रविवार, 5 अप्रैल 2026

आईसीआईएम के सहयोगी संगठनों को प्रतिष्ठित सरकारी मान्यताएँ, औद्योगिक अनुपालन, कार्यस्थल सुरक्षा और महिला गरिमा के क्षेत्र में मिली बड़ी पहचान-सतेंद्र सिंह

 

मुकेश गुप्ता

लीगल इंफोसोल्यूशंस प्रा. लि. को उत्तर प्रदेश श्रम विभाग द्वारा थर्ड पार्टी ऑडिटर के रूप में आधिकारिक मान्यता; पहले से ही ओएचएस प्रशिक्षण हेतु स्वीकृति प्राप्त — वहीं आईसीआईएम की सहयोगी संस्था उत्थान समिति को भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा PoSH प्रशिक्षण के लिए मान्यता

गाजियाबाद / नोएडा:। औद्योगिक अनुपालन, श्रम कानून जागरूकता, कार्यस्थल सुरक्षा और संस्थागत उत्तरदायित्व के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में इंडियन काउंसिल ऑफ इंडस्ट्रियल मैनेजमेंट (ICIM) तथा उसकी सहयोगी संस्थाओं को विभिन्न प्रतिष्ठित सरकारी मान्यताएँ प्राप्त हुई हैं, जिससे उनके कार्यों को नई विश्वसनीयता, मजबूती और संस्थागत पहचान मिली है।

आईसीआईएम की सहयोगी संस्था लीगल इंफोसोल्यूशंस प्रा. लि. को उत्तर प्रदेश श्रम विभाग द्वारा आधिकारिक रूप से “थर्ड पार्टी ऑडिटर” के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। यह मान्यता संस्था को राज्य के कारखानों एवं प्रतिष्ठानों का ऑडिट सरकार द्वारा निर्धारित थर्ड पार्टी ऑडिट योजना तथा लागू विधिक और तकनीकी मानकों के अनुसार करने का अधिकार प्रदान करती है।

यह उपलब्धि केवल एक औपचारिक स्वीकृति नहीं, बल्कि संस्था की विशेषज्ञता, तकनीकी क्षमता, संस्थागत विश्वसनीयता और श्रम कानून अनुपालन के क्षेत्र में उसके अनुभव का प्रमाण है। लीगल इंफोसोल्यूशंस प्रा. लि. लंबे समय से श्रम कानून परामर्श, औद्योगिक अनुपालन, वैधानिक सलाह, फैक्ट्री अनुपालन, संस्थागत प्रशिक्षण एवं ऑडिट सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है।

इस उपलब्धि को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है यह तथ्य कि लीगल इंफोसोल्यूशंस प्रा. लि. को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पहले से ही ऑक्यूपेशनल हेल्थ एंड सेफ्टी (OHS) प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु मान्यता प्राप्त है। इसके माध्यम से संस्था उद्योगों, संस्थानों और प्रतिष्ठानों को कार्यस्थल सुरक्षा, जोखिम प्रबंधन, दुर्घटना रोकथाम, सुरक्षा जागरूकता और श्रमिक संरक्षण जैसे विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान कर रही है।

इसी क्रम में, आईसीआईएम की एक अन्य सहयोगी संस्था “उत्थान समिति” को भी भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा PoSH (कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम) प्रशिक्षण हेतु मान्यता प्राप्त है। यह मान्यता कार्यस्थलों को सुरक्षित, सम्मानजनक, समावेशी और महिला गरिमा के अनुरूप बनाने की दिशा में संस्था के सतत प्रयासों को दर्शाती है।

यदि इन तीनों मान्यताओं को एक साथ देखा जाए, तो यह स्पष्ट होता है कि आईसीआईएम नेटवर्क ने अब संस्थागत उत्कृष्टता के तीन अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभों — “ऑडिट, सुरक्षा और गरिमा” — पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा दी है।

जहाँ थर्ड पार्टी ऑडिट उद्योगों को विधिसम्मत और उत्तरदायी बनाता है, वहीं OHS प्रशिक्षण कार्यस्थलों को सुरक्षित और जागरूक बनाता है, और PoSH प्रशिक्षण संस्थानों को अधिक संवेदनशील, सम्मानजनक और आधुनिक कार्यसंस्कृति की ओर अग्रसर करता है।

इन महत्वपूर्ण उपलब्धियों के पीछे आईसीआईएम के चेयरमैन  सतेंद्र सिंह की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही है। श्रम कानूनों, औद्योगिक अनुपालन, संस्थागत प्रबंधन और प्रशिक्षण के क्षेत्र में उनका अनुभव, सक्रियता, दूरदर्शी सोच और नेतृत्व लंबे समय से उद्योगों एवं संस्थानों के लिए प्रेरणास्रोत रहा है। श्री सतेंद्र सिंह को श्रम कानूनों के क्षेत्र में एक गतिशील, अनुभवी और प्रभावशाली नेतृत्वकर्ता के रूप में देखा जाता है, जिन्होंने अपने मार्गदर्शन और संस्थागत दृष्टिकोण से आईसीआईएम एवं उसकी सहयोगी संस्थाओं को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।

आईसीआईएम के चेयरमैन सतेंद्र सिंह का कहना है कि

“ये मान्यताएँ केवल संस्थागत उपलब्धियाँ नहीं हैं, बल्कि यह हमारे उस सामूहिक संकल्प का प्रतिबिंब हैं, जिसके तहत हम विधिसम्मत, सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थलों के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। आईसीआईएम तथा हमारी सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से हमारा सदैव यह विश्वास रहा है कि वास्तविक औद्योगिक प्रगति का आधार अनुपालन, श्रमिक सुरक्षा, गरिमा और जिम्मेदार प्रशासन होना चाहिए। हम उद्योगों और संस्थानों को व्यावहारिक, विश्वसनीय और प्रभावशाली समाधान प्रदान करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।”

आईसीआईएम और उसकी सहयोगी संस्थाएँ निरंतर औद्योगिक प्रशिक्षण, अनुपालन परामर्श, कानूनी मार्गदर्शन, कार्यस्थल सुरक्षा जागरूकता और संस्थागत विकास के माध्यम से उद्योगों एवं संगठनों को सशक्त बनाने का कार्य कर रही हैं। इन नई सरकारी मान्यताओं के साथ उनकी भूमिका अब और अधिक व्यापक, प्रभावशाली और जिम्मेदार हो गई है।

इन उपलब्धियों के साथ आईसीआईएम, लीगल इंफोसोल्यूशंस प्रा. लि. और उत्थान समिति ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वे सुरक्षित कार्यस्थलों, मजबूत अनुपालन व्यवस्था, महिला गरिमा, श्रमिक सुरक्षा और जिम्मेदार औद्योगिक विकास के लिए पूरी निष्ठा, क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ कार्यरत हैं।

तृतीय ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑफ मेडिटेशन लीडर्स के विशेष सत्र में भारत के उपराष्ट्रपति, भारत, सीपी राधाकृष्णन की मुख्य अतिथि के रूप में हुए उपस्थिति,स्वामी चिदानन्द सरस्वती का पावन सान्निध्य, आशीर्वाद एवं उद्बोधन





मुकेश गुप्ता

ऋषिकेश/ नई दिल्ली, 5 अप्रैल। नई दिल्ली के भारत मंडपम स्थित ऑडिटोरियम-1 में आयोजित दो दिवसीय तृतीय ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑफ मेडिटेशन लीडर्स के विशेष सत्र में भारत के  उपराष्ट्रपति  सीपी राधाकृष्णन  की मुख्य अतिथि के रूप में गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। 

इस पावन अवसर पर विश्व विख्यात आध्यात्मिक गुरू, अध्यक्ष परमार्थ निकेतन, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य, आशीर्वाद व उद्बोधन प्राप्त हुआ। 

पूर्व निदेशक, सीबीआई, सीआरपीएफ, पद्मश्री डी. आर. कार्तिकेयन  ने स्वागत उद्बोधन देते हुए ध्यान को वैश्विक शांति का आधार बताया। इस अवसर पर आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर जी, सद्गुरु जग्गी वासुदेव जी एवं पिरामिड आध्यात्मिक सोसायटी आंदोलन के संस्थापक, ब्रह्मर्षि पत्रीजी के प्रेरणादायी वीडियो संदेशों के माध्यम से उनका आशीर्वाद प्राप्त हुआ। 

 उपराष्ट्रपति, भारत, राधाकृष्णन जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि युद्ध केवल देशों के बीच ही नहीं, बल्कि हमारे घरों और हमारे भीतर भी चल रहा है। अधिकांश संघर्ष हमारे अपने जीवन और परिवारों में उत्पन्न होते हैं। ऐसे में आत्मचिंतन (इंट्रोस्पेक्शन) और मेडिटेशन हमें आंतरिक शांति एवं आत्मज्ञान (एनलाइटनमेंट) प्रदान करता हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने परिवार के प्रति जिम्मेदारियाँ निभाते हुए उनसे जुड़े रहते हैं, किन्तु यह जुड़ाव ऐसा होना चाहिए जिसमें संतुलित विरक्ति (डिटैचमेंट) भी हो, जिससे वास्तविक शांति प्राप्त हो सके।

उन्होंने आगे कहा कि मेडिटेशन हमारे मन की क्षमता (कैपेसिटी) और स्पष्टता (क्लैरिटी) को विकसित करता है। आज का मनुष्य वर्तमान में जीने के बजाय निरंतर दौड़ रहा है। जहाँ पैसा हमें एक कम्फर्टेबल लाइफ स्टाइल देता है, वहीं स्पिरिचुअलिटी हमें अटैचमेंट में रहते हुए भी उससे ऊपर उठना सिखाती है। नियमित मेडिटेशन से जीवन में क्लैरिटी आती है, इंटरनल पीस प्राप्त होती है और पॉजिटिव एप्रोच विकसित होती है। मेडिटेशन एक लैम्प की भांति है, जो हमारे भीतर सत्य, प्रकाश और पीस का संचार करता है। हमारा शरीर एक टेम्पल है और मेडिटेशन ईश्वर तक पहुँचने का एक मार्ग है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान “अमृत काल” में मेडिटेशन का महत्व और अधिक बढ़ गया है। माइंड केवल हमारे द्वारा ही कंट्रोल किया जा सकता है और मेडिटेशन इस कंट्रोल की प्रभावी साधन है। यदि हमें एक बेटर वल्र्ड का निर्माण करना है, तो उसके लिए बेटर माइंड की आवश्यकता है, जो मेडिटेशन के माध्यम से ही संभव है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज विश्व को केवल “सीईओ” नहीं, बल्कि “बुद्ध सीईओ” पीस सीईओ की आवश्यकता है, ऐसे लीडर्स जो लेडर (सीढ़ी) भी बन सके और भीतर से जागृत भी हों। उन्होंने “योगः कर्मसु कौशलम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कौशल मेडिटेशन से ही प्राप्त होता है। मेडिटेशन हमें टाइम मैनेजमेंट, टंग मैनेजमेंट और थॉट मैनेजमेंट सिखाता है।

उन्होंने कहा कि मेडिटेशन केवल जीवन जीने की कला (हाउ टू लिव) ही नहीं, बल्कि नेतृत्व करने की कला (हाउ टू लीड) भी सिखाता है। यह हमें तीन टी-हैप्पी लिविंग, हेल्दी लिविंग और हार्मनी लिविंग की दिशा में अग्रसर करता है। मेडिटेशन हमें भीतर से रिपेयर कर भविष्य के लिए प्रिपेयर करता है तथा हमारे परिवेश और धरती को भी पॉजिटिव एनर्जी से चार्ज करता है।

संस्थापक, मुख्य ध्यान मार्गदर्शक, बुद्ध-सीईओ क्वांटम फाउंडेशन, डॉ. चंद्र पुलामारासेट्टी ने कहा कि मेडिटेशन हमारे विचारों को पॉजिटिव दिशा प्रदान करता है। उन्होंने सभी से इस अवेयरनेस को साझा करने का आह्वान किया।

सह-संस्थापक, क्वांटम लाइफ यूनिवर्सिटी, डॉ. लक्ष्मी कोंडावेती जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्लानेट पर रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पीस और हैप्पीनेस की आवश्यकता है, और दुनिया की सभी समस्याओं का समाधान मेडिटेशन में निहित है। उन्होंने सभी से अपनी जड़ों से जुड़कर इस प्लानेट को अधिक पीसफुल बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया।

अध्यक्ष, पिरामिड स्पिरिचुअल ट्रस्ट, हैदराबाद, श्री विजयभास्कर रेड्डी ने कहा कि मेडिटेशन कोई फिलॉसफी मात्र नहीं, बल्कि जीवन का साइंस है। उन्होंने सभी को इसे एक्सपीरियंस करने के लिए आमंत्रित किया।

पूर्व निदेशक, सीबीआई, सीआरपीएफ, पद्मश्री श्री डी. आर. कार्तिकेयन जी ने सभी विशिष्ट अतिथियों का अभिनन्दन करते हुये अपने स्वागत भाषण में कहा कि ग्लोबल हार्मनी और ग्लोबल पीस के लिए मेडिटेशन नितांत आवश्यक है इसलिये मेडिटेशन को एवरीवेयर, एवरीवन और एवरी डे अपनाना होगा।

सभी विभूतियों ने मेडिटेशन को वैश्विक आवश्यकता और मानवता के उत्थान का आधार बताते हुये प्रतिदिन करने हेतु प्रेरित किया। 

इस अवसर पर ध्यान विषयक चार पुस्तकों मास्टरिंग द माइंड, मास्टरिंग एनर्जी एंड इमोशन्स, मास्टरिंग क्रिएशन, अंडरस्टैंडिंग द सेल्फ का विमोचन किया गया तथा संस्थापक एवं अध्यक्ष, क्वांटम लाइफ यूनिवर्सिटी, डॉ. न्यूटन कोंडावेती जी द्वारा ध्यान सत्र का संचालन किया गया।

विशेष पूर्ण सत्र के उपरांत सम्मेलन के अन्य सत्रों में विविध विषयों पर गहन चर्चा एवं विचार-विमर्श हुआ। मुख्य वक्तव्यों नेें “विश्व शांति के लिए ध्यान और अहिंसा की भूमिका” तथा “हृदय स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण में ध्यान का महत्व” जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।

लीडर शेयरिंग सत्र में विभिन्न क्षेत्रों के लीडर्स ने अपने अनुभव साझा किए कि किस प्रकार उन्होंने ध्यान को अपने संगठनों एवं समुदायों में अपनाकर सकारात्मक परिवर्तन लाया। वहीं पैनल चर्चाओं में यह विमर्श हुआ कि ध्यान किस प्रकार स्पष्टता, भावनात्मक संतुलन एवं नेतृत्व क्षमता को विकसित करने में सहायक है।

केस स्टडी सत्रों में युवाओं के विकास एवं ग्रामीण परिवर्तन में ध्यान आधारित पहल के प्रभावशाली उदाहरण प्रस्तुत किए गए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि ध्यान समाज के हर वर्ग में परिवर्तन लाने की क्षमता रखता है।

सम्मेलन के आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से विश्व में शांति, सद्भाव और जागरूकता का संदेश प्रसारित करने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

महर्षि कश्यप जयंती के अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों का वितरण किया




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद: 05 अप्रैल 2026 । महर्षि कश्यप जयंती के अवसर पर आज रामलीला मैदान, घंटाघर (गाजियाबाद) में दिव्यांगजनों हेतु सहायक उपकरणों का वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा विशिष्ट अतिथि नरेन्द्र कश्यप,राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग रहे।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा दिव्यांगजनों को विभिन्न सहायक उपकरणों का वितरण किया गया, जिनमें ट्राईसाइकिल/बैसाखी 80, व्हीलचेयर 40, कान की मशीन 74, सेंसर स्टिक 40, स्मार्ट केन 40, टीएलएम किट 20 तथा कृत्रिम हाथ/पैर 25 शामिल रहे। कुल मिलाकर 319 सहायक उपकरणों का वितरण किया गया।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा दिव्यांगजनों को फूल-माला पहनाकर सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य कर रही विभिन्न संस्थाओं-भागीरथ सेवा संस्थान, इंस्टीट्यूट ऑफ रिहैबिलिटेशन सेंटर, आनंदा ट्रेनिंग सेंटर, अद्वैत संस्थान आदि द्वारा दिव्यांग बच्चों की बनाई गई हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। उन्होंने इन बच्चों के कौशल एवं सृजनात्मकता की सराहना की।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत नीव शक्ति संस्थान के मूक-बधिर बच्चों द्वारा “सारे जहाँ से अच्छा” गीत की सांकेतिक भाषा में प्रस्तुति दी गई, जिसे उपस्थित जनसमूह एवं अतिथियों ने सराहा। इसके अतिरिक्त भागीरथ सेवा संस्थान के बच्चों द्वारा नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति भी दी गई।

अपने उद्बोधन में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता पर बल देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार उनके कल्याण हेतु निरंतर कार्य कर रही है।

 नरेन्द्र कश्यप,राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का सतत प्रयास किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक संजीव शर्मा, महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी, गाजियाबाद अंशुल चौहान ने अवगत कराया कि कार्यक्रम के माध्यम से बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों को लाभान्वित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

महर्षि कश्यप जयंती महाकुंभ” कार्यक्रम हर्षोल्लास एवं भव्यता के साथ संपन्न,सपा पर जमकर बरसे उपमुख्यमंत्री कैशव प्रसाद मोर्य








मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । गाजियाबाद के घंटाघर स्थित रामलीला मैदान में कश्यप निषाद संगठन के तत्वावधान में आयोजित “महर्षि कश्यप जयंती महाकुंभ” कार्यक्रम हर्षोल्लास एवं भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में नगर सहित आसपास क्षेत्रों से भारी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल एवं यादगार बनाया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य  ने अपने संबोधन में कहा कि महर्षि कश्यप का जीवन समाज को एकता, समरसता एवं परिश्रम का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि आज देश और प्रदेश में नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गरीब, पिछड़े, वंचित और समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने विपक्ष पर प्रहार करते हुए कहा कि अखिलेश यादव, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी जैसे नेता केवल जनता को भ्रमित करने का कार्य करते हैं, जबकि भाजपा सरकार धरातल पर विकास और जनकल्याण की राजनीति करती है। उन्होंने सपा-बसपा पर भी तंज कसते हुए कहा कि इन दलों ने वर्षों तक केवल समाज को बांटने का काम किया, जबकि भाजपा ने सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र पर कार्य किया है।

मौर्य ने कहा कि वर्ष 2027 में पुनः उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने के लिए सभी को संकल्प लेना होगा। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि “हम सब मिलकर कमल खिलाएं” और प्रदेश में एक बार फिर प्रचंड बहुमत की सरकार बनाएं।

वहीं उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने मोबाइल ऑडियो कॉल के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी उपस्थित जनों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त करने का कार्य करते हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया।

कार्यक्रम के मुख्य आयोजक एवं स्वागतकर्ता नरेंद्र कश्यप (राज्य मंत्री, पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार) ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कश्यप निषाद समाज निरंतर सामाजिक न्याय, शिक्षा एवं संगठन की मजबूती के लिए कार्य करता रहेगा।




नरेंद्र कश्यप ने अपने वक्तव्य में कश्यप निषाद समाज को अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया और समाज के समग्र उत्थान हेतु सरकार से ठोस कदम उठाने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने वर्ष 2027 में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी कश्यप समाज से एकजुट होकर समर्थन देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेन्द्र शिशौदिया ने कहा कि संगठन की एकजुटता ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है और ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं।

सांसद अतुल गर्ग ने कहा कि समाज के उत्थान के लिए सरकार एवं संगठन मिलकर कार्य कर रहे हैं और आने वाले समय में और अधिक विकास कार्य होंगे।

महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने कार्यक्रम की भव्यता की सराहना करते हुए इसे समाज की जागरूकता का प्रतीक बताया।

विधायक संजीव शर्मा एवं अजीत पाल त्यागी ने कहा कि महर्षि कश्यप के आदर्शों पर चलकर समाज को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

पूर्व राज्यसभा सदस्य अनिल अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में एकता एवं जागरूकता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. सागर कश्यप द्वारा किया गया।

इस दौरान प्रमुख रूप से पंचायत अध्यक्ष रेखा नागर, पूर्व अध्यक्ष अजय शर्मा, क्षेत्रीय महामंत्री विकास अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष विजय मोहन, ओबीसी मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ओमेंद्र कश्यप, पूर्व महामंत्री पप्पू पहलवान, महामंत्री प्रदीप चौहान, पंकज भारद्वाज, गौरव चोपड़ा, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी सौरभ जायसवाल, पार्षद प्रदीप चौधरी, पार्षद मधुकर त्यागी, सिद्धार्थ कश्यप, मोनू कश्यप, व्यापारी नेता अतुल जैन, सुभाष गर्ग, अशोक भारतीय ,ललित कश्यप, गोपाल कश्यप, पवन कश्यप,सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं समाज के लोग उपस्थित रहे।

अंत में आयोजक राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने सभी अतिथियों एवं नगरवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की।

फ्लोरेस अस्पताल में लगा मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर,400 लोगों ने कराई जांच

 





                              मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । प्रताप विहार स्थित फ्लोरेस अस्पताल जनहित में रविवार, 5 अप्रैल 2026 को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया । यह शिविर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और आमजन को बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगाया गया। शिविर प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक जी-ब्लॉक, सेक्टर-11, प्रताप विहार स्थित फ्लोरेस अस्पताल परिसर में चला। जिसमें 400 मरीजों ने  यहां बीएमडी (बोन मिनरल डेंसिटी) टेस्ट (सामान्य लागत 3000 रुपये), विटामिन-डी टेस्ट, लंबाई-वजन माप, बीपी, ब्लड शुगर और ईसीजी तथा डाययबेटिक फिजियोथेरेपी जैसी महत्वपूर्ण जांचें पूरी तरह मुफ्त की गई ।

इसके अलावा जनरल मेडिसिन, हृदय रोग, बाल रोग, स्त्री रोग, हड्डी रोग और श्वास रोग के विशेषज्ञ डॉक्टर निःशुल्क परामर्श दिया गया । अस्पताल के एम डी और हड्डी रोग विशेषज्ञ डा० गौरव गुप्ता ने बताया कि  उन्होंने करीब 50 मरीजों की जांच की जिनमें कैल्शियम की व विटामिन डी विटामिन बी 12 की कमी पाई गई। उन्होंने मरीजों व लोगों से अपनी की विटामिन की कमी दूर करने के लिए दूध से बनी चीजों का इस्तेमाल किया करें और अपनी दिनचर्या में योग वययाम प्रणायाम, योग करें। प्रबंधन डा० एम पी सिंह ने बताया कि फलोरेस अस्पताल हर रविवार को हैल्थ चैकअप कैम्प का आयोजन करता हैं सोसायटी, मलिन बस्तियों आदि क्षेत्रों मे जांच शिविर लगाएं है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे इन  अवसर का लाभ उठाएं और समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराएं। आज शिविर में डा०गौरव गुप्ता, डा एम पी सिंह, डा०कपिल ,डा०धन्जय.डा० आनंद कुमार, डा० नितिन तथा टैकनिशियन आदि स्टाफ उपस्थिति रहा।

शनिवार, 4 अप्रैल 2026

परमार्थ निकेतन में नानी बाई का मायरा-श्री कृष्ण भक्ति की दिव्य, पावन अनूठी कथा का हुआ शुभारम्भ

 




सत्ता बन्धु संवाददाता

*💫संत अमृतराम जी महाराज, बड़ा रामद्वारा, सुरसागर जोधपुर के श्रीमुख से प्रवाहित ज्ञान गंगा*

*💫पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य, आशीर्वाद और उद्बोधन*

*✨श्रीमती गीता देवी  एवं कन्हैया लाल चांडक  के वैवाहिक जीवन के 66 वर्ष पूर्ण करने के उपलक्ष्य में आयोजित*

*🌟 संजय चांडक , संदीप चांडक  और पूरा चांडक परिवार भावभक्ति के साथ श्रवण कर रहे नानी बाई का मायरा*

ऋषिकेश, 4 अप्रैल। परमार्थ निकेतन की पावन धरती पर श्रीकृष्ण भक्ति, प्रेम और सनातन संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरते हुए “नानी बाई का मायरा” की दिव्य, पावन और अनूठी कथा का भव्य शुभारम्भ हुआ। गंगा तट पर आयोजित इस आध्यात्मिक महायज्ञ में श्रद्धा, समर्पण और भक्ति का अद्वितीय संगम हुआ।

इस पावन कथा का रसपान संत अमृतराम जी महाराज, बड़ा रामद्वारा, सुरसागर, जोधपुर के श्रीमुख से हो रहा है। उनके ओजस्वी वचनों और मधुर प्रवचनों से नानी बाई का मायरा रूपी ज्ञान गंगा प्रवाहित हो रही है। वे नानी बाई के मायरे की कथा के माध्यम से भक्ति, त्याग, प्रेम और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास का संदेश दे रहे हैं। संत अमृतराम जी महाराज ने बताया कि यह कथा भगवान     श्रीकृष्ण के प्रति निस्वार्थ प्रेम और पूर्ण समर्पण का जीवंत उदाहरण है।

इस दिव्य अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य, आशीर्वाद और प्रेरणादायक उद्बोधन भी प्राप्त हुआ। पूज्य स्वामी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “नानी बाई का मायरा” यह दिव्य कथा भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जिसमें श्रद्धा, सेवा, करुणा और विश्वास के मूल्यों का समावेश है। उन्होंने कहा कि जब जीवन में भक्ति का भाव जागृत होता है, तब हर परिस्थिति ईश्वर की कृपा का माध्यम बन जाती है। सोच बदलती है तो केवल विचार नहीं बदलते, पूरा जीवन रूपांतरित हो जाता है। जब अंतर्मन में सकारात्मकता, श्रद्धा और विश्वास का दीप जलता है, तब हर अंधकार स्वतः मिटने लगता है। दृष्टि बदलती है तो वही संसार, जो कभी कठिन और निराशाजनक लगता था, अब ईश्वर की सुंदर रचना प्रतीत होने लगता है। 

जीवन की हर परिस्थिति एक संदेश, एक सीख और एक अवसर बन जाती है। जब हम शिकायत छोड़कर कृतज्ञता को अपनाते हैं, तब दिशा भी बदलती है और दशा भी। यही भाव हमें भीतर से प्रकाशित कर, जीवन को शांति, प्रेम और आनंद से भर देता है। स्वामी जी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों से जुड़ें, सनातन मूल्यों को अपनाएँ और जीवन को आध्यात्मिकता से समृद्ध बनाएं।

संत अमृतराम जी महाराज ने कहा कि “नानी बाई का मायरा” की कथा हमें संदेश देती है कि जब जीवन में कठिनाइयाँ आती हैं, तब ईश्वर स्वयं अपने भक्तों की रक्षा के लिए अवतरित होते हैं। यह कथा विश्वास दिलाती है कि सच्ची भक्ति कभी व्यर्थ नहीं जाती और भगवान अपने भक्तों के मान-सम्मान की रक्षा अवश्य करते हैं।

यह आयोजन श्रीमती गीता देवी एवं श्री कन्हैया लाल चांडक  के वैवाहिक जीवन के 66 वर्ष पूर्ण होने के पावन उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है। यह अवसर सम्पूर्ण चांडक परिवार के लिये जीवन के उस आदर्श का उत्सव है जिसमें प्रेम, समर्पण और संस्कारों की धारा निरंतर प्रवाहित हो रही है। उनके दीर्घ वैवाहिक जीवन की यह यात्रा आज समाज में सम्पूर्ण परिवार के लिये प्रेरणादायक है।

 संजय चांडक , श्री संदीप चांडक जी तथा संपूर्ण चांडक परिवार अत्यंत भावभक्ति के साथ “नानी बाई का मायरा” का श्रवण कर रहे हैं। परिवार के सदस्य परमार्थ गंगा तट पर श्रद्धा, आनंद और आत्मिक संतोष के कथा का श्रवण कर रहे है। यह दृश्य दर्शाता है कि जब परिवार एक साथ भक्ति में लीन होता है, तो वह केवल एक परिवार नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक शक्ति बन जाता है।

इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज में एआईसीटीई आईडीई बूटकैंप का तीसरा संस्करण 6 अप्रैल से शुरू होगा--पुनीत अग्रवाल

 

मुकेश गुप्ता

साहिबाबाद । ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) के तत्वावधान में इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज में इनोवेशन, डिजाइन और उद्यमिता (आईडीई) बूटकैंप के तीसरे संस्करण का आयोजन 6 अप्रैल 2026 से किया जाएगा। यह पांच दिवसीय रेजिडेंशियल कार्यक्रम 6 से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित होगा, जिसका उद्देश्य देशभर के विद्यार्थियों में नवाचार, डिजाइन थिंकिंग और उद्यमिता कौशल को बढ़ावा देना है।

संस्थान के वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल ने बताया कि आईडीई बूटकैंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से प्रेरित एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य छात्रों में नवाचार, डिजाइन और उद्यमिता की भावना को विकसित करना है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सरकार की नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और भारत को नवाचार-आधारित उद्योगों का वैश्विक केंद्र बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

कार्यक्रम का उद्घाटन एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. योगेश सिंह,सदस्य सचिव डॉ. श्यामा राठ की उपस्थिति में, एआईसीटीई मुख्यालय नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा।

संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) देवेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि यह बूटकैंप देशभर के 13 प्रमुख स्थानों पर आयोजित किया जा रहा है, जिनमें इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज एक प्रमुख केंद्र है। उन्होंने जानकारी दी कि वाधवानी फाऊंडेशन इस कार्यक्रम का नॉलेज पार्टनर है, जो विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा, जबकि एसबीआई आयोजन सहयोगी के रूप में योगदान दे रहा है।

कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर डॉ. अरविंद तिवारी के अनुसार, अब तक विभिन्न राज्यों से 261 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। बूटकैंप के दौरान स्टार्टअप संस्थापक, इनोवेशन विशेषज्ञ और विषय-विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों का संचालन करेंगे।

बूटकैंप के पहले दिन प्रतिभागी अपने नवाचार प्रस्तुत करेंगे, जबकि तीसरे दिन उन्हें स्थानीय शैक्षणिक एवं औद्योगिक भ्रमण पर ले जाया जाएगा, जहां उन्हें नेटवर्किंग के अवसर मिलेंगे। अंतिम दिन आयोजित पिचिंग सत्र में प्रतिभागी अपने विचारों को निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। प्रत्येक केंद्र पर शीर्ष 5 टीमों को प्रशंसा प्रमाणपत्र एवं गैर-आर्थिक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

यह बूटकैंप विद्यार्थियों के लिए सीखने, नवाचार करने और अपने विचारों को वास्तविकता में बदलने का एक सशक्त मंच सिद्ध होगा, जिससे वे भविष्य में उद्यमिता और तकनीकी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर देश को नाम रोशन करेंगे।

इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन विष्णु शरण, वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल, कैंपस निदेशक डॉ डीके शर्मा,डीन एकेडमिक्स डॉ अमित जैन,डीन डॉ सुनीता यादव,सीईओ टीबीआई साजिद, प्रो डॉ एस पी सिंह ने बधाई दी।

मेवाड़ के बीबीए विद्यार्थियों ने किया याकुल्ट कंपनी का भ्रमण

 





मुकेश गुप्ता

गाज़ियाबाद। वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के बीबीए विद्यार्थियों ने सोनीपत स्थित याकुल्ट डैनोन इंडिया प्रा. लि. कंपनी का भ्रमण कर उत्पादन की संपूर्ण स्वचालित प्रक्रिया को करीब से देखा और उद्योग की कार्यप्रणाली को समझा। भ्रमण का उद्देश्य बीबीए पाठ्यक्रम के प्रमुख विषयों-ऑपरेशंस मैनेजमेंट, गुणवत्ता नियंत्रण, सप्लाई चेन और मार्केटिंग को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ना था। छात्रों ने देखा कि किस प्रकार अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्वच्छता बनाए रखते हुए बिना मानव संपर्क के उत्पादन किया जाता है, जिससे उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित होती है। कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया कि याकुल्ट डैनोन इंडिया प्रा. लि. जापान की याकुल्ट होंशा कंपनी लिमिटेड और फ्रांस के ग्रुप डैनोन के बीच एक संयुक्त उपक्रम है, जो प्रोबायोटिक स्वास्थ्य पेय के क्षेत्र में अग्रणी है। संयंत्र में प्रतिदिन लगभग 10 लाख बोतलों का उत्पादन होता है और कोल्ड-चेन वितरण प्रणाली का सख्ती से पालन किया जाता है। छात्रों ने कच्चे माल के मिश्रण, स्टेरिलाइजेशन, फर्मेंटेशन, गुणवत्ता परीक्षण, बॉटलिंग और वितरण तक की पूरी प्रक्रिया को देखा। इस दौरान उन्हें खाद्य प्रसंस्करण में स्वचालन, गुणवत्ता प्रमाणन और सप्लाई चेन प्रबंधन की चुनौतियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इस भ्रमण का मार्गदर्शन विभाग के प्रभारी पंकज कुमार सिंह, मानसी, डॉ. नीलम त्रिपाठी और पूजा जैन ने किया।

जीडीए सचिव की देखरेख में हुआ नन्दग्राम आवासीय योजना के 77 भूखडो का लाटरी प्रणाली से आवंटन,प्राधिकरण को 66.54 करोड़ रुपये की अनुमानित आय से विकास को नई दिशा मिलेगी

 


 







मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । ग्राम नूरनगर स्थित नन्दग्राम आवासीय योजना के अंतर्गत विकसित भूखण्डों से प्राप्त होने वाली आय का विस्तृत विवरण जारी किया गया है। इस योजना के अंतर्गत खसरा संख्या 96 एवं 97 में कुल 77 भूखण्ड विकसित किए गए हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल 7520.85 वर्ग मीटर निर्धारित किया गया है।

प्राधिकरण द्वारा निर्धारित ₹79,000 प्रति वर्ग मीटर की दर के आधार पर इन भूखण्डों से कुल ₹59,41,47,150 की आय आंकी गई है। इसके अतिरिक्त, 10% लीज किराया के रूप में ₹5,94,14,715 तथा 2% फ्री-होल्ड शुल्क के रूप में ₹1,18,82,943 की आय प्राप्त होगी। इस प्रकार, योजना से कुल अनुमानित आय ₹66,54,44,808 निर्धारित की गई है।

उल्लेखनीय है कि योजना के अंतर्गत सभी 77 भूखण्डों का आवंटन पूर्ण पारदर्शिता के साथ लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया गया है, जिससे पात्र आवेदकों को निष्पक्ष एवं समान अवसर प्रदान किया जा सके।

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, नन्दग्राम आवासीय योजना केवल राजस्व सृजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में आवासीय सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक आधारभूत संरचना के विकास एवं नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से सुव्यवस्थित एवं नियोजित आवासीय कॉलोनियों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे भविष्य में बढ़ती जनसंख्या के दबाव को संतुलित करने में सहायता मिलेगी।

परियोजना से प्राप्त राजस्व का उपयोग विभिन्न विकासात्मक कार्यों जैसे सड़क निर्माण, जल आपूर्ति, सीवर व्यवस्था, हरित क्षेत्र विकास एवं अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा। यह प्रयास प्राधिकरण की दीर्घकालिक विकास योजनाओं को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगा।

प्राधिकरण द्वारा यह भी सुनिश्चित किया गया है कि योजना से संबंधित सभी प्रक्रियाएं पूर्ण पारदर्शिता एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप संपादित की जा रही हैं, जिससे आमजन का विश्वास बना रहे। भविष्य में भी इसी प्रकार की योजनाओं के माध्यम से क्षेत्रीय विकास को निरंतर गति प्रदान की जाएगी।

नन्दग्राम आवासीय योजना न केवल क्षेत्रीय विकास को गति देगी, बल्कि प्राधिकरण के राजस्व में भी महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित करेगी।

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026

गाजियाबाद में 5 अप्रैल को लगेगा महर्षि कश्यप महाकुंभ, प्रदेश के दोनों डिप्टी सीएम रहेंगे मुख्य वक्ता

 





मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । महर्षि कश्यप जयंती के अवसर पर 5 अप्रैल को शहर के घंटाघर स्थित रामलीला मैदान में भव्य महर्षि कश्यप महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा। इस विशाल कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री एवं कश्यप निषाद समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप के नेतृत्व में किया जा रहा है।

इस महाकुंभ में उत्तर प्रदेश सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में स्वागत अध्यक्ष की भूमिका स्वयं मंत्री नरेंद्र कश्यप निभाएंगे

प्रदेश और एनसीआर से जुटेगा समाज

आयोजन में दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से कश्यप निषाद समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन भागीदारी करेंगे। आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का एक बड़ा मंच बन चुका है, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।

महर्षि कश्यप के विचारों पर चलने का संकल्प

महाकुंभ के दौरान महर्षि कश्यप के जीवन, उनके आदर्शों और प्रेरक प्रसंगों पर चर्चा की जाएगी। समाज के लोगों को उनके विचारों को जीवन में उतारने, शिक्षा को बढ़ावा देने और संगठित होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया जाएगा। विशेष रूप से युवाओं को जागरूक करने और समाज को नई दिशा देने पर जोर रहेगा।

महिलाओं और हर वर्ग की होगी भागीदारी

कार्यक्रम में महिलाओं, बुजुर्गों और समाज के सभी वर्गों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। गाजियाबाद सहित आसपास के जिलों से संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

तैयारियां अंतिम चरण में, सुरक्षा और पार्किंग पर विशेष ध्यान

मंत्री के मीडिया प्रभारी सौरभ जायसवाल ने जानकारी दी कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। रामलीला मैदान में बड़े स्तर पर पंडाल और बैठने की व्यवस्था की जा रही है, जिसमें हजारों लोगों के बैठने की क्षमता होगी।

इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण और पार्किंग की सुविधाओं को लेकर प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है, ताकि कार्यक्रम में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

कार्यक्रम बना प्रदेश की पहचान

मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि महर्षि कश्यप महाकुंभ अब पश्चिम उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश में अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज को एकजुट करना, युवा पीढ़ी को शिक्षा और संस्कारों के प्रति जागरूक करना और महर्षि कश्यप के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है।

उन्होंने सभी समाज के लोगों से इस महाकुंभ में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है।

गुरुवार, 2 अप्रैल 2026

राष्ट्रीय क्रिकेटरों ने किया प्रताप विहार में फिटनेस फ्रेस' जिम का भव्य उद्घाटन: "शरीर चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए खेल और व्यायाम दोनों जरूरी" प्रवीण कुमार

 




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । प्रताप विहार के एम ब्लॉक में क्रिकेटर राहुल यादव के जिम 'फिटनेस फ्रेस' का उद्घाटन आईपीएल और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों ने सामूहिक रूप से फीता काटकर किया। इस अवसर पर क्रिकेटरों ने जोर देकर कहा कि शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए खेल जितना जरूरी है, उतना ही व्यायाम भी आवश्यक है, और जिम इसके लिए सबसे बेहतरीन साधन है। क्रिकेटर परविंदर अवाना व मनप्रीत गोनी ने कहा, "खिलाड़ी जीवन में अनुशासन और फिटनेस ही सफलता की कुंजी है। रोजाना व्यायाम से न केवल शरीर मजबूत होता है, बल्कि मानसिक तनाव भी दूर रहता है।" अन्य क्रिकेटरों राहुल यादव, प्रवीन कुमार योगेश नागर ने सामूहिक रूप से बयान जारी कर बताया कि स्वस्थ शरीर के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और खेल का मिश्रण अपनाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि जिम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, ताकि वे रोगों से दूर रहें और ऊर्जावान बने रहें।


शरीर को स्वस्थ रखने के आसान टिप्स (क्रिकेटरों के बयानों के आधार पर):

रोजाना 30-45 मिनट व्यायाम करें, जैसे वेट ट्रेनिंग या कार्डियो। संतुलित भोजन लें - प्रोटीन, कार्ब्स और हरी सब्जियां शामिल करें। खेल के साथ योग या स्ट्रेचिंग जोड़ें ताकि चोटों से बचाव हो। पर्याप्त पानी पिएं और 7-8 घंटे की नींद लें। जिम में ट्रेनर की सलाह मानें, बिना गाइडेंस के भारी व्यायाम न करें।

उद्घाटन समारोह में सपा नेता अमन यादव, महेश यादव, रामऔतार यादव, राकेश यादव,अनिल सिंह, उदयवीर यादव, पार्षद सुनील यादव, जगत यादव, जगसेन यादव,कमलेश कुमार खुगशाल, सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। सभी ने राहुल यादव को बधाई दी और जिम को क्षेत्र की फिटनेस क्रांति का केंद्र बताया।




आरकेजीआईटी में हुआ 'तत्व-26' एवं ‘अलाकृति-26’ का जोरदार आगाज

 




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । राज कुमार गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गाजियाबाद में दो दिवसीय टेक्निकल फेस्ट 'तत्व-26' का भव्य शुभारंभ हुआ। टेक्निकल फेस्ट 'तत्व-26' एवं मैनेजमेंट फेस्ट ‘अलाकृति-26’ की शुरुआत मुख्य अतिथि श्री अक्षत गोयल वाइस चेयरमैन आरकेजी ग्रुप के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित के साथ की गई । मुख्य अतिथि एवं संस्थान के वाइस चेयरमैन श्री अक्षत गोयल  ने कहा कि विद्यार्थियों को इस प्रकार के मंच और अवसर नियमित रूप से मिलते रहना चाहिए, ताकि वे अपने हुनर और क्षमताओं का विकास कर सकें ।

विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. बी सी शर्मा ने दो दिवसीय तकनीकी उत्सव के दौरान आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया। समूह के सलाहकार प्रो. लक्ष्मण प्रसाद और डीन छात्र कल्याण एच. जी. गर्ग ने संकाय और अन्य कॉलेजों से आए छात्रों का स्वागत किया और उन्हें सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। छात्र गतिविधि परिषद के अध्यक्ष श्री आलोक त्यागी ने प्रतिभागियों को सांस्कृतिक, साहित्यिक, शौक और खेल गतिविधियों, उनके नियमों और निर्णय प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. डी. के. चौहान ने प्रेस-मीडिया से आए पत्रकारों का आभार व्यक्त किया।

इस दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं।उत्सव के दौरान विद्यार्थियों के लिए लिटरेरी काउंसिल ने इंग्लिश और हिंदी पोएट्री, डिबेट, ग्रुप डिस्कशन, ओपन माइक जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। हॉबी काउंसिल ने आर्ट मेला, रोबो रेस, आदि प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान किया। कल्चरल काउंसिल ने ग्रुप डांस, सोलो सिंगिंग और ड्रामा/नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए, जिसमें ग्रीक थीम वाला रैम्प वॉक विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। स्पोर्ट्स काउंसिल ने बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी और खो-खो जैसी खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। कल्चरल काउंसिल के इंटर-कालेज इवेंट्स में नुक्कड़ नाटक, ग्रुप डांस और सोलो परफॉर्मेंस ने उत्सव को और भी रोमांचक बना दिया।कल्चरल काउंसिल में ग्रीक थीम वाला रैम्प वॉक विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

इस वर्ष के वार्षिक उत्सव तत्व 2K26 का समापन 3 अप्रैल को प्राइज़ वितरण समारोह के साथ होगा। इसके बाद शाम को आयोजित सेलेब्रिटी नाइट में प्रसिद्ध गायिका सुनंदा शर्मा अपने मधुर संगीत से माहौल को और भी जीवंत बनाएंगी।

आरकेजीआईटी का यह वार्षिक उत्सव न केवल विद्यार्थियों के हुनर और प्रतिभा को मंच प्रदान करता है, बल्कि उनके समग्र विकास और सांस्कृतिक जागरूकता को भी बढ़ावा देता है।