बुधवार, 23 सितंबर 2026

दिव्यांग दुकानदार ने पुलिसकर्मियों पर अभद्रता, धमकी और रुपये ले जाने के लगाए गंभीर आरोप

         

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार जहां दिव्यांगजनों और निराश्रित लोगों को रोजगार सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए योजनाएं चला रही है, वहीं विजयनगर थाना क्षेत्र के सिद्धार्थ विहार स्थित गंगाजल चौकी क्षेत्र में एक दिव्यांग दुकानदार ने पुलिसकर्मियों पर अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज, धमकी देने और रुपये ले जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

दिव्यांगजन निराश्रित सर्व उत्थान सेवा समिति के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिए गए शिकायती पत्र में कांशीराम आवास योजना, प्रताप विहार निवासी दिनेश कुमार पुत्र स्वर्गीय घीसाराम ने बताया कि 20 सितंबर को वह गंगा-जमुना अपार्टमेंट के पास ब्रह्मपुत्र रोड, सिद्धार्थ विहार स्थित अपनी खोखा नुमा दुकान पर बैठा हुआ था।

शिकायत के अनुसार, करीब सुबह 11:30 बजे एक सफेद रंग की कार उसकी दुकान के सामने आकर रुकी। कार से उतरा एक व्यक्ति कुछ देर दुकान के सामने खड़ा रहा और इसके बाद दुकान के अंदर आ गया। दिनेश कुमार का आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने सबसे पहले उसका मोबाइल फोन ले लिया, जिससे वह किसी को फोन न कर सके और कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग भी न कर पाए।

दिनेश के मुताबिक, उक्त व्यक्ति ने दुकान से सिगरेट ली, लेकिन उसके पैसे नहीं दिए। उसने स्वयं को डीपी सिंह, चौकी इंचार्ज बताया। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त व्यक्ति पुलिस की वर्दी में नहीं था। वर्दी के संबंध में पूछने पर उसने स्वयं को सिविल ड्रेस में होना बताया।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दुकान लगाने की अनुमति के संबंध में पूछताछ के दौरान दिनेश ने अधिकारियों से मिली अनुमति की जानकारी दी और अनुमति पत्र दिखाया। इसके बाद कथित रूप से उसके साथ गाली-गलौज की गई और उस पर गांजा बेचने का आरोप लगाया गया, जिसे दिनेश ने पूरी तरह गलत बताया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, इसके बाद उक्त व्यक्ति ने फोन कर दो पुलिसकर्मियों को बुलाया, जिनमें से एक का नाम आरिफ अली बताया गया है। इसके बाद कथित रूप से दुकान की तलाशी ली गई और सामान को इधर-उधर फैला दिया गया। दिनेश का आरोप है कि उसकी जेब और गल्ले की भी तलाशी ली गई तथा उसे मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी गई।

दिनेश कुमार ने आरोप लगाया है कि करीब आधे घंटे तक उसके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया गया तथा उसके गल्ले से लगभग 4,000 से 5,000 रुपये निकालकर ले लिए गए। साथ ही कथित रूप से धमकी दी गई कि यदि उसने शिकायत की तो उसके साथ बुरा व्यवहार किया जाएगा।

शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के बाद वह डर के कारण अगले दिन अपनी दुकान भी नहीं खोल सका और किसी को घटना बताने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। बाद में हिम्मत करके उसने मामले की जानकारी दिव्यांगजन निराश्रित सर्व उत्थान सेवा समिति के पदाधिकारियों को दी।

सोमवार, 21 सितंबर 2026

तीरथ सिंह रावत का गाजियाबाद में हुआ भव्य स्वागत, दर्जनों सामाजिक संगठनों ने किया सम्मान, राष्ट्रीय निर्माण में समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी :तीरथ सिंह रावत

 





मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व सांसद  तीरथ सिंह रावत के सोमवार को गाजियाबाद आगमन पर क्लाउड 9 कम्पाउंड, मेरठ रोड स्थित “भारत का बदलता शासन” दैनिक समाचार पत्र कार्यालय में भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक, पत्रकार, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने तीरथ सिंह रावत का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत और सम्मान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में राष्ट्रीय व्यापार मंडल, सल्यूट तिरंगा, एक्टिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन, उत्तराखंड समाज, गुर्जर समाज, त्यागी समाज, ब्राह्मण समाज सहित दर्जनों सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने तीरथ सिंह रावत का स्वागत किया।  कार्यक्रम में राष्ट्रीय व्यापार मंडल की ओर से राष्ट्रीय महामंत्री विवेक त्यागी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारियों ने तीरथ सिंह रावत का स्वागत किया। विवेक त्यागी ने कहा कि व्यापारियों और समाज के बीच मजबूत संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और राष्ट्र निर्माण में उसका योगदान लगातार बढ़ रहा है।

 स्वागत एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि राष्ट्र का निर्माण केवल सरकारों के प्रयास से नहीं होता, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति और प्रत्येक वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। देश को आगे ले जाने के लिए सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, युवाओं, महिलाओं, पत्रकारों, शिक्षाविदों और आम नागरिकों को अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

 उन्होंने कहा कि भारत आज विकास और परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में समाज की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। देश की तरक्की के लिए नागरिकों में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठन समाज की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने के साथ-साथ स्वयं भी जनहित के कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

रावत ने कहा कि समाज को जोड़ने का काम केवल राजनीतिक मंचों तक सीमित नहीं होना चाहिए। सामाजिक एकता, आपसी सहयोग और राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने का काम करते हैं।

उन्होंने युवाओं की भूमिका पर भी जोर देते हुए कहा कि देश की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। युवाओं को शिक्षा, रोजगार, खेल, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के सकारात्मक कार्यों से जोड़ना जरूरी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महामंत्री विवेक त्यागी ने की। कार्यक्रम का मंच संचालन पूर्व राज्यमंत्री उत्तराखंड (भाजपा) सच्चिदानंद पोखरियाल ने किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का परिचय कराया तथा तीरथ सिंह रावत के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।

सच्चिदानंद पोखरियाल ने कहा कि गाजियाबाद में उत्तराखंड से जुड़े लोगों की बड़ी संख्या है और यहां उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक सरोकारों को लेकर लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। क्लाउड 9 कम्पाउंड में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उत्तराखंड समाज के लोग भी उपस्थित रहे। 

एक्टिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष एवं पत्रकार अपूर्वा चौधरी के नेतृत्व में तीरथ सिंह रावत का स्वागत एवं सम्मान किया गया।

 इस अवसर पर एसोसिएशन के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल कौशिक, संगठन मंत्री पवन चौधरी, वरिष्ठ पत्रकार बृजभूषण,सुमन मिश्रा, निगम पांडे, अनिल कुमार, मनोज तोमर, सुशील मौर्य, पुष्पेंद्र राघव सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

 बिजनौर से पहुंचे भारत का बदलता शासन के प्रभारी आकाश तोमर, पत्रकार डॉ. खुशीराम, डॉ. तुषार भारद्वाज और रिहान जैदी सहित अन्य लोगों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। 

 समारोह में गाजियाबाद के डिप्टी मेयर प्रवीन चौधरी, पार्षद मधुकर त्यागी, पार्षद प्रदीप चौधरी, डी.एन. सिंह, बृजपाल तेवतिया, संदीप चौधरी, कृष्ण तेवतिया, शीला भारती, प्रिया बिष्ट, डॉ. संजय, संदीप त्यागी, प्रताप सिंह, मदन मोहन, मनोज पाहवा, सुशीला शर्मा, बालकिशन गुप्ता, अशोक भारती, चिन्मय भारद्वाज, एस.पी. मिश्रा, अनिल जुल्का, विपिन कौशिक, मुकेश शर्मा, बी.बी. मित्तल, विशाल जैन, आनंद भारद्वाज, डॉ. सुभाष तोमर, अंशु चौधरी, महिपाल सिंह, मनमोहन धोंधियाल, योगेंद्र बिष्ट सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

 इसके अलावा बॉलीवुड अभिनेता निशिकांत त्यागी भी मौजूद रहे।  ग़ाज़ियाबाद की जानी मानी हस्ती डॉ. स्वाति ध्यानी, रितेश ध्यानी सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भी समारोह में भाग लिया।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सैकड़ों गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। 

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक संगठन सरकार और जनता के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सुरक्षा, युवा विकास, नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर काम करने के लिए संगठनों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। वक्ताओं ने कहा कि यदि अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले संगठन आपस में समन्वय बनाकर काम करें तो स्थानीय स्तर पर कई समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।

कार्यक्रम के समापन पर एक्टिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन की अध्यक्ष एवं पत्रकार अपूर्वा चौधरी ने तीरथ सिंह रावत सहित सभी अतिथियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों और कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोगों का आभार व्यक्त किया। अपूर्वा चौधरी ने कहा कि कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों और समाज के लोगों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने का प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने विशेष रूप से उन सभी सामाजिक संगठनों और पदाधिकारियों का धन्यवाद किया जिन्होंने समय निकालकर कार्यक्रम में भाग लिया और तीरथ सिंह रावत का स्वागत एवं सम्मान किया।

कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक पूर्व राज्यमंत्री उत्तराखंड (भाजपा) सच्चिदानंद पोखरियाल,  राष्ट्रीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महामंत्री विवेक त्यागी,  एक्टिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन की अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार अपूर्वा चौधरी रही।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पश्चिम क्षेत्र के पूर्व पदाधिकारियों से किया संवाद

 






                                मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आज गाजियाबाद पहुंचे जहाँ उनका कार्यकर्ताओ ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।इसके बाद मेरठ मे  पश्चिम क्षेत्र के पूर्व पदाधिकारी की बैठक ली बैठक में जिलावार जिले की समस्याओं को लेकर कार्यकर्ताओं के विचार सुने और समाधान करने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश संगठन मंत्री  धर्मपाल , प्रदेश सह प्रभारी जगदीश ईश्वर भाई पटेल, राष्ट्रीय मंत्री एवं सांसद बुलंदशहर भोला सिं, प्रदेश महामंत्री राम प्रताप सिंह  एवं क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर उपस्थित रहे।

 इस अवसर पर लेखराज माहौर एडवोकेट, सभी पूर्व महानगर महामंत्री, राजीव अग्रवाल, राजेश त्यागी, धर्मेंद्र कोरी. गोपाल अग्रवाल, सुशील गौतम, राजेश शर्मा पप्पू पहलवान उपस्थित रहे।

सपा के प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग का हुआ भव्य स्वागत, श्री जी शोभायात्रा ,गणेश महोत्सव में लिया भाग एव युवा साथियों के साथ किया जनसंवाद







मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों के तहत समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग का एक दिवसीय दौरा अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में अभिषेक गर्ग ने विधानसभा 56 में श्री जी की भव्य शोभायात्रा में सहभागिता की, जहाँ उन्होंने पूजा-अर्चना कर क्षेत्र एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि तथा शांति की कामना की।

इसके पश्चात, वे श्री गणेश महोत्सव पंडाल पहुँचे और भगवान श्री गणेश के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

कार्यक्रम के अगले चरण में, प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग ने अपने कार्यालय में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान क्षेत्र के युवा साथियों से शिष्टाचार भेंट की। भेंट के दौरान युवाओं ने उनका फूल-मालाओं से जोरदार अभिनंदन किया। इस अवसर पर अभिषेक गर्ग ने उपस्थित युवाओं से संवाद करते हुए सामाजिक समरसता, युवा सशक्तिकरण और समाज सेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।

इस मौके पर कई गणमान्य नागरिक, स्थानीय पदाधिकारी व युवा साथी उपस्थित रहे।

परमार्थ पीठाधीश्वर,पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस पर परमार्थ निकेतन से श्रद्धालुओं को शांति का शाश्वत संदेश दिया

   





                                मुकेश गुप्ता

परमार्थ निकेतन में स्पेन, ऑस्ट्रेलिया सहित विश्व के अनेक देशों से आए श्रद्धालु

शांति बाहर खोजने की वस्तु नहीं, शांति हमारे भीतर जगाने वाली चेतना है

ऋषिकेश, 21 सितंबर। अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन में स्पेन, ऑस्ट्रेलिया सहित विश्व के अनेक देशों से भारत की सनातन आध्यात्मिक संस्कृति, योग, ध्यान और गंगा के दिव्य सान्निध्य का अनुभव करने आए श्रद्धालुओं ने परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से भेंट कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। 

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के अवसर पर शांति की वास्तविक प्रकृति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य सदियों से शांति की खोज कर रहा है। हम शांति की कामना करते हैं, उसके लिए प्रार्थना करते हैं, शांति की बातें करते हैं, राष्ट्रों और समाजों के बीच शांति स्थापित करने के प्रयास करते हैं, फिर भी प्रश्न यह है कि शांति इतनी कठिन क्यों प्रतीत होती है?

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि शांति बाहर से प्राप्त की जाने वाली कोई वस्तु नहीं, बल्कि भीतर से प्रकट होने वाली अवस्था है। जब तक हमारे भीतर द्वेष, अहंकार, असंतोष, भय और विभाजन की वृत्तियाँ सक्रिय हैं, तब तक बाहरी परिस्थितियाँ कितनी ही अनुकूल क्यों न हों, अंतःकरण में वास्तविक शांति स्थापित नहीं हो सकती। शांति का आरम्भ संसार को बदलने से पहले स्वयं के भीतर उतरने से होता है।

उन्होंने कहा कि हम प्रायः शांति को परिस्थितियों से जोड़ देते हैं, जब सब कुछ हमारी इच्छा के अनुसार होगा, तब हम शांत होंगे; जब कोई हमें समझेगा, तब हम शांत होंगे; जब संसार बदल जाएगा, तब हमें शांति मिलेगी। परंतु शांति परिस्थितियों की दासी नहीं, चेतना की अवस्था है

पूज्य स्वामी जी ने कहा आज विश्व को केवल सीमाओं पर युद्धों की समाप्ति की नहीं, बल्कि हृदयों में युद्ध की समाप्ति की आवश्यकता है। बाहरी संघर्षों की जड़ अक्सर भीतर के संघर्षों में होती है। अतः विश्व शांति की यात्रा आत्मशांति से प्रारम्भ होती है। योग, ध्यान, प्रार्थना, सेवा, करुणा और आत्मचिंतन मनुष्य को अपने भीतर स्थित शाश्वत शांति से जोड़ने के साधन हैं।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा ने सदैव समस्त विश्व को शांति का संदेश दिया है “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः।” यह केवल एक प्रार्थना नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के कल्याण की जीवन-दृष्टि है। हमारी प्रार्थना केवल ‘मैं’ तक सीमित नहीं होती; वह ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना से सम्पूर्ण सृष्टि के सुख और मंगल की कामना करती है।

परमार्थ निकेतन में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने माँ गंगा के पावन तट पर विश्व शांति, मानवता की एकता, प्रकृति संरक्षण और मंगल के लिए प्रार्थना की। विभिन्न देशों, संस्कृतियों और भाषाओं से आए साधकों का एक साथ गंगा तट पर बैठना स्वयं उस शाश्वत संदेश का प्रतीक है जहां भाषाएँ भिन्न हो सकती हैं,    संस्कृतियाँ भिन्न हो सकती हैं, परंतु हृदय की शांति और प्रेम की आकांक्षा सार्वभौमिक है।

आइए, शांति की खोज संसार से आरम्भ न करके स्वयं से करें। अपने भीतर के द्वेष को प्रेम में, अशांति को ध्यान में, अहंकार को विनम्रता में और विभाजन को एकत्व में रूपांतरित करें। शांति बाहर खोजने की वस्तु नहीं, शांति हमारे भीतर जगाने वाली चेतना है। आइए, स्वयं में शांति जगाएँ और विश्व में शांति का प्रकाश प्रसारित करें।

नगर आयुक्त ने लाजपत नगर साहिबाबाद के 79 वर्ष के सीनियर सिटीजन को शहर के प्रति उत्साह देख किया सम्मानित


मुकेश गुप्ता

 शहर हित में 15 साल पहले निगम को दिए गए सुझावों को धरातल पर पूरा होते देख नगर आयुक्त से मिलने आए 79 साल के बुजुर्ग, बोले थैंक यू नगर निगम

गाजियाबाद । जनसुनवाई के दौरान नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक से लाजपत नगर साहिबाबाद के 79 वर्ष के सीनियर सिटीजन  जयंत बाबूराव द्वारा मुलाकात की। जिनके द्वारा शहर में चल रहे शहर हित के कार्यों पर गाजियाबाद नगर निगम का धन्यवाद किया गया, विशेष रूप से नंदी पार्क गौशाला की व्यवस्था, निराश्रित श्वानों में चिप लगाने का कार्य तथा वैक्सीनेशन का कार्य पर प्रसन्नता जाहिर की गई डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन को बढ़ावा और कचरा पृथक्करण पर निगम टीम का धन्यवाद किया गया।

गाजियाबाद नगर निगम जहां विकास कार्यों को कर रहा है शहर में नए-नए प्रोजेक्ट ला रहा है जिसमें स्पोर्ट्स कंपलेक्स, बायो डायवर्सिटी पार्क, सी एम ग्रिड फेस 2 व अन्य पर कार्य चल रहा है वही शहर हित में जन जागरूकता अभियान पर भी कार्य कर रहा है डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के साथ साथ, कचरा पृथक्करण पर शहर वासियों को जागरूक किया जा रहा है, गीले कचरे से खाद बनाने की प्रक्रिया को हर घर समझ रहा है इसी के साथ-साथ शहर में निराश्रित श्वानों में माइक्रोचिप लगाने की कार्यवाही भी की जा रही है जो की सराहनीय है। जयंत बाबूराव द्वारा गाजियाबाद नगर निगम में 15 साल पहले श्वानों में माइक्रोचिप लगाने तथा गीले कचरे से खाद बनाने व अन्य पर्यावरण और शहर हित के लिए पत्र लिखकर अपना सुझाव दिया था, आज धरातल पर कार्यों को सफलतापूर्वक संपन्न होता देख प्रसन्नता जाहिर की गई, गाजियाबाद नगर निगम का धन्यवाद करने के लिए नगर आयुक्त से मुलाकात की, बताया 15 साल से लगातार शहर हित और पर्यावरण हित के लिए लगातार निगम से जुड़कर कार्य कर रहे हैं, पर्यावरण हित के सुझाव भी दिए गए है, नगर आयुक्त द्वारा लाजपत नगर साहिबाबाद के सीनियर सिटीजन जयंत बाबूराव का उत्साह देखा सम्मान प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया, मौके पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मिथिलेश, मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी उपस्थित रहे।

नगर आयुक्त ने शहर वासियों को भी गाजियाबाद नगर निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों में सहयोग करने, कचरा पृथक्करण को बढ़ावा देने, प्लास्टिक मुक्त गाजियाबाद बनाने, रिड्यूस रीयूज रीसाइकिल को बढ़ावा देने के लिए जन-जन को जागरूक करने और सहयोग करने की अपील की गई, गाजियाबाद नगर निगम शहर की ऐसी सामाजिक संस्थाओं तथा व्यक्ति विशेष को सम्मानित कर रहा है जिनके द्वारा शहर हित और पर्यावरण हित के लिए कार्य किया जा रहे हैं जो की सराहनीय है।

रविवार, 20 सितंबर 2026

परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती रामकिंकर भारत भूषण सम्मान’ से सम्मानित

 






मुकेश गुप्ता

*💥श्री रामकिंकर विचार मिशन के पूज्य स्वामी मैथिलीशरण जी महाराज ने किया सम्मानित*

*🌸सामाजिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिये पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी को किया विभूषित*

*🌺संतों की सत्संग परंपरा से सिंचित परमार्थ निकेतन से तीर्थ को तीर्थ बनाए रखने का आह्वान*

ऋषिकेश, 20 सितम्बर। परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज को उनके दीर्घकालीन सामाजिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक योगदान के लिये प्रतिष्ठित ‘श्री रामकिंकर भारत भूषण सम्मान’ से विभूषित किया गया। श्री रामकिंकर विचार मिशन के पूज्य स्वामी मैथिलीशरण जी महाराज ने यह सम्मान पूज्य स्वामी जी को अर्पित किया।

यह सम्मान संत परंपरा की उस अखंड धारा का अभिनंदन है, जो आध्यात्मिक चेतना को सेवा, संस्कार, करुणा और लोककल्याण से जोड़ती है। पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों, गंगा संरक्षण, पर्यावरण जागरण, स्वच्छता, सेवा तथा वैश्विक शांति के संदेश को देश-विदेश में व्यापक स्तर पर प्रसारित किया है।

पूज्य स्वामी मैथिलीशरण जी महाराज ने कहा कि पूज्य स्वामी जी का जीवन साधना से सेवा और सेवा से विश्वकल्याण की प्रेरणादायी यात्रा है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने सम्मान को श्रीरामकिंकर जी महाराज की पावन स्मृति को समर्पित करते हुए कहा कि यह सम्मान संत परंपरा, सेवा-साधना और सनातन संस्कृति के प्रति सम्मान है।

परमार्थ निकेतन की पावन धरा पूज्य संतों की चरणरज, सत्संग की अमृतधारा और साधना की अखंड परंपरा से सिंचित एक जीवंत तीर्थ है। माँ गंगा के पावन तट पर स्थित यह भूमि उन दिव्य स्मृतियों को अपने भीतर संजोए हुए है, जहाँ समय-समय पर भारत की महान संत परंपरा के अनेक ऋषितुल्य संतों, महापुरुषों और विद्वानों ने आकर सत्संग, कथा और साधना की गंगा प्रवाहित की।

परमार्थ निकेतन के इस दिव्य आध्यात्मिक वातावरण में वृंदावन से पूज्य स्वामी अखंडानन्द जी महाराज, वेदों के परम विद्वान पूज्य स्वामी गंगेश्वरानन् महाराज, पूज्य डोगरे जी महाराज, माँ आनंदमयी तथा अनेक संत-महापुरुषों का आगमन हुआ। इन महापुरुषों के चरणों से यह भूमि धन्य हुई और उनके श्रीमुख से निकले ज्ञान, भक्ति, वैराग्य एवं सेवा के संदेशों ने असंख्य साधकों के अंतर्मन को स्पर्श किया।

इन्हीं दिव्य स्मृतियों को पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने पूज्य स्वामी मैथिलीशरण जी महाराज के साथ साझा करते हुए संतों की उस अखंड परंपरा का स्मरण किया। संतों की साधना, सत्संग और तपस्या से निर्मित आध्यात्मिक एवं तीर्थ नगरी का स्वरूप प्रदान किया।

पूज्य स्वामी जी ने स्मरण करते हुए कहा कि पूज्य श्री रामकिंकर जी महाराज  प्रतिवर्ष परमार्थ निकेतन पधारते थे और यहाँ कथा एवं सत्संग के माध्यम से रामकथा की अमृतधारा प्रवाहित करते थे। 

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम अपने तीर्थों की इस दिव्यता को समझें और तीर्थ को तीर्थ बनाए रखने का संकल्प लें। हमारे तीर्थ स्वच्छ हों, निर्मल हों, प्रदूषणमुक्त हों, नशामुक्त हों और यहाँ आने वाले प्रत्येक साधक बाहरी स्वच्छता के साथ-साथ अंतःकरण की स्वच्छता का भी अनुभव करे। संतों ने हमें तीर्थ दिए हैं; अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम आने वाली पीढ़ियों को उन तीर्थों की पवित्रता सुरक्षित रूप में सौंपें।

परमार्थ निकेतन की यह परंपरा आज भी उसी सत्संग, सेवा, साधना और संस्कार की अखंड ज्योति को आगे बढ़ा रही है।

हिंदी दिवस समारोह व कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ,हिंदी भवन समिति ने हिंदी के 35 विद्यार्थियों व शिक्षकों को सम्मानित किया

 




मुकेश गुप्ता

हिंदी भवन में चार घंटे बही कविताओं की रसधारा

आठ में से चार कवि पहली बार आए हिंदी भवन के मंच पर

गाज़ियाबाद । हिंदी भवन समिति की ओर से आयोजित हिंदी दिवस समारोह एवं कवि सम्मेलन में जहां 35 मेधावी विद्यार्थियों व शिक्षकों को सम्मानित किया गया, वहीं जाने माने कवियों ने लगातार चार घंटे गीत, गजल, कविताओं की रसधारा बहाई।

मुख्य अतिथि डीसीपी धवल जायसवाल और मुख्य वक्ता डॉ हरीश अरोड़ा आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह की शुरुआत कराई। डीसीपी धवल जायसवाल ने कहा कि हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए इस तरह के आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पीजी डी ए वी कॉलेज (दिल्ली विश्वविद्यालय) के प्रोफेसर डॉ हरीश अरोड़ा ने मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए हिंदी की स्थिति पर सारगर्भित विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि तमाम विपरीत परिस्थितियों के बाद भी हिंदी का भविष्य उज्ज्वल है। 

हिंदी भवन समिति के अध्यक्ष ललित जायसवाल ने कहा कि हिंदी दिवस और हिंदी पखवाड़े के अवसर पर प्रत्येक वर्ष कवि सम्मेलन के साथ साथ हिंदी के मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है। भविष्य में भी इस तरह के आयोजन हिंदी भवन में होते रहेंगे। 

समारोह में जनपद गाज़ियाबाद के विभिन्न विद्यालयों के हिंदी के 35 मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षकों को सम्मानित किया गया। हिंदी भवन समिति के महासचिव सुभाष गर्ग और अन्य पदाधिकारियों ने रचनाकारों का स्वागत किया।

इस अवसर पर आयोजित कवि सम्मेलन में देश के जाने माने कवियों की रचनाओं का श्रोताओं ने चार घंटे तक आनंद लिया।सिकंदरा राऊ (हाथरस) से आए सुप्रसिद्ध गीतकार डॉ विष्णु सक्सेना के गीतों पर श्रोता खूब झूमे..

जो हाथ थाम लो वो फिर न छूटने पाये,

प्यार की दौलतें कोई न लूटने पाये,

जब भी छूलो बुलंिदयां तो ध्यान ये रखना

ज़मीं से पाँव का रिश्ता न टूटने पाये।

दिल्ली से आए प्रसिद्ध कवि डॉ प्रवीन शुक्ल ने शानदार संचालन के साथ उम्दा काव्य पाठ भी किया...

कविता हर हारे मन को भी जीत दिया करती है

मन के टूटे तारों को संगीत दिया करती है

घोर निराशा में आशा का दीपक बन जाती है

विपदा में जीवन जीने का रस्ता दिखलाती है।

कवि राज कौशिक ने दिलों में नफरत के स्थान पर प्यार रखने का ये संदेश देकर खूब तालियां बटोरीं...

कुछ इक दिन में ही ये दुनिया गुलो गुलज़ार हो जाए

जो नफरत की जगह दिल में हमारे प्यार हो जाए

मैं इस हद तक मोहब्बत का हूं पैरोकार अब यारो

कोई समझे मुझे दुश्मन तो मेरी हार हो जाए 

ग्वालियर से पधारे शायर अतुल अजनबी को उनकी पंक्तियों पर खूब दाद मिली...

कश्तियाँ डूब रही हैं यहाँ एक एक करके

और हम ख़ुश हैं कि पतवार सँभाले हुए हैं।

पानीपत से पधारे हास्य कवि मनु बदायूँनी ने लोगों को खूब हंसाया..

दोनों बच्चे पीटकर और दाल आटा एक कर

मैं सहम जाता हूँ उनकी लाल आँखें देखकर 

सूट तू लाया है जो मुझको पसंद आया नहीं 

बात समझाती हैं पत्नी ये भी बर्तन फेंक कर

कवयित्री अंजु जैन को भी खूब सुना गया..

है यंकी हमको कि हम और निखर जाएँगे 

हौंसला देख के तूफ़ान ठहर जाएँगे 

है नहीं ख़ौफ़ हवाओं की शरारत का हमें 

हम नहीं ताश का इक घर जो बिखर जाएँगे

मथुरा से आए ओज के कवि

मनवीर मधुर को भी खूब प्रशंसा मिली...

सहज शालीन लौकिक बुद्ध, भी दुनिया ने देखा है । 

किया है शत्रु-पथ अवरुद्ध, भी दुनिया ने देखा है ॥

क्षमा कर युद्धबंदी लाख, वापस कर दिये हमने,

हमारा शौर्य साहस युद्ध, भी दुनिया ने देखा है ॥

दस लक्षण पर्व पर एस.एस.डी. जैन पब्लिक स्कूल में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम मे एम एल सी दिनेश गोयल हुए उपस्थित

 






मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । दस लक्षण पर्व के पावन अवसर पर एस.एस.डी. जैन पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि दिनेश गोयल एम एल सी गाजियाबाद द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।उनके साथ समिति के अध्यक्ष जे.पी. जैन,मंत्री अजय जैन, सुनील जैन, प्रधानाचार्या श्रीमती लता चंद्रा साधना जैन,प्रदीप जैन,डी के जैन,सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।मुख्य अतिथि दिनेश गोयल एम एल सी का स्वागत स्कूल के अध्यक्ष जम्बू प्रसाद जैन व मंत्री अजय जैन ने पटका,माला,व स्मृति चिह्न भेंट करके किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की कोऑर्डिनेटर श्रीमती परिना जैन द्वारा मंगलाचरण से किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम की अगली प्रस्तुति ‘णमोकार महामंत्र’ रही, जिसमें छात्र-छात्राओं ने णमोकार महामंत्र के महत्व एवं उसकी महत्ता को विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

इसके बाद ‘हम जैन हैं’ प्रस्तुति के माध्यम से छोटे-छोटे बच्चों द्वारा जैन धर्म को अपनाने और जैन होने के महत्व को दर्शाया गया। अगली प्रस्तुति ‘आओ पधारो हे जिनवर’ गीत पर मनमोहक नृत्य रहा, जिसने उपस्थित सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में ‘षट्लेश्या’ विषय पर आधारित प्रस्तुति भी दी गई, जिसमें लेश्या क्या है, उसके विभिन्न स्वरूप तथा नकारात्मक भावों से बचने का संदेश प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

इसके पश्चात सुंदर नृत्य-नाटिका ‘आओ मिलकर पाठशाला आएँ’ प्रस्तुत की गई। इसके माध्यम से बताया गया कि जैन पाठशाला में जाकर बच्चों को किस प्रकार धार्मिक एवं नैतिक संस्कार प्राप्त होते हैं तथा एक अच्छे और संस्कारी व्यक्ति के रूप में उनका चरित्र निर्माण कैसे होता है।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए ‘नगरी आज सजाओ’ गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद शिक्षाप्रद नाटक ‘पूजा का फल’ का सजीव मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से पूजा और धार्मिक आस्था के महत्व को दर्शाते हुए संदेश दिया गया कि सच्चे मन से की गई पूजा और दृढ़ धार्मिक भावना व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक शक्ति प्रदान करती है तथा उसे सुमार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।

कार्यक्रम की अंतिम एवं विशेष प्रस्तुति ‘मैडले’ रही, जिसमें सात गीतों का समावेश किया गया। विभिन्न गीतों के माध्यम से गुरुभक्ति को अलग-अलग भावों और प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया गया। प्रस्तुति के दौरान पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। विद्यार्थियों की सजीव एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित गणमान्य अतिथियों और दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के मंत्री अजय जैन ने छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने विद्यार्थियों, अध्यापिकाओं एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण एवं उनमें नैतिक तथा धार्मिक संस्कार विकसित करने के लिए इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर होते रहना चाहिए।

विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती लता चंद्रा ने भी सभी आगंतुकों, गणमान्य अतिथियों एवं विद्यालय की अध्यापिकाओं का धन्यवाद किया। उन्होंने अध्यापिकाओं की लगन एवं निष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि उनके अथक प्रयासों से विद्यार्थियों ने इतनी सुंदर एवं प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं। उन्होंने छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया और अपनी उपस्थिति से बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में विद्यालय समिति के अध्यक्ष जे.पी. जैन, मंत्री अजय जैन, सुनील जैन ,परम संघरक्षक अजय जैन विजय जैन ,अंकित जैन सदस्य प्रदीप जैन ,सुभाष जैन तथा प्रधानाचार्या श्रीमती लता चंद्रा,साधना जैन आदि का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमान दिनेश गोयल एम एल सी ने कहा की जैन समाज हमेशा से धर्म के सिद्धांत पर आधारित है और उसी के आधार पर कार्य करता है (जियो और जीने दो )अहिंसा परमो धर्मः के आधार पर समाज चलता है पूरे विश्व को इसे अपना करके इसे पालन करना चाहिए।बच्चों ने जो यहाँ कार्यक्रम प्रस्तुत किया वो धर्म पर आधारित है इस तरह के कार्यक्रम होने से बच्चों समाज और देश में धर्म की प्रभावना बढ़ता है और देश आगे बढ़ता है मुझे इस अवसर पर बुलाया इसके लिए में एस एस डी जैन पब्लिक स्कूल के प्रबंधक वह समस्त टीम का आभारी हूँ और मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है। इस स्कूल के बच्चे धर्म को जीवन में आचरण करते हुए आगे बढ़ेंगे आज के बच्चे ही कल का भविष्य हैं।में स्कूल की प्रिंसिपल एवं समस्त अध्यापिकाओं का आभार प्रकट करता हूँ की उन्होंने इतनी मेहनत करके इतना सुंदर प्रोग्राम बच्चों धारा प्रस्तुत करवाया।

मंच का सफल संचालन विद्यालय की कोऑर्डिनेटर श्रीमती परिना जैन द्वारा किया गया।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में स्कूल के सचिव अजय जैन,प्रतिभा,अंजली,रचना,अल्का,नीतू,पायल,सीमा ,विधि,दीक्षा,मुस्कान,निशा,आरूषी,मीनाक्षी,शिल्पी,कृतिका,अंशिका आदि का विशेष सहयोग रहा।

कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध जनजागरूकता का संदेश लेकर हिंदी भवन में हुआ विशाल रागिनी कार्यक्रम,सासंद, विधायक, मंत्री हुए उपस्थित




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में “कन्या भ्रूण हत्या क्यों” विषय पर विशाल रागिनी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में कन्या भ्रूण हत्या जैसी गंभीर सामाजिक बुराई के प्रति जनजागरूकता पैदा करना तथा बेटियों के संरक्षण, सम्मान और शिक्षा के लिए लोगों को प्रेरित करना रहा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप, गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र के सांसद माननीय अतुल गर्ग तथा शहर विधायक संजीव शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दूधेश्वरनाथ मंदिर के पीठाधीश्वर महंत नारायण गिरी महाराज द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात आचार्य द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं शंखनाद के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।





इस अवसर पर वृंदावन से पधारे बिहारी जी के मुख्य पुजारी राहुल गोस्वामी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की आध्यात्मिक एवं सामाजिक भावना को और अधिक प्रभावशाली बनाया। रागिनी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या के दुष्परिणामों, बेटियों के महत्व तथा समाज में समानता और सम्मान की आवश्यकता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटी परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या केवल एक सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक संतुलन से जुड़ा गंभीर विषय है। बेटियों को जन्म लेने, शिक्षा प्राप्त करने और अपने सपनों को पूरा करने का समान अवसर मिलना चाहिए। समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर ऐसी कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम का संचालन विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के पीठाधीश्वर ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान ने किया। उन्होंने उपस्थित अतिथियों, संत-महात्माओं, कलाकारों एवं समाज के गणमान्य लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से जनमानस तक सकारात्मक संदेश पहुंचाया जा सकता है।आयोजन में बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक, धर्माचार्य एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने बेटियों के सम्मान, संरक्षण एवं सुरक्षित भविष्य के लिए सामाजिक जागरूकता को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

हनुमान अंश फिल्म के गायक कलाकार को नगर आयुक्त और पार्षदों ने किया सम्मानित, जय श्री राम बोल किया जय घोष

 



"मैने तेरे ही भरोसे हनुमान सागर में नैया डाल दई" भजन गायक ने दिया नगर आयुक्त के साथ स्वच्छता का संदेश

*स्वच्छता की बात भक्ति के साथ*



                               मुकेश गुप्ता
गाजियाबाद । हनुमान अंश फिल्म के सुप्रसिद्ध गायक कलाकार सुनील लोधी गाजियाबाद नगर निगम पहुंचे, क्षेत्रीय निवासियों, जनप्रतिनिधियों माननीय पार्षदों, निगम अधिकारियों, निगम कर्मियों तथा नगर आयुक्त गाजियाबाद से मुलाकात की और भजनो को गया जिसमें मुख्य रूप से हनुमान अंश फिल्म में गया हुआ भजन *"मैने तेरे ही भरोसे हनुमान सागर में नैया डाल दई"* उपस्थित जनों को सुनाया, उपस्थित पार्षदों ने तथा निगम की टीम द्वारा जय श्री राम का जय घोष किया गया l

नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक तथा सुनील लोधी गायक की विशेष मुलाकात रही दोनों ने मिलकर शहर वासियों से स्वच्छता की अपील भी की, शहर निवासियों द्वारा अपने घर को स्वच्छ रखना व शहर को स्वच्छ रखना ही सच्ची भक्ति और अपने देश के प्रति सच्चा प्रेम है स्वच्छता की अपील की गई मौके पर उपस्थित पार्षदों द्वारा भजन गायक सुनील लोधी से उनके जीवन से जुड़े हुए प्रश्न भी किए गए जिनका बहुत ही सहजता से जवाब दिया गया गाजियाबाद नगर निगम में भक्ति मय माहौल रहा, पार्षदों तथा नगर आयुक्त द्वारा हनुमान अंश फिल्म के भजन गायक कलाकार का शॉल और पटका पहनाकर सम्मानित किया गया राम दरबार और मोमेंटो भेंट कर स्वागत किया गया, मौके पर  प्रभारी नजारत डॉ अनुज व अन्य टीम उपस्थित रहीl

पार्षदों द्वारा गाजियाबाद नगर निगम टीम का विशेष आयोजन पर धन्यवाद किया गया, शहर में रफ्तार से हो रहे विकास कार्यों के साथ साथ पर्यावरण पर भी कार्य हो रहा है इसी श्रृंखला में गाजियाबाद नगर निगम मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित होकर प्रसन्नता जाहिर की, इस प्रकार के कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होते रहने चाहिए जिससे शहर में और निगम में सकारात्मक माहौल बना रहे और धर्म पर चलते हुए सभी वर्ग अपने-अपने कार्य को करें बात रखी गई, मौके पर पार्षद मनोज त्यागी, प्रदीप चौधरी, नीरज गोयल, सुमन जाटव, कुलदीप त्यागी, सुभाष चौधरी, विनिल दत्त, रेखा गोस्वामी, मधुकर त्यागी, अमित त्यागी व अन्य उपस्थित रहे, गाजियाबाद नगर निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उत्साह का भाव देखा गया, स्वच्छता की बात भक्ति के साथ का संदेश दिया गया l

शनिवार, 19 सितंबर 2026

परमार्थ निकेतन पहुँचे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के माननीय अध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल






 मुकेश गुप्ता

ऋषिकेश 19 सितंबर।  माँ गंगा के पावन तट पर स्थित परमार्थ निकेतन में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, भारत सरकार के माननीय अध्यक्ष श्री हरजीत सिंह ग्रेवाल जी का दर्शनार्थ आगमन हुआ। उन्होंने परमार्थ निकेतन में विश्राम कर सायंकालीन दिव्य परमार्थ गंगा आरती में सहभाग किया तथा परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से आत्मीय भेंटवार्ता की।

माँ गंगा की निर्मल धारा, हिमालय की दिव्य छाया और मंत्रोच्चार से गुंजायमान परमार्थ निकेतन का आध्यात्मिक वातावरण में उन्होंने दिव्य गंगा आरती की। गंगाजी की आरती के पश्चात पूज्य स्वामी जी और हरजीत सिंह ग्रेवाल के मध्य भारतीय संस्कृति, सनातन दर्शन, प्रकृति संरक्षण, सामाजिक समरसता, सेवा तथा भावी पीढ़ियों के संस्कारों सहित अनेक समसामयिक और शाश्वत विषयों पर सार्थक एवं आत्मीय संवाद हुआ।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भारत की संस्कृति जीवन को देखने की एक व्यापक दृष्टि है। सनातन का मूल भाव ही है, समस्त सृष्टि में एक ही चेतना का दर्शन। हमारी प्रार्थनाएँ केवल अपने लिए नहीं, बल्कि सर्वे भवन्तु सुखिनः की मंगलकामना से प्रारम्भ होती हैं। यही दृष्टि भारत को विविधताओं के मध्य एकात्मता और सह-अस्तित्व का संदेश देती है।

उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता केवल विकास की नहीं, बल्कि विकास के साथ विवेक, प्रगति के साथ प्रकृति और आधुनिकता के साथ अपनी जड़ों से जुड़ाव की है। आने वाली पीढ़ियों को हम केवल भौतिक संसाधनों की विरासत न दें, बल्कि उन्हें ऐसी संस्कृति भी दें जो उन्हें करुणा, कर्तव्य, संयम, सेवा और सह-अस्तित्व का मार्ग दिखाए।

वार्ता के दौरान युवा पीढ़ी और संस्कारों पर भी विशेष चर्चा हुई। पूज्य स्वामी जी ने कहा कि तकनीक ने दुनिया को अभूतपूर्व रूप से जोड़ा है, परन्तु मनुष्य को अपने भीतर से जोड़ना भी उतना ही आवश्यक है। शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि जीवन-मूल्यों, उत्तरदायित्व और संवेदनशील नागरिकता का निर्माण भी होना चाहिए। आधुनिक ज्ञान और भारतीय जीवन-मूल्यों का समन्वय ही एक संतुलित एवं सशक्त भविष्य का आधार बन सकता है।


 हरजीत सिंह ग्रेवाल ने परमार्थ निकेतन के आध्यात्मिक एवं सेवामूलक वातावरण की सराहना करते हुये कहा कि भारतीय संस्कृति की शक्ति उसके संवाद, सह-अस्तित्व और विविधता में एकता के भाव में निहित है। उन्होंने कहा कि समाज में परस्पर सम्मान, सद्भाव और सहयोग की भावना को सुदृढ़ करने के लिए ऐसे आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केन्द्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहाँ विभिन्न पृष्ठभूमियों के लोग एक साथ आकर भारतीय जीवन-दृष्टि का अनुभव कर सकें।


उन्होंने कहा कि आज भारत के सामने एक अद्भुत अवसर है, वह अपनी आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक चेतना और पर्यावरणीय ज्ञान को आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ जोड़कर विश्व के समक्ष एक ऐसा जीवन-मॉडल प्रस्तुत कर सकता है, जिसमें विकास भी हो, धरती का संरक्षण भी; तकनीक भी हो, मानवीय संवेदना भी; और समृद्धि भी हो, साथ ही शांति भी।

भेंट के दौरान पूज्य स्वामी जी ने हरजीत सिंह ग्रेवाल को रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया। परमार्थ निकेतन के आध्यात्मिक वातावरण में सम्पन्न यह भेंट संवाद, संस्कृति, सेवा, प्रकृति और मानवता के साझा मूल्यों पर केन्द्रित एक सार्थक भेंट थी। दोनों ने इस बात पर बल दिया कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी प्राचीन जड़ों और भविष्य की संभावनाओं के सुंदर समन्वय में निहित है।

शुक्रवार, 18 सितंबर 2026

परमार्थ निकेतन, विश्व को पर्यटन नहीं, दे रहा है तीर्थाटन का अनुभव

 


संवाददाता

*🌺माँ गंगा, भारतीय संस्कृति और अध्यात्म से जुड़ने का दिव्य केन्द्र परमार्थ निकेतन*

*✨परमार्थ निकेतन, जहाँ दुनिया भारत को नहीं, भारत की आत्मा को अनुभव करती है*

*🌸माँ गंगा की गोद में विश्वभर से आने वाले जिज्ञासुओं को मिलती है शांति, साधना और जीवन की नई दिशा*

ऋषिकेश, 18 सितम्बर। परमार्थ निकेतन में थाइलैंड से पर्यटकों का एक दल आया। उन्होंने परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से भेंट कर अपनी आध्यात्मिक जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समाधान प्राप्त किया।

दुनिया के अलग-अलग देशों से लोग समय-समय पर ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन आते हैं। कोई अपने भीतर उठ रहे प्रश्नों के उत्तर खोजने आता है, कोई जीवन के लक्ष्य को समझने, कोई मन की अशांति को शांत करने और कोई अपने परिवार, समाज, प्रकृति तथा समस्त मानवता के प्रति अपने कर्तव्यों को जानने की जिज्ञासा लेकर आता है। उनके प्रश्न अलग-अलग होते हैं, उनकी भाषाएँ अलग होती हैं, उनकी जीवन-शैली अलग होती है, लेकिन भीतर की तलाश एक ही होती है, शांति की, सत्य की और अपने वास्तविक स्वरूप को जानने की।

माँ गंगा के पावन तट पर स्थित परमार्थ निकेतन उन्हें केवल एक स्थान नहीं देता, बल्कि एक ऐसा वातावरण देता है जहाँ वे कुछ क्षण ठहरकर स्वयं से मिल सकें। यहाँ पहुँचते ही हिमालय की गोद में बसा उत्तराखंड का सुरम्य वातावरण, माँ गंगा की कल-कल धारा, मंदिरों की घंटियाँ, मंत्रों की गूँज, साधना की शांति और भारतीय संस्कृति की आत्मीयता मन को सहज ही अपनी ओर आकर्षित करती है। गंगा के तट पर बैठकर अपने भीतर के विचारों की धारा शांत होने लगती है।

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि वह किसी को केवल बाहरी उत्तर नहीं देती, बल्कि अपने भीतर उतरने की प्रेरणा देती है। जीवन में प्रश्न होना स्वाभाविक है, लेकिन उन प्रश्नों को लेकर भीतर की यात्रा प्रारंभ करना ही साधना है।

परमार्थ निकेतन इसी आंतरिक यात्रा का एक पवित्र पड़ाव है। यहाँ आने वाले जिज्ञासुओं के लिए योग, ध्यान और वेदान्त की कक्षाएँ जीवन को देखने की एक नई दृष्टि प्रदान करती हैं। योग उन्हें शरीर और मन के संतुलन की ओर ले जाता है, ध्यान उन्हें भीतर की शांति से जोड़ता है और वेदान्त उन्हें स्वयं, संसार और जीवन के मूल प्रश्नों पर चिंतन करने का अवसर देता है।


इन कक्षाओं की विशेषता केवल उनका ज्ञान नहीं, बल्कि उनका जीवन से जुड़ना है। प्रतिदिन संध्या की अनुपम बेला में पूज्य स्वामी जी और साध्वी जी के पावन सान्निध्य में माँ गंगा के तट पर गंगा आरती का दिव्य वातावरण साधकों को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है।


परमार्थ निकेतन आने वाले साधक अपने साथ कुछ प्रश्न लेकर आते हैं और अक्सर अपने भीतर कुछ नए संकल्प लेकर लौटता है। यहाँ की दिव्यता, पवित्रता और आत्मीयता मन को स्पर्श करती है। अनेक अतिथियों के लिए यह अनुभव जीवन की उन स्मृतियों में शामिल हो जाता है जिन्हें वे वर्षों बाद भी अपने भीतर संजोकर रखते हैं। भारत आने वाला प्रत्येक अतिथि भारत को केवल देखे नहीं, भारत को अनुभव करे। वह मां गंगा के प्रति श्रद्धा को समझे, प्रकृति के प्रति अपने दायित्व को पहचाने, योग से संतुलन पाए, ध्यान से शांति पाए और भारतीय संस्कृति से ‘मैं’ से ‘हम’ की यात्रा सीखे।


परमार्थ निकेतन का यही प्रयास है कि विश्वभर से आने वाले यहाँ से केवल स्मृतियाँ लेकर न लौटें, बल्कि शांति, सेवा, संस्कार और सद्भावना का संदेश लेकर लौटें। परमार्थ निकेतन का आमंत्रण केवल विश्व के पर्यटकों के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए है, आइए ऋषिकेश, आइए माँ गंगा के तट पर; कुछ क्षण संसार से दूर होकर स्वयं के निकट आइए। माँ गंगा के तट से भारत विश्व को केवल पर्यटन नहीं, एक अनुभव दे रहा है, एक ऐसी यात्रा, जो बाहर से शुरू होकर भीतर तक पहुँचती है।

विभु बंसल के नेतृत्व में रोटरी क्लब ऑफ गाजियाबाद अनंत ने लगाया महा रक्तदान शिविर

 







मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । रोटरी क्लब ऑफ गाजियाबाद अनंत द्वारा प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में अंबेडकर रोड पर बीकानेर के सामने दीपाली ज्वेलर्स के प्रांगण में एक महा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। क्लब के मीडिया प्रभारी संदीप सिंघल ने बताया कि इसमें क्लब की महिला सदस्यों ने भी खूब बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। हमारे इस प्रोजेक्ट के प्रोजेक्ट चैयरमैन रो. विभु बंसल चेयरमैन नगर पालिका पिलखुवा ने सबसे पहले रक्तदान देकर रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। साथ ही यहां पर व्यापार मंडल, अंबेडकर रोड ने भी हमारे कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस रक्तदान शिविर में करीब 85 यूनिट ब्लड एकत्रित किया गया। रोटरी अनंत के अध्यक्ष अंजुल गुप्ता ने  सभी व्यापार मंडल के साथियों एवं क्लब के सदस्यों का आभार व्यक्त किया जिनकी वजह से यह कार्यक्रम सफल हो सका। जन्मदिन के उपलक्ष में रक्तदान शिविर के साथ भंडारे का भी सफल आयोजन किया।