतियाँ और विचारधारा समाज के प्रत्येक वर्ग तक और प्रभावी ढंग से पहुँचेगी।

श्री कांची कामकोटि पीठम् के 69वें जगद्गुरु शंकराचार्य, जयेन्द्र सरस्वती महास्वामी का अवित्तम् (धनिष्ठा) जन्म नक्षत्र महोत्सव मे शामिल हुए पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती

 







उत्तर और दक्षिण का दिव्य आलिंगन*

 *🌺कांची की पावन भूमि पर सनातन चेतना का अलौकिक संगम*

*💐चतुर्थ कुम्भाभिषेकम् के पावन अवसर पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य श्री विजयेंद्र सरस्वती जी महाराज एवं पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी की दिव्य भेंट* 

*🌼श्री कांची कामकोटि पीठम की स्थापना जगद्गुरु आदि शंकर भगवान्पाद ने लगभग 2507 वर्ष पूर्व (509 ईसा पूर्व दृ 477 ईसा पूर्व) की थी*

*इस पावन अवसर पर सनातन संस्कृति, अयोध्या धाम, श्रीराम मन्दिर, युवाओं के संस्कारों के रोपण, दक्षिण व उत्तर का दिव्य संगम* 


 नई दिल्ली। श्री कांची कामकोटि पीठम् के चतुर्थ कुम्भाभिषेकम् तथा 69वें जगद्गुरु शंकराचार्य, पूज्यपाद प्रातःस्मरणीय  जयेन्द्र सरस्वती जी के अवित्तम् (धनिष्ठा) जन्म नक्षत्र महोत्सव के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का दिव्य सान्निध्य प्राप्त हुआ।

लगभग ढाई सहस्राब्दियों पूर्व जगद्गुरु आदि शंकर भगवान्पाद द्वारा स्थापित श्री कांची कामकोटि पीठम् भारत की सनातन चेतना का जीवंत केन्द्र है। युगों से यह पीठ वेद, उपनिषद, शास्त्र, धर्म, संस्कृति और राष्ट्रधर्म के संरक्षण का दिव्य दायित्व का अद्भुत निर्वहन कर रही है। आज भी उसकी यह ज्योति सम्पूर्ण विश्व को भारतीय अध्यात्म का मार्ग दिखा रही है।

चतुर्थ कुम्भाभिषेकम् का यह महोत्सव एक धार्मिक अनुष्ठान के साथ आत्मशुद्धि, लोकमंगल और दिव्य ऊर्जा के पुनर्संचार का विराट उत्सव है। भगवान कार्तिकेय के पावन विग्रह का महाअभिषेक, वैदिक मंत्रों के दिव्य उच्चारण, यज्ञ की पवित्र अग्नि, अनेकों श्रद्धालुओं की सामूहिक प्रार्थनाएँ और पूज्य संतों का सान्निध्य प्राप्त हुआ। कुम्भाभिषेकम् प्रत्येक बारह वर्षों में सम्पन्न होने वाला यह महोत्सव भारतीय संस्कृति, दक्षिण एवं उत्तर का दिव्य संगम है।

इस दिव्य अवसर पर पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य श्री विजयेंद्र सरस्वती जी महाराज एवं पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का आत्मीय संगम हुआ। यह उत्तर और दक्षिण भारत की आध्यात्मिक धाराओं का ऐसा आलिंगन है, जिसने यह संदेश दिया कि सनातन धर्म की शक्ति उसकी विविधता में निहित एकता है।

इस भेंट में वर्षों पुरानी आत्मीयता पुनः सजीव हो उठी। वर्ष 1975 से प्रारम्भ हुई यह आध्यात्मिक निकटता, पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य श्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती महास्वामी जी, पूज्य श्री जयेन्द्र सरस्वती महास्वामी जी और अब पूज्य श्री विजयेंद्र सरस्वती जी महाराज के स्नेह एवं आशीर्वाद से निरन्तर पुष्पित-पल्लवित होती रही है। परमार्थ निकेतन और श्री कांची कामकोटि पीठम् का यह संबंध साझा आध्यात्मिक संकल्प, राष्ट्रनिर्माण और मानवता की सेवा का संबंध है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य श्री विजयेंद्र सरस्वती जी महाराज को परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश पधारने का सादर आमंत्रण दिया जो कि मां गंगा और कावेरी, हिमालय और दक्षिण की ज्ञान परम्पराओं, तप और भक्ति, वेद और सेवा के पुनर्मिलन का आमंत्रण है।

दोनों पूज्य संतों ने इस बात पर भी गहन चिंता और आशा व्यक्त की कि भारत का भविष्य केवल आधुनिक शिक्षा से नहीं, बल्कि संस्कारयुक्त शिक्षा से निर्मित होगा। आज आवश्यकता है कि युवाओं के हृदय में भारतीय संस्कृति, गुरु-शिष्य परम्परा, परिवार, पर्यावरण, सेवा, करुणा और राष्ट्रप्रेम के बीज रोपे जाएँ। वही संस्कार आने वाले भारत को विश्व के लिए प्रकाशस्तम्भ बनाएँगे।

भारत की सांस्कृतिक शक्ति किसी भौगोलिक सीमा में बँधी नहीं है। हिमालय की तपःभूमि और दक्षिण की ज्ञानभूमि जब एक साथ खड़ी होती हैं, तब सम्पूर्ण भारत एक परिवार के रूप में दिखाई देता है। यही सनातन का स्वरूप है, जहाँ विविध परम्पराएँ हैं, परन्तु उद्देश्य एक है; अनेक भाषाएँ हैं, परन्तु भाव एक है; अनेक तीर्थ हैं, परन्तु चेतना एक है। 

श्री कांची की इस पावन भूमि से उठी यह आध्यात्मिक ज्योति सम्पूर्ण विश्व को यह प्रेरणा देती है कि संस्कृति का संरक्षण केवल स्मृतियों से नहीं, बल्कि पूज्य संतों के जीवन और उनके साझा संकल्पों से होता है। यह दिव्य मिलन आने वाली पीढि़यों के लिए एक प्रेरक अध्याय रहेगा जहाँ उत्तर और दक्षिण ने मिलकर पुनः उद्घोष किया कि सनातन केवल एक परम्परा नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के कल्याण का शाश्वत पथ है।

आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के 29 वें जन्मदिवस पर परमार्थ निकेतन के पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने दी शुभकामनायें

 




*✨ज्ञान, दान और ध्यान महोत्सव में सनातन चेतना का भव्य समागम*

*💐आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर बेटियों की शिक्षा का किया ऐतिहासिक संकल्प* 

🌼आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी द्वारा रचित ‘मेरा सन्यासी’ कृति का हुआ लोकार्पण*

*💥हनुमान चालीसा एवं सुन्दरकाण्ड के महापाठ से गुंजायमान हुआ भारत मंडपम*

*🌺आचार्य बालकृष्ण, आचार्य लोकेश मुनि मनोज बाजपेयी , भजन सम्राट कन्हैया मित्तल तथा देश की अनेक विशिष्ट विभूतियों एवं पूज्य संतों की गरिमामयी उपस्थिति*

नई दिल्ली। प्रदर्शनी हॉल, भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित ज्ञान, दान और ध्यान महोत्सव एक ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महापर्व के रूप में आयोजित किया गया। इस पावन असवसर पर परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज का दिव्य सान्निध्य प्राप्त हुआ।  

आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी के पावन जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने सनातन संस्कृति के अप्रतिम वैभव का साक्षात्कार किया। यह आयोजन भारतीय अध्यात्म, सेवा, संस्कार और सनातन जीवन-दृष्टि का ऐसा विराट उत्सव था जिसने प्रत्येक उपस्थित श्रद्धालु के हृदय में धर्म, राष्ट्र और मानवता के प्रति नई ऊर्जा, नया विश्वास और नई प्रेरणा का संचार किया।

इस ऐतिहासिक अवसर पर आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने एक ऐसी घोषणा की जिसने पूरे सभागार को भाव-विभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि जिन हजारों निर्धन एवं जरूरतमंद बेटियों का विवाह उन्होंने सम्पन्न कराया था, अब उनकी बेटियों की सम्पूर्ण शिक्षा का दायित्व भी उनके द्वारा वहन किया जाएगा। यह घोषणा भारतीय संस्कृति के शाश्वत आदर्श की पुनर्प्रतिष्ठा है जहाँ बेटी को केवल सम्मान ही नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार और स्वावलम्बन का अधिकार भी दिया गया है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी के पावन जन्मदिवस पर शुभकामनाएँ देते हुए कहा, ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, अखण्ड ऊर्जा एवं निरंतर लोकमंगल की शक्ति प्रदान करें। आप अपनी तपस्या, भक्ति और ओजस्वी वाणी से सनातन धर्म की दिव्य पताका को विश्व के कोने-कोने में फहराते रहे। आपकी प्रेरणा से अनेकों हृदयों में धर्म, संस्कृति, राष्ट्रप्रेम और भगवान श्रीराम तथा श्रीहनुमान जी के प्रति अटूट श्रद्धा जागृत हो रही है। आपका जीवन सदैव धर्म, सेवा और मानवता के कल्याण के लिए समर्पित रहे। आप दिव्यायु हों, दीर्घायु हों, सदैव स्वस्थ रहें, मस्त रहें।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि ज्ञान हमें दिशा देता है, ध्यान हमें दिव्यता से जोड़ता है और दान जीवन को सार्थक बनाता है। जब ये तीनों एक साथ जीवन में उतरते हैं, तब केवल व्यक्ति ही नहीं, सम्पूर्ण समाज और राष्ट्र जागृत होता है। उन्होंने कहा कि आज का भारत केवल आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर नहीं है, बल्कि वह अपनी आध्यात्मिक चेतना के आलोक से सम्पूर्ण विश्व को मार्गदर्शन देने की क्षमता भी रखता है और इसका श्रेय हमारी ऋषि परम्परा और संत परम्परा को जाता है। 

कार्यक्रम के दौरान आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी द्वारा रचित कृति ‘मेरा सन्यासी’ का भव्य विमोचन भी सम्पन्न हुआ। यह कृति गुरु-शिष्य परम्परा, वैराग्य, समर्पण, आध्यात्मिक साधना और सनातन जीवन-दर्शन के गहन अनुभवों का सजीव दस्तावेज है। पुस्तक का लोकार्पण उपस्थित पूज्य संतों एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

तत्पश्चात हजारों श्रद्धालुओं ने एक स्वर में हनुमान चालीसा तथा सुन्दरकाण्ड का महापाठ किया। सम्पूर्ण भारत मंडपम श्रीराम और हनुमान जी के जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। 

आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि सनातन केवल एक परम्परा नहीं, बल्कि जीवन जीने की शाश्वत कला है। जब तक हमारी संस्कृति, हमारे संस्कार, हमारी मातृशक्ति और हमारी युवा पीढ़ी अपने मूल्यों से जुड़ी रहेगी, तब तक भारत का भविष्य सदैव उज्ज्वल रहेगा। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि धर्म को सेवा, करुणा, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के माध्यम से अपने जीवन का व्यवहारिक स्वरूप बनाएं।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भारत का सनातन दर्शन ही वह प्रकाश है जो सम्पूर्ण मानवता को शांति, करुणा, सह-अस्तित्व और वैश्विक परिवार की भावना का मार्ग दिखा सकता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे आधुनिकता को अपनाते हुए भी अपनी आध्यात्मिक जड़ों से जुड़े रहें, क्योंकि यही भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।

ज्ञान, दान और ध्यान महोत्सव में पूज्य संतों की वाणी, सेवा का संकल्प और समाज का सहयोग के एक साथ दर्शन हुये। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का ऐसा अध्याय बनेगा, जहाँ भक्ति के साथ सेवा, संस्कार के साथ शिक्षा और अध्यात्म के साथ राष्ट्र निर्माण का विराट संदेश सम्पूर्ण समाज तक पहुँचेगा।

सनातन धर्म की पताका को विश्वभर में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को सुदृढ़ करने तथा भारतीय संस्कृति के गौरव को जन-जन तक पहुँचाने में आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी का योगदान निरंतर प्रेरणास्पद है और सेवा, साधना और संस्कार की अखण्ड ज्योति को प्रज्ज्वलित कर रहा है, जो सम्पूर्ण मानवता को प्रेम, शांति, करुणा और आत्मोन्नति की दिशा में अग्रसर होने का संदेश देती है।

इस भव्य आयोजन में देशभर से पधारे संत-महात्मा, विद्वान, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, विभिन्न क्षेत्रों की अनेक विशिष्ट विभूतियाँ तथा हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने इसे भारत की आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक अस्मिता और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत उत्सव बताया।

गुरुवार, 2 जुलाई 2026

संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष पद पर पूर्व सांसद के सी त्यागी को बनाए जाने पर रालोद कार्यकर्ताओं में ख़ुशी की लहर-- अजय वीर सिंह

 






                              मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह ने रालोद के संसदीय बोर्ड का गठन किया है उसमें पूर्व सांसद के सी त्यागी को अध्यक्ष बनाया है । संसदीय बोर्ड में रालोद के पुराने व निष्ठावान नेताओं को शामिल किया गया है । 

रालोद के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय वीर सिंह एडवोकेट ने कहा कि रालोद के संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष के सी त्यागी जी को बना कर राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने ग़ाज़ियाबाद का सम्मान बढ़ाया है । इससे रालोद के कार्यकर्ताओं में जोश व उत्साह का माहौल है । के सी त्यागी जी को लम्बा राजनीतिक अनुभव है और निश्चित रूप से उनके अनुभव से पार्टी को मजबूती मिलेगी । के सी त्यागी जी ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व चौधरी चरण सिंह जी के साथ अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया था और अब संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बन कर उनके सपनों को पूरा करने का कार्य किया जाएगा ।

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती के पावन सान्निध्य में हुआ निःशुल्क रोगी बस सेवा का शुभारम्भ

 




                               संवाददाता

     ऋषिकेश से देहरादून तक स्वास्थ्य सेवा की नई जीवनरेखा बनेगी फ्री पेशेंट बस सेवा*

*💐महंत रघुवीर गिरि महाराज, वीरभद्र महादेव मंदिर, ऋषिकेश, महापौर, नगर निगम, ऋषिकेश, शम्भू पासवान , जिला महामंत्री, भारतीय जनता पार्टी, ऋषिकेश, महामंत्री, नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, ऋषिकेश प्रतीक कालिया 

*🌺करुणा, सेवा और मानवता के संकल्प को मिलेगा नया आयाम*

*🌼माधव सेवा मानव सेवा*

*🙏🏻स्वामी चिदानन्द सरस्वती*

ऋषिकेश, 2 जुलाई। परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में निःशुल्क रोगी बस सेवा का शुभारम्भ हुआ। पूज्य स्वामी जी ने हरी झंड़ी दिखाकर ऋषिकेश से देहरादून तक फ्री पेशेंट बस सेवा का आज उद्घाटन किया।

ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड हॉस्पिटल, देहरादून द्वारा निःशुल्क रोगी बस सेवा का शुभारम्भ किया गया। इस ऐतिहासिक जनकल्याणकारी पहल का आज शुभारम्भ हुआ। वीरभद्र महादेव मंदिर, बैराज ऋषिकेश से चिकित्सा जगत, सामाजिक संगठनों, पूज्य संत, स्वयंसेवकों तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थित में हुआ।

वर्तमान समय में उत्तराखंड़ में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, परन्तु अनेक गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए अस्पताल तक पहुँचना भी एक बड़ी चुनौती है। अनेक मरीजों को लंबी प्रतीक्षा और परिवहन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में यह निःशुल्क रोगी बस सेवा पीड़ित मानवता के प्रति संवेदनशील समाज की सामूहिक प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है।

यह सेवा ऋषिकेश से ग्राफिक एरा हॉस्पिटल, देहरादून तक उन मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं निःशुल्क परिवहन उपलब्ध कराएगी, जिन्हें गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं तक पहुँचने में कठिनाई होती है। इससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राहत मिलेगी और समय पर उपचार प्राप्त करने में सहायता होगी।

इस अवसर पर अपने संदेश में पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सेवा सबसे बड़ी साधना है। रोगी की सेवा केवल चिकित्सा नहीं, बल्कि ईश्वर की प्रत्यक्ष आराधना है। जब किसी पीड़ित के जीवन में आशा का दीप जलता है, तभी मानवता का वास्तविक उत्सव प्रारम्भ होता है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज आवश्यकता आधुनिक अस्पतालों के साथ साथ ऐसी संवेदनशील व्यवस्थाओं की भी है जो गरीब से गरीब व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करें। अनेक बार बीमारी से अधिक पीड़ा अस्पताल तक पहुँचने की असुविधा देती है। ऐसे में यह निःशुल्क रोगी बस सेवा उन परिवारों के लिए वरदान सिद्ध होगी, जो आर्थिक अभाव के कारण गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा से वंचित रह जाते हैं।

उन्होंने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा भारतीय जीवन दर्शन का शाश्वत संदेश है। सेवा का वास्तविक स्वरूप यही है, जिसमें किसी अपेक्षा का स्थान न हो। 

पूज्य स्वामी जी ने ग्राफिक एरा हॉस्पिटल और ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ कमल घनशाला जी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल अस्पताल की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि वह प्रत्येक गाँव, प्रत्येक परिवार और प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम संस्थानों का दायित्व केवल उत्कृष्ट सुविधाएँ उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन सुविधाओं को समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति तक पहुँचाना भी है। यही राष्ट्रधर्म, मानवधर्म और सनातन धर्म का वास्तविक स्वरूप है।

ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड हॉस्पिटल के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह सेवा पूर्णतः जनहित को समर्पित है तथा इसका उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर, सुरक्षित एवं निःशुल्क परिवहन उपलब्ध कराना है। भविष्य में इस सेवा का विस्तार उत्तराखण्ड के अन्य क्षेत्रों तक करने की भी योजना है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि जब पूज्य संतों का आशीर्वाद और समाज का सहयोग एक साथ जुड़ता है, तब कई लोगों के जीवन में नई आशा, नया विश्वास और नया भविष्य जन्म लेता है। इस उत्कृष्ट पहल के लिये ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड हॉस्पिटल का अभिनन्दन।

रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद विकास ने बालिका शिक्षा को समर्पित लगभग ₹18 लाख की सेवा परियोजनाओं का किया शुभारंभ









मुकेश गुप्ता

गाज़ियाबाद, 1 जुलाई । रोटरी वर्ष 2026-27 के प्रथम दिवस पर रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद विकास द्वारा कन्या वैदिक विद्यालय इंटर कॉलेज, गाज़ियाबाद में बालिका शिक्षा एवं स्वच्छता को समर्पित सेवा परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की छात्राओं द्वारा राष्ट्रगान एवं स्वागत गीत से हुआ। इसके उपरांत छात्राओं ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। विद्यालय की अध्यापिका श्रीमती चेतना शर्मा ने विद्यालय के गौरवशाली इतिहास को गीतात्मक प्रस्तुति के माध्यम से अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

डॉक्टर्स डे के अवसर पर वरदान अस्पताल के डा० हिमांशु भारद्वाज, डा० राजीव अग्रवाल एवं डा० अदिति अग्रवाल को उनके उत्कृष्ट चिकित्सकीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वहीं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स डे के अवसर पर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए सुनील गोयल एवं रो.सीए के. के. कोहली , सीए निखिल गर्ग, सीए आरोही गर्ग, सीए विनम्र चौधरी और सीए भागचंद का भी सम्मान किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रो० अमित गुप्ता एवं रो० स्वाति गुप्ता ने क्लब द्वारा लगभग ₹18 लाख की लागत से विद्यालय में निर्मित किए जाने वाले 32 शौचालयों तथा विद्यार्थियों के लिए इंडस्ट्रियल आर.ओ. आधारित शुद्ध पेयजल परियोजना का शिलान्यास किया। उन्होंने विद्यालय परिसर में फलदार पौधों का वृक्षारोपण भी किया।

अपने संबोधन में डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रो० अमित गुप्ता ने रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद विकास की सराहना करते हुए कहा कि बालिका शिक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ी यह परियोजना रोटरी की सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है तथा समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है।

इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी रो० स्वाति जैन, DDA रो० मनोज अग्रवाल एवं असिस्टेंट गवर्नर रो० अनुराग अग्रवाल का क्लब अध्यक्ष रो. कैलाश मंगला एवं श्रीमती कल्पना मंगला / रो.नरेश जिंदल एवं श्रीमती रितु जिंदल द्वारा स्वागत किया गया।

विद्यालय के प्रबंधक शरद गर्ग ने रोटरी क्लब द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती महिमा कटियार ने उत्तर प्रदेश भारत स्काउट एंड गाइड की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली कन्या वैदिक विद्यालय इंटर कॉलेज की 11 छात्राओं का सम्मान कराया। कार्यक्रम का संचालन रो० पवन गुप्ता ने किया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रो० अनिल गर्ग, श्रीमती कमलेश गर्ग, रो० राम अवतार जिंदल, रो. पवन गुप्ता, रो० राजेश अग्रवाल, श्रीमती उर्मिल अग्रवाल, रो० योगेश गर्ग, श्रीमती रेखा गर्ग, रो० संजय अग्रवाल,रो.अंजू अग्रवाल, रो० संजय गर्ग, श्रीमती मनीषा गर्ग, रो० के.के कोहली, रो. विजय जिंदल, रो.चम्पा जिंदल, रो.विजय अग्रवाल, श्रीमती वीना अग्रवाल, रो० कुलदीप रोहतगी, श्रीमती दीपिका रोहतगी, रो.नीरज गुप्ता, रो. कैलाश गोयल, रो. विनीत महेश्वरी, रो० सतीश अग्रवाल, रो० जितेंद्र जैन, श्रीमती मधु जैन, रो० आनंद प्रकाश गोयल, श्रीमती दया गोयल,डा० राजीव अग्रवाल,श्रीमती रेनू अग्रवाल,रो.अतुल गुप्ता, श्रीमती बबीता गुप्ता,रो.पुनीत गर्ग, श्रीमती बबीता गर्ग, रो.विनीत सिंह, रो.राहुल चौहान, मोनिका गर्ग,रो० अजय गुप्ता सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।


सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग-एमएसएमई देश के ‘‘राष्ट्र निर्माता’’ हैं, समस्याओं का होगा समयबद्ध समाधानः जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़



मुकेश गुप्ता

अंतर्राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग दिवस पर आईआईए गाजियाबाद चैप्टर और जिला प्रशासन के बीच फॉर्च्यून इन ग्राज़िया में भव्य संवाद बैठक संपन्न।

 मोदीनगर-निवाड़ी में जल्द शुरू होगा नया औद्योगिक क्षेत्र; प्रदेश सरकार की मंशानुसार द्रुतगामी मार्ग (एक्सप्रेस-वे) के किनारे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी।

 आईआईए के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष ने नए औद्योगिक क्षेत्र में ‘‘फ्री-होल्ड’’ (स्वामित्व अधिकार) भूमि नियम लागू करने की रखी मांग।

 जिलाधिकारी ने 5 वर्ष से अधिक लंबित बैंक गारंटी की मुक्ति और लोनी में राज्य कर्मचारी बीमा निगम (ईएसआईसी) औषधालय खोलने जैसे अहम मुद्दों पर दिए त्वरित निर्देश।



गाजियाबाद, 2 जुलाई 2026। आज अंतर्राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग दिवस के उपलक्ष्य में फॉर्च्यून इन ग्राज़िया के प्रांगण में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) गाजियाबाद चैप्टर द्वारा एक महत्वपूर्ण संवाद बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य अतिथि जिलाधिकारी महोदय श्री रविन्द्र कुमार मांदड़ (आईएएस) ने की। मंच का कुशल संचालन श्री हर्ष अग्रवाल द्वारा किया गया, जिसके बाद अधिकारियों और उद्यमियों के बीच औपचारिक परिचय सत्र संपन्न हुआ। 


द्रुतगामी मार्ग के किनारे बन रहे नए औद्योगिक क्षेत्र-जिलाधिकारी

बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार की दूरगामी औद्योगिक नीतियों की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी  महोदय ने बताया कि प्रदेश सरकार की मंशानुसार जिले के विभिन्न द्रुतगामी मार्गों (एक्सप्रेस-वे) के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने हेतु भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, ताकि द्रुतगामी मार्ग के बिल्कुल नजदीक आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र बनाए जा सकें। इसी कड़ी में उन्होंने जानकारी देते हुए कहा, ‘‘मोदीनगर-निवाड़ी क्षेत्र में हम बहुत जल्द एक नया औद्योगिक क्षेत्र प्रारंभ करने जा रहे हैं। 

जिलाधिकारी की इस बात का स्वागत करते हुए आईआईए के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नीरज सिंघल ने प्रशासन के समक्ष एक महत्वपूर्ण नीतिगत सुझाव रखा। उन्होंने अनुरोध किया कि इस नए औद्योगिक क्षेत्र में उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए ‘‘फ्री-होल्ड’’ (स्वामित्व अधिकार) भूमि आवंटन का नियम भी शामिल होना चाहिए, जिससे उद्यमियों को मालिकाना हक मिल सके और निवेश में आसानी हो।

एमएसएमई उद्योग देश के असली राष्ट्र निर्माता, समस्याओं पर ऐतिहासिक निर्णय

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग देश के असली राष्ट्र निर्माता हैं।’’ उन्होंने गाजियाबाद के औद्योगिक निवेश को सुरक्षित रखने के लिए कई बड़े निर्णय लिएः-

नीति एवं सहायता राशि रोस्टरः औद्योगिक नीति और विभिन्न सरकारी सहायता राशि (सब्सिडी) की छूट की जानकारी जमीनी स्तर तक पहुँचाने के लिए एक क्षेत्रवार रोस्टर बनाया जाएगा, जिसे उपायुक्त उद्योग के माध्यम से प्रसारित किया जाएगा।

लंबित बैंक गारंटीः 5 वर्ष या उससे अधिक समय से लंबित बैंक गारंटियों की मुक्ति के लिए जिलाधिकारी अपने स्तर से संबंधित विभागों को आधिकारिक पत्र भेजेंगे।

चिकित्सा स्वास्थ्य सुविधाएंः राज्य कर्मचारी बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ लोनी क्षेत्र में नया राज्य कर्मचारी बीमा निगम औषधालय (डिस्पेंसरी) खोले जाने का आश्वासन दिया।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) नोटिस पर राहतः 

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा निजी औद्योगिक क्षेत्रों की दशकों पुरानी इकाइयों को भेजे जा रहे नोटिसों के संबंध में आवश्यक और तर्कसंगत निर्णय लिए जाएंगे।

सीधा संपर्कः जिलाधिकारी ने उद्यमियों को भरोसा दिया कि किसी भी गंभीर समस्या के समाधान के लिए वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं, जिला स्तरीय उद्योग बन्धु बैठक की प्रतीक्षा की आवश्यकता नहीं है। वे 24 घण्टे समस्याओं के समाधान तथा सुझावों के कार्यान्वयन हेतु हमेशा तत्पर हैं। 

बैठक में श्रम विभाग के नए श्रम नियमों (लेबर कोड) और कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा हुई। इस दौरान मंच पर आईआईए के नवनिर्वाचित केंद्रीय कार्यकारिणी समिति सदस्य  राकेश अनेजा भी गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे। प्रशासनिक पक्ष से उपायुक्त उद्योग आशुतोष सिंह, उपश्रम आयुक्त डॉ. दिव्य प्रताप सिंह और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह मौजूद रहे।

आईआईए ने उठाए उद्योग जगत के संवेदनशील मुद्देः-

आईआईए गाजियाबाद चैप्टर के (कार्यपालक चेयरमैन) श्री संजय अग्रवाल ने जिलाधिकारी के समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत कर स्थानीय उद्योगों के सुचारू संचालन के लिए अघोषित विद्युत कटौती, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण इंद्रप्रस्थ योजना भूखंड प्रकरण, विकास शुल्क और गुलधर रैपिड मेट्रो स्टेशन से आईटीसी तक फैले अतिक्रमण को हटाने की मांग रखी।

इसी क्रम में निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष आईआईए डॉ. नीरज सिंघल ने वायु प्रदूषण से निपटने और सटीक निगरानी के लिए अत्याधुनिक बॉश प्रदूषण सूचकांक प्रणाली (बॉश पॉल्यूशन इंडेक्स सिस्टम) स्थापित करने हेतु प्रशासन से सहयोग मांगा। साथ ही जिला उद्योग केंद्र की खाली भूमि पर एक भव्य ‘‘प्रदर्शनी केंद्र’’ (एक्सपो सेंटर) बनाने का अनुरोध किया, जिसके लिए जिलाधिकारी ने पूर्ण रूप से आश्वस्त किया। आईआईए जल्द ही इसका विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करेगा।

सैकड़ों उद्यमियों की मौजूदगी में सफल आयोजनः इस ऐतिहासिक संवाद बैठक में गाजियाबाद के सैकड़ों प्रतिष्ठित उद्यमियों ने भाग लेकर कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाया। बैठक के अंत में सभी आगंतुकों और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति संजय गर्ग द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न पदाधिकारी जेपी कौशिक, एसके शर्मा, मनोज कुमार, प्रदीप गुप्ता, साकेत अग्रवाल, अमित नागलिया,  यश जुनेजा,  अमित बंसल,  रमन मिगलानी, दिनेश गर्ग, संदीप गुप्ता, अजय पटेल, कुलदीप गुप्ता, पुनीत माहेश्वरी, सुभाष गुप्ता, अमरिक सिंह, मनीष मदान, बसंत अग्रवाल, विनीत माहेश्वरी, ओपी धमीजा मोजूद रहे।



राजेश कुमार के नेतृत्व में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर लगाई छबील




                                मुकेश गुप्ता

दिल्ली । लक्ष्मी नगर वेस्ट गुरु अंगद नगर में राजश कुमार राजू जी के नेतृत्व में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी निर्जला एकादशी पर्व पर मीठे दूध की छबील का आयोजन किया गया । राजेश कुमार जी ने बताया कि अबकी बार 500 लीटर दूध वह 125 शरबत की बोतल और फिर दूध का वितरण किया गया।इस अवसर पर  क्षेत्र के भाजपा विधायक अभय वर्मा जो सरकार में मुख्य सचेतक भी हैं उपस्थित हुए। छविकला  रूचि अग्रवाल, कीमती लाल, मनोज गुप्ता,अनिल, हर्ष बत्रा, गजल कपूर,  धर्मेंद्र गुप्ता, प्रंशात वर्मा,नितिन सारीं, मीना, कुसुम गोला आदि क्षेत्र के सैकड़ों लोग तथा सभी सम्मानित लोगों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। और सनातन धर्म की पताका को फहराया।

बुधवार, 1 जुलाई 2026

परमार्थ निकेतन से प्रकृति संरक्षण और राष्ट्रधर्म का अमर उद्घोष,पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण का महायज्ञ-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

 


                              संवाददाता

*💥मानसून की पहली वर्षा के पावन अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं ऋषिकुमारों ने किया पौधारोपण*

*🩺राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर सभी चिकित्सकों को परमार्थ निकेतन से हार्दिक शुभकामनाएँ

ऋषिकेश, 1 जुलाई।  मानसून की प्रथम वर्षा के समय आज परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने ऋषिकुमारों के साथ पौधारोपण कर भारत के हरित भविष्य, प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व और राष्ट्रधर्म के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का बीजारोपण किया।

भारत की आत्मा उसकी संस्कृति, नदियों, वनों और हरित धरती में बसती है। यदि इनके संरक्षण से हमारा पर्यावरण सुरक्षित होगा, हमारी सभ्यता, हमारी संस्कृति और हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान भी अक्षुण्ण रहेगा।

इस अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण आज केवल पर्यावरणीय विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रधर्म का सर्वाेच्च स्वरूप है। जो समाज अपने जल, जंगल, जमीन और जैव विविधता की रक्षा नहीं कर सकता, वह अपनी सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय अस्मिता को भी लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रख सकता।

उन्होंने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति ने सदैव प्रकृति को देवत्व प्रदान किया है। हमारे यहाँ नदियाँ जीवनदायिनी हैं, पर्वत देव तुल्य हैं, वृक्ष पूजनीय हैं और पृथ्वी स्वयं माता है। भारतीय जीवनदृष्टि उपभोग, यूज एंड थ्रो नहीं, बल्कि सहअस्तित्व, संरक्षण और संवर्धन का संदेश देती है। आधुनिक विकास तभी सार्थक है जब वह प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर आगे बढ़े।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज आवश्यकता केवल पौधे लगाने की नहीं, बल्कि पौधों के साथ अपना रिश्ता पुनः स्थापित करने की है। जब तक प्रत्येक नागरिक पौधों को परिवार के सदस्य की तरह अपनाकर उसका पालन-पोषण नहीं करेगा, तब तक हरियाली का स्वप्न अधूरा रहेगा। पौधारोपण जीवनभर निभाया जाने वाला संकल्प है।

उन्होंने कहा कि जंगल केवल लकड़ी का स्रोत नहीं, बल्कि शुद्ध वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता और जलवायु संतुलन के आधार हैं। नदियाँ केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, कृषि, संस्कृति और जीवन की धड़कन हैं। भूमि केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि हमारे पूर्वजों का तप, त्याग और आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर है। यदि हम इनका सम्मान नहीं करेंगे तो विकास का कोई भी मॉडल स्थायी नहीं रह सकता।

पूज्य स्वामी जी ने विशेष रूप से युवाओं और बच्चों का आह्वान करते हुए कहा कि भारत का भविष्य केवल तकनीक और अर्थव्यवस्था से नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ हमारे संबंध से तय होगा। यदि नई पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली बना लेती है तो भारत विश्व को पुनः संतुलित, टिकाऊ और आध्यात्मिक विकास का मार्ग दिखा सकता है। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक परिवार, प्रत्येक विद्यालय, प्रत्येक आश्रम और प्रत्येक संस्था को हर वर्ष पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण का संकल्प भी लेना होगा।

उन्होंने कहा कि मानसून प्रकृति का उत्सव है। यह हमें याद दिलाता है कि जीवन का प्रत्येक नया आरंभ धरती के प्रति कृतज्ञता से होना चाहिए। वर्षा की प्रत्येक बूंद हमें यह संदेश देती है कि यदि हम प्रकृति का सम्मान करेंगे तो प्रकृति हमें अन्न, जल, स्वास्थ्य और समृद्धि के रूप में अनेक गुना लौटाएगी।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि अपने जीवन में कम से कम एक से पांच पौधों को पूर्ण समर्पण के साथ विकसित करे, जल का संरक्षण करे, नदियों को प्रदूषण से मुक्त रखने का प्रयास करे और प्रकृति के प्रति संवेदनशील जीवनशैली अपनाए। यही सच्चा राष्ट्रप्रेम है, यही सनातन संस्कृति का संदेश है और यही आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी है।

मानसून की पहली वर्षा में परमार्थ निकेतन से हरित चेतना का आह्वान करते हुये पर्यावरण संरक्षण को राष्ट्र निर्माण के महायज्ञ से जोड़ने हेतु स्वामी जी ने युवाओं को प्रेरित किया।

राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर सभी चिकित्सकों को परमार्थ निकेतन से हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुये कहा कि मानव सेवा ही माधव सेवा है, ईश्वर सेवा है और इस पावन साधना के सच्चे अग्रदूत हमारे चिकित्सक हैं। 

चिकित्सकों का समर्पण, करुणा और सेवा-भाव अनगिनत जीवन में आशा, विश्वास और नवजीवन का संचार करते हैं। चिकित्सक केवल रोगों का उपचार नहीं करते, बल्कि मानवता की रक्षा और जीवन की गरिमा को भी संबल प्रदान करते हैं. उन सभी चिकित्सकों का जीवन सदैव मानव कल्याण का प्रेरक और पथप्रदर्शक बना रहे. आज की परमार्थ गंगा आरती सभी चिकित्सकों के स्वस्थ व दीर्घायुस्य हेतु समर्पित की गयी।

एक पेड़ मां के नाम मुहिम को आगे बढ़ा रहा है निगम, महापौर, नगर आयुक्त, पार्षदों तथा अधिकारियों ने किया विजयनगर में रक्षा विभाग की जमीन पर पौधारोपण

 









मुकेश गुप्ता

वन महोत्सव का शुभारंभ, 1 जुलाई से 7 जुलाई तक सभी वार्डों में होगा पौधारोपण

*विजयनगर में विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी हो रहा है बड़े स्तर पर काम---महापौर*

*मियावकी पद्धति से 388961 पौधों को सफलता पूर्वक बनाया गया वृक्ष--नगर आयुक्त

गाजियाबाद । नगर निगम ने 1 जुलाई से वन महोत्सव की शुरुआत की गई है जिसके क्रम में महापौर सुनीता दयाल, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक द्वारा विजयनगर आर्मी लैंड में पौधारोपण किया गया मौके पर विजयनगर क्षेत्र के पार्षद तथा निगम के अधिकारी गण उपस्थित रहे, लगभग 9 एकड़ भूमि पर एक लाख से अधिक पौधे लगाने की शुरुआत की गई है, महापौर तथा नगर आयुक्त द्वारा उपस्थित पार्षदों तथा अधिकारियों को भी पेड़ लगाने के लिए कहा गया, सभी ने पेड़ लगाए पौधारोपण कि श्रृंखला को बढ़ाते हुए शहर के अनेकों क्षेत्र में वार्डों के अंतर्गत पौधारोपण किया गया।


गाजियाबाद नगर निगम 1 जुलाई से 7 जुलाई तक वन महोत्सव मना रहा है जिसमें शहर के 100 वार्डों में पौधारोपण किया जाएगा शासन द्वारा दिया गया लक्ष्य 1 लाख 8000 को पूरा किया जाएगा, महापौर तथा नगर आयुक्त द्वारा विजयनगर से पौधारोपण की शुरुआत की गई शहर वासियों को भी अधिक से अधिक पौधारोपण करने के लिए जागरूक किया गया ।

महापौर ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम द्वारा विजयनगर क्षेत्र में विशेष रूप से विकास कार्य कराए जा रहे हैं इसके अलावा पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए भी बड़े स्तर पर कार्य चल रहे हैं जिसमें आर्मी लैंड लगभग 48 एकड़ भूमि पर 6 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे इसी श्रृंखला में आज पौधारोपण की शुरुआत की गई है 9 एकड़ भूमि पर एक लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे, विजयनगर के उपस्थित पार्षदों द्वारा विजयनगर के वार्डों में हो रहे विकास कार्य और वृहद प्लांटेशन के लिए महापौर तथा नगर आयुक्त का धन्यवाद किया गया ।

नगर आयुक्त द्वारा बताया गया कि गाजियाबाद नगर निगम द्वारा अब तक लगभग 17 स्थान पर गंदगी हटाकर प्लांटेशन का कार्य किया गया है मियावकी पद्धति से 388961 पौधों को सफलतापूर्वक वृक्ष बनाया है जिसके क्रम में हर्ष इंडस्ट्रियल एरिया मोहन नगर, पाइप मार्केट साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया, राजेंद्र नगर इंडस्ट्रियल एरिया मोहन नगर, साउथ साइड इंडस्ट्रियल एरिया विजयनगर, सिद्धार्थ विहार विजय नगर, रक्षा राइफल आर्मी ग्राउंड विजय नगर, रईसपुर कवि नगर, लोहा मंडी पुलिस स्टेशन कवि नगर, बुलंदशहर इंडस्ट्रियल एरिया कवि नगर, महर्षि दयानंद पार्क, इंदिरापुरम कनवानी ब्रिज एरिया, साइन उपवन में गंदगी हटाकर पौधे लगाए गए जो कि जनहित में पर्यावरण सुधार का कार्य कर रहे हैं। एक पेड़ मां के नाम मुहिम के अंतर्गत वन महोत्सव के क्रम में पौधारोपण सभी वार्डों में प्रारंभ हुआ है जिसमें विजयनगर में बृहद प्लांटेशन किया जाएगा, पौधों को वृक्ष बनाकर निगम शहर की वायु गुणवत्ता सुधार का प्रयास कर रहा है, नगर आयुक्त द्वारा सघन प्लांटेशन के लिए योजना के क्रम में रफ्तार से कार्य करने के निर्देश प्रभारी उद्यान डॉक्टर अनुज को दिए गए, मौके पर वरिष्ठ प्रभारी उद्यान नरेंद्र कुमार चौधरी भी उपस्थित रहे ।

प्रभारी उद्यान डॉक्टर अनुज ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम द्वारा शासन के लक्ष्य की पूर्ति के क्रम में प्लांटेशन किया जाएगा। जिसकी शुरुआत आज की गई है, इसके अलावा भी आर्मी लैंड तथा निगम की रिक्त भूमि, सेंट्रल  वर्ज, पार्को में प्लांटेशन किया जाएगा, वन महोत्सव एक सप्ताह चलेगा जिसमें शहर को वृहद प्लांटेशन के लिए भी जागरूक किया जाएगा, फलदार छायादार पौधे लगाए जाएंगे, मौके पर महापौर तथा नगर आयुक्त द्वारा मालियों को भी सम्मानित किया गया ।

प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रताप विहार योजना के 477 ईडब्ल्यूएस भवनों का लॉटरी ड्रॉ सम्पन्न, चयनित लाभार्थियों में दिखी अपार खुशी



 






                              मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा आज 1 जुलाई, 2026 को हिन्दी भवन, लोहिया नगर, गाजियाबाद में प्रातः 11:00 बजे प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत योजना संख्या 923-41 डी, प्रताप विहार, गाजियाबाद के 477 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) भवनों के आवंटन हेतु लॉटरी ड्रॉ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त उक्त योजना के 47 प्रतीक्षा सूची (वेटिंग) भवनों हेतु भी लॉटरी ड्रॉ सम्पन्न कराया गया।

लॉटरी ड्रॉ की प्रक्रिया अपर जिलाधिकारी (नगर), गाजियाबाद, अपर सचिव, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, वित्त नियंत्रक, विशेष कार्याधिकारी तथा परियोजना अधिकारी, डूडा, गाजियाबाद की उपस्थिति में बड़ी संख्या में उपस्थित आवेदकों के समक्ष पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप सम्पन्न कराई गई। प्राधिकरण द्वारा यह सुनिश्चित किया गया कि सम्पूर्ण प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ सम्पन्न हो, जिससे सभी पात्र आवेदकों को समान अवसर प्राप्त हो सके।

लॉटरी ड्रॉ के अवसर पर बड़ी संख्या में आवेदक एवं उनके परिजन उपस्थित रहे, जिससे सभागार पूरी तरह उत्साह एवं उम्मीदों से भरा रहा। जैसे-जैसे लॉटरी प्रक्रिया आगे बढ़ती गई और चयनित लाभार्थियों के नाम घोषित होते गए, सभागार में खुशी का माहौल देखने को मिला। जिन आवेदकों के नाम आवंटन सूची में आए, वे खुशी से झूम उठे तथा अनेक लाभार्थियों ने इसे अपने जीवन का सबसे यादगार क्षण बताया। लाभार्थियों ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने वर्षों से अपने घर का सपना संजोए आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सपने को साकार करने का कार्य किया है।

उपस्थित लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रशंसा की। साथ ही गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा सम्पूर्ण आवंटन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराए जाने की भी सराहना करते हुए प्राधिकरण के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के पात्र परिवारों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं किफायती आवास उपलब्ध कराने हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है। प्राधिकरण भविष्य में भी भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करता रहेगा।

मंगलवार, 30 जून 2026

श्री ठाकूर द्वारा बालिका विद्यालय में ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सुंदरकांड के पाठ का हुआ आयोजन

 






मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । श्री ठाकूर द्वारा बालिका विद्यालय में ग्रीष्मकालीन अवकाश के उपरांत  श्रद्धा एवं भक्ति के वातावरण में सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष दिनेश कुमार गोयल, उपाध्यक्ष दिनेश कुमार गोयल (सोप वाले), प्रबंधक ज्ञानप्रकाश गोयल, उप-प्रबंधक अनिल कुमार  मोहित गुप्ता सहित प्रबंधन समिति के अन्य पदाधिकारी एवं समस्त अध्यापिकाएँ उपस्थित रहीं।

सुंदरकांड पाठ के पश्चात प्रधानाचार्या श्रीमती पूनम शर्मा ने भगवान हनुमान के आदर्श चरित्र, उनकी अटूट भक्ति, साहस एवं सेवा-भाव पर प्रकाश डालते हुए सभी को इन गुणों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। विद्यालय के अध्यक्ष श्री दिनेश कुमार गोयल जी ने भगवान हनुमान जी से सभी के सुख, समृद्धि एवं कल्याण हेतु प्रार्थना की।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय परिसर में आध्यात्मिक वातावरण का सुंदर संचार हुआ, जिससे उपस्थित सभी जन भाव-विभोर हो गए। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया।

सिख पंथ के छठे गुरु, ‘मीरी-पीरी’ के प्रवर्तक एवं महान ‘सैन्य-संत’ गुरु श्री हरगोबिंद साहिब जी महाराज के प्रकाश पर्व पर परमार्थ निकेतन से अनंत शुभकामनाएँ

 


*💥आज की परमार्थ गंगा आरती गुरु श्री हरगोबिंद साहिब जी महाराज को की समर्पित*

*💐आध्यात्मिक शक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व साथ-साथ चलें तो समाज में विलक्षण परिवर्तन सम्भव*

*स्वामी चिदानन्द सरस्वती*

ऋषिकेश, 30 जून। सिख पंथ के छठे गुरु, ‘मीरी-पीरी’ के दिव्य सिद्धांत के प्रवर्तक, धर्मरक्षक एवं महान ‘सैन्य-संत’ गुरु श्री हरगोबिंद साहिब जी महाराज के पावन प्रकाश पर्व के अवसर पर परमार्थ निकेतन परिवार से हार्दिक शुभकामनाएँ।

इस पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि गुरु श्री हरगोबिंद साहिब जी महाराज का जीवन धर्म, अध्यात्म, साहस, करुणा, आत्मसम्मान और राष्ट्रसेवा का अद्भुत संगम है। उन्होंने यह संदेश दिया कि जब धर्म, सत्य और मानवता पर संकट आए, तब केवल आध्यात्मिक चेतना ही नहीं, साहस एवं संकल्प भी उतना ही आवश्यक है। उनका जीवन प्रेरणा देता है कि आध्यात्मिक शक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व साथ-साथ चलें तो समाज में विलक्षण परिवर्तन सम्भव है।

गुरु श्री हरगोबिंद साहिब जी ने ‘मीरी-पीरी’ की महान परंपरा स्थापित कर यह स्पष्ट किया कि आध्यात्मिक सत्ता (पीरी) और लौकिक उत्तरदायित्व (मीरी) परस्पर विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने दो तलवारें धारण कर यह संदेश दिया कि जीवन में शास्त्र का ज्ञान और शस्त्र का साहस, दोनों का संतुलन आवश्यक है। शास्त्र हमें सत्य, करुणा, विवेक और आत्मज्ञान का मार्ग दिखाते हैं, जबकि शस्त्र धर्म, न्याय और निर्दाेषों की रक्षा का संकल्प प्रदान करते हैं। यह संतुलित दृष्टिकोण आज के समय में भी उतना ही प्रासंगिक है जितना उस युग में था।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि गुरु साहिब का संपूर्ण जीवन हमें अन्याय, अत्याचार और भय के विरुद्ध निर्भीक होकर खड़े होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने समाज में आत्मबल, संगठन, अनुशासन और सेवा की भावना को जागृत किया। उनके आदर्श यह संदेश देते है कि वास्तविक शक्ति आत्मबल, सत्यनिष्ठा, नैतिकता और ईश्वर में अटूट विश्वास में निहित होती है।

आज जब विश्व अनेक प्रकार की चुनौतियों, हिंसा, असहिष्णुता, सामाजिक विभाजन, नैतिक मूल्यों के क्षरण तथा पर्यावरणीय संकट का सामना कर रहा है, तब गुरु श्री हरगोबिंद साहिब जी की शिक्षाएँ और अधिक प्रासंगिक हो जाती हैं। उनका जीवन हमें यह संदेश देता है कि धर्म का वास्तविक स्वरूप मानवता की रक्षा, सभी के सम्मान, न्याय की स्थापना और प्रेमपूर्ण सहअस्तित्व में निहित है। यदि समाज गुरु साहिब के आदर्शों को आत्मसात करे तो एक अधिक न्यायपूर्ण, शांतिपूर्ण और समरस विश्व की स्थापना संभव है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भारत की महान आध्यात्मिक परंपरा सदैव विविधता में एकता, परस्पर सम्मान और सभी धर्मों के प्रति आदर की भावना को पोषित करती रही है। गुरु श्री हरगोबिंद साहिब जी का जीवन इस सनातन भारतीय चेतना का उज्ज्वल उदाहरण है, जहाँ आध्यात्मिकता केवल व्यक्तिगत साधना तक सीमित नहीं रहती, बल्कि समाज, राष्ट्र और संपूर्ण मानवता के कल्याण का माध्यम बनती है। उनकी शिक्षाएँ हमें यह स्मरण कराती हैं कि धर्म का सर्वाेच्च स्वरूप सेवा, करुणा, न्याय और लोकमंगल है।

पूज्य स्वामी जी ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे हमारे पूज्य संतों व महापुरूषों के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने चरित्र का निर्माण करें, सत्य एवं नैतिक मूल्यों को जीवन का आधार बनाएँ, राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें तथा सेवा, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर अग्रसर रहें। स्वयं अनुशासित हो, समाज के लिए समर्पित हो और प्रत्येक परिस्थिति में सत्य एवं न्याय का साथ दे।

प्रकाश पर्व के इस पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन से सभी श्रद्धालुओं अनंत शुभकामनायें।

सोमवार, 29 जून 2026

विजयनगर की 48 एकड़ आर्मी लैंड पर 1 जुलाई से प्रारंभ होगा वृहद वृक्षारोपण नगर निगम की तैयारी जोरों पर,आर्मी लैंड से गंदगी हटी, लहराएंगे लाखों वृक्ष, बढ़ेगी ग्रीनरी-नगर आयुक्त

 




मुकेश गुप्ता

*नगर निगम विजयनगर में ग्रीन लंग्स आफ गाजियाबाद की कर रहा है तैयारी, नगर आयुक्त द्वारा किया गया स्थलीय निरीक्षण*

*सिटी फॉरेस्ट तथा साईं उपवन जैसा विजयनगर में भी तैयार होगा 7 लाख पौधों से जंगल, एयर क्वालिटी में होगा सुधार --नगर आयुक्त*

गाजियाबाद । नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश अनुसार उद्यान विभाग द्वारा वृहद प्लांटेशन की तैयारी की जा रही है विजयनगर स्थित आर्मी लैंड पर मियावकी पद्धति से प्लांटेशन का कार्य चल रहा है नगर आयुक्त द्वारा टीम के साथ स्थलीय निरीक्षण किया गया, विजयनगर के लिए जहां गाजियाबाद नगर निगम विकास के कार्यों को रफ्तार दे रहा है, वहीं पर्यावरण तथा एयर क्वालिटी में सुधार हेतु भी कार्य कर रहा है लगभग 48 एकड़ भूमि पर लगभग 7 लाख पौधे मियावकी पद्धति से लगाए जाएंगे जिससे ऑक्सीजन की बढ़ोतरी होगी तथा कार्बन डाइऑक्साइड कम होगा, शहर को लाभ मिलेगा, फलदार छायादार तथा औषधी वाले पौधे लगाए जाएंगे जो की वृक्ष बनकर *ग्रीन लंग्स ऑफ गाजियाबाद* का कार्य करेंगे l 

नगर आयुक्त ने बताया कि 1 जुलाई से आर्मी लैंड पर पौधारोपण का कार्य प्रारंभ होगा जिसमें 9 एकड़ भूमि पर लगभग सवा लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे 37 एकड़ भूमि में लगभग 6 लाख पौधे लगाए जाएंगे ट्रैक्टरों व अन्य उपकरणों के माध्यम से गहरी जुताई का कार्य जारी है मौके पर पौधारोपण से पहले की तैयारी को देखा गया शीघ्र ही गड्ढा खोदने के कार्य को प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए, साईं उपवन तथा सिटी फॉरेस्ट की भांति विजयनगर में भी वृहद जंगल बनाया जाएगा जिससे क्षेत्र वासियों को भी लाभ मिलेगा शासन के निर्देश के क्रम में कार्यवाही तेजी से की जा रही है l 

गाजियाबाद नगर निगम वायु गुणवत्ता सुधार के लिए लगातार प्रयास रक्त है इसी क्रम में विजयनगर क्षेत्र में भी भारी संख्या में पौधारोपण का कार्य मियावकी पद्धति से किया जाएगा, वरिष्ठ प्रभारी उद्यान एनके चौधरी तथा प्रभारी उद्यान डॉक्टर अनुज की देखरेख में विजयनगर स्थित आर्मी लैंड पर पौधारोपण का कार्य प्रारंभ करने की तैयारी चल रही है, डॉ अनुज द्वारा बताया गया कि बड़े क्षेत्रफल को कई भागों में बांटते हुए प्लांटेशन का कार्य किया जाएगा,  फलदार एवं छायादार वृक्ष भी विशेष रूप से लगाए जाएंगे जिसमें बरगद, अर्जुन, पीपल, सागवान, कटहल, शीशम, पिलखान, नीम, गूलर, अंजीर, बेकन, जामुन, कदम, कचनार, आम, अनार, शहतूत, चीकू,पपीता, केला,इमली, नींबू, मेहंदी तुलसी एलोवेरा, जैसे पौधे भी लगाए जाएंगेl आर्मी लैंड से गंदगी हटाकर, ग्रीनरी बढ़ाने के लिए प्लांटेशन के कार्य पर विजयनगर निवासियों ने गाजियाबाद नगर निगम का धन्यवाद किया तथा प्रशंसा जाहिर की,निरीक्षण के दौरान मौके पर अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, उद्यान निरीक्षक अजय,अवर अभियंता उद्यान विभाग व अन्य टीम उपस्थित रही l

साहेब कबीर जयंती पर सिकंदर यादव के निवास पर 15वें विशाल भंडारे का भव्य आयोजन,"साहेब कबीर की वाणी मानवता, समानता और भाईचारे का संदेश देती है"-सिकंदर यादव

 





मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। साहेब कबीर जयंती के पावन अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी सिकंदर यादव के निवास पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 15वें विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, राजनीतिक प्रतिनिधियों, पत्रकारों तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर साहेब कबीर को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ साहेब कबीर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि के साथ हुआ। अपने संबोधन में वरिष्ठ समाजसेवी सिकंदर यादव ने कहा कि साहेब कबीर ने अपनी वाणी के माध्यम से मानवता, समानता, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में भी साहेब कबीर की शिक्षाएं समाज को भेदभाव, ऊंच-नीच और जातिवाद से मुक्त होकर समानता के आधार पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।

उन्होंने साहेब कबीर के प्रसिद्ध दोहे सुनाते हुए उनके अर्थ भी बताए—

"बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।

जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।।"

उन्होंने कहा कि इस दोहे का संदेश है कि व्यक्ति को दूसरों की कमियां देखने से पहले स्वयं का आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।

इसके बाद उन्होंने दूसरा दोहा सुनाया—

"जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिए ज्ञान।

मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान।।"

उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति का सम्मान उसकी जाति या जन्म से नहीं, बल्कि उसके ज्ञान, चरित्र, गुण और कर्मों से होना चाहिए।

इस अवसर पर वीरेंद्र यादव, फैसल खान, नसीम खान, सत्येंद्र यादव सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पत्रकारों में अली मेहंदी, रिंकू सिंह, मुकेश गुप्ता तथा नवीन सेठी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

इसके अतिरिक्त कर्मशील भारती, मनोज शर्मा, कुणाल यादव, रवि यादव, दिनेश यादव, प्रदीप यादव, पूनम यादव, प्रेम के. यादव, राजलक्ष्मी यादव, रतन सिंह यादव, बिजेंद्र यादव, आशीष यादव, जाकिर हुसैन, संदीप, अमित सैनी, आकाश चौधरी, मिलिंद अविनाश, मिलन यादव, अविनाशी यादव, हरसरूप ठेकेदार, आर.पी. सिंह, सोम यादव तथा बसु यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

भंडारे में सभी धर्मों और समाज के लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम का वातावरण श्रद्धा, सेवा, समानता और भाईचारे की भावना से ओत-प्रोत रहा। अंत में आयोजक सिकंदर यादव ने सभी अतिथियों, सहयोगियों एवं स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साहेब कबीर के बताए मार्ग पर चलकर ही समानता, मानवता और भाईचारे पर आधारित समाज का निर्माण किया जा सकता है। कार्यक्रम का समापन साहेब कबीर के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ हुआ।