रविवार, 19 जुलाई 2026

कभी नज़रअंदाज़ न करें हाई ब्लड प्रेशर को- डॉ मलिक एवं डॉ. अंकुर गौड़





                                मुकेश गुप्ता

- स्ट्रोक का कारण बन सकता है उच्च रक्तपात

- धूम्रपान एवं तंबाकू से दूर रहना चाहिए

गाजियाबाद। हाई ब्लड प्रेशर यानि उच्च रक्तपात को कभी भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। ये कभी भी स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति का कारण बन सकता है जो कि एक मेडिकल इमरजेंसी है। 

ये जानकारी डॉमलिक एवं डॉ. अंकुर गौड़ ने महागुन मैस्कॉट सोसायटी में स्ट्रोक जागरूकता कार्यक्रम के दौरान दी। जनसामान्य में स्ट्रोक के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यशोदा हॉस्पिटल के कंसल्टेंट न्यूरोसर्जन डॉ. पुनीत मलिक एवं सीनियर कंसल्टेंट फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अंकुर गौड़ द्वारा एक विशेष स्ट्रोक अवेयरनेस प्रोग्राम का आयोजन किया गया।उपस्थित लोगों को स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों, जोखिम कारकों तथा समय पर उपचार के महत्व के बारे में सरल एवं प्रभावी तरीके से जानकारी दी गई। 

डॉ. पुनीत मलिक ने बताया कि स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है जो की बढ़ते हुए रक्तचाप को नजरंदाज करने पर गंभीर रूप ले सकती है और यदि मरीज को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जाए तो उसके जीवन एवं मस्तिष्क को गंभीर क्षति से बचाया जा सकता है। उन्होंने सभी को FAST (Face drooping, Arm weakness, Speech difficulty, Time to act) के बारे में भी जागरूक किया।

डॉ. अंकुर गौड़ ने स्ट्रोक के बाद शीघ्र फिजियोथेरेपी एवं पुनर्वास की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सही समय पर शुरू किया गया पुनर्वास मरीज की कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार ला सकता है।

कार्यक्रम में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा स्ट्रोक की पहचान, प्राथमिक उपचार एवं बचाव के उपायों से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने सभी को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित रक्तचाप, शुगर एवं कोलेस्ट्रॉल की जांच कराने तथा धूम्रपान एवं तंबाकू से दूर रहने की अपील की।

 महागुन सोसाइटी आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार ने बताया कि इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य समाज में स्ट्रोक के प्रति सही जानकारी पहुंचाना तथा लोगों को समय रहते उचित चिकित्सा लेने के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर सचिव गौरव गर्ग, कोषाध्यक्ष अमृतांशु, डॉ सुधा तोमर, डॉ नेहा रस्तोगी, नेहा महाजन, प्रभजीत कौर, नूपुर जैसवाल की भी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों को फर्स्ट ऐड किट्स भी बांटी गईं।

राष्ट्रीय लोकदल महानगर इकाई गाजियाबाद का कार्यकर्ता सम्मेलन संपन्न,महानगर के गांवों को स्मार्ट गाँव बनवाने का लिया संकल्प : त्रिलोक त्यागी







मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद, 19 जुलाई। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) महानगर इकाई, गाजियाबाद द्वारा रविवार को कवि नगर स्थित एक सभागार में भव्य कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाना, कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना तथा उनकी समस्याओं का समाधान कर उन्हें आगामी चुनावों के लिए तैयार करना था। कार्यक्रम में जुझारू एवं संघर्षशील कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11 बजे दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्ज्वलन में पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री त्रिलोक त्यागी, क्षेत्रीय अध्यक्ष इंद्रानी त्यागी, महानगर अध्यक्ष रेखा चौधरी, प्रदेश महासचिव मधु शर्मा, रामभरोसे लाल मौर्य, हरेंद्र चौधरी, सरदार इंद्रजीत सिंह टीटू, रविंद्र चौहान सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में मंच का संचालन महानगर अध्यक्ष रेखा चौधरी ने किया, जबकि अध्यक्षता सरदार इंद्रजीत सिंह टीटू ने की। युवा अध्यक्ष तुषार कौशिक अपने सैकड़ों समर्थकों एवं कार्यकर्ताओं के साथ सम्मेलन में शामिल हुए।

मुख्य अतिथि एवं राष्ट्रीय संगठन महामंत्री त्रिलोक त्यागी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन की असली ताकत उसके कार्यकर्ता होते हैं और प्रत्येक वार्ड में संगठन की मजबूत इकाई का गठन आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं को 33 प्रतिशत के स्थान पर 50 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का समर्थन किया तथा कहा कि राष्ट्रीय लोकदल सभी वर्गों को समान सम्मान देने में विश्वास रखता है और धर्म एवं जाति की राजनीति नहीं करता।

उन्होंने महानगर अध्यक्ष रेखा चौधरी की संगठनात्मक कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने गाजियाबाद में पार्टी को नई ऊर्जा प्रदान की है, कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया है तथा संगठन का व्यापक विस्तार किया है। उन्होंने उपचुनाव में उनके कार्यों की भी प्रशंसा की और कहा कि उनकी सक्रियता की सराहना अन्य दलों के नेताओं द्वारा भी की गई है।

त्रिलोक त्यागी ने युवाओं से पार्टी से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि नए और ऊर्जावान कार्यकर्ता ही संगठन का भविष्य हैं। उन्होंने 'स्मार्ट विलेज' की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि गांवों को शहरों जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए। शहरों के बीच बसे गांवों के विकास और सम्मान के लिए भी पार्टी निरंतर प्रयासरत रहेगी। उन्होंने किसानों के हितों, शिक्षा, आईटीआई को बढ़ावा देने तथा गठबंधन के साथ मिलकर आगामी चुनाव लड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि वे केवल फोटो खिंचवाने और दिखावटी राजनीति से दूर रहकर जनता के बीच सक्रिय रहें तथा महानगर अध्यक्ष रेखा चौधरी से गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं को उठाने का आग्रह किया।

क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रेसपाल मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय लोकदल ने हमेशा किसान और मजदूर के अधिकारों की लड़ाई लड़ी है। किसानों को उनकी जमीन का वास्तविक मालिक बनाने का कार्य राष्ट्रीय लोकदल ने किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को हर जाति, धर्म और समाज के लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया तथा विश्वास व्यक्त किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन के प्रत्याशियों को विजयी बनाकर सरकार बनाने में कार्यकर्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

सम्मेलन में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन कार्यकर्ताओं के उत्साह, संगठनात्मक एकजुटता और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के विश्वास के साथ हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ इंद्रजीत सिंह टीटू ने की कार्यक्रम में विशिष्ट तिथि के रूप में राष्ट्रीय लोकदल के क्षेत्रीय अध्यक्ष त्रसपाल मलिक मंडल अध्यक्ष इंद्रवीर भाटी रहे संगठन महासचिव त्रिलोक त्यागी ने कहा राष्ट्रीय लोक दल के सभी कार्यकर्ता महानगर में आने वाले सभी गांव के विकास कार्य को करवाने का प्रयास करेंगे

           कार्यक्रम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय सचिव प्रबुद्ध कुमार  चौधरी मनवीर सिंह प्रदेश महासचिव रविंदर चौहान प्रदेश सचिव ऑडी त्यागी अमित त्यागी सरना अभिषेक त्यागी युवा महानगर अध्यक्ष तुषार कौशिक विजय कौशिक अमित त्यागी Rk संजीव अरोड़ा दिनेश शर्मा जयदीप सिंह भूपेंद्र डबास लोकेश चौधरी योगेंद्र वीरभान बॉबी चौधरी सत्येंद्र तोमर रामभरोस से लाल मौर्य गुड्डू मुखिया किशन राघव राजेंद्र चंदे ला प्रदीप त्यागी राजू गौतम सुधीर तोमर इंद्राणी त्यागी दीपमाला चौधरी कुहू कुमारी मधु शर्मा दीपा सिरोही सुमन अग्रवाल नैन्सी वर्मा गुड्डू मुखिया नवाब बाल्मीकि रविन्द्र चौधरी एस सी शर्मा अनीता राजपूत अमित चौधरी  भूपेंद्र चौधरी बॉबी यश चौधरी राहुल चौधरी डॉ संजय राजू गौतम शेर सिंह मैर्य विपिन गुलिया योगेश फफराना आदि उपस्थित रहे ।

शनिवार, 18 जुलाई 2026

रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद ग्रेटर नेक्स्ट द्वारा “ऑक्सीजन ड्राइव” के अंतर्गत 500 पौधों का वृक्षारोपण अभियान सम्पन्न




                             मुकेश गुप्ता

गाज़ियाबाद, 18 जुलाई 2026। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद ग्रेटर नेक्स्ट ने गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) के सहयोग से स्वर्ण जयंती पार्क, इंदिरापुरम में “ऑक्सीजन ड्राइव” के अंतर्गत 500 पौधों का वृक्षारोपण अभियान सफलतापूर्वक आयोजित किया।

कार्यक्रम में PDG जे. के. गौड़, PDG अशोक अग्रवाल, रोटेरियन सुरेन्द्र शर्मा, रोटेरियन एच. के. जोशी, रोटेरियन प्रवीण शर्मा, रोटेरियन दीपक अग्रवाल, रोटेरियन एम. सी. गौड़ तथा इंदिरापुरम के पार्षद धीरज सहित रोटरी क्लब के सदस्यों, JKG International School के इंटरैक्ट क्लब एवं रोटरैक्ट क्लब के विद्यार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा पर्यावरण प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा लगाए गए पौधों की देखभाल का संकल्प भी लिया।

इस अवसर पर PDG जे. के. गौड़ ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने का संकल्प है। PDG अशोक अग्रवाल ने सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने का आह्वान किया। इंदिरापुरम के पार्षद श्री धीरज ने भी इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।

क्लब की अध्यक्षा रोटेरियन निधि गौड़ ने कहा कि प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया।

परियोजना अध्यक्ष रोटेरियन मीनू त्यागी ने बताया कि “ऑक्सीजन ड्राइव” का उद्देश्य केवल पौधारोपण करना नहीं, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण एवं संवर्धन सुनिश्चित करना भी है।

क्लब सचिव रोटेरियन पुष्कर गोयल ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण, सभी विशिष्ट अतिथियों, पार्षद श्री धीरज, रोटरी परिवार तथा JKG International School के इंटरैक्ट एवं रोटरैक्ट क्लब के विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।

“Plant Today, Breathe Tomorrow” के संदेश के साथ सम्पन्न इस अभियान में सभी उपस्थित जनों ने पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास एवं स्वच्छ भारत के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। 500 पौधों का यह वृक्षारोपण अभियान समाज में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।



राष्ट्रीय सैनिक संस्था के शिक्षा प्रकोष्ठ द्वारा देहरादून में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन,राज्यपाल, उत्तराखंड़, लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती की रही गरिमामयी उपस्थिति







संवाददाता

राष्ट्रीय शिक्षा नीति में नैतिक शिक्षा से होगा भारत का उज्ज्वल भविष्य-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

*💥राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी सैन्य क्षमता के साथ-साथ उसके नागरिकों के चरित्र, अनुशासन और नैतिक मूल्यों में निहित-राज्यपाल, गुरमीत सिंह

देहरादून, 18 जुलाई। राष्ट्रीय सैनिक संस्था के राष्ट्रीय शिक्षा प्रकोष्ठ द्वारा आज राष्ट्रीय शिक्षा नीति में नैतिक शिक्षा विषय पर एक गरिमामयी राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन लोक भवन (पूर्व राजभवन), देहरादून छावनी, उत्तराखण्ड के कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा में नैतिक मूल्यों, चरित्र निर्माण, राष्ट्रभक्ति एवं भारतीय सांस्कृतिक चेतना के समावेश पर व्यापक विमर्श करना है।

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य और कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वीएसएम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय सैनिक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल श्री तेजेन्द्र पाल त्यागी जी, वीर चक्र ने की।

परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के अध्यक्ष एवं आध्यात्मिक गुरु परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज मुख्य वक्ताओं में शामिल हुये और कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में नैतिक शिक्षा से होगा भारत का उज्ज्वल भविष्य। लेफ्टिनेंट जनरल अश्विनी कुमार बख्शी (पूर्व सैन्य सचिव, भारत के दो राष्ट्रपतियों के), मेजर जनरल (डॉ.) जी. के. थापलियाल (प्रो-कुलपति, शुभारती विश्वविद्यालय), मेजर जनरल प्रो. (डॉ.) ओ. पी. सोनी, वीएसएम (राष्ट्रीय संयोजक, शिक्षा प्रकोष्ठ), श्री राजन छिब्बर (राष्ट्रीय संयोजक, वित्त परिषद) तथा प्रो. (डॉ.) नीलम पवार (राज्याध्यक्ष, महिला विंग, उत्तर प्रदेश) ने भी अपने  प्रखर विचार व्यक्त किए।

अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ऐसे नागरिकों का निर्माण करना है जो सत्यनिष्ठ, करुणामय, संस्कारित और राष्ट्र के प्रति समर्पित हों। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा में नैतिकता, सेवा, सह-अस्तित्व और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता का समावेश नहीं होगा, तो विकास अधूरा रहेगा। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और वैश्विक उत्तरदायित्व से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

भारत की शिक्षा परम्परा सदैव ज्ञान और संस्कार का अद्भुत समन्वय रहा है। हमारे गुरुकुलों ने केवल विद्वान नहीं, बल्कि ऐसे व्यक्तित्व गढ़े जिन्होंने राष्ट्र, समाज और सम्पूर्ण मानवता के कल्याण को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया। 

पूज्य स्वामी जी ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि भारत विश्वगुरु तभी बनेगा, जब उसके विद्यार्थी केवल प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने की नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की भावना से प्रेरित होंगे। 

मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण केवल तकनीकी दक्षता से नहीं, बल्कि चरित्रवान और अनुशासित नागरिकों से होता है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को भारतीय मूल्यों पर आधारित एक दूरदर्शी पहल बताते हुए कहा कि विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में नैतिक शिक्षा को व्यवहारिक रूप में अपनाया होगा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी सैन्य क्षमता के साथ-साथ उसके नागरिकों के चरित्र, अनुशासन और नैतिक मूल्यों में निहित होती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों को पुनः शिक्षा के केंद्र में स्थापित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कर्नल तेजेन्द्र पाल त्यागी जी, वीर चक्र ने कहा कि राष्ट्रीय सैनिक संस्था का उद्देश्य केवल पूर्व सैनिकों को संगठित करना ही नहीं, बल्कि समाज में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों का प्रसार करना भी है। इसी उद्देश्य से शिक्षा प्रकोष्ठ द्वारा इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

लेफ्टिनेंट जनरल अश्विनी कुमार बख्शी जी ने शिक्षा में अनुशासन और नेतृत्व की भूमिका पर प्रकाश डाला, मेजर जनरल (डॉ.) जी. के. थापलियाल जी ने विश्वविद्यालयों में मूल्यपरक शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया, मेजर जनरल प्रो. (डॉ.) ओ. पी. सोनी जी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति तभी सफल होगी जब शिक्षा ज्ञान के साथ संस्कार भी प्रदान करे। श्री राजन छिब्बर जी ने शिक्षा और आर्थिक उत्तरदायित्व के संतुलन पर विचार रखे तथा प्रो. (डॉ.) नीलम पवार जी ने परिवार, विद्यालय और समाज के संयुक्त प्रयासों से नैतिक मूल्यों के संवर्धन की आवश्यकताओं पर जोर दिया।

संगोष्ठी में बड़ी संख्या में शिक्षाविदों, पूर्व सैनिकों, विद्यार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। सभी वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, राष्ट्र निर्माण और व्यक्तित्व निर्माण है।

कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वय राष्ट्रीय सैनिक संस्था के शिक्षा प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। संगोष्ठी का समापन राष्ट्रगान एवं इस संकल्प के साथ हुआ कि शिक्षा को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सेवा भावना से जोड़कर एक सशक्त, संवेदनशील एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर में किया जलाभिषेक, प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं लोकमंगल की कामना











मुकेश गुप्ता

श्री दूधेश्वरनाथ धाम में मुख्यमंत्री का दर्शन-पूजन, वेदाध्ययनरत बटुकों से किया संवाद

गाजियाबाद आगमन पर मुख्यमंत्री ने श्री दूधेश्वरनाथ महादेव का किया रुद्राभिषेक, साधु-संतों का लिया आशीर्वाद

गाजियाबाद 18 जुलाई 2026 । जनपद भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार प्रातः ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व के श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का विधि-विधानपूर्वक जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक एवं विशेष पूजन-अर्चन किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, आरोग्य एवं लोककल्याण की कामना करते हुए भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की। श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर गाजियाबाद की प्राचीन धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।

मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में स्थित सतों की समाधि शिवलिंगों पर भी पुष्प अर्पित किए और नंदी महाराज के दर्शन कर श्रद्धापूर्वक पुष्प अर्पित किए तथा मठ परिसर में विराजमान संत-महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मंदिर के पीठाधीश्वर, संत समाज एवं श्रद्धालुजन उपस्थित रहे। वैदिक मंत्रोच्चार एवं शिव स्तुति के मध्य संपन्न हुए पूजन कार्यक्रम ने पूरे वातावरण को भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर में वेदाध्ययन कर रहे वेदपाठी बटुकों (ब्रह्मचारी छात्र) एवं संस्कृत शिक्षार्थियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक संस्कृति एवं संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि भारत की सनातन ज्ञानधारा की वाहिका है, जिसके माध्यम से हमारी सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक विरासत पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित होती आई है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मठ एवं मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा उपस्थित श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया। मंदिर आगमन पर वेदपाठी बटुकों द्वारा वैदिक स्वस्तिवाचन एवं पुष्पवर्षा के साथ उनका स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने संत समाज के साथ प्रदेश में शांति, सद्भाव, सांस्कृतिक उत्थान एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की।

उल्लेखनीय है कि श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर गाजियाबाद का एक प्राचीन एवं ऐतिहासिक शिवधाम है, जो सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक साधना एवं वैदिक परंपरा का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

शुक्रवार, 17 जुलाई 2026

मुख्यमंत्री ने स्व्ः राजपाल सिंह त्यागी की मूर्ति का अनावरण कर दी श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री द्वारा विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण, लाभार्थियों को वितरित किए गए विभिन्न योजनाओं के लाभ








मुकेश गुप्ता

सुशासन व विकास का मॉडल बना गाजियाबाद: ​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

अब दिल्ली ग्रोथ इंजन का काम कर रहा है गाजियाबाद: सीएम योगी 

गाजियाबाद 17 जुलाई2026। जनपद गाजियाबाद में  मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, योगी आदित्यनाथ द्वारा कुशलपाल त्यागी मेमोरियल डिग्री कॉलेज, रावली रोड, मुरादनगर में आयोजित "मुरादनगर एवं मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण समारोह" में 868 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 90 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, लैपटॉप, आवास की चाबी एवं प्रशस्ति-पत्र वितरित किए गए।

स्वर्गीय राजपाल सिंह त्यागी को दी श्रद्धांजलि

अपने संबोधन के प्रारंभ में  मुख्यमंत्री जी ने पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधि स्वर्गीय राजपाल सिंह त्यागी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जनसेवा एवं सार्वजनिक जीवन में दिए गए योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि छह बार विधायक निर्वाचित होना उनकी लोकप्रियता एवं जनस्वीकार्यता का प्रमाण है। उद्बोधन से पूर्व मुख्यमंत्री ने स्व.राजपाल त्यागी की मूर्ति का अनावरण करते हुए उन्हें श्रदांजलि अर्पित।

सीएम योगी ने कहा कि जब राजनीति जनता की सेवा का माध्यम में बनती है तो नेता लोकप्रिय होता है। राजपाल त्यागी 6 बार विधायक बने। जिनमें दो बार निर्दलीय रहे। वह एक लोकप्रिय नेता थे। 

यहां की गुंडागर्दी पर फिल्में बनती थी पहले: सीएम योगी

सीएम योगी ने कहा कि गाजियाबाद अपनी एक पहचान रखता है। अपने हस्तशिल्प के लिए जाना जाता है। 10 दशक पहले प्रदेश द्वार की स्थिति खराब थी। यहां की गुंडागर्दी पर फिल्में बनती थी। आगे सीएम ने कहा कि गाजियाबाद में इतनी अच्छी सड़के बनेंगे। नगर निगम इतना साफ होगा। पहली रेपिड रेल यहां  चलेगी किसी ने सोचा नहीं था। पहले की सरकारों ने 32000 हजार करोड़ का बजट को देख प्रोजेक्ट को रोक दिया था। आज लगता है 2017 का फैसला अच्छा रहा। मेरठ से दिल्ली बस 40 मिनट रह रहा है।

'पहले शासन करने वाले 12 बजे उठते थे'

सीएम योगी ने मंच से कहा कि जहां सुरक्षा होगी यहां सुशासन आएगा। गाजियाबाद एक प्रदेश द्वार ही नहीं दिल्ली के ग्रोथ इंजन का काम गाजियाबाद के रहा है। ये अब अच्छे लोगों को चुनने से हुआ है। 2017 से पहले शासन करने वाले 12 बजे उठते थे। फिर जिम जाते थे और बाद में मंडली बैठ जाती थी। ऐसे प्रदेश चल रहा था।

पहले की सरकार कहती थी कांवड़ यात्रा से दंगे होंगे: सीएम योगी

मंच से सीएम योगी ने कहा कि पुरानी सरकार ने रिपोर्ट में कहा कांवड़ यात्रा से दंगे होते है। सरकार आने के बाद इसे लेकर व्यवस्था की गई। कांवड़ यात्रा को लेकर अधिकारियों ने कहां दंगे होंगे। मैंने कहा मै हूं परेशान मत हो, मेरी गारंटी है। आगे कहा कि देश की सबसे बड़ी यात्रा हरिद्वार से गाजियाबाद से होकर निकलती है। लोग देखते हैं। इतनी बड़ी यात्रा कैसे हो सकती है। आज कह सकते कोई कांवड़ यात्रा को रोक नहीं सकता है।

'दूधेश्वरनाथ मंदिर में कॉरिडोर का निर्माण'

सीएम योगी ने आगे कहा कि कांवड़ यात्रा अपना आयोजन है। उसकी मर्यादा को बना कर रखना है। किसी को कहने का मौके नहीं देना है। अनुशासन भंग नहीं करना है। आस्था को सम्मान देने के लिए दूधेश्वरनाथ मंदिर में कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है। ऐसे नेता जिसने जनता के दिल में स्थान बनाया हो। उनके लिए जब बुलाया गया तो मैंने अजितपाल त्यागी से कहां कहीं भी होऊंगा लेकिन जरूर आऊंगा।  विकास कैसे होता है एनसीआर बता रहा है। मेरठ से गंगा एक्सप्रेसवे बन रहे हैं। नोएडा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट, देहरादून एक्सप्रेस वे हाल में जनता को दिया। यमुना ऑथोरिटी में फिल्म सिटी बन रही है। ये तब होता है जब निर्णय लेने की क्षमता होती है

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का भी अवलोकन किया। कृषि विभाग, गाज़ियाबाद के स्टॉल पर उप कृषि निदेशक आशीष कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए विभाग की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी।

उप कृषि निदेशक ने मुख्यमंत्री को कृषि में कीट प्रबंधन के लिए उपयोगी सोलर लाइट ट्रैप की कार्यप्रणाली और उसके लाभों से अवगत कराया। साथ ही श्री अन्न (मिलेट्स) के पोषण, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय महत्व के साथ इनके उत्पादन और प्रसार के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि विभाग के नवाचारों और किसानों को जागरूक करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ श्री अन्न के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। श्रद्धांजलि समारोह में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिकों ने स्वर्गीय राजपाल त्यागी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।





अन्नप्राशन संस्कार व गोदभराई रस्म

 मुख्यमंत्री  ने कार्यक्रम स्थल पर स्थापित विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया। इस भ्रमण के दौरान उन्होंने विराज एवं रिधिमा का अन्नप्राशन संस्कार सम्पन्न कराया तथा काजल एवं रेखा की गोदभराई की रस्म निभाकर मातृ एवं शिशु कल्याण योजनाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री जी को प्रतिमा भेंट कर किया स्वागत

मुख्यमंत्री के मंच पर पधारने पर विधायक मुरादनगर  अजीतपाल त्यागी द्वारा भगवान श्रीराम की प्रतिमा, भाजपा महानगर अध्यक्ष  मयंक गोयल द्वारा गदा तथा जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ द्वारा भगवान शिव की प्रतिमा भेंट कर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।


गाजियाबाद के विकास एवं सुशासन की बदली तस्वीर

 मुख्यमंत्री  ने कहा कि एक समय गाजियाबाद गुंडागर्दी, गंदगी एवं अराजकता जैसी समस्याओं के लिए चर्चित था तथा जनपद की छवि को लेकर विभिन्न प्रकार की नकारात्मक चचार्एं होती थीं। आज वही गाजियाबाद विकास, सुशासन एवं आधुनिक आधारभूत संरचना के कारण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री जी ने आगे कहा कि अब गाजियाबाद दिल्ली ग्रोथ इंजन का काम कर रहा है।  किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि गाजियाबाद इतनी तीव्र गति से विकास करेगा और प्रदेश के प्रमुख विकास मॉडलों में अपनी पहचान बनाएगा। आज जनपद में सड़क, परिवहन, सुरक्षा, निवेश एवं शहरी विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।

मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सुशासन का आधार सुदृढ़ कानून व्यवस्था है। जहां सुरक्षा का वातावरण होता है, वहीं सुशासन स्थापित होता है। जहां सुशासन होता है, वहां रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और जहां रोजगार उपलब्ध होते हैं, वहां विकास स्वत: गति प्राप्त करता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गाजियाबाद देश की अर्थव्यवस्था एवं विकास को गति प्रदान करने वाले प्रमुख क्षेत्रों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकास इंजन के रूप में उभरकर सामने आया है।

आधारभूत संरचना एवं कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास

मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में संचालित विभिन्न आधारभूत संरचना परियोजनाएं विकास की नई गाथा लिख रही हैं। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, यमुना एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे तथा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाओं ने क्षेत्र की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया है तथा आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल परियोजना (रैपिड रेल) को लेकर अनेक आशंकाएं व्यक्त की गई थीं तथा इसकी लागत को आधार बनाकर परियोजना को आगे बढ़ाने में रुचि नहीं दिखाई गई। वर्तमान सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार के सहयोग से इसे धरातल पर उतारने का कार्य किया। परिणामस्वरूप आज दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा का समय उल्लेखनीय रूप से कम हुआ है तथा लगभग तीन घंटे की दूरी लगभग 40 मिनट में तय की जा रही है। मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में 12 लेन तक की आधुनिक एक्सप्रेस-वे परियोजनाएं विकसित की गई हैं। हिंडन सिविल टर्मिनल के माध्यम से क्षेत्रवासियों को वायु सेवाओं की सुविधा उपलब्ध हुई है। इसके साथ ही सड़कों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण के कार्यों ने जनपद की तस्वीर बदलने का कार्य किया है।

माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि यही विकास का वह मॉडल है, जिसने गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों को नई पहचान प्रदान की है। जनपद में विकास की यह निरंतर धारा जनता द्वारा विकासोन्मुख एवं जनहितैषी नेतृत्व को दिए गए समर्थन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जनपद की प्रगति एवं उपलब्धियों में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिनके प्रयासों से विकास योजनाओं को गति मिली है।


*विपक्षी दलों की नीतियों एवं कार्यप्रणाली पर टिप्पणी*

मा० मुख्यमंत्री जी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में विकास कार्यों को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल रही थी। उस समय प्रदेश बेरोजगारी, दंगों, अपराध, भ्रष्टाचार एवं अव्यवस्था जैसी समस्याओं से जूझ रहा था, जिसके कारण विकास की गति प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी ने भी स्वीकार किया था कि केंद्र से भेजी गई सहायता राशि का पूरा लाभ पात्र लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पाता था। मै 100 रुपए भेजता हूं तो पात्र व्यक्ति तक 15 रुपए ही पहुंच पाते है। वर्तमान सरकार ने पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था विकसित कर योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने का कार्य किया है। 2017 की पूर्व की सरकारों के जनप्रतिनिधि 12 बजे जगते थे और 2 बजे जिम जाते थे, वापस आकर अपनों से ही घिरे रहते ​थे किन्तु आज ऐसा नहीं हैं हर जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के विकास कार्य में लगे रहते हैं।  मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज निराश्रित पेंशन, आयुष्मान भारत योजना, राशन कार्ड सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों को बिना किसी भेदभाव एवं पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था, सुशासन एवं निवेश अनुकूल वातावरण के कारण गाजियाबाद में नए निवेश आकर्षित हो रहे हैं तथा स्वच्छता एवं सुरक्षा के क्षेत्र में भी जनपद ने उल्लेखनीय पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गाजियाबाद विकास, निवेश, आधारभूत संरचना एवं सुशासन के नए मानक स्थापित कर रहा है और अपनी सकारात्मक उपलब्धियों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना रहा है।


*विपक्षी दलों की आस्था संबंधी राजनीति पर टिप्पणी*

मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज कांग्रेस एवं समाजवादी पार्टी आस्था और धार्मिक परंपराओं की बात करती हैं, जबकि उनके पूर्व के निर्णय और कार्यप्रणाली इससे भिन्न रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में कांवड़ यात्रा सहित विभिन्न धार्मिक आयोजनों को लेकर अनेक प्रकार की आपत्तियां एवं प्रतिबंध लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, रामनवमी, दुर्गा पूजा तथा कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजनों के प्रति नकारात्मकता थी और इन धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाई। कांवड़ यात्रा को लेकर जारी पूर्ववर्ती प्रतिबंधात्मक व्यवस्थाओं को वर्तमान सरकार ने समाप्त किया तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए यात्रा के सफल एवं शांतिपूर्ण संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की। मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत एवं परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक आयोजनों को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराया जा रहा है, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों में इस प्रकार की प्रतिबद्धता दिखाई नहीं देती थी।

उन्होंने कहा कि आस्था केवल वक्तव्यों से नहीं, बल्कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा श्रद्धालुओं के सम्मान के लिए किए गए कार्यों से परिलक्षित होती है।


*कांवड़ यात्रा एवं धार्मिक स्थलों के विकास पर जोर*

मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कांवड़ यात्रा प्रदेश की आस्था, सांस्कृतिक परंपरा एवं सामाजिक समरसता का महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कांवड़ यात्रा की मयार्दा बनाए रखते हुए प्रेम, सौहार्द, अनुशासन एवं उत्साह के साथ यात्रा सम्पन्न करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार से इसकी गरिमा एवं मयार्दा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत गाजियाबाद से हरिद्वार तक कांवड़ मार्ग का विकास किया गया है तथा यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। गाजियाबाद स्थित श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर में भव्य कॉरिडोर का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त काशी विश्वनाथ धाम सहित प्रदेश के अनेक प्रमुख धार्मिक स्थलों का विकास एवं सौंदर्यीकरण कर उन्हें नई पहचान प्रदान की गई है।

उन्होंने कहा कि आस्था केवल शब्दों से व्यक्त नहीं होती, बल्कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा विकास के लिए किए गए कार्यों से परिलक्षित होती है। इसी क्रम में गाजियाबाद में हरनंदीपुरम के विकास सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।


*विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को वितरित किए गए लाभ*

—उत्तर प्रदेश बाल सेवा योजना के अंतर्गत लैपटॉप वितरण— श्री धनंजय तोमर (कक्षा 12), सुश्री रिहा जैन (कक्षा 11)

—मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना चैक वितरण—श्री सहन्सरपाल सिंह, पूर्व प्रधान/प्रशासक, ग्राम पंचायत निकोली रावली, विकास खंड मुरादनगर — 30 लाख रुपये, श्री राजेश कुमार, पूर्व प्रधान/प्रशासक, ग्राम पंचायत मटचन पोता, विकास खंड भोजपुर — 15 लाख रुपये।  —मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) चाबी(सांकेतिक) वितरण—श्रीमती कविता, ग्राम मनौली छज्जूपुर, विकास खंड मुरादनगर, श्रीमती मोमीना, ग्राम असीलपुर उझैड़ा, विकास खंड मुरादनगर। —प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) चाबी(सांकेतिक) वितरण— श्री कृष्ण कुमार, डासना गेट, गाजियाबाद। —ओडीओपी योजना के अंतर्गत चेक वितरण—श्री लक्ष्य मित्तल — 50 लाख रुपये (इंजीनियरिंग कार्य),श्रीमती उर्मिला त्रिपाठी — 50 लाख रुपये (इंजीनियरिंग कार्य)। —मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना चैक वितरण— श्री सौरभ गर्ग — 4.25 लाख रुपये (सरसों आॅयल परियोजना), श्री रोबिन कुमार — 4.293 लाख रुपये (सीएनसी/उद्योग परियोजना)।


*गणमान्यों ने किया संबोधित*

कार्यक्रम को मा० कैबिनेट मंत्री, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार तथा विधायक, साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र, श्री सुनील कुमार शर्मा, मा० राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार,  नरेन्द्र कश्यप, माननीय सांसद गाजियाबाद अतुल गर्ग, माननीय सांसद बागपत  राजकुमार सांगवान, विधायक मोदीनगर डॉ० मंजू सिवाच एवं विधायक मुरादनगर  अजीतपाल त्यागी द्वारा संबोधित किया गया। अपने संबोधन में सभी वक्ताओं ने पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधि स्वर्गीय श्री राजपाल सिंह त्यागी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जनसेवा, सामाजिक योगदान एवं राजनीतिक जीवन का स्मरण किया। वक्ताओं ने प्रदेश सरकार के नेतृत्व में जनपद गाजियाबाद में संचालित एवं पूर्ण की गई विकास परियोजनाओं, आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हुए कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा जनपद की विभिन्न उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए प्रदेश सरकार की विकासोन्मुख नीतियों की सराहना की।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से क्षेत्रीय अध्यक्ष पश्चिम उत्तर प्रदेश भाजपा नवाब सिंह नागर, कैबिनेट मंत्री एवं साहिबाबाद विधायक सुनील कुमार शर्मा, राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप, गाजियाबाद सांसद  अतुल गर्ग, बागपत सांसद राजकुमार सांगवान, महापौर श्रीमती सुनीता दयाल, जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती ममता त्यागी, मुरादनगर विधायक अजीत पाल त्यागी, मोदीनगर विधायक डॉ० मंजू सिवाच, सदर विधायक  संजीव शर्मा, लोनी विधायक  नन्दकिशोर गुर्जर, भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, भाजपा जिलाध्यक्ष चैनपाल सिंह, विधान परिषद सदस्य दिनेश गोयल, सहित अन्य गणमान्यजन एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ०पूनम शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुरादनगर व विधान सभा क्षेत्र के लोगों से सहित जनपदभर से हजारों लोग उपस्थित रहे।

संगीत एल्बम "सुकून" का गाजियाबाद में हुआ भव्य लॉन्च

 


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। बहुप्रतीक्षित संगीत एल्बम "सुकून" के भव्य लॉन्च के अवसर पर आरडीसी स्थित एक रेस्टोरेंट में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। एल्बम "सुकून" को अपनी सुमधुर एवं भावपूर्ण आवाज़ से सजाया है युवा एवं प्रतिभाशाली गायक राजा घोष ने। यह उनका दूसरा संगीत एल्बम है और संगीत जगत को इससे अत्यधिक अपेक्षाएँ हैं। यह एल्बम सफलता के नए आयाम स्थापित करेगा और श्रोताओं के दिलों में अपनी विशेष जगह बनाएगा। इस एल्बम के एक विशेष गीत में अपनी मधुर आवाज़ दी है बॉलीवुड की सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका, ज़ी टीवी के "सा रे गा मा पा" की विजेता एवं जज अर्पिता मुखर्जी ने, जिनकी गायकी ने वर्षों से संगीत प्रेमियों का स्नेह और सम्मान प्राप्त किया है।

एल्बम का संगीत बॉलीवुड के सुप्रसिद्ध संगीतकार संकल्प श्रीवास्तव ने तैयार किया है। उन्होंने बॉलीवुड की अनेक चर्चित फिल्मों एवं संगीत परियोजनाओं में अपने संगीत का योगदान दिया है। उनके संगीत निर्देशन में हरिहरन, जावेद अली, श्रेया घोषाल, ऋचा शर्मा, जसपिंदर नरूला सहित देश के अनेक प्रतिष्ठित गायकों ने अपनी स्वरांजलि दी है। इस अवसर पर संकल्प श्रीवास्तव ने मीडिया से अपने संगीत सफर, एल्बम निर्माण की प्रक्रिया तथा भविष्य की योजनाओं पर संवाद किया। उन्होंने बताया कि एल्बम के गीतकार चेतन आनंद हिंदी साहित्य एवं मंचीय काव्य जगत का एक अत्यंत सम्मानित और प्रतिष्ठित नाम है। वे देशभर में आयोजित सैकड़ों कवि सम्मेलनों, साहित्यिक आयोजनों एवं सांस्कृतिक मंचों पर अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मन मोह चुके हैं। उनकी लेखनी में संवेदनाओं की गहराई, गज़लों की नज़ाकत और शब्दों की सादगी का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। इस एल्बम में उनका एक गीत एवं एक ग़ज़ल शामिल है, जो निश्चित रूप से संगीत प्रेमियों के हृदय को स्पर्श करेंगे। एल्बम में गीतकार रवि-राकेश की रचनाएँ भी शामिल हैं। उनके लिखे प्रेमगीत अपनी मधुरता, सरल शब्दों और भावपूर्ण अभिव्यक्ति के कारण श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देने की क्षमता रखते हैं। उनकी लेखनी इस एल्बम को एक अलग ही भावनात्मक ऊँचाई प्रदान करती है।

शहर के चार ऐतिहासिक गेटों का होगा सौंदर्यकरण, नगर निगम ने बनाई योजना, किया सर्वे,गाजियाबाद की धरोहर को संवारने में नगर निगम की अहम भूमिका - नगर आयुक्त

 



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देशन में गाजियाबाद नगर निगम लगातार शहर के विकास कार्यों को रफ्तार दे रहा है इसी क्रम में शहर की सुंदरता को बनाए रखने के लिए भी कार्य कर रहा है, गाजियाबाद के ऐतिहासिक गेट जो की अंग्रेजों और मुगलो के समय के हैं उनको संवारने के लिए भी निगम की टीम योजना बना रही है तथा गाजियाबाद के ऐतिहासिक गेट जवाहर गेट, दिल्ली गेट, सुभाष द्वारा (डासना गेट), सराए गेट, सिहानी गेट का सर्वे किया गया है, गाजियाबाद नगर निगम निर्माण विभाग शहर के चार प्रमुख गेटों का सौंदर्यकरण करने जा रहा है शहर की ऐतिहासिक धरोहर को संभालने में निगम अहम भूमिका निभा रहा है l

नगर आयुक्त ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम शहर की स्वच्छता के लिए प्रतिदिन कार्य कर रहा है जन-जन को जागरुक करते हुए हर घर को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है, गाजियाबाद शहर उत्तर प्रदेश का एंट्री पॉइंट है जिसके लिए गाजियाबाद के प्रमुख 6 स्थानों पर स्कल्पचर के माध्यम से सौंदर्यकरण कराया जा रहा है आनंद विहार पॉइंट, इंदिरापुरम, मोहन नगर हिंडन चौक, रोटरी गोल चक्कर, तिगड़ी गोल चक्कर,राज नगर सेक्टर 10 तथा अन्य स्थान पर सौंदर्यकरण का कार्य जारी है, इसके अलावा गाजियाबाद नगर निगम ऐतिहासिक धरोहर को संवारने और संभालने का कार्य भी उत्साह पूर्वक कर रहा है गाजियाबाद के प्रमुख ऐतिहासिक चार गेटों का सौंदर्यकरण करने की योजना बनाई जा चुकी है सर्वे किया जा चुका है, समय-समय पर अन्य विभागों द्वारा भी जवाहर गेट सुभाष द्वारा के मरम्मत का कार्य कराया गया है, गाजियाबाद नगर निगम पूर्ण रूप से मजबूत और सुंदर स्वरूप देते हुए शहर के प्रमुख ऐतिहासिक गेटों जीर्णोद्धार करने जा रहा है, गाजियाबाद में पुराने रहने वाले निवासियों से भी बातचीत करते हुए शहर की धरोहर को व्यवस्थित करने की तैयारी भी निगम कर रहा है जिसमें विशेष रूप से पुराने तालाबों, पुरानी इमारत, पुराने गेट को चयन करने की प्रक्रिया जारी है l

गाजियाबाद नगर निगम निर्माण विभाग की टीम शहर के विकास कार्यों के साथ-साथ शहर को सुंदर स्वरूप देने का भी कार्य कर रही है, इसी के साथ गाजियाबाद की प्राचीन धरोहर को सामान्य संभालने में भी योजना बना रहा है गाजियाबाद के जनप्रतिनिधियों के साथ संपर्क साधते हुए शहर को पूर्ण रूप से व्यवस्थित, बेहतर सुंदर स्वरूप देने के लिए निगम की तैयारी जोरों पर चल रही है आगामी 6 महीने के भीतर शहर के प्राचीन द्वारों पर भी कार्य प्रारंभ किया जाएगा इसके अलावा प्राचीन तालाबों,मार्गो, दरवाजो और इमारत को इस रूप में व्यवस्थित करने का कार्य भी निगम करने जा रहा है, गाजियाबाद की सबसे पुरानी इमारत टाउन हॉल को व्यवस्थित करने का कार्य निगम द्वारा प्रारंभ कर दिया गया है l

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के संरक्षण व मार्गदर्शन में संचालित दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान के रजत जयंती समारोह ने गाजियाबाद को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं

 




मुकेश गुप्ता

देश भर से आए संतों व अतिथियों ने कहा, श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के आशीर्वाद से दूधेश्वर वेद विद्यालय के विद्यार्थी पूरे विश्व को धर्म, ज्ञान, संस्कारों व नैतिक मूल्यों के प्रकाश से आलोकित कर रहे हैं

गाजियाबाद । सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में संचालित दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान के रजत जयंती समारोह ने गाजियाबाद को नई ऊंचाइयां प्रदान की। दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष, दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर जूना अखाड़ा के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष, हिंदू यूनाइटिड फ्रंट के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन सानिध्य व अध्यक्षता में हुए समारोह ने वैदिक शिक्षा, सनातन संस्कृति, राष्ट्रधर्म एवं भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं को और समृद्ध किया। आचार्य महामंडलेश्वर विश्वेश्वरानन्द गिरि महाराज विले पारले आश्रम पश्चिम मुम्बई, कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम, महामंडलेश्वर चेतना माता हरिद्वार, महामंडलेश्वर श्रद्धामाता हरिद्वार, जूना अखाड़ा के सचिव व दिल्ली संत महामंडल के संगठन मंत्री श्रीमहंत कंचन गिरि महाराज, दिल्ली संत महामंडल के कोषाध्यक्ष महंत धीरेंद्र पुरी महाराज, सिद्धेश्वर वेद विद्यालय गाजियाबाद के संस्थापक महंत मुकेशानंद गिरि महाराज जैसे सिद्ध संतों की पावन मौजदूगी ने समारोह को नई गरिमा प्रदान की। 

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान जसोल, बालोतरा के अध्यक्ष रावल किशन सिंह, विशिष्ट अतिथि प्रो विरूपाक्ष वि जड्डीपाल सचिव, महर्षि सान्दीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान, उज्जैन, विश्व ह्रिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, विधायक संजीव शर्मा, श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान जसोल, बालोतरा के संयोजक कुंवर हरिशचंद्र सिंह, जिंदल पब्लिक स्कूल के संस्थापक राम अवतार जिंदल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। महाराजश्री ने सभी संतों व अतिथियों का स्वागत व अभिनंदन किया और कहा कि प्राचीन समय में भारत विश्व गुरू था और सोने की चिड़िया कहलाता था तो इसका श्रेय महान भारतीय शिक्षा व संस्कृति को ही था। भारतीय शिक्षा, संस्कृति व धर्म में सभी के कल्याण की जो भावना है, उसी ने पूरे विश्व को ज्ञान व संस्कारों के प्रकाश से आलोकित किया। 



भारत की गुरूकुल शिक्षा पद्धति विश्व की सर्वश्रेष्ठ शिक्षा पद्धति है, मगर हम उसी को भूल गए, जिसका परिणाम सभी के सामने है। भारत को पुनः विश्व गुरू व सोने की चिड़िया बनाना है तो हमें अपनी प्राचीन गुरूकुल शिक्षा पद्धति की ओर लोटना होगा। दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान भारत की गौरवमयी गुरूकुल शिक्षा पद्धति को पुर्नस्थापित करने का कार्य कर रहा है तो इसका श्रेय यहां के आचार्यो व विद्यार्थियों को है, जिन्होने अपनी मेहनत, लगन व समर्पण से दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान ही नहीं गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश व देश का गौरव पूरे विश्व में बढाया है। आचार्य महामंडलेश्वर विश्वेश्वरानन्द गिरि महाराज ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के मार्गदर्शन में दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान आज उत्तर प्रदेश या भारत ही नहीं पूरे विश्व में अलग पहचान बना चुका है। यह विद्यालय भारत के गौरव को पुनः लौटाने का कार्य कर रहा है। कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के मार्गदर्शन व आशीर्वाद से दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान की आज पूरे विश्व में अलग पहचान है। यहां के विद्यार्थी विश्व को ज्ञान, धर्म व संस्कृति के प्रकाश से आलौकित करने का महान कार्य कर रहे हैं। महामंडलेश्वर चेतना माता हरिद्वार, महामंडलेश्वर श्रद्धामाता हरिद्वार ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज धर्म ही नहीं शिक्षा, संस्कार, संस्कृति, पर्यावरण व भारतीय विरासत के संरक्षण व संवर्धन क जो कार्य कर रहे हैं, वह हम सभी के लिए अनुकरणीय है। उनके नेतृत्व व मार्गदर्शन में दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान भारत की प्राचीन गौरवमयी गुरूकुल शिक्षा पद्धति को पुर्नस्थापित कर देश को नई ऊंचाईयां प्रदान कर रहा है। दिल्ली संत महामंडल के संगठन मंत्री श्रीमहंत कंचन गिरि महाराज ने कहा कि दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान ने प्राचीन भारतीय शिक्षा को पुनः विश्व भर नई पहचान दी है तो इसका श्रेय श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज को है। महाराजश्री ने धर्म, समाज व देश की सेवा का जां संकल्प ले रखा है, वह सभी को समाज व देश हित में जुट जाने के लिए प्रेरित कर रहा है। दिल्ली संत महामंडल के कोषाध्यक्ष महंत धीरेंद्र पुरी महाराज ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के मार्गदर्शन व आशीर्वाद से ही  दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान आज पूरे विश्व में देश का गौरव बढा रहा है। महंत मुकेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि  श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के संरक्षण व मार्गदर्शन में आज दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान आज गाजियाबाद ही नहीं पूरंे देश की शान बन चुका है। मुख्य अतिथि श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान जसोल, बालोतरा के अध्यक्ष रावल किशन सिंह ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान के माध्यम से धर्म, संस्कार व नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण जो शिक्षा बच्चों व युवाओं को दे रहे हैं, वह ही भारत को पुनः विश्व गुरू बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी। विधायक संजीव शर्मा ने कहा कि यह हम सभी का परम सौभाग्य है कि हमें श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज जैसे सिद्ध, तपस्वी व राष्ट्रीय संत का पावन सानिध्य प्राप्त हो रहा है, जो पूरे विश्व में सनातन धर्म व भारतीय शिक्षा का प्रकाश फैला रहे हैं। विशिष्ट अतिथि प्रो विरूपाक्ष वि जड्डीपाल सचिव, महर्षि सान्दीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान ने कहा कि दूधेश्वर वेद विद्यालय आज वैदिक शिक्षा, सनातन संस्कृति, राष्ट्रधर्म व आध्यात्मिकता की मिसाल कायम कर रहा है। श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान जसोल, बालोतरा के संयोजक कुंवर हरिशचंद्र सिंह ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज जैसे सच्चे व तपस्वी संत ही भारत को पुनः विश्व में शिखर पर पहुंचा सकते हैं। शिक्षाविद राम अवतार जिंदल ने कहा कि दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान गाजियाबाद ही नहीं पूरे देश का गौरव है। नवरत्न सोनी ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज पूरे विश्व में धर्म व ज्ञान की पताका फहरा रहे हैं। सभी संतों व अतिथियों को भगवान दूधेश्वर के चित्र, स्मृति चिंह, माला व पटका से सम्मानित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्यो के लिए श्री दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज गर्ग, विनय संकोची, अजय चोपडा, दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर श्रृंगार समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल, धर्मेंद्र चौधरी,  एस आर सुथार, मंदिर के मीडिया प्रभारी, बी के शर्मा हनुमान, एडवोकेट हर्ष पांडेय, मंदिर के लेखा परीक्षक संजीव गुप्ता, नितिन कुमार व कवि राज कौशिक को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। रजत जयंती समारोह का शुभारंम प्रातः 4 बजे दीप प्रज्जवलन से हुआ। उसके बाद मंगलाचरण व राष्ट्र गान का आयोजन हुआ। सरस्वती वंदना के बाद चलचित्र के माध्यम से दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान की उपलब्धियों को दिखाया गया। विद्या पीठ के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान की स्मारिका का विमोचन भी किया गया।

अन्तर्राष्ट्रीय न्याय दिवस एवं विश्व इमोजी दिवस पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती का संदेश- केवल चेहरों पर मुस्कान के इमोजी नहीं, जीवन में न्याय, करुणा और प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व भी व्यक्त करें

 


संवाददाता

*✨धरती के प्रति न्याय ही मानवता के प्रति न्याय है

*💥आज आवश्यकता इमोजी से आगे इमोशन और इमोशन से आगे एक्शन की-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश, 17 जुलाई। अन्तर्राष्ट्रीय न्याय दिवस  और विश्व इमोजी दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि आज दुनिया भावनाओं को व्यक्त करने के लिये इमोजी का भरपूर उपयोग करती है, लेकिन समय की मांग है कि हमारी संवेदनाएँ केवल मोबाइल स्क्रीन तक सीमित न रहें, बल्कि हमारे व्यवहार में भी दिखाई दें।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने परमार्थ निकेतन दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि धरती के प्रति न्याय ही मानवता के प्रति न्याय है और जैव विविधता की रक्षा करना आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों की रक्षा करना है। 

अन्तर्राष्ट्रीय न्याय दिवस स्मरण कराता है कि न्याय केवल हमारे लिए नहीं, बल्कि हमारी धरती, नदियों, वनों, पर्वतों, जल, वायु और आने वाली पीढ़ियों के प्रति भी हमारा नैतिक दायित्व है। प्रकृति का अंधाधुंध दोहन, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन केवल पर्यावरणीय संकट नहीं, बल्कि भविष्य के साथ अन्याय है। आज समय की पुकार है कि हम विकास और संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करें, संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करें और पृथ्वी को वही सम्मान दें जो हम अपने जीवन को देते हैं। धरती सुरक्षित होगी, तभी न्याय, शांति और मानवता का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा।

पूज्य स्वामी जी ने कहा, एक मुस्कुराता हुआ इमोजी तभी सार्थक है जब हमारे व्यवहार से किसी के जीवन में मुस्कान आए। जुड़े हुए हाथों का इमोजी तभी पूर्ण है जब हमारे भीतर विनम्रता और सेवा का भाव हो। हरे वृक्ष का इमोजी तभी जीवंत है जब हम वास्तव में पौधे लगाएँ और प्रकृति की रक्षा करें। पृथ्वी का इमोजी तभी सार्थक है जब हम धरती के प्रति अपने दायित्व निभाएँ।

उन्होंने कहा कि न्याय केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं है। वास्तविक न्याय वह है जिसमें प्रत्येक व्यक्ति, प्रत्येक जीव, प्रत्येक नदी, प्रत्येक वन और स्वयं पृथ्वी के अधिकारों का सम्मान हो। यदि नदियाँ प्रदूषित हैं, वन नष्ट हो रहे हैं, जलवायु संकट गहरा रहा है और भविष्य की पीढ़ियों से स्वच्छ पर्यावरण छिन रहा है, तो यह भी अन्याय का ही एक स्वरूप है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज आवश्यकता इमोजी से आगे इमोशन और इमोशन से आगे एक्शन की है। हमारी डिजिटल अभिव्यक्ति तभी सार्थक होगी जब वह सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय मूल्यों में परिवर्तित हो।

उन्होंने कहा कि यदि दुनिया नए इमोजी बनाए, तो उनमें केवल भावनाएँ नहीं बल्कि न्याय, जल संरक्षण, स्वच्छ नदियाँ, वृक्षारोपण, करुणा, शांति और पृथ्वी की सुरक्षा के प्रतीक भी प्रमुख स्थान प्राप्त करें। ऐसे इमोजी आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देंगे कि विकास और तकनीक का उद्देश्य केवल संवाद नहीं, बल्कि संवेदनशील और उत्तरदायी समाज का निर्माण भी है।

पूज्य स्वामी जी ने सभी से आह्वान किया कि इस अवसर पर एक संकल्प लें, हम केवल न्याय की बात नहीं करें, बल्कि न्यायपूर्ण जीवन जिएँ; केवल प्रकृति के इमोजी साझा नहीं करें, बल्कि प्रकृति की रक्षा भी करें; केवल शांति का संदेश नहीं भेजें, बल्कि अपने विचारों, व्यवहार और निर्णयों में भी शांति, करुणा और न्याय को स्थान दें।

उन्होंने कहा, दुनिया को आज ऐसे इमोजी की आवश्यकता है जो केवल चेहरे की भावनाएँ नहीं, बल्कि मानवता का चरित्र दर्शाएँ। जब हमारे हाथ सेवा में, हमारे हृदय करुणा में और हमारे एक्शन न्याय में बदलेंगे, तभी सच्चे अर्थों में मानवता मुस्कुराएगी।