गुरुवार, 9 जुलाई 2026

जिलाधिकारी ने प्रताप विहार मे जल निकासी बाधित करने वाले नाले का किया निरीक्षण, लापरवाही पर जताई कड़ी नाराजगी,दिए जाचं के आदेश








मुकेश गुप्ता

नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान किया जाए: जिलाधिकारी

गाजियाबाद । विजयनगर क्षेत्र में वर्षा के दौरान उत्पन्न जलभराव की समस्या के संबंध में क्षेत्रवासियों द्वारा की गई शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने संबंधित अधिकारियों के साथ उस मुख्य नाले का स्थलीय निरीक्षण किया, जिसके कारण प्रताप विहार, केला भट्टा, सेक्टर 11 एवं कैलाश नगर क्षेत्र में जल निकासी प्रभावित होने की स्थिति सामने आई है।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि प्रताप विहार, केला भट्टा एवं कैलाश नगर क्षेत्र का वर्षा जल जिस मुख्य नाले के माध्यम से निकलता है, उसका पिछला भाग पर्याप्त चौड़ा है। किंतु प्रतीक ग्रैंड सोसाइटी के नवीन टावरों के निर्माण के दौरान नाले के एक हिस्से को संकरा कर उसमें छोटे पाइप स्थापित कर जल निकासी की व्यवस्था कर दी गई है, जबकि आगे का नाला अपनी मूल चौड़ाई में खुला हुआ है। नाले की चौड़ाई कम होने के कारण वर्षा जल का प्रवाह बाधित हुआ, जिससे आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हुई।

नाले की वर्तमान स्थिति का अवलोकन करने के उपरांत जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से पूछा कि नाले की चौड़ाई कम किए जाने की अनुमति किस स्तर पर प्रदान की गई तथा इस संबंध में आवश्यक निगरानी एवं नियामकीय कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि यह मामला गंभीर जांच का विषय है। उन्होंने निर्देश दिए कि नाले के संकरे किए जाने की परिस्थितियों एवं संबंधित उत्तरदायित्वों की जांच कराई जाए तथा यदि किसी अधिकारी, संस्था अथवा संबंधित पक्ष की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने नगर निगम, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण तथा आवास विकास परिषद के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल निकासी व्यवस्था का तकनीकी परीक्षण कराते हुए समस्या के स्थायी समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही तत्काल प्रारंभ की जाए, ताकि भविष्य में वर्षा के दौरान जलभराव की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुविधाओं से संबंधित आधारभूत ढांचे की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान किया जाए। निरीक्षण के दौरान जीडीए सचिव विनय कुमार मिश्रा, नगर निगम के चीफ इंजीनियर नरेंद्र चौधरी आदि अधिकारी उपस्थित रहे।

श्री अर्धनारीश्वर मन्दिर की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह सम्पन्न, रघुवंशपुरम आश्रम, जोधपुर में पूज्य संतों महापुरुषों के पावन सान्निध्य में सम्पन्न हुआ भव्य प्राण-प्रतिष्ठा हुई

 









संवाददाता

*✨शिव और शक्ति के दिव्य समन्वय का युगानुकूल संदेश*

*🌼पूज्य स्वामी गुरूशरणानन्द महाराज, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वत महाराज, पूज्य स्वामी ज्ञानानन्द महाराज तथा पूज्य आचार्य बालकृष्ण महाराज का दिव्य सान्निध्य

*🌺संत मुरलीध महाराज ने सभी पूज्य संतों का किया अभिनन्दन*

जोधपुर] 9 July। राजस्थान की पावन धरती पर स्थित रघुवंशपुरम आश्रम में वैदिक मंत्रों की अनुगूँज, शंखध्वनि, घंटानाद, पुष्पवृष्टि के जयघोष के मध्य श्री अर्धनारीश्वर मन्दिर की प्राण-प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और वैदिक विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुआ। 

इस पावन अवसर पर पूज्य स्वामी गुरूशरणानन्द महाराज, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज, पूज्य स्वामी ज्ञानानन्द महाराज तथा पूज्य आचार्य बालकृष्ण  महाराज का दिव्य सान्निध्य प्राप्त हुआ। देश के विभिन्न भागों से पधारे पूज्य संत, वेदाचार्य, श्रद्धालु इस दिव्य अनुष्ठान में सहभागी हुये।

महोत्सव के दौरान संत मुरलीधर महाराज ने सभी पूज्य संतों का अभिनन्दन करते हुए कहा कि यह समारोह युगों तक मानवता का मार्गदर्शन करने वाली आध्यात्मिक चेतना का उत्सव है। उन्होंने कहा कि पूज्य संतों का सान्निध्य और आशीर्वाद सौभाग्य से प्राप्त होता है। संत समाज को जोड़ते हैं, दिशा देते हैं और जीवन को ईश्वर से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

इस अवसर पर पूज्य संतों ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधनों में अर्धनारीश्वर के दिव्य स्वरूप का आध्यात्मिक संदेश देते हुये कहा कि अर्धनारीश्वर सम्पूर्ण सृष्टि के संतुलन, समानता, करुणा, शक्ति, विवेक और प्रेम का सनातन प्रतीक है। भगवान शिव चेतना हैं, शक्ति सृजन है; शिव मौन हैं, शक्ति अभिव्यक्ति है; शिव आधार हैं, शक्ति विस्तार है। दोनों का अभिन्न मिलन ही जीवन को पूर्णता प्रदान करता है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि अर्धनारीश्वर का संदेश है स्वयं को आधा मत जीओ। अपने भीतर के शिवत्व को जागृत करो, अपनी शक्ति को प्रकाशित करो। जब चेतना और करुणा, विवेक और प्रेम, संकल्प और संवेदना एक हो जाते हैं, तब मनुष्य केवल सफल नहीं होता वह लोकमंगल का माध्यम बन जाता है। 

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि वर्तमान समय में जब परिवार, समाज और विश्व अनेक प्रकार के वैचारिक, सामाजिक एवं मानसिक संघर्षों से गुजर रहा है, ऐसे में अर्धनारीश्वर का यही संदेेश है कि स्त्री और पुरुष प्रतिस्पर्धी नहीं, परस्पर पूरक हैं। यहाँ न किसी का आधिपत्य है, न किसी की अधीनता; न विभाजन है, न संघर्ष। यहाँ केवल सम्मान है, समरसता है, सहयोग है और सह-अस्तित्व का दिव्य दर्शन है। यही सनातन संस्कृति का वास्तविक दृष्टिकोण है, जहाँ समानता से भी आगे बढ़कर एकात्मता का अनुभव कराया जाता है।

श्री अर्धनारीश्वर मन्दिर की यह प्राण-प्रतिष्ठा मानवता को संतुलन, समरसता, सह-अस्तित्व और दिव्य चेतना की ओर अग्रसर करने वाला एक युगप्रेरक आध्यात्मिक उत्सव है।

डॉ कुंअर बेचैन की जयंती पर सजी कविताओं की महफिल,बारिश के बीच दूधेश्वर नाथ मंदिर में हुआ शानदार कवि सम्मेलन








                        राज कौशिक

डॉ० कुँअर बेचैन स्मृति न्यास ऑस्ट्रेलिया ने किया आयोजन 

गाजियाबाद। महाकवि डॉ कुंअर बेचैन की 84वीं जयंती पर दूधेश्वर नाथ मंदिर में शानदार कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। भारी बरसात के बावजूद सैकड़ो की संख्या में पहुंचे काव्य प्रेमियों ने पांच घंटे से भी अधिक समय तक कविताओं, गीत, गजलों का आनंद लिया। 

डॉ० कुँअर बेचैन स्मृति न्यास ऑस्ट्रेलिया और साहित्यिक संस्था "काव्य कोना" की तरफ से दूधेश्वर नाथ मंदिर के नवनिर्मित सभागार में आयोजित कवि सम्मेलन की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध कवि पदमश्री डॉ अशोक चक्रधर ने की। उन्होंने डॉ बेचैन से जुड़े कई संस्मरण सुनाए। उन्होंने कहा कि डॉ कुँअर बेचैन ने एक से बढ़कर एक अच्छे गीत लिखे, वहीं बहुत सी शानदार गजलें भी लिखीं। पॉजिटिविटी डॉ बेचैन का बहुत बड़ा गुण था जिसे हम सभी रचनाकारों को जीवन में उतारने का प्रयास करना चाहिए। 

मुख्य अतिथि शहर विधायक संजीव शर्मा ने कहा कि डॉ  बेचैन के कारण साहित्यिक क्षेत्र में गाजियाबाद का नाम पूरी दुनिया में मशहूर हुआ। जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दूधेश्वर नाथ मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरी ने कहा कि साहित्यिक गतिविधियां किसी भी शहर के लिए प्राण वायु का काम करती हैं। श्रीमहंत नारायण गिरी ने आयोजन के लिए डॉ बेचैन के पुत्र प्रगीत कुँअर और पुत्रवधू डॉ० भावना कुँअर को भी आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में रहने के बावजूद वो अपने पिता की गृह नगरी में उनकी स्मृतियों को बनाए रखने का महान कार्य कर रहे हैं।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे शायर राज कौशिक ने कहा कि डा० कुँअर बेचैन के पुत्र प्रगीत कुँअर और पुत्रवधू डॉ० भावना कुँअर के योगदान से ये आयोजन संभव हुआ है। वो ऑस्ट्रेलियांचल ई-पत्रिका और डॉ० कुँअर बेचैन स्मृति न्यास ऑस्ट्रेलिया के माध्यम से कार्यक्रम में परोक्ष रूप से उपस्थित हैं।

प्रगीत कुँअर के मित्र व जेडी ज्वैलर्स के स्वामी शपंकज जिंदल का भी बहुत सहयोग कार्यक्रम को मिला। इसके बाद काव्य रस की धारा की शुरुआत दिल्ली से पधारे शायर कर्नल संजय चतुर्वेदी ने जब इन शेरों के साथ की तो लोगों ने खूब तालियां बजाई_

नयी नस्लों को जीने के नये नुस्ख़े सिखाता हूँ 

जहाँ बारिश नहीं होती वहीं पौधे लगाता हूँ 

विश्व विख्यात शायर विजेंद्र सिंह परवाज के एक-एक शेर पर लोगों ने देर तक तालियां बजाकर दाद दी। उनका ये मशहूर शेर देखिए-

जब अमीरी में मुझे गुरबत के दिन याद आ गए 

कार में बैठा हुआ पैदल सफर करता रहा

श्रोताओं ने विजेंद्र सिंह परवाज़ से फरमाइश करके ये ग़ज़ल सुनी-

दोपहर तक बिक गया बाजार का एक एक झूठ 

शाम तक बैठे रहे हम अपनी सच्चाई लिए

शायर राज कौशिक के इन अशआर पर लोगों ने खूब तालियां बजाई-

सो बहाने हैं जहां पर तो रुलाने के लिए 

इक बहाना ढूंढ लो हंसने हंसाने के लिए 

शौहरतों की ख्वाहिशों का ये तमाशा खूब है 

लोग पंजों पर खड़े हैं क़द बढ़ाने के लिए

पुणे से आए प्रसिद्ध शायर राजेश त्रिपाठी को इस ग़ज़ल पर खूब दाद मिली-

कई  रातों  से  दस्तक  दे  रही  है  चाँदनी   मुझको 

मैं रखके चाँद की सलवट बग़ल में सो नहीं सकता

यक़ीं कर लेता हूँ  उसपे, ग़ुमाँ जब जब भी होता है 

मुझे वो अपना कहता है जो अपना हो नहीं सकता 

डॉ तारा गुप्ता की ये पंक्तियाँ बहुत सराही गईं-

जाने क्या खासियत रही मुझ में 

ढूंढती जिसको जिंदगी मुझमें

गजरौला से पधारीं डॉ मधु चतुर्वेदी ने जीवन का सत्य इन शब्दों में सुनाया-

चाहा था हमने जैसा, न वैसा कभी हुआ

पर ज़िन्दगी में जो हुआ, बिल्कुल सही हुआ

कवयित्री डॉ० तूलिका सेठ की रिश्तों पर पढ़ी रचना लोगों ने बहुत सराही 

हमें बाबा ने समझाया बहुत है 

बुज़ुर्गों का रहे साया बहुत है

सुकूँ पाता है पूरा गाँव आकर

पुराना पेड़ है छाया बहुत है

नोएडा से आए डॉ कुंअर बेचैन के भतीजे युवा कवि प्रतीक सक्सेना का ये अंदाज लोगों को बहुत पसंद आया-

मैं अब अपनी धुन में ही रहने लगा हूँ

मैं ख़ुद से ही कहने ओ सुनने लगा हूँ 

उठाऊँगा कब तक तुम्हारा ये बोझा

ग़मों मुझको बख़्शो, मैं थकने लगा हूँ

कवयित्री डॉ वीणा मित्तल की ये रचना खूब सराही गई-

कहीं खो गयीं दादी दादी नानी की नसीहत,

मां-बाप का साया सर से उठा तो ये जाना मैंने,

जैसे घर की दीवारों पे छत न रही।

मेरठ से पधारी कवयित्री कोमल रस्तोगी ने भगवान विष्णु पर लिखा गीत सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। कवयित्री शैलजा सक्सेना और नेहा वैद्य ने भी शानदार काव्य पाठ किया। रचना वार्ष्णेय ने डॉ बेचैन का प्रसिद्ध गीत “बदरी बाबुल के अँगना जइयो”गीत गाकर सुनाया। 

कार्यक्रम के स्वागत अध्यक्ष समाजसेवी राम अवतार जिंदल ने सभी रचनाकारों का स्वागत किया। श्रीमहंत नारायण गिरी ने भगवान दूधेश्वर नाथ का चित्र देकर और दुपट्टा पहना कर रचनाकारों का अभिनंदन किया। विशेष अतिथियों के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता पृथ्वी सिंह कसाना, चीफ वार्डन ललित जायसवाल, विशाल कौशिक, जय भगवान गर्ग, राकेश गुप्ता, विजय मित्तल, तरुण गोयल (गांधर्व संगीत महाविद्यालय) , सत्येन्द्र आत्रे, डॉ० पुष्पा जोशी, डॉ० सुरभि सक्सेना व अशोक गोयल उपस्थित रहे।

बुधवार, 8 जुलाई 2026

सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल, एस.एस.बी. शाखा के विद्यार्थियों ने "वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 – एक पेड़ माँ के नाम" के पर सृजनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन पर डीएम ने किया सम्मानित






                             मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल, एस.एस.बी. शाखा के विद्यार्थियों ने "वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 – एक पेड़ माँ के नाम" के अंतर्गत आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता, का आयोजन किया। यह आयोजन गाजियाबाद रेंज, सामाजिक वानिकी प्रभाग, गाजियाबाद द्वारा किया गया था, इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करते  हुए विधार्थियों ने विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने सम्मानित किया।

पुरस्कार प्राप्त विद्यार्थी:

*कुशाग्र चौधरी (कक्षा 10 'स') — प्रथम पुरस्कार*

*वंशिका पनाचे (कक्षा 11 'अ') — द्वितीय पुरस्कार*

*ऋत्विक पायसी (कक्षा 10 'स') — तृतीय पुरस्कार*

*अतिशा दूबे (कक्षा 10 'ब') — सांत्वना पुरस्कार*

*पूर्वा कौशिक (कक्षा 11 'ब') — सांत्वना पुरस्कार*

डा० सुभाष जैन ने बताया कि विजेता विद्यार्थियों को जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया। इस गौरवपूर्ण अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन सर डॉ ० सुभाष जैन भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति से समारोह की शोभा बढ़ाने हेतु उपस्थित रहे। उनके स्नेहिल आशीर्वाद, प्रेरणादायी शब्दों एवं निरंतर प्रोत्साहन ने विद्यार्थियों का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया। 

डा० सुभाष जैन ने बताया कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की प्रतिभा, सृजनात्मक सोच, परिश्रम एवं समर्पण का प्रतीक है। विद्यालय परिवार सभी विजेता विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों तथा मार्गदर्शक शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित करता है।

सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मक अभिव्यक्ति एवं उत्कृष्टता को निरंतर प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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पूज्य मोरारी बापू के श्रीमुख से प्रवाहित 980वीं श्रीराम कथा का भव्य समापन, पूज्य मोरारी बापू ने श्री रामकथा के माध्यम से दिया मर्यादा, सेवा और राष्ट्र निर्माण का अमृत संदेश*


                             संवाददाता

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी,  महामण्डलेश्वर सतुआ बाबा, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड़, पुष्कर सिंह धामी  एवं आचार्य लोकेश मुनि की गरिमामयी उपस्थिति*

हरिद्वार, 8 जुलाई। परम पवित्र सप्तपुरी देवभूमि हरिद्वार की पुण्यधरा श्री रामनाम के दिव्य रस, संतों की वाणी और भक्ति की मधुर सरिता से अनुप्राणित हो उठी। प्रेम नगर आश्रम में पूज्य मोरारी बापू के श्रीमुख से प्रवाहित 980वीं श्रीराम कथा का समापन अत्यन्त श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। श्रीराम कथा के माध्यम से भगवान श्रीराम के दिव्य चरित्र का वर्णन तथा वर्तमान समय में मानवीय मूल्यों, करुणा, सत्य, मर्यादा, प्रेम और सेवा को जीवन में उतारने की प्रेरणा पूज्य बापू ने प्रदान की।

समापन अवसर पर उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कथा-स्थल पर पहुँचकर श्रद्धापूर्वक रामकथा का श्रवण किया तथा पूज्य मोरारी बापू, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी सहित पूज्य संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस पावन अवसर पर महामण्डलेश्वर सतुआ बाबा जी एवं  आचार्य लोकेश मुनि जी  की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक आलोकित किया। 

पूज्य मोरारी बापू के श्रीमुख से प्रवाहित रामकथा रूपी ज्ञानधारा आत्मा को स्पर्श करने वाला जीवन-दर्शन है। उनकी वाणी में प्रवाहित श्री राम कथा के माध्यम से उन्होंने प्रेरणा दी कि श्रीराम जी का जीवन हमें विभाजन नहीं, बल्कि समरसता; संघर्ष नहीं, बल्कि समाधान; और अधिकार नहीं, बल्कि कर्तव्य का मार्ग दिखाता है।

श्री रामकथा का वास्तविक उद्देश्य जीवन का परिवर्तन है। जब मन में राम बसते हैं तो व्यवहार में करुणा आती है, परिवार में प्रेम बढ़ता है, समाज में विश्वास जागता है और राष्ट्र में नैतिकता का प्रकाश फैलता है। यही श्रीराम कथा की सबसे बड़ी साधना और सबसे बड़ा संदेश है।

आज विश्व अनेक प्रकार की चुनौतियों से गुजर रहा है। ऐसे समय में श्रीरामजी के आदर्श सत्य, त्याग, सेवा, मर्यादा, सहिष्णुता और लोकमंगल, मानवता के लिए सबसे बड़ा पथप्रदर्शक बन सकते हैं। राष्ट्र की वास्तविक शक्ति केवल आर्थिक प्रगति में नहीं, बल्कि संस्कारित नागरिकों, संवेदनशील समाज और मूल्यनिष्ठ जीवन में निहित होती है।

परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने संदेश दिया कि श्री राम केवल एक नाम नहीं, भारत की आत्मा हैं। राम केवल आराधना नहीं, बल्कि जीवन की मर्यादा, राष्ट्र की संस्कृति और मानवता की चेतना हैं। जिस राष्ट्र के हृदय में राम बसते हैं, वहाँ विभाजन नहीं, एकता जन्म लेती है; वहाँ वैमनस्य नहीं, सद्भाव पल्लवित होता है; वहाँ स्वार्थ नहीं, सेवा संस्कार बन जाती है।

आज भारत को केवल आर्थिक रूप से सशक्त बनने की नहीं, बल्कि आध्यात्मिक, नैतिक और सांस्कृतिक रूप से भी विश्व का पथप्रदर्शक बनने की आवश्यकता है। श्री राम जी की शक्ति का आधार शस्त्र नहीं, चरित्र है; नेतृत्व का आधार अधिकार नहीं, उत्तरदायित्व है; और राष्ट्र की वास्तविक पहचान उसकी सीमाओं से नहीं, बल्कि उसके संस्कारों से होती है। 

आइए, हम श्रीराम जी को अपने विचारों में, व्यवहार में, परिवार में, शिक्षा में, शासन में और राष्ट्र-जीवन के प्रत्येक आयाम में उतारें। जब प्रत्येक भारतीय के हृदय में श्री राम के सत्य, करुणा, सेवा, समरसता और मर्यादा के मूल्य जागृत होंगे, तब भारत केवल एक शक्तिशाली राष्ट्र ही नहीं, बल्कि विश्व को शान्ति, सह-अस्तित्व और वसुधैव कुटुम्बकम् का मार्ग दिखाने वाला विश्वगुरु बनेगा। यही रामकथा का संदेश है, यही राष्ट्रधर्म है और यही मानवता का भविष्य है। उन्होंने पूज्य बापू को 980 वीं श्रीराम कथा की अमृत धारा प्रवाहित करने हेतु अनेकानेक धन्यवाद देते हुये उनका अभिनन्दन किया।

 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी संतों का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए भारतीय संस्कृति, सनातन परम्परा और संत समाज के राष्ट्र निर्माण में योगदान को नमन करते हुये उन्होंने कहा कि पूज्य संतों की प्रेरणा समाज को दिशा देती है तथा श्री रामकथा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और जीवन-मूल्यों से जोड़ने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि पूज्य बापू का सान्निध्य उन्हें कई बार प्राप्त हुआ और हर बार उन्हें एक नूतन ऊर्जा प्राप्त होती है।

पूज्य स्वामी जी ने पूज्य मोरारी बापू को रूद्राक्ष का दिव्य पौधा और भगवान शिव की प्रतिमा भेंट कर उत्तराखंड़ की दिव्य भूमि पर उनका अभिनन्दन किया।

रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद ग्रेटर नेक्स्ट ने “ऑक्सीजन ड्राइव” के अंतर्गत 100 पौधों का वृक्षारोपण अभियानचलाया


संवाददाता

हापुड़, 8 जुलाई 2026:। रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद ग्रेटर नेक्स्ट द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से “ऑक्सीजन ड्राइव – Go Green, Breathe Clean” का सफल आयोजन जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, आनंद विहार, हापुड़ में किया गया। इस अभियान के अंतर्गत विद्यालय परिसर में 100 पौधों का वृक्षारोपण किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पीडीजी जे. के. गौड़ (AKS) एवं विशिष्ट अतिथि रोटेरियन दीपक अग्रवाल (DDZ) की गरिमामयी उपस्थिति में वृक्षारोपण कर अभियान का शुभारंभ किया गया। सभी अतिथियों एवं रोटरी सदस्यों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

इस अवसर पर क्लब की अध्यक्ष रोटेरियन निधि गौड़ ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक नागरिक का वृक्षारोपण में योगदान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी से पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल करने का भी आग्रह किया।

कार्यक्रम के दौरान क्लब के सदस्यों, उनके परिवारजनों, जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल के इंटरैक्टर्स (Interact Club) एवं विद्यालय परिवार ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए परिसर में विभिन्न प्रकार के छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण किया। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए "Let's Plant Hope, Let's Plant Life" के संकल्प को दोहराया।

इस अभियान के सफल आयोजन में प्रोजेक्ट चेयर रोटेरियन मीनू त्यागी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस अवसर पर रोटेरियन निधि जैन, रोटेरियन धनेश, रोटेरियन विनीत अग्रवाल, रोटेरियन संजय त्यागी, रोटेरियन ए.के. वर्मा, रोटेरियन एच.के. जोशी, रोटेरियन ऊषा गौड़, रोटेरियन सुरेंद्र शर्मा, रोटेरियन प्रवीण शर्मा एवं रोटेरियन वरुण गौड़ सहित रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद ग्रेटर नेक्स्ट के अन्य पदाधिकारी, सदस्यगण एवं अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण हेतु निरंतर कार्य करने की प्रतिबद्धता के साथ हुं।

मंगलवार, 7 जुलाई 2026

चंदा चोरी के मामले में जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी द्वारा संयुक्त रूप से सर्व बुद्धि पदयात्रा निकली




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद सभी कांग्रेस जनों को वर्षा के रूप में प्राप्त हुआ   कांग्रेस की "सद्बुद्धि पदयात्रा", अयोध्या श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी एवं अनियमितताओं के विरोध में उठाई पूरे उत्तर प्रदेश में आवाज उठाई उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय  के अहवन पर जिला कांग्रेस कमेटी गाजियाबाद अध्यक्ष सतीश शर्मा एवं महानगर कांग्रेस कमेटी गाजियाबाद वीर सिंह जाटव के संयुक्त तत्वावधान में अयोध्या श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी एवं अनियमितताओं के विरोध तथा दोषियों को सद्बुद्धि  करने की कामना को लेकर "प्रभु श्रीराम से गुहार लगाई  सद्बुद्धि पदयात्रा" का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, पर जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता एकत्र होकर  जिला अध्यक्ष श्री सतीश शर्मा जी के द्वारा सद्बुद्धि पदयात्रा दुर्गा भाभी चौक, नवयुग मार्केट, से शुरू होकर चोपला बाजार स्थित चोपला मंदिर, घंटाघर होते हुए गुड़ मंडी स्थित हनुमान मंदिर पहुँची।


पदयात्रा के दौरान क्षेत्र में हुई तेज वर्षा को कांग्रेसजनों ने प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद मानते हुए पूरे उत्साह, श्रद्धा एवं जोश के साथ यात्रा जारी रखी। कार्यकर्ताओं ने भगवान जयसियाराम के जयघोष एवं धार्मिक भावनाओं के साथ यात्रा को सफल बनाया।


हनुमान मंदिर में पहुँचकर सभी कांग्रेसजनों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ एवं हनुमान आरती की। इसके उपरांत प्रभु श्रीराम एवं पवनपुत्र हनुमान जी से प्रार्थना की गई कि अयोध्या श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में यदि किसी प्रकार की चोरी अथवा अनियमितता हुई है तो उसके दोषियों को सद्बुद्धि प्रदान करें, उन्हें उनके कृत्यों का उचित दंड मिले तथा भविष्य में किसी भी रामभक्त की आस्था के साथ खिलवाड़ न हो।


इस अवसर पर जिला अध्यक्ष श्री सतीश शर्मा ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में किसी भी प्रकार की अनियमितता अत्यंत गंभीर विषय है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

महानगर अध्यक्ष श्री वीर सिंह जाटव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सदैव जनभावनाओं, धार्मिक आस्था और पारदर्शिता के पक्ष में खड़ी रही है। श्रीराम मंदिर देशवासियों की आस्था का केंद्र है और उसकी पवित्रता एवं मर्यादा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता, ब्लॉक अध्यक्ष, फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे

जिला कांग्रेस अध्यक्ष सतीश शर्मा महानगर कांग्रेस अध्यक्ष वीर सिंह जाटव पूर्व मंत्री सतीश शर्मा पूर्व प्रत्यशी पुष्प रावत पूर्व पृथ्वी विधानसभा प्रत्याशी शशि भूषण शर्मा पूर्व प्रदेश सचिव पंकज तंजानिया जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा हाजी खुर्शीद अली कोषाध्यक्ष अश्वनी त्यागी जिला व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुशील शर्मा रूबी मलिक सीमा नजमीन हरेंद्र बाबा राजू शर्मा अमित शर्मा अमित बंटी आचार्य विकास त्यागी हरपाल सिंह कंचन वर्मा रवि सूर्य यश कौशिक बाबूराम शर्मा राजकुमार शर्मा इरफान नेताजी अनवर कुरेशी आबिद अली श्याम पोरवाल पन्नालाल शर्मा राजीव शर्मा जगतार सिंह भट्टी अब्दुल कादिर हाफिज सलमानी शिवानी चौधरी पुनीत लो विनोद त्रिपाठी रियाज सैफी अजय शर्मा अनु मलिक रिजवान मलिक आशुतोष गुप्ता जिला मीडिया प्रभारी द्वारा खाबर प्रेषित की जा रही है आदि सैकड़ो प्रभु श्री राम के कांग्रेस भक्ति मौजूद थे

दृष्टि बदलिए, दृश्य बदल जाएगा, ऐनक बदलेगी तो एंगल बदलेंगे, और एंगल बदलेंगे तो जीवन के सारे ट्रायएंगल स्वतः बदल जाएंगे--स्वामी चिदानन्द सरस्वती, उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने रचा इतिहास

 







*🌺उत्तराखण्ड राज्य के सबसे लंबे कार्यकाल वाले राज्यपाल बने, सेवा, नेतृत्व और राष्ट्रसमर्पण का स्थापित किया नया मानदण्ड*

*✨परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं पतंजलि योगपीठ, आचार्य बालकृष्ण जी का पावन सान्निध्य, उद्बोधन और आशीर्वाद*

*💐एब्सोल्यूट इंटेलिजेंस डोंट सर्च, फाइंड (प्रज्ञा, खोजें नहीं, समाधान पाएँ) पुस्तक का भव्य लोकार्पण*

*💥ज्ञान, चेतना और मानवता पर मंथन*

* राज्यपाल गुरमीत सिंह मेडल वाले ही नहीं माॅडल गर्वनर*

*🌼अन्तर्राष्ट्रीय क्षमा दिवस पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का संदेेश - क्षमा करो और आगे बढ़ो, यही जीवन का सिद्धान्त है, यही कर्म का नियम है. क्षमा मन को बोझ से मुक्त करती है, संबंधों में प्रेम जगाती है और जीवन में शांति, सकारात्मकता तथा आत्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है*.

देहरादून, 7 जुलाई। उत्तराखण्ड के संवैधानिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) माननी राज्यपाल श्री गुरमीत सिंह जी ने राज्य के सबसे लंबे कार्यकाल वाले राज्यपाल बनने का गौरव प्राप्त किया। उन्होंने 1,756 दिनों का कार्यकाल पूर्ण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह उपलब्धि एक संवैधानिक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड के विकास, सुशासन और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण का सशक्त प्रतीक है।

लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने 15 सितम्बर 2021 को उत्तराखण्ड के आठवें राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की थी। उनका कार्यकाल 4 वर्ष, 9 माह और 21 दिन का हो चुका है, जो राज्य गठन के बाद किसी भी राज्यपाल का सबसे लंबा कार्यकाल है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि सम्पूर्ण उत्तराखंड़ की है।

अपने कार्यकाल के दौरान राज्यपाल गुरमीत सिंह ने संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन के साथ समाज के विविध वर्गों के बीच एक प्रेरक मार्गदर्शक, संवेदनशील संरक्षक और जनहितैषी व्यक्तित्व के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उन्होंने राजभवन को जनसंवाद, नवाचार, शिक्षा, युवा प्रेरणा और सामाजिक जागरूकता का सक्रिय केन्द्र बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास किए।

राज्यपाल के रूप में उन्होंने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, युवा नेतृत्व, सैनिक एवं पूर्व सैनिक कल्याण, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, जैव विविधता, स्वास्थ्य तथा सामाजिक समरसता जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों को प्राथमिकता दी। उन्होंने समय-समय पर विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों, युवाओं, सैनिक परिवारों तथा विभिन्न सामाजिक समूहों के साथ संवाद स्थापित कर समाज के सर्वांगीण विकास को नई दिशा प्रदान की। राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में उन्होंने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, अनुसंधान, कौशल विकास तथा भारतीय ज्ञान परम्परा को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण पहल की।

उत्तराखण्ड के राज्यपाल  गुरमीत सिंह ने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परम्परा आज वैश्विक स्तर पर नई स्वीकार्यता प्राप्त कर रही है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और अध्यात्म का समन्वय ही भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है। ऐसे ग्रन्थ समाज में सकारात्मक चिंतन, अनुसंधान और नवाचार की नई दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने इस महत्त्वपूर्ण कृति के प्रकाशन पर सभी रचनाकारों और आयोजकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि राज्यपाल गुरमीत सिंह का जीवन राष्ट्रसेवा की प्रेरणादायी यात्रा है। भारतीय सेना में लगभग चार दशकों तक उत्कृष्ट सेवा देने के बाद उन्होंने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन भी उसी समर्पण, अनुशासन और दूरदृष्टि के साथ किया। देशभक्ति उनके परिवार की परम्परा रही है और यही संस्कार आगे चलकर उनके व्यक्तित्व और नेतृत्व की आधारशिला बने। श्री गुरमीत सिंह जी ने भारत की शक्ति व संस्कृति को संरक्षित करने का कार्य किया है।

उन्होंने सैनिक पृष्ठभूमि से प्राप्त अनुशासन, समयबद्धता, पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा को राजभवन की कार्यशैली में भी प्रतिबिंबित किया। उत्तराखण्ड की प्राकृतिक धरोहर, हिमालय, नदियों, वन सम्पदा और जैव विविधता के संरक्षण के लिए उन्होंने अनेक अवसरों पर जनजागरूकता का संदेश दिया। 

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज विश्व एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की ओर बढ़ रहा है, लेकिन मानवता का भविष्य एआई से सुरक्षित नहीं होगा। हमें एआई के साथ आरआई (राइटियस इंटेलिजेंस, ऋषि इंटेलिजेंस ), एसआई (स्पिरिचुअल इंटेलिजेंस) और सनातन इंटेलिजेंस की भी आवश्यकता है आइए अध्यात्म इंटेलिजेंस की ओर बढ़े।

प्रख्यात वैज्ञानिक एवं लेखक प्रो. अरुण तिवारी ने पुस्तक का विस्तृत परिचय देते हुए कहा कि एब्सोल्यूट इंटेलिजेंस डोंट सर्च, फाइंड (प्रज्ञा, खोजें नहीं, समाधान पाएँ) पुस्तक विज्ञान और अध्यात्म के बीच संवाद स्थापित करने वाला एक वैचारिक सेतु है। उन्होंने बताया कि आधुनिक विज्ञान जहाँ बुद्धि की सीमाओं का अन्वेषण करता है, वहीं भारतीय अध्यात्म प्रज्ञा के माध्यम से अनन्त चेतना का अनुभव कराता है। यह ग्रन्थ दोनों धाराओं को एक सूत्र में पिरोने का अभिनव प्रयास है।

कार्यक्रम का शुभारम्भ राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् एवं राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुआ, जिससे सम्पूर्ण सभागार राष्ट्रभक्ति और भारतीय संस्कृति की दिव्य भावना से ओत-प्रोत हो उठा।

इसके उपरान्त राज्यपाल के वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत करते हुए इस महत्त्वपूर्ण आयोजन की भूमिका प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परम्परा आज पुनः वैश्विक मंच पर अपनी सार्थकता सिद्ध कर रही है और ऐसे ग्रन्थ भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।

उत्तराखण्ड की पावन देवभूमि में आज ज्ञान, विज्ञान और अध्यात्म के अद्वितीय समन्वय का एक ऐतिहासिक क्षण साकार हुआ। लोक भवन, देहरादून के सभागार में आयोजित गरिमामय समारोह में एब्सोल्यूट इंटेलिजेंस डोंट सर्च, फाइंड (प्रज्ञा, खोजें नहीं, समाधान पाएँ) पुस्तक का भव्य लोकार्पण उत्तराखण्ड के माननीय राज्यपाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। 

समारोह में योग, आयुर्वेद, विज्ञान, शिक्षा और अध्यात्म जगत की अनेक विशिष्ट विभूतियों की गरिममयी उपस्थिति रही।

इस अवसर पर  रवि रमन , विश्वविद्यालयों के कुलपति, डीन, प्रोफेसर, गणमान्य अतिथि, नारी शक्ति की गरिमामयी उपस्थिति रही।

सोमवार, 6 जुलाई 2026

हिन्दू संघर्ष समिति निकोला टेस्ला की 170वीं जयंती पर करेगी “टेस्ला विवेकानन्द फ्रेंडशिप फोरम” का शुभारम्भ-मोहित माधव




संवाददाता

नई दिल्ली । हिन्दू संघर्ष समिति द्वारा 10 जुलाई 2026 को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में विश्वविख्यात वैज्ञानिक निकोला टेस्ला की 170वीं जयंती के अवसर पर “टेस्ला विवेकानन्द फ्रेंडशिप फोरम” का शुभारम्भ किया जाएगा।

इस कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए हिन्दू संघर्ष समिति के राष्ट्रीय सचिव  मोहित माधव ने कहा कि यह केवल एक स्मृति समारोह नहीं, बल्कि विज्ञान, अध्यात्म, संस्कृति और वैश्विक सहयोग को समर्पित एक दूरदर्शी पहल है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द और निकोला टेस्ला के विचार आज भी विश्व को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं तथा यह फोरम उन्हीं आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बनेगा।

मोहित माधव ने देशभर के युवाओं, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, उद्योग जगत, नीति निर्माताओं एवं प्रबुद्ध नागरिकों से इस ऐतिहासिक अवसर पर सहभागिता का आग्रह करते हुए कहा—

“भारत ने सदैव ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का संदेश दिया है। ‘टेस्ला विवेकानन्द फ्रेंडशिप फोरम’ विज्ञान और आध्यात्मिक चेतना के समन्वय के माध्यम से विश्व बंधुत्व, नवाचार, ज्ञान-विनिमय और सांस्कृतिक सहयोग को नई गति प्रदान करेगा। यह मंच आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र निर्माण एवं मानव कल्याण के लिए प्रेरित करेगा।”

उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य भारत और विश्व के बीच ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार, सांस्कृतिक संवाद एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित सहयोग को सशक्त बनाना है।

इस अवसर पर हिन्दू संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महामंत्री श्री अनुप पाण्डेय ने कहा कि समिति राष्ट्रहित, सांस्कृतिक जागरण एवं वैश्विक समन्वय के ऐसे रचनात्मक प्रयासों के लिए निरंतर कार्यरत है। उन्होंने सभी राष्ट्रप्रेमी नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक पहल का हिस्सा बनने का आह्वान किया।




रालोद संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष व रालोद के प्रोफ़ेशनल मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष के मध्य हुई महत्वपूर्ण बैठक

 


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । राष्ट्रीय लोकदल के प्रोफेशनल मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट रविकांत चड्ढा ने आज राष्ट्रीय लोकदल के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद के. सी. त्यागी  से शिष्टाचार भेंट की।

बैठक के दौरान राष्ट्रीय लोकदल के संगठनात्मक विस्तार, पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने तथा समाज के सभी वर्गों को संगठन से जोड़ने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।बैठक मे राष्ट्रीय लोकदल के संगठन को देशभर में और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।गाँव, नगर, बूथ एवं मंडल स्तर तक संगठन को सशक्त करने तथा नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने की रणनीति पर चर्चा हुई।युवाओं, किसानों, महिलाओं, व्यापारियों, पेशेवर वर्ग, मजदूरों एवं समाज के सभी वर्गों को राष्ट्रीय लोकदल की नीतियों से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री, किसान मसीहा एवं स्वतंत्रता सेनानी श्रद्धेय चौधरी चरण सिंह जी तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजीत सिंह जी के किसान हितैषी, लोकतांत्रिक और जनकल्याणकारी कार्यों एवं विचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर सहमति बनी।राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री श चौधरी जयंत सिंह द्वारा कौशल विकास, युवाओं के प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि युवाओं को कौशल, शिक्षा और रोजगार से जोड़ने वाली योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुँचाकर संगठन के प्रति विश्वास और सहभागिता को बढ़ाया जाए।दोनों नेताओं ने संगठनात्मक मजबूती के लिए प्रोफेशनल वर्ग, शिक्षित युवाओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर भी विचार साझा किए।बैठक में राष्ट्रीय लोकदल की विचारधारा, किसान हित, सामाजिक न्याय, युवाओं के सशक्तिकरण और संगठन के विस्तार को आगामी समय की प्रमुख प्राथमिकता बताया गया।दोनों नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री माननीय चौधरी जयंत सिंह जी के नेतृत्व में संगठन निरंतर मजबूत होगा तथा पार्टी की नीतियाँ और विचारधारा समाज के प्रत्येक वर्ग तक और प्रभावी ढंग से पहुँचेगी।

श्री कांची कामकोटि पीठम् के 69वें जगद्गुरु शंकराचार्य, जयेन्द्र सरस्वती महास्वामी का अवित्तम् (धनिष्ठा) जन्म नक्षत्र महोत्सव मे शामिल हुए पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती

 







उत्तर और दक्षिण का दिव्य आलिंगन*

 *🌺कांची की पावन भूमि पर सनातन चेतना का अलौकिक संगम*

*💐चतुर्थ कुम्भाभिषेकम् के पावन अवसर पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य श्री विजयेंद्र सरस्वती जी महाराज एवं पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी की दिव्य भेंट* 

*🌼श्री कांची कामकोटि पीठम की स्थापना जगद्गुरु आदि शंकर भगवान्पाद ने लगभग 2507 वर्ष पूर्व (509 ईसा पूर्व दृ 477 ईसा पूर्व) की थी*

*इस पावन अवसर पर सनातन संस्कृति, अयोध्या धाम, श्रीराम मन्दिर, युवाओं के संस्कारों के रोपण, दक्षिण व उत्तर का दिव्य संगम* 


 नई दिल्ली। श्री कांची कामकोटि पीठम् के चतुर्थ कुम्भाभिषेकम् तथा 69वें जगद्गुरु शंकराचार्य, पूज्यपाद प्रातःस्मरणीय  जयेन्द्र सरस्वती जी के अवित्तम् (धनिष्ठा) जन्म नक्षत्र महोत्सव के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का दिव्य सान्निध्य प्राप्त हुआ।

लगभग ढाई सहस्राब्दियों पूर्व जगद्गुरु आदि शंकर भगवान्पाद द्वारा स्थापित श्री कांची कामकोटि पीठम् भारत की सनातन चेतना का जीवंत केन्द्र है। युगों से यह पीठ वेद, उपनिषद, शास्त्र, धर्म, संस्कृति और राष्ट्रधर्म के संरक्षण का दिव्य दायित्व का अद्भुत निर्वहन कर रही है। आज भी उसकी यह ज्योति सम्पूर्ण विश्व को भारतीय अध्यात्म का मार्ग दिखा रही है।

चतुर्थ कुम्भाभिषेकम् का यह महोत्सव एक धार्मिक अनुष्ठान के साथ आत्मशुद्धि, लोकमंगल और दिव्य ऊर्जा के पुनर्संचार का विराट उत्सव है। भगवान कार्तिकेय के पावन विग्रह का महाअभिषेक, वैदिक मंत्रों के दिव्य उच्चारण, यज्ञ की पवित्र अग्नि, अनेकों श्रद्धालुओं की सामूहिक प्रार्थनाएँ और पूज्य संतों का सान्निध्य प्राप्त हुआ। कुम्भाभिषेकम् प्रत्येक बारह वर्षों में सम्पन्न होने वाला यह महोत्सव भारतीय संस्कृति, दक्षिण एवं उत्तर का दिव्य संगम है।

इस दिव्य अवसर पर पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य श्री विजयेंद्र सरस्वती जी महाराज एवं पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का आत्मीय संगम हुआ। यह उत्तर और दक्षिण भारत की आध्यात्मिक धाराओं का ऐसा आलिंगन है, जिसने यह संदेश दिया कि सनातन धर्म की शक्ति उसकी विविधता में निहित एकता है।

इस भेंट में वर्षों पुरानी आत्मीयता पुनः सजीव हो उठी। वर्ष 1975 से प्रारम्भ हुई यह आध्यात्मिक निकटता, पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य श्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती महास्वामी जी, पूज्य श्री जयेन्द्र सरस्वती महास्वामी जी और अब पूज्य श्री विजयेंद्र सरस्वती जी महाराज के स्नेह एवं आशीर्वाद से निरन्तर पुष्पित-पल्लवित होती रही है। परमार्थ निकेतन और श्री कांची कामकोटि पीठम् का यह संबंध साझा आध्यात्मिक संकल्प, राष्ट्रनिर्माण और मानवता की सेवा का संबंध है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य श्री विजयेंद्र सरस्वती जी महाराज को परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश पधारने का सादर आमंत्रण दिया जो कि मां गंगा और कावेरी, हिमालय और दक्षिण की ज्ञान परम्पराओं, तप और भक्ति, वेद और सेवा के पुनर्मिलन का आमंत्रण है।

दोनों पूज्य संतों ने इस बात पर भी गहन चिंता और आशा व्यक्त की कि भारत का भविष्य केवल आधुनिक शिक्षा से नहीं, बल्कि संस्कारयुक्त शिक्षा से निर्मित होगा। आज आवश्यकता है कि युवाओं के हृदय में भारतीय संस्कृति, गुरु-शिष्य परम्परा, परिवार, पर्यावरण, सेवा, करुणा और राष्ट्रप्रेम के बीज रोपे जाएँ। वही संस्कार आने वाले भारत को विश्व के लिए प्रकाशस्तम्भ बनाएँगे।

भारत की सांस्कृतिक शक्ति किसी भौगोलिक सीमा में बँधी नहीं है। हिमालय की तपःभूमि और दक्षिण की ज्ञानभूमि जब एक साथ खड़ी होती हैं, तब सम्पूर्ण भारत एक परिवार के रूप में दिखाई देता है। यही सनातन का स्वरूप है, जहाँ विविध परम्पराएँ हैं, परन्तु उद्देश्य एक है; अनेक भाषाएँ हैं, परन्तु भाव एक है; अनेक तीर्थ हैं, परन्तु चेतना एक है। 

श्री कांची की इस पावन भूमि से उठी यह आध्यात्मिक ज्योति सम्पूर्ण विश्व को यह प्रेरणा देती है कि संस्कृति का संरक्षण केवल स्मृतियों से नहीं, बल्कि पूज्य संतों के जीवन और उनके साझा संकल्पों से होता है। यह दिव्य मिलन आने वाली पीढि़यों के लिए एक प्रेरक अध्याय रहेगा जहाँ उत्तर और दक्षिण ने मिलकर पुनः उद्घोष किया कि सनातन केवल एक परम्परा नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के कल्याण का शाश्वत पथ है।

आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के 29 वें जन्मदिवस पर परमार्थ निकेतन के पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने दी शुभकामनायें

 




*✨ज्ञान, दान और ध्यान महोत्सव में सनातन चेतना का भव्य समागम*

*💐आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर बेटियों की शिक्षा का किया ऐतिहासिक संकल्प* 

🌼आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी द्वारा रचित ‘मेरा सन्यासी’ कृति का हुआ लोकार्पण*

*💥हनुमान चालीसा एवं सुन्दरकाण्ड के महापाठ से गुंजायमान हुआ भारत मंडपम*

*🌺आचार्य बालकृष्ण, आचार्य लोकेश मुनि मनोज बाजपेयी , भजन सम्राट कन्हैया मित्तल तथा देश की अनेक विशिष्ट विभूतियों एवं पूज्य संतों की गरिमामयी उपस्थिति*

नई दिल्ली। प्रदर्शनी हॉल, भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित ज्ञान, दान और ध्यान महोत्सव एक ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महापर्व के रूप में आयोजित किया गया। इस पावन असवसर पर परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज का दिव्य सान्निध्य प्राप्त हुआ।  

आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी के पावन जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने सनातन संस्कृति के अप्रतिम वैभव का साक्षात्कार किया। यह आयोजन भारतीय अध्यात्म, सेवा, संस्कार और सनातन जीवन-दृष्टि का ऐसा विराट उत्सव था जिसने प्रत्येक उपस्थित श्रद्धालु के हृदय में धर्म, राष्ट्र और मानवता के प्रति नई ऊर्जा, नया विश्वास और नई प्रेरणा का संचार किया।

इस ऐतिहासिक अवसर पर आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने एक ऐसी घोषणा की जिसने पूरे सभागार को भाव-विभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि जिन हजारों निर्धन एवं जरूरतमंद बेटियों का विवाह उन्होंने सम्पन्न कराया था, अब उनकी बेटियों की सम्पूर्ण शिक्षा का दायित्व भी उनके द्वारा वहन किया जाएगा। यह घोषणा भारतीय संस्कृति के शाश्वत आदर्श की पुनर्प्रतिष्ठा है जहाँ बेटी को केवल सम्मान ही नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार और स्वावलम्बन का अधिकार भी दिया गया है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी के पावन जन्मदिवस पर शुभकामनाएँ देते हुए कहा, ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, अखण्ड ऊर्जा एवं निरंतर लोकमंगल की शक्ति प्रदान करें। आप अपनी तपस्या, भक्ति और ओजस्वी वाणी से सनातन धर्म की दिव्य पताका को विश्व के कोने-कोने में फहराते रहे। आपकी प्रेरणा से अनेकों हृदयों में धर्म, संस्कृति, राष्ट्रप्रेम और भगवान श्रीराम तथा श्रीहनुमान जी के प्रति अटूट श्रद्धा जागृत हो रही है। आपका जीवन सदैव धर्म, सेवा और मानवता के कल्याण के लिए समर्पित रहे। आप दिव्यायु हों, दीर्घायु हों, सदैव स्वस्थ रहें, मस्त रहें।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि ज्ञान हमें दिशा देता है, ध्यान हमें दिव्यता से जोड़ता है और दान जीवन को सार्थक बनाता है। जब ये तीनों एक साथ जीवन में उतरते हैं, तब केवल व्यक्ति ही नहीं, सम्पूर्ण समाज और राष्ट्र जागृत होता है। उन्होंने कहा कि आज का भारत केवल आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर नहीं है, बल्कि वह अपनी आध्यात्मिक चेतना के आलोक से सम्पूर्ण विश्व को मार्गदर्शन देने की क्षमता भी रखता है और इसका श्रेय हमारी ऋषि परम्परा और संत परम्परा को जाता है। 

कार्यक्रम के दौरान आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी द्वारा रचित कृति ‘मेरा सन्यासी’ का भव्य विमोचन भी सम्पन्न हुआ। यह कृति गुरु-शिष्य परम्परा, वैराग्य, समर्पण, आध्यात्मिक साधना और सनातन जीवन-दर्शन के गहन अनुभवों का सजीव दस्तावेज है। पुस्तक का लोकार्पण उपस्थित पूज्य संतों एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

तत्पश्चात हजारों श्रद्धालुओं ने एक स्वर में हनुमान चालीसा तथा सुन्दरकाण्ड का महापाठ किया। सम्पूर्ण भारत मंडपम श्रीराम और हनुमान जी के जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। 

आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि सनातन केवल एक परम्परा नहीं, बल्कि जीवन जीने की शाश्वत कला है। जब तक हमारी संस्कृति, हमारे संस्कार, हमारी मातृशक्ति और हमारी युवा पीढ़ी अपने मूल्यों से जुड़ी रहेगी, तब तक भारत का भविष्य सदैव उज्ज्वल रहेगा। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि धर्म को सेवा, करुणा, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के माध्यम से अपने जीवन का व्यवहारिक स्वरूप बनाएं।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भारत का सनातन दर्शन ही वह प्रकाश है जो सम्पूर्ण मानवता को शांति, करुणा, सह-अस्तित्व और वैश्विक परिवार की भावना का मार्ग दिखा सकता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे आधुनिकता को अपनाते हुए भी अपनी आध्यात्मिक जड़ों से जुड़े रहें, क्योंकि यही भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।

ज्ञान, दान और ध्यान महोत्सव में पूज्य संतों की वाणी, सेवा का संकल्प और समाज का सहयोग के एक साथ दर्शन हुये। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का ऐसा अध्याय बनेगा, जहाँ भक्ति के साथ सेवा, संस्कार के साथ शिक्षा और अध्यात्म के साथ राष्ट्र निर्माण का विराट संदेश सम्पूर्ण समाज तक पहुँचेगा।

सनातन धर्म की पताका को विश्वभर में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को सुदृढ़ करने तथा भारतीय संस्कृति के गौरव को जन-जन तक पहुँचाने में आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी का योगदान निरंतर प्रेरणास्पद है और सेवा, साधना और संस्कार की अखण्ड ज्योति को प्रज्ज्वलित कर रहा है, जो सम्पूर्ण मानवता को प्रेम, शांति, करुणा और आत्मोन्नति की दिशा में अग्रसर होने का संदेश देती है।

इस भव्य आयोजन में देशभर से पधारे संत-महात्मा, विद्वान, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, विभिन्न क्षेत्रों की अनेक विशिष्ट विभूतियाँ तथा हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने इसे भारत की आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक अस्मिता और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत उत्सव बताया।

गुरुवार, 2 जुलाई 2026

संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष पद पर पूर्व सांसद के सी त्यागी को बनाए जाने पर रालोद कार्यकर्ताओं में ख़ुशी की लहर-- अजय वीर सिंह

 






                              मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह ने रालोद के संसदीय बोर्ड का गठन किया है उसमें पूर्व सांसद के सी त्यागी को अध्यक्ष बनाया है । संसदीय बोर्ड में रालोद के पुराने व निष्ठावान नेताओं को शामिल किया गया है । 

रालोद के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय वीर सिंह एडवोकेट ने कहा कि रालोद के संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष के सी त्यागी जी को बना कर राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने ग़ाज़ियाबाद का सम्मान बढ़ाया है । इससे रालोद के कार्यकर्ताओं में जोश व उत्साह का माहौल है । के सी त्यागी जी को लम्बा राजनीतिक अनुभव है और निश्चित रूप से उनके अनुभव से पार्टी को मजबूती मिलेगी । के सी त्यागी जी ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व चौधरी चरण सिंह जी के साथ अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया था और अब संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बन कर उनके सपनों को पूरा करने का कार्य किया जाएगा ।

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती के पावन सान्निध्य में हुआ निःशुल्क रोगी बस सेवा का शुभारम्भ

 




                               संवाददाता

     ऋषिकेश से देहरादून तक स्वास्थ्य सेवा की नई जीवनरेखा बनेगी फ्री पेशेंट बस सेवा*

*💐महंत रघुवीर गिरि महाराज, वीरभद्र महादेव मंदिर, ऋषिकेश, महापौर, नगर निगम, ऋषिकेश, शम्भू पासवान , जिला महामंत्री, भारतीय जनता पार्टी, ऋषिकेश, महामंत्री, नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, ऋषिकेश प्रतीक कालिया 

*🌺करुणा, सेवा और मानवता के संकल्प को मिलेगा नया आयाम*

*🌼माधव सेवा मानव सेवा*

*🙏🏻स्वामी चिदानन्द सरस्वती*

ऋषिकेश, 2 जुलाई। परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में निःशुल्क रोगी बस सेवा का शुभारम्भ हुआ। पूज्य स्वामी जी ने हरी झंड़ी दिखाकर ऋषिकेश से देहरादून तक फ्री पेशेंट बस सेवा का आज उद्घाटन किया।

ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड हॉस्पिटल, देहरादून द्वारा निःशुल्क रोगी बस सेवा का शुभारम्भ किया गया। इस ऐतिहासिक जनकल्याणकारी पहल का आज शुभारम्भ हुआ। वीरभद्र महादेव मंदिर, बैराज ऋषिकेश से चिकित्सा जगत, सामाजिक संगठनों, पूज्य संत, स्वयंसेवकों तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थित में हुआ।

वर्तमान समय में उत्तराखंड़ में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, परन्तु अनेक गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए अस्पताल तक पहुँचना भी एक बड़ी चुनौती है। अनेक मरीजों को लंबी प्रतीक्षा और परिवहन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में यह निःशुल्क रोगी बस सेवा पीड़ित मानवता के प्रति संवेदनशील समाज की सामूहिक प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है।

यह सेवा ऋषिकेश से ग्राफिक एरा हॉस्पिटल, देहरादून तक उन मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं निःशुल्क परिवहन उपलब्ध कराएगी, जिन्हें गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं तक पहुँचने में कठिनाई होती है। इससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राहत मिलेगी और समय पर उपचार प्राप्त करने में सहायता होगी।

इस अवसर पर अपने संदेश में पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सेवा सबसे बड़ी साधना है। रोगी की सेवा केवल चिकित्सा नहीं, बल्कि ईश्वर की प्रत्यक्ष आराधना है। जब किसी पीड़ित के जीवन में आशा का दीप जलता है, तभी मानवता का वास्तविक उत्सव प्रारम्भ होता है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज आवश्यकता आधुनिक अस्पतालों के साथ साथ ऐसी संवेदनशील व्यवस्थाओं की भी है जो गरीब से गरीब व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करें। अनेक बार बीमारी से अधिक पीड़ा अस्पताल तक पहुँचने की असुविधा देती है। ऐसे में यह निःशुल्क रोगी बस सेवा उन परिवारों के लिए वरदान सिद्ध होगी, जो आर्थिक अभाव के कारण गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा से वंचित रह जाते हैं।

उन्होंने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा भारतीय जीवन दर्शन का शाश्वत संदेश है। सेवा का वास्तविक स्वरूप यही है, जिसमें किसी अपेक्षा का स्थान न हो। 

पूज्य स्वामी जी ने ग्राफिक एरा हॉस्पिटल और ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ कमल घनशाला जी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल अस्पताल की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि वह प्रत्येक गाँव, प्रत्येक परिवार और प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम संस्थानों का दायित्व केवल उत्कृष्ट सुविधाएँ उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन सुविधाओं को समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति तक पहुँचाना भी है। यही राष्ट्रधर्म, मानवधर्म और सनातन धर्म का वास्तविक स्वरूप है।

ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड हॉस्पिटल के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह सेवा पूर्णतः जनहित को समर्पित है तथा इसका उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर, सुरक्षित एवं निःशुल्क परिवहन उपलब्ध कराना है। भविष्य में इस सेवा का विस्तार उत्तराखण्ड के अन्य क्षेत्रों तक करने की भी योजना है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि जब पूज्य संतों का आशीर्वाद और समाज का सहयोग एक साथ जुड़ता है, तब कई लोगों के जीवन में नई आशा, नया विश्वास और नया भविष्य जन्म लेता है। इस उत्कृष्ट पहल के लिये ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड हॉस्पिटल का अभिनन्दन।

रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद विकास ने बालिका शिक्षा को समर्पित लगभग ₹18 लाख की सेवा परियोजनाओं का किया शुभारंभ









मुकेश गुप्ता

गाज़ियाबाद, 1 जुलाई । रोटरी वर्ष 2026-27 के प्रथम दिवस पर रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद विकास द्वारा कन्या वैदिक विद्यालय इंटर कॉलेज, गाज़ियाबाद में बालिका शिक्षा एवं स्वच्छता को समर्पित सेवा परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की छात्राओं द्वारा राष्ट्रगान एवं स्वागत गीत से हुआ। इसके उपरांत छात्राओं ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। विद्यालय की अध्यापिका श्रीमती चेतना शर्मा ने विद्यालय के गौरवशाली इतिहास को गीतात्मक प्रस्तुति के माध्यम से अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

डॉक्टर्स डे के अवसर पर वरदान अस्पताल के डा० हिमांशु भारद्वाज, डा० राजीव अग्रवाल एवं डा० अदिति अग्रवाल को उनके उत्कृष्ट चिकित्सकीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वहीं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स डे के अवसर पर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए सुनील गोयल एवं रो.सीए के. के. कोहली , सीए निखिल गर्ग, सीए आरोही गर्ग, सीए विनम्र चौधरी और सीए भागचंद का भी सम्मान किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रो० अमित गुप्ता एवं रो० स्वाति गुप्ता ने क्लब द्वारा लगभग ₹18 लाख की लागत से विद्यालय में निर्मित किए जाने वाले 32 शौचालयों तथा विद्यार्थियों के लिए इंडस्ट्रियल आर.ओ. आधारित शुद्ध पेयजल परियोजना का शिलान्यास किया। उन्होंने विद्यालय परिसर में फलदार पौधों का वृक्षारोपण भी किया।

अपने संबोधन में डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रो० अमित गुप्ता ने रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद विकास की सराहना करते हुए कहा कि बालिका शिक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ी यह परियोजना रोटरी की सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है तथा समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है।

इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी रो० स्वाति जैन, DDA रो० मनोज अग्रवाल एवं असिस्टेंट गवर्नर रो० अनुराग अग्रवाल का क्लब अध्यक्ष रो. कैलाश मंगला एवं श्रीमती कल्पना मंगला / रो.नरेश जिंदल एवं श्रीमती रितु जिंदल द्वारा स्वागत किया गया।

विद्यालय के प्रबंधक शरद गर्ग ने रोटरी क्लब द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती महिमा कटियार ने उत्तर प्रदेश भारत स्काउट एंड गाइड की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली कन्या वैदिक विद्यालय इंटर कॉलेज की 11 छात्राओं का सम्मान कराया। कार्यक्रम का संचालन रो० पवन गुप्ता ने किया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रो० अनिल गर्ग, श्रीमती कमलेश गर्ग, रो० राम अवतार जिंदल, रो. पवन गुप्ता, रो० राजेश अग्रवाल, श्रीमती उर्मिल अग्रवाल, रो० योगेश गर्ग, श्रीमती रेखा गर्ग, रो० संजय अग्रवाल,रो.अंजू अग्रवाल, रो० संजय गर्ग, श्रीमती मनीषा गर्ग, रो० के.के कोहली, रो. विजय जिंदल, रो.चम्पा जिंदल, रो.विजय अग्रवाल, श्रीमती वीना अग्रवाल, रो० कुलदीप रोहतगी, श्रीमती दीपिका रोहतगी, रो.नीरज गुप्ता, रो. कैलाश गोयल, रो. विनीत महेश्वरी, रो० सतीश अग्रवाल, रो० जितेंद्र जैन, श्रीमती मधु जैन, रो० आनंद प्रकाश गोयल, श्रीमती दया गोयल,डा० राजीव अग्रवाल,श्रीमती रेनू अग्रवाल,रो.अतुल गुप्ता, श्रीमती बबीता गुप्ता,रो.पुनीत गर्ग, श्रीमती बबीता गर्ग, रो.विनीत सिंह, रो.राहुल चौहान, मोनिका गर्ग,रो० अजय गुप्ता सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।