शनिवार, 5 सितंबर 2026

सपा नेता अभिषेक गर्ग ने शिक्षक दिवस पर एबीसीएल इंस्टिट्यूट व सिद्धार्थ इंटर कॉलेज जटवाड़ा में शिक्षकों को किया सम्मानित




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । शिक्षक दिवस पर सिद्धार्थ इंटर कॉलेज जटवाड़ा व एबीसीएल (ABCL) संस्थान के स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग ने शिक्षा जगत से जुड़े उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि अभिषेक गर्ग द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ किया गया।

मुख्य अतिथि अभिषेक गर्ग ने कहा की राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका सराहनीय है "शिक्षक समाज के सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। वे न केवल विद्यार्थियों को ज्ञान प्रदान करते हैं, बल्कि उनके चरित्र और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण भी करते हैं।"

 और एबीसीएल संस्थान के स्थापना दिवस पर बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा के प्रचार-प्रसार और युवाओं के मार्गदर्शन में संस्थान का योगदान सराहनीय है।

 इसके पश्चात सिद्धार्थ इंटर कालेज जटवाड़ा में शिक्षकों का अभिनंदन समारोह में पहुंचकर समारोह के दौरान क्षेत्र के समर्पित और उत्कृष्ट शिक्षकों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष वीरेंद्र यादव एड , राजन कश्यप , शाहनवाज (वि ॰अध्यक्ष ) व सिद्धार्थ इंटर कॉलेज / एबीसीएल संस्थान के सम्मानित पदाधिकारी मिराज चिश्ती जी , हरस्वरूप जी (अध्यक्ष ) कृपाल जी , आर पी सिंह , पूजा दिवाकर , शरण वीर जी (प्रधानाचार्य) शिक्षकवृंद, विद्यार्थीगण अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

उद्यांचल यदुवंश कल्याण समिति के तात्वाधान में श्री कृष्ण जन्माष्टमी समारोह धूमधाम से मनाया

  






मुकेश गुप्ता

 गाजियाबाद ।  उद्यांचल यदुवंश कल्याण समिति द्वारा श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत धूमधाम व उल्लास के साथ 1 स्वरुप पार्क, किसान टिम्बर कंपनी परिसर, साहिबाबाद में मनाया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत श्रीकृष्ण पूजा एवं वंदना से हुई। करीब पैंतालीस बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें सुंदर भजन-कीर्तन, नृत्य और विभिन्न प्रस्तुतियां शामिल थीं।सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के लीलाओं एवं कृत्यों को  उपस्थित श्रोतागण  ने तालियां बजा बजाकर बच्चों को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री राम दुलार यादव वरिष्ठ समाज सेवी, संस्थापक संरक्षक व सलाहकार श्री एस एस प्रसाद, एवं अन्य उपस्थित बुद्धिजीवी वर्ग एवं वक्ताओं ने भगवान श्री कृष्ण के जीवन तथा उनके प्रेरक संदेशों पर प्रकाश डाला।भाग लेने वाले सभी बाल कलाकारों को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के लिए सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।

कार्यक्रम के समापन के पश्चात सभी श्रद्धालुओं एवं अतिथियों के लिए भोजन और प्रसाद की उत्तम व्यवस्था की गई। मंच संचालन कृष्णानंद/भानु प्रकाश यादव, सांस्कृतिक कार्यक्रम विनोद यादव/अजीत यादव, भंडारे का प्रबंधन महेंद्र यादव/ठाकुर प्रसाद जिसमें चावल/दाल में सुदर्शन यादव की साझेदारी रही I कार्यक्रम में सैंकड़ों महिलाओं पुरुषों एवं बच्चों के साथ गाजियाबाद के कई पत्रकार शामिल हुए। कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष श्रीनिवास यादव सहित अनेक गणमान्य डॉ.संजय यादव, डा. सरोज यादव, श्रीमती फूलमति यादव, राजपति यादव, ले. कर्नल अर्जुन सिंह यादव (सेवा निवृत्त), धर्मेंद्र यादव, विश्वनाथ यादव, परमात्मा यादव, शिव दरस यादव, दीनानाथ यादव,  देवमन यादव, अजीत यादव, कैलाश, ठाकुर प्रसाद, शेष राम यादव, शैलेन्द्र राय, इत्यादि उपस्थित रहे।

परमार्थ विद्या मन्दिर में धूमधाम से मनाया शिक्षक दिवस गुरु के प्रति कृतज्ञता, संस्कारों के प्रति समर्पण और उज्ज्वल भविष्य का संकल्प

 




संवाददाता

शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों को सादर नमन एवं हार्दिक शुभकामनाएँ

ऋषिकेश, 5 सितंबर। परमार्थ विद्या मन्दिर में शिक्षक दिवस के अवसर पर ज्ञान, संस्कार और गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति श्रद्धा से ओत-प्रोत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से संदेश दिया कि शिक्षक, जीवन को दिशा देने वाले मार्गदर्शक हैं।

महान दार्शनिक, शिक्षाविद्, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें श्रद्धाजंलि अर्पित की। आचार्य चाणक्य ने कहा था शिक्षक साधारण नहीं होता, प्रलय और निर्माण उसकी गोद में खेलते है। शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला होता है। उसकी गोद में भविष्य पलता है, उसके संस्कारों में समाज का निर्माण होता है और उसके मार्गदर्शन में अनगिनत जीवन अपनी सही राह पाते हैं। 

डॉ. राधाकृष्णन जी का मानना था कि शिक्षा समाज को परिवर्तित करने का सशक्त माध्यम है। उनका जीवन इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि ज्ञान, चिंतन और शिक्षण के प्रति समर्पण किस प्रकार व्यक्ति को राष्ट्र और विश्व के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने में सक्षम बनाता है। 

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य केवल उसकी इमारतों, तकनीक या आर्थिक प्रगति से नहीं, बल्कि उसके शिक्षकों और विद्यार्थियों के चरित्र से निर्मित होता है। शिक्षक आने वाली पीढ़ियों के विचारों, व्यवहार और मूल्यों को आकार देते हैं। वे समाज में ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं और मानवता को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

शिक्षक, बच्चों को केवल अक्षर ज्ञान ही नहीं कराते, बल्कि वह उनके भीतर छिपी संभावनाओं को पहचानना सिखाते है। शिक्षक वह दीपक हैं जो स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाश देते हैं। वे विद्यार्थियों के भीतर जिज्ञासा, अनुशासन, करुणा और आत्मविश्वास के बीज बोते हैं। इन बीजों को फलने-फूलने में समय लगता है, पर जब कोई विद्यार्थी अपने जीवन में अच्छा कार्य करता है, किसी की सहायता करता है, सत्य का साथ देता है या समाज के लिए कुछ सार्थक करता है, तब उसके पीछे किसी शिक्षक की दी हुई शिक्षा और संस्कार अवश्य झलकते हैं।

शिक्षक बच्चों को यह सिखाते हैं कि जीवन में आगे बढ़ना आवश्यक है, लेकिन दूसरों को पीछे छोड़कर नहीं; ऊँचा उठना आवश्यक है, लेकिन किसी को नीचा दिखाकर नहीं। 

परमार्थ विद्या मन्दिर के विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के लिये विशेष प्रस्तुतियां दी तथा कृतज्ञता व्यक्त की।

नंद के आनंद भयो” के जयघोष से गूंजा दूधेश्वर नाथ मंदिर मध्यरात्रि खीरे से लड्डू गोपाल का प्राकट्य, हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन; 2000 व्रतियों के लिए फलाहारी प्रसाद की व्यवस्था

 








मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” और “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भव्य एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज के पावन सानिध्य एवं अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

मंहत नारायण गिरि ने बताया कि शुक्रवार की सायं 7 बजे विशेष आरती के बाद रात्रि 8 बजे से गोपाल सहस्रनाम पाठ, विशेष अभिषेक-अर्चन, भजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रारंभ हुए। भगवान का माखन-मिश्री, इलायची दाना और गुलाब की पंखुड़ियों से विशेष अर्चन किया गया। प्रधानाचार्य तोयराज उपाध्याय एवं रोहित त्रिपाठी सहित वेद विद्यापीठ के आचार्यों और विद्यार्थियों ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित आकर्षक झांकियों एवं नृत्य-नाटिकाओं ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

उन्होंने बताया कि मध्यरात्रि ठीक 12 बजे मंदिर की प्राचीन परंपरा के अनुसार खीरे से लड्डू गोपाल का प्राकट्य होते ही पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। भगवान को भोग अर्पित करने के बाद श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज ने महाआरती की। इसके पश्चात श्रद्धालुओं को चरणामृत, माखन-मिश्री, पंजरी, फलाहारी मिठाइयां एवं फल निःशुल्क वितरित किए गए।

जन्माष्टमी का व्रत रखने वाले करीब 2000 श्रद्धालुओं के लिए मखाने की खीर, सिंघाड़े के आटे की पूड़ी, रायता और अरबी की सब्जी सहित फलाहारी प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई। मंदिर की परंपरा के अनुसार दर्शन एवं प्रसाद के लिए किसी श्रद्धालु से कोई शुल्क नहीं लिया गया।

आयोजन को सफल बनाने में श्री दूधेश्वर वेद विद्यापीठ के सचिव लक्ष्मीकांत, मंदिर प्रबंधक अमित कुमार शर्मा, शंकर झा, विजय मित्तल सहित मंदिर के कर्मचारियों, श्रृंगार सेवा समिति, कार्यकर्ताओं और भक्तों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन रमेश मंगल ने किया।

रात्रि 8 बजे से लगभग 2 बजे तक चले छह घंटे के इस महोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज ने जन्माष्टमी महोत्सव को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने में विशेष सहयोग देने के लिए गाजियाबाद जिला प्रशासन, पुलिस कमिश्नरेट, पुलिस प्रशासन, नगर निगम एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। महाराजश्री ने व्यवस्था में जुटे मंदिर के सभी कार्यकर्ताओं, सेवादारों, स्वयंसेवकों एवं श्रद्धालु भक्तों को भी धन्यवाद एवं आशीर्वाद दिया। साथ ही जन्माष्टमी महोत्सव को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग करने वाले सभी पत्रकार बंधुओं, छायाकारों, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति विशेष धन्यवाद प्रेषित किया।



मुख्यमंत्री के रूप में 20वीं बार श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचे योगी आदित्यनाथ, श्रद्धालुओं पर बरसाए फूल चांदी से सजे गर्भगृह में किए ‘लाला’ के दर्शन

 



संवाददाता

*योगमाया और केशवदेव मंदिर में भी किया दर्शन-पूजन, परिसर में विधि- विधान से किया गोपूजन*

*सीएम ने उज्जैन से आए कलाकारों का बढ़ाया उत्साह, ब्रजवासियों को दीं असीम शुभकामनाएं*

*मथुरा, 04 सितंबर।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने ब्रज प्रवास के दूसरे दिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शुक्रवार सुबह श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने पूरे विधि-विधान व आस्था के साथ मुख्य गर्भगृह में विराजमान 'लाला' (बाल कृष्ण) के दर्शन और विशेष पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री के रूप में श्रीकृष्ण जन्मभूमि का यह उनका 20वां दर्शन रहा। मंदिर परिसर में आगमन पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के पदाधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया।

*चांदी से सजे गर्भगृह की अद्भुत छटा निहारते रहे सीएम*

जन्माष्टमी के इस विशेष और दिव्य पर्व पर जन्मभूमि के मुख्य गर्भगृह की दीवारों को चांदी की परत लगाकर बेहद अलौकिक रूप से सजाया गया था। मुख्यमंत्री योगी काफी देर तक चांदी से सजे गर्भगृह की इस अद्भुत छटा और लाला के मनमोहक स्वरूप को भक्तिभाव से निहारते रहे। मुख्य गर्भगृह में दर्शन-पूजन के बाद सीएम ने परिसर में ही स्थित योगमाया मंदिर, केशवदेव मंदिर और भागवत भवन में भी जाकर दर्शन-पूजन किया और देश-प्रदेश की सुख-शांति व समृद्धि की मंगल कामना की।



गोपूजन कर श्रद्धालुओं पर की पुष्प वर्षा

मंदिर में पूजन-अर्चन से पहले मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में गोमाता का विधिवत पूजन किया। इस पावन पर्व पर जन्मभूमि परिसर में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार करते हुए सीएम योगी ने उन पर देर तक पुष्प वर्षा की और सभी देशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने जन्मभूमि परिसर में अपनी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दे रहे उज्जैन से आए कलाकारों के मध्य पहुंचकर उनका उत्साहवर्धन किया और साथ में फोटो भी खिंचवाईं। सीएम योगी करीब 30 मिनट तक जन्मभूमि परिसर में रहे।

शुक्रवार, 4 सितंबर 2026

गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र बच्चन हिमाचल गौरव प्रतीक से अलंकृत




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश के संरक्षण में ‘सेवा परमो धर्म:’ में अहम योगदान के लिए गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार एवं समाज चिंतक जितेन्द्र बच्चन को भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग बिलासपुर के सभागार में ‘हिमाचली टोपी’ से अलंकृत किया गया। बिलासपुर के उपायुक्त आईएएस श्री राहुल कुमार ने हिमाचल प्रदेश की यह सांस्कृतिक पहचान, मान-सम्मान और गौरव का प्रतीक कर्नल जसवंत सिंह चंदेल व जिला भाषा अधिकारी श्रीमती नीलम चंदेल की मौजूदगी में प्रदान किया।

उपायुक्त श्री राहुल कुमार समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया के 9वें राष्ट्र गौरव सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। उन्होंने कहा, 'सेवा परमो धर्मः' भारतीय संस्कृति का मूल मंत्र है, जो हमें निस्वार्थ भाव से समाज एवं राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरित करता है। और जितेन्द्र बच्चन पत्रकारिता व समाजसेवा के माध्यम से इसे कार्य को बाखूबी निभा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश आज उन्हें अपनी सांस्कृतिक पहचान, मान-सम्मान व ‘गौरव प्रतीक’ से अलंकृत कर गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

डॉ. जितेन्द्र बच्चन ने इस सम्मान के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार और बिलासपुर के उपायुक्त श्री राहुल कुमार, कर्नल जसवंत सिंह और जिला भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग अधिकारी (डीएलओ) श्रीमती नीलम चंदेल के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित ‘राष्ट्र गौरव’ सम्मान समारोह को सेवा, समर्पण एवं राष्ट्र निर्माण की उस महान परंपरा को सुदृढ़ करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया, जो जनसेवा को सर्वोच्च धर्म मानता है। डॉ बच्चन ने कहा, “हिमाचली टोपी केवल मान-सम्मान का एक प्रतीक नहीं, बल्कि यह जनकल्याण, प्रेरणा और समर्पण की जीवंत भावना का प्रतीक है। जय हिन्द, जय भारत!”

डॉ. बच्चन ने यह भी कहा कि समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसकेएफआई) का ‘विकसित समाज सशक्त भारत’ अभियान समाज के प्रत्येक वर्ग को सेवा के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है तथा भविष्य में राष्ट्रहित में कार्य करने की चेतना को और अधिक सशक्त बनाएगा। इसी संकल्प के साथ सेवा, संस्कार और समर्पण के पथ पर एसकेएफआई निरंतर आगे बढ़ रहा है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उपायुक्त श्री राहुल कुमार ने 32 विभूतियों को ‘राष्ट्र गौरव’ पुरस्कार और 9 प्रतिभाओं को अलग-अलग क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्य के लिए उन्हें राष्ट्रीय प्रतिभा अवार्ड से भी सम्मानित किया है। इस अवसर पर डॉ. अभिजीत कुमार, डॉ. राम स्वरूप भटनागर, डॉ. विद्या भूषण श्रीवास्तव, ललिता कश्यप, सुभाष गुप्ता, नीरज शर्मा, रविन्द्र कुमार शर्मा, विकास कुमार, मंजू कश्यप, हेमेन्द्र कुमार के अलावा शिक्षा, साहित्य, समाजसेवा, कला-संस्कृति, सेना, पुलिस और पत्रकारिता से जुड़े कई गणमान्य उपस्थित रहे।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियों से सजा परमार्थ निकेतन , श्रीकृष्ण के अवतरण का संदेश-धर्म की स्थापना, की प्रतिष्ठा और जीवन की सर्वांगीण पूर्णता-स्वामी चिदानन्द सरस्वती






संवाददाता

ऋषिकेश, 4 सितम्बर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व के स्वागत के लिए परमार्थ निकेतन में तैयारियाँ श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ चल रही हैं। आश्रम परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर विशेष तैयारियां हो रही है। 

परमार्थ निकेतन की ओर से समस्त देशवासियों एवं विश्वभर के श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। प्रार्थना है कि भगवान श्रीकृष्ण का दिव्य प्रेम प्रत्येक हृदय में प्रकट हो, जीवन में धर्म का प्रकाश हो, कर्मों में निष्कामता हो और समस्त विश्व में शांति, सद्भाव एवं करुणा का विस्तार हो।

भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण धर्म की पुनर्स्थापना और अधर्म के विनाश का प्रतीक है। जब समाज में अन्याय बढ़ता है, जब अहंकार, हिंसा और असत्य मानवता को पीड़ित करते हैं, तब परमात्मा का अवतरण धर्म की रक्षा के लिए होता है। 

भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कारागार में हुआ, परंतु उनका जीवन यह संदेश देता है कि परमात्मा का प्रकाश परिस्थितियों का मोहताज नहीं होता। अंधकार कितना भी गहरा हो, सत्य का अवतरण संभव है। जन्माष्टमी हमें स्मरण कराती है कि जब मनुष्य अपने भीतर के भय, मोह, अहंकार और अज्ञान के बंधनों को पार करता है, तभी उसके जीवन में कृष्ण का प्रकाश प्रकट होता है।

आज जब संसार तनाव, संघर्ष, असंतुलन और अस्थिरता से जूझ रहा है, तब     श्रीकृष्ण का संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है। भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन से पलायन नहीं, बल्कि जीवन के मध्य रहकर धर्मपूर्वक कर्म करने की शिक्षा दी। 

यह संदेश हमें संदेश देता है कि हमारा अधिकार कर्म पर है, फल पर नहीं। जब कर्म निष्काम हो जाता है, तब जीवन सेवा बन जाता है और सेवा साधना बन जाती है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने संदेश में कहा कि श्री कृष्ण वह चेतना हैं जो जीवन के प्रत्येक आयाम को प्रेम, ज्ञान और आनंद से पूर्ण करती है। श्री कृष्ण अर्थात् वात्सल्य, प्रकृति और गौ-संस्कृति के संरक्षक हैं, प्रेम और माधुर्य के प्रतीक हैं, जीवन के मार्गदर्शक हैं। श्री कृष्ण राधा के प्रेम में माधुर्य हैं, सुदामा की मित्रता में आत्मीयता हैं, द्रौपदी की पुकार में करुणा हैं और अर्जुन के संशय में ज्ञान हैं।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण एक ऐसे अवतार हैं जो सर्वांगीणता के दर्शन कराते हैं। उनके जीवन में भक्ति है, ज्ञान है, कर्म है, योग है, प्रेम है, नीति है, करुणा है, नेतृत्व है और लोककल्याण की भावना है। वे हमें संदेश देते हैं कि आध्यात्मिकता जीवन से अलग कोई वस्तु नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक कर्म में परमात्मा का अनुभव करने की कला है।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव इसी दिव्य संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का अवसर है। यह पर्व हमें प्रेरणा देता है कि हम अपने जीवन को प्रेम, सेवा, साधना और सद्भाव से युक्त कर समाज और विश्व के कल्याण के लिए समर्पित हों।

आइए, इस जन्माष्टमी पर हम अपने भीतर के अंधकार को दूर कर श्रीकृष्ण के प्रकाश का स्वागत करें। भगवान श्रीकृष्ण हमारे हृदयों में प्रेम, हमारे कर्मों में धर्म और हमारे जीवन में आनंद का अवतरण करें।

गुरुवार, 3 सितंबर 2026

मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं, मुख्यमंत्री ने स्वामी श्री हरिदास प्रेक्षागृह समेत 1051 करोड़ की 229 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

 








                                   संवाददाता

विदेशी आक्रांताओं ने मंदिरों को तोड़ा, लेकिन भक्ति नहीं डिगा पाएः मुख्यमंत्री

*जवाहरबाग कांड का उपद्रव देखा था, अब क्षेत्र में उत्सव का माहौल: सीएम योगी*


मथुरा, 3 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रज की धरा से प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी वृंदावन में स्वामी श्री हरिदास प्रेक्षागृह समेत 1051 करोड़ की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। इसमें 540 करोड़ से अधिक की 62 परियोजनाओं का लोकार्पण, 437 करोड़ से अधिक लागत की 167 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। साथ ही आवास योजना के लाभार्थियों के खाते में 72 करोड़ से अधिक की धनराशि स्थानांतरित की गई। सीएम ने ब्रज, अयोध्या, काशी आदि का उदाहरण देते हुए कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने भले ही मंदिरों को तोड़ा, लेकिन वे हमारी भक्ति को कभी नहीं डिगा पाए। 

*हरिदास जी ने साधना को समाज की चेतना से जोड़ा*

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी हरिदास जी महाराज ने भक्ति को संगीत का स्वरूप दिया। संगीत को साधना बनाया और इसे समाज की चेतना से जोड़ा। उनकी साधना ने एक सम्राट को भी भक्ति रस के साथ जोड़ने का अद्भुत कार्य किया। महान संगीतज्ञ तानसेन स्वामी हरिदास जी के शिष्य थे।

*विकास को केवल सड़क, बिजली, पानी के चश्मे से देखा गया*

सीएम ने कहा कि हम लोगों ने लंबे समय तक विकास को केवल सड़क, बिजली, पानी, भवन और उद्योग के चश्मे से देखने की कोशिश की। विकास के नाम पर विरासत का अपमान होता रहा। इतिहास के नायकों को भारतीय स्मृति से मिटाने की कोशिश हुई। पहले विदेशी आक्रांताओं, फिर अंग्रेजों ने हमारे इतिहास और ऐतिहासिक चिन्हों को नष्ट किया, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने तो हमारी विरासत की उपेक्षा व अपमान की हद पार कर दी। 

*2017 से पहले उत्सव नहीं, उपद्रव होता था*

सीएम ने कहा कि अब मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोवर्धन, बलदेव क्षेत्र जिस विरासत और उत्सव के लिए जाना जा रहा है, वह 2017 के पहले संभव नहीं था। सीएम ने जून 2016 के जवाहर बांग कांड के उपद्रव और इसमें 29 लोगों के मारे जाने का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें हमारे दो पुलिस अधिकारी भी बलिदान हुए थे। ऐसे उपद्रव प्रदेश में उत्सव, विकास, सभ्यता और संस्कृति के संरक्षण की कल्पना कौन कर सकता था। एक राष्ट्र अपनी स्मृति, संस्कृति, जड़ों को ढूंढने से महान बनता है। जिस समाज को विरासत का बोध होता है, वह दुनिया से सीखता और दुनिया को सिखाता भी है।


*संघर्ष, संरक्षण, पुनर्निर्माण, सनातन की निरंतरता का इतिहास*

सीएम ने कहा कि भारत का इतिहास केवल उपलब्धियों का नहीं, बल्कि संघर्ष, संरक्षण, पुनर्निर्माण, सनातन की निरंतरता का इतिहास है। मथुरा इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि स्थित केशव देव मंदिर ने कई आक्रमण सहे हैं। विदेशी आक्रांताओं ने मंदिर तोड़े, लेकिन वे श्रीकृष्ण, राधारानी की स्मृति को नहीं मिटा पाए। न जन्माष्टमी का आयोजन रुका और न ही वृंदावन की भक्ति। न बरसाना की होली थमी और न गोवर्धन की परिक्रमा। यही है सनातन और ब्रज की शक्ति। 

*निरंतर बढ़ती रही सनातन की आभा*

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में मंदिरों पर प्रहार के प्रसंग मिलते हैं, किंतु उसी कालखंड में ब्रज की धरती पर स्वामी हरिदास जैसे संत साधना से संगीत की ऐसी धारा विकसित करते हैं, जिसकी गूंज सदियों से चली आ रही है। यह अनंत काल तक हर संगीतज्ञ को आकर्षित करती रहेगी। काशी विश्वनाथ का मंदिर औरंगजेब ने तोड़ा, लेकिन परंपरा कभी समाप्त नहीं हुई। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने मंदिर के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज काशी विश्वनाथ धाम भव्यता और आधुनिक सुविधाओं के लिए जाना जा रहा है। अयोध्या में बाबर ने 1528 में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर को तोड़ कर गुलामी का ढांचा बनवा दिया, लेकिन इससे रामनवमी, पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा, सावन का झूला मेला नहीं रुका। सनातन की आभा निरंतर बढ़ती रही और संघर्ष का जज्बा पैदा करती रही। इसी का परिणाम है कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया है। 

*लोक कल्याण के लिए संतों ने समर्पित किया जीवन* 

सीएम ने कहा कि भारत को समझने के लिए संतों और कलाकारों की लोक विधा की कला को समझना पड़ेगा। क्रांतिकारियों और उन करोड़ों भारतीयों को पढ़ना होगा, जिन्होंने पीढ़ी दर पीढ़ी इस सभ्यता को जीवित रखा। महाराज सुहेलदेव, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर, महारानी लक्ष्मीबाई, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह, जगद्गुरु आदि शंकराचार्य से लेकर एक लंबी परंपरा चली आई है। पूज्य संतों ने लोक कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। 


*मंदिरों, भाषाओं, साहित्य, संगीत, कला समेत हर क्षेत्र में है विरासत* 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत केवल किसी भौतिक वस्तु में नहीं होती। यह हमारे मंदिरों, भाषाओं, साहित्य, संगीत, कला, दर्शन, गणित, विज्ञान, चिकित्सा, खगोल ज्ञान, लोक व ज्ञान परंपराओं में भी है। डबल इंजन सरकार ने प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में इसमें नए आयाम (विरासत, विकास, आस्था, आर्थिकी, परंपरा और परिवर्तन भी) और आधुनिकता को भी जोड़ा है। अयोध्या, काशी, मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोवर्धन, नंदगांव, बलदेव, विंध्याचल, चित्रकूट, शुकतीर्थ, संभल, बरेली, नैमिषारण्य, सारनाथ, कुशीनगर जैसे तीर्थ स्थलों का विकास कर हम वर्तमान और भावी पीढ़ी के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उन्नयन को बढ़ा रहे हैं। बदलते उत्तर प्रदेश, बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत कानून व्यवस्था और विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर का प्रमाण है कि गत वर्ष 156 करोड़ पर्यटक उत्तर प्रदेश आए।

*विरासत से जुड़कर ही विकसित व आत्मनिर्भर राष्ट्र बनेगा भारत*

सीएम ने ब्रज की धरा से स्पष्ट संदेश दिया कि भारत विरासत से जुड़कर ही विकसित व आत्मनिर्भर राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करेगा। इसके लिए महिला, युवा, किसान, उद्यमी, कारीगर, हस्तशिल्पी समेत हर तबके का उन्नयन होना चाहिए। कानून का राज इसकी पहली शर्त है। श्रद्धालु, पर्यटक, निवेशक तभी आएंगे, जब उन्हें सुरक्षा पर भरोसा होगा। मां-बेटी तभी निर्भय होकर बाहर निकलेंगी, जब उसका शासन पर विश्वास होगा। सावन में गाजियाबाद से लेकर हरिद्वार के बीच 5 करोड़ कांवड़ यात्री निकले। अन्य मार्गों पर भी यह संख्या करोड़ों में रही। 

*2017 से पहले उपद्रव होता था, अब उत्सव से पहले तैयारियां*

सीएम ने कहा कि बरेली में महीनों दंगे होते थे। दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर सम्मानित किया जाता था। मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मेरठ, लखनऊ में दंगे होते थे, लेकिन साढ़े 9 वर्ष में यूपी कर्फ्यू व दंगा मुक्त है। अब उत्सव हमारी पहचान है। अब मथुरा-वृंदावन में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु आते हैं। रंगोत्सव, वैष्णव कुंभ, दुर्गा पूजा, रामनवमी, दीपोत्सव, शोभायात्राएं व महाकुंभ जैसे भव्य आयोजन हो रहे हैं। पहले उत्सव से पहले उपद्रव की आशंका रहती थी, अब उत्सव के पहले तैयारी होती है। भारत अब आस्था के सबसे बड़े आयोजनों को आधुनिक व्यवस्थाओं के साथ आयोजित कर रहा है। 

*पर्यटन विकास से जोड़े जा रहे ब्रज के क्षेत्र*

मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 वर्ष में 1000 करोड़ रुपये से ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने अनेक परियोजनाओं को पूरा किया। सुरक्षा, स्वच्छता, कनेक्टिविटी की सुविधा के साथ श्रद्धालुओं का सम्मान हो रहा है। वृंदावन, बरसाना, नंदगांव, गोवर्धन, राधा कुंड, गोकुल, बलदेव, मथुरा आदि को पर्यटन विकास से जोड़ा जा रहा है। 84 कोसी, पंचकोसी परिक्रमा मार्ग, कुंडों का पुनरुद्धार हो रहा है। माननीय उच्चतम न्यायालय का संरक्षण प्राप्त हुआ तो श्री बांके बिहारी मंदिर के आसपास के क्षेत्र का भव्य विकास भी होगा। वृंदावन में रोपवे, मेगा पार्किंग और मथुरा में राया अर्बन नोड जैसी परियोजनाओं के जरिए ब्रज के आधुनिक भविष्य की मजबूत नींव रखने का प्रयास प्रारंभ हुआ है।

सूरदास ब्रजभाषा अकादमी की स्थापना भी हुई

सीएम ने कहा कि ब्रज संस्कृति के संरक्षण और ब्रजभाषा के संवर्धन के उद्देश्य से सूरदास ब्रजभाषा अकादमी की स्थापना हुई। डबल इंजन सरकार देश-विदेश के ख्यातिलब्ध कलाकारों को एक मंच पर लाकर ब्रज की समृद्ध संगीत एवं साहित्यिक विरासत को भी संरक्षित, संवर्धित और विश्व पटल पर प्रतिष्ठित कर रही है। वृंदावन के नगरीय सीमा के भीतर ही 400 एकड़ क्षेत्र में एशिया का सबसे बड़ा सिटी वन (सौरभी वन) विकसित किया जा रहा है।

इस अवसर पर संत विजय कौशल जी महाराज, गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह, सांसद हेमामालिनी, राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह, महापौर विनोद अग्रवाल, विधायक श्रीकांत शर्मा, पूरन प्रकाश, मेघश्याम सिंह, राजेश चौधरी, विधान परिषद सदस्य ओमप्रकाश सिंह, योगेश चौधरी, जिला पंचायत प्रशासक किशन चौधरी आदि उपस्थित रहे।

परमार्थ विद्या मन्दिर में मनायी जन्माष्टमी,परमार्थ विद्या मन्दिर के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने धूमधाम से मनाया श्री कृष्ण जन्म

 





संवाददाता

ऋषिकेश, 3 सितम्बर। परमार्थ विद्या मन्दिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और आध्यात्मिक भाव के साथ मनाया गया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को जीवन में धर्म, प्रेम, विवेक, करुणा, साहस और कर्तव्य को जागृत करने के संकल्प-पर्व के रूप में मनाया।

श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव उस दिव्य क्षण का स्मरण है, जब अंधकार के मध्य प्रकाश का प्राकट्य हुआ। यह केवल द्वापर युग की एक घटना नहीं, बल्कि मानव-चेतना के लिए सनातन संदेश है कि जब जीवन के भीतर भय बढ़ता है, जब सत्य पर संकट आता है, जब अधर्म अपना प्रभाव बढ़ाता है, तब ईश्वर किसी न किसी रूप में हमारे भीतर सत्य का दीप प्रज्वलित करते हैं।

जन्माष्टमी हमें यह भी स्मरण कराती है कि श्रीकृष्ण का जन्म किसी राजमहल में नहीं, बल्कि कारागार के अंधकार में हुआ। यह सनातन दर्शन का अत्यंत गहरा संदेश है, परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी विपरीत क्यों न हों, दिव्यता को जन्म लेने से कोई कारागार रोक नहीं सकता। बाहर का अंधकार प्रकाश को रोक नहीं सकता, यदि भीतर विश्वास जीवंत हो।

परमार्थ विद्या मन्दिर में बच्चों ने श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की झाँकी, भक्ति एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तथा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जन्मोत्सव की दिव्यता को जीवंत किया। नन्हे-नन्हे बालकों का कृष्ण-राधा स्वरूप अत्यंत आकर्षित करने वाला था, यह हमारी उस सनातन परंपरा का सुंदर प्रतिबिंब था जिसमें संस्कार पुस्तकों से पहले उत्सवों के माध्यम से बच्चों के हृदय में उतरते हैं।

श्रीकृष्ण भारतीय संस्कृति के ऐसे अद्भुत व्यक्तित्व हैं जिनमें जीवन का कोई एक पक्ष नहीं, बल्कि सम्पूर्ण जीवन समाहित है। वे माखनचोर भी हैं और मनमोहन भी, बालसखा भी हैं और जगद्गुरु भी, बांसुरीधर भी हैं और सुदर्शनधारी भी। वे प्रेम की मधुरता भी सिखाते हैं और धर्म की दृढ़ता भी। वे जीवन से भागने का मार्ग नहीं बताते, बल्कि जीवन के मध्य खड़े होकर उसे धर्ममय बनाने की कला सिखाते हैं।

भगवद्गीता में श्रीकृष्ण अर्जुन को केवल युद्ध करना नहीं सिखाते, वे अपने भीतर के मोह, भय और भ्रम से युद्ध करना सिखाते हैं। यही शिक्षा आज के बच्चों और युवाओं के लिए अत्यंत आवश्यक है। आज का कुरुक्षेत्र बाहर से अधिक भीतर है, तुलना, तनाव, असफलता का भय, सोशल मीडिया का आकर्षण, त्वरित सफलता की चाह और सही-गलत के बीच बढ़ता भ्रम। ऐसे समय में श्रीकृष्ण की गीता युवा मन को बताती है कि अपने कर्तव्य पर विश्वास रखो, कर्म को पूजा बनाओ और परिणाम की चिंता से स्वयं को मुक्त करो।

परमार्थ विद्या मन्दिर का परिसर भक्ति, उल्लास और संस्कारों से सराबोर रहा।

सीडीओ ने आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति की समीक्षा बैठक की, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं के पारिवारि सदस्यों को भी योजना से जोड़ने के दिए निर्देश




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ  की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग तथा बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के अधिकारियों के साथ आयुष्मान कार्ड बनाये जाने की समीक्षा बैठक आहूत की गयी। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती विनीता चन्द्रा द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में कुल 1200 आंगनबाडी कार्यकर्त्री तथा 1015 आंगनबाडी सहायिकाएं तैनात है। जिसके सापेक्ष 986 आंगनबाडी कार्यकर्त्रियों तथा 821 आंगनबाडी सहायिकाओं के आयुष्मान कार्ड बनाये गये है। बाल विकास परियोजना अधिकारियों द्वारा कुल 191 आंगनबाडी कार्यकर्त्री तथा 165 आंगनबाडी सहायिका नव निर्मित डाटा प्रेषित किया गया है। 

मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया गया कि आंगनबाडी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं के पारिवारिक सदस्यों को भी योजना से जोडते हुए आयुष्मान कार्ड बनाये जाएं। बाल विकास विभाग के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि लखनऊ स्तर से आयुष्मान कार्ड पोर्टल पर उपलब्ध सूची में मृत, सेवानिवृत्त, त्यागपत्र दे चुकी आंगनबाडी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं के नाम भी अंकित है जिसमें संशोधन किया जाना है। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिये की ऐसी नाम की सूची स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराये जाये तथा सूची में संशोधन कराया जाए।

जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत औरंगाबाद फजलगढ़ में किसान जन चौपाल आयोजित की






मुकेश गुप्ता

सम्बंधित अधिकारी ग्रामों में जाकर किसानों की समस्याओं को सुनें और करायें गुणवत्तापूर्ण निस्तारण: जिलाधिकारी

किसानों को आश्वस्त करते हुए जिलाधिकारी ने कहा—प्रत्येक समस्या का कराया जायेगा शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण

गाजियाबाद । जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में विकास खण्ड भोजपुर की ग्राम पंचायत औरंगाबाद फजलगढ़ में किसान जन चौपाल का आयोजन किया गया। किसान जन चौपाल में जिलाधिकारी ने किसानों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याओं, शिकायतों एवं सुझावों को सुना तथा संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारी नियमित रूप से ग्रामों में जाकर किसानों से संवाद करें और उनकी समस्याओं को मौके पर सुनते हुए नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण समाधान कराना सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर ग्राम प्रधान श्रीमती कोमल द्वारा ग्राम की विभिन्न समस्याओं एवं आवश्यकताओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया। ग्राम प्रधान ने ग्राम की सड़कों के जीर्णोद्धार, तालाब उपलब्ध कराने, विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने तथा विद्युत सप्लाई को सुचारु रूप से संचालित किए जाने सहित अन्य मांगें रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने किसानों को आश्वस्त किया कि किसानों से संबंधित प्रत्येक समस्या का नियमानुसार शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाएगा। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे अपनी समस्याओं एवं सुझावों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखें, ताकि उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। किसान जन चौपाल के दौरान किसानों द्वारा विभिन्न विषयों पर अपनी समस्याएं एवं सुझाव प्रस्तुत किए गए। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किसानों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी भी दी गई और किसानों की आय में अधिक बढ़ोतरी कराने हेतु ​भी जानकारी प्रदान की गयी। किसान जन चौपाल शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई।

इस अवसर पर प्रशासन की ओर से परियोजना निदेशक, नायब तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत, मैनेजर जिला सहकारी बैंक, ग्राम प्रधान श्रीमती कोमल सहित किसानों में बिजेन्द्र सिंह, राम कुमार, हरेन्द्र सिंह, राजवीर सिंह, धर्मपाल, सतीश, सोमेश, कामेश, सोबरन सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य किसान उपस्थित रहे।