रविवार, 31 मई 2026

पार्षद अमित त्यागी के आवास पर एम एल सी दिनेश कुमार गोयल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड का सामूहिक श्रवण किया





 मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद ।  जनपद गाजियाबाद के कविनगर मंडल अंतर्गत बूथ संख्या 469, महिंद्रा एंक्लेव स्थित पार्षद अमित त्यागी जी के आवास पर दिनेश कुमार गोयल एम एल सी द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड का सामूहिक श्रवण किया गया।

इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री द्वारा देशहित, सामाजिक जागरूकता एवं जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न विषयों पर रखे गए विचारों को ध्यानपूर्वक सुना।

कार्यक्रम में मंडल प्रभारी डॉ. राजेंद्र यादव, पूर्व पार्षद मृदुला अग्रवाल , पूर्व मंडल अध्यक्ष दुष्यंत पुंडीर , बूथ अध्यक्ष अंकित त्यागी  तथा वार्ड अध्यक्ष अतरपाल कौशिक  सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

खोड़ा मे युवक को चाकू से हत्या करने वाले मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में ठेर,एक साथी फरार

 




                         मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । थाना खोडा क्षेत्र मे ईद के दिन 28 मई को  घटना कारित हुई थी जिसके अन्तर्गत असद नामक युवक ने सूर्या चौहान नामक युवक को चाकू मार दिया गया था । इलाज के दौरान सूर्या चौहान की मृत्यु हो गई थी । परिजनो की तहरीर के आधार पर पुलिस द्वारा तत्काल मुकदमा पंजीकृत किया गया था जिसमे 05 लोगो को अभियुक्त बनाया गया था । इसमे पुलिस द्वारा तत्काल 03 अभियुक्तो की गिरफ्तारी कर ली गई थी । डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि असद जो मुख्य आरोपी था वह फरार था । वह  घटना में वांछित था, उसके ऊपर 50,000 रु0 के पुरुस्कार की घोषणा भी की गई थी । पुलिस को आज यह सूचना प्राप्त हुई थी कि असद अपने कुछ साथियो से मिलने थाना खोडा क्षेत्र मे आने वाला है । उनसे कुछ पैसे लेकर वह बाहर भागने की फिराक मे था । उन्होंने बताया कि  पुलिस द्वारा इस सूचना के आधार पर तत्काल कार्यवाही करते हुये पूरे क्षेत्र मे लगातार कॉम्बिंग एवं बैरियर लगाकर चेकिंग की जा रही थी । इसी क्रम मे वसुन्धरा क्षेत्र मे असद अपने एक साथी के साथ बाइक से आता हुआ दिखाई देता है । पुलिस टीम के द्वारा उसे रोकने का प्रयास किया जाता है और चेतावनी दी जाती है । असद के द्वारा पुलिस टीम पर फायरिंग की जाती है । प्रतिउत्तर मे पुलिस की टीम के द्वारा जवाबी फायरिंग होती है जिसमे असद को गोली लगती है । पुलिस द्वारा तत्काल असद को इलाज के लिए नजदीकी हॉस्पिटल मे भर्ती कराया जाता है । इसमे थाना खोडा क्षेत्र के हमारे एक कॉस्टेबल है वो भी घायल है उनको भी इलाज के लिए तत्काल हॉस्पिटल भेजा जाता है । इस पूरे घटनाक्रम मे असद का दूसरा साथी भागने मे कामयाब रहता है । असद के पास जो बाइक थी वह बरामद होती है और जो उसकी कंट्री मेड पिस्टल है उसको भी बरामद कर लिया गया है । सभी पक्षो की गम्भीरता से जांच करके अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है । अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है ।


शनिवार, 30 मई 2026

नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण, राजनाथ सिंह बोले- सीएम योगी के नेतृत्व में बदली यूपी की पहचान

 




                             विशेष संवाददाता

19 करोड़ की लागत से तैयार शौर्य वाटिका बनेगी राष्ट्रभक्ति और सैन्य गौरव का प्रेरणा केंद्र

वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया' से 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' तक पहुंचा उत्तर प्रदेश : राजनाथ सिंह

कानून-व्यवस्था और विकास में योगी सरकार ने कायम की नई मिसाल, निवेशकों का बढ़ा भरोसा

रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ प्रोजेक्ट, रक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी और उनकी सरकार की सराहना की

लखनऊ, 30 मई : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका का भव्य लोकार्पण रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश की पहचान वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया के रूप में होती थी, लेकिन आज वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के रूप में हो रही है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन उत्तर प्रदेश के जनप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मजबूत नेतृत्व का नतीजा है। कभी उत्तर प्रदेश की पहचान गुंडाराज और बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था से होती थी। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में आज का उत्तर प्रदेश बदल चुका है। 

19 करोड़ से लागत से 2 एकड़ से अधिक क्षेत्र में निर्मित नौसेना शौर्य वाटिका (नौसेना शौर्य संग्रहालय के द्वितीय चरण) का लोकार्पण किया गया है। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि नौसेना शौर्य वाटिका कोई साधारण पर्यटन स्थल नहीं है, बल्कि यह एक जीवंत प्रेरणा स्थल है। यह आने वाली पीढ़ियों को बताएगी कि देश की आजादी और सुरक्षा की क्या कीमत होती है। उन्होंने कहा कि नौ सेना शौर्य स्थल लखनऊ के लिए एक प्रेरणा स्थल तो बनेगा ही, साथ ही टूरिस्ट हब के रूप में भी बनेगा। यह लखनऊ की पहचान भी बनेगा। यह सब बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश की तस्वीर है, जो हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लखनऊ अब तहजीब और संस्कृति का शहर होने के साथ-साथ राष्ट्र भक्ति और सैन्य गौरव का भी प्रतीक बन रहा है। 

कभी यूपी की पहचान गुंडाराज और बिगड़ी कानून-व्यवस्था से होती थीः राजनाथ सिंह

रक्षामंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज जिस तरह से विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, उसे आज हम सभी देख रहे हैं। हम सभी जानते हैं कि कभी उत्तर प्रदेश की पहचान गुंडाराज और बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था से होती थी। लोग भय से जीते थे और डर में अपनी जिंदगी गुजारते थे। निवेशक यूपी में आने से कतराते थे। वह सोचते थे कि यूपी में कानून व्यवस्था बद से बदतर है और अगर यूपी में हम इन्वेस्ट करेंगे तो गुंडों और बदमाशों के द्वारा परेशान किया जाएगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि आज का उत्तर प्रदेश बदल चुका है, यह सिर्फ हम ही नहीं बल्कि पूरा हिंदुस्तान जानता है। 

मुख्यमंत्री योगी ने जिस तरीके से कानून व्यवस्था को संभाला, वह एक मिसालः रक्षामंत्री

रक्षामंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की ऐसी हालत हो गई थी कि यह वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया के लिए जाना जाने लगा था लेकिन आज उत्तर प्रदेश वन जिला वन प्रोडक्ट के लिए जाना जा रहा है, यह सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन किसी वजह से नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के जनप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मजबूत नेतृत्व का नतीजा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस तरीके से प्रदेश की कानून व्यवस्था को संभाला है, वह अपने आप में एक मिसाल है। उत्तर प्रदेश जैसे प्रदेश की कानून-व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करना यह कोई साधारण बात नहीं है। 

यूपी अब लहलहा रहा हैः रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था के मोर्चे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जबरदस्त कामयाबी हासिल की है। उन्होंने कहा कि लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश की समस्त जनता यह अनुभव कर रही है कि उत्तर प्रदेश अब लहलहा रहा है। उत्तर प्रदेश अब जगमगा रहा है, उत्तर प्रदेश अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। रक्षामंत्री ने कहा कि जब शौर्य वाटिका का निर्माण प्रस्तावित हुआ था, तब योगी जी ने बहुत ही सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाई थी। 

मुख्यमंत्री योगी ने खुद की निगरानी तो रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ काम

रक्षामंत्री ने कहा कि जो राष्ट्र अपनी सेनाओं का सम्मान करता है, वही दुनिया में सम्मान भी प्राप्त करता है। इस भाव को योगी जी ने अपने व्यक्तिगत हस्तक्षेप से इकाना स्टेडियम के पास और गोमती वेटलैंड से सटी यह प्राइम लोकेशन इस परियोजना के लिए उपलब्ध कराई है। जिस तेजी से योगी जी की सरकार ने बजट स्वीकृत किया है और हर अहम पड़ाव पर स्वयं इसकी निगरानी की। इसका नतीजा है कि इस काम को रिकॉर्ड समय में पूरा कराया गया है। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार की सराहना करता हूं।

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हिंदी पत्रकारिता की गिरती साख-जितेन्द्र बच्चन, वरिष्ठ पत्रकार


गाजियाबाद । क्रांतिकारियों का सर्वोत्तम हथियार रही हिन्दी पत्रकारिता आज अपने ही देश में दोयम दर्जे की बन चुकी है और अब तो दिन-प्रतिदिन इसकी साख भी गिरती जा रही है। कौन है जिम्मेदार?*

क्रांतिकारियों का सर्वोत्तम हथियार रही है हिन्दी पत्रकारिता। सरकार और जनता के बीच इससे बेहतर और कोई सेतु काम नहीं करता। आज भी देश में सबसे अधिक हिंदी भाषा में ही समाचार पत्र-पत्रिकाएं प्रकाशित होते हैं और न्यूज चैनल भी सबसे ज्यादा हैं। जन सरोकार से जुड़ी, किसान, मजदूर, शिक्षित वर्ग और आम आदमी की बुलंद आवाज है हिंदी पत्रकारिता। इसके बावजूद हिंदी पत्रकारिता की वह धमक अब नहीं रही जो अंग्रेजी पट्टी के अखबारों या मैग्जींस की दिखती है। इसका मुख्य कारण है सरकारी उपेक्षा! आज अपने ही देश में हिंदी पत्रकारिता दोयम दर्जे की बन चुकी है और अब तो दिन-प्रतिदिन इसकी साख भी गिरती जा रही है।

हिंदी पत्रकारिता करने वाले 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस पर दूसरी भाषाओं को खूब कोसते हैं, लेकिन यही कोसने वाले लोग हिंदी के पत्रकारों को नौकरी नहीं देना चाहते। हिंदी पत्रकारिता के नाम पर पत्रकार और सरकार बड़े-बड़े आयोजन करते हैं, लेकिन शोहरत अंग्रेजी के एडीटरों के खाते में जाती है। अंग्रेजी पत्रकारिता के दम पर बड़े-बड़े मीडिया घराने सत्ता से नजदीकियां बनाकर मलाई काट रहे हैं। जबकि हिंदी के पत्रकारों को केंद्र व राज्य सरकार के अधिकारी नजदीक भी नहीं फटकने देते। राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा जारी किए जाने वाले विज्ञापनों में अक्सर अंग्रेजी के बड़े अखबारों को प्राथमिकता दी जाती है। क्षेत्रीय और हिंदी के छोटे समाचार पत्रों को कम विज्ञापन या कम दरें मिलती हैं, जिससे उनका आर्थिक ढांचा चरमरा गया है। इसी उपेक्षा के चलते हिंदी के तमाम पत्र-पत्रिकाएं बंद हो चुके हैं या फिर अंतिम सांसें ले रहे हैं।

छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले हिंदी पत्रकारों को नियमित वेतन, स्वास्थ्य बीमा या सरकारी सुरक्षा का लाभ नहीं मिलता। वे अक्सर स्थानीय प्रशासन और माफिया के निशाने पर होते हैं। कई राज्यों में हिंदी पत्रकारों को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त करने में अत्यधिक नौकरशाही का सामना करना पड़ता है, जिससे उन्हें प्रेस सुविधाओं से वंचित रखा जाता है। हिंदी पत्रकारों को अक्सर सरकारी विभागों से डेटा या आधिकारिक जानकारी प्राप्त करने में उपेक्षा का सामना करना पड़ता है। सरकार की इस उदासीनता के कारण जमीनी स्तर की सच्ची खबरें कई बार मुख्यधारा से गायब हो जाती हैं और मीडिया संस्थानों या पत्रकारों को अपना खर्च निकालने के लिए प्रायोजित खबरों पर मजबूर होना पड़ता है।

किसी सार्वजनिक बड़े मंच पर जब किसी पत्रकार को स्थान देना होगा या संवाद में हिस्सा लेना होता है तो अंग्रेजी वाले साहब को अहमियत दी जाती है। बहुत से ऐसे पत्रकार हैं जिन्हें हिंदी का अच्छा ज्ञान है। उनका अनुभव बोलता है लेकिन अंग्रेजी में कमजोर होने के नाते सरकारी अधिकारी उन्हें हेय दृष्टि से देखते हैं। उनको महत्व देने के बजाय उनका माखौल उड़ाया जाता है। हिंदी पत्रकारिता करने वालों को दलाल और चापलूस तब बताया जाता है। कितनी अजीब विडंबना है कि अपने ही देश में हिंदी पत्रकारिता आज अनाथ जैसी हालत में है। इसकी वकालत करने वाले को कम पढ़ा-लिखा समझा जाता है।

हिंदी चैनलों और हिंदी समाचार पत्र–पत्रिकाओं की बदौलत कई राजनेता, व्यापारी व अभिनेता आसमान छू रहे हैं। ताकतवर बने हुए हैं, लेकिन जब क्रेडिट देने की बात आती है तो हिंदी पत्रकारों को भूलकर अंग्रेजी के चैनलों व अखबारों की पूजा की जाती है। और अब तो हिंदी पत्रकारिता के आगे विश्वसनीयता का संकट भी खड़ा हो चुका है। सोशल मीडिया के इस दौर में अफवाहों और फर्जी खबरों की बाढ़-सी आ गई है। अंग्रेजी वाली ब्रेकिंग न्यूज (सबसे पहले खबर) की बराबरी करने की अंधी दौड़ में ‘सच’ पीछे छूट जाता है। सनसनीखेज बनाने की होड़ में तथ्यों की पुष्टि किए बिना ही खबरें परोसी जा रही हैं, जिससे हिंदी पत्रकारिता के सिद्धांतों और उसकी साख को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। व्यावसायिक दबावों और संपादकीय स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाना आज हिंदी पत्रकारिता के सामने एक बड़ी चुनौती बन चुकी है।

अधिकतर मीडिया घरानों ने पत्रकारिता को लाभ कमाने वाला एक व्यवसाय बना दिया है। राजनीतिक हित साधने लगे हैं। टीआरपी और ज्यादा क्लिक्स पाने के लिए गंभीर मुद्दों को दरकिनार कर अंग्रेजी वालों की तरह सनसनीखेज और सतही खबरों को अधिक महत्व देने लगे हैं। इसके चलते कई बार खबरें निष्पक्ष नहीं लगती। सोशल मीडिया, यूट्यूब और एआई आधारित प्लेटफॉर्म्स ने समाचारों के उपयोग का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। वेब पत्रकारिता की भाषा व्याकरण, वर्तनी और हिंदी के मूल स्वरूप को नष्ट करने लगी है। ऐसे में जहां हिंदी पत्रकारिता को मौजूदा नई चुनौतियों का विश्लेषण करने की जरूरत है, वही सरकार को भी हिंदी पत्रकारिता को पूर्ण अहमियत देनी होगी। तभी हिंदी पत्रकारिता को वह स्थान मिलेगा, जो उसकी जरूरत ही नहीं अधिकार भी है।

*(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।)*

रूस की मारी स्टेट यूनिवर्सिटी और इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज के बीच हुआ शैक्षणिक समझौता

 





                                मुकेश गुप्ता

इंडो रशियन एजुकेशन समिट में इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज की बड़ी उपलब्धि

साहिबाबाद। नई दिल्ली में आयोजित इंडो-रशियन एजुकेशन समिट-2026 में इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज, गाजियाबाद ने सक्रिय सहभागिता निभाई। समिट में रूस की 25 से अधिक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय छात्रों और शैक्षणिक संस्थानों को रूस में उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के अवसरों से अवगत कराना था।

समिट के दौरान रूस की मारी स्टेट यूनिवर्सिटी और इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज, गाजियाबाद के बीच शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

मारी स्टेट यूनिवर्सिटी की ओर से विश्वविद्यालय के रेक्टर डॉ. मिखाइल श्वेत्सोव तथा इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज की ओर से वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत दोनों संस्थान अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी), छात्र एवं संकाय विनिमय कार्यक्रम, संयुक्त शोध परियोजनाएं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, फार्मेसी, उभरती प्रौद्योगिकियों तथा पाठ्यक्रम आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में मिलकर कार्य करेंगे।

इस अवसर पर इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज के वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल, वाइस प्रेसिडेंट (इंटरनेशनल रिलेशंस) विभूति शंकर तथा वरिष्ठ पत्रकार अजय चौधरी भी उपस्थित रहे। दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने वैश्विक स्तर पर ज्ञान, नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए दीर्घकालिक सहयोग की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कॉलेज के चेयरमैन विष्णु शरण एवं कैंपस निदेशक डॉ. डी.के. शर्मा ने इस उपलब्धि पर संस्थान की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह समझौता छात्रों और शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने, शोध करने और करियर के नए अवसर प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

देश की आजादी के लिए हुए इस प्रथम स्वतंत्रता संग्राम1857 क्रांति देशभक्तों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा, शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले वतन पर मर मिटने वालों का यही बाकी निशा होगा--बीके शर्मा हनुमान

 


मुकेश गुप्ता

 गाजियाबाद । प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 शहीद स्मारक समिति द्वारा आयोजित हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 30 मई 2026 को शहीद स्थल मेट्रो स्टेशन के पास श्रद्धांजलि, भावांजलि, पुष्पांजलि की गई समिति के अध्यक्ष पंडित रामआसरे शर्मा ने बताया कि हिंडन नदी का ऐतिहासिक युद्ध, जब क्रांतिकारियों ने अंग्रेजो का घमंड चकनाचूर किया 31 मई का दिन भारतीय इतिहास में सदा याद किया जाता रहेगा क्योंकि 30 व 31 मई 1857 को ब्रिटिशकालीन भारत में दुनिया की सबसे प्रशिक्षित अंग्रेजी फौज व भारत के क्रान्तिकारियो की उत्साही सेना का मुकाबला गाजियाबाद में बहती हिंडन नदी के तट पर हुआ था। संस्था के प्रवक्ता एवं विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के पीठाधीश्वर  ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान ने बताया कि प्रथम स्वतंत्रता संग्राम भारतीय इतिहास का एक ऐसा दिव्य तथा भव्य अध्याय है, जिसमें धर्म, वर्ग, जातियों की सभी दीवारें ध्वस्त हो जाती हैं और जनसमूह के रूप में भारत की आत्मा मुखर होती है| अंग्रेजी तथा वामपंथी इतिहासकार भले ही इस महासमर को गदर या विद्रोह की संज्ञा दें, परंतु यह भारतीय आत्मा की आवाज थी। इस आवाज का स्पंदन सनातन राष्ट्र की पावन माटी के कण-कण में सुरभि- स्वरूप अनुभूत किया जा सकता है।जंग-ए-आजादी में जनचेतना और मनचेतना का कार्य हर स्तर पर हुआ। उस वक्‍त की व्रतधारी पत्रकारिता ने भी आजादी के पहले समर में क्रांति का बीजा रोपण किया | जन-जन तक, मन-मन तक आजादी के समर को पहुँचाया और फिरंगी हुकूमत के खिलाफ उठ खड़े होने का शंखनाद किया | ऐसा शंखनाद, जिसने अनंत नभ में आजादी की क्रांति को हवा दी |राष्ट्र और राष्ट्रगायकों को हमारी ओर से सादर शब्दांजलि है, भावांजलि इस अवसर पर संस्था के महामंत्री पी न गर्ग, वरिष्ठ समाजसेवी  संदीप त्यागी रसम, सुनीता बहल, समाज सेविका विनीता पाल, डॉक्टर एन एस तोमर, डॉक्टर संजय सिंह, डॉक्टर दिलीप कुमार, डॉ एसके मिश्रा, ए खालिद, डॉ वसीम, डॉ एस के सिकदर, ब्रजन विश्वास, अभिजीत दत्ता, किंकर राय, आलोक चंद शर्मा, डा  ऐके जैन, योगेन्द्र बल्हारा, अरुण खाना सभाशाद मोदिनगर, हरेन्द्र पूर्व सभाशाद, संतोष दीक्षित , उमेश शर्मा सयोजक आदर्श नगर मोदिनगर श्री सुरेश सिंह विजय नगर उत्कर्ष पाण्डे भावी नेता आदर्श पाण्डे शैंकी,ए खालिद, ए के विश्वास, डॉ मोहित कुमार, संजय, ए के जैन, फरमान अली, श्यामलाल सरकार, बप्पा देव, राम अवतार, अतुल शर्मा, आर पी शर्मा, एन एस तोमर, सपन सिकदर, एसके मलिक, ब्रजन विश्वास, मोमिन, सुबोध त्यागी, वसीम, कृष्ण कुमार, केपी सरकार, सतीश, संजय सिंह, दिलीप कुमार अमेश विश्वास, सैकड़ो देशभक्त मौजूद थे।

मंगलवार, 26 मई 2026

डॉ.अतुल जैन ने श्रीचंद शर्मा को बधाई और शुभकामनाएं दीं




                               मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व द्वारा मेरठ मंडल विधान परिषद सदस्य की शिक्षक सीट पर श्रीचंद शर्मा को पुनः प्रत्याशी घोषित करने पर गाजियाबाद लोहा विक्रेता मंडल के अध्यक्ष और टेक्निकल इंस्टीट्यूशंस फाउंडेशन ऑफ़ उत्तर प्रदेश के महासचिव डॉ.अतुल कुमार जैन ने दादरी स्थित उनके कार्यालय पर जाकर बधाई और शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि शिक्षकों के हित और शिक्षा के गुणवत्ता पार्क विकास में उनके द्वारा सतत कार्य किए जाएंगे ।

साथ ही अतुल जैन ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में होने वाले चुनाव में श्री चंद शर्मा को भारी बहुमत से विजय प्राप्त करने के लिए भी शुभकामनाएं प्रेषित की।

विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा द्वारा आदर सत्कार और सम्मान देने के लिए डॉ.अतुल कुमार जैन ने उनका धन्यवाद ज्ञापित किया।

शहर के विकास में बाधा न बने बिटूमिन्स के बढ़े हुए दाम, नगर आयुक्त ने ठेकेदारों को दिए कड़े निर्देश

 


मुकेश गुप्ता

*इंदिरापुरम सहित शहर के सभी जोन में निर्माण के कार्यों में तेजी लाये विभाग*

*निर्माण कार्यों में लापरवाही से जन असुविधा बर्दाश्त नहीं--नगर आयुक्त*

गाजियाबाद । नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक द्वारा निर्माण विभाग अधिकारियों और ठेकेदारों से विशेष बैठक की गई जिसमें वायु गुणवत्ता सुधार, 15 वित्त, अवस्थापना निधि के 160 करोड़ के 85 कार्यों को तत्काल प्रभाव से प्रारंभ करने के लिए निर्देशित किया गया।उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध से प्रभावित बिटूमिन्स के दाम पर भी चर्चा हुई बढ़े हुए दाम किसी भी रूप में शहर के विकास में बाधा ना बने निर्देश दिए गए शहर हित और जनहित को ध्यान में रखते हुए संबंधित फर्म के ठेकेदार जिनको वर्क आर्डर जारी हो चुका है कार्य में ध्यान दें तेजी से कार्य प्रारंभ किया जाए निर्देशित किया गयाl गाजियाबाद नगर निगम द्वारा वर्तमान में समय-समय पर भुगतान प्रक्रिया को भी बेहतर किया गया है किसी भी समस्या के समाधान के लिए गाजियाबाद नगर निगम द्वारा ठेकेदारों का सहयोग भी किया जा रहा है शहर हित और जनहित को ध्यान में रखते हुए निर्माण विभाग के ठेकेदार विकास कार्यों को तत्काल प्रभाव से में प्रारंभ करें, कार्य में देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी अधिकारियों को मॉनिटरिंग बढ़ाने के लिए कहा गया।

उपस्थित ठेकेदारों द्वारा नगर आयुक्त के समक्ष शीघ्र ही कार्य प्रारंभ करने पर सहमति दी गई, वर्तमान में चल रही अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए शहर हित में कार्य प्रारंभ किया जाएगा सहमति दी गई ।

इंदिरापुरम में चल रहे निर्माण कार्यों में तथा शहर के सभी जोन अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्य में जन सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए चल रहे कार्यों से शहर वासियों को असुविधा न हो नियमों का पालन करते हुए तेजी से कार्य किए जाएं नगर आयुक्त द्वारा सख्त निर्देश  ठेकेदारों को दिए गए, मौके पर मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, अधिशासी अभियंता निर्माण विपुल व अन्य टीम उपस्थित रही ।

सोमवार, 25 मई 2026

रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद अनंत द्वारा रक्तदान एवं थैलेसीमिया स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन

 



मुकेश गुप्ता

नोएडा, 23 मई 2026: रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद अनंत द्वारा प्राइमाकेयर क्लियरमेडी मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, सेक्टर-104, नोएडा में “ब्लड डोनेशन एवं थैलेसीमिया स्क्रीनिंग ड्राइव” का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस सामाजिक एवं मानवीय सेवा परियोजना का उद्देश्य रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी की समय रहते जांच को प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और रक्तदान कर मानव सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। शिविर के दौरान थैलेसीमिया स्क्रीनिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जिससे लोगों को इस आनुवंशिक बीमारी के प्रति जागरूक होने का अवसर मिला।

क्लब के अध्यक्ष रोटेरियन सुनील कुमार जैन एवं रोटेरियन गीता जैन, क्लब ट्रेनर रोटेरियन सतीश चंद मित्तल, रोटेरियन अंशुल गर्ग रोटएरियन अभिषेक जिंदल रोटेरियन संदीप सिंघल रोटेरियन दीपक गुप्ता रोटेरियन अमित गुप्ता सहित क्लब के अन्य सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद अनंत ने समाज के प्रति अपनी सेवा भावना को दोहराते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी प्रकल्पों को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।


आर.के.जी. ग्लोबल स्कूल में समर कैंप का भव्य समापन समारोह आयोजित

 

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद ।  मेरठ रोड़ स्थित आर.के.जी. ग्लोबल स्कूल में एक सप्ताह तक चले समर कैंप 2026 का अंतिम दिन बड़े उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पूरे सप्ताह चले इस समर कैंप में बच्चों ने सीखने, रचनात्मक गतिविधियों एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़ी अनेक रोचक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। समर कैंप के समापन अवसर पर भव्य क्लोजिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ विद्यालय की *चेयरवुमेन श्रीमती आँचल गोयल* द्वारा किया गया। कार्यक्रम विद्यालय की *डायरेक्टर प्रिंसिपल कैप्टन डॉ. दिनिशा भारद्वाज सिंह* के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

समर कैंप को सफल एवं यादगार बनाने में विद्यालय के सभी शिक्षकों का विशेष योगदान रहा। शिक्षकों ने पूरे सप्ताह बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए प्रत्येक गतिविधि एवं प्रस्तुति की तैयारियों को अत्यंत मेहनत, लगन एवं बारीकी से पूर्ण कराया। बच्चों को नई-नई गतिविधियाँ सिखाने, उनका उत्साहवर्धन करने तथा प्रत्येक प्रस्तुति को बेहतर बनाने में शिक्षकों की भूमिका सराहनीय रही।

समारोह के दौरान बच्चों द्वारा समर कैंप में सीखी गई विभिन्न गतिविधियों का शानदार प्रदर्शन किया गया। योग सत्र में बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों ने भी अत्यंत सुंदर एवं सुव्यवस्थित प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। इसके साथ ही बच्चों ने नृत्य, शूटिंग, शतरंज (Chess), स्केटिंग, इंग्लिश कम्युनिकेशन, आर्ट एंड क्राफ्ट सहित विभिन्न गतिविधियों में सीखे गए कौशलों का भी प्रभावशाली प्रदर्शन प्रस्तुत किया। बच्चों की रंगारंग नृत्य प्रस्तुतियों ने समारोह में उत्साह और ऊर्जा का संचार कर दिया तथा दर्शकों की खूब तालियाँ बटोरीं। इंग्लिश कम्युनिकेशन गतिविधि के अंतर्गत बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ अपनी संवाद क्षमता का प्रदर्शन किया, वहीं शतरंज एवं शूटिंग जैसी गतिविधियों ने बच्चों की एकाग्रता, धैर्य एवं निर्णय क्षमता को दर्शाया। स्केटिंग प्रदर्शन ने बच्चों के संतुलन, आत्मविश्वास एवं ऊर्जा से सभी को प्रभावित किया।

वहीं, निःशुल्क सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण समर कैंप की विशेष उपलब्धियों में से एक रहा। बच्चों ने प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई विभिन्न आत्मरक्षा तकनीकों का प्रभावशाली प्रदर्शन प्रस्तुत किया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल आत्मरक्षा सिखाना ही नहीं, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास, साहस, अनुशासन, सतर्कता एवं कठिन परिस्थितियों में स्वयं को सुरक्षित रखने की क्षमता विकसित करना भी रहा। सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण से बच्चों में मानसिक एवं शारीरिक मजबूती बढ़ी तथा उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में धैर्य और समझदारी से कार्य करना भी सीखा। इस प्रस्तुति को अभिभावकों एवं अतिथियों द्वारा खूब सराहा गया।

इसके अतिरिक्त, बच्चों द्वारा समर कैंप के दौरान तैयार की गई आकर्षक कलाकृतियों, हस्तशिल्प, चित्रकारी एवं रचनात्मक कार्यों की मनमोहक आर्ट शोकेस प्रदर्शनी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही। नन्हे-मुन्ने बच्चों की अद्भुत कल्पनाशक्ति, सृजनात्मकता एवं मेहनत को प्रदर्शित करती इन कृतियों ने उपस्थित सभी लोगों को बेहद प्रभावित किया। प्रदर्शनी में प्रदर्शित प्रत्येक कृति बच्चों की प्रतिभा, सीखने की उत्सुकता और रचनात्मक सोच को दर्शा रही थी, जिसकी सभी ने भरपूर प्रशंसा की।

समापन समारोह को और भी यादगार बनाने के लिए एक रोमांचक मैजिक शो का भी आयोजन किया गया, जिसने बच्चों के चेहरे पर उत्साह और खुशी की मुस्कान बिखेर दी। जादू के अद्भुत करतबों ने बच्चों एवं उपस्थित अभिभावकों का भरपूर मनोरंजन किया और सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।

विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि एक सप्ताह तक चले इस समर कैंप का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास, रचनात्मकता एवं नई कौशलों को विकसित करना था। समापन समारोह के साथ समर कैंप 2026 का सफलतापूर्वक समापन हुआ, जहाँ बच्चों के उत्साह, प्रतिभा एवं आत्मविश्वास ने सभी का दिल जीत लिया।

रोटरी क्लब ऑफ़ गाज़ियाबाद ग्रेटर नेक्स्ट ने जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल में ब्लड डोनेशन एवं मुफ्त हेल्थ चेकअप कैम्प लगाया








मुकेश गुप्ता

 गाजियाबाद ।  रोटरी क्लब ऑफ़ गाज़ियाबाद ग्रेटर नेक्स्ट द्वारा जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, इंदिरापुरम में रोटरी वरदान ब्लड बैंक के सहयोग से शनिवार को ब्लड डोनेशन कैम्प , यशोदा मेडिसिटी के सहयोग से निशुल्क हेल्थ चेकअप का आयोजन किया गया। जिसमें इंट्रेक्ट क्लब ऑफ़ जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, इंदिरापुरम का महत्वपूर्ण सहयोग रहा| कार्यक्रम का उदघाटन जेकेजी स्कूल ऐसे कैम्प का आयोजन हर छ: महीने मे करता है जिसका उद्देश्य समाज कल्याण करना तथा विद्यालय के छात्रों के अंदर समाज सेवा की भावना जागृत करना है| इंटरेक्ट क्लब ने पूरे सप्ताह ब्लड डोनेशन पर नुक्कड़ नाटक, रैली, जागरूकता अभियान आदि का आयोजन किया| जिसके फलस्वरूप कैम्प में आज 35 यूनिट ब्लड इकठ्ठा किया गया, जो कि अब तक हुए रक्तदान में सबसे अधिक रहा, 72 हेल्थ चेकअप कराया गया। 

इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन जे. के. गौड़, PDG अशोक अग्रवाल, क्लब अध्यक्ष रो० अरुणा अगरवाल, रो० सुरेन्द्र शर्मा, रो० एम. सी. गौड़, रो० वरुण गौड़, प्रधानाचार्या निधि गौड़, आदि उपस्थित रहे| चेयरमैन जे. के. गौड़ ने कहा कि रक्त दान महादान है और एक इंसान एक यूनिट रक्त देकर तीन व्यक्तियों को जीवन दान देता है और रक्तदान करने से स्वयं भी स्वस्थ रहता है। विद्यालय के डायरेक्टर वरुण गौड़ एवं प्रधानाचार्या श्रीमती निधि गौड़ ने भी रक्तदान किया| ब्लड डोनेशन कैंप में रोटरी क्लब इंटरेक्ट क्लब टीचर इंचार्ज  श्रीमती ज्योत्सना, इंट्रेक्ट क्लब सदस्य सक्षम, प्रदीप, रीत, काव्य, अनुभव, सोहम, लक्षिता, वेदांत, तेजस्विनी, तेजस आदि उपस्थित रहे।


विधायक श्रीचंद शर्मा को दोबारा उम्मीदवार बनाने पर रोज़ बेल पब्लिक स्कूल गाजियाबाद में हुआ भव्य स्वागत

 







मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । भारतीय जनता पार्टी द्वारा मेरठ-सहारनपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से दोबारा उम्मीदवार बनाए जाने पर सम्मानित विधायक शिक्षक श्री श्रीचंद शर्मा जी का आज 'रोज़ बेल पब्लिक स्कूल', गाजियाबाद में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

समारोह में शिक्षा जगत की तमाम बड़ी हस्तियों ने हिस्सा लिया और विधायक जी को पुनः टिकट मिलने पर बधाई दी। इस अवसर पर विधायक श्रीचंद शर्मा  ने उपस्थित सभी शिक्षकों को आगामी चुनाव में मतदान करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षकों को मतदान की सही प्रक्रिया और बारीकियों की विस्तृत जानकारी देते हुए लोकतंत्र के इस पर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। कार्यक्रम में मौजूद सभी शिक्षाविदों ने विश्वास जताया कि विधायक जी इस बार पुनः ऐतिहासिक जीत दर्ज कर एक नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे।

कार्यक्रम में: सरदार जोगेंद्र सिंह (चेयरमैन, रोज़ बेल पब्लिक स्कूल), श्रीमती धर्मजीत कौर जी (प्रिंसिपल, रोज़ बेल पब्लिक स्कूल),अर्जुन शर्मा जी (डायरेक्टर, केशव माधव शिक्षक     संस्थान), नरेंद्र बिल्लू जी (प्रबंधक, सेल्फ फाइनेंस एसोसिएशन),अनिल कुमार शर्मा जी (डायरेक्टर, आदर्श पब्लिक स्कूल),आशीष गौतम जी (गौतम पब्लिक स्कूल),यशवीर नागर जी (ब्लूम पब्लिक स्कूल),बलराम रावल जी (पूर्व मंडल अध्यक्ष),सीताराम  (श्री कृष्णा पब्लिक स्कूल) आदि गरमायी उपस्थित रहे।

यह कार्यक्रम शिक्षकों के सम्मान, एकजुटता और आने वाले चुनाव में भारी मतों से विजयश्री प्राप्त करने के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।



शनिवार, 23 मई 2026

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने उज्जैन में भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना व अभिषेक किया

 






विशेष संवाददाता

उज्जैन मध्य प्रदेश । श्रीमहंत हरी गिरि जी महाराज संरक्षक अंतर्राष्ट्रीय श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा महामंत्री अखाड़ा परिषद, अध्यक्ष सभापति श्रीमंहत मोहन भारती सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर गाजियाबाद के पीठाधीश्वर जूना अखाड़ा के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज 10 दिन की कुंभ मेला पूजन, देव दर्शन व संत सम्पर्क यात्रा के लिए उज्जैन पहुंच गए। महाराजश्री का उज्जैन पहुंचने पर भक्तों द्वारा स्वागत अभिनंदन किया गया। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने उज्जैन में महाकाल के दर्शन किए। जूना अखाड़ा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमहंत महेश पुरी महाराज,श्रीमहंत रामेश्वर गिरि महाराज, श्रीमहंत केदारपुरी महाराज, भास्कर पुरी महाराज, परमात्मानंद गिरि महाराज, सेक्रेटरी श्रीमंहत ओम भारती, थानापति नीलकंठ गिरी, श्रीमहंत विष्णु प्रिया गिरि श्रीधाम वृंदावन मथुरा उत्तर प्रदेश, किशन गिरी समेत सैकडों संतों के उन्होंने भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना की व उनका अभिषेक किया। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि महाकालेश्वर, उज्जैन मध्य प्रदेश में शिप्रा नदी के तट पर स्थित हिंदुओं का एक अत्यंत पवित्र और आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह देश का एकमात्र दक्षिणमुखी, दक्षिण दिशा की ओर मुख वालाद्ध ज्योतिर्लिंग है। यहाँ स्थापित शिवलिंग स्वयंभू, स्वयं से प्रकट हुआ  है। शिव पुराण के अनुसार, प्राचीन काल में अवंतिका ;उज्जैनद्ध नगरी में दूषण नामक राक्षस ने आतंक मचा रखा था। भक्तों की रक्षा के लिए भगवान शिव धरती फाड़कर महाकाल के रूप में प्रकट हुए और उस राक्षस का वध किया। तभी से वे यहाँ काल के नियंत्रक के रूप में विराजमान हैं और अपने भक्तों की रक्षा कर रहे हैं। यहाँ की सबसे अनूठी विशेषता भस्म आरती है, जो ब्रह्म मुहूर्त ;सुबह तड़के में होती है। इसमें ताज़ी चिता की भस्म से भगवान शिव का श्रृंगार किया जाता है। महाराजश्री ने कहा कि महाकाल भगवान के दर्शन मात्र से ही मृत्यु का भय भी दूर हो जाता है। श्रीमहंत महेश पुरी महाराज ने कहा कि दक्षिणमुखी होने के कारण महाकालेश्वर महादेव की अत्यन्त  महत्ता है। इसके दर्शन मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। श्रीमहंत रामेश्वर गिरि महाराज ने कहा कि जो महाकाल का भक्त होता है उसका काल भी कुछ नहीं बिगड़ सकता है। श्रीमहंत केदारपुरी महाराज ने कहा कि महाकाल भगवान कभी भी अपने भक्तों को निराश नहीं करते हैं। जो भी भक्त सच्चे मन से उनके शरण में आ जाता है, उसके सभी दुख, कष्ट व संकट दूर हो जाते हैं। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज के संरक्षण व मार्गदर्शन में दत्त अखाडा, दातार अखाडा व नीलगिरि में चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया  थानापति  महन्त  चांद गिरि जी महाराज। नासिक में कुंभ मेला 2027 के लिए हो कार्यो का निरीक्षण किया नील गंगा जूना अखाड़ा में गोविंद सोलंकी राहुल कटियार पत्रकार सभी गुरु मूर्तियों का स्वागत किया

कन्नड़ एवं तमिल फिल्म जगत की अभिनेत्री संचिता शेट्टी ने परमार्थ निकेतन मे पूज्य स्वामी जी का आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया

 




*✨पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में अपनी आध्यात्मिक जिज्ञासाओं का प्राप्त किया समाधान*

*🌸पूज्य स्वामी जी व साध्वी जी के पावन सान्निध्य में मासिक श्री राम कथा, विश्व शान्ति हवन और परमार्थ निकेतन की दिव्य गंगा आरती में किया सहभाग*

*🌸पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं साध्वी भगवती सरस्वती जी के सान्निध्य में पाया आध्यात्मिक ऊर्जा, शान्ति और जीवन का दिव्य मार्गदर्शन*

ऋषिकेश, 23 मई। आज के आधुनिक, चकाचैंध और तीव्र गति से भागते जीवन में जहाँ लोग बाहरी उपलब्धियों के पीछे स्वयं को खोते जा रहे हैं, वहीं कन्नड़ एवं तमिल फिल्म इंडस्ट्री की प्रसिद्ध अभिनेत्री संचिता शेट्टी ने आध्यात्मिकता की उस ज्योति को आत्मसात करने का संकल्प लिया, जो केवल जीवन को ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण मानवता को प्रकाशित करती है। विगत कुछ दिनों से संचिता शेट्टी हिमालय की गोद में बसे विश्वप्रसिद्ध आध्यात्मिक केन्द्र परमार्थ निकेतन में रह रही हैं, जहाँ वे ध्यान, साधना, योग, मौन, आत्मचिंतन एवं भारतीय आध्यात्मिक जीवन शैली का अभ्यास कर रही हैं।

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज एवं साध्वी भगवती सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में संचिता शेट्टी ने अपनी आध्यात्मिक जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। उन्होंने जीवन, कर्म, आत्मा, शान्ति, सफलता, प्रसिद्धि और आंतरिक संतुलन जैसे गहन विषयों पर पूज्य स्वामी जी से मार्गदर्शन प्राप्त किया।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि “सफलता तब तक अधूरी है जब तक मन शान्त और संतुष्ट नहीं है। वास्तविक उपलब्धि वही है जहाँ व्यक्ति स्वयं से जुड़ जाए। आज की युवा पीढ़ी को केवल करियर नहीं, बल्कि चरित्र, संस्कार और आत्मिक संतुलन की भी आवश्यकता है।”

साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि “आध्यात्मिकता संसार से भागना नहीं, बल्कि स्वयं को पहचानकर संसार को और अधिक प्रकाशित करना है। जब कलाकार स्वयं से जुड़ता है, तब उसका जीवन केवल अभिनय नहीं बल्कि प्रेरणा बन जाता है।”

संचिता शेट्टी ने कहा कि “परमार्थ निकेतन स्वयं को जागृत करने वाली दिव्य चेतना का केन्द्र है। यहाँ आकर मैंने महसूस किया कि वास्तविक शान्ति बाहरी दुनिया में नहीं, बल्कि अपने भीतर होती है। पूज्य स्वामी जी और साध्वी जी का स्नेह, मार्गदर्शन और आध्यात्मिक ऊर्जा जीवन को नई दिशा देने वाली है।”

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक तनाव, अकेलापन और असंतुलन केवल सामान्य लोगों तक सीमित नहीं, बल्कि लगभग सभी आयु वर्ग के लोग इन चुनौतियों का सामना करते हैं। ऐसे समय में योग, ध्यान, प्रार्थना और आध्यात्मिकता ही जीवन को स्थिरता और सकारात्मकता प्रदान कर सकती है।

संचिता शेट्टी ने परमार्थ निकेतन में आयोजित मासिक श्री राम कथा में सहभाग कर भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, त्याग और धर्ममय जीवन के संदेशों को आत्मसात किया। उन्होंने विश्व शान्ति हवन में आहुतियाँ अर्पित कर सम्पूर्ण विश्व के कल्याण, मानवता की शान्ति और प्रकृति के संतुलन हेतु प्रार्थना की।

माँ गंगा के पावन तट पर आयोजित परमार्थ निकेतन की विश्वविख्यात दिव्य गंगा आरती में सहभाग किया। परमार्थ निकेतन का दिव्य वातावरण, हिमालय की आध्यात्मिक ऊर्जा, गंगा की पवित्रता और संतों का सान्निध्य विश्वभर के लोगों को भारतीय संस्कृति और सनातन जीवन दर्शन की ओर आकर्षित कर रहा है। संचिता शेट्टी का यह आध्यात्मिक प्रवास इस बात का जीवंत उदाहरण है कि आधुनिकता और आध्यात्मिकता एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक संतुलित और समृद्ध जीवन के दो महत्वपूर्ण आयाम हैं।

डीवीएफ टीम की थाना विजय नगर थाना प्रभारी के साथ महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न




                              मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । DVF टीम की एक महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को विजय नगर पुलिस के साथ परिसर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता  थाना प्रभारी निरीक्षक धर्मपाल सिंह (SHO) विजय नगर द्वारा की गई।

बैठक के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा, कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नशा विरोधी अभियान, ट्रैफिक व्यवस्था तथा सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। थाना प्रभारी द्वारा नागरिकों एवं पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।

बैठक में विजय नगर पुलिस की साइबर सेल द्वारा डीवीएफ टीम को साइबर सुरक्षा एवं ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण प्रशिक्षण भी दिया गया। टीम को विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों की पहचान, बचाव एवं जागरूकता के उपायों की जानकारी प्रदान की गई।

डीवीएफ टीम ने आश्वासन दिया कि वह इस प्रशिक्षण एवं जागरूकता को आगे बढ़ाते हुए क्षेत्र के अन्य निवासियों और नागरिकों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगी।

बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। अंत में थाना प्रभारी विजय नगर द्वारा सभी उपस्थित सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा भविष्य में भी पुलिस एवं नागरिकों के बीच इसी प्रकार सहयोग बनाए रखने की अपील की गई। इस अवसर मुकेश गुप्ता, के पी सिंह, क्षितिज सिंघल, अमोल खत्री, गुरमीत, बिंदु, निभा, सुमन आदि उपस्थित रहे।


शुक्रवार, 22 मई 2026

यशोदा अस्पाताल, नेहरू नगर, गाजियाबाद में घुटने एवं कूल्हे के प्रत्यारोपण हेतु क्यूविस रोबोटिक सिस्टम का हुआ आगमन



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । यशोदा अस्पाताल एवं रिसर्च सेंटर, नेहरू नगर, गाजियाबाद, एक 350-बेडेड, NABH और AACI मान्यता प्राप्त क्वाटरनरी केयर सुपर-स्पेशियलिटी अस्पाताल, में 20 मई 2026 को क्यूविस ऑर्थोपेडिक रोबोटिक-असिस्टेड सर्जिकल सिस्टम का आगमन हुआ। इसके साथ अस्पाताल ने अपनी घुटने एवं कूल्हे के प्रत्यारोपण (Knee & Hip Replacement) सेवाओं को और सशक्त किया है।

उद्घाटन समारोह में यशोदा अस्पाताल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. दिनेश अरोड़ा एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. रजत अरोड़ा उपस्थित रहे। इस अवसर पर ऑर्थोपेडिक्स, घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण तथा ट्रॉमा सर्जरी विभाग की टीम भी मौजूद रही। ऑर्थोपेडिक टीम में डॉ. विपिन कुमार त्यागी, डॉ. अजय पंवार, डॉ. राहुल काकरन एवं डॉ. दिवास गुप्ता शामिल रहे।

डॉ. दिनेश अरोड़ा ने कहा कि “यह सिस्टम पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं दिल्ली-एनसीआर में उन्नत चिकित्सा तकनीक पहुँचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हमारा उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है।”.

डॉ रजत अरोड़ा ने कहा कि “यह तकनीक अधिक सटीकता और व्यक्तिगत उपचार के साथ बेहतर सर्जिकल परिणाम एवं शीघ्र रिकवरी में सहायक होगी।”

उन्होंने बताया कि क्यूविस रोबोटिक सिस्टम ऑर्थोपेडिक सर्जरी में विशेषकर घुटने एवं कूल्हे के प्रत्यारोपण के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 6-एक्सिस रोबोटिक आर्म, ट्रैकिंग सेंसर और ऑटोमैटिक कटिंग तकनीक के साथ यह सिस्टम सर्जरी में अधिक सटीकता प्रदान करता है और गलतियों की संभावना को न्यूनतम करता है।

डॉ रजत अरोड़ा ने कहा कि यह तकनीक द्विपक्षीय घुटना प्रत्यारोपण, कूल्हा प्रत्यारोपण एवं रिवीजन सर्जरी में विशेष रूप से उपयोगी होगी, खासकर उन मरीजों के लिए जो सर्जरी, रिकवरी समय और लागत को लेकर चिंतित रहते हैं।

डॉ. विपिन कुमार त्यागी ने कहा कि “रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी से इम्प्लांट प्लानिंग और पोजिशनिंग में अधिक सटीकता मिलती है, जिससे मरीज-विशेष उपचार संभव होता है।”

न्यूनतम रक्तस्राव, कम दर्द, छोटे चीरे एवं ऊतक (टिश्यू ) को न्यूमतम हानि जैसे लाभों के साथ रोबोटिक घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी ऑर्थोपेडिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति है। पारंपरिक सर्जरी की तुलना में यह तकनीक संक्रमण के जोखिम को कम करती है, अस्पताल में भर्ती अवधि को घटाती है तथा रिकवरी को तेज बनाती है। 3D प्री-सर्जिकल प्लानिंग से लेकर सर्जरी के दौरान अधिकतम सटीकता, इम्प्लांट पोजिशनिंग की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और बेहतर कार्यात्मक परिणाम—यह तकनीक मरीजों को शीघ्र सामान्य जीवन में लौटने में सहायता करती है।

रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट के आगमन से यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाजियाबाद अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ सेवाओं से उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए और अधिक प्रतिबद्ध है। जनता की सेवा में सदैव अग्रसर यशोदा हॉस्पिटल निकट एवं दूर भविष्य में भी इसी प्रकार प्रगतिशीलता के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा।

 प्रत्यारोपण एवं रिवीजन सर्जरी में विशेष रूप से उपयोगी होगी, खासकर उन मरीजों के लिए जो सर्जरी, रिकवरी समय और लागत को लेकर चिंतित रहते हैं।

डॉ. विपिन कुमार त्यागी ने कहा कि “रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी से इम्प्लांट प्लानिंग और पोजिशनिंग में अधिक सटीकता मिलती है, जिससे मरीज-विशेष उपचार संभव होता है।”

न्यूनतम रक्तस्राव, कम दर्द, छोटे चीरे एवं ऊतक (टिश्यू ) को न्यूमतम हानि जैसे लाभों के साथ रोबोटिक घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी ऑर्थोपेडिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति है। पारंपरिक सर्जरी की तुलना में यह तकनीक संक्रमण के जोखिम को कम करती है, अस्पताल में भर्ती अवधि को घटाती है तथा रिकवरी को तेज बनाती है। 3D प्री-सर्जिकल प्लानिंग से लेकर सर्जरी के दौरान अधिकतम सटीकता, इम्प्लांट पोजिशनिंग की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और बेहतर कार्यात्मक परिणाम—यह तकनीक मरीजों को शीघ्र सामान्य जीवन में लौटने में सहायता करती है।

रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट के आगमन से यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाजियाबाद अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ सेवाओं से उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए और अधिक प्रतिबद्ध है। जनता की सेवा में सदैव अग्रसर यशोदा हॉस्पिटल निकट एवं दूर भविष्य में भी इसी प्रकार प्रगतिशीलता के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा।

बुधवार, 20 मई 2026

शून्य के भीतर: चेतना का विद्रोह— रवि प्रकाश सिंह


"जब एक एल्गोरिद्म आपके अगले विचार की भविष्यवाणी आपसे पहले कर दे — तो क्या वह विचार अभी भी 'आपका' है?"

भूमिका

मानव इतिहास केवल औजारों के विकास की गाथा नहीं, बल्कि अपनी चेतना के विस्तार की निरंतर छटपटाहट है। आज हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उस मुहाने पर खड़े हैं, जहाँ हम केवल मशीनें नहीं बना रहे, बल्कि अपनी चेतना का एक 'डिजिटल प्रतिरूप' रच रहे हैं। यह सृजन की वह अंतिम सीमा है जहाँ सृष्टा और सृष्टि का अंतर मिटने लगा है।

किंतु इस असीमित शक्ति के शोर में, हमारे भीतर का वह मौलिक मौन — 'शून्य' — संकट में है। यहीं से जन्म लेता है: चेतना का विद्रोह।

शक्ति का विस्फोट और विवेक का ठहराव

समस्या तकनीक में नहीं है। समस्या तकनीकी विकास की 'घातीय'  गति और हमारी नैतिक परिपक्वता की धीमी चाल के बीच बढ़ते फासले में है।

एक उदाहरण पर्याप्त है: चैटजीपीटी को 10 करोड़ उपयोगकर्ताओं तक पहुँचने में केवल 2 महीने लगे — जबकि इसके नैतिक दिशानिर्देश अभी भी समितियों में विचाराधीन हैं। हम मशीनों को रातों-रात अपडेट कर सकते हैं, लेकिन मानवीय चरित्र का 'अपग्रेड' एक जटिल और पीढ़ीगत प्रक्रिया है।

ज्ञान हमें बताता है कि 'क्या संभव है', लेकिन विवेक पूछता है कि 'क्या उचित है'। आज हमारे पास सूचनाओं का अंबार है, पर उस 'शून्य' की कमी है जहाँ सूचना, ज्ञान और बोध में बदल सके।

एल्गोरिद्म बनाम स्वतंत्र इच्छा

भविष्य का सबसे बड़ा संकट मशीनों की बुद्धिमत्ता नहीं, बल्कि मनुष्य की स्वेच्छा से स्वीकार की गई 'दासता' है। जब एल्गोरिद्म हमारे लिए यह तय करने लगें कि हमें क्या खरीदना है, क्या सोचना है और किससे घृणा करनी है, तो हम धीरे-धीरे अपनी 'स्वतंत्र चेतना' खोने लगते हैं।

2021 में फेसबुक की व्हिस्लब्लोअर फ्रांसेस हॉगन ने यह उजागर किया कि कंपनी के एल्गोरिद्म जानबूझकर ऐसी सामग्री को प्राथमिकता देते थे जो क्रोध और विभाजन को बढ़ावा देती है — क्योंकि यही सर्वाधिक जुड़ाव लाती है। यह महज एक कंपनी की कहानी नहीं, यह उस पूरी व्यवस्था का चेहरा है जो मनुष्य की भावनाओं को डेटा में बदलकर बेचती है।

सुविधा के नाम पर हम अपनी विशिष्टता को डेटा के हवाले कर रहे हैं। 'चेतना का विद्रोह' इसी मशीनी प्रोग्रामिंग के खिलाफ मनुष्य की वह पुकार है, जो उसे एक 'जैविक डेटा' बनने से रोककर पुनः 'मनुष्य' के रूप में स्थापित करती है।

अस्तित्व का संघर्ष और जैविक करुणा

भारतीय दर्शन में 'शून्य' रिक्तता नहीं, बल्कि पूर्णता का प्रतीक है। आज का डिजिटल तंत्र हमें सूचनाओं से इतना भर देता है कि हम अपने भीतर के उस शून्य (स्व) का साक्षात्कार ही नहीं कर पाते।

AI हमें 'पूर्ण स्मृति' का वरदान दे रही है — लेकिन क्या हम जानते हैं कि भूलना एक 'जैविक करुणा' है?

न्यूरोसाइंस बताता है कि मस्तिष्क नींद के दौरान अनावश्यक स्मृतियों की छटनी  करता है — यही हमारी मानसिक स्वच्छता और आंतरिक नवीनीकरण है। जब हर पल रिकॉर्ड हो, हर भूल आर्काइवड  हो, हर कमज़ोरी डेटाबेस में सुरक्षित हो — तो यह करुणा छिन जाती है। स्मृतियों का बोझ असहनीय हो जाता है।

यही वह क्षण है जब चेतना अपने अस्तित्व को बचाने के लिए विद्रोह करती है। यह विद्रोह किसी मशीन के खिलाफ नहीं, बल्कि उस 'अपरिपक्व मनुष्यता' के खिलाफ है जिसके हाथ में डिजिटल हथियार लग गए हैं।


निष्कर्ष: शून्य को बचाने का साहस

हम 'ईश्वरीय' सामर्थ्य वाले उपकरण तो बना रहे हैं, लेकिन क्या हमारे भीतर उन्हें संभालने वाला 'संयम' विकसित हुआ है? तकनीक भविष्य का ढांचा खड़ा कर सकती है, लेकिन उस ढांचे के भीतर प्राण केवल 'विवेक' और 'चेतना' ही फूँक सकते हैं।

यदि हम अपनी चेतना के स्तर को तकनीकी सामर्थ्य के बराबर नहीं उठा पाए, तो हमारी यह शक्ति ही हमारी सभ्यता के अंत का कारण बनेगी।

अंततः, प्रश्न यह नहीं है कि AI क्या करेगी — प्रश्न यह है कि इस मशीनी कोलाहल के बीच क्या मनुष्य अपने भीतर के 'शून्य' को बचा पाएगा?

* लेखक परिचय

रवि प्रकाश सिंह — लेखक, प्रशासक और चेतना, तकनीक तथा सभ्यता के भविष्य पर सार्वजनिक विचारक। उनकी आगामी विज्ञान-कथा पुस्तक 'शून्य के भीतर: चेतना का विद्रोह' इसी विमर्श को कथात्मक विस्तार देती है।