रविवार, 23 अगस्त 2026

पुलिस परिवार की महिलाओं ने मनाया हरियाली तीज़ उत्सव





                            मुकेश गुप्ता

 गाजियाबाद । कविनगर रामलीला ग्राउंड स्थित जागृति भवन में वामा सारथी पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वाधान में  21 अगस्त की संध्या में हरियाली तीज़ उत्सव का भव्य आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कमिश्नरेट गाजियाबाद की वामा सारथी अध्यक्षा श्रीमती प्राची चौधरी (पत्नी अपर पुलिस आयुक्त अपराध और मुख्यालय कमिश्नरेट गाज़ियाबाद) ने की ।इस अवसर पर कमिश्नरेट गाज़ियाबाद की सभी महिला पुलिस अधिकारियों ,पुलिस उच्चाधिकारीगण की धर्मपत्नियों,प्रशासनिक महिला अधिकारी ,प्रशासनिक अधिकारीगण की धर्मपत्नियों, पुलिस परिवार की महिलाओं और बच्चों ने उल्लास के साथ महोत्सव में सहभागिता की । इस दौरान महिलाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक पारंपरिक गीत, नृत्य प्रदर्शन, मेंहदी प्रतियोगिता, फैशन शो और तीज पर्व से जुड़े पारंपरिक खेलो का आयोजन किया गया । मेहंदी कार्यक्रम में महिलाओं ने आकर्षक मेहंदी रचाई जिसमें प्रथम स्थान पर श्रीमती सुम्मी, द्वितीय स्थान पर श्रीमती पिंकी चौधरी,तृतीय स्थान पर श्रीमती रेशमा और तीज क्वीन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर श्रीमती सोमा विश्वास, द्वितीय स्थान पर श्रीमती चंचल चौधरी , तृतीय स्थान पर श्रीमती शीतल चौधरी रही। पुलिस परिवार की महिलाओं ने इस अवसर पर अपनी पारंपरिक संस्कृति और तीज पर्व  की खुशियों को साझा किया । कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के पारंपरिक पर्व तीज को उत्साहपूर्वक मनाने के साथ महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करना तथा आपसी सौहार्द और संस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना रहा ।*

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के समर्पित वैज्ञानिकों, कर्मयागियों को दी बधाई


मुकेश गुप्ता

ऋषिकेश, 23 अगस्त। भारत की अंतरिक्ष यात्रा विज्ञान की उपलब्धियों के साथ उस भारत की जीवंत गाथा है, जिसकी चेतना ने हजारों वर्षों पहले ही आकाश को केवल देखने की वस्तु नहीं, बल्कि ‘अनंत’ को जानने की दिशा माना था। जिस सभ्यता ने सूर्य को देवत्व, चंद्रमा को शीतल चेतना, नक्षत्रों को कालगणना और आकाश को ब्रह्मांडीय विस्तार के रूप में अनुभव किया, उसी भारत ने आज आधुनिक विज्ञान की शक्ति से अंतरिक्ष की गहराइयों में अपनी नई पहचान अंकित की है।

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के समर्पित वैज्ञानिकों, अभियंताओं, तकनीशियनों, शोधकर्ताओं तथा इस महान यात्रा से जुड़े प्रत्येक कर्मयोगी को हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन। यह दिवस चंद्रमा पर भारत की विजय के साथ उस अदम्य भारतीय संकल्प का उत्सव भी है।

चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता ने भारत को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के निकट सफलतापूर्वक उतरने वाला अग्रणी राष्ट्र बनाया। यह उपलब्धि तकनीकी कौशल, वैज्ञानिक सूझबूझ, धैर्य और टीम भावना का अद्भुत संगम थी परंतु इसकी सबसे बड़ी प्रेरणा यह है कि भारत ने यह यात्रा अपनी स्वदेशी प्रतिभा, स्वदेशी तकनीक और आत्मनिर्भर वैज्ञानिक क्षमता के बल पर आगे बढ़ाई।

भारत की अंतरिक्ष यात्रा हमें यह भी स्मरण कराती है कि आधुनिकता और सनातन एक-दूसरे के पूरक हैं। सनातन का अर्थ केवल अतीत में लौटना नहीं; सनातन का अर्थ है उस शाश्वत जिज्ञासा को जीवित रखना जो मनुष्य को प्रश्न पूछने, सत्य खोजने और अज्ञात के पार देखने के लिए प्रेरित करती है।

ऋग्वेद की प्रार्थना “आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः” अर्थात् चारों दिशाओं से हमारे पास श्रेष्ठ विचार आएँ, विज्ञान भी तो इसी जिज्ञासा का नाम है, जो ज्ञात है, उसके आगे अज्ञात को जानने का साहस।

हमारे ऋषियों ने आकाश की ओर देखकर ब्रह्मांड के रहस्यों पर चिंतन किया; आज हमारे वैज्ञानिक उसी आकाश की ओर देखकर अंतरिक्षयान भेज रहे हैं। कभी हमारे आचार्यों ने “यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे” की अनुभूति की, आज भारतीय वैज्ञानिक सूक्ष्मतम तकनीक से लेकर विराट ब्रह्मांड तक की संरचनाओं को समझने का प्रयास कर रहे हैं। यह यात्रा केवल तकनीकी विकास नहीं, बल्कि जिज्ञासा से ज्ञान, ज्ञान से विज्ञान और विज्ञान से कल्याण तक की यात्रा है।

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस हमें दिशा देता है जड़ों से जुड़े रहकर ऊँचाइयों को छूने की। आइए, इस राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर एक नए भारत का संकल्प लें, जहाँ सनातन की चेतना, आधुनिक विज्ञान की दृष्टि और आत्मनिर्भर भारत की शक्ति एक साथ आगे बढ़े।

जिस भारत ने कभी आकाश में नक्षत्रों की गति को समझने का प्रयास किया था, वही भारत आज अंतरिक्ष की नई सीमाएँ रच रहा है। यह केवल चंद्रमा तक पहुँचना नहीं है; यह भारत की चेतना का क्षितिज विस्तृत होना है।

कैलाश चंद्रा द्वारा लिखित पुस्तक “बौद्ध धम्म उद्भव एवं विकास” का विमोचन डा० सरोज कुमारी ने किया

मुकेश गुप्ता

  गाजियाबाद 23 अगस्त 2026 ।  लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा “महात्मा गाँधी सभागार” एस-52 हर्षा कंपाउंड लोनी रोड मोहन नगर इंडस्ट्रियल एरिया परिसर में मूर्धन्य विद्वान कैलाश चंद्रा द्वारा लिखित पुस्तक “बौद्ध धम्म उद्भव एवं विकास” का विमोचन समारोह आयोजित किया गया, कार्यक्रम की अध्यक्षता वेद प्रकाश ने की, मुख्य अतिथि डा० सरोज कुमारी रही, संचालन लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट के संस्थापक/अध्यक्ष, समाजवादी विचारक राम दुलार यादव शिक्षाविद ने किया, कार्यक्रम को एस० एस० प्रसाद, मथुरा प्रसाद, डा० अश्वनी कुमार, डा० पिंटू जी, डा० राजेन्द्र, जोगेन्द्र ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर कैलाश चंद्रा द्वारा लिखित पुस्तक “बौद्ध धम्म उद्भव एवं विकास” का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया।

          पुस्तक विमोचन समारोह को संबोधित करती हुई प्रखर वक्ता डा० सरोज कुमारी ने कहा कि “भगवान बुद्ध को ज्ञान के प्रकाश से आलोकित करने में उनकी पत्नी यशोधरा का महत्वपूर्ण योगदान है, जैसे कैलाश चंद्रा की धर्मपत्नी का, लेखक ने बौद्ध धम्म उद्भव एवं विकास पुस्तक लिख आम-जन को लाभान्वित करने में सरल भाषा का प्रयोग कर आडम्बर, रुढ़िवाद, शोषण से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया है, मै लेखक कैलाश चंद्रा की भूरि-भूरि प्रशंसा कर साधुवाद देती हूँ”।

          इस अवसर पर कैलाश चंद्रा जी कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों तथा साथियों और मातृशक्ति का अभिनन्दन करते हुए कार्यक्रम में शामिल होने के लिए तथा उनका फूल-मालाओं, बुके देकर अभिनन्दन करने की सराहना की तथा आभार व्यक्त किया 

         कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षाविद राम दुलार यादव ने कहा कि आज पुस्तक विमोचन समारोह में कैलाश चंद्रा द्वारा लिखित पुस्तक “बौद्ध धम्म उद्भव एवं विकास” का विमोचन मंचासीन साथियों ने किया, हम सभी का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामना देते है, आज जहाँ धार्मिक पाखंड, आडम्बर बढ़ता जा रहा है, शोषण, अन्याय, अनाचार, झूठ और अहंकार चरम सीमा पर है, भगवान बुद्ध धम्म उद्भव एवं विकास पुस्तक जन-जन को प्रेरणा देगी, भगवान बुद्ध का दर्शन वैज्ञानिक और तर्क संगत है, भगवान बुद्ध पर कोई चर्चा मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है, बाबा साहेब डा0 अम्बेदकर ने जब धम्म दीक्षा नागपुर में 1956 में लिया तो पंडित राहुल सांकृत्यायन ने कहा कि “उन्होंने बौद्ध धर्म का नये सिरे से ऐसा खम्भा गाड दिया है जिसे कोई अब हिला नहीं सकता”| हम पुस्तक विमोचन समारोह के अवसर पर गर्व और गौरव से यह कह सकते हैं कि “बौद्ध धम्म उद्भव एवं विकास” पुस्तक बौद्ध धर्म को समझने, जानने और वैचारिक क्रान्ति करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हम कैलाश चंद्रा जी को शुभकामना और बधाई देते हुए आभार व्यक्त करते हैं।

          कार्यक्रम के अध्यक्ष ने सभी श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध के चार आर्यसत्य हैं, दुःख है, दुःख का कारण है, दुःख का निरोध है, दुःख का निवारण है, उससे मुक्ति का मार्ग अष्टांगिक मार्ग और ध्यान है, हमें प्रेम, करुणा, त्याग, दया के मार्ग पर चलना चाहिए तथा विषमता, हिंसा से दूर रहना चाहिए, सभी दुखों की जड़ जातिवाद और आडम्बर है, कैलाश जी को शुभ कामना, इन्होने पुस्तक में कुरीतियों और रुढ़िवाद पर गहरी चोट की है।

           कार्यक्रम में शामिल रहे वेद प्रकाश, डा० सरोज कुमारी, डा० अश्वनी, डा० पिन्टू, डा० राजेन्द्र, समाजवादी पार्टी गाजियाबाद के महानगर अध्यक्ष वीरेन्द्र यादव एडवोकेट, जोगेंद्र सिंह, एस० एस० प्रसाद, मथुरा प्रसाद, समाज सेविका फूलमती यादव, रोहिताश कुमार, राज कुमार, राम प्यारे यादव, राम खिलाडी, महेन्द्र सिंह, कपिल गौतम, तेजपाल सिंह, सुरेन्द्र कुमार, अवधेश यादव, मनोज कुमार शर्मा, अनिल मिश्र, डा० देवकर्ण चौहान, सरदार अवतार सिंह काले, राजन कश्यप, विश्वनाथ यादव, महेन्द्र यादव, सम्राट सिंह, वीर सिंह सैन, ओम प्रकाश अरोड़ा, मुनीव यादव, विजय मिश्र, इंजी० धीरेन्द्र यादव, सुरेन्द्र, श्रीनिवास यादव अध्यक्ष जी, आदि सैकड़ों लोगों ने भाग लिया, हुकुम सिंह ने “वह खेत में मिलेगा, खलिहान में मिलेगा” तथा ताहिर अली ने ज्ञानपीठ सन्देश “लोकतंत्र बचाना है, संविधान बचाना है” गीत सुना सभी को आत्म मुग्ध कर कर्तव्य –पथ पर चलने का आह्वान किया ।


                                                                                                                                    


                                                                                                                             

                                                                                                                             

जल संरक्षण की दिशा में उत्थान समिति की एक और महत्वपूर्ण पहल, उत्थान वाटिका में वर्षा-जल संचयन टैंक स्थापित, विधायक अजीत पाल त्यागी और भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने उदघाटन



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। भूजल संरक्षण और वर्षा जल की एक-एक बूंद को सहेजने के उद्देश्य से उत्थान समिति द्वारा नगर निगम गाजियाबाद के सहयोग से उत्थान वाटिका में वर्षा-जल संचयन टैंक की स्थापना की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक श्री अजीत पाल त्यागी तथा विशिष्ट अतिथि भाजपा महानगर अध्यक्ष श्री मयंक गोयल की गरिमामयी उपस्थिति रही।


कार्यक्रम का उद्देश्य वर्षा जल को व्यर्थ बहने से रोककर उसे भूजल पुनर्भरण के लिए उपयोग में लाना तथा आम नागरिकों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।


जल बचाना केवल सामाजिक दायित्व नहीं, आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी” — सत्येन्द्र सिंह


उत्थान समिति के चेयरमैन सत्येन्द्र सिंह ने कहा कि भूजल स्तर में लगातार हो रही गिरावट भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है। केवल सरकार या प्रशासन के प्रयासों से इसका समाधान संभव नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा।


उन्होंने कहा, “बारिश का पानी प्रकृति द्वारा दिया गया अनमोल संसाधन है। यदि हम इसे वैज्ञानिक तरीके से धरती में वापस पहुँचाएं तो भूजल स्तर को बेहतर करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। हमारा प्रयास है कि ‘जल संजीवनी अभियान’ के माध्यम से वर्षा-जल संचयन को एक जन आंदोलन बनाया जाए। पार्कों, संस्थानों, औद्योगिक परिसरों, आवासीय क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों पर अधिक से अधिक वर्षा-जल संचयन प्रणालियां विकसित हों।”


सत्येन्द्र सिंह ने नगर निगम गाजियाबाद के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्थान समिति पर्यावरण और जल संरक्षण के क्षेत्र में अपने प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ाती रहेगी।

हर घर और संस्थान को वर्षा जल संरक्षण की जिम्मेदारी लेनी होगी'—अजीत पाल त्यागी

मुख्य अतिथि विधायक अजीत पाल त्यागी ने उत्थान समिति की पहल की सराहना करते हुए कहा कि जल संकट से निपटने के लिए वर्षा-जल संचयन अत्यंत प्रभावी माध्यम है। जल संरक्षण को केवल अभियान के रूप में नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि “समाज में जब स्वयंसेवी संस्थाएं और नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आते हैं, तभी बड़े बदलाव संभव होते हैं। प्रत्येक घर, कॉलोनी, पार्क, संस्थान और औद्योगिक इकाई को अपनी क्षमता के अनुसार वर्षा जल को संरक्षित करने का प्रयास करना चाहिए।”

उन्होंने उत्थान समिति के प्रयास को अन्य सामाजिक संस्थाओं के लिए भी प्रेरणादायक बताते हुए जल संरक्षण के लिए अधिक से अधिक जनभागीदारी का आह्वान किया।

“जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना समय की आवश्यकता”—मयंक गोयल

विशिष्ट अतिथि भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने कहा कि पर्यावरण और जल संरक्षण सीधे तौर पर समाज के भविष्य से जुड़ा विषय है। विकास के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।


उन्होंने कहा, “जल है तो जीवन है और जल का संरक्षण भविष्य का संरक्षण है। वर्षा की प्रत्येक बूंद को सहेजने की सोच यदि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे तो भूजल संकट जैसी बड़ी चुनौती का प्रभावी समाधान निकाला जा सकता है। उत्थान समिति द्वारा किया जा रहा यह प्रयास समाज को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने की दिशा में सराहनीय कदम है।”

उन्होंने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से जल संरक्षण अभियानों में सक्रिय भागीदारी करने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

पूर्व विधायक कृष्ण वीर सिंह सिरोही ने पार्क की देखभाल करने वाले मालियों एवं कर्मचारियों का सम्मान किया एवं सभी को उपहार दिए ।

कार्यक्रम में उत्थान समिति के चेयरमैन सत्येन्द्र सिंह, डायरेक्टर जनरल अरुण त्यागी, अशोक कुमार , भाजपा मंडल अध्यक्ष राहुल तोमर , मंडल अध्यक्ष नीरज त्यागी , पार्षद अमित त्यागी , पार्षद मनोज त्यागी, संदीप त्यागी रसम, पंडित अशोक भारतीय, अंशुल राणा , सहित समिति के सदस्य, गणमान्य नागरिक एवं स्थानीय निवासी उपस्थित रहे।


गाजियाबाद मे आयोजित हुआ भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘भारतम्’,भारतीय संस्कृति की विविधता, शास्त्रीय संगीत के रूप में अतुल्य भारत की दिखी झलक

 



                               मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद 23 अगस्त2 2026। एमपी फाउंडेशन के तत्वाधान मे गाजियाबाद स्थित हिंदी भवन में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘भारतम्’ का आयोजन हुआ । कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय कला, संगीत, नृत्य एवं संस्कृति की समृद्ध परंपरा को एक मंच पर प्रस्तुत करना है और अपनी सांस्कृतिक विरासत को जनता से रूबरू कराना था।

कार्यक्रम का उद्घाटन भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल एवं अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) से सम्मानित श्री विष्णु कांत चतुर्वेदी जी तथा आईटीबीपी के डीआईजी श्री अवनीन्द्र कुमार ने किया ।कार्यक्रम में देश के सुप्रसिद्ध कलाकार  उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित डॉ. रिंदाना रहस्या एवं डॉ. अविनाश कुमार द्वारा शास्त्रीय गायन, ध्रुव बेदी द्वारा सितार वादन तथा राकेश साईं बाबू के निर्देशन में भारत की विभिन्न नृत्य शैलियों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गई ।कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का संदेश दिया गया,एमपी फाउंडेशन ने कला एवं संस्कृति प्रेमियों, गणमान्य नागरिकों तथा गाजियाबाद  के  शहरवासियों से के लिया ये आयोजन किया कार्यक्रम का उपस्थित सभी लोगों ने जमकर आनंद उठाया और भारतीय कला को जाना,एमपी फाउंडेशन की अध्यक्ष नूपुर श्रीवास्तव ने कहा आगे भी हम देशभर में ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करेंगे ।

सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी (सुभास पार्टी) का मासिक चर्चा कार्यक्रम संपन्न





                              मुकेश गुप्ता

 पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय श्रीवास्तव के जन्मदिन को परिवार मिलन समारोह के रूप में आयोजित किया जाएगा

गाजियाबाद 23 अगस्त 2026।  सुभास पार्टी की मासिक चर्चा कार्यक्रम का रविवार को सुबह आयोजन किया गया सबसे पहले पार्टी के संस्थापक सत्येंद्र यादव ने भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण किया उसके बाद परिचर्चा की शुरुआत की गई सत्येंद्र यादव ने बताया कि पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक श्रीवास्तव का जन्म दिवस 17 सितंबर को है इस अवसर पर उनके जन्मदिन को एक परिवार मिलन कार्यक्रम की तरह बनाया जाएगा, इसके लिये सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को संगठित होकर तैयारी करनी है 

इस श्रृंखला में आगे बोलते हुए पार्टी के महानगर अध्यक्ष पवन सक्सेना ने बताया कि महानगर अध्यक्ष होने के नाते यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं पार्टी को संगठित करने और स्वर्गीय अशोक श्रीवास्तव जी के जन्मदिन के अवसर पर होने वाले परिवार मिलन कार्यक्रम को सफल बनाने पूरी ताकत लगा दूँ इस कार्यक्रम को सफल बनाने के सभी कार्यकर्ताओं का मुझे सहयोग मिलेगा ऐसी में आशा करता हूं

इसके बाद धीरेंद्र सिंह भदोरिया ने वादा किया कि वह हर संभव प्रयास करेंगे और कार्यक्रम को सफल बनाने की पूरी कोशिश करेंगे,पार्टी के पूर्व अध्यक्ष श्री अशोक श्रीवास्तव जी के जन्मदिन पर एक कार्यक्रम एक शाम अशोक श्रीवास्तव के नाम से की जानी चाहिए 

उसके बाद अन्य वक्ताओं ने बोलते हुए पार्टी की आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी पर बातचीत की

इस परिचर्चा में मुख्य रूप से राजेंद्र यादव राजेश कुमार श्रीवास्तव अवधेश कुमार प्रभाशंकर सिंह राम गणेश सिंह रामनरेश ठाकुर राजेंद्र गौतम दीपक वर्मा रिंकू संजय श्रीवास्तव गौरव गर्ग सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे

मेवाड़ में ‘‘19वें प्रतिभा प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह’’ का रंगारंग समापन,721 बच्चों ने दिखाये जलवे,मनमोहक नृत्यों से मचाई धूम

 

मुकेश गुप्ता
गाजियाबाद। वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस में ’प्रतिभा-2026’ नाम से क्रांतिकारी बाल गंगाधर तिलक व चंद्रशेखर आजाद को समर्पित 19वें प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह में दिल्ली-एनसीआर के 33 स्कूलों के कुल 721 विद्यार्थियों ने धूम मचा दी। अंतिम दिन प्रतिभाशाली बच्चों ने अपनी नृत्य शैली से दर्शकों का मन मोह लिया। इस मौके पर मेवाड़ ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डाॅ. अशोक कुमार गदिया ने बताया कि प्रतिभा-2026 समारोह में इस बार दिल्ली-एनसीआर के 33 स्कूलों के 721 बच्चों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया। विगत 19 सालों में कुल 35,492 विद्यार्थियों को मेवाड़ अपनी प्रतिभा उजागर करने के लिए एक समर्थ मंच प्रदान कर चुका है। प्रतिभा प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह में कुल 9 प्रतियोगिताएं हुईं। उनका यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों में छिपी हुई प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान कर उनको देश और समाज की मुख्यधारा के साथ जोड़ना है। इनमें देशभक्ति व समाज के प्रति संवेदनशीलता का भाव पैदा करना होगा। तभी देश विकसित व खुशहाल होगा। इससे पूर्व डाॅ. गदिया एवं निदेशक डाॅ. अलका अग्रवाल ने दीप जलाकर समारोह की विधिवत शुरुआत की। भातखंडे संगीत महाविद्यालय गाजियाबाद के सुविख्यात संगीतज्ञ हरिदत्त गौतम, प्रतियोगिताओं के निर्णायकों सुप्रसिद्ध कवयित्री डाॅ. तारा गुप्ता एवं निवेदिता शर्मा को शाॅल और पौधे देकर सम्मानित किया गया। अंतिम दिन सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, एकल गायन, समूह गायन, एकल नृत्य प्रतियोगिता एवं समूह नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। निबंध प्रतियोगिता का विषय “आज के युवाओं पर सोशल मीडिया का प्रभाव” रखा गया था। जबकि नृत्य प्रतियोगिताओं के विषय “देशभक्ति” एवं “भक्ति” रखे गए। अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता रहे विद्यार्थियों को नकद राशि, ट्राॅफी और प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया। इस दौरान आयोजित नृत्य के रंगारंग कार्यक्रमों ने समारोह में चार चांद लगाये।

परिणाम-

एकल गायन स्पर्धा

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प्रथम-खनक, दयानंद विद्यापीठ

द्वितीय-तनिष्क, गीता संजय मेमोरियल पब्लिक स्कूल

तृतीय-कुमकुम, सुशीला गर्ल्स इंटर कॉलेज

चेयरमैन अवार्ड-रश्मि, राम किशन इंस्टीट्यूट

समूह गायन स्पर्धा

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प्रथम-कुमकुम एवं समूह, सुशीला इंटर कॉलेज

द्वितीय-भूमि एवं समूह, फेयर चाइल्ड स्कूल

तृतीय-रीवा एवं समूह, महाराजा अग्रसेन पब्लिक स्कूल

एकल नृत्य प्रतियोगिता

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प्रथम-सुहाना, गाजियाबाद पब्लिक स्कूल

द्वितीय-लाव्या, ठाकुरद्वारा बालिका विद्यालय

तृतीय-मोहम्मद सुभान, श्री लाल चंद स्कूल

चेयरमैन अवार्ड-वर्णिका, महाराजा अग्रसेन पब्लिक स्कूल

समूह नृत्य प्रतियोगिता

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प्रथम-मानसा एवं समूह, महाराजा अग्रसेन स्कूल

द्वितीय-आयुषी एवं समूह, गीता संजय मेमोरियल स्कूल

तृतीय-अनुराधा एवं समूह, वरदान इंटरनेशनल स्कूल

शुक्रवार, 21 अगस्त 2026

महापौर ने अधिकारियों के साथ हाजी खलील ने कब्जाई 4 दुकानों व इस्लाम नगर डेरी पर लगवाया ताला

 






हाजी खलील के आतंक पर फिर महापौर का हमला

कैला गाँव के खसरा न 92 व इस्लाम नगर ट्यूबेल कंपाउंड पर भी हाजी खलील का कब्जा

09.07.2026 को किया गया था नगर निगम का  नोटिस चस्पा

कैला भट्टा में महापौर ने खुद खड़े होकर कराई कार्यवाही

                                  मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । महापौर सुनीता दयाल लगातार भूमाफियाओं की कमर तोड़ने का कार्य कर रही हैं महापौर बनते ही कैला भट्टा में भूमि खाली कराने का कार्य किया और उसी पूर्व पार्षद हाजी खलील के द्वारा कैला भट्टा खसरा न 92 में दुकान व नए बस स्टैंड के पीछे नगर निगम के ट्यूबेल परिसर में डेरी संचालन की शिकायत मिली जिसको लेकर महापौर ने अपने अधिकारों से भी वार्ता की और अधिकारियों ने महापौर के निर्देश का पालन करते हुए भूमि नगर निगम की बताते हुए नोटिस चस्पा की कार्यवाही भी की जिसमे स्पष्ट लिखा है कि भूमि नगर निगम की है यह अवैध कब्जा स्वम् हटा लें अन्यथा नगर निगम की कोई जिम्मेदारी नही होगी। उसके उपरांत किसी ने भी पुख्ता कागजात नही दिखाए जबकि वर्ष 2011 में भी अखबारों में हाजी खलील के अवैध कब्जे के विषय मे खबर छपी थी लेकिन उस समय कोई कार्यवाही नही हुई। 

हाल ही में महापौर को पता चला कि हाजी खलील यह दुकानों को बेचना चाहता है तो महापौर नगर निगम की संपत्ति की टीम व पुलिस बल के साथ कैला पहुँच गयी और अधिकांश दुकानों को मोके खाली कराकर अपना ताला लगवाया और ऐसे ही इस्लाम नगर ट्यूबेल की भूमि पर चल रही डेरी पर भी ताला लगाने की कार्य को स्वम् खड़े होकर कराया। महापौर सुनीता दयाल द्वारा बताया गया कि कैला भट्टा में हाजी खलील व फारुख चौधरी की सबसे ज्यादा शिकायत मिलती है भूमि कब्जो के मामले में और जिसमे सभी दस्तावेजो में हाजी खलील का नाम भी पाया जाता है और पूर्व में नगर निगम द्वारा FIR भी की गई थी और यह दो स्थानों पर भी इसका कब्जा है जिसको लेकर आज कार्यवाही की गई है और इस बार हाजी खलील व उसके साथियों को भूमाफियाओं के जुर्म में जेल भेजने की कार्यवाही भी की जाएगी साथ ही इस विषय मे मा.मुख्यमंत्री जी से भी वार्ता की जाएगी।

आरकेजीआईटी में तीन दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम का शुभारंभ, सेवानिवृत्त राजनयिक दीपक वोहरा ने किया मार्गदर्शन, शिक्षा के साथ कौशल, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास पर दिया जोर

 

मुकेश गुप्ता

गाज़ियाबाद, 21 अगस्त 2026। नवप्रवेशित विद्यार्थियों के नए अकादमिक सफर की शुरुआत करते हुए राज कुमार गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आरकेजीआईटी), गाज़ियाबाद में तीन दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम का गुरुवार को भव्य शुभारंभ हुआ। 20 से 22 अगस्त तक आयोजित कार्यक्रम में एमबीए, एमसीए, बीटेक, बीफार्मा, बीबीए एवं बीसीए के नवप्रवेशित विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, सुविधाओं, संस्कृति एवं करियर अवसरों से परिचित कराना है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त राजनयिक (आईएफएस)  दीपक वोहरा रहे। इस अवसर पर वाइस चेयरमैन अक्षत गोयल, ग्रुप एडवाइजर डॉ. लक्ष्मण प्रसाद, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. डी.के. चौहान, डायरेक्टर डॉ. बी.सी. शर्मा एवं डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर एच.जी. गर्ग सहित विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। मुख्य अतिथि  दीपक वोहरा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वैश्विक दृष्टिकोण, नेतृत्व एवं व्यक्तित्व विकास के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से व्यापक दृष्टिकोण विकसित करने तथा बदलते वैश्विक परिदृश्य में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया।

वाइस चेयरमैन अक्षत गोयल ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि आरकेजीआईटी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। ग्रुप एडवाइजर डॉ. लक्ष्मण प्रसाद ने विद्यार्थियों को आशीर्वचन देते हुए अनुशासन, मेहनत एवं सकारात्मक सोच को विद्यार्थी जीवन का आधार बनाने के लिए प्रेरित किया।

डायरेक्टर डॉ. बी.सी. शर्मा ने कहा कि ओरिएंटेशन विद्यार्थियों के अकादमिक सफर की महत्वपूर्ण शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, निरंतर सीखने एवं नवाचार को अपनी शिक्षा का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर श्री एच.जी. गर्ग ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें संस्थान की गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेने का आह्वान किया।

प्रथम दिन विद्यार्थियों को शैक्षणिक व्यवस्था, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट, तकनीकी एवं सांस्कृतिक क्लबों, खेल तथा छात्र कल्याण सुविधाओं की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने करियर निर्माण, कौशल विकास, उद्योग की आवश्यकताओं एवं रोजगार अवसरों पर इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए।

कार्यक्रम के अंत में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. डी.के. चौहान ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मुख्य अतिथि, संस्थान के पदाधिकारियों, विभागाध्यक्षों, संकाय सदस्यों एवं आयोजन टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

आयोजकों के अनुसार, आगामी दो दिनों में इंडस्ट्री एक्सपोजर, नवाचार एवं उद्यमिता, करियर एवं प्लेसमेंट तथा व्यक्तित्व विकास से संबंधित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम का समापन 22 अगस्त को होगा।

नेपाल से धार्मिक यात्रा पर आए प्रतिनिधिमंडल ने परमार्थ निकेतन, दिव्य गंगा आरती में लिया भाग, पूज्य स्वामी जी द्वारा रचित सद्साहित्य किया भेंट



संवाददाता

ऋषिकेश, 21 अगस्त। नेपाल से धार्मिक यात्रा पर आए एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविख्यात आध्यात्मिक तीर्थस्थल परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश का पावन भ्रमण किया। प्रतिनिधिमंडल ने परमार्थ निकेतन में दिव्य गंगा आरती में सहभाग कर माँ गंगा के पावन तट पर आध्यात्मिक शांति, भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं की दिव्यता का अनुभव किया। भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं की वैश्विक आकर्षण शक्ति निरंतर बढ़ रही है। नेपाल से आए प्रतिनिधिमंडल का परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने आत्मीय स्वागत किया। 

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने संदेश में कहा कि भारत और नेपाल के संबंध केवल दो देशों के संबंध नहीं हैं, बल्कि ये साझा संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना, तीर्थ परंपरा और सनातन मूल्यों से जुड़े हृदयों के संबंध हैं। दोनों देशों की धरती भगवान श्रीराम, भगवान पशुपतिनाथ, भगवान बुद्ध, माता सीता और हिमालय की महान आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ी हुई है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भारत की संस्कृति की सबसे बड़ी शक्ति उसकी समावेशिता, सह-अस्तित्व और विश्वकल्याण की भावना है। भारत ने सदैव दुनिया को केवल भौतिक प्रगति का मार्ग नहीं दिखाया, बल्कि जीवन को संतुलित, शांतिपूर्ण और सार्थक बनाने की दृष्टि दी है। यहां धर्म जीवन जीने की कला है। योग शरीर, मन और आत्मा को जोड़ता है, आयुर्वेद प्रकृति के साथ संतुलन का संदेश देता है, गंगा हमें पवित्रता और प्रवाह का संदेश देती हैं और भारतीय दर्शन सम्पूर्ण विश्व को ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना से जोड़ता है।

उन्होंने कहा कि आज विश्व भारत की ओर इसलिए आकर्षित हो रहा है क्योंकि आधुनिक जीवन की चुनौतियों के बीच मानवता शांति, संतुलन, करुणा और आंतरिक आनंद की खोज कर रही है। भारत की प्राचीन परंपराओं में इन सभी प्रश्नों के उत्तर निहित हैं। योग, ध्यान, आयुर्वेद, अध्यात्म, भारतीय संगीत, नृत्य, दर्शन, मंदिर परंपराएं, तीर्थयात्राएं और प्रकृति के प्रति श्रद्धा आज विश्वभर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भारतीय संस्कृति किसी एक समुदाय, क्षेत्र या देश तक सीमित नहीं है यह मानवता को जोड़ने वाली चेतना है। उन्होंने कहा कि नेपाल और भारत का संबंध हिमालय और गंगा की तरह सनातन और अविच्छिन्न है। नेपाल में भगवान पशुपतिनाथ की आराधना हो या भारत में भगवान शिव और माँ गंगा की उपासना दोनों देशों की आध्यात्मिक चेतना एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई है। ऐसी धार्मिक एवं सांस्कृतिक यात्राएं दोनों देशों के बीच मैत्री, आध्यात्मिक एकता और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करती हैं।

इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल को पूज्य स्वामी जी द्वारा रचित सद्साहित्य भी भेंट किया गया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने इस सद्साहित्य को श्रद्धापूर्वक स्वीकार करते हुए कहा कि भारतीय आध्यात्मिक साहित्य जीवन को भीतर से देखने और समझने की प्रेरणा देता है। 

इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल के सदस्य कृष्ण खनाल, सुरेश श्रेष्ठ, गजेन्द्र राजभण्डारी, अरुणा जोशी, अनिता काफ्ले, दीपक घिमिरे, विनोद घिमिरे, अच्युत ढुंगाना, आशिष शर्मा, दीपेश छेङ्गचु, सुरज कुमार ने किया सहभाग।

डॉ.अतुल कुमार जैन ने क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नगर को बधाई और शुभकामनाएं दी

 



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । गाजियाबाद लोहा विक्रेता मंडल के अध्यक्ष एवं टेक्निकल इंस्टीट्यूशंस फाउंडेशन ऑफ उत्तर प्रदेश के महासचिव डॉ. अतुल कुमार जैन ने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष का पदभार संभालने वाले बहुत ही कर्मठ जुझारू मिलनसार और भारतीय जनता पार्टी के लिए पूर्ण समर्पित नवाब सिंह नागर को उनके आवास पर पहुंच कर पुष्प गुच्छ भेंट करके बधाई और शुभकामनाएं दी आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि उनके कार्यकाल में पार्टी उनके नेतृत्व में सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर जन सेवा के कार्यों को करते हुए उद्देश्यों की पूर्ति में पूर्ण रूप से सफल होगी।

ईश्वर से प्रार्थना है कि नवाब सिंह नगर अपने इस नए दायित्व में एक बेहतरीन भूमिका निभाकर पार्टी को नई ऊंचाई पर लेकर जाएं। इस अवसर पर दिनेश जैन  भी साथ रहे।

मेवाड़ में 19वां प्रतिभा प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह शुरू,पहले दिन 30 स्कूलों के 486 बच्चों ने दिखाया हुनर

 

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की ओर से आयोजित महान क्रांतिकारी बाल गंगाधर तिलक और चंद्रशेखर आजाद को समर्पित 19वें प्रतिभा प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह के पहले दिन गाजियाबाद के 30 स्कूलों के 486 विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताएं नवीं, दसवीं, ग्यारहवीं व बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जा रही हैं।

पहले दिन वाद-विवाद स्पर्धा में 75, मेहंदी स्पर्धा में 171, रंगोली स्पर्धा में 161, एकल गान स्पर्धा में 27 एवं समूह गान प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के नौ समूहों के 63 बच्चों ने भाग लिया। सुबह से ही बच्चों का मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में मेला लगना शुरू हो गया था। देर शाम तीन प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए गए। ’एआई हमारे पेशों और रोजमर्रा की जिन्दगी के लिए खतरा है’ वाद-विवाद प्रतियोगिता का विषय था। 75 बच्चों ने इसके पक्ष और विपक्ष में अपने तर्क देकर अपनी बात को साबित करने का प्रयास किया। इसमें राॅकवेल काॅन्वेन्ट स्कूल के छात्र आयुष्मान सिंह पहले, रामकिशन इंस्टीट्यूट की छात्रा सान्वी मौर्य दूसरे एवं महाराजा अग्रसेन पब्लिक स्कूल की छात्रा भव्या ठाकुर तीसरे नंबर पर रहे। लक्ष्मी पब्लिक स्कूल की छात्रा ईशिका चेयरमैन अवार्ड के लिए चुनी गई। मेंहदी प्रतियोगिता में सुशीला गर्ल्स इंटर काॅलेज की छात्रा खुशनुमा प्रथम, जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल विजय नगर के चिराग द्वितीय एवं नगर निगम बालिका इंटर काॅलेज साहिबाबाद शाखा की छात्रा खुशबू तुतीय रहीं। सुशीला गर्ल्स इंटर काॅलेज राजेन्द्र नगर की छात्रा आशी और रामकिशन इंस्टीट्यूट की कुलसुल को चेयरमैन अवार्ड के लिए चुना गया। रंगोली प्रतियोगिता में पीएनएन स्कूल की दीशु पहले, ईस्ट दिल्ली पब्लिक स्कूल की छात्रा अदिति दूसरे और सुशीला गर्ल्स इंटर काॅलेज की छात्रा तनिषा तीसरे स्थान पर रहे। सुशीला गल्र्स इंटर काॅलेज की श्वेता और स्प्रिंग डेल्स स्कूल की छात्रा खुशी को चेयरमैन अवार्ड के लिए चुना गया। मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की निदेशिका डाॅ. अलका अग्रवाल ने बताया कि निबन्ध, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, एकल नृत्य, समूह नृत्य और एकल व समूह गायन प्रतियोगिताओं का आयोजन 22 अगस्त की सुबह नौ बजे से होगा। सभी विजेताओं को मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डाॅ. अशोक कुमार गदिया पुरस्कार वितरित करेंगे। पुरस्कार में नकद राशि, ट्राॅफी और सभी को प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।

गुरुवार, 20 अगस्त 2026

महापौर, नगर आयुक्त ने निगम की लाइब्रेरी का किया लोकार्पण,कंपनी बाग स्थित लाइब्रेरी का हुआ नवीनीकरण 70 पाठकों के बैठने की व्यवस्था के साथ लाइब्रेरी को बनाया गया डिजिटल

 

मुकेश गुप्ता

छात्र एवं छात्राओं के लिए पूर्ण रूप से सुविधाजनक होगी कंपनी बाग की लाइब्रेरी - महापौर

गाजियाबाद । विद्यार्थियों की पढ़ाई हेतु बेहतर माहौल देने के लिए गाजियाबाद नगर निगम द्वारा सिटी जोन स्थित कंपनी बाग की लाइब्रेरी को डिजिटल  बनाया गया है जिसमें 70 पाठकों के एक साथ बैठने की व्यवस्था, प्रकृतिक प्रकाश हेतु  खिड़कियों की व्यवस्था, इंटरनेट की व्यवस्था, कंप्यूटर की व्यवस्था, ऐ.सी. की व्यवस्था, शौचालय की व्यवस्था, कैमरों की व्यवस्था कराई गई है, लाइब्रेरी का नवीनीकरण किया गया है  महापौर सुनीता दयाल तथा नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक द्वारा डिजिटल लाइब्रेरी का लोकार्पण किया गया मौके पर निगम पार्षद गण तथा निगम अधिकारी उपस्थित रहे।

नगर आयुक्त द्वारा बताया गया पहले बनी लाइब्रेरी की स्थिति बहुत खराब थी जिसको ध्यान में रखते हुए लाइब्रेरी का नवीनीकरण किया गया जिसका लोकार्पण हुआ, नगर निगम द्वारा छात्र एवं छात्राओं को पढ़ाई के लिए अनुकूल स्थान दिया गया जिसमें सभी परीक्षाओं के लिए आवश्यक किताबें उपलब्ध कराई गई है, शहर के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।

महापौर ने युवाओं को विशेष रूप से डिजिटल लाइब्रेरी के शुभारंभ पर शुभकामनाएं दी गई, गाजियाबाद नगर निगम की पहली लाइब्रेरी जिसमें किताबों के साथ-साथ कंप्यूटर की सुविधा भी की जा रही है, युवा वर्ग हेतु पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल दिया जा रहा है जहां से अपने सपनों को पूरा करते हुए विद्यार्थी अपनी मंजिल को पाएंगेl पाठकों को प्रतिदिन अधिकतम 1 घंटे तक कंप्यूटर सुविधा का उपयोग करने की अनुमति होगी ।

गाजियाबाद नगर निगम महापौर सुनीता दयाल तथा नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में जहां विकास कार्यों को रफ्तार दे रहा है वही विद्यार्थियों के लिए भी शहर में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा को उपलब्ध कर रहा है जो की प्रशंसनीय है l 750 रुपए महीने की फीस के साथ छात्र-छात्राएं अपने कंपटीशन की तैयारी गाजियाबाद नगर निगम की डिजिटल लाइब्रेरी में कर सकेंगे।

भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस - प्रकृति के साथ संतुलित विकास की ओर भारत का संकल्प,पेड़ लगाएँ, भविष्य बचाएँ-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

 



                              संवाददाता

पृथ्वी से संसाधन लें, लेकिन पृथ्वी को लौटाने का संकल्प भी निभाएँ

ऋषिकेश, 20 अगस्त। भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस हमें उस मूल भारतीय दृष्टि का स्मरण कराती है, जिसमें प्रकृति केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार और हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग रही है। सूर्य, वायु, जल, पृथ्वी और वनस्पतियों के प्रति कृतज्ञता भारतीय जीवन-दर्शन का अंग है। आज जब जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, ऊर्जा संकट और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ता दबाव पूरी मानवता के सामने गंभीर चुनौती बन चुके हैं, तब अक्षय ऊर्जा की ओर बढ़ना केवल तकनीकी आवश्यकता नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ संतुलित जीवन की पुनर्स्थापना का संकल्प भी है।

आज हमारी जीवनशैली ऊर्जा पर अत्यधिक निर्भर हो चुकी है। घरों से लेकर उद्योगों, परिवहन, कृषि और डिजिटल तकनीक तक हर क्षेत्र में ऊर्जा की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। लंबे समय तक कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता ने आर्थिक विकास को गति तो दी, लेकिन इसके साथ वायु प्रदूषण, कार्बन उत्सर्जन, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियाँ भी बढ़ीं।

ऐसे समय में अक्षय ऊर्जा सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत, जैव ऊर्जा और अन्य स्वच्छ ऊर्जा स्रोत, भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार बनते हैं। अक्षय ऊर्जा के स्रोत प्रकृति में लगातार उपलब्ध होते हैं और इनके विवेकपूर्ण उपयोग से जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम की जा सकती है। इसलिए अक्षय ऊर्जा दिवस हमें संदेश देता है कि हम अपनी ऊर्जा जरूरतों को प्रकृति के साथ संघर्ष के बजाय प्रकृति के सहयोग से कैसे पूरा कर सकते हैं?

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भारतीय सनातन जीवन-दृष्टि में प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व कोई नया विचार नहीं था। हमारे ऋषियों ने सूर्य को ऊर्जा और जीवन का आधार माना। वैदिक परंपरा में सूर्य, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई। भारतीय जीवन पद्धति स्थानीय संसाधनों, प्राकृतिक चक्रों और आवश्यकता-आधारित उपभोग पर अधिक आधारित थी। उस समय ऊर्जा का उपयोग आज की तरह बड़े पैमाने पर औद्योगिक उत्पादन, अत्यधिक उपभोग और विशाल परिवहन तंत्र के लिए नहीं होता था। प्रकृति से जितना लिया जाता था, उसके साथ संतुलन बनाए रखने की चेतना जीवन का हिस्सा थी।

‘माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः’ जैसी भारतीय भावना हमारे और पृथ्वी के संबंध को स्पष्ट करती है, पृथ्वी हमारी माता है और हम उसकी संतानें हैं। इसलिए प्रकृति का संरक्षण कोई अलग से किया जाने वाला अभियान नहीं, बल्कि जीवन का स्वाभाविक अनुशासन था।

आज आवश्यकता इस प्राचीन चेतना को आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ जोड़ने की है। आज भारत तेजी से विकसित हो रहा है। करोड़ों लोगों की ऊर्जा जरूरतें, बढ़ते शहर, उद्योग, परिवहन और डिजिटल अर्थव्यवस्था ऊर्जा की मांग को निरंतर बढ़ा रहे हैं। ऐसे समय में अक्षय ऊर्जा भारत के लिए पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और भविष्य की पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का माध्यम बन सकती है।

सौर ऊर्जा विशेष रूप से भारत के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश के अनेक हिस्सों में वर्ष के बड़े भाग में पर्याप्त सूर्यप्रकाश उपलब्ध रहता है। घरों, संस्थानों, आश्रमों, विद्यालयों और उद्योगों में रूफटॉप सोलर जैसी पहल ऊर्जा की जरूरतों को अधिक टिकाऊ बना सकती हैं।

अक्षय ऊर्जा का विस्तार रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकता है, सोलर पैनल निर्माण, स्थापना, रखरखाव, ऊर्जा भंडारण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और हरित तकनीक जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए नए अवसर विकसित हो रहे हैं।

घर या संस्थान की परिस्थितियों के अनुसार सौर ऊर्जा को अपनाना, ऊर्जा-कुशल उपकरणों का उपयोग करना, अनावश्यक लाइट और पंखे बंद रखना तथा बिजली की बर्बादी रोकना सरल लेकिन प्रभावी कदम हैं।

जहाँ संभव हो, सार्वजनिक परिवहन, साइकिल और पैदल चलने को प्राथमिकता देना तथा इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ना भी स्वच्छ ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत कर सकता है।

आज आवश्यकता है कि सूर्य से ऊर्जा लें, लेकिन सूर्य के प्रति कृतज्ञता भी रखें, जल का उपयोग करें, लेकिन जल का संरक्षण भी करें, पृथ्वी से संसाधन लें, लेकिन पृथ्वी को लौटाने का संकल्प भी निभाएँ, पेड़ लगाएँ, भविष्य बचाएँ।

मधुबन-बापूधाम योजना में 350 आवासीय भूखण्डों की ई-लॉटरी सम्पन्न, उत्तर प्रदेश शासन के मार्गदर्शन में आमजन के ‘अपने घर’ के सपने को मिला नया आधार, सफल आवेदकों के चेहरों पर दिखी खुशी-नंदकिशोर कलाल



 





मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद, 20 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश शासन के मार्गदर्शन में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना सं0 के अंतर्गत आमजन को अपने आवास का सपना साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कुल 350 आवासीय भूखण्डों की ई-लॉटरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक सम्पन्न कराई गई।

जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने बताया कि मधुबन बापू धाम योजना के अंतर्गत 19 अगस्त 2026 को टाइप-A, B, C एवं D के 109 भूखण्डों तथा आज 20 अगस्त 2026 को टाइप-E, F, G एवं H के 241 भूखण्डों की ई-लॉटरी सम्पन्न हुई। इस प्रकार दो दिवसीय प्रक्रिया में 40 वर्गमीटर से 200 वर्गमीटर तक के कुल 350 आवासीय भूखण्डों का आवंटन किया गया।

यह ई-लॉटरी केवल भूखण्डों के आवंटन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए अपने आशियाने की ओर बढ़ता हुआ महत्वपूर्ण कदम है, जो लंबे समय से अपने घर के सपने को साकार करने की प्रतीक्षा कर रहे थे।

मंगलवार, 18 अगस्त 2026

परमार्थ निकेतन से नेताजी सुभाष चंद्र बोस को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

 

संवाददाता

नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की पुण्यतिथि पर राष्ट्रभक्ति, त्याग और संकल्प*

“🌺*तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” का आह्वान आज भी राष्ट्र के युवाओं में भरता है अदम्य साहस*

*🌼आज की परमार्थ गंगा आरती नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की पुण्यतिथि पर की समर्पित*

ऋषिकेश, 18 अगस्त। भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और त्याग के प्रतीक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पुण्यतिथि पर परमार्थ निकेतन से उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताजी का जीवन भारत की स्वतंत्रता की एक गौरवशाली गाथा का एक अद्भुत इतिहास है। उन्होंने राष्ट्र सर्वोपरि का दिव्य संदेश दिया।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महान योद्धाओं थे, जिन्होंने स्वतंत्रता को केवल एक राजनीतिक लक्ष्य नहीं माना, बल्कि उसे राष्ट्र के आत्मसम्मान, स्वाभिमान और अस्तित्व का संदेश दिया। उनका व्यक्तित्व भारतीय युवाशक्ति के उस ज्वलंत स्वरूप का प्रतीक था, जिसमें विचारों की स्पष्टता, संकल्प की दृढ़ता, नेतृत्व का तेज और राष्ट्र के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने का साहस था।

उनका आह्वान “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” सिर्फ एक नारा नहीं था; वह उस युग के सोए हुए आत्मविश्वास को जगाने वाली हुंकार थी। उन्होंने भारतीयों के भीतर यह विश्वास जगाया कि स्वतंत्रता किसी के उपकार से प्राप्त होने वाली वस्तु नहीं, बल्कि साहस, संगठन, संघर्ष और बलिदान से अर्जित किया जाने वाला अधिकार है।

नेताजी ने आजाद हिंद फौज के माध्यम से भारतीयों को एक ऐसे राष्ट्रवादी संकल्प से जोड़ा, जिसमें जाति, भाषा, प्रांत और धर्म की सीमाएँ पीछे छूट जाती हैं और सबसे ऊपर भारत माता का भाव प्रतिष्ठित होता है। “जय हिंद” का उद्घोष आज भी भारत की राष्ट्रीय चेतना में उसी एकता, आत्मगौरव और राष्ट्रसमर्पण की ऊर्जा का संचार करता है।

नेताजी का जीवन हमें संदेश देता है कि नेतृत्व केवल परिस्थितियों का अनुसरण नहीं करता, बल्कि इतिहास की दिशा बदलने का साहस करता है। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। उनके लिए राष्ट्रसेवा कोई अवसर नहीं, बल्कि जीवन का सर्वोच्च धर्म था।

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत की उस विराट चेतना के प्रतीक हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानती।

उन्होंने कहा कि आज भारत की युवा शक्ति के सामने राष्ट्र को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का अवसर है। भारत की स्वतंत्रता असंख्य ज्ञात-अज्ञात वीरों के त्याग का परिणाम है। नेताजी उस अमर परंपरा के ऐसे तेजस्वी नक्षत्र हैं, जिनका प्रकाश आने वाली पीढ़ियों को भी मार्ग दिखाता रहेगा।

परमार्थ निकेतन से महान राष्ट्रनायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस को कोटि-कोटि नमन। उनकी राष्ट्रभक्ति की ज्वाला, उनका अदम्य साहस और उनका भारत के प्रति समर्पण प्रत्येक भारतीय के हृदय में सदैव प्रज्वलित रहे।

लोनी मे ऐतिहासिक रहा हरियाली तीज महोत्सव की हजारों की सखया पहुंची मातृ शक्ति- रंजीता धामा

  


मुकेश गुप्ता

 गाजियाबाद । लोनी नगर पालिका अध्यक्ष रंजीता धामा ने स्थानीय लेखा फार्म हाउस में महिलाओं के साथ धूमधाम से हरियाली तीज का पावन त्योहार रविवार को धूमधाम से मनाया। इस दौरान पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों, झूलों और लोक गीतों के बीच महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 

श्रीमती रंजीता धामा ने सभी को तीज की बधाई दी और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया तथा हमेशा सभी त्यौहारों को इसी तरह मिल-जुलकर मनाने की अपील भी लोनी की जनता से की जिससे समाज मे प्यार व आपसी सहयोग की भावना प्रबल होती रहे । 

लेखा फार्म हाउस मे रंजीता धामा के दूारा आयोजित हरियाली तीज के कार्यक्रम मे लोनी की हजारों की संख्या मे मातृशक्ति ने भाग लिया जो कि लोनी की विभिन्न कालोनियों से समूह के रूप मे कार्यक्रम में पंहुची ।

कार्यक्रम मे महिलाओं के लिये झूलों की व्यवस्था की गयी थी जिसमे लोनी नगरपालिका अध्यक्ष ने सभी महिलाओं के साथ मे झूले का आनन्द लिया तथा छोटे बच्चों के लिये मिकी-माउस के झूलों की व्यवस्था भी की गयी थी ।

रंजीता धामा ने कार्यक्रम मे आयी सभी माताओं बहनों का स्वागत करते हुये सभी को हरियाली तीज के पर्व की बधाई दी तथा महिलाओं के बीच पंहुचकर सभी से व्यक्तिगत रूप से भेंट की । 

कार्यक्रम स्थल पर महिलाओं के लिये पारंपरिक गीतों के साथ ही सेल्फी पाइंट भी बनाये गये जिनमें महिलाएं सेल्फी लेती नजर आयी तथा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजकों दूारा आयोजित किये गये ।

कार्यक्रम मे पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मनोज धामा ने भी सभी को संबोधित करते हुये कहा कि लोनी की जनता हमारा परिवार है और जब हमारे जीवन मे कोई त्योहार आता है तो हम सभी पूरे परिवार के साथ मिल-जुलकर प्यार से उत्साह व उमंग के साथ त्यौहार मनाते हैं इसलिये हमारे दूारा आज यंहा पर हरियाली तीज का कार्यक्रम आयोजित किया गया है मुझे बेहद खुशी है कि हजारों की संख्या मे यंहा पर मेरी मातायें बहने व बेटियां हमारे बुलाने पर आयी हैं तथा हम सभी एक मंच पर एकत्रित होकर आज ये त्यौहार मना रहे हैं तथा पूर्व मे भी जिस प्रकार से लोनी की मातृशक्ति का आशीर्वाद हमे मिलता रहा है आगे भी हमे आप लोगों का आशीर्वाद मिलता रहे ऐसी भावना रखता हूं ।

सोमवार, 17 अगस्त 2026

तिरंगा झंडा हमारे देश की आन-बान-शान:- रंजीता धामा

   



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद 15 अगस्त 2026।  लोनी नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रंजीता धामा के द्वारा लोनी नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न कॉलोनी व स्थानों एवं इंस्टीटयूट में भारतवर्ष के 80 वे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया गया । 

सर्वप्रथम नगर पालिका सभागार में ध्वजारोहण किया गया, तत्पश्चात राजकीय इंटर कॉलेज प्रेम नगर, घोड़ा गेट पावी , डीएलएफ ए ब्लॉक , डीएलएफ डी ब्लॉक सोसायटी, ग्रीन एकेडमी डाबर तालाब , उत्तरांचल विहार सोसायटी ,इंद्रापुरी, जवाहर नगर, शांतिनगर बेहटा गांव , कैंप कार्यालय बेहटा हाजीपुर में लोनी नगर पालिका अध्यक्ष रंजीता धामा के द्वारा ध्वजारोहण किया गया । 

इस अवसर पर लोनी नगर पालिका अध्यक्ष रंजीता धामा ने क्षेत्र वासियों के साथ ध्वजारोहण किया व नगर पालिका परिषद में सभी अधिकारियों ,कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई तथा विभिन्न कार्यक्रमों में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज हमारा देश अपनी आजादी के 80 वर्ष पूर्ण होने पर बेहद ही धूमधाम के साथ स्वतंत्रता दिवस को मना रहा है देशवासियों के बीच उत्साह व हर्ष की लहर है हम सभी भारतवासियों को अपनी इस आजादी की कीमत को पहचानते हुए देश प्रेम को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए जीवन जीना चाहिए तथा आजादी की लड़ाई में शहीद हुए अपने स्वतंत्रता सेनानियों व वीरों का सम्मान करते हुए उन्हें याद करना चाहिए की किस प्रकार उन्होंने अदम्य  साहस का परिचय देते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिये तथा अपने देश को स्वतंत्रता दिलाई । 

कार्यक्रम के आयोजकों दूारा लोनी नगरपालिका अध्यक्ष रंजीता धामा का फूल-माला पहनाकर व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया ।

राजकीय इंटर कॉलेज के छात्र व छात्राओं दूारा बहुत सुन्दर कार्यक्रम आयोजित किये गये जिनमें देशभक्ति के गीतों पर नृत्य प्रस्तुति की गयी ।

 इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी वैभव त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता मनोज पाल, नीलम, संजीव अवाना, राजकुमार, भंडारी बाबू, समस्त सभासदगण, कर्मचारीगण,अजहर मलिक ,मोहसिन मलिक,शकील मलिक, नौशाद सैफी राशिद वारसी ,प्रवीण कुमार ,संतोष राय ,अनुज खाटियान ,मेनपाल अधाना,कल्पना ,रामनिवास त्रिपाठी ,नेहा मैडम,रीता ठाकुर और अनुराधा मिश्रा ,ज्योति रानी,नेहा त्यागी ,सरताज अली खान सहित सैकड़ों की संख्या मे क्षेत्र वासी उपस्थित रहे ।

सुभाषवादी पार्टी ने धूमधाम से मनाया 80वां स्वतंत्रता दिवस

 


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी (सुभास पार्टी) द्वारा देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस आज पार्टी कार्यालय पर हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पार्टी के वरिष्ठ सदस्य राजेन्द्र यादव बल्लू द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने राष्ट्रध्वज को सलामी दी और देश की एकता, अखंडता एवं स्वतंत्रता की रक्षा का संकल्प लिया।

ध्वजारोहण के पश्चात समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक, अध्यक्ष सतेन्द्र यादव ने कहा कि भारत ने स्वतंत्रता के 79 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। यह स्वतंत्रता हमें सहज रूप से प्राप्त नहीं हुई, बल्कि इसके लिए असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों और देशभक्तों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए और प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में देशभक्ति को सर्वोच्च स्थान देना चाहिए। बिना सच्ची राष्ट्रभक्ति के भारत को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाना संभव नहीं है।

पश्चिम निर्माण मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक एडवोकेट सतपाल यादव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हम सभी सबसे पहले भारतीय हैं। देश के समग्र विकास के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने तथा छोटे-छोटे प्रदेशों के गठन की आवश्यकता है, जिससे प्रत्येक क्षेत्र की सरकार अपने प्रदेश के विकास पर बेहतर ढंग से ध्यान दे सके। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार संपूर्ण भारतवर्ष को विकास के पथ पर आगे ले जाकर प्रत्येक भारतवासी को सुखी और समृद्ध बनाया जा सकता है।

विनोद कुमार अकेला ने कहा कि देश के आजाद होने के बाद ही प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का अवसर मिला। स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस भारत का सपना देखा था, उसे पूर्ण रूप से साकार करने की जिम्मेदारी आज हम सभी की है। उन्होंने देश की प्रगति और सामाजिक न्याय के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मनोज कुमार शर्मा होदिया ने कहा कि आज हम जिस खुली हवा में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे करोड़ों देशवासियों और स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग एवं बलिदान है। अनेक पीढ़ियों ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित किया, तब जाकर हमें स्वतंत्र भारत में जीवन जीने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि हमारा कर्तव्य है कि हम अपने पूर्वजों के सपनों को पूरा करने के लिए देशभक्ति की शुरुआत स्वयं से करें और केवल स्वतंत्रता दिवस पर ही नहीं, बल्कि वर्ष के सभी 365 दिन राष्ट्रप्रेम, देशसेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को बनाए रखें।

स्वतंत्रता दिवस समारोह को पवन सक्सेना, गणेश सिंह, दीपक वर्मा, अनिल सिन्हा सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया तथा देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से कृष्ण मोहन गर्ग, महेश पाण्डेय, उमेश शुक्ला, आलोक पी. शर्मा, मनोज पाण्डेय, विजय वालिया, केशव वालिया, डॉ. संजीव कुमार गुप्ता, अनुपम अग्रवाल, गौरव यादव, राजेन्द्र यादव, उत्कर्ष यादव, उमेश भारद्वाज, अमित यादव, गणेश दीक्षित, राजेन्द्र गौतम, संजय कुमार, राजेश यादव, पन्ना लाल प्रसाद, प्रभात शर्मा, अनील सिंह, सुभाष चंद्र, राजीव गौतम एडवोकेट, सुरेश यादव एडवोकेट, संजू गिल, हरीश शम्मी, सुनील कुमार यादव, राम नरेश सिंह, पवन सक्सेना, उमेश कुमार, कृष्ण मोहन गुप्ता, योगेश शर्मा, किशोर वाल्मीकि, अनिल कुमार शर्मा, मनीष कुमार, नरेन्द्र, मुकेश शर्मा, आर.पी. शुक्ला, भोलानाथ पाण्डेय, आदम सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

समारोह का समापन राष्ट्र की एकता, अखंडता और देश की निरंतर प्रगति के संकल्प के साथ हुआ।

रविवार, 16 अगस्त 2026

अखिल मुल्तानी कल्याण सेवा ट्रस्ट द्वारा श्रावण ज्योत महोत्सव पर गजियाबाद में हर वर्ष की भांति विशाल भंडारा एवं सहभोज का आयोजन










मुकेश गुप्ता

अविभाजित पंजाब के मुल्तान से चली आ रही परंपरा की धूम हरिद्वार से गाजियाबाद तक

श्रावण ज्योत महोत्सव पर गजियाबाद में मुल्तानी समाज द्वारा आयोजित किया गया विशाल भंडारा एवं सहभोज, छोटा हरिद्वार में ज्योत विसर्जन

गाजियाबाद । श्रावण मास में महादेव शिव और मां गंगा को सभी भक्त विशेष रूप से मनाते हैं। 1947 के विभाजन में पंजाब के मुल्तान से आये परिवार आज भी भक्ति और सेवा भाव से जुड़ी कुछ अनूठी परम्पराओं का निर्वहन करते हैं और उनमें से एक है मुल्तान ज्योत महोत्सव। यह उत्सव 116 वर्षों से चला है जब अविभाजित पंजाब के मुल्तान क्षेत्र से भी अनगिनत भक्त श्रावण में हरिद्वार आकर मां गंगा का विशेष पूजन करते आएं हैं और यह भक्ति उत्सव मुल्तान श्रावण ज्योत महोत्सव के नाम से प्रसिद्ध है। 1911 में मुल्तान में रहने वाले सनातन समाज ने भक्त रूपचंद जी के नेतृत्व में राष्ट्र धर्म और सर्व कल्याण की अरदास को मन में लेकर यह जत्था अविभाजित पंजाब के मुल्तान से अखंड ज्योत को लेकर हरिद्वार पहुंचा और भक्ति एवं प्रार्थना की।  मान्यता है कि तब से इस परम्परा ने वृहद रूप लिया और यह एक वार्षिक उत्सव बन गया।

1947 के बंटवारे के बाद बहुत से पंजाबी दिल्ली एन सी आर में आकर बसे और मुल्तानी परिवार इस भक्ति परंपरा का निर्वहन करते हुए हरिद्वार में एकत्रित हो ज्योत महोत्सव में सम्मिलित होते रहे और अपने अपने स्थानों पर भी इस भक्ति उत्सव को धूम धाम से मनाते रहे। हरिद्वार के साथ साथ दिल्ली एन सी आर में यमुना तट पर और गाज़ियाबाद मुरादनगर के छोटा हरिद्वार पर भी यही ज्योत महोत्सव होता है। पुराने शहर के बजरिया में मुल्तानी भोजन के लिए मशहूर मदन दी हट्टी वाले स्थान पर आयोजित इस भंडारे में व्यंजन भी कुछ खास रहे। महादेव भोलेनाथ और मां गंगा को भोग लगा कर भंडारे का शुभारंभ हुआ। मुख्य ट्रस्टी विनय कक्कड़ ने कहा यह उत्सव सेवा, भक्ति, सामाजिक सौहार्द और अपनी संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों को सौंपने की एक मिसाल है। ट्रस्ट के सेवा प्रकल्प मुल्तान बिरादरी कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष डी के गांधी ने बताया कि सहभोज में मुल्तानी मोठ कचौड़ी, मोठ चावल, पिंडी छोले, मलाईदार खीर, दाल हलुआ व मालपुड़े के स्वाद से सभी आनंदमय थे। 

इस अवसर पर अतिथियों में मयंक गोयल, पूर्व सांसद अनिल अग्रवाल, जगदीश साधना, आशु वर्मा, इंद्रजीत सिंह टीटू, बालप्रीत सिंह, गौरव चोपड़ा, प्रदीप चौधरी, बिजेंद्र यादव, के के शर्मा, अमोल खत्री, परमानंद गर्ग समेत कई व्यापारी एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों की मौजूदगी रही जिनमें सुभाष छाबड़ा, अशोक अरोड़ा संजीव लाहौरिया, राजू छाबड़ा, नीरज अरोड़ा, रविन्द्र आर्य, नरेंद्र गोगिया, संजीव कपूर, अनिल अरोड़ा, राकेश बाठला, अशोक आजमानी,राजकुमार नागपाल, अनिल जी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

आयोजक मंडल से डी के गांधी, एड विनय कक्कड़ (पूर्व पार्षद), तिलक राज अरोड़ा, गुलशन भ्रामरी, सतीश चोपड़ा, (पूर्व पार्षद),अजय गंभीर, भूपेंद्र चोपड़ा, यशपाल अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा, नवीन अरोड़ा, विनय कक्कड़, राजेंद्र गजवानी, सुरेंद्र अरोड़ा, प्रेम रावल, वीरभान कपूर, गौरव मल्होत्रा आदि ने मिलकर संगत की सेवा की और जय गंगे मैया के जयघोष के साथ विशाल भंडारा एवं सहभोज हुआ। इसके पश्चात् सायंकाल में छोटा हरिद्वार के मुल्तानी घाट पर मां गंगा की महा आरती एवं महाज्योत विसर्जन के साथ यह उत्सव पूर्ण हुआ।