गाजियाबाद 9 अगस्त 2026। लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा ज्ञानपीठ केन्द्र 1, स्वरुप पार्क जी0 टी0 रोड साहिबाबाद के प्रांगण में “भारत छोडो आन्दोलन में समाजवादियों की भूमिका तथा शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम” आयोजित किया गया, सभी साथियों ने क्रान्तिकारी चंद्रशेखर पार्क से नारे लगाते हुए शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव पार्क के प्रांगण में झन्डा फहराया, ध्वजारोहण समाज सेविका फूलमती यादव ने किया, समारोह में शामिल सभी साथियों ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया, तथा ज्ञानपीठ केन्द्र में स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को स्मरण करते हुए उनके सम्मान में जोरदार नारे लगाये, कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य डा0 विशन लाल गौड़ ने, आयोजन इंजी0 धीरेन्द्र यादव ने, संचालन श्रमिक नेता अनिल मिश्र ने किया, मुख्य अतिथि अवकाश प्राप्त कर्नल अर्जुन सिंह यादव रहे, मुख्य वक्ता समाजवादी चिन्तक राम दुलार यादव शिक्षाविद समारोह में शामिल रहे | यह कार्यक्रम समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष गाजियाबाद वीरेन्द्र यादव एडवोकेट के नेतृत्व में आयोजित किया गया, समारोह को सरदार जगतार सिंह भट्टी, राम प्यारे यादव, एस0 एस0 प्रसाद, चन्द्रबली मौर्य, शिक्षाविद कैलाश चन्द्र, अवधेश कुमार मिश्र, जगन्नाथ प्रसाद, जय नारायण शर्मा ने भी संबोधित किया, हुकुम सिंह, राजेन्द्र सिंह, कृष्णा यादव ने देश-प्रेम के तथा पाखंड विरोधी गीत सुना, धार्मिक पाखंड को खाद-पानी देने वालों को ललकारा।
समारोह को संबोधित करते हुए समाजवादी चिन्तक राम दुलार यादव शिक्षाविद ने कहा कि भारत छोडो आन्दोलन में जब कांग्रेस के शीर्ष नेता ब्रिटिश शासन द्वारा गिरफ्तार कर लिए गये, उस विकट परिस्थिति में समाजवादियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, ग्वालिया टैंक मैदान में जहाँ अबुल कलाम आजाद को झन्डा फहराना था उनकी गिरफ़्तारी के बाद अरुणा आसिफ अली ने निर्भीकता पूर्वक हजारों लोगों की भीड़ को चीरती हुई तिरंगा झन्डा फहरा दिया, तथा भूमिगत हो स्वतंत्रता सेनानियों में देश को आजाद कराने के लिए कार्यक्रम की सूचना दे, क्रियान्वन करती रहीं, उषा मेहता ने बम्बई में आल इंडिया कांग्रेस रेडियो का प्रसारण तीन महीने तक किया, मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार हुई, जय प्रकाश नायारण, डा0 राम मनोहर लोहिया, अशोक मेहता, अच्युतपटवर्धन, युसूफ मेहर अली तथा अगणित समाजवादियों ने अपार यातनाएं झेलते हुए देश की स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त किया, भारत छोडो आन्दोलन जन संघर्ष में परिवर्तित हो गया, किसान, मजदूर, छात्र, नवजवान, व्यापारी सभी देश की आजादी में अपने को झोक दिया, ब्रिटिश सरकार के दमन के कारण एक हजार के करीब लोग शहीद हो गये, हजारों घायल हुए, 18 हजार पर डी0आई0आर0 लगा, तथा 60 हजार से अधिक लोग गिरफ्तार हुए, भारत छोडो आन्दोलन ने अंग्रेजों को भयभीत कर दिया, इसी का परिणाम रहा 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ।
श्री यादव ने कहा कि आजादी के 79 वर्ष बाद भी हम आज राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, धार्मिक विषमता और जातिवाद को ख़त्म नहीं कर पाए, धार्मिक पाखंड, झूठ-लूट निर्लज्जतापूर्वक करने में कोई संकोच नहीं कर रहे है, नफ़रत, असहिष्णुता का वातावरण बनाया जा रहा है, हर वर्ग में असंतोष है, मंहगाई, बेरोजगारी बढ़ती जा रही है, पडोसी देश चीन की प्रति व्यक्ति आय और जी0डी0पी0 हमारे देश से 4.5 गुना अधिक है, जापान की प्रति व्यक्ति आय 11.5 गुना ज्यादा है, विश्व प्रसन्नता सूचकांक में भारत 147 देशों में 116 वें स्थान पर नेपाल और पाकिस्तान से भी पीछे है, हम स्वतंत्रता सेनानियों, बीर बलिदानियों को तभी श्रद्धांजलि देने के अधिकारी है जब हम देश में सद्भाव, भाईचारा बढ़ाएंगे, अहंकार, ईर्ष्या, द्वेष, अनाचार, अत्याचार से देशवासियों को मुक्ति दिला समान अवसर प्रदान करेंगे।
समाजवादी पार्टी महानगर अध्यक्ष वीरेन्द्र यादव एडवोकेट ने भारत छोडो आन्दोलन में समाजवादियों की भूमिका विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दुनिया में जितनी भी क्रान्ति और जन-आन्दोलन हुआ, उसमे जन भागीदारी 1% थी, लेकिन प्रखर समाजवादी चिन्तक डा0 राम मनोहर लोहिया ने कहा कि भारत छोडो आन्दोलन में देश की 20% जनता ने भाग ले ब्रिटिश साम्राज्य की चूलें हिला दी, इस आन्दोलन से ब्रिटिश शासन भयभीत हो गया, और भारत की आजादी का रास्ता मिला, लेकिन आज जब देश आजाद है सामंतवादी, घोर पूंजीवादी व्यवस्था लोकतंत्र, संविधान, संवैधानिक संस्थाओं को प्रभावित कर रही है, जनता को जाति-धर्म से ऊपर उठकर देश हित में सोचना होगा, तभी हर वर्ग का कल्याण होगा, तभी गरीबी, अमीरी का खांई जो अँधेरी सुरंग में ली गयी है, विषमता को कम करने में मदद करेगी।
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख रहे, डा0 विशन लाल गौड़, सरदार अमरजीत सिंह कलिंगा, अर्जुन सिंह यादव, वीरेन्द्र यादव एडवोकेट, जगतार सिंह भट्टी, कैलाश चन्द्र, जगन्नाथ प्रसाद, जय नारायण शर्मा, फूलमती यादव, राम दुलार यादव, चन्द्रबली मौर्य, चिंतामणि यादव, अंकित यादव, शैलजा, गायत्री, धीरेन्द्र यादव, डा0 देवकर्ण चौहान, शिव शंकर, राम प्यारे यादव, ओम प्रकाश अरोड़ा, वीर सिंह सैन, महेन्द्र यादव, राम नयन यादव, अजीत यादव, कृष्णानंद, एस0 एस0 प्रसाद, विश्वनाथ यादव, श्रीनिवास यादव, अमृत लाल चौरसिया, मुनीव यादव, एस0 एन0 अवस्थी, परमानंद, विनोद यादव, प्रवीण वर्मा, विजय मिश्र, अनिल मिश्र, आदि सैकड़ों साथियों ने शहीद और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, सभी साथी चन्द्र शेखर आजाद पार्क से पैदल चलकर क्रांतिकारियों के सम्मान में जोरदार नारे लगते हुए शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव पार्क जी0 टी0 रोड साहिबाबाद के प्रांगण में शामिल हुए समाज सेविका फूलमती यादव के साथ तिरंगा झन्डा फहरा, राष्ट्रगीत गा देश, समाज और व्यक्ति के सर्वांगीण विकास का संकल्प लिया।





















































