मंगलवार, 30 जून 2026

श्री ठाकूर द्वारा बालिका विद्यालय में ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सुंदरकांड के पाठ का हुआ आयोजन

 






मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । श्री ठाकूर द्वारा बालिका विद्यालय में ग्रीष्मकालीन अवकाश के उपरांत  श्रद्धा एवं भक्ति के वातावरण में सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष दिनेश कुमार गोयल, उपाध्यक्ष दिनेश कुमार गोयल (सोप वाले), प्रबंधक ज्ञानप्रकाश गोयल, उप-प्रबंधक अनिल कुमार  मोहित गुप्ता सहित प्रबंधन समिति के अन्य पदाधिकारी एवं समस्त अध्यापिकाएँ उपस्थित रहीं।

सुंदरकांड पाठ के पश्चात प्रधानाचार्या श्रीमती पूनम शर्मा ने भगवान हनुमान के आदर्श चरित्र, उनकी अटूट भक्ति, साहस एवं सेवा-भाव पर प्रकाश डालते हुए सभी को इन गुणों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। विद्यालय के अध्यक्ष श्री दिनेश कुमार गोयल जी ने भगवान हनुमान जी से सभी के सुख, समृद्धि एवं कल्याण हेतु प्रार्थना की।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय परिसर में आध्यात्मिक वातावरण का सुंदर संचार हुआ, जिससे उपस्थित सभी जन भाव-विभोर हो गए। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया।

सिख पंथ के छठे गुरु, ‘मीरी-पीरी’ के प्रवर्तक एवं महान ‘सैन्य-संत’ गुरु श्री हरगोबिंद साहिब जी महाराज के प्रकाश पर्व पर परमार्थ निकेतन से अनंत शुभकामनाएँ

 


*💥आज की परमार्थ गंगा आरती गुरु श्री हरगोबिंद साहिब जी महाराज को की समर्पित*

*💐आध्यात्मिक शक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व साथ-साथ चलें तो समाज में विलक्षण परिवर्तन सम्भव*

*स्वामी चिदानन्द सरस्वती*

ऋषिकेश, 30 जून। सिख पंथ के छठे गुरु, ‘मीरी-पीरी’ के दिव्य सिद्धांत के प्रवर्तक, धर्मरक्षक एवं महान ‘सैन्य-संत’ गुरु श्री हरगोबिंद साहिब जी महाराज के पावन प्रकाश पर्व के अवसर पर परमार्थ निकेतन परिवार से हार्दिक शुभकामनाएँ।

इस पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि गुरु श्री हरगोबिंद साहिब जी महाराज का जीवन धर्म, अध्यात्म, साहस, करुणा, आत्मसम्मान और राष्ट्रसेवा का अद्भुत संगम है। उन्होंने यह संदेश दिया कि जब धर्म, सत्य और मानवता पर संकट आए, तब केवल आध्यात्मिक चेतना ही नहीं, साहस एवं संकल्प भी उतना ही आवश्यक है। उनका जीवन प्रेरणा देता है कि आध्यात्मिक शक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व साथ-साथ चलें तो समाज में विलक्षण परिवर्तन सम्भव है।

गुरु श्री हरगोबिंद साहिब जी ने ‘मीरी-पीरी’ की महान परंपरा स्थापित कर यह स्पष्ट किया कि आध्यात्मिक सत्ता (पीरी) और लौकिक उत्तरदायित्व (मीरी) परस्पर विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने दो तलवारें धारण कर यह संदेश दिया कि जीवन में शास्त्र का ज्ञान और शस्त्र का साहस, दोनों का संतुलन आवश्यक है। शास्त्र हमें सत्य, करुणा, विवेक और आत्मज्ञान का मार्ग दिखाते हैं, जबकि शस्त्र धर्म, न्याय और निर्दाेषों की रक्षा का संकल्प प्रदान करते हैं। यह संतुलित दृष्टिकोण आज के समय में भी उतना ही प्रासंगिक है जितना उस युग में था।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि गुरु साहिब का संपूर्ण जीवन हमें अन्याय, अत्याचार और भय के विरुद्ध निर्भीक होकर खड़े होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने समाज में आत्मबल, संगठन, अनुशासन और सेवा की भावना को जागृत किया। उनके आदर्श यह संदेश देते है कि वास्तविक शक्ति आत्मबल, सत्यनिष्ठा, नैतिकता और ईश्वर में अटूट विश्वास में निहित होती है।

आज जब विश्व अनेक प्रकार की चुनौतियों, हिंसा, असहिष्णुता, सामाजिक विभाजन, नैतिक मूल्यों के क्षरण तथा पर्यावरणीय संकट का सामना कर रहा है, तब गुरु श्री हरगोबिंद साहिब जी की शिक्षाएँ और अधिक प्रासंगिक हो जाती हैं। उनका जीवन हमें यह संदेश देता है कि धर्म का वास्तविक स्वरूप मानवता की रक्षा, सभी के सम्मान, न्याय की स्थापना और प्रेमपूर्ण सहअस्तित्व में निहित है। यदि समाज गुरु साहिब के आदर्शों को आत्मसात करे तो एक अधिक न्यायपूर्ण, शांतिपूर्ण और समरस विश्व की स्थापना संभव है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भारत की महान आध्यात्मिक परंपरा सदैव विविधता में एकता, परस्पर सम्मान और सभी धर्मों के प्रति आदर की भावना को पोषित करती रही है। गुरु श्री हरगोबिंद साहिब जी का जीवन इस सनातन भारतीय चेतना का उज्ज्वल उदाहरण है, जहाँ आध्यात्मिकता केवल व्यक्तिगत साधना तक सीमित नहीं रहती, बल्कि समाज, राष्ट्र और संपूर्ण मानवता के कल्याण का माध्यम बनती है। उनकी शिक्षाएँ हमें यह स्मरण कराती हैं कि धर्म का सर्वाेच्च स्वरूप सेवा, करुणा, न्याय और लोकमंगल है।

पूज्य स्वामी जी ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे हमारे पूज्य संतों व महापुरूषों के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने चरित्र का निर्माण करें, सत्य एवं नैतिक मूल्यों को जीवन का आधार बनाएँ, राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें तथा सेवा, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर अग्रसर रहें। स्वयं अनुशासित हो, समाज के लिए समर्पित हो और प्रत्येक परिस्थिति में सत्य एवं न्याय का साथ दे।

प्रकाश पर्व के इस पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन से सभी श्रद्धालुओं अनंत शुभकामनायें।

सोमवार, 29 जून 2026

विजयनगर की 48 एकड़ आर्मी लैंड पर 1 जुलाई से प्रारंभ होगा वृहद वृक्षारोपण नगर निगम की तैयारी जोरों पर,आर्मी लैंड से गंदगी हटी, लहराएंगे लाखों वृक्ष, बढ़ेगी ग्रीनरी-नगर आयुक्त

 




मुकेश गुप्ता

*नगर निगम विजयनगर में ग्रीन लंग्स आफ गाजियाबाद की कर रहा है तैयारी, नगर आयुक्त द्वारा किया गया स्थलीय निरीक्षण*

*सिटी फॉरेस्ट तथा साईं उपवन जैसा विजयनगर में भी तैयार होगा 7 लाख पौधों से जंगल, एयर क्वालिटी में होगा सुधार --नगर आयुक्त*

गाजियाबाद । नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश अनुसार उद्यान विभाग द्वारा वृहद प्लांटेशन की तैयारी की जा रही है विजयनगर स्थित आर्मी लैंड पर मियावकी पद्धति से प्लांटेशन का कार्य चल रहा है नगर आयुक्त द्वारा टीम के साथ स्थलीय निरीक्षण किया गया, विजयनगर के लिए जहां गाजियाबाद नगर निगम विकास के कार्यों को रफ्तार दे रहा है, वहीं पर्यावरण तथा एयर क्वालिटी में सुधार हेतु भी कार्य कर रहा है लगभग 48 एकड़ भूमि पर लगभग 7 लाख पौधे मियावकी पद्धति से लगाए जाएंगे जिससे ऑक्सीजन की बढ़ोतरी होगी तथा कार्बन डाइऑक्साइड कम होगा, शहर को लाभ मिलेगा, फलदार छायादार तथा औषधी वाले पौधे लगाए जाएंगे जो की वृक्ष बनकर *ग्रीन लंग्स ऑफ गाजियाबाद* का कार्य करेंगे l 

नगर आयुक्त ने बताया कि 1 जुलाई से आर्मी लैंड पर पौधारोपण का कार्य प्रारंभ होगा जिसमें 9 एकड़ भूमि पर लगभग सवा लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे 37 एकड़ भूमि में लगभग 6 लाख पौधे लगाए जाएंगे ट्रैक्टरों व अन्य उपकरणों के माध्यम से गहरी जुताई का कार्य जारी है मौके पर पौधारोपण से पहले की तैयारी को देखा गया शीघ्र ही गड्ढा खोदने के कार्य को प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए, साईं उपवन तथा सिटी फॉरेस्ट की भांति विजयनगर में भी वृहद जंगल बनाया जाएगा जिससे क्षेत्र वासियों को भी लाभ मिलेगा शासन के निर्देश के क्रम में कार्यवाही तेजी से की जा रही है l 

गाजियाबाद नगर निगम वायु गुणवत्ता सुधार के लिए लगातार प्रयास रक्त है इसी क्रम में विजयनगर क्षेत्र में भी भारी संख्या में पौधारोपण का कार्य मियावकी पद्धति से किया जाएगा, वरिष्ठ प्रभारी उद्यान एनके चौधरी तथा प्रभारी उद्यान डॉक्टर अनुज की देखरेख में विजयनगर स्थित आर्मी लैंड पर पौधारोपण का कार्य प्रारंभ करने की तैयारी चल रही है, डॉ अनुज द्वारा बताया गया कि बड़े क्षेत्रफल को कई भागों में बांटते हुए प्लांटेशन का कार्य किया जाएगा,  फलदार एवं छायादार वृक्ष भी विशेष रूप से लगाए जाएंगे जिसमें बरगद, अर्जुन, पीपल, सागवान, कटहल, शीशम, पिलखान, नीम, गूलर, अंजीर, बेकन, जामुन, कदम, कचनार, आम, अनार, शहतूत, चीकू,पपीता, केला,इमली, नींबू, मेहंदी तुलसी एलोवेरा, जैसे पौधे भी लगाए जाएंगेl आर्मी लैंड से गंदगी हटाकर, ग्रीनरी बढ़ाने के लिए प्लांटेशन के कार्य पर विजयनगर निवासियों ने गाजियाबाद नगर निगम का धन्यवाद किया तथा प्रशंसा जाहिर की,निरीक्षण के दौरान मौके पर अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, उद्यान निरीक्षक अजय,अवर अभियंता उद्यान विभाग व अन्य टीम उपस्थित रही l

साहेब कबीर जयंती पर सिकंदर यादव के निवास पर 15वें विशाल भंडारे का भव्य आयोजन,"साहेब कबीर की वाणी मानवता, समानता और भाईचारे का संदेश देती है"-सिकंदर यादव

 





मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। साहेब कबीर जयंती के पावन अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी सिकंदर यादव के निवास पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 15वें विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, राजनीतिक प्रतिनिधियों, पत्रकारों तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर साहेब कबीर को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ साहेब कबीर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि के साथ हुआ। अपने संबोधन में वरिष्ठ समाजसेवी सिकंदर यादव ने कहा कि साहेब कबीर ने अपनी वाणी के माध्यम से मानवता, समानता, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में भी साहेब कबीर की शिक्षाएं समाज को भेदभाव, ऊंच-नीच और जातिवाद से मुक्त होकर समानता के आधार पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।

उन्होंने साहेब कबीर के प्रसिद्ध दोहे सुनाते हुए उनके अर्थ भी बताए—

"बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।

जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।।"

उन्होंने कहा कि इस दोहे का संदेश है कि व्यक्ति को दूसरों की कमियां देखने से पहले स्वयं का आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।

इसके बाद उन्होंने दूसरा दोहा सुनाया—

"जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिए ज्ञान।

मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान।।"

उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति का सम्मान उसकी जाति या जन्म से नहीं, बल्कि उसके ज्ञान, चरित्र, गुण और कर्मों से होना चाहिए।

इस अवसर पर वीरेंद्र यादव, फैसल खान, नसीम खान, सत्येंद्र यादव सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पत्रकारों में अली मेहंदी, रिंकू सिंह, मुकेश गुप्ता तथा नवीन सेठी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

इसके अतिरिक्त कर्मशील भारती, मनोज शर्मा, कुणाल यादव, रवि यादव, दिनेश यादव, प्रदीप यादव, पूनम यादव, प्रेम के. यादव, राजलक्ष्मी यादव, रतन सिंह यादव, बिजेंद्र यादव, आशीष यादव, जाकिर हुसैन, संदीप, अमित सैनी, आकाश चौधरी, मिलिंद अविनाश, मिलन यादव, अविनाशी यादव, हरसरूप ठेकेदार, आर.पी. सिंह, सोम यादव तथा बसु यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

भंडारे में सभी धर्मों और समाज के लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम का वातावरण श्रद्धा, सेवा, समानता और भाईचारे की भावना से ओत-प्रोत रहा। अंत में आयोजक सिकंदर यादव ने सभी अतिथियों, सहयोगियों एवं स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साहेब कबीर के बताए मार्ग पर चलकर ही समानता, मानवता और भाईचारे पर आधारित समाज का निर्माण किया जा सकता है। कार्यक्रम का समापन साहेब कबीर के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ हुआ।

वट पूर्णिमा, परिवार में संस्कार, प्रेेम व विश्वास के रोपण का पावन पर्व,मानवता के महान उपासक, संत शिरोमणि कबीर दास जी की 628वीं जयंती पर परमार्थ निकेतन से भावभीनी श्रद्धाजंलि*




                             सत्ता बन्धु संवाददाता

*✨परिवार, संस्कार, प्रेम, विश्वास और आध्यात्मिक मूल्यों का जीवंत विद्यालय*

*💥संस्कार किसी पुस्तक से नहीं, बल्कि परिवार के वातावरण से जन्म लेते हैं*

*🙏🏻स्वामी चिदानन्द सरस्वती*

ऋषिकेश, 29 जून। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने आज वट पूर्णिमा के पावन अवसर पर मातृ शक्ति को शुभकामनायें देते हुये कहा कि वट पूर्णिमा का पावन पर्व भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा का उत्सव है, जो परिवार को समाज की सबसे मजबूत इकाई मानती है। यह केवल अखंड सौभाग्य का व्रत नहीं, बल्कि जीवन में निष्ठा, समर्पण, विश्वास, धैर्य और सनातन मूल्यों को स्थापित करने का दिव्य अवसर है।

मानवता के महान उपासक, संत शिरोमणि कबीर दास जी की 628वीं जयंती पर परमार्थ निकेतन से उन्हें भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुये कहा कि कबीरदास जी सत्य, समरसता और सामाजिक चेतना के क्रांतिकारी स्वर थे। उन्होंने जाति-पांति, धार्मिक आडंबर, पाखंड और ऊँच-नीच की संकीर्ण सोच को निर्भीकता से चुनौती देते हुए प्रेम, करुणा, समानता और आत्मज्ञान का मार्ग दिखाया। उनके दोहे आज भी समाज को आत्ममंथन, सदाचार और मानवता की प्रेरणा देते हैं। आइए, उनके विचारों को जीवन में अपनाकर सामाजिक सद्भाव, नैतिक मूल्यों और मानव सेवा ही माधव सेवा की भावना को सशक्त बनाने का संकल्प लें।

वट पूर्णिमा के पावन अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि वट सावित्री व्रत सत्य, संकल्प, आत्मबल और धर्मनिष्ठा की विजय का पर्व है। सावित्री ने अपने अटूट विश्वास, तप और समर्पण से यह सिद्ध किया कि जब जीवन में संस्कार, श्रद्धा और धर्म का आधार होता है, तब असंभव भी संभव हो जाता है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि पूर्णिमा का आध्यात्मिक संदेश है कि जिस प्रकार चन्द्रमा स्वयं प्रकाशमान नहीं होता, बल्कि सूर्य का प्रकाश ग्रहण कर संपूर्ण जगत को शीतलता और प्रकाश प्रदान करता है, उसी प्रकार हम भी परमात्मा की दिव्य चेतना को अपने जीवन में धारण कर समाज को प्रेम, करुणा, सेवा और सदाचार का प्रकाश दे सकते हैं। यही भारतीय जीवन-दर्शन का सार है।

उन्होंने कहा कि आज का समय भौतिक प्रगति का है, लेकिन साथ ही पारिवारिक विघटन, अकेलापन, तनाव और संस्कारों के क्षरण की चुनौती भी हमारे सामने है। आधुनिकता का स्वागत अवश्य होना चाहिए, किंतु अपनी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों की कीमत पर नहीं। यदि परिवारों में संवाद समाप्त हो जाए, यदि पीढ़ियों के बीच आत्मीयता कम हो जाए और यदि बच्चों तक संस्कारों की धारा न पहुँचे, तो समाज की नींव कमजोर होने लगती है।

वट वृक्ष भारतीय संस्कृति में दीर्घायु, स्थिरता और संरक्षण का प्रतीक है। उसकी विशाल जड़ें और विस्तृत शाखाएँ हमें यह प्रेरणा देती हैं कि परिवार भी ऐसा ही हो, जहाँ प्रत्येक सदस्य को सुरक्षा, स्नेह, सम्मान और अपनापन मिले। संयुक्त परिवार की परंपरा इसी भावना का जीवंत स्वरूप रही है। यहाँ केवल एक साथ रहना ही नहीं, बल्कि एक-दूसरे के सुख-दुःख में सहभागी बनना, अनुभवों का आदान-प्रदान करना और जीवन मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुँचाना भी जीवन का स्वाभाविक अंग है।

आज आवश्यकता इस बात की है कि हम अपने परिवारों में पुनः संस्कारों का रोपण करें। बच्चों को केवल आधुनिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि सत्य बोलना, बड़ों का सम्मान करना, प्रकृति से प्रेम करना, सेवा करना, कृतज्ञता व्यक्त करना, प्रार्थना करना और भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव का भाव भी सिखाएँ। संस्कार किसी पुस्तक से नहीं, बल्कि परिवार के वातावरण से जन्म लेते हैं। माता-पिता और दादा-दादी स्वयं अपने आचरण से जो उदाहरण प्रस्तुत करते हैं, वही बच्चों के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी पाठशाला बन जाता है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भोजन की मेज पर केवल भोजन न हो, बल्कि संवाद भी हो। घर में केवल आधुनिक उपकरण न हों, बल्कि प्रतिदिन कुछ समय प्रार्थना, भजन, सत्संग, स्वाध्याय और आत्मीय चर्चा के लिए भी निकाला जाए। यही छोटे-छोटे प्रयास परिवार को संस्कारों का तीर्थ बना सकते हैं।

वट पूर्णिमा हमें यह भी प्रेरणा देती है कि हम केवल अपने परिवार तक सीमित न रहें, बल्कि संपूर्ण समाज को अपना परिवार मानें। वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना भारतीय संस्कृति का वैश्विक संदेश है। जब प्रत्येक परिवार प्रेम, सेवा, सहयोग और नैतिक मूल्यों का केंद्र बनेगा, तभी राष्ट्र सशक्त होगा और विश्व में शांति एवं सद्भाव का वातावरण स्थापित होगा।

आइए, इस वट पूर्णिमा पर हम सभी यह संकल्प लें कि अपने घरों में प्रेम, विश्वास, संवाद, सेवा, करुणा और सनातन मूल्यों का वटवृक्ष रोपित करे। परिवारों में एकता, समर्पण और संस्कारों की ज्योति प्रज्वलित करे तथा आने वाली पीढ़ियों को ऐसा जीवन-दर्शन दें, जो उन्हें केवल सफल ही नहीं, बल्कि संवेदनशील, जिम्मेदार और चरित्रवान भी बनाए।

प्रत्येक परिवार में सुख, शांति, समृद्धि, अखंड सौभाग्य एवं सनातन संस्कारों की अखंड ज्योति सदैव प्रज्वलित रहे। यही वट पूर्णिमा का संदेश और हमारी       सांस्कृतिक विरासत का शाश्वत आह्वान है।

रविवार, 28 जून 2026

ओमप्रकाश शर्मा की शौक सभा मे उमड़ा जनसैलाब

 

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । पत्रकार जितेंद्र शर्मा (जिम्मी) के पिताजी स्व. श्री ओम प्रकाश शर्मा जी निवासी मकान नं. 50, पूर्वा हीरालाल पंजाब लाईन, गाजियाबाद का आकस्मिक निधन  18 जून 2026 को हो गया था। उनकी श्रद्धांजलि सभा एवं रस्म पगड़ी आज 28 जून को रेलवे रोड़ बजरिया गुरुद्वारा मे हुई जिसमें पत्रकार, राजनीतिक दलों के नेताओं समाज सेवी लोगों ने अपनी 

श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता पंकज शर्मा, राजीव अग्रवाल, पार्षद धीरेंद्र यादव बिल्लू ,संतराम यादव, शील गोस्वामी,, सुनील चाचा, वरिष्ठ पत्रकार अनुज चौधरी, अशोक शर्मा ,सुभाष शर्मा,अशोक कौशिक, आदेश शर्मा, अजय शर्मा, सोबरन सिंह, मुकेश गुप्ता,तेजेस चौहान, राजीव चौहान, जगसैन यादव, सुरेश सिंह, फवन शर्मा संटी ,सचिन गुप्ता, शिवकुमार, शाहबाज खान, अशोक अरोड़ा, नुकुल अरोडा आदि उपस्थित रहे।

शोकाकुल परिवार की ओर से भाई : विजय कुमार शर्मा विनोद कुमार शर्मा भतिजे : अनुराग शर्मा, गगन शर्मा, गौरव शर्मा, योगेश शर्मा, दीपक शर्मा,पुत्रगण : विपिन शर्मा जितेन्द्र शर्मा जिम्मी (पत्रकार),सुपोत्र : समर्थ शर्मा, हर्षित शर्मा, मनन शर्मा कयांश शर्मा, वाशु शर्मा आदि ने शोक वयक्त किया





सुल्लामल रामलीला कमेटी के चुनाव में निर्विरोध अजय बंसल,के पैनल के सभी प्रत्याशी विजयी



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। श्री सुल्लामल रामलीला कमेटी के चुनाव रविवार को शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुए। कमेटी के कुल 297 सदस्यों में से 274 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

    कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अजय बंसल निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित हुए। उनके नेतृत्व वाले पैनल ने अन्य छह पदों पर भी शानदार जीत दर्ज की।

चुनाव परिणाम इस प्रकार रहे

महामंत्री: नरेश अग्रवाल — 177 मत (85 मतों से विजयी)

वरिष्ठ उपाध्यक्ष: संजीव मित्तल — 195 मत (123 मतों से विजयी)

कनिष्ठ उपाध्यक्ष: अनिल चौधरी — 138 मत (5 मतों से विजयी)

कोषाध्यक्ष: सुधीर गोयल 'मोनू' — 149 मत (27 मतों से विजयी)

मंत्री: प्रदीप मित्तल — 189 मत (107 मतों से विजयी)

लेखा परीक्षक: रविंद्र मित्तल — 162 मत (58 मतों से विजयी)

   भीषण गर्मी के बावजूद सभी मतदाता परिणाम घोषित होने तक रामलीला मैदान में डटे रहे।

    निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने पर अजय बंसल ने कहा कि "जीत और हार केवल चुनाव तक सीमित होती है। रामलीला कमेटी हम सभी की है और सभी सदस्यों को साथ लेकर चलना मेरा दायित्व है। मुझे विश्वास है कि सभी के सहयोग से हम रामलीला के गौरव और परंपरा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। 

     उन्होंने बताया कि विजयी पैनल के सभी पदाधिकारी पूर्व में भी यही जिम्मेदारियां निभा चुके हैं तथा सभी के बीच बेहतर तालमेल है, जिसका लाभ कमेटी और रामलीला के सफल संचालन में मिलेगा। अजय बंसल ने बताया यह जीत सभी वरिष्ठ लोगों की मेहनत भी है जो पूर्व में विभिन्न पदों पर रहे हैं जिसमें सुभाष चंद्र गुप्ता जी, विनय सिंघल कर सलाहकार, ज्ञान प्रकाश गोयल, राजेंद्र मित्तल मेदी वाले, वीरेंद्र कुमार वीरो, प्रेमचंद गुप्ता, राकेश स्वामी सहित सभी का सहयोग है 

    चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद रामलीला कमेटी के  सदस्यों एवं शुभचिंतकों ने सभी विजयी पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

माहेश्वरी समाज साहिबाबाद ने महेशोत्सव 2026 का भव्य आयोजन किया ,सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान ने बांधा समां

 

मुकेश गुप्ता

साहिबाबाद । माहेश्वरी समाज साहिबाबाद (पंजी.) द्वारा आयोजित "महेशोत्सव 2026" का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास, उत्साह एवं पारिवारिक वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के बच्चों एवं परिवारों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

कार्यक्रम के दौरान समाज के मेधावी विद्यार्थियों का भव्य सम्मान किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के गणमान्य अतिथियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्याम जाजू (पूर्व उपाध्यक्ष, बी.जे.पी.) रहे। उन्होंने अपने संबोधन में समाज की एकता, शिक्षा एवं संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए माहेश्वरी समाज की गतिविधियों की सराहना की।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण "भक्ति महेश संगीत" रहा, जिसकी मनमोहक प्रस्तुति राजनी एवं उनकी टीम ने दी। भजनों और संगीतमय प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी परिवारों को मंत्रमुग्ध कर झूमने पर मजबूर कर दिया और पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

कार्यक्रम की सफलता में समाज के अनेक सदस्यों का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर अतुल कुमार माहेश्वरी, जितेंद्र माहेश्वरी, ऋषभ माहेश्वरी, अनमोल माहेश्वरी, सुनील माहेश्वरी, उमाकांत माहेश्वरी, राज्यवर्धन माहेश्वरी, राम कुमार राठी, आर पी माहेश्वरी, महेश चंद राठी, अंकित माहेश्वरी, अंकुर भट्टर, हिमांशु माहेश्वरी, जतिन माहेश्वरी, राजीव माहेश्वरी, राजीव मूंदड़ा, दिनेश माहेश्वरी, दीप्ति माहेश्वरी, डॉ. वर्षा माहेश्वरी, दीपाली पलतानी अलका माहेश्वरी, रेखा माहेश्वरी, एकता माहेश्वरी,अर्चना मूंदड़ा, प्रीति राठी, शिखा माहेश्वरी, सुमन सोमानी, अंतरिक्ष माहेश्वरी, प्रखर माहेश्वरी सहित समस्त कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं समाजजनों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार समाज को एकजुट करने वाले कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प किया, और कार्यक्रम के अंत मैं सभी लोगों ने स्वादिष्ट प्रीतिभोज का आनन्द लिया।

शनिवार, 27 जून 2026

28 जून को मनाया जाएगा हिंदू साम्राज्य दिवस उत्सव

 


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। भारत माता सांस्कृतिक संस्थान बलिदान पथ नवयुग मार्केट पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी हिंदू साम्राज्य दिवस उत्सव मनाएगा। शुक्रवार को नवयुग मार्केट स्थित रेस्तरां में आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी गई।

संस्थान के महामंत्री मनमीत कुमार ने बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के 353वें वर्ष के उपलक्ष्य में 28 जून को यह कार्यक्रम होगा। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में निरंजन पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरि और राज्य सभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी मौजूद रहेंगे।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को शिवा जी महाराज के जीवन मूल्यों के बारे में बताना है। इसमें महिलाओं के बुलेट वाहिनी का प्रदर्शन, अश्व वाहिनी, खड़क वाहिनी और शिवा जी के राज्याभिषेक की झाकियां दिखाई जाएंगी।

पत्रकार वार्ता हिन्दू मासाज्य निलय द्वारा हिंदू साम्राज्य दिवस उत्सव के आयोजन की जानकारी देते समिति के सदस्य। 

कार्यक्रम का समापन शिवा जी महाराज के जीवन पर आधारित क्विज प्रतियोगिता और उनके जीवन पर आधारित नृत्य नाटिका से होगा। सबसे अंत में पुरस्कार वितरण किया जाएगा। प्रेस वार्ता के दौरान न्यास के अध्यक्ष राहुल सिंह, अरुण, सचिन सिंघल, विपुल कुमार, राजेंद्र, अमरीश तरुण शर्मा, दिवाकर सिंहल आदि उपस्थित हुए।

शुक्रवार, 26 जून 2026

अन्तर्राष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर देव संस्कृति विश्व विद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय जागरूकता कार्यक्रम में परमार्थ पीठाधीश्वर, परमार्थ निकेतन के पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती के पावन सान्निध्य मे आशीर्वाद व उद्बोधन हुआ

 




सत्ता बन्धु संवाददाता

नशा मुक्त भारत अभियान का शुभारम्भ

*💥आओ बनाएँ - व्यसन मुक्त स्वर्णिम भारत*

*🌼गुटखा, तंबाकू, पान-मसाला, सिगरेट, शराब आदि सभी नशे से दूर रहने का संदेश*

*🌺अखिल विश्व गायत्री परिवार, नशा मुक्त भारत अभियान, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, भारत सरकार और देव संस्कृति विश्व विद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित*

*💥केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, शिक्षा एवं सहकारिता विभाग, कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड़ सरकार, डॉ. धन सिंह रावत जी, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण एवं भाषा विभाग,  उत्तराखंड सरकार,  खजान , समाजसेवा एवं जनसंपर्क, विनय रोहेला, संदीप राठौर की गरिमामयी उपस्थिति

💥कार्यक्रम संयोजक, डा चिन्मय पण्ड्या जी ने सभी अतिथियों का किया अभिनन्दन

हरिद्वार, 26 जून। अन्तर्राष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर देव संस्कृति विश्व विद्यालय में अखिल विश्व गायत्री परिवार, नशा मुक्त भारत अभियान, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, भारत सरकार तथा देव संस्कृति विश्व विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय जनजागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को गुटखा, तंबाकू, पान-मसाला, सिगरेट, शराब एवं अन्य सभी प्रकार के नशों से दूर रहने का संदेश देते हुए ’आओ बनाएँ, व्यसन मुक्त स्वर्णिम भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प को जन-जन तक पहुँचाना था।

इस अवसर पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के परमाध्यक्ष एवं परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य, आशीर्वाद एवं प्रेरणादायी उद्बोधन कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय पंडित श्रीराम शर्मा जी, माता जी, डा प्रणव पण्ड्या , शैल जीजी, का जो योगदान है वह अद्भुत है। पूज्य स्वामी जी ने डा चिन्मय पण्ड्या जी का अभिनन्दन करते हुये कहा कि आपको एक अद्भुत विरासत मिली है। देव संस्कृति विश्व विद्यालय एक संस्कारवान व्यवस्था, जिसमें आधुनिकता और प्राचीनता का अद्भुत समन्वय है। विज्ञान और अध्यात्म को लेकर जो कार्य हो रहा है वह विलक्षण है। नशा मुक्त समाज बनाने, गंगा स्वच्छता, संस्कारों की स्थापना में शान्तिकुंज और देव संस्कृति विश्व विद्यालय की भूमिका, अद्भुत, अलौकिक और अविस्मरणीय है।

अपने संबोधन में पूज्य स्वामी जी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के शरीर को ही नहीं, बल्कि उसके विवेक, संस्कार, परिवार और राष्ट्र की शक्ति को भी कमजोर करता है। उन्होंने कहा कि यदि भारत को विश्वगुरु बनाना है तो उसकी युवा शक्ति को नशे के दलदल से निकालकर संस्कार, योग, अध्यात्म और सेवा के मार्ग पर अग्रसर करना होगा।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज आवश्यकता केवल नशा छोड़ने की नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक चेतना को अपनाने की है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं नशामुक्त जीवन अपनाएँ तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी इस अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक नागरिक स्वयं संकल्पित होगा, तभी व्यसन मुक्त स्वर्णिम भारत का सपना साकार होगा।

कार्यक्रम में भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से जुड़े गणमान्य प्रतिनिधियों सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। 

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार जी ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए एक गंभीर चुनौती है। नशा युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और भविष्य को कमजोर करता है, जबकि संयम, संस्कार और स्वस्थ जीवन उन्हें राष्ट्रनिर्माण का आधार बनाते हैं। आइए, हम स्वयं नशामुक्त रहने का संकल्प लें, अपने परिवार और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करें तथा एक स्वस्थ, सुरक्षित, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें। नशामुक्त युवा ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं।

उत्तराखंड सरकार के शिक्षा एवं सहकारिता विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि नशा युवाओं की प्रतिभा और राष्ट्र की प्रगति के मार्ग में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों का समावेश ही युवाओं को नशे से दूर रखने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।

उत्तराखंड सरकार के समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण एवं भाषा विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास जी ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता और जनजागरण से संभव है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

देव संस्कृति विश्व विद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पाण्डेय जी ने सभी विशिष्ट अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर आत्मीय अभिनन्दन किया। उन्होंने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि देव संस्कृति विश्व विद्यालय सदैव स्वस्थ, संस्कारित एवं जागरूक समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण, व्यक्तित्व विकास एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को भी समान महत्व देता है। नशामुक्त भारत अभियान इसी व्यापक सामाजिक दृष्टि का एक महत्वपूर्ण आयाम है।

श्री विनय रोहेला जी तथा श्री संदीप राठौर जी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने नशामुक्त भारत अभियान को राष्ट्र निर्माण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण पहल बताते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग से इसमें सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह ने सामूहिक रूप से नशामुक्त जीवन जीने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी नशे से मुक्त बनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया कि वे सोशल मीडिया, शैक्षणिक संस्थानों, ग्रामों एवं नगरों में जागरूकता अभियान चलाकर इस राष्ट्रीय मिशन को जन-आंदोलन का स्वरूप दें।

कार्यक्रम में यह संदेश विशेष रूप से दिया गया कि गुटखा, तंबाकू, पान-मसाला, सिगरेट, शराब एवं अन्य सभी प्रकार के नशे न केवल स्वास्थ्य के लिए घातक हैं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की आर्थिक एवं सामाजिक उन्नति में भी गंभीर बाधा उत्पन्न करते हैं। अतः प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह स्वयं नशे से दूर रहे और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करे।

राष्ट्रीय जागरूकता कार्यक्रम का समापन आओ बनाएँ - व्यसन मुक्त स्वर्णिम भारत के सामूहिक उद्घोष, राष्ट्र निर्माण के संकल्प तथा मानवता के कल्याण की मंगलकामना के साथ हुआ। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने विश्वास व्यक्त किया कि आध्यात्मिक प्रेरणा, सामाजिक सहयोग और जनभागीदारी के माध्यम से भारत को नशामुक्त, स्वस्थ, संस्कारित एवं सशक्त राष्ट्र बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।

गुरुवार, 25 जून 2026

सहायक पुलिस आयुक्त अमित सक्सेना ने स्वयं रक्तदान कर दिया प्रेरणादायक संदेश, 56 वीर रक्तदाताओं ने किया रक्तदान, 224 जिंदगियों को मिलेगा जीवनदान

 





मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद/ साहिबाबाद। भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, गाजियाबाद एवं जिला रक्तकोष, एमएमजी अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में एस के कलायड होटल साहिबाबाद में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) अमित सक्सेना ने स्वयं रक्तदान कर समाज को प्रेरणादायक संदेश दिया।

इस अवसर पर ACP अमित सक्सेना ने कहा कि "रक्तदान महादान है। रक्त की एक यूनिट से चार लोगों का जीवन बचाया जा सकता है।" होटल में कार्यरत स्टाफ व  सभी नागरिकों से नियमित रूप से रक्तदान करने का आह्वान किया तथा रक्तदान को सामाजिक उत्तरदायित्व के रूप में अपनाने की अपील की।

शिविर में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए 56 वीर रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। विशेषज्ञों के अनुसार इन 56 यूनिट रक्त से लगभग 224 जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिल सकेगा।

शिविर की सफलता में जिला रक्तकोष, एमएमजी अस्पताल की पूरी टीम का विशेष योगदान रहा। डॉ. अंशुल चौधरी के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में रक्तदान की समस्त प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक संपन्न हुईं।

भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, गाजियाबाद के निवर्तमान सभापति डॉ. सुभाष गुप्ता ने बताया कि रेड क्रॉस के सभी सेवा कार्य जिला अधिकारी श्री रविंद्र कुमार मांदड की प्रेरणा  से निरंतर संचालित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में होटल की HR टीम के अमित एवं अंजली का विशेष सहयोग रहा। वहीं होटल के वाइस प्रेसिडेंट वीर सिंह गोसाई ने रेड क्रॉस की सेवा गतिविधियों की सराहना करते हुए डॉ. सुभाष गुप्ता को आश्वस्त किया कि उनके संस्थान में प्रत्येक तीन माह के अंतराल पर नियमित रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनका संस्थान भविष्य में भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी गाजियाबाद के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सामाजिक एवं मानवीय कार्यों में सहयोग प्रदान करेगा तथा अपने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को रक्तदान के प्रति जागरूक करेगा।

शिविर के सफल आयोजन में शिविर संयोजक एम. सी. गौर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अतिरिक्त विपिन अग्रवाल, राकेश गुप्ता, गीता शर्मा एवं नागेन्द्र नाथ सामल सहित रेड क्रॉस व रक्तकोष की टीम सर्वेश, विनोद कुमार, मोनू चौधरी,मनीष पाल व सुरेंद्र चौधरी ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया।

कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं, सहयोगियों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए नियमित रक्तदान को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया गया।

सहयोग ट्रस्ट ने निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर वसुंधरा में लगाई छबल भाजपा नेता हरिश मल्होत्रा पहुंचे

                             मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । सहयोग ट्रस्ट रजिस्टर्ड, वसुंधरा द्वारा निर्जला एकादशी के शुभ अवसर पर सेक्टर-2बी मेन रोड चौराहे पर छबील लगाकर राहगीरों एवं स्थानीय निवासियों को शरबत, जूट के बैग तथा तुलसी के पौधों का वितरण किया गया। इस सेवा कार्य का उद्देश्य जनसेवा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता का संदेश देना रहा।

इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता योगेश त्रिपाठी , निवर्तमान महानगर महामंत्री पप्पू पहलवान , निवर्तमान महानगर मंत्री संजीव झा, महानगर मंत्री आशीष चौधरी, निवर्तमान मंडल अध्यक्ष अनिल शर्मा , भाजपा वरिष्ठ नेता हरीश मल्होत्रा , कार्यकारिणी सदस्य वीरेंद्र कंडेरे ,महानगर सोशल मीडिया प्रभारी प्रतीक माथुर , महानगर सोशल मीडिया प्रभारी अनुराग मिश्रा , डॉ. कार्तिक शर्मा, रिटायर्ड ब्रिगेडियर बलराम त्यागी , प्रमोद त्यागी , सर्वानंद संस्था के अध्यक्ष गुंजन श्रीवास्तव जी, महेश उपाध्याय, पुनीत पीयूष भट्ट , भाजपा वरिष्ठ नेत्री कादंबरी कौशिक , स्वीटी रैना ,अमृता सिंह , नीति राय , तोशी श्रीवास्तव  सहित सहयोग ट्रस्ट की संपूर्ण टीम की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में सहयोग ट्रस्ट की चेयरमैन श्रीमती निशि त्यागी  एवं डायरेक्टर  नवीन त्यागी ने सभी अतिथियों का पटका पहनाकर एवं तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया।

इस सफल आयोजन को सफल बनाने में अपना अमूल्य समय, सहयोग एवं योगदान देने वाले सभी सम्मानित अतिथियों, सहयोग ट्रस्ट के सदस्यों, कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित जनों का हृदय से आभार एवं धन्यवाद। आप सभी के सहयोग, उत्साह और समर्पण से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भविष्य में भी इसी प्रकार समाज सेवा एवं जनकल्याण के कार्यों में आपका स्नेह, मार्गदर्शन एवं सहयोग मिलता रहे, यही अपेक्षा है।


परमार्थ निकेतन के पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती के पावन सान्निध्य में संत भक्ति की अनुपम गाथाओं का हुआ रसपूर्ण श्रवण



सत्ता बन्धु संवाददाता

गौवत्स श्री राधाकृष्ण जी के श्रीमुख से मेरे नामदेव-भक्तमाल कथा की ज्ञानधारा प्रवाहित

ऋषिकेश, 25 जून। परमार्थ निकेतन में संत परंपरा की अमूल्य विरासत ‘‘मेरे नामदेव-भक्तमाल कथा’’ का दिव्य एवं भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य, प्रेरणामयी उपस्थिति, आशीर्वचन एवं उद्बोधन सभी श्रद्धालुओं के लिये आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुपम स्रोत बना।

कथा के दिव्य वक्ता गौवत्स श्री राधाकृष्ण जी महाराज ने अपने श्रीमुख से भक्तमाल की अमृतमयी कथाओं का ऐसा रसपान करा रहे हैं कि श्रोतागण भक्ति, प्रेम और समर्पण के अद्भुत संसार में प्रवेश कर रहे हैं। भक्तमाल कथा पूज्य संतों के तप, त्याग, प्रेम और परमात्मा के प्रति अटूट समर्पण की जीवंत अनुभूति है। भक्तमाल कथा का प्रत्येक प्रसंग मानो श्रद्धा के सुप्त बीजों को जागृत कर रहा है।

भक्तमाल कथा पूज्य संतों के जीवन का ऐसा प्रकाशस्तंभ है जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर, अहंकार से समर्पण की ओर और अशांति से आनंद की ओर ले जाती है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि संतों का जीवन मानवता के लिये ईश्वर का खुला संदेश है। उन्होंने कहा कि भक्तमाल की कथाएँ हमें संदेश देती हैं कि सच्ची भक्ति हृदय की निर्मलता, सेवा की भावना और परमात्मा के प्रति अटूट विश्वास में निहित है। आज जब संसार तनाव, विभाजन और भौतिकता की दौड़ में उलझा हुआ है, तब पूज्य संतों की जीवनगाथाएँ मानवता को प्रेम, करुणा और एकता का मार्ग दिखाती हैं।

उन्होंने कहा कि पूज्य संतों ने अपना जीवन केवल अपने लिये नहीं जिया, बल्कि उन्होंने सम्पूर्ण समाज के कल्याण को अपना जीवन लक्ष्य बनाया। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर यदि हम अपने भीतर सेवा, सद्भाव और संवेदनशीलता के भाव विकसित करें तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः संभव हो सकता है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भारतीय संत परंपरा के ऐसे तेजस्वी नक्षत्र हैं, जिन्होंने यह सिद्ध किया कि भगवान को न विद्वत्ता चाहिए, न वैभव, न बाहरी आडंबर, उन्हें केवल निष्कलुष प्रेम चाहिए। संत नामदेव जी का जीवन इस सत्य का प्रमाण है कि जब भक्त का हृदय पूर्ण समर्पण से भर जाता है, तब भगवान स्वयं उसके प्रेम के अधीन हो जाते हैं। 

संत ज्ञानेश्वर ज्ञान के सूर्य थे और संत नामदेव प्रेम के चन्द्रमा थे। दोनों ने मिलकर पूरे भारत में भक्ति की अलख जगाई। संत नामदेव महाराज भक्ति आंदोलन के उन महान संतों में से हैं जिन्होंने प्रेम, नाम-स्मरण और ईश्वर के प्रति अटूट समर्पण का संदेश दिया। वे वास्तव में महाराष्ट्र के नरसी हैं।

गौवत्स श्री राधाकृष्ण जी महाराज ने कथा के माध्यम से अनेक पूज्य संतों के जीवन प्रसंगों को अत्यंत भावपूर्ण शैली में बताते हुये कहा कि ईश्वर तक पहुँचने का सबसे सरल मार्ग प्रेम और भक्ति का है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य अपने अहंकार को त्यागकर प्रभु के चरणों में समर्पित हो जाता है, तब उसका सम्पूर्ण जीवन ही एक सुंदर साधना बन जाता है।

मेरे नामदेव समाज कथा समिति, सूरत द्वारा आयोजित यह आध्यात्मिक आयोजन भारतीय संत संस्कृति, सनातन मूल्यों और भक्ति परंपरा के पुनर्जागरण का एक सशक्त माध्यम है।

जीडीए सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के ईडब्ल्यूएस आवासों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराने के निजी बिल्डरों के साथ की बैठक

                                मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) "सभी के लिए किफायती आवास (AHP)" घटक के अंतर्गत गाजियाबाद विकास प्राधिकरण क्षेत्र में स्वीकृत निजी विकासकर्ताओं एवं प्राधिकरण की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु सचिव द्वारा विस्तृत बैठक आयोजित की गई। बैठक में समस्त निजी विकासकर्ता उपस्थित रहे।

सचिव विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि निजी विकासकर्ताओं की कुल 11 स्वीकृत परियोजनाओं में से 05 परियोजनाएँ पूर्ण हो चुकी हैं तथा 03 परियोजनाओं के पूर्णता प्रमाण-पत्र (Completion Certificate) शीघ्र प्राप्त होने की प्रक्रिया में हैं। शेष परियोजनाओं के निर्माण एवं विकास कार्यों को मिशन अवधि दिनांक 30 सितम्बर, 2026 से पूर्व पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही विकासकर्ताओं को आवश्यक औपचारिकताएँ समयबद्ध रूप से पूर्ण करने हेतु भी निर्देशित किया गया।

उन्होंने बताया कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित की जा रही 5 परियोजनाओं के अंतर्गत सभी भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। बैठक में सचिव द्वारा शेष लंबित निजी परियोजनाओं को भी शीघ्र पूर्ण कराते हुए लाभार्थियों को समय पर आवास उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया।


बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि जिन परियोजनाओं को पूर्णता प्रमाण-पत्र प्राप्त हो चुका है, उनमें पात्र आवंटियों को शीघ्रातिशीघ्र पट्टा विलेख निष्पादित कर कब्जा प्रदान करने की कार्यवाही प्रारम्भ की जाए। इसके अतिरिक्त डूडा (DUDA) स्तर पर लंबित एमआईएस एंट्री एवं अन्य औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करते हुए शेष उपलब्ध आवासों की योजना प्रकाशित कर उनका आवंटन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। 

सचिव ने निजी विकासकर्ताओं को लाभार्थियों द्वारा जमा की गई धनराशि का विवरण उपलब्ध कराने तथा शेष देय धनराशि जमा कराकर पट्टा विलेख निष्पादन की प्रक्रिया को गति देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत निर्मित प्रत्येक आवास का समयबद्ध आवंटन एवं लाभार्थियों को कब्जा उपलब्ध कराना शासन एवं प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा योजना के लक्ष्यों की प्राप्ति एवं पात्र लाभार्थियों को शीघ्र आवास उपलब्ध कराने हेतु सतत निगरानी एवं प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।

मंगलवार, 23 जून 2026

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती का लेह में प्रथम सिंधु कुंभ एवं 30वीं सिंधु दर्शन यात्रा में पावन सान्निध्य





156 देशों के पवित्र जल से हुआ ऐतिहासिक सिंधु जलाभिषेक, विश्व शांति एवं ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का दिया संदेश 

लेह की धरती स्नेह की धरती-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

लेह, लद्दाख, 23 जून, 2026। भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक परंपरा, राष्ट्रीय एकात्मता तथा वैश्विक सद्भाव के अद्वितीय संगम के रूप में प्रथम सिंधु कुंभ एवं 30वीं सिंधु दर्शन यात्रा का लेह स्थित ऐतिहासिक सिंधु दर्शन घाट पर भव्य शुभारंभ हुआ। भारत की सनातन विरासत को विश्व समुदाय के समक्ष नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने वाले इस ऐतिहासिक आयोजन का उद्घाटन लद्दाख के माननीय उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना ने किया।

इस पावन अवसर पर परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री इन्द्रेश कुमार, स्वामी यतिन्द्रानन्द सरस्वती जी, अनेक देशों के राजदूत, पूज्य संत और अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे।

इस अवसर पर लगभग 2,800 श्रद्धालुओं, देश-विदेश के पूज्य संत-महात्माओं, विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों, आठ देशों के राजदूतों, अनेक विदेशी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।

समारोह का शुभारंभ पुलिस बैंड के साथ ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान से हुआ। तत्पश्चात माननीय उपराज्यपाल द्वारा विधिवत सिंधु कुंभ महोत्सव का उद्घाटन किया गया। मातृशक्ति द्वारा पारंपरिक कलश यात्रा एवं कलश पूजन ने भारतीय संस्कृति की दिव्यता और नारी शक्ति की गौरवशाली परंपरा का अनुपम दर्शन कराया। तिरंगा वंदन के साथ वातावरण राष्ट्रभक्ति एवं सांस्कृतिक चेतना से ओत-प्रोत हो उठा।

कार्यक्रम का सबसे ऐतिहासिक एवं विशेष अवसर था जब 156 देशों से एकत्रित पवित्र जल द्वारा सिंधु नदी का जलाभिषेक किया। विश्व के विभिन्न देशों से लाए गए पवित्र जल का सिंधु नदी में समर्पण केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए शांति, सद्भाव, सह-अस्तित्व और वैश्विक एकता का सशक्त संदेश है। यह आयोजन भारतीय दर्शन ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को मूर्त रूप देने वाला ऐतिहासिक क्षण है। इसके उपरांत भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर विशेष पूजन-अर्चन किया।

अपने उद्घाटन संबोधन में माननीय उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि सिंधु नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि भारत की सभ्यता, संस्कृति और राष्ट्रीय अस्मिता की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि सिंधु कुंभ भारत की       सांस्कृतिक विरासत को विश्व मंच पर स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है तथा यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को अपनी ऐतिहासिक जड़ों से जोड़ने का प्रेरणादायी प्रयास है।

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि सिंधु दर्शन केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, आस्था और अस्मिता से जुड़ने का दिव्य अवसर है। इसी पावन धरती ने हमारी सभ्यता, संस्कृति और सनातन मूल्यों को युगों-युगों तक सुरक्षित रखा है। सिंधु के तट पर पहुँचकर यह अनुभूति होती है कि हमारी पहचान केवल वर्तमान से नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की उस गौरवशाली परंपरा से है जिसने विश्व को ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के मंत्र दिये।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि सिंधु दर्शन की यात्रा का अर्थ है, हमारे अतीत की यात्रा, अपने भविष्य की यात्रा तथा अपनी संस्कृति और संस्कारों की यात्रा। यह वह सभ्यता है, जिसने हजारों वर्षों से हमारी जड़ों, मूल और मूल्यों को समेटे हुए रखा है।यह यात्रा हमारे अतीत को नमन करने के साथ-साथ भविष्य के प्रति हमारे संकल्प को भी सुदृढ़ करती है। यह हमें अपनी जड़ों से जोड़ती है और स्मरण कराती है कि परिस्थितियों ने भले ही बहुत कुछ हमसे छीन लिया हो, पर हमारी संस्कृति, हमारी श्रद्धा, हमारी चेतना और हमारी सनातन विरासत आज भी अक्षुण्ण है। इसलिए यह भाव हमारे हृदय में सदैव जीवित रहना चाहिए कि जो हमने खोया उसका ग़म नहीं, पर जो बचा है वह भी किसी से कम नहीं। यही विश्वास भारत की अमर शक्ति और आत्मगौरव का आधार है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि जब पिछली बार यहाँ आए थे, तब यहाँ तीन सौ लोग थे और इस बार तीन हजार श्रद्धालु हैं। अगली बार जब यहाँ अर्द्धकुंभ या कुंभ का आयोजन किया जाए, तो कम से कम तीस हजार लोग हों, पूरा भारत यहाँ उपस्थित हो।


पूज्य स्वामी जी ने लद्दाखवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सदियों से उन्होंने इस धरती को संभालकर रखा है। यहाँ की पवित्रता और दिव्यता को सुरक्षित रखा है। हम यहाँ के लोगों के प्रति कृतज्ञ हैं, जिन्होंने इतनी कठिन परिस्थितियों में भी सब कुछ संभालकर रखा है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जो विकास की यात्रा शुरू की है, वह अद्भुत है। उसका दृश्य पूरे भारत में स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री इन्द्रेश कुमार जी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि सिंधु भारत की आत्मा का प्रतीक है। उन्होंने सिंधु सभ्यता, सनातन संस्कृति, राष्ट्रीय एकात्मता एवं विश्व बंधुत्व के मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत सदैव विश्व को शांति, करुणा और सह-अस्तित्व का मार्ग दिखाता रहा है। उन्होंने सभी उपस्थित जनों से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा राष्ट्रीय एकता को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया।

समारोह के दौरान लेह के मुख्य कार्यकारी पार्षद ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर विभिन्न देशों के राजदूत, परम पूज्य रिम्पोछे, दिल्ली विधानसभा के माननीय अध्यक्ष तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों का औपचारिक अभिनंदन किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह की गरिमा को और अधिक बढ़ाया। लद्दाख के पारंपरिक लोकनृत्यों, लोकसंगीत, भारतीय शास्त्रीय एवं लोक कलाओं तथा देश के विभिन्न राज्यों के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भारत की ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को जीवंत कर दिया। विविधता में एकता की यह अनुपम झलक उपस्थित सभी देशी-विदेशी अतिथियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

सिंधु कुंभ महोत्सव भारत की प्राचीन सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय एकता, आध्यात्मिक विरासत और वैश्विक मैत्री का विराट उत्सव है। यह आयोजन इस सत्य को पुनः स्थापित करता है कि भारत की सनातन संस्कृति सम्पूर्ण मानवता के कल्याण, विश्व शांति और सार्वभौमिक भाईचारे की वाहक रही है।

लेह में प्रारंभ हुआ यह पाँच दिवसीय सिंधु कुंभ महोत्सव विभिन्न आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय कार्यक्रमों के माध्यम से सिंधु सभ्यता की गौरवशाली परंपरा, भारत की सांस्कृतिक धरोहर तथा विश्व शांति के संदेश को जन-जन तक पहुँचाएगा। आयोजन से लद्दाख को सांस्कृतिक पर्यटन, राष्ट्रीय एकात्मता तथा अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संवाद के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में नई पहचान मिलने की भी अपेक्षा है। इस कार्यक्रम के संयोजक डॉ. विजय जॉली जी और महासचिव, श्री भूपेन्द्र कंसल जी का विशेष योगदान करा।

अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन हेतु गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने विशेष अभियान चला कर 56 आवासीय परिसरों, होटल, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, को किया सील


 






मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । गौर ग्रीन एवेन्यू, इंदिरापुरम में घटित अग्निकांड की घटना को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित समूह आवासीय परिसरों, होटल, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा अन्य बहुमंजिला भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन सुनिश्चित कराने हेतु विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।

जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने बताया कि प्राधिकरण की प्रवर्तन टीमों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में स्थलीय निरीक्षण एवं अभिलेखीय परीक्षण के माध्यम से अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण-पत्र (फायर एनओसी) तथा अन्य सुरक्षा प्रावधानों का परीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिन भवनों एवं प्रतिष्ठानों में निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन नहीं पाया गया अथवा आवश्यक अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं पाया गया, उनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के प्रावधानों के अंतर्गत विधिक कार्यवाही प्रारम्भ की गई है।

उन्होंने बताया कि अब तक किए गए निरीक्षणों के दौरान लगभग 206 ऐसे प्रकरण चिन्हित किए गए हैं, जिनमें अग्नि सुरक्षा मानकों के संबंध में कमियां पाई गई हैं। इनमें से 56 प्रकरणों में सीलिंग एवं अन्य प्रवर्तनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित/प्रारम्भ की जा चुकी है, जबकि शेष प्रकरणों में नियमानुसार कार्यवाही किये जाने हेतु संबंधित विभाग को भी सूचित किया गया है साथ ही प्राधिकरण द्वारा अग्रिम प्रक्रिया सतत रूप से प्रस्तावित है।

 उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त जनपद में स्थित ऐसे सभी समूह आवासीय परिसरों, जिनमें आरडब्ल्यूए (Resident Welfare Association) का गठन हो चुका है, उनके पदाधिकारियों को पत्र निर्गत करते हुए निर्देशित किया गया है कि परिसर में स्थापित अग्निशमन प्रणाली, फायर अलार्म, हाइड्रेंट, स्प्रिंकलर सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग तथा अन्य अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्राधिकरण एवं संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश एवं चेतावनियां भी जारी की जा रही हैं, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करते हुए अग्निशमन विभाग की क्षमता संवर्धन हेतु लगभग ₹100 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। उक्त धनराशि से आधुनिक अग्निशमन उपकरणों, विशेषीकृत फायर फाइटिंग संयंत्रों एवं आवश्यक संसाधनों की खरीद अग्निशमन विभाग द्वारा की जा रही है, जिससे बहुमंजिला भवनों एवं समूह आवासीय परिसरों सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में अग्निकांड की घटनाओं पर अधिक त्वरित एवं प्रभावी ढंग से नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

प्राधिकरण द्वारा गठित विशेष टीमें प्रभारी प्रवर्तन अधिकारियों के नेतृत्व में विभिन्न जोनों में निरंतर निरीक्षण एवं सत्यापन का कार्य कर रही हैं। यह अभियान आगामी दिनों में और अधिक व्यापक एवं प्रभावी रूप से संचालित किया जाएगा तथा अग्नि सुरक्षा मानकों की अवहेलना करने वाले संस्थानों एवं भवन स्वामियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की जनसामान्य से अपील

● फायर ड्राइव-वे, खुले क्षेत्रों एवं आपातकालीन निकास मार्गों को पूर्णतः अवरोधमुक्त रखा जाए।

● अग्निशमन उपकरणों, फायर अलार्म एवं हाइड्रेंट सिस्टम का नियमित निरीक्षण एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।

● फायर एनओसी की वैधता का समय-समय पर नवीनीकरण कराया जाए

● स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किसी भी प्रकार के अतिक्रमण अथवा निर्माण से बचा जाए।

● प्रत्येक परिसर में प्रशिक्षित फायर सेफ्टी स्टाफ एवं प्रभावी आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र विकसित किया जाए।

● समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित कर निवासियों एवं कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जाए।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण जनपदवासियों की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा सुरक्षित, व्यवस्थित एवं आपदा-प्रतिरोधी शहरी वातावरण के निर्माण हेतु सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से निरंतर कार्य कर रहा है।

"अग्नि सुरक्षा केवल एक मानक नहीं, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा का आधार है।"

विजयनगर को गंगा जल आपूर्ति शुरू, महापौर, विधायक तथा नगर आयुक्त ने पूजा अर्चना के साथ किया योजना का शुभारंभ

 






                              मुकेश गुप्ता

विजय नगर की जलसंकट की समस्या का आज हुआ अंत

पार्षदों तथा क्षेत्रीय निवासियों में गंगाजल आपूर्ति शुरू होने पर प्रसन्नता, गाजियाबाद नगर निगम का किया धन्यवाद

गाजियाबाद । विजय नगर के 10 वार्डो में 15 वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि 16 करोड़ 20 लाख की लागत से  गंगाजल आपूर्ति का शुभारंभ  महापौर सुनीता दयाल की अध्यक्षता, शहर विधायक संजीव शर्मा अतिथि एवं नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में सभी मा. पार्षदगणों के साथ मिलकर पूजा अर्चना कर महापौर द्वारा नारियल फोड़ कर योजना की शुरुआत की गयी जिसमे विधायक संजीव शर्मा द्वारा शासन की योजनाओं को धरातल पर सफलतापूर्वक लाने के लिए क्षेत्रवासियों को श्रेय दिया व शुभकामनाएं दी गई, महापौर सुनीता दयाल द्वारा शहर के विकास कार्यों के साथ-साथ विजयनगर के विकास कार्यों में भी रफ्तार और वृद्धि लाने के लिए पार्षदों का विशेष सहयोग बताया गंगाजल की आपूर्ति 10 वार्डों में हो रही है उपस्थित पार्षदों को कड़ी मेहनत पर सफलता प्राप्त होने की शुभकामनाएं दी गई, साथ ही प्रदेश के मुखिया योगी जी का धन्यवाद ज्ञापित किया कि यह योजना नोएडा और खोड़ा से पहले हमारे विजय नगर में शुरू हुई है। नगर आयुक्त द्वारा बताया गया कि 15 वित आयोग से प्राप्त धनराशि 16 करोड़ 20 लाख की लागत से विजयनगर क्षेत्र वासियों को गंगाजल की आपूर्ति का शुभारंभ किया गया,पार्षदों तथा क्षेत्र वासियों को शुभकामनाएं दी गई अन्य योजनाएं भी विजयनगर में विकास कार्यों के क्रम में लाई जा रही है।

महा प्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद द्वारा बताया गया वार्ड संख्या 3 ओल्ड विजयानगर, वार्ड संख्या 4 सेक्टर 12 माता कॉलोनी, वार्ड संख्या 14 न्यू विजय नगर, वार्ड संख्या 15 चरण सिंह कॉलोनी, वार्ड संख्या 25 अंबेडकर नगर, वार्ड संख्या 26 माधोपुर सुंदरपुरी, वार्ड संख्या 48 मिर्जापुर, वार्ड संख्या 51 प्रताप विहार सेक्टर 11, वार्ड संख्या 55 विजयनगर सेक्टर 11 ए ब्लॉक, वार्ड संख्या 58 शिवपुरी क्षेत्र में गंगाजल आपूर्ति का कार्य पूर्ण करते हुए गंगाजल आपूर्ति का शुभारंभ हुआ, कार्यक्रम के अंत में अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार द्वारा उपस्थित जनों का धन्यवाद किया गया, पार्षदों तथा क्षेत्रीय निवासियों द्वारा गंगाजल आपूर्ति होने पर प्रसन्नता जाहिर की गाजियाबाद नगर निगम टीम को धन्यवाद किया गया l

सोमवार, 22 जून 2026

यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना में वीवीआईपी ग्रुप का भव्य रियल एस्टेट शोकेस आयोजित

 

मुकेश गुप्ता

ग्रेटर नोएडा, 21 जून 2026: वीवीआईपी ग्रुप ने 20 एवं 21 जून को अपने प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट वीवीआईपी यमुना, सेक्टर-22D, यमुना एक्सप्रेसवे में ग्राहकों एवं चैनल पार्टनर्स के लिए एक भव्य सहभागिता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। इस दो दिवसीय आयोजन में एनसीआर के विभिन्न क्षेत्रों से आए संभावित गृह खरीदारों, निवेशकों एवं चैनल पार्टनर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर पर परियोजना के नए टॉवर E का परिचय कराया गया तथा चयनित इन्वेंट्री पर विशेष ऑफर्स की घोषणा की गई, जिसने उपस्थित ग्राहकों और निवेशकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम में वीवीआईपी ग्रुप के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक प्रवीण त्यागी जी सहित कई गणमान्य अतिथि एवं उद्योग जगत की प्रतिष्ठित हस्तियां उपस्थित रहीं। आयोजन को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान करते हुए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बांसुरी वादक पंडित अनुराग रस्तोगी जी ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से सभी उपस्थितजनों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर श्री उमेश राठौर, वाइस प्रेसिडेंट – सेल्स एवं मार्केटिंग, वीवीआईपी ग्रुप ने कहा, "दो दिवसीय इस आयोजन को ग्राहकों और निवेशकों से मिला उत्साहजनक प्रतिसाद हमारे लिए बेहद प्रेरणादायक है। टॉवर E के शुभारंभ और विशेष ऑफर्स को लेकर लोगों में काफी रुचि देखने को मिली। वीवीआईपी ग्रुप अपने ग्राहकों को उत्कृष्ट जीवनशैली और दीर्घकालिक मूल्य प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।"

कार्यक्रम के दौरान आगंतुकों को परियोजना की विस्तृत जानकारी, साइट विजिट तथा प्रीमियम सुविधाओं का अनुभव कराया गया। इस आयोजन ने वीवीआईपी ग्रुप और उसके मूल्यवान चैनल पार्टनर्स के बीच संबंधों को और अधिक मजबूत किया तथा यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं के प्रति निवेशकों का विश्वास भी बढ़ाया।

अपनी रणनीतिक लोकेशन और सुविचारित विकास योजना के कारण वीवीआईपी यमुना आज गुणवत्तापूर्ण आवासीय निवेश की तलाश कर रहे ग्राहकों और निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनकर उभर रहा है।