सोमवार, 27 जुलाई 2026

गुरु पूर्णिमा पर विशेष: दिव्य एवं भव्य व्यास पूजन, विश्व कल्याण की प्रार्थना! गुरु का आशीर्वाद एक अमूल्य उपहार है जो जीवन के अंधकार को दूर कर सही राह दिखाता है। यह शिष्य के भीतर ज्ञान, सकारात्मकता और आत्मविश्वास जगाता है! श्री श्री1008 हरप्रसाद शर्मा (झावल) अलवर वाले बाबा

 


मुकेश गुप्ता

गुरु वह नहीं होता जो आपके लिए मशाल थामे रहता है, बल्कि वह होता है जो आपको प्रकाश की ओर मार्गदर्शन करता है । गुरु हाथ थामता है, मन खोलता है और हृदय को स्पर्श करता है!!

दिल्ली/गाजियाबाद। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सकल गददियो के स्वामी श्री श्री1008 प० रामगोपाल जी महाराज भूगोर अलवर वाले बाबा के परमभक्त शिष्य श्री हरप्रसाद शर्मा (झावल) जी  के सान्निध्य में दिव्य एवं भव्य व्यास पूजन एवं गुरु वंदन कार्यक्रम का भव्य आयोजन 28 जुलाई 2026 जुलाई को दिल्ली के सी 1 (गणेश नगर पाडवनगर काम्प्लेक्स) हनुमान मंदिर पटपड़गंज में धूमधाम से आयोजन किया जाएगा। तथा 29 जुलाई गुरुपूर्णमा कार्यक्रम हरिद्वार में किया जाएगा।दिल्ली कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार, पूजन-अर्चना तथा विश्व शांति, राष्ट्र की उन्नति एवं समस्त मानव समाज के कल्याण की मंगलकामना के साथ विशेष प्रार्थना की गई।इस अवसर पर श्री हरप्रसाद शर्मा '(झावल) बाबा जी ने उपस्थित श्रद्धालुओं एवं समाजजनों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान भगवान से भी श्रेष्ठ माना गया है। 

गुरु ही अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं तथा मनुष्य को सत्य, धर्म, संस्कार और कर्तव्य का मार्ग दिखाते हैं। गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि अपने जीवन को सही दिशा देने वाले गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता व्यक्त करने का महान अवसर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सच्चे और आदर्श गुरुओं का अभाव महसूस किया जा रहा है। आज अनेक स्थानों पर मठ, आश्रम और स्वयंभू गुरुओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व है कि वह किसी भी गुरु को स्वीकार करने से पहले उसके आचरण, चरित्र, ज्ञान, सेवा-भाव, जीवन मूल्यों एवं समाज के प्रति उसके योगदान की भली-भांति जांच-परख अवश्य करे। केवल वेशभूषा या बाहरी आडंबर देखकर किसी को गुरु स्वीकार करना उचित नहीं है।

 उन्होंने कहा कि सच्चा गुरु वही है जो अपने शिष्यों में मानवता, राष्ट्रभक्ति, सनातन संस्कृति, सेवा, सदाचार और नैतिक मूल्यों का विकास करे। ऐसा गुरु न केवल व्यक्ति के जीवन का कल्याण करता है, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र को भी सशक्त एवं संस्कारित बनाता है। गुरु का चयन विवेक, श्रद्धा और सत्य की कसौटी पर होना चाहिए, तभी जीवन सार्थक एवं सफल बन सकता है।कार्यक्रम में व्यास पूजन के उपरांत उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने गुरु परंपरा के संरक्षण एवं भारतीय संस्कृति के संवर्धन का संकल्प लिया। साथ ही विश्व में शांति, सद्भाव, समृद्धि एवं मानव कल्याण के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई। उपस्थित सभी लोगों ने गुरु पूर्णिमा के इस आयोजन को आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक जागरण एवं सामाजिक एकता का प्रेरणादायी आयोजन बताते हुए इसकी सराहना की। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया तथा गुरु परंपरा के आदर्शों का अनुसरण करते हुए समाज में सद्भाव, संस्कार और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया। सभी भक्तजनो प्रसाद ग्रहण किया।

बिराज फाउंडेशन के सहयोग से गणेश अस्पताल ने नंदग्राम में लगाया निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 200 लोगों ने उठाया लाभ

 



मुकेश गुप्ता

ईडब्ल्यूएस वर्ग के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी स्वास्थ्य संबंधी सलाह

भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे जनसेवा अभियान

गाजियाबाद। स्वास्थ्य सेवाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से बिराज फाउंडेशन के सहयोग से गणेश अस्पताल द्वारा नंदग्राम ई-ब्लॉक में निशुल्क स्वास्थ्य परामर्श एवं जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में करीब 200 लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त कर आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली।

बिराज फाउंडेशन के संस्थापक एवं सीईओ डॉ. बिराज सिंह ने बताया कि नंदग्राम क्षेत्र में बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के परिवार निवास करते हैं, जिनके लिए इस प्रकार के निशुल्क स्वास्थ्य शिविर बेहद उपयोगी साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।  

गणेश अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. प्रतीक शर्मा ने कहा कि अस्पताल सामाजिक दायित्व के तहत समय-समय पर निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करता है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा परामर्श और जांच की सुविधा मिल सके। 

शिविर में मरीजों की सामान्य स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप, शुगर सहित अन्य आवश्यक परीक्षण किए गए तथा चिकित्सकों ने उन्हें स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिया। आयोजन को सफल बनाने में विमल कुमार यादव एवं डॉ. रामोद यादव का विशेष सहयोग रहा। वहीं गणेश अस्पताल की ओर से डॉ. ललित, डॉ. नमरीन, योगेश, निधि, राहुल और मोहन सहित चिकित्सा एवं सहयोगी स्टाफ ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे शिविर लगाए जाने की मांग की।

कारगिल विजय दिवस पर अमर शहीद बलिदानियों को परमार्थ निकेतन मे दी भावभीनी ऋदाजंली

 



संवाददाता

आज की परमार्थ गंगा आरती की अमर शहीदों को की समर्पित

कारगिल विजय दिवस भारत की आत्मा की विजय-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश, 26 जुलाई। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, परमार्थ पीठाधीश्वर,  पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भारत माता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वाेच्च बलिदान देने वाले सभी अमर वीर बलिदानियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कारगिल विजय दिवस भारत की आत्मा, उसके स्वाभिमान, उसके साहस और उसकी सनातन चेतना की विजय का दिवस है। यह दिन हमें उन वीर सपूतों के अद्वितीय पराक्रम, त्याग, अनुशासन और राष्ट्रनिष्ठा को स्मरण करने का अवसर देता है, जिन्होंने अपने वर्तमान का बलिदान देकर हमारे भविष्य को सुरक्षित बनाया।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि कारगिल की ऊँची बर्फीली चोटियाँ केवल युद्ध की साक्षी नहीं हैं, वे उन अमर बलिदानों की तपोभूमि हैं जहाँ भारत के वीर जवानों ने अपने रक्त से राष्ट्रप्रेम का ऐसा इतिहास लिखा, जिसे आने वाली पीढ़ियाँ सदैव गर्व के साथ स्मरण करेंगी। जब पूरा देश अपने घरों में सुरक्षित था, तब हमारे सैनिक शून्य से नीचे तापमान, दुर्गम पर्वतों और विषम परिस्थितियों के बीच केवल एक संकल्प लेकर डटे हुए थे, भारत की आन, बान और शान की रक्षा के हेतु। 

उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों ने अपने परिवारों से ऊपर राष्ट्र को रखा, अपने सुखों से ऊपर कर्तव्य को रखा और अपने जीवन से ऊपर भारत माता के सम्मान को रखा। यही त्याग उन्हें अमर बनाता है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि राष्ट्र केवल मानचित्र पर बनी सीमाओं का नाम नहीं है। राष्ट्र हमारी संस्कृति है, हमारी सभ्यता है, हमारी मातृभाषाएँ हैं, हमारे तीर्थ हैं, हमारी नदियाँ हैं, हमारा हिमालय है और करोड़ों भारतीयों की साझा चेतना है। कारगिल के वीरों ने केवल सीमाओं की रक्षा नहीं की, बल्कि भारत की आत्मा, उसकी अस्मिता और उसके गौरव की रक्षा की। उनके कारण ही हम स्वतंत्र आकाश में साँस लेते हैं, अपने पर्व मनाते हैं, अपने विचार व्यक्त करते हैं और अपने सपनों को साकार कर पाते हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वीरता और करुणा एक-दूसरे की विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। एक सैनिक के हाथ में शस्त्र इसलिए होता है ताकि समाज के हाथों में शास्त्र बने रहें, बच्चों के हाथों में पुस्तकें रहें और प्रत्येक नागरिक सुरक्षित एवं सम्मानपूर्ण जीवन जी सके। सैनिकों का त्याग सम्पूर्ण समाज की शान्ति का आधार है।

उन्होंने कहा कि आज हमें ऐसा भारत बनाना है जो केवल आर्थिक रूप से समृद्ध हो और नैतिक रूप से भी विश्व के लिए प्रेरणा बने। जिस धरती की रक्षा हमारे वीर सैनिक अपने प्राणों की आहुति देकर करते हैं, उस धरती को स्वच्छ, हरित और जीवनदायिनी बनाए रखना भी हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है। स्वच्छ नदियाँ, सुरक्षित वन, हरित पर्वत और स्वच्छ पर्यावरण भी सशक्त राष्ट्र की पहचान हैं। 

उन्होंने युवाओं से विशेष आह्वान करते हुए कहा कि कारगिल के वीरों से प्रेरणा लेकर वे अपने जीवन में अनुशासन, निष्ठा, परिश्रम, साहस और सेवा को अपनाएँ। आज राष्ट्र को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो केवल सफल ही नहीं, बल्कि संवेदनशील, संस्कारित और उत्तरदायी नागरिक बनें। यही भारत के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति है।

आज की परमार्थ गंगा आरती वीर बलिदानियों को  समर्पित की।

आईपीईसी और वाधवानी फाउंडेशन ने एमएसएमई के लिए 'गो-टू-मार्केट एक्सीलेंस' ग्रोथ वर्कशॉप का किया सफल आयोजन

 



                               मुकेश गुप्ता

डिजिटल युग में छोटे एवं मध्यम उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने पर विशेषज्ञों ने दिए व्यावहारिक सुझाव

साहिबाबाद । इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज (आईपीईसी) के आईपीईसी टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटर (आईपीईसी-टीबीआई) फाउंडेशन ने वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से "गो-टू-मार्केट एक्सीलेंस : स्केलिंग एसएमईज़ इन द डिजिटल एरा" विषय पर एक दिवसीय ग्रोथ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया। कार्यशाला में लगभग 50 एमएसएमई उद्यमियों, उद्योग विशेषज्ञों एवं विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यशाला का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को डिजिटल युग में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त दिलाने, नवीन व्यावसायिक रणनीतियों से परिचित कराने तथा उद्योग-जगत और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम में साहिबाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एसआईए) के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के उप निदेशक  सुनील कुमार रहे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार एमएसएमई क्षेत्र को नवाचार, डिजिटल परिवर्तन एवं तकनीक आधारित समाधानों के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने उद्यमियों से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने, उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने तथा डिजिटल तकनीकों के माध्यम से उत्पादकता, प्रतिस्पर्धात्मकता एवं सतत विकास को बढ़ावा देने का आह्वान किया।


कार्यक्रम में साहिबाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष  दिनेश मित्तल, महासचिव मुकेश गुप्ता तथा गाजियाबाद आयरन मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं टेक्निकल इंस्टीट्यूशंस फाउंडेशन ऑफ उत्तर प्रदेश के महासचिव डॉ. अतुल कुमार जैन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने एमएसएमई के लिए इस प्रकार का उपयोगी मंच उपलब्ध कराने हेतु आईपीईसी की सराहना की तथा उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी को समय की आवश्यकता बताया।

वाधवानी फाउंडेशन के विशेषज्ञों ने कार्यशाला के दौरान गो-टू-मार्केट रणनीति, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित व्यवसायिक विकास, सेल्स एक्सीलरेशन, मार्केट एक्सपेंशन तथा व्यावहारिक ग्रोथ फ्रेमवर्क जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने एमएसएमई उद्यमियों को बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाने, व्यवसाय का विस्तार करने तथा एआई आधारित तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर बेहतर व्यावसायिक परिणाम प्राप्त करने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए।

आईपीईसी के वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल ने कहा कि संस्थान नवाचार, उद्यमिता एवं उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। ऐसे कार्यक्रम उद्यमियों को आधुनिक व्यावसायिक ज्ञान, विशेषज्ञों से संवाद और दीर्घकालिक सहयोग के अवसर उपलब्ध कराते हैं, जिससे एमएसएमई क्षेत्र को नई दिशा मिलती है।

कार्यक्रम में आईपीईसी के डीन एकेडमिक्स प्रो. (डॉ.) अमित जैन, आईपीईसी-टीबीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) साजिद रज़ा तथा सपना शर्मा भी उपस्थित रहे और उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद किया।

कार्यशाला का समापन एक संवादात्मक सत्र के साथ हुआ, जिसमें उद्यमियों एवं उद्योग विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए, व्यवसाय से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की तथा विशेषज्ञों से व्यावहारिक समाधान प्राप्त किए। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं नेटवर्किंग के दृष्टिकोण से अत्यंत लाभकारी बताया।

रविवार, 26 जुलाई 2026

खाटू श्याम दर्शन पर गया परिवार, किराएदार ने उड़ाए लाखों के जेवर, क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना पुलिस ने 12 घंटे में किया खुलासा

 

                                  मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना पुलिस ने घर से करीब 25 से 30 लाख रुपये की ज्वेलरी चोरी की वारदात का मात्र 12 घंटे में खुलासा करते हुए आरोपी किराएदार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी किए गए सभी सोने और हीरे के आभूषण बरामद कर लिए हैं। 

पुलिस उपायुक्त नगर धवल जायसवाल के बताया कि सुदामापुरी निवासी रीता गोयल ने 25 जुलाई को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह 18 जुलाई को अपने पति और छोटे बेटे के साथ खाटू श्याम जी के दर्शन करने गई थीं। इसी दौरान उनके घर का ताला तोड़कर अज्ञात चोर लाखों रुपये के जेवर चोरी कर ले गया। शिकायत के आधार पर थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। 

उन्होंने बताया कि घटना के खुलासे के लिए गठित पुलिस टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच की। शनिवार को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सुदामापुरी बिजलीघर के पास से आरोपी अनंत मिश्रा (25) निवासी ग्राम जादलपुर, थाना अलीगंज, जिला एटा को गिरफ्तार कर लिया।

एसीपी प्रियाशील पाल ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले करीब एक वर्ष से पीड़िता के मकान में किराए पर रह रहा था। मकान मालिक का उस पर पूरा भरोसा था। परिवार के खाटू श्याम जाने की जानकारी होने पर उसने रात में मौका पाकर अलमारी का ताला तोड़ा और उसमें रखे सभी कीमती आभूषण चोरी कर लिए। उसे विश्वास था कि किसी को उस पर शक नहीं होगा, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तीन सोने के हार, दो डायमंड सेट, पांच जोड़ी सोने की झुमकियां, दो सोने की लटकन तथा चार सोने के कंगन बरामद किए हैं। पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।

त्यागी जागृति समिति ने शिक्षा और खेल जगत की 150 प्रतिभाओं का किया भव्य सम्मान







मुकेश गुप्ता

उच्च न्यायालय की न्यायाधीश बबीता त्यागी ने कहा— प्रतिभाशाली युवा ही समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी हैं

गाजियाबाद । जनपद के लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में आज त्यागी जागृति समिति द्वारा शिक्षा एवं खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल कर समाज और देश का गौरव बढ़ाने वाले लगभग 150 प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में सभी प्रतिभाओं को समाज की विशिष्ट हस्तियों द्वारा प्रतीक चिन्ह, प्रशस्ति-पत्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ उच्च न्यायालय की न्यायाधीश बबीता त्यागी, उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार त्यागी, न्यायिक मजिस्ट्रेट शालिनी त्यागी,  तथा एसोमक ग्रुप के चेयरमैन आशीष त्यागी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

अपने प्रेरक संबोधन में न्यायाधीश बबीता त्यागी ने कहा कि शिक्षा और खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली बच्चे केवल अपने समाज ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होते हैं। उन्होंने कहा कि त्यागी जागृति समिति द्वारा इन प्रतिभाओं को सम्मानित करने की यह पहल अत्यंत सराहनीय है। इन बच्चों के उत्साह, आत्मविश्वास और उपलब्धियों को देखकर पूर्ण विश्वास होता है कि आने वाले वर्षों में यही युवा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और समाज का नाम नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार त्यागी ने कहा कि प्रतिभाओं को समय पर प्रोत्साहन मिलना उनकी सफलता की सबसे बड़ी आधारशिला होता है। उन्होंने समिति की इस पहल की सराहना करते हुए आश्वस्त किया कि समाज के मेधावी बच्चों के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए वे सदैव अपनी पूरी क्षमता के साथ उनके साथ खड़े रहेंगे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मास्टर ब्रह्मदत्त त्यागी (सिहानी) ने की। मंच संचालन समाज की प्रतिभाशाली बेटी कृतिका त्यागी ने समिति के प्रवक्ता अधिवक्ता शैलेन्द्र त्यागी एवं मुख्य सलाहकार अनिल त्यागी (मकरेड़ा) के साथ संयुक्त रूप से किया।

समारोह को समाज के वरिष्ठ मार्गदर्शक बाबा विद्यानंद त्यागी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त हुआ। इस अवसर पर समिति के वर्तमान अध्यक्ष प्रेमचंद त्यागी, महासचिव अनिल त्यागी, असालत नगर ,कोषाध्यक्ष ध्यानेंद्र त्यागी ,पूर्व अध्यक्ष धन प्रकाश त्यागी , उपाध्यक्ष अनिल त्यागी   मुबारकपुर , राजकुमार काकड़ा, महेश त्यागी , मोरटी , महेश त्यागी , शाहपुर , सैंथली सहित समस्त कार्यकारिणी के पदाधिकारी एवं समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक भव्य एवं प्रेरणादायी बना दिया।


साहिबाबाद के शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव पार्क में कारगिल विजय दिवस” समारोह का आयोजन किया गया







मुकेश गुप्ता
गाजियाबाद  26 जुलाई 2026। शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव पार्क जी0 टी0 रोड साहिबाबाद के प्रांगण में आज “कारगिल विजय दिवस” समारोह का आयोजन किया गया, इस अवसर पर रि0 ले0  कर्नल अर्जुन सिंह यादव द्वारा लिखित पुस्तक “जरा याद करो कुर्बानी” तथा “सैनिकी” उपन्यास का लोकार्पण किया गया ।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राम दुलार यादव शिक्षाविद रहे, अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य डा0 विशन लाल गौड़ ने किया, मुख्य अतिथि कर्नल तुली साहेब, संचालन प्रसिद्ध पर्यावरणविद कालीचरण चौधरी ने किया । कार्यक्रम को पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार यादव, शिक्षक कैलाश चन्द्र, सम्राट सिंह यादव, श्रमिक नेता अनिल मिश्र, जय नारायण शर्मा, प्रवीण वर्मा ने भी संबोधित किया, हुकुम सिंह, राजेन्द्र सिंह, पंडित विनोद त्रिपाठी ने देश-प्रेम के गीत सुनाए, कार्यक्रम में शामिल सभी साथियों ने कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके सम्मान में 2 मिनट का मौन धारण किया, कार्यक्रम का शुभारम्भ ध्वजारोहण, राष्ट्रगीत तथा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया ।

   कार्यक्रम को समाजवादी चिन्तक, शिक्षाविद राम दुलार यादव  ने संबोधित करते हुए कहा कि “कारगिल युद्ध में विपरीत परिस्थितियों में देश की सेना ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए धोखे से पाकिस्तान द्वारा कब्ज़ा की गयी चौकियों पर निर्भीकता पूर्वक राष्ट्रीय ध्वज फहरा दिया” हमारे देश की सेना जाति, धर्म से ऊपर उठकर अपने कर्तव्य का सदा निर्वहन कर रही है, हमारी सेना धर्मनिरपेक्षता की मिसाल है, सभी भाई एक साथ मिलकर जूनून और जज्वे के साथ दुश्मन पर आक्रमण करते है, उन वीर सपूतों को सलाम जिनकी मेहनत और लगन से देश की सीमा की रक्षा करते हुए देश वासियों की सेवा कर रहे, कारगिल युद्ध 84 दिन चला, यह अफसोस के साथ कहना पड रहा है कि  527 से अधिक सैनिक अपने कर्तव्य का परिचय देते हुए शहीद हो गये तथा सैकड़ों घायल हुए, विक्रम बत्रा जी, मनोज पाण्डेय जी युद्ध में रणकौशल दिखाते हुए शहीद हो गये, उन्हें सेना के सर्वोच्च सम्मान “परमवीर चक्र” से मरणोपरान्त सम्मानित किया गया, तथा ग्रेनेडियर योगेन्द्र सिंह यादव को यह सम्मान परमवीर चक्र मिला, वह जीवित है, इस अवसर पर ज्ञानपीठ केन्द्र की ओर से सभी शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए हम गौरव अनुभव करते हुए गौरवान्वित हो रहे है।

     लेकिन आज देश, समाज में नफ़रत, असहिष्णुता का वातावरण बनाया जा रहा है, आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक, शैक्षणिक विषमता की खांई गहरी होती जा रही है, धार्मिक पाखंड, जातिवाद का जहर समाज में घोला जा रहा है, हमें देश की सेना के जवानों से प्रेरणा लेकर देश में भाईचारा, प्रेम और सहयोग की भावना को पुष्पित पल्वित करनी चाहिए।

          कार्यक्रम में शामिल सभी साथियों को रिटायर्ड कर्नल अर्जुन सिंह यादव की लिखित पुस्तक “जरा याद करो कुर्बानी” और “सैनिकी” वितरित की गयी, सभी ने उनकी मुक्तकंठ से प्रसंशा की।

     कार्यक्रम में शामिल रहे एस0 एस0 यादव, कृष्णानंद, चन्द्रबली मौर्य, विश्वनाथ यादव, अवधेश मिश्र एडवोकेट, डा0 देवकर्ण चौहान, जय नारायण शर्मा, वीर सिंह सैन, राम प्यारे यादव, हाजी मोहम्मद सलाम, ब्रह्म प्रकाश, मुनीव यादव, विजय मिश्र, विजय भाटी एडवोकेट, दयाल शर्मा सैकड़ों लोगो ने शहीदों को नमन कर विजय दिवस समारोह को ऐतिहासिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

                                                                                                       

                                                                                                    

                                                                                               

                                                                                        

यशोदा मेडिसिटी की मैनेजिंग डायरेक्टर एवं FICCI मेडिकल वैल्यू ट्रैवल कमेटी की चेयर,डा० उपासना अरोड़ा ने बिजनेस फोरम रोमानिया–भारत में भारत के हेल्थकेयर सेक्टर का किया प्रतिनिधित्व

 

मुकेश गुप्ता

उच्च स्तरीय भारत–रोमानिया बिजनेस फोरम में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल वैल्यू ट्रैवल को दोनों देशों के बीच सहयोग का महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया गया।

गाज़ियाबाद, 25 जुलाई, 2026: यशोदा मेडिसिटी की मैनेजिंग डायरेक्टर एवं FICCI मेडिकल वैल्यू ट्रैवल कमेटी की चेयर, डॉ. उपासना अरोड़ा ने बिजनेस फोरम रोमानिया–भारत में भारत के हेल्थकेयर सेक्टर का प्रतिनिधित्व किया। यह उच्च स्तरीय द्विपक्षीय फोरम भारत की राष्ट्रपति की रोमानिया की राजकीय यात्रा के अवसर पर आयोजित किया गया था।

यह उच्च स्तरीय फोरम भारत और रोमानिया के बीच आर्थिक सहयोग, विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी और बिजनेस-टू-बिजनेस संवाद को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में आयोजित किया गया। फोरम ने भारत–रोमानिया संबंधों में बढ़ती गति को रेखांकित किया और प्रौद्योगिकी, हेल्थकेयर, फार्मास्युटिकल्स, नवाचार और निवेश सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाया।

रोमानिया की यूरोपीय बाजारों तक पहुंच के लिए रणनीतिक स्थिति और भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को देखते हुए, फोरम में साझेदारी के अवसरों, ज्ञान के आदान-प्रदान और सतत आर्थिक विकास पर चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में रोमानिया के राष्ट्रपति महामहिम श्री निकुशोर डान, भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, रोमानिया की विदेश मंत्री श्रीमती ओआना सिल्विया टोयू, अर्थव्यवस्था, डिजिटलीकरण, उद्यमिता एवं पर्यटन मंत्री एम्ब्रोज़ी-इरिन्यू दराऊ, सहित दोनों देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और व्यवसायिक नेता शामिल हुए।

भारत के हेल्थकेयर सेक्टर का प्रतिनिधित्व करते हुए डॉ. उपासना अरोड़ा ने भारत–रोमानिया साझेदारी में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल वैल्यू ट्रैवल के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने हेल्थकेयर सेक्टर में नवाचार, ज्ञान के आदान-प्रदान, अनुसंधान और तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग की बढ़ती संभावनाओं पर चर्चा की। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने और द्विपक्षीय सहयोग के नए अवसर विकसित करने के लिए निरंतर साझेदारी की आवश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर डॉ. उपासना अरोड़ा ने कहा, राष्ट्रपति  की राजकीय यात्रा के दौरान आधिकारिक भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल के रूप में बिजनेस फोरम रोमानिया–भारत में भारतीय स्वास्थ्य क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए सम्मान की बात है। द्विपक्षीय एजेंडे में स्वास्थ्य सेवाओं को मिल रही बढ़ती प्राथमिकता अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत करने में इसकी रणनीतिक भूमिका को दर्शाती है। निरंतर सहयोग, नवाचार, मेडिकल वैल्यू ट्रैवल और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के माध्यम से हम ऐसे मजबूत स्वास्थ्य तंत्र (हेल्थ सिस्टम) विकसित कर सकते हैं, जो मरीजों, संस्थानों और दोनों देशों के लिए लाभकारी हों।"

बिजनेस फोरम रोमानिया–भारत ने स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में भारत और रोमानिया के बीच सहयोग की बढ़ती संभावनाओं को रेखांकित किया। साथ ही इसने नवाचार को बढ़ावा देने, साझेदारियों को मजबूत करने और दीर्घकालिक द्विपक्षीय सहयोग के नए अवसर विकसित करने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को भी दर्शाया।

शनिवार, 25 जुलाई 2026

राजधानी युवा संसद और जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, इंदिरापुरम में 'ग्लोबल पंचायत 3.0 का हुआ शुभारंभ

 

 



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, इंदिरापुरम, राजधानी युवा संसद के सहयोग से 'ग्लोबल पंचायत 3.0 का आयोजन कर रहा है। यह आयोजन 24 - 25 जुलाई 2026 को जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, इंदिरापुरम में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। विद्यालय के चेयरमैन  जे. के. गौड़, ने अपने सम्बोधन में कहा, "इस तरह के मंच युवाओं को वैश्विक चुनौतियों पर अपने विचार प्रकट करने और समाधान ढूंढने का अद्वितीय अवसर प्रदान करते हैं। आज की युवा पीढ़ी को सिर्फ शिक्षा ही नहीं, बल्कि वैश्विक दृष्टिकोण भी चाहिए, ताकि वे भविष्य के नेता बन सकें। 'ग्लोबल पंचायत 3.0 ऐसे ही मंचों में से एक है, जो छात्रों में नेतृत्व क्षमता, विचारों की स्पष्टता और जिम्मेदारी का भाव पैदा करता है।" विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती निधि गौड़ ने कहा, "हमारे छात्रों को इस आयोजन से न केवल बौद्धिक विकास मिलेगा, बल्कि उन्हें व्यावहारिक दुनिया के बारे में भी समझने का मौका मिलेगा। यह आयोजन उन्हें निर्णय लेने, संवाद करने और नेतृत्व करने के कौशल विकसित करने में मदद करेगा, जो उनके भविष्य में अत्यधिक महत्वपूर्ण होंगे।"




इस दो दिवसीय सम्मेलन में 8 प्रमुख समितियों जैसे- उत्तर प्रदेश विधानसभा (UPLA), संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (डबल डेलीगेशन) (UNHC), हॉगवर्ट्स, प्रेस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) शिखर सम्मेलन, लोकसभा, ऐतिहासिक हितधारक सम्मेलन (HSM),  अंतरराष्ट्रीय प्रेस (IP) का गठन किया गया है, जिनमें विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की गई|

इस आयोजन में केवल जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने ही नहीं, बल्कि विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने विचारों व नेतृत्व क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। यह सहभागिता आयोजन को और अधिक विविधतापूर्ण व समृद्ध बनाती है।

‘ग्लोबल पंचायत 3.0 निश्चित ही एक ऐसा मंच सिद्ध हुआ है, जिसने छात्रों में वैश्विक मुद्दों की समझ, नेतृत्व, समन्वय, और संवाद जैसे महत्वपूर्ण गुणों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

शुक्रवार, 24 जुलाई 2026

आर.के.जी. ग्लोबल स्कूल में "हैप्पी अर्थ" कैंपेन का भव्य आयोजन

 


                               मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। आर.के.जी. ग्लोबल स्कूल में हैप्पी अर्थ  कैंपेन का आयोजन बड़े उत्साह, उमंग और हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और पृथ्वी को हरा-भरा बनाए रखने के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में  "हमारी मंच संचालिका ने चेयरपर्सन श्रीमती आँचल गोयल जी का प्रेरणादायक संदेश सभी विद्यार्थियों तक पहुँचाया"।

"विद्यालय की डायरेक्टर प्रिंसिपल मैम कैप्टन डॉ. दिनिशा भारद्वाज सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पृथ्वी के महत्व और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला"।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। उन्होंने पौधारोपण, स्वच्छता अभियान, पोस्टर निर्माण, स्लोगन लेखन और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने, पानी बचाने, बिजली का सही उपयोग करने और प्लास्टिक का कम से कम प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर विद्यालय परिसर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने का प्रयास किया। सभी ने पृथ्वी को प्रदूषण से बचाने और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि पृथ्वी केवल हमारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की भी धरोहर है, इसलिए इसकी रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है।

 प्रधानाचार्या ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने सभी से पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल आदतों को अपनाने का आह्वान किया।

कांवड़ यात्रा : कंधों पर कांवड़ और हृदय में शिवत्व को धारण करने की साधना-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

 

संवाददाता

कांवड़ यात्रा स्व से सृष्टि के कल्याण की दिव्य यात्रा                                                                                                 शिवाभिषेक के साथ हो धरा-अभिषेक, भक्ति के साथ हो पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

कांवड़ यात्रा प्रकृति और संस्कृति, स्व और सृष्टि, संस्कार और सनातन के संरक्षण की यात्रा

ऋषिकेश, 24 जुलाई। परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने आज अन्तर्राष्ट्रीय सेल्फ केयर डे पर स्वयं की देखभाल के साथ सृष्टि की देखभाल का संदेश दिया। पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आगामी कुछ दिनों में पवित्र कांवड़ यात्रा का शुभारम्भ हो रहा है, यह दिव्य यात्रा स्व के जागरण, संस्कृति संरक्षण और प्रकृति वंदन की दिव्य यात्रा है।

28 जुलाई से प्रारम्भ हो रही पवित्र कांवड़ यात्रा के लिए उत्तराखंड की धरती देशभर से आने वाले शिवभक्तों और कांवड़ियों के स्वागत-अभिनन्दन के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। देवभूमि उत्तराखंड सदैव से श्रद्धा, साधना और सनातन संस्कृति की भूमि रही है। माँ गंगा के पावन तट और हिमालय की दिव्य गोद में होने वाली यह यात्रा अनेकों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और भक्ति का अद्भुत संगम है।

इस वर्ष की कांवड़ यात्रा प्रकृति और संस्कृति, स्व और सृष्टि, संस्कार और सनातन के संरक्षण की यात्रा बने, यही सभी का संकल्प होना चाहिए। भगवान शिव यहां के कण-कण में विद्यमान हैं। जब शिव का जलाभिषेक करते हैं, तो उसी भाव से धरती का भी अभिषेक करें; जब गंगाजल लेकर चलते हैं, तो गंगा की निर्मलता और पवित्रता को बनाए रखने का संकल्प भी साथ लेकर चलें। कांवड़ यात्रा, चेतना की यात्रा है, जो संदेश देती है कि भक्ति और जिम्मेदारी साथ-साथ चलती हैं। 

आइए, इस बार कांवड़ यात्रा को प्लास्टिक मुक्त, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल यात्रा बनाने का संकल्प लें। यात्रा मार्ग में लगने वाले भंडारे सेवा और श्रद्धा के केंद्र होते हैं। सभी सेवा संस्थाएं और श्रद्धालु इन भंडारों में प्लास्टिक प्लेट, गिलास और पॉलीथिन के स्थान पर पत्तल, मिट्टी के बर्तन, स्टील के बर्तन और अन्य पर्यावरण अनुकूल उत्पादों का उपयोग करें। यह छोटी-सी पहल माँ गंगा और प्रकृति के प्रति हम अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं।

कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ महत्वपूर्ण संकल्प लें। हर श्रद्धालु कम से कम एक पौधा लगाकर या पौधों के संरक्षण का संकल्प लेकर यात्रा को हरित यात्रा बनायें। मां गंगा में किसी भी प्रकार का कचरा, पूजा सामग्री या प्लास्टिक न डालें। माँ गंगा केवल हमारी आस्था नहीं, बल्कि हमारी जीवनदायिनी धरोहर भी हैं। उत्तराखंड की सुंदरता और संवेदनशील पारिस्थितिकी को ध्यान में रखते हुए ध्वनि प्रदूषण, कूड़ा-कचरा और प्राकृतिक संसाधनों के अनावश्यक दोहन से बचें। मार्ग में मिलने वाले जीव जन्तुओं, स्थानीय समुदाय और प्रकृति के प्रति सम्मान और सहयोग का भाव रखें। कांवड़ यात्रा में अनुशासन, संयम, शालीनता और सौहार्द का प्रदर्शन ही भगवान शिव की आराधना है।

भगवान शिव स्वयं प्रकृति के देव हैं। उनकी जटाओं में माँ गंगा विराजमान हैं, उनका वास कैलाश जैसे हिमालय में है और उनका स्वरूप समस्त सृष्टि से जुड़ा हुआ है। इसलिए शिव की पूजा का अर्थ केवल अभिषेक करना नहीं, बल्कि उस सृष्टि की रक्षा करना भी है जिसे शिव ने धारण किया है।

आइए, इस कांवड़ यात्रा को केवल गंगाजल लाने की यात्रा न बनाकर मां गंगा, हिमालय और धरती माता के प्रति कृतज्ञता की यात्रा बनाएं। ऐसी यात्रा जिसमें भक्ति की शक्ति हो, संस्कृति की गरिमा हो, प्रकृति का संरक्षण हो और मानवता का संदेश हो।

अखिल प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ ने आंदोलन तेज करने का ऐलान, सरकार को 10 सूत्रीय मांगों के पालन का अल्टीमेटम

 



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद,। अखिल प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ ने वेतन विसंगति, अकेंद्रियत सेवा नियमावली और नियमितीकरण सहित दस प्रमुख मांगों को अनसुना करने पर प्रदेश भर में आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। महासंघ ने 20 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक गाजियाबाद, सहारनपुर, अलीगढ़, मथुरा, बरेली, मेरठ सहित कई प्रमुख नगर पालिकाओं में दौरा—बैठक कार्यक्रम आयोजित करने की भी घोषणा की।

प्रदेश अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र ने जारी बयान में कहा कि 2017 से लगातार सौ जाने-पहचाने ज्ञापन, बैठकों और आंदोलनों के बावजूद स्थानीय निकाय कर्मचारियों की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकला। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार समय रहते मांगें नहीं मानती है तो महासंघ आगामी ग्राम पंचायत से लेकर लोकसभा चुनाव तक चुनावी मोर्चे पर भी सरकार को जवाबदेह ठहराएगा।

बैठक में प्रदेश महामंत्री रमाकांत मिश्र व प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना हजारिया ने दस सूत्रीय मांगों पर ज़ोर देते हुए कहा कि मांगों में प्रमुख रूप से अकेंद्रियत सेवा नियमावली का निर्माण; 2001 तक सेवायें देने वाले दैनिक-संविदा-सफाई कर्मियों का विनयमीकरण; छठे वेतन आयोग के बाद उत्पन्न वेतन विसंगति का निराकरण; कैशलेस उपचार की व्यवस्था; पुरानी पेंशन की बहाली और मृतक आश्रितों की नियुक्ति शामिल हैं।

महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष रविन्द्र कुमार ने यह भी कहा कि कर्मचारियों की एकजुटता और संगठन की मजबूती के लिए सभी इकाइयों से आर्थिक सहयोग की अपील की जा रही है। सभा का संचालन प्रदेश संगठन मंत्री कुलदीप शर्मा (गाजियाबाद) ने किया। बैठक में प्रमुख रूप से प्रदेश अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र, प्रदेश महामंत्री रमाकांत मिश्र, प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष राकेश अग्निहोत्री, प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना हजारिया के साथ रामकुमार रावत, शैलेंद्र तिवारी, विजय यादव, सपना सिंह, मिशन पाल सिंह, चालक संघ के अध्यक्ष सलीम अब्बासी, संजय शर्मा, जयदेव कौशिक, प्रदीप शर्मा, महक सिंह, राम सिंह पटेल, भगवत शरण, राजेंद्र सिंह, प्रदीप राणा (अध्यक्ष) एवं जावेद (महामंत्री, गाजियाबाद) उपस्थित रहे।

महासंघ ने सरकार व शासन को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मांगों पर ठोस और समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो कर्मचारियों के व्यापक आंदोलन और मतदान के माध्यम से राजनीतिक जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।

विश्व आईवीएफ दिवस (25 जुलाई) विशेष: समय पर जांच और सही उपचार है सफलता की कुंजी: डॉ. अर्चना शर्मा

 

मुकेश गुप्ता

मातृत्व का सपना अब नहीं रहेगा अधूरा, आधुनिक आईवीएफ तकनीक से बढ़ी उम्मीदें

बदलती जीवनशैली और बढ़ती बांझपन की समस्या के बीच आईवीएफ बना लाखों दंपतियों के लिए नई उम्मीद

गाजियाबाद । माता-पिता बनने का सपना हर दंपति की सबसे बड़ी इच्छा होती है, लेकिन बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव, अनियमित खानपान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण आज बांझपन  के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चिकित्सा विज्ञान की आधुनिक तकनीक इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) ने ऐसे लाखों दंपतियों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है, जो प्राकृतिक रूप से संतान सुख प्राप्त नहीं कर पा रहे थे। 25 जुलाई को विश्व आईवीएफ दिवस के अवसर पर विशेषज्ञों ने लोगों से समय रहते जांच कराने और भ्रांतियों से दूर रहने की अपील की है।

गाजियाबाद गणेश अस्पताल की चेयरपर्सन डॉ. अर्चना शर्मा ने बताया कि आईवीएफ केवल एक उपचार नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है जो वर्षों से संतान प्राप्ति का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले लोग समाज के डर या गलत धारणाओं के कारण इलाज कराने से बचते थे, लेकिन अब जागरूकता बढ़ने के साथ आईवीएफ तकनीक को अपनाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

डॉ. शर्मा के अनुसार, यदि कोई दंपति एक वर्ष तक नियमित प्रयास के बावजूद गर्भधारण नहीं कर पाता है, तो उसे बिना देर किए स्त्री एवं पुरुष दोनों की जांच करानी चाहिए। यदि महिला की आयु 35 वर्ष से अधिक है, तो छह महीने तक गर्भधारण न होने पर ही विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। समय पर जांच और उचित उपचार से सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।

क्या है आईवीएफ?

आईवीएफ एक ऐसी आधुनिक प्रजनन तकनीक है, जिसमें महिला के अंडाणु और पुरुष के शुक्राणु को प्रयोगशाला में निषेचित कर भ्रूण तैयार किया जाता है। इसके बाद स्वस्थ भ्रूण को महिला के गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया जाता है। यह तकनीक उन दंपतियों के लिए विशेष रूप से प्रभावी मानी जाती है, जिनमें प्राकृतिक गर्भधारण संभव नहीं हो पाता।

किन परिस्थितियों में आईवीएफ की जरूरत पड़ सकती है?

फैलोपियन ट्यूब बंद या क्षतिग्रस्त होना।

पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या या गुणवत्ता कम होना।

एंडोमेट्रियोसिस जैसी समस्या।

बढ़ती उम्र के कारण प्रजनन क्षमता में कमी।

बार-बार गर्भपात होना।

लंबे समय तक कारण स्पष्ट न होने पर भी गर्भधारण न होना।

भ्रांतियों से बचें, विशेषज्ञ की सलाह लें

डॉ. अर्चना शर्मा ने बताया कि आईवीएफ को लेकर समाज में अभी भी कई भ्रांतियां हैं, जबकि यह वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और सुरक्षित उपचार पद्धति है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, धूम्रपान और शराब से दूरी तथा तनाव को कम करके भी प्रजनन क्षमता को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने दंपतियों से अपील की कि संतान न होने की स्थिति में निराश होने या झाड़-फूंक जैसे अवैज्ञानिक उपायों पर समय गंवाने के बजाय योग्य विशेषज्ञ से परामर्श लें। सही समय पर किया गया उपचार न केवल सफलता की संभावना बढ़ाता है, बल्कि मानसिक और आर्थिक बोझ भी कम करता है।

विश्व आईवीएफ दिवस का उद्देश्य लोगों में बांझपन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, इससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को दूर करना तथा आधुनिक चिकित्सा के माध्यम से अधिक से अधिक दंपतियों को मातृत्व और पितृत्व का सुख दिलाने के लिए प्रेरित करना है।

जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में वृहद वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ हुआ


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । जनपद गाजियाबाद के जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जुलाई माह में चलाए जा रहे 'वृहद वृक्षारोपण अभियान' के अंतर्गत विद्यालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प के साथ विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन डॉ. सुभाष जैन ने विद्यार्थियों, अध्यापक अध्यापिकाओं, स्टाफ आदि को 7500 पौधों का वितरण कर अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता के साथ घर, पार्क अथवा उपयुक्त स्थान पर इन पौधों का रोपण एवं संरक्षण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण को संतुलित नहीं रखते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ जीवन का आधार भी हैं। प्रत्येक विद्यार्थी का यह दायित्व है कि वह एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल भी करे।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक पौधे प्राप्त किए तथा उन्हें रोपित कर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प लिया। विद्यालय परिवार ने भी इस अभियान को सफल बनाने तथा अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया।

विद्यालय प्रशासन ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुरूप वृक्षारोपण अभियान से संबंधित गतिविधियों एवं पौधारोपण के छायाचित्र जिला प्रशासन को प्रेषित किए जाएंगे, जिससे इस जनभागीदारी अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

यह अभियान विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं प्रकृति संरक्षण की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

गुरुवार, 23 जुलाई 2026

शहर विधायक संजीव शर्मा के नेतृत्व में क्षेत्रीय अध्यक्ष का हुआ भव्य स्वागत

 




मुकेश गुप्ता

          शक्ति प्रर्दशन हैं स्वागत समारोह?

गाजियाबाद ।  क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर  का शहर विधानसभा में प्रथम आगमन पर गंगा जल गेस्ट हाउस, प्रताप विहार में शहर विधायक  संजीव शर्मा के सानिध्य में बुधवार की शाम  भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों द्वारा उनका भव्य एवं अभूतपूर्व स्वागत किया गया। स्वागत समारोह में भाजपाई जनता की परेशानियों को भूल कर अपना शक्ति प्रदर्शन दिखाने मे लगे रहे। इस दौरान आने जाने वाला रास्ता जाम कर दिया गया।



इस अवसर पर कार्यकर्ताओं में अपार उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली। नवाब सिंह नागर  के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा जनसेवा के संकल्प को नई गति देने का संकल्प लिया गया।

 क्षेत्रीय अध्यक्ष का शहर विधानसभा में प्रथम आगमन हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए गौरव एवं उत्साह का विषय है। उनका मार्गदर्शन संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में निश्चित रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर पप्पू पहलवान, प्रताप विहार मंडल अध्यक्ष हेमराज माहौर, शहर मंडल अध्यक्ष महीम गुप्ता, क्रासिंग मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, गाँधी नगर मंडल अध्यक्ष वरुण नागर, विजय नगर मंडल अध्यक्ष पवन शर्मा, राम अवतार जिंदल एवं विधानसभा के सभी पार्षद सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे 

जहां एक और भाजपाई क्षेत्रीय अध्यक्ष के स्वागत करने व शक्ति प्रर्दशन दिखाने में रगे रहे वहीं लोग नए बस अड्डे से एन एच 9 को जाने वाला रास्ता पर लगे जाम से परेशान हो गए। 




सोमवार, 20 जुलाई 2026

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती और डॉ. धन सिंह रावत के मध्य सार्थक संवाद



उत्तराखंड की शिक्षा, संस्कार, युवा सशक्तिकरण और सतत विकास के विविध आयामों पर हुआ सार्थक विमर्श*

*🌼पारदर्शी व्यवस्थाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं के विश्वास को सशक्त बनाने पर जोर देने की जरूरत*

*🌺देवभूमि में शिक्षा और संस्कारों के नए आयामों पर मंथन

ऋषिकेश, उत्तराखंड, 20 जुलाई। उत्तराखंड सरकार के  कैबिनेट मंत्री, शिक्षा (बेसिक, माध्यमिक, संस्कृत, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा) एवं सहकारिता विभाग, डॉ. धन सिंह रावत  ने आज परमार्थ निकेतन में परमाध्यक्ष एवं परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज से भेंट कर उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था, संस्कार आधारित शिक्षा, युवा सशक्तिकरण, कौशल विकास एवं सतत विकास के विविध आयामों पर सार्थक संवाद किया।

इस अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि नेतृत्व जैसा होता है, नीतियां भी उसी दिशा में आकार लेती हैं और फिर राष्ट्र की नियति भी उसी के अनुरूप बनती है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवस्था की सफलता के लिए नियत का शुद्ध और संकल्प का दृढ़ होना आवश्यक है। आज भारत को ऐसा नेतृत्व प्राप्त है, जिसकी नीयत राष्ट्रहित में है और नीतियां विकास, विश्वास एवं जनकल्याण को समर्पित हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन निर्माण, चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण का आधार है। उत्तराखंड देवभूमि है, जिसने सदैव ज्ञान, तप, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना की धारा से विश्व का मार्गदर्शन किया है। आज आवश्यकता है कि शिक्षा के माध्यम से युवाओं में ज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, कर्तव्यबोध, सेवा भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना भी विकसित हो।

पूज्य स्वामी जी महाराज ने कहा कि युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और सपनों को सही दिशा प्रदान करना समाज और सरकार दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसी व्यवस्थाओं का निर्माण होना चाहिए जिनसे प्रत्येक युवा को यह विश्वास हो कि उसकी मेहनत, योग्यता और प्रतिभा को उचित अवसर और सम्मान मिलेगा।


उन्होंने कहा कि विश्वास किसी भी मजबूत व्यवस्था की नींव होता है। सरकार और युवाओं के बीच संवाद, सहयोग और विश्वास का सेतु जितना मजबूत होगा, उतना ही प्रदेश का भविष्य उज्ज्वल होगा। नीतियों और प्रक्रियाओं में निरंतर सुधार, पारदर्शिता, समयबद्धता और संवेदनशीलता से युवाओं के मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।


पूज्य स्वामी जी महाराज ने कहा कि परीक्षा और चयन प्रक्रियाएं युवाओं के जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव होते हैं। इसलिए इन व्यवस्थाओं में पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता का होना अत्यंत आवश्यक है। जब युवा यह अनुभव करेंगे कि व्यवस्था उनकी मेहनत और योग्यता का सम्मान करती है, तब उनका विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।


उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में अद्भुत क्षमता, प्रतिभा और सृजनात्मक ऊर्जा है। आवश्यकता है कि उन्हें आधुनिक शिक्षा, तकनीकी कौशल, उद्यमिता, नवाचार और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ा जाए। शिक्षा व्यवस्था ऐसी हो जो युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला, आत्मनिर्भर और समाज निर्माण में योगदान देने वाला बनाए। 

कैबिनेट मंत्री धनसिंह रावत जी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र को और अधिक सशक्त, आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर प्राप्त हों।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का समन्वय आवश्यक है। उत्तराखंड की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, भारतीय संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मंत्री जी ने कहा कि युवाओं की आकांक्षाओं को समझते हुए शिक्षा नीति, कौशल विकास और रोजगारपरक कार्यक्रमों को प्रभावी बनाया जा रहा है। सरकार युवाओं के सुझावों और अपेक्षाओं को महत्व देती है तथा एक ऐसी व्यवस्था के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है जिसमें हर युवा स्वयं को सहभागी और सशक्त महसूस करे।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि जब शिक्षा में संस्कार, नीति में संवेदनशीलता और व्यवस्था में पारदर्शिता का समावेश होता है, तब एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने आह्वान किया कि सरकार, शिक्षण संस्थान, समाज और युवा मिलकर उत्तराखंड को शिक्षा, संस्कार और सतत विकास का आदर्श मॉडल बनाएं।

ब्रांच करोलबाग के संत निरंकारी सत्संग भवन में रक्तदान शिविर का आयोजन,62 रक्तदाताओ ने निःस्वार्थ भाव से किया रक्तदान*

 




मुकेश गुप्ता

 दिल्ली, 19 जुलाई, 2026: माननवमात्र के कल्याणार्थ सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एंव निरंकारी राजपिता रमित जी के दिव्य मार्गदर्शन द्वारा ब्रांच करोलबाग, दिल्ली में संत निरंकारी मिशन की सामाजिक शाखा, संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा ‘रक्तदान शिविर’ का आयोजन किया गया जिसमें मिशन के 62 श्रद्धालु भक्तों ने निःस्वार्थ भाव से रक्तदान किया। रक्त संग्रहित करने हिन्दुराव अस्पताल के ब्लड बैंक की टीम डॉक्टरों सहित वहां उपस्थित हुई। 

इस शिविर में संत निरंकारी मंडल के रोशन मीनार श्री अशोक मनचंदा और मेडिकल विभाग के कॉर्डिनेटर डॉक्टर नरेश अरोड़ा ने पहुंचकर सभी रक्तदाताओं को प्रोत्साहित किया और जनकल्याण को समर्पित उनकी सच्ची सेवा भावना के लिए भूरी-भूरी प्रशंसा करी। 

कार्यक्रम के अंत में संयोजक  सुरजीत सिंह अलघ ने रक्तदान शिविर में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों सहित रक्तदाताओं, डॉक्टर एवं उनकी टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया।

उन्होंने बताया कि संत निरंकारी मिशन समूचे देश में रक्तदान करने में सदैव अग्रणी रहा है। मिशन द्वारा अभी तक 9,325 रक्तदान शिविरों के आयोजन से लगभग 15,03,220 यूनिट ब्लड एकत्रित किया जा चुका है। 

निरंकारी मिशन समाज उत्थान के लिए भी समय -समय पर अनेक परियोजनाओं को संचालित कर निरंतर निष्काम सेवाएं निभा रहा है। लोक कल्याण की भावना से युक्त यह सभी सेवाएं निरंतर जारी है।

रविवार, 19 जुलाई 2026

कभी नज़रअंदाज़ न करें हाई ब्लड प्रेशर को- डॉ मलिक एवं डॉ. अंकुर गौड़





                                मुकेश गुप्ता

- स्ट्रोक का कारण बन सकता है उच्च रक्तपात

- धूम्रपान एवं तंबाकू से दूर रहना चाहिए

गाजियाबाद। हाई ब्लड प्रेशर यानि उच्च रक्तपात को कभी भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। ये कभी भी स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति का कारण बन सकता है जो कि एक मेडिकल इमरजेंसी है। 

ये जानकारी डॉमलिक एवं डॉ. अंकुर गौड़ ने महागुन मैस्कॉट सोसायटी में स्ट्रोक जागरूकता कार्यक्रम के दौरान दी। जनसामान्य में स्ट्रोक के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यशोदा हॉस्पिटल के कंसल्टेंट न्यूरोसर्जन डॉ. पुनीत मलिक एवं सीनियर कंसल्टेंट फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अंकुर गौड़ द्वारा एक विशेष स्ट्रोक अवेयरनेस प्रोग्राम का आयोजन किया गया।उपस्थित लोगों को स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों, जोखिम कारकों तथा समय पर उपचार के महत्व के बारे में सरल एवं प्रभावी तरीके से जानकारी दी गई। 

डॉ. पुनीत मलिक ने बताया कि स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है जो की बढ़ते हुए रक्तचाप को नजरंदाज करने पर गंभीर रूप ले सकती है और यदि मरीज को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जाए तो उसके जीवन एवं मस्तिष्क को गंभीर क्षति से बचाया जा सकता है। उन्होंने सभी को FAST (Face drooping, Arm weakness, Speech difficulty, Time to act) के बारे में भी जागरूक किया।

डॉ. अंकुर गौड़ ने स्ट्रोक के बाद शीघ्र फिजियोथेरेपी एवं पुनर्वास की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सही समय पर शुरू किया गया पुनर्वास मरीज की कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार ला सकता है।

कार्यक्रम में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा स्ट्रोक की पहचान, प्राथमिक उपचार एवं बचाव के उपायों से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने सभी को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित रक्तचाप, शुगर एवं कोलेस्ट्रॉल की जांच कराने तथा धूम्रपान एवं तंबाकू से दूर रहने की अपील की।

 महागुन सोसाइटी आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार ने बताया कि इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य समाज में स्ट्रोक के प्रति सही जानकारी पहुंचाना तथा लोगों को समय रहते उचित चिकित्सा लेने के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर सचिव गौरव गर्ग, कोषाध्यक्ष अमृतांशु, डॉ सुधा तोमर, डॉ नेहा रस्तोगी, नेहा महाजन, प्रभजीत कौर, नूपुर जैसवाल की भी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों को फर्स्ट ऐड किट्स भी बांटी गईं।