शनिवार, 17 जनवरी 2026

राज कुमार गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एवं सी-डैक दिल्ली के मध्य शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग हेतु एमओयू संपन्न

 


                      रिपोर्ट -मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं अनुसंधान को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज कुमार गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (RKGIT), गाजियाबाद तथा सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कम्प्यूटिंग (C-DAC), दिल्ली के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच दीर्घकालिक शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान सहयोग को सुदृढ़ करेगा। इस एमओयू के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, हाई परफॉर्मेंस कम्प्यूटिंग, क्लाउड कम्प्यूटिंग, एम्बेडेड सिस्टम्स एवं अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम, सर्टिफिकेशन कोर्स, कार्यशालाएँ, सेमिनार, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) तथा छात्र इंटर्नशिप आयोजित की जाएँगी। इसके साथ ही संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, नवाचार गतिविधियों तथा तकनीकी परामर्श को भी बढ़ावा दिया जाएगा।


एमओयू हस्ताक्षर समारोह के दौरान संस्थान के निदेशक डॉ बी  सी शर्मा ने कहा कि यह सहयोग छात्रों को उद्योग-उन्मुख, व्यावहारिक एवं समसामयिक तकनीकी ज्ञान प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सी-डैक जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्था के साथ यह समझौता संस्थान की अकादमिक गुणवत्ता एवं अनुसंधान संस्कृति को और अधिक सशक्त करेगा।सी-डैक दिल्ली के प्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में कहा कि यह साझेदारी अकादमिक संस्थानों और राष्ट्रीय अनुसंधान संगठनों के बीच सेतु का कार्य करेगी, जिससे कुशल मानव संसाधन का विकास होगा और “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में ठोस योगदान मिलेगा।यह एमओयू राज कुमार गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्रों एवं संकाय सदस्यों के लिए उन्नत तकनीकी अवसरों के नए द्वार खोलेगा और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।

इस एम् ओ यू पर हस्ताक्षर  जीतेन्द्र सिंह, (साइंटिस्ट ‘G’ & सेंटर हेड, सी-डैक, दिल्ली),  अरविन्द कुमार, (सीनियर एडवाइजर,सी-डैक),  अपूर्व कोहली (साइंटिस्ट ‘E’, ग्रुप हेड, ए सी टी एस), मिस ऋचा चौधरी (फैकल्टी  & कोर्स काउंसलर, ए सी टी एस), डॉ शोएब अली (सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर, ए सी टी एस) तथा संस्थान के ग्रुप एडवाइजर प्रो लक्ष्मण प्रसाद,  एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ डी के चौहान, निदेशक डॉ बी  सी शर्मा, डीन एक्रेडिटेशन डॉ. रामेन्द्र सिंह, डीन एकेडमिक्स डॉ. आर.के. यादव एवं  डॉ प्रीती शर्मा (एच ओ डी, सी एस ई - डेटा साइंस) की उपस्थिति में किया गया । संस्थान के वाइस चेयरमैन अक्षत गोयल ने इस समझौता ज्ञापन  के लिए  सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी ।

भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल के नेतृत्व में SIR अभियान का द्वितीय चरण, 16 से 18 जनवरी तक सभी बूथों पर चलेगा मतदाता सहायता अभियान

 



                       रिपोर्ट--मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । भारतीय जनता पार्टी महानगर इकाई द्वारा SIR (Special Intensive Revision) अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत नए मतदाता जोड़ने तथा SIR प्रक्रिया से वंचित रह गए पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने हेतु व्यापक स्तर पर संगठनात्मक अभियान चलाया जा रहा है।

भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल के नेतृत्व में महानगर के सभी मतदान केंद्रों पर 16, 17 एवं 18 जनवरी को भाजपा कार्यकर्ता प्रत्येक बूथ पर उपस्थित रहकर आम जनता की सहायता करेंगे। इस दौरान नए मतदाताओं का पंजीकरण, नाम जोड़ने, संशोधन एवं सूची से छूटे नामों को शामिल कराने में सहयोग प्रदान किया जाएगा।

अभियान के महानगर संयोजक सुभाष शर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम संगठन की लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता का परिचायक है, जिसमें हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराना प्राथमिक उद्देश्य है। प्रत्येक बूथ पर बूथ अध्यक्ष, बीएलए एवं कार्यकर्ताओं की टीम सक्रिय रहेगी।

मीडिया प्रभारी प्रदीप चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान की सतत मॉनिटरिंग भाजपा महानगर कार्यालय से की जाएगी, ताकि किसी भी स्तर पर कार्य में बाधा न आए और जनता को समयबद्ध सहायता मिल सके। अभियान से संबंधित सूचनाओं का संकलन एवं फीडबैक भी नियमित रूप से लिया जाएगा।

अभियान के सह संयोजक अमित रंजन ने अपने बयान में कहा कि संगठन द्वारा क्षेत्रवार जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं। प्रत्येक मंडल एवं बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, जिससे अधिक से अधिक नए मतदाता जोड़े जा सकें और कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे।

भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने आम जनता से अपील की है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता करें और लोकतंत्र को सशक्त बनाने में सहयोग दें। भाजपा कार्यकर्ता पूरी निष्ठा और सेवा भाव के साथ जनता की सहायता के लिए तत्पर रहेंगे।

भाजपा महानगर अध्यक्ष मंयक गोयल ने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट




                     रिपोर्ट--मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । गाज़ियाबाद में 25 जनवरी से 01 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले परम पावन श्रीराम कथा एवं धार्मिक आयोजन को लेकर भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मयंक गोयल ने उन्हें कविनगर स्थित श्री रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले इस भव्य धार्मिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने सहर्ष स्वीकार किया।

प्रदेश संचालन की व्यस्तताओं के बावजूद मुख्यमंत्री जी ने समय निकालकर मयंक गोयल के साथ चाय पर संवाद किया। इस दौरान गाज़ियाबाद महानगर से जुड़े कई महत्वपूर्ण जनहितकारी विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। विशेष रूप से आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, यातायात सुधार, स्वच्छता व्यवस्था, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था एवं शहरी विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत विमर्श किया गया।

मयंक गोयल ने कहा कि यह भेंट संगठन और सरकार के बेहतर तालमेल का सशक्त उदाहरण है, जिससे गाज़ियाबाद के सर्वांगीण विकास को नई दिशा और गति प्राप्त होगी। उन्होंने महानगर की जनता की अपेक्षाओं और आवश्यकताओं से मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने भी गाज़ियाबाद के विकास के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

यह भेंट न केवल धार्मिक आयोजन को गरिमा प्रदान करने वाली रही, बल्कि संगठन और सरकार के सामंजस्य से गाज़ियाबाद में विकास के पंख लगने का स्पष्ट संकेत भी बनी।

रोज बैल पब्लिक स्कूल में आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड तथा आई चैकअप कैंप का आयोजन किया






                     रिपोर्ट-मुकेश गुप्ता

 गाजियाबाद । रोज बैल पब्लिक स्कूल में विजयनगर सेक्टर 9 में आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड तथा आई चैकअप कैंप का आयोजन।  16 जनवरी व 17जनवरी दिन शुक्रवार व शनिवार को रोज बैल पब्लिक स्कूल विजयनगर गाजियाबाद में आधार कार्ड कैंप, आयुष्मान कार्ड कैंप तथा आई चैकअप कैंप का आयोजन किया गया।

शुक्रवार को कैम्प का उ‌द्घाटन  संजीव शर्मा (विधायक), महानगर अध्यक्ष सरदार बलप्रीत सिंह, बाल किशन गुप्ता (जिला अध्यक्ष), सौरभ यादव, पंडित अशोक भारतीय एवं कन्हैयालाल (पार्षद), अजय चोपड़ा, विकास त्यागी, सुरेश सिंह, प्रधानाचार्या धर्मजीत कौर द्वारा किया गया। बलप्रीत सिंह ने बताया कि इस कैंप का लगभग 300 से ज्यादा लोगों ने लाभ उठाया। उन्होंने बताया कि इस कैंप को सफल बनाने में डाक विभाग से अनुराग, हेमंत बिलाल, तासीन, सुमित सागर, जीवेश तथा श्रेया आई केंद्र से हिमांशु एवं पंकज सुभाष स्वास्थ्य विभाग से सौरभ तथा विद्यालय के समस्त स्टाफ का विशेष योगदान रहा।  राष्ट्रीय व्यापार मंडल गजप्रस्थ के जिला अध्यक्ष बालकिशन गुप्ता के जन्म दिवस पर सेवा पखवाड़ा के तहत आधार कार्ड कैंप, आयुष्मान कार्ड कैंप तथा निःशुल्क नेत्र जांच कैंप का आयोजन राष्ट्रीय व्यापार मंडल, डाक विभाग भारत सरकार, स्वास्थ विभाग एवं श्रेया आई सेंटर, मु० चि० अ० अखिलेश मोहन के निर्देशक के सहयोग से किया गया।

इस कैंप में 70+आयु के वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। कैंप में 18 वर्ष तक की आयु के नए आधार कार्ड बने तथा विभिन्न आयु वर्ग के आधार कार्ड में सुधार किए गए।

इस अवसर पर 300 से ज्यादा स्थानीय निवासियों ने आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड तथा निःशुल्क नेत्र जांच का लाभ उठाया।

नेहरू वर्ल्ड स्कूल, गाजियाबाद में 3x3 सीनियर स्टेट बास्केटबॉल चैंपियनशिप 2026 का भव्य आयोजन

 



                        रिपोर्ट-मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद, 16 जनवरी 2026। नेहरू वर्ल्ड स्कूल, शास्त्री नगर, गाजियाबाद में ट्रिपल टैक बास्केटबॉल फाउंडेशन द्वारा उत्तर प्रदेश बास्केटबॉल संघ (UPBA) के तत्वावधान में 3x3 सीनियर स्टेट बास्केटबॉल चैंपियनशिप 2026 का सफल आयोजन 13 से 14 जनवरी 2026 तक किया गया। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पुरुष एवं महिला वर्ग की कुल 31 टीमों ने भाग लेकर उत्कृष्ट खेल भावना का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नंद किशोर कलाल, उपाध्यक्ष, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) रहे। कार्यक्रम की शोभा अतिथि सम्मान के रूप में  जे. के. गौड़, संस्थापक एवं चेयरमैन, जेकेजी एजुकेशन ग्रुप की गरिमामयी उपस्थिति से और भी बढ़ी। अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और आयोजन की सराहना की।




इस चैंपियनशिप का मुख्य उद्देश्य आगामी राष्ट्रीय 3x3 बास्केटबॉल चैंपियनशिप, जो दिल्ली में आयोजित की जाएगी, के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन करना था।

कड़े और रोमांचक मुकाबलों के बाद पुरुष वर्ग में लखनऊ की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अलीगढ़ की टीम उपविजेता रही और गाजियाबाद की टीम ने तृतीय स्थान हासिल किया। महिला वर्ग में यूपी पुलिस की टीम विजेता बनी. नॉर्थ ईस्ट रेलवे ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा बाराबंकी की टीम तृतीय स्थान पर रही।

दो दिवसीय इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आई टीमों ने अनुशासन, उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक खेल का शानदार प्रदर्शन किया। सफल आयोजन और उच्च स्तरीय मुकाबलों के साथ चैंपियनशिप का समापन हुआ।


आयोजकों ने नेहरू वर्ल्ड स्कूल के सहयोग, सभी टीमों, निर्णायकों, अतिथियों एवं आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे खेल आयोजनों के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

शुक्रवार, 16 जनवरी 2026

परमार्थ निकेतन दर्शनार्थ आया पर्यटकों का दल, भारत का हर दिन हर क्षण स्वतंत्रता का पर्याय--स्वामी चिदानन्द सरस्वती

 

                       सत्ता बन्धु संवाददाता

धार्मिक स्वतंत्रता पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के गहन विचार

ऋषिकेश, 16 जनवरी। परमार्थ निकेतन दर्शनार्थ आये अमेरिका से आये दल ने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने भेंट का विभिन्न समसामयिक विषयों का चर्चा की।

आज अमेरिका में धार्मिक स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है, स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भारत का हर दिन हर क्षण स्वतंत्रता का पर्याय है। भारत, विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक है, जहाँ धार्मिक स्वतंत्रता कोई आधुनिक अवधारणा नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति का मूल स्वभाव है। यहाँ “एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति” ऋग्वेद का यह उद्घोष स्वयं प्रमाण है कि सत्य एक है, पर उसे व्यक्त करने के मार्ग अनेक हैं। यही भारत की धार्मिक आत्मा है।

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 25 प्रत्येक नागरिक को धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता प्रदान करता है। यह अधिकार भारत को एक धर्मनिरपेक्ष, सहिष्णु और बहुलतावादी राष्ट्र बनाता है परंतु भारत की धार्मिक स्वतंत्रता केवल संविधान तक सीमित नहीं, वह शास्त्रों, उपनिषदों, पुराणों और पूज्य संतों व परंपराओं में गहराई से निहित है।

सनातन परंपरा अनुभव से सत्य को जानने की प्रेरणा देती है। उपनिषद कहते हैं “आत्मानं विद्धि”, स्वयं को जानो। यह आत्मज्ञान ही धर्म की सर्वाेच्च अवस्था है। भगवद्गीता में श्रीकृष्ण स्पष्ट कहते हैं “ये यथा मां प्रपद्यन्ते तांस्तथैव भजाम्यहम्” अर्थात् जो जिस भाव से मुझे प्राप्त करता है, मैं उसी भाव से उसे स्वीकार करता हूँ। यह श्लोक धार्मिक स्वतंत्रता की सबसे उच्च सनातन घोषणा है कि ईश्वर किसी एक पद्धति में सीमित नहीं।

भारत ने बौद्ध, जैन, सिख, इस्लाम, ईसाई, पारसी, यहूदी और अन्य सभी धर्मों को आश्रय दिया। जब विश्व के अनेक भागों में धार्मिक युद्ध चल रहे थे, तब भी भारत में विचारों का सहअस्तित्व था। आदि गुरू शंकराचार्य, कबीर, नानक, तुलसी, मीराबाई  सभी ने अपने-अपने मार्ग से ईश्वर को पाया और समाज ने उन्हें स्वीकार किया।

स्वामी जी ने कहा कि भारत में कभी भी किसी पर बलपूर्वक धर्म परिवर्तन थोपने की सनातन परंपरा नहीं रही। यहाँ हमेशा संवाद रहा, संघर्ष नहीं; समन्वय रहा, संहार नहीं।

आज का भारत संवैधानिक रूप से धार्मिक स्वतंत्रता  प्रदान करता है। सनातन धर्म हमें संदेश देता है कि “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” सभी सुखी हों, सभी निरोग हों, और इन सब में न केवल मनुष्य बल्कि सम्पूर्ण ब्रह्मण्ड समाहित है। यह प्रार्थना किसी एक धर्म के लिए नहीं, सम्पूर्ण मानवता के लिए है।

धार्मिक स्वतंत्रता का सही अर्थ यह नहीं कि हम केवल अपने धर्म की रक्षा करें, बल्कि यह कि हम दूसरे के विश्वास का भी सम्मान करें। शास्त्रों में धर्म को धारण करने योग्य कहा गया है, जो समाज को धारण करे, जो जोड़ दे, जो करुणा, संयम और विवेक सिखाए वहीं तो धर्म है।

स्वामी जी ने कहा कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता सिर्फ एक विचार नहीं, बल्कि आत्मा से आया एक संस्कार है। यहाँ धर्म व्यक्ति को बाँधता नहीं, उसे ऊँचा उठाता है। आज आवश्यकता है कि हम धार्मिक स्वतंत्रता को केवल अधिकार न मानें, बल्कि कर्तव्य भी समझें। कर्तव्य यह कि हम अपने विश्वास को जिएँ, पर दूसरों के विश्वास को भी सम्मान दें। यही भारत की सनातन चेतना है। यही भारत की वास्तविक धर्मनिरपेक्षता है। और यही वह मार्ग है जिससे भारत विश्व को यह सिखाता है कि धार्मिक स्वतंत्रता केवल कानून से नहीं, संस्कार से सुरक्षित रहती है। स्वामी जी धर्म के प्रति स्पष्ट विचार सुनाकर गद्गद् हुये विदेशी पर्यटक।

जहांगीराबाद में 18 जनवरी को हिन्दू सम्मेलन में हुंकार भरेंगे स्वामी दीपांकर


                        सत्ता बन्धु संवाददाता

-समाजसेवी डॉ. सोनू पाठक ने हिन्दू समाज से अधिक से अधिक संख्या में आयोजन में आने की अपील की

जहांगीराबाद। आध्यात्मिक गुरु और प्रखर वक्ता स्वामी दीपांकर महाराज आगामी 18 जनवरी को नगर के शुभकामना मैरिज होम में आयोजित होने वाले विशाल 'हिन्दू सम्मेलन' में शिरकत करेंगे। उनके आगमन को लेकर स्थानीय लोगों और आयोजन समिति में भारी उत्साह देखा जा रहा है। ​​इस आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में हिन्दू समाज के लोगों से जुटने की अपील की है।

        स्वामी दीपांकर महाराज, जो अपने 'भिक्षु से राष्ट्र नायक' अभियान और सामाजिक एकता के संदेश के लिए जाने जाते हैं, इस हिन्दू सम्मेलन के मुख्य अतिथि होंगे। यह कार्यक्रम समाजसेवी डॉ सोनू पाठक की अध्यक्षता में सम्पन्न होगा। आयोजकों के अनुसार, इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिन्दू समाज को एकजुट करना और युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है। आयोजन समिति के सदस्यों का कहना है कि स्वामी दीपंकर महाराज के विचारों को सुनने के लिए बड़ी संख्या में हिन्दू समाज के जुटने की उम्मीद है। आयोजित हिन्दू सम्मेलन के संरक्षक नन्हे सिंह लोधी, व आयोजक किशनपाल लोधी, कृष्णकांत वार्ष्णेय, नवीन बंसल, डॉ दीपक गुप्ता, प्रदीप गोयल, भोले भैया, मनोज गुप्ता, मूलचंद बंसल, गुरमीत सरदार, राजीव खदाना व विपिन रोहेला आदि अपनी समस्त टीम के साथ उपस्थित रहेंगे।

जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में हुई श्रद्धांजलि सभा में हजारों संतों व भक्तों ने धर्मपाल गर्ग को श्रद्धांजलि अर्पित की-- धर्मपाल गर्ग ने पूरा जीवन एक संत की तरह ही व्यतीत कियाः श्रीमहंत हरि गिरि महाराज





                     रिपोर्ट--मुकेश गुप्ता

धर्मपाल गर्ग ने नर सेवा नारायण सेवा की मिसाल कायम कीः श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज

नई दिल्लीः सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष धर्मपाल गर्ग का निधन मकर संक्रांति के दिन हो गया था। उनकी उठावनी व प्रार्थना सभा शुक्रवार को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, गेट नंबर 2, प्रगति विहार में हुई। प्रार्थना सभा में जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज व सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने धर्मपाल गर्ग को विधि-विधान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की।

जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने कहा कि धर्मपाल गर्ग का जीवन लोगों को धर्म, भक्ति व सेवा के मार्ग पर चलने के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा। धर्मपाल गर्ग ने पूरा जीवन एक संत की तरह ही जिया, जिसकी हमेशा मिसाल दी जाएगी।





सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि धर्मपाल गर्ग ने नर सेवा नारायण सेवा की जो मिसाल कायम की, उसकी मिसाल हमेशा दी जाती रहेगी। उन्होंने एक संत की तरह ही सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति व विरासत को संजोने व उसे मजबूत करने का कार्य किया। इसमें जूना अखाड़े के मंत्री तथा दिल्ली संत महामंडल के संगठन मंत्री महामंडलेश्वर स्वामी श्री कंचन गिरी जी महाराज तथा दिल्ली संत महामंडल के कोतवाल स्वामी मंगल गिरि महाराज भी उपस्थित रहें तथा उन्होंने भी धर्मपाल गर्ग जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्री दूधेश्वर वेद विद्या संस्थान के प्राचार्य आचार्य तोयराज उपाध्याय, ऋग्वेदी आचार्य किशन  शर्मा, आचार्य मनीष ने वैदिक मंत्रों से धर्मपाल गर्ग को श्रद्धांजलि अर्पित की। धर्मपाल गर्ग के परिजनों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। देशभर से आए हजारों संतों व भक्तों ने भी धर्मपाल गर्ग को श्रद्धांजलि अर्पित की।

गुरुवार, 15 जनवरी 2026

अखिल भारतीय गुर्जर महासभा द्वारा नन्हे स्केटर्स का किया भव्य सम्मान, नंदिनी और युग जैसे बच्चे ही देश का भविष्य हैं--प्रशांत चौधरी

 


                        रिपोर्ट--मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । .गाजियाबाद से अयोध्या तक ऐतिहासिक स्केटिंग यात्रा कर वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर अग्रसर नन्हे स्केटर्स नंदिनी एवं युग का अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के पदाधिकारियों द्वारा भव्य सम्मान किया गया।

इस गरिमामय अवसर पर महासभा के महासचिव मास्टर मनोज नागर, पूर्व विधायक प्रशांत चौधरी, गुर्जर भवन के अध्यक्ष विवेक भाटी, गाजियाबाद महानगर अध्यक्ष (बीजेपी युवा मोर्चा) सचिन डेढ़ा जी सहित कार्यक्रम के आयोजक एकलव्य बैसला, प्रियांक गुर्जर मुरादाबाद के युवा ग्राम प्रधान अश्वनी चौधरी एवं अन्य सम्मानित पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस अवसर पर पूर्व विधायक प्रशांत चौधरी जी ने कहा—

“नंदिनी और युग जैसे बच्चे ही देश का भविष्य हैं। इनका साहस, अनुशासन और समर्पण आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों को समाज और राष्ट्र का पूरा सहयोग मिलना चाहिए।”

सभी अतिथियों ने गाजियाबाद से अयोध्या तक की इस कठिन, साहसिक एवं प्रेरणादायक स्केटिंग यात्रा के लिए नन्हे स्केटर्स का मनोबल बढ़ाया, उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया तथा शील्ड व ट्रॉफी भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और आगामी वर्ल्ड रिकॉर्ड यात्राओं के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

इस मौके पर नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अनुराग नागर,मोनू पाल समाजसेवी , वीरेंद्र उर्फ़ आशु चौधरी, समाजसेवी हैप्पी टेल्स फाउंडेशन के अध्यक्ष मयंक  सूद, केशव पंडित, संस्कार मावी, मुखिया मोहित गुर्जर सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

78वें सेना दिवस पर परमार्थ निकेतन में विश्व शान्ति, राष्ट्र कल्याण और वीर सैनिकों के सम्मान हेतु विशेष प्रार्थना, पूजा एवं अभिषेक का आयोजन किया




 *✨सशक्त सेना, सुरक्षित भारत*

*💫वो भारत माताा के बेटे, जो कभी वापस घरों न लौटे, उन सभी को भावभीनी श्रद्धाजंलि*

🇮🇳सेना हैं तो भारत निश्चिन्त है, सैनिक हैं तो तिरंगा गर्व से लहरा रहा है--स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश, 15 जनवरी। परमार्थ निकेतन में 78वें सेना दिवस एवं मकर संक्रान्ति के शुभ अवसर पर वेद मंत्रोच्चार, विशेष पूजा-अर्चना, शिवाभिषेक एवं विश्व शान्ति प्रार्थना का आयोजन किया गया। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों, पुरोहितों तथा देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने भारत माता की सुख-समृद्धि, सीमाओं की सुरक्षा और विश्व कल्याण हेतु विशेष पूजा, प्रार्थना और अभिषेक किया।


राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा में निरंतर समर्पित भारतीय सेना के सभी वीर जवानों को सेना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुये पूज्य स्वामी जी ने कहा कि अद्भुत साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ हमारे सैनिक देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए हर नागरिक को सुरक्षा, विश्वास और स्वाभिमान का संबल प्रदान करते हैं।


वेद मंत्रों की दिव्य गूंज के साथ शिवाभिषेक करते हुए पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भारतीय सेना केवल हमारी सीमाओं की रक्षा नहीं करती, बल्कि वह भारत की आत्मा, अस्मिता और स्वाभिमान की प्रहरी है। उन्होंने कहा, हमारे वीर सैनिक वेतन के लिए नहीं, वतन के लिए जीते हैं। उनका जीवन त्याग, तप और राष्ट्रभक्ति की जीवंत मिसाल है।


पूज्य स्वामी जी ने कहा कि मकर संक्रान्ति सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व है, जो अंधकार से प्रकाश की ओर, नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर और आत्मकेन्द्रित जीवन से राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पित जीवन की ओर अग्रसर होने का संदेश देता है। इन्हीं भावनाओं के साथ आज की प्रार्थना विश्व शान्ति, भारत की अखंडता, समृद्धि और सैनिकों की सुरक्षा हेतु समर्पित की।


पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि, “बर्फीली चोटियों से लेकर तपते मरुस्थल तक, समुद्र की गहराइयों से लेकर आकाश की ऊँचाइयों तक, हमारे सैनिक हर क्षण राष्ट्र के लिए अडिग खड़े रहते हैं। वे न केवल हमारे भूभाग की रक्षा करते हैं, बल्कि हमारी स्वतंत्रता, शान्ति और सम्मान की भी रक्षा करते हैं।”


उन्होंने कहा कि भारतीय सेना केवल एक सैन्य शक्ति नहीं, बल्कि भारत की मर्यादा, संकल्प और स्वाभिमान की जीवंत प्रतीक है। उनका अनुशासन हमें जीवन में संयम सिखाता है, उनका साहस हमें निर्भय बनाता है और उनका त्याग हमें राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध कराता है। स्वामी जी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सैनिकों के जीवन से प्रेरणा लें और अपने भीतर राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सेवा का भाव विकसित करें। 

स्वामी जी ने कहा कि वे भारत माता के अमर सपूत, जो राष्ट्र की रक्षा करते हुए अपने घर वापस नहीं लौट सके, उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि। उनका बलिदान केवल इतिहास नहीं, हमारी सांसों में बसा हुआ स्वाभिमान है। उन्होंने अपने आज को राष्ट्र के कल के लिए समर्पित कर दिया। उनकी वीरता, त्याग और राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का शाश्वत स्रोत है। हम उनके परिवारों के प्रति    कृतज्ञ हैं, जिनकी गोद ने ऐसे वीरों को जन्म दिया। उनका त्याग व्यर्थ नहीं जाएगा, भारत सदैव उनका ऋणी रहेगा। जय हिन्द। जय हिन्द की सेना।

आरकेजीआईटी (फार्मेसी) को मिला प्रतिष्ठित सम्मान



 





गाजियाबाद । बेंगलुरु में  आरकेजीआईटी (फार्मेसी) गाजियाबाद ,ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। एकेडमिक इनसाइट्स द्वारा आयोजित समारोह में संस्थान को 10 जनवरी को “डिस्टिंग्विश्ड फार्मेसी कॉलेज ऑफ द ईयर 2025 – नॉर्थ” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह आयोजन हयाट सेंट्रिक, बेंगलुरु में संपन्न हुआ।

यह सम्मान संस्थान के संकाय, स्टाफ और विद्यार्थियों की सामूहिक निष्ठा, शैक्षणिक उत्कृष्टता और नवाचारपूर्ण शोध का प्रमाण है। आरकेजीआईटी ने फार्मेसी शिक्षा में नए मानक स्थापित करते हुए भविष्य के पेशेवरों के सर्वांगीण विकास की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

संस्थान ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने नेतृत्व दल और पूरे आरकेजीआईटी परिवार को दिया है। यह सफलता सभी की साझा मेहनत और समर्पण का परिणाम है। पुरस्कार ग्रहण करते हुए डॉक्टर मोनिका सचदेवा, प्रिंसिपल, आर के जी आई टी,फार्मेसी और अभिनव बंसल, बिजनेस हेड , आर के जी ग्रुप ,ने समस्त फैकल्टी मेंबर्स और टीम मैनेजमेंट को आभार प्रकट करते हुए बधाई दी!

वाइस चेयरमैन  अक्षत गोयल, आर के जी ग्रुप,  आर के जी,ग्रुप एडवाइजर  डॉक्टर लक्ष्मन प्रसाद ,एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर , आर के जी ग्रुप - डॉक्टर डी के चौहान ,डायरेक्टर आर के जी आई टी - बी सी शर्मा , श्री एच सी गर्ग चीफ प्रॉक्टर , आर के जी आई टी, डॉक्टर विपुल गोयल, एच आर हेड , आर के जी आई टी,ने संयुक्त रूप से पूरे आर के जी आई टी परिवार को बधाई दी और और बेहतर करने के लिए प्रेरित किया !

डॉ.अतुल जैन ने प्रदेश के मंत्री नरेंद्र कश्यप को जन्मदिन की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं

 

                       रिपोर्ट--मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । गाजियाबाद लोहा विक्रेता मंडल के अध्यक्ष एवं टेक्निकल इंस्टीट्यूशंस फाउंडेशन ऑफ उत्तर प्रदेश के महासचिव डॉ.अतुल कुमार जैन ने आज जन्मदिन के अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप को उनके आवास पर जाकर पुष्प गुच्छ भेंट करके जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाएं दी एवं कामना की कि वह सदैव स्वस्थ रहें, प्रसन्न रहें और समाज के सभी वर्गों,गरीबों और वंचितों के साथ-साथ आम जन की सेवा में संलग्न रहते हुए राजनीति के क्षेत्र में प्रगति के पथ पर अग्रसर हों। 

पुनः नरेंद्र कश्यप राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

सिद्धार्थ विहार रेज़िडेंट्स एसोसिएशन का हुआ गठन, मकर संक्रांति पर खिचड़ी महाप्रसाद एवं कंबल वितरण का भव्य आयोजन किया



                     रिपोर्ट--मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । सिद्धार्थ विहार क्षेत्र के समग्र विकास, नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं समाजहित में संगठित रूप से कार्य करने के उद्देश्य से "सिद्धार्थ विहार रेज़िडेंट्स एसोसिएशन" का गठन किया गया है। संस्था के गठन के उपलक्ष्य में प्रथम कार्यक्रम के रूप में खिचड़ी (महाप्रसाद) वितरण एवं गरीब व जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल वितरण का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत 600 से अधिक जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए गए तथा 2000 से अधिक लोगों ने खिचड़ी महाप्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में क्षेत्र के नागरिकों, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली, जिससे सामाजिक समरसता और सेवा भाव का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत हुआ।

एसोसिएशन के गठन का मुख्य उद्देश्य सिद्धार्थ विहार क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही जनसमस्याओं के समाधान हेतु एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना है। वर्तमान में क्षेत्र की सड़कें अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं, कई स्थानों पर डिवाइडर व स्पीड ब्रेकर का अभाव, जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होना, तथा पार्क निर्माण का वर्षों से लंबित रहना जैसी गंभीर समस्याएँ बनी हुई हैं। इसके अतिरिक्त भी नागरिक सुविधाओं से संबंधित अनेक मुद्दे हैं, जिनके समाधान के लिए एसोसिएशन सक्रिय रूप से कार्य करेगी।

इस अवसर पर शहर विधानसभा गाजियाबाद के संजीव शर्मा, माननीय विधायक का विशेष आगमन हुआ। उन्होंने सिद्धार्थ विहार रेज़िडेंट्स एसोसिएशन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे अत्यंत सराहनीय एवं जनकल्याणकारी कदम बताया तथा क्षेत्र की समस्याओं के समाधान हेतु हरसंभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

संस्था के उद्घाटन पर एवं प्रथम कार्यक्रम के अवसर पर संस्था के राजेश गुप्ता (अध्यक्ष), नितिन कालरा(उपाध्यक्ष), प्रमोद गर्ग (उपाध्यक्ष),अचल मिश्रा (उपाध्यक्ष),विनोद मोरे (उपाध्यक्ष), राजेंद्र कुशवाहा (महामंत्री) ,विकास कुशवाहा (सचिव),अनिल कुशवाहा (सह सचिव), विपिन गुप्ता (कोषाध्यक्ष), प्रेम बुढ़ाकोटी (सह कोषाध्यक्ष), राम किंकर झा जी (सह सचिव), जूली कुमारी (सदस्य), वीरेंद्र यादव, एस पी जिंदल, बाबू सेठ गुप्ता, तृप्ति आर्य (समाजसेविका), अर्चना कुशवाहा, निशी कालरा, सीमा रानी, सुमन मिश्रा तथा सिद्धार्थ विहार के वरिष्ठ नागरिक मौजूद रहें।

बुधवार, 14 जनवरी 2026

परमार्थ गंगा तट पर विश्व के अनेक देशों से आये श्रद्धालुओं, पर्यटकों, योग जिज्ञासुओं ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती के पावन सान्निध्य में गंगा जी में डुबकी लगकर मनाई मकर संक्रान्ति

 


                   सत्ता बन्धु संवाददाता

*💫मकर संक्रान्ति की अनेकानेक शुभकामनायें*

*💫गंगा स्नान कर गद्गद हुये विदेशी सैलानी*

*🎊मकर संक्रांति, बदलाव के स्वागत का पर्व*

*✨मकर संक्रान्ति पर तिल गुड़ खाना केवल परंपरा नहीं, सामाजिक सौहार्द का आध्यात्मिक सूत्र

सर्य, भारतीय संस्कृति में केवल एक ग्रह नहीं जीवनदाता व ऊर्जा का स्रोत--स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश, 14 जनवरी। मकर संक्रान्ति भारतीय संस्कृति का एक अत्यंत पावन पर्व है, जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और उत्तरायण की शुभ शुरुआत का प्रतीक है। इस अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान को विशेष महत्व है। आज परमार्थ निकेतन गंगा तट पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, ऋषिकुमारोंऔर विश्व के अनेक देशों से आये श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोपचार के साथ गंगा जी में डुबकी लगायी। 

शास्त्रों के अनुसार, मकर संक्रान्ति पर गंगा, यमुना, सरस्वती, गोदावरी, नर्मदा एवं अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों का क्षय होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। यह स्नान केवल शरीर की नहीं, बल्कि मन, विचार और संस्कारों की भी शुद्धि का माध्यम भी है। उत्तरायण काल को देवताओं का मार्ग कहा गया है, इसलिए इस समय किया गया स्नान, दान और जप विशेष फलदायी होता है।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि मकर संक्रान्ति का स्नान जीवन में नए संकल्प और नई ऊर्जा का आह्वान करता है। मकर संक्रान्ति के समय सूर्य की स्थिति और पृथ्वी के झुकाव में परिवर्तन से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ठंडे जल में स्नान करने से रक्तसंचार बेहतर होता है, प्रतिरक्षा प्रणाली सुदृढ़ होती है और शरीर में नवस्फूर्ति का संचार होता है। यही कारण है कि प्राचीन ऋषियों ने इस दिन स्नान को स्वास्थ्य और संतुलन से जोड़ा है।

यह पर्व जीवन में परिवर्तन को पवित्रता और सकारात्मकता के साथ स्वीकार करने का संदेश देता है। सूर्य जब अपनी दिशा बदलता है, तो ऐसे समय हमें भी अपने जीवन की दिशा को प्रकाश, सेवा और सद्भाव की ओर मोड़ने का संकल्प लेना चाहिए।

स्वामी जी ने कहा कि जीवन में जब दिशा बदलती है, तो उसे भय नहीं, बल्कि विश्वास, आनंद और कृतज्ञता के साथ स्वीकार करना चाहिए। जिस प्रकार सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर उत्तरायण की ओर अग्रसर होता है, उसी प्रकार हम भी जीवन भी अंधकार से प्रकाश, जड़ता से जागृति और निराशा से नव आशा की ओर बढ़ने का संकल्प लें।

सूर्य भारतीय संस्कृति में केवल एक ग्रह नहीं, बल्कि जीवनदाता व ऊर्जा का स्रोत का प्रतीक है। मकर संक्रांति पर सूर्य का उत्तरायण होना इस बात का संकेत है कि अब प्रकाश की अवधि बढ़ेगी, उष्मा बढ़ेगी और प्रकृति नवजीवन की ओर बढ़ेगी। 

मकर संक्रांति का संदेश है बदलाव का स्वागत। जब ऋतुएँ बदलती हैं, तो हम उन्हें रोकते नहीं, बल्कि उनके साथ स्वयं को ढालते हैं। यही दर्शन जीवन में भी लागू होता है। परिवर्तन अनिवार्य है, लेकिन उसका अनुभव हमारे दृष्टिकोण पर निर्भर करता है। यदि हम उसे संघर्ष मानें, तो वह बोझ बन जाता है; यदि हम उसे उत्सव मानें, तो वही परिवर्तन हमें विकास की ओर ले जाता है।

इस पर्व से जुड़े तिल और गुड़ भी गहरे प्रतीक हैं। तिल कठोरता का, और गुड़ मिठास का प्रतीक है। संदेश स्पष्ट है जीवन में चाहे कितनी ही कठोर परिस्थितियाँ क्यों न हों, वाणी और व्यवहार में मिठास बनी रहनी चाहिए। तिल गुड़ खाना परंपरा नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द का आध्यात्मिक सूत्र है।

खिचड़ी, जो विभिन्न अन्न और दालों के संगम से बनती है, हमें एकता का पाठ पढ़ाती है। अलग-अलग तत्व मिलकर जब एक रूप में पकते हैं, तभी वह पूर्ण और पोषक बनती है। यह हमें समाज, परिवार और राष्ट्र के प्रति भी यही संदेश देती है विविधता में एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।

इस अवसर पर पतंग उड़ाना भी केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि वह हमें संदेश देता है कि ऊँचाई पर पहुँचने के लिए संतुलन, धैर्य और सही दिशा आवश्यक है। यदि डोर ढीली हो, तो पतंग गिर जाती है; यदि अत्यधिक खिंचाव हो, तो टूट जाती है। जीवन भी इसी संतुलन का नाम है।

आज के आधुनिक युग में, जब तकनीक, संबंध, जीवनशैली में परिवर्तन तीव्र गति से हो रहा है तब मकर संक्रांति हमें परिवर्तन से डरने के बजाय उसे चेतना के साथ अपनाने और परिवर्तन ही प्रगति का द्वार है का संदेश देती है। जीवन रुकने व थकने का नहीं बल्कि सूर्य की तरह आगे बढ़ते रहने व प्रकाश देने का संदेश देती है।

गाजियाबाद के भामाशाह, भगवान दूधेश्वर के अनन्य भक्त धर्मपाल गर्ग का निधन आध्यात्मिक व सामाजिक क्षेत्र की अपूरणीय क्षति हैः श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज


                     रिपोर्ट--मुकेश गुप्ता

धर्मपाल गर्ग मकर संक्रांति के पावन दिन भगवत् धाम को गए

उनकी आस्था, श्रद्धा व सेवा कार्य उन्हें हमेशा लोगों के दिलों में बसाए रखेंगे

गाजियाबादः नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः।

न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः॥ सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि भगवान दूधेश्वरनाथ के अनन्य भक्त, धर्म व सेवा की मिसाल कायम करने वाले गाजियाबाद के भामाशाह धर्मपाल गर्ग के निधन से हर कोई दुखी है। उनका निधन आध्यात्मिक व सामाजिक क्षेत्र की ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती।

महाराजश्री ने कहा कि धर्मपाल गर्ग का पूरा जीवन धर्म व समाज सेवा के लिए समर्पित रहा। दूधेश्वरनाथ मंदिर से वे प्रारंभ से ही जुड़े थे और भगवान दूधेश्वरनाथ की नियमित रूप से पूजा-अर्चना करते थे। अस्वस्थता के समय भी उन्होंने भगवान की पूजा-अर्चना व समाज सेवा को निरंतर जारी रखा। उन्होंने वर्ष 2007 से 2014 तक श्री दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर का जीर्णोद्धार कराकर उसकी पूरे विश्व में अलग पहचान बनाने का कार्य किया।

मंदिर में संत सनातन कुंभ हो या महाशिवरात्रि पर भक्तों की सेवा, वे हमेशा सबसे आगे रहते थे और भक्तों के लिए भंडारे व प्रसाद की व्यवस्था कराते थे। श्रावण शिवरात्रि पर वे कई दिन पहले से ही अपने भंडारे भक्तों की सेवा के लिए खोल देते थे। कांवड़ियों के साथ ही श्रावण शिवरात्रि पर आयोजित होने वाले महोत्सव में सहयोग देने वालों के लिए भंडारे व प्रसाद की व्यवस्था कराने के साथ उन्हें अपने हाथों से सम्मानित भी करते थे।

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि धर्मपाल गर्ग कहते थे कि उन्हें जो कुछ भी मिला है, वह भगवान की कृपा व समाज के सहयोग से ही मिला है, इसलिए समाज के लिए वे जो कुछ भी करें, वह कम ही है। वे मीलों पैदल चलकर आने वाले कांवड़ियों को भगवान का रूप मानते थे, इसी कारण उनकी दिन-रात सेवा करते थे। अमरनाथ यात्रियों के लिए जम्मू-कश्मीर में लगने वाले भंडारे तथा महाकुंभ में साधु-संतों व श्रद्धालुओं के लिए लगने वाले भंडारों में भी उनका सदैव सहयोग रहता था।

बद्रीनाथ धाम में उन्होंने धर्मशाला का निर्माण कराया। हरिद्वार में भी उन्होंने धर्मशाला बनवाई। अनेक तीर्थ स्थलों का जीर्णोद्धार कराया।

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि धर्मपाल गर्ग को भगवान दूधेश्वरनाथ का साक्षात् सानिध्य प्राप्त हुआ है। इसका प्रमाण यह है कि उन्होंने उत्तरायण के पुण्यकाल में, माघ मास के दौरान, एकादशी तिथि को अपने शरीर का त्याग किया। माघ मास, उत्तरायण और एकादशी तिथि—तीनों का संयोग अत्यंत दुर्लभ और पुण्यदायक माना जाता है। ऐसे पुण्य संयोग में देह त्याग करने वाले महापुरुष साक्षात् शिवलोक को प्राप्त होते हैं। यह गति विरले महापुरुषों को ही प्राप्त होती है। धर्मपाल गर्ग का शिवलोक गमन इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि वे भगवान दूधेश्वरनाथ के परम कृपापात्र भक्त थे।

धर्मपाल गर्ग भगवान के ऐसे सच्चे भक्त थे, जिनकी आस्था, श्रद्धा व सेवा हमेशा लोगों को प्रेरित करती रहेगी। वे भले ही आज हमारे बीच न हों, मगर उनके पुण्य कार्य सदैव उन्हें हमारे दिलों में बसाए रखेंगे।

दूधेश्वर वेद विद्यालय के समस्त आचार्यगण एवं छात्र उनके मुक्ति  तथा आत्मिक शांति के लिए निरंतर गीता पाठ कर रहे हैं, जिससे उनकी  आत्मा का शिवलोक में वास हो ।

दूधेश्वरनाथ परिवार के साथ श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के समस्त गुरुमूर्तियों के और से  भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित  है।

इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज में रूसी कलाकारों ने दिखाई प्रतिभा,रूसी नृत्य को सराहा

 




                        रिपोर्ट--मुकेश गुप्ता

- आईपीईसी में रूसी कलाकारों ने बिखेरा हुनर, सांस्कृतिक आदान–प्रदान को मिली नई ऊंचाई

साहिबाबाद। इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज (आईपीईसी) एवं रूसी सांस्कृतिक केंद्र, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में मॉडल कोरियोग्राफिक एन्सेम्बल “कज़ाच्ये रज़्दोल्ये” (रूस) द्वारा रूसी लोक नृत्य संध्या का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान आईपीईसी परिसर अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक सौहार्द के रंगों में रंगा नजर आया, जब रूस से आए प्रसिद्ध नृत्य दल ने अपनी ऊर्जावान और मनोहारी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

आईपीईसी के वाइस प्रेसिडेंट (इंटरनेशनल रिलेशंस) विभूति शंकर ने स्वागत संबोधन में संस्थान द्वारा आयोजित पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि आईपीईसी निरंतर वैश्विक सांस्कृतिक और शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने रूस के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के पूर्व दौरे का भी स्मरण कराया, जो रूसी संघ के राष्ट्रपति श्री व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान संपन्न हुआ था। स्टावरोपोल क्षेत्र से आए इस नृत्य दल का स्वागत करते हुए उन्होंने इसे संस्थान की अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक सहभागिता की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया।

इस अवसर पर आईपीईसी के वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल ने कहा कि भारत और रूस के बीच सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी को सशक्त बनाने में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अहम भूमिका है। ऐसे आयोजन युवाओं के मन में स्थायी प्रभाव छोड़ते हैं और भविष्य के सामाजिक व तकनीकी सहयोग का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

रूसी नृत्य दल की युवा कलाकारों ने टेरेक कोसैक्स की जीवनशैली, परंपराओं और लोक विरासत पर आधारित नृत्यों की सजीव प्रस्तुति दी। सटीक तालमेल, सशक्त भाव-भंगिमाएं, रंगीन परिधान और पारंपरिक संगीत ने दर्शकों को रूसी संस्कृति से आत्मीय रूप से जोड़ दिया। रूसी सांस्कृतिक केंद्र की प्रतिनिधि सुश्री एलेना बारमैन ने बताया कि यह दल मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग सहित अनेक शहरों में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुति दे चुका है।

नृत्य दल का नेतृत्व कलात्मक निदेशक एलेना कुरोपाटकिना ने किया। कार्यक्रम में भारतीय शास्त्रीय व लोक नृत्य प्रस्तुतियां भी शामिल रहीं, जिससे सांस्कृतिक आदान–प्रदान और अधिक सशक्त हुआ। समापन पर दर्शकों ने कलाकारों की सराहना करते हुए आईपीईसी की पहल की प्रशंसा की। कार्यक्रम में निदेशक डॉ. अनिल सोलंकी, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. मीनाक्षी शर्मा, डीन एकेडेमिक्स डॉ. अमित जैन, सुनीता यादव, अजय चौधरी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

मंगलवार, 13 जनवरी 2026

भक्ति भाव से सराबोर भक्ति पर्व समागम का दिव्य आयोजन, भक्ति केवल शब्द नहीं जीवन जीने की सजग यात्रा है -- निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज






                           सत्ता बन्धु संवाददाता

समालखा, 11 जनवरी, 2026ः-  ‘‘भक्ति केवल शब्द नहीं जीवन जीने की सजग यात्रा है” यह प्रेरणादायक विचार निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने हरियाणा स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल, समालखा में आयोजित ‘भक्ति पर्व समागम’ के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

इस अवसर पर सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित के पावन सान्निध्य में श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास की अनुपम छटा देखने को मिली। दिल्ली-एन.सी.आर सहित देश-विदेश से पधारे हजारों श्रद्धालु भक्तों ने इस दिव्य संत समागम में सहभागिता करते हुए सत्संग के माध्यम से आध्यात्मिक आनंद एवं आत्मिक शांति की अनुभूति प्राप्त करी।

इस पावन अवसर पर परम संत संतोख सिंह जी सहित अन्य संत महापुरुषों के तप, त्याग एवं उनके ब्रह्मज्ञान के प्रचार-प्रसार में दिए गए अमूल्य योगदान का भावपूर्ण स्मरण किया गया। श्रद्धालुओं ने उनके जीवन से प्रेरणा लेकर भक्ति, सेवा एवं समर्पण के मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

समागम के दौरान अनेक वक्ताओं, कवियों एवं गीतकारों ने अपनी-अपनी विधाओं के माध्यम से गुरु महिमा, भक्ति भाव और मानव कल्याण के संदेशों को अत्यंत भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। संतों की प्रेरणादायक शिक्षाओं ने उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय को छूते हुए उनके जीवन को आध्यात्मिक दृष्टि से समृद्ध किया।

भक्ति की महिमा पर प्रकाश डालते हुए सतगुरु माता जी ने कहा कि भक्ति कोई नाम या दिखावा नहीं, बल्कि अपने भीतर की सजग यात्रा है। सच्ची भक्ति तब है जब हम आत्म मंथन द्वारा दूसरों से पहले स्वयं को जाँचें, अपनी कमियों को सुधारें और हर पल जागरूक जीवन जिएँ। अज्ञान में हुई गलती सुधर सकती है, पर जानबूझकर चोट पहुँचाना, बहाने या चालाक शब्द भक्ति नहीं हैं, क्योंकि भक्त का स्वभाव मरहम का होता है। हर एक में निराकार देखकर सरल, निष्कपट व्यवहार करना और ब्रह्मज्ञान के बाद सेवा, सुमिरन व सत्संग से इस एहसास को बनाए रखना ही भक्ति है। अंततः भक्ति एक चुनाव है-नाम की नहीं, जीवन की। 

सतगुरु माता जी से पूर्व निरंकारी राजपिता जी ने भक्ति पर्व के अवसर पर यह समझाया कि भक्ति कोई पद, पहचान या अपनी बनाई परिभाषा नहीं, बल्कि ब्रह्मज्ञान पाकर करता-भाव के समाप्त होने से उपजा जीवन जीने का ढंग है। संतों ने वचन इसलिए माने क्योंकि गुरु का वचन मानना उनके लिए स्वाभाविक था, जबकि हम कई बार न मानने को भी सही ठहरा लेते हैं। सत्य और भक्ति की परिभाषा एक ही है, यदि भक्ति को उपलब्धियों या अहंकार से जोड़ा जाए तो करता-भाव जीवित रहता है। भक्ति कोई सौदा नहीं, प्रेम का चुनाव है, जहाँ प्रयास रहते हैं पर दावा नहीं इसलिए अरदास यही है कि अपनी सारी परिभाषाएँ छोड़कर ऐसा जीवन जिएँ जहाँ वचन, सेवा, सुमिरन और संगत स्वभाव बन जाएँ क्योंकि भक्ति अपनी परिभाषा से हो, तो भक्ति नहीं।

सतगुरु माता  ने माता सविंदर एवं राजमाता  के जीवन को भक्ति, समर्पण और निःस्वार्थ सेवा का सजीव प्रतीक बताते हुए कहा कि इन मातृशक्तियों का संपूर्ण जीवन निरंकारी मिशन के लिए एक श्रेष्ठ उदाहरण है, जो प्रत्येक श्रद्धालु को सेवा एवं समर्पण की प्रेरणा प्रदान करता है।

निरंकारी मिशन का मूल सिद्धांत यही है कि भक्ति, परमात्मा के तत्व को जानकर ही अपने वास्तविक एवं सार्थक स्वरूप को प्राप्त करती है। निःसंदेह, सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के अमूल्य प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को ब्रह्मज्ञान के माध्यम से भक्ति के वास्तविक अर्थ को समझने तथा उसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने की प्रेरणा प्रदान की।



औद्योगिक विकास के लिए प्रशासन और उद्यमियों में बनी सहमति : संजीव गुप्ता

 





                        रिपोर्ट--मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के विजन को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से एक प्रतिष्ठित होटल में जिला प्रशासन और उद्योग जगत के दिग्गजों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। 'सार्थक कलेक्टिव नई दिल्ली' के सहयोग से आयोजित इस बैठक में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से जिले के औद्योगिक तंत्र को मजबूत करने और विकास की बाधाओं को दूर करने पर गहन मंथन किया। बैठक में मुख्य जिला विकास अधिकारी अभिनव गोपाल और ज्वाइंट कमिश्नर इंडस्ट्रीज श्रीनाथ पासवान ने प्रशासन का प्रतिनिधित्व किया।

प्रसिद्ध उद्योगपति और समरकूल के चेयरमैन संजीव कुमार गुप्ता ने इस बैठक में सम्मिलित होकर औद्योगिक जगत की ओर से प्रभावी पक्ष रखा। उन्होंने जिला प्रशासन की इस पहल को अत्यंत सार्थक बताते हुए कहा कि समावेशी और सतत प्रगति के लिए उद्योगों और प्रशासन के बीच ऐसा सीधा संवाद बहुत जरूरी है। संजीव गुप्ता ने जोर देकर कहा कि यदि गाजियाबाद के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है, तो सरकार को व्यवहारिक बाधाओं को दूर करने में सक्रिय सहयोग करना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि इस प्रकार की बैठकों में निरंतरता बनी रहनी चाहिए ताकि धरातल पर आ रही समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके और उद्योगों की मजबूती के जरिए प्रदेश व देश की अर्थव्यवस्था को और सशक्त बनाया जा सके। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु जिले में पीपीपी ढांचे के तहत बुनियादी ढांचे का विकास और उद्यमियों के लिए एक सुगम कार्य वातावरण तैयार करना रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने उद्यमियों को आश्वस्त किया कि सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेश के अनुकूल माहौल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस चर्चा के माध्यम से भविष्य के विकास के लिए एक व्यवहारिक मार्ग विकसित करने पर सहमति बनी, जिससे गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके। बैठक में जिले की कई अन्य प्रमुख हस्तियों ने भी हिस्सा लिया और क्षेत्र की प्रगति के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।

बार एसोसिएशन ग़ाज़ियाबाद ने मनाई लोहड़ी

 



रिपोर्ट-मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । बार एसोसिएशन ग़ाज़ियाबाद द्वारा बार प्रांगण में अध्यक्ष  ब्रहमदेव त्यागी व सचिव वरुण त्यागी एंव डीजीसी सिविल हरप्रीत सिंह जग्गी एंव अन्य अधिवक्ताओं के साथ धूमधाम से लोहड़ी का पर्व मनाया गया और सभी की ख़ुशहाली की कामना की गई इस अवसर पर सरदार एस पी सिंह पूर्व सदस्य अल्पसंख्यक आयोग, वरिष्ठ अधिवक्ता सरदार गुरदीप सिंह,सी पी श्रीवास्तव, सुनीता दत्ता,राकेश केली, अक्षय मेकिन,मनप्रीत सिंह, निर्मलजीत सिंह,जगमोहन सिंह,डॉ सबनम,खुशनुमा प्रवीन, विनय जैन,मनमोहन शर्मा आदि उपस्थित रहे।