सोमवार, 28 सितंबर 2026

परमार्थ निकेतन में योग टीचर ट्रेनिंग कोर्स के नए बैच का शुभारंभ,भारत की धरती से योगमय जीवन जीने की कला लेकर जाएँ- स्वामी चिदानन्द सरस्वती

 





संवाददाता

योग के साथ सनातन संस्कृति, सेवा, साधना और प्रकृति से जुड़ने का संदेश

शहीद भगतसिंह जी की जयंती पर परमार्थ निकेेतन से भावभीनी श्रद्धाजंलि

ऋषिकेश, 28 सितम्बर। पावन गंगा तट पर स्थित परमार्थ निकेतन में आज योग टीचर ट्रेनिंग कोर्स के नए बैच का शुभारंभ परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती जी की पावन सान्निध्य में हुआ। विश्व के विभिन्न देशों से आए योग साधकों ने इस अवसर पर योग, ध्यान, प्राणायाम और भारतीय जीवन-दर्शन की उस समृद्ध परंपरा से जुड़ने का संकल्प लिया, जिसने हजारों वर्षों से मानवता को शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का मार्ग दिखाया है।

इस अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भारत केवल योग सीखने की भूमि नहीं है, बल्कि योग को जीने की भूमि है। भारत की धरती से जब कोई साधक योग का ज्ञान लेकर लौटे, तो उसके साथ केवल कुछ आसन और प्राणायाम की तकनीकें ही न हो, बल्कि भारत की सनातन जीवन-दृष्टि, करुणा, सेवा, शांति, प्रकृति के प्रति सम्मान और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का भाव भी हो।

उन्होंने कहा कि योग का वास्तविक अर्थ केवल शरीर को मोड़ना या आसनों का अभ्यास करना नहीं है। योग अर्थात् अपने भीतर से जुड़ना, प्रकृति से जुड़ना और समस्त सृष्टि से अपने संबंध को अनुभव करना। योग हमें संदेश देता है कि जीवन केवल ‘मैं’ तक सीमित नहीं है; जीवन में ‘हम’ का विस्तार ही भारतीय संस्कृति की सुंदरता है।

योग भारत की प्राचीन धरोहर होते हुए भी पूरी मानवता की साझा विरासत है। भारत ने योग को कभी केवल अपने लिए सीमित नहीं रखा; ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना के साथ योग का ज्ञान समस्त मानवता के कल्याण के लिए समर्पित किया है, इसी भावना के साथ इस साधना को आगे बढ़ाते रहें।

डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि योग हमें स्वयं के साथ एक गहरे और सुंदर संबंध की ओर ले जाता है। योग की यात्रा बाहर से भीतर और भीतर से पूरे अस्तित्व की ओर जाने की यात्रा है। उन्होंने कहा कि भारत आने वाले साधकों के लिए यह अवसर केवल योग सीखने का नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के उस अनुभव को समझने का है जिसमें आध्यात्मिकता और दैनिक जीवन अलग-अलग नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा हमें सिखाती है कि जीवन में स्वास्थ्य के साथ शांति, सफलता के साथ संतुलन और ज्ञान के साथ करुणा भी आवश्यक है। योग इन सभी को जोड़ने वाला एक सुंदर सेतु है।

योग टीचर ट्रेनिंग कोर्स के इस प्रशिक्षण में देश-विदेश से आए साधक योगासन, प्राणायाम, ध्यान, योग दर्शन, शरीर-विज्ञान और शिक्षण पद्धतियों का अध्ययन करने के साथ-साथ भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं को भी निकट से अनुभव कर रहे हैं। विश्व विख्यात माँ गंगा जी की आरती, यज्ञ, प्रार्थना, ध्यान, सत्संग, सेवा और    प्रकृति के सान्निध्य के माध्यम से वे योग को केवल एक विषय के रूप में नहीं, बल्कि जीवन-पद्धति के रूप में समझने का प्रयास कर रहे हैं।


गंगा के पावन तट पर गूँजते मंत्रों, प्रार्थनाओं और योग की साधना के बीच योग टीचर ट्रेनिंग कोर्स के नए बैच का यह शुभारंभ एक ऐसे संकल्प के साथ हुआ कि योग केवल कक्षाओं तक सीमित न रहे, बल्कि जीवन का हिस्सा बने और भारत की सनातन ज्ञान-परंपरा से निकला यह प्रकाश पूरे विश्व को शांति, स्वास्थ्य और सद्भाव से प्रकाशित करे। 


योग टीचर ट्रेनिंग कोर्स के विद्यार्थियों को योगाचार्य साध्वी आभा सरस्वती जी, योगाचार्य, गंगा नंदिनी जी, डॉ. इंदु शर्मा जी, योगाचार्य गायत्री जी, आचार्य मयंक जी, डॉ. राठौर जी, डॉ. श्री एवं श्रीमती लेले जी (आयुर्वेद), डॉ. गेरी आदि प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।

एमिली लू वेरामेसा, रायन किंग, प्रशांत आनंद, नादिया मोंटेसीनोस, अमेरिका, सोनल वर्मा, संजना सोनी, अर्चना रविचंद्रन, संजुक्ता पांडे, भारत, माइकेला वित्नेरोवा, चेक गणराज्य, ब्रैंडन रोड्रिगो जेरेज़ ग्वाटेमाला, तेतियाना मारुश्चक, स्वीडन, डेविड आर्तुरो हर्नांडेज़ लेयवा, मेक्सिको, संतोशिनी मासाइपेता, डेनिएला रेयेस आंद्रादे, मेक्सिको, प्रकाश खनाल, नेपाल, मिरेया कैबरेरा ओर्तेगा, मेक्सिको, सैमुअल जेम्स, आयरलैंड, माइकेला चाहोवा, चेक गणराज्य आदि योग जिज्ञासु प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

शहीद भगत सिंह को उनकी जयंती पर आज की परमार्थ निकेतन गंगा जी की आरती उन्हें समर्पित की। जिन्होंने अपने अदम्य साहस और शौर्य से आजादी के आंदोलन को नई धार दी। राष्ट्र के सम्मान के लिए सर्वस्व न्योछावर करने का उनका जज्बा भारत के नौजवानों की हिम्मत और हौसले का प्रतीक है।

हरित क्रांति के जनक एवं किसान कल्याण के लिए समर्पित, प्रतिष्ठित कृषि वैज्ञानिक, भारत रत्न डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धाजंलि।

भारत रत्न स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर जी को उनकी जयंती पर श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुये पूज्य स्वामी जी ने कहा कि उनका स्वर भारतीय संगीत की आत्मा बनकर सदा हमारे बीच गूंजता रहेगा।

स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी की अप्रतिम और अद्वितीय आवाज सदियों तक भारत और दुनिया भर के संगीत प्रेमियों के दिलों में बसी रहेगी। उनके सुरों ने संगीत जगत को नए प्राण देकर समृद्ध किया।

"सादगी एवं ईमानदारी" दिवस के रूप में मनाया पूर्व प्रधानमंत्री डा० मनमोहन सिंह का जन्मदिन-रामदुलार यादव

 




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा ज्ञानपीठ केन्द्र 1, स्वरुप पार्क जी० टी० रोड साहिबाबाद के प्रांगण में शनिवार को भारत के यशस्वी पूर्व प्रधानमंत्री ईमानदारी, नैतिकता की प्रतिमूर्ति, विश्व के महान अर्थशास्त्री, विलक्षण प्रतिभावान, सादगी, सरलता की बेजोड़ मिसाल डा० मनमोहन सिंह का जन्म दिन सार्वजनिक जीवन में "सादगी एवं ईमानदारी" दिवस के रूप में मनाया गया, समाजवादी चिन्तक राम दुलार यादव शिक्षाविद कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल रहे। अध्यक्षता सरदार जगतार सिंह भट्टी ने, आयोजन इंजी० धीरेन्द्र यादव ने, संचालन श्रमिक नेता अनिल मिश्र ने किया, कार्यक्रम में शामिल सभी साथियों ने डा० साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें स्मरण किया, तथा उनके व्यक्तित्व और कृतित्व की भूरि-भूरि प्रसंशा की तथा उनके सम्मान में जोरदार नारे लगाये, राजेन्द्र सिंह ने भजन तथा हुकुम सिंह ने देश प्रेम से सराबोर गीत प्रस्तुत कर सभी को आत्मविभोर कर दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी चिन्तक राम दुलार यादव शिक्षाविद ने कहा कि जब भारत गंभीर आर्थिक संकट में था, तब 1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री के आग्रह पर आपने वित्तमंत्री का पद ग्रहण कर उदारीकरण, निजीकरण, वैश्वीकरण की व्यवस्था लागू कर विदेशी कंपनियों को भारत में व्यापार करने के लिए आमंत्रित किया, तथा देश को आर्थिक रूप से मजबूत किया। आप ने 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री पद को सुशोभित किया, आप की ईमानदारी, सादगी, नैतिकता और समर्पण भाव का लोहा पूरा विश्व मानता है, आप काम में विश्वास रखते थे, देश को आज आप जैसे कर्तव्यपरायण नेता की आवश्यकता है, हम आपको स्मरण करते हुए गौरव अनुभव करते है, इसलिए कि अमेरिका में विश्व के 50 ईमानदार व्यक्तियों की सूची में आप का नाम पहले स्थान पर है, आपके ही कार्यकाल में देश में महात्मा गाँधी ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम और शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू हुआ, जिससे आर्थिक दृष्टि से कमजोर लोगों को उनके गाँव में ही काम मिला, लेकिन आज मंहगाई, बेरोजगारी से जनता अपने को ठगा महसूस कर रहा है, छात्र, नवजवान, व्यापारी, किस्नान, मजदूर बदहाल, परेशान है, लोकतंत्र, संविधान, संवैधानिक संस्थाओं को प्रभावित किया जा रहा है, मीडिया, गोदी मीडिया बन गया है, आज जो आपने भविष्यवाणी की थी वह सच साबित हो रही है, देश आप का ऋणी है, हम सभी आपको श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए गौरवान्वित हो रहे है।

कार्यक्रम में शामिल रहे, राम दुलार यादव, सरदार जगतार सिंह भट्टी, ओम प्रकाश अरोड़ा, सम्राट सिंह, जगन्नाथ प्रसाद, अनिल मिश्र, विजय मिश्र, मुनीव यादव, इंजी० धीरेन्द्र यादव, शिशिर यादव, हरिकृष्ण यादव, विक्रम सिंह, सुभाष यादव, राजेन्द्र सिंह, हुकुम सिंह आदि

शहीद-ए-आजम भगत सिंह का 119वां जन्मदिवस धूम-धाम से बनाया

 


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद 27 सितम्बर 2026। सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी (सुभास पार्टी) ने अपने कार्यालय f10 जगदीश नगर, गाजियाबाद पर रविवार को शहीद-ए-आजम भगत सिंह का 119वां जन्मदिवस बड़ी धूम-धाम से मनाया

 पार्टी के अध्यक्ष सतेन्द्र यादव  ने शहीद भगतसिंह के चित्र पर पुष्प  चढ़ाकर  जन्मदिवस कार्यक्रम का शुभारंभ किया इसके बाद शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि शहीदे-ए-आजम भगत सिंह का जन्म 27-28 सितम्बर मध्य रात्रि में 1907 में लायलपुर जिले के बंगा गांव में जो अब पाकिस्तान में है, हुआ था। इस कारण भगत सिंह का परिवार उनका जन्मदिन 28 सितम्बर को मनाते है। भगत सिंह का पूरा परिवार क्रान्तिकारी था। उन्होंने जेल में 116 दिन की भूख हड़ताल की भगतसिंह की फाँसी को रोकने के लिए पूरी दुनिया के लोगों ने कोशिश की ब्रिटिश सांसदो तक ने फाँसी रोकने की कोशिश की। लाखों लोगों ने इस बारे में पत्र लिखे जिसमे से कुछ तो खून से लिखे गये थे। भारत में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस व मौहम्मद अली जिन्ना ने पुरजोर कोशिश की लेकिन अंग्रेजों ने किसी की न मानी। महज 23 साल 5 महीने 25 दिन की आयु में 23 मार्च 1931 की शाम 7ः33 उन्हें फाँसी दी गई। इनके पिता किशन सिंह व माता विद्यावती ने बचपन से ही भगत सिंह को देशभक्ति व अन्याय के खिलाफ लड़ने के शिक्षा दी।


 क्रम में आगे बोलते हुए  पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मनोज कुमार शर्मा  होदिया ने कहा, खुद में देशभक्ति के जज्बे को भरने के लिए शहीद भगत सिंह का नाम ही काफी है उनमें देश के प्रति इतना प्रेम था कि वह हँसते-हँसते फांसी के फंदे पर झूल गये। समाज में फैली शोषण व अमीरी गरीबी की खाई को भगत सिंह के रास्ते पर चलकर ही मिटाया जा सकता है। 

सुभास पार्टी के महानगर अध्यक्ष पवन सक्सेना ने कहा कि स्कूली शिक्षा से ही वह वह भारत की आजादी के सपने देखने लगे और गांधी जी के असहयोग आन्दोलन में भाग लिया। जब माता-पिता ने शादी करनी चाही तो घर से भाग गये और अपने पीछे एक खत छोड़ गये उसमें उन्होंने लिखा की उन्होंने अपना जीवन देश को आजाद कराने के लिए समर्पित कर दिया है। लाहौर षडयंत्र केस में राजगुरू, सुखदेव के साथ भगत सिंह को भी फांसी की सजा सुनायी गयी। 

इसके बाद पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सुजीत तिवारी ने शहीद भगत सिंह के गए कुछ कथन बताएं उन्होंने बताया कि भगत सिंह जी कहते थे प्रेमी, पागल और कवि एक ही चीज के बने होते हैं, और देशभक्त को अक्सर सभी लोग पागल समझते हैं।”“बम और पिस्तौल से क्रांति नहीं आती। क्रांति की तलवार विचारों की सान पर तेज होती है।”जिंदगी तो अपने दम पर जी जाती है, दूसरों के कंधों पर तो जनाजे उठाए जाते हैं।”

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए प्रभारी (उत्तर प्रदेश - बिहार) अनिल सिन्हा  ने भी अपने विचार रखें उन्होंने कहा कि अगर क्रांति को परिभाषित करना है तो उसमें भगत सिंह का नाम अव्वल नंबर पर लिया जाएगा उन्होंने मात्र 23 वर्ष की आयु में देश के लिए अपना बलिदान दे दिया और इतिहास में अमर हो गए गांधी जी ने जहां स्वतंत्रता के लिए अहिंसा का रास्ता अपनाया वही भगत सिंह ने सशस्त्र क्रांति की घोषणा की और मरते दम तक क्रांति की मशाल को जलाए रखा

इस अवसर पर अनिल मिश्रा सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किये 

इस अवसर पर राजेंद्र यादव अनुपम अग्रवाल राजेंद्र गौतम  नरेंद्र कुमार उमेश पांडे पंडित अशोक भारतीय राम गणेश सिंह राम नरेश ठाकुर सुजीत तिवारी अनिल सिन्हा राजकुमारी यादव हरीश शमी संजय कुमार कमल यादव विनोद अकेला मुकेश शर्मा महेश पांडे पवन सक्सेना महेश पांडे ललन आरपी शुक्ला गिरीश मिश्रा दीपक वर्मा गोपाल सिंह अनिल मिश्रा प्रदीप कुमार प्रवीण कुमार चेतना पवार आस्था पवार अनिल दुबे राजेश कुमार श्रीवास्तव तेजेंद्र कुमार हरिशंकर वर्मा शेखर वीरेंद्र कुमार कंडेरा विनोद गुप्ता विकासआदि मुख्य रूप से शामिल रहे। मंच का सफल संचालन विनोद अकेला ने किया

नुक्कड सभा बनेगी लोनी मे बदलाव का आधार" :- मनोज धामा





मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद 27 सितंबर 2026 । राष्ट्रीय लोकदल के नेता व पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मनोज धामा ने रविवार को वार्ड 29 राम पार्क एक्सटेंशन मे कालोनी वासियों ने नुक्कड़ सभा का आयोजन किया जिसमे पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनोज धामा ने मुख्य अतिथि के रूप मे शिरकत की ।

इस अवसर पर कालोनीवासियों ने लोनी नगरपालिका अध्यक्ष मनोज धामा का ढोल-नगाडों के साथ फूल-माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया । 

 कार्यक्रम मे मनोज धामा ने सभी कालोनीवासियों को संबोधित करते हुये कहा कि आप सभी के बीच पंहुचकर मुझे बेहद अच्छा लग रहा है आप लोगों के दूारा जिस प्रकार से मेरे व मेरे परिवार के प्रति इतना सम्मान व प्यार दिया है उसके लिये मै आप सभी क्षेत्रवासियों का आभार प्रकट करता हूं एवं आप सभी की जो भी समस्या आपके दूारा मेरे सामने रखी गयी है जल्द ही उन सभी का निदान मेरे दूारा कराया जायेगा एवं जल्द ही वार्ड मे पहले से भी अधिक तीव्र गति से विकास कार्य कराये जायेंगे  ।

लोनी नगरपालिका अध्यक्ष ने लोगों को जागरूक करते हुये कहा कि आने वाला समय चुनावी समय है आप सभी क्षेत्र वासियों को अपने मत करने का जो अधिकार मिला है उसको इस्तेमाल करने का मौका मिलने जा रहा है और आप सभी जानते हैं कि किस प्रकार से लोनी की राजनीति को बदलने का समय आ गया है इस तरह की छोटी-छोटी नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से हम सभी लोग एक बडी ताकत बनने का काम करेंगे और आने वाले समय मे लोनी की राजनीति की दशा और दिशा को बदलने का काम करेंगे ।

इस अवसर पर जय भगवान, अनिल त्यागी, बिजेन्द्र कौशिक, विजेन्द्र भारदूाज, बालेश्वर, पप्पू भगतजी, नीरज, सुनील, प्रदीप कुमार, प्रीतम गिरि, धर्मराज सैनी, सुशील पंडित, जया देवी,रेखा चौधरी, नीतू चौधरी, राजरानी देवी सहित सैकड़ों की संख्या मे कालोनी वासी उपस्थित रहे ।

खुद को बदलेंगे, देश को बदलेंगे' : सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में गूंजी विकसित भारत की गूंज

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अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और विचारों से बच्चों ने विकसित भारत की अवधारणा को दिया साकार रूप 

                      विशेष संवाददाता 

  गाजियाबाद। सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में 'विकसित भारत-2047' के संकल्प को केंद्र में रखते हुए भाषण, कला प्रतियोगिता व कला प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और विचारों के माध्यम से विकसित भारत की अवधारणा को जीवंत रूप प्रदान किया। बच्चों की प्रस्तुतियां और कला कृतियों ने उपस्थित अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भाजपा कवि नगर मंडल की महामंत्री डॉ. रिता देओल ने कहा कि सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल के विद्यार्थियों की जागरूकता और सजगता इस बात का प्रमाण है कि यह बच्चे भविष्य के भारत के प्रति सकारात्मक और प्रतिबद्ध नजरिया रखते हैं। डॉ. देओल ने विद्यार्थियों की भाषा, प्रयास एवं कलाकृतियों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की प्रतिभा इस बात का सुबूत हैं कि यह बच्चे शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और सामयिक सरोकारों के प्रति भी जागरूक हैं। 

  नेहरू नगर स्थित सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल की शाखा का औचक निरीक्षण करने पहुंची डॉ. देओल ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि विकसित भारत का सपना केवल सरकार या किसी एक व्यक्ति के प्रयास से नहीं अपितु समाज के प्रत्येक व्यक्ति के सकारात्मक योगदान से संभव है। उन्होंने बच्चों का आह्वान किया कि वह दूसरों से स्पर्धा करने के बजाए स्वयं से स्पर्धा करें। इसके अलावा अपने कल को आज से बेहतर करने का निरंतर अभ्यास करते रहना चाहिए।

  उन्होंने कहा कि खुद में परिवर्तन, स्वयं से स्पर्धा और आज से बेहतर कल ही तरक्की का महामंत्र है। बच्चों की एक छोटी सी सकारात्मक पहल भविष्य के सशक्त व विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। बिना पूर्व सूचना के विद्यार्थियों ने अचानक प्रदान किए गए अवसर में अपने बेबाक उद्बोधन, चित्रों एवं कलाकृतियों के माध्यम से वर्ष 2047 के विकसित भारत की कल्पना को साकार कर दिखाया। उनमें से किसी ने आधुनिक भारत की तस्वीर उकेरी तो किसी ने शिक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य , आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण से जुड़े अपने विचारों को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया। डॉ. देओल ने स्कूल की संस्थापक व निदेशक डॉ. माला कपूर व शैक्षिक विभाग की सराहना करते हुए कहा कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम न होने के बावजूद जिस आत्मविश्वास के साथ बच्चों ने अचानक दिए गए लक्ष्य को हासिल किया वह उनकी विद्वता, जागरूकता व विषय के प्रति गंभीर आत्मबोध का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए समय -समय पर ऐसा मंच उपलब्ध किया जाना सकारात्मक पहल है। ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच और अभिव्यक्त करने की क्षमता विकसित करने के साथ राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। 


रविवार, 27 सितंबर 2026

दिल्ली सहारनपुर मार्ग के दोनों तरफ लगभग 11 करोड रूपये की लागत से हो विकास कार्यों का मनोज धामा ने किया निरीक्षण


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद 27 सितंबर।  लोनी नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष मनोज धामा ने दिल्ली सहारनपुर मार्ग के दोनों तरफ लगभग 11 करोड रूपये की लागत से इंटरलाकिंग टाइल्स लगाने का जो कार्य नगर पालिका लोनी के द्वारा किया जा रहा है उनका रविवार को निरीक्षण किया एवं आम जनता से बातचीत की तथा किसी भी प्रकार की समस्या के लिये अवगत कराने के लिये कहा तथा संबंधित अधिकारियों को भी समय-समय पर विकास कार्यों की गुणवत्ता को परखने के लिये औचक निरीक्षण करते रहने को कहा जिससे विकास कार्य अधिक गुणवत्ता पूर्ण हो। 

मनोज धामा ने  बताया कि लगभग 10 करोड रूपये से दिल्ली सहारनपुर मार्ग बार्डर बस डिपो से लेकर राशिद अली गेट पर दोनों तरफ इटंरलाकिंग टाइल्स लगायी जायेगीं एवं लगभग 11 करोड रूपये की लागत से नाले बनाये जा रहे हैं तथा लगभग 2 करोड 80 लाख रूपये की लागत से नालों को कवर करने के लिये लोहे के जाल लगवाने का कार्य लोनी नगरपालिका के दूारा कराया जा रहा है जिससे कि आने वाले दिनों मे लोनी की आम जन -मानस को चलने मे सहूलियत होगी तथा जल- भराव नही होगा ।

परमार्थ स्कूल ऑफ योग एवं द योग इंस्टीट्यूट, मुंबई के संयुक्त 200-आवर योग शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम की 2027 से होगी शुरुआत

 






संवाददाता

*💥योग की ज्ञान-परंपरा का गंगा-सागर संगम*

*🌸मुंबई में ज्ञान, साधना, सत्संग और सेवा से ओत-प्रोत हुई प्रेरणादायी संध्या*

*💦विश्व नदी दिवस पर पूज्य स्वामी जी का संदेश, नदियाँ हैं तो दुनिया है-जल नहीं तो जीवन नहीं*

*🌿विश्व पर्यटन दिवस पर परमार्थ निकेतन से आह्वान- भारत का पर्यटन केवल देखने का नहीं, जानने, समझने और जीने का अवसर है*

*🌺हिन्दुत्व जागरण के प्रखर सूत्रधार, श्रद्धेय श्री अशोक सिंघल जी की जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि*

मुंबई, 27 सितम्बर।  भारत की सनातन संस्कृति में योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की साधना नहीं, बल्कि मन, प्राण, चेतना और आत्मा को परम सत्य से जोड़ने वाली जीवन-पद्धति है। इसी शाश्वत योग परंपरा, गुरु-शिष्य परंपरा और सेवा के पावन भाव को आगे बढ़ाने की दिशा में मुंबई में एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं भावपूर्ण संध्या का आयोजन हुआ, जहाँ परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, पूज्य माँ हंसाजी एवं पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी एवं का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ।

मुंबई स्थित द योग इंस्टीट्यूट में आयोजित यह संध्या ज्ञान, सत्संग, साधना, संस्कार और सेवा की ऐसी सुंदर अभिव्यक्ति बनी, जहाँ योग की प्राचीन भारतीय ज्ञानधारा ने आधुनिक विश्व के लिए एक नई दिशा का संदेश दिया।

परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपना आशीर्वचन प्रदान किए। पूज्य स्वामी जी ने योग को भारत की विश्व को दी गई महानतम आध्यात्मिक विरासतों में से एक बताते हुए कहा कि योग का संदेश केवल स्वस्थ शरीर का संदेश नहीं, बल्कि एकता, समरसता, शांति, करुणा और आत्म-जागरण का संदेश है।

उन्होंने कहा कि आज जब विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब योग हमें स्वयं से, प्रकृति से और समस्त सृष्टि से पुनः जोड़ने का मार्ग दिखाता है। योग हमें अपने भीतर शांति खोजने की प्रेरणा देता है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भारत की योग परंपरा का मूल भाव ‘मैं’ से ‘हम’ और ‘हम’ से ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की यात्रा है। योग तभी पूर्ण है जब उसकी साधना सेवा में और सेवा करुणा में परिणत हो।

पूज्य माँ हंसाजी ने योगमय एवं आनंदपूर्ण जीवन के तीन अत्यंत सरल, किंतु गहरे सूत्र-मुस्कान, सम्मान और योगदान, साझा किए। उन्होंने कहा कि योग केवल आसन और प्राणायाम तक सीमित नहीं है; योग का वास्तविक उद्देश्य हमारे व्यवहार, विचार और जीवन में दिखाई देना है। जब जीवन में मुस्कान आती है तो वातावरण में आनंद आता है, जब सम्मान आता है तो संबंधों में माधुर्य आता है और जब योगदान की भावना आती है तो जीवन सेवा का माध्यम बन जाता है।

पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी ने अष्टांग योग की गहन आध्यात्मिक यात्रा के विषय पर प्रेरणादायी उद्बोधन दिया। उन्होंने यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि के माध्यम से योग को केवल अभ्यास नहीं, बल्कि आंतरिक स्वतंत्रता की यात्रा के रूप में समझाया।

उन्होंने कहा कि अष्टांग योग का प्रत्येक अंग साधक के भीतर चेतना के नए द्वार खोलता है। यम और नियम जीवन में शुद्धता और अनुशासन लाते हैं, आसन शरीर को साधना का माध्यम बनाता है, प्राणायाम प्राणशक्ति को संतुलित करता है और ध्यान एवं समाधि साधक को उसके वास्तविक स्वरूप की ओर ले जाते हैं।

उन्होंने कहा कि योग की यात्रा बाहर से भीतर की ओर जाने की यात्रा है, शरीर से श्वास तक, श्वास से मन तक, मन से चेतना तक और चेतना से आत्मबोध तक की दिव्य यात्रा है।

इस पावन अवसर पर पूज्य स्वामी जी ने योग के क्षेत्र में पूज्य माँ हंसाजी के दीर्घकालीन एवं अतुलनीय योगदान के लिये उन्हें रुद्राक्ष का पौधा एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया। माँ हंसाजी के सुपुत्र ऋषि जी एवं पुत्रवधू प्राणी जी को भी शॉल भेंट कर आशीर्वाद प्रदान किया गया।

आज विश्व नदी दिवस पर पूज्य स्वामी जी ने नदियाँ हैं तो दुनिया है का संदेश दिया। हिन्दुत्व जागरण के प्रखर सूत्रधार, श्रद्धेय श्री अशोक सिंघल जी की जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने उन्हें स्मरण करते हुये कहा कि श्री अशोक सिंघल जी के साथ उनकी अनेक आत्मीय और प्रेरणादायी स्मृतियाँ जुड़ी हैं। जब परमार्थ निकेतन की ओर से वाराणसी में भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया, तब श्रद्धेय अशोक सिंघल जी का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ। उस अवसर पर मां गंगा के तट पर भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और राष्ट्र चेतना का एक अद्भुत संगम देखने को मिला।

पूज्य स्वामी जी ने श्रद्धेय अशोक सिंघल जी के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन सनातन संस्कृति, राष्ट्र चेतना और समाज जागरण के प्रति समर्पित रहा। उनके विचार, तप, त्याग और संकल्प आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।

विश्व पर्यटन दिवस पर पूज्य स्वामी जी ने कहा, भारत का पर्यटन केवल देखने का नहीं, जानने, समझने और जीने का अवसर है। भारत में यात्रा केवल पर्यटन नहीं, बल्कि तीर्थाटन है; यह हमें प्रकृति, संस्कृति, आध्यात्मिकता और अपनी जड़ों से जोड़ते हुए भीतर की यात्रा पर भी ले जाती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों को सुनाई खूब खरी-खरी एसआईआर को लेकर भ्रम फैला रहे कांग्रेस व उसके साथी विपक्षी दलः सीएम योगी



विशेष संवाददाता

 राजनीतिक स्वार्थ के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की साजिश कर रही कांग्रेसः मुख्यमंत्री

गैरजिम्मेदाराना हरकतों को कंट्रोल करें कांग्रेस व सहयोगी दल, जनता से मांगें माफीः मुख्यमंत्री

भ्रष्टाचार, आर्थिक कदाचार, कुनीति, अराजकतापूर्ण कार्यों के कारण सपा, कांग्रेस, राजद को खारिज करती है जनताः मुख्यमंत्री

लखनऊ, 27 सितंबरः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों को खूब खरी-खरी सुनाई। अपने सरकारी आवास पर रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह लोग भारत की संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने, राजनीतिक स्वार्थ के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की हर साजिश का हिस्सा रहे हैं। सीएम ने कहा कि देश का मुख्य विपक्षी दल व यूपीए गठबंधन से जुड़े अन्य दलों की हरकतें-बयानबाजी गैरजिम्मेदाराना हैं व लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने जैसी हैं। इन्होंने एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाया है। एसआईआर पहली बार नहीं हुआ है। देश में इससे पहले वर्ष 1952, 1957, 1961, 1965-66, 2003 समेत अनेक बार एसआईआर हुआ है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार की एसआईआर की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस, सपा, राजद समेत अन्य दलों ने जो हायतौबा मचाई है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। देश में सर्वाधिक समय तक शासन करने वाली कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा कर रही है। उन्होंने तंज किया कि सपा, कांग्रेस, राजद आदि विपक्षी दल यदि चुनाव जीतें तो इनका पुरुषार्थ है परंतु भ्रष्टाचार, आर्थिक कदाचार, कुनीति, अराजकतापूर्ण कार्यों के कारण यदि जनता इन्हें खारिज करे तो इसके लिए चुनाव आयोग और ईवीएम दोषी है। इन दलों को अपने बचकाने बयानों को लेकर चिंतन व आत्मावलोकन करना चाहिए। 

राहुल गांधी ने न्यायपालिका की निष्पक्षता पर कैंब्रिज में उठाया था सवाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लोगों द्वारा हर संवैधानिक संस्था को लगातार कटघरे में खड़ा किया जाता है। यह लोग चुनाव आयोग पर लगातार हमलावर हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कैंब्रिज में भारत की न्यायपालिका की निष्पक्षता पर प्रश्न खड़ा किया था। 2019 में कैग ने राफेल के मुद्दे पर अपना आब्जर्वेशन दिया था, इस पर भी कांग्रेस ने सवाल खड़े किए थे। ईवीएम से हुए चुनाव में केंद्र व कई राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनी, उस ईवीएम को ब्लैक बॉक्स कहकर भारत की चुनाव प्रणाली व दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र पर सवाल खड़ा करना दुर्भाग्यपूर्ण है। 

कांग्रेस का संवैधानिक व लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि इनका संवैधानिक व लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं है। 25 जून 1975 को कांग्रेस ने जब देश के संविधान का गला घोंटने का पाप किया था, तब उनके नेतृत्व की सरकारों ने विपक्षी दलों की चुनी गई तमाम सरकारों को अनैतिक तरीके से गिराने का पाप किया था। अपनी भ्रष्ट कार्यप्रणाली, आर्थिक कदाचार के कारण देश की आंतरिक-वाह्य सुरक्षा के साथ लगातार खिलवाड़ किया। बालाकोट की एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के बहादुर जवानों के शौर्य-पराक्रम पर इनके द्वारा सवाल खड़ा करना देशभक्ति नहीं है। वर्तमान में ऐसी ही गैरजिम्मेदाराना हरकतें कांग्रेस व उनके सहयोगी दल कर रहे हैं। 

गैरजिम्मेदाराना हरकतों को कंट्रोल करे कांग्रेस

मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर के बारे में पहले से ही निर्देश दिए गए थे कि छूटे हुए मतदाताओं को फॉर्म भरने की पूरी छूट है। फॉर्म-6 को लेकर उच्चतम न्यायालय ने चुनाव आयोग की कार्रवाई को उचित ठहराया, फिर भी चुनाव आयोग, मुख्य निर्वाचन आयुक्त व हर संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करके भारत की बदनामी कराना और सबसे बड़े लोकतंत्र को कमजोर करने की चेष्टा करने वाली कांग्रेस व उनके सहयोगी दलों का यह कृत्य अत्यंत हैरान करने वाला है। कांग्रेस अपनी गैरजिम्मेदाराना हरकतों को कंट्रोल करे। लोकतंत्र में हिंसा, तोड़फोड़ व दुष्प्रचार के लिए कोई जगह नहीं है। 

कांग्रेस व उसके सहयोगी दल जनता से मांगें माफी

सीएम ने कहाकि तीनों चुनाव आयुक्त ने मीडिया के सामने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, छूटे मतदाताओं व फॉर्म-6 को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। अब कोई प्रश्न खड़े नहीं होते, लेकिन कांग्रेस, सपा व सहयोगी दलों द्वारा बाल की खाल उधेड़ने जैसी स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतांत्रिक मूल्यों व संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश हो रही है। भारत ने हर वयस्क मतदाता को पहले दिन से जाति, क्षेत्र, भाषा, लिंग समेत बिना भेदभाव मतदान करने की स्वतंत्रता और चुनाव के एक दिन पहले तक मतदाता सूची में नाम बढ़ाने का अधिकार दिया है। पूरी पारदर्शी प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न उठाना लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने जैसा है। कांग्रेस व सहयोगी दलों को अपने कृत्य के लिए आमजन व देश की संवैधानिक संस्थाओं से माफी मांगनी चाहिए।

बिराज फाउंडेशन और बस्ता फाउंडेशन ने तिरंगा पार्क में प्रोजेक्ट कामाख्या के तहत मासिक धर्म स्वास्थ्य पर आयोजित किया कार्यक्रम





मुकेश गुप्ता

 जरूरतमंद महिलाओं-किशोरियों को बांटे सैनिटरी पैड

गाजियाबाद। महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं व्यक्तिगत देखभाल के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बिराज फाउंडेशन और बस्ता फाउंडेशन की ओर से संयुक्त रूप से प्रोजेक्ट कामाख्या के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अवंतिका स्थित तिरंगा पार्क में हुए कार्यक्रम में महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी दी गई।

जागरूकता सत्र के दौरान प्रतिभागियों को मासिक धर्म स्वच्छता, व्यक्तिगत स्वास्थ्य, सही हाइजीन प्रथाओं और इस दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया गया। साथ ही मासिक धर्म को लेकर समाज में व्याप्त झिझक और भ्रांतियों को दूर करने तथा स्वस्थ आदतों को अपनाने के लिए भी जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंद महिलाओं और किशोरियों को सैनिटरी पैड वितरित किए गए। इसके अलावा व्यक्तिगत स्वच्छता और देखभाल को बढ़ावा देने के लिए फेसवॉश, बॉडी लोशन सहित अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई।  कार्यक्रम में बिराज फाउंडेशन के संस्थापक एवं सीईओ डॉ. बिराज सिंह मौजूद रहे। उनके साथ ट्रेनर परमजीत कौर, डॉ. पूजा, शिक्षा दास, निधि और शाइली सहित दोनों संस्थाओं की टीम के सदस्य एवं स्थानीय प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

मासिक धर्म को लेकर झिझक दूर करने पर जोर

आयोजकों ने बताया कि प्रोजेक्ट कामाख्या का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों के बीच मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाना, सही जानकारी उपलब्ध कराना और जरूरतमंदों तक आवश्यक स्वच्छता सामग्री पहुंचाना है।  कार्यक्रम में प्रतिभागियों को बताया गया कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है और इसके बारे में सही जानकारी एवं खुलकर संवाद स्वास्थ्य जागरूकता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रतिभागियों ने जागरूकता सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया और मासिक धर्म एवं व्यक्तिगत स्वास्थ्य से जुड़े सवालों की जानकारी प्राप्त की।

शनिवार, 26 सितंबर 2026

नगर आयुक्त व जीडीए वीसी ने किया नंदी पार्क काऔचक निरीक्षण, गौशाला की बढ़ायी जा रही है क्षमता

      


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । नगर निगम द्वारा संचालित नंदी पार्क गौशाला का क्षमता को बढ़ाया जा रहा है जिसके लिए निर्माण विभाग की टीम कार्य कर रही है, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक द्वारा औचक निरीक्षण किया गया । साथ में नंदकिशोर कलाल गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के वी सी भी उपस्थित रहे। मौके पर चल रहे कार्यों का जायजा लिया गया तथा तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए, मौके पर मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, उपमुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ अनुज उपस्थित रहे l 


नगर आयुक्त ने बताया गया नंदी पार्क गौशाला में निराश्रित गोवंशों की संख्या लगभग 1900 से अधिक है इसके बाद भी निराश्रित गोवंश लगातार बढ़ रहे हैं जिसको देखते हुए गौशाला का क्षमता बढ़ाया जा रहा है ताकि निराश्रित गोवंशों का विशेष ध्यान रखा जा सके, निर्माण विभाग द्वारा बढ़े हुए 3000 स्क्वायर मीटर क्षमता पर टीन शेड का कार्य, चार दिवारी का कार्य, खोर बनाने का कार्य आवश्यक लाइटिंग का कार्य, इंटरलॉकिंग लगाने का कार्य चल रहा है, मौके पर उपस्थित निर्माण विभाग की टीम को तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए।

नगर आयुक्त के साथ गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने नंदी पार्क गौशाला का निरीक्षण करने के उपरांत गोवंश को हरा चारा और गुड खिलाया गया, गोवंशों के लिए बेहतर व्यवस्था को देखकर उपाध्यक्ष जी डी ए ने नगर निगम की टीम का उत्साहवर्धन किया, उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंशों के लिए गाजियाबाद नगर निगम की गौशाला में बहुत ही सुंदर व्यवस्था है जो की सराहनीय है ।

‘’प्रवर्तन जोन-7 के अन्तर्गत गुलमोहर वाटिका-2 में अवैध निर्माण को जी0डी0ए0 ने किया ध्वस्त’’




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल के निर्देशों के अनुपालन में आज दिनांक 26 सितंबर को प्रभारी प्रवर्तन जोन-7 के नेतृत्व में पारस गुप्ता पुत्र सुशील गुप्ता,  के द्वारा गुलमोहर वाटिका-2  साहिबाबाद के भूखण्ड संख्या 14 व 15 पर स्वीकृत मानचित्र से विचलन कर सेडवेक में किये गये अवैध निर्माण वाद सं0 GDA/ANI/2026/0005021 व वाद सं0 GDA/ANI/2026/0005022 के क्रम में ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई, ध्वस्तीकरण के समय प्रवर्तन जोन-7 में तैनात सहायक अभियन्ता, अवर अभियन्ता, प्रवर्तन जोन-7 का समस्त स्टाफ, प्राधिकरण पुलिस बल व स्थानीय पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहा। 

युवाओं को सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने का अनूठा प्रयास: सपा प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग ने Gen-Z के साथ देखी फिल्म 'हनुमान अंश', फिल्म कलाकार गुलशन पांडेय भी रहे मौजूद











मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, मूल्यों और प्रेरणादायी गाथाओं से रूबरू कराने के उद्देश्य से आज गाजियाबाद स्थित चौधरी मॉल में एक विशेष सिनेमा शो का आयोजन किया गया। इस खास अवसर पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग ने आज की नई पीढ़ी (Gen-Z) के युवाओं के साथ हाल ही में रिलीज़ हुई बहुचर्चित फिल्म 'हनुमान अंश' का विशेष शो देखा।

कार्यक्रम को और भी गरिमामय एवं स्मरणीय बनाने के लिए फिल्म में भूमिका निभाने वाले गुलशन पांडेय विशेष रूप से उपस्थित रहे। टॉकीज परिसर में पहुंचे युवाओं ने कलाकारों और सपा प्रदेश सचिव का जोरदार स्वागत किया।

शो के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग ने कहा, "आज की डिजिटल दुनिया में हमारी Gen-Z पीढ़ी आधुनिकता की ओर तेज़ी से बढ़ रही है, जो सराहनीय है। आज का युवा और Gen-Z आधुनिक भारत का सपना देखता है ।इसके साथ - साथ ही युवाओं को अपनी जड़ों, सांस्कृतिक धरोहर और महान जीवन मूल्यों से जोड़े रखना भी उतना ही आवश्यक है। 'हनुमान अंश' फिल्म युवाओं में नैतिक मूल्यों, अदम्य साहस और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों से युवाओं को अपनी समृद्ध विरासत पर गर्व करने की प्रेरणा मिलती है।"

फिल्म के कलाकार गुलशन पांडेय ने युवाओं के अपार प्रेम और उत्साह के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने सिनेमा हॉल में मौजूद युवाओं के साथ अपने अभिनय के अनुभव साझा किए और कहा कि जब आज की युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति पर आधारित फिल्मों को इस तरह सराहती है, तो कलाकारों का मनोबल और बढ़ता है।

कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। शो की समाप्ति के बाद युवाओं ने अभिषेक गर्ग और उपस्थित कलाकारों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और इस सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में विधानसभा 56 गाज़ियाबाद के युवा Gen-Z और अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती और डा साध्वी भगवती सरस्वती का पावन सान्निध्य में आहो गुरुदेव - श्रद्धेय राकेश के 60वें जन्मोत्सव पर दिव्य आध्यात्मिक समारोह आयोजित

 






संवाददाता

ज्ञान, साधना, सेवा और आत्मजागरण के 60 दिव्य वर्षों का दिव्य उत्सव

मुंबई, 26 सितंबर। आध्यात्मिक चेतना, आत्मजागरण, सेवा और करुणा की दिव्य यात्रा के 60 वर्षों का उत्सव श्रद्धेय श्री राकेशजी का 60वां जन्मोत्सव ‘आहो गुरुदेव’ अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मुंबई में मनाया गया। यह अवसर एक ऐसे दिव्य जीवन के प्रति कृतज्ञता अर्पित करने का पावन अवसर है, जिसने असंख्य हृदयों को आत्मचिंतन, साधना, प्रेम और सेवा की दिशा दिखाई है।

इस पावन अवसर पर परमार्थ पीठाधीश्वर परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज एवं डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती  का पावन सान्निध्य एवं आशीर्वचन समारोह की आध्यात्मिक गरिमा को और दिव्य ऊँचाई प्रदान की। यह अवसर सत्संग, साधना और आत्मजागरण का महापर्व है। इस अवसर पर प्रसिद्ध अभिनेत्री एवं सांसद हेमा मालिनी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।

‘आहो गुरुदेव’ का यह दिव्य आयोजन भक्ति, कृतज्ञता और आत्मिक आनंद से ओतप्रोत रहा। विश्व के विभिन्न स्थानों से श्रद्धेय राके के प्रति प्रेम, श्रद्धा और मंगलकामनाएँ व्यक्त की गईं। विश्वभर से प्राप्त मंगलकामनाओं की सुरमयी प्रस्तुति के माध्यम से विश्वभर से आईं शुभकामनाओं ने यह भाव प्रकट किया कि गुरु का प्रकाश सीमाओं से परे होता है और उनकी करुणा एवं शिक्षाएँ अनगिनत जीवनों को स्पर्श करती हैं।

इस अवसर का एक प्रमुख आकर्षण रहा श्रद्धेय राकेश का ‘ “साहसपूर्वक त्याग’ विषय पर प्रेरणादायी उद्बोधन दिया, जिसमें उन्होंने साहसपूर्वक त्याग के गहन आध्यात्मिक अर्थ को उद्घाटित किया। त्याग को केवल किसी वस्तु या परिस्थिति को छोड़ना नहीं, बल्कि अपने भीतर के भय, अहंकार, आसक्ति और उन सभी बंधनों से मुक्त होना है, जो मनुष्य को उसके वास्तविक स्वरूप से दूर रखते हैं। उनका संदेश उपस्थित जनों के लिए आत्ममंथन और आत्मजागरण का अवसर है।


इस दिव्य अवसर पर परमार्थ पीठाधीश्वर परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने श्रद्धेय l राकेश को अपनी मंगलकामनाएँ देते हुए कहा कि ऐसे दिव्य जीवन केवल अपने लिए नहीं जीते, बल्कि समाज और मानवता के लिए जीते हैं और प्रकाशस्तंभ बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरू के चरण अकड़ व पकड़ से फ्री होने के लिये है। आज आपको केवल दीक्षा ही नहीं मिली बल्कि दिशा भी प्राप्त हुई कि हमें केवल आपने लिये नहीं बल्कि सब के लिये, सम्पूर्ण मानवता के लिये जीना हैं। जीवन के दो तरह से जीते हैं एक तो हैं मेरे लिये क्या और दूसरा है मेरे द्वारा क्या, परन्तु जो गुरू के श्रीचरणों में आ जाते हैं उनका तो उद्देेश्य ही यह है कि हम आपके चरणों में हैं जो भी करवा लो प्रभु। तेरी मर्जी ही मेरी मर्जी, मेरी तो कोेई अर्जी ही नहीं यही जीवन हैं सन्यासी का जीवन। सन्यासी जीवन वह है जहां अहंकार नहीं स्वीकार है। हारी हुई जिन्दगी भी जीती जा सकती है गुरू कृपा से।

डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती ने भी अपनी भावपूर्ण शुभकामनाएँ देते हुए गुरु-शिष्य परम्परा की महिमा पर सारगर्भित उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि गुरु का सान्निध्य केवल ज्ञान प्रदान नहीं करता, बल्कि जीवन को भीतर से रूपांतरित करने की प्रेरणा देता है। गुरु के चरणों में समर्पण व्यक्ति को स्वयं से मिलाने और जीवन को सेवा, प्रेम एवं करुणा के मार्ग पर ले जाने का माध्यम बनता है।

समारोह में पूज्य संतों के आशीर्वचन, आध्यात्मिक प्रस्तुतियाँ और विविध दिव्य कार्यक्रमों ने वातावरण को भक्ति एवं आनंद से युक्त कर दिया। इस अवसर पर महत्वपूर्ण परियोजनाओं का अनावरण भी किया गया, जो भविष्य में सेवा, आध्यात्मिक जागरण और समाजकल्याण की दिशा में नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाली हैं।

श्रद्धेय राकेश के 60 वर्ष एक प्रेरणादायी यात्रा के 60 पड़ाव हैं। उनका जीवन इस बात का संदेश देता है कि जब मनुष्य स्वयं से ऊपर उठकर व्यापक चेतना और मानवता की सेवा के लिए समर्पित होता है, तब उसका जीवन अनेक लोगों के लिए प्रेरणा बन जाता है।

‘आहो गुरुदेव’ का यह उत्सव इसी कृतज्ञता का उत्सव है, गुरु के प्रति श्रद्धा का, उनके दिव्य जीवन के प्रति नमन का और उस प्रकाश के प्रति आभार का, जो अनगिनत हृदयों में आत्मजागरण की ज्योति प्रज्वलित करता है।

जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ‘ग्रांड पेरेंट्स डे’






मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद 26 सितंबर। जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, इंदिरापुरम के परिसर में शनिवार को बाल वाटिका (कक्षा नर्सरी, एल.के.जी. एवं यू.के.जी.) के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों द्वारा ’ग्रांड पेरेंट्स डे’ बड़े धूमधाम से आयोजित किया गया। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों के दादा-दादी/नाना-नानी को कार्यक्रम में शामिल होकर भाग लेने के लिए सादर आमंत्रित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के चेयरमैन जे. के. गौड़, एवं प्रधानाचार्या श्रीमती निधि गौड़ के करकमलों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित करके किया| तदोपरांत नन्हें-मुन्नों ने अपने दादा-दादी/नाना-नानी एवं सभी गणमान्य अतिथियों का ‘सरस्वती वंदना’ के द्वारा अभिनंदन किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने अनेक रंगारंग प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्हें सभी ने खूब सराहा।

कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों एवं उनके दादा-दादी/नाना-नानी के लिए अनेक मनोरंजक गतिविधियाँ एवं खेल भी आयोजित किए गए, जिनमें सभी ने बड़े उत्साह से भाग लिया। मन की बात के माध्यम से विद्यालय के चेयरमैन श्री जे. के. गौड़ ने कहा कि आज के दौर में जब संयुक्त परिवारों का विघटन हो रहा है, ऐसे में बच्चे अपने बुजुर्ग अभिभावकों के प्यार एवं देखभाल से वंचित होने लगे हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों को अपने दादा-दादी/नाना-नानी के निकट लाते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि यही वह अवस्था है जब हम बच्चों को अच्छे संस्कार दे सकते हैं और यह आदान-प्रदान बड़ों के सहयोग के बिना पूर्ण नहीं हो सकता। अंत में उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम विद्यालय में निरंतर आयोजित होते रहेंगे। कार्यक्रम के पश्चात सभी अतिथियों एवं अभिभावकों के लिए स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था की गई।

शुक्रवार, 25 सितंबर 2026

महापौर, नगर आयुक्त ने 157 घंटे लगातार चलने वाले महासफाई अभियान का शुभारंभ किया,छात्राओं, सफाई कर्मचारियों को किया सम्मानित

 








शहर की स्वच्छता हम सबकी जिम्मेदारी- महापौर

जन-जन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेगा निगम, 5200 सफाई मित्रों की बनाई गई टीम-नगर आयुक्त

गाजियाबाद।  नगर निगम द्वारा महा सफाई अभियान की शुरुआत की गई मोहन नगर जोन राजेंद्र नगर पहुंचकर महापौर सुनीता दयाल तथा नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की उपस्थिति में 157 घंटे लगातार चलने वाले महासफाई अभियान का शुभारंभ किया गया, मौके पर नगर आयुक्त द्वारा उपस्थित छात्र-छात्राओं, सामाजिक संस्थाओं, शहर निवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया, उत्साहवर्धन किया गया।

महापौर ने बताया गया कि स्वच्छता हर घर की जिम्मेदारी है जिसमें छात्राओं का विशेष सहयोग शहर को मिल रहा है, गाजियाबाद नगर निगम द्वारा 157 घंटे का महा अभियान शुरू किया गया है जो की दिन-रात लगातार चलेगा जिसमें न केवल निगम की सफाई मित्र अपनी भूमिका निभाएंगे बल्कि शहर हित में हर घर को अपनी भूमिका निभाई है शहर की स्वच्छता सामूहिक जिम्मेदारी है, महापौर द्वारा उपस्थित जनों को शुभकामनाएं दी गई तथा निगम का सहयोग करने वाली संस्थाओं को सम्मानित किया गया।

नगर आयुक्त ने बताया गया की 2 अक्टूबर तक महासफाई अभियान चलेगा जिसकी शुरुआत मोहन नगर से हुई है सभी जोन में दिन-रात लगातार सफाई का अभियान चलेगा, 5200 सफाई मित्रों की ड्यूटी लगाई गई है जिसमें टीम बनाकर सभी जोन में दिन-रात सफाई होगी, व्यापारी वर्ग का विशेष सहयोग लिया जाएगा, 100 वार्डों में जन सहयोग तथा माननीय पार्षदों के सहयोग से अभियान को सफल बनाया जाएगा मौके पर उपस्थित जनों को नगर आयुक्त द्वारा प्रशस्ति पत्र भेंट कर स्वच्छता के प्रति प्रोत्साहित किया गया।

गाजियाबाद नगर निगम द्वारा 157 घंटे का महा सफाई अभियान शुरू किया गया जिसमें मोहन नगर जोन राजेंद्र नगर में सफाई के साथ शुरुआत की गई, मौके पर क्षेत्रीय पार्षद कविता भाटी, पार्षद प्रमोद राघव उपस्थित रहे, गाजियाबाद नगर निगम द्वारा जन-जन को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है, महापौर तथा नगर आयुक्त द्वारा शहर वासियों से स्वच्छता की अपील की गई