शनिवार, 11 अप्रैल 2026

1 अप्रैल 2024 की लागू मासिक किराए दरों में शहर को मिली राहत, 2024 से पूर्व की दरों के आधार पर निर्धारित टैक्स से, वर्तमान की जो दरे लागू की जा रही हैं, समस्त छूट के बाद आवासीय भवनों पर निर्धारित टैक्स में केवल 10 से 15% की वृद्धि-सुनीता दयाल





मुकेश गुप्ता

*तीन महीने बकायदारों को 12% ब्याज से मिली मुक्ति*

*बढ़ी दरों के साथ जमा हुए टैक्स को 3 साल में किया जाएगा समायोजित*

*ऑनलाइन भुगतान करने पर 2%, कूड़ा पृथक्करण पर 10% की मिलेगी छूट*

गाजियाबाद ।  नगर निगम मुख्यालय पर महापौर सुनीता दयाल, विधायक अजीत पाल त्यागी, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एस के राय द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई जिसमें मुख्य रूप से हाउस टैक्स में शहर को राहत देते हुए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर योजना साझा की गई, महापौर सुनीता दयाल ने शहर हित में हाउस टैक्स पर छूट जारी रहेगी बताया गया जिसमें 10 वर्ष तक पुराने भवनों पर निर्धारित ए आर वी पर 25% की छूट, 10 वर्ष से अधिक 20 वर्ष तक पुराने भवनों की निर्धारित ए आर वी पर 32.5% की छूट, 20 वर्ष से पुराने भवन पर 40% की छूट जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा ऑनलाइन हाउस टैक्स जमा करने पर 2% की छूट मिलेगी और कूड़ा प्रथक्करण के लिए 10% की अतिरिक्त छूट भी निगम द्वारा दी जाएगी। गाजियाबाद नगर निगम द्वारा दी जाने वाली 20%  की छूट को 3 महीने तक बढ़ाया गया है, 12% ब्याज जो की 3 महीने तक नहीं लगेगा यह भी शहर वासियों को राहत देने के क्रम में बताया गयाl

नगर आयुक्त द्वारा प्रेजेंटेशन देते हुए उपस्थित जनों को शासन के निर्देश के क्रम में हाउस टैक्स पर दी गई राहत के बारे में विस्तार से बताया गया, *2024 से पूर्व की दरों के आधार पर निर्धारित टैक्स से वर्तमान की जो दर लागू की जा रही है उस पर समस्त छूट देने के बाद जो टैक्स आवासीय भवन पर निर्धारित है वह लगभग 10 से 15% की वृद्धि होगा* बताया गया, करदाता सभी छूट का लाभ लेते हुए 10 से 15% वृद्धि के साथ अपना टैक्स जमा कर सकते हैं, इसके अलावा बिना छूट लिए हाउस टैक्स में केवल 20% की वृद्धि है, साथ यह भी स्पष्ट किया गया की जिनके द्वारा अपना हाउस टैक्स जमा कर दिया गया है उनको आगे 3 वर्षों में समायोजित करते हुए कम हाउस टैक्स ही जमा करना होगाl नगर आयुक्त द्वारा टैक्स विभाग के सभी अधिकारियों व टीम को शासन के निर्देश के क्रम में कार्यवाही प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए l 

विधायक अजीत पाल त्यागी द्वारा प्रेस वार्ता के अंत में सभी पत्रकार बंधुओ का धन्यवाद किया गया और गाजियाबाद नगर निगम द्वारा लिए गए निर्णय के बारे में भी सभी को शुभकामनाएं दी गई, राहत के साथ शहर हित में संपत्ति करदाताओं को शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए हाउस टैक्स जमा करने के लिए अपील की गईl

साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी पहल, परमार्थ निकेतन में दो दिवसीय जागरूकता एवं निःशुल्क विधिक सहायता शिविर का आयोजन, डिजिटल युग से डिवाइन युग की यात्रा--स्वामी चिदानन्द सरस्वती

 






सत्ता बन्धु संवाददाता

*🌟पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य, उद्बोधन और आशीर्वाद*

*✨डिजिटल सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने की दिशा में परमार्थ निकेतन का सशक्त कदम*

*💫साइबर फ्रॉड से बचाव, समाधान और सशक्तिकरण-एक ही मंच पर विशेषज्ञों का मार्गदर्शन*

*💫युवाओं को केवल स्मार्ट नहीं, जागरूक और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनना होगा*

ऋषिकेश, 11 अप्रैल। आज के इस डिजिटल युग में, जहाँ तकनीक ने हमारे जीवन को सरल, सहज और सुविधाजनक बनाया है, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराध के कारण समाज के समक्ष एक गंभीर चुनौती भी है। इंटरनेट, मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ ठगी, डेटा चोरी, फिशिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी और पहचान की चोरी जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।

इसी संदर्भ में परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में “साइबर सुरक्षा एवं निःशुल्क विधिक सहायता दो दिवसीय शिविर” का आयोजन किया गया। यह शिविर तकनीकी जानकारी प्रदान करने के साथ ही एक सुरक्षित, सजग और सशक्त दिशा में आगे बढ़ाने का भी प्रयास है।  आईपीएस अधिकारी श्री कुश मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी), साइबर पुलिस, उत्तराखंड, श्रीमती भाग्यश्री, अन्वेषण अधिकारी एवं साइबर विशेषज्ञ, अधिवक्ता दीप्ति मिश्रा, प्रतिनिधि, 14 सी गृह मंत्रालय, अधिवक्ता आनंद मिश्रा आदि विभूतियों ने सभी को जागरूक किया। इस पावन अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य व उद्बोधन प्राप्त हुआ।

इस तरह के शिविर समाज के हर वर्ग, युवा, नारी शक्ति, वरिष्ठ नागरिक सभी को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। 

आईपीएस अधिकारी कुश मिश्रा ने इस शिविर में साइबर अपराधों के विभिन्न रूपों के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जैसे फिशिंग कॉल, फर्जी लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी, सोशल मीडिया  आदि। साथ ही, यह भी बताया कि इनसे कैसे बचा जाए और यदि कोई व्यक्ति इनका शिकार हो जाए तो उसे क्या कानूनी कदम उठाने चाहिए। 

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है “सावधानी ही सुरक्षा है”। आज डिजिटल युग में हमें अपने “डिजिटल जीवन” की रक्षा के लिए सजग रहना आवश्यक है। साइबर सुरक्षा केवल तकनीक का विषय नहीं, बल्कि यह हमारे विवेक और जागरूकता का भी प्रश्न है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि जब तक समाज जागरूक नहीं होगा, तब तक सुरक्षा संभव नहीं है। आज का विज्ञान हमें सुविधा देता है, परंतु विवेक हमें सुरक्षा देता है। यदि विज्ञान के साथ चेतना और नैतिकता का समन्वय हो जाए, तो समाज एक नई ऊँचाई प्राप्त कर सकता है। यह शिविर उसी समन्वय का एक प्रयास है, जहाँ विज्ञान, विधि और आध्यात्म का संगम हो रहा है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि डिजिटल युग को जब हम सब मिलकर “डिवाइन युग” की ओर ले जाएंगे, तो निश्चित रूप से साइबर अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है। जब तकनीक के साथ नैतिकता, संस्कार और जागरूकता जुड़ती है, तब सुरक्षा स्वाभाविक बन जाती है। हमें केवल स्मार्ट नहीं, बल्कि जागरूक और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनना होगा। सत्य, सतर्कता और संयम के सिद्धांतों को अपनाकर हम अपने डेटा, परिवार और समाज की रक्षा कर सकते हैं। आइए, विज्ञान को आध्यात्म से जोड़कर एक सुरक्षित, सशक्त और जागरूक समाज का निर्माण करें।

आज का कार्यक्रम मुख्य रूप से दो पहलुओं के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में प्रतिनिधियों द्वारा साइबर से संबंधित विभिन्न प्रकार के साइबर अपराध की जानकारी दी गई, जिसमें मुख्य रूप से डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड जैसे कई प्रकार के अपराधों पर विस्तार से चर्चा की तथा बताया कि ओटीपी जैसी आपकी निजी जानकारी की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। अधिवक्ता आनंद मिश्रा जी ने इस कार्यक्रम का संचालन किया।

इस अवसर पर योगाचार्य विमल बधावन, रेखा मशरूवाला, आचार्य दीपक शर्मा, अजंना शर्मा, परमार्थ विद्या मन्दिर, परमार्थ नारी शक्ति केन्द्र, परमार्थ गुरुकुल, परमार्थ निकेतन के ऋषिकुमार, विद्यार्थियों व परिवार जनों की सहभागिता रही। 

सभी आमंत्रित हैं आइए, जागरूक बनें, सुरक्षित रहें और एक सशक्त समाज का निर्माण करें।

ज्ञान पीठ केन्द्र 1, स्वरुप पार्क मे लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट ने मानवतावादी, महामानव महात्मा ज्योति राव फूले का जन्म दिन समारोह “सामाजिक, शैक्षणिक क्रान्ति दिवस” के रूप में बड़े उल्लास के साथ मनाया






मुकेश गुप्ता

 गाजियाबाद/ साहिबाबाद ।  ज्ञान पीठ केन्द्र 1, स्वरुप पार्क जी0 टी0 रोड साहिबाबाद के प्रांगण में लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा सामाजिक क्रान्ति के अग्रदूत, रुढ़िवाद, पाखंड के घोर विरोधी, मानवतावादी, महामानव महात्मा ज्योति राव फूले का जन्म दिन समारोह “सामाजिक, शैक्षणिक क्रान्ति दिवस” के रूप में बड़े उल्लास के साथ मनाया गया, सभी कार्यक्रम में शामिल विद्वानगणों ने चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें स्मरण करते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व की सराहना की तथा उनके द्वारा दिखाए गये मार्ग का अनुशरण करने का संकल्प लिया।

         कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी चिन्तक राम दुलार यादव शिक्षाविद मुख्य वक्ता ने कहा कि महात्मा ज्योति राव फूले के बारे में डा0 अम्बेदकर ने लिखा है कि वह “भगवान बुद्ध, संत कबीर के बाद तीसरे हमारे पथ-प्रदर्शक रहे हैं“ उन्होंने उस समय सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्रान्ति का बिगुल बजाया जब भारतीय समाज की बहुसंख्यक जनता दुर्गति की चक्की में पिस रही थी, मानव जीवन विपिन्नावस्था की अँधेरी सुरंग में पहुँच गया था, उनकी अज्ञानता, अशिक्षा, बेबसी, लाचारी, और भय का लाभ उठाकर अंधविश्वासी, पाखंडी, सामंती, पुरोहितवादी ताकतें उनकी मेहनत की कमाई का दोहन कर अपना स्वार्थ सिद्ध करने में लगी हुई थी, पूरा समाज शोषण, अन्याय, अत्याचार के बोझ से कराह रहा था, स्वर्ग, नर्क, पाप, पुन्य का डर दिखा समाज के पिछड़े, दलित, शोषित, पीड़ित जन और महिलाओं को शिक्षा से वंचित किया जा रहा था, उस समय महात्मा ज्योति राव फूले ने हर प्रकार के शोषण, अन्याय, अत्याचार, अनाचार और धार्मिक पाखंड का घोर विरोध करते हुए लोगों में सामाजिक समता, शैक्षणिक क्रान्ति की ज्वाला प्रज्जवलित करने के लिए कमजोर वर्गों और महिलाओं के लिए स्कूल खोले, चिकित्सा की सुविधा प्रदान की तथा सामाजिक रुढ़िवाद, कुरीतियों से विधवा तथा नवजात बच्चों के संरक्षण की व्यवस्था की, विषमता दूर करने के लिए अपमान सहते हुए अपना जीवन लगा दिया ।

          श्री यादव ने कह कि आज भी 21वीं शदी में विश्व प्रसन्नता सूचकांक में हम 147 देशों में 116 वें स्थान पर है, धार्मिक पाखंड चरम सीमा पर है, असमानता सुरसा के मुंह की तरह बढ़ रही है, 1% भारत के लोग 40% से अधिक संपत्ति पर कब्ज़ा कर लिए है, गरीबी, मंहगाई, बेरोजगारी बढ़ रही है, शिक्षा और चिकित्सा आम आदमी की पकड़ से बाहर हो गयी है, हमें महात्मा ज्योति राव फूले के विचार से प्रेरणा लेकर देश के कमजोर वर्गों, महिलाओं और बच्चों को मुख्य धारा में लाने की व्यवस्था करें, तभी इन महापुरुषों का सपना साकार होगा।

          कार्यक्रम की अध्यक्षता डा0 देवकर्ण चौहान ने,  संचालन श्रमिक नेता अनिल मिश्र ने, आयोजन इंजी0 धीरेन्द्र यादव ने किया | राम प्यारे यादव, जगन्नाथ प्रसाद, कैलाश चन्द्र ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया, राजेन्द्र सिंह, हुकुम सिंह महात्मा के सम्मान में गीत प्रस्तुत किया, विनोद त्रिपाठी ने ज्ञानपीठ सन्देश सुना सभी को आत्मविभोर कर दिया, श्रद्धा सुमन अर्पित करने वाले प्रमुख रहे, विश्वनाथ यादव, देवमन यादव, महेन्द्र यादव, फूल चन्द पटेल, शम्भुनाथ जायसवाल, अमृत लाल चौरसिया, राजेन्द्र, विनोद कुमार, ब्रह्म प्रकाश, मुनीव यादव, कृष्णानंद यादव, सम्राट सिंह, ओम प्रकाश अरोड़ा, शिवानन्द चौबे, विजय भाटी एडवोकेट, डी0 के0 सिंह, अनिल मिश्र, कैलाश चन्द्र, राम प्यारे यादव, जगन्नाथ प्रसाद, ताहिर अली, विकास कुमार, अमर बहादुर, रोहित, हरिकृष्ण, प्रेम चन्द पटेल आदि शामिल रहे।


                                                                                                                  


                                                                                                            

                                                                                         

भगवान बुद्ध, संत कबीर के बाद मेरे तीसरे पथ-प्रदर्शक महात्मा ज्योतिराव फूले रहे :-डा0 भीमराव अम्बेडकर-- रामदुलार यादव


महात्मा ज्योतिबा फूले के जन्म-दिन 11 अप्रैल 2026 पर विशेष:- 

      महात्मा ज्योतिबा फूले आधुनिक भारत की सामाजिक, शैक्षणिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक क्रांति के अग्रदूत सच्चे अर्थों में मानवतावादी थे, वे गुलामी के घोर विरोधी, आजादी के प्रबल पक्षधर, सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक, राजनैतिक और शैक्षणिक क्षेत्र में किसी प्रकार की असमानता और गुलामी के कट्टर विरोधी थे| वे किसान, मजदूर की कठिनाइयों को दूर करने के लिए संघर्ष करते रहे, कारखानों के मालिक और जमींदारों के जुल्म से पीड़ित जन-जन के लिए उनके पक्ष में डट कर खड़े हो जाते थे, हिन्दू धर्म में व्याप्त पाखंड, छुवाछूत, अंध विश्वास, रूढ़िवाद, कर्मकांड, कुरीतियों, अन्याय, अत्याचार को सामाजिक कोढ़ मानते थे, तथा ईश्वर के मामले में किसी बिचौलिये पण्डे, पुरोहितों को अनावश्यक मान, लोगों को धार्मिक कार्य स्वयं करने की प्रेरणा देते रहे, उन्होने महिला सशक्तिकरण, उनके सम्मान में अनेकों कार्य किए, नर-नारी समानता के लिए लगातार समाज को जागरूक किया, शूद्र और अति पिछड़ी जतियों के लिए शिक्षा का प्रबंध किया, दलित और हर वर्ग की महिलाओं के लिए पाठशाला का निर्माण करवाया, शिक्षा महिलाओं को सुलभ हो अपनी धर्मपत्नी सावित्री बाई फूले को शिक्षित किया, विधवाओं के पुनर्विवाह का जोरदार समर्थन और प्रचार किया, ब्राह्मण विधवाओं के मुंडन के विरुद्ध आवाज उठा नाइयों की हड़ताल करवा दी, अनाथ और आश्रयहीन महिलाओं के लिए अनाथाश्रम और प्रसूति गृह का निर्माण करवाया, ऐसे बहु आयामी व्यक्ति का जन्म 11 अप्रैल 1827 में गोविंद राव फूले के घर हुआ, इनकी माता चिमणा बाई का बाल्यकाल  में ही देहांत हो गया, इनका लालन-पालन सगुणा बाई ने किया, स्वयं ज्योतिबा ने लिखा है कि मै जन्म देने वाली माँ को तो नहीं जानता लेकिन हर तरह की शिक्षा और माँ की भूमिका सगुणा बाई जी ने निभाया, उन्होने मुझे शिक्षा के लिए प्रेरणा देते हुए नैतिक मूल्यों, ईमानदारी से दबे, कुचले, वंचित की सेवा का पाठ पढ़ाया, हमारे पिता को कुछ प्रतिक्रियावादी ताकतों ने नर्क का डर दिखा, पढ़ाई से वंचित करवा दिया, लेकिन लिजिट साहब, गफ्फार बेग मुंशी ज्योतिबा की शिक्षा में रुचि, लगन, समझदारी और परिश्रम करने की तैयारी, शिक्षा के प्रति दृढ़ इच्छा शक्ति, दूर दृष्टि को समझते हुए गोविंदराव को ज्योतिबा को शिक्षा देने के लिए तैयार कर लिया, तथा कहा कि शिक्षा इस बच्चे के लिए आवश्यक क्यों है, पिता ने पश्चाताप करते हुए  पुन: 1841 में स्कॉटिश मिशन स्कूल में प्रवेश ज्योतिबा को दिलवा दिया, स्कॉटिश मिशन स्कूल में ज्योतिबा को हिन्दू धर्म में उंच-नीच, छुवाछूत, अन्याय, शोषण विद्यमान है, धर्माचरण में निहित स्वार्थ का भी अनुभव हुआ, तथा मानवीय कर्तव्यों और अधिकारों का भी ज्ञान हुआ, राजनैतिक और धार्मिक गुलामी उनकी नजर में घृणास्पद थी, यद्यपि व्यापारी और उच्च वर्ण के लोग अंग्रेजों के शासन के प्रसंशक थे, लेकिन पहाड़ी जन-जातियों, कोली, नाईक, रामोशी के नवयुवकों की वीरता की कहानियाँ चारों तरफ फैल रही थी, कि ये तो अंग्रेजों के कुशासन के विरुद्ध विद्रोह कर रहे है, वे गरीबों के प्रति हमदर्द और आत्मविश्वास से परिपूर्ण है, ज्योतिबा फूले और उनके मित्रों को अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ने की प्रेरणा मिली|

      ज्योतिबा राव फूले पर अमेरिकी लेखक थॉमसपेन का प्रभाव उनके द्वारा लिखित ग्रंथ “मनुष्य के अधिकार” का बेहद गहरा पड़ा, थॉमसपेन का मानना था धर्म किसी व्यक्ति का निजी विषय है वह चाहे ईश्वर को माने, चाहे न माने, मेरा मन ही मेरा चर्च है, ईश्वर के मामले में किसी बिचौलिये की आवश्यकता नहीं है, ईश्वर के नाम पर धर्म का बाज़ार अनावश्यक, अनिष्टकारी और पाखंड सर्जक है, इसलिए देश वंश, पंथ, लिंग आदि के आधार पर मनुष्यों में भेद करना प्राकृतिक योजना के विरुद्ध है, हर एक-दूसरे मानव की कद्र करनी चाहिए, और सभी के साथ समानता का व्यवहार करना चाहिए, यही मानव धर्म है, पेन ने नारी दास्य  विमोचन के बारे में लेख लिखा उन्होने कहा समस्त विश्व की नारी चाहे वह किसी वर्ग की हो शोषण की शिकार रही है, उन्होने स्त्री-पुरुष की समानता पर ज़ोर दिया, आर्थिक और सामाजिक गुलामी से वंचितों की मुक्ति और नारी दास्य विमोचन दोनों विषयों के लिए ज्योतिबा काम करना चाहते थे, उनकी विशेष रुचि थी|

   ड़ा0 अम्बेद्कर ने कहा है कि “महात्मा फूले के शिक्षा प्रसार के कार्य से ही अछूतों को मनुष्यता की प्राप्ति हुई, स्वयं ज्योतिबा ने कहा कि वंचित समाज और हर वर्ग की महिलाओं को मानसिक गुलामी से मुक्ति का मार्ग शिक्षा है, उन्होने कहा कि “विद्या बिन मति गयी, मति बिन गई नीति, नीति बिन गति गई, गति बिन गया वित्त, वित्त बिन चरमराये लोग, एक अविद्या ने किये इतने अनर्थ” | ज्योतिबा ने प्रथम कन्या पाठशाला 1848 में शुरू कर अपने उद्देश्य को लोगों के सामने रखा, उस समय वह 20 वर्ष के थे, नारी और वंचित समाज की शिक्षा के प्रति प्रतिवद्ध हो सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया, पहली अध्यापिका सावित्री बाई फूले ने उनका भरपूर सहयोग किया, लेकिन प्रतिक्रिया वादी ताक़तें इनके पिता को बहका, धार्मिक पाखंड की बातकर, नर्क का डर दिखा इन दोनों को घर से निकलवा दिया, लेकिन ज्योतिबा हिम्मत से काम ले, स्वयं निर्माण कार्य के व्यवसाय में लग गए, परिवार के खर्च के बाद जो भी धन बचता, वह शिक्षा और चिकित्सा पर समाज के लिए जीवन भर व्यय करते रहे, तथा सत्य शोधक समाज नामक संस्था संचालित किया, पाखंड, भ्रम, गुलामी, गरीबी, अशिक्षा को मिटाने का प्रयास किया, महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए तथा हर वर्ग की शिक्षा के लिए किसान, मजदूर की लड़ाई लड़ते हुए 27 नवंबर 1890 को उन्होने अंतिम सांस ली, उनके कार्य को आगे चलकर ड़ा0 भीमराव अंबेडकर ने पैनी धार दी| उसका परिणाम वंचित वर्ग सम्मान जनक, गौरव शाली जीवन स्वतन्त्रता पूर्वक जी रहा है| आज 21वीं सदी में शिक्षा, चिकित्सा का स्तर गिरता जा रहा है, शिक्षा से समाज में भाईचारा, प्रेम, सहयोग की भावना बढ़नी चाहिए लेकिन अशांति, नफरत, द्वेष, अहंकार, असहिष्णुता बढ़ती जा रही है, इन महापुरुषों ने कभी सोचा न होगा, कि ऐसी स्थिति होगी, हमे पूरे मनोयोग से समरस और समावेशी समाज बनाने का संकल्प लेना चाहिए, यही इन महात्मा के प्रति आदर होगा|

               लेखक                                                                     राम दुलार यादव, शिक्षाविद

            संस्थापक/अध्यक्ष

         लोकशिक्षण अभियान ट्रस्ट                                                                                                                                        

                                                                                                                                                          

शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026

समाजसेवी रो० अनिल गर्ग व रोटरी क्लब गाज़ियाबाद ग्रेटर ने इंटर कॉलेज में 50 छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें वितरित की



मुकेश गुप्ता

गाज़ियाबाद । समाजसेवी रो० अनिल गर्ग व रोटरी क्लब गाज़ियाबाद ग्रेटर ने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए कन्या वैदिक इंटर कॉलेज में 50 छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें वितरित कीं। यह कार्यक्रम रोटरी फाउंडेशन के CSR ग्रांट के अंतर्गत आयोजित किया गया।

       कार्यक्रम की अध्यक्षता पास्ट डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रो० अशोक अग्रवाल जी द्वारा की गई। पास्ट डिस्ट्रिक्ट गवर्नर जे के गौड़ व रोटरी गवर्नर रो० दीपक गुप्ता द्वारा बच्चों को बधाई दी गयी । 

विद्यालय प्रधानाचार्य महिमा कटियार द्वारा सभी का स्वागत किया गया है । विद्यालय प्रबन्ध कमेटी से अश्विनी प्रकाश जी ने व्यवस्था बनाने में सहयोग किया । 

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यालय की छात्राओं द्वारा सुंदर नृत्य-नाटिका प्रस्तुत कर सभी उपस्थित जनों का मन मोह लिया।

         इस अवसर पर अपने संबोधन में रो० अशोक अग्रवाल जी ने बताया कि रोटरी क्लब गाज़ियाबाद ग्रेटर द्वारा इस वर्ष अब तक लगभग 900 साइकिलें छात्राओं को वितरित की जा चुकी हैं, और इसी श्रृंखला में आज 50 साइकिलों का वितरण किया गया। साइकिल प्राप्त करने वाली छात्राओं में प्रमुख रूप से कक्षा 10 की कु० आरती वर्मा, प्रयांसी पाल, पिंकी, कक्षा 9 की नव्या, कु० राखी, संजना, कक्षा 10 की कु० दीपा एवं कक्षा 11 की मुस्कान सैफी आदि शामिल रहीं।

    छात्राओं ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि साइकिल मिलने से उन्हें विद्यालय आने-जाने में आसानी होगी तथा उनके समय और धन दोनों की बचत होगी, जिससे वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे सकेंगी।

      कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति के पदाधिकारी, शिक्षकगण, रोटरी क्लब के सदस्यगण तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से राम अवतार जिंदल, योगेश गर्ग, संजय अग्रवाल सहित अन्य सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही।

कार्यक्रम का संचालन रो० अनिल गर्ग द्वारा किया गया और विधालय प्रबंधक शरद गर्ग द्वारा सबका अभार व्यक्त किया गया । 

अंत में सभी ने इस पहल को बालिका शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

गुरुवार, 9 अप्रैल 2026

आवास विकास के अधीक्षण अभियंता से क्षेत्र के विकास को लेकर विधायक संजीव शर्मा ने की.मुलाकात

 

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । आवास विकास के अधीक्षण अभियंता अजय मित्तल से क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर गुरुवार को सार्थक चर्चा हुई। इस दौरान नाली, सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत, पार्कों के रख-रखाव तथा प्रमुख चौराहों के सौंदर्यकरण सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत रूप से बात की गई। साथ ही सड़कों के चौड़ीकरण और क्षेत्र के समग्र विकास हेतु आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण कराने के लिए कहा गया।

इस अवसर पर संजीव शर्मा ने कहा कि क्षेत्रवासियों की सुविधाओं का ध्यान रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया जाए, जिससे जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

वहीं मीडिया प्रभारी अजय चोपड़ा  ने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं को निरंतर प्रशासन के समक्ष उठाया जा रहा है और जनहित से जुड़े हर मुद्दे का समाधान सुनिश्चित कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि विकास कार्यों की प्रगति पर सतत निगरानी रखी जाएगी, जिससे क्षेत्रवासियों को शीघ्र लाभ मिल सके।  

                      

               

      

नामित पार्षदों ने नगर आयुक्त से की मुलाकात, आंतरिक वार्डों में विकास के कार्यों हेतु दिए सुझाव, बनाई योजना

 



मुकेश गुप्ता

शहर के विकास में नामित सदस्यों की भी रहेगी भागीदारी--नगर आयुक्त

गाजियाबाद ।  नगर निगम मुख्यालय पर नामित पार्षदों ने नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक से मुलाकात की। नगर आयुक्त द्वारा सभी नामित पार्षदों को शुभकामनाएं दी गई तथा शहर के विकास कार्यों पर चर्चा की गई जिसमे आंतरिक वार्डों में भी सफाई व्यवस्था के साथ-साथ अन्य कार्यों की मॉनिटरिंग को बढ़ाने के लिए सुझाव दिया जिसमें विशेष रूप से निर्माण विभाग तथा जलकल विभाग के कार्यों की मॉनिटरिंग बढ़ाने के लिए सुझाव दिए गए।

नामित पार्षदों में अंकुश अरोड़ा, प्रदीप चौधरी, सुमन सिंह, सुनील यादव, परमजीत सिंह, संजय रावत, श्याम शर्मा व अन्य द्वारा नगर आयुक्त से मुलाकात की गई, सभी नामित पार्षदों द्वारा अपना परिचय देते हुए शहर में जनहित हेतु किए गए कार्यों के बारे में भी बताया गया, नगर आयुक्त द्वारा निगम अधिकारियों तथा नामित पार्षदों को संयुक्त रूप से शहर हित में कार्य करने के लिए योजना बनाने के लिए भी कहा गया।


नगर आयुक्त द्वारा बताया गया जनता दर्शन के दौरान नामित पार्षदों से भी बैठक हुई, गाजियाबाद नगर निगम में माननीय 100 पार्षदों के अलावा 10 नामित पार्षद भी शहर हित में कार्य करेंगे आंतरिक वार्डों में विकास कार्यों में नामित पार्षदों की भी भागीदारी रहेगी, बैठक में उपस्थित नरेंद्र कुमार चौधरी मुख्य अभियंता निर्माण को भी सभी नामित पार्षदों द्वारा बताई जा रहे शहर हित के कार्यों को प्राथमिकता पर करने के लिए निर्देशित किया गया।

बुधवार, 8 अप्रैल 2026

नगर आयुक्त तथा पार्षदों ने डॉग कैचिंग वैन का किया शुभारंभ, निगम के एनिमल बर्थ कंट्रोल अभियान को मिलेगी गति,विजयनगर जोन को भेंट की गई नई डॉग कैचिंग वैन




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद ।  नगर निगम लगातार श्वान बाध्यकरण के अभियान को गति देने का कार्य कर रहा है, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की योजनाओं को सफलता मिल रही है जिसके क्रम में प्रत्येक जोन में डॉग कैचिंग वैन की व्यवस्था कराई गई है नगर आयुक्त तथा विजयनगर जोन के पार्षदों द्वारा निगम मुख्यालय में एक ओर डॉग कैचिंग वैन का शुभारंभ किया गया, मौके पर उपमुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ अनुज, मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ आशीष त्रिपाठी, पार्षद कन्हैया, पार्षद देवनारायण शर्मा, पार्षद भारत गौतम, पार्षद संतोष व अन्य भी उपस्थित रहे।

नगर आयुक्त ने बताया कि पूर्व में 4 डॉग कैचिंग वैन निगम में थी रोस्टर के अनुसार निराश्रित स्वान को पकड़ने का कार्य किया जाता था एक नई डॉग कैचिंग वैन का शुभारंभ किया गया सभी जोन के लिए अलग-अलग डॉग कैचिंग वैन सरलता से उपलब्ध हो सकेंगी, एनिमल बर्थ कंट्रोल अभियान में तेजी आएगी, नगर आयुक्त द्वारा डॉग कैचिंग वैन को विजयनगर के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश टीम को दिए गए, मौके पर उपस्थित विजय नगर के पार्षदों ने गाजियाबाद नगर आयुक्त का धन्यवाद किया।

शहर वासियों की समस्याओं के समाधान के लिए गाजियाबाद नगर निगम लगातार कार्य कर रहा है इसी क्रम में डॉग संबंधित संदर्भों और सुझावों का ध्यान रखते हुए प्रत्येक जोन में डॉग कैचिंग वैन की व्यवस्था की गई है जिससे डॉग कैचिंग की क्षमता भी बढ़ेगी, डॉ अनुज द्वारा बताया गया कोटक बैंक के माध्यम से सी एस आर में गाजियाबाद नगर निगम को डॉग कैचिंग वैन उपलब्ध कराई गई है जिसमें टीम के बैठने और डॉग कैचिंग के समय उपकरणों को रखने की व्यवस्था भी है विजयनगर क्षेत्र वासियों के लिए नई डॉग कैचिंग वैन लाभदायक सिद्ध होगी एनिमल बर्थ कंट्रोल अभियान को भी रफ्तार मिलेगी ।

मंगलवार, 7 अप्रैल 2026

समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया ने 51 प्रतिभाओं को किया अलंकृत

                               





                             संवाददाता

ग्रेटर नोएडा । राष्ट्र को समर्पित समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित 8वें राष्ट्र गौरव सम्मान समारोह में शौर्य, शिक्षा, समाज सेवा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, कला-संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नौ प्रदेश की 51 प्रतिभाओं को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया है। समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार प्राप्त एवं गौतमबुद्ध नगर के अपर पुलिस आयुक्त डॉ. राजीव नारायण मिश्र ने अवार्ड प्राप्तकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि पुरस्कार विजेताओं ने समाज और पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। निश्चित ही ये पुरस्कार उन्हें प्रोत्साहित करेंगे और अन्य प्रतिभाओं को भी इससे प्रेरणा मिलेगी।

नॉलेज पार्क-3 स्थित PIIT ग्रेटर नोएडा के सभागार में आयोजित सम्मान समारोह की अध्यक्षता कुमाऊं गढ़वाल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर बीएस राजपूत ने की। कार्यक्रम में एसकेएफआई के मुख्य संरक्षक प्रोफेसर (डॉ.) भरत सिंह और राष्ट्रीय अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र बच्चन की गरिमामयी उपस्थिति रही। श्री बच्चन ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज जिन प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया है, उन्होंने उत्कृष्टता का परिचय दिया है। संगठन के अभियान विकसित समाज सशक्त भारत को आगे बढ़ाने में इनका समर्पण एवं दृढ़ता नि:संदेह प्रेरणादायक है।

डॉ. भरत सिंह ने संगठन के सदस्यों का मान बढ़ाते हुए कहा कि एसकेएफआई सामाजिक परिवर्तन का प्रथप्रदर्शक है, जो अपनी उपलब्धियों, अच्छे विचारों, नवाचारों और अथक प्रतिबद्धता के साथ विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्रीय प्रगति को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि जिन राज्यों की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया है, उनमें राजस्थान, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा एवं मध्य प्रदेश शामिल हैं।

डॉ. भरत सिंह  प्रिंस इंस्टीट्यूट ऑफ इनोवेटिव टेक्नोलॉजी (PIIT) ग्रेटर नोएडा के चेयरमैन भी हैं। उन्होंने संस्थान के माध्यम से एसकेएफआई द्वारा उपस्थित गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षित करने की घोषणा करते हुए कहा कि उनका एक ही उद्देश्य है कि देश का कोई बच्चा अनपढ़ न रहे, भूखा न सोए और सभी युवाओं को रोजगार मिले।

कार्यक्रम में राष्ट्र गौरव के अलावा राजस्थान गौरव, गुजरात गौरव, पत्रकार गौरव, बाल कला रत्न, नोएडा गौरव, बुलंदशहर गौरव, साहित्य भूषण, साहित्य गौरव, शिक्षक गौरव, समाज भूषण एवं समाज रत्न सम्मान से भी कई प्रतिभाओं को अलंकृत किया गया। इससे पहले मंचासीन अतिथियों को पुष्प गुच्छ, मोमेंटो एवं साल देकर सम्मानित किया गया। पीआईआईटी की प्रमुख अधिकारी श्रीमती मिथलेश सिंह और श्रीमती जागेश सिंह ने वंदेमातरम प्रस्तुत किया। संस्थान के छात्र-छात्राओं ने गणेश वंदना की और विशिष्ट अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रजज्जवलित कर समारोह का शुभारंभ किया।

मंच संचालन प्रोफेसर बबलू रावत ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। पीआईआईटी के निदेशक आर. के. शाक्य ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि सुरेश वर्मा जसाला, संगठन के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अमित सक्सेना, युवा प्रकोष्ठ के महासचिव सुधांशु श्रीवास्तव, हरियाणा प्रदेश के अध्यक्ष दीपक कुमार गंगोल, राजस्थान के अध्यक्ष रामस्वरूप भटनागर, पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष कुमार अभिनव, उत्तर प्रदेश सचिव अशोक कुमार श्रीवास्तव, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संयोजक संजीव भारद्वाज, बुलंदशहर के संरक्षक राम दिवाकर, जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्र गुप्ता, गाजियाबाद जिलाध्यक्ष मनोज कुमार श्रीवास्तव, भाजपा नेता आनंद साहू, शिक्षक एवं साहित्यकार शरद चंद्र के अलावा कई अधिवक्ता, समाजसेवी, पत्रकार एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर विशेष,स्वस्थ तन, प्रसन्न मन और जागृत चेतना” ही वास्तविक समृद्धि--स्वामी चिदानन्द सरस्वती





सत्ता बन्धु संवाददाता

*✨एक स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है जब स्वास्थ्य सेवाएँ सभी के लिए सुलभ और सशक्त हों*

*🌟आहार ही है आधार*

ऋषिकेश, 7 अप्रैल।  विश्व स्वास्थ्य दिवस के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन से पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने सभी नागरिकों को उत्तम स्वास्थ्य, सुख एवं समृद्धि की शुभकामनाएँ देते हुये कहा कि “स्वास्थ्य ही जीवन का वास्तविक धन है” और एक स्वस्थ व्यक्ति ही एक सशक्त, समृद्ध एवं संतुलित समाज का निर्माण कर सकता है।

परमार्थ निकेतन में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान पूज्य स्वामी जी ने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर संदेश दिया कि शुद्ध आहार, संतुलित विचार और संयमित जीवन ही सच्चा स्वास्थ्य है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य केवल रोगों का न होना ही नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक संतुलन की अवस्था है। आज की तेज रफ्तार जीवनशैली में लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति सजगता खोते जा रहे हैं, जिसके कारण अनेक जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ बढ़ रही हैं। ऐसे समय में यह आवश्यक है कि हम अपने जीवन में संतुलन लाएँ और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।

उन्होंने कहा कि “आहार ही है आधार” शुद्ध, सात्त्विक और संतुलित आहार हमारे शरीर और मन दोनों को पोषण देता है। इसके साथ ही नियमित योग, प्राणायाम और ध्यान को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना अत्यंत आवश्यक है। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है, जो हमें आंतरिक शांति और बाह्य संतुलन प्रदान करती है।

इस अवसर पर पूज्य स्वामी जी ने कहा कि एक स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है जब स्वास्थ्य सेवाएँ सभी के लिए सुलभ और सशक्त हों। उन्होंने सरकार, समाज और प्रत्येक नागरिक से आह्वान किया कि वे मिलकर एक ऐसे स्वास्थ्य तंत्र के निर्माण में योगदान दें, जिसमें हर व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके। विशेष रूप से ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों, डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ और सेवा में लगी विभूतियों के प्रति गहरी      कृतज्ञता व्यक्त करते हुये कहा कि ये वे लोग हैं जो दिन-रात निस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा में समर्पित रहते हैं। विशेषकर वैश्विक चुनौतियों और महामारी के समय में उनका योगदान अमूल्य रहा है। उनका समर्पण हमें प्रेरित करता है कि हम भी अपने स्तर पर समाज के कल्याण के लिए कार्य करें।

स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक दायित्व है। हमें अपने परिवार, समाज और पर्यावरण के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना होगा। स्वच्छता, पौष्टिक आहार, स्वच्छ जल और शुद्ध वायु ये सभी एक स्वस्थ जीवन के महत्वपूर्ण आधार हैं। “स्वस्थ तन, प्रसन्न मन और जागृत चेतना” ही वास्तविक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

हम अपने बच्चों और युवाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाएं। उन्हें डिजिटल जीवनशैली के साथ-साथ प्रकृति से जुड़ने, खेलकूद में भाग लेने और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित करें। एक स्वस्थ युवा ही देश का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित कर सकता है।

आइए इस विश्व स्वास्थ्य दिवस पर यह संकल्प लें कि हम स्वयं स्वस्थ रहेंगे और दूसरों को भी स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करेंगे। आइए, हम सभी मिलकर एक ऐसे स्वस्थ, जागरूक और समृद्ध समाज का निर्माण करें, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति का स्वास्थ्य और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता हो। कथा व्यास श्री अल्पेश दबे जी, सूरत और कथा यजमान श्रीमती विपिला जी, श्री हर्ष भाई, श्री तुलसी भाई मावाणी, श्रीमती भावना बेन भिकड़िया एवं सर्व कथा परिवार सूरत आनंद के साथ कथा श्रवण कर रहे हैं।

गौरखपुर में समरकूल की नयी औधोगिक इकाई का होगा निर्माण

 

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । गौरखपुर औधोगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में समरकूल कंपनी में एयर कूलर, टीवी, फ्रीज, वाशिंग मशीन सहित सभी घरेलू उपकरणों का होगा निर्माण। यह जानकारी समरकूल कंपनी के एमडी संजीव गुप्ता ने बताया कि पूर्वांचल के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने, एवं अपनी उत्पादन क्षमता बढाने के लिए समरकूल होम एप्लायंसेज लिमिटेड की एक इकाई जल्दी ही गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में स्थापित की जाएगी जिसमें एयर कूलर, पंखे, एलइडी टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन सहित अनेको घरेलू उपकरणों का बड़े पैमाने पर निर्माण किया जाएगा। तथा क्षेत्र में सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलने के साथ स्थानीय विकास को भी रफ्तार मिलेगी। 

उन्होंने बताया कि हाल में, समरकूल होम एप्लांयसेज लिमिटेड की कई निर्माण इकाई गाजियाबाद में स्थापित हैं। जिनमें बडे़ पैमाने पर लगभग 200 घरेलू उपकरणों का निर्माण किया जा रहा हैं। कंपनी के चेयरमैन संजीव कुमार गुप्ता के अनुसार उत्तर प्रदेश में औधोगिक विकास के लिए बहुत ही अनुकूल माहौल हैं। तथा कानून व्यवस्था चाक चौबंद हैं। तथा संबंधित अधिकारी भी औधोगिक विकास के लिए सहयोगी साबित हो रहें हैं। जिसके कारण समरकूल के विस्तार के साथ उत्तर प्रदेश का विकास भी निरंतर हो रहा हैं।

पवन सक्सेना बने सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद ।  सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी के एक कर्मठ कार्यकर्ता रहे हैं और पार्टी की स्थापना से निरंतर पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं पवन सक्सेना को आज सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी का महानगर अध्यक्ष नियुक्त किया गया । पार्टी के संस्थापक सत्येंद्र यादव ने उन्हें नियुक्ति पत्र देते हुए कहा की पवन सक्सेना पार्टी के एक जुझारू कार्यकर्ता है और उन्होंने अपने क्षेत्रवासियों की समस्याओं के समाधान करने के लिए विभिन्न आंदोलन किए हैं उन्हें महानगर अध्यक्ष नियुक्त करते हुए मुझे बहुत ही खुशी हो रही है और मैं उम्मीद करता हूं कि पवन सक्सेना इसी तरह से पार्टी के बैनर के नीचे काम करते हुए पार्टी को आगे बढ़ने का काम करेंगे और उनके नेतृत्व में पार्टी घर-घर तक पहुंचेगी 

पवन सक्सेना ने महानगर अध्यक्ष बनाए जाने पर पार्टी का आभार व्यक्त किया और पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए और अधिक प्रयास करने का वादा किया इस अवसर पर अमित किशोर अनिल श्रीवास्तव रजनीश लोहानी धीरेंद्र सिंह भदोरिया उपेंद्र चौधरी पवन कुमार सक्सेना सत्येंद्र यादव मनोज शर्मा राजेंद्र यादव दीपक वर्मा मुखर्जी हरीश शर्मा रिंकू रोहित नसरुद्दीन मालिक दीपक पाल विकास विवेक राणा संजय कुमार अक्षय सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे

स्वामी बालनाथ आश्रम के स्वर्ण जयंती समारोह का आयोजन 26 अप्रैल को

 

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । अखिल विश्व के कल्याण द्वितार्थ सेवा, सद्कर्म एवं विश्व व्यापक प्रेम का प्रचार करना। मानव जाति को सद्कर्मों में निरत रखकर कृप्रवत्ति को मिटाना। इन्हीं उद्देश्यों को लेकर सन 1975 में गाजियाबाद में स्वामी बालनाथ आश्रम की स्थापना की गयी। अनाथ बच्चों की सेवा करने से शुरु किए गए इस आश्रम की शाखायें धीरे-धीरे देश के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित होने लगी। समाजसेवा के क्षेत्र में अपने पथ पर आश्रम निर्बाध रूप से चल रहा है। आश्रम की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने पर 26 अप्रैल 2026 को आश्रम स्वर्ण जयंती समारोह का आयोजन कर रहा है। यह जानकारी आश्रम के संचालक स्वामी बालनाथ जी ने दी। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर मानवता नाम से एक स्मारिका का प्रकाशन किया जा रहा है। जिसमें आश्रम द्वारा 50 वर्षों से की जा रही सेवा कार्यों की समस्त जानकारी प्राप्त हो सकेगी। आशा है कि इस स्मारिका के माध्यम से जन साधारण को निष्काम सेवा की प्रेरणा मिलेगी।

वाग सिंह पोथेड़ी बने राजस्थान राजपूत परिषद दिल्ली के प्रदेशअध्यक्ष

 



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद ।  दिल्ली में राजस्थान राजपूत परिषद, दिल्ली प्रदेश से प्रमाणित किया जाता है कि 05 अप्रैल 2026 (रविवार) को, स्थान श्री दुर्गा मंदिर, शास्त्री नगर, दिल्ली में राजस्थान राजपूत परिवार से संबंधित दोनों संगठनों की संयुक्त साधारण सभा को विधिवत रूप से आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता श्री गंगा सिंह राठौड़ (अध्यक्ष) द्वारा की गई।

बैठक के प्रारंभ में अध्यक्ष महोदय द्वारा पूर्व में घटित घटनाक्रम के संबंध में सभा को विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। इस संदर्भ में यह विषय प्रस्तुत किया गया कि संगठन से संबंधित कुछ व्यक्तियों द्वारा समान नाम से एक अन्य संगठन का गठन कर पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो कि संगठन की स्थापित नियमावली एवं निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं है।

इस विषय पर उपस्थित सदस्यों द्वारा विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। तत्पश्चात सर्वसम्मति से निम्नलिखित प्रस्ताव/निर्णय पारित किए गए जिसमें प्रस्ताव  निर्णय यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वर्ष 1995 से संचालित “राजस्थान राजपूत परिषद, दिल्ली प्रदेश (पंजीकृत संस्था)” के

मुख्य संरक्षक के रूप में श्री श्री 1008 श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज पीठाधीश्वर, दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर, गाजियाबाद पूर्व की भांति वर्तमान में भी यथावत हैं तथा भविष्य में भी बने रहेंगे।यह भी निर्णय लिया गया कि नाथजी बावजी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित जागरण कार्यक्रम, जो पूर्व में प्रारंभ किया गया था, वह भविष्य में भी निरंतर राजस्थान राजपूत परिवार द्वारा ही आयोजित किया जाएगा अन्य विषयों को अगली बैठक में विचारार्थ रखा जाएगा। संगठन के भविष्य के संचालन हेतु अध्यक्ष पद के लिए नव-नियुक्ति का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।

पंजीकृत संस्था के कार्यकारिणी सदस्य एवं महासचिव श्री उत्तम सिंह चौहान (नून) द्वारा निम्न प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए अध्यक्ष पद हेतु श्री वाग सिंह परमार (पोथेड़ी) के नाम का प्रस्ताव रखा गया।

उपाध्यक्ष पद हेतु  राजू सिंह काबा (रानीवाड़ा) के नाम का प्रस्ताव रखा गया। जिसमें वर्तमान अध्यक्ष श्री गंगा सिंह राठौड़ को संगठन का संयोजक एवं संरक्षक नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया।

पूर्व उपाध्यक्ष  दान सिंह काठाड़ी को संरक्षक मंडल में सम्मिलित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया यह भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि भविष्य में संगठन के अन्य पदाधिकारी सदस्यों का मनोनीयन आवश्यकतानुसार संगठन के संयोजक एवं संरक्षक ( गंगा सिंह राठौड़) द्वारा किया जाएगा।उपरोक्त सभी प्रस्तावों का अनुमोदन कोषाध्यक्ष श्री छैल सिंह मवड़ी द्वारा किया गया।

अंततः, कार्यकारिणी सदस्यों एवं सभा में उपस्थित सभी गणमान्य सदस्यों द्वारा उपरोक्त सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। पिंटू सुथार तेलवाडा ने वांगसिंह परमार (पोथेडी) एवं उनकी समस्त कार्यकारिणी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

हम आशा करते हैं कि आपके सक्षम नेतृत्व में परिषद संगठनात्मक मजबूती के साथ समाज के उत्थान एवं विकास हेतु निरंतर प्रभावी कार्य करती रहेगी।आपके सफल कार्यकाल हेतु मंगलकामनाएं।

आईपीए के साथ डीजीएसजी के अभिभावकों का स्कूल समय बढ़ाने को लेकर जिला मुख्यालय पर 7 घंटे का मैराथन प्रदर्शन






मुकेश गुप्ता

डीपीएसजी प्रबंधन की मनमानी  के आगे जिला प्रशासन बेबस , मांगा चार दिन का समय 

गाजियाबाद । जिले के बड़े नामी स्कूल दिल्ली पब्लिक स्कूल गाजियाबाद, मेरठ रोड द्वारा स्कूल समय में 2 घंटे का  अतिरिक्त समय जोड़ने को लेकर इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन के नेतृत्व में डीपीएसजी के लगभग 500 से 600 अभिभावकों ने स्कूल समय को रोल बैक करने के लिए 7 घंटे का मैराथन प्रदर्शन जिला मुख्यालय पर किया । प्रदर्शन के दौरान स्कूल प्रबंधन के खिलाफ अभिभावकों ने जबरदस्त नारे बाजी की । जिसके बाद जिलाधिकारी की तरफ से सिटी मजिस्ट्रे पेरेंट्स से वार्ता करने आए इस दौरान इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन द्वारा स्कूल समय को लेकर न्यू एजुकेशन पॉलिसी 2020 , नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क जो सभी स्कूलों पर लागू होता है उत्तर प्रदेश सरकार के महानिदेश शिक्षा का आदेश और तमाम साक्ष्य दिखाए जिस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक और सिटी मजिस्ट्र के पास कोई जवाब नहीं था । सिटी मजिस्ट्रे की तरफ से 5 पेरेंट्स को डीएम के साथ मीटिंग करने के लिए बोला गया लेकिन पेरेंट्स ने साफ मना कर दिया कि वार्ता सभी अभिभावकों के सामने होगी । और अंत तक जिला अधिकारी अभिभावकों से मिलने बाहर नहीं आए और लगभग 2.30 बजे कार्यालय से बिना पेरेंट्स से मिले ही चले गए जिसको लेकर पेरेंट्स में रोष व्याप्त हो गया और पेरेंट्स से नारे बाजी और तेज कर दी । पुलिस प्रशाशन द्वारा पेरेंट्स को दबाव में लेने के लिए एफआईआर से लेकर पीएससी बुलाने की धमकी दी गई लेकिन आईपीए के नेतृत्व के कारण पेरेंट्स दबाव में नहीं आए । पेरेंट्स की एकजुटता के आगे प्रशासन के हाथ पैर फूल गए जिसके बाद एक बार मीटिंग करने की कवायद चली और अंत में जिला प्रशासन द्वारा समाधान निकालने के लिए चार दिन का समय मांगा गया । सिटी मजिस्ट्रे बीएसए, और डीआईओएस ने बताया कि सीबीएसई और एनसीआरटी को जिलाधिकारी द्वारा पत्र भेजा जा रहा है हम जल्दी ही इस समस्या का समाधान करेंगे । हालांकि पेरेंट्स का कहना है कि क्या जिला अधिकारी और शिक्षा अधिकारियों के पास इतनी पावर नहीं की वो स्कूल से पूछ सके कि आखिर किसके आदेश से उन्होंने स्कूल के समय में दो घंटे का समय बढ़ाया है खबर ये भी है खुद डीएम साहब का बच्चा भी इसी स्कूल का विद्यार्थी है अब देखना यह कि क्या जिला प्रशासन और अधिकारी डीपीएसजी जैसे नामी स्कूल पर कार्रवाई कर पाएगा या अदृश्य दबाव में झुक जाएंगे । आज पेरेंट्स की एकता हमें जब दिखाई दी जब अधिकतर पेरेंट्स ने अपने बच्चे स्कूल नहीं भेजे और स्कूल की बस खाली ही गई पेरेंट्स का कहना है कि हमारी लड़ाई न्याय मिलने तक जारी रहेगी और जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता तब तक हम ना तो अपने बच्चों को स्कूल भेजेंगे और ना ही स्कूल के दबाव में झुकेंगे । हम आईपीए के साथ मिलकर आगे लड़ने की रणनीति बनायेंगे अगर हमें डीएम और शिक्षा अधिकारियों से न्याय नहीं मिलेगा तो हम दिल्ली कुच करेंगे ।



सिकंदर यादव के सानिध्य में गाजियाबाद में प्रियंका खंतवाल के साथ ‘Blue Nights’ की शूटिंग संपन्न

 


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद ।समाजसेवी सिकंदर यादव के सानिध्य में गाजियाबाद में म्यूजिक वीडियो “Blue Nights” की शूटिंग सफलतापूर्वक पूरी की गई। इस प्रोजेक्ट में फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना चुकी अभिनेत्री एवं डांसर प्रियंका खंतवाल ने अहम भूमिका निभाई। प्रियंका मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वाली हैं और वर्तमान में मुंबई में सक्रिय हैं, जहां वे लगातार नए प्रोजेक्ट्स में काम कर रही हैं।

इस म्यूजिक वीडियो में उनके साथ गाजियाबाद के उभरते कलाकार हर्ष कुमार भी नजर आएंगे, जो अपने डांस और परफॉर्मेंस के लिए जाने जाते हैं। यह प्रोजेक्ट उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

गाने की शूटिंग गाजियाबाद स्थित Veg Mantra में की गई, जहां पूरी टीम ने प्रोफेशनल माहौल में काम करते हुए इसे सफलतापूर्वक पूरा किया। यह एक डांस बेस्ड म्यूजिक वीडियो है, जिसमें मॉडर्न क्लब वाइब्स और एंटरटेनमेंट का शानदार मिश्रण देखने को मिलेगा।

शूट की शुरुआत सिकंदर यादव के हाथों पूजा-अर्चना के साथ हुई। इस मौके पर उन्होंने कहा कि गाजियाबाद में इस तरह के क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स का होना शहर के लिए गर्व की बात है। उन्होंने पूरी टीम के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से स्थानीय कलाकारों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है और भविष्य में भी इस तरह की पहल को सहयोग मिलता रहेगा।

खास बात यह है कि प्रियंका खंतवाल हाल ही में साउथ फिल्म इंडस्ट्री की बहुचर्चित फिल्म “Tiger Safari” में एक लीड सॉन्ग कर चुकी हैं, जिसमें उन्होंने प्रसिद्ध कोरियोग्राफर धर्मेश येलांडे (Dharmesh Sir) और अन्य कलाकारों के साथ काम किया है। यह फिल्म निर्देशक एम. चंद्रमौली द्वारा बनाई जा रही है और इसे विभिन्न भाषाओं में रिलीज किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, म्यूजिक वीडियो “Blue Nights” एक महीने के भीतर रिलीज किया जाएगा, जिसमें दर्शकों को दमदार डांस, आकर्षक विजुअल्स और नई ऊर्जा देखने को मिलेगी।

सोमवार, 6 अप्रैल 2026

भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस पर वार्ड 48, बूथ नंबर 145, प्रताप विहार मंडल में शहर विधायक संजीव शर्मा ने ध्वजारोहण किया

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस पर वार्ड 48, बूथ नंबर 145, प्रताप विहार मंडल में शहर विधायक संजीव शर्मा ने ध्वजारोहण किया । इस अवसर पर शहर विधायक संजीव शर्मा ने कहा कि विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता परम् नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत निरंतर विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर  प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और उनके दूरदर्शी नेतृत्व को स्मरण करते हुए उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

प्रधानमंत्री  की प्रेरणा से “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मंत्र को आत्मसात करते हुए कार्यकर्ता निरंतर राष्ट्रसेवा में समर्पित हैं।

विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित भारतीय जनता पार्टी आज पूरे देश में अपना स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मना रही है और प्रधानमंत्री  के नेतृत्व में भारत विश्व पटल पर अपना परचम लहरा रहा है।

उनके कुशल मार्गदर्शन में जनकल्याण के कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उनका सानिध्य हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए सदैव प्रेरणादायक एवं मार्गदर्शक बना हुआ है।

इस अवसर पर कार्यकर्ताओं में उत्साह और ऊर्जा का अद्भुत संचार देखने को मिला।

सभी ने एकजुट होकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

आगामी समय में भी इसी समर्पण, निष्ठा एवं सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया। 

इस अवसर पर महानगर मंत्री ललित कश्यप, प्रताप विहार मंडल अध्यक्ष हेमराज माहौर, पूर्व मंडल अध्यक्ष पीतांबर पाल, चेयरमैन संदीप पाल, क्रॉसिंग मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, बबलू पाल, ओम प्रकाश शास्त्री, गोपाल कश्यप, वार्ड अध्यक्ष राधेश्याम त्यागी, निवृत्तमान मंडल उपाध्यक्ष अंकित गुप्ता, संजय, विष्णु चौहान, महिला शक्ति से प्रमिला चौधरी, सुषमा सिंह, रितु पारीक, अनीता विश्वास सहित देवतुल्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

महिमा वाचक सुरभि दीदी की श्रीकृष्ण भक्ति संध्या में कृष्णमय हुआ गाज़ियाबाद









मुकेश गुप्ता

*अप्राप्य की प्राप्ति का मार्ग है - श्रीकृष्ण की भक्ति ! महिमा वाचक सुरभि दीदी ने श्रीकृष्ण भक्ति संध्या में दिया सन्देश* 

*प्रेम की पराकाष्ठा है भक्ति! - महिमा वाचक सुरभि दीदी ने श्रीकृष्ण भक्ति संध्या में दिया सन्देश

*राष्ट्रधर्म की स्थापना के लिए कष्टमय रहा श्रीकृष्ण का जीवन - श्रीकृष्ण भक्ति संध्या में मिला सन्देश*

 गाज़ियाबाद । हिंदी भवन में परम पूज्य डॉ. पवन सिन्हा गुरुजी के सान्निध्य में पावन चिन्तन धारा आश्रम, मुरादनगर और लोक कल्याण सेवा संस्थान की ओर से शनिवार 4अप्रैल को श्रीकृष्ण भक्ति संध्या का आयोजन किया गया. इस अवसर पर पावन चिंतन धारा आश्रम के संस्थापक परम पूज्य डॉ. पवन सिन्हा गुरुजी ने कृष्ण भक्तों को सम्बोधित करते हुए पाखंड से दूर रहने को कहा और धर्म का सही स्वरूप समझने को कहा। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का उदाहरण  देते हुए बताया कि जो अपने अंदर के ईश्वर को पूज नहीं सकता, वह बाहर भी ईश्वर को पूज नहीं सकता। खुद परिवर्तित हुए बिना आप दूसरों को परिवर्तित नही कर सकते। इसलिए अपने पंचविकार दूर करें। नर सेवा के बिना नारायण की सेवा नहीं हो सकती। ऋषिकुलशाला के बच्चों की शिक्षा, नारायण सेवा ही है। परम पूज्य श्री गुरुजी ने अपने वक्तव्य में विशेष रूप से ऋषिकुल की महत्वपूर्ण उपलब्धि का उल्लेख करते हुए बताया कि 150 परिवार वाले सिवान मुसहर टोला की ऋषिकुलशाला की एक बच्ची ने प्रथम श्रेणी में कक्षा दस की परीक्षा उत्तीर्ण की है। श्री गुरुजी ने सभी कृष्ण भक्तों को कृष्णमय होने के लिए आह्वान किया। 

परम पूज्य श्रीगुरु माँ डॉ. कविता अस्थाना जी ने सभागार में उपस्थित कृष्ण भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि आश्रम का लक्ष्य धर्म और राष्ट्र की स्थापना करना है । यह कृष्ण भक्ति संध्या भी उसी का एक हिस्सा है ताकि युवाओं के द्वारा योगेश्वर श्री कृष्ण के सही स्वरूप एवं धर्म का प्रचार-प्रसार हो सके। We are into Spirituality not by chance or escapism but by choice. समाज का कार्य समाज की भागीदारी से ही होता है इसलिए समाज के अलग-अलग शहरों में भक्ति संध्या के योजन और ऋषिकुलशाला के अभावग्रस्त बच्चों की शिक्षा, संस्कार, उच्च शिक्षा और प्रतिभा को निखारने के लिए सहयोग हेतु आह्वान किया ।

व्यासपीठ पर शोभायमान महिमा वाचक आदरणीया सुरभि दीदी ने श्रीकृष्ण जी के जन्म से लेकर मृत्यु तक के सभी सूक्ष्म से सूक्ष्म रहस्यों को उजागर किया। गुरु वंदना और गणेश स्तुति से भक्ति संध्या का शुभारंभ करते हुए श्री कृष्ण के जीवन के प्रसंगों के माध्यम से सच्चे भक्त, सच्ची भक्ति की व्याख्या की। महिमा वाचक सुरभि दीदी ने बताया कि अगर आप भगवान् को केवल मूर्ति मानते हैं तो भगवान् भी मूरत ही बना रहता है। परंतु जिस दिन आप उस मूर्ति के अंदर के अंश को खुद को सौंपते हैं, तब वह आपको थामता ही नहीं है बल्कि आपके आप में खुद को जीने लगता है । भक्ति तो प्रेम की वह पराकाष्ठा है जहाँ भक्त और भगवान में कोई अंतर नहीं रह जाता। 

श्रीकृष्ण के जन्म की कथा के बारे में बताते हुए आदरणीया सुरभि दीदी ने सभी भक्तों को इस पीड़ा का भी अनुभव कराया कि श्रीकृष्णजी, जो स्वयं भगवान् विष्णु जी के अवतार हैं, उन्हें भी धरती पर धर्म की स्थापना के लिए अत्यंत विकट परिस्थितियों में जन्म लेना पड़ा। श्री कृष्ण का कष्ट और पीड़ा देखिए कि जब हमारे ईश्वर ने इस धरती पर जन्म लिया तो न तो माँ दूध मिला और न ही माँ की गोद मिली.  हम साधारण मनुष्य छोटी-छोटी बातों से घबरा जाते हैं। हमारे परमपूज्य श्री गुरुजी तो भक्ति में इतना विश्वास रखते हैं और कहते हैं कि तुम भक्ति करो और भक्ति के साथ अपना कर्म करो, तो जो तुम्हारे भाग्य में भी नहीं लिखा वो तुम्हें प्राप्त होगा लेकिन कर्म की श्रेष्ठता और भक्ति की पराकाष्ठता होनी चाहिए। भक्त का जीवन अनुशासित और स्वभाव बहुत सहज व सरल होना चाहिए। श्रीकृष्ण के जीवन का संदेश देता है कि सामाजिक उद्देश्य और धर्म से बड़ा कुछ भी नहीं होता. श्रीकृष्ण ने अपने राष्ट्र को स्वयं से ऊपर रखा। श्रीकृष्ण राष्ट्रधर्म की स्थापना करते हैं। जो कृष्ण के भक्त हैं उन्हें राष्ट्रभक्त होना होगा और राष्ट्र धर्म को मानना पड़ेगा। यह राष्ट्र विश्व गुरु था इसे पुनः विश्व गुरु बनाना पड़ेगा। महाभारत के युद्ध का वर्णन करते हुए भक्ति संध्या में यह बताया गया कि कैसे श्रीकृष्ण ने बहुत बाण सहे। उनके वस्त्रों से रक्त बहता था, उनका कवच बिंध जाता था लेकिन स्वयं सारी पीड़ा सहते रहे, किसी को अपनी पीड़ा, कष्ट बताया भी नहीं. 

वर्तमान समय में आजकल बच्चे, युवा जिन परेशानियों से गुज़र रहे हैं उनमें से एक गंभीर परेशानी है -डिप्रेशन. महाभारत के युद्ध में अर्जुन, जिन्हें श्रीकृष्ण ‘परमतप’ कहते थे, इतने विद्वान, इतने बलिष्ठ, इतने बड़े धनुर्धर थे, लेकिन भी वे डिप्रेशन में आ गए थे. श्रीकृष्ण ने डिप्रेशन से छुटकारा पाने का रास्ता उन्हें बताया. आदरणीया सुरभि दीदी जी ने कहा कि आपके भीतर भी स्वयं ईश्वर श्रीकृष्ण विराजमान हैं. उनसे लौ लगा लीजिए, डिप्रेशन भी दूर होगा और भाग्य भी उदय होगा. हर वक्त बहुत नकारात्मक सोचने से न तो भक्ति मिलती है और न ही भगवान् और न ही भाग्य। असफलता से बाहर आने के लिए, जप कीजिए और कर्मठता से अपना कार्य कीजिए।

हमें जो कुछ भी भाग्य से मिल गया है, उसे बनाए रखने के लिए हमेशा एक सूत्र याद रखिए, जो श्री कृष्ण ने अर्जुन से कहा था, योगक्षेमं वहाम्यहम् और फिर आप देखिए अप्राप्य की प्राप्ति भी आप कर सकते हैं। जब श्रीकृष्ण के जीवन में इतना दुःख था, हम तो साधारण मनुष्य हैं. भीष्म पितामाह और पांडवों के जीवन का दृष्टांत देते हुए बताया गया कि  दुःख सभी के जीवन में आते-जाते रहते हैं और दुख के समय में हमें भक्ति करनी चाहिए। भक्ति से हमारी बुद्धि सकारात्मक रहती है, मुश्किल समय में भी मन प्रसन्न रहता है. भक्ति करते हैं तो भगवान हमें दु:खों से लड़ने का साहस देंगे और रास्ता भी सुझा देंगे। 

श्रीकृष्ण के जीवन के अंतिम क्षणों में उनकी पीड़ा का मार्मिक वर्णन सुनकर सभी कृष्णभक्त अत्यंत भावुक हो गए. श्रीकृष्ण ने सोलह हज़ार स्त्रियों को सम्मान दिया, उन्हें संरक्षण दिया लेकिन अज्ञानियों ने उन्हें  श्रीकृष्ण की रानियाँ बना दिया. बलदाऊ ने भी उन्हें अकेला छोड़ दिया. श्री कृष्ण ने सदा ही पांडवों के जीवन के सुख-दुख में साथ दिया लेकिन जब श्री कृष्ण के महाप्रस्थान का समय आया तब श्रीकृष्ण अकेले ही थे। अधिकतर ऐसा होता है कि साधु-संत आदि सभी महान विभूतियां अकेले ही रह जाते हैं।  यदुवंशियों के दुर्व्यवहार के कारण ऋषि मुनियों ने जो श्राप दिया, गांधारी ने भी जो वंशहीन होने का जो श्राप दिया उसके कारण श्री कृष्ण का वंश समाप्त हो गया। श्रीकृष्ण ने प्रकृति या विधान के विपरीत कोई कार्य नहीं किया - ‘कृतांत मन्यथा नैच्छत् कर्तुम स जगत: प्रभु: अर्थात् यद्यपि भगवान श्रीकृष्ण सम्पूर्ण जगत के ईश्वर हैं तथापि यदुवंशियों पर आने वाले उस काल को उन्होंने पलटने की इच्छा नहीं की। श्रीकृष्ण का यह बहुत बड़ा संदश है।  महिमा वाचक आदरणीय सुरभि दीदी आह्वान पर सभी कृष्ण भक्तों ने शपथ ली कि वे श्री कृष्ण के दिखाए मार्ग पर चलेंगे, पंच विकारों को दूर करेंगे और राष्ट्र के लिए कार्य करेंगे। 

आश्रम की सुर साधक मंडली के सुर साधकों - डॉ. संजय अन्डूरकर जी, सुश्री ख्याति जी, श्री करण मल्होत्रा जी और श्री आस्तिक सिन्हा अस्थाना जी के मधुर भजनों से सारा सभागार कृष्णमय हो गया. 

श्रीकृष्ण भक्ति संध्या के सुवसर पर मुख्य अतिथिगण माननीय सांसद श्री अतुल गर्ग जी एवं भक्ति संध्या के आयोजक यजमान श्री अनिल अग्रवाल साँवरियाँ जी, श्री अनिल कुमार गर्ग जी, श्री अरुण कुमार अग्रवाल जी, श्री मनोज कुमार गोयल जी, श्री लोकेश गोयल जी, श्री देवेंद्र हितकरी जी, श्रीमती श्वेता गुप्ता जी, श्रीमती हिमाली अग्रवाल जी उपस्थित थे। साथ ही गाज़ियाबाद शहर की जानी-मानी हस्तियाँ - श्री संदीप सिंघल जी, श्री प्रदीप चौहान जी, श्री रवि कटारिया जी, श्री संगीता शर्मा जी, श्री योगेन्द्र सिंह जी, श्रीमती सीमा गोयल जी, श्री आशु बिंदल जी,  श्रीमती विभा रावत जी, श्रीमती विनीता अग्रवाल जी, डॉ अनिल अग्रवाल जी, श्री राज कौशिक जी, श्री भानु सिसोदिया जी, श्री सुधीर अग्रवाल जी, श्री पृथ्वी सिंह कसाना जी, श्री शेखर जी, श्री अमर दत्त शर्मा जी  आदि की गरिमामय उपस्थित रही। श्री अनिल साँवरिया जी ने सभी का धन्यवाद दिया।  इस कृष्ण भक्ति संध्या में विभिन्न राज्यों, प्रदेशों से आए कृष्ण भक्तों ने भक्ति संध्या का आनंद लिया.

परमार्थ निकेतन में आयोजित योग टीचर ट्रेनिंग कोर्स के प्रतिभागियों को प्राप्त हुआ पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य

 





सत्ता बन्धु संवाददाता

*💫विश्व के अनेक देशों से आये योग जिज्ञासु परमार्थ निकेतन के आध्यात्मिक वातावरण में योग, ध्यान, गीता, यज्ञ, सत्संग, गंगा आरती और अनेक आध्यात्मिक*

*🌟परमार्थ स्कूल आॅफ योग, योग टीचर ट्रेनिंग कोर्स, वेदान्त, गीता सार, ईशोपनिषद्, तत्वबोध, क्रिया योग, शक्ति साधना, योग निद्रा आदि अनेक योग विधाओं का संचालन*

*✨योग जिज्ञासुओं ने पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से भेंट कर किया अपनी जिज्ञासाओं का सामाधान*

ऋषिकेश, 6 अप्रैल। परमार्थ निकेतन में आयोजित योग टीचर ट्रेनिंग कोर्स में विश्व के विभिन्न देशों से आये योग जिज्ञासु इस पावन धरा में योग के व्यावहारिक और सैद्धांतिक आयामों को सीख रहे हैं, साथ ही भारतीय सनातन संस्कृति की गहराई और आध्यात्मिकता को आत्मसात भी कर रहे हैं।

योग कोर्स के प्रतिभागियों को परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ। स्वामी जी के सान्निध्य में बिताए गए ये क्षण प्रतिभागियों के लिए जीवन की अमूल्य निधि बन गए। उन्होंने अपने सरल, प्रेरणादायक और आध्यात्मिक उद्बोधन से योग के वास्तविक स्वरूप को स्पष्ट करते हुए कहा कि “योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वयं को परमात्मा से जोड़ने का पवित्र सेतु है।”

विश्व के विभिन्न कोनों से आए साधक अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, एशिया और अन्य देशों से परमार्थ निकेतन के दिव्य वातावरण में योग, ध्यान, प्राणायाम, गीता अध्ययन, यज्ञ, सत्संग और गंगा आरती के माध्यम से भारतीय संस्कृति के मूल तत्वों को अनुभव कर रहे हैं। परमार्थ निकेतन का आध्यात्मिक परिवेश उन्हें शारीरिक और मानसिक संतुलन प्रदान कर रहा है, साथ ही जीवन के गहन प्रश्नों के उत्तर भी दे रहा है।

परमार्थ स्कूल ऑफ योग द्वारा संचालित यह योग टीचर ट्रेनिंग कोर्स अत्यंत समृद्ध और व्यापक है, जिसमें वेदान्त, गीता सार, ईशोपनिषद्, तत्वबोध, क्रिया योग, शक्ति साधना, योग निद्रा जैसी अनेक प्राचीन एवं प्रभावशाली योग विधाओं का समावेश किया गया है। इन विधाओं के माध्यम से प्रतिभागियों को योग के गूढ़ रहस्यों से परिचित कराया जा रहा है, जिससे वे न केवल एक कुशल योग शिक्षक बन सकें, बल्कि अपने जीवन को भी एक उच्च उद्देश्य की ओर अग्रसर कर सकें।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से भेंट के दौरान योग जिज्ञासुओं ने अपनी अनेक जिज्ञासाएँ प्रस्तुत कीं, चाहे वह जीवन के उद्देश्य से संबंधित हों, मानसिक तनाव और शांति की खोज से जुड़ी हों, या फिर आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने की दिशा से संबंधित। स्वामी जी ने अत्यंत सरल, प्रेमपूर्ण और गहन उत्तरों के माध्यम से सभी की शंकाओं का समाधान किया। उनके प्रत्येक शब्द में अनुभव की गहराई और करुणा की मधुरता झलकती है, जिसने प्रतिभागियों के हृदय को स्पर्श किया।

स्वामी जी ने अपने संदेश में कहा कि “आज के युग में योग की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। योग हमें व्यक्तिगत रूप से सशक्त बनाता है, समाज और विश्व में शांति, संतुलन और सामंजस्य स्थापित करने का माध्यम भी बनता है।” उन्होंने युवाओं को विशेष रूप से प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी जड़ों से जुड़ें, अपनी संस्कृति को समझें और योग के माध्यम से अपने जीवन को सार्थक बनाएं।

प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि परमार्थ निकेतन में बिताया गया समय उनके जीवन का एक परिवर्तनकारी अनुभव है। यहाँ की अनुशासित दिनचर्या, गंगा तट पर ध्यान, दिव्य गंगा आरती, और सत्संग के माध्यम से उन्हें आंतरिक शांति और आत्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है। 

परमार्थ निकेतन सदैव से ही विश्व को “वसुधैव कुटुम्बकम्” के संदेश से जोड़ने का कार्य करता रहा है। यहाँ आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव न केवल योग शिक्षा का केंद्र हैं, बल्कि वैश्विक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संवाद का सेतु भी हैं। इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा आज भी विश्व को दिशा दे रही है।

योग टीचर ट्रेनिंग में योगाचार्य आभा सरस्वती जी, योगाचार्य डा इंदू शर्मा, योगाचार्य गंगा नन्दिनी, योगाचार्य गायत्री गुप्ता का उत्कृष्ट योगदान रहा।

यशोदा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं कैंसर इंस्टीट्यूट ने राज नगर एक्सटेंशन, गाज़ियाबाद में किया रक्तदान शिविर का आयोजन



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद  06 अप्रैल 2026 । राज नगर एक्सटेंशन, गाज़ियाबाद स्थित फिटनेस जिमनेजियम में यशोदा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं कैंसर इंस्टीट्यूट, गाज़ियाबाद की ब्लड सेंटर टीम द्वारा सोमवार को एक सफल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का नेतृत्व डॉ. (पूर्व कमांडेंट) प्रमोद यादव द्वारा किया गया।

इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों, युवाओं एवं जिम के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और स्वेच्छा से रक्तदान किया। शिविर में बड़ी संख्या में रक्तदाताओं ने हिस्सा लेकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया।

डॉ. प्रमोद यादव ने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रक्तदान एक महादान है, जो जरूरतमंद मरीजों के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने का आह्वान किया।

ब्लड सेंटर की टीम द्वारा सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए रक्त संग्रहण किया गया तथा सभी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र एवं अल्पाहार प्रदान किया गया।

यह शिविर समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंदों की सहायता के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, जिसमें सभी का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ।