शुक्रवार, 20 फ़रवरी 2026

जीडीए के जोन 7 मे गुलमोहर वाटिका में बिल्डरों ने नकशे के विपरीत डाली चौथे तल पर छत, की ध्वस्तीकरण की कार्यवाही

 


                           


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद 20.फरवरी 2026 । जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में प्रभारी प्रवर्तन जोन-7 के नेतृत्व में प्रवर्तन जोन-7 क्षेत्रान्तर्गत गुलमोहर वाटिका कालोनी के भूखण्डों पर स्वीकृत मानचित्र के विरूद्ध किये गयेअतिरिक्त चौथे तल तथा सैट बैकों को अतिक्रमित कर किये गये निर्माणकर्ता अश्विनी अग्रवाल, 04 गुलमोहर वाटिका, वाद सं0- GDA/ANI/2025/0004275, सुश्री ममता चावला, 07 गुलमोहर वाटिका वाद सं0- GDA/ANI/2024/0003617,  पवन कुमार पुत्र  महावीर प्रसाद, 17 गुलमोहर वाटिका, वाद सं0- GDA/ANI/2024/0003618,  सत्यवीर सिंह, 18 गुलमोहर वाटिका, वाद सं0- GDA/ANI/2024/0003619  शैन्की मावी, 9 व 10, गुलमोहर वाटिका, वाद सं0-GDA/ANI/2024/0003225, आनन्द पाल चैहान पुत्र मेघ सिंह चैहान, भूखण्ड सं0-20 गुलमोहर वाटिका, वाद सं0- GDA/ANI/2024/0003226, श्रीमती डिम्पल सिंघल पत्नी मूलचन्द सिंघल, मूलचन्द सिंघल पुत्र  किशन कुमार सिंघल, 28 गुलमोहर वाटिका, वाद सं0- GDA/ANI/2024/0003091,  देवेन्द्र गुप्ता एवं श्रीमती सपना, 29 गुलमोहर वाटिका, वाद सं0- GDA/ANI/2024/0003092,  रोहित शर्मा, सी-1 गुलमोहर वाटिका, वाद सं0- GDA/ANI/2024/0003615, श्रीमती अनुराधा, 21 गुलमोहर वाटिका, वाद सं0- GDA/ANI/2024/0003200 श्रीमती पूनम मावी पत्नी  प्रकाशवीर मावी, श्री सुदेश प्रताप सिंह, 23 व 24 गुलमोहर वाटिका, वाद सं0- GDA/ANI/2024/0003227  देवेद्र कुमार, 08 गुलमोहर वाटिका, वाद सं0- GDA/ANI/2024/0003198  महेश्वर भाटी, 11 गुलमोहर वाटिका, वाद सं0- GDA/ANI/2024/0003089,  सतेन्द्र, 05, गुलमोहर वाटिका, वाद सं0- GDA/ANI/2024/0003088 पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गयी। गुलमोहर वाटिका स्थित 05 निर्माणों के निर्माणकर्ताओं द्वारा शमन कराने हेतु प्रार्थना पत्र दिये गये, जिनके निर्माण शमन सीमा के अन्तर्ग हैं। उक्त ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के समय प्रवर्तन जोन-7 के सहायक अभियन्ता पियूष सिंह, अवर अभियन्ता प्रशान्त मिश्रा व अवर अभियन्ता  अर्जुन यादव, स्थानीय पुलिस बल, प्राधिकरण पुलिस बल तथा प्रवर्तन जोन का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

उल्लेखनीय हैं कि सत्ता बन्धु समाचार पत्र ने इस मामले की खबर कुछ माह पूर्व छापी थी जिसपर आज कार्यवाही हुई हैं

गणेश अस्पताल में सोशल अवेयरनेस कैंप का हुआ आयोजन,नि:शुल्क स्वास्थ्य परामर्श के साथ दी सीपीआर ट्रेनिंग

 



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) गाजियाबाद के सहयोग से गणेश अस्पताल में एक विशेष सोशल अवेयरनेस कैंप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों में स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

ग्कैंप में उपस्थित मरीजों को टीएसएच (थायरॉयड), बीएमडी (बोन मिनरल डेंसिटी), पीएफटी (पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट) जैसी जांचों के साथ-साथ नि:शुल्क डॉक्टर परामर्श सेवा प्रदान की गई। कार्यक्रम में सबसे महत्वपूर्ण सत्र सीपीआर ट्रेनिंग का था, जिसमें प्रतिभागियों को आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने के तरीकों के बारे में शिक्षित किया गया।

इस अवसर पर कआईएमएगाजियाबाद की अध्यक्ष डॉ. अल्पना कंसल और उपाध्यक्ष डॉ. अर्चना शर्मा ने कहा कि ऐसे कैंप लोगों में स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम मरीजों और नागरिकों को उनके स्वास्थ्य की बेहतर समझ देने का अवसर है। कार्यक्रम में संयुक्त सचिव डॉ. अरुणा अग्रवाल, अध्यक्ष निर्वाचित डॉ. प्रहलाद चावला, डॉ. नीलू खनेजा, उपाध्यक्ष डॉ. अर्चना वर्मा, डॉ. रीनू गोयल, डॉ. आकांक्षा कंसल, डॉ. चुमकाई दे सिन्हा और डॉ. मोनिशा गुप्ता भी उपस्थित रहे और कैंप की सफलता में योगदान दिया।

परमार्थ निकेतन से प्रवाहित संस्कारों की गंगा, अप्रवासी भारतीय परिवारों के लिये युवा पीढ़ी में संस्कारों के रोपण का केन्द्र परमार्थ निकेतन

 




                          सत्ता बन्धु संवाददाता

ऋषिकेश, 20 फरवरी। माँ गंगा के निर्मल तट पर स्थित परमार्थ निकेतन वर्षों से संस्कारों और सनातन संस्कृति की जीवंत धारा बनकर विश्वभर में भारतीयता का प्रकाश फैला रहा है। यहाँ से प्रवाहित होने वाली ‘संस्कारों की गंगा’ असंख्य जीवनों को स्पर्श कर रही है, विशेषकर उन अप्रवासी भारतीय परिवारों को, जो अपनी जड़ों से जुड़े रहने की पवित्र आकांक्षा लेकर भारत आते हैं।

आज वैश्वीकरण के इस युग में, जब भौतिक प्रगति तीव्र है परंतु सांस्कृतिक पहचान धीरे-धीरे धूमिल होती जा रही है, ऐसे समय में परमार्थ निकेतन युवा पीढ़ी के लिए आशा का दीप बनकर खड़ा है। यहाँ आने वाले बच्चों और युवाओं को आध्यात्मिक पर्यटन के अनुभव के साथ वे अपने अस्तित्व, अपनी परंपरा और वैदिक संस्कृति से साक्षात्कार करते हैं।

गंगा जी के पावन तट पर प्रातःकालीन प्रार्थना, गंगा आरती, यज्ञ, दान, वैदिक मंत्रोच्चारण, ध्यान, योग एवं सत्संग के माध्यम से बच्चों के हृदय में सेवा, करुणा, अनुशासन और कृतज्ञता के संस्कार सहज ही अंकुरित होने लगते हैं। जब नन्हे हाथ यज्ञ में आहुति देते हैं, जब वे वेद मंत्रों का उच्चारण करते हैं, जब वे ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के भाव को आत्मसात करते हैं और उनके भीतर एक नई चेतना जन्म लेती है।

लंदन से आये परिवार परिवारों को भारतीय संस्कृति के विषय में जानकारी देते हुये स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि संस्कार केवल परंपराएँ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला हैं। शास्त्र केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन के मार्गदर्शक दीप हैं और संस्कृति केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी पहचान और हमारा स्वाभिमान है।

अप्रवासी भारतीय परिवारों के लिए परमार्थ निकेतन विशेष रूप से प्रेरणास्रोत है। विदेशों में पले-बढ़े बच्चे जब यहाँ आते हैं, तो उन्हें अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है। 

स्वामी जी ने कहा कि भारतीयता केवल भाषा या वेशभूषा नहीं, बल्कि विचार, व्यवहार और जीवन मूल्य हैं। ‘सेवा ही साधना है’ और ‘प्रकृति ही परिवार है’। परमार्थ निकेतन में बच्चों को दान और सेवा के कार्यों से जोड़ा जाता है, चाहे स्वच्छता अभियान हो, वृक्षारोपण हो, या जरूरतमंदों की सहायता। इससे उनमें समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है। वे केवल अपने लिए नहीं, बल्कि ‘सबके लिए’ जीना सीखते हैं।

आज जब विश्व मानसिक तनाव, असंतुलन और दिशाहीनता से जूझ रहा है, ऐसे समय में सनातन जीवन-दृष्टि का यह केंद्र युवाओं को आंतरिक शांति, आत्मविश्वास और जीवन का उद्देश्य प्रदान कर रहा है। यहाँ का वातावरण उन्हें सिखाता है कि आधुनिकता और परंपरा साथ-साथ चल सकती हैं, विज्ञान और आध्यात्म विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं।

स्वामी जी ने कहा कि संस्कार, शास्त्र और संस्कृति से जुड़ना अर्थात् अपनी जड़ों से शक्ति प्राप्त करना। यह जुड़ाव ही व्यक्ति को स्थिरता देता है, परिवार को एकता देता है और राष्ट्र को गौरव प्रदान करता है। जब हमारी युवा पीढ़ी अपने मूल्यों से जुड़ी होती है, तभी वह स्वयं से जुड़ सकती है।

लंदन से आये धनुष लोहिया ने कहा कि पूज्य स्वामी जी के पावन सान्न्ध्यि में परमार्थ निकेतन, माँ गंगा के तट से प्रवाहित यह संस्कारों की धारा आने वाली पीढ़ियों को इसी प्रकार आलोकित करती रहे यही हमारी प्रार्थना और संकल्प है।

महापौर तथा नगर आयुक्त ने सदन तथा कार्यकारिणी कक्ष का किया लोकार्पण, पार्षदों ने सुंदर और सुविधाजनक सदन कक्ष देख महापौर तथा नगर आयुक्त का किया धन्यवाद



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद  । नगर निगम मुख्यालय में सदन कक्ष तथा कार्यकारिणी कक्ष का जीर्णोद्धार कराया गया जिसका लोकार्पण महापौर सुनीता दयाल द्वारा किया गया मौके पर नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, समस्त निगम के पार्षद व अधिकारी गण भी उपस्थित रहे। सदन कक्ष में 100 पार्षदों की बैठने की अच्छी व्यवस्था, अधिकारियों के बैठने की समुचित व्यवस्था कराई गई । पार्षदों ने निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी को धन्यवाद किया।

नगर आयुक्त द्वारा सभी पार्षदों को शुभकामनाएं दी गई साथ ही बताया गया आग लगने के बाद पूर्ण रूप से सदन कक्ष खराब हो गया था, इलेक्ट्रिक की वायर भी जल गई थी जिनको बदल गया है सदन कक्ष को नया स्वरूप दिया गया है, फर्नीचर से लेकर ए सी भी नए लगाए गए हैं, सदन कक्ष का इलेक्ट्रिक पैनल भी अलग किया गया है, सदन में अग्नि संयंत्र भी लगाए गए हैं, माननीय सदन कक्ष के साथ-साथ माननीय कार्यकारिणी कक्ष भी सुविधाजनक बनाया गया है।

महापौर ने बताया कि 57 लाख से कार्यकारिणी कक्ष तथा 75 लाख से सदन कक्ष का   जीर्णोद्धार किया गया पार्षदों द्वारा बैठने की सुविधा को बेहतर बनाया गया जहां से पूरे शहर के विकास की बात होती है उसे स्थान को सुविधाजनक बनाया गया है पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था की गई है, पार्षदों तथा अधिकारियों के लिए बहुत ही सुविधाजनक कक्ष तैयार किए गए हैं महापौर द्वारा निर्माण विभाग की टीम का भी उत्साहवर्धन किया गया, कार्यक्रम में माननीय पार्षदों के साथ-साथ समस्त निगम अधिकारी भी उपस्थित रहे ।

गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026

इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज का जर्मन संस्था स्टाइनबाइस फाउंडेशन इंडिया से हुआ शैक्षिक करार

 

मुकेश गुप्ता

साहिबाबाद। तकनीकी शिक्षा, नवाचार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज, गाजियाबाद तथा एमआईईटी समूह ने स्टाइनबाइस फाउंडेशन इंडिया के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। 

इस साझेदारी के अंतर्गत इंदरप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में भारत-जर्मन प्रौद्योगिकी हस्तांतरण केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र दोनों देशों के नवाचार तंत्र को जोड़ने, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने तथा आधुनिक तकनीकों के हस्तांतरण को गति देने का कार्य करेगा। इसके माध्यम से संयुक्त शोध, उद्यमिता विकास, कौशल उन्नयन तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की संगोष्ठियों, सम्मेलनों और शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

संस्थान प्रबंधन के अनुसार जर्मनी की उन्नत तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की प्रतिभा एवं रचनात्मक क्षमता के समन्वय से सतत विकास की दिशा में ठोस पहल संभव होगी। यह सहयोग विद्यार्थियों को वैश्विक दृष्टिकोण, आधुनिक कौशल और उद्योगोन्मुख शिक्षा प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।

समझौता ज्ञापन पर स्टाइनबाइस  फाउंडेशन इंडिया के अध्यक्ष विनीत गोयल तथा इंदरप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज के उपाध्यक्ष पुनीत अग्रवाल ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, विभिन्न औद्योगिक संगठनों तथा एक्सेल जियोमैटिक्स के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के पश्चात जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उद्योग क्षेत्र की चुनौतियों एवं जर्मन तकनीक के माध्यम से भारत में तकनीकी उन्नयन की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

संस्थान प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल भारत और जर्मनी के बीच शैक्षिक एवं तकनीकी सहयोग को नई दिशा प्रदान करेगी तथा विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाएगी।

बुधवार, 18 फ़रवरी 2026

पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री, भारत एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे दर्शनार्थ पहुंचे परमार्थ निकेतनः भक्ति ही जीवन का सर्वोच्च आनंद है-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

 


 



                         सत्ता बन्धु संवाददाता

*✨भक्ति, प्रेम और आनंद की दिव्य परंपरा को नमन*

*💫माँ काली के अनन्य उपासक, अद्वैत अनुभूति के मूर्त स्वरूप स्वामी रामकृष्ण परमहंस जी तथा भगवान श्रीकृष्ण के परम प्रेममय भक्त, हरिनाम संकीर्तन द्वारा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जागरण के प्रणेता चैतन्य महाप्रभु की जयंती पर नमन* 

*🎊विश्व विख्यात परमार्थ गंगा आरती में किया सहभाग*

ऋषिकेश, 18 फरवरी। माँ काली के अनन्य उपासक, अद्वैत अनुभूति के मूर्त स्वरूप स्वामी रामकृष्ण परमहंस जी की पावन जयंती तथा भगवान श्रीकृष्ण के परम प्रेममय भक्त, हरिनाम संकीर्तन द्वारा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जागरण के प्रणेता चैतन्य महाप्रभु की जयंती के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, स्वामी शुकदेवानन्द ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी, स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने भावपूर्ण श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुये कहा कि भारत की संत परंपरा अद्भुत, जीवंत और प्रकाशमयी है, जिसने मानवता को प्रेम, सेवा, करुणा और भक्ति का सरल मार्ग दिखाया। हमारे पूज्य संतों ने त्याग और तप के साथ आनंदपूर्ण जीवन जीते हुए समाज को आध्यात्मिक दिशा दी। उनकी वाणी और साधना आज भी हमारे हृदय में शांति, विश्वास और ईश्वरानुभूति का दीप प्रज्वलित करती है।

 सुशील कुमार शिंदे , पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री, भारत एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री दर्शनार्थ आये परमार्थ निकेतन। पूज्य स्वामीजी के पावन सान्निध्य में विश्व विख्यात गंगा जी की आरती में किया सहभाग। स्वामीजी ने कहा कि उनका सार्वजनिक जीवन समर्पण, सादगी और जनसेवा का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने प्रशासनिक कुशलता, संवेदनशील नेतृत्व और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति निष्ठा के साथ देश और राज्य की सेवा की।

मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने महाराष्ट्र के विकास, सामाजिक समरसता और आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, वहीं केंद्रीय गृह मंत्री के पद पर रहते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा, आंतरिक शांति और सुशासन को प्राथमिकता दी। 

 सुशील कुमार शिंदे, ने कहा कि परमार्थ निकेतन वास्तव में शान्ति प्रदान करने वाला ऐसा दिव्य आश्रम है जहां आते ही मन आनंदित हो जाता है। पूज्य स्वामीजी से विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई। उनके विचारों की प्रखरता व चिंतन की तेजस्विता अद्भुत है।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भक्ति ही जीवन का सर्वोच्च आनंद है। यही वह दिव्य शक्ति है जो मन को निर्मल, बुद्धि को प्रखर और आत्मा को चेतन बनाती है। भक्ति में डूबा हृदय भय, तनाव और अहंकार से मुक्त होकर प्रेम, शांति और प्रकाश का स्रोत बन जाता है। यही ईश्वर से मिलन का सबसे श्रेष्ठ मार्ग है। स्वामी रामकृष्ण परमहंस जी का जीवन इस सत्य का जीवंत प्रमाण था। दक्षिणेश्वर के काली मंदिर में उनका हर क्षण माँ के चरणों में अर्पित था। उनकी भक्ति में बालक जैसी सरलता, माँ के प्रति अगाध विश्वास और पूर्ण समर्पण था। वे ईश्वर को देखने, उनसे बात करने और उन्हें जीने का अनुभव करते थे। उनके लिए भक्ति, साक्षात् अनुभूति थी। जब वे माँ काली के ध्यान में लीन होते, तो साधक और साध्य का भेद मिट जाता था। उनकी आँखों से बहते आँसू, उनके होंठों पर मुस्कान और उनकी आत्मविभोर अवस्था बताती थी कि सच्ची भक्ति ही परम आनंद का द्वार है।

दूसरी ओर चैतन्य महाप्रभु ने भक्ति को केवल मंदिरों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे जन-जन के हृदय तक पहुँचाया। उन्होंने हरिनाम संकीर्तन को सामाजिक और आध्यात्मिक क्रांति का माध्यम बनाया। सड़कों पर नाचते-गाते, ‘हरे कृष्ण’ का नाम गूंजाते हुए उन्होंने लोगों को बताया कि ईश्वर दूर नहीं, हमारे ही हृदय में वास करते हैं। उनका कीर्तन भी एक उत्सव था। उनके प्रेम और करुणा ने समाज में भेदभाव, अहंकार और निराशा को मिटाकर एक नई चेतना जगाई।

इन दोनों महान संतों का जीवन हमें संदेश देता है कि भक्ति मार्ग कठिन नहीं, बल्कि आनंदमय है। ईश्वर तक पहुँचने का रास्ता त्याग और कठोरता से अधिक प्रेम और सरलता से प्रशस्त होता है। जब हम नाम जपते हैं, कीर्तन करते हैं, सेवा करते हैं, तो भीतर का तनाव, क्रोध और भय स्वतः समाप्त होने लगता है। भक्ति हमें बाहरी परिस्थितियों से ऊपर उठाकर आंतरिक शांति, संतोष और आनंद प्रदान करती है।

आज के तेज-रफ्तार, तनावपूर्ण और भौतिकवादी युग में यह संदेश और भी अधिक प्रासंगिक हो जाता है। आधुनिक जीवन की दौड़ में मनुष्य सुख खोज रहा है, परंतु शांति उससे दूर होती जा रही है। ऐसे समय में संतों की वाणी हमें स्मरण कराती है कि सच्चा सुख बाहरी वस्तुओं में नहीं, बल्कि भीतर से जुड़ने में है। भक्ति हमें स्वयं से जोड़ती है, समाज से जोड़ती है और राष्ट्र की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ती है।

हमारी सनातन संस्कृति का मूल ही प्रेम, सेवा और साधना है। जब समाज भक्ति से जुड़ता है, तब करुणा बढ़ती है, परिवार मजबूत होते हैं और राष्ट्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। 

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि अब समय आ गया कि हम अपने घरों में भजन-कीर्तन की परंपरा पुनः जीवित करें। युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ें। भक्ति को अपने व्यवहार और कर्म में उतारें।

आइए, इन दिव्य संतों की प्रेरणा से संकल्प लें कि अपने जीवन को भक्ति के प्रकाश से आलोकित करेंगे और प्रेम, शांति तथा सद्भाव का संदेश समाज में प्रसारित करें। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

पत्रकार एसोसिएशन का होली मिलन समारोह 22 फ़रवरी को : अजय जैन


                             मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। पत्रकार एसोसिएशन गाजियाबाद की एक बैठक एसएसडी जैन पब्लिक स्कूल के प्रांगण में आयोजित की गई। जिसमें होली मिलन समारोह के साथ-साथ अन्य विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में भारी संख्या में पत्रकार शामिल हुए।

एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय जैन की अनुमति से महामंत्री संजीव वर्मा ने सभा की कार्यवाही शुरू की।सभी के विचार विमर्श के बाद अजय जैन ने प्रस्ताव रखा कि 22 फ़रवरी को होली मिलन समारोह आयोजित किया जाए क्योंकि देर होने पर सभी पत्रकारबंधु अन्य कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के लिए इधर-उधर जाते हैं इसलिए 22 फ़रवरी को होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किया जाए जिसका सभी उपस्थित पत्रकारों ने अनुमोदन किया।यह जानकारी संस्था के अध्यक्ष अजय जैन ने दी।

            रश्मि ओझा ने प्रस्ताव रखा कि सभी सदस्यों की सहमति से प्रतिवर्ष होली मिलन समारोह धूमधाम से मनाया जाता है और इस वर्ष भी होली का आयोजन धूमधाम से मनाया जाएगााउन्होंने प्रस्ताव रखा कि होली मिलन समारोह के संबंध में सभी सदस्यों व पदाधिकारी की ड्यूटी चिन्हित कर दी जाए। जिससे वह अपना-अपना कार्य ठीक से सम्पन्न कर सकें।

      संजीव वर्मा,किशन सिंह,मनीष गुप्ता,कुलदीप त्यागी आदि ने प्रस्ताव रखा कि हम सभी को मिल-जुलकर काम करना चाहिए। हम लोग जिस प्रकार से भविष्य में पत्रकारों की सहायता करते रहते हैं इस तरह के कार्य भी होते रहने चाहिए। 

इस सापेक्ष में सी पी सिंह,मीनाक्षी शर्मा,सविता शर्मा आदि ने कहा कि हमें पहले अपनी संस्था के जो सम्मानित सदस्य हैं उनकी सहायता करनी चाहिए जैसा कि अभी तक करते आ रहे हैं और भविष्य में भी करते रहेंगे। हम सभी को अधिक से अधिक संख्या में सकारात्मक विचार वाले पत्रकारों को सदस्य बनाना चाहिए। जिसका सभी ने अनुमोदन किया। 

     उपाध्यक्ष कुलदीप त्यागी ने कहा हमारी संस्था बहुत पुरानी हो चुकी हे और रजिस्टर्ड भी है। भविष्य में इस बैनर तले जनहित में कोई बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा।

         अध्यक्ष अजय जैन ने इस पर कहा कि पत्रकार एसोसिएशन ने भविष्य में अनेकों कार्यक्रम किए जैसे हेल्थ कैम्प लगवाना, फास्ट टैग कैम्प, आधार कार्ड बनवाना, गरीबों को कंबल और कपड़े वितरित करना, कई पत्रकारों की आर्थिक सहायता करना एवं पत्रकारों पर गलत तरीके से किसी ने कोई कार्रवाई की है तो उसका पुरज़ोर विरोध करना आदि-आदि अनेकों जनहित के कार्य करती रहती है। आप लोगों की सहमति से भविष्य में भी इस प्रकार के कार्य के अलावा संस्था आप सबके सहयोग से करती रहेगी। 

         महामंत्री संजीव शर्मा ने कहा कि अन्य सूचनायें व्हाटसप पर सभी को जल्द मिलती रहेंगी।

इस अवसर पर मुख्य रूप से अध्यक्ष अजय जैन, महामंत्री संजीव वर्मा, कोषाध्यक्ष योगेश कौशिक, उपाध्यक्ष कुलदीप त्यागी,सचिव रश्मि ओझा,सह सचिव किशन सिंह,सह सचिव मनीष गुप्ता,संरक्षक सुनील त्रिपाठी,मीडिया प्रभारी रिंकू नारायण,वरिष्ठ सदस्य मीनाक्षी शर्मा,राहुल शर्मा,श्रीराम, सविता शर्मा,सुधीर रस्तोगी,नरेश कुमार,रवि तुषार, सी पी सिंह,शिवम(पप्पू),समेत भारी संख्या में पत्रकारबंधु उपस्थित थे।

मंगलवार, 17 फ़रवरी 2026

बागेश्वर धाम में आयोजित सप्तम कन्या विवाह महोत्सव बना ऐतिहासिक, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी अपनी विदेश यात्रा से बेटियों को आशीर्वाद देने पधारे बागेश्वर धाम




ऋषिकेश, बुंदेलखंड, 16 फरवरी। बागेश्वर धाम की पावन धरती दिव्यता, आस्था और मानवीय संवेदनाओं से आलोकित हो उठी। आचार्य श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी के मार्गदर्शन, नेतृत्व व आशीर्वाद से आयोजित सप्तम कन्या विवाह महामहोत्सव ने एक नया इतिहास रच दिया। कन्या विवाह महोत्सव के इस विराट आयोजन में अनेकों श्रद्धालुओं, पूज्य संतों, समाजसेवियों, आठ देशों के राजदूतों और देश-विदेश से आए गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने इसे वास्तव में “बुंदेलखंड महाकुंभ” का स्वरूप प्रदान किया।

यह सामूहिक विवाह महोत्सव भारतीय संस्कृति के मूल तत्व, संस्कार, सेवा और समर्पण का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा। अनेकों कन्याओं का वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न हुआ। यहां से हर बेटी को सम्मान, सुरक्षा और आत्मसम्मान का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, पूजा और मंगल गीतों के बीच संपन्न हुए इन विवाहों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

इस ऐतिहासिक अवसर पर आध्यात्मिक चेतना के अग्रदूत, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती, विदेश यात्रा से सीधे बागेश्वर धाम पहुँुचे, उन्होंने नवदंपत्तियों को आशीर्वाद व शुभकामनायें दी। 

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने प्रेरणादायी संदेश में कहा कि कन्या का विवाह केवल एक पारिवारिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज निर्माण का आधार है। जब समाज मिलकर बेटियों के भविष्य की जिम्मेदारी लेता है, तब वह वास्तव में राष्ट्र निर्माण करता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में कन्या को देवी स्वरूप माना गया है और ऐसे आयोजनों से समाज में समानता, करुणा और सहयोग की भावना प्रबल होती है। यह केवल कन्यादान नहीं, बल्कि मानवता के प्रति कर्तव्य है।

आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री स्वयं इन बेटियों के धर्मपिता बनकर उन्हें ससम्मान विदा कर रहे हैं यह वास्तव में द्रवित करने वाला क्षण है।

कन्या विवाह महोत्सव में पूज्य संत-महात्माओं के साथ-साथ विभिन्न देशों के राजदूतों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने आयोजन को वैश्विक पहचान प्रदान की। विदेशी अतिथियों ने भारतीय परंपराओं की इस अनूठी सामाजिक पहल की सराहना करते हुए इसे प्रेरणास्रोत बताते हुये कहा कि जिस प्रकार बागेश्वर धाम सरकार ने एकजुट होकर हजारों कन्याओं के विवाह का दायित्व उठाया है, वह वैश्विक मानवता के लिए एक आदर्श मॉडल है।

पूरे परिसर को भव्य व दिव्य रूप से सजाया गया था। फूलों की सजावट, पारंपरिक मंडप, विशाल यज्ञशालाएँ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को उत्सवमय बना दिया। स्वयंसेवकों ने सेवा भाव से भोजन, जल और अन्य व्यवस्थाओं की अद्भुत जिम्मेदारी संभाली। अनेकों श्रद्धालुओं के बावजूद अनुशासन और व्यवस्था का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला।

नवविवाहित दंपत्तियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आशीर्वाद के साथ आवश्यक सहयोग भी प्रदान किया गया। यह आयोजन सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक ठोस कदम है।

यह सप्तम कन्या विवाह महोत्सव इस बात का प्रमाण है कि जब समाज, संत और सेवा की भावना एक साथ आते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है। यह आयोजन केवल बुंदेलखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का प्रकाशस्तंभ है, एक ऐसा संदेश कि बेटियाँ बोझ नहीं, बल्कि राष्ट्र की शक्ति हैं।

निस्संदेह, यह ऐतिहासिक महोत्सव आने वाले वर्षों तक सामाजिक समरसता,    सांस्कृतिक गौरव और मानवीय करुणा का प्रतीक बना रहेगा। बुंदेलखंड की यह दिव्य गाथा भारतीय संस्कृति की अमर परंपरा को नई ऊर्जा देती है और संपूर्ण समाज को एक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान करती है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 146 ईडब्ल्यूएस भवनों का लॉटरी ड्रॉ पारदर्शिता के साथ सम्पन्न’





                          मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद 17 फरवरी, 2026 । गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा मंगलवार को हिन्दी भवन, लोहिया नगर, गाजियाबाद में प्रातः 11:00 बजे से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत योजना संख्या-930-41डी, निजी विकासकर्ता मैसर्स रॉकफोर्ट डवलपर्स प्रा०लि० बिल्डर्स, खसरा संख्या-1174, ग्राम नूरनगर, गाजियाबाद में निर्मित 146 ई0डब्ल्यू0एस0 (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) भवनों के आवंटन हेतु लॉटरी ड्रॉ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में 13 वेटिंग सूची के आवेदकों के लिए भी लॉटरी प्रक्रिया सम्पन्न कराई गई। संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सम्पन्न की गई, जिससे सभी पात्र आवेदकों को समान अवसर सुनिश्चित हो सके।

लॉटरी ड्रॉ की कार्यवाही अपर जिलाधिकारी गाजियाबाद, अपर सचिव , वित्त नियंत्रक परियोजना अधिकारी तथा सी0एल0टी0सी, गाजियाबाद की उपस्थिति में संपन्न हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आवेदकगण भी उपस्थित रहे और उन्होंने पूरी प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा।

प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के नागरिकों को किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। इसी क्रम में निजी विकासकर्ता द्वारा निर्मित इन भवनों का आवंटन कर पात्र लाभार्थियों को शीघ्र ही आवास उपलब्ध कराया जाएगा।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा भविष्य में भी इसी प्रकार पारदर्शी एवं जनहितकारी आवंटन प्रक्रिया के माध्यम से आमजन को आवासीय सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

क्षय रोग मुक्त भारत अभियान के तहत विवेकानंद स्कूल में ड्राइंग कंपटीशन और स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ






                              मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद, 17 फरवरी 2026 । प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर क्षय रोग मुक्त भारत अभियान के तहत, नंदग्राम स्थित सेवाभारती द्वारा संचालित विवेकानंद स्कूल में क्षय रोग जागृति हेतु एक ड्राइंग कंपटीशन का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूल के लगभग 200 बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बच्चों ने स्वच्छता एवं स्वास्थ्य को लेकर बहुत ही सुंदर चित्रण किया, जिसने सभी को भाव विभोर कर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल यादव ने सभी चित्रकारों की मुक्त कंठ से प्रसंशा की  इनर व्हील क्लब  गाजियाबाद ग्रेटर की अध्यक्ष सुषमा गुप्ता ने सभी बच्चों को उपहार देकर प्रोत्साहित   किया ।

यह कार्यक्रम ्भांरतीय रेड क्रॉस सोसाइटी गाजियाबाद, जिला क्षय रोग विभाग व जिला स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से एक बृहद स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम (दवा सहित )भी सुबह से ही आयोजित किया गया। जिसमें करीब 100 व्यक्तियों के टी. बी.उन्मूलन कार्यक्रम के तहत ऑन द स्पॉट छाती के एक्सरे भी किए गए। डॉक्टर ने गहन अध्ययन करने के बाद बताया कि करीब तीन से चार लोगों को टीबी का रोग सस्पेक्टेड है। इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के सभापति सुभाष गुप्ता का मानना था कि इस तरह के गरीब सेवा बस्तियों में पहुंचकर ही हम टीबी मुक्त भारत की कल्पना को धरातल पर उतार सकते हैं।

सभापति सुभाष गुप्ता के अथक प्रयासों से ही अब तक लगभग 5,000 पोषण पोटली का वितरण जिले के विभिन्न स्थानों पर श्रेणी बद्ध तरीके से  कैंप लगाकर टीवी पेशेंट को प्रोटीनयुक्त अनाजों की पोषण पोटली डाइट स्वस्थ डायट के तहत दी जा चुकी हैं। इन पोषण पोटली को देने के लिए गाजियाबाद के विभिन्न सामाजिक संगठनों के अलावा गाजियाबाद के रोटरी क्लब एवं गाजियाबाद के इनरव्हील क्लब  की विशेष भूमिका रही है।

सभापति सुभाष गुप्ता ने अपनी टीम के सेवा संकल्प को देखते हुए विश्वास के साथ बताया कि अगले कुछ वर्षों में हमारा जनपद पूर्ण रूप से टीबी मुक्त हो जाएगा। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को उन्होंने रोटरी क्लब और इनर व्हील क्लब के सदस्यों को समर्पित भी किया तथा कहा कि उनके समर्पण से हम इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के माध्यम से तथा विभिन्न अस्पतालों के डॉक्टर के सहयोग से हम जिले के एक-एक टीबी पेशेंट तक पहुंच रहे हैं।

इस अवसर पर, इनर व्हील क्लब ग्रेटर गाजियाबाद की अध्यक्ष ने कहा कि हम बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। हमें खुशी है कि हम इस कार्यक्रम में भाग ले सके और बच्चों को प्रोत्साहित कर सके। संजय यादव, एम. सी. गौड़, अश्वनी शर्मा, आर. डी. शर्मा, विपिन अग्रवाल, अरुण गुप्ता, सीमा भसीन ने संयुक्त रूप से कहा  कि हम सामाजिक कार्यों में हमेशा आगे रहते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभापति सुभाष गुप्ता ने कहा कि हम सभी सहयोगी संस्थाओं, रोटरी क्लब, इनरव्हील क्लब  गाजियाबाद ग्रेटर , और भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के सभी सदस्यों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए धन्यवाद देते हैं तथा आज के कार्यक्रम को विशेष रूप से संपादित करने के लिए क्षय रोग विभाग के सभी चिकित्सकों व अन्य सहयोगियों का हृदय तल से आभार प्रकट किया ।



रविवार, 15 फ़रवरी 2026

परमार्थ निकेतन में धूमधाम से मनायी गयी महाशिवरात्रि, आइए, इस महाशिवरात्रि अपने मन को कैलाश बनाएं, हृदय को गंगाजल सा निर्मल करें और जीवन को शिवमय बनाए-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

 



                    सत्ता बन्धु संवाददाता

*💫परमार्थ गुरूकुल के आचार्यों व ऋषिकुमारों ने निकाली भगवान शिव जी की बारात*

*🌟भक्ति, वेदध्वनि और शिवत्व का दिव्य उत्सव*

ऋषिकेश, 15 फरवरी। परमार्थ निकेतन में महाशिवरात्रि का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और आध्यात्मिक गरिमा के साथ मनाया गया। परमार्थ गुरूकुल के आचार्यों व ऋषिकुमारों ने भगवान शिव जी की बारात निकाली। सम्पूर्ण आश्रम परिसर “हर-हर महादेव” और ऊँ नमः शिवाय” के गगनभेदी जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। स्वयं देवाधिदेव महादेव की यह दिव्य धरती और परमार्थ गंगा तट शिवमय हो गया। 

परमार्थ निकेतन में आयोजित महाशिवरात्रि रिट्रीट में देश-विदेश से आये साधक, योगी, और श्रद्धालु शिवरात्रि के इस पावन अवसर पर शिवकृपा प्राप्त करने हेतु एकत्रित हुए। परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने वेदमंत्रों के उच्चारण, ताल-नगाड़ों की गूंज और शंखध्वनि के साथ भगवान शिव की भव्य बारात निकाली। यह दिव्य शोभायात्रा आश्रम परिसर से होकर गंगा तट तक पहुँची, जहाँ भक्तों ने पुष्पवर्षा कर शिवबारात का स्वागत किया। 

ऋषिकुमारों की वेदपाठ की मधुर ध्वनि ने वातावरण को पवित्र कर दिया। उनके द्वारा गाये गये रुद्राष्टाध्यायी, महामृत्युंजय मंत्र और शिवस्तोत्रों ने उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय को भाव-विभोर कर दिया। नगाड़ों की ताल और डमरू की गूंज के साथ भक्तगण नृत्य और कीर्तन में लीन हो गये। 

संध्या समय विशेष शिवाभिषेक का आयोजन किया गया, जिसमें गंगाजल, दुग्ध, दही, मधु, बिल्वपत्र और पुष्पों से भगवान शिव का अभिषेक होगा। आज के दिन सामूहिक रूप से ऊँ नमः शिवाय” का जप करते हुए अपने भीतर के अहंकार, क्रोध और अज्ञान को समर्पित करने का संकल्प लें। 

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने प्रेरणादायी संदेश में कहा कि महाशिवरात्रि, चेतना की रात्रि है जो हमें विनाश से सृजन, अंधकार से प्रकाश और सीमितता से अनंतता की ओर ले जाती है। उन्होंने कहा कि शिव अर्थात् कल्याण। जब हम अपने भीतर के विकारों को त्यागते हैं, तब हमारा जीवन भी शिवमय हो जाता है। तप, त्याग, सेवा और ध्यान के माध्यम से हम अपने मन को शिवालय बना सकते हैं।

महाशिवरात्रि, आत्मजागरण की दिव्य रात्रि है, यह रात्रि हमें भीतर की सुप्त चेतना को जगाने का अवसर देती है। शिवरात्रि के दिन उपवास का भी अत्यधिक महत्व है। ‘उप’ अर्थात् समीप और ‘वास’ अर्थात् निवास अर्थात् भगवान के निकट रहना। अभिषेक, आंतरिक शुद्धि का प्रतीक है। जब हम शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, मधु और बिल्वपत्र अर्पित करते हैं, तब वस्तुतः हम अपने मन के विकारों को धो रहे होते हैं। जल से शांति, दूध से पवित्रता, मधु से मधुरता और बिल्वपत्र से समर्पण का भाव जागृत होता है। अभिषेक हमें संदेश देता है कि जीवन को निर्मल, सरल और करुणामय बनाना ही वास्तविक आराधना है।

रात्रि में जागरण एवं सत्संग का आयोजन हुआ। भजन, कीर्तन, ध्यान और साधना के साथ श्रद्धालु पूरी रात शिवनाम में लीन हुये। डमरू की ताल और घंटों की ध्वनि से पूरा वातावरण आध्यात्मिक हो उठा। परमार्थ गंगा तट पर सामूहिक ध्यान ने प्रत्येक साधक को आत्मिक शांति और ऊर्जा का अनुभव कराया।

आइए, इस महाशिवरात्रि अपने मन को कैलाश बनाएं, हृदय को गंगाजल सा निर्मल करें और जीवन को शिवमय बनाएं।

ब्रह्मज्ञान से ही सच्ची प्रेमा भक्ति संभव—सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज

 



                          मुकेश गुप्ता

 बागपत, 15 फरवरी, 2026:संत निरंकारी मिशन का एक दिवसीय निरंकारी संत समागम सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी की पावन अध्यक्षता में मेरठ के बागपत में भव्य रूप से आयोजित हुआ। समागम में हजारों श्रद्धालु भक्तों ने सहभागिता कर सतगुरु के दिव्य प्रवचनों से अपने जीवन को आध्यात्मिक दिशा प्रदान की।

श्रद्धा और भक्ति से ओत-प्रोत सत्संग में सतगुरु माता जी ने फरमाया कि परमात्मा से सच्चा प्रेम तभी संभव है जब उसका वास्तविक परिचय हो। केवल नाम लेने से नहीं, बल्कि ब्रह्मज्ञान द्वारा परमात्मा को जानकर उसे जीवन में धारण करके ही प्रेमा भक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

सतगुरु माता ने उदाहरण सहित समझाया कि परमात्मा एक ही है, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए। जिस प्रकार एक ही मैदे से अनेक प्रकार के व्यंजन बनते हैं, उसी प्रकार मूल तत्व एक ही रहता है। इसी तरह जल, बर्फ और भाप रूप बदलते हैं, पर उनका तत्व (H₂O) एक ही होता है। वैसे ही समस्त सृष्टि के कण-कण में एक ही निराकार परमात्मा विद्यमान है।

सतगुरु माता  ने कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत अनमोल है क्योंकि इसी में परमात्मा की प्राप्ति संभव है। यह मनुष्य पर निर्भर है कि वह अज्ञान में जीवन बिताए या जागरूक होकर प्रेम, क्षमा, सेवा और सद्भाव को अपनाए। सच्ची भक्ति भय, स्वार्थ या चतुराई से नहीं, बल्कि निष्काम प्रेम से की जाती है।

मनुष्य सेवा, सुमिरन और सत्संग से जुड़कर मानवता के गुणों को अपनाए, किसी को कष्ट न पहुँचाए और क्षमा व प्रेम का व्यवहार रखे। परमात्मा का प्रेम अमीर-गरीब, ऊँच-नीच या किसी भेदभाव में भेद नहीं करता; वह सभी पर समान रूप से बरसता है।

मेरठ जोन के जोनल इंचार्ज  कुंवरपाल की ओर से बागपत संयोजक  यशवीर ने विभिन्न स्थानों से आए हुए संत महात्माओं, भाई-बहनों का धन्यवाद ज्ञापन किया तथा प्रशासन से प्राप्त सहयोग हेतु प्रशासन का भी आभार व्यक्त किया।

निसंदेह, समागम में उपस्थित संगत ने एकत्व, प्रेम और मानवता के संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।




ठाकुरद्वारा से दौलतपुरा पुल तक जीटी रोड पर डेंस रोड निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ सांसद अतुल गर्ग एवं शहर विधायक संजीव शर्मा ने किया





                            मुकेश गुप्ता

 शहर की हर समस्या का समाधान ही मेरा परम् कर्तव्य.. विधायक संजीव शर्मा

गाजियाबाद ।  ठाकुरद्वारा से दौलतपुरा पुल तक जीटी रोड पर डेंस रोड निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ सांसद अतुल गर्ग एवं शहर विधायक संजीव शर्मा ने किया।

इस परियोजना के अंतर्गत दोनों ओर डेंस रोड का निर्माण एवं सौंदर्यकरण का कार्य किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत लगभग ₹4 करोड़ 35 लाख है साथ ही ठाकुर द्वारा पुल की मरम्मत का कार्य और डेंस रोड का कार्य भी होगा, यह कार्य क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ-साथ शहर की सुंदरता को भी नई पहचान देगा।

इस अवसर पर सांसद अतुल गर्ग  ने कहा कि सड़क निर्माण से शहर के विकास को नई गति मिलेगी और क्षेत्र का चतुर्मुखी विकास सुनिश्चित होगा। बेहतर सड़क व्यवस्था से व्यापार, आवागमन और स्थानीय नागरिकों को सीधा लाभ प्राप्त होगा।

वहीं शहर विधायक संजीव शर्मा ने कहा कि यह सड़क लंबे समय से क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग थी, जिसे आज पूरा करने का कार्य प्रारंभ हुआ है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विधानसभा क्षेत्र के विकास हेतु निरंतर प्रयास जारी रहेंगे और जनता की हर मूलभूत सुविधा को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा।

यह परियोजना क्षेत्रवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात है, जिससे भविष्य में यातायात जाम की समस्या में कमी आएगी और शहर का बुनियादी ढांचा और अधिक सुदृढ़ होगा।

 मीडिया प्रभारी अजय चोपड़ा ने बताया विकास के कार्य तीव्र गति से जारी रहेंगे।

इस अवसर पर शहर मंडल अध्यक्ष महीम गुप्ता, क्रासिंग मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, गाँधी नगर मंडल अध्यक्ष वरुण नागर,पार्षद नीरज गोयल, उदित मोहन, राकेश त्यागी,राजेश शर्मा,शरद शर्मा, अक्षय भोला,राकेश पंडित,व्यापारी नेता सुभाष छाबड़ा, राजू छाबड़ा,अनिल साँवारिया, राकेश स्वामी,सहित सेकड़ो कार्यकर्ता मौजूद रहे 

      

                    

             

महाशिवरात्रि पर्व पर जलाभिषेक के लिए श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में देश-विदेश के भक्तों का उमड़ा सैलाब

 




मुकेश गुप्ता

भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक कर भक्तों ने श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से लिया आशीर्वाद 

महाराजश्री ने तीन दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों व दूधेश्वर भक्तों का धन्यवाद किया 


गाजियाबादः महाशिवरात्रि पर्व पर सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में देश-विदेश के भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर परिसर ही नहीं आसपास का पूरा क्षेत्र भी भगवान दूधेश्वर के जयकारों से गूंजायमान हो गया। मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन सानिध्य में जलाभिषेक के लिए पहुंचे भक्तों की कतारें शंभू दयाल इंटर कॉलेज से आगे तक पहुंच गई। 

महाराजश्री ने महादेव व माता पार्वती के स्वरूप के साथ किया जलाभिषेक  

मंदिर में जलाभिषेक के लिए भक्तों का तांता शनिवार की रात्रि 9 बजे से ही लगने लगा था। रात्रि 12 बजे तक भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने महादेव व माता पार्वती के स्वरूप के साथ भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना की व जलाभिषेक किया। मंदिर में विराजमान सभी देवी-देवताओं व गुरू मूर्तियों की भी पूजा-अर्चना की। दास विजय बाबा लंदन यूके व श्री दूधेश्वर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज गर्ग ने भी भगवान का जलाभिषेक किया। प्राचीन देवी मंदिर द्वारका पुरी दिल्ली गेूट के महंत गिरिशानंद गिरि महाराज ने आरती की और उसके बाद मंदिर के कपाट खोले गए तो जस्सी पुरा, कैलाश नगर ही नहीं जीटी रोड भी भगवान दूधेश्वर व हर हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।   श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि मगवान महादेव व माता पार्वती के स्वरूपों ने रात भर भक्तों को दर्शन व आशीर्वाद दिया और सुबह वापस कैलाश चले गए।

भगवान के जलाभिषेक के लिए घंटों इंतजार करना पडा

मंदिर के मीडिया प्रभारी पिंटू सुथार ने बताया कि भगवान दूधेश्वर के जलाभिषेक के लिए मंदिर में देश-विदेश से पहुंचे लाखों भक्तों लंबी-लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पडा।। इसके बावजूद उनके उत्साह में कोई कमी नहीं रही। कतारों में लगे बच्चे, युवा, महिला, बुजुर्ग भगवान के भजनों से पूरे वातावरण को दूधेश्वरमय बनाते रहे।  महाराजश्री के मार्गदर्शन-अध्यक्षता तथा जिला-पुलिस प्रशासन, नगर निगम आदि के सहयोग से इतनी बेेहतर व्यवस्था रही कि लाखों की संख्या में भक्तों के पहुंचने के बाद किसी भी भक्त को जलाभिषेक करने में कोई दिक्कत नीं हो रही है और सभी ने व्यवस्थाओं की सराहना की

वीआईपी ने भी भगवान दूधेश्वर के दरबार मे ंलगाई हाजरी




भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक करने के लिए वीआईपी भी पहुंचे। भाजपा के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने रात्रि 2 बजे ही भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना व जलाभिषेक किया। सांसद अतुल गर्ग व विधायक संजीव शर्मा ने भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना व जलाभिषेक कर महाराजश्री से भेंट की। पूर्व महापौर आशु वर्मा ने भी भगवान की पूजा-अर्चना की। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने विधि-विधान के साथ भगवान की पूजा-अर्चना की। विभिन्न राजनैतिक दलों के नेता भी परिवार के साथ जलाभिषेक करने पहुंचे। राजस्थान से ठाकुर जितेंद्र सिंह सिवाना उमेश सिंह, महेंद्र सिंह आदि भक्तों ने जलाभिषंेक किया। पुलिस कमिश्नर  जे रविंदर गौड़ ने सुरक्षा व्यवस्था पर स्वयं नजर रखी। न्यायिक अधिकारियों समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों, उद्योगपतियों, व्यापारियों महंत शैलेंद्र गिरि महाराज, पंडित महेश चंद्र वशिष्ठ, रमेश गिरि महाराज, मगल गिरि आदि ने भी भगवान का जलाभिषेक किया। महाराजश्री की अध्ध्यक्षता व दूधेश्वर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज धर्म गर्ग की देख-देख में मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव ने भक्तों की भीड व सफलता का इतिहास रचा। अनुज धर्म गर्ग की ओर से भक्तों के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने सभी जनप्रतिनिधियों, सभी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों, मीडिया कर्मियों, सभी पत्रकार बंधुओं, मंदिर के स्वयंसेवकों और भगवान दूधेश्वर के सभी भक्तों का महाशिवरात्रि पर्व को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया। 

मीडिया प्रभारी पिंटू सुथार ने बताया कि

भगवान के भव्य श्रृंगार को देख अभिभूत हुए भक्त

 भगवान दूधेश्वर का भव्य श्रृंगार किया गया। भगवान का श्रृंगार श्री दूधेश्वर श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल द्वारा किया गया जिसमें मुकेश, प्रतीक, राजेश, यश, नकुल, दक्ष, कुशंक आदि दूधेश्वर भक्तों का पूर्ण सहयोग रहेगा। भगवान का श्रृंगार 501 किलो फलों व फूलों से किया गया और उन्हें 56 भोग भी अर्पित किए गए

भगवान शिव व मां पार्वती का विवाह हुआ

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व के दिन ही दिन भगवान शिव व माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसी कारण बहुत से स्थानों पर महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान शिव की बारात निकालकर भगवान शिव व मां पार्वती का विवाह कराया जाता है। दूधेश्वर नाथ मंदिर में शनिवार की रात्रि भगवान शिव की बारात जस्सीपुरा मोड से निकाली गई। बारात के मंदिर पहुंचने पर उसका भक्तों ने स्वागत किया।  बारात में भूत-प्रेत, शिवगण से लेकर ब्रहमाजी, भगवान विष्णु व अन्य देवी-द्रेवता भी शामिल थे। भगवान शिव व माता पार्वती का विधि-विधान के साथ विवाह हुआ, जिसके बाद भजन संध्या का आयोजन किया गया।

 

यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की डॉ. उपासना अरोड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रिपब्लिक ऑफ सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी से मुलाकात की

 

                              मुकेश गुप्ता

चर्चा का केंद्र भारत–सेशेल्स सहयोग को स्वास्थ्य सेवाओं, समावेशी विकास और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में मजबूत करना रहा

गाजियाबाद, 14 फरवरी 2026: रिपब्लिक ऑफ सेशेल्स के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान आयोजित आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. उपासना अरोड़ा ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  तथा महामहिम डॉ. पैट्रिक हर्मिनी से हैदराबाद हाउस,नई दिल्ली में मुलाकात की।

इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत–सेशेल्स साझेदारी को और सुदृढ़ करने तथा समावेशी विकास, व्यापार, डिजिटल परिवर्तन और क्षमता निर्माण जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों की पहचान पर चर्चा की गई। स्वास्थ्य सेवा भी आपसी रुचि का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा, जिसमें अस्पताल अवसंरचना को मजबूत करने, सस्ती और गुणवत्ता सुनिश्चित दवाओं तक पहुंच बढ़ाने तथा संस्थागत सहयोग के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य वितरण प्रणाली को बेहतर बनाने पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया।

शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2026

सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में तीन दिवसीय फाल्गुन महाशिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ, श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन सानिध्य में शुरू हुआ महोत्सव, 15 फरवरी को उमड़ेगा देश-विदेश के भक्तों का सैलाब

 




  मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद: सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में तीन दिवसीय फाल्गुन महाशिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन सानिध्य एवं अध्यक्षता में हुआ।

महोत्सव के अवसर पर मंदिर परिसर को भव्य एवं आकर्षक फूल-बंगले के रूप में सजाया गया है। महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान शिव के जलाभिषेक हेतु देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि महाशिवरात्रि का हिंदू धर्म में अत्यंत विशेष महत्व है। इसी दिन भगवान शिव लिंग रूप में प्रकट हुए थे तथा इसी तिथि को शिव-शक्ति का पावन मिलन, अर्थात भगवान शिव एवं माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। इसी कारण यह पर्व ‘शिवरात्रि’ नहीं बल्कि ‘महाशिवरात्रि’ कहलाता है।

भगवान शिव की भव्य बारात एवं विवाह आयोजन

शनिवार, 14 फरवरी की रात्रि को मंदिर परिसर में भगवान शिव एवं माता पार्वती का विवाह समारोह आयोजित किया जाएगा। विवाह से पूर्व भगवान शिव की भव्य बारात जस्सीपुरा मोड़ से निकलेगी, जिसमें भूत-प्रेत, शिवगणों के साथ-साथ देवी-देवताओं की अनुपम झांकियां देखने को मिलेंगी। विवाह उपरांत रात्रि 11 बजे से भजन संध्या का आयोजन होगा।

भगवान दूधेश्वर का अलौकिक श्रृंगार

मंदिर के मीडिया प्रभारी पिंटू सुथार ने बताया कि शनिवार 14 फरवरी को भगवान दूधेश्वर का भव्य श्रृंगार श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन सानिध्य में किया जाएगा।

श्री दूधेश्वर श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल एवं उनकी टीम द्वारा सायं 5:30 बजे भगवान का महाकाल स्वरूप में 56 भोग तथा लगभग 501 किलो फलों एवं फूलों से अद्भुत श्रृंगार किया जाएगा। इस सेवा में मुकेश, प्रतीक, राजेश, यश, नकुल, दक्ष, कुशंक सहित अनेक श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहेगा।

14 फरवरी की रात्रि 12 बजे से जलाभिषेक प्रारंभ 

महाशिवरात्रि का पावन जलाभिषेक 14 फरवरी की रात्रि 12 बजे से प्रारंभ होगा। सर्वप्रथम मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज एवं श्री दूधेश्वर मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज गर्ग द्वारा जलाभिषेक व पूजन किया जाएगा, इसके पश्चात मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

महाशिवरात्रि पर्व पर विशेष प्रशासनिक व्यवस्थाएं रविवार 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम एवं विद्युत विभाग सहित विभिन्न विभागों के सहयोग से व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। अधिकारियों द्वारा मंदिर का निरीक्षण कर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से भेंट कर उनके सुझावों के अनुसार सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

धर्मार्थ सेवा समिति द्वारा प्रसाद व्यवस्था

धर्मार्थ सेवा समिति पिछले 40 वर्षों से महाराजश्री की प्रेरणा से भक्तों की सेवा कर रही है। समिति द्वारा इस वर्ष भी नरेंद्र गुप्ता ‘आरती वाले’ के नेतृत्व में महाशिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रसाद की व्यवस्था की गई है। रात्रि तक भक्तों को कुट्टू के आटे की पकौड़ी, मखाने की खीर एवं दही का प्रसाद वितरित किया जाएगा।

आठों प्रहर की विधिवत पूजा महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर में आठों प्रहर की विधिवत पूजा का आयोजन किया जाएगा। यह पूजा दूधेश्वर वेद विद्यालय के विद्वान आचार्यों द्वारा संपन्न कराई जाएगी।

पूजन में वेद विद्यालय के प्राचार्य तोयराज उपाध्याय के साथ वरिष्ठ अध्यापक नित्यानंद आचार्य, आचार्य रोहित त्रिपाठी, आचार्य किशन शर्मा, आचार्य अजय दाधीच तथा आचार्य दीपक द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान से भगवान दूधेश्वर की आराधना की जाएगी।

पूजन का समय इस प्रकार रहेगा—

प्रथम प्रहर: प्रातः 5 से 7 बजे

द्वितीय प्रहर: 8 से 10 बजे

तृतीय प्रहर: 11 से 1 बजे

चतुर्थ प्रहर: 2 से 4 बजे

पंचम प्रहर: 4:30 से 6 बजे

सांयकालीन आरती: 6:30 से 7 बजे

षष्ठ प्रहर: 7 से 9 बजे

सप्तम प्रहर: 9:30 से 11:30 बजे

अष्टम प्रहर: रात्रि 12 से 3 बजे तक

भक्तों को मिलेगा महाराजश्री का आशीर्वाद

महाशिवरात्रि पर्व पर आम श्रद्धालुओं से लेकर विशिष्ट अतिथि तक भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक एवं पूजन करेंगे तथा मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026

एसआईआर अभियान को गति देने हेतु अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष बलप्रीत सिंह के नेतृत्व मे हुई बैठक सम्पन्न, 2000 नए मतदाता जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित



                            मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। भारतीय जनता पार्टी महानगर गाजियाबाद के नेहरू नगर स्थित कार्यालय पर एसआईआर अभियान को गति प्रदान करने हेतु अल्पसंख्यक मोर्चा महानगर की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन महानगर अध्यक्ष  मयंक गोयल के नेतृत्व में किया गया। बैठक का संचालन अल्पसंख्यक मोर्चा के महानगर अध्यक्ष सरदार बलप्रीत सिंह ने किया।

बैठक में विषय विस्तार के लिए महानगर महामंत्री  राजेश त्यागी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि एसआईआर अभियान संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है और लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का मतदाता सूची में नाम दर्ज होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 के माध्यम से नए मतदाताओं को जोड़ना प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है और अल्पसंख्यक समाज में विशेष संपर्क अभियान चलाकर अधिकाधिक युवाओं एवं पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल कराया जाए।

बैठक में महानगर मीडिया प्रभारी प्रदीप चौधरी, राकेश जैन, सरदार परमजीत सिंह पम्मी सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर अल्पसंख्यक मोर्चा को 2000 नए मतदाता फॉर्म-6 के माध्यम से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया तथा इसके लिए वार्ड स्तर पर टोली गठन कर घर-घर संपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण कर एसआईआर अभियान को सफल बनाया जाएगा।