शुक्रवार, 17 जुलाई 2026

मुख्यमंत्री ने स्व्ः राजपाल सिंह त्यागी की मूर्ति का अनावरण कर दी श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री द्वारा विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण, लाभार्थियों को वितरित किए गए विभिन्न योजनाओं के लाभ








मुकेश गुप्ता

सुशासन व विकास का मॉडल बना गाजियाबाद: ​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

अब दिल्ली ग्रोथ इंजन का काम कर रहा है गाजियाबाद: सीएम योगी 

गाजियाबाद 17 जुलाई2026। जनपद गाजियाबाद में  मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, योगी आदित्यनाथ द्वारा कुशलपाल त्यागी मेमोरियल डिग्री कॉलेज, रावली रोड, मुरादनगर में आयोजित "मुरादनगर एवं मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण समारोह" में 868 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 90 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, लैपटॉप, आवास की चाबी एवं प्रशस्ति-पत्र वितरित किए गए।

स्वर्गीय राजपाल सिंह त्यागी को दी श्रद्धांजलि

अपने संबोधन के प्रारंभ में  मुख्यमंत्री जी ने पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधि स्वर्गीय राजपाल सिंह त्यागी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जनसेवा एवं सार्वजनिक जीवन में दिए गए योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि छह बार विधायक निर्वाचित होना उनकी लोकप्रियता एवं जनस्वीकार्यता का प्रमाण है। उद्बोधन से पूर्व मुख्यमंत्री ने स्व.राजपाल त्यागी की मूर्ति का अनावरण करते हुए उन्हें श्रदांजलि अर्पित।

सीएम योगी ने कहा कि जब राजनीति जनता की सेवा का माध्यम में बनती है तो नेता लोकप्रिय होता है। राजपाल त्यागी 6 बार विधायक बने। जिनमें दो बार निर्दलीय रहे। वह एक लोकप्रिय नेता थे। 

यहां की गुंडागर्दी पर फिल्में बनती थी पहले: सीएम योगी

सीएम योगी ने कहा कि गाजियाबाद अपनी एक पहचान रखता है। अपने हस्तशिल्प के लिए जाना जाता है। 10 दशक पहले प्रदेश द्वार की स्थिति खराब थी। यहां की गुंडागर्दी पर फिल्में बनती थी। आगे सीएम ने कहा कि गाजियाबाद में इतनी अच्छी सड़के बनेंगे। नगर निगम इतना साफ होगा। पहली रेपिड रेल यहां  चलेगी किसी ने सोचा नहीं था। पहले की सरकारों ने 32000 हजार करोड़ का बजट को देख प्रोजेक्ट को रोक दिया था। आज लगता है 2017 का फैसला अच्छा रहा। मेरठ से दिल्ली बस 40 मिनट रह रहा है।

'पहले शासन करने वाले 12 बजे उठते थे'

सीएम योगी ने मंच से कहा कि जहां सुरक्षा होगी यहां सुशासन आएगा। गाजियाबाद एक प्रदेश द्वार ही नहीं दिल्ली के ग्रोथ इंजन का काम गाजियाबाद के रहा है। ये अब अच्छे लोगों को चुनने से हुआ है। 2017 से पहले शासन करने वाले 12 बजे उठते थे। फिर जिम जाते थे और बाद में मंडली बैठ जाती थी। ऐसे प्रदेश चल रहा था।

पहले की सरकार कहती थी कांवड़ यात्रा से दंगे होंगे: सीएम योगी

मंच से सीएम योगी ने कहा कि पुरानी सरकार ने रिपोर्ट में कहा कांवड़ यात्रा से दंगे होते है। सरकार आने के बाद इसे लेकर व्यवस्था की गई। कांवड़ यात्रा को लेकर अधिकारियों ने कहां दंगे होंगे। मैंने कहा मै हूं परेशान मत हो, मेरी गारंटी है। आगे कहा कि देश की सबसे बड़ी यात्रा हरिद्वार से गाजियाबाद से होकर निकलती है। लोग देखते हैं। इतनी बड़ी यात्रा कैसे हो सकती है। आज कह सकते कोई कांवड़ यात्रा को रोक नहीं सकता है।

'दूधेश्वरनाथ मंदिर में कॉरिडोर का निर्माण'

सीएम योगी ने आगे कहा कि कांवड़ यात्रा अपना आयोजन है। उसकी मर्यादा को बना कर रखना है। किसी को कहने का मौके नहीं देना है। अनुशासन भंग नहीं करना है। आस्था को सम्मान देने के लिए दूधेश्वरनाथ मंदिर में कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है। ऐसे नेता जिसने जनता के दिल में स्थान बनाया हो। उनके लिए जब बुलाया गया तो मैंने अजितपाल त्यागी से कहां कहीं भी होऊंगा लेकिन जरूर आऊंगा।  विकास कैसे होता है एनसीआर बता रहा है। मेरठ से गंगा एक्सप्रेसवे बन रहे हैं। नोएडा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट, देहरादून एक्सप्रेस वे हाल में जनता को दिया। यमुना ऑथोरिटी में फिल्म सिटी बन रही है। ये तब होता है जब निर्णय लेने की क्षमता होती है

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का भी अवलोकन किया। कृषि विभाग, गाज़ियाबाद के स्टॉल पर उप कृषि निदेशक आशीष कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए विभाग की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी।

उप कृषि निदेशक ने मुख्यमंत्री को कृषि में कीट प्रबंधन के लिए उपयोगी सोलर लाइट ट्रैप की कार्यप्रणाली और उसके लाभों से अवगत कराया। साथ ही श्री अन्न (मिलेट्स) के पोषण, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय महत्व के साथ इनके उत्पादन और प्रसार के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि विभाग के नवाचारों और किसानों को जागरूक करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ श्री अन्न के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। श्रद्धांजलि समारोह में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिकों ने स्वर्गीय राजपाल त्यागी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।





अन्नप्राशन संस्कार व गोदभराई रस्म

 मुख्यमंत्री  ने कार्यक्रम स्थल पर स्थापित विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया। इस भ्रमण के दौरान उन्होंने विराज एवं रिधिमा का अन्नप्राशन संस्कार सम्पन्न कराया तथा काजल एवं रेखा की गोदभराई की रस्म निभाकर मातृ एवं शिशु कल्याण योजनाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री जी को प्रतिमा भेंट कर किया स्वागत

मुख्यमंत्री के मंच पर पधारने पर विधायक मुरादनगर  अजीतपाल त्यागी द्वारा भगवान श्रीराम की प्रतिमा, भाजपा महानगर अध्यक्ष  मयंक गोयल द्वारा गदा तथा जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ द्वारा भगवान शिव की प्रतिमा भेंट कर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।


गाजियाबाद के विकास एवं सुशासन की बदली तस्वीर

 मुख्यमंत्री  ने कहा कि एक समय गाजियाबाद गुंडागर्दी, गंदगी एवं अराजकता जैसी समस्याओं के लिए चर्चित था तथा जनपद की छवि को लेकर विभिन्न प्रकार की नकारात्मक चचार्एं होती थीं। आज वही गाजियाबाद विकास, सुशासन एवं आधुनिक आधारभूत संरचना के कारण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री जी ने आगे कहा कि अब गाजियाबाद दिल्ली ग्रोथ इंजन का काम कर रहा है।  किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि गाजियाबाद इतनी तीव्र गति से विकास करेगा और प्रदेश के प्रमुख विकास मॉडलों में अपनी पहचान बनाएगा। आज जनपद में सड़क, परिवहन, सुरक्षा, निवेश एवं शहरी विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।

मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सुशासन का आधार सुदृढ़ कानून व्यवस्था है। जहां सुरक्षा का वातावरण होता है, वहीं सुशासन स्थापित होता है। जहां सुशासन होता है, वहां रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और जहां रोजगार उपलब्ध होते हैं, वहां विकास स्वत: गति प्राप्त करता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गाजियाबाद देश की अर्थव्यवस्था एवं विकास को गति प्रदान करने वाले प्रमुख क्षेत्रों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकास इंजन के रूप में उभरकर सामने आया है।

आधारभूत संरचना एवं कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास

मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में संचालित विभिन्न आधारभूत संरचना परियोजनाएं विकास की नई गाथा लिख रही हैं। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, यमुना एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे तथा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाओं ने क्षेत्र की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया है तथा आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल परियोजना (रैपिड रेल) को लेकर अनेक आशंकाएं व्यक्त की गई थीं तथा इसकी लागत को आधार बनाकर परियोजना को आगे बढ़ाने में रुचि नहीं दिखाई गई। वर्तमान सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार के सहयोग से इसे धरातल पर उतारने का कार्य किया। परिणामस्वरूप आज दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा का समय उल्लेखनीय रूप से कम हुआ है तथा लगभग तीन घंटे की दूरी लगभग 40 मिनट में तय की जा रही है। मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में 12 लेन तक की आधुनिक एक्सप्रेस-वे परियोजनाएं विकसित की गई हैं। हिंडन सिविल टर्मिनल के माध्यम से क्षेत्रवासियों को वायु सेवाओं की सुविधा उपलब्ध हुई है। इसके साथ ही सड़कों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण के कार्यों ने जनपद की तस्वीर बदलने का कार्य किया है।

माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि यही विकास का वह मॉडल है, जिसने गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों को नई पहचान प्रदान की है। जनपद में विकास की यह निरंतर धारा जनता द्वारा विकासोन्मुख एवं जनहितैषी नेतृत्व को दिए गए समर्थन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जनपद की प्रगति एवं उपलब्धियों में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिनके प्रयासों से विकास योजनाओं को गति मिली है।


*विपक्षी दलों की नीतियों एवं कार्यप्रणाली पर टिप्पणी*

मा० मुख्यमंत्री जी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में विकास कार्यों को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल रही थी। उस समय प्रदेश बेरोजगारी, दंगों, अपराध, भ्रष्टाचार एवं अव्यवस्था जैसी समस्याओं से जूझ रहा था, जिसके कारण विकास की गति प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी ने भी स्वीकार किया था कि केंद्र से भेजी गई सहायता राशि का पूरा लाभ पात्र लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पाता था। मै 100 रुपए भेजता हूं तो पात्र व्यक्ति तक 15 रुपए ही पहुंच पाते है। वर्तमान सरकार ने पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था विकसित कर योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने का कार्य किया है। 2017 की पूर्व की सरकारों के जनप्रतिनिधि 12 बजे जगते थे और 2 बजे जिम जाते थे, वापस आकर अपनों से ही घिरे रहते ​थे किन्तु आज ऐसा नहीं हैं हर जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के विकास कार्य में लगे रहते हैं।  मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज निराश्रित पेंशन, आयुष्मान भारत योजना, राशन कार्ड सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों को बिना किसी भेदभाव एवं पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था, सुशासन एवं निवेश अनुकूल वातावरण के कारण गाजियाबाद में नए निवेश आकर्षित हो रहे हैं तथा स्वच्छता एवं सुरक्षा के क्षेत्र में भी जनपद ने उल्लेखनीय पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गाजियाबाद विकास, निवेश, आधारभूत संरचना एवं सुशासन के नए मानक स्थापित कर रहा है और अपनी सकारात्मक उपलब्धियों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना रहा है।


*विपक्षी दलों की आस्था संबंधी राजनीति पर टिप्पणी*

मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज कांग्रेस एवं समाजवादी पार्टी आस्था और धार्मिक परंपराओं की बात करती हैं, जबकि उनके पूर्व के निर्णय और कार्यप्रणाली इससे भिन्न रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में कांवड़ यात्रा सहित विभिन्न धार्मिक आयोजनों को लेकर अनेक प्रकार की आपत्तियां एवं प्रतिबंध लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, रामनवमी, दुर्गा पूजा तथा कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजनों के प्रति नकारात्मकता थी और इन धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाई। कांवड़ यात्रा को लेकर जारी पूर्ववर्ती प्रतिबंधात्मक व्यवस्थाओं को वर्तमान सरकार ने समाप्त किया तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए यात्रा के सफल एवं शांतिपूर्ण संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की। मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत एवं परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक आयोजनों को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराया जा रहा है, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों में इस प्रकार की प्रतिबद्धता दिखाई नहीं देती थी।

उन्होंने कहा कि आस्था केवल वक्तव्यों से नहीं, बल्कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा श्रद्धालुओं के सम्मान के लिए किए गए कार्यों से परिलक्षित होती है।


*कांवड़ यात्रा एवं धार्मिक स्थलों के विकास पर जोर*

मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कांवड़ यात्रा प्रदेश की आस्था, सांस्कृतिक परंपरा एवं सामाजिक समरसता का महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कांवड़ यात्रा की मयार्दा बनाए रखते हुए प्रेम, सौहार्द, अनुशासन एवं उत्साह के साथ यात्रा सम्पन्न करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार से इसकी गरिमा एवं मयार्दा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत गाजियाबाद से हरिद्वार तक कांवड़ मार्ग का विकास किया गया है तथा यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। गाजियाबाद स्थित श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर में भव्य कॉरिडोर का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त काशी विश्वनाथ धाम सहित प्रदेश के अनेक प्रमुख धार्मिक स्थलों का विकास एवं सौंदर्यीकरण कर उन्हें नई पहचान प्रदान की गई है।

उन्होंने कहा कि आस्था केवल शब्दों से व्यक्त नहीं होती, बल्कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा विकास के लिए किए गए कार्यों से परिलक्षित होती है। इसी क्रम में गाजियाबाद में हरनंदीपुरम के विकास सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।


*विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को वितरित किए गए लाभ*

—उत्तर प्रदेश बाल सेवा योजना के अंतर्गत लैपटॉप वितरण— श्री धनंजय तोमर (कक्षा 12), सुश्री रिहा जैन (कक्षा 11)

—मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना चैक वितरण—श्री सहन्सरपाल सिंह, पूर्व प्रधान/प्रशासक, ग्राम पंचायत निकोली रावली, विकास खंड मुरादनगर — 30 लाख रुपये, श्री राजेश कुमार, पूर्व प्रधान/प्रशासक, ग्राम पंचायत मटचन पोता, विकास खंड भोजपुर — 15 लाख रुपये।  —मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) चाबी(सांकेतिक) वितरण—श्रीमती कविता, ग्राम मनौली छज्जूपुर, विकास खंड मुरादनगर, श्रीमती मोमीना, ग्राम असीलपुर उझैड़ा, विकास खंड मुरादनगर। —प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) चाबी(सांकेतिक) वितरण— श्री कृष्ण कुमार, डासना गेट, गाजियाबाद। —ओडीओपी योजना के अंतर्गत चेक वितरण—श्री लक्ष्य मित्तल — 50 लाख रुपये (इंजीनियरिंग कार्य),श्रीमती उर्मिला त्रिपाठी — 50 लाख रुपये (इंजीनियरिंग कार्य)। —मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना चैक वितरण— श्री सौरभ गर्ग — 4.25 लाख रुपये (सरसों आॅयल परियोजना), श्री रोबिन कुमार — 4.293 लाख रुपये (सीएनसी/उद्योग परियोजना)।


*गणमान्यों ने किया संबोधित*

कार्यक्रम को मा० कैबिनेट मंत्री, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार तथा विधायक, साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र, श्री सुनील कुमार शर्मा, मा० राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार,  नरेन्द्र कश्यप, माननीय सांसद गाजियाबाद अतुल गर्ग, माननीय सांसद बागपत  राजकुमार सांगवान, विधायक मोदीनगर डॉ० मंजू सिवाच एवं विधायक मुरादनगर  अजीतपाल त्यागी द्वारा संबोधित किया गया। अपने संबोधन में सभी वक्ताओं ने पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधि स्वर्गीय श्री राजपाल सिंह त्यागी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जनसेवा, सामाजिक योगदान एवं राजनीतिक जीवन का स्मरण किया। वक्ताओं ने प्रदेश सरकार के नेतृत्व में जनपद गाजियाबाद में संचालित एवं पूर्ण की गई विकास परियोजनाओं, आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हुए कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा जनपद की विभिन्न उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए प्रदेश सरकार की विकासोन्मुख नीतियों की सराहना की।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से क्षेत्रीय अध्यक्ष पश्चिम उत्तर प्रदेश भाजपा नवाब सिंह नागर, कैबिनेट मंत्री एवं साहिबाबाद विधायक सुनील कुमार शर्मा, राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप, गाजियाबाद सांसद  अतुल गर्ग, बागपत सांसद राजकुमार सांगवान, महापौर श्रीमती सुनीता दयाल, जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती ममता त्यागी, मुरादनगर विधायक अजीत पाल त्यागी, मोदीनगर विधायक डॉ० मंजू सिवाच, सदर विधायक  संजीव शर्मा, लोनी विधायक  नन्दकिशोर गुर्जर, भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, भाजपा जिलाध्यक्ष चैनपाल सिंह, विधान परिषद सदस्य दिनेश गोयल, सहित अन्य गणमान्यजन एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ०पूनम शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुरादनगर व विधान सभा क्षेत्र के लोगों से सहित जनपदभर से हजारों लोग उपस्थित रहे।

संगीत एल्बम "सुकून" का गाजियाबाद में हुआ भव्य लॉन्च

 


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। बहुप्रतीक्षित संगीत एल्बम "सुकून" के भव्य लॉन्च के अवसर पर आरडीसी स्थित एक रेस्टोरेंट में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। एल्बम "सुकून" को अपनी सुमधुर एवं भावपूर्ण आवाज़ से सजाया है युवा एवं प्रतिभाशाली गायक राजा घोष ने। यह उनका दूसरा संगीत एल्बम है और संगीत जगत को इससे अत्यधिक अपेक्षाएँ हैं। यह एल्बम सफलता के नए आयाम स्थापित करेगा और श्रोताओं के दिलों में अपनी विशेष जगह बनाएगा। इस एल्बम के एक विशेष गीत में अपनी मधुर आवाज़ दी है बॉलीवुड की सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका, ज़ी टीवी के "सा रे गा मा पा" की विजेता एवं जज अर्पिता मुखर्जी ने, जिनकी गायकी ने वर्षों से संगीत प्रेमियों का स्नेह और सम्मान प्राप्त किया है।

एल्बम का संगीत बॉलीवुड के सुप्रसिद्ध संगीतकार संकल्प श्रीवास्तव ने तैयार किया है। उन्होंने बॉलीवुड की अनेक चर्चित फिल्मों एवं संगीत परियोजनाओं में अपने संगीत का योगदान दिया है। उनके संगीत निर्देशन में हरिहरन, जावेद अली, श्रेया घोषाल, ऋचा शर्मा, जसपिंदर नरूला सहित देश के अनेक प्रतिष्ठित गायकों ने अपनी स्वरांजलि दी है। इस अवसर पर संकल्प श्रीवास्तव ने मीडिया से अपने संगीत सफर, एल्बम निर्माण की प्रक्रिया तथा भविष्य की योजनाओं पर संवाद किया। उन्होंने बताया कि एल्बम के गीतकार चेतन आनंद हिंदी साहित्य एवं मंचीय काव्य जगत का एक अत्यंत सम्मानित और प्रतिष्ठित नाम है। वे देशभर में आयोजित सैकड़ों कवि सम्मेलनों, साहित्यिक आयोजनों एवं सांस्कृतिक मंचों पर अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मन मोह चुके हैं। उनकी लेखनी में संवेदनाओं की गहराई, गज़लों की नज़ाकत और शब्दों की सादगी का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। इस एल्बम में उनका एक गीत एवं एक ग़ज़ल शामिल है, जो निश्चित रूप से संगीत प्रेमियों के हृदय को स्पर्श करेंगे। एल्बम में गीतकार रवि-राकेश की रचनाएँ भी शामिल हैं। उनके लिखे प्रेमगीत अपनी मधुरता, सरल शब्दों और भावपूर्ण अभिव्यक्ति के कारण श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देने की क्षमता रखते हैं। उनकी लेखनी इस एल्बम को एक अलग ही भावनात्मक ऊँचाई प्रदान करती है।

शहर के चार ऐतिहासिक गेटों का होगा सौंदर्यकरण, नगर निगम ने बनाई योजना, किया सर्वे,गाजियाबाद की धरोहर को संवारने में नगर निगम की अहम भूमिका - नगर आयुक्त

 



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देशन में गाजियाबाद नगर निगम लगातार शहर के विकास कार्यों को रफ्तार दे रहा है इसी क्रम में शहर की सुंदरता को बनाए रखने के लिए भी कार्य कर रहा है, गाजियाबाद के ऐतिहासिक गेट जो की अंग्रेजों और मुगलो के समय के हैं उनको संवारने के लिए भी निगम की टीम योजना बना रही है तथा गाजियाबाद के ऐतिहासिक गेट जवाहर गेट, दिल्ली गेट, सुभाष द्वारा (डासना गेट), सराए गेट, सिहानी गेट का सर्वे किया गया है, गाजियाबाद नगर निगम निर्माण विभाग शहर के चार प्रमुख गेटों का सौंदर्यकरण करने जा रहा है शहर की ऐतिहासिक धरोहर को संभालने में निगम अहम भूमिका निभा रहा है l

नगर आयुक्त ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम शहर की स्वच्छता के लिए प्रतिदिन कार्य कर रहा है जन-जन को जागरुक करते हुए हर घर को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है, गाजियाबाद शहर उत्तर प्रदेश का एंट्री पॉइंट है जिसके लिए गाजियाबाद के प्रमुख 6 स्थानों पर स्कल्पचर के माध्यम से सौंदर्यकरण कराया जा रहा है आनंद विहार पॉइंट, इंदिरापुरम, मोहन नगर हिंडन चौक, रोटरी गोल चक्कर, तिगड़ी गोल चक्कर,राज नगर सेक्टर 10 तथा अन्य स्थान पर सौंदर्यकरण का कार्य जारी है, इसके अलावा गाजियाबाद नगर निगम ऐतिहासिक धरोहर को संवारने और संभालने का कार्य भी उत्साह पूर्वक कर रहा है गाजियाबाद के प्रमुख ऐतिहासिक चार गेटों का सौंदर्यकरण करने की योजना बनाई जा चुकी है सर्वे किया जा चुका है, समय-समय पर अन्य विभागों द्वारा भी जवाहर गेट सुभाष द्वारा के मरम्मत का कार्य कराया गया है, गाजियाबाद नगर निगम पूर्ण रूप से मजबूत और सुंदर स्वरूप देते हुए शहर के प्रमुख ऐतिहासिक गेटों जीर्णोद्धार करने जा रहा है, गाजियाबाद में पुराने रहने वाले निवासियों से भी बातचीत करते हुए शहर की धरोहर को व्यवस्थित करने की तैयारी भी निगम कर रहा है जिसमें विशेष रूप से पुराने तालाबों, पुरानी इमारत, पुराने गेट को चयन करने की प्रक्रिया जारी है l

गाजियाबाद नगर निगम निर्माण विभाग की टीम शहर के विकास कार्यों के साथ-साथ शहर को सुंदर स्वरूप देने का भी कार्य कर रही है, इसी के साथ गाजियाबाद की प्राचीन धरोहर को सामान्य संभालने में भी योजना बना रहा है गाजियाबाद के जनप्रतिनिधियों के साथ संपर्क साधते हुए शहर को पूर्ण रूप से व्यवस्थित, बेहतर सुंदर स्वरूप देने के लिए निगम की तैयारी जोरों पर चल रही है आगामी 6 महीने के भीतर शहर के प्राचीन द्वारों पर भी कार्य प्रारंभ किया जाएगा इसके अलावा प्राचीन तालाबों,मार्गो, दरवाजो और इमारत को इस रूप में व्यवस्थित करने का कार्य भी निगम करने जा रहा है, गाजियाबाद की सबसे पुरानी इमारत टाउन हॉल को व्यवस्थित करने का कार्य निगम द्वारा प्रारंभ कर दिया गया है l

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के संरक्षण व मार्गदर्शन में संचालित दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान के रजत जयंती समारोह ने गाजियाबाद को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं

 




मुकेश गुप्ता

देश भर से आए संतों व अतिथियों ने कहा, श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के आशीर्वाद से दूधेश्वर वेद विद्यालय के विद्यार्थी पूरे विश्व को धर्म, ज्ञान, संस्कारों व नैतिक मूल्यों के प्रकाश से आलोकित कर रहे हैं

गाजियाबाद । सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में संचालित दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान के रजत जयंती समारोह ने गाजियाबाद को नई ऊंचाइयां प्रदान की। दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष, दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर जूना अखाड़ा के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष, हिंदू यूनाइटिड फ्रंट के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन सानिध्य व अध्यक्षता में हुए समारोह ने वैदिक शिक्षा, सनातन संस्कृति, राष्ट्रधर्म एवं भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं को और समृद्ध किया। आचार्य महामंडलेश्वर विश्वेश्वरानन्द गिरि महाराज विले पारले आश्रम पश्चिम मुम्बई, कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम, महामंडलेश्वर चेतना माता हरिद्वार, महामंडलेश्वर श्रद्धामाता हरिद्वार, जूना अखाड़ा के सचिव व दिल्ली संत महामंडल के संगठन मंत्री श्रीमहंत कंचन गिरि महाराज, दिल्ली संत महामंडल के कोषाध्यक्ष महंत धीरेंद्र पुरी महाराज, सिद्धेश्वर वेद विद्यालय गाजियाबाद के संस्थापक महंत मुकेशानंद गिरि महाराज जैसे सिद्ध संतों की पावन मौजदूगी ने समारोह को नई गरिमा प्रदान की। 

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान जसोल, बालोतरा के अध्यक्ष रावल किशन सिंह, विशिष्ट अतिथि प्रो विरूपाक्ष वि जड्डीपाल सचिव, महर्षि सान्दीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान, उज्जैन, विश्व ह्रिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, विधायक संजीव शर्मा, श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान जसोल, बालोतरा के संयोजक कुंवर हरिशचंद्र सिंह, जिंदल पब्लिक स्कूल के संस्थापक राम अवतार जिंदल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। महाराजश्री ने सभी संतों व अतिथियों का स्वागत व अभिनंदन किया और कहा कि प्राचीन समय में भारत विश्व गुरू था और सोने की चिड़िया कहलाता था तो इसका श्रेय महान भारतीय शिक्षा व संस्कृति को ही था। भारतीय शिक्षा, संस्कृति व धर्म में सभी के कल्याण की जो भावना है, उसी ने पूरे विश्व को ज्ञान व संस्कारों के प्रकाश से आलोकित किया। 



भारत की गुरूकुल शिक्षा पद्धति विश्व की सर्वश्रेष्ठ शिक्षा पद्धति है, मगर हम उसी को भूल गए, जिसका परिणाम सभी के सामने है। भारत को पुनः विश्व गुरू व सोने की चिड़िया बनाना है तो हमें अपनी प्राचीन गुरूकुल शिक्षा पद्धति की ओर लोटना होगा। दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान भारत की गौरवमयी गुरूकुल शिक्षा पद्धति को पुर्नस्थापित करने का कार्य कर रहा है तो इसका श्रेय यहां के आचार्यो व विद्यार्थियों को है, जिन्होने अपनी मेहनत, लगन व समर्पण से दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान ही नहीं गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश व देश का गौरव पूरे विश्व में बढाया है। आचार्य महामंडलेश्वर विश्वेश्वरानन्द गिरि महाराज ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के मार्गदर्शन में दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान आज उत्तर प्रदेश या भारत ही नहीं पूरे विश्व में अलग पहचान बना चुका है। यह विद्यालय भारत के गौरव को पुनः लौटाने का कार्य कर रहा है। कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के मार्गदर्शन व आशीर्वाद से दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान की आज पूरे विश्व में अलग पहचान है। यहां के विद्यार्थी विश्व को ज्ञान, धर्म व संस्कृति के प्रकाश से आलौकित करने का महान कार्य कर रहे हैं। महामंडलेश्वर चेतना माता हरिद्वार, महामंडलेश्वर श्रद्धामाता हरिद्वार ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज धर्म ही नहीं शिक्षा, संस्कार, संस्कृति, पर्यावरण व भारतीय विरासत के संरक्षण व संवर्धन क जो कार्य कर रहे हैं, वह हम सभी के लिए अनुकरणीय है। उनके नेतृत्व व मार्गदर्शन में दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान भारत की प्राचीन गौरवमयी गुरूकुल शिक्षा पद्धति को पुर्नस्थापित कर देश को नई ऊंचाईयां प्रदान कर रहा है। दिल्ली संत महामंडल के संगठन मंत्री श्रीमहंत कंचन गिरि महाराज ने कहा कि दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान ने प्राचीन भारतीय शिक्षा को पुनः विश्व भर नई पहचान दी है तो इसका श्रेय श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज को है। महाराजश्री ने धर्म, समाज व देश की सेवा का जां संकल्प ले रखा है, वह सभी को समाज व देश हित में जुट जाने के लिए प्रेरित कर रहा है। दिल्ली संत महामंडल के कोषाध्यक्ष महंत धीरेंद्र पुरी महाराज ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के मार्गदर्शन व आशीर्वाद से ही  दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान आज पूरे विश्व में देश का गौरव बढा रहा है। महंत मुकेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि  श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के संरक्षण व मार्गदर्शन में आज दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान आज गाजियाबाद ही नहीं पूरंे देश की शान बन चुका है। मुख्य अतिथि श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान जसोल, बालोतरा के अध्यक्ष रावल किशन सिंह ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान के माध्यम से धर्म, संस्कार व नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण जो शिक्षा बच्चों व युवाओं को दे रहे हैं, वह ही भारत को पुनः विश्व गुरू बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी। विधायक संजीव शर्मा ने कहा कि यह हम सभी का परम सौभाग्य है कि हमें श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज जैसे सिद्ध, तपस्वी व राष्ट्रीय संत का पावन सानिध्य प्राप्त हो रहा है, जो पूरे विश्व में सनातन धर्म व भारतीय शिक्षा का प्रकाश फैला रहे हैं। विशिष्ट अतिथि प्रो विरूपाक्ष वि जड्डीपाल सचिव, महर्षि सान्दीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान ने कहा कि दूधेश्वर वेद विद्यालय आज वैदिक शिक्षा, सनातन संस्कृति, राष्ट्रधर्म व आध्यात्मिकता की मिसाल कायम कर रहा है। श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान जसोल, बालोतरा के संयोजक कुंवर हरिशचंद्र सिंह ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज जैसे सच्चे व तपस्वी संत ही भारत को पुनः विश्व में शिखर पर पहुंचा सकते हैं। शिक्षाविद राम अवतार जिंदल ने कहा कि दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान गाजियाबाद ही नहीं पूरे देश का गौरव है। नवरत्न सोनी ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज पूरे विश्व में धर्म व ज्ञान की पताका फहरा रहे हैं। सभी संतों व अतिथियों को भगवान दूधेश्वर के चित्र, स्मृति चिंह, माला व पटका से सम्मानित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्यो के लिए श्री दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज गर्ग, विनय संकोची, अजय चोपडा, दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर श्रृंगार समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल, धर्मेंद्र चौधरी,  एस आर सुथार, मंदिर के मीडिया प्रभारी, बी के शर्मा हनुमान, एडवोकेट हर्ष पांडेय, मंदिर के लेखा परीक्षक संजीव गुप्ता, नितिन कुमार व कवि राज कौशिक को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। रजत जयंती समारोह का शुभारंम प्रातः 4 बजे दीप प्रज्जवलन से हुआ। उसके बाद मंगलाचरण व राष्ट्र गान का आयोजन हुआ। सरस्वती वंदना के बाद चलचित्र के माध्यम से दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान की उपलब्धियों को दिखाया गया। विद्या पीठ के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान की स्मारिका का विमोचन भी किया गया।

अन्तर्राष्ट्रीय न्याय दिवस एवं विश्व इमोजी दिवस पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती का संदेश- केवल चेहरों पर मुस्कान के इमोजी नहीं, जीवन में न्याय, करुणा और प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व भी व्यक्त करें

 


संवाददाता

*✨धरती के प्रति न्याय ही मानवता के प्रति न्याय है

*💥आज आवश्यकता इमोजी से आगे इमोशन और इमोशन से आगे एक्शन की-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश, 17 जुलाई। अन्तर्राष्ट्रीय न्याय दिवस  और विश्व इमोजी दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि आज दुनिया भावनाओं को व्यक्त करने के लिये इमोजी का भरपूर उपयोग करती है, लेकिन समय की मांग है कि हमारी संवेदनाएँ केवल मोबाइल स्क्रीन तक सीमित न रहें, बल्कि हमारे व्यवहार में भी दिखाई दें।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने परमार्थ निकेतन दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि धरती के प्रति न्याय ही मानवता के प्रति न्याय है और जैव विविधता की रक्षा करना आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों की रक्षा करना है। 

अन्तर्राष्ट्रीय न्याय दिवस स्मरण कराता है कि न्याय केवल हमारे लिए नहीं, बल्कि हमारी धरती, नदियों, वनों, पर्वतों, जल, वायु और आने वाली पीढ़ियों के प्रति भी हमारा नैतिक दायित्व है। प्रकृति का अंधाधुंध दोहन, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन केवल पर्यावरणीय संकट नहीं, बल्कि भविष्य के साथ अन्याय है। आज समय की पुकार है कि हम विकास और संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करें, संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करें और पृथ्वी को वही सम्मान दें जो हम अपने जीवन को देते हैं। धरती सुरक्षित होगी, तभी न्याय, शांति और मानवता का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा।

पूज्य स्वामी जी ने कहा, एक मुस्कुराता हुआ इमोजी तभी सार्थक है जब हमारे व्यवहार से किसी के जीवन में मुस्कान आए। जुड़े हुए हाथों का इमोजी तभी पूर्ण है जब हमारे भीतर विनम्रता और सेवा का भाव हो। हरे वृक्ष का इमोजी तभी जीवंत है जब हम वास्तव में पौधे लगाएँ और प्रकृति की रक्षा करें। पृथ्वी का इमोजी तभी सार्थक है जब हम धरती के प्रति अपने दायित्व निभाएँ।

उन्होंने कहा कि न्याय केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं है। वास्तविक न्याय वह है जिसमें प्रत्येक व्यक्ति, प्रत्येक जीव, प्रत्येक नदी, प्रत्येक वन और स्वयं पृथ्वी के अधिकारों का सम्मान हो। यदि नदियाँ प्रदूषित हैं, वन नष्ट हो रहे हैं, जलवायु संकट गहरा रहा है और भविष्य की पीढ़ियों से स्वच्छ पर्यावरण छिन रहा है, तो यह भी अन्याय का ही एक स्वरूप है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज आवश्यकता इमोजी से आगे इमोशन और इमोशन से आगे एक्शन की है। हमारी डिजिटल अभिव्यक्ति तभी सार्थक होगी जब वह सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय मूल्यों में परिवर्तित हो।

उन्होंने कहा कि यदि दुनिया नए इमोजी बनाए, तो उनमें केवल भावनाएँ नहीं बल्कि न्याय, जल संरक्षण, स्वच्छ नदियाँ, वृक्षारोपण, करुणा, शांति और पृथ्वी की सुरक्षा के प्रतीक भी प्रमुख स्थान प्राप्त करें। ऐसे इमोजी आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देंगे कि विकास और तकनीक का उद्देश्य केवल संवाद नहीं, बल्कि संवेदनशील और उत्तरदायी समाज का निर्माण भी है।

पूज्य स्वामी जी ने सभी से आह्वान किया कि इस अवसर पर एक संकल्प लें, हम केवल न्याय की बात नहीं करें, बल्कि न्यायपूर्ण जीवन जिएँ; केवल प्रकृति के इमोजी साझा नहीं करें, बल्कि प्रकृति की रक्षा भी करें; केवल शांति का संदेश नहीं भेजें, बल्कि अपने विचारों, व्यवहार और निर्णयों में भी शांति, करुणा और न्याय को स्थान दें।

उन्होंने कहा, दुनिया को आज ऐसे इमोजी की आवश्यकता है जो केवल चेहरे की भावनाएँ नहीं, बल्कि मानवता का चरित्र दर्शाएँ। जब हमारे हाथ सेवा में, हमारे हृदय करुणा में और हमारे एक्शन न्याय में बदलेंगे, तभी सच्चे अर्थों में मानवता मुस्कुराएगी।

गुरुवार, 16 जुलाई 2026

पौधारोपण के साथ शुरू की गाजियाबाद नगर निगम ने कावड़ महोत्सव की तैयारी

 







मुकेश गुप्ता

कावड़ यात्रा महोत्सव की तैयारी के लिए निगम तैयार, नगर आयुक्त ने टीम के साथ की दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर के महंत से मुलाकात

*कावड़ रूट पर प्रकाश व्यवस्था हेतु लगाई जाएगी 2648 लाइट*

*1030 सफाई मित्रों की टीम संभालेगी सफाई व्यवस्था*

*समस्त विभागों की टीम कावड़ यात्रा महोत्सव को सफल बनाने के लिए 20 जुलाई से 24 घंटे करेगी काम- नगर आयुक्त*


गाजियाबाद । गाजियाबाद नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक द्वारा निगम अधिकारियों के साथ कावड़ महोत्सव तैयारी के लिए दूधेश्वर नाथ मंदिर के महंत श्री नारायण गिरी जी से मुलाकात की गई तथा चल रही तैयारी के बारे में बताया गया विशेष तैयारी और आवश्यकता के बारे में भी जानकारी ली गई, प्रत्येक वर्ष की भांति कावड़ महोत्सव को सफल बनाने के लिए गाजियाबाद नगर निगम अहम भूमिका निभाने को तैयार है जिसमें कावड़ रूट पर कार्य करने के लिए सभी विभागों ने अलग से टीम बनाई है तैयारी के बारे में गाजियाबाद नगर निगम अधिकारियों द्वारा महंत दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर से बातचीत करते हुए योजना बनाई गई, मौके पर अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद, मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, प्रभारी उद्यान डॉक्टर अनुज, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मिथिलेश, तथा प्रकाश विभाग की टीम उपस्थित रही।


नगर आयुक्त द्वारा बताया गया गाजियाबाद में कावड़ महोत्सव की तैयारी जोरों पर है जिसके क्रम में गाजियाबाद नगर निगम भी अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी महंत जी के साथ मुलाकात करते हुए योजना बनाते हुए कावड़ महोत्सव की तैयारी शुरू की जा रही है इसी क्रम में दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर में पौधारोपण भी किया गया, आम के पौधे लगाए गए, निर्धारित कावड़ रूट पर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा 1030 सफाई मित्र अलग से लगाए जाएंगे जिनके द्वारा सड़कों की सफाई व्यवस्था को देखा जाएगा इसके अलावा शौचालय में सफाई के लिए 200 लोगों की टीम लगाई जाएगी पुरुष और महिलाओं के लिए आवश्यक शौचालय मोबाइल टॉयलेट लगे जाएंगे, कावड़ रूट पर लगने वाले कैंप के बाहर डस्टबिन की व्यवस्था भी विभाग द्वारा कराई जा रही है, प्रकाश विभाग द्वारा दुहाई से लेकर दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर तक तथा मेरठ रोड से लेकर ज्ञानी बॉर्डर तक और मोहन नगर से लेकर NH 9 तक लगभग 2700 लिए लगाई जाएगी कावड़ रूट को प्रकाश मय बनाया जाएगाl निर्माण विभाग द्वारा 20 जुलाई से बैरिकेडिंग का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा निर्धारित रूट पर आवश्यकता को देखते हुए बैरिकेटिंग की जाएगी, सड़क मरम्मत का कार्य लगातार जारी है, जलकल विभाग द्वारा दूधेश्वर नाथ मंदिर में पेयजल की व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है, गंगाजल के 12 टैंकर मंदिर के बाहर खड़े रहेंगे इसके अलावा कावड़ रूट पर भी लगभग 25 से 30 टैंकरों की व्यवस्था की गई हैl 20 जुलाई के बाद गाजियाबाद नगर निगम की टीम रोस्टर के क्रम में 24 घंटे कावड़ यात्रा महोत्सव की व्यवस्था में लगे रहेंगे ।

महंत नारायण गिरी, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक और निगम अधिकारियों द्वारा प्राचीन मंदिर दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर के अंदर की व्यवस्थाओं के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र का भी निरीक्षण किया गया, आवश्यक सफाई व्यवस्था, सड़क मरम्मत, प्रकाश व्यवस्था पेयजल की व्यवस्था को अधिकारियों द्वारा देखा गया जिसमें कार्यवाही जारी है । गाजियाबाद नगर निगम सीमा अंतर्गत कावड़ रूट पर पानी का छिड़काव सफाई व्यवस्था प्रकाश व्यवस्था तथा आवारा पशु सड़क पर ना घूमें विशेष व्यवस्था निगम द्वारा की जा रही है श्रद्धालुओं तथा कावड़ यात्रियों को कावड़ यात्रा में किसी प्रकार की परेशानी ना हो निगम द्वारा योजना बनाते हुए कार्य प्रारंभ किया जा रहा है, महंत जी द्वारा उपस्थित अधिकारियों का स्वागत और उत्साहवर्धन किया गया, प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी हर्ष और उल्लास के साथ कावड़ महोत्सव निगम अधिकारियों की देखरेख में संपन्न होगा शुभकामनाएं दी गई ।

जगन्नाथ रथयात्रा के पावन अवसर पर परमार्थ त्रिवेणी पुष्प में स्थित श्री जगन्नाथ धाम मेें हुई विशेष पूजा - अर्चना



                               संवाददाता

✨श्री जगन्नाथ रथयात्रा, मानवता, समरसता और ईश्वर-भक्ति का महायज्ञ*

*💥प्रयागराज में स्थापित श्री जगन्नाथ धाम उत्तर और पूर्व भारत की सांस्कृतिक एकता का दिव्य सेतु* 

*🌼श्री जगन्नाथ रथयात्रा - जब भगवान स्वयं अपने भक्तों के द्वार आते हैं*

*💥विश्वविख्यात श्री जगन्नाथ रथयात्रा के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन से  समस्त श्रद्धालुओं एवं भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएँ*

ऋषिकेश/प्रयागराज, 16 जुलाई। विश्वविख्यात श्री जगन्नाथ रथयात्रा के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि श्री जगन्नाथ रथयात्रा वह दिव्य महापर्व है, जहाँ भक्त भगवान के दर्शन के लिए नहीं जाते, बल्कि भगवान स्वयं अपने भक्तों के बीच आते हैं। यही इस पर्व की सबसे बड़ी विशेषता है और यही सनातन संस्कृति का जीवंत दर्शन है।

पूज्य स्वामीजी ने कहा कि भगवान श्रीहरि का दिव्य संदेश-नाहं वसामि वैकुण्ठे योगिनां हृदये न च। मद्भक्ता यत्र गायन्ति तत्र तिष्ठामि नारद। भगवान श्री जगन्नाथ अपने अग्रज भगवान बलभद्र, भगिनी सुभद्रा तथा चक्रराज सुदर्शन के साथ भव्य रथों पर आरूढ़ होकर श्रीमंदिर से गुण्डिचा मंदिर तक यात्रा करते हैं। यह ईश्वर और जीव के दिव्य मिलन, करुणा, समरसता और लोकमंगल का अद्भुत उत्सव है।

पूज्य स्वामीजी ने बताया कि विगत 25 फरवरी, 2025 को तीर्थराज प्रयागराज की पावन त्रिवेणी संगम स्थली पर स्थित परमार्थ त्रिवेणी पुष्प में सम्पन्न भगवान श्री जगन्नाथ धाम मन्दिर स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव ने उत्तर और पूर्व भारत की सांस्कृतिक विरासतों को एक सूत्र में जोड़ते हुए एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को साकार किया।

उन्होंने कहा कि जगन्नाथ अर्थात् जगत के नाथ, सम्पूर्ण सृष्टि के स्वामी हैं। वे किसी एक जाति, वर्ग, भाषा अथवा सम्प्रदाय के नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के आराध्य हैं। उनके विशाल नेत्र समस्त सृष्टि पर समान करुणा की दृष्टि रखते हैं और उनका स्वरूप हमें संदेश देेता है कि ईश्वर सीमाओं में नहीं, बल्कि प्रत्येक हृदय में निवास करते हैं।

भगवान का प्रतिवर्ष गुण्डिचा मंदिर की यात्रा पर जाना इस सत्य का प्रतीक है कि परमात्मा स्वयं अपने भक्तों तक पहुँचते हैं और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को प्रेम, सेवा और समानता का संदेश देते हैं।

उन्होंने कहा कि रथ की रस्सी को खींचना एक दिव्य अनुष्ठान है साथ ही अपने जीवनरूपी रथ को अहंकार, स्वार्थ और अज्ञान से मुक्त कर धर्म, सेवा और ईश्वर की दिशा में अग्रसर करने का प्रतीक भी प्रतीक है। जब लाखों श्रद्धालु बिना किसी भेदभाव के एक ही रस्सी को पकड़ते हैं, तब ’वसुधैव कुटुम्बकम् का सनातन संदेश जीवंत हो उठता है।

स्वामीजी ने प्रयागराज में सम्पन्न श्री जगन्नाथ धाम स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को स्मरण करते हुए कहा कि उड़ीसा के माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी जी की गरिमामयी उपस्थिति ने इस आयोजन को राष्ट्रीय एकात्मता का ऐतिहासिक पर्व बना दिया। प्रयागराज में स्थापित श्री जगन्नाथ धाम आने वाले समय में आध्यात्मिक चेतना, भारतीय संस्कृति, सेवा, संस्कार और राष्ट्रीय एकता का प्रेरणास्रोत बनेगा। यह धाम उत्तर और पूर्व भारत के मध्य सांस्कृतिक सेतु के रूप में कार्य करते हुए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भारतीय आध्यात्मिक परम्पराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण केन्द्र सिद्ध होगा।

उन्होंने कहा कि आज जब विश्व विभाजन, हिंसा, पर्यावरण संकट और मानवीय संवेदनाओं के क्षरण जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब श्री जगन्नाथ रथयात्रा हमें सेवा, समरसता, करुणा, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक एकता और लोकमंगल का मार्ग दिखाती है। यह महापर्व हमें प्रेरित करता है कि हम अपने भीतर के अहंकार का त्याग करें, सेवा को साधना बनाएँ और मानवता को अपना सर्वोच्च धर्म मानें।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे भगवान श्री जगन्नाथ के सार्वभौमिक प्रेम, करुणा और समरसता के संदेश को अपने जीवन में धारण करें तथा प्रकृति संरक्षण, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ एक ऐसे समाज का निर्माण करें, जहाँ प्रेम, सेवा, संस्कृति और आध्यात्मिकता जीवन के मूल आधार बनें। प्रभु श्री जगन्नाथ सभी के जीवन में सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य, समृद्धि एवं आध्यात्मिक जागरण का प्रकाश फैलाएँ।

मंगलवार, 14 जुलाई 2026

परमार्थ निकेतन में मलूक पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी राजेन्द्र दास महाराज का दिव्य आगमन

 





संवाददाता

*✨गो सम्मान आह्वान अभियान का शुभारम्भ हेतु किया अभिनन्दन*

*🌼परमार्थ निकेतन से गूँजा गौ संरक्षण, संस्कृति संवर्द्धन और राष्ट्र निर्माण का संकल्प*

*🌺आज चंद्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण की वर्षगाँठ पर परमार्थ निकेतन से भारत के वैज्ञानिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ*

ऋषिकेश, 14 जुलाई। परमार्थ निकेतन में आध्यात्मिकता, राष्ट्रचेतना और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम हुआ। मलूक पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी राजेन्द्र दास जी महाराज का परमार्थ निकेतन में आगमन हुआ। पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के साथ आत्मीय भेंटवार्ता हुई। दोनों पूज्य संतों ने सनातन संस्कृति, भारतीय जीवन-मूल्यों, गौ संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के विषयों पर चिंतन-मंथन किया।

इस अवसर पर परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने पूज्य स्वामी राजेन्द्र दास जी महाराज का परमार्थ निकेतन में अभिनन्दन करते हुए कहा कि भारत की आध्यात्मिक शक्ति सदैव संतों के तप, त्याग और सेवा से पुष्ट होती रही है। जब संत समाज किसी महान उद्देश्य के लिए एकजुट होते हैं, तब वह उद्देश्य केवल समाज को दिशा ही नहीं देता, बल्कि राष्ट्र के भविष्य का मार्ग भी प्रशस्त करता है।

गो सम्मान आह्वान- सनातन क्रान्ति की नूतन अभिनव पहल का शुभारम्भ करने हेतु पूज्य स्वामी जी ने पूज्य स्वामी श्री राजेन्द्र दास जी महाराज द्वारा संचालित इस अभिनव पहल का अभिनन्दन करते हुये सभी को इस अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुये कहा कि इसका उद्देश्य केवल गौ संरक्षण तक सीमित नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक कृषि, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय संवेदनाओं को सशक्त बनाना भी है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि गौ केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, प्रकृति और करुणा की जीवंत अभिव्यक्ति है। गौ सेवा अर्थात् जैव विविधता, पर्यावरण, कृषि, ग्राम्य जीवन और मानवीय मूल्यों की रक्षा भी है। उन्होंने कहा कि प्रकृति और संस्कृति का संरक्षण साथ-साथ चलने पर ही मानवता का भविष्य सुरक्षित रह सकता है।

अपने प्रेरक उद्बोधन में मलूक पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी राजेन्द्र दास महाराज ने कहा कि गौ संरक्षण किसी एक संगठन या समुदाय का विषय नहीं, बल्कि सम्पूर्ण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा उसकी संस्कृति, करुणा और सह-अस्तित्व की भावना में बसती है। जब तक हम अपनी जड़ों, अपनी परम्पराओं और अपनी सांस्कृतिक चेतना से जुड़े रहेंगे, तब तक हमारा राष्ट्र सदैव सशक्त बना रहेगा।

उन्होंने कहा कि पूज्य स्वामी महाराज के पावन सान्निध्य में परमार्थ निकेतन से राष्ट्र भक्ति, सनातन संस्कृति, सेवा, करुणा, सह-अस्तित्व, प्रकृति के प्रति सम्मान और समस्त सृष्टि के कल्याण की गंगा निरंतर प्रवाहित होती है। 

पूज्य स्वामी राजेन्द्र दास महाराज ने कहा कि गो सम्मान अभियान का उद्देश्य समाज में सकारात्मक जागरूकता लाना है। अभियान के प्रमुख संकल्पों में सम्पूर्ण भारत में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, देसी गोवंश का संरक्षण एवं संवर्धन, गौमाता को राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करने की दिशा में जनजागरण, गो सेवा हेतु प्रभावी नीति एवं कानून, गो आधारित प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा, चारा सुरक्षा नीति, पंचगव्य आधारित उत्पादों के निर्माण एवं विपणन को प्रोत्साहन तथा शिक्षा में गौ महात्म्य और भारतीय जीवन-दर्शन को समाहित करने जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी प्रकार के विरोध का नहीं, बल्कि जागरूकता, संवेदना, सेवा और जनभागीदारी का अभियान है। इसका उद्देश्य समाज को जोड़ना, करुणा का विस्तार करना तथा भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करना है।

परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने पूज्य स्वामी राजेन्द्र दास महाराज को रूद्राक्ष का पौधा भेंट करते हुये कहा कि आपके व्यक्तित्व में विद्वता, विनम्रता और विवेकशीलता का अद्भुत संगम हैं। आपका जीवन भारतीय संत परम्परा के उन उच्च आदर्शों का प्रतिनिधित्व करता है जहाँ ज्ञान के साथ सेवा, आध्यात्मिकता के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रभक्ति के साथ मानवता का भाव सहज रूप से प्रवाहित होता है।

आज चंद्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण की वर्षगाँठ पर भारत के वैज्ञानिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ अर्पित की गईं। पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियाँ और उसकी आध्यात्मिक चेतना एक-दूसरे की पूरक हैं। विज्ञान हमें आकाश की ऊँचाइयों तक पहुँचाता है, जबकि अध्यात्म हमें अपने अंतर्मन की गहराइयों से जोड़ता है। यही समन्वय भारत की संस्कृति है। 

आज परमार्थ निकेतन की दिव्य गंगा आरती भारत के गौरवपूर्ण अंतरिक्ष इतिहास के स्वर्णिम अध्याय चंद्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण की वर्षगाँठ एवं राष्ट्र के प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों के अदम्य संकल्प, अथक परिश्रम और विलक्षण प्रतिभा को समर्पित रही। माँ गंगा के पावन तट से भारत की वैज्ञानिक चेतना, नवाचार, आत्मनिर्भरता और विश्वकल्याण के संकल्प के लिए प्रार्थना की गई तथा उन सभी वैज्ञानिकों को कृतज्ञ नमन अर्पित किया, जिन्होंने भारत का तिरंगा चंद्रमा के दक्षिणी धू्रव तक पहुँचाकर पूरे विश्व को भारतीय सामर्थ्य का परिचय कराया।

रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद विकास ने कम्पोजिट विद्यालय शाहपुर निज मोरटा में कम्प्यूटर लैब स्थापित की







                                 मुकेश गुप्ता    

गाज़ियाबाद, 14 जुलाई। रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद विकास द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आज कम्पोजिट विद्यालय, शाहपुर निज मोरटा, गाज़ियाबाद में विद्यार्थियों के लिए कम्प्यूटर लैब की स्थापना की गई। क्लब की ओर से विद्यालय में 6 कम्प्यूटर एवं कम्प्यूटर टेबल स्थापित किए गए, जिससे छात्र-छात्राओं को प्रारम्भिक स्तर से ही कम्प्यूटर शिक्षा एवं डिजिटल तकनीक का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हो सकेगा।

कार्यक्रम का संचालन रो. संजय अग्रवाल द्वारा किया गया।

क्लब अध्यक्ष रो. कैलाश मंगला ने अपने संबोधन में कहा कि रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद विकास का इस वर्ष विशेष फोकस शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने पर रहेगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में कम्प्यूटर शिक्षा प्रत्येक विद्यार्थी की आवश्यकता है और यह कम्प्यूटर लैब विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

उन्होंने बताया कि यह सेवा परियोजना रो. विजय जिंदल एवं श्रीमती चम्पा जिंदल के सहयोग से सम्पन्न हुई। विद्यालय में स्थापित इस कम्प्यूटर लैब में विद्यार्थियों को कम्प्यूटर शिक्षा प्रदान करने का दायित्व श्रीमती अर्चना पंवार (एम.वी.ए. शिक्षिका) निभाएँगी, जिससे बच्चों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण कम्प्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त होगा।

इस अवसर पर रो. कैलाश मंगला एवं रो. कल्पना मंगला ने विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती अनुराधा शर्मा तथा सहायक गवर्नर रो. अनुराग अग्रवाल का स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में रो. विनीत माहेश्वरी, रो. अंजू अग्रवाल, रो. पुनीत गर्ग, रो. संजय गर्ग, रो. आलोक गर्ग, श्रीमती बबीता गर्ग, रो. आनन्द प्रकाश, श्रीमती दया गोयल, रो. कुलदीप कोहली, रो. जितेंद्र जैन, श्रीमती मधु जैन तथा रो. अतुल कुमार गुप्ता सहित क्लब के अनेक सदस्य, विद्यालय परिवार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद विकास ने भविष्य में भी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समाज सेवा के क्षेत्र में जनहितकारी परियोजनाओं को निरंतर संचालित करने का संकल्प व्यक्त किया।

 

दिल्ली में 31 जुलाई को सामाजिक समरसता महारैली ऐतिहासिक होगी : डा० अरविंद राजभर





मुकेश गुप्ता

गाज़ियाबाद, 14 जुलाई।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस एवं पश्चिम उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व राज्य मंत्री अरविंद राजभर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अरविंद राजभर ने कहा कि अक्सर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को केवल पूर्वांचल की पार्टी के रूप में देखा जाता है, जबकि वास्तविकता यह है कि पार्टी पूरे उत्तर प्रदेश के गरीबों, वंचितों, अतिपिछड़ों, किसानों, मजदूरों एवं उपेक्षित समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान और न्याय पहुँचाना है।

उन्होंने बताया कि 31 जुलाई 2026 को तालकटोरा इंडोर स्टेडियम, नई दिल्ली में आयोजित होने वाली सामाजिक समरसता महारैली का उद्देश्य पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाना और यह संदेश देना है कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी केवल पूर्वांचल तक सीमित नहीं है, बल्कि पश्चिम उत्तर प्रदेश सहित पूरे प्रदेश में उसका व्यापक जनाधार और प्रभाव है।

कार्यक्रम के आयोजक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, व्यापार प्रकोष्ठ, राम अवतार जिंदल ने बताया कि आज पश्चिम उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की बैठक रैली की तैयारियों की समीक्षा तथा उसे ऐतिहासिक बनाने के उद्देश्य से आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले को अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया गया है।

 श्री जिंदल ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि 31 जुलाई की सामाजिक समरसता महारैली ऐतिहासिक होगी। यह रैली पार्टी की संगठनात्मक शक्ति, अनुशासन और सामाजिक न्याय के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का परिचय पूरे देश को देगी तथा दिल्ली सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विशाल जनसमर्थन की साक्षी बनेगी।

बैठक में पश्चिम उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा रैली को सफल बनाने का संकल्प लिया।


 

सोमवार, 13 जुलाई 2026

स्वतंत्र प्रभार नागरिक सुरक्षा एवं होम गार्ड विभाग धर्मवीर प्रजापति ने सिविल डिफेंस के वार्डन और स्वयंसेवकों से संवाद किया

 






मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद ।  राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार नागरिक सुरक्षा एवं होम गार्ड विभाग उ. प्र.धर्मवीर प्रजापति ने आज 13 जुलाई 2026 को हिंदी भवन गाजियाबाद में अपने बहुमूल्य समय में से समय निकाल कर सिविल डिफेंस के वार्डन और स्वयंसेवकों से संवाद  करने की एक अनूठी पहल की है जिस के लिए उनको साधुवाद।

डिप्टी कंट्रोलर अनुराधा सिंह एवं चीफ वार्डन ललित जायसवाल ने पुष्प गुच्छ और पौधा मंत्री को दे कर  उनका  विधिवत  स्वागत किया।सिटी मजिस्ट्रेट सतीश चंद त्रिपाठी  और होम गार्ड कमांडेंट अमित कुमार वर्मा का भी  पुष्प गुच्छ और पौधा दे कर स्वागत किया।

डिप्टी कंट्रोलर अनुराधा सिंह ने मुख्य अतिथि मंत्री और मंचासीन सभी अधिकारियों का अपनी वाणी से स्वागत किया।

सहायक डिप्टी कंट्रोलर नेम सिंह ने मंत्री के संक्षिप्त जीवन से समस्त वार्डन/ स्वयंसेवकों  को परिचित कराया।

डिप्टी कंट्रोलर अनुराधा सिंह और चीफ वार्डन ललित जायसवाल के नेतृत्व में  खचाखच भरे हिंदी भवन में करीब 400 से अधिक वार्डन/ स्वयंसेवकों  को  माननीय मंत्री  के आशीर्वचन सुनने का अभूतपूर्व अवसर मिला ।

 मंत्री ने अपने  कुछ संस्मरण  सब के साथ साझा किए। कारागार मंत्री के रूप में कैदी महिलाओं के साथ रहने वाले बच्चों के लिए जेल में शिक्षा के लिए टीचर्स का प्रबंध कर दिया। अंग्रेजों के समय के बने जेल मैनुअल को बदलने का भी विशेष कार्य किया  जिस से कई उम्रकैदियों को  इस का फायदा मिला। कैदियों के साथ संवाद कर के उनके भविष्य बदलने का भी प्रयास किया और बहुत से खूंखार कैदियों का मन भी बदल गया ।  6000 हजार से अधिक गरीब कैदियों को जुर्माने की राशि न होने के कारण कैद में रहे  कैदियों को आर्थिक सहायता कर उनको कैद से रिहा करवाया। होम गार्ड को 5 लाख तक का कैशलेस मेडिकल बीमा भी उपलब्ध करा दिया और इसके साथ साथ होम गार्ड को कहीं भी हों  दुर्घटना के समय अनुग्रह राशि 5 लाख और बैंक के द्वारा 35 लाख की अनुग्रह राशि और उपलब्ध करा दी। मंत्री ने सिविल डिफेंस के वार्डन/ स्वयंसेवकों को बहुत सारे सुझाव दिये जिस से समाज में सिविल डिफेंस की एक अलग पहचान बन जाएगी आप के कार्यकाल में प्रदेश के सभी जिलों में सिविल डिफेंस की स्थापना  संभव हो सकी। सिटी मजिस्ट्रेट सतीश चंद त्रिपाठी ने भी अपने आशीर्वचन में सिविल डिफेंस गाजियाबाद की तारीफ की और मंत्री का भी आभार  प्रकट किया कि आप ने अपना बहुमूल्य समय वार्डन/ स्वयंसेवकों के संवाद के लिए दिया।

सिविल डिफेंस गाजियाबाद के डिवीजनल वार्डन सुधीर कुमार, ए के ठाकुर, सुजीत कुमार प्रसाद, दीपक अग्रवाल , हर्ष वर्मा ने मंत्री के समक्ष वार्डन/ स्वयंसेवकों के मन की भावना से भी अवगत कराया 

26 जनवरी  2026 गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन में आयोजित परेड में  सिविल डिफेंस गाजियाबाद की टुकड़ी के  में शामिल सभी वार्डन को प्रशस्ति पत्र मंत्री अपने करकमलों से प्रदान कर सब का उत्साहवर्धन किया।

बी जे पी महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने भी पुष्प गुच्छ भेंट कर  माननीय मंत्री का स्वागत किया। बी. के. शर्मा ने भी पुष्प गुच्छ से स्वागत किया।

डिप्टी कंट्रोलर अनुराधा सिंह और चीफ वार्डन ललित जायसवाल ने मंत्र को एक स्मृति चिन्ह भेंट किया 

सहायक डिप्टी कंट्रोलर नेम सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट सतीश चंद त्रिपाठी को स्मृति चिन्ह भेंट किया और स्टाफ ऑफिसर राजेंद्र शर्मा  ने होम गार्ड कमांडेंट अमित कुमार वर्मा  को स्मृति चिन्ह भेंट किया।

अंत में चीफ वार्डन ललित जायसवाल  ने मुख्य अतिथि मंत्री और समस्त मंचासीन अधिकारियों और सभागार में उपस्थित बी जे पी के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल के साथ सभी वार्डन स्वयंसेवकों/का  विधिवत धन्यवाद दिया