मुकेश गुप्ता
देशभर के प्रमुख पदाधिकारी लेंगे कार्यक्रम में भाग,
अप्रैल में होने वाले समाज के महाकुंभ को लेकर भी तय होगी रणनीति
गाजियाबाद। कश्यप निषाद समाज को संगठित करने और समाज से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर व्यापक रणनीति बनाने के उद्देश्य से 7 मार्च को गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित गोल्डन व्यू रिसोर्ट में कश्यप निषाद संगठन का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से संगठन के पदाधिकारी, समाज के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाज के लोग भाग लेंगे। अधिवेशन में समाज के भविष्य, संगठन के विस्तार और सामाजिक अधिकारों से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा की जाएगी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा कश्यप निषाद संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप होंगे। उनके नेतृत्व में होने वाले इस अधिवेशन में समाज को अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल कराने को लेकर विशेष रूप से मंथन किया जाएगा और इसके लिए आगे की रणनीति तय की जाएगी। संगठन से जुड़े पदाधिकारियों का मानना है कि यदि कश्यप निषाद समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा मिलता है तो समाज के लोगों को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे।
अप्रैल महीने में होना है राष्ट्रीय स्तर का महाकुंभ
राष्ट्रीय अधिवेशन में अप्रैल माह में प्रस्तावित महर्षि कश्यप महासम्मेलन की तैयारियों को लेकर भी विस्तृत चर्चा होगी। बताया जा रहा है कि यह महासम्मेलन बेहद बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए अलग-अलग प्रदेशों और जिलों के पदाधिकारियों से सुझाव और राय ली जाएगी। अधिवेशन के दौरान महासम्मेलन को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की रणनीति तैयार की जाएगी ताकि देशभर से समाज के लोगों की बड़ी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि कश्यप निषाद समाज की पहचान और सम्मान को मजबूत करने के लिए संगठन लगातार प्रयास कर रहा है।
मुजफ्फरनगर की तरह शहर के अन्य शहरों में भी बनेंगे समाज के महापुरुषों के स्मारक : नरेंद्र कश्यप
उन्होंने बताया कि मुजफ्फरनगर जिले के जानसठ क्षेत्र में महर्षि कश्यप का भव्य स्मारक बनवाया गया है, जिस पर एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई है। उन्होंने कहा कि यह स्मारक समाज के गौरव और इतिहास का प्रतीक है। उनका कहना है कि आने वाले समय में देश के अलग-अलग प्रमुख शहरों और राज्यों में भी महर्षि कश्यप के ऐसे ही भव्य स्मारक बनवाने की योजना है, ताकि समाज के महान संत और ऋषि की स्मृति को व्यापक स्तर पर सम्मान मिल सके।
नरेंद्र कश्यप ने यह भी कहा कि जब से उन्होंने कश्यप निषाद संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाली है, तब से संगठन को देश के अलग-अलग राज्यों में मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न प्रदेशों में संगठन के विस्तार और समाज के लोगों को एक मंच पर लाने का अभियान चलाया जा रहा है, जिसका सकारात्मक असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।
उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल सामाजिक एकता को मजबूत करना ही नहीं है, बल्कि समाज के अधिकारों और सम्मान के लिए भी ठोस पहल करना है। इसी उद्देश्य के तहत राष्ट्रीय अधिवेशन में संगठन के विस्तार, समाज की समस्याओं और उनके समाधान पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया जाएगा।
गाजियाबाद में दिखाई देगी संगठन की ताकत
गाजियाबाद में होने जा रहा यह राष्ट्रीय अधिवेशन कश्यप निषाद समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समाज के प्रतिनिधियों का मानना है कि इस बैठक से समाज को एक नई दिशा मिलेगी और आने वाले समय में संगठन और अधिक मजबूत होकर समाज के हितों की आवाज बुलंद करेगा।



















































