शनिवार, 5 सितंबर 2026

मुख्यमंत्री के रूप में 20वीं बार श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचे योगी आदित्यनाथ, श्रद्धालुओं पर बरसाए फूल चांदी से सजे गर्भगृह में किए ‘लाला’ के दर्शन

 



संवाददाता

*योगमाया और केशवदेव मंदिर में भी किया दर्शन-पूजन, परिसर में विधि- विधान से किया गोपूजन*

*सीएम ने उज्जैन से आए कलाकारों का बढ़ाया उत्साह, ब्रजवासियों को दीं असीम शुभकामनाएं*

*मथुरा, 04 सितंबर।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने ब्रज प्रवास के दूसरे दिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शुक्रवार सुबह श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने पूरे विधि-विधान व आस्था के साथ मुख्य गर्भगृह में विराजमान 'लाला' (बाल कृष्ण) के दर्शन और विशेष पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री के रूप में श्रीकृष्ण जन्मभूमि का यह उनका 20वां दर्शन रहा। मंदिर परिसर में आगमन पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के पदाधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया।

*चांदी से सजे गर्भगृह की अद्भुत छटा निहारते रहे सीएम*

जन्माष्टमी के इस विशेष और दिव्य पर्व पर जन्मभूमि के मुख्य गर्भगृह की दीवारों को चांदी की परत लगाकर बेहद अलौकिक रूप से सजाया गया था। मुख्यमंत्री योगी काफी देर तक चांदी से सजे गर्भगृह की इस अद्भुत छटा और लाला के मनमोहक स्वरूप को भक्तिभाव से निहारते रहे। मुख्य गर्भगृह में दर्शन-पूजन के बाद सीएम ने परिसर में ही स्थित योगमाया मंदिर, केशवदेव मंदिर और भागवत भवन में भी जाकर दर्शन-पूजन किया और देश-प्रदेश की सुख-शांति व समृद्धि की मंगल कामना की।



गोपूजन कर श्रद्धालुओं पर की पुष्प वर्षा

मंदिर में पूजन-अर्चन से पहले मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में गोमाता का विधिवत पूजन किया। इस पावन पर्व पर जन्मभूमि परिसर में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार करते हुए सीएम योगी ने उन पर देर तक पुष्प वर्षा की और सभी देशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने जन्मभूमि परिसर में अपनी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दे रहे उज्जैन से आए कलाकारों के मध्य पहुंचकर उनका उत्साहवर्धन किया और साथ में फोटो भी खिंचवाईं। सीएम योगी करीब 30 मिनट तक जन्मभूमि परिसर में रहे।

शुक्रवार, 4 सितंबर 2026

गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र बच्चन हिमाचल गौरव प्रतीक से अलंकृत




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश के संरक्षण में ‘सेवा परमो धर्म:’ में अहम योगदान के लिए गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार एवं समाज चिंतक जितेन्द्र बच्चन को भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग बिलासपुर के सभागार में ‘हिमाचली टोपी’ से अलंकृत किया गया। बिलासपुर के उपायुक्त आईएएस श्री राहुल कुमार ने हिमाचल प्रदेश की यह सांस्कृतिक पहचान, मान-सम्मान और गौरव का प्रतीक कर्नल जसवंत सिंह चंदेल व जिला भाषा अधिकारी श्रीमती नीलम चंदेल की मौजूदगी में प्रदान किया।

उपायुक्त श्री राहुल कुमार समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया के 9वें राष्ट्र गौरव सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। उन्होंने कहा, 'सेवा परमो धर्मः' भारतीय संस्कृति का मूल मंत्र है, जो हमें निस्वार्थ भाव से समाज एवं राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरित करता है। और जितेन्द्र बच्चन पत्रकारिता व समाजसेवा के माध्यम से इसे कार्य को बाखूबी निभा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश आज उन्हें अपनी सांस्कृतिक पहचान, मान-सम्मान व ‘गौरव प्रतीक’ से अलंकृत कर गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

डॉ. जितेन्द्र बच्चन ने इस सम्मान के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार और बिलासपुर के उपायुक्त श्री राहुल कुमार, कर्नल जसवंत सिंह और जिला भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग अधिकारी (डीएलओ) श्रीमती नीलम चंदेल के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित ‘राष्ट्र गौरव’ सम्मान समारोह को सेवा, समर्पण एवं राष्ट्र निर्माण की उस महान परंपरा को सुदृढ़ करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया, जो जनसेवा को सर्वोच्च धर्म मानता है। डॉ बच्चन ने कहा, “हिमाचली टोपी केवल मान-सम्मान का एक प्रतीक नहीं, बल्कि यह जनकल्याण, प्रेरणा और समर्पण की जीवंत भावना का प्रतीक है। जय हिन्द, जय भारत!”

डॉ. बच्चन ने यह भी कहा कि समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसकेएफआई) का ‘विकसित समाज सशक्त भारत’ अभियान समाज के प्रत्येक वर्ग को सेवा के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है तथा भविष्य में राष्ट्रहित में कार्य करने की चेतना को और अधिक सशक्त बनाएगा। इसी संकल्प के साथ सेवा, संस्कार और समर्पण के पथ पर एसकेएफआई निरंतर आगे बढ़ रहा है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उपायुक्त श्री राहुल कुमार ने 32 विभूतियों को ‘राष्ट्र गौरव’ पुरस्कार और 9 प्रतिभाओं को अलग-अलग क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्य के लिए उन्हें राष्ट्रीय प्रतिभा अवार्ड से भी सम्मानित किया है। इस अवसर पर डॉ. अभिजीत कुमार, डॉ. राम स्वरूप भटनागर, डॉ. विद्या भूषण श्रीवास्तव, ललिता कश्यप, सुभाष गुप्ता, नीरज शर्मा, रविन्द्र कुमार शर्मा, विकास कुमार, मंजू कश्यप, हेमेन्द्र कुमार के अलावा शिक्षा, साहित्य, समाजसेवा, कला-संस्कृति, सेना, पुलिस और पत्रकारिता से जुड़े कई गणमान्य उपस्थित रहे।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियों से सजा परमार्थ निकेतन , श्रीकृष्ण के अवतरण का संदेश-धर्म की स्थापना, की प्रतिष्ठा और जीवन की सर्वांगीण पूर्णता-स्वामी चिदानन्द सरस्वती






संवाददाता

ऋषिकेश, 4 सितम्बर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व के स्वागत के लिए परमार्थ निकेतन में तैयारियाँ श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ चल रही हैं। आश्रम परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर विशेष तैयारियां हो रही है। 

परमार्थ निकेतन की ओर से समस्त देशवासियों एवं विश्वभर के श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। प्रार्थना है कि भगवान श्रीकृष्ण का दिव्य प्रेम प्रत्येक हृदय में प्रकट हो, जीवन में धर्म का प्रकाश हो, कर्मों में निष्कामता हो और समस्त विश्व में शांति, सद्भाव एवं करुणा का विस्तार हो।

भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण धर्म की पुनर्स्थापना और अधर्म के विनाश का प्रतीक है। जब समाज में अन्याय बढ़ता है, जब अहंकार, हिंसा और असत्य मानवता को पीड़ित करते हैं, तब परमात्मा का अवतरण धर्म की रक्षा के लिए होता है। 

भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कारागार में हुआ, परंतु उनका जीवन यह संदेश देता है कि परमात्मा का प्रकाश परिस्थितियों का मोहताज नहीं होता। अंधकार कितना भी गहरा हो, सत्य का अवतरण संभव है। जन्माष्टमी हमें स्मरण कराती है कि जब मनुष्य अपने भीतर के भय, मोह, अहंकार और अज्ञान के बंधनों को पार करता है, तभी उसके जीवन में कृष्ण का प्रकाश प्रकट होता है।

आज जब संसार तनाव, संघर्ष, असंतुलन और अस्थिरता से जूझ रहा है, तब     श्रीकृष्ण का संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है। भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन से पलायन नहीं, बल्कि जीवन के मध्य रहकर धर्मपूर्वक कर्म करने की शिक्षा दी। 

यह संदेश हमें संदेश देता है कि हमारा अधिकार कर्म पर है, फल पर नहीं। जब कर्म निष्काम हो जाता है, तब जीवन सेवा बन जाता है और सेवा साधना बन जाती है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने संदेश में कहा कि श्री कृष्ण वह चेतना हैं जो जीवन के प्रत्येक आयाम को प्रेम, ज्ञान और आनंद से पूर्ण करती है। श्री कृष्ण अर्थात् वात्सल्य, प्रकृति और गौ-संस्कृति के संरक्षक हैं, प्रेम और माधुर्य के प्रतीक हैं, जीवन के मार्गदर्शक हैं। श्री कृष्ण राधा के प्रेम में माधुर्य हैं, सुदामा की मित्रता में आत्मीयता हैं, द्रौपदी की पुकार में करुणा हैं और अर्जुन के संशय में ज्ञान हैं।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण एक ऐसे अवतार हैं जो सर्वांगीणता के दर्शन कराते हैं। उनके जीवन में भक्ति है, ज्ञान है, कर्म है, योग है, प्रेम है, नीति है, करुणा है, नेतृत्व है और लोककल्याण की भावना है। वे हमें संदेश देते हैं कि आध्यात्मिकता जीवन से अलग कोई वस्तु नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक कर्म में परमात्मा का अनुभव करने की कला है।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव इसी दिव्य संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का अवसर है। यह पर्व हमें प्रेरणा देता है कि हम अपने जीवन को प्रेम, सेवा, साधना और सद्भाव से युक्त कर समाज और विश्व के कल्याण के लिए समर्पित हों।

आइए, इस जन्माष्टमी पर हम अपने भीतर के अंधकार को दूर कर श्रीकृष्ण के प्रकाश का स्वागत करें। भगवान श्रीकृष्ण हमारे हृदयों में प्रेम, हमारे कर्मों में धर्म और हमारे जीवन में आनंद का अवतरण करें।

गुरुवार, 3 सितंबर 2026

मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं, मुख्यमंत्री ने स्वामी श्री हरिदास प्रेक्षागृह समेत 1051 करोड़ की 229 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

 








                                   संवाददाता

विदेशी आक्रांताओं ने मंदिरों को तोड़ा, लेकिन भक्ति नहीं डिगा पाएः मुख्यमंत्री

*जवाहरबाग कांड का उपद्रव देखा था, अब क्षेत्र में उत्सव का माहौल: सीएम योगी*


मथुरा, 3 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रज की धरा से प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी वृंदावन में स्वामी श्री हरिदास प्रेक्षागृह समेत 1051 करोड़ की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। इसमें 540 करोड़ से अधिक की 62 परियोजनाओं का लोकार्पण, 437 करोड़ से अधिक लागत की 167 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। साथ ही आवास योजना के लाभार्थियों के खाते में 72 करोड़ से अधिक की धनराशि स्थानांतरित की गई। सीएम ने ब्रज, अयोध्या, काशी आदि का उदाहरण देते हुए कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने भले ही मंदिरों को तोड़ा, लेकिन वे हमारी भक्ति को कभी नहीं डिगा पाए। 

*हरिदास जी ने साधना को समाज की चेतना से जोड़ा*

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी हरिदास जी महाराज ने भक्ति को संगीत का स्वरूप दिया। संगीत को साधना बनाया और इसे समाज की चेतना से जोड़ा। उनकी साधना ने एक सम्राट को भी भक्ति रस के साथ जोड़ने का अद्भुत कार्य किया। महान संगीतज्ञ तानसेन स्वामी हरिदास जी के शिष्य थे।

*विकास को केवल सड़क, बिजली, पानी के चश्मे से देखा गया*

सीएम ने कहा कि हम लोगों ने लंबे समय तक विकास को केवल सड़क, बिजली, पानी, भवन और उद्योग के चश्मे से देखने की कोशिश की। विकास के नाम पर विरासत का अपमान होता रहा। इतिहास के नायकों को भारतीय स्मृति से मिटाने की कोशिश हुई। पहले विदेशी आक्रांताओं, फिर अंग्रेजों ने हमारे इतिहास और ऐतिहासिक चिन्हों को नष्ट किया, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने तो हमारी विरासत की उपेक्षा व अपमान की हद पार कर दी। 

*2017 से पहले उत्सव नहीं, उपद्रव होता था*

सीएम ने कहा कि अब मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोवर्धन, बलदेव क्षेत्र जिस विरासत और उत्सव के लिए जाना जा रहा है, वह 2017 के पहले संभव नहीं था। सीएम ने जून 2016 के जवाहर बांग कांड के उपद्रव और इसमें 29 लोगों के मारे जाने का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें हमारे दो पुलिस अधिकारी भी बलिदान हुए थे। ऐसे उपद्रव प्रदेश में उत्सव, विकास, सभ्यता और संस्कृति के संरक्षण की कल्पना कौन कर सकता था। एक राष्ट्र अपनी स्मृति, संस्कृति, जड़ों को ढूंढने से महान बनता है। जिस समाज को विरासत का बोध होता है, वह दुनिया से सीखता और दुनिया को सिखाता भी है।


*संघर्ष, संरक्षण, पुनर्निर्माण, सनातन की निरंतरता का इतिहास*

सीएम ने कहा कि भारत का इतिहास केवल उपलब्धियों का नहीं, बल्कि संघर्ष, संरक्षण, पुनर्निर्माण, सनातन की निरंतरता का इतिहास है। मथुरा इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि स्थित केशव देव मंदिर ने कई आक्रमण सहे हैं। विदेशी आक्रांताओं ने मंदिर तोड़े, लेकिन वे श्रीकृष्ण, राधारानी की स्मृति को नहीं मिटा पाए। न जन्माष्टमी का आयोजन रुका और न ही वृंदावन की भक्ति। न बरसाना की होली थमी और न गोवर्धन की परिक्रमा। यही है सनातन और ब्रज की शक्ति। 

*निरंतर बढ़ती रही सनातन की आभा*

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में मंदिरों पर प्रहार के प्रसंग मिलते हैं, किंतु उसी कालखंड में ब्रज की धरती पर स्वामी हरिदास जैसे संत साधना से संगीत की ऐसी धारा विकसित करते हैं, जिसकी गूंज सदियों से चली आ रही है। यह अनंत काल तक हर संगीतज्ञ को आकर्षित करती रहेगी। काशी विश्वनाथ का मंदिर औरंगजेब ने तोड़ा, लेकिन परंपरा कभी समाप्त नहीं हुई। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने मंदिर के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज काशी विश्वनाथ धाम भव्यता और आधुनिक सुविधाओं के लिए जाना जा रहा है। अयोध्या में बाबर ने 1528 में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर को तोड़ कर गुलामी का ढांचा बनवा दिया, लेकिन इससे रामनवमी, पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा, सावन का झूला मेला नहीं रुका। सनातन की आभा निरंतर बढ़ती रही और संघर्ष का जज्बा पैदा करती रही। इसी का परिणाम है कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया है। 

*लोक कल्याण के लिए संतों ने समर्पित किया जीवन* 

सीएम ने कहा कि भारत को समझने के लिए संतों और कलाकारों की लोक विधा की कला को समझना पड़ेगा। क्रांतिकारियों और उन करोड़ों भारतीयों को पढ़ना होगा, जिन्होंने पीढ़ी दर पीढ़ी इस सभ्यता को जीवित रखा। महाराज सुहेलदेव, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर, महारानी लक्ष्मीबाई, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह, जगद्गुरु आदि शंकराचार्य से लेकर एक लंबी परंपरा चली आई है। पूज्य संतों ने लोक कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। 


*मंदिरों, भाषाओं, साहित्य, संगीत, कला समेत हर क्षेत्र में है विरासत* 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत केवल किसी भौतिक वस्तु में नहीं होती। यह हमारे मंदिरों, भाषाओं, साहित्य, संगीत, कला, दर्शन, गणित, विज्ञान, चिकित्सा, खगोल ज्ञान, लोक व ज्ञान परंपराओं में भी है। डबल इंजन सरकार ने प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में इसमें नए आयाम (विरासत, विकास, आस्था, आर्थिकी, परंपरा और परिवर्तन भी) और आधुनिकता को भी जोड़ा है। अयोध्या, काशी, मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोवर्धन, नंदगांव, बलदेव, विंध्याचल, चित्रकूट, शुकतीर्थ, संभल, बरेली, नैमिषारण्य, सारनाथ, कुशीनगर जैसे तीर्थ स्थलों का विकास कर हम वर्तमान और भावी पीढ़ी के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उन्नयन को बढ़ा रहे हैं। बदलते उत्तर प्रदेश, बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत कानून व्यवस्था और विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर का प्रमाण है कि गत वर्ष 156 करोड़ पर्यटक उत्तर प्रदेश आए।

*विरासत से जुड़कर ही विकसित व आत्मनिर्भर राष्ट्र बनेगा भारत*

सीएम ने ब्रज की धरा से स्पष्ट संदेश दिया कि भारत विरासत से जुड़कर ही विकसित व आत्मनिर्भर राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करेगा। इसके लिए महिला, युवा, किसान, उद्यमी, कारीगर, हस्तशिल्पी समेत हर तबके का उन्नयन होना चाहिए। कानून का राज इसकी पहली शर्त है। श्रद्धालु, पर्यटक, निवेशक तभी आएंगे, जब उन्हें सुरक्षा पर भरोसा होगा। मां-बेटी तभी निर्भय होकर बाहर निकलेंगी, जब उसका शासन पर विश्वास होगा। सावन में गाजियाबाद से लेकर हरिद्वार के बीच 5 करोड़ कांवड़ यात्री निकले। अन्य मार्गों पर भी यह संख्या करोड़ों में रही। 

*2017 से पहले उपद्रव होता था, अब उत्सव से पहले तैयारियां*

सीएम ने कहा कि बरेली में महीनों दंगे होते थे। दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर सम्मानित किया जाता था। मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मेरठ, लखनऊ में दंगे होते थे, लेकिन साढ़े 9 वर्ष में यूपी कर्फ्यू व दंगा मुक्त है। अब उत्सव हमारी पहचान है। अब मथुरा-वृंदावन में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु आते हैं। रंगोत्सव, वैष्णव कुंभ, दुर्गा पूजा, रामनवमी, दीपोत्सव, शोभायात्राएं व महाकुंभ जैसे भव्य आयोजन हो रहे हैं। पहले उत्सव से पहले उपद्रव की आशंका रहती थी, अब उत्सव के पहले तैयारी होती है। भारत अब आस्था के सबसे बड़े आयोजनों को आधुनिक व्यवस्थाओं के साथ आयोजित कर रहा है। 

*पर्यटन विकास से जोड़े जा रहे ब्रज के क्षेत्र*

मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 वर्ष में 1000 करोड़ रुपये से ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने अनेक परियोजनाओं को पूरा किया। सुरक्षा, स्वच्छता, कनेक्टिविटी की सुविधा के साथ श्रद्धालुओं का सम्मान हो रहा है। वृंदावन, बरसाना, नंदगांव, गोवर्धन, राधा कुंड, गोकुल, बलदेव, मथुरा आदि को पर्यटन विकास से जोड़ा जा रहा है। 84 कोसी, पंचकोसी परिक्रमा मार्ग, कुंडों का पुनरुद्धार हो रहा है। माननीय उच्चतम न्यायालय का संरक्षण प्राप्त हुआ तो श्री बांके बिहारी मंदिर के आसपास के क्षेत्र का भव्य विकास भी होगा। वृंदावन में रोपवे, मेगा पार्किंग और मथुरा में राया अर्बन नोड जैसी परियोजनाओं के जरिए ब्रज के आधुनिक भविष्य की मजबूत नींव रखने का प्रयास प्रारंभ हुआ है।

सूरदास ब्रजभाषा अकादमी की स्थापना भी हुई

सीएम ने कहा कि ब्रज संस्कृति के संरक्षण और ब्रजभाषा के संवर्धन के उद्देश्य से सूरदास ब्रजभाषा अकादमी की स्थापना हुई। डबल इंजन सरकार देश-विदेश के ख्यातिलब्ध कलाकारों को एक मंच पर लाकर ब्रज की समृद्ध संगीत एवं साहित्यिक विरासत को भी संरक्षित, संवर्धित और विश्व पटल पर प्रतिष्ठित कर रही है। वृंदावन के नगरीय सीमा के भीतर ही 400 एकड़ क्षेत्र में एशिया का सबसे बड़ा सिटी वन (सौरभी वन) विकसित किया जा रहा है।

इस अवसर पर संत विजय कौशल जी महाराज, गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह, सांसद हेमामालिनी, राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह, महापौर विनोद अग्रवाल, विधायक श्रीकांत शर्मा, पूरन प्रकाश, मेघश्याम सिंह, राजेश चौधरी, विधान परिषद सदस्य ओमप्रकाश सिंह, योगेश चौधरी, जिला पंचायत प्रशासक किशन चौधरी आदि उपस्थित रहे।

परमार्थ विद्या मन्दिर में मनायी जन्माष्टमी,परमार्थ विद्या मन्दिर के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने धूमधाम से मनाया श्री कृष्ण जन्म

 





संवाददाता

ऋषिकेश, 3 सितम्बर। परमार्थ विद्या मन्दिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और आध्यात्मिक भाव के साथ मनाया गया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को जीवन में धर्म, प्रेम, विवेक, करुणा, साहस और कर्तव्य को जागृत करने के संकल्प-पर्व के रूप में मनाया।

श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव उस दिव्य क्षण का स्मरण है, जब अंधकार के मध्य प्रकाश का प्राकट्य हुआ। यह केवल द्वापर युग की एक घटना नहीं, बल्कि मानव-चेतना के लिए सनातन संदेश है कि जब जीवन के भीतर भय बढ़ता है, जब सत्य पर संकट आता है, जब अधर्म अपना प्रभाव बढ़ाता है, तब ईश्वर किसी न किसी रूप में हमारे भीतर सत्य का दीप प्रज्वलित करते हैं।

जन्माष्टमी हमें यह भी स्मरण कराती है कि श्रीकृष्ण का जन्म किसी राजमहल में नहीं, बल्कि कारागार के अंधकार में हुआ। यह सनातन दर्शन का अत्यंत गहरा संदेश है, परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी विपरीत क्यों न हों, दिव्यता को जन्म लेने से कोई कारागार रोक नहीं सकता। बाहर का अंधकार प्रकाश को रोक नहीं सकता, यदि भीतर विश्वास जीवंत हो।

परमार्थ विद्या मन्दिर में बच्चों ने श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की झाँकी, भक्ति एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तथा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जन्मोत्सव की दिव्यता को जीवंत किया। नन्हे-नन्हे बालकों का कृष्ण-राधा स्वरूप अत्यंत आकर्षित करने वाला था, यह हमारी उस सनातन परंपरा का सुंदर प्रतिबिंब था जिसमें संस्कार पुस्तकों से पहले उत्सवों के माध्यम से बच्चों के हृदय में उतरते हैं।

श्रीकृष्ण भारतीय संस्कृति के ऐसे अद्भुत व्यक्तित्व हैं जिनमें जीवन का कोई एक पक्ष नहीं, बल्कि सम्पूर्ण जीवन समाहित है। वे माखनचोर भी हैं और मनमोहन भी, बालसखा भी हैं और जगद्गुरु भी, बांसुरीधर भी हैं और सुदर्शनधारी भी। वे प्रेम की मधुरता भी सिखाते हैं और धर्म की दृढ़ता भी। वे जीवन से भागने का मार्ग नहीं बताते, बल्कि जीवन के मध्य खड़े होकर उसे धर्ममय बनाने की कला सिखाते हैं।

भगवद्गीता में श्रीकृष्ण अर्जुन को केवल युद्ध करना नहीं सिखाते, वे अपने भीतर के मोह, भय और भ्रम से युद्ध करना सिखाते हैं। यही शिक्षा आज के बच्चों और युवाओं के लिए अत्यंत आवश्यक है। आज का कुरुक्षेत्र बाहर से अधिक भीतर है, तुलना, तनाव, असफलता का भय, सोशल मीडिया का आकर्षण, त्वरित सफलता की चाह और सही-गलत के बीच बढ़ता भ्रम। ऐसे समय में श्रीकृष्ण की गीता युवा मन को बताती है कि अपने कर्तव्य पर विश्वास रखो, कर्म को पूजा बनाओ और परिणाम की चिंता से स्वयं को मुक्त करो।

परमार्थ विद्या मन्दिर का परिसर भक्ति, उल्लास और संस्कारों से सराबोर रहा।

सीडीओ ने आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति की समीक्षा बैठक की, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं के पारिवारि सदस्यों को भी योजना से जोड़ने के दिए निर्देश




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ  की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग तथा बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के अधिकारियों के साथ आयुष्मान कार्ड बनाये जाने की समीक्षा बैठक आहूत की गयी। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती विनीता चन्द्रा द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में कुल 1200 आंगनबाडी कार्यकर्त्री तथा 1015 आंगनबाडी सहायिकाएं तैनात है। जिसके सापेक्ष 986 आंगनबाडी कार्यकर्त्रियों तथा 821 आंगनबाडी सहायिकाओं के आयुष्मान कार्ड बनाये गये है। बाल विकास परियोजना अधिकारियों द्वारा कुल 191 आंगनबाडी कार्यकर्त्री तथा 165 आंगनबाडी सहायिका नव निर्मित डाटा प्रेषित किया गया है। 

मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया गया कि आंगनबाडी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं के पारिवारिक सदस्यों को भी योजना से जोडते हुए आयुष्मान कार्ड बनाये जाएं। बाल विकास विभाग के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि लखनऊ स्तर से आयुष्मान कार्ड पोर्टल पर उपलब्ध सूची में मृत, सेवानिवृत्त, त्यागपत्र दे चुकी आंगनबाडी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं के नाम भी अंकित है जिसमें संशोधन किया जाना है। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिये की ऐसी नाम की सूची स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराये जाये तथा सूची में संशोधन कराया जाए।

जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत औरंगाबाद फजलगढ़ में किसान जन चौपाल आयोजित की






मुकेश गुप्ता

सम्बंधित अधिकारी ग्रामों में जाकर किसानों की समस्याओं को सुनें और करायें गुणवत्तापूर्ण निस्तारण: जिलाधिकारी

किसानों को आश्वस्त करते हुए जिलाधिकारी ने कहा—प्रत्येक समस्या का कराया जायेगा शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण

गाजियाबाद । जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में विकास खण्ड भोजपुर की ग्राम पंचायत औरंगाबाद फजलगढ़ में किसान जन चौपाल का आयोजन किया गया। किसान जन चौपाल में जिलाधिकारी ने किसानों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याओं, शिकायतों एवं सुझावों को सुना तथा संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारी नियमित रूप से ग्रामों में जाकर किसानों से संवाद करें और उनकी समस्याओं को मौके पर सुनते हुए नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण समाधान कराना सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर ग्राम प्रधान श्रीमती कोमल द्वारा ग्राम की विभिन्न समस्याओं एवं आवश्यकताओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया। ग्राम प्रधान ने ग्राम की सड़कों के जीर्णोद्धार, तालाब उपलब्ध कराने, विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने तथा विद्युत सप्लाई को सुचारु रूप से संचालित किए जाने सहित अन्य मांगें रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने किसानों को आश्वस्त किया कि किसानों से संबंधित प्रत्येक समस्या का नियमानुसार शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाएगा। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे अपनी समस्याओं एवं सुझावों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखें, ताकि उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। किसान जन चौपाल के दौरान किसानों द्वारा विभिन्न विषयों पर अपनी समस्याएं एवं सुझाव प्रस्तुत किए गए। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किसानों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी भी दी गई और किसानों की आय में अधिक बढ़ोतरी कराने हेतु ​भी जानकारी प्रदान की गयी। किसान जन चौपाल शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई।

इस अवसर पर प्रशासन की ओर से परियोजना निदेशक, नायब तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत, मैनेजर जिला सहकारी बैंक, ग्राम प्रधान श्रीमती कोमल सहित किसानों में बिजेन्द्र सिंह, राम कुमार, हरेन्द्र सिंह, राजवीर सिंह, धर्मपाल, सतीश, सोमेश, कामेश, सोबरन सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य किसान उपस्थित रहे।

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के स्थापना दिवस पर निकली भव्य बाइक रैली

 





मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, गाजियाबाद द्वारा संगठन के स्थापना दिवस के अवसर पर आज शहर के प्रमुख बाजारों से भव्य बाइक रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में व्यापारी एवं संगठन के पदाधिकारी बाइक पर सवार होकर शामिल हुए।

बाइक रैली के माध्यम से व्यापारियों में एकजुटता, संगठन की मजबूती और व्यापारी हितों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। रैली शहर के प्रमुख बाजारों से होते हुए निकली, जिसका जगह-जगह व्यापारियों द्वारा स्वागत किया गया।

जिला अध्यक्ष संदीप बंसल ने कहा कि संगठन सदैव व्यापारियों के हितों की आवाज मजबूती से उठाता रहा है और आगे भी व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा।

इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारी, व्यापारी एवं युवा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संदीप बंसल दीपक गर्ग अनिल गर्ग संजय गुप्ता विनोद अग्रवाल प्रेम प्रकाश चिनी अमरीश गोयल अमन सिसोदिया सोनू सैनी राजेंद्र राजू महेंद्र कुमार श्रीपाल यादव मुकेश कुमार मूलचंद दीपक अनिल गुप्ता नितिन मित्तल अरुण कुमार अनिल ठाकुर नरेश ठाकुर समीर अहमद चांद कुरैशी मंजूर अहमद मुस्तफा दिनेश सिसोदिया राकेश अग्रवाल दिनेश जैन अर्चित गोयल प्रवीण शर्मा दुष्यंत गुप्ता मोहित गोयल नवीन गौतम सुमित मित्तल कैलाश सिसोदिया गौरव बिजेंदर राजपूत जितेंद्र गोयल रोहित मित्तल सुंदरलाल विनोद कुमार सैकड़ो व्यापारी मौजूद रहे

आउटसोर्स कार्मिकों के हितों एवं सामाजिक सुरक्षा को लेकर नगर निगम ने आयोजित किया भव्य कार्यक्रम, महापौर तथा नगर आयुक्त ने नगर निगम के आउटसोर्स कार्मिकों को दी शुभकामनाएं







मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । नगर निगम द्वारा हिंदी भवन में आउटसोर्स कार्मिकों के हितों, पारिश्रमिक में वृद्धि, सामाजिक सुरक्षा एवं शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महापौर सुनीता दयाल, विधायक लोनी नंदकिशोर,जिलाधिकारी गाजियाबाद रविंद्र कुमार माँदड, मुख्य विकास अधिकारी सहित नगर निगम एवं संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में आउटसोर्स कार्मिकों को शासन द्वारा उनके हित में किए जा रहे महत्वपूर्ण प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा आउटसोर्स निगम की घोषणा की गई जिसका लाइव प्रशासन उपस्थित जनों ने देखा, इस दौरान पारिश्रमिक में वृद्धि, समयबद्ध वेतन भुगतान, ईपीएफ, ईएसआई, जीवन एवं दुर्घटना बीमा तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं के संबंध में कार्मिकों को विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया।

कार्यक्रम मे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) के उद्देश्यों एवं कार्यप्रणाली के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि आउटसोर्स कार्मिकों से संबंधित व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित, जवाबदेह एवं कर्मचारी हितैषी बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर आउटसोर्स कार्मिकों को निगम की डिजिटल व्यवस्था एवं पोर्टल के बारे में भी जानकारी दी गई। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से कार्मिकों की नियुक्ति, तैनाती, उपस्थिति, पारिश्रमिक भुगतान तथा ईपीएफ-ईएसआई सहित विभिन्न सेवा संबंधी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाया जाएगा। इससे कार्मिकों को अपनी सेवा एवं भुगतान से संबंधित आवश्यक जानकारी डिजिटल माध्यम से प्राप्त हो सकेगी।

महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि आउटसोर्स कार्मिक नगर निगम की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और शहर की स्वच्छता, व्यवस्था एवं जनसेवा से जुड़े विभिन्न कार्यों में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। शासन द्वारा उनके हित में किए जा रहे प्रावधान निश्चित रूप से उनके एवं उनके परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक संरक्षण को मजबूत करेंगे।

नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि नगर निगम द्वारा आउटसोर्स कार्मिकों को शासन की योजनाओं एवं उनके अधिकारों के संबंध में जागरूक किया जाएगा तथा आउटसोर्स निगम के माध्यम से मिलने वाली सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएगी l नई डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी तथा कार्मिकों को वेतन, उपस्थिति एवं अन्य सेवा संबंधी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

कार्यक्रम में उपस्थित जिलाधिकारी गाजियाबाद एवं मुख्य विकास अधिकारी गाजियाबाद द्वारा भी आउटसोर्स कार्मिकों के हितों में शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई तथा उन्हें उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। लोनी विधायक ने भी आउटसोर्स कार्मिकों के सामाजिक एवं आर्थिक हितों को महत्वपूर्ण बताते हुए शासन की इस पहल को सराहनीय कदम बताया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आउटसोर्स कार्मिकों को शासन की नवीन व्यवस्थाओं, उनके पारिश्रमिक एवं सामाजिक सुरक्षा संबंधी प्रावधानों तथा उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की डिजिटल व्यवस्था के बारे में जागरूक करना रहा।

गाजियाबाद नगर निगम द्वारा इस पहल के माध्यम से आउटसोर्स कार्मिकों के हितों की रक्षा, पारदर्शी व्यवस्था एवं बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

बुधवार, 2 सितंबर 2026

मुख्यमंत्री ने दिया आउटसोर्स सेवाकर्मियों को बड़ा उपहार,सीएम ने आउटसोर्स कर्मियों को वितरित किए बढ़ाए गए पारिश्रमिक के चेक, पांच तारीख तक सीधे अकाउंट में जाएगा पारिश्रमिक






लखनऊ ब्यूरो

*उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ किया सीएम योगी ने, यूपीकॉस पोर्टल व वेबसाइट की लॉन्चिंग और लोगो का अनावरण भी* 

*घटना-दुर्घटना, आपदा का शिकार होने पर निर्धारित श्रेणी के अनुसार परिवार को मिलेगा 20 से 40 लाख तक दुर्घटना बीमा कवर* 

*3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों को ही नहीं, पारिवारिक सदस्यों समेत 17-20 लाख लोगों को मिलेगा निगम का लाभ: सीएम योगी*

*ईपीएफ व ईएसआई का अंशदान भी जमा होगा, सरकार आउटसोर्स एजेंसी को देगी सर्विस चार्ज, कर्मचारी से नहीं होगी कटौती*

*आउटसोर्स कर्मी को सीधे निकाल नहीं सकेगी कंपनी, पहले सरकार को बताना होगा, जांच के बाद होगा निर्णय*

*‘सैफई-रामपुर सिंडिकेट’ के बाद अब एजेंसियों के माध्यम से होने वाले आउटसोर्स कर्मियों के शोषण पर होगा प्रहार* 

*किसी व्यक्ति की कृपा पर नहीं, बल्कि श्रेणी व शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप सुनिश्चित होगा पारिश्रमिक*

*अकेला नहीं है आउटसोर्स कर्मी, उसकी समस्या को सुनने व सुलझाने का तंत्र विकसित किया सरकार ने: मुख्यमंत्री*

*लखनऊ, 2 सितंबर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के आउटसोर्स कर्मियों को बुधवार को बड़ा उपहार दिया। इन कर्मियों से जुड़ी सभी समस्याओं को सुनने व सुलझाने के लिए सीएम ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ करने के साथ ही यूपीकॉस के पोर्टल व वेबसाइट की लॉन्चिंग और इसके लोगो का अनावरण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने आउटसोर्स कर्मियों को बढ़ाए गए पारिश्रमिक के चेक सौंपे तथा 40 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर भी प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम बनने से 3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों को ही नहीं, बल्कि उनके पारिवारिक सदस्यों समेत 17-20 लाख व्यक्तियों को इसका लाभ मिलेगा। 

*आउटसोर्स कर्मचारियों की गरिमा स्थापित करने का प्रयास*  

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यूपी की साढ़े 9 वर्ष में विकास यात्रा का श्रेय नगर निकाय कर्मियों, पंप ऑपरेटरों, सचिवालयों, चिकित्सालयों व शासन व्यवस्था से जुड़े स्थायी, संविदा व आउटसोर्स कर्मियों को दिया। उन्होंने कहा कि यह शासन की जिम्मेदारी है कि हर व्यक्ति को गरिमा के अनुरूप सम्मान प्राप्त हो। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के जरिए हमारी सरकार का प्रयास इसी गरिमा व गौरव को स्थापित करना है।

*सरकार ने समझी पीड़ा, दूर की चिंता*

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की व्यवस्था तीन खेमों में बंटी थी। एक तरफ कार्मिक, दूसरी तरफ एजेंसी और तीसरी तरफ सरकारी विभाग होता था। कर्मचारी समस्या लेकर अलग-अलग दरवाजों पर जाता था, लेकिन सुनवाई नहीं होती थी। वेतन की चिंता, सामाजिक व सेवा संबंधी सुरक्षा की गारंटी भी नहीं थी। तब इन कर्मियों का प्रश्न होता था कि आखिर मेरी पीड़ा कौन सुनेगा, मेरे परिवार की चिंता कौन करेगा। हमारा मानना है कि सरकार व कर्मचारी का रिश्ता केवल वेतन और कार्य का नहीं हो सकता, वह विश्वास और जिम्मेदारी का होता है। कर्मचारी का जीवन कागजों व कार्यालयों के चक्कर में न बीते। उसे महसूस होना चाहिए कि उसके बेहतर काम का रिकॉर्ड और अधिकारों को सुरक्षित रखा जा रहा है। वह अकेला नहीं, उसकी समस्या को सुनने का भी तंत्र है। समय से वेतन, भविष्य निधि, बीमा अधिकार, मेहनत के अनुरूप मानदेय हर कार्मिक का अधिकार है और सरकार ने यही सुनिश्चित किया है।


*सामाजिक के साथ आर्थिक भेदभाव भी नहीं होना चाहिए*

सीएम ने कहा कि जब कर्मचारियों से मानदेय पूछते थे तो कोई 8 हजार, कोई  11 हजार बताता था। जो 9 हजार बताते थे, उन्हें भी 6 हजार ही मिलता था। हमारा मानना है कि सामाजिक भेदभाव दूर करने के लिए आर्थिक भेदभाव भी दूर किया जाना चाहिए। व्यक्ति को मेहनत का उचित मानदेय मिलना ही श्रम का सम्मान है। उसे सामाजिक सुरक्षा की गारंटी, बल्कि घटना-दुर्घटना पर बीमा कवर भी मिलना चाहिए। हमारी सरकार ने संवेदनशीलता को सुशासन की पहली शर्त मानते हुए आउटसोर्स सेवा निगम का गठन किया। इसके माध्यम से हर कार्मिक को संस्थागत सुरक्षित भविष्य प्राप्त होगा। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद अधिकार किसी व्यक्ति की कृपा पर नहीं, बल्कि मेहनत से प्राप्त होगा। व्यवस्था में बिचौलियों की जगह नहीं होगी। पोर्टल पर सारी जानकारी उपलब्ध होगी। अब कर्मचारी अकेला नहीं है, निगम उसके साथ होगा। 


*20 लाख लोगों को मिल सकेगा सुरक्षा कवर* 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसी को समय पर अधिकार मिलता है तो उसका लाभ केवल एक व्यक्ति को नहीं मिलता। बच्चे की पढ़ाई, मां की दवाई, बेटी का भविष्य सुनिश्चित होता है। परिवार को भरोसा मिलता है कि मेहनत बेकार न जाएगी। सरकार निगम के माध्यम से 20 लाख लोगों को सुरक्षा कवर प्रदान करना चाहती है। अब सरकारी विभाग, आउटसोर्स एजेंसी व कर्मचारी आधुनिक, पारदर्शी, तकनीक आधारित व्यवस्था से जुड़ जाएंगे। मैनपावर की आवश्यकता का आकलन, रिक्तियों का पूर्वानुमान व मानव संसाधन की योजना बनाई जा सकेगी। 


*श्रेणी व शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप होगा पारिश्रमिक* 

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार की आरक्षण नीतियों के अनुरूप योग्यता व मेरिट के आधार पर भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन व पारदर्शी होगी। भर्ती, पोस्टिंग, उपस्थिति, मानदेय, ग्रेच्युटी, बीमा व सेवा लाभ की डिजिटल मॉनिटरिंग भी होगी। कर्मचारी अब सेवा विवरण, अकाउंट, उपस्थिति, भुगतान व कटौती आदि एक ही जगह देख सकेगा। यहीं शिकायत दर्ज कराकर समय से निराकरण भी पा सकेगा। श्रेणी व शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप प्रत्येक कर्मचारी का पारिश्रमिक भी सुनिश्चित होगा। 

*पांच तारीख तक अकाउंट में जाएगा पारिश्रमिक* 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 से 5 तारीख तक सीधे बैंक अकाउंट में पारिश्रमिक जाएगा। नियमित रूप से ईपीएफ व ईएसआई का अंशदान भी जमा होगा। सरकार आउटसोर्स एजेंसी को सर्विस चार्ज देगी, वे कर्मचारी के पैसे से कटौती नहीं सकेंगे। कंपनी किसी आउटसोर्स कर्मी को निकाल नहीं सकेगी। वह पहले सरकार को बताएगी, जिसकी जांच होगी। कंपनी की रिपोर्ट गलत हुई तो कर्मचारी का उत्पीड़न नहीं हो पाएगा।

*मातृत्व अवकाश सहित सभी वैधानिक सेवा लाभ भी*

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ईएसआई अंशदान का पैसा ईएसआई अस्पतालों में निशुल्क उपचार के लिए देंगे, यदि वहां किसी उपचार की सुविधा नहीं मिली तो आयुष्मान भारत से इसे जोड़ेंगे। इससे आउटसोर्स कर्मी व परिवार को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर भी मिलेगा। मातृत्व अवकाश सहित सभी वैधानिक सेवा लाभ भी सुनिश्चित किए जाएंगे। 

20 से 40 लाख तक दुर्घटना बीमा कवर

सीएम ने आउटसोर्स सेवा निगम के साथ एसबीआई के एमओयू का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मानदेय सीधे बैंक में जाएगा और घटना-दुर्घटना, आपदा का शिकार होने पर निर्धारित श्रेणी के अनुसार 20 से 40 लाख तक का दुर्घटना बीमा कवर परिवार को मिलेगा। अग्निकांड का शिकार होने पर 10 लाख, आकस्मिक दवा के लिए पांच लाख, आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस की सुविधा के लिए 10 लाख, बेटे की शिक्षा के लिए 8 लाख, बेटी की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक मिलेगा। दो पुत्रियों के विवाह के लिए 8-10 लाख तक तथा किसी कर्मचारी की मृत्यु पर बैंक के माध्यम से निगम परिजनों को तत्काल 50 हजार रुपये उपलब्ध कराएगा। जीरो बैलेंस पर बैंक खाता खुलेगा और इसके माध्यम से परिवार के चार सदस्यों को विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अब आउटसोर्स कर्मचारियों को ऑर्गनाइज्ड, स्किल्ड, सिक्योर व डिग्निफाइड वर्कफोर्स में बदलने वाला निगम प्रारंभ हो रहा है। 

*पहले सत्ताधारी लोगों के रिश्तेदारों की थीं कंपनियां*

सीएम ने आरोप लगाया कि 2017 के पहले की सरकारें आउटसोर्स कर्मचारियों को बोझ मानती थीं। उस समय उन्होंने जो कंपनियां रखी थीं, उसमें अधिकतर सत्ताधारी लोगों के रिश्तेदारों की थीं, जो भर्ती, यूनिफॉर्म व अन्य कार्यों के नाम पर शोषण करती थीं। भाजपा सरकार ने कर्मचारियों को बोझ नहीं, बल्कि मानव संसाधन के रूप में संपत्ति माना है। 

*कभी नहीं बदलेगी मानव श्रम की गरिमा*

सीएम ने कहा कि ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, ऑटोमेशन व नई अर्थव्यवस्था के दौर में कार्य की प्रकृति बदल रही है, लेकिन मानव के श्रम की गरिमा कभी नहीं बदलेगी। टेक्नोलॉजी जितना आगे जाएगी, गवर्नेंस को उतना अधिक मानवीय होना पड़ेगा। साढ़े 9 वर्ष में डबल इंजन सरकार ने भय-अराजकता से मुक्ति दिलाई तो पारदर्शिता के साथ नई कार्य संस्कृति को भी बढ़ाया। व्यवस्था के किनारे खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा में लाया गया। यूपी की अर्थव्यवस्था में किसान, नौजवान, महिलाएं, कारीगर, रेहड़ी-पटरी वाले, मेहनतकश नागरिक, सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्यम से जुड़े उद्यमी, स्टार्टअप शुरू करने वाले युवा से लेकर सरकारी कर्मचारी और आउटसोर्स कर्मचारी मजबूत भागीदारी निभा रहे हैं। 

*किसानों को उद्यमिता से जोड़ रही सरकार*

सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने किसानों को बाजार तक पहुंच दी। उसे तकनीक, सिंचाई, बीमा और सीधे भुगतान से जोड़ा। हमारी सोच है कि किसान सिर्फ खेती न करे, बल्कि कृषि अर्थव्यवस्था का मजबूत उद्यमी भी बने। 2017 से पहले कारीगरों में निराशा थी। पिछली सरकारों की अकर्मण्यता के कारण पीढ़ियों का धंधा चौपट हो चुका था। हमारी सरकार ने एक जनपद-एक उत्पाद योजना लागू की, उसे तकनीक, बाजार दिया। आज कारीगर उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। 

*अब दौड़ रहा है उत्तर प्रदेश*

सीएम ने कहा कि पहले छोटे उद्यमी विभागों में चक्कर लगाते थे। हमने एमएसएमई के लिए पहले उद्योग लगाने और 1000 दिन में एनओसी की व्यवस्था बनाई। आज 96 लाख एमएसएमई यूनिट में 3.15 करोड़ से अधिक लोग काम कर रहे हैं। हमने सिंगल विंडो सिस्टम बनाया। अब उत्तर प्रदेश दौड़ रहा है। हमने केवल सुरक्षा नहीं दी, बल्कि प्रदेश को आर्थिक रूप से संपन्न बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं।

*महिला समृद्धि के लिए लगातार काम किए सरकार ने*

सीएम ने कई महिला सदस्यों वाले मिल्क प्रोड्यूसर समूहों का जिक्र करते हुए कहा कि वे झांसी, आगरा, लखनऊ, काशी, गोरखपुर, रायबरेली आदि जनपदों में सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं। इससे 4 लाख बहनें जुड़कर आत्मनिर्भरता की कहानी कह रही हैं। राज्य में स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर लगभग 1 करोड़ महिलाएं प्रदेश की प्रगति को गति दे रही हैं। 

*छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिलेगी*

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले भर्ती निकलती थी तो युवा को पेपर लीक समेत कई चुनौतियों से जूझना पड़ता था। हमने यूपी सरकार के सभी आयोग व बोर्ड में आवश्यक बदलाव किए। सुनिश्चित किया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने पर जेल और संपत्ति जब्त होगी। अगले छह महीने में एक लाख नए युवाओं को सरकारी नौकरी मिलेगी। यूपी पुलिस में 2.25 लाख भर्ती की गईं। 2017 से पहले यूपी पुलिस में 10 हजार महिला कार्मिक थीं, अब 44 हजार हैं और नई भर्ती के बाद 11-12 हजार और भर्ती हो जाएंगी। यूपी में 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए। पहले बड़े उद्योग महज 14 हजार थे, अब यह संख्या 35 हजार होने जा रही है। 2017 के पहले 120 स्टार्टअप थे, आज 24 हजार से अधिक हैं।


‘सैफई-रामपुर सिंडिकेट’ के बाद अब एजेंसियों के शोषण पर प्रहार

सीएम ने कहा कि हम युवाओं को स्किल, इनोवेशन व टेक्नोलॉजी से जोड़कर मार्केट-इंडस्ट्री रेडी वर्कफोर्स के रूप में तैयार कर रहे हैं। एआई, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स के साथ थ्री-डी प्रिटिंग की ट्रेनिंग दी जा रही है। यूपी के हर मंडल में एक विश्वविद्यालय है। अब यूनिवर्सिटी बनाने के लिए ‘रामपुर सिडिंकेट’ व अन्य लोगों के लिए अलग-अलग प्रावधान जैसा नहीं है। 2017 के पहले ‘सैफई-रामपुर सिंडिकेट’ व्यवस्था का खून चूसता था। एजेंसियों के माध्यम से शोषण होता था। आउटसोर्स निगम के माध्यम से अब तीसरे सिंडिकेट पर भी प्रहार होगा।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

इस्कॉन संतों ने अभिषेक गर्ग को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में किया आमंत्रित

 



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग के गाजियाबाद स्थित कार्यालय पर इस्कॉन मंदिर, गाजियाबाद के संतों एवं पुजारीगणों का स्नेहपूर्ण आगमन हुआ। संतों ने आगामी 4 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल होने के लिए अभिषेक गर्ग को सादर आमंत्रित किया।

संतों के आत्मीय निमंत्रण पर अभिषेक गर्ग ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी संतों एवं पुजारीगणों का स्वागत और आभार जताया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का पावन पर्व है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेश से समाज को सत्य, धर्म, कर्म एवं मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

इस अवसर पर अभिषेक गर्ग ने आदि कर्ता दास, धनंजय जगन्नाथ दास, सुरेश्वर दास, धीर योगेश्वर दास एवं अधोक्षज धाम दास का हार्दिक अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि संतों का स्नेह और आशीर्वाद सदैव समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने श्रद्धालुओं से जन्माष्टमी महोत्सव में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने का आह्वान किया।

राज कुमार गोयल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में “मशीन लर्निंग इन एक्शन” पर विशेष कार्यशाला का आयोजन

 


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । राज कुमार गोयल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी , गाजियाबाद के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग द्वारा युक्टि सॉफ्टवेयर्स के साथ हुए एमओयू के अंतर्गत “मशीन लर्निंग इन एक्शन: डेटा → मॉडल → प्रेडिक्शन” विषय पर एक विशेष तकनीकी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को मशीन लर्निंग की मूल अवधारणाओं के साथ-साथ इसके व्यावहारिक उपयोग एवं वास्तविक जीवन में इसकी भूमिका से परिचित कराना रहा। 

कार्यशाला का आयोजन 31 अगस्त 2026 को किया गया, जिसमें मुख्य रूप से सीएसई तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को डेटा तैयार करने, मशीन लर्निंग मॉडल को प्रशिक्षित करने तथा उससे प्रेडिक्शन प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समझाया गया। 

कार्यशाला में युक्टि सॉफ्टवेयर्स, ग्रेटर नोएडा के विशेषज्ञ  मिथिलेश कुमार एवं श्रीमती मनीषा कुमारी ने अतिथि वक्ता के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। दोनों विशेषज्ञों ने अपने तकनीकी एवं शिक्षण अनुभव को विद्यार्थियों के साथ साझा करते हुए मशीन लर्निंग और आधुनिक तकनीकी क्षेत्र की संभावनाओं से अवगत कराया। 

कार्यशाला में वास्तविक जीवन की समस्याओं में मशीन लर्निंग के उपयोग, डेटा की भूमिका तथा डेटा → मॉडल → प्रेडिक्शन कार्यप्रवाह पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को व्यावहारिक उदाहरणों एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से तकनीकी अवधारणाओं को समझने का अवसर मिला, जिससे उनमें मशीन लर्निंग के प्रति रुचि और तकनीकी कौशल को बढ़ावा मिला। 

इस संपूर्ण आयोजन का मार्गदर्शन डॉ. अमित सिंघल (विभागाध्यक्ष, सीएसई विभाग) द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम के फैकल्टी कोऑर्डिनेटर की भूमिका डॉ. विनीत श्रीवास्तव ने निभाई। 

कार्यक्रम के समापन पर संस्थान के वाइस चेयरमैन अक्षत गोयल, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. डी. के. चौहान, डायरेक्टर डॉ. बी. सी. शर्मा, डीन एकेडमिक्स डॉ. आर. के. यादव एवं डॉ. रामेंद्र सिंह ने इस सफल आयोजन के लिए आयोजकों एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों को धन्यवाद एवं शुभकामनाएं दीं।

मसूरी गोलीकांड की बरसी पर उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के अमर बलिदानियों को परमार्थ निकेतन से भावपूर्ण श्रद्धांजलि

 



संवाददाता

शहीदों को समर्पित की आज की दिव्य गंगा आरती

ऋषिकेश, 2 सितंबर। मसूरी गोलीकांड की बरसी पर उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के उन अमर बलिदानियों को परमार्थ निकेतन से भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिन्होंने पृथक उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण के लिए अपने साहस, संघर्ष, संकल्प और सर्वोच्च बलिदान से इतिहास में अमिट छाप छोड़ी। इन वीर आंदोलनकारियों की शहादत उत्तराखण्ड की राज्य निर्माण यात्रा का अत्यंत मार्मिक और गौरवपूर्ण अध्याय है।

पृथक उत्तराखण्ड राज्य की मांग केवल एक राजनीतिक मांग नहीं थी, बल्कि यह पर्वतीय जनजीवन, उसकी विशिष्ट आवश्यकताओं, संस्कृति, परंपराओं, प्राकृतिक संसाधनों और स्वाभिमान की आवाज थी। दशकों तक चले इस आंदोलन में मातृशक्ति, युवाओं, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, किसानों और समाज के विभिन्न वर्गों ने एकजुट होकर संघर्ष किया। अनेक आंदोलनकारियों ने अपने जीवन की आहुति दी और असंख्य लोगों ने कठिनाइयों, यातनाओं और संघर्षों को सहते हुए राज्य निर्माण के संकल्प को जीवंत रखा।

मसूरी गोलीकांड की घटना हमें उन कठिन दिनों की स्मृति कराती है, जब उत्तराखण्ड के लोगों ने अपने अधिकार और अपनी पहचान के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष किया। इस अवसर पर उन सभी ज्ञात-अज्ञात आंदोलनकारियों और शहीदों को नमन है, जिनके त्याग और संघर्ष के कारण आज उत्तराखण्ड एक पृथक राज्य के रूप में हमारे सामने है।

अमर बलिदानियों का जीवन और उनका संघर्ष वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी शहादत हमें यह संदेश देती है कि किसी भी महान परिवर्तन के पीछे त्याग, तपस्या, धैर्य और सामूहिक संकल्प की शक्ति होती है। उत्तराखण्ड राज्य हमें संघर्ष और बलिदान की विरासत में मिला है, इसलिए इस राज्य की प्रगति और समृद्धि केवल विकास के आंकड़ों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य यहां के लोगों के जीवन में वास्तविक खुशहाली, सम्मान और अवसर सुनिश्चित करना भी होना चाहिए।

आज आवश्यकता है कि हम शहीदों के सपनों के उत्तराखण्ड की कल्पना को व्यापक अर्थों में समझें। ऐसा उत्तराखण्ड, जहां विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हों, जहां हमारी पवित्र नदियां निर्मल रहें, हिमालय सुरक्षित रहे, वन और जैव-विविधता संरक्षित रहें तथा गांवों में रोजगार और शिक्षा के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों। ऐसा उत्तराखण्ड, जहां पलायन की विवशता कम हो और युवा अपने ही प्रदेश में अपनी प्रतिभा और क्षमता का उपयोग करते हुए प्रदेश के निर्माण में सहभागी बन सकें।

उत्तराखण्ड की पहचान केवल इसके सुंदर पर्वतीय भू-दृश्यों से नहीं, बल्कि इसकी आध्यात्मिक चेतना, देवभूमि की परंपरा, लोकसंस्कृति, लोकभाषाओं, लोककलाओं और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व की जीवनशैली से भी है। राज्य आंदोलन के बलिदानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम इस विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखें।

आज जब पूरा विश्व पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है, उत्तराखण्ड के पास प्रकृति और संस्कृति के संतुलन का अपना प्राचीन ज्ञान है। हिमालय और गंगा केवल उत्तराखण्ड की प्राकृतिक धरोहर नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना के आधार हैं। इसलिए इनके संरक्षण को उत्तराखण्ड के विकास की मूल धारा से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

शहीदों के सपनों का उत्तराखण्ड वह होगा जहां आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार हों, विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण हो, पर्यटन के साथ स्थानीय समुदायों की समृद्धि हो, आध्यात्मिकता के साथ सेवा की भावना हो और आधुनिक तकनीक के साथ अपनी जड़ों से जुड़ाव बना रहे।

इस पावन अवसर पर हम सभी का दायित्व है कि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के इतिहास को केवल स्मरण करने तक सीमित न रखें, बल्कि उसके मूल्यों को अपने जीवन और कार्यों में उतारें। युवाओं को राज्य आंदोलन के इतिहास, आंदोलनकारियों के संघर्ष और शहीदों के योगदान से परिचित कराना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां समझ सकें कि उत्तराखण्ड का निर्माण किन संघर्षों और बलिदानों की नींव पर हुआ है।

आइए, इस बरसी पर हम उत्तराखण्ड के अमर बलिदानियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए यह संकल्प लें कि उनके त्याग को व्यर्थ नहीं जाने दें। हम ऐसा उत्तराखण्ड बनाने के लिए मिलकर कार्य करेंगे जो विकास की दृष्टि से सशक्त, पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित, संस्कृति की दृष्टि से समृद्ध, आध्यात्मिक दृष्टि से जागृत और मानवीय मूल्यों की दृष्टि से आदर्श हो।

उत्तराखण्ड के अमर शहीदों को शत्-शत् नमन। उनका बलिदान हमारी प्रेरणा है, उनका संघर्ष हमारी विरासत है और उनके सपनों का उत्तराखण्ड हमारा संकल्प है।

मंगलवार, 1 सितंबर 2026

12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर जनपद न्यायाधीश ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक



 


                           गौरव गुप्ता

गौतमबुद्धनगर 1 सितंबर 2026। जनपद न्यायाधीश गौतमबुद्धनगर अतुल श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आज न्यायालय सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुये मा0 जनपद न्यायाधीश ने बताया कि जनपद मुख्यालय स्थित दीवानी न्यायालय तथा समस्त तहसील न्यायालयों में 12 सितम्बर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा।

      राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना प्रतिकर अधिनियम के वाद, वैवाहिक वाद, भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के वाद, दीवानी वाद, एमवी एक्ट एवं ई-चालान के वाद, आर्बिट्रेशन के वाद, लघु शमनीय वाद, धारा 138 एनआई एक्ट के वाद, विद्युत अधिनियम के वाद, भू-राजस्व के वाद तथा अन्य सुलह योग्य मामलों का निस्तारण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सेवा संबंधी मामले, पेंशन के मामले, श्रम संबंधी मामले तथा प्री-लिटिगेशन स्तर पर बैंक ऋण से संबंधित मामलों को भी आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारित किया जाएगा। वहीं विद्युत एवं बीएसएनएल के टेलीफोन बिल से संबंधित मामलों का भी पक्षकारों की सहमति से निस्तारण कराया जा सकेगा।

      बैठक में जनपद न्यायाधीश ने कहा कि आम नागरिकों को सरल, सहज एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय लोक अदालत का नियमित आयोजन किया जा रहा है। अतः सभी विभागीय अधिकारी अपने अपने विभागों से संबंधित वादों का पूर्व चिन्हांकन कर समयबद्ध तैयारी सुनिश्चित करें, जिससे 12 सितम्बर को अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण संभव हो सके और नागरिकों को अधिकतम लाभ प्राप्त हो।

     जनपद न्यायाधीश ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गौतमबुद्धनगर अनुराग चंद्र सारस्वत को निर्देशित करते हुए कहा कि उनके अधीन आने वाले सभी विभागों में लंबित वादों की अग्रिम पहचान कर त्वरित निस्तारण की तैयारी तत्काल प्रारंभ की जाए। इसी प्रकार पुलिस विभाग, श्रम विभाग, परिवहन विभाग, विद्युत विभाग,एनपीसीएल, स्वास्थ्य विभाग, बीएसएनएल एवं अन्य सभी संबद्ध विभागों को भी व्यापक स्तर पर तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी अपेक्षा व्यक्त की कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लाभ को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार प्रसार अभियान संचालित किया जाए, ताकि अधिकाधिक वादकारी इस अवसर का लाभ उठाकर अपने मामलों का सौहार्दपूर्ण निस्तारण करा सकें।

      जनपद न्यायाधीश ने यह भी बताया कि मामलों के निस्तारण हेतु पक्षकार संबंधित न्यायालय में संपर्क स्थापित कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गौतमबुद्धनगर के ई-मेल dlsa.gbnnoida@gmail.com अथवा मोबाइल नंबर 9716535451 एवं 7678643985 पर संपर्क किया जा सकता है।

      बैठक में अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट)/ नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत सोमप्रभा मिश्रा, सचिव (पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिवानी रावत, मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, प्रभारी जिला विकास अधिकारी/परियोजना निदेशक डीआरडीए नेहा सिंह सहित प्राधिकरण, पुलिस एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।