कालसी में जमुना कृष्ण धाम परिसर में मां यमुना की मूर्ति के अनावरण व हरिघाट का लोकार्पण एवं सेवा संकल्प अभियान के अन्तर्गत 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम
*🌺माँ गंगा जी की आरती के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं राष्ट्रसेवा के संकल्पों की सफलता हेतु प्रार्थना
परमार्थ निकेतन ऋषिकेश, परमार्थ त्रिवेणी पुष्प प्रयागराज, परमार्थ गुरुकुल उत्तरकाशी, दिल्ली एवं कोटद्वार में ऋषिकुमारों ने प्रज्वलित किए ‘आशीर्वाद के दीप’
भगवान विश्वकर्मा जी की कृपा से भारत के नव-निर्माण और नव-सृजन की यात्रा निरंतर प्रखर हो - पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती
हर दीप बने राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प, हर प्रार्थना बने भारत की समृद्धि एवं शांति का आह्वान
कालसी, 17 सितम्बर। हिमालय की पावन गोद और यमुना के निर्मल तट पर स्थित जमुना कृष्णा धाम परिसर, यमुना घाट, हरिपुर कालसी में आज दिव्य, भव्य एवं अलौकिक गंगा आरती का आयोजन किया गया। आध्यात्मिक ऊर्जा, राष्ट्रभक्ति और सेवा-संकल्प से ओतप्रोत इस दिव्य अवसर पर परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की गरिमामयी उपस्थिति ने पूरे वातावरण को विशेष आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की।
मंत्रोच्चार, वेदध्वनि, दीपों की ज्योति और माँ गंगा-यमुना के पावन तट पर सम्पन्न हुई गंगा जी आरती में माननीय मोदी जी के उत्तम स्वास्थ्य, राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण के लिए प्रार्थना की गई। आज की परमार्थ गंगा आरती विशेष रूप से भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर उनके दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं राष्ट्रसेवा के संकल्पों की सफलता हेतु समर्पित की।
पूज्य स्वामी जी ने कहा कि “कालसी की यह पावन धरती जौनसार-बावर की समृद्ध देवपरंपरा और लोकआस्था की भूमि है। महासू देवता की न्याय, संरक्षण और लोकमंगल की दिव्य परंपरा से अनुप्राणित इस क्षेत्र में माँ यमुना के पावन तट पर हुई आरती ने देवभूमि की सनातन चेतना, प्रकृति और संस्कृति के अद्भुत संगम को साकार किया।
आज भगवान विश्वकर्मा की जयंती भी है। भगवान विश्वकर्मा सृजन, निर्माण, कौशल और नव-रचना के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा जी की कृपा से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्पों को शक्ति मिले और उनके मार्गदर्शन में भारत के निर्माण एवं नव-सृजन की यात्रा निरंतर प्रखर होती रहे। भारत केवल भवनों और सड़कों का निर्माण न करे, बल्कि ऐसा राष्ट्र निर्मित हो जहाँ विकास के साथ संस्कार हों, विज्ञान के साथ आध्यात्मिकता हो, समृद्धि के साथ संवेदना हो और प्रगति के साथ प्रकृति का संरक्षण भी हो।
उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी सनातन संस्कृति, उसकी नदियों, हिमालय, ऋषि-परम्परा और उसकी युवा शक्ति में निहित है। जब राष्ट्र निर्माण की भावना सेवा से जुड़ती है तो विकास केवल भौतिक परिवर्तन नहीं रहता, वह राष्ट्र के चरित्र का निर्माणकर्ता बन जाता है। यही भारत की सनातन दृष्टि है-‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के साथ-साथ परमार्थ त्रिवेणी पुष्प प्रयागराज, परमार्थ गुरुकुल उत्तरकाशी, परमार्थ गुरुकुल दिल्ली एवं परमार्थ गुरुकुल कोटद्वार में भी ऋषिकुमारों द्वारा आशीर्वाद दीप प्रज्वलित किए गए। इन दीपों के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस को सेवा, साधना, प्रार्थना और राष्ट्रहित के संकल्प से जोड़ा।
पूज्य स्वामी जी ने कहा कि एक दीप केवल प्रकाश नहीं देता, वह अंधकार को चुनौती देने का संकल्प भी देता है। आज प्रज्वलित प्रत्येक आशीर्वाद दीप इसी भावना का प्रतीक है कि भारत का प्रत्येक नागरिक अपने भीतर सेवा, सद्भाव, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, संस्कार और राष्ट्रप्रेम का दीप प्रज्वलित करे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने कहा कि माँ गंगा और माँ यमुना केवल नदियाँ नहीं, हमारी जीवनधाराएँ और हमारी सांस्कृतिक चेतना की आधारशिलाएँ हैं। नदियों के तट पर होने वाली आरती हमें यह संदेश देती है कि प्रकृति का सम्मान ही भविष्य का सम्मान है। जल बचेगा तो जीवन बचेगा, नदियाँ निर्मल रहेंगी तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य निर्मल रहेगा।
माँ गंगा और माँ यमुना की पावन धाराएँ भारत की आत्मा को सदियों से सींचती आई हैं। आज इन्हीं पवित्र धाराओं के साक्षी भाव में प्रज्वलित आशीर्वाद दीप भारत के उज्ज्वल भविष्य, विश्वकल्याण और मानवता के मंगल का संकल्प बनकर प्रकाशमान हुए।
दिव्य आरती के दौरान पूरा यमुना घाट दीपों की ज्योति से जगमगा उठा। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद, घंटियों की मधुर ध्वनि और आरती की दिव्य ज्योति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने राष्ट्र की एकता, अखंडता, शांति, समृद्धि और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रार्थना की।
इस पावन अवसर पर महानिदेशक सूचना एवं विद्यालयी शिक्षा तथा एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोभाल , स्वामी अरुण गिरि जी, विधायक मुन्ना सिंह चैहान जी सहित उत्तराखंड सरकार एवं प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।



















































