गुरुवार, 11 जून 2026

रामनामी समाज का परमार्थ निकेतन में दर्शनार्थ आगमन, भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का स्वर्णिम अध्याय - सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बने नरेन्द्र मोदी





                               सत्ता बन्धु संवाददाता

*✨रामनाम से अंकित देह, मानवता से आलोकित हृदय*

 *🌸राष्ट्र प्रथम एवं जनविश्वास की साधना के 4400 दिन पर परमार्थ गंगा आरती राष्ट्रकल्याण हेतु समर्पित*

 ऋषिकेश, उत्तराखण्ड 11 जून। भारत की आध्यात्मिक भूमि सदैव उन परम्पराओं की जननी रही है, जिन्होंने जीवन को केवल जीने का नहीं, बल्कि उसे साधना और समर्पण का माध्यम बनाने का संदेश दिया है। ऐसी ही एक अद्वितीय परम्परा के प्रतिनिधि, छत्तीसगढ़ के रामनामी समाज के श्रद्धालुओं का आगमन परमार्थ निकेतन में हुआ, जहाँ उन्होंने परमार्थ निकेतन के पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से भेंट कर उनके पावन सान्निध्य में विश्वविख्यात परमार्थ गंगा आरती में सहभाग कर आध्यात्मिक एकता का अनुपम संदेश दिया।

इस विशेष अवसर पर श्रीराम कथा व्यास पूज्य संत मुरलीधर जी, साध्वी भगवती सरस्वती जी, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री हेमन्त द्विवेदी जी एवं ऋषिकेश के माननीय मेयर श्री शंभू पासवान जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

रामनामी समाज केवल एक समुदाय नहीं, बल्कि भक्ति की वह जीवंत धारा है जिसने अपने जीवन को राममय बना दिया है। विश्व में ऐसे उदाहरण विरले ही मिलते हैं जहाँ लोग अपने शरीर को ईश्वर के नाम का मंदिर बना दें। रामनामी समाज के श्रद्धालुओं ने अपने तन पर ’राम’ अंकित कर यह उद्घोष किया है कि जब ईश्वर हृदय में बसते हैं, तब उनका नाम जीवन के प्रत्येक आयाम में प्रकट होना चाहिए।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने रामनामी समाज के प्रतिनिधियों को रूद्राक्ष का पौधा उपहार स्वरूप भेंट कर कहा कि श्रीराम, जीवन की मर्यादा, करुणा, सत्य और लोककल्याण की प्रेरणा हैं। जिन लोगों ने अपने तन और मन दोनों पर राम को धारण किया है, वे वास्तव में उस आध्यात्मिक संदेश के जीवंत वाहक हैं जिसकी आज सम्पूर्ण विश्व को आवश्यकता है।

रामनामी समाज भारत की आध्यात्मिक विरासत का एक अनमोल अध्याय है। विश्व इतिहास में ऐसे उदाहरण अत्यंत दुर्लभ हैं जहाँ किसी समुदाय ने अपने सम्पूर्ण शरीर को ईश्वर के नाम से अलंकृत कर दिया। रामनामी समाज का प्रत्येक अंकित राम मानवता, समानता, भक्ति और आत्मगौरव का संदेश देता है।

आज जब विश्व अपनी सांस्कृतिक जड़ों और आध्यात्मिक मूल्यों की पुनः खोज कर रहा है, तब रामनामी समाज सम्पूर्ण मानवता के समक्ष एक जीवंत प्रेरणा है। रामनामी समाज वास्तव में भारत की लोकआस्था, आध्यात्मिक लोकतंत्र और सनातन चेतना का अद्वितीय प्रकाशस्तंभ है।

आज जब विश्व पहचान के संकट, सांस्कृतिक विखंडन और आन्तरिक अशांति से जूझ रहा है, तब रामनामी समाज हमें एक अद्भुत संदेश देता है कि उन्होंने किसी ग्रन्थ में नहीं, किसी मंच पर नहीं, बल्कि अपने जीवन पर राम का नाम लिख दिया। रामनामी समाज की परम्परा मानव इतिहास की उन दुर्लभ आध्यात्मिक विरासतों में से है जो जीवन की दिव्यता का संदेश देती है।

आज आवश्यकता है कि ऐसी विलक्षण परम्पराओं को केवल इतिहास या लोककथाओं तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें विश्व मंच पर सम्मानपूर्वक प्रस्तुत किया जाये। रामनामी समाज हमें स्मरण कराता है कि भक्ति किसी भाषा, वेशभूषा या भौगोलिक सीमा की मोहताज नहीं होती। सच्ची भक्ति वह है जो हमें विनम्र, करुणामय और आत्मिक रूप से समृद्ध बनाती है।

पूज्य स्वामी जी ने सभी विभूतियों को रूद्राक्ष का पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रेरित किया।

जनसुनवाई में दिखी प्रशासन की मानवीय संवेदना, जिलाधिकारी ने की वृद्धा की आर्थिक सहायता




                              मुकेश गुप्ता

गरीब का गृह प्रवेश’ अभियान बना आशा की किरण, जनसुनवाई में जरूरतमंदों/ पीड़ितों की बढ़ती जा रही संख्या

गरीब, पीड़ित को न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता: जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़

गाजियाबाद। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ द्वारा जनपद में संचालित विशेष अभियान "गरीब का गृह प्रवेश" के अंतर्गत गरीब, पीड़ित, बेसहारा एवं वंचित लोगों को उनकी संपत्तियों पर अवैध कब्जों से मुक्ति दिलाने का कार्य निरंतर प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। अभियान के सकारात्मक परिणामों के चलते जनसुनवाई में सहायता एवं न्याय की उम्मीद लेकर आने वाले जरूरतमंद लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी गरीब अथवा कमजोर वर्ग के व्यक्ति की भूमि, मकान अथवा अन्य संपत्ति पर किसी भू-माफिया, दबंग या असामाजिक तत्व द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया हो तथा उसके पास वैध अभिलेख उपलब्ध हों, तो वह सीधे प्रशासन से संपर्क कर सकता है। ऐसे प्रत्येक पात्र व्यक्ति को न्याय दिलाने हेतु प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि गरीबों को न्याय दिलाना एवं उनकी संपत्तियों की रक्षा करना माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

इसी क्रम में कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई के उपरांत एक मार्मिक प्रकरण सामने आया, जिसमें 70 वर्षीय वृद्ध महिला श्रीमती सत्या शर्मा पत्नी स्वर्गीय सहदेव चन्द्र शर्मा, निवासी सेक्टर-03, वसुन्धरा ने जिलाधिकारी से अपनी समस्या साझा की। वृद्धा ने बताया कि उन्हें लंबे समय से विधवा पेंशन प्राप्त नहीं हो रही है तथा उनका आयुष्मान कार्ड भी नहीं बन पाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए तथा वृद्ध महिला का आयुष्मान कार्ड बनवाने हेतु आवेदन कराया। साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों से वार्ता कर आश्वस्त किया कि उनकी विधवा पेंशन जुलाई माह से पुनः प्राप्त होने लगेगी। मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने वृद्ध महिला की आर्थिक कठिनाइयों को देखते हुए अपनी हाल ही में परीक्षा ड्यूटी से प्राप्त मानदेय राशि, जो लगभग रूपये 22,000 थी, उन्हें आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान कर दी। जिलाधिकारी के इस संवेदनशील एवं प्रेरणादायी कदम की उपस्थित लोगों द्वारा सराहना की गई।

जनसुनवाई के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे

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पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ पत्रकारों का अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी, कांग्रेस का मिला खुला समर्थन



                          संवाददाता

हम पत्रकार हैं, पत्तलकार नहीं — अपूर्वा चौधरी

गाजियाबाद। गाजियाबाद पुलिस पर उत्पीड़न, फर्जी मुकदमा दर्ज करने और निष्पक्ष पत्रकारिता की आवाज दबाने के गंभीर आरोपों को लेकर जिला मुख्यालय के बाहर शुरू हुआ पत्रकारों का अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी पूरी ताकत के साथ जारी रहा। धूप और भीषण गर्मी की परवाह न करते हुए दर्जनों पत्रकार दिन-रात धरना स्थल पर डटे हुए हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहीं वरिष्ठ पत्रकार अपूर्वा चौधरी ने साफ कर दिया है कि जब तक न्याय नहीं मिलता, यह संघर्ष थमने वाला नहीं है।

धरने के तीसरे दिन कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा अपने कार्यकर्ताओं के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और पत्रकारों की मांगों को अपना पूर्ण समर्थन दिया। पत्रकारों को संबोधित करते हुए सतीश शर्मा ने कहा: लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को इस तरह दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमारी पूरी पार्टी इस लड़ाई में आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। जब तक आप लोगों को न्याय नहीं मिल जाता, कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।

धरने को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार अपूर्वा चौधरी ने पुलिस प्रशासन और भ्रष्ट अधिकारियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा:- आज हमें ईमानदारी का ईनाम फर्जी और झूठे मुकदमों के रूप में मिल रहा है। लेकिन मैं साफ कर देना चाहती हूं कि मैं पत्रकार हूं, पत्तलकार नहीं जो भ्रष्ट अधिकारियों के सामने झुक जाऊं। हमें हमारा हक चाहिए, किसी से भीख नहीं।

उन्होंने अधिकारियों के सुस्त रवैये पर तंज कसते हुए आगे कहा, प्रशासन भले ही नींद का बहाना करे, लेकिन पत्रकार झुकेंगे नहीं। कुछ लोग सोच रहे होंगे कि हम किसी की सिफारिश कराएंगे, तो वे बेफिक्र रहें। हमारी डायरेक्टरी में सबके नंबर हैं, पर हमें उनकी जरूरत नहीं है क्योंकि हम अपना संवैधानिक अधिकार अच्छी तरह जानते हैं। यह लड़ाई किसी की व्यक्तिगत लड़ाई नहीं, बल्कि उन सभी ईमानदार पत्रकारों की है जिनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

धरनारत पत्रकारों के अनुसार, यह पूरा विवाद 20 मई की एक घटना से जुड़ा है। आरोप है कि सिद्धार्थ विहार स्थित जल निगम चौकी पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने पत्रकार ललित चौधरी के साथ अभद्रता और मारपीट की थी। पत्रकारों का कहना है कि वास्तविक दोषी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई करने के बजाय, गाजियाबाद पुलिस ने उल्टा पत्रकारों के खिलाफ ही फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया।

अपूर्वा चौधरी ने आरोप लगाया कि पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर वे और उनके साथी 10 से अधिक बार संबंधित अधिकारियों से मिलकर साक्ष्य सौंप चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल खोखला आश्वासन ही हाथ लगा। इसी हठधर्मिता के खिलाफ पत्रकारों को अंततः धरने पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा।

प्रशासनिक उदासीनता के बावजूद पत्रकारों का हौसला डिगा नहीं है। धरने में मुख्य रूप से पंकज शर्मा, पवन चौधरी, विकास कुमार, ब्रजभूषण, सद्दाम हुसैन, सतीश कुमार, सुमन मिश्रा महेश त्यागी, उमेश त्यागी, सविता चौधरी, संजय शर्मा, रणसिंह, मनोज प्रजापति, फारूख सिद्दीकी, योगेश कुमार, संजय भाटी सहित दर्जनों पत्रकार साथी पूरी-पूरी रात धरना स्थल पर डटे हुए हैं।

मंगलवार, 9 जून 2026

संदीप बंसल के जन्मदिवस पर फल वितरण कर मनाया सेवा संकल्प दिवस







                               मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल के जन्मदिवस को सोमवार को सेवा संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, गाजियाबाद के तत्वावधान में जीटी रोड स्थित सरकारी अस्पताल में मरीजों, तीमारदारों एवं जरूरतमंद लोगों के बीच फल वितरण किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ व्यापार मंडल के पदाधिकारियों एवं व्यापारियों ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों का हालचाल जाना गया तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई। पदाधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल के नेतृत्व में संगठन केवल व्यापारियों के हितों की रक्षा ही नहीं कर रहा है, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में भी निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

वक्ताओं ने कहा कि संदीप बंसल का जीवन समाज सेवा, संगठन निर्माण और व्यापारी हितों के लिए समर्पित रहा है। उनके जन्मदिवस को सेवा संकल्प दिवस के रूप में मनाने का उद्देश्य समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना है। फल वितरण कार्यक्रम के दौरान अस्पताल परिसर में मानवीय सेवा और सामाजिक एकता का संदेश भी दिया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित  संदीप बंसल को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं सफल जीवन की कामना की। साथ ही संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनके योगदान की सराहना की।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक राकेश कुमार जिला अध्यक्ष संदीप बंसल राजेंद्र कुमार राजू, श्रीपाल, दीपक गर्ग, अनिल गर्ग, नरेंद्र कुमार बिल्लू सहित अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अनेक पदाधिकारी एवं व्यापारी उपीस्थित रहे।


यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर की सर्जरी टीम ने सड़क दुर्घटना में गंभीर ओपन चेस्ट इंजरी से जूझ रहे युवक की जान बचाई

 



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । अपनी तरह के पहले मामले में, यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर की जनरल सर्जरी टीम ने अन्य विशेषज्ञ विभागों के सहयोग से मेरठ एक्सप्रेसवे पर हुई एक गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल 31 वर्षीय युवक की सफलतापूर्वक जान बचाई।

यह दुर्घटना मेरठ एक्सप्रेसवे पर हुई थी, जिसमें युवक को बेहद गंभीर चोटें आई थीं। उसके सीने में बड़ा खुला घाव हो गया था, जिससे बायां फेफड़ा और हृदय तक दिखाई दे रहे थे। इसके अलावा कई पसलियां टूट गई थीं और उसकी सांसें भी बहुत धीमी हो गई थीं। यदि समय पर उचित उपचार नहीं मिलता तो स्थिति जानलेवा साबित हो सकती थी।

सड़क दुर्घटना (RTA) के इस मरीज को 24 मई 2026 को सुबह लगभग 7 बजे यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाजियाबाद लाया गया, जहां उसे तुरंत इमरजेंसी विभाग में भर्ती किया गया। जांच में पाया गया कि मरीज के सीने में गहरा खुला घाव था जो छाती की गुहा तक पहुंच गया था। बाईं ओर कई पसलियां टूट गई थीं, कॉलर बोन और छाती की हड्डी को जोड़ने वाला जोड़ (स्टर्नोक्लेविकुलर जॉइंट) अपनी जगह से खिसक गया था, छाती में खून भर गया था (हीमोथोरैक्स) तथा बाएं फेफड़े का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह सिकुड़ गया था। अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण मरीज शॉक की स्थिति में भी था।

मरीज को सबसे पहले आपातकालीन ट्रॉमा उपचार देकर स्थिर किया गया। इसके अंतर्गत घाव की पैकिंग कर रक्तस्राव नियंत्रित किया गया, रक्त चढ़ाया गया तथा छाती से खून और हवा निकालने के लिए चेस्ट ड्रेन डाली गई। चोटों की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न विशेषज्ञताओं के डॉक्टरों की एक टीम गठित की गई।

सर्जरी का नेतृत्व डॉ. प्रसन्ना रमना अरुमुगास्वामी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एवं मिनिमल एक्सेस सर्जन (MS AIIMS, MCh AIIMS) ने किया। उनके साथ डॉ. अजय पंवार (सीनियर कंसल्टेंट, ऑर्थोपेडिक ट्रॉमा एवं रोबोटिक नी एवं हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी), डॉ. प्रोफ. (कर्नल) मोहम्मद आलम परवाज (डायरेक्टर, प्लास्टिक, रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक सर्जरी) तथा डॉ. बृजेश प्रजापत (एचओडी, पल्मोनरी, क्रिटिकल केयर एवं स्लीप मेडिसिन) शामिल रहे।

इसके अलावा डॉ. दिलीप कुमार के नेतृत्व में इमरजेंसी टीम, डॉ. कमलदीप यादव एवं डॉ. (लेफ्टिनेंट कर्नल) प्रवीण कुमार की आईसीयू टीम, डॉ. मुकेश कुमार गर्ग के नेतृत्व वाली एनेस्थीसिया टीम तथा रेडियोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. पंकज अग्रवाल ने भी मरीज के सफल उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस जटिल सर्जरी में वीडियो-असिस्टेड थोरेकोस्कोपिक सर्जरी (VATS) तकनीक का उपयोग किया गया। इसके माध्यम से छाती में जमा खून निकाला गया, खुले घाव की सफाई एवं मरम्मत की गई, खिसके हुए स्टर्नोक्लेविकुलर जॉइंट को सही स्थिति में लाया गया, टूटी हुई पसलियों को स्थिर किया गया, चेस्ट ट्यूब डाली गई तथा घाव का पुनर्निर्माण कर उसे बंद किया गया।

सर्जरी के बाद मरीज को आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया और उसकी लगातार निगरानी की गई। नियमित चेस्ट एक्स-रे में फेफड़े के धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आने की पुष्टि हुई, जिसके बाद मरीज को सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से हटाया गया। इसके बाद उसकी स्थिति लगातार बेहतर होती गई।

इस गंभीर मामले में विशेष उल्लेख VATS तकनीक का है, जो एक आधुनिक एवं कम चीरा लगाने वाली सर्जिकल तकनीक है। इसकी मदद से डॉक्टरों ने बिना बड़ी ओपन चेस्ट सर्जरी किए अधिक सटीकता के साथ चोटों का उपचार किया, जिससे मरीज के स्वस्थ होने में महत्वपूर्ण मदद मिली। विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों और लंबे उपचार के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर स्थिर स्थिति में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

मामले पर टिप्पणी करते हुए डॉ. प्रसन्ना आर. अरुमुगास्वामी ने कहा, “यह हमारे द्वारा संभाले गए सबसे चुनौतीपूर्ण ट्रॉमा मामलों में से एक था। मरीज को गंभीर छाती की चोटें, फेफड़े का सिकुड़ना, कई पसलियों का फ्रैक्चर और ऐसा खुला घाव था जिससे महत्वपूर्ण अंग दिखाई दे रहे थे। समय पर उपचार, विभिन्न विशेषज्ञों के समन्वित प्रयास और उन्नत सर्जिकल तकनीकों की मदद से हम उसकी जान बचाने में सफल रहे। VATS जैसी तकनीक जटिल छाती संबंधी सर्जरी में बेहतर परिणाम देने में मदद करती है और ओपन थोरेकोटॉमी से होने वाली जटिलताओं को कम करती है।”

यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. (मेजर) सचिन दुबे ने कहा, “यह मामला दर्शाता है कि किसी भी गंभीर ट्रॉमा मरीज के लिए एक मजबूत और समग्र ट्रॉमा सिस्टम कितना महत्वपूर्ण होता है, जहां इमरजेंसी मेडिसिन, क्रिटिकल केयर, सर्जरी और अन्य विशेषज्ञ विभाग मिलकर समय पर जीवनरक्षक उपचार प्रदान करते हैं।”

इस जटिल ट्रॉमा मामले का सफल उपचार एक बार फिर यशोदा हॉस्पिटल की गंभीर आपातकालीन स्थितियों के प्रबंधन और एक ही छत के नीचे बहु-विषयक एवं समग्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की उन्नत क्षमताओं को दर्शाता है।

इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्रा आकांक्षा त्यागी बनीं भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट

 


                            मुकेश गुप्ता

साहिबाबाद । इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्रा आकांक्षा त्यागी ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और समर्पण के बल पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट के प्रतिष्ठित पद पर चयनित होकर कॉलेज और क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है।

आकांक्षा त्यागी ने इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग) में बी.टेक की पढ़ाई की है। उनका चयन भारतीय नौसेना के नेवल वेपन्स इंस्पेक्टोरेट कैडर में हुआ है, जो नौसेना की एक विशिष्ट तकनीकी शाखा मानी जाती है।

यह शाखा नौसेना को उपलब्ध कराए जाने वाले हथियारों, गोला-बारूद और अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों की गुणवत्ता, सुरक्षा एवं विश्वसनीयता का निरीक्षण करने का महत्वपूर्ण दायित्व निभाती है। इस प्रतिष्ठित पद पर चयन आकांक्षा की तकनीकी दक्षता, नेतृत्व क्षमता और उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन का प्रमाण है।

अपनी सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए आकांक्षा त्यागी ने कहा कि इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज द्वारा प्रदान की गई गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और संस्थान का प्रेरणादायी वातावरण उनकी सफलता की मजबूत नींव साबित हुआ। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और कॉलेज परिवार को दिया।

इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज के चेयरमैन विष्णु शरण, वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, आकांक्षा अग्रवाल तथा निदेशक डॉ. डी.के. शर्मा ने आकांक्षा को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

जापान में अंडर-18 एशिया कप 2026 में भारत की तरफ से युवा हॉकी खिलाड़ी करन गौतम ने अहम भूमिका निभाई--जे के गौड़

 









मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । जापान में आयोजित पुरुष अंडर-18 एशिया कप 2026 में भारत को विजेता बनाने में गाजियाबाद प्रतिभाशाली युवा हॉकी खिलाड़ी करन गौतम ने अहम भूमिका निभाई। उनकी प्रतिभा को निखारने में जेंकेजी इंटरनेशनल स्कूल विजयनगर का अहम योगदान रहा। इसी के चलते करन गौतम भारत को अंडर 18 में एशिया हॉकी कप में विजेता बनाने के बाद सोमवार को जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल पहुंचे तो उनका स्कूल व हॉकी गाजियाबाद द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। 

जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल ग्रुप के चेयरमैन व हॉकी गाजियाबाद के अध्यक्ष जे, के गौड़, स्कूल के डायरेक्टर डॉ करूण गौड़, वरूण गौड़, प्रधानाचार्या अंजू गौड़, हॉकी गाजियाबाद के सचिव राकेश शर्मा, कोषाध्यक्ष कमलकांत, संयुक्त सचिव राजीव त्यागी, सदस्य पंकज त्यागी, मीडिया प्रभारी राजीव त्यागी, स्कूल के हॉकी कोच पंकज शर्मा व प्रशासनिक अधिकारी नरेंद्र सिंह ने करन गौतम को जोरदार स्वागत किया और स्मृति चिंह भेंटकर उनका सम्मान किया। करन गौतम ने कहा कि जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन जे के गौड़, डायरेक्टर डॉ करूण गौड़, प्रधानाचार्या अंजू गौड़ व कोच पंकज शर्मा ने ना सिर्फ उनकी प्रतिभा को पहचाना, वरन उसे निखारने का कार्य भी किया। हॉकी गाजियाबाद के पदाधिकारियों ने भी उनका पूरा सपोर्ट किया। इसी के चलते उनका भारत की पुरूष अंडर 18 हॉकी टीम में चयन हुआ और वे जापान में आयोजित पुरुष अंडर-18 एशिया कप 2026 में भारत को विजेता बनाने में अपना योगदान दे पाए। स्कूल के ग्रुप चेयरमैन जे के गौड़ ने कहा कि स्कूल के लिए यह गर्व की बात है कि वे कक्षा 7 तक स्कूल के विद्यार्थी रहे। उन्होंने 18 में भारत को एशिया कप का विजेता बनाकर स्कूल का ही नहीं गाजियाबाद जनपद, उत्तर प्रदेश व देश का भी नाम रोशन किया है। डायरेक्टर डॉ करूण गौड ने कहा कि स्कूल ने करन गौतम का हर प्रकार से सपोर्ट किया। करन गौतम ने अपनी प्रतिभा के बल पर आज जो मुकाम हासिल किया है, वह देश भर के युवाओं को आगे बढने के लिए प्रेरित करेगा। प्रधानाचार्य अंजू गौड़ ने कहा कि करन गौतम में भारत को हॉकी का विश्व विजेता बनाने की क्षमता है। करन गौतम ने पूरे एशिया कप में शानदार प्रदर्शन किया। अटैकिंग सेंटर हॉफ के रूप में उन्होंने जहां विपक्षी टीमों के हमलों को नाकाम किया, वहीं जब भी जरूरत पडी गोलकर भारत को जीत दिलाने का कार्य भी किया। अपनी इस सफलता से वे पूरे देश के युवाओं के आदर्श बन गए हैं।

रविवार, 7 जून 2026

विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर बलप्रीत सिंह को किया सम्मानित

 






मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद 7 जून । 'विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस' के अवसर पर गाजियाबाद में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह कार्यक्रम खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, गाजियाबाद द्वारा आयोजित किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सांसद  अतुल गर्ग  की गरिमामयी उपस्थिति रही। खाद्य सुरक्षा को लेकर विभाग द्वारा उठाए जा रहे कदम न केवल सराहनीय हैं, बल्कि जन-जागरूकता के लिए अत्यंत आवश्यक भी हैं।

इस विशेष कार्यक्रम में मुझे सम्मानित किए जाने पर मैं विभाग का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। 

स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सुरक्षित और पौष्टिक भोजन हर व्यक्ति का अधिकार है और इसे सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। आइए, हम सब मिलकर एक सुरक्षित और स्वस्थ समाज की दिशा में अपना योगदान दें।

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अजय गोयल को सेवानिवृत्त समारोह में गणमान्य लोगों ने दी बधाई

 





मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद ।  अजय कुमार गोयल (पूर्व - संयुक्त निदेशक दिल्ली सरकार के पद से सेवानिवृत्त होने पर एक समारोह का आयोजन रिवाह सेलिब्रेशन्स बैंक्वेट में गौर हाई स्ट्रीट, गौर सिटी-2, ग्रेटर नोएडा मे शनिवार को किया गया। कार्यक्रम की शूरूआत केक कटिंग से की गई। इस मौके पर पूर्व राज्य सभा सांसद डा० अनिल अग्रवाल सपा नेता एवं वरिष्ठ समाज सेवी प्रेमचंद गुप्ता अध्यक्ष दुर्गा वाशिंग पाउडर राहुल गोयल, डी बी गुप्ता  निदेशक दिल्ली सरकार  प्रेमानंद पुष्टि निदेशक दिल्ली सरकार मनीष देव संयुक्त निदेशक प्रवीण चौरसिया उपनिदेशक उपनिदेशक मुकेश शर्मा सहायक निदेशक श्रीराम  बी बस भारद्वाज अकाउंट ऑफिसर  शरद गर्ग प्रबंधक कन्या वेदिक इंटर कॉलेज   एसके अग्रवाल कपिल गर्ग अध्यक्ष वैश्य समाज सेवा समिति राजेश गुप्ता  मुकेश गुप्ता, महेंद्र गुप्ता,राजेश्वर जिंदल, राधा रमण अग्रवाल, विवेक अग्रवाल श्याम प्रेमी, वेद सैनी उद्योगपति दिल्ली सुनील कंसल उद्योगपति  राम  भूल शर्मा राकेश कौशिक महासचिव  ब्राह्मण समाज मास्टर राजेंद्र चौधरी अरुण गोयल आलोक गोयल शालिनी गोयल पूनम गोयल अनीता जैन  उषा बंसल अलका अग्रवाल आदि अनेक गणमान्य  लोगों ने उपस्थित होकर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

शनिवार, 6 जून 2026

लोहा मंडी में व्यापारी और कर विभाग से डिप्टी कमिश्नर के साथ हुआ संवाद कार्यक्रम का आयोजन

 



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । राज्य कर विभाग के आयुक्त द्वारा जारी दिशा निर्देशों के क्रम में आज लोहा मंडी में गाजियाबाद लोहा विक्रेता मंडल के तत्वावधान में 108 लोहा मंडी पर संस्था के सभागार में एक व्यापारी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें राज्य कर विभाग से डिप्टी कमिश्नर जयप्रकाश मौर्य और सहायक आयुक्त आशुतोष कुमार गोस्वामी पधारे। 

गाजियाबाद लोहा विक्रेता मंडल के  अध्यक्ष डा० अतुल जैन ने बताया कि लोहा व्यापारियों के साथ किए गए संवाद कार्यक्रम में उन्होंने संवाद के उद्देश्यों व्यापारियों की कर संबंधी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करना और उनमें विभाग के प्रति विश्वास बढ़ाना, रिटर्न न भरने वाले व्यापारियों को नियमित अनुपालन हेतु प्रोत्साहित करना,जीएसटी पोर्टल पर करदाताओं को उनके स्वयं के मोबाइल नंबर एवं ईमेल आईडी अपडेट करने हेतु प्रोत्साहित करना, खंड स्तर पर अपंजीकृत व्यापारियों को जीएसटी पंजीयन हेतु प्रेरित करना एवं पंजीयन का विस्तार करना, जीएसटी 2.0 के अंतर्गत नवीन प्रावधानों व्यापारी-हितेषी महत्वपूर्ण सुधार एवं इन्वॉइसिंग आदि की जानकारी व्यापारियों तक पहुंचाना, इत्यादि के संबंध में उपरोक्त सारी जानकारियां डिप्टी कमिश्नर जे.पी. मौर्या द्वारा उपस्थित सभी पदाधिकारियों और व्यापारियों को दी गई और व्यापारियों द्वारा उठाए गए सवालों का भी समाधान किया गया । अधिकतर समस्याएं सचल दल से संबंधित उठाई गई इसके निराकरण हेतु वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद करने की आवश्यकता है। 

डॉ.अतुल कुमार जैन ने पधारे हुए अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। आज के इस व्यापारी संवाद कार्यक्रम में गाजियाबाद लोहा विक्रेता मंडल की ओर से अतुल जैन, अंबरीश जैन, मोहनलाल अग्रवाल ,सतीश बंसल, इंद्र मोहन कुमार, विकास जैन, कपिल जैन ,दीपक गुप्ता, मोहित गुप्ता, नवनीत गर्ग, सार्थक आनंद इंटरप्राइजेज इत्यादि के अतिरिक्त काफी बड़ी संख्या में व्यापरीकरण उपस्थित रहे

आइडियल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में प्रधानमंत्री के एक पेड़ मां के नाम के आह्वान पर डा.अतुल जैन ने वृक्षारोपण किया

 


                            मुकेश गुप्ता

 गाजियाबाद । आइडियल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में प्रधानमंत्री के एक पेड़ मां के नाम के आह्वान पर डा.अतुल जैन ने वृक्षारोपण किया 

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम के आह्वान के क्रम में डॉ.अतुल कुमार जैन अध्यक्ष गाजियाबाद लोहा विक्रेता मंडल और महासचिव टेक्निकल इंस्टीट्यूशंस फाउंडेशन ऑफ़ उत्तर प्रदेश ने विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण करके वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया। 

उन्होंने बताया कि कवि नगर स्थित पार्क में पौधारोपण किया गया और उसके उपरांत गोविंदपुरम स्थित आइडियल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी परिसर में इंडिया इंटरनेशनल स्कूल के कैंपस में डॉ.अतुल कुमार जैन ने अचल गुप्ताऔर स्टाफ के साथ मिलकर वृक्षारोपण में भाग लिया और इस अवसर पर बताया कि सभी को अधिक से अधिक संख्या में पर्यावरण की सुरक्षा हेतु पौधारोपण अवश्य करना चाहिए। 

शुद्ध वायु मंडल और सांस लेने के लिए ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए वातावरण को हरा भरा रखना अति आवश्यक है।

मेरे ऊपर लिखवाया गया मुकदमा विधायक की बौखलाहट का नतीजा:- मनोज धामा

 

मुकेश गुप्ता

लोनी/गाजियाबाद । मेरे ऊपर लिखवाया गया मुकदमा विधायक की बौखलाहट का नतीजा है।यह बात लोनी के पूर्व चैयरमैन व रालोद नेता मनोज धामा ने कही।

उन्होंने कहा कि लोनी क्षेत्र मे साजिशों का दौर शुरू हो गया है फिर से फर्जी मुकदमें लिखवाने वाले लोग एक्टिव हो गये हैं आप सभी लोनीवासी सुरक्षित रहे सतर्क रहे ।

उन्होंने कहा कि आम जन के बोलने के अधिकारों का हनन किया जा रहा है कोई भी व्यक्ति न्याय की बात नही बोल सकता वर्ना उसके ऊपर फर्जी मुकदमा लिखवा दिया जायेगा । 

मनोज धामा ने कहा कि मेरे दूारा गनौली प्रकरण मे सोशल मीडिया पर विडियो के माध्यम से पीडित परिवार के समर्थन मे न्याय की मांग की व दोषियों पर कार्यवाही करवाने को लेकर एक विडियो जारी किया गया था जिसमे मेरी संवेदना पीडित परिवार के साथ थी लेकिन कुछ लोगों को ये गवारा नही हुआ और उन्होंने मुकदमा लिखने के लिये प्रयास शुरू कर दिये लेकिन पिछले 7 दिनों से पीडित परिवार के पक्ष मे एक बार भी न्याय की मांग ना करी ना कोई कार्यवाही करायी गयी लेकिन अपनी विधानसभा से बाहर भी जाकर गर्म व ज्वलंत मामलों मे राजनीति की व हिन्दू - मुस्लिम जैसे माहौल को गर्म करने वाली घटनाओं पर न्याय मांगा लेकिन अपने गांव के ही व्यक्ति के अपहरण जैसे गंभीर मामलें मे ध्यान नही लगाया उन्होंने सारा ध्यान मनोज धामा के ऊपर मुकदमा लिखवाने मे लगाया ।

लेकिन मै मनोज धामा इन कायराना हरकतों का जवाब देना जानता हूं मै इसको लेकर कोर्ट मे जाऊंगा व जांच कराऊंगा कैसे आज समाज मे हक व न्याय की बात कहने पर सामाजिक लोगों पर प्रशासन राजनितिक दबाव मे किस प्रकार मुकदमे पंजीकृत कर रहा है ।

मै अपने विरोधियों को बता देना चाहता हूं कि ना पहले इस दबाव की राजनीति मे पहले दबा हूं ना झुका हूं ना अब दबूंगा ना झुकूंगा हर बात का जवाब समय आने पर मनोज धामा समाज के सामने दूंगा । 

आगे भी मेरी संवेदना पीडित परिवार के साथ हैं परिवार को जल्द न्याय मिले व ओमकार जी के बारे मे प्रशासन जल्द न्याय करे व पीडित परिवार को सुरक्षा भी प्रदान की जाये ।

गुरुवार, 4 जून 2026

विश्व पर्यावरण दिवस के पूर्व संध्या पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती का संदेश-“स्वच्छता बाहर, स्वच्छता भीतर





यदि बाहरी पर्यावरण को बचाना है तो सबसे पहले भीतरी पर्यावरण को प्रदूषणमुक्त बनाना होगा

भीतरी स्वच्छता अर्थात् अपने मूल स्वरूप की ओर लौटना-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश, 4 जून। विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संख्या पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल धरती, जल, वायु और वृक्षों की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने विचारों, संस्कारों और जीवन मूल्यों को शुद्ध एवं स्वच्छ बनाना भी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि बाहरी पर्यावरण को बचाना है तो सबसे पहले भीतरी पर्यावरण को प्रदूषणमुक्त बनाना होगा।

भीतरी स्वच्छता से तात्पर्य है अपने मूल स्वरूप की ओर लौटना।” हमारा वास्तविक स्वरूप शांति, प्रेम, करुणा और आनंद है, लेकिन क्रोध, अहंकार, लोभ, भय और नकारात्मक विचारों की परतें उसे ढक देती हैं। जिस प्रकार हम अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखते हैं, उसी प्रकार अपने मन, विचारों और भावनाओं को भी शुद्ध करना आवश्यक है। स्वाध्याय, ध्यान, सत्संग, सेवा और संस्कारों से जुड़कर हम अपने भीतर की पवित्रता को पुनः जागृत कर सकते हैं। जब अंतर्मन निर्मल होता है, तब जीवन में संतुलन, सकारात्मकता और दिव्यता का प्रकाश स्वतः प्रस्फुटित होने लगता है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज विश्व प्लास्टिक, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण जैसी अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन समस्याओं की जड़ केवल बाहरी नहीं, बल्कि मानवीय चेतना में उत्पन्न लालच, उपभोगवाद, असंवेदनशीलता और प्रकृति से दूरी भी है। जब हम अपने मूल्यों, संस्कारों और आध्यात्मिक जड़ों से दूर हो जाते हंै, तब प्रकृति के साथ हमारा संबंध भी कमजोर होने लगता है।

पूज्य कहा कि नदियाँ हमारे लिये केवल जलधारा नहीं, बल्कि जीवनधारा हैं। वृक्ष प्राणवायु के स्रोत हैं। पृथ्वी केवल भूमि नहीं, बल्कि हमारी जननी है। जब हम इन भावनाओं को अपने जीवन में उतारते हैं, तभी सच्चे अर्थों में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प साकार होता है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा, “वेद मंत्रों, संस्कारों, संस्कृति, मूल्यों और अपनी जड़ों से जुड़कर हम अपने भीतरी पर्यावरण को स्वच्छ रख सकते हैं। स्वच्छ विचार ही स्वच्छ समाज और स्वच्छ पर्यावरण का आधार हैं।” 

उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि इसे जीवनशैली बनना होगा। प्रत्येक व्यक्ति को यह संकल्प लेना होगा कि “मेरा कचरा मेरी जिम्मेदारी”। उन्होंने कहा कि यदि हर नागरिक अपने द्वारा उत्पन्न कचरे का उचित प्रबंधन करे, प्लास्टिक का उपयोग कम करे और पुनर्चक्रण को अपनाए, तो पर्यावरणीय चुनौतियों का बड़ा समाधान स्वतः संभव हो जाएगा।

पूज्य स्वामी जी ने विशेष रूप से यूज एंड थ्रो की संस्कृति के उपर उठकर यूज एंड ग्रो की संस्कृति को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज का उपभोक्तावादी समाज वस्तुओं को उपयोग कर फेंकने की मानसिकता को बढ़ावा दे रहा है, जबकि भारतीय संस्कृति संरक्षण, पुनः उपयोग और संवर्धन की संस्कृति है। यदि हम किसी वस्तु का पुनः उपयोग करें, उसे नया जीवन दें, संसाधनों का सम्मान करें और प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करें, तो यह धरती आने वाली पीढ़ियों के लिये अधिक सुरक्षित और सुंदर बन सकती है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने युवाओं का आह्वान करते हुये कहा कि वे अपने जीवन में स्वच्छता, संवेदनशीलता और सतत विकास के सिद्धांतों को अपनाएँ और इस धरती को हराभरा रखने में योगदान दें।

केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर "सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान" के मूल भाव के अनुरुप कार्यक्रम होगें--धर्मपाल सिंह



मुकेश गुप्ता


अभियान के प्रत्येक चरण में सादगी, अनुशासन, ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी को प्राथमिकता दी जायेगी: प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह

विश्व पर्यावरण दिवस से योग दिवस तक अभियान के तहत कराये जायेंगे कार्यक्रम: प्रभारी मंत्री

गाजियाबाद । उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह एवं गाजियाबाद के प्रभारी मंत्री द्वारा दुर्गावती देवी  सभागार विकास भवन में प्रेस वार्ता की गई। इस दौरान उन्होने बताया कि केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में दिनांक 5 जून से 21 जून 2026 तक आयोजित जन कल्याण एवं जन जागरुकता अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित समस्त कार्यक्रम "सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान" के मूल भाव के अनुरुप संचालित किया जाये। अभियान के प्रत्येक चरण में सादगी, अनुशासन, ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी को प्राथमिकता दी जायेगी। उन्होने इस सम्बंध में विस्तार से जानकारी दी।

विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून, 2026): "एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण। जिसमें अमृत सरोवरों, तालाबों, सड़कों, एक्सप्रेसवे, नदी एवं नहरों के किनारे पौधारोपण तथा सिटी फॉरेस्ट विकसित करने पर विशेष बल। स्थानीय एवं फलदार प्रजातियों को प्राथमिकता। नगर निगम, नगर पालिकाओं एवं ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक मुक्त कार्यक्रमों का आयोजन।जनसहभागिता एवं पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा।

विशेष जन-संपर्क एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम ( 8 जून से 14 जून, 2026): विभिन्न वर्गों के नागरिकों से संवाद।  केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार, जिससे अधिक से अधिक संख्या में लाभार्थी इसका लाभ ले सकें ।"सरकार आपके द्वार शिविरों का आयोजन। सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान। नागरिक समस्याओं का त्वरित निस्तारण हेतु करें कार्य।

जन-कल्याण शिविर एवं स्वास्थ्य मेला (14 जून से 16 जून, 2026): सभी विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी हेतु स्टॉल। पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण। स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सा शिविर। आयुष्मान कार्ड, किसान योजनाएं, पेंशन योजनाएं आदि का लाभ प्रदान करना। सफलता की कहानियों का प्रदर्शन किया जाएं।

विकसित भारत संकल्प सम्मेलन (16 जून से 17 जून, 2026): राज्य स्तर से चयनित विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजनों एवं विशेषज्ञों के साथ संवाद।विकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश विषय पर चर्चा। युवाओं, उद्यमियों, शिक्षकों, चिकित्सकों एवं किसानों की सहभागिता। सरकार की उपलब्धियों एवं भविष्य की योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया जाएं।

विकास प्रदर्शनी (17 जून से 20 जून, 2026): केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का प्रदर्शन। ओडीओपी/ओडीओसी उत्पादों की प्रदर्शनी। अवसंरचना, औद्योगिक विकास एवं कानून व्यवस्था में हुए सुधारों का प्रदर्शन। 'पहले और अब थीम पर विकास कार्यों का प्रदर्शन। लाभार्थी अनुभव एवं सफलता वीडियो का प्रदर्शन।

प्राकृतिक खेती कार्यशालाएं (18 जून से 19 जून, 2026): प्राकृतिक एवं जैविक खेती का प्रशिक्षण। जीवामृत, बीजामृत एवं जैविक कीटनाशक निर्माण का प्रदर्शन।  जल संरक्षण एवं कम लागत अधिक आय आधारित खेती पर चर्चा। सफल किसानों का सम्मान। कृषि उत्पाद एवं तकनीकी स्टॉलों का आयोजन।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून, 2026): जनपद एवं ग्राम पंचायत स्तर पर योग कार्यक्रम। युवाओं, महिलाओं, एनसीसी एवं स्वयंसेवी संगठनों की सहभागिता। योग जागरूकता रैली एवं जनभागीदारी। स्वास्थ्य एवं फिटनेस के प्रति जागरूकता।

रात्रि चौपाल एवं रात्रि विश्राम (अभियान अवधि के दौरान): ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि चौपाल का आयोजन। जन शिकायतों का निस्तारण। योजनाओं की समीक्षा एवं फीडबैक प्राप्त करना। स्थानीय समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण।  ग्रामीण विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा।

प्रभारी मंत्री ने कहा प्रत्येक कार्यक्रम को सफल बनाने में मीडिया की अहम भूमिका होती है। अत: मीडिया बन्धुओं से सरकार की उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण, प्रेस वार्ता एवं मीडिया संवाद, विभागीय उपलब्धियों पर पीपीटी एवं प्रचार सामग्री का प्रदर्शन, सोशल, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार कराया जाएं।

बुधवार, 3 जून 2026

भव्य उद्घाटन के साथ होगा गाजियाबाद प्रीमियर लीग का आगाज,5 जून से 21 जून तक खेलें जाएंगे मेंच--राकेश मिश्रा

 



                             मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । शहर में क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। आगामी 5 जून से गाजियाबाद प्रीमियर लीग (जीपीएल) का आगाज होने जा रहा है। इस बहुप्रतीक्षित क्रिकेट प्रतियोगिता को लेकर गाजियाबाद क्रिकेट एसोसिएशन (जीसीए) ने प्रेस वार्ता आयोजित कर तैयारियों की जानकारी साझा की। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि टूर्नामेंट की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और आयोजन को सफल बनाने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।

प्रेस वार्ता के दौरान उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) के उपाध्यक्ष एवं गाजियाबाद क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश मिश्रा ने बताया कि गाजियाबाद प्रीमियर लीग का उद्घाटन समारोह 5 जून को शाम 6 बजे आयोजित होगा। समारोह में जेके सीमेंट के ओनर, मैनेजिंग डायरेक्टर एवं अध्यक्ष  निधिपति सिंघानिया तथा पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर प्रवीण कुमार सहित खेल और उद्योग जगत की कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहेंगी।

राकेश मिश्रा ने बताया कि लीग के प्रत्येक मैच के लिए टिकट की कीमत 250 रुपये निर्धारित की गई है। स्टेडियम में लगभग 700 से 800 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की गई है, ताकि क्रिकेट प्रेमी मुकाबलों का भरपूर आनंद उठा सकें। इसके अलावा मीडिया प्रतिनिधियों के लिए विशेष कार्ड भी जारी किए जाएंगे, जिससे उन्हें आयोजन के दौरान आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

उन्होंने कहा कि गाजियाबाद प्रीमियर लीग केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि जिले की प्रतिष्ठा से जुड़ा आयोजन है। उन्होंने मीडिया से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि इस लीग को सफल बनाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उनका कहना था कि यह आयोजन भविष्य में गाजियाबाद को खेलों के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

प्रेस वार्ता में मौजूद पदाधिकारियों ने भी आयोजन को लेकर उत्साह व्यक्त किया और कहा कि जीपीएल युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का शानदार मंच प्रदान करेगा। प्रतियोगिता से जिले में क्रिकेट को नई पहचान मिलने के साथ-साथ स्थानीय खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर भी मिलेगा। इस अवसर पर जीसीए अध्यक्ष एवं यूपीसीए उपाध्यक्ष राकेश मिश्रा, यूपीसीए अंपायर पैनल के अध्यक्ष मनोज पुनडीर, जीसीए के जनरल सेक्रेटरी मनोज मांकड़, डायरेक्टर डॉ. अरविंद डोगरा, को-चेयरपर्सन जीपीएल अनिल माथुर, डायरेक्टर मतलूब मोहम्मद, ठाकुर अमर सिंह, शाहिद सैफी, सुनील सैनी सहित कई पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। गाजियाबाद प्रीमियर लीग के आयोजन को लेकर शहर के क्रिकेट प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजकों का दावा है कि यह प्रतियोगिता आने वाले वर्षों में जिले के सबसे प्रतिष्ठित खेल आयोजनों में शामिल होगी।

मंगलवार, 2 जून 2026

मकान सूचीकरण की कार्यवाही में धीमी गति देख नगर आयुक्त ने बुलाई बैठक, चार्ज अधिकारी समेत सुपर नोडल प्रभारियों को दिया गया टारगेट

 


                             मुकेश गुप्ता

जनगणना के कार्य हेतु घर-घर पहुंच रही टीम का शहर वासी करें सहयोग, नगर आयुक्त के की अपील

जनगणना में दें सही जानकारी राष्ट्रीय हित में निभाएं जिम्मेदारी-नगर आयुक्त

गाजियाबाद। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, अपर प्रमुख जनगणना अधिकारी के रूप में, चल रहे मकान सूचीकरण के कार्यों पर मॉनिटरिंग को लगातार बनाए हुए हैं, मोहन नगर जोन को छोड़कर अन्य जोन में धीमी गति को देखकर नगर आयुक्त द्वारा अधिकारियों की बैठक बुलाई गई जिसमें मकान सूचीकरण के कार्यों को गति देने के लिए कार्य योजना बनाई गई मौके पर नगर जनगणना अधिकारी अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, गाजियाबाद नगर निगम के प्रभारी जनगणना डॉ अनुज, समस्त जोन के सुपर नोडल प्रभारी जनगणना, तथा चार्ज अधिकारी भी उपस्थित रहे।

नगर आयुक्त द्वारा चार्ज अधिकारियों तथा सुपर नोडल प्रभारी को सख्त निर्देश देते हुए मकान सूचीकरण की कार्यवाही को तेज करने के लिए कहा गया जिसमें अन्य निगम के कर्मचारी और अधिकारियों का भी सहयोग लिया जाए निर्देश दिए गए, मोहन नगर जोन द्वारा 134 ब्लॉक पर कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है, वसुंधरा द्वारा केवल 08 ब्लॉक पर कार्यवाही पूर्ण की गई है, विजयनगर जोन द्वारा 05 ब्लॉक पर कार्यवाही पूर्ण की गई है, कवि नगर जोन द्वारा केवल 6 ब्लॉक पर कार्य पूर्ण किया गया है, सिटी जोन द्वारा 10 ब्लॉक पर कार्य पूर्ण किया गया है मोहन नगर को छोड़कर अन्य जोन में मकान सूचीकरण की कार्यवाही की धीमी गति को देखकर नगर आयुक्त द्वारा नाराजगी जाहिर करते हुए अन्य स्टाफ और कर्मचारियों को भी जनगणना में जोड़कर टारगेट पूरा करने के निर्देश दिए गए।

नगर आयुक्त के निर्देश पर जनगणना के कार्य हेतु समस्त जोन में सुपर नोडल प्रभारी बनाए गए जिनको 10 जून तक समय से पहले कार्य पूर्ण करने के लिए निर्देश दिए गए साथ ही संसाधनों का उपयोग करने और टीम को बढ़ाने के लिए भी कहा गया इसी क्रम में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक द्वारा घर-घर जाकर राष्ट्रहित में जनगणना के कार्य को करने वाले सुपरवाइजर और प्रगणकों का सहयोग करने के लिए शहर वासियों से भी अपील की गई है प्रगणकों और सुपरवाइजरों को सही जानकारी देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है जिससे राष्ट्रीय हित में और अधिक विकास के कार्य होंगे नगर आयुक्त द्वारा शहर वासियों से अपील की जा रही है ।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती के अवतरण दिवस से पूर्व परमार्थ निकेतन में दिव्यांगता मुक्त कैम्प एवं हरित सेवा प्रकल्पों का शुभारम्भ

 




सेवा, साधना और पर्यावरण चेतना का महापर्व

पृथ्वी केवल हमारे पूर्वजों की विरासत नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों की अमानत-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश, 2 जून 2026। परमार्थ निकेतन में प्रतिवर्ष जून माह से सेवा और समाधान प्रकल्पों का शुभारम्भ होता है जो पूरी दुनिया में दिव्यता का प्रकाश प्रस्फुटित करता है। प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी जून माह परमार्थ निकेतन के लिये पर्यावरण महोत्सव, सेवा महायज्ञ और मानवता के उत्सव के रूप में प्रारम्भ हुआ। जब दुनिया जलवायु परिवर्तन, पर्यावरणीय संकट, मानसिक तनाव और सामाजिक विखंडन जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, तब परमार्थ निकेतन एक आशा व शन्ति की किरण लेकर सदैव मार्गदर्शन करता है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन अवतरण दिवस से पूर्व ही परमार्थ निकेतन में सेवा और संवेदना के अनेक प्रकल्पों का शुभारम्भ हुआ। इसी क्रम में 1 जून से 5 जून 2026 तक आयोजित होने वाले दिव्यांगता मुक्त कैम्प का विधिवत उद्घाटन परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, कोलकाता से आये समाज सेवी श्री विनोद बागरोडिया जी, श्रीमती आभा बागरोडिया और प्रशिक्षकों की टीम ने दीप प्रज्वलित कर हरित सेवा प्रकल्पों की शुरुआत की।

पूज्य स्वामी जी का स्पष्ट संदेश है कि आज मानवता की सबसे बड़ी आवश्यकता केवल विकास नहीं, बल्कि मूल्यों से युक्त विकास है। केवल आर्थिक समृद्धि नहीं, बल्कि करुणा, संवेदना और प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व से परिपूर्ण समृद्धि ही मानवता को सुरक्षित भविष्य दे सकती है।

दिव्यांगता मुक्त कैम्प के माध्यम से सैकडों दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण, चिकित्सा परामर्श और कैलिपर्स बनाये व प्रदान की जा रहे हैं। पूज्य स्वामी जी का मानना है कि समाज की वास्तविक प्रगति तब मानी जायेगी जब विकास की अंतिम किरण समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। इसी भावना के साथ परमार्थ निकेतन ने वर्षों से स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अनगिनत जनकल्याणकारी अभियान व सेवा प्रकल्पों का मार्गदर्शन व नेतृत्व किया है।

वहीं दूसरी ओर, पौधारोपण अभियान के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का सशक्त संदेश प्रसारित किया जा रहा है। पौधारोपण करते हुए पूज्य स्वामी जी ने कहा कि पृथ्वी केवल हमारे पूर्वजों की विरासत नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों की अमानत है। यदि हम आज प्रकृति की रक्षा नहीं करेंगे तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें कभी क्षमा नहीं करेंगी।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का सम्पूर्ण जीवन इस सत्य का साक्षात उदाहरण है कि आध्यात्मिकता केवल मंदिरों और आश्रमों तक सीमित नहीं है। उनके लिये आध्यात्मिकता का अर्थ है, नदियों व जलस्रोतों को बचाना, पौधों को लगाना, पीड़ित को सहारा देना, नारियों का सम्मान करना, युवाओं को दिशा देना और मानवता को एकता के सूत्र में जोड़ना।

उन्होंने गंगा एक्शन परिवार के माध्यम से गंगा संरक्षण को जनआन्दोलन बनाया, पर्यावरण संरक्षण को आध्यात्मिक आन्दोलन का स्वरूप दिया और विश्व मंचों पर भारतीय संस्कृति के उस संदेश को पहुँचाया जिसमें सम्पूर्ण सृष्टि को एक परिवार माना गया है।

आज जब दुनिया प्रकृति का दोहन कर रही है, तब पूज्य स्वामी जी प्रकृति के साथ सहअस्तित्व का मार्ग दिखा रहे हैं। जब समाज विभाजनों से जूझ रहा है, तब वे एकता का मंत्र दे रहे हैं। जब युवा दिशाहीनता का अनुभव कर रहे हैं, तब वे उन्हें अपने भीतर छिपी दिव्यता को पहचानने की प्रेरणा दे रहे हैं।

जून माह में प्रारम्भ हुए ये सेवा और पर्यावरण प्रकल्प पूज्य स्वामी जी के उस महान संकल्प के प्रतीक हैं जिसका उद्देश्य ग्रीन प्लैनेट, क्लीन प्लैनेट और पीसफुल प्लैनेट। परमार्थ निकेतन अपने सेवा प्रकल्पों के माध्यम से पूरी दुनिया को यह संदेश दे रहा है कि पर्यावरण संरक्षण कोई विकल्प नहीं, बल्कि अस्तित्व का प्रश्न है। आज आवश्यकता केवल पौधे लगाने की नहीं, बल्कि चेतना जगाने की है।

परमार्थ निकेतन के तत्वाधान में पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के आशीर्वाद से महावीर सेवा सदन, कोलकाता से आयी विशेषज्ञों की टीम दिव्यांगता मुक्त शिविर के अन्तर्गत अत्याधुनिक विशेष वाहन द्वारा ऋषिकेश तथा आसपास के ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में पहुँचकर दिव्यांगजनों को निःशुल्क सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं। टीम द्वारा लाभार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप कैलिपर्स, कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरणों के लिये माप लिये जा रहे हैं। विशेष रूप से तैयार किये गये इन उपकरणों को लाभार्थियों को लगाकर उनकी शारीरिक स्थिति के अनुसार समायोजित भी किया जा रहा है।

इस शिविर का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना है। कृत्रिम अंगों एवं कैलिपर्स के साथ चलने, संतुलन बनाने तथा हाथों की कार्यक्षमता को पुनः विकसित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा हैं।

सोमवार, 1 जून 2026

आरकेजीआईटी के एमबीए विभाग में 1 दिवसीय मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन

 


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । आरकेजीआईटी के एमबीए विभाग ने 30 मई 2026 को 1 दिवसीय मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम (MDP) का आयोजन "परिवर्तन और अनिश्चितता के दौर में एजाइल लीडरशिप" विषय पर किया। इस एमडीपी का मुख्य उद्देश्य बदलते और अनिश्चित परिस्थितियों में प्रभावी नेतृत्व कौशल विकसित करना, प्रतिभागियों में अनुकूलन क्षमता बढ़ाना तथा नेतृत्व की आधुनिक रणनीतियों को समझाना था।

इस एमडीपी का उद्घाटन आरकेजीआईटी समूह के वाइस चेयरमैन अक्षत गोयल, सलाहकार डॉ. लक्ष्मण प्रसाद, कार्यकारी निदेशक डॉ. डी.के. चौहान, निदेशक डॉ. बी.सी. शर्मा तथा एचओडी एमबीए डॉ. विभूति त्यागी द्वारा किया गया।

आरकेजीआईटी के निदेशक डॉ. बी.सी. शर्मा ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने ऐसे महत्वपूर्ण और समसामयिक विषय पर एमडीपी आयोजित करने की पहल के लिए एमबीए विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तेजी से बदलते व्यावसायिक परिवेश में प्रभावी नेतृत्व और अनुकूलन क्षमता अत्यंत आवश्यक हो गई है।

डॉ. पुनीत मोहन, अध्यक्ष, सेवा संस्थान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे।। डॉ. पुनीत मोहन ने एजाइल लीडरशिप की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि आज के प्रतिस्पर्धी और अनिश्चित वातावरण में एक प्रभावी नेता को परिवर्तन को स्वीकार करने, टीम को प्रेरित करने, त्वरित निर्णय लेने तथा नई परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि एजाइल लीडरशिप संगठनों को चुनौतियों का सामना करने और अवसरों का बेहतर उपयोग करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से 25 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। डॉ. पुनीत मोहन ने प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर दिए तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

इस कार्यक्रम का आयोजन एचओडी एमबीए डॉ. विभूति त्यागी के संरक्षण में किया गया। डॉ. शिखा मित्तल तथा विभाग के अन्य सभी संकाय सदस्यों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। कॉलेज के सभी उच्च अधिकारियों ने विभाग को कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई दी।

आरएआई, फाउंडेशन एम्बेसडर्स कॉन्फ्रेंस एवं वार्षिक पुरस्कार समारोह 2026 का भव्य आयोजन, भारत से परमार्थ निकेतन की साध्वी भगवती सरस्वती की गरिमामयी उपस्थिति

  






वैश्विक कूटनीति, सांस्कृतिक संवाद और आध्यात्मिक मूल्यों का अद्भुत संगम

डा साध्वी भगवती सरस्वती ने परमार्थ निकेतन की भेंट रूद्राक्ष का पौधा और रूद्राक्ष की माला भेंट कर उन्हें गंगा आरती में सहभाग हेतु आमंत्रित किया

जयपुर/ऋषिकेश, 1 जून। राजस्थान के ऐतिहासिक और भव्य सिक्स सेंसिस फोर्ट बरवाड़ा में आरएआई,  फाउंडेशन द्वारा एम्बेसडर्स कॉन्फ्रेंस एवं वार्षिक पुरस्कार समारोह 2026 का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विश्व के विभिन्न देशों के राजदूतों, उच्चायुक्तों, राजनयिकों, नीति-निर्माताओं, विचारकों एवं विशिष्ट अतिथियों ने सहभागिता की।

इस विशेष सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक नेतृत्व, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और मानवीय मूल्यों पर आधारित वैश्विक साझेदारी को सुदृढ़ करना था। सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने विश्व शांति, सतत विकास, अंतर-सांस्कृतिक समझ और राष्ट्रों के बीच सहयोग को बढ़ाने के विषयों पर अपने विचार साझा किए। संवाद और सहभागिता के माध्यम से यह सम्मेलन विश्व समुदाय के मध्य विश्वास, सम्मान और सहयोग की भावना को और अधिक सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ।

सम्मेलन में 34 देशों के राजदूतों एवं उच्चायुक्तों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें उरुग्वे, पेरू, पनामा, अर्जेंटीना, कोलंबिया, गुयाना, कोस्टा रिका, तिमोर-लेस्ते, स्पेन, बोलिविया, दक्षिण कोरिया, पराग्वे, पुर्तगाल, डोमिनिकन रिपब्लिक, जिम्बाब्वे, मेक्सिको, चिली, क्यूबा, एल साल्वाडोर, ऑस्ट्रिया, आर्मेनिया, जर्मनी, कनाडा, कैमरून, सिंगापुर, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, कंबोडिया, थाईलैंड, सेशेल्स, तंजानिया, जमैका तथा वैटिकन सहित अनेक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

इस अवसर पर साध्वी भगवती सरस्वती की वैटिकन दूतावास के उप प्रमुख  एवं अपोस्टोलिक नुनसियो के प्रतिनिधि के साथ विशेष भेंट भी हुई। यह संवाद परमार्थ निकेतन और वैटिकन के मध्य आध्यात्मिक एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस बैठक में अंतरधार्मिक सद्भाव, वैश्विक शांति, पर्यावरण संरक्षण तथा मानवता की साझा चुनौतियों पर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

सम्मेलन का एक विशेष आकर्षण प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता और वैश्विक प्रेरणास्रोत साध्वी भगवती सरस्वती जी का प्रेरणादायी संबोधन रहा। उन्होंने “स्पिरिचुअल डिप्लोमेसी” अर्थात् “आध्यात्मिक कूटनीति” विषय पर अपने प्रखर विचार करते हुए कहा कि वर्तमान समय में केवल राजनीतिक और आर्थिक समझौते ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि विश्व को ऐसी कूटनीति की आवश्यकता है जो करुणा, सह-अस्तित्व, नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित हो।

डा साध्वी जी ने कहा कि जब राष्ट्र एक-दूसरे को केवल रणनीतिक साझेदार के रूप में नहीं बल्कि वैश्विक परिवार के सदस्य के रूप में देखना प्रारम्भ करते हैं, तब वास्तविक शांति और स्थायी सहयोग का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने भारतीय दर्शन के “वसुधैव कुटुम्बकम्” के सिद्धांत को वैश्विक कूटनीति की आधारशिला बताते हुए कहा कि आध्यात्मिक चेतना मानवता को विभाजन से एकता की ओर, संघर्ष से सहयोग की ओर तथा स्वार्थ से सेवा की ओर ले जाती है।

सम्मेलन के समापन अवसर पर आरएआई फाउंडेशन के वार्षिक पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशिष्ट व्यक्तित्वों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया। इन पुरस्कारों के माध्यम से नेतृत्व, नवाचार, सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक संरक्षण, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मानव कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों को मान्यता प्रदान की गई।

आरएआई फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह सम्मेलन विभिन्न देशों,     संस्कृतियों और विचारधाराओं के मध्य संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने की एक सशक्त पहल है। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में ऐसे मंचों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है, जहाँ विविधता को सम्मान मिले, संवाद को प्रोत्साहन मिले और साझा मानवीय मूल्यों के आधार पर एक बेहतर भविष्य का निर्माण किया जा सके।

सम्मेलन का समापन विश्व शांति, वैश्विक सद्भाव और मानवता के कल्याण की सामूहिक भावना के साथ हुआ। उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों ने इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सांस्कृतिक समझ और आध्यात्मिक मूल्यों के समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के सार्थक संवादों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।