रविवार, 27 सितंबर 2026

दिल्ली सहारनपुर मार्ग के दोनों तरफ लगभग 11 करोड रूपये की लागत से हो विकास कार्यों का मनोज धामा ने किया निरीक्षण


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद 27 सितंबर।  लोनी नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष मनोज धामा ने दिल्ली सहारनपुर मार्ग के दोनों तरफ लगभग 11 करोड रूपये की लागत से इंटरलाकिंग टाइल्स लगाने का जो कार्य नगर पालिका लोनी के द्वारा किया जा रहा है उनका रविवार को निरीक्षण किया एवं आम जनता से बातचीत की तथा किसी भी प्रकार की समस्या के लिये अवगत कराने के लिये कहा तथा संबंधित अधिकारियों को भी समय-समय पर विकास कार्यों की गुणवत्ता को परखने के लिये औचक निरीक्षण करते रहने को कहा जिससे विकास कार्य अधिक गुणवत्ता पूर्ण हो। 

मनोज धामा ने  बताया कि लगभग 10 करोड रूपये से दिल्ली सहारनपुर मार्ग बार्डर बस डिपो से लेकर राशिद अली गेट पर दोनों तरफ इटंरलाकिंग टाइल्स लगायी जायेगीं एवं लगभग 11 करोड रूपये की लागत से नाले बनाये जा रहे हैं तथा लगभग 2 करोड 80 लाख रूपये की लागत से नालों को कवर करने के लिये लोहे के जाल लगवाने का कार्य लोनी नगरपालिका के दूारा कराया जा रहा है जिससे कि आने वाले दिनों मे लोनी की आम जन -मानस को चलने मे सहूलियत होगी तथा जल- भराव नही होगा ।

परमार्थ स्कूल ऑफ योग एवं द योग इंस्टीट्यूट, मुंबई के संयुक्त 200-आवर योग शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम की 2027 से होगी शुरुआत

 






संवाददाता

*💥योग की ज्ञान-परंपरा का गंगा-सागर संगम*

*🌸मुंबई में ज्ञान, साधना, सत्संग और सेवा से ओत-प्रोत हुई प्रेरणादायी संध्या*

*💦विश्व नदी दिवस पर पूज्य स्वामी जी का संदेश, नदियाँ हैं तो दुनिया है-जल नहीं तो जीवन नहीं*

*🌿विश्व पर्यटन दिवस पर परमार्थ निकेतन से आह्वान- भारत का पर्यटन केवल देखने का नहीं, जानने, समझने और जीने का अवसर है*

*🌺हिन्दुत्व जागरण के प्रखर सूत्रधार, श्रद्धेय श्री अशोक सिंघल जी की जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि*

मुंबई, 27 सितम्बर।  भारत की सनातन संस्कृति में योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की साधना नहीं, बल्कि मन, प्राण, चेतना और आत्मा को परम सत्य से जोड़ने वाली जीवन-पद्धति है। इसी शाश्वत योग परंपरा, गुरु-शिष्य परंपरा और सेवा के पावन भाव को आगे बढ़ाने की दिशा में मुंबई में एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं भावपूर्ण संध्या का आयोजन हुआ, जहाँ परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, पूज्य माँ हंसाजी एवं पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी एवं का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ।

मुंबई स्थित द योग इंस्टीट्यूट में आयोजित यह संध्या ज्ञान, सत्संग, साधना, संस्कार और सेवा की ऐसी सुंदर अभिव्यक्ति बनी, जहाँ योग की प्राचीन भारतीय ज्ञानधारा ने आधुनिक विश्व के लिए एक नई दिशा का संदेश दिया।

परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपना आशीर्वचन प्रदान किए। पूज्य स्वामी जी ने योग को भारत की विश्व को दी गई महानतम आध्यात्मिक विरासतों में से एक बताते हुए कहा कि योग का संदेश केवल स्वस्थ शरीर का संदेश नहीं, बल्कि एकता, समरसता, शांति, करुणा और आत्म-जागरण का संदेश है।

उन्होंने कहा कि आज जब विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब योग हमें स्वयं से, प्रकृति से और समस्त सृष्टि से पुनः जोड़ने का मार्ग दिखाता है। योग हमें अपने भीतर शांति खोजने की प्रेरणा देता है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भारत की योग परंपरा का मूल भाव ‘मैं’ से ‘हम’ और ‘हम’ से ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की यात्रा है। योग तभी पूर्ण है जब उसकी साधना सेवा में और सेवा करुणा में परिणत हो।

पूज्य माँ हंसाजी ने योगमय एवं आनंदपूर्ण जीवन के तीन अत्यंत सरल, किंतु गहरे सूत्र-मुस्कान, सम्मान और योगदान, साझा किए। उन्होंने कहा कि योग केवल आसन और प्राणायाम तक सीमित नहीं है; योग का वास्तविक उद्देश्य हमारे व्यवहार, विचार और जीवन में दिखाई देना है। जब जीवन में मुस्कान आती है तो वातावरण में आनंद आता है, जब सम्मान आता है तो संबंधों में माधुर्य आता है और जब योगदान की भावना आती है तो जीवन सेवा का माध्यम बन जाता है।

पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी ने अष्टांग योग की गहन आध्यात्मिक यात्रा के विषय पर प्रेरणादायी उद्बोधन दिया। उन्होंने यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि के माध्यम से योग को केवल अभ्यास नहीं, बल्कि आंतरिक स्वतंत्रता की यात्रा के रूप में समझाया।

उन्होंने कहा कि अष्टांग योग का प्रत्येक अंग साधक के भीतर चेतना के नए द्वार खोलता है। यम और नियम जीवन में शुद्धता और अनुशासन लाते हैं, आसन शरीर को साधना का माध्यम बनाता है, प्राणायाम प्राणशक्ति को संतुलित करता है और ध्यान एवं समाधि साधक को उसके वास्तविक स्वरूप की ओर ले जाते हैं।

उन्होंने कहा कि योग की यात्रा बाहर से भीतर की ओर जाने की यात्रा है, शरीर से श्वास तक, श्वास से मन तक, मन से चेतना तक और चेतना से आत्मबोध तक की दिव्य यात्रा है।

इस पावन अवसर पर पूज्य स्वामी जी ने योग के क्षेत्र में पूज्य माँ हंसाजी के दीर्घकालीन एवं अतुलनीय योगदान के लिये उन्हें रुद्राक्ष का पौधा एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया। माँ हंसाजी के सुपुत्र ऋषि जी एवं पुत्रवधू प्राणी जी को भी शॉल भेंट कर आशीर्वाद प्रदान किया गया।

आज विश्व नदी दिवस पर पूज्य स्वामी जी ने नदियाँ हैं तो दुनिया है का संदेश दिया। हिन्दुत्व जागरण के प्रखर सूत्रधार, श्रद्धेय श्री अशोक सिंघल जी की जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने उन्हें स्मरण करते हुये कहा कि श्री अशोक सिंघल जी के साथ उनकी अनेक आत्मीय और प्रेरणादायी स्मृतियाँ जुड़ी हैं। जब परमार्थ निकेतन की ओर से वाराणसी में भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया, तब श्रद्धेय अशोक सिंघल जी का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ। उस अवसर पर मां गंगा के तट पर भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और राष्ट्र चेतना का एक अद्भुत संगम देखने को मिला।

पूज्य स्वामी जी ने श्रद्धेय अशोक सिंघल जी के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन सनातन संस्कृति, राष्ट्र चेतना और समाज जागरण के प्रति समर्पित रहा। उनके विचार, तप, त्याग और संकल्प आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।

विश्व पर्यटन दिवस पर पूज्य स्वामी जी ने कहा, भारत का पर्यटन केवल देखने का नहीं, जानने, समझने और जीने का अवसर है। भारत में यात्रा केवल पर्यटन नहीं, बल्कि तीर्थाटन है; यह हमें प्रकृति, संस्कृति, आध्यात्मिकता और अपनी जड़ों से जोड़ते हुए भीतर की यात्रा पर भी ले जाती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों को सुनाई खूब खरी-खरी एसआईआर को लेकर भ्रम फैला रहे कांग्रेस व उसके साथी विपक्षी दलः सीएम योगी



विशेष संवाददाता

 राजनीतिक स्वार्थ के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की साजिश कर रही कांग्रेसः मुख्यमंत्री

गैरजिम्मेदाराना हरकतों को कंट्रोल करें कांग्रेस व सहयोगी दल, जनता से मांगें माफीः मुख्यमंत्री

भ्रष्टाचार, आर्थिक कदाचार, कुनीति, अराजकतापूर्ण कार्यों के कारण सपा, कांग्रेस, राजद को खारिज करती है जनताः मुख्यमंत्री

लखनऊ, 27 सितंबरः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों को खूब खरी-खरी सुनाई। अपने सरकारी आवास पर रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह लोग भारत की संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने, राजनीतिक स्वार्थ के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की हर साजिश का हिस्सा रहे हैं। सीएम ने कहा कि देश का मुख्य विपक्षी दल व यूपीए गठबंधन से जुड़े अन्य दलों की हरकतें-बयानबाजी गैरजिम्मेदाराना हैं व लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने जैसी हैं। इन्होंने एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाया है। एसआईआर पहली बार नहीं हुआ है। देश में इससे पहले वर्ष 1952, 1957, 1961, 1965-66, 2003 समेत अनेक बार एसआईआर हुआ है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार की एसआईआर की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस, सपा, राजद समेत अन्य दलों ने जो हायतौबा मचाई है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। देश में सर्वाधिक समय तक शासन करने वाली कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा कर रही है। उन्होंने तंज किया कि सपा, कांग्रेस, राजद आदि विपक्षी दल यदि चुनाव जीतें तो इनका पुरुषार्थ है परंतु भ्रष्टाचार, आर्थिक कदाचार, कुनीति, अराजकतापूर्ण कार्यों के कारण यदि जनता इन्हें खारिज करे तो इसके लिए चुनाव आयोग और ईवीएम दोषी है। इन दलों को अपने बचकाने बयानों को लेकर चिंतन व आत्मावलोकन करना चाहिए। 

राहुल गांधी ने न्यायपालिका की निष्पक्षता पर कैंब्रिज में उठाया था सवाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लोगों द्वारा हर संवैधानिक संस्था को लगातार कटघरे में खड़ा किया जाता है। यह लोग चुनाव आयोग पर लगातार हमलावर हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कैंब्रिज में भारत की न्यायपालिका की निष्पक्षता पर प्रश्न खड़ा किया था। 2019 में कैग ने राफेल के मुद्दे पर अपना आब्जर्वेशन दिया था, इस पर भी कांग्रेस ने सवाल खड़े किए थे। ईवीएम से हुए चुनाव में केंद्र व कई राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनी, उस ईवीएम को ब्लैक बॉक्स कहकर भारत की चुनाव प्रणाली व दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र पर सवाल खड़ा करना दुर्भाग्यपूर्ण है। 

कांग्रेस का संवैधानिक व लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि इनका संवैधानिक व लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं है। 25 जून 1975 को कांग्रेस ने जब देश के संविधान का गला घोंटने का पाप किया था, तब उनके नेतृत्व की सरकारों ने विपक्षी दलों की चुनी गई तमाम सरकारों को अनैतिक तरीके से गिराने का पाप किया था। अपनी भ्रष्ट कार्यप्रणाली, आर्थिक कदाचार के कारण देश की आंतरिक-वाह्य सुरक्षा के साथ लगातार खिलवाड़ किया। बालाकोट की एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के बहादुर जवानों के शौर्य-पराक्रम पर इनके द्वारा सवाल खड़ा करना देशभक्ति नहीं है। वर्तमान में ऐसी ही गैरजिम्मेदाराना हरकतें कांग्रेस व उनके सहयोगी दल कर रहे हैं। 

गैरजिम्मेदाराना हरकतों को कंट्रोल करे कांग्रेस

मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर के बारे में पहले से ही निर्देश दिए गए थे कि छूटे हुए मतदाताओं को फॉर्म भरने की पूरी छूट है। फॉर्म-6 को लेकर उच्चतम न्यायालय ने चुनाव आयोग की कार्रवाई को उचित ठहराया, फिर भी चुनाव आयोग, मुख्य निर्वाचन आयुक्त व हर संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करके भारत की बदनामी कराना और सबसे बड़े लोकतंत्र को कमजोर करने की चेष्टा करने वाली कांग्रेस व उनके सहयोगी दलों का यह कृत्य अत्यंत हैरान करने वाला है। कांग्रेस अपनी गैरजिम्मेदाराना हरकतों को कंट्रोल करे। लोकतंत्र में हिंसा, तोड़फोड़ व दुष्प्रचार के लिए कोई जगह नहीं है। 

कांग्रेस व उसके सहयोगी दल जनता से मांगें माफी

सीएम ने कहाकि तीनों चुनाव आयुक्त ने मीडिया के सामने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, छूटे मतदाताओं व फॉर्म-6 को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। अब कोई प्रश्न खड़े नहीं होते, लेकिन कांग्रेस, सपा व सहयोगी दलों द्वारा बाल की खाल उधेड़ने जैसी स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतांत्रिक मूल्यों व संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश हो रही है। भारत ने हर वयस्क मतदाता को पहले दिन से जाति, क्षेत्र, भाषा, लिंग समेत बिना भेदभाव मतदान करने की स्वतंत्रता और चुनाव के एक दिन पहले तक मतदाता सूची में नाम बढ़ाने का अधिकार दिया है। पूरी पारदर्शी प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न उठाना लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने जैसा है। कांग्रेस व सहयोगी दलों को अपने कृत्य के लिए आमजन व देश की संवैधानिक संस्थाओं से माफी मांगनी चाहिए।

बिराज फाउंडेशन और बस्ता फाउंडेशन ने तिरंगा पार्क में प्रोजेक्ट कामाख्या के तहत मासिक धर्म स्वास्थ्य पर आयोजित किया कार्यक्रम





मुकेश गुप्ता

 जरूरतमंद महिलाओं-किशोरियों को बांटे सैनिटरी पैड

गाजियाबाद। महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं व्यक्तिगत देखभाल के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बिराज फाउंडेशन और बस्ता फाउंडेशन की ओर से संयुक्त रूप से प्रोजेक्ट कामाख्या के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अवंतिका स्थित तिरंगा पार्क में हुए कार्यक्रम में महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी दी गई।

जागरूकता सत्र के दौरान प्रतिभागियों को मासिक धर्म स्वच्छता, व्यक्तिगत स्वास्थ्य, सही हाइजीन प्रथाओं और इस दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया गया। साथ ही मासिक धर्म को लेकर समाज में व्याप्त झिझक और भ्रांतियों को दूर करने तथा स्वस्थ आदतों को अपनाने के लिए भी जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंद महिलाओं और किशोरियों को सैनिटरी पैड वितरित किए गए। इसके अलावा व्यक्तिगत स्वच्छता और देखभाल को बढ़ावा देने के लिए फेसवॉश, बॉडी लोशन सहित अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई।  कार्यक्रम में बिराज फाउंडेशन के संस्थापक एवं सीईओ डॉ. बिराज सिंह मौजूद रहे। उनके साथ ट्रेनर परमजीत कौर, डॉ. पूजा, शिक्षा दास, निधि और शाइली सहित दोनों संस्थाओं की टीम के सदस्य एवं स्थानीय प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

मासिक धर्म को लेकर झिझक दूर करने पर जोर

आयोजकों ने बताया कि प्रोजेक्ट कामाख्या का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों के बीच मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाना, सही जानकारी उपलब्ध कराना और जरूरतमंदों तक आवश्यक स्वच्छता सामग्री पहुंचाना है।  कार्यक्रम में प्रतिभागियों को बताया गया कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है और इसके बारे में सही जानकारी एवं खुलकर संवाद स्वास्थ्य जागरूकता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रतिभागियों ने जागरूकता सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया और मासिक धर्म एवं व्यक्तिगत स्वास्थ्य से जुड़े सवालों की जानकारी प्राप्त की।

शनिवार, 26 सितंबर 2026

नगर आयुक्त व जीडीए वीसी ने किया नंदी पार्क काऔचक निरीक्षण, गौशाला की बढ़ायी जा रही है क्षमता

      


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । नगर निगम द्वारा संचालित नंदी पार्क गौशाला का क्षमता को बढ़ाया जा रहा है जिसके लिए निर्माण विभाग की टीम कार्य कर रही है, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक द्वारा औचक निरीक्षण किया गया । साथ में नंदकिशोर कलाल गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के वी सी भी उपस्थित रहे। मौके पर चल रहे कार्यों का जायजा लिया गया तथा तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए, मौके पर मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, उपमुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ अनुज उपस्थित रहे l 


नगर आयुक्त ने बताया गया नंदी पार्क गौशाला में निराश्रित गोवंशों की संख्या लगभग 1900 से अधिक है इसके बाद भी निराश्रित गोवंश लगातार बढ़ रहे हैं जिसको देखते हुए गौशाला का क्षमता बढ़ाया जा रहा है ताकि निराश्रित गोवंशों का विशेष ध्यान रखा जा सके, निर्माण विभाग द्वारा बढ़े हुए 3000 स्क्वायर मीटर क्षमता पर टीन शेड का कार्य, चार दिवारी का कार्य, खोर बनाने का कार्य आवश्यक लाइटिंग का कार्य, इंटरलॉकिंग लगाने का कार्य चल रहा है, मौके पर उपस्थित निर्माण विभाग की टीम को तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए।

नगर आयुक्त के साथ गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने नंदी पार्क गौशाला का निरीक्षण करने के उपरांत गोवंश को हरा चारा और गुड खिलाया गया, गोवंशों के लिए बेहतर व्यवस्था को देखकर उपाध्यक्ष जी डी ए ने नगर निगम की टीम का उत्साहवर्धन किया, उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंशों के लिए गाजियाबाद नगर निगम की गौशाला में बहुत ही सुंदर व्यवस्था है जो की सराहनीय है ।

‘’प्रवर्तन जोन-7 के अन्तर्गत गुलमोहर वाटिका-2 में अवैध निर्माण को जी0डी0ए0 ने किया ध्वस्त’’




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल के निर्देशों के अनुपालन में आज दिनांक 26 सितंबर को प्रभारी प्रवर्तन जोन-7 के नेतृत्व में पारस गुप्ता पुत्र सुशील गुप्ता,  के द्वारा गुलमोहर वाटिका-2  साहिबाबाद के भूखण्ड संख्या 14 व 15 पर स्वीकृत मानचित्र से विचलन कर सेडवेक में किये गये अवैध निर्माण वाद सं0 GDA/ANI/2026/0005021 व वाद सं0 GDA/ANI/2026/0005022 के क्रम में ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई, ध्वस्तीकरण के समय प्रवर्तन जोन-7 में तैनात सहायक अभियन्ता, अवर अभियन्ता, प्रवर्तन जोन-7 का समस्त स्टाफ, प्राधिकरण पुलिस बल व स्थानीय पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहा। 

युवाओं को सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने का अनूठा प्रयास: सपा प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग ने Gen-Z के साथ देखी फिल्म 'हनुमान अंश', फिल्म कलाकार गुलशन पांडेय भी रहे मौजूद











मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, मूल्यों और प्रेरणादायी गाथाओं से रूबरू कराने के उद्देश्य से आज गाजियाबाद स्थित चौधरी मॉल में एक विशेष सिनेमा शो का आयोजन किया गया। इस खास अवसर पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग ने आज की नई पीढ़ी (Gen-Z) के युवाओं के साथ हाल ही में रिलीज़ हुई बहुचर्चित फिल्म 'हनुमान अंश' का विशेष शो देखा।

कार्यक्रम को और भी गरिमामय एवं स्मरणीय बनाने के लिए फिल्म में भूमिका निभाने वाले गुलशन पांडेय विशेष रूप से उपस्थित रहे। टॉकीज परिसर में पहुंचे युवाओं ने कलाकारों और सपा प्रदेश सचिव का जोरदार स्वागत किया।

शो के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग ने कहा, "आज की डिजिटल दुनिया में हमारी Gen-Z पीढ़ी आधुनिकता की ओर तेज़ी से बढ़ रही है, जो सराहनीय है। आज का युवा और Gen-Z आधुनिक भारत का सपना देखता है ।इसके साथ - साथ ही युवाओं को अपनी जड़ों, सांस्कृतिक धरोहर और महान जीवन मूल्यों से जोड़े रखना भी उतना ही आवश्यक है। 'हनुमान अंश' फिल्म युवाओं में नैतिक मूल्यों, अदम्य साहस और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों से युवाओं को अपनी समृद्ध विरासत पर गर्व करने की प्रेरणा मिलती है।"

फिल्म के कलाकार गुलशन पांडेय ने युवाओं के अपार प्रेम और उत्साह के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने सिनेमा हॉल में मौजूद युवाओं के साथ अपने अभिनय के अनुभव साझा किए और कहा कि जब आज की युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति पर आधारित फिल्मों को इस तरह सराहती है, तो कलाकारों का मनोबल और बढ़ता है।

कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। शो की समाप्ति के बाद युवाओं ने अभिषेक गर्ग और उपस्थित कलाकारों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और इस सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में विधानसभा 56 गाज़ियाबाद के युवा Gen-Z और अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती और डा साध्वी भगवती सरस्वती का पावन सान्निध्य में आहो गुरुदेव - श्रद्धेय राकेश के 60वें जन्मोत्सव पर दिव्य आध्यात्मिक समारोह आयोजित

 






संवाददाता

ज्ञान, साधना, सेवा और आत्मजागरण के 60 दिव्य वर्षों का दिव्य उत्सव

मुंबई, 26 सितंबर। आध्यात्मिक चेतना, आत्मजागरण, सेवा और करुणा की दिव्य यात्रा के 60 वर्षों का उत्सव श्रद्धेय श्री राकेशजी का 60वां जन्मोत्सव ‘आहो गुरुदेव’ अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मुंबई में मनाया गया। यह अवसर एक ऐसे दिव्य जीवन के प्रति कृतज्ञता अर्पित करने का पावन अवसर है, जिसने असंख्य हृदयों को आत्मचिंतन, साधना, प्रेम और सेवा की दिशा दिखाई है।

इस पावन अवसर पर परमार्थ पीठाधीश्वर परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज एवं डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती  का पावन सान्निध्य एवं आशीर्वचन समारोह की आध्यात्मिक गरिमा को और दिव्य ऊँचाई प्रदान की। यह अवसर सत्संग, साधना और आत्मजागरण का महापर्व है। इस अवसर पर प्रसिद्ध अभिनेत्री एवं सांसद हेमा मालिनी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।

‘आहो गुरुदेव’ का यह दिव्य आयोजन भक्ति, कृतज्ञता और आत्मिक आनंद से ओतप्रोत रहा। विश्व के विभिन्न स्थानों से श्रद्धेय राके के प्रति प्रेम, श्रद्धा और मंगलकामनाएँ व्यक्त की गईं। विश्वभर से प्राप्त मंगलकामनाओं की सुरमयी प्रस्तुति के माध्यम से विश्वभर से आईं शुभकामनाओं ने यह भाव प्रकट किया कि गुरु का प्रकाश सीमाओं से परे होता है और उनकी करुणा एवं शिक्षाएँ अनगिनत जीवनों को स्पर्श करती हैं।

इस अवसर का एक प्रमुख आकर्षण रहा श्रद्धेय राकेश का ‘ “साहसपूर्वक त्याग’ विषय पर प्रेरणादायी उद्बोधन दिया, जिसमें उन्होंने साहसपूर्वक त्याग के गहन आध्यात्मिक अर्थ को उद्घाटित किया। त्याग को केवल किसी वस्तु या परिस्थिति को छोड़ना नहीं, बल्कि अपने भीतर के भय, अहंकार, आसक्ति और उन सभी बंधनों से मुक्त होना है, जो मनुष्य को उसके वास्तविक स्वरूप से दूर रखते हैं। उनका संदेश उपस्थित जनों के लिए आत्ममंथन और आत्मजागरण का अवसर है।


इस दिव्य अवसर पर परमार्थ पीठाधीश्वर परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने श्रद्धेय l राकेश को अपनी मंगलकामनाएँ देते हुए कहा कि ऐसे दिव्य जीवन केवल अपने लिए नहीं जीते, बल्कि समाज और मानवता के लिए जीते हैं और प्रकाशस्तंभ बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरू के चरण अकड़ व पकड़ से फ्री होने के लिये है। आज आपको केवल दीक्षा ही नहीं मिली बल्कि दिशा भी प्राप्त हुई कि हमें केवल आपने लिये नहीं बल्कि सब के लिये, सम्पूर्ण मानवता के लिये जीना हैं। जीवन के दो तरह से जीते हैं एक तो हैं मेरे लिये क्या और दूसरा है मेरे द्वारा क्या, परन्तु जो गुरू के श्रीचरणों में आ जाते हैं उनका तो उद्देेश्य ही यह है कि हम आपके चरणों में हैं जो भी करवा लो प्रभु। तेरी मर्जी ही मेरी मर्जी, मेरी तो कोेई अर्जी ही नहीं यही जीवन हैं सन्यासी का जीवन। सन्यासी जीवन वह है जहां अहंकार नहीं स्वीकार है। हारी हुई जिन्दगी भी जीती जा सकती है गुरू कृपा से।

डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती ने भी अपनी भावपूर्ण शुभकामनाएँ देते हुए गुरु-शिष्य परम्परा की महिमा पर सारगर्भित उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि गुरु का सान्निध्य केवल ज्ञान प्रदान नहीं करता, बल्कि जीवन को भीतर से रूपांतरित करने की प्रेरणा देता है। गुरु के चरणों में समर्पण व्यक्ति को स्वयं से मिलाने और जीवन को सेवा, प्रेम एवं करुणा के मार्ग पर ले जाने का माध्यम बनता है।

समारोह में पूज्य संतों के आशीर्वचन, आध्यात्मिक प्रस्तुतियाँ और विविध दिव्य कार्यक्रमों ने वातावरण को भक्ति एवं आनंद से युक्त कर दिया। इस अवसर पर महत्वपूर्ण परियोजनाओं का अनावरण भी किया गया, जो भविष्य में सेवा, आध्यात्मिक जागरण और समाजकल्याण की दिशा में नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाली हैं।

श्रद्धेय राकेश के 60 वर्ष एक प्रेरणादायी यात्रा के 60 पड़ाव हैं। उनका जीवन इस बात का संदेश देता है कि जब मनुष्य स्वयं से ऊपर उठकर व्यापक चेतना और मानवता की सेवा के लिए समर्पित होता है, तब उसका जीवन अनेक लोगों के लिए प्रेरणा बन जाता है।

‘आहो गुरुदेव’ का यह उत्सव इसी कृतज्ञता का उत्सव है, गुरु के प्रति श्रद्धा का, उनके दिव्य जीवन के प्रति नमन का और उस प्रकाश के प्रति आभार का, जो अनगिनत हृदयों में आत्मजागरण की ज्योति प्रज्वलित करता है।

जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ‘ग्रांड पेरेंट्स डे’






मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद 26 सितंबर। जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, इंदिरापुरम के परिसर में शनिवार को बाल वाटिका (कक्षा नर्सरी, एल.के.जी. एवं यू.के.जी.) के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों द्वारा ’ग्रांड पेरेंट्स डे’ बड़े धूमधाम से आयोजित किया गया। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों के दादा-दादी/नाना-नानी को कार्यक्रम में शामिल होकर भाग लेने के लिए सादर आमंत्रित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के चेयरमैन जे. के. गौड़, एवं प्रधानाचार्या श्रीमती निधि गौड़ के करकमलों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित करके किया| तदोपरांत नन्हें-मुन्नों ने अपने दादा-दादी/नाना-नानी एवं सभी गणमान्य अतिथियों का ‘सरस्वती वंदना’ के द्वारा अभिनंदन किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने अनेक रंगारंग प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्हें सभी ने खूब सराहा।

कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों एवं उनके दादा-दादी/नाना-नानी के लिए अनेक मनोरंजक गतिविधियाँ एवं खेल भी आयोजित किए गए, जिनमें सभी ने बड़े उत्साह से भाग लिया। मन की बात के माध्यम से विद्यालय के चेयरमैन श्री जे. के. गौड़ ने कहा कि आज के दौर में जब संयुक्त परिवारों का विघटन हो रहा है, ऐसे में बच्चे अपने बुजुर्ग अभिभावकों के प्यार एवं देखभाल से वंचित होने लगे हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों को अपने दादा-दादी/नाना-नानी के निकट लाते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि यही वह अवस्था है जब हम बच्चों को अच्छे संस्कार दे सकते हैं और यह आदान-प्रदान बड़ों के सहयोग के बिना पूर्ण नहीं हो सकता। अंत में उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम विद्यालय में निरंतर आयोजित होते रहेंगे। कार्यक्रम के पश्चात सभी अतिथियों एवं अभिभावकों के लिए स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था की गई।

शुक्रवार, 25 सितंबर 2026

महापौर, नगर आयुक्त ने 157 घंटे लगातार चलने वाले महासफाई अभियान का शुभारंभ किया,छात्राओं, सफाई कर्मचारियों को किया सम्मानित

 








शहर की स्वच्छता हम सबकी जिम्मेदारी- महापौर

जन-जन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेगा निगम, 5200 सफाई मित्रों की बनाई गई टीम-नगर आयुक्त

गाजियाबाद।  नगर निगम द्वारा महा सफाई अभियान की शुरुआत की गई मोहन नगर जोन राजेंद्र नगर पहुंचकर महापौर सुनीता दयाल तथा नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की उपस्थिति में 157 घंटे लगातार चलने वाले महासफाई अभियान का शुभारंभ किया गया, मौके पर नगर आयुक्त द्वारा उपस्थित छात्र-छात्राओं, सामाजिक संस्थाओं, शहर निवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया, उत्साहवर्धन किया गया।

महापौर ने बताया गया कि स्वच्छता हर घर की जिम्मेदारी है जिसमें छात्राओं का विशेष सहयोग शहर को मिल रहा है, गाजियाबाद नगर निगम द्वारा 157 घंटे का महा अभियान शुरू किया गया है जो की दिन-रात लगातार चलेगा जिसमें न केवल निगम की सफाई मित्र अपनी भूमिका निभाएंगे बल्कि शहर हित में हर घर को अपनी भूमिका निभाई है शहर की स्वच्छता सामूहिक जिम्मेदारी है, महापौर द्वारा उपस्थित जनों को शुभकामनाएं दी गई तथा निगम का सहयोग करने वाली संस्थाओं को सम्मानित किया गया।

नगर आयुक्त ने बताया गया की 2 अक्टूबर तक महासफाई अभियान चलेगा जिसकी शुरुआत मोहन नगर से हुई है सभी जोन में दिन-रात लगातार सफाई का अभियान चलेगा, 5200 सफाई मित्रों की ड्यूटी लगाई गई है जिसमें टीम बनाकर सभी जोन में दिन-रात सफाई होगी, व्यापारी वर्ग का विशेष सहयोग लिया जाएगा, 100 वार्डों में जन सहयोग तथा माननीय पार्षदों के सहयोग से अभियान को सफल बनाया जाएगा मौके पर उपस्थित जनों को नगर आयुक्त द्वारा प्रशस्ति पत्र भेंट कर स्वच्छता के प्रति प्रोत्साहित किया गया।

गाजियाबाद नगर निगम द्वारा 157 घंटे का महा सफाई अभियान शुरू किया गया जिसमें मोहन नगर जोन राजेंद्र नगर में सफाई के साथ शुरुआत की गई, मौके पर क्षेत्रीय पार्षद कविता भाटी, पार्षद प्रमोद राघव उपस्थित रहे, गाजियाबाद नगर निगम द्वारा जन-जन को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है, महापौर तथा नगर आयुक्त द्वारा शहर वासियों से स्वच्छता की अपील की गई
















भारतीय वैश्य ग्लोबल फाउंडेशन ने टैक्स ऑडिट की तिथि 31 अक्टूबर तक बढ़ाने की मांग; सीबीडीटी को सौंपा ज्ञापन


मुकेश गुप्ता

गाज़ियाबाद, 25 सितंबर 2026। भारतीय वैश्य ग्लोबल फाउंडेशन ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) से धारा 44AB के अंतर्गत कर निर्धारण वर्ष 2026-27 की टैक्स ऑडिट रिपोर्ट एवं अन्य ऑडिट रिपोर्टों (फॉर्म 10B, 10BB सहित) की अंतिम तिथि 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026, तथा ऑडिट मामलों में रिटर्न की तिथि 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 30 नवंबर 2026 करने की मांग की है। फाउंडेशन ने सीए एसोसिएशन जालंधर, राजस्थान टैक्स कंसल्टेंट्स एसोसिएशन और AIMTPA सहित अन्य संगठनों के ज्ञापनों का भी समर्थन किया है।

फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीए डॉ. विनय मित्तल ने बताया कि इस वर्ष ऑडिट का समय कई कारणों से अत्यंत सीमित रहा. उन्होंने बताया कि आईसीएआई ने गैर-कॉर्पोरेट इकाइयों (₹5 करोड़ से अधिक टर्नओवर) के लिए नया लेखा प्रारूप 31 मार्च 2026 को, वर्ष के अंतिम दिन, अनिवार्य किया।

आईटीआर फॉर्म और यूटिलिटी देर से आए और बार-बार बदले; आईटीआर-6 की यूटिलिटी 20 अगस्त को आई तथा आईटीआर-3/5 की यूटिलिटी 1 सितंबर को फिर संशोधित हुई।

गैर-ऑडिट रिटर्न की तिथि 31 अगस्त होने से ऑडिट के लिए केवल एक माह बचा

एमसीए की CCFS-2026 योजना 15 सितंबर तक चली, जिसके फॉर्म भी इन्हीं सीए को तैयार करने पड़े।

पर्युषण एवं दशलक्षण पर्व (8–25 सितंबर) ऑडिट माह के 18 दिनों में पड़े।

दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान आदि में भारी वर्षा व जलभराव से कामकाज बाधित रहा।

पोर्टल पर लॉगिन, ओटीपी, डीएससी और फॉर्म 3CD वैलिडेशन की समस्याएँ बनी रहीं।

सितंबर में जीएसटी, टीडीएस, अग्रिम कर, ईपीएफ/ईएसआई जैसी अन्य देयताएँ रहीं; साथ ही यह पहला सितंबर है जिसमें आयकर अधिनियम 1961 और 2025, दोनों के अनुपालन साथ-साथ करने पड़े।

बैंक हड़ताल: 11 सितंबर 2026 को एक दिवसीय हड़ताल हो चुकी है और 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल प्रस्तावित है, जो ठीक अंतिम तिथि के सप्ताह में है। इससे बैंक स्टेटमेंट, बैलेंस कन्फर्मेशन व कर भुगतान प्रभावित होने की आशंका है। 

फाउंडेशन ने कहा कि तिथि बढ़ाने से राजस्व की कोई हानि नहीं होगी, क्योंकि कर अग्रिम कर व स्व-निर्धारण कर से जमा होता है; आवश्यकता हो तो धारा 234A का ब्याज जारी रखा जा सकता है। इसके विपरीत, जल्दबाज़ी के ऑडिट से संशोधित रिपोर्ट, नोटिस और मुकदमेबाज़ी बढ़ती है। बोर्ड ने पिछले वर्ष भी यह तिथि 31 अक्टूबर 2025 तक बढ़ाई थी।

फाउंडेशन ने यह भी मांग की है कि निर्णय तुरंत आधिकारिक आदेश से घोषित किया जाए, फॉर्म 3CEB/ट्रांसफर प्राइसिंग मामलों को भी राहत मिले, अगले वर्ष से सभी आईटीआर फॉर्म व यूटिलिटी 30 अप्रैल तक जारी कर स्थिर किए जाएँ, तथा ऑडिट रिपोर्ट हेतु 31 अक्टूबर और रिटर्न हेतु 30 नवंबर की तिथि स्थायी रूप से तय की जाए।

सीए डॉ. विनय मित्तल ने कहा, "करदाताओं को धार्मिक आस्था और अनुपालन के बीच चुनाव के लिए विवश नहीं किया जाना चाहिए। अंतिम सप्ताह में बैंक बंद रहने की आशंका के बीच समयसीमा पर अड़े रहना व्यावहारिक नहीं है। हमें विश्वास है कि बोर्ड लाखों ईमानदार करदाताओं के हित में शीघ्र निर्णय लेगा।"

संपर्क:

सीए डॉ. विनय मित्तल, राष्ट्रीय अध्यक्ष

भारतीय वैश्य ग्लोबल फाउंडेशन, गाज़ियाबाद

मोबाइल: 9310556351

गणेश विसर्जन-विसर्जन से सर्जन की यात्रा, राष्ट्रसेवा और जनकल्याण को जीवन का ध्येय बनाने वाले महान चिंतक एवं युगद्रष्टा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर परमार्थ निकेतन से भावभीनी श्रद्धाजंलि



संवाददाता

ऋषिकेश, 25 सितम्बर। परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती  और डा साध्वी भगवती सरस्वती  ने अनंत चतुदर्शी की शुभकामनायें देते हुये कहा कि श्री गणेश विसर्जन अंत नहीं है, विसर्जन तो नये सर्जन की शुरुआत है। मंगलमूर्ति, प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा को हम श्रद्धा, प्रेम और भक्ति के साथ अपने घरों और पूजा स्थलों में स्थापित करते हैं। 14 दिनों तक उनकी पूजा-अर्चना करते हैं, प्रार्थना करते हैं, उनसे सुख, शांति, समृद्धि, बुद्धि और मंगल का आशीर्वाद मांगते हैं और फिर उसी प्रेम एवं श्रद्धा के साथ उनकी प्रतिमा का विसर्जन करते हैं।

परमार्थ निकेतन में देश विदेश से आये श्रद्धालुओं ने पूज्य स्वामी जी के साथ अनंत चतुदर्शी मनायी। इस पावन परम्परा के बीच एक महत्वपूर्ण प्रश्न हमारे सामने आता है, विसर्जन के बाद हमारे जीवन में क्या नया जन्म लेता है? क्या विसर्जन केवल एक प्रतिमा के जल में विलीन होने तक सीमित रह जाए, या यह हमारे भीतर और हमारे आसपास किसी नये जीवन, नयी चेतना और नये संकल्प के सर्जन का माध्यम बने?

इसी भाव के साथ परमार्थ निकेतन से पूज्य स्वामी जी ने संदेश दिया कि हमारी परम्पराएँ ऐसी हों जो प्रकृति को भी बचाएँ, संस्कृति को भी सहेजें और आने वाली पीढ़ियों को भी सुरक्षित रखें।

आज आवश्यकता है कि हम अपनी श्रद्धा को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी से जोड़ें। गणेश जी की प्रतिमाओं के निर्माण में ऐसे प्राकृतिक एवं पर्यावरण-अनुकूल माध्यमों का प्रयोग किया जा सकता है, जिनमें किसी औषधीय पौधे, फलदार वृक्ष या उपयोगी वनस्पति का बीज सुरक्षित रूप से रखा जाए। विसर्जन के पश्चात जब प्रतिमा प्रकृति में विलीन हो, तो उसमें निहित बीज धरती में रोपा जाए और उससे एक नये पौधे का जन्म हो।

तब गणेश विसर्जन केवल मूर्ति का विसर्जन नहीं रहेगा, वह एक नये जीवन का सर्जन बन जाएगा। एक प्रतिमा जल में विलीन होगी और उसी प्रक्रिया से धरती पर एक पौधा जन्म लेगा। एक रूप समाप्त होगा और दूसरा रूप प्रकट होगा। यही तो प्रकृति का शाश्वत नियम है, विसर्जन से सर्जन, अंत से आरम्भ और परिवर्तन से नवजीवन।

इस श्रीगणेश विसर्जन पर हम केवल प्रतिमा का विसर्जन न करें, बल्कि अपने भीतर की उन वृत्तियों का भी विसर्जन करें जो हमारे जीवन और समाज को कमजोर करती हैं।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि इस अनंत चतुदर्शी हम अपने अहंकार का विसर्जन करें, विनम्रता का सर्जन करें। नकारात्मकता का विसर्जन करें, सकारात्मकता का सर्जन करें। नेगेटीव नेरेटीव का विसर्जन करें, प्रदूषण का विसर्जन करें और      प्रकृति-संरक्षण का सर्जन करें।

परमार्थ निकेतन का आह्वान है कि इस बार गणेश विसर्जन को एक ऐसे संकल्प से जोड़ें, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आशीर्वाद बन सके। प्रत्येक परिवार, विद्यालय, संस्था और समुदाय अपने स्तर पर पर्यावरण-अनुकूल गणेश उत्सव मनाने का संकल्प ले। प्राकृतिक सामग्री से निर्मित प्रतिमाओं को अपनाएँ, जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाएँ और विसर्जन के बाद बीजों को धरती में रोपकर एक गणेश प्रतिमा से एक नये जीवन के सर्जन की यात्रा प्रारम्भ करें।

गणपति बप्पा हमें छोड़कर नहीं जाते। वे हमारे भीतर एक नई चेतना, नया संकल्प और नये जीवन का सर्जन करके जाते हैं। आइए, इस अनंत चतुर्दशी पर हम संकल्प लें, विसर्जन को सर्जन से जोड़ें, श्रद्धा को सेवा से जोड़ें, परम्परा को प्रकृति-संरक्षण से जोड़ें और आज के उत्सव को आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ें।

गुरुवार, 24 सितंबर 2026

जीडीए की 174वीं बोर्ड बैठक में शहर के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से लगी बोर्ड की मुहर,अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से लेकर हरनन्दीपुरम की विशाल आवासीय योजना तक—आवास, रोजगार, निवेश, अवस्थापना, खेल एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी







मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की 174वीं बोर्ड बैठक आज दिनांक 24 सितम्बर 2026 को आयुक्त मेरठ मण्डल एवं बोर्ड के अध्यक्ष भानु चन्द्र गोस्वामी की अध्यक्षता में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के कॉन्फ्रेंस हॉल में सम्पन्न हुई। इस  बैठक में  जिलाधिकारी गाजियाबाद  रविन्द्र कुमार मांदड़, जिलाधिकारी हापुड़ श्रीमती कविता मीना, उपाध्यक्ष GDA नंद किशोर कलाल, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मालिक, संयुक्त निदेशक कोषागार एवं पेंशन मेरठ मंडल सतीश कुमार, प्रतिनिधि CTCP एंड चीफ coordinator planner NCR Cell Ghaziabad  विशाल भारती , क्षेत्रीय प्रबंधक UPSIDA प्रदीप कुमार सत्यार्थी उपस्थित रहे | इसके अतिरिक्त प्राधिकरण बोर्ड के नामित सदस्य केशव त्यागी एवं पवन गोयल उपस्थित रहे | बैठक में गाजियाबाद के वर्तमान एवं भावी शहरी विकास को नई दिशा देने वाले महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा एवं विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के उपरान्त बैठक में प्रस्तुत प्रस्तावों पर बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से अपनी स्वीकृति प्रदान करते हुए मुहर लगाई गई। बैठक के एजेंडे में आवासीय योजनाओं, बड़े टाउनशिप विकास, भू-उपयोग परिवर्तन, औद्योगिक विकास, प्राधिकरण की संपत्तियों के बेहतर उपयोग, अवस्थापना सुविधाओं तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषय सम्मिलित रहे।


 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से गाजियाबाद को मिलेगी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान, खेल के साथ बढ़ेंगे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के अवसर

जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने बताया कि 174वीं बोर्ड बैठक में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रस्ताव में उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) के स्वामित्व वाली भूमि को Land Pooling के माध्यम से प्राप्त किए जाने तथा स्टेडियम निर्माण के लिए Draft MOU एवं Feasibility Report से संबंधित कार्यवाही शामिल थी। प्रस्ताव पर विस्तृत विचार-विमर्श के उपरान्त बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम के विकसित होने से गाजियाबाद को एक बड़ी खेल सुविधा प्राप्त होने के साथ-साथ शहर की पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती मिलने की संभावना है। बड़े खेल आयोजनों के दौरान खिलाड़ियों, दर्शकों, मीडिया एवं अन्य आगंतुकों की आवाजाही बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन, स्थानीय व्यापार, हॉस्पिटैलिटी, पर्यटन तथा अन्य सेवा क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने बताया कि इसके साथ ही खेल से जुड़े प्रशिक्षण, स्थानीय खेल प्रतिभाओं को अवसर, विभिन्न सहायक सेवाओं तथा आयोजन प्रबंधन से जुड़े रोजगार के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं। इस दृष्टि से प्रस्तावित स्टेडियम को केवल खेल परिसर के रूप में नहीं, बल्कि गाजियाबाद की अर्थव्यवस्था, शहरी पहचान और भविष्य की गतिविधियों को गति देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में देखा जा सकता है।

 हरनन्दीपुरम—501.2173 हेक्टेयर में विकसित होने वाली नई आवासीय योजना से गाजियाबाद के भविष्य के आवासीय विस्तार को मिलेगी नई दिशा

बोर्ड बैठक में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की नई आवासीय योजना ‘हरनन्दीपुरम’ से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की गई। योजना का प्रस्तावित कुल क्षेत्रफल 501.2173 हेक्टेयर है। प्रथम चरण में ग्राम भोवापुर एवं शाहपुर निज मोरटा में प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहीत 47.1612 हेक्टेयर भूमि में से 24.1213 हेक्टेयर भूमि के भू-उपयोग को महायोजना-2031 में ‘कृषि’ से ‘आवासीय’ किए जाने से संबंधित प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के उपरान्त बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।

जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने बताया कि योजना के प्रथम चरण का तलपट मानचित्र लगभग 49.62 हेक्टेयर क्षेत्रफल के लिए तैयार किया गया है। सड़क चौड़ीकरण, जोनल रोड एवं अन्य आवश्यक प्रावधानों के बाद लगभग 25.40 हेक्टेयर नेट स्कीम एरिया में आवासीय,व्यावसायिक व अन्य सुविधाओं को सम्मिलित किया गया है। इस नेट क्षेत्रफल में लगभग 50.18 प्रतिशत आवासीय, 6.30 प्रतिशत वाणिज्यिक, 5.46 प्रतिशत सामुदायिक सुविधाएं, 7.42 प्रतिशत क्षेत्रीय मनोरंजन/ग्रीन तथा 30.66 प्रतिशत यातायात के लिए प्रावधान दर्शाया गया है।

उन्होंने बताया कि ,योजना में आवासीय उपयोग के साथ-साथ वाणिज्यिक क्षेत्र, सामुदायिक सुविधाएं, सामाजिक सुविधाएं, हरित एवं मनोरंजन क्षेत्र तथा यातायात के लिए पर्याप्त स्थान प्रस्तावित किया गया है। इस प्रकार हरनन्दीपुरम केवल आवासीय कॉलोनी के रूप में नहीं, बल्कि आवास एवं आवश्यक नगरीय सुविधाओं को एक साथ विकसित करने वाली योजनाबद्ध शहरी इकाई के रूप में आकार लेगी।

 इन्दिरापुरम में 5,965.29 वर्गमीटर भूमि का आवासीय उपयोग—विकसित क्षेत्र में बढ़ती आवासीय मांग को मिलेगा समर्थन

बोर्ड बैठक में इन्दिरापुरम योजना के शक्तिखण्ड-4 स्थित होटल भूखंड संख्या SK-IV-01, क्षेत्रफल 5,965.29 वर्गमीटर के भू-उपयोग को ‘होटल (व्यावसायिक)’ से ‘आवासीय (ग्रुप हाउसिंग)’ में परिवर्तित करने तथा तलपट मानचित्र में आंशिक संशोधन से संबंधित प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की गई। चर्चा के बाद बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

इन्दिरापुरम जैसे पूर्ण विकसित एवं उच्च आवासीय मांग वाले क्षेत्र में उपलब्ध भूमि का आवासीय उपयोग किए जाने से आवासीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। इससे विकसित शहरी क्षेत्र में उपलब्ध भूमि का अधिक उपयोगी एवं आवश्यकता आधारित नियोजन संभव होगा तथा आवासीय इकाइयों की उपलब्धता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

 कोयल एन्क्लेव एवं इन्द्रप्रस्थ में आवासीय विकल्पों का विस्तार—प्लॉटेड डेवलपमेंट से नागरिकों को मिलेंगे अधिक लचीले आवासीय विकल्

बोर्ड एजेंडे में कोयल एन्क्लेव आवासीय योजना के ग्रुप हाउसिंग भूखंडों के उपयोग को प्लॉटेड डेवलपमेंट में परिवर्तित करने से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। इनमें एक प्रमुख भूखंड का क्षेत्रफल 12,868.88 वर्गमीटर तथा दूसरा 2,020 वर्गमीटर है।


इसी क्रम में इन्द्रप्रस्थ आवासीय योजना के भूखंड संख्या GH-08, क्षेत्रफल 4,353 वर्गमीटर के संबंध में भी ग्रुप हाउसिंग के स्थान पर प्लॉटेड डेवलपमेंट—एकल/बहु-आवासीय इकाइयों—की अनुमति से संबंधित तलपट मानचित्र संशोधन के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। विस्तृत विचार-विमर्श के उपरान्त इन प्रस्तावों को भी बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।

इन क्षेत्रों में आवासीय विकास को स्थानीय परिस्थितियों एवं उपलब्ध अवस्थापना के अनुरूप अधिक व्यवहारिक बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। विशेष रूप से कम ऊंचाई वाले आवासीय विकास से उन नागरिकों के लिए विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं जो बहुमंजिला अपार्टमेंट के स्थान पर स्वतंत्र अथवा कम ऊंचाई वाले आवासीय विकल्प पसंद करते हैं।

 *वेव सिटी में भूमि उपयोग का बेहतर नियोजन—आवासीय एवं व्यावसायिक विकास के साथ सुविधाओं का विस्तार* 


बैठक में वेव सिटी के स्वीकृत तलपट मानचित्र से संबंधित प्रस्ताव पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इसमें सेक्टर-1 के लगभग 8,035.44 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले PSP भूखंड तथा लगभग 14,756.86 वर्गमीटर के कमर्शियल भूखंड से संबंधित भू-उपयोग परिवर्तन का विषय शामिल था। प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के उपरान्त बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।

भूमि उपयोग में आवश्यक संशोधन एवं वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप नियोजन से विकसित क्षेत्र में उपलब्ध भूमि का अधिक प्रभावी उपयोग संभव होगा। इससे भविष्य में वाणिज्यिक गतिविधियों, सार्वजनिक सुविधाओं और सहायक शहरी सेवाओं के विकास को बेहतर आधार मिलेगा।


 *सनसिटी के बड़े टाउनशिप विकास को मिलेगी नियोजित गति—2,420.11 एकड़ के व्यापक क्षेत्र में चरणबद्ध विकास का आधार* 


174वीं बोर्ड बैठक में ‘सनसिटी’ टाउनशिप के संशोधित क्षेत्रफल 2,420.11 एकड़ की DPR के अंतर्गत प्रथम चरण में 589.02 एकड़ क्षेत्रफल के तलपट मानचित्र की स्वीकृति से संबंधित प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की गई। चर्चा के बाद बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।


जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने बताया कि इतने बड़े क्षेत्र में नियोजित टाउनशिप विकास का प्रभाव केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा। इसके साथ सड़क, जल निकासी, हरित क्षेत्र, सामुदायिक सुविधाएं, वाणिज्यिक गतिविधियां एवं अन्य नगरीय सेवाओं का चरणबद्ध विकास संभव होगा।

 हसनपुर लोढ़ा में 13.1568 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक विकास की दिशा में—MSME एवं रोजगार के अवसरों को मिलेगा प्रोत्साहन

बोर्ड एजेंडे में ग्राम हसनपुर लोढ़ा, तहसील धौलाना, जनपद हापुड़ की कुल 13.1568 हेक्टेयर भूमि को ‘कृषि’ से ‘औद्योगिक’ भू-उपयोग में परिवर्तित किए जाने के प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की गई। यह प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रोत्साहन नीति-2022 के अंतर्गत था। चर्चा के उपरान्त बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

औद्योगिक उपयोग के लिए नियोजित भूमि उपलब्ध होने से क्षेत्र में MSME गतिविधियों, निवेश एवं रोजगार को बढ़ावा देने का आधार तैयार हो सकेगा।

 शाहपुर बम्हैटा में सनराइज ग्रीन इंटीग्रेटेड टाउनशिप—संशोधित DPR के माध्यम से विकास को मिलेगी व्यवहारिक दिशा

बोर्ड बैठक में शाहपुर बम्हैटा स्थित सनराइज ग्रीन इंटीग्रेटेड टाउनशिप की पूर्व स्वीकृत 300 एकड़ की DPR को संशोधित कर लगभग 252.32 एकड़ क्षेत्रफल के लिए पुनरीक्षित DPR को स्वीकृति दिए जाने से संबंधित प्रस्ताव पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के बाद बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

संशोधित DPR के माध्यम से क्षेत्र की वास्तविक विकास क्षमता, उपलब्ध भूमि तथा नियोजन आवश्यकताओं के अनुरूप टाउनशिप के विकास को आगे बढ़ाने का आधार मिलेगा।

 मधुबन-बापूधाम में निर्माणाधीन 198 दो-BHK आवासीय भवनों के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

गाजियाबाद की महत्वपूर्ण विकसित योजनाओं में शामिल मधुबन-बापूधाम योजना के अंतर्गत भूखंड संख्या GH-2 पार्ट पर निर्माणाधीन 198 दो-BHK भवनों से संबंधित प्रस्ताव पर भी बोर्ड में विस्तृत चर्चा की गई। इसमें परियोजना का मूल्यांकन कराकर ‘जैसा है जहां है’ के आधार पर ई-नीलामी किए जाने की दिशा में विचार किया गया। विस्तृत चर्चा के उपरान्त बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

इस पहल से पहले से निर्मित आवासीय परिसंपत्ति का बेहतर उपयोग संभव होगा। साथ ही ई-नीलामी के माध्यम से नागरिकों को उपलब्ध आवासीय संपत्तियों तक पहुंच का अवसर मिल सकता है और प्राधिकरण की परिसंपत्तियों का प्रभावी आर्थिक उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

 गाजियाबाद के समग्र एवं भविष्य उन्मुख विकास की मजबूत आधारशिला

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की 174वीं बोर्ड बैठक में प्रस्तुत विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा एवं गहन विचार-विमर्श के उपरान्त सर्वसम्मति से बोर्ड की मुहर लगना शहर के नियोजित एवं समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हरनन्दीपुरम जैसी नई आवासीय योजना भविष्य की आवासीय आवश्यकताओं के लिए नियोजित आधार तैयार करेगी, इन्दिरापुरम, कोयल एन्क्लेव एवं इन्द्रप्रस्थ में भूमि का बेहतर उपयोग आवासीय विकल्पों को बढ़ाएगा, सनसिटी एवं सनराइज ग्रीन जैसी बड़ी टाउनशिप परियोजनाएं शहर के विस्तार को योजनाबद्ध स्वरूप देंगी, औद्योगिक उपयोग से रोजगार एवं निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा और प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम गाजियाबाद को खेल के साथ-साथ पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, व्यापार एवं सेवा क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का आधार बनेगा। इस प्रकार 174वीं बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से स्वीकृत प्रस्ताव गाजियाबाद को अधिक व्यवस्थित, आधुनिक, सुविधायुक्त, आर्थिक रूप से सक्रिय और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी कदम सिद्ध होंगे।

एशियन गेम्स 2026 में भारत की विजय को परमार्थ निकेतन की ओर से सभी खिलाडियों को दी अनेकानेक शुभकामनायें

 




संवाददाता

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने भारतीय खिलाड़ियों की गौरवपूर्ण उपलब्धियों हेतु बधाईयाँ दी

माँ गंगा की आज की आरती खिलाड़ियों की विजय को की समर्पित

ऋषिकेश, 24 सितंबर 2026। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा देश का गौरव बढ़ाने का सिलसिला निरंतर जारी है। खेल मैदान से लेकर जल की लहरों और लक्ष्यभेद की एकाग्रता तक, भारत के युवा खिलाड़ी अपने परिश्रम, अनुशासन, साहस और संकल्प से तिरंगे की शान बढ़ा रहे हैं। इन गौरवपूर्ण उपलब्धियों पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश की ओर से समस्त भारतीय खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ अर्पित की गईं।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने आज की पावन गंगा आरती, एशियन गेम्स में भारत के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों और देश की युवा शक्ति को समर्पित करते हुए कहा कि जब कोई भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लेकर खड़ा होता है, तब उसके साथ केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आशा, प्रार्थना और गौरव खड़ा होता है।

उन्होंने कहा कि “खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वयं पर विजय प्राप्त करने की साधना है। खिलाड़ी हमें सिखाते हैं कि एकाग्रता, अनुशासन, तप, त्याग और निरंतर अभ्यास से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। आज एशियन गेम्स में भारत का तिरंगा जिस ऊँचाई पर लहरा रहा है, उसके पीछे हमारे खिलाड़ियों की वर्षों की साधना और पूरे राष्ट्र की शक्ति है।”

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज की गंगा आरती उन सभी भारतीय खिलाड़ियों को समर्पित है, जिन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत का मान बढ़ाया है। उन्होंने माँ गंगा से प्रार्थना की कि सभी खिलाड़ी स्वस्थ रहें, निरंतर आगे बढ़ें और अपने खेल तथा अपने संकल्प से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहें।

शूटिंग के स्कीट मिश्रित टीम मुकाबले में परिनाज़ धालीवाल और अनंतजीत सिंह नरूका ने कांस्य पदक जीतकर भारत के पदक अभियान में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जोड़ा। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 44 अंक हासिल कर पोडियम स्थान प्राप्त किया।

परमार्थ निकेतन की ओर से दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा गया कि लक्ष्य पर केंद्रित दृष्टि और मन की एकाग्रता ही सफलता की आधारशिला है। उनका यह प्रदर्शन देश के उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है जो अपने सपनों को साधना और परिश्रम से साकार करना चाहते हैं।

भारत की नाओरेम रोशिबिना देवी ने महिला 60 किग्रा सांडा स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। यह उनकी लगातार तीसरी एशियन गेम्स पदक उपलब्धि है। 

पूज्य स्वामी जी ने रोशिबिना देवी को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सच्चा योद्धा वही है जो हर परिस्थिति में अपने संकल्प को जीवित रखे। उनकी यात्रा साहस, अनुशासन और आत्मविश्वास की प्रेरक कहानी है।

रोइंग के पुरुष डबल स्कल्स में सतनाम सिंह और सलमान खान ने कांस्य पदक जीतकर भारत को गौरवान्वित किया। दोनों ने फाइनल में इस स्पर्धा में भारत का पहला एशियन गेम्स पदक हासिल किया।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि जल पर उनकी गति और लय केवल खेल की सफलता नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि जब दो संकल्प एक दिशा में, एक लय में और एक लक्ष्य के साथ आगे बढ़ते हैं, तो विजय की धारा स्वयं मार्ग बनाती है।

उन्होंने खिलाड़ियों के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि भारत के खिलाड़ी आज दुनिया को यह संदेश दे रहे हैं कि भारत की युवा शक्ति में सामर्थ्य भी है, संस्कार भी हैं और संकल्प भी है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भारत के लिए खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण की साधना हैं। मैदान पर खिलाड़ी जिस अनुशासन, धैर्य और आत्मसंयम का परिचय देते हैं, वही गुण जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता की नींव बनते हैं।

उन्होंने देश के अभिभावकों और युवाओं से आह्वान किया कि बच्चों को केवल परीक्षा और करियर तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें खेल, योग, ध्यान, सेवा और संस्कार से भी जोड़ें। स्वस्थ शरीर, शांत मन और मजबूत चरित्र ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण करते हैं।

परमार्थ निकेतन माँ गंगा के पावन तट से आज प्रार्थना की गई कि भारत का तिरंगा विश्व के हर खेल मैदान में गौरव के साथ लहराता रहे, भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिभा को नई ऊँचाइयाँ मिलें और उनकी विजय से देश के करोड़ों युवाओं में स्वस्थ जीवन, अनुशासन, खेल भावना और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा जागृत हो।

बुधवार, 23 सितंबर 2026

दिव्यांग दुकानदार ने पुलिसकर्मियों पर अभद्रता, धमकी और रुपये ले जाने के लगाए गंभीर आरोप

         

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार जहां दिव्यांगजनों और निराश्रित लोगों को रोजगार सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए योजनाएं चला रही है, वहीं विजयनगर थाना क्षेत्र के सिद्धार्थ विहार स्थित गंगाजल चौकी क्षेत्र में एक दिव्यांग दुकानदार ने पुलिसकर्मियों पर अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज, धमकी देने और रुपये ले जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

दिव्यांगजन निराश्रित सर्व उत्थान सेवा समिति के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिए गए शिकायती पत्र में कांशीराम आवास योजना, प्रताप विहार निवासी दिनेश कुमार पुत्र स्वर्गीय घीसाराम ने बताया कि 20 सितंबर को वह गंगा-जमुना अपार्टमेंट के पास ब्रह्मपुत्र रोड, सिद्धार्थ विहार स्थित अपनी खोखा नुमा दुकान पर बैठा हुआ था।

शिकायत के अनुसार, करीब सुबह 11:30 बजे एक सफेद रंग की कार उसकी दुकान के सामने आकर रुकी। कार से उतरा एक व्यक्ति कुछ देर दुकान के सामने खड़ा रहा और इसके बाद दुकान के अंदर आ गया। दिनेश कुमार का आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने सबसे पहले उसका मोबाइल फोन ले लिया, जिससे वह किसी को फोन न कर सके और कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग भी न कर पाए।

दिनेश के मुताबिक, उक्त व्यक्ति ने दुकान से सिगरेट ली, लेकिन उसके पैसे नहीं दिए। उसने स्वयं को डीपी सिंह, चौकी इंचार्ज बताया। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त व्यक्ति पुलिस की वर्दी में नहीं था। वर्दी के संबंध में पूछने पर उसने स्वयं को सिविल ड्रेस में होना बताया।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दुकान लगाने की अनुमति के संबंध में पूछताछ के दौरान दिनेश ने अधिकारियों से मिली अनुमति की जानकारी दी और अनुमति पत्र दिखाया। इसके बाद कथित रूप से उसके साथ गाली-गलौज की गई और उस पर गांजा बेचने का आरोप लगाया गया, जिसे दिनेश ने पूरी तरह गलत बताया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, इसके बाद उक्त व्यक्ति ने फोन कर दो पुलिसकर्मियों को बुलाया, जिनमें से एक का नाम आरिफ अली बताया गया है। इसके बाद कथित रूप से दुकान की तलाशी ली गई और सामान को इधर-उधर फैला दिया गया। दिनेश का आरोप है कि उसकी जेब और गल्ले की भी तलाशी ली गई तथा उसे मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी गई।

दिनेश कुमार ने आरोप लगाया है कि करीब आधे घंटे तक उसके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया गया तथा उसके गल्ले से लगभग 4,000 से 5,000 रुपये निकालकर ले लिए गए। साथ ही कथित रूप से धमकी दी गई कि यदि उसने शिकायत की तो उसके साथ बुरा व्यवहार किया जाएगा।

शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के बाद वह डर के कारण अगले दिन अपनी दुकान भी नहीं खोल सका और किसी को घटना बताने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। बाद में हिम्मत करके उसने मामले की जानकारी दिव्यांगजन निराश्रित सर्व उत्थान सेवा समिति के पदाधिकारियों को दी।

सोमवार, 21 सितंबर 2026

तीरथ सिंह रावत का गाजियाबाद में हुआ भव्य स्वागत, दर्जनों सामाजिक संगठनों ने किया सम्मान, राष्ट्रीय निर्माण में समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी :तीरथ सिंह रावत

 





मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व सांसद  तीरथ सिंह रावत के सोमवार को गाजियाबाद आगमन पर क्लाउड 9 कम्पाउंड, मेरठ रोड स्थित “भारत का बदलता शासन” दैनिक समाचार पत्र कार्यालय में भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक, पत्रकार, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने तीरथ सिंह रावत का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत और सम्मान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में राष्ट्रीय व्यापार मंडल, सल्यूट तिरंगा, एक्टिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन, उत्तराखंड समाज, गुर्जर समाज, त्यागी समाज, ब्राह्मण समाज सहित दर्जनों सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने तीरथ सिंह रावत का स्वागत किया।  कार्यक्रम में राष्ट्रीय व्यापार मंडल की ओर से राष्ट्रीय महामंत्री विवेक त्यागी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारियों ने तीरथ सिंह रावत का स्वागत किया। विवेक त्यागी ने कहा कि व्यापारियों और समाज के बीच मजबूत संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और राष्ट्र निर्माण में उसका योगदान लगातार बढ़ रहा है।

 स्वागत एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि राष्ट्र का निर्माण केवल सरकारों के प्रयास से नहीं होता, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति और प्रत्येक वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। देश को आगे ले जाने के लिए सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, युवाओं, महिलाओं, पत्रकारों, शिक्षाविदों और आम नागरिकों को अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

 उन्होंने कहा कि भारत आज विकास और परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में समाज की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। देश की तरक्की के लिए नागरिकों में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठन समाज की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने के साथ-साथ स्वयं भी जनहित के कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

रावत ने कहा कि समाज को जोड़ने का काम केवल राजनीतिक मंचों तक सीमित नहीं होना चाहिए। सामाजिक एकता, आपसी सहयोग और राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने का काम करते हैं।

उन्होंने युवाओं की भूमिका पर भी जोर देते हुए कहा कि देश की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। युवाओं को शिक्षा, रोजगार, खेल, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के सकारात्मक कार्यों से जोड़ना जरूरी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महामंत्री विवेक त्यागी ने की। कार्यक्रम का मंच संचालन पूर्व राज्यमंत्री उत्तराखंड (भाजपा) सच्चिदानंद पोखरियाल ने किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का परिचय कराया तथा तीरथ सिंह रावत के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।

सच्चिदानंद पोखरियाल ने कहा कि गाजियाबाद में उत्तराखंड से जुड़े लोगों की बड़ी संख्या है और यहां उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक सरोकारों को लेकर लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। क्लाउड 9 कम्पाउंड में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उत्तराखंड समाज के लोग भी उपस्थित रहे। 

एक्टिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष एवं पत्रकार अपूर्वा चौधरी के नेतृत्व में तीरथ सिंह रावत का स्वागत एवं सम्मान किया गया।

 इस अवसर पर एसोसिएशन के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल कौशिक, संगठन मंत्री पवन चौधरी, वरिष्ठ पत्रकार बृजभूषण,सुमन मिश्रा, निगम पांडे, अनिल कुमार, मनोज तोमर, सुशील मौर्य, पुष्पेंद्र राघव सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

 बिजनौर से पहुंचे भारत का बदलता शासन के प्रभारी आकाश तोमर, पत्रकार डॉ. खुशीराम, डॉ. तुषार भारद्वाज और रिहान जैदी सहित अन्य लोगों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। 

 समारोह में गाजियाबाद के डिप्टी मेयर प्रवीन चौधरी, पार्षद मधुकर त्यागी, पार्षद प्रदीप चौधरी, डी.एन. सिंह, बृजपाल तेवतिया, संदीप चौधरी, कृष्ण तेवतिया, शीला भारती, प्रिया बिष्ट, डॉ. संजय, संदीप त्यागी, प्रताप सिंह, मदन मोहन, मनोज पाहवा, सुशीला शर्मा, बालकिशन गुप्ता, अशोक भारती, चिन्मय भारद्वाज, एस.पी. मिश्रा, अनिल जुल्का, विपिन कौशिक, मुकेश शर्मा, बी.बी. मित्तल, विशाल जैन, आनंद भारद्वाज, डॉ. सुभाष तोमर, अंशु चौधरी, महिपाल सिंह, मनमोहन धोंधियाल, योगेंद्र बिष्ट सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

 इसके अलावा बॉलीवुड अभिनेता निशिकांत त्यागी भी मौजूद रहे।  ग़ाज़ियाबाद की जानी मानी हस्ती डॉ. स्वाति ध्यानी, रितेश ध्यानी सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भी समारोह में भाग लिया।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सैकड़ों गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। 

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक संगठन सरकार और जनता के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सुरक्षा, युवा विकास, नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर काम करने के लिए संगठनों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। वक्ताओं ने कहा कि यदि अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले संगठन आपस में समन्वय बनाकर काम करें तो स्थानीय स्तर पर कई समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।

कार्यक्रम के समापन पर एक्टिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन की अध्यक्ष एवं पत्रकार अपूर्वा चौधरी ने तीरथ सिंह रावत सहित सभी अतिथियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों और कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोगों का आभार व्यक्त किया। अपूर्वा चौधरी ने कहा कि कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों और समाज के लोगों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने का प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने विशेष रूप से उन सभी सामाजिक संगठनों और पदाधिकारियों का धन्यवाद किया जिन्होंने समय निकालकर कार्यक्रम में भाग लिया और तीरथ सिंह रावत का स्वागत एवं सम्मान किया।

कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक पूर्व राज्यमंत्री उत्तराखंड (भाजपा) सच्चिदानंद पोखरियाल,  राष्ट्रीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महामंत्री विवेक त्यागी,  एक्टिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन की अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार अपूर्वा चौधरी रही।