रविवार, 15 फ़रवरी 2026

परमार्थ निकेतन में धूमधाम से मनायी गयी महाशिवरात्रि, आइए, इस महाशिवरात्रि अपने मन को कैलाश बनाएं, हृदय को गंगाजल सा निर्मल करें और जीवन को शिवमय बनाए-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

 



                    सत्ता बन्धु संवाददाता

*💫परमार्थ गुरूकुल के आचार्यों व ऋषिकुमारों ने निकाली भगवान शिव जी की बारात*

*🌟भक्ति, वेदध्वनि और शिवत्व का दिव्य उत्सव*

ऋषिकेश, 15 फरवरी। परमार्थ निकेतन में महाशिवरात्रि का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और आध्यात्मिक गरिमा के साथ मनाया गया। परमार्थ गुरूकुल के आचार्यों व ऋषिकुमारों ने भगवान शिव जी की बारात निकाली। सम्पूर्ण आश्रम परिसर “हर-हर महादेव” और ऊँ नमः शिवाय” के गगनभेदी जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। स्वयं देवाधिदेव महादेव की यह दिव्य धरती और परमार्थ गंगा तट शिवमय हो गया। 

परमार्थ निकेतन में आयोजित महाशिवरात्रि रिट्रीट में देश-विदेश से आये साधक, योगी, और श्रद्धालु शिवरात्रि के इस पावन अवसर पर शिवकृपा प्राप्त करने हेतु एकत्रित हुए। परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने वेदमंत्रों के उच्चारण, ताल-नगाड़ों की गूंज और शंखध्वनि के साथ भगवान शिव की भव्य बारात निकाली। यह दिव्य शोभायात्रा आश्रम परिसर से होकर गंगा तट तक पहुँची, जहाँ भक्तों ने पुष्पवर्षा कर शिवबारात का स्वागत किया। 

ऋषिकुमारों की वेदपाठ की मधुर ध्वनि ने वातावरण को पवित्र कर दिया। उनके द्वारा गाये गये रुद्राष्टाध्यायी, महामृत्युंजय मंत्र और शिवस्तोत्रों ने उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय को भाव-विभोर कर दिया। नगाड़ों की ताल और डमरू की गूंज के साथ भक्तगण नृत्य और कीर्तन में लीन हो गये। 

संध्या समय विशेष शिवाभिषेक का आयोजन किया गया, जिसमें गंगाजल, दुग्ध, दही, मधु, बिल्वपत्र और पुष्पों से भगवान शिव का अभिषेक होगा। आज के दिन सामूहिक रूप से ऊँ नमः शिवाय” का जप करते हुए अपने भीतर के अहंकार, क्रोध और अज्ञान को समर्पित करने का संकल्प लें। 

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने प्रेरणादायी संदेश में कहा कि महाशिवरात्रि, चेतना की रात्रि है जो हमें विनाश से सृजन, अंधकार से प्रकाश और सीमितता से अनंतता की ओर ले जाती है। उन्होंने कहा कि शिव अर्थात् कल्याण। जब हम अपने भीतर के विकारों को त्यागते हैं, तब हमारा जीवन भी शिवमय हो जाता है। तप, त्याग, सेवा और ध्यान के माध्यम से हम अपने मन को शिवालय बना सकते हैं।

महाशिवरात्रि, आत्मजागरण की दिव्य रात्रि है, यह रात्रि हमें भीतर की सुप्त चेतना को जगाने का अवसर देती है। शिवरात्रि के दिन उपवास का भी अत्यधिक महत्व है। ‘उप’ अर्थात् समीप और ‘वास’ अर्थात् निवास अर्थात् भगवान के निकट रहना। अभिषेक, आंतरिक शुद्धि का प्रतीक है। जब हम शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, मधु और बिल्वपत्र अर्पित करते हैं, तब वस्तुतः हम अपने मन के विकारों को धो रहे होते हैं। जल से शांति, दूध से पवित्रता, मधु से मधुरता और बिल्वपत्र से समर्पण का भाव जागृत होता है। अभिषेक हमें संदेश देता है कि जीवन को निर्मल, सरल और करुणामय बनाना ही वास्तविक आराधना है।

रात्रि में जागरण एवं सत्संग का आयोजन हुआ। भजन, कीर्तन, ध्यान और साधना के साथ श्रद्धालु पूरी रात शिवनाम में लीन हुये। डमरू की ताल और घंटों की ध्वनि से पूरा वातावरण आध्यात्मिक हो उठा। परमार्थ गंगा तट पर सामूहिक ध्यान ने प्रत्येक साधक को आत्मिक शांति और ऊर्जा का अनुभव कराया।

आइए, इस महाशिवरात्रि अपने मन को कैलाश बनाएं, हृदय को गंगाजल सा निर्मल करें और जीवन को शिवमय बनाएं।

ब्रह्मज्ञान से ही सच्ची प्रेमा भक्ति संभव—सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज

 



                          मुकेश गुप्ता

 बागपत, 15 फरवरी, 2026:संत निरंकारी मिशन का एक दिवसीय निरंकारी संत समागम सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी की पावन अध्यक्षता में मेरठ के बागपत में भव्य रूप से आयोजित हुआ। समागम में हजारों श्रद्धालु भक्तों ने सहभागिता कर सतगुरु के दिव्य प्रवचनों से अपने जीवन को आध्यात्मिक दिशा प्रदान की।

श्रद्धा और भक्ति से ओत-प्रोत सत्संग में सतगुरु माता जी ने फरमाया कि परमात्मा से सच्चा प्रेम तभी संभव है जब उसका वास्तविक परिचय हो। केवल नाम लेने से नहीं, बल्कि ब्रह्मज्ञान द्वारा परमात्मा को जानकर उसे जीवन में धारण करके ही प्रेमा भक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

सतगुरु माता ने उदाहरण सहित समझाया कि परमात्मा एक ही है, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए। जिस प्रकार एक ही मैदे से अनेक प्रकार के व्यंजन बनते हैं, उसी प्रकार मूल तत्व एक ही रहता है। इसी तरह जल, बर्फ और भाप रूप बदलते हैं, पर उनका तत्व (H₂O) एक ही होता है। वैसे ही समस्त सृष्टि के कण-कण में एक ही निराकार परमात्मा विद्यमान है।

सतगुरु माता  ने कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत अनमोल है क्योंकि इसी में परमात्मा की प्राप्ति संभव है। यह मनुष्य पर निर्भर है कि वह अज्ञान में जीवन बिताए या जागरूक होकर प्रेम, क्षमा, सेवा और सद्भाव को अपनाए। सच्ची भक्ति भय, स्वार्थ या चतुराई से नहीं, बल्कि निष्काम प्रेम से की जाती है।

मनुष्य सेवा, सुमिरन और सत्संग से जुड़कर मानवता के गुणों को अपनाए, किसी को कष्ट न पहुँचाए और क्षमा व प्रेम का व्यवहार रखे। परमात्मा का प्रेम अमीर-गरीब, ऊँच-नीच या किसी भेदभाव में भेद नहीं करता; वह सभी पर समान रूप से बरसता है।

मेरठ जोन के जोनल इंचार्ज  कुंवरपाल की ओर से बागपत संयोजक  यशवीर ने विभिन्न स्थानों से आए हुए संत महात्माओं, भाई-बहनों का धन्यवाद ज्ञापन किया तथा प्रशासन से प्राप्त सहयोग हेतु प्रशासन का भी आभार व्यक्त किया।

निसंदेह, समागम में उपस्थित संगत ने एकत्व, प्रेम और मानवता के संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।




ठाकुरद्वारा से दौलतपुरा पुल तक जीटी रोड पर डेंस रोड निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ सांसद अतुल गर्ग एवं शहर विधायक संजीव शर्मा ने किया





                            मुकेश गुप्ता

 शहर की हर समस्या का समाधान ही मेरा परम् कर्तव्य.. विधायक संजीव शर्मा

गाजियाबाद ।  ठाकुरद्वारा से दौलतपुरा पुल तक जीटी रोड पर डेंस रोड निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ सांसद अतुल गर्ग एवं शहर विधायक संजीव शर्मा ने किया।

इस परियोजना के अंतर्गत दोनों ओर डेंस रोड का निर्माण एवं सौंदर्यकरण का कार्य किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत लगभग ₹4 करोड़ 35 लाख है साथ ही ठाकुर द्वारा पुल की मरम्मत का कार्य और डेंस रोड का कार्य भी होगा, यह कार्य क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ-साथ शहर की सुंदरता को भी नई पहचान देगा।

इस अवसर पर सांसद अतुल गर्ग  ने कहा कि सड़क निर्माण से शहर के विकास को नई गति मिलेगी और क्षेत्र का चतुर्मुखी विकास सुनिश्चित होगा। बेहतर सड़क व्यवस्था से व्यापार, आवागमन और स्थानीय नागरिकों को सीधा लाभ प्राप्त होगा।

वहीं शहर विधायक संजीव शर्मा ने कहा कि यह सड़क लंबे समय से क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग थी, जिसे आज पूरा करने का कार्य प्रारंभ हुआ है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विधानसभा क्षेत्र के विकास हेतु निरंतर प्रयास जारी रहेंगे और जनता की हर मूलभूत सुविधा को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा।

यह परियोजना क्षेत्रवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात है, जिससे भविष्य में यातायात जाम की समस्या में कमी आएगी और शहर का बुनियादी ढांचा और अधिक सुदृढ़ होगा।

 मीडिया प्रभारी अजय चोपड़ा ने बताया विकास के कार्य तीव्र गति से जारी रहेंगे।

इस अवसर पर शहर मंडल अध्यक्ष महीम गुप्ता, क्रासिंग मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, गाँधी नगर मंडल अध्यक्ष वरुण नागर,पार्षद नीरज गोयल, उदित मोहन, राकेश त्यागी,राजेश शर्मा,शरद शर्मा, अक्षय भोला,राकेश पंडित,व्यापारी नेता सुभाष छाबड़ा, राजू छाबड़ा,अनिल साँवारिया, राकेश स्वामी,सहित सेकड़ो कार्यकर्ता मौजूद रहे 

      

                    

             

महाशिवरात्रि पर्व पर जलाभिषेक के लिए श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में देश-विदेश के भक्तों का उमड़ा सैलाब

 




मुकेश गुप्ता

भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक कर भक्तों ने श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से लिया आशीर्वाद 

महाराजश्री ने तीन दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों व दूधेश्वर भक्तों का धन्यवाद किया 


गाजियाबादः महाशिवरात्रि पर्व पर सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में देश-विदेश के भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर परिसर ही नहीं आसपास का पूरा क्षेत्र भी भगवान दूधेश्वर के जयकारों से गूंजायमान हो गया। मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन सानिध्य में जलाभिषेक के लिए पहुंचे भक्तों की कतारें शंभू दयाल इंटर कॉलेज से आगे तक पहुंच गई। 

महाराजश्री ने महादेव व माता पार्वती के स्वरूप के साथ किया जलाभिषेक  

मंदिर में जलाभिषेक के लिए भक्तों का तांता शनिवार की रात्रि 9 बजे से ही लगने लगा था। रात्रि 12 बजे तक भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने महादेव व माता पार्वती के स्वरूप के साथ भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना की व जलाभिषेक किया। मंदिर में विराजमान सभी देवी-देवताओं व गुरू मूर्तियों की भी पूजा-अर्चना की। दास विजय बाबा लंदन यूके व श्री दूधेश्वर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज गर्ग ने भी भगवान का जलाभिषेक किया। प्राचीन देवी मंदिर द्वारका पुरी दिल्ली गेूट के महंत गिरिशानंद गिरि महाराज ने आरती की और उसके बाद मंदिर के कपाट खोले गए तो जस्सी पुरा, कैलाश नगर ही नहीं जीटी रोड भी भगवान दूधेश्वर व हर हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।   श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि मगवान महादेव व माता पार्वती के स्वरूपों ने रात भर भक्तों को दर्शन व आशीर्वाद दिया और सुबह वापस कैलाश चले गए।

भगवान के जलाभिषेक के लिए घंटों इंतजार करना पडा

मंदिर के मीडिया प्रभारी पिंटू सुथार ने बताया कि भगवान दूधेश्वर के जलाभिषेक के लिए मंदिर में देश-विदेश से पहुंचे लाखों भक्तों लंबी-लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पडा।। इसके बावजूद उनके उत्साह में कोई कमी नहीं रही। कतारों में लगे बच्चे, युवा, महिला, बुजुर्ग भगवान के भजनों से पूरे वातावरण को दूधेश्वरमय बनाते रहे।  महाराजश्री के मार्गदर्शन-अध्यक्षता तथा जिला-पुलिस प्रशासन, नगर निगम आदि के सहयोग से इतनी बेेहतर व्यवस्था रही कि लाखों की संख्या में भक्तों के पहुंचने के बाद किसी भी भक्त को जलाभिषेक करने में कोई दिक्कत नीं हो रही है और सभी ने व्यवस्थाओं की सराहना की

वीआईपी ने भी भगवान दूधेश्वर के दरबार मे ंलगाई हाजरी




भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक करने के लिए वीआईपी भी पहुंचे। भाजपा के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने रात्रि 2 बजे ही भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना व जलाभिषेक किया। सांसद अतुल गर्ग व विधायक संजीव शर्मा ने भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना व जलाभिषेक कर महाराजश्री से भेंट की। पूर्व महापौर आशु वर्मा ने भी भगवान की पूजा-अर्चना की। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने विधि-विधान के साथ भगवान की पूजा-अर्चना की। विभिन्न राजनैतिक दलों के नेता भी परिवार के साथ जलाभिषेक करने पहुंचे। राजस्थान से ठाकुर जितेंद्र सिंह सिवाना उमेश सिंह, महेंद्र सिंह आदि भक्तों ने जलाभिषंेक किया। पुलिस कमिश्नर  जे रविंदर गौड़ ने सुरक्षा व्यवस्था पर स्वयं नजर रखी। न्यायिक अधिकारियों समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों, उद्योगपतियों, व्यापारियों महंत शैलेंद्र गिरि महाराज, पंडित महेश चंद्र वशिष्ठ, रमेश गिरि महाराज, मगल गिरि आदि ने भी भगवान का जलाभिषेक किया। महाराजश्री की अध्ध्यक्षता व दूधेश्वर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज धर्म गर्ग की देख-देख में मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव ने भक्तों की भीड व सफलता का इतिहास रचा। अनुज धर्म गर्ग की ओर से भक्तों के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने सभी जनप्रतिनिधियों, सभी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों, मीडिया कर्मियों, सभी पत्रकार बंधुओं, मंदिर के स्वयंसेवकों और भगवान दूधेश्वर के सभी भक्तों का महाशिवरात्रि पर्व को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया। 

मीडिया प्रभारी पिंटू सुथार ने बताया कि

भगवान के भव्य श्रृंगार को देख अभिभूत हुए भक्त

 भगवान दूधेश्वर का भव्य श्रृंगार किया गया। भगवान का श्रृंगार श्री दूधेश्वर श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल द्वारा किया गया जिसमें मुकेश, प्रतीक, राजेश, यश, नकुल, दक्ष, कुशंक आदि दूधेश्वर भक्तों का पूर्ण सहयोग रहेगा। भगवान का श्रृंगार 501 किलो फलों व फूलों से किया गया और उन्हें 56 भोग भी अर्पित किए गए

भगवान शिव व मां पार्वती का विवाह हुआ

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व के दिन ही दिन भगवान शिव व माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसी कारण बहुत से स्थानों पर महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान शिव की बारात निकालकर भगवान शिव व मां पार्वती का विवाह कराया जाता है। दूधेश्वर नाथ मंदिर में शनिवार की रात्रि भगवान शिव की बारात जस्सीपुरा मोड से निकाली गई। बारात के मंदिर पहुंचने पर उसका भक्तों ने स्वागत किया।  बारात में भूत-प्रेत, शिवगण से लेकर ब्रहमाजी, भगवान विष्णु व अन्य देवी-द्रेवता भी शामिल थे। भगवान शिव व माता पार्वती का विधि-विधान के साथ विवाह हुआ, जिसके बाद भजन संध्या का आयोजन किया गया।

 

यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की डॉ. उपासना अरोड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रिपब्लिक ऑफ सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी से मुलाकात की

 

                              मुकेश गुप्ता

चर्चा का केंद्र भारत–सेशेल्स सहयोग को स्वास्थ्य सेवाओं, समावेशी विकास और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में मजबूत करना रहा

गाजियाबाद, 14 फरवरी 2026: रिपब्लिक ऑफ सेशेल्स के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान आयोजित आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. उपासना अरोड़ा ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  तथा महामहिम डॉ. पैट्रिक हर्मिनी से हैदराबाद हाउस,नई दिल्ली में मुलाकात की।

इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत–सेशेल्स साझेदारी को और सुदृढ़ करने तथा समावेशी विकास, व्यापार, डिजिटल परिवर्तन और क्षमता निर्माण जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों की पहचान पर चर्चा की गई। स्वास्थ्य सेवा भी आपसी रुचि का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा, जिसमें अस्पताल अवसंरचना को मजबूत करने, सस्ती और गुणवत्ता सुनिश्चित दवाओं तक पहुंच बढ़ाने तथा संस्थागत सहयोग के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य वितरण प्रणाली को बेहतर बनाने पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया।

शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2026

सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में तीन दिवसीय फाल्गुन महाशिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ, श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन सानिध्य में शुरू हुआ महोत्सव, 15 फरवरी को उमड़ेगा देश-विदेश के भक्तों का सैलाब

 




  मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद: सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में तीन दिवसीय फाल्गुन महाशिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन सानिध्य एवं अध्यक्षता में हुआ।

महोत्सव के अवसर पर मंदिर परिसर को भव्य एवं आकर्षक फूल-बंगले के रूप में सजाया गया है। महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान शिव के जलाभिषेक हेतु देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि महाशिवरात्रि का हिंदू धर्म में अत्यंत विशेष महत्व है। इसी दिन भगवान शिव लिंग रूप में प्रकट हुए थे तथा इसी तिथि को शिव-शक्ति का पावन मिलन, अर्थात भगवान शिव एवं माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। इसी कारण यह पर्व ‘शिवरात्रि’ नहीं बल्कि ‘महाशिवरात्रि’ कहलाता है।

भगवान शिव की भव्य बारात एवं विवाह आयोजन

शनिवार, 14 फरवरी की रात्रि को मंदिर परिसर में भगवान शिव एवं माता पार्वती का विवाह समारोह आयोजित किया जाएगा। विवाह से पूर्व भगवान शिव की भव्य बारात जस्सीपुरा मोड़ से निकलेगी, जिसमें भूत-प्रेत, शिवगणों के साथ-साथ देवी-देवताओं की अनुपम झांकियां देखने को मिलेंगी। विवाह उपरांत रात्रि 11 बजे से भजन संध्या का आयोजन होगा।

भगवान दूधेश्वर का अलौकिक श्रृंगार

मंदिर के मीडिया प्रभारी पिंटू सुथार ने बताया कि शनिवार 14 फरवरी को भगवान दूधेश्वर का भव्य श्रृंगार श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन सानिध्य में किया जाएगा।

श्री दूधेश्वर श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल एवं उनकी टीम द्वारा सायं 5:30 बजे भगवान का महाकाल स्वरूप में 56 भोग तथा लगभग 501 किलो फलों एवं फूलों से अद्भुत श्रृंगार किया जाएगा। इस सेवा में मुकेश, प्रतीक, राजेश, यश, नकुल, दक्ष, कुशंक सहित अनेक श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहेगा।

14 फरवरी की रात्रि 12 बजे से जलाभिषेक प्रारंभ 

महाशिवरात्रि का पावन जलाभिषेक 14 फरवरी की रात्रि 12 बजे से प्रारंभ होगा। सर्वप्रथम मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज एवं श्री दूधेश्वर मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज गर्ग द्वारा जलाभिषेक व पूजन किया जाएगा, इसके पश्चात मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

महाशिवरात्रि पर्व पर विशेष प्रशासनिक व्यवस्थाएं रविवार 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम एवं विद्युत विभाग सहित विभिन्न विभागों के सहयोग से व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। अधिकारियों द्वारा मंदिर का निरीक्षण कर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से भेंट कर उनके सुझावों के अनुसार सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

धर्मार्थ सेवा समिति द्वारा प्रसाद व्यवस्था

धर्मार्थ सेवा समिति पिछले 40 वर्षों से महाराजश्री की प्रेरणा से भक्तों की सेवा कर रही है। समिति द्वारा इस वर्ष भी नरेंद्र गुप्ता ‘आरती वाले’ के नेतृत्व में महाशिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रसाद की व्यवस्था की गई है। रात्रि तक भक्तों को कुट्टू के आटे की पकौड़ी, मखाने की खीर एवं दही का प्रसाद वितरित किया जाएगा।

आठों प्रहर की विधिवत पूजा महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर में आठों प्रहर की विधिवत पूजा का आयोजन किया जाएगा। यह पूजा दूधेश्वर वेद विद्यालय के विद्वान आचार्यों द्वारा संपन्न कराई जाएगी।

पूजन में वेद विद्यालय के प्राचार्य तोयराज उपाध्याय के साथ वरिष्ठ अध्यापक नित्यानंद आचार्य, आचार्य रोहित त्रिपाठी, आचार्य किशन शर्मा, आचार्य अजय दाधीच तथा आचार्य दीपक द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान से भगवान दूधेश्वर की आराधना की जाएगी।

पूजन का समय इस प्रकार रहेगा—

प्रथम प्रहर: प्रातः 5 से 7 बजे

द्वितीय प्रहर: 8 से 10 बजे

तृतीय प्रहर: 11 से 1 बजे

चतुर्थ प्रहर: 2 से 4 बजे

पंचम प्रहर: 4:30 से 6 बजे

सांयकालीन आरती: 6:30 से 7 बजे

षष्ठ प्रहर: 7 से 9 बजे

सप्तम प्रहर: 9:30 से 11:30 बजे

अष्टम प्रहर: रात्रि 12 से 3 बजे तक

भक्तों को मिलेगा महाराजश्री का आशीर्वाद

महाशिवरात्रि पर्व पर आम श्रद्धालुओं से लेकर विशिष्ट अतिथि तक भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक एवं पूजन करेंगे तथा मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026

एसआईआर अभियान को गति देने हेतु अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष बलप्रीत सिंह के नेतृत्व मे हुई बैठक सम्पन्न, 2000 नए मतदाता जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित



                            मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। भारतीय जनता पार्टी महानगर गाजियाबाद के नेहरू नगर स्थित कार्यालय पर एसआईआर अभियान को गति प्रदान करने हेतु अल्पसंख्यक मोर्चा महानगर की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन महानगर अध्यक्ष  मयंक गोयल के नेतृत्व में किया गया। बैठक का संचालन अल्पसंख्यक मोर्चा के महानगर अध्यक्ष सरदार बलप्रीत सिंह ने किया।

बैठक में विषय विस्तार के लिए महानगर महामंत्री  राजेश त्यागी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि एसआईआर अभियान संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है और लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का मतदाता सूची में नाम दर्ज होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 के माध्यम से नए मतदाताओं को जोड़ना प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है और अल्पसंख्यक समाज में विशेष संपर्क अभियान चलाकर अधिकाधिक युवाओं एवं पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल कराया जाए।

बैठक में महानगर मीडिया प्रभारी प्रदीप चौधरी, राकेश जैन, सरदार परमजीत सिंह पम्मी सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर अल्पसंख्यक मोर्चा को 2000 नए मतदाता फॉर्म-6 के माध्यम से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया तथा इसके लिए वार्ड स्तर पर टोली गठन कर घर-घर संपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण कर एसआईआर अभियान को सफल बनाया जाएगा।

महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती पर परमार्थ निकेतन मे किए श्रद्धा-सुमन अर्पित

 

                          सत्ता बन्धु संवाददाता

वेदों की ओर लौटो,

विकिपीडिया की तर्ज पर एक ‘वैदिकपीडिया’ का निर्माण हो, जहाँ से भावी पीढ़ी को प्रामाणिक ज्ञान के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों की शिक्षा प्राप्त हो सके-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश, 12 फरवरी। आर्य समाज के प्रवर्तक, महान समाज सुधारक, अद्वितीय चिंतक और भारतीय नवजागरण के अग्रदूत महर्षि दयानंद सरस्वती जी की पावन जयंती के अवसर पर परमार्थ निकेतन की ओर से उनकी तपःपूत स्मृति को कोटि-कोटि नमन। 

आज का दिन भारत की आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक जागरण और वैदिक पुनरुत्थान के संकल्प का अवसर है। महर्षि दयानंद सरस्वती जी ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण राष्ट्र, धर्म और समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर किया। उनका उद्घोष “वेदों की ओर लौटो” आज भी भारत की आत्मा को जागृत करने वाला मंत्र है।

महर्षि दयानंद जी ने उस समय जन्म लिया जब भारतीय समाज को वास्तव में एक ऐसे प्रकाश की आवश्यकता थी जो उन्हें वेदों से जोड़ सके। तब उन्होंने संन्यास धारण कर सत्य की खोज की और वेदों के प्रकाश से समाज को नई दिशा देने का संकल्प लिया। उनका स्पष्ट संदेश था कि सत्य ज्ञान का स्रोत वेद हैं, और इन्हीं के आधार पर श्रेष्ठ जीवन का निर्माण हो सकता है।

महर्षि दयानंद सरस्वती जी ने अंधश्रद्धा, बाल विवाह, सती प्रथा, छुआछूत जैसी कुरीतियों के विरुद्ध निर्भीक होकर आवाज उठाई। उन्होंने समाज को तर्क, विज्ञान और विवेक के साथ धर्म को समझने की प्रेरणा दी। उनका मानना था कि धर्म वह है जो मानवता का कल्याण करे, जो समाज को जोड़ने का कार्य करे, न कि विभाजन का। इसी सोच के साथ उन्होंने 1875 में आर्य समाज की स्थापना की, जो सामाजिक और आध्यात्मिक क्रांति का आधार बना।

शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान अत्यंत उल्लेखनीय है। उन्होंने स्त्री-शिक्षा, वैदिक शिक्षा और आधुनिक ज्ञान के समन्वय पर बल दिया। उनका विश्वास था कि शिक्षित समाज ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। गुरुकुल व्यवस्था के माध्यम से चरित्रवान, संस्कारित और राष्ट्रभक्त नागरिक तैयार करने का उनका स्वप्न आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने नारियों को समान अधिकार देने, उन्हें शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने का जो अभियान चलाया, वह उस समय के लिए एक क्रांतिकारी कदम था।

महर्षि दयानंद सरस्वती जी ने जाति-प्रथा और सामाजिक भेदभाव का तीव्र विरोध किया। उनका विचार था कि मनुष्य की पहचान उसके कर्म और गुणों से होनी चाहिए, जन्म से नहीं। उन्होंने वर्गविहीन, जातिविहीन और समतामूलक समाज की परिकल्पना प्रस्तुत की। उनके विचारों ने भारतीय समाज को आत्मगौरव, स्वाभिमान और राष्ट्रीय चेतना से ओत-प्रोत किया। उनके द्वारा लिखित ग्रंथ ‘सत्यार्थ प्रकाश’ ने लाखों लोगों के जीवन को दिशा दी और उन्हें सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान की।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती जी एक राष्ट्रनिर्माता थे। उनके विचारों ने स्वतंत्रता आंदोलन के अनेक सेनानियों को प्रेरित किया। स्वदेशी भावना, आत्मनिर्भरता और भारतीय संस्कृति के प्रति गर्व का जो बीज उन्होंने बोया, वही आगे चलकर राष्ट्रवाद की सशक्त धारा बना। 

आज जब आधुनिकता की दौड़ में हमारे युवा अपनी जड़ों से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे समय “वेदों की ओर लौटो” अर्थात् प्राचीनता की ओर जाना नहीं, बल्कि सत्य, ज्ञान, नैतिकता और मानवता के मूल्यों को पुनः अपनाना है। यह संदेश हमें अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक धरोहर पर गर्व करने की प्रेरणा देता है।

आज समय की आवश्यकता है कि विकिपीडिया की तर्ज पर एक ‘वैदिकपीडिया’ का निर्माण हो, जहाँ से भावी पीढ़ी को प्रामाणिक ज्ञान के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों की शिक्षा प्राप्त हो सके।

बुधवार, 11 फ़रवरी 2026

अनुशासन और साहस ही जीवन में सफलता की असली कुंजी हैं, लक्ष्य स्पष्ट हो तो राह स्वयं बन जाती है राह:कुलदीप दीक्षित

 



                

थाना प्रभारी सिहानी गेट का सरस्वती विद्या मंदिर के विद्यार्थियों से संवाद

थाना प्रभारी कुलदीप दीक्षित ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित, पुलिस सेवा के प्रति बढ़ाया उत्साह

गाजियाबाद । विद्या भारती द्वारा संचालित दुर्गावती हेमराज टाह सरस्वती विद्या मंदिर नेहरू नगर गाजियाबाद के श्रेष्ठतम विद्यालयों में से एक है। भैया बहनों के मार्गदर्शन के लिए विद्यालय अनेक वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भैया बहनों का संवाद  कराता रहता है ताकि भैया बहन इनसे प्रेरणा लेकर जीवन में श्रेष्ठतम कर सके। आज इसी क्रम में सिहानी गेट थाना प्रभारी कुलदीप दीक्षित का विद्यालय परिवार की तरफ से सम्मान किया गया।  विद्यालय के प्राचार्य  विपिन राठी के द्वारा  कुलदीप दीक्षित  को एक शाल, सम्मान प्रतीक तथा पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया। कुलदीप दीक्षित जी उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के बहुत ही कर्मठ, साहसी, पराक्रमी इंस्पेक्टर हैं। श्री कुलदीप दीक्षित को इसी वर्ष पुलिस विभाग द्वारा उनकी वीरता, कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्लैटिनम पदक से सम्मानित किया गया है।  आज भैया बहनों के साथ  कुलदीप जी ने अपने संवाद में उन्हें पुलिस विभाग की कार्यशैली से अवगत कराया। साथ ही पुलिस विभाग के द्वारा किए जा रहे साहसिक और अच्छे कार्यों से के बारे में भी बताया। उन्होंने भैया बहनों को जीवन में अनुशासित रहने तथा जीवन में साहसिक व बहादुरी वाले क्षेत्र को चुनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने भैया बहनों को पुलिस सेवा में आने के लिए भी उत्साहित किया। सभी भैया बहनों को उन्होंने बताया कि आप किस प्रकार से पुलिस सेवा को  चुन सकते हैं और पुलिस सेवा में आने के क्या-क्या रास्ते हैं।उन्होंने पुलिस विभाग की चुनौतियां से भी सभी भैया बहनों को अवगत कराया। श्री कुलदीप जी को उनके साहसिक कार्य और कर्तव्य निष्ठा के लिए सम्मानित करने पर विद्यालय परिवार भी गौरव की अनुभूति कर रहा है। आज के इस संवाद कार्यक्रम में उप प्रधानाचार्य वंदना वर्मा,  मनोज , सुदीप्ता , गौतम राजपूत , सत्य प्रकाश , लालमणि , मुकेश मिश्रा हिमानी  सहित सभी अध्यापक व भैया बहन उपस्थित रहे।

समर्पण दिवस पर पं. दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि, संगठन विस्तार एवं सेवा कार्यों का लिया संकल्प





                         .मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद, 11 फरवरी 2026 । भारतीय जनता पार्टी, गाजियाबाद महानगर द्वारा महानगर अध्यक्ष श्री मयंक गोयल जी के नेतृत्व में एकात्म मानववाद के प्रणेता एवं भारत रत्न परम पूज्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि के अवसर पर “समर्पण दिवस” कार्यक्रम का आयोजन श्री जानकी भवन, कवि नगर, रामलीला मैदान में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम में मौजूद सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उनके विचारों को आत्मसात करते हुए समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की धारा पहुंचाने का संकल्प लिया। मुख्य अतिथि ने सभी के साथ पंडित जी के जीवन दर्शन पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उपस्थित जनों ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन कर उनके जीवन, कृतित्व एवं विचारों की जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा  सतेन्द्र शिशौदिया  ने अपने संबोधन में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन दर्शन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ। बाल्यकाल से ही उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में संघर्षपूर्ण जीवन व्यतीत किया, किंतु राष्ट्रसेवा का संकल्प कभी कमजोर नहीं होने दिया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में कार्य करते हुए संगठन विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में अग्रणी रहे।”

उन्होंने आगे कहा कि “दीनदयाल  द्वारा प्रतिपादित ‘एकात्म मानववाद’ भारतीय चिंतन पर आधारित एक समग्र जीवन-दर्शन है, जिसे एकात्म मानव दर्शन भी कहा जाता है। इसमें व्यक्ति, समाज, प्रकृति और राष्ट्र के संतुलित एवं समन्वित विकास की परिकल्पना की गई है। उनकी कृतियाँ ‘एकात्म मानववाद’, ‘राष्ट्र जीवन की दिशा’ तथा ‘पोलिटिकल डायरी’ आज भी कार्यकर्ताओं को विचार आधारित राजनीति का मार्ग दिखाती हैं। उनका जीवन सादगी, सेवा, संगठन और सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक था।”

श्री शिशौदिया ने कहा कि “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अंत्योदय के सिद्धांत को धरातल पर उतार रही है। जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, हर घर जल, स्वच्छ भारत मिशन तथा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी अनेक योजनाएं दीनदयाल जी के अंत्योदय के विचार को साकार कर रही हैं। सरकार का प्रत्येक निर्णय अंतिम व्यक्ति को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है।”

इस अवसर पर पूर्व महापौर आशु वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि “अंत्योदय केवल एक नारा नहीं, बल्कि समाज के सबसे कमजोर वर्ग के उत्थान का संकल्प है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का मानना था कि जब तक अंतिम व्यक्ति का उत्थान नहीं होगा, तब तक राष्ट्र का विकास अधूरा रहेगा। आज हमें सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से अंत्योदय के इस विचार को व्यवहार में लाना होगा।”

महानगर अध्यक्ष  मयंक गोयल ने अपने वक्तव्य में कहा कि “एकात्म मानववाद या एकात्म मानव दर्शन केवल राजनीतिक विचार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों पर आधारित समग्र दृष्टि है। यह दर्शन व्यक्ति और समाज के बीच संतुलन स्थापित करते हुए समरसता, स्वावलंबन और नैतिक मूल्यों पर आधारित राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देता है। समर्पण दिवस हमें यह संकल्प दिलाता है कि हम संगठन की मजबूती, सेवा कार्यों के विस्तार और अंत्योदय के सिद्धांत को जीवन में उतारकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के आदर्शों को आगे बढ़ाएं।” उन्होंने आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों एवं सेवा अभियानों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पूर्व अध्यक्ष बलदेव राज शर्मा, अमर दत्त शर्मा,  विजय मोहन, सरदार एस.पी. सिंह,  अजय शर्मा, पूर्व विधायक  रूप चौधरी,  राजेश्वर प्रसाद,  अनिल स्वामी,  सुनील यादव, महामंत्री श्री पप्पू पहलवान, महानगर उपाध्यक्ष  बॉबी त्यागी, महानगर मंत्री  गुंजन शर्मा, मीडिया प्रभारी प्रदीप चौधरी, ऋचा भदौरिया, पूनम सिंह सहित विभिन्न मंडलों के अध्यक्ष, पार्षदगण, मोर्चा पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वक्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के संगठनात्मक कौशल एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।

अंत में महानगर अध्यक्ष  मयंक गोयल ने सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन श्री बॉबी त्यागी ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।



पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी पुण्यतिथि पर परमार्थ निकेतन से भावभीनी श्रद्धाजंलि, मातृभूमि के अनन्य उपासक और राष्ट्र निर्माता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

 


                              सत्ता बन्धु संवाददाता

11 फरवरी, विज्ञान में महिलाओं और लड़कियों का अंतरराष्ट्रीय दिवस हमें स्मरण कराता है कि ज्ञान, जिज्ञासा और अनुसंधान का क्षेत्र किसी लिंग तक सीमित नहीं है। प्रत्येक लड़की में अद्भुत क्षमता और अन्वेषण की शक्ति है। यदि हम उन्हें शिक्षा, अवसर और प्रोत्साहन दें, तो वे समाज और राष्ट्र के निर्माण में अद्वितीय योगदान दे सकती हैं

ऋषिकेश, 11 फरवरी परमार्थ निकेतन से आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुये भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित की। उन्होंने अपने जीवन को मूल्यों, नैतिकता और मातृभूमि की सेवा के लिए समर्पित किया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी देश की आत्मा और संस्कृति के सशक्त स्तंभ थे। उनका जीवन, उनके विचार और उनके सिद्धांत आज भी प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा, दिशा और आदर्श का स्रोत हैं।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का व्यक्तित्व सादगी, दृढ़ता और समाज सेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक था। उन्होंने जीवन भर यह संदेश दिया कि राष्ट्र की शक्ति केवल उसकी अर्थव्यवस्था या सैन्य शक्ति में नहीं, बल्कि उसके नागरिकों के चरित्र, मूल्यों और नैतिक चेतना में है। उन्होंने हमेशा यह माना कि समाज और राष्ट्र तभी सशक्त बन सकते हैं जब उसके प्रत्येक सदस्य में सदाचार, आत्मनिर्भरता और देशभक्ति का संचार हो।

उनके विचारों का केंद्र एकात्म मानववाद था। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने इस दर्शन के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि समाज का हर व्यक्ति, चाहे गरीब हो या अमीर, शिक्षित हो या अशिक्षित, वह राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकता है। उन्होंने हमेशा यह कहा कि असली विकास केवल भौतिक समृद्धि तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक, मानसिक और आध्यात्मिक उत्थान में निहित है। उनका यह     दृष्टिकोण आज भी देश के नीति-निर्माण, सामाजिक सेवा और युवा नेतृत्व के लिए मार्गदर्शक है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आधुनिकता के साथ जोड़ने का अद्वितीय प्रयास किया। उनका मानना था कि मूल्य और विकास एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि सहायक हैं। उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए हमेशा प्रयास किए और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मार्ग दिखाया। उनके योगदान ने यह साबित किया कि सच्ची सेवा और राष्ट्रभक्ति का मार्ग केवल नीतियों में नहीं, बल्कि हर व्यक्ति के जीवन में उनके चरित्र और कार्यों में निहित है। उनके अनुसार, राष्ट्र की शक्ति उसके नागरिकों की चेतना, उनके मूल्यों और उनके साहस में निहित है। 

आज जब देश विभिन्न सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचार और सिद्धांत और भी प्रासंगिक हो गए हैं। उनका संदेश यह है कि सशक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी नीतियों पर निर्भर नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी, नैतिकता और मूल्य आधारित जीवन पर भी निर्भर है। उनका जीवन और कार्य हमें यह प्रेरणा देते है कि हम सभी अपने कर्तव्यों, अपने परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदार हों और राष्ट्र के विकास में अपना योगदान दें। परमार्थ निकेतन से उनकी देशभक्ति को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पेश बजट उत्तर प्रदेश को विकास के शिखर पर पहुंचाने का काम करेगाः सरदार बलप्रात सिंह

 

                           मुकेश गुप्ता

कई देशों के बजट से भी अधिक बडा है यूपी का बजट 

गाजियाबादः भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के महानगर अध्यक्ष सरदार बलप्रीत सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली भाजपा सरकार ने  बुधवार को अपना 10वां बजट पेश किया। यह उत्तर प्रदेश को विकास के 

शिखर पर पहुंचाने वाला बजट साबित होगा। इस बजट में समाज के हर वर्ब का पूरा ध्यान रखा गया है। बजट में महिलाओं, युवाओं, किसानों पर विशेष फोकस किया गया है। सरदार बलप्रीत सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश किया, जो प्रदेश का अभी तक का सबसे बडा बजट है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार का बजट 12 प्रतिशत अधिक है। यह बजट पाकिस्तान के बजट से भी अधिक बडा बजट है। उत्तर प्रदेश की आबादी करीब 25 करोड़ है और इतनी ही आबादी पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की भी है, लेकिन उत्तर प्रदेश का बजट पाकिस्तान से करीब डेढ़ गुना है। वित्त वर्ष 2025-26 में पाकिस्तान का बजट भारतीय रुपयों में 5.65 लाख करोड़ था, जबकि यूपी का बजट 9 लाख करोड़ रुपये के पार निकल गया है। यूपी का बजट पाकिस्तान ही नहीं, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका के बजट से कहीं अधिक है। सरदार बलप्रीत सिंह ने कहा कि बजट का 12 प्रतिशत शिक्षा व 6 प्रतिशत चिकित्‍सा पर खर्च होगा। 43,565 करोड़ से अधिक की धनराशि नई योजनाओं के लिए प्रस्तावित की गई है। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट के जरिए रोजगार सृजन करने प्लानिंग भी है, जिससे प्रदेश के युवाओं को लाभ मिलेगा। परिषदीय विद्यालय के शिक्षकों और संविदा कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए 358 करोड़ का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक विकास की योजनाओं के लिए 27103 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण और नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के लिए 5000 करोड़ रूपये की व्यवस्था पकी गई है। स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना में टैबलेट-स्मार्ट फोन के वितरणके लिए 2374 करोड़ रुपये की व्यवस्था है।  अटल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के लिए 2000 करोड़ रुपये दिए गए हैं। फॉंरेन डाइरेक्ट इंवेस्‍टमेंट एवं फॉर्च्‍यून.500 कम्पनियों के निवेश के लिए घोषित प्रोत्साहन नीति.2023 के लिए 1000 करोड़ रुपये की व्‍यवस्‍था की गइ है तो डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर परियोजना में अब तक 200 रक्षा उद्योगों की स्थापना के लिए एमओयू साइन किये गये हैंए जिसमें 35280 करोड़ का निवेश होगा 53263 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। कुल मिलाकर यह एक ऐसा बजट है, उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे विश्व में अलग पहचान दिलाने का काम करेगा।

मंगलवार, 10 फ़रवरी 2026

यशोदा मेडिसिटी में रिपब्लिक ऑफ साउथ सूडान के प्रतिनिधिमंडल ने किया दौरा, मेडिसिटी के चैयरमैन व मैनिजिग डायरेक्टर ने किया भव्य स्वागत

 

                              मुकेश गुप्ता

इस दौरे के दौरान यशोदा मेडिसिटी की उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सा विशेषज्ञता को करीब से देखा गया।

गाज़ियाबाद, 10 फरवरी 2026 । दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख अस्पतालों में से एक, यशोदा मेडिसिटी ने रिपब्लिक ऑफ साउथ सूडान के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एच.ई. एम्बेसडर कुलोंग मैन्यतुइल विजांग, एम्बेसी ऑफ द रिपब्लिक ऑफ साउथ सूडान ने किया। उनके साथ एच.ई. माइकल साकी लोंगवा, मिनिस्टर प्लेनिपोटेंशियरी, और एच.ई. मार्टिन डैनियल मांडे, डिप्लोमैट ऑफ द रिपब्लिक ऑफ साउथ सूडान भी उपस्थित थे। यह दौरा भारत की उन्नत हेल्थकेयर इकोसिस्टम में बढ़ती अंतरराष्ट्रीय रुचि और वैश्विक मेडिकल केयर के लिए यशोदा मेडिसिटी की विश्वसनीय भूमिका को दर्शाता है।

दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने यशोदा मेडिसिटी की अत्याधुनिक सुविधाओं का अवलोकन किया, जिनमें एडवांस्ड डायग्नोस्टिक यूनिट्स, क्रिटिकल केयर सर्विसेज और स्पेशलाइज़्ड ट्रीटमेंट एरियाज़ शामिल हैं। प्रतिनिधियों ने प्रमुख क्लिनिकल डिसिप्लिन्स के सीनियर स्पेशलिस्ट्स से बातचीत की और मल्टीडिसिप्लिनरी टीम्स तथा एडवांस्ड मेडिकल टेक्नोलॉजी के सहयोग से कॉम्प्लेक्स टर्शियरी और क्वाटरनरी केयर प्रदान करने की अस्पताल की क्षमताओं को समझा। इस दौरे ने इंटरनेशनल पेशेंट्स के लिए यशोदा मेडिसिटी की विश्वसनीय पहचान को और सुदृढ़ किया तथा वर्ल्ड-क्लास, पेशेंट-सेंट्रिक हेल्थकेयर प्रदान करने में भारत की मजबूती को उजागर किया। इस अवसर पर हेल्थकेयर कैपेसिटी बिल्डिंग, क्लिनिकल एक्सीलेंस और बेस्ट प्रैक्टिसेज़ के एक्सचेंज पर भी चर्चा हुई।

डॉ. पी.एन. अरोड़ा, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, यशोदा मेडिसिटी ने कहा , “रिपब्लिक ऑफ साउथ सूडान के सम्मानित प्रतिनिधिमंडल का यशोदा मेडिसिटी में स्वागत करना हमारे लिए गर्व की बात है। इस प्रकार की एंगेजमेंट्स भारत की हेल्थकेयर कैपेबिलिटीज़ पर अंतरराष्ट्रीय भरोसे को दर्शाती हैं और हमें वैश्विक मानकों केअनुरूप उच्च गुणवत्ता वाली, एथिकल और रोगी-केंद्रित देखभाल प्रदान करने के लिए प्रेरित करती हैं।”

न्यू इंडिया पब्लिक स्कूल ने धूमधाम के साथ मनाया अपना वार्षिकोत्सव

 



                             मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । लालकुआं स्थित  न्यू इंडिया पब्लिक स्कूल ने 9 फरवरी सोमवार को अपना वार्षिकोत्सव बड़ी हर्षोल्लास और धूमधाम के  साथ मनाया। इस भव्य आयोजन में बडी संख्या अभिभावकगणों ने भी में उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई । पूरे समारोह में उत्साह और उमंग का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।

विधालय की  प्रधानाचार्या कीर्ति चौधरी ने प्रबंधन समिति के सम्मानित सदस्यों के साथ दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस मौके पर नन्हें - मुन्ने प्रतिभाशाली बच्चों ने गणेश वंदना की पावन‌ प्रस्तुति से कार्यक्रम का शुभारंभ किया और स्वागत गीत से अतिथियों का हृदय से अभिनंदन किया , 'भारतकी अनेकता में एकता’ के संदेश को जीवंत रुप में प्रस्तुत किया और मनोरंजन एक्ट के माध्यम से सभी का भरपूर मनोरंजन किया।

बच्चों ने आज बड़ी संख्या में सहभागिता कर उन्होंने आज अपनी मनमोहक, सुन्दर और ऊर्जा से भरपूर प्रस्तुति से पूरे कार्यक्रम को‌ उमंग और उत्साह से भर दिया । सच में बच्चों की प्रतिभा ने आज मंच की शोभा कई गुना बढ़ा दिया।

विधालय की प्रधानाचार्या  और प्रबंधन समिति ने हर्षपूर्वक पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया।

जिसमें उन सभी अभिभावकों को सम्मानित किया जो बच्चों के अनुशासन, नियमित उपस्थिति, स्वच्छ एवं पूर्ण यूनिफॉर्म तथा विधालय के विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया उन्हें‌ मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। विधालय प्रशासन ने उनके सहयोग और समर्पण की सराहना ‌की।

इसके साथ ही विद्यालय की गतिविधियों में भाग लेने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। अन्य विद्यालय से सम्मानित हुए बच्चों को भी विद्यालय में सम्मानित किया गया। विद्यालय के आदरणीय शिक्षक गण को भी सम्मानित किया गया।

आईपीए ने डीएम से आरटीई के दाखिलों के लिए सक्षम अभिभावकों के आय प्रमाण पत्र पर रोक लगाने की मांग

 


                       मुकेश गुप्ता

आरटीई पोर्टल की धीमी गति से अभिभावक परेशान, आईपीए ने की प्रथम चरण की तिथि बढ़ाने की मांग

गाजियाबाद । इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन (आईपीए) ने आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के अंतर्गत होने वाले दाखिलों में एक गंभीर मुद्दा उठाते हुए जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि आर्थिक रूप से सक्षम अभिभावक एक लाख रुपये से कम आय के प्रमाण पत्र बनवाकर आरटीई का अनुचित लाभ ले रहे हैं, जिससे वास्तविक जरूरतमंद और गरीब बच्चों का अधिकार प्रभावित हो रहा है। आईपीए की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा त्यागी ने कहा कि हर वर्ष बिना समुचित जांच के आय प्रमाण पत्र जारी होने के कारण पात्र बच्चों को शिक्षा के मौलिक अधिकार से वंचित होना पड़ता है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री, जिला अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से ऐसे अभिभावकों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले संबंधित कर्मचारियों एवं अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि आरटीई योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, इसलिए किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। पारदर्शिता और कड़ी जांच सुनिश्चित कर ही इस योजना का वास्तविक लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया जा सकता है।

वहीं, आईपीए के उपाध्यक्ष विनय कक्कड़ ने बताया कि आरटीई दाखिलों का प्रथम चरण 2 फरवरी से शुरू हो चुका है, लेकिन पोर्टल के सुचारू रूप से कार्य न करने के कारण अभिभावकों को ऑनलाइन फॉर्म भरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओ.पी. यादव से वार्ता कर समस्या से अवगत कराया गया है तथा प्रथम चरण की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की गई है। बीएसए  ओपी यादव ने आश्वस्त किया है कि इस मुद्दे को उच्च अधिकारियों के साथ होने वाली ऑनलाइन बैठक में प्रमुखता से उठाया जाएगा, ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके। आईपीए ने प्रशासन से मांग की है कि आय प्रमाण पत्रों की सख्त जांच, दोषियों पर कार्रवाई और आरटीई पोर्टल की तकनीकी खामियों को शीघ्र दूर कर दाखिला प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाया जाए, जिससे कोई भी पात्र बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।



संभव में पहुंचे दिव्यांग जनों से नगर आयुक्त ने चाय पर की चर्चा

 


संभव के अंतर्गत नगर आयुक्त ने की जनसुनवाई, प्राप्त 11 संदर्भों पर तत्काल कार्यवाही करने के दिए अधिकारियों को निर्देश

गाजियाबाद  । नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक द्वारा संभव के अंतर्गत जनसुनवाई की गई, संभव में 11 संदर्भ प्राप्त हुए निर्माण विभाग से तीन, स्वास्थ्य विभाग से एक, उद्यान विभाग से एक, टैक्स संबंधित दो, जलकल संबंधित दो तथा अन्य विभाग संबंधित दो संदर्भ प्राप्त हुए, अधिकांश संदर्भ निर्माण विभाग से प्राप्त हुए, मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी तथा अन्य निर्माण की टीम को मौके पर तत्काल कार्यवाही प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।

रईसपुर, विवेकानंद नगर, डसना गेट, प्रताप विहार, गोविंदपुरम, मेहरौली, अभय खंड इंदिरापुरम क्षेत्र के निवासियों ने नगर निगम पहुंचकर क्षेत्र की समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा साथ ही सुझाव भी अधिकारियों को दिए गए, नगर आयुक्त के निर्देश अनुसार संभव में प्राप्त संदर्भों पर तत्काल कार्यवाही मौके पर कराई गई, संभव जनसुनवाई में अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मिथिलेश, प्रभारी संपत्ति पल्लवी सिंह, प्रभारी उद्यान डॉक्टर अनुज, मुख्य अभियंता एसपी मिश्रा भी उपस्थित रहे ।

संभव के अंतर्गत दिव्यांगजन भी नगर आयुक्त से मुलाकात करने निगम पहुंचे जिनके द्वारा शहर में लगाए हुए कियोस्क को स्थाई करने के लिए अपना सुझाव रखा गया, नगर आयुक्त द्वारा सभी दिव्यांग जनों से चाय पर चर्चा करते हुए निगम की योजनाओं को साझा किया गया, दिव्यांग जनों हेतु लगाए हुए खोके या कियोस्क को प्राथमिकता देते हुए कार्य योजना बनाई जाएगी बताया गया, उपस्थित दिव्यांग जनों द्वारा नगर आयुक्त का धन्यवाद किया गया।ओ

रविवार, 8 फ़रवरी 2026

माँ शबरी जयंती की परमार्थ निकेतन से अनेकानेक शुभकामनायें

 



*🌟माँ शबरी, सनातन संस्कृति में भक्ति की सर्वाेच्च परिभाषा*

*💫माँ शबरी की भक्ति की पराकाष्ठा, न वैभव, न विद्या, केवल अथाह प्रेम का सागर-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश, 8 फरवरी। परमार्थ निकेतन से आज माँ शबरी जयंती के पावन अवसर पर भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित की। इस दिव्य अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने संदेश में कहा कि अद्भुत है माँ शबरी की भक्ति की पराकाष्ठा, न वैभव, न विद्या, केवल अथाह प्रेम का सागर है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग बाहरी साधनों से नहीं, बल्कि निष्कलुष हृदय, अटूट श्रद्धा और पूर्ण समर्पण से प्रशस्त होता है। माँ शबरी, सनातन संस्कृति में भक्ति की सर्वाेच्च परिभाषा है।

माँ शबरी आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध थीं। उन्होंने अपने गुरु मतंग ऋषि के वचनों को ही जीवन का लक्ष्य बना लिया। गुरु ने कहा था “प्रभु श्रीराम तुम्हारे आश्रम अवश्य आएंगे।” बस यही विश्वास उनकी साधना बन गया। वर्षों की प्रतीक्षा उनके लिए तपस्या बनी, तितिक्षा उनकी शक्ति बनी और समर्पण उनकी आराधना बन गया। प्रत्येक दिन वे उसी प्रेम से पथ बुहारतीं, पुष्प सजातीं और आश्रम को ऐसे संवारतीं मानो आज ही प्रभु पधारेंगे।

यह प्रतीक्षा साधारण प्रतीक्षा नहीं थी; यह धैर्य, विश्वास और अखंड आस्था का दिव्य उदाहरण थी। आज के युग में जहाँ क्षणिक परिणाम चाहता है, वहाँ शबरी का जीवन हमें संदेश देता है कि सच्ची भक्ति में समय का बंधन नहीं होता। भक्ति में अधीरता नहीं, धैर्य होता है; अपेक्षा नहीं, समर्पण होता है।

शास्त्रों में कहा गया है “भक्त्या त्वनन्यया शक्य अहमेवंविधोऽर्जुन।” अर्थात् केवल अनन्य भक्ति से ही परमात्मा की प्राप्ति संभव है। माँ शबरी ने इस सत्य को अपने जीवन से सिद्ध किया। जब प्रभु श्रीराम उनके आश्रम पहुँचे, तब उन्होंने प्रेमपूर्वक जूठे बेर अर्पित किए। यह बाह्य दृष्टि से साधारण घटना प्रतीत हो सकती है, परंतु आध्यात्मिक दृष्टि से यह प्रेम की पराकाष्ठा थी। प्रभु ने उस प्रेम को स्वीकार किया, क्योंकि ईश्वर को वस्तु नहीं, भावना प्रिय होती है।

शबरी का प्रेम निष्कपट था, निर्मल था, पूर्णतः अहंकार रहित था। न उनमें ‘मैं’ था, न ‘मेरा’, केवल ‘राम’ थे। हर श्वास में राम नाम, हर कर्म में राम स्मरण और हर भावना में राम का ही वास था। यही सच्ची भक्ति, जहाँ साधक स्वयं को मिटाकर प्रभु में विलीन हो जाता है।

माँ शबरी की कथा आज के समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। आधुनिक जीवन की दौड़, तनाव और स्पर्धा के बीच हम भक्ति की सरलता को भूलते जा रहे हैं। 

आज आवश्यकता है कि हम अपने जीवन में शबरी जैसी निष्ठा, धैर्य और समर्पण को स्थान दें। जब हमारा प्रत्येक कर्म सेवा बन जाए, प्रत्येक विचार प्रार्थना बन जाए और प्रत्येक श्वास राम नाम से ओतप्रोत हो जाए, तभी सच्ची आध्यात्मिक उन्नति संभव है।

यूजीसी को भुलाने के लिए किये जा रहे हैं हिंदू सम्मेलन. 12 फरवरी को नवयुग मार्केट से घंटाघर तक काला कफन बांधकर निकालेंगे रैली--बीके शर्मा हनुमान

 


सवर्ण बटेगा तो, हिंदू कटेगा! सवर्ण एक रहेगा तो सनातन बचेगा!!

यूजीसी का छोड़ो साथ नहीं तो! सत्ता से धोना पड़ेगा हाथ!!



                              मुकेश गुप्ता

 गाजियाबाद ।  सिटी होटल सवर्ण महासभा के तत्वाधान में महापंचायत का आयोजन किया गया महापंचायत की अध्यक्षता सवर्ण महासभा के राष्ट्रीय संयोजक सेवाराम त्यागी, सुरेश चंद्र शर्मा, वीके अग्रवाल, विवेक कुमार तोमर, विनय कक्कड़, कानूनी सलाहकार एडवोकेट सतीश भारद्वाज ने की महापंचायत का संचालन सवर्ण महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान ने किया महापंचायत में सवर्ण महासभा के संयोजकों ने संयुक्त बयान में कहा कि सवर्ण समाज आज जिस मुकाम पर है, वह समाज के लोगों की मेहनत, ईमानदारी व लगन का ही परिणाम है। सवर्ण समाज ने निज हित को नहीं बल्कि सर्व समाज के हित को अपना ध्येय व लक्ष्य बनाया। समाज के सभी वर्गो को आगे बढाकर समाज व देश को विकास के मार्ग पर ले जाने का कार्य सवर्ण समाज ने किया। आज भारत की पूरे विश्व में अलग पहचान है और यह पहचान समाज के लोगों के खून-पसीने की नींव पर ही टिकी है। सवर्ण समाज ने हमेशा हाथ बढाकर कमजोंरों का साथ देने व उन्हें उपर उठाने का कार्य किया है। अपने से भी पहले समाज सभी वर्गो के लोगों व देश हित की बात सोचता है। विद्यालय बनवाकर जहां समाज ने ज्ञान का उजाला चारों तरफ फैलाया, वहीं चिकित्सालयों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को आरोग्यता प्रदान कर स्वस्थ समाज व देश का निर्माध किया। आश्रम, धर्मशाला आदि बनवाकर समाज सेवा की मिसाल कायम की। इस सबके बावजूद आज सवर्ण समाज को पीछे धकेलने की साजिश की जा रही है। यूजीसी इस साजिश का जीता-जागता उदहारण है। यूजीसी के नए प्रावधान इस बात का संकेत है कि सवर्ण समाज के बच्चों से शिक्षा का अधिकार छीनने का षडयंत्र रचा जा रहा है। जब बच्चों को हमेशा इस बात का डर लगा रहेगा कि पता नहीं कब कोई छात्र-छात्रा या शिशक उनके खिलाफ कोई झूठा व गलत आरोप लगा दे, जिससे उन्हें ना सिर्फ जेल जाना पड सकता है वरना उनका भविष्य ही खराब हो सकता है तो उनका पढाई में मन कैसा लगेगा। सवर्ण समाज के बच्चे झूठे आरोप में जेल जाएंगे और उन पर झूठा आरोप लगाने वाले मजे कैरेंगे, ऐसा घिनौना षडयंत्र समाज के खिलाफ यूजीसी के रूप में रचा जा रहा है, मगर समाज इस षडयंत्र को कामयाब नहीं होने देगा। सवर्ण महासभा के तत्वाधान में एकजुट होकर इसका विरोध किया जाएगा और सरकार को यह काला कानून वापस लेने के लिए मजबूर किया जाएगा। यदि केंद्र सरकार ने यह कानून वापस नहीं लिया तो सरकार जान लें कि उसकी वापसी हो जाएगी। सरकार को यह जान लेना चाहिए कि यदि उसने यूजीसी को वापस नहीं लिया तो सवर्ण समाज उसकी वापसी करा देगा। सवर्ण समाज अपने बच्चों का भविष्य खराब नहीं होने देगा और सरकार को यूजीसी वापस लेने के लिए मजबूर कर देगा। संगठन का विस्तार करते हुए कोष संयोजक रमेश मंगल, सहसंयोजक, प्रेमचंद त्यागी महानगर संयोजक पंडित अशोक भारतीय सहसंयोजक मास्टर स्वरूपचंद शर्मा सहसंयोजक सतीश चोपड़ा सह संयोजक नरेंद्र गुप्ता नंदी सहसंयोजक संजय चौहान नई जिम्मेदारी दी गई इस अवसर पर अवधेश सिंह प.अशोक भारतीय संजय चौहान पियूष सेगर डा.दीपक राणा डा.गौरव सैनी (गोपाल) रमेश मंगल जे.के शर्मा विक्रम दत कुमार देवाशीष ओझा विवेक कुमार संदीप सिंहल गौरव शर्मा नितिन रावल दिवेश शर्मा प्रदीप कुमार देबूदेश सिंह बी.एन अग्रवाल अरुप त्यागी अजय त्यागी बिजेंद्र त्यागी पुनीत त्यागी सतीश चोपड़ा शिव कुमार शर्मा हरीश शर्मा संजीव कौशिक कुलदीप शर्मा सुनील शर्मा सुरेश चंद शर्मा डा.नानक सिंह तोमर राजन शर्मा हरी शंकर शर्मा श्री कृष्णा शर्मा सर्वेश कुमार शर्मा डा.संजय कुमार डा.एस.के मिश्रा डा. दिलीप कुमार प्रेमचंद त्यागी धन प्रकाश त्यागी अनिल कुमार पवन कुमार डा.नरेंद्र मेहता राजेश गुप्ता नीरज शर्मा अंकुर गर्ग ओमप्रकाश गुप्ता 

जयप्रकाश गुप्ता देवेंद्र शर्मा सरूप चंद शर्मा राकेश अरोड़ा संजीव अग्रवाल आर के गोयल प्रकाश शर्मा अशोक कुमार गौरव अग्रवाल अनिल त्यागी सोमिंन्द्र त्यागी राजीव अग्रवाल संजय शर्मा अरुण कुमार अग्रवाल आर.एस शर्मा महेश त्यागी अजय त्यागी बाबा नितिन त्यागी दुष्यंत गुप्ता

बारादरी' में गोविंद गुलशन के गजल संग्रह 'कल न कल तो तेरे... का हुआ लोकार्पण, तमाम उम्र मजबूत करते रहे गुरू शिष्य परंपरा: सुरेंद्र सिंघल

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मैं तेरी खूबियां लफ्जों में किस तरह ढालूं, ये हक अदा नहीं होता मेरे बयां से कभी: इकबाल अशहर

                            विशेष संवाददाता 

  गाजियाबाद। मशहूर शायर और 'बारादरी' के अध्यक्ष गोविंद गुलशन की स्मृति में आयोजित महफ़िल ए बारादरी में देश भर के कवि और शायरों ने उनसे जुड़ी यादों और अनुभव साझा किए। इस अवसर पर उनके ताजा गजल संग्रह 'कल न कल तो तेरे..' का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम अध्यक्ष सुरेंद्र सिंघल ने कहा कि एक तरफ अदब की दुनिया से जहां 'उस्ताद शागिर्द परंपरा' खत्म होती जा रही 'बारादरी' इस परंपरा के निर्वहन का बेमिसाल उदाहरण है। जहां गोविंद गुलशन की सरपरस्ती में शायरों की एक सशक्त जमात सामने आई है। देश के विख्यात शायर इकबाल अशहर ने कहा कि गोविंद गुलशन की 'बरादरी' को हरा भरा रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। 

  नेहरू नगर स्थित सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में गोविंद गुलशन के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम दो सत्रों में संपन्न हुआ। पहले सत्र में उनके ताजा गजल संग्रह 'कल न कल तो तेरे...' का लोकार्पण के साथ उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा हुई। दूसरे सत्र में लोगों ने कलाम के जरिए गुलशन जी के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। संस्था की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. माला कपूर 'गौहर' ने कहा कि बारादरी गुलशन जी की वह बगिया है जिसकी खुशबू से आज पूरा देश महक रहा है। उन्होंने कहा कि गजल लेखन के क्षेत्र में वह एक मोती जैसी थी, जिसे निखार कर गुलशन जी ने 'गौहर' बना दिया। उन्होंने अपनी पंक्तियों 'इतना मशहूर कर दिया हमको, खुद से दूर कर दिया हमको, बोझ गम का उठाए फिरते हैं, कैसा मजदूर कर दिया हमको' के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त की। अपनी नज्म की पंक्तियों 'तेरी आंखों को सुन रहा हूं मैं, दिख रही है मुझे तेरी आवाज, स्वाद लेता हूं तेरी खुशबू का, तेरी आहट को सूंघ लेता हूं, फिर तेरी सोच को छूकर, तुझ में खो जाता हूं कुछ ऐसे मैं, ढूंढना पड़ता है मुझे खुद को...' के जरिए सुरेंद्र सिंघल ने अपनी भावनाएं व्यक्त की।




  कार्यक्रम में विशेष रूप से आए मशहूर शायर इकबाल अशहर ने अपने शेर 'अलग ना होंगे ये किरदार दास्तां से कभी, अजीम लोग गुजरते नहीं जहां से कभी। चमकने लगते हैं आंखों में आंसुओं की तरह, सितारे टूट भी जाएं जो आसमां से कभी। मैं तेरी खूबियां लफ्जों में किस तरह ढालूं, ये हक अदा नहीं होता मेरे बयान से कभी। बिछड़ने वालों में उसका शुमार कैसे हो, वह आदमी तो गया ही नहीं यहां से कभी' के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त की। संस्था की संरक्षिका डॉ. उर्वशी अग्रवाल 'उर्वी' ने कहा कि 'बारादरी' के रूप में जो विरासत गुलशन जी हमें सौंप गए हैं उसे आबाद रखना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने दोहों 'रहता है संसार में खुशबू की मानिंद, गुलशन से जाता नहीं, कोई भी गोविंद', 'फूल-फूल पर भाव का, छिड़का हुआ पराग, गजल तुम्हारे द्वार पर, जलता रहे चराग', 'खुशबू, चंदन या हिना, छाया हो या धूप, सभी यहां मौजूद हैं, गुलशन जी के रूप' के रूप में अपनी भावनाएं व्यक्त की। मुख्य अतिथि कृष्ण कुमार 'नाज़' ने कहा कि गुलशन जी उनके गुरू भाई ही नहीं मार्गदर्शक भी थे। उन्होंने कहा कि स्मृतियों की पुस्तक में ऐसे बहुत से मुड़े हुए पन्ने हैं जो यादों में गुलशन जी को महफूज रखेंगे। उन्होंने अपनी कविता 'आंसू' की पंक्तियों 'अपना घर छोड़ के, खुश कौन भला रह पाया, किस को मिल पाई है, परदेस में सुख की छाया, आंसुओं मेरा कहा मानोगे, तो संवर जाओगे, अगर आंखों से निकलोगे तो मर जाओगे' के जरिएअपने भाव व्यक्त किए।

  अति विशिष्ट अतिथि और संग्रह की प्रकाशक अलका मिश्रा ने कहा कि गोविंद गुलशन की प्रेरणा से ही उन्होंने गजल की बारिकियां सीखीं। उनके न रहने के बाद उन जैसे नए लिखने वालों की हौसला अफजाई कौन करेगा? शायर बी. के. वर्मा 'शैदी' ने अपनी नज्म 'जिन्दगी  खूब गुजारी थी गजल की मानिंद, इब्तिदा बन गई हस्ती की सूरते मतला, वक्त की पड़ गई कुछ यूं निगाहे बद आखिर, साले-नौ बन गया पुरसोज गजल का मकता' के जरिए माहौल को गमगीन कर दिया। इस अवसर पर शायर असलम राशिद को 'बारादरी सृजन सम्मान' प्रदान किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उस्ताद शायर गोविन्द गुलशन गजल की आबरू को कायम रखने, अदब और तहजीब को जीने वाले शायर थे। उन्होंने रवायती गजल के दामन को भी थामे रखा और जदीद लहजे को भी अपनाया। उन्होंने गुलशन जी के शेर 'हम से बिछड़ गए हैं वो वादा किए बगैर, रहना पड़ेगा धूप में साया किए बगैर। मरने का खौफ इसलिए रहता नहीं मुझे, मैं जी रहा हूं कोई तमन्ना किए बगैर' से महफिल को गमजदा कर दिया। अपने शेर 'याद उसकी लड़ रही है दूसरी इक याद से, मेरे अंदर संगबारी हो रही है इन दिनों। छोड़ कर जाने लगे हैं कैसे कैसे प्यारे लोग, जिन्दगी से मौत प्यारी हो रही है इन दिनों' के जरिए अपने भाव प्रकट किए। गोविंद गुलशन की बेटी और शायरा खुशबू सक्सेना ने फ़रमाया 'तुम अगर हमसफर नहीं होते, तो मेरी हिम्मत कहीं बिखर जाती। वो अगर मुझको सांत्वना देता, मेरी आवाज और भर जाती'। 

  इस अवसर पर पंडित सत्यनारायण शर्मा, कमलेश त्रिवेदी फर्रुखाबादी, योगेंद्र दत्त शर्मा, जगदीश पंकज, वी. के. शेखर, डॉ. तारा गुप्ता, अनिमेष शर्मा 'आतिश', राजमणि, रवि पाराशर, तूलिका सेठ, प्रदीप भट्ट, सुरेंद्र शर्मा, अमर पंकज, हशमत भारद्वाज, इकरा अम्बर, संजीव निगम, मनीषा जोशी, वागीश शर्मा, संजीव शर्मा, आशीष मित्तल और यश शर्मा ने संस्मरणों व काव्यपाठ के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त की। वरिष्ठ व्यंग्यकार सुभाष चंदर, रश्मि सक्सेना, खुशबू सक्सेना, हिना सक्सेना, छाया सक्सेना, गुनगुन, राजेश सक्सेना, निशमा सक्सेना, सुभाष अखिल, ओंकार सिंह, अवधेश श्रीवास्तव, अशोक अग्रवाल, कुलदीप, कृष्ण प्रसाद विश्वकर्मा, शशिकांत भारद्वाज, आशीष मैत्रेय, अक्षयवर नाथ श्रीवास्तव, गुनप्रीत कौर, हरीश कुमार, सुमन गोयल, संकल्प श्रीवास्तव, संजय भदौरिया, उत्कर्ष गर्ग, गरिमा तोमर, शलभ अग्रवाल, अनु शाह, मुस्कान शाह, प्रतिमा श्रीवास्तव, डॉ. बीना शर्मा, अजय मित्तल, प्रज्ञा मित्तल, दीपा गर्ग, विपिन शर्मा और प्रभजोत कौर समेत बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद थे।