रविवार, 8 फ़रवरी 2026

माँ शबरी जयंती की परमार्थ निकेतन से अनेकानेक शुभकामनायें

 



*🌟माँ शबरी, सनातन संस्कृति में भक्ति की सर्वाेच्च परिभाषा*

*💫माँ शबरी की भक्ति की पराकाष्ठा, न वैभव, न विद्या, केवल अथाह प्रेम का सागर-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश, 8 फरवरी। परमार्थ निकेतन से आज माँ शबरी जयंती के पावन अवसर पर भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित की। इस दिव्य अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने संदेश में कहा कि अद्भुत है माँ शबरी की भक्ति की पराकाष्ठा, न वैभव, न विद्या, केवल अथाह प्रेम का सागर है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग बाहरी साधनों से नहीं, बल्कि निष्कलुष हृदय, अटूट श्रद्धा और पूर्ण समर्पण से प्रशस्त होता है। माँ शबरी, सनातन संस्कृति में भक्ति की सर्वाेच्च परिभाषा है।

माँ शबरी आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध थीं। उन्होंने अपने गुरु मतंग ऋषि के वचनों को ही जीवन का लक्ष्य बना लिया। गुरु ने कहा था “प्रभु श्रीराम तुम्हारे आश्रम अवश्य आएंगे।” बस यही विश्वास उनकी साधना बन गया। वर्षों की प्रतीक्षा उनके लिए तपस्या बनी, तितिक्षा उनकी शक्ति बनी और समर्पण उनकी आराधना बन गया। प्रत्येक दिन वे उसी प्रेम से पथ बुहारतीं, पुष्प सजातीं और आश्रम को ऐसे संवारतीं मानो आज ही प्रभु पधारेंगे।

यह प्रतीक्षा साधारण प्रतीक्षा नहीं थी; यह धैर्य, विश्वास और अखंड आस्था का दिव्य उदाहरण थी। आज के युग में जहाँ क्षणिक परिणाम चाहता है, वहाँ शबरी का जीवन हमें संदेश देता है कि सच्ची भक्ति में समय का बंधन नहीं होता। भक्ति में अधीरता नहीं, धैर्य होता है; अपेक्षा नहीं, समर्पण होता है।

शास्त्रों में कहा गया है “भक्त्या त्वनन्यया शक्य अहमेवंविधोऽर्जुन।” अर्थात् केवल अनन्य भक्ति से ही परमात्मा की प्राप्ति संभव है। माँ शबरी ने इस सत्य को अपने जीवन से सिद्ध किया। जब प्रभु श्रीराम उनके आश्रम पहुँचे, तब उन्होंने प्रेमपूर्वक जूठे बेर अर्पित किए। यह बाह्य दृष्टि से साधारण घटना प्रतीत हो सकती है, परंतु आध्यात्मिक दृष्टि से यह प्रेम की पराकाष्ठा थी। प्रभु ने उस प्रेम को स्वीकार किया, क्योंकि ईश्वर को वस्तु नहीं, भावना प्रिय होती है।

शबरी का प्रेम निष्कपट था, निर्मल था, पूर्णतः अहंकार रहित था। न उनमें ‘मैं’ था, न ‘मेरा’, केवल ‘राम’ थे। हर श्वास में राम नाम, हर कर्म में राम स्मरण और हर भावना में राम का ही वास था। यही सच्ची भक्ति, जहाँ साधक स्वयं को मिटाकर प्रभु में विलीन हो जाता है।

माँ शबरी की कथा आज के समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। आधुनिक जीवन की दौड़, तनाव और स्पर्धा के बीच हम भक्ति की सरलता को भूलते जा रहे हैं। 

आज आवश्यकता है कि हम अपने जीवन में शबरी जैसी निष्ठा, धैर्य और समर्पण को स्थान दें। जब हमारा प्रत्येक कर्म सेवा बन जाए, प्रत्येक विचार प्रार्थना बन जाए और प्रत्येक श्वास राम नाम से ओतप्रोत हो जाए, तभी सच्ची आध्यात्मिक उन्नति संभव है।

यूजीसी को भुलाने के लिए किये जा रहे हैं हिंदू सम्मेलन. 12 फरवरी को नवयुग मार्केट से घंटाघर तक काला कफन बांधकर निकालेंगे रैली--बीके शर्मा हनुमान

 


सवर्ण बटेगा तो, हिंदू कटेगा! सवर्ण एक रहेगा तो सनातन बचेगा!!

यूजीसी का छोड़ो साथ नहीं तो! सत्ता से धोना पड़ेगा हाथ!!



                              मुकेश गुप्ता

 गाजियाबाद ।  सिटी होटल सवर्ण महासभा के तत्वाधान में महापंचायत का आयोजन किया गया महापंचायत की अध्यक्षता सवर्ण महासभा के राष्ट्रीय संयोजक सेवाराम त्यागी, सुरेश चंद्र शर्मा, वीके अग्रवाल, विवेक कुमार तोमर, विनय कक्कड़, कानूनी सलाहकार एडवोकेट सतीश भारद्वाज ने की महापंचायत का संचालन सवर्ण महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान ने किया महापंचायत में सवर्ण महासभा के संयोजकों ने संयुक्त बयान में कहा कि सवर्ण समाज आज जिस मुकाम पर है, वह समाज के लोगों की मेहनत, ईमानदारी व लगन का ही परिणाम है। सवर्ण समाज ने निज हित को नहीं बल्कि सर्व समाज के हित को अपना ध्येय व लक्ष्य बनाया। समाज के सभी वर्गो को आगे बढाकर समाज व देश को विकास के मार्ग पर ले जाने का कार्य सवर्ण समाज ने किया। आज भारत की पूरे विश्व में अलग पहचान है और यह पहचान समाज के लोगों के खून-पसीने की नींव पर ही टिकी है। सवर्ण समाज ने हमेशा हाथ बढाकर कमजोंरों का साथ देने व उन्हें उपर उठाने का कार्य किया है। अपने से भी पहले समाज सभी वर्गो के लोगों व देश हित की बात सोचता है। विद्यालय बनवाकर जहां समाज ने ज्ञान का उजाला चारों तरफ फैलाया, वहीं चिकित्सालयों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को आरोग्यता प्रदान कर स्वस्थ समाज व देश का निर्माध किया। आश्रम, धर्मशाला आदि बनवाकर समाज सेवा की मिसाल कायम की। इस सबके बावजूद आज सवर्ण समाज को पीछे धकेलने की साजिश की जा रही है। यूजीसी इस साजिश का जीता-जागता उदहारण है। यूजीसी के नए प्रावधान इस बात का संकेत है कि सवर्ण समाज के बच्चों से शिक्षा का अधिकार छीनने का षडयंत्र रचा जा रहा है। जब बच्चों को हमेशा इस बात का डर लगा रहेगा कि पता नहीं कब कोई छात्र-छात्रा या शिशक उनके खिलाफ कोई झूठा व गलत आरोप लगा दे, जिससे उन्हें ना सिर्फ जेल जाना पड सकता है वरना उनका भविष्य ही खराब हो सकता है तो उनका पढाई में मन कैसा लगेगा। सवर्ण समाज के बच्चे झूठे आरोप में जेल जाएंगे और उन पर झूठा आरोप लगाने वाले मजे कैरेंगे, ऐसा घिनौना षडयंत्र समाज के खिलाफ यूजीसी के रूप में रचा जा रहा है, मगर समाज इस षडयंत्र को कामयाब नहीं होने देगा। सवर्ण महासभा के तत्वाधान में एकजुट होकर इसका विरोध किया जाएगा और सरकार को यह काला कानून वापस लेने के लिए मजबूर किया जाएगा। यदि केंद्र सरकार ने यह कानून वापस नहीं लिया तो सरकार जान लें कि उसकी वापसी हो जाएगी। सरकार को यह जान लेना चाहिए कि यदि उसने यूजीसी को वापस नहीं लिया तो सवर्ण समाज उसकी वापसी करा देगा। सवर्ण समाज अपने बच्चों का भविष्य खराब नहीं होने देगा और सरकार को यूजीसी वापस लेने के लिए मजबूर कर देगा। संगठन का विस्तार करते हुए कोष संयोजक रमेश मंगल, सहसंयोजक, प्रेमचंद त्यागी महानगर संयोजक पंडित अशोक भारतीय सहसंयोजक मास्टर स्वरूपचंद शर्मा सहसंयोजक सतीश चोपड़ा सह संयोजक नरेंद्र गुप्ता नंदी सहसंयोजक संजय चौहान नई जिम्मेदारी दी गई इस अवसर पर अवधेश सिंह प.अशोक भारतीय संजय चौहान पियूष सेगर डा.दीपक राणा डा.गौरव सैनी (गोपाल) रमेश मंगल जे.के शर्मा विक्रम दत कुमार देवाशीष ओझा विवेक कुमार संदीप सिंहल गौरव शर्मा नितिन रावल दिवेश शर्मा प्रदीप कुमार देबूदेश सिंह बी.एन अग्रवाल अरुप त्यागी अजय त्यागी बिजेंद्र त्यागी पुनीत त्यागी सतीश चोपड़ा शिव कुमार शर्मा हरीश शर्मा संजीव कौशिक कुलदीप शर्मा सुनील शर्मा सुरेश चंद शर्मा डा.नानक सिंह तोमर राजन शर्मा हरी शंकर शर्मा श्री कृष्णा शर्मा सर्वेश कुमार शर्मा डा.संजय कुमार डा.एस.के मिश्रा डा. दिलीप कुमार प्रेमचंद त्यागी धन प्रकाश त्यागी अनिल कुमार पवन कुमार डा.नरेंद्र मेहता राजेश गुप्ता नीरज शर्मा अंकुर गर्ग ओमप्रकाश गुप्ता 

जयप्रकाश गुप्ता देवेंद्र शर्मा सरूप चंद शर्मा राकेश अरोड़ा संजीव अग्रवाल आर के गोयल प्रकाश शर्मा अशोक कुमार गौरव अग्रवाल अनिल त्यागी सोमिंन्द्र त्यागी राजीव अग्रवाल संजय शर्मा अरुण कुमार अग्रवाल आर.एस शर्मा महेश त्यागी अजय त्यागी बाबा नितिन त्यागी दुष्यंत गुप्ता

बारादरी' में गोविंद गुलशन के गजल संग्रह 'कल न कल तो तेरे... का हुआ लोकार्पण, तमाम उम्र मजबूत करते रहे गुरू शिष्य परंपरा: सुरेंद्र सिंघल

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मैं तेरी खूबियां लफ्जों में किस तरह ढालूं, ये हक अदा नहीं होता मेरे बयां से कभी: इकबाल अशहर

                            विशेष संवाददाता 

  गाजियाबाद। मशहूर शायर और 'बारादरी' के अध्यक्ष गोविंद गुलशन की स्मृति में आयोजित महफ़िल ए बारादरी में देश भर के कवि और शायरों ने उनसे जुड़ी यादों और अनुभव साझा किए। इस अवसर पर उनके ताजा गजल संग्रह 'कल न कल तो तेरे..' का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम अध्यक्ष सुरेंद्र सिंघल ने कहा कि एक तरफ अदब की दुनिया से जहां 'उस्ताद शागिर्द परंपरा' खत्म होती जा रही 'बारादरी' इस परंपरा के निर्वहन का बेमिसाल उदाहरण है। जहां गोविंद गुलशन की सरपरस्ती में शायरों की एक सशक्त जमात सामने आई है। देश के विख्यात शायर इकबाल अशहर ने कहा कि गोविंद गुलशन की 'बरादरी' को हरा भरा रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। 

  नेहरू नगर स्थित सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में गोविंद गुलशन के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम दो सत्रों में संपन्न हुआ। पहले सत्र में उनके ताजा गजल संग्रह 'कल न कल तो तेरे...' का लोकार्पण के साथ उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा हुई। दूसरे सत्र में लोगों ने कलाम के जरिए गुलशन जी के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। संस्था की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. माला कपूर 'गौहर' ने कहा कि बारादरी गुलशन जी की वह बगिया है जिसकी खुशबू से आज पूरा देश महक रहा है। उन्होंने कहा कि गजल लेखन के क्षेत्र में वह एक मोती जैसी थी, जिसे निखार कर गुलशन जी ने 'गौहर' बना दिया। उन्होंने अपनी पंक्तियों 'इतना मशहूर कर दिया हमको, खुद से दूर कर दिया हमको, बोझ गम का उठाए फिरते हैं, कैसा मजदूर कर दिया हमको' के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त की। अपनी नज्म की पंक्तियों 'तेरी आंखों को सुन रहा हूं मैं, दिख रही है मुझे तेरी आवाज, स्वाद लेता हूं तेरी खुशबू का, तेरी आहट को सूंघ लेता हूं, फिर तेरी सोच को छूकर, तुझ में खो जाता हूं कुछ ऐसे मैं, ढूंढना पड़ता है मुझे खुद को...' के जरिए सुरेंद्र सिंघल ने अपनी भावनाएं व्यक्त की।




  कार्यक्रम में विशेष रूप से आए मशहूर शायर इकबाल अशहर ने अपने शेर 'अलग ना होंगे ये किरदार दास्तां से कभी, अजीम लोग गुजरते नहीं जहां से कभी। चमकने लगते हैं आंखों में आंसुओं की तरह, सितारे टूट भी जाएं जो आसमां से कभी। मैं तेरी खूबियां लफ्जों में किस तरह ढालूं, ये हक अदा नहीं होता मेरे बयान से कभी। बिछड़ने वालों में उसका शुमार कैसे हो, वह आदमी तो गया ही नहीं यहां से कभी' के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त की। संस्था की संरक्षिका डॉ. उर्वशी अग्रवाल 'उर्वी' ने कहा कि 'बारादरी' के रूप में जो विरासत गुलशन जी हमें सौंप गए हैं उसे आबाद रखना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने दोहों 'रहता है संसार में खुशबू की मानिंद, गुलशन से जाता नहीं, कोई भी गोविंद', 'फूल-फूल पर भाव का, छिड़का हुआ पराग, गजल तुम्हारे द्वार पर, जलता रहे चराग', 'खुशबू, चंदन या हिना, छाया हो या धूप, सभी यहां मौजूद हैं, गुलशन जी के रूप' के रूप में अपनी भावनाएं व्यक्त की। मुख्य अतिथि कृष्ण कुमार 'नाज़' ने कहा कि गुलशन जी उनके गुरू भाई ही नहीं मार्गदर्शक भी थे। उन्होंने कहा कि स्मृतियों की पुस्तक में ऐसे बहुत से मुड़े हुए पन्ने हैं जो यादों में गुलशन जी को महफूज रखेंगे। उन्होंने अपनी कविता 'आंसू' की पंक्तियों 'अपना घर छोड़ के, खुश कौन भला रह पाया, किस को मिल पाई है, परदेस में सुख की छाया, आंसुओं मेरा कहा मानोगे, तो संवर जाओगे, अगर आंखों से निकलोगे तो मर जाओगे' के जरिएअपने भाव व्यक्त किए।

  अति विशिष्ट अतिथि और संग्रह की प्रकाशक अलका मिश्रा ने कहा कि गोविंद गुलशन की प्रेरणा से ही उन्होंने गजल की बारिकियां सीखीं। उनके न रहने के बाद उन जैसे नए लिखने वालों की हौसला अफजाई कौन करेगा? शायर बी. के. वर्मा 'शैदी' ने अपनी नज्म 'जिन्दगी  खूब गुजारी थी गजल की मानिंद, इब्तिदा बन गई हस्ती की सूरते मतला, वक्त की पड़ गई कुछ यूं निगाहे बद आखिर, साले-नौ बन गया पुरसोज गजल का मकता' के जरिए माहौल को गमगीन कर दिया। इस अवसर पर शायर असलम राशिद को 'बारादरी सृजन सम्मान' प्रदान किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उस्ताद शायर गोविन्द गुलशन गजल की आबरू को कायम रखने, अदब और तहजीब को जीने वाले शायर थे। उन्होंने रवायती गजल के दामन को भी थामे रखा और जदीद लहजे को भी अपनाया। उन्होंने गुलशन जी के शेर 'हम से बिछड़ गए हैं वो वादा किए बगैर, रहना पड़ेगा धूप में साया किए बगैर। मरने का खौफ इसलिए रहता नहीं मुझे, मैं जी रहा हूं कोई तमन्ना किए बगैर' से महफिल को गमजदा कर दिया। अपने शेर 'याद उसकी लड़ रही है दूसरी इक याद से, मेरे अंदर संगबारी हो रही है इन दिनों। छोड़ कर जाने लगे हैं कैसे कैसे प्यारे लोग, जिन्दगी से मौत प्यारी हो रही है इन दिनों' के जरिए अपने भाव प्रकट किए। गोविंद गुलशन की बेटी और शायरा खुशबू सक्सेना ने फ़रमाया 'तुम अगर हमसफर नहीं होते, तो मेरी हिम्मत कहीं बिखर जाती। वो अगर मुझको सांत्वना देता, मेरी आवाज और भर जाती'। 

  इस अवसर पर पंडित सत्यनारायण शर्मा, कमलेश त्रिवेदी फर्रुखाबादी, योगेंद्र दत्त शर्मा, जगदीश पंकज, वी. के. शेखर, डॉ. तारा गुप्ता, अनिमेष शर्मा 'आतिश', राजमणि, रवि पाराशर, तूलिका सेठ, प्रदीप भट्ट, सुरेंद्र शर्मा, अमर पंकज, हशमत भारद्वाज, इकरा अम्बर, संजीव निगम, मनीषा जोशी, वागीश शर्मा, संजीव शर्मा, आशीष मित्तल और यश शर्मा ने संस्मरणों व काव्यपाठ के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त की। वरिष्ठ व्यंग्यकार सुभाष चंदर, रश्मि सक्सेना, खुशबू सक्सेना, हिना सक्सेना, छाया सक्सेना, गुनगुन, राजेश सक्सेना, निशमा सक्सेना, सुभाष अखिल, ओंकार सिंह, अवधेश श्रीवास्तव, अशोक अग्रवाल, कुलदीप, कृष्ण प्रसाद विश्वकर्मा, शशिकांत भारद्वाज, आशीष मैत्रेय, अक्षयवर नाथ श्रीवास्तव, गुनप्रीत कौर, हरीश कुमार, सुमन गोयल, संकल्प श्रीवास्तव, संजय भदौरिया, उत्कर्ष गर्ग, गरिमा तोमर, शलभ अग्रवाल, अनु शाह, मुस्कान शाह, प्रतिमा श्रीवास्तव, डॉ. बीना शर्मा, अजय मित्तल, प्रज्ञा मित्तल, दीपा गर्ग, विपिन शर्मा और प्रभजोत कौर समेत बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद थे।

ललित जायसवाल व डॉ अतुल जैन के नेतृत्व में कवि नगर रामलीला मैदान मे हुआ विराट हिंदू सम्मेलन, हिंदुओं को जातियाँ छोड़ करके एक रहना चाहिए--स्वामी दीपांकर

  

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद ।  कवि नगर रामलीला मैदान में रविवार को विराट हिंदू सम्मेलन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर (शताब्दी वर्ष)में हिंदुओं में नई ऊर्जा एवं चेतना प्रदान करने हेतु सभी हिंदू समाज द्वारा सनातन संस्कृति,सनातन धर्म एवं सामाजिक एकता का विराट कार्यक्रम किया गया जिसमें संपूर्ण हिन्दू समाज के कई हजार की संख्या में लोग उपस्थिति रहे।यह कार्यक्रम हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति के अध्यक्ष ललित जायसवाल,सचिव डॉ अतुल जैन व उनकी टीम के सहयोग से सफल रहा।

इस अवसर पर श्रद्धेय स्वामी दीपांकर ने कहा हिंदुओं को जातियाँ छोड़ करके एक रहना चाहिए जिस प्रकार मुस्लिम का बच्चा मुस्लिम,क्रिस्चियन का बच्चा  क्रिस्चियन,उसी प्रकार हिंदू का बच्चा हिंदू होना चाहिए ना कि जाट वो गुज़र त्यागी बनिया आदि आदि।ये विदेशियों का उद्देश रहा कि जिसे तलवार से नहीं काटा जा सकता उसे जातियों में बाँट दो लेकिन अब हिंदू एक है एक रहेगा और हिंदू होने पर हमें गर्व है हिंदुओं को संगठित करने का काम प्रत्येक हिन्दू का है अगर बँटोगे तो काटोगे इसलिए जातिवाद को भूलकर के सिर्फ़ हिंदू बनें।



     इस अवसर पर श्रद्धेय पवन सिन्हा ने कहा कि भारत अगर विश्वगुरु बनता है तो पूरे विश्व में शांति हो जाएगी हमारे अंदर वीरता की कमी नहीं है बल्कि योजना की कमी है आज हिन्दू संगठित हो रहा है जिसमें स्वामी विवेकानंद स्वामी दीपॉंकर जी आदि ने जातियों को व समाज को जोड़ने का काम किया है।

      श्रद्धेय जीवन ऋषि जी महाराज ने कहा जीवन का सबसे बड़ा संकट भीतरी उदासीनता है शरीर में खून के साथ साथ संस्कार बहना चाहिए धर्म मंदिरों में नहीं अपने समाज में दिखना चाहिए।हमें अपने राष्ट्र को मज़बूत करना चाहिए और हिंदू होने पर गर्व करना चाहिए।

श्रद्धेय अरविंद भाई जी ओझा एवं श्रद्धेय नवनीत प्रिय दास जी ने हिंदुत्व, सनातन धर्म,संस्कार और राष्ट्र प्रेम के संबंध में उद्बोधन किया।

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख श्रीमान पदम जी का मुख्य वक्ता के रूप में प्रेरक उद्बोधन रहा।हिंदू सम्मेलन को भव्य बनाने और सभी हिंदुओं को संगठित करके जो हिंदू समाज विभिन्न जातियों और भेदभाव के कारण बँटा हुआ है उन सभी को एक करने का उद्देश्य है।     इस अवसर पर उत्कृष्ट धार्मिक और राष्ट्र प्रेम से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम,समूह गान, देश भक्ति का समूह नृत्य, शिव तांडव, इत्यादि के कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गये।

इसके साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि और कवयित्री द्वारा सनातन धर्म, हिंदुत्व,राष्ट्र प्रेम,संस्कार भारतीय संस्कृति,और पंच परिवर्तन के विषय में काव्य पाठ किया गया जिसमें लखनऊ से ओज के प्रसिद्ध कवि कमल आग्नेय और कवि नगर गाजियाबाद की अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवयित्री अंजू जैन ने भी काव्य पाठ करके समा बांध दिया।

कवि नगर के इस विराट हिंदू सम्मेलन को सफल बनाने हेतु आयोजन समिति के साथ-साथ कवि नगर के निवासियों का भी पूरा सहयोग रहा।

आरती के उपरांत उपस्थित बंधुओं द्वारा चित्र पर अक्षत अर्पित किये गये।तत्पश्चात आगन्तुकों ने स्वादिष्ट जलपान का आनंद लिया।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति के अध्यक्ष ललित जायसवाल महासचिव डॉ.अतुल कुमार जैन, प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी अजय जैन,राज कुमार,उपाध्यक्ष मनोज गोयल, कोषाध्यक्ष प्रवीण गर्ग कोषाध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल संरक्षक बी.के. ढाढनिया सह सचिव दीपाली जैन, अंजू जैन,साधना जैन,जितेंद्र गुप्ता, शाखा मुख्य कार्य वाह सुभाष चंद्र, सदस्य गण मुनीश गोयल, विकास बिंदल,प्रदीप गुप्ता, सरदार एसपी सिंह  अश्वनी गोयल, कैप्टन सुबोध गुप्ता, वो सोनू प्रकाश,सुशील शर्मा,अजय गुप्ता आलोक गर्ग,डॉक्टर दिनेश अरोड़ा,दिनेश गर्ग,निर्मल जी,डॉक्टर हरीश गुप्ता,प्रदीप गर्ग, प्रीति मित्तल,मुकेश सिंगल इत्यादि के अतिरिक्त अन्य सदस्य गण उपस्थितरहे। 

अध्यक्ष ललित जायसवाल व सचिव डॉ.अतुल कुमार जैन ने पधारे हुए सभी बंधुओ का धन्यवाद किया

शिवशक्ति मे हुई महापंयाचत का निर्णय, यूजीसी एक्ट के समाप्त होने तक भाजपा और आरएसएस का पूर्ण विरोध होगा--यति नरसिंहानंद गिरी





                          मुकेश गुप्ता

यूजीसी एक्ट के विरोध में हिन्दुओं की सभी 36 बिरादरी एक

*नेताओं के बिना हजारों लोग अपने बच्चों के भविष्य के लिए साथ उठ खड़े हुए*

*करनी सेना प्रमुख सूरजपाल सिंह अम्मू ने अलग देश की मांग को उठाया*

*योगी अगर हमारे हैं तो हमारे साथ आए_महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज*


महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी ने डॉ उदिता त्यागी और अभी यति संन्यासियों का अनशन समाप्त करवाया।

त्यागपत्र देने वाले अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने वैकल्पिक राजनैतिक व्यवस्था की बात को जोर शोर से उठाया

डॉ उदिता त्यागी भारत के सभी धर्मगुरुओं से मिलकर उनसे यूजीसी एक्ट के विरोध का निवेदन करेगी

पिंकी चौधरी सहित महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी  महाराज के कई साथी घरों में नजरबंद

डॉ बी पी त्यागी ने महापंचायत में  चिकित्सा शिविर लगाया

गाजियाबाद । शिवशक्ति धाम डासना गाजियाबाद में रविवार को यूजीसी एक्ट पर आगे के संघर्ष की रूपरेखा बनाने के लिए हिन्दुओं की सभी 36 बिरादरियों की महापंचायत हुई।इस महापंचायत में सारे देश से आक्रोशित लोगों ने भाग लिया।बिना नेताओं के हुई इस महापंचायत को जन साधारण का पूरा समर्थन मिला।भाजपा और आरएसएस की ओर से हुए इस विश्वासघात को लेकर पूरे समाज के आक्रोश का यहां प्रदर्शन हुआ जो वक्ताओं के भाषण में भी स्पष्ट दिखाई दिया।संत समाज की ओर से यूजीसी एक्ट पर कोई मुखर विरोध ना होने पर भी जन समुदाय में आक्रोश दिखाई दिया।

पंचायत को संबोधित करते हुए शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने कहा भारत के उच्च स्तरीय गुप्तचर विभाग के अधिकारियों में चर्चा है कि यह यूजीसी एक्ट अरब देशों विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात की योजनाओं का हिस्सा है।आज वैश्विक इस्लामिक थिंक टैंक का मानना है कि जब तक भारत से ब्राह्मण,क्षत्रिय और वैश्य डी एन ए को नहीं बदला जाएगा तब तक भारत का पूर्ण इस्लामीकरण संभव नहीं है।भारत के इस्लामीकरण के बिना पूरी दुनिया के इस्लामीकरण का लक्ष्य कभी भी पूरा नहीं हो सकता।इतने दमन और अत्याचारों के बाद भी ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य समाज सनातन धर्म की ढाल बन कर खड़े थे।अगर यह ढाल हट जाए तो भारत के इस्लामीकरण को कोई नहीं रोक सकता।इसीलिए उन्होंने भारत के मौलानाओं के माध्यम से आर एस एस के नेताओं को अपनी पकड़ में लेकर ये यूजीसी एक्ट लागू करवाया है।वास्तव में यह यूजीसी एक्ट हिन्दू समाज का डेथ वारंट है।

अपने अनशन को खत्म करते समय डॉ उदिता त्यागी  ने कहा कि वो समाज और वो देश हमारे किस काम का जहां हमारे लोगों और हमारे बच्चों को मिटाने का षड्यंत्र होता हो?आज हमारे खून पसीने पर बनी सरकार हमारे बच्चों को खाने की तैयारी में है।ये हमारे लिए बहुत ही दुख और पीड़ा की बात है।पर सरकार ये अच्छी तरह समझ ले हम कुछ भी करके अपने बच्चों को इस कानून से बचा लेंगे पर हमसे विश्वासघात करने वाले लोग एक दिन वंश विनाश देखकर नष्ट हो जाएंगे।

महापंचायत में करनी सेना के प्रमुख नेता  सूरजपाल सिंह अम्मू ने अलग देश के मुद्दे को उठाया।

यूजीसी एक्ट के विरोध में त्यागपत्र देने वाले अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री जी ने वैकल्पिक राजनैतिक व्यवस्था के मुद्दे को उठाया।

अखिल भारतीय त्यागी भूमिहार ब्राह्मण महासंघ के अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने आंदोलन को गांव गांव ले जाने की बात कही।

महापंचायत में बी के शर्मा हनुमान,महेश आहूजा,सेवाराम त्यागी,सचिन सिरोही सहित अनेक वक्ताओं ने अपनी बात रखी।

महापंचायत में संकल्प लिया गया कि किसी भी कीमत पर इस काले कानून को वापस करवा कर ही रहेंगे।महापंचायत में सर्वसम्मति से संकल्प लिया गया कि अगर यूजीसी एक्ट को वापस नहीं लिया गया तो किसी भी कीमत पर मोदी का विरोध करेंगे और उसकी सरकार को उखाड़ फेंकेंगे

शनिवार, 7 फ़रवरी 2026

श्री ठाकुर द्वारा बालिका विद्यालय मे बारहवीं की छात्राओं के सम्मान भव्य विदाई समारोह का आयोजन हुआ

 



                              मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । श्री ठाकुर द्वारा बालिका विद्यालय में  7 फरवरी 2026 को कक्षा बारहवीं की छात्राओं के सम्मान में एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की हेड गर्ल एवं प्रधानाचार्या द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

इस अवसर पर कक्षा ग्यारहवीं की छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए तथा कक्षा बारहवीं की छात्राओं के लिए भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नृत्य, गीत एवं अन्य कार्यक्रमों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं को अलग-अलग उपाधियों से सम्मानित किया गया।

मिस ठाकुरद्वारा का खिताब नंदिनी शर्मा को प्रदान किया गया।

मिसऑलराउंडर का सम्मान रिया को मिला।

मिस एनर्जेटिक का पुरस्कार रानी को दिया गया।

मिस ब्यूटीफुल का खिताब सामिया चौधरी को प्राप्त हुआ।

मिस क्लासी आयेषा रहीं।

मिस प्रिटी प्रियांशी बनीं।

मिस फैशनिस्टा का खिताब निकिता को दिया गया।

मिस ग्रेसफुल प्रेरणा पांडे रहीं।

मिस फोटोजेनिक का सम्मान हिमांशी को मिला।

वहीं बेस्ट स्टूडेंट ऑफ द ईयर का पुरस्कार अलिशा सिंह सोम को प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती पूनम शर्मा , विद्यालय के उपाध्यक्ष दिनेश कुमार गोयल (सोप वाले), मैनेजर  ज्ञान प्रकाश गोयल , विद्यालय के कोषाध्यक्ष  मोहित गुप्ता तथा विद्यालय की समस्त अध्यापिकाएं उपस्थित रहीं। सभी ने कक्षा बारहवीं की छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

परमार्थ निकेतन में मनायी माँ यशोदा जयंती मातृभूमि, मातृभाषा और गंगा माँ ये सभी मातृत्व की ही अभिव्यक्तियाँ--स्वामी चिदानन्द सरस्वती

 



ऋषिकेश, 7 फरवरी। आज माँ यशोदा जयंती के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन में दिव्य भक्ति, मातृत्व, वात्सल्य और सनातन संस्कृति की गरिमा से ओतप्रोत वातावरण था, आज की परमार्थ गंगा आरती माँ यशोदा जी को समर्पित की। इस विशेष पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने संदेश दिया कि माँ यशोदा के निस्वार्थ प्रेम, समर्पण और मातृशक्ति के आदर्श स्वरूप का दिव्य प्रतिबिंब है। माँ यशोदा, मातृत्व की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने कहा, “माँ का प्रेम शर्तों से परे होता है। वह त्याग, करुणा और समर्पण का सर्वाेच्च स्वरूप है। 

पूज्य स्वामी जी ने आगे कहा कि आज के युग में जब परिवारों में दूरी, तनाव और स्वार्थ बढ़ रहा है, तब माँ यशोदा का जीवन हमें पुनः परिवार, संस्कार और प्रेम के मूल्यों की ओर लौटने का संदेश देता है। मातृत्व केवल जन्म देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संरक्षण, पोषण और मार्गदर्शन की सतत प्रक्रिया है। यशोदा जी ने श्रीकृष्ण को केवल पाला ही नहीं, बल्कि उन्हें धर्म, साहस और करुणा के संस्कार भी दिए। यही सनातन संस्कृति की पहचान है।

ईश्वर तक पहुँचने का सबसे सरल मार्ग प्रेम है। जब हृदय में निष्काम प्रेम होता है, तब वही प्रेम भक्ति बन जाता है। उन्होंने माताओं और युवाओं से आग्रह किया कि वे बच्चों में संस्कार, संवेदनशीलता और सेवा की भावना विकसित करें, ताकि आने वाली पीढ़ी आध्यात्मिक और नैतिक रूप से समृद्ध बन सके।

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘माँ’ का स्थान सर्वाेपरि है मातृभूमि, मातृभाषा और गंगा माँ ये सभी मातृत्व की ही अभिव्यक्तियाँ हैं। जब हम माँ का सम्मान करते हैं, तभी हम प्रकृति, संस्कृति और राष्ट्र का भी सम्मान करते हैं। माँ यशोदा जयंती हमें याद दिलाती है कि समाज का भविष्य सशक्त तभी होगा जब मातृशक्ति का सम्मान और सशक्तिकरण होगा।

स्वामी जी ने कहा कि आज के समय में जब जीवन की गति अत्यंत तीव्र हो गई है और आधुनिकता की दौड़ में रिश्तों की ऊष्मा कहीं पीछे छूटती जा रही है, ऐसे दौर में मातृत्व, ममता, वात्सल्य और संस्कारों का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। माँ केवल जन्म देने वाली नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली प्रथम गुरु होती है। उसके स्नेहिल स्पर्श में सुरक्षा है, उसकी ममता में करुणा है और उसके संस्कारों में भविष्य का निर्माण छिपा है।

मातृत्व वह शक्ति है जो बच्चे को प्रेम, धैर्य, त्याग और सहनशीलता सिखाती है। माँ की गोद ही वह पहला विद्यालय है, जहाँ से मानवता, नैतिकता और संवेदनशीलता के पाठ प्रारम्भ होते हैं। यदि बाल्यावस्था में सही संस्कार मिलें, तो वही बालक आगे चलकर एक जिम्मेदार नागरिक और श्रेष्ठ व्यक्तित्व बनता है।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में परिवारों को चाहिए कि वे बच्चों के साथ समय बिताएँ, उन्हें तकनीक से अधिक परंपरा और संस्कृति से जोड़ें क्योंकि संस्कारहीन प्रगति अधूरी है। मातृत्व और वात्सल्य ही वह आधार हैं, जो समाज को प्रेम, शांति और एकता से जोड़ते हैं। वास्तव में, माँ का आशीर्वाद ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।

रोज़ बेल पब्लिक स्कूल, विजयनगर में विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम देखा।

 




                             मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । रोज़ बेल पब्लिक स्कूल, विजयनगर गाजियाबाद के प्रांगण में शुक्रवार को विद्यार्थियों के साथ स्कूल के निदेशक एवं  महानगर अध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा भाजपा के बलप्रीत सिंह के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  का 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम देखा।

बलप्रीत सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री  ने जिस सरल और आत्मीय भाव से छात्रों को परीक्षा के तनाव को उत्सव में बदलने के मंत्र दिए, वह वाकई प्रेरणादायक था। उन्होंने समय प्रबंधन और आत्मविश्वास पर जोर देते हुए बच्चों के मन से 'एग्जाम फोबिया' को दूर किया। स्कूल में बच्चों का उत्साह देखकर यह स्पष्ट था कि मोदी जी की ये बातें उनके भविष्य की राह आसान करेंगी।



गाजियाबाद

जिंदल वर्ल्ड स्कूल के वार्षिक खेल दिवस का आयोजन

 



                           मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । जिंदल वर्ल्ड स्कूल के वार्षिक खेल दिवस का आयोजन महामाया स्टेडियम में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सांसद अतुल गर्ग  ने किया। इस अवसर पर स्कूल के अध्यक्ष डॉ राम अवतार जिंदल, डायरेक्टर शिवम जिंदल, रामनिवास बंसल, गुलशन भामरी, विजय कौशिक राष्ट्रीय महासचिव राष्ट्रीय लोकदल खेल प्रकोष्ठ  राजीव मुंडेलवाल महासचिव कराटे वेलफेयर सोसाइटी , बलजीत सिंह तथा संजय अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। 


वार्षिक खेल उत्सव में अनेक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ जिसमें विद्यालय की पंचवटी व विजयनगर शाखा के बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लेकर अपने खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभ आरंभ दीप प्रज्वलन एवं मार्च पास्ट के साथ हुआ। सांसद अतुल गर्ग जी ने बच्चों को खेलों का महत्व समझाते हुए उन्हें खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। 

कार्यक्रम में स्कूल के सैंकड़ों विद्यार्थियों ने भाग लिया जिसमें उन्होंने अपनी प्रतिभा का बखूबी प्रदर्शन दिया।  छात्रों ने विभिन्न प्रकार की रेस, स्टिक ड्रिल, फैन ड्रिल,लॉन्ग जंप, हाई जंप, ट्रिपल जंप एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में सराहनीय प्रदर्शन प्रस्तुत किया। दर्शकों ने भी बच्चों की प्रतिभा और ऊर्जा की सराहना की। 

कार्यक्रम के समापन में विद्यालय के अध्यक्ष डॉ रामावतार जिंदल एवं डायरेक्टर शिवम जिंदल ने बच्चों को पुरस्कार एवं प्रणाम पत्र प्रदान किये। विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों शिक्षकों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास ही इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य रहा।

शुक्रवार, 6 फ़रवरी 2026

यशोदा मेडिसिटी में केबिनेट मंत्री सुशील शर्मा ने निवारक स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने के लिए एडल्ट वैक्सीनेशन क्लिनिक का किया उद्घाटन

 





मुकेश गुप्ता

उद्घाटन के साथ वयस्क टीकाकरण के महत्व को रेखांकित किया गया, जो बीमारियों की रोकथाम और स्वस्थ जीवन को समर्थन देता है।

गाजियाबाद । दिल्ली-एनसीआर, 6 फरवरी 2026: दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख अस्पतालों में से एक, यशोदा मेडिसिटी ने अपने एडल्ट वैक्सीनेशन क्लिनिक के शुभारंभ के साथ निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। यह समर्पित केंद्र वयस्क टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और टीकाकरण सेवाओं तक व्यवस्थित पहुंच उपलब्ध कराने का उद्देश्य रखता है, जिससे दीर्घकालिक रोगों की रोकथाम और समुदायों में स्वस्थ उम्र बढ़ने को समर्थन मिल सके।

इस क्लिनिक का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री  सुनील कुमार शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर यशोदा मेडिसिटी के वरिष्ठ नेतृत्व और चिकित्सा विशेषज्ञ उपस्थित रहे। यह पहल उस लंबे समय से चली आ रही धारणा को दूर करने का प्रयास है कि टीकाकरण केवल बचपन तक ही सीमित है। बदलती जीवनशैली, बढ़ती आयु प्रत्याशा और दीर्घकालिक बीमारियों की बढ़ती व्यापकता के कारण वयस्कों में इन्फ्लुएंजा, निमोनिया, हेपेटाइटिस, टिटनेस और शिंगल्स जैसे संक्रमणों का खतरा बढ़ रहा है।

इस क्लिनिकल पहल के प्रभाव को और मजबूत करने के लिए, यशोदा मेडिसिटी ‘वैक्सीनेशन जरूरी है’ नामक जागरूकता अभियान भी चला रहा है, जिसका उद्देश्य वयस्क टीकाकरण को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम वरिष्ठ नागरिकों, उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों, यात्रियों और कार्यरत पेशेवरों को समय पर टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक करने पर केंद्रित है। क्लिनिक में उपलब्ध सेवाओं के साथ-साथ अस्पताल इस पहल को सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों और डिजिटल अभियानों के माध्यम से भी आगे बढ़ाएगा, जिससे लोग अपने स्वास्थ्य से जुड़े निर्णय बेहतर ढंग से ले सकें।

निवारक स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, यह पहल भारत की व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के अनुरूप है। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के अनुसार, केवल इन्फ्लुएंजा ही हर वर्ष लगभग 5–10 प्रतिशत वयस्कों को प्रभावित करता है। हालांकि बचपन के टीकाकरण में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, लेकिन सीमित जागरूकता और संरचित निवारक व्यवस्था के अभाव में वयस्क टीकाकरण अभी भी पर्याप्त रूप से उपयोग में नहीं आ पा रहा है। इसी संदर्भ में, सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) और एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडिया (API) सहित राष्ट्रीय और वैश्विक टीकाकरण दिशानिर्देश सभी वयस्कों के लिए नियमित और जोखिम-आधारित टीकाकरण पर जोर देते हैं। एडल्ट वैक्सीनेशन क्लिनिक का उद्देश्य प्रमाण-आधारित टीकाकरण परामर्श उपलब्ध कराकर इस महत्वपूर्ण अंतर को पाटना और समन्वित बहु-विषयक देखभाल को सक्षम बनाना है, जिससे रोके जा सकने वाले संक्रमणों और दीर्घकालिक स्वास्थ्य जटिलताओं को कम किया जा सके।

 शुभांग अरोड़ा, कार्यकारी निदेशक, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, ने कहा, “स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देना आवश्यक है। वयस्क टीकाकरण बीमारियों की रोकथाम का एक प्रभावी लेकिन कम उपयोग किया जाने वाला साधन है। इस क्लिनिक के माध्यम से हमारा लक्ष्य वयस्क टीकाकरण को अधिक सुलभ और स्वीकार्य बनाना है।”

डॉ. छवि गुप्ता, सीनियर कंसल्टेंट, इंफेक्शियस डिज़ीज़, एडल्ट इम्यूनाइज़ेशन एंड ट्रैवल मेडिसिन, ने कहा, “कई वयस्क यह नहीं जानते कि टीकाकरण बचपन के बाद भी उतना ही महत्वपूर्ण है। समय पर टीकाकरण गंभीर संक्रमण और जटिलताओं के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है, खासकर अधिक जोखिम वाले समूहों में। यह क्लिनिक जागरूकता बढ़ाने और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा।”

यह उद्घाटन जागरूकता, समय पर उपचार और चिकित्सा उत्कृष्टता के माध्यम से निवारक और रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए यशोदा मेडिसिटी की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।

केएल (डीम्ड टू बी) यूनिवर्सिटी ने 100 करोड़ मेरिट स्कॉलरशिप का पोस्टर किया लॉन्च

 



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । केएल (डीम्ड टू बी) यूनिवर्सिटी ने ₹100 करोड़ मेरिट स्कॉलरशिप के पोस्टर लॉन्च के अवसर पर व्यक्तित्व विकास, राष्ट्र निर्माण, राज्य प्रगति और नवाचार पर केंद्रित एक विशेष शैक्षणिक एवं प्रेरक कार्यक्रम की  प्रेसवार्ता का आयोजन उडुपी कृष्णा रेस्टोरेंट, 69 नवयुग मार्केट, गाजियाबाद में शुक्रवार, 06 फरवरी 2026 को  किया।

 प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुए प्रवीन कुमार(जोनल हैड) ने बताया कि विधायक संजीव शर्मा द्वारा केएल (डीम्ड टू बी) यूनिवर्सिटी ने ₹100 करोड़ मेरिट स्कॉलरशिप पोस्टर लोन्च किया गया। विधायक  संजीव शर्मा ने अपने विचारो में शिक्षा, नवाचार और चरित्र निर्माण के महत्व को रेखांकित किया, जो राज्य और राष्ट्र के भविष्य निर्माण में सहायक है।

अपने संबोधन में संजीव शर्मा ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया और दीर्घकालिक प्रगति के लिए उच्च शिक्षा, कौशल विकास तथा नवाचार पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

केएल (डीम्ड टू बी) यूनिवर्सिटी के शशांक (स्टेट हेड, उत्तर प्रदेश) ने बताया कि

कार्यक्रम के उद्देश्य:

• ₹100 करोड़ मेरिट स्कॉलरशिप पोस्टर का शुभारंभ

• राज्य और राष्ट्र के विकास में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करना

• उच्च शिक्षा के अवसरों, करियर योजना, रोजगार संभावनाओं और नवाचार के प्रति जागरूकता फैलाना

• शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास पहलों को प्रोत्साहित करना

उन्होंने बताया कि केएल (डीम्ड टू बी) यूनिवर्सिटी हेदराबाद और बड़ौदरा मे 46 वर्षों की शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ गुणवत्ता शिक्षा, शोध और नवाचार पर अपने मजबूत फोकस के लिए जानी जाती है। एनआईआरएफ रैंकिंग के अनुसार विश्वविद्यालय को भारत के शीर्ष विश्वविद्यालयों में 26वाँ स्थान प्राप्त है।

कार्यक्रम में केएल यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. जे. श्रीनिवास राव (डायरेक्टर एडमिशन) सहित संकाय सदस्य और आयोजक शामिल थे।

कार्यक्रम के समापन पर प्रवीण कुमार (ज़ोनल हेड, गाजियाबाद) ने, दीपक (रीजनल मैनेजर), मनोज (रीजनल मैनेजर) और शशांक (स्टेट हेड, उत्तर प्रदेश) के साथ कहा कि करियर मार्गदर्शन और करियर योजना से संबंधित समाधान के लिए इच्छुक व्यक्ति केएल यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: 7997998383

दिल्ली, भारत मंडपम में प्लास्ट इंडिया प्रदर्शनी की स्टालों का संजीव गुप्ता व राजीव गुप्ता ने किया उद्धघाटन

 


                          मुकेश गुप्ता

प्लास्टिक उत्पादों के लिए दाना बनाने वाली कंपनी प्लास्टीन व एसएसपीएल की स्टालों का किया उद्घाटन

नयी दिल्ली । भारत मंडपम में प्लास्ट इंडिया ऑर्गेनाइजेशन के द्वारा 5 फरवरी से 10 फरवरी तक प्लास्टिक से संबंधित उत्पादों एवं उनकी संबंधित मशीनों की कंपनी हेतु एक बडे़ स्तर पर प्रदर्शनी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी में भारत सहित चीन, जर्मनी, ताईवान सहित अनेक देशों की बड़ी बड़ी कंपनियों ने  लगभग 1700 स्टॉलें लगाई है। इस व्यापारिक प्रदर्शनी का मूल उद्देश्य प्लास्टिक से संबंधित कच्चे माल और संबंधित मशीनों की कंपनियों को एक ही छत्त के नीचे एकत्रित करके देश के प्लास्टिक उद्योग जगत को प्रोत्साहित करना रहता है। 


बृहस्पतिवार को समरकूल और थर्मोकूल के चेयरमैन संजीव कुमार गुप्ता और राजीव कुमार गुप्ता ने भी इस प्रदर्शनी में प्लास्टिक दाना बनाने वाली दो बड़ी कंपनी प्लास्टीन व एसएसपीएल की स्टॉलों का फीता काटकर उद्घाटन किया। 

तथा कंपनी के एम डी पंकज गोयल, मनीष गोयल, सचिन गोयल सहित एसएसपीएल के एमडी राजेश बंसल, मोहित बंसल ने पुष्प गुच्छ भेंट करते हुए गुप्ता बंधुओं का स्वागत किया। इस अवसर पर संजीव कुमार गुप्ता व राजीव कुमार गुप्ता ने सभी का धन्यवाद देते हुए उनकी उन्नति और प्रगति की कामना की। इस अवसर पर अभिषेक गुप्ता, आशुतोष गुप्ता एवं तनुज गुप्ता भी साथ रहें।


गोदान’ फिल्म का विरोध कट्टरपंथी और आतंकी सोच का प्रदर्शन, नंद किशोर गुर्जर

 


                             मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। लोनी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने फिल्म ‘गोदान’ के विरोध को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। जारी एक प्रेस रिलीज में उन्होंने कहा कि यह बयान उनकी निजी हैसियत में है। वह इसे एक गौभक्त के रूप में रख रहे हैं। विधायक ने फिल्म को भारतीय संस्कृति में गाय और पंचगव्य के महत्व को रेखांकित करने वाली बताते हुए कहा कि इसमें गो-संरक्षण का वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है, जो समय की जरूरत है।

नंद किशोर गुर्जर ने फिल्म के विरोध को “कट्टरपंथी मानसिकता” का परिणाम बताते हुए कहा कि यह न तो संवैधानिक मूल्यों में आस्था रखने वालों का विरोध है और न ही लोकतांत्रिक सोच का। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक ने यह भी दावा किया कि ऐसे संगठनों की भूमिका गौ-तस्करी और देशविरोधी गतिविधियों से जुड़े मामलों में पहले भी विवादों में रही है।

प्रेस विज्ञप्ति में विधायक ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि पार्टी का इतिहास ऐसे मुद्दों पर विवादास्पद रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें परोक्ष रूप से उन समूहों का समर्थन करती रही हैं, जो हिंदू समाज की आवाज दबाने की कोशिश करते हैं।

विधायक ने स्पष्ट किया कि संविधान सभी को अपनी बात रखने का अधिकार देता है, लेकिन धमकी और दबाव के जरिए विरोध करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सिनेमा घरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और फिल्म के विरोध के नाम पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि यदि फिल्म ‘गोदान’ के प्रदर्शन के दौरान जबरन हंगामा या डर का माहौल बनाया गया, तो हिंदू संगठन और उनके समर्थक शांतिपूर्ण तरीके से इसका विरोध करेंगे। उन्होंने फिल्म निर्माता विनोद चौधरी और उनकी टीम की सराहना करते हुए लोगों से अपील की कि वे फिल्म देखें और दूसरों को भी देखने के लिए प्रेरित करें।



श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने अनुज गर्ग को श्री दूधेश्वर विकास समिति का अध्यक्ष बनाया

 

                         मुकेश गुप्ता

पिता धर्मपाल गर्ग के मार्ग पर चलते हुए अनुज गर्ग भगवान दूधेश्वर की नियमित रूप से सेवा करेंगे

गाजियाबादः श्री दूधेश्वर विकास समिति के अध्यक्ष एवं गाजियाबाद के भामाशाह, देश के प्रमुख समाजसेवी तथा भगवान दूधेश्वर के अनन्य भक्त धर्मपाल गर्ग वैकुण्ठ धाम में भगवान के श्रीचरणों में लीन हो चुके हैं। उनके बाद उनके पुत्र अनुज गर्ग को सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर की विकास समिति का अध्यक्ष बनाया गया।

शुक्रवार को मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने अनुज गर्ग को श्री दूधेश्वर विकास समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया। इस अवसर पर श्री दूधेश्वर वेद संस्थान के सभी आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण किया गया तथा श्री दूधेश्वर मंदिर के प्रबंधक शंकर झा , श्री दूधेश्वर श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल द्वारा उनका  स्वागत किया गया।

अध्यक्ष बनने के बाद अनुज गर्ग ने भगवान दूधेश्वर, सभी देवी-देवताओं एवं सिद्ध गुरु समाधियों की विधिवत पूजा-अर्चना की तथा महाराजश्री से आशीर्वाद प्राप्त किया। अनुज गर्ग श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन सानिध्य में मंदिर में आयोजित होने वाले महाशिवरात्रि महोत्सव में सहयोग करेंगे और भक्तों की सेवा में समर्पित रहेंगे।

महाराजश्री ने कहा कि अनुज गर्ग अपने पिता धर्मपाल गर्ग की भाँति ही मंदिर, धर्म, समाज और राष्ट्र सेवा के प्रति पूर्णतः समर्पित हैं।

8 फरवरी को कवि नगर रामलीला मैदान में होगा विराट हिंदू सम्मेलन--डा० अतुल जैन



                           मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शताब्दी वर्ष के अवसर पर हिंदू जागरण, सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 8 फरवरी 2026 को कवि नगर के रामलीला मैदान में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम दोपहर 2:00 बजे से शुरू होकर शाम 5:00 बजे तक चलेगा। सम्मेलन में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को आमंत्रित किया गया है और हजारों की संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।

इस संबंध में हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति के अध्यक्ष ललित जायसवाल की अध्यक्षता में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। श्री जायसवाल ने इस मौके पर कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा मीडिया के साथ साझा की और उन्होंने आह्वान किया  कि अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचकर इस भव्य और सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें। 

सचिव डॉ. अतुल कुमार जैन ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन में स्वामी दीपांकर, पवन सिन्हा , जीवन ऋषि महाराज, अरविंद भाई ओझा और नवनीत प्रिय दास की उपस्थिति रहेगी, जो हिंदुत्व, सनातन धर्म, संस्कार और राष्ट्र प्रेम पर अपने विचार रखेंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख पदम मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करेंगे। कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें समूह गान, देशभक्ति नृत्य, शिव तांडव और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि-कवयित्रियों द्वारा सनातन धर्म, राष्ट्र प्रेम और भारतीय संस्कृति पर काव्य पाठ भी किया जाएगा। लखनऊ के कवि कमल आग्नेय और गाजियाबाद की कवयित्री अंजू जैन का विशेष काव्य पाठ रहेगा। आयोजन समिति और स्थानीय निवासियों द्वारा सम्मेलन की तैयारी जोर-शोर से की जा रही है। विभिन्न ब्लॉकों में प्रभात फेरी, निमंत्रण पत्र वितरण और होर्डिंग्स व पोस्टर लगाए गए हैं। कार्यक्रम के अंत में जलपान की व्यवस्था भी की गई है। प्रेस वार्ता में आयोजन समिति के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।

गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026

जिंदल पब्लिक स्कूल में कराटे वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आत्मरक्षा शिविर का आयोजन

 



                              मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। लालकुआँ स्थित जिंदल पब्लिक स्कूल में आज कराटे वेलफेयर सोसाइटी द्वारा स्कूल के छात्र-छात्राओं के लिए आत्मरक्षा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य बच्चों को आत्मरक्षा के गुर सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था।

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए संस्था के अध्यक्ष विजय कौशिक ने बताया कि कराटे वेलफेयर सोसाइटी समय-समय पर विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में आत्मरक्षा शिविरों का आयोजन करती रहती है। संस्था का मुख्य उद्देश्य देश के प्रत्येक बच्चे को मार्शल आर्ट्स के दांव-पेंच सिखाकर आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे विपरीत परिस्थितियों में स्वयं एवं अपने परिवार की रक्षा कर सकें।

शिविर का विधिवत उद्घाटन वरिष्ठ समाजसेवी एवं जिंदल पब्लिक स्कूल के संस्थापक रामावतार जिंदल ने रिबन काटकर किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में कराटे का अभ्यास सभी के लिए आवश्यक है। यह केवल एक खेल नहीं, बल्कि आत्मरक्षा का एक प्रभावी माध्यम है, जो शरीर के साथ-साथ मस्तिष्क को भी मजबूत बनाता है।

इस अवसर पर संस्था के महासचिव राजीव मुंडेलवाल ने बताया कि कराटे वेलफेयर सोसाइटी अब तक हजारों बच्चों को निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर चुकी है। संस्था का लक्ष्य विशेष रूप से बेटियों को इतना सक्षम बनाना है कि वे अकेले बाहर निकलते समय स्वयं को सुरक्षित महसूस करें और किसी भी प्रकार की बदतमीजी का मुंहतोड़ जवाब दे सकें।

शिविर में संस्था की ओर से कोच तुषार ठाकुर, हरि किशन एवं प्रगति सिंह ने प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम के दौरान जिंदल पब्लिक स्कूल का समस्त स्टाफ भी उपस्थित रहा।

बुधवार, 4 फ़रवरी 2026

हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति की कवि नगर में बैठक संपन्न हुई, 8 फरवरी 2026 को कवि नगर रामलीला मैदान में होगा विराट हिंदू सम्मेलन--अतुल जैन

 

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शताब्दी वर्ष में हिंदू जागरण की दिशा में नई ऊर्जा एवं चेतना प्रदान करने हेतु सर्व हिंदू समाज द्वारा सनातन संस्कृति,सनातन धर्म, एवं सामाजिक एकता के प्रतीक विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन रविवार 8 फरवरी 2026 को दोपहर 2:00 बजे से शाम को 5:00 तक कवि नगर के रामलीला मैदान में किया जाएगा इस सम्मेलन में सर्व समाज के सभी सम्मानित महानुभावों की उपस्थिति रहेगी।

हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति के अध्यक्ष ललित जायसवाल की अध्यक्षता में उपरोक्त बैठक हुई जिसमें आयोजन समिति के सचिव डॉ अतुल कुमार जैन ने इस विराट हिंदू सम्मेलन के संबंध में सभी उपस्थित पदाधिकारियों और सदस्यों से हो रही तैयारी के संबंध में चर्चा करते हुए अवगत कराया कि कार्यक्रम में श्रद्धेय स्वामी दीपंकर जी, आध्यात्मिक गुरु श्रद्धेय पवन सिन्हा जी,श्रद्धेय जीवन ऋषि जी महाराज,श्रद्धेय अरविंद भाई जी ओझा और श्रद्धेय नवनीत प्रिय दास जी महाराज की गरिमामय उपस्थित रहेगी उन सभी का हिंदुत्व और संघ के 100 वर्षों की यात्रा के संबंध में उद्बोधन रहेगा। 

इस अवसर पर मुख्य प्रेरक उद्बोधन श्रीमान पदम जी क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पंच परिवर्तन के साथ-साथ अन्य संबंधित विषय पर रहेगा।

विराट हिंदू सम्मेलन में राष्ट्रभक्ति, हिंदुत्व और धर्म से संबंधित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, गीत और समूह गान इत्यादि भी प्रस्तुत किए जाएंगे।

उपरोक्त के अतिरिक्त इस विराट हिंदू सम्मेलन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि एवं कवयित्री भी अपना काव्य पाठ करेंगे जिनमें लखनऊ से पधारकर ओज के प्रसिद्ध कवि कमल आग्नेय, देश प्रेम, और हिंदुत्व पर अपनी प्रसिद्ध कविता का पाठ करेंगे,सामाजिक संवेदना,और पंच परिवर्तन पर कविता और गीत की प्रस्तुति अंजू जैन द्वारा दी जाएगी। 

कवि नगर के सभी ब्लॉक में रामलीला मैदान के मुख्य द्वार पर और प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग लगाए गए हैं घर-घर पता का लगाई जा रही हैं। कार्यकर्ताओं में बड़ा ही जोश है और प्रभात फेरी और संध्या फेरी निकालने का भी कार्यक्रम तय किया गया है।

कवि नगर के सभी ब्लॉक में निमंत्रण पत्र द्वारा सभी को आमंत्रित किया जा रहा है उसके साथ अभिमंत्रित अक्षत भी दिए जा रहे हैं जो कि 8 फरवरी 2026 को विराट हिंदू सम्मेलन में आरती के उपरांत चित्र पर अर्पित किए जाएंगे।

बैठक में ललित जायसवाल अतुल जैन रामनिवास बंसल, सुभाष बंसल, विवेक सिंघल, मनोज गोयल,आलोक गर्ग,नीता भार्गव, जितेंद्र गुप्ता, दीपाली जैन, प्रवीण गर्ग,जयप्रकाश अग्रवाल, सरदार एसपी सिंह, अंजली पांड्या,विजय मित्तल, प्रदीप कुमार गुप्ता,मुनीश गोयल, सीमा रस्तोगी,पूनम गर्ग,अंजू सहगल,सोनिया अग्रवाल, आंचल गर्ग, रोमी अग्रवाल, अभय अग्रवाल,गिरीश कुमार, नीरज शर्मा,अमरीश गर्ग के अतिरिक्त अन्य सदस्य गण उपस्थित रहे।

इस विराट हिंदू सम्मेलन में सभी सादर आमंत्रित हैं।

यशोदा मेडिसिटी ने विश्व कैंसर दिवस पर "व्यापक कैंसर देखभाल में प्रगति"पर CME कार्यक्रम आयोजित किया

 





                        मुकेश गुप्ता

कार्यक्रम में रोगी-केंद्रित उन्नत कैंसर देखभाल और यशोदा हेल्थ कार्ड की शुरुआत को प्रमुखता दी गई

गाजियाबाद, 4 फरवरी 2026:  दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख अस्पतालों में से एक, यशोदा मेडिसिटी ने विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर “व्यापक कैंसर देखभाल में प्रगति” विषय पर कंटिन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में कैंसर उपचार में बहु-विषयक, तकनीक-सक्षम और रोगी-केंद्रित कार्यप्रणाली के महत्व पर जोर दिया गया। साथ ही, शीघ्र निदान, व्यक्तिगत उपचार और बेहतर दीर्घकालिक परिणामों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। यह पहल यशोदा मेडिसिटी की उस विशिष्टता से समर्थित है, जिसके अंतर्गत दक्षिण-पूर्व एशिया में कैंसर देखभाल प्रौद्योगिकियों का पहला और सबसे उन्नत संयोजन उपलब्ध है, जो एक ही प्रणाली के अंतर्गत एकीकृत, सटीक और रोगी-केंद्रित उपचार को सक्षम बनाता है।

इस सत्र में यशोदा मेडिसिटी के वरिष्ठ विशेषज्ञ शामिल हुए, जिनमें डॉ. मनीष सिंघल, वाइस चेयरमैन, मेडिकल ऑन्कोलॉजी; डॉ. गगन सैनी, वाइस चेयरमैन एवं हेड, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी; प्रो. डॉ. राजिंदर कुमार, प्रिंसिपल डायरेक्टर एवं यूनिट हेड, न्यूरोसर्जरी; डॉ. आसिम रिज़वी, प्रिंसिपल डायरेक्टर, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जरी; डॉ. सतिंदर कौर, सीनियर डायरेक्टर एवं हेड, गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जरी; डॉ. निवेदिता ढींगरा, डायरेक्टर एवं हेड, हेमेटोलॉजी, हेमेटो-ऑन्कोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट; डॉ. अभिषेक यादव, डायरेक्टर, मेडिकल ऑन्कोलॉजी; तथा डॉ. निखिल टंडन, कंसल्टेंट, ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी शामिल थे।

विशेषज्ञों ने कैंसर उपचार में उभरते रुझानों पर चर्चा की, जिसमें पर्सनलाइज़्ड ऑन्कोलॉजी, प्रिसीजन रेडिएशन, उन्नत सर्जिकल एवं रोबोटिक तकनीकें तथा अन्य आधुनिक उपचार पद्धतियाँ शामिल हैं, जो उपचार की सटीकता, सुरक्षा और रोगी की शीघ्र रिकवरी को बेहतर बनाती हैं।

उन्होंने सॉलिड ट्यूमर, ब्लड कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, महिलाओं से संबंधित कैंसर तथा दुर्लभ एवं जटिल कैंसरों के उपचार में समेकित देखभाल पथ के महत्व को भी रेखांकित किया। साथ ही समय पर रेफरल, मल्टीडिसिप्लिनरी ट्यूमर बोर्ड, तथा निदान से लेकर उपचार और सर्वाइवर्शिप तक की सतत देखभाल की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

इस सीएमई के दौरान यशोदा हेल्थ कार्ड का भी शुभारंभ किया गया। यह कार्ड मरीजों को रोकथाम, समय पर जांच और व्यक्तिगत उपचार योजना में सहायता प्रदान करता है और क्लिनिकल निर्णय-निर्माण में रोगियों को प्राथमिकता देने की यशोदा मेडिसिटी की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दर्शाता है।

डॉ. पी. एन. अरोड़ा, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने कहा, “विश्व कैंसर दिवस कैंसर के विरुद्ध संघर्ष में जागरूकता, शीघ्र पहचान, क्लिनिकल उत्कृष्टता और करुणामय, रोगी-प्रथम दृष्टिकोण के महत्व को सुदृढ़ करता है। इस सीएमई और यशोदा हेल्थ कार्ड के शुभारंभ के माध्यम से, हम उन्नत चिकित्सकीय प्रथाओं द्वारा समर्थित समग्र एवं सुलभ कैंसर देखभाल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराते हैं।”

डॉ. उपासना अरोड़ा, मैनेजिंग डायरेक्टर, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने कहा, “कैंसर देखभाल तेज़ी से व्यक्तिगत और प्रिसीजन-आधारित उपचार की दिशा में विकसित हो रही है। ऐसे सीएमई के माध्यम से हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चिकित्सक वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप बने रहें और वैज्ञानिक प्रगति को मरीजों के बेहतर सर्वाइवल परिणामों तथा जीवन की गुणवत्ता में परिवर्तित कर सकें।”

इस कार्यक्रम के माध्यम से यशोदा मेडिसिटी समग्र कैंसर देखभाल में एक उत्कृष्ट केंद्र के रूप में अपनी भूमिका को और सुदृढ़ करती है तथा ज्ञान साझा करने और नवाचार को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर आगे बढ़ाती है।