गाजियाबाद । जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, विजयनगर मे कक्षा प्रथम एवं द्वितीय के विद्यार्थियों द्वारा 24 अक्टूबर 2026, शनिवार को अनुगूँज पंचतत्वों में गूँजती सृष्टि की धुन' विषय पर एक आकर्षक कक्षा प्रस्तुति (ब्लें चतमेमदजंजपवद) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक विधि से स्कूल चैयरमेन जेके गौड द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
इस विशेष प्रस्तुति के माध्यम से नन्हे-मुन्ने विद्यार्थी प्रकृति और जीवन के मूल आधार पंचतत्वों-आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी के महत्व को रचनात्मक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का उद्देश्य पंचतत्वों के आपसी संतुलन और मानव जीवन में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका को समझाना था।
प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने, पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने तथा प्राकृतिक संसाधनों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। इस आयोजन के जरिए बच्चों को यह समझाने का अवसर मिला कि पृथ्वी पर जीवन का अस्तित्व पंचतत्वों के संतुलन पर निर्भर करता है और इनका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। छात्रों के प्रदर्शन ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। नन्हें प्रतिभागियों ने अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया कि कहानियाँ केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि वे जीवन जीने की कला सिखाती हैं और बच्चों में मानवीय मूल्यों का संचार करती है। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी रही। सभी ने कार्यक्रम को अत्यंत सराहनीय एवं प्रेरणादायी बताया।
कार्यक्रम विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल एवं सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें प्रकृगके करीब लाने का एक सार्थक प्रयास है।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डा० करुण कुमार गौड़ ने छात्रों और शिक्षकों के अथक परिश्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों की प्रतिभा को निखारने का मंच प्रदान करते हैं और उन्हें आत्मविश्वास तथा नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर मिलता है।
विद्यालय प्रधानाचार्या अंजू गौड़ ने इस अवसर पर कहा कि बच्चों को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि पंचतत्वों का संतुलन बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों को जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा के लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अंजू गौड ने अभिभावकों एवं छात्रों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी का साधुवाद किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय सदैव विद्यार्थियों की प्रतिभा को उभारने और उन्हें नैतिक मूल्यों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने शिक्षकों के प्रयासों और छात्रों के उत्साह की विशेष प्रशंसा की।





















































