सोमवार, 6 अप्रैल 2026

भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस पर वार्ड 48, बूथ नंबर 145, प्रताप विहार मंडल में शहर विधायक संजीव शर्मा ने ध्वजारोहण किया

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस पर वार्ड 48, बूथ नंबर 145, प्रताप विहार मंडल में शहर विधायक संजीव शर्मा ने ध्वजारोहण किया । इस अवसर पर शहर विधायक संजीव शर्मा ने कहा कि विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता परम् नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत निरंतर विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर  प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और उनके दूरदर्शी नेतृत्व को स्मरण करते हुए उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

प्रधानमंत्री  की प्रेरणा से “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मंत्र को आत्मसात करते हुए कार्यकर्ता निरंतर राष्ट्रसेवा में समर्पित हैं।

विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित भारतीय जनता पार्टी आज पूरे देश में अपना स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मना रही है और प्रधानमंत्री  के नेतृत्व में भारत विश्व पटल पर अपना परचम लहरा रहा है।

उनके कुशल मार्गदर्शन में जनकल्याण के कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उनका सानिध्य हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए सदैव प्रेरणादायक एवं मार्गदर्शक बना हुआ है।

इस अवसर पर कार्यकर्ताओं में उत्साह और ऊर्जा का अद्भुत संचार देखने को मिला।

सभी ने एकजुट होकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

आगामी समय में भी इसी समर्पण, निष्ठा एवं सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया। 

इस अवसर पर महानगर मंत्री ललित कश्यप, प्रताप विहार मंडल अध्यक्ष हेमराज माहौर, पूर्व मंडल अध्यक्ष पीतांबर पाल, चेयरमैन संदीप पाल, क्रॉसिंग मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, बबलू पाल, ओम प्रकाश शास्त्री, गोपाल कश्यप, वार्ड अध्यक्ष राधेश्याम त्यागी, निवृत्तमान मंडल उपाध्यक्ष अंकित गुप्ता, संजय, विष्णु चौहान, महिला शक्ति से प्रमिला चौधरी, सुषमा सिंह, रितु पारीक, अनीता विश्वास सहित देवतुल्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

महिमा वाचक सुरभि दीदी की श्रीकृष्ण भक्ति संध्या में कृष्णमय हुआ गाज़ियाबाद









मुकेश गुप्ता

*अप्राप्य की प्राप्ति का मार्ग है - श्रीकृष्ण की भक्ति ! महिमा वाचक सुरभि दीदी ने श्रीकृष्ण भक्ति संध्या में दिया सन्देश* 

*प्रेम की पराकाष्ठा है भक्ति! - महिमा वाचक सुरभि दीदी ने श्रीकृष्ण भक्ति संध्या में दिया सन्देश

*राष्ट्रधर्म की स्थापना के लिए कष्टमय रहा श्रीकृष्ण का जीवन - श्रीकृष्ण भक्ति संध्या में मिला सन्देश*

 गाज़ियाबाद । हिंदी भवन में परम पूज्य डॉ. पवन सिन्हा गुरुजी के सान्निध्य में पावन चिन्तन धारा आश्रम, मुरादनगर और लोक कल्याण सेवा संस्थान की ओर से शनिवार 4अप्रैल को श्रीकृष्ण भक्ति संध्या का आयोजन किया गया. इस अवसर पर पावन चिंतन धारा आश्रम के संस्थापक परम पूज्य डॉ. पवन सिन्हा गुरुजी ने कृष्ण भक्तों को सम्बोधित करते हुए पाखंड से दूर रहने को कहा और धर्म का सही स्वरूप समझने को कहा। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का उदाहरण  देते हुए बताया कि जो अपने अंदर के ईश्वर को पूज नहीं सकता, वह बाहर भी ईश्वर को पूज नहीं सकता। खुद परिवर्तित हुए बिना आप दूसरों को परिवर्तित नही कर सकते। इसलिए अपने पंचविकार दूर करें। नर सेवा के बिना नारायण की सेवा नहीं हो सकती। ऋषिकुलशाला के बच्चों की शिक्षा, नारायण सेवा ही है। परम पूज्य श्री गुरुजी ने अपने वक्तव्य में विशेष रूप से ऋषिकुल की महत्वपूर्ण उपलब्धि का उल्लेख करते हुए बताया कि 150 परिवार वाले सिवान मुसहर टोला की ऋषिकुलशाला की एक बच्ची ने प्रथम श्रेणी में कक्षा दस की परीक्षा उत्तीर्ण की है। श्री गुरुजी ने सभी कृष्ण भक्तों को कृष्णमय होने के लिए आह्वान किया। 

परम पूज्य श्रीगुरु माँ डॉ. कविता अस्थाना जी ने सभागार में उपस्थित कृष्ण भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि आश्रम का लक्ष्य धर्म और राष्ट्र की स्थापना करना है । यह कृष्ण भक्ति संध्या भी उसी का एक हिस्सा है ताकि युवाओं के द्वारा योगेश्वर श्री कृष्ण के सही स्वरूप एवं धर्म का प्रचार-प्रसार हो सके। We are into Spirituality not by chance or escapism but by choice. समाज का कार्य समाज की भागीदारी से ही होता है इसलिए समाज के अलग-अलग शहरों में भक्ति संध्या के योजन और ऋषिकुलशाला के अभावग्रस्त बच्चों की शिक्षा, संस्कार, उच्च शिक्षा और प्रतिभा को निखारने के लिए सहयोग हेतु आह्वान किया ।

व्यासपीठ पर शोभायमान महिमा वाचक आदरणीया सुरभि दीदी ने श्रीकृष्ण जी के जन्म से लेकर मृत्यु तक के सभी सूक्ष्म से सूक्ष्म रहस्यों को उजागर किया। गुरु वंदना और गणेश स्तुति से भक्ति संध्या का शुभारंभ करते हुए श्री कृष्ण के जीवन के प्रसंगों के माध्यम से सच्चे भक्त, सच्ची भक्ति की व्याख्या की। महिमा वाचक सुरभि दीदी ने बताया कि अगर आप भगवान् को केवल मूर्ति मानते हैं तो भगवान् भी मूरत ही बना रहता है। परंतु जिस दिन आप उस मूर्ति के अंदर के अंश को खुद को सौंपते हैं, तब वह आपको थामता ही नहीं है बल्कि आपके आप में खुद को जीने लगता है । भक्ति तो प्रेम की वह पराकाष्ठा है जहाँ भक्त और भगवान में कोई अंतर नहीं रह जाता। 

श्रीकृष्ण के जन्म की कथा के बारे में बताते हुए आदरणीया सुरभि दीदी ने सभी भक्तों को इस पीड़ा का भी अनुभव कराया कि श्रीकृष्णजी, जो स्वयं भगवान् विष्णु जी के अवतार हैं, उन्हें भी धरती पर धर्म की स्थापना के लिए अत्यंत विकट परिस्थितियों में जन्म लेना पड़ा। श्री कृष्ण का कष्ट और पीड़ा देखिए कि जब हमारे ईश्वर ने इस धरती पर जन्म लिया तो न तो माँ दूध मिला और न ही माँ की गोद मिली.  हम साधारण मनुष्य छोटी-छोटी बातों से घबरा जाते हैं। हमारे परमपूज्य श्री गुरुजी तो भक्ति में इतना विश्वास रखते हैं और कहते हैं कि तुम भक्ति करो और भक्ति के साथ अपना कर्म करो, तो जो तुम्हारे भाग्य में भी नहीं लिखा वो तुम्हें प्राप्त होगा लेकिन कर्म की श्रेष्ठता और भक्ति की पराकाष्ठता होनी चाहिए। भक्त का जीवन अनुशासित और स्वभाव बहुत सहज व सरल होना चाहिए। श्रीकृष्ण के जीवन का संदेश देता है कि सामाजिक उद्देश्य और धर्म से बड़ा कुछ भी नहीं होता. श्रीकृष्ण ने अपने राष्ट्र को स्वयं से ऊपर रखा। श्रीकृष्ण राष्ट्रधर्म की स्थापना करते हैं। जो कृष्ण के भक्त हैं उन्हें राष्ट्रभक्त होना होगा और राष्ट्र धर्म को मानना पड़ेगा। यह राष्ट्र विश्व गुरु था इसे पुनः विश्व गुरु बनाना पड़ेगा। महाभारत के युद्ध का वर्णन करते हुए भक्ति संध्या में यह बताया गया कि कैसे श्रीकृष्ण ने बहुत बाण सहे। उनके वस्त्रों से रक्त बहता था, उनका कवच बिंध जाता था लेकिन स्वयं सारी पीड़ा सहते रहे, किसी को अपनी पीड़ा, कष्ट बताया भी नहीं. 

वर्तमान समय में आजकल बच्चे, युवा जिन परेशानियों से गुज़र रहे हैं उनमें से एक गंभीर परेशानी है -डिप्रेशन. महाभारत के युद्ध में अर्जुन, जिन्हें श्रीकृष्ण ‘परमतप’ कहते थे, इतने विद्वान, इतने बलिष्ठ, इतने बड़े धनुर्धर थे, लेकिन भी वे डिप्रेशन में आ गए थे. श्रीकृष्ण ने डिप्रेशन से छुटकारा पाने का रास्ता उन्हें बताया. आदरणीया सुरभि दीदी जी ने कहा कि आपके भीतर भी स्वयं ईश्वर श्रीकृष्ण विराजमान हैं. उनसे लौ लगा लीजिए, डिप्रेशन भी दूर होगा और भाग्य भी उदय होगा. हर वक्त बहुत नकारात्मक सोचने से न तो भक्ति मिलती है और न ही भगवान् और न ही भाग्य। असफलता से बाहर आने के लिए, जप कीजिए और कर्मठता से अपना कार्य कीजिए।

हमें जो कुछ भी भाग्य से मिल गया है, उसे बनाए रखने के लिए हमेशा एक सूत्र याद रखिए, जो श्री कृष्ण ने अर्जुन से कहा था, योगक्षेमं वहाम्यहम् और फिर आप देखिए अप्राप्य की प्राप्ति भी आप कर सकते हैं। जब श्रीकृष्ण के जीवन में इतना दुःख था, हम तो साधारण मनुष्य हैं. भीष्म पितामाह और पांडवों के जीवन का दृष्टांत देते हुए बताया गया कि  दुःख सभी के जीवन में आते-जाते रहते हैं और दुख के समय में हमें भक्ति करनी चाहिए। भक्ति से हमारी बुद्धि सकारात्मक रहती है, मुश्किल समय में भी मन प्रसन्न रहता है. भक्ति करते हैं तो भगवान हमें दु:खों से लड़ने का साहस देंगे और रास्ता भी सुझा देंगे। 

श्रीकृष्ण के जीवन के अंतिम क्षणों में उनकी पीड़ा का मार्मिक वर्णन सुनकर सभी कृष्णभक्त अत्यंत भावुक हो गए. श्रीकृष्ण ने सोलह हज़ार स्त्रियों को सम्मान दिया, उन्हें संरक्षण दिया लेकिन अज्ञानियों ने उन्हें  श्रीकृष्ण की रानियाँ बना दिया. बलदाऊ ने भी उन्हें अकेला छोड़ दिया. श्री कृष्ण ने सदा ही पांडवों के जीवन के सुख-दुख में साथ दिया लेकिन जब श्री कृष्ण के महाप्रस्थान का समय आया तब श्रीकृष्ण अकेले ही थे। अधिकतर ऐसा होता है कि साधु-संत आदि सभी महान विभूतियां अकेले ही रह जाते हैं।  यदुवंशियों के दुर्व्यवहार के कारण ऋषि मुनियों ने जो श्राप दिया, गांधारी ने भी जो वंशहीन होने का जो श्राप दिया उसके कारण श्री कृष्ण का वंश समाप्त हो गया। श्रीकृष्ण ने प्रकृति या विधान के विपरीत कोई कार्य नहीं किया - ‘कृतांत मन्यथा नैच्छत् कर्तुम स जगत: प्रभु: अर्थात् यद्यपि भगवान श्रीकृष्ण सम्पूर्ण जगत के ईश्वर हैं तथापि यदुवंशियों पर आने वाले उस काल को उन्होंने पलटने की इच्छा नहीं की। श्रीकृष्ण का यह बहुत बड़ा संदश है।  महिमा वाचक आदरणीय सुरभि दीदी आह्वान पर सभी कृष्ण भक्तों ने शपथ ली कि वे श्री कृष्ण के दिखाए मार्ग पर चलेंगे, पंच विकारों को दूर करेंगे और राष्ट्र के लिए कार्य करेंगे। 

आश्रम की सुर साधक मंडली के सुर साधकों - डॉ. संजय अन्डूरकर जी, सुश्री ख्याति जी, श्री करण मल्होत्रा जी और श्री आस्तिक सिन्हा अस्थाना जी के मधुर भजनों से सारा सभागार कृष्णमय हो गया. 

श्रीकृष्ण भक्ति संध्या के सुवसर पर मुख्य अतिथिगण माननीय सांसद श्री अतुल गर्ग जी एवं भक्ति संध्या के आयोजक यजमान श्री अनिल अग्रवाल साँवरियाँ जी, श्री अनिल कुमार गर्ग जी, श्री अरुण कुमार अग्रवाल जी, श्री मनोज कुमार गोयल जी, श्री लोकेश गोयल जी, श्री देवेंद्र हितकरी जी, श्रीमती श्वेता गुप्ता जी, श्रीमती हिमाली अग्रवाल जी उपस्थित थे। साथ ही गाज़ियाबाद शहर की जानी-मानी हस्तियाँ - श्री संदीप सिंघल जी, श्री प्रदीप चौहान जी, श्री रवि कटारिया जी, श्री संगीता शर्मा जी, श्री योगेन्द्र सिंह जी, श्रीमती सीमा गोयल जी, श्री आशु बिंदल जी,  श्रीमती विभा रावत जी, श्रीमती विनीता अग्रवाल जी, डॉ अनिल अग्रवाल जी, श्री राज कौशिक जी, श्री भानु सिसोदिया जी, श्री सुधीर अग्रवाल जी, श्री पृथ्वी सिंह कसाना जी, श्री शेखर जी, श्री अमर दत्त शर्मा जी  आदि की गरिमामय उपस्थित रही। श्री अनिल साँवरिया जी ने सभी का धन्यवाद दिया।  इस कृष्ण भक्ति संध्या में विभिन्न राज्यों, प्रदेशों से आए कृष्ण भक्तों ने भक्ति संध्या का आनंद लिया.

परमार्थ निकेतन में आयोजित योग टीचर ट्रेनिंग कोर्स के प्रतिभागियों को प्राप्त हुआ पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य

 





सत्ता बन्धु संवाददाता

*💫विश्व के अनेक देशों से आये योग जिज्ञासु परमार्थ निकेतन के आध्यात्मिक वातावरण में योग, ध्यान, गीता, यज्ञ, सत्संग, गंगा आरती और अनेक आध्यात्मिक*

*🌟परमार्थ स्कूल आॅफ योग, योग टीचर ट्रेनिंग कोर्स, वेदान्त, गीता सार, ईशोपनिषद्, तत्वबोध, क्रिया योग, शक्ति साधना, योग निद्रा आदि अनेक योग विधाओं का संचालन*

*✨योग जिज्ञासुओं ने पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से भेंट कर किया अपनी जिज्ञासाओं का सामाधान*

ऋषिकेश, 6 अप्रैल। परमार्थ निकेतन में आयोजित योग टीचर ट्रेनिंग कोर्स में विश्व के विभिन्न देशों से आये योग जिज्ञासु इस पावन धरा में योग के व्यावहारिक और सैद्धांतिक आयामों को सीख रहे हैं, साथ ही भारतीय सनातन संस्कृति की गहराई और आध्यात्मिकता को आत्मसात भी कर रहे हैं।

योग कोर्स के प्रतिभागियों को परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ। स्वामी जी के सान्निध्य में बिताए गए ये क्षण प्रतिभागियों के लिए जीवन की अमूल्य निधि बन गए। उन्होंने अपने सरल, प्रेरणादायक और आध्यात्मिक उद्बोधन से योग के वास्तविक स्वरूप को स्पष्ट करते हुए कहा कि “योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वयं को परमात्मा से जोड़ने का पवित्र सेतु है।”

विश्व के विभिन्न कोनों से आए साधक अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, एशिया और अन्य देशों से परमार्थ निकेतन के दिव्य वातावरण में योग, ध्यान, प्राणायाम, गीता अध्ययन, यज्ञ, सत्संग और गंगा आरती के माध्यम से भारतीय संस्कृति के मूल तत्वों को अनुभव कर रहे हैं। परमार्थ निकेतन का आध्यात्मिक परिवेश उन्हें शारीरिक और मानसिक संतुलन प्रदान कर रहा है, साथ ही जीवन के गहन प्रश्नों के उत्तर भी दे रहा है।

परमार्थ स्कूल ऑफ योग द्वारा संचालित यह योग टीचर ट्रेनिंग कोर्स अत्यंत समृद्ध और व्यापक है, जिसमें वेदान्त, गीता सार, ईशोपनिषद्, तत्वबोध, क्रिया योग, शक्ति साधना, योग निद्रा जैसी अनेक प्राचीन एवं प्रभावशाली योग विधाओं का समावेश किया गया है। इन विधाओं के माध्यम से प्रतिभागियों को योग के गूढ़ रहस्यों से परिचित कराया जा रहा है, जिससे वे न केवल एक कुशल योग शिक्षक बन सकें, बल्कि अपने जीवन को भी एक उच्च उद्देश्य की ओर अग्रसर कर सकें।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से भेंट के दौरान योग जिज्ञासुओं ने अपनी अनेक जिज्ञासाएँ प्रस्तुत कीं, चाहे वह जीवन के उद्देश्य से संबंधित हों, मानसिक तनाव और शांति की खोज से जुड़ी हों, या फिर आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने की दिशा से संबंधित। स्वामी जी ने अत्यंत सरल, प्रेमपूर्ण और गहन उत्तरों के माध्यम से सभी की शंकाओं का समाधान किया। उनके प्रत्येक शब्द में अनुभव की गहराई और करुणा की मधुरता झलकती है, जिसने प्रतिभागियों के हृदय को स्पर्श किया।

स्वामी जी ने अपने संदेश में कहा कि “आज के युग में योग की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। योग हमें व्यक्तिगत रूप से सशक्त बनाता है, समाज और विश्व में शांति, संतुलन और सामंजस्य स्थापित करने का माध्यम भी बनता है।” उन्होंने युवाओं को विशेष रूप से प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी जड़ों से जुड़ें, अपनी संस्कृति को समझें और योग के माध्यम से अपने जीवन को सार्थक बनाएं।

प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि परमार्थ निकेतन में बिताया गया समय उनके जीवन का एक परिवर्तनकारी अनुभव है। यहाँ की अनुशासित दिनचर्या, गंगा तट पर ध्यान, दिव्य गंगा आरती, और सत्संग के माध्यम से उन्हें आंतरिक शांति और आत्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है। 

परमार्थ निकेतन सदैव से ही विश्व को “वसुधैव कुटुम्बकम्” के संदेश से जोड़ने का कार्य करता रहा है। यहाँ आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव न केवल योग शिक्षा का केंद्र हैं, बल्कि वैश्विक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संवाद का सेतु भी हैं। इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा आज भी विश्व को दिशा दे रही है।

योग टीचर ट्रेनिंग में योगाचार्य आभा सरस्वती जी, योगाचार्य डा इंदू शर्मा, योगाचार्य गंगा नन्दिनी, योगाचार्य गायत्री गुप्ता का उत्कृष्ट योगदान रहा।

यशोदा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं कैंसर इंस्टीट्यूट ने राज नगर एक्सटेंशन, गाज़ियाबाद में किया रक्तदान शिविर का आयोजन



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद  06 अप्रैल 2026 । राज नगर एक्सटेंशन, गाज़ियाबाद स्थित फिटनेस जिमनेजियम में यशोदा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं कैंसर इंस्टीट्यूट, गाज़ियाबाद की ब्लड सेंटर टीम द्वारा सोमवार को एक सफल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का नेतृत्व डॉ. (पूर्व कमांडेंट) प्रमोद यादव द्वारा किया गया।

इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों, युवाओं एवं जिम के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और स्वेच्छा से रक्तदान किया। शिविर में बड़ी संख्या में रक्तदाताओं ने हिस्सा लेकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया।

डॉ. प्रमोद यादव ने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रक्तदान एक महादान है, जो जरूरतमंद मरीजों के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने का आह्वान किया।

ब्लड सेंटर की टीम द्वारा सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए रक्त संग्रहण किया गया तथा सभी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र एवं अल्पाहार प्रदान किया गया।

यह शिविर समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंदों की सहायता के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, जिसमें सभी का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ।

आई एम ए उत्तर प्रदेश,आई एम ए गाजियाबाद व गणेश अस्पताल गाजियाबाद ने घुमेश्वर महादेव ग्राम सुराना ब्लॉक मुरादनगर में निशुल्क चिकित्सा कैंप का आयोजन किया

 





मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद 5 अप्रैल 2026 । आई एम ए उत्तर प्रदेश, आई एम ए गाजियाबाद एवं गणेश अस्पताल गाजियाबाद ने घुमेश्वर महादेव ग्राम सुराना ब्लॉक मुरादनगर जनपद गाजियाबाद में निशुल्क चिकित्सा कैंप का आयोजन किया गया । यह 250 वर्षों से भी अधिक पुराना तीर्थ स्थल है ।आओ गांव चले  कार्यक्रम के तहत इस गांव को चुनते हुए प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को यहां विभिन्न सुविधाओं के साथ निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन करने का संकल्प लिया । रविवार को प्रथम कैंप  की शुरुआत प्रात: 8:00 बजे से हुई जिसमें काफी लोगों ने चिकित्सा शिविर का लाभ उठाया। इस अवसर पर निशुल्क खून की जांच, ब्लड प्रेशर, शुगर थायराइड ,बोन मैरो डेंसिटी पलमोनरी फंक्शंस टेस्ट, पीएफटी, हाईट, वेट किया गया चार महिला चिकित्सकों  ने महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी जांच की, जिसमें आईएमए अध्यक्ष डॉ अल्पना कंसल उपाध्यक्ष डॉ अर्चना शर्मा (निदेशक गणेश अस्पताल) फिजिशियन डॉक्टर विश्व बंधु जिंदल, डॉक्टर प्रहलाद चावला डायबिटीज रोग विशेषज्ञ, डॉक्टर रिजवान खान हड्डी रोग विशेषज्ञ, डॉ मोनिशा दंत रोग विशेषज्ञ ,डॉक्टर नवनीत वर्मा नाक कान गला विशेषज्ञ, डॉ अरुणा अग्रवाल स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं सरकारी चिकित्सा सेवाओं में कार्यरत डॉक्टर प्रदीप यादव ने भी अपनी चिकित्सा सेवा प्रदान की। गांव के लोगों में उत्साह था तथा गांव में स्थित प्राइमरी स्वास्थ्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से बड़ी संख्या में एएनएम आंगनबाड़ी वर्कर्स भी उपस्थित रही। तथा आगामी कैंप में सबने सहयोग करने का वादा किया है  इस कैंप के अवसर पर आई एम में उत्तर प्रदेश के सचिव डॉक्टर आशीष अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष डॉ वाणी पुरी रावत पूरी ने टीम का आभार प्रकट किया एवं आगामी कैंपों की रूपरेखा के संबंध में विचार विमर्श किया। डा विश्व बंधु जिंदल द्वारा सीपीआर की ट्रेनिंग भी ग्रामीण लोगों को दी  गई।डॉक्टर प्रहलाद चावला ने मधुमेह के रोगियों को खान-पान व्यायाम एवं नियमित दावों के बारे में बताया ।डॉक्टर अल्पना कंसल डॉक्टर अरुणा अग्रवाल डॉक्टर अर्चना शर्मा ने महिलाओं को बच्चेदानी के मुंह के कैंसर से बचाव के लिए वैक्सीनेशन के संबंध में बताया। आईएमए की टीम ने कैंप कोऑर्डिनेटर श्री सुनील यादव एवं मास्टर प्रदीप यादव जी का धन्यवाद  किया ।इस प्रकार आओ गांव चले कार्यक्रम में आई एम ए ने  सुदूर गांव में आज सेवाएं दी ।

गणेश अस्पताल में लगा नि:शुल्क ईएनटी जांच शिविर एक ही छत के नीचे कान, नाक और गले की हुई जांच, ईएनटी जांच शिविर में करीब 70 मरीजों ने उठाया लाभ

 



मुकेश गुप्ता 

गाजियाबाद। नेहरू नगर स्थित गणेश अस्पताल में रविवार को नि:शुल्क ईएनटी (कान, नाक व गला) जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में एक ही छत के नीचे विशेषज्ञों द्वारा मरीजों की जांच की गई, जिसमें करीब 70 लोगों ने लाभ उठाया।

शिविर के दौरान ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. आशीष अग्रवाल ने मरीजों को नि:शुल्क परामर्श दिया और विभिन्न समस्याओं के बारे में आवश्यक जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर मरीजों को दवाइयों पर 10 प्रतिशत, हियरिंग एड्स पर 10 प्रतिशत, सर्जरी पर विशेष छूट तथा लैब टेस्ट पर 20 प्रतिशत की छूट भी दी गई।

कार्यक्रम का उद्घाटन अस्पताल के डायरेक्टर एवं सीईओ डॉ. प्रतीक शर्मा, जीएम एचआर एंड कॉरपोरेट रिलेशन बिराज सिंह तथा सीएमओ डॉ. सुधीर ने संयुक्त रूप से किया।

इस मौके पर डॉ. प्रतीक शर्मा ने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य आमजन को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी सोच के तहत समय-समय पर नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन जारी रहेगा, जिससे लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।

रविवार, 5 अप्रैल 2026

आईसीआईएम के सहयोगी संगठनों को प्रतिष्ठित सरकारी मान्यताएँ, औद्योगिक अनुपालन, कार्यस्थल सुरक्षा और महिला गरिमा के क्षेत्र में मिली बड़ी पहचान-सतेंद्र सिंह

 

मुकेश गुप्ता

लीगल इंफोसोल्यूशंस प्रा. लि. को उत्तर प्रदेश श्रम विभाग द्वारा थर्ड पार्टी ऑडिटर के रूप में आधिकारिक मान्यता; पहले से ही ओएचएस प्रशिक्षण हेतु स्वीकृति प्राप्त — वहीं आईसीआईएम की सहयोगी संस्था उत्थान समिति को भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा PoSH प्रशिक्षण के लिए मान्यता

गाजियाबाद / नोएडा:। औद्योगिक अनुपालन, श्रम कानून जागरूकता, कार्यस्थल सुरक्षा और संस्थागत उत्तरदायित्व के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में इंडियन काउंसिल ऑफ इंडस्ट्रियल मैनेजमेंट (ICIM) तथा उसकी सहयोगी संस्थाओं को विभिन्न प्रतिष्ठित सरकारी मान्यताएँ प्राप्त हुई हैं, जिससे उनके कार्यों को नई विश्वसनीयता, मजबूती और संस्थागत पहचान मिली है।

आईसीआईएम की सहयोगी संस्था लीगल इंफोसोल्यूशंस प्रा. लि. को उत्तर प्रदेश श्रम विभाग द्वारा आधिकारिक रूप से “थर्ड पार्टी ऑडिटर” के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। यह मान्यता संस्था को राज्य के कारखानों एवं प्रतिष्ठानों का ऑडिट सरकार द्वारा निर्धारित थर्ड पार्टी ऑडिट योजना तथा लागू विधिक और तकनीकी मानकों के अनुसार करने का अधिकार प्रदान करती है।

यह उपलब्धि केवल एक औपचारिक स्वीकृति नहीं, बल्कि संस्था की विशेषज्ञता, तकनीकी क्षमता, संस्थागत विश्वसनीयता और श्रम कानून अनुपालन के क्षेत्र में उसके अनुभव का प्रमाण है। लीगल इंफोसोल्यूशंस प्रा. लि. लंबे समय से श्रम कानून परामर्श, औद्योगिक अनुपालन, वैधानिक सलाह, फैक्ट्री अनुपालन, संस्थागत प्रशिक्षण एवं ऑडिट सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है।

इस उपलब्धि को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है यह तथ्य कि लीगल इंफोसोल्यूशंस प्रा. लि. को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पहले से ही ऑक्यूपेशनल हेल्थ एंड सेफ्टी (OHS) प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु मान्यता प्राप्त है। इसके माध्यम से संस्था उद्योगों, संस्थानों और प्रतिष्ठानों को कार्यस्थल सुरक्षा, जोखिम प्रबंधन, दुर्घटना रोकथाम, सुरक्षा जागरूकता और श्रमिक संरक्षण जैसे विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान कर रही है।

इसी क्रम में, आईसीआईएम की एक अन्य सहयोगी संस्था “उत्थान समिति” को भी भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा PoSH (कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम) प्रशिक्षण हेतु मान्यता प्राप्त है। यह मान्यता कार्यस्थलों को सुरक्षित, सम्मानजनक, समावेशी और महिला गरिमा के अनुरूप बनाने की दिशा में संस्था के सतत प्रयासों को दर्शाती है।

यदि इन तीनों मान्यताओं को एक साथ देखा जाए, तो यह स्पष्ट होता है कि आईसीआईएम नेटवर्क ने अब संस्थागत उत्कृष्टता के तीन अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभों — “ऑडिट, सुरक्षा और गरिमा” — पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा दी है।

जहाँ थर्ड पार्टी ऑडिट उद्योगों को विधिसम्मत और उत्तरदायी बनाता है, वहीं OHS प्रशिक्षण कार्यस्थलों को सुरक्षित और जागरूक बनाता है, और PoSH प्रशिक्षण संस्थानों को अधिक संवेदनशील, सम्मानजनक और आधुनिक कार्यसंस्कृति की ओर अग्रसर करता है।

इन महत्वपूर्ण उपलब्धियों के पीछे आईसीआईएम के चेयरमैन  सतेंद्र सिंह की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही है। श्रम कानूनों, औद्योगिक अनुपालन, संस्थागत प्रबंधन और प्रशिक्षण के क्षेत्र में उनका अनुभव, सक्रियता, दूरदर्शी सोच और नेतृत्व लंबे समय से उद्योगों एवं संस्थानों के लिए प्रेरणास्रोत रहा है। श्री सतेंद्र सिंह को श्रम कानूनों के क्षेत्र में एक गतिशील, अनुभवी और प्रभावशाली नेतृत्वकर्ता के रूप में देखा जाता है, जिन्होंने अपने मार्गदर्शन और संस्थागत दृष्टिकोण से आईसीआईएम एवं उसकी सहयोगी संस्थाओं को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।

आईसीआईएम के चेयरमैन सतेंद्र सिंह का कहना है कि

“ये मान्यताएँ केवल संस्थागत उपलब्धियाँ नहीं हैं, बल्कि यह हमारे उस सामूहिक संकल्प का प्रतिबिंब हैं, जिसके तहत हम विधिसम्मत, सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थलों के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। आईसीआईएम तथा हमारी सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से हमारा सदैव यह विश्वास रहा है कि वास्तविक औद्योगिक प्रगति का आधार अनुपालन, श्रमिक सुरक्षा, गरिमा और जिम्मेदार प्रशासन होना चाहिए। हम उद्योगों और संस्थानों को व्यावहारिक, विश्वसनीय और प्रभावशाली समाधान प्रदान करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।”

आईसीआईएम और उसकी सहयोगी संस्थाएँ निरंतर औद्योगिक प्रशिक्षण, अनुपालन परामर्श, कानूनी मार्गदर्शन, कार्यस्थल सुरक्षा जागरूकता और संस्थागत विकास के माध्यम से उद्योगों एवं संगठनों को सशक्त बनाने का कार्य कर रही हैं। इन नई सरकारी मान्यताओं के साथ उनकी भूमिका अब और अधिक व्यापक, प्रभावशाली और जिम्मेदार हो गई है।

इन उपलब्धियों के साथ आईसीआईएम, लीगल इंफोसोल्यूशंस प्रा. लि. और उत्थान समिति ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वे सुरक्षित कार्यस्थलों, मजबूत अनुपालन व्यवस्था, महिला गरिमा, श्रमिक सुरक्षा और जिम्मेदार औद्योगिक विकास के लिए पूरी निष्ठा, क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ कार्यरत हैं।

तृतीय ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑफ मेडिटेशन लीडर्स के विशेष सत्र में भारत के उपराष्ट्रपति, भारत, सीपी राधाकृष्णन की मुख्य अतिथि के रूप में हुए उपस्थिति,स्वामी चिदानन्द सरस्वती का पावन सान्निध्य, आशीर्वाद एवं उद्बोधन





मुकेश गुप्ता

ऋषिकेश/ नई दिल्ली, 5 अप्रैल। नई दिल्ली के भारत मंडपम स्थित ऑडिटोरियम-1 में आयोजित दो दिवसीय तृतीय ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑफ मेडिटेशन लीडर्स के विशेष सत्र में भारत के  उपराष्ट्रपति  सीपी राधाकृष्णन  की मुख्य अतिथि के रूप में गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। 

इस पावन अवसर पर विश्व विख्यात आध्यात्मिक गुरू, अध्यक्ष परमार्थ निकेतन, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य, आशीर्वाद व उद्बोधन प्राप्त हुआ। 

पूर्व निदेशक, सीबीआई, सीआरपीएफ, पद्मश्री डी. आर. कार्तिकेयन  ने स्वागत उद्बोधन देते हुए ध्यान को वैश्विक शांति का आधार बताया। इस अवसर पर आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर जी, सद्गुरु जग्गी वासुदेव जी एवं पिरामिड आध्यात्मिक सोसायटी आंदोलन के संस्थापक, ब्रह्मर्षि पत्रीजी के प्रेरणादायी वीडियो संदेशों के माध्यम से उनका आशीर्वाद प्राप्त हुआ। 

 उपराष्ट्रपति, भारत, राधाकृष्णन जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि युद्ध केवल देशों के बीच ही नहीं, बल्कि हमारे घरों और हमारे भीतर भी चल रहा है। अधिकांश संघर्ष हमारे अपने जीवन और परिवारों में उत्पन्न होते हैं। ऐसे में आत्मचिंतन (इंट्रोस्पेक्शन) और मेडिटेशन हमें आंतरिक शांति एवं आत्मज्ञान (एनलाइटनमेंट) प्रदान करता हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने परिवार के प्रति जिम्मेदारियाँ निभाते हुए उनसे जुड़े रहते हैं, किन्तु यह जुड़ाव ऐसा होना चाहिए जिसमें संतुलित विरक्ति (डिटैचमेंट) भी हो, जिससे वास्तविक शांति प्राप्त हो सके।

उन्होंने आगे कहा कि मेडिटेशन हमारे मन की क्षमता (कैपेसिटी) और स्पष्टता (क्लैरिटी) को विकसित करता है। आज का मनुष्य वर्तमान में जीने के बजाय निरंतर दौड़ रहा है। जहाँ पैसा हमें एक कम्फर्टेबल लाइफ स्टाइल देता है, वहीं स्पिरिचुअलिटी हमें अटैचमेंट में रहते हुए भी उससे ऊपर उठना सिखाती है। नियमित मेडिटेशन से जीवन में क्लैरिटी आती है, इंटरनल पीस प्राप्त होती है और पॉजिटिव एप्रोच विकसित होती है। मेडिटेशन एक लैम्प की भांति है, जो हमारे भीतर सत्य, प्रकाश और पीस का संचार करता है। हमारा शरीर एक टेम्पल है और मेडिटेशन ईश्वर तक पहुँचने का एक मार्ग है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान “अमृत काल” में मेडिटेशन का महत्व और अधिक बढ़ गया है। माइंड केवल हमारे द्वारा ही कंट्रोल किया जा सकता है और मेडिटेशन इस कंट्रोल की प्रभावी साधन है। यदि हमें एक बेटर वल्र्ड का निर्माण करना है, तो उसके लिए बेटर माइंड की आवश्यकता है, जो मेडिटेशन के माध्यम से ही संभव है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज विश्व को केवल “सीईओ” नहीं, बल्कि “बुद्ध सीईओ” पीस सीईओ की आवश्यकता है, ऐसे लीडर्स जो लेडर (सीढ़ी) भी बन सके और भीतर से जागृत भी हों। उन्होंने “योगः कर्मसु कौशलम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कौशल मेडिटेशन से ही प्राप्त होता है। मेडिटेशन हमें टाइम मैनेजमेंट, टंग मैनेजमेंट और थॉट मैनेजमेंट सिखाता है।

उन्होंने कहा कि मेडिटेशन केवल जीवन जीने की कला (हाउ टू लिव) ही नहीं, बल्कि नेतृत्व करने की कला (हाउ टू लीड) भी सिखाता है। यह हमें तीन टी-हैप्पी लिविंग, हेल्दी लिविंग और हार्मनी लिविंग की दिशा में अग्रसर करता है। मेडिटेशन हमें भीतर से रिपेयर कर भविष्य के लिए प्रिपेयर करता है तथा हमारे परिवेश और धरती को भी पॉजिटिव एनर्जी से चार्ज करता है।

संस्थापक, मुख्य ध्यान मार्गदर्शक, बुद्ध-सीईओ क्वांटम फाउंडेशन, डॉ. चंद्र पुलामारासेट्टी ने कहा कि मेडिटेशन हमारे विचारों को पॉजिटिव दिशा प्रदान करता है। उन्होंने सभी से इस अवेयरनेस को साझा करने का आह्वान किया।

सह-संस्थापक, क्वांटम लाइफ यूनिवर्सिटी, डॉ. लक्ष्मी कोंडावेती जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्लानेट पर रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पीस और हैप्पीनेस की आवश्यकता है, और दुनिया की सभी समस्याओं का समाधान मेडिटेशन में निहित है। उन्होंने सभी से अपनी जड़ों से जुड़कर इस प्लानेट को अधिक पीसफुल बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया।

अध्यक्ष, पिरामिड स्पिरिचुअल ट्रस्ट, हैदराबाद, श्री विजयभास्कर रेड्डी ने कहा कि मेडिटेशन कोई फिलॉसफी मात्र नहीं, बल्कि जीवन का साइंस है। उन्होंने सभी को इसे एक्सपीरियंस करने के लिए आमंत्रित किया।

पूर्व निदेशक, सीबीआई, सीआरपीएफ, पद्मश्री श्री डी. आर. कार्तिकेयन जी ने सभी विशिष्ट अतिथियों का अभिनन्दन करते हुये अपने स्वागत भाषण में कहा कि ग्लोबल हार्मनी और ग्लोबल पीस के लिए मेडिटेशन नितांत आवश्यक है इसलिये मेडिटेशन को एवरीवेयर, एवरीवन और एवरी डे अपनाना होगा।

सभी विभूतियों ने मेडिटेशन को वैश्विक आवश्यकता और मानवता के उत्थान का आधार बताते हुये प्रतिदिन करने हेतु प्रेरित किया। 

इस अवसर पर ध्यान विषयक चार पुस्तकों मास्टरिंग द माइंड, मास्टरिंग एनर्जी एंड इमोशन्स, मास्टरिंग क्रिएशन, अंडरस्टैंडिंग द सेल्फ का विमोचन किया गया तथा संस्थापक एवं अध्यक्ष, क्वांटम लाइफ यूनिवर्सिटी, डॉ. न्यूटन कोंडावेती जी द्वारा ध्यान सत्र का संचालन किया गया।

विशेष पूर्ण सत्र के उपरांत सम्मेलन के अन्य सत्रों में विविध विषयों पर गहन चर्चा एवं विचार-विमर्श हुआ। मुख्य वक्तव्यों नेें “विश्व शांति के लिए ध्यान और अहिंसा की भूमिका” तथा “हृदय स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण में ध्यान का महत्व” जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।

लीडर शेयरिंग सत्र में विभिन्न क्षेत्रों के लीडर्स ने अपने अनुभव साझा किए कि किस प्रकार उन्होंने ध्यान को अपने संगठनों एवं समुदायों में अपनाकर सकारात्मक परिवर्तन लाया। वहीं पैनल चर्चाओं में यह विमर्श हुआ कि ध्यान किस प्रकार स्पष्टता, भावनात्मक संतुलन एवं नेतृत्व क्षमता को विकसित करने में सहायक है।

केस स्टडी सत्रों में युवाओं के विकास एवं ग्रामीण परिवर्तन में ध्यान आधारित पहल के प्रभावशाली उदाहरण प्रस्तुत किए गए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि ध्यान समाज के हर वर्ग में परिवर्तन लाने की क्षमता रखता है।

सम्मेलन के आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से विश्व में शांति, सद्भाव और जागरूकता का संदेश प्रसारित करने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

महर्षि कश्यप जयंती के अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों का वितरण किया




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद: 05 अप्रैल 2026 । महर्षि कश्यप जयंती के अवसर पर आज रामलीला मैदान, घंटाघर (गाजियाबाद) में दिव्यांगजनों हेतु सहायक उपकरणों का वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा विशिष्ट अतिथि नरेन्द्र कश्यप,राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग रहे।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा दिव्यांगजनों को विभिन्न सहायक उपकरणों का वितरण किया गया, जिनमें ट्राईसाइकिल/बैसाखी 80, व्हीलचेयर 40, कान की मशीन 74, सेंसर स्टिक 40, स्मार्ट केन 40, टीएलएम किट 20 तथा कृत्रिम हाथ/पैर 25 शामिल रहे। कुल मिलाकर 319 सहायक उपकरणों का वितरण किया गया।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा दिव्यांगजनों को फूल-माला पहनाकर सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य कर रही विभिन्न संस्थाओं-भागीरथ सेवा संस्थान, इंस्टीट्यूट ऑफ रिहैबिलिटेशन सेंटर, आनंदा ट्रेनिंग सेंटर, अद्वैत संस्थान आदि द्वारा दिव्यांग बच्चों की बनाई गई हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। उन्होंने इन बच्चों के कौशल एवं सृजनात्मकता की सराहना की।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत नीव शक्ति संस्थान के मूक-बधिर बच्चों द्वारा “सारे जहाँ से अच्छा” गीत की सांकेतिक भाषा में प्रस्तुति दी गई, जिसे उपस्थित जनसमूह एवं अतिथियों ने सराहा। इसके अतिरिक्त भागीरथ सेवा संस्थान के बच्चों द्वारा नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति भी दी गई।

अपने उद्बोधन में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता पर बल देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार उनके कल्याण हेतु निरंतर कार्य कर रही है।

 नरेन्द्र कश्यप,राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का सतत प्रयास किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक संजीव शर्मा, महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी, गाजियाबाद अंशुल चौहान ने अवगत कराया कि कार्यक्रम के माध्यम से बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों को लाभान्वित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

महर्षि कश्यप जयंती महाकुंभ” कार्यक्रम हर्षोल्लास एवं भव्यता के साथ संपन्न,सपा पर जमकर बरसे उपमुख्यमंत्री कैशव प्रसाद मोर्य








मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । गाजियाबाद के घंटाघर स्थित रामलीला मैदान में कश्यप निषाद संगठन के तत्वावधान में आयोजित “महर्षि कश्यप जयंती महाकुंभ” कार्यक्रम हर्षोल्लास एवं भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में नगर सहित आसपास क्षेत्रों से भारी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल एवं यादगार बनाया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य  ने अपने संबोधन में कहा कि महर्षि कश्यप का जीवन समाज को एकता, समरसता एवं परिश्रम का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि आज देश और प्रदेश में नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गरीब, पिछड़े, वंचित और समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने विपक्ष पर प्रहार करते हुए कहा कि अखिलेश यादव, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी जैसे नेता केवल जनता को भ्रमित करने का कार्य करते हैं, जबकि भाजपा सरकार धरातल पर विकास और जनकल्याण की राजनीति करती है। उन्होंने सपा-बसपा पर भी तंज कसते हुए कहा कि इन दलों ने वर्षों तक केवल समाज को बांटने का काम किया, जबकि भाजपा ने सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र पर कार्य किया है।

मौर्य ने कहा कि वर्ष 2027 में पुनः उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने के लिए सभी को संकल्प लेना होगा। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि “हम सब मिलकर कमल खिलाएं” और प्रदेश में एक बार फिर प्रचंड बहुमत की सरकार बनाएं।

वहीं उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने मोबाइल ऑडियो कॉल के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी उपस्थित जनों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त करने का कार्य करते हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया।

कार्यक्रम के मुख्य आयोजक एवं स्वागतकर्ता नरेंद्र कश्यप (राज्य मंत्री, पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार) ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कश्यप निषाद समाज निरंतर सामाजिक न्याय, शिक्षा एवं संगठन की मजबूती के लिए कार्य करता रहेगा।




नरेंद्र कश्यप ने अपने वक्तव्य में कश्यप निषाद समाज को अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया और समाज के समग्र उत्थान हेतु सरकार से ठोस कदम उठाने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने वर्ष 2027 में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी कश्यप समाज से एकजुट होकर समर्थन देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेन्द्र शिशौदिया ने कहा कि संगठन की एकजुटता ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है और ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं।

सांसद अतुल गर्ग ने कहा कि समाज के उत्थान के लिए सरकार एवं संगठन मिलकर कार्य कर रहे हैं और आने वाले समय में और अधिक विकास कार्य होंगे।

महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने कार्यक्रम की भव्यता की सराहना करते हुए इसे समाज की जागरूकता का प्रतीक बताया।

विधायक संजीव शर्मा एवं अजीत पाल त्यागी ने कहा कि महर्षि कश्यप के आदर्शों पर चलकर समाज को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

पूर्व राज्यसभा सदस्य अनिल अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में एकता एवं जागरूकता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. सागर कश्यप द्वारा किया गया।

इस दौरान प्रमुख रूप से पंचायत अध्यक्ष रेखा नागर, पूर्व अध्यक्ष अजय शर्मा, क्षेत्रीय महामंत्री विकास अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष विजय मोहन, ओबीसी मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ओमेंद्र कश्यप, पूर्व महामंत्री पप्पू पहलवान, महामंत्री प्रदीप चौहान, पंकज भारद्वाज, गौरव चोपड़ा, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी सौरभ जायसवाल, पार्षद प्रदीप चौधरी, पार्षद मधुकर त्यागी, सिद्धार्थ कश्यप, मोनू कश्यप, व्यापारी नेता अतुल जैन, सुभाष गर्ग, अशोक भारतीय ,ललित कश्यप, गोपाल कश्यप, पवन कश्यप,सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं समाज के लोग उपस्थित रहे।

अंत में आयोजक राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने सभी अतिथियों एवं नगरवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की।

फ्लोरेस अस्पताल में लगा मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर,400 लोगों ने कराई जांच

 





                              मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । प्रताप विहार स्थित फ्लोरेस अस्पताल जनहित में रविवार, 5 अप्रैल 2026 को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया । यह शिविर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और आमजन को बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगाया गया। शिविर प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक जी-ब्लॉक, सेक्टर-11, प्रताप विहार स्थित फ्लोरेस अस्पताल परिसर में चला। जिसमें 400 मरीजों ने  यहां बीएमडी (बोन मिनरल डेंसिटी) टेस्ट (सामान्य लागत 3000 रुपये), विटामिन-डी टेस्ट, लंबाई-वजन माप, बीपी, ब्लड शुगर और ईसीजी तथा डाययबेटिक फिजियोथेरेपी जैसी महत्वपूर्ण जांचें पूरी तरह मुफ्त की गई ।

इसके अलावा जनरल मेडिसिन, हृदय रोग, बाल रोग, स्त्री रोग, हड्डी रोग और श्वास रोग के विशेषज्ञ डॉक्टर निःशुल्क परामर्श दिया गया । अस्पताल के एम डी और हड्डी रोग विशेषज्ञ डा० गौरव गुप्ता ने बताया कि  उन्होंने करीब 50 मरीजों की जांच की जिनमें कैल्शियम की व विटामिन डी विटामिन बी 12 की कमी पाई गई। उन्होंने मरीजों व लोगों से अपनी की विटामिन की कमी दूर करने के लिए दूध से बनी चीजों का इस्तेमाल किया करें और अपनी दिनचर्या में योग वययाम प्रणायाम, योग करें। प्रबंधन डा० एम पी सिंह ने बताया कि फलोरेस अस्पताल हर रविवार को हैल्थ चैकअप कैम्प का आयोजन करता हैं सोसायटी, मलिन बस्तियों आदि क्षेत्रों मे जांच शिविर लगाएं है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे इन  अवसर का लाभ उठाएं और समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराएं। आज शिविर में डा०गौरव गुप्ता, डा एम पी सिंह, डा०कपिल ,डा०धन्जय.डा० आनंद कुमार, डा० नितिन तथा टैकनिशियन आदि स्टाफ उपस्थिति रहा।

शनिवार, 4 अप्रैल 2026

परमार्थ निकेतन में नानी बाई का मायरा-श्री कृष्ण भक्ति की दिव्य, पावन अनूठी कथा का हुआ शुभारम्भ

 




सत्ता बन्धु संवाददाता

*💫संत अमृतराम जी महाराज, बड़ा रामद्वारा, सुरसागर जोधपुर के श्रीमुख से प्रवाहित ज्ञान गंगा*

*💫पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य, आशीर्वाद और उद्बोधन*

*✨श्रीमती गीता देवी  एवं कन्हैया लाल चांडक  के वैवाहिक जीवन के 66 वर्ष पूर्ण करने के उपलक्ष्य में आयोजित*

*🌟 संजय चांडक , संदीप चांडक  और पूरा चांडक परिवार भावभक्ति के साथ श्रवण कर रहे नानी बाई का मायरा*

ऋषिकेश, 4 अप्रैल। परमार्थ निकेतन की पावन धरती पर श्रीकृष्ण भक्ति, प्रेम और सनातन संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरते हुए “नानी बाई का मायरा” की दिव्य, पावन और अनूठी कथा का भव्य शुभारम्भ हुआ। गंगा तट पर आयोजित इस आध्यात्मिक महायज्ञ में श्रद्धा, समर्पण और भक्ति का अद्वितीय संगम हुआ।

इस पावन कथा का रसपान संत अमृतराम जी महाराज, बड़ा रामद्वारा, सुरसागर, जोधपुर के श्रीमुख से हो रहा है। उनके ओजस्वी वचनों और मधुर प्रवचनों से नानी बाई का मायरा रूपी ज्ञान गंगा प्रवाहित हो रही है। वे नानी बाई के मायरे की कथा के माध्यम से भक्ति, त्याग, प्रेम और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास का संदेश दे रहे हैं। संत अमृतराम जी महाराज ने बताया कि यह कथा भगवान     श्रीकृष्ण के प्रति निस्वार्थ प्रेम और पूर्ण समर्पण का जीवंत उदाहरण है।

इस दिव्य अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य, आशीर्वाद और प्रेरणादायक उद्बोधन भी प्राप्त हुआ। पूज्य स्वामी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “नानी बाई का मायरा” यह दिव्य कथा भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जिसमें श्रद्धा, सेवा, करुणा और विश्वास के मूल्यों का समावेश है। उन्होंने कहा कि जब जीवन में भक्ति का भाव जागृत होता है, तब हर परिस्थिति ईश्वर की कृपा का माध्यम बन जाती है। सोच बदलती है तो केवल विचार नहीं बदलते, पूरा जीवन रूपांतरित हो जाता है। जब अंतर्मन में सकारात्मकता, श्रद्धा और विश्वास का दीप जलता है, तब हर अंधकार स्वतः मिटने लगता है। दृष्टि बदलती है तो वही संसार, जो कभी कठिन और निराशाजनक लगता था, अब ईश्वर की सुंदर रचना प्रतीत होने लगता है। 

जीवन की हर परिस्थिति एक संदेश, एक सीख और एक अवसर बन जाती है। जब हम शिकायत छोड़कर कृतज्ञता को अपनाते हैं, तब दिशा भी बदलती है और दशा भी। यही भाव हमें भीतर से प्रकाशित कर, जीवन को शांति, प्रेम और आनंद से भर देता है। स्वामी जी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों से जुड़ें, सनातन मूल्यों को अपनाएँ और जीवन को आध्यात्मिकता से समृद्ध बनाएं।

संत अमृतराम जी महाराज ने कहा कि “नानी बाई का मायरा” की कथा हमें संदेश देती है कि जब जीवन में कठिनाइयाँ आती हैं, तब ईश्वर स्वयं अपने भक्तों की रक्षा के लिए अवतरित होते हैं। यह कथा विश्वास दिलाती है कि सच्ची भक्ति कभी व्यर्थ नहीं जाती और भगवान अपने भक्तों के मान-सम्मान की रक्षा अवश्य करते हैं।

यह आयोजन श्रीमती गीता देवी एवं श्री कन्हैया लाल चांडक  के वैवाहिक जीवन के 66 वर्ष पूर्ण होने के पावन उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है। यह अवसर सम्पूर्ण चांडक परिवार के लिये जीवन के उस आदर्श का उत्सव है जिसमें प्रेम, समर्पण और संस्कारों की धारा निरंतर प्रवाहित हो रही है। उनके दीर्घ वैवाहिक जीवन की यह यात्रा आज समाज में सम्पूर्ण परिवार के लिये प्रेरणादायक है।

 संजय चांडक , श्री संदीप चांडक जी तथा संपूर्ण चांडक परिवार अत्यंत भावभक्ति के साथ “नानी बाई का मायरा” का श्रवण कर रहे हैं। परिवार के सदस्य परमार्थ गंगा तट पर श्रद्धा, आनंद और आत्मिक संतोष के कथा का श्रवण कर रहे है। यह दृश्य दर्शाता है कि जब परिवार एक साथ भक्ति में लीन होता है, तो वह केवल एक परिवार नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक शक्ति बन जाता है।

इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज में एआईसीटीई आईडीई बूटकैंप का तीसरा संस्करण 6 अप्रैल से शुरू होगा--पुनीत अग्रवाल

 

मुकेश गुप्ता

साहिबाबाद । ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) के तत्वावधान में इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज में इनोवेशन, डिजाइन और उद्यमिता (आईडीई) बूटकैंप के तीसरे संस्करण का आयोजन 6 अप्रैल 2026 से किया जाएगा। यह पांच दिवसीय रेजिडेंशियल कार्यक्रम 6 से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित होगा, जिसका उद्देश्य देशभर के विद्यार्थियों में नवाचार, डिजाइन थिंकिंग और उद्यमिता कौशल को बढ़ावा देना है।

संस्थान के वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल ने बताया कि आईडीई बूटकैंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से प्रेरित एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य छात्रों में नवाचार, डिजाइन और उद्यमिता की भावना को विकसित करना है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सरकार की नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और भारत को नवाचार-आधारित उद्योगों का वैश्विक केंद्र बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

कार्यक्रम का उद्घाटन एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. योगेश सिंह,सदस्य सचिव डॉ. श्यामा राठ की उपस्थिति में, एआईसीटीई मुख्यालय नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा।

संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) देवेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि यह बूटकैंप देशभर के 13 प्रमुख स्थानों पर आयोजित किया जा रहा है, जिनमें इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज एक प्रमुख केंद्र है। उन्होंने जानकारी दी कि वाधवानी फाऊंडेशन इस कार्यक्रम का नॉलेज पार्टनर है, जो विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा, जबकि एसबीआई आयोजन सहयोगी के रूप में योगदान दे रहा है।

कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर डॉ. अरविंद तिवारी के अनुसार, अब तक विभिन्न राज्यों से 261 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। बूटकैंप के दौरान स्टार्टअप संस्थापक, इनोवेशन विशेषज्ञ और विषय-विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों का संचालन करेंगे।

बूटकैंप के पहले दिन प्रतिभागी अपने नवाचार प्रस्तुत करेंगे, जबकि तीसरे दिन उन्हें स्थानीय शैक्षणिक एवं औद्योगिक भ्रमण पर ले जाया जाएगा, जहां उन्हें नेटवर्किंग के अवसर मिलेंगे। अंतिम दिन आयोजित पिचिंग सत्र में प्रतिभागी अपने विचारों को निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। प्रत्येक केंद्र पर शीर्ष 5 टीमों को प्रशंसा प्रमाणपत्र एवं गैर-आर्थिक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

यह बूटकैंप विद्यार्थियों के लिए सीखने, नवाचार करने और अपने विचारों को वास्तविकता में बदलने का एक सशक्त मंच सिद्ध होगा, जिससे वे भविष्य में उद्यमिता और तकनीकी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर देश को नाम रोशन करेंगे।

इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन विष्णु शरण, वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल, कैंपस निदेशक डॉ डीके शर्मा,डीन एकेडमिक्स डॉ अमित जैन,डीन डॉ सुनीता यादव,सीईओ टीबीआई साजिद, प्रो डॉ एस पी सिंह ने बधाई दी।

मेवाड़ के बीबीए विद्यार्थियों ने किया याकुल्ट कंपनी का भ्रमण

 





मुकेश गुप्ता

गाज़ियाबाद। वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के बीबीए विद्यार्थियों ने सोनीपत स्थित याकुल्ट डैनोन इंडिया प्रा. लि. कंपनी का भ्रमण कर उत्पादन की संपूर्ण स्वचालित प्रक्रिया को करीब से देखा और उद्योग की कार्यप्रणाली को समझा। भ्रमण का उद्देश्य बीबीए पाठ्यक्रम के प्रमुख विषयों-ऑपरेशंस मैनेजमेंट, गुणवत्ता नियंत्रण, सप्लाई चेन और मार्केटिंग को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ना था। छात्रों ने देखा कि किस प्रकार अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्वच्छता बनाए रखते हुए बिना मानव संपर्क के उत्पादन किया जाता है, जिससे उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित होती है। कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया कि याकुल्ट डैनोन इंडिया प्रा. लि. जापान की याकुल्ट होंशा कंपनी लिमिटेड और फ्रांस के ग्रुप डैनोन के बीच एक संयुक्त उपक्रम है, जो प्रोबायोटिक स्वास्थ्य पेय के क्षेत्र में अग्रणी है। संयंत्र में प्रतिदिन लगभग 10 लाख बोतलों का उत्पादन होता है और कोल्ड-चेन वितरण प्रणाली का सख्ती से पालन किया जाता है। छात्रों ने कच्चे माल के मिश्रण, स्टेरिलाइजेशन, फर्मेंटेशन, गुणवत्ता परीक्षण, बॉटलिंग और वितरण तक की पूरी प्रक्रिया को देखा। इस दौरान उन्हें खाद्य प्रसंस्करण में स्वचालन, गुणवत्ता प्रमाणन और सप्लाई चेन प्रबंधन की चुनौतियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इस भ्रमण का मार्गदर्शन विभाग के प्रभारी पंकज कुमार सिंह, मानसी, डॉ. नीलम त्रिपाठी और पूजा जैन ने किया।