शुक्रवार, 11 सितंबर 2026

जिलाधिकारी ने एनजीओ एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को प्रदान किए प्रशस्ति पत्र




मुकेश गुप्ता 

सेवा संकल्प अभियान’ को सफल बनाने हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आहूत

गाजियाबाद। महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाए जाने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की क्रियान्वयन बैठक आहूत की गई। अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना तथा प्रत्येक नागरिक को विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प से जोड़ना है। 

बैठक के दौरान जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ को ऐतिहासिक एवं यादगार बनाने में प्रत्येक व्यक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सभी एनजीओ, सामाजिक संगठनों एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स द्वारा अभियान के विभिन्न कार्यक्रमों को सफल बनाने में सक्रिय सहभागिता की अपेक्षा है। उन्होंने सेवा एवं सहयोग के साथ-साथ मीडिया एवं सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने बताया कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत 12 अध्यायों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें ‘सेवा दिवस-आशीर्वाद का दीया’, ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’, ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’, ‘आंगन मिलन सेवा’, ‘सेवा की कहानी’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा-विकसित भारत का संकल्प’, ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा के रंग राष्ट्र के संग’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ तथा ‘सुशासन सेवा संवाद’ शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत इन थीम आधारित कार्यक्रमों के साथ-साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा तथा पात्र व्यक्तियों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित कराने हेतु भी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में एनजीओ से आदेश धामा, सौम्य सिंह रावत, ममता त्यागी उर्फ गीता टाय, बीना रंधावा, ज्योति गुप्ता, शालू पांडे (विमला), लव यादव, सुषमा गंगवार, संध्या श्रीवास्तव, प्रीतम सैनी, निभा श्रीवास्तव, परमजीत कौर, संजीव हुडा, तनुज गंभीर, जीतेन्द्र बच्चन, श्रीमती काजल छिब्बर, डॉ. शशि श्रीवास्तव, सुजल सक्सेना, रजनी ढौंडियाल जोशी, शैफाली गुप्ता, ज्योति सिंह, तुषार शर्मा, डॉ. नीलम शर्मा, उमेश शर्मा, मयंक चौधरी, मेघ राज अरोड़ा, नरेश कुमार, जगमोहन सिंह रावत सहित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स में वेद प्रकाश शर्मा, शशांक, रूबल कुमार, मोहित गौड़, दिव्यांश कुमार एवं राज सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। बैठक का संचालन एनजीओ कोऑर्डिनेटर श्री तनुज गंभीर ने किया।

परमार्थ निकेतन गुरुकुल में श्री गणेशजी की पर्यावरण-अनुकूल मूर्ति निर्माण कार्यशाला आयोजित

 





संवाददाता 

*🌼मिट्टी में गढ़ा गणेशजी का मंगलमय स्वरूप, संस्कारों में रचा प्रकृति-संरक्षण का संकल्प*

*💥ऋषिकुमारों ने पर्यावरण-अनुकूल भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का किया निर्माण*

*🌺प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य का दिया प्रेरणादायी संदेश*

ऋषिकेश, 11 सितम्बर। परमार्थ निकेतन गुरुकुल में ऋषिकुमारों के लिये भगवान श्री गणेशजी की पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमा निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ऋषिकुमारों ने प्राकृतिक मिट्टी से भगवान श्री गणेशजी की सुंदर प्रतिमाओं का निर्माण किया। यह कार्यशाला सनातन संस्कृति में निहित     प्रकृति-प्रेम, संवेदनशीलता, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण की चेतना को जीवन में उतारने का एक सुंदर अवसर है।

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने संदेश में कहा कि श्री गणेश, विघ्नहर्ता हैं, वे हमारी बुद्धि को ऐसी दिशा देने वाले देवता हैं, जिसमें विकास और विनाश के बीच का अंतर समझ में आए। बुद्धि वही है जो प्रकृति को जीतने की नहीं, उसके साथ जीने की कला सिखाए।

उन्होंने कहा कि जब हमारे बच्चे अपने हाथों से मिट्टी को आकार देकर श्री गणेशजी का स्वरूप गढ़ते हैं, तब वे केवल एक प्रतिमा नहीं बना रहे होते, वे अपने भीतर एक विचार को आकार दे रहे होते हैं कि प्रकृति हमारी वस्तु नहीं, हमारी विरासत है; जल हमारा संसाधन नहीं, जीवन का आधार है और धरती केवल रहने का स्थान नहीं, हमारी आने वाली पीढ़ियों की अमानत है।

उन्होंने कहा कि मिट्टी से गणेश बनाना और उसी मिट्टी को सम्मानपूर्वक प्रकृति में लौटाना हमारे ऋषियों की उस जीवन-दृष्टि का स्मरण है, जिसमें सृष्टि से लिया गया प्रत्येक तत्व कृतज्ञता के साथ उसी सृष्टि को वापस करने की भावना रखता है।

कार्यशाला के दौरान ऋषिकुमारों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ प्राकृतिक मिट्टी को अपने हाथों से आकार दिया। किसी ने भगवान श्री गणेश की सूंड को सुंदर स्वरूप दिया, किसी ने उनके विशाल कानों को आकार दिया और किसी ने उनके मुकुट तथा अन्य अलंकरणों को साकार किया। मिट्टी के प्रत्येक कण के साथ उनकी सृजनशीलता, श्रद्धा और प्रकृति के प्रति आत्मीयता भी अभिव्यक्त होती रही।

श्री गणेशजी की पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमा निर्माण के माध्यम से ऋषिकुमारों ने यह संदेश दिया कि उत्सव वही सुंदर है जो आनंद दे, आस्था जगाए और प्रकृति को आहत न करे। पर्व-त्योहार हमारे जीवन में रंग, उल्लास और ऊर्जा भरते हैं; अब आवश्यकता है कि इन उत्सवों में पर्यावरण के प्रति करुणा और जिम्मेदारी का रंग भी उतना ही गहरा हो।

ऋषिकुमारों के हाथों बनी श्री गणेशजी की प्रतिमाएँ मानो इसी प्रश्न का उत्तर है कि मिट्टी में आकार लेते गणेशजी और मन में आकार लेता पर्यावरण-संरक्षण का संकल्प, यही इस कार्यशाला की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

यशोदा ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स की डॉ. उपासना अरोड़ा ने BRICS WBA समिट में महिला स्वास्थ्य संवाद का नेतृत्व किया

 


मुकेश गुप्ता 

_BRICS WBA महिला-नेतृत्व विकास समिट 2026 में डॉ. उपासना अरोड़ा ने अलग-अलग देशों के विशेषज्ञों के साथ चर्चा की कि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा, डिजिटल हेल्थ और AI को जोड़कर महिलाओं के स्वास्थ्य को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है

 गाज़ियाबाद 10 सितंबर 2026 । यशोदा ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स की मैनेजिंग डायरेक्टर और BRICS WBA हेल्थकेयर वर्किंग ग्रुप की प्रमुख डॉ. उपासना अरोड़ा ने नई दिल्ली में BRICS WBA महिला-नेतृत्व विकास समिट 2026 में महिलाओं के स्वास्थ्य पर एक हाई-लेवल पैनल चर्चा का नेतृत्व और संचालन किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने के लिए प्राइमरी हेल्थकेयर, डिजिटल हेल्थ और AI को बेहतर तरीके से जोड़ने की बात कही।


"इनोवेटिंग फॉर वुमन्स हेल्थ: ब्रिजिंग प्राइमरी केयर, टेक्नोलॉजी एंड एक्सेस" विषय पर आयोजित इस सेशन में हेल्थकेयर और उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया, खासकर ग्रामीण और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के तरीकों पर। विशेषज्ञों ने बताया कि तकनीक के बेहतर इस्तेमाल, मजबूत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और समय पर इलाज से महिलाओं के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाया जा सकता है। चर्चा में शुरुआती जांच और बीमारी की पहचान में डिजिटल हेल्थ, टेलीमेडिसिन और AI की भूमिका के साथ-साथ मातृ स्वास्थ्य, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की जरूरत और नियमित फॉलो-अप पर भी जोर दिया गया। डॉ. अरोड़ा ने कहा कि तकनीक तभी सही मायने में असर दिखा सकती है, जब उसे प्रशिक्षित लोगों और मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था का साथ मिले, ताकि मरीजों को जागरूकता और जांच से लेकर इलाज और ठीक होने तक लगातार बेहतर देखभाल मिल सके

डॉ. अरोड़ा ने कहा, "यशोदा में हमने देखा है कि समय पर बीमारी की पहचान, विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख और नियमित फॉलो-अप से मरीजों के स्वास्थ्य में बड़ा सुधार हो सकता है, खासकर उन मरीजों के लिए जिन्हें इलाज के अलग-अलग चरणों में समन्वित देखभाल की जरूरत होती है। टेक्नोलॉजी महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी कमियों को दूर करने में अहम भूमिका निभा सकती है, लेकिन अकेले टेक्नोलॉजी से बदलाव नहीं लाया जा सकता। इसके लिए मजबूत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं, अच्छी तरह प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों और एक प्रभावी फॉलो-अप व्यवस्था की भी जरूरत है, जो महिलाओं को जागरूकता और जांच से लेकर इलाज और स्वास्थ्य-लाभ तक हर चरण में सहयोग दे। जरूरत इस बात की है कि तकनीक, डॉक्टर और स्वास्थ्य सेवाएं एक साथ जुड़ें, ताकि महिलाओं को नई तकनीक का फायदा आसानी से मिले और उन्हें लगातार बेहतर देखभाल मिलती रहे, फिर चाहे वे कहीं भी रहती हों।"

इस पैनल में भारत, ईरान, रूस और ब्राज़ील से महिला स्वास्थ्य सेक्टर के स्टेकहोल्डर शामिल रहे, जिन्होंने अलग-अलग हेल्थकेयर सिस्टम और क्षेत्रों के अनुभव साझा किए। इस क्रॉस-कंट्री संवाद ने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर दृष्टिकोण साझा करने और साझेदारी बढ़ाने की अहमियत पर ज़ोर दिया।

समिट में डॉ. अरोड़ा की भागीदारी हेल्थकेयर वर्किंग ग्रुप के उनके नेतृत्व को और मजबूत करती है।  यह ग्रुप BRICS महिला विकास एजेंडा के तहत महिलाओं के लिए बेहतर प्राथमिक और बचाव आधारित स्वास्थ्य सेवाओं पर काम कर रहा है। उनकी भागीदारी अंतरराष्ट्रीय मंच पर यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स का प्रतिनिधित्व भी करती है, जो बिजनेस, सरकार और हेल्थकेयर सेक्टर को महिला-नेतृत्व विकास के लिए एक साथ लाता है।

BRICS वुमन्स बिजनेस अलायंस (WBA) की स्थापना 2020 में ब्रिक्स देशों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए हुई थी; हेल्थकेयर इसके प्रमुख सहयोग विषयों में शामिल है। जनवरी 2026 में भारत ने WBA की अध्यक्षता संभाली।

बुधवार, 9 सितंबर 2026

हिमालय है तो हम हैं, हमारी संस्कृति, सभ्यता और सुरक्षा का आधार-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

संवाददाता

श्रषिकेश । हिमालय दिवस के अवसर पर परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने संदेश में कहा कि हिमालय, केवल पर्वत-शृंखला नहीं, बल्कि भारत की जीवन-परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और भविष्य की सुरक्षा का आधार है। 

हिमालय की ऊँचाइयों पर जहाँ हिम शिखरों पर सूर्य की पहली किरण पड़ती है, वहाँ प्रकृति हमें संदेश देती है कि ऊँचा उठना और विनम्र बने रहना भी साधना है। हिमालय का मौन हमें धैर्य, स्थिरता और आत्मसंयम का संदेश देता है। वह बिना किसी अपेक्षा के नदियों को जन्म देता है, वनों को आश्रय देता है और असंख्य जीव-जंतुओं के जीवन का आधार बनता है। उसका अस्तित्व हमें स्मरण कराता है कि जीवन की महानता अपने लिए नहीं, सम्पूर्ण मानवता के लिए जीने में है।

हिमालय देवभूमि है, यहाँ प्रकृति और आध्यात्मिकता के बीच कोई अलगाव नहीं है। यहाँ पर्वत केवल शिलाएँ नहीं, तपस्या के प्रतीक हैं; नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं, जीवन और करुणा का प्रवाह हैं। हिमालय की गोद में स्थित तीर्थ, आश्रम और साधना-स्थल भारतीय संस्कृति की उस दृष्टि को जीवंत रखते हैं, जिसमें पृथ्वी को माता, नदियों को जीवनदायिनी और समस्त सृष्टि को एक परिवार माना  है।

माँ गंगा की हर धारा हिमालय की उस मौन तपस्या का प्रसाद है, जो बिना कुछ माँगे सम्पूर्ण जीवन को सींचती है। गंगा का प्रवाह केवल जल का प्रवाह नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक स्मृति, आस्था और जीवन-व्यवस्था का प्रवाह है। हिमालय के हिमनद, बर्फ, वर्षा और वन मिलकर उन जल-स्रोतों को पोषित करते हैं, जिन पर कृषि, पेयजल, ऊर्जा और करोड़ों लोगों का जीवन निर्भर है इसलिए हिमालय का संरक्षण मां गंगा और उसकी सहायक नदियों के संरक्षण से अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है।

हिमालय की सुरक्षा का अर्थ केवल उसकी चोटियों की रक्षा करना नहीं, बल्कि उसके सम्पूर्ण पारिस्थितिक तंत्र को समझना है। वन, हिमनद, झीलें, नदियाँ, मिट्टी, वन्यजीव और स्थानीय समुदाय, ये सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। किसी एक कड़ी का कमजोर होना सम्पूर्ण जीवन-चक्र को प्रभावित कर सकता है। हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ता पर्यावरणीय दबाव, वनों का क्षरण, जल-स्रोतों का प्रदूषण और अनियोजित विकास हमें यह सोचने के लिए प्रेरित करते हैं कि विकास और      प्रकृति के बीच संतुलन कैसे स्थापित किया जाए।

हिमालय को बचाना केवल पर्यावरण की रक्षा नहीं, अपने भीतर के हिमालय, धैर्य, शुचिता और चेतना, को बचाना है। जब हम हिमालय की रक्षा करते हैं, तब हम अपने जल, अपने अन्न, अपनी जैव-विविधता और अपनी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करते हैं। हिमालय भारत की प्राकृतिक सुरक्षा का भी एक महत्वपूर्ण आधार है। एक स्वस्थ हिमालय ही एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की नींव रख सकता है। हमें ऐसी जीवनशैली अपनानी होगी जिसमें विकास हो, पर विनाश नहीं; सुविधा हो, पर संवेदनहीनता नहीं; और प्रगति हो, पर प्रकृति की कीमत पर नहीं।

हिमालय बचेगा, तो नदियाँ बहेंगी; नदियाँ बहेंगी, तो सभ्यता साँस लेगी। हिमालय बचेगा, तो हमारी संस्कृति की जीवनधारा बहेगी, हमारी कृषि सुरक्षित रहेगी, हमारी जैव-विविधता समृद्ध होगी और हमारी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल, स्वस्थ पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य प्राप्त होगा।

आइए, इस हिमालय दिवस पर हम संकल्प लें कि हिमालय है तो हम हैं, हमारी संस्कृति, हमारी सभ्यता और हमारी सुरक्षा है।

मंगलवार, 8 सितंबर 2026

अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस परमार्थ निकेतन में दी शुभकामनाएं,विद्या का प्रकाश और सुरक्षा का विश्वास, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव

 





संवाददाता

विद्या वह ज्योति है, जो नेत्रों को नहीं, अंतःकरण को भी प्रकाशित करती है”

ऋषिकेश, 8 सितम्बर। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन की ओर से समस्त बालक-बालिकाओं, युवाओं, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज के सभी जागरूक नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ। यह दिन हमें स्मरण कराता है कि साक्षरता केवल अक्षरों को पहचानने, शब्दों को पढ़ने या हस्ताक्षर करने की क्षमता ही नहीं, बल्कि अपने अधिकारों को समझने, अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने और जीवन को गरिमा, स्वतंत्रता तथा आत्मविश्वास के साथ जीने की शक्ति है।

विद्या को जीवन का प्रकाश है। विद्या हमें केवल ज्ञानवान ही नहीं बनाती, बल्कि विवेकवान, संवेदनशील और उत्तरदायी भी बनाती है। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि ऐसा चरित्रवान समाज निर्मित करना है, जहाँ ज्ञान के साथ संस्कार, अधिकारों के साथ कर्तव्य और प्रगति के साथ करुणा भी हो।

आज भी अनेक बालक-बालिकाएँ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हैं। कहीं आर्थिक कठिनाइयाँ हैं, कहीं विद्यालयों तक पहुँच का अभाव है, कहीं डिजिटल संसाधनों की कमी है और कहीं सामाजिक परिस्थितियाँ बच्चों की शिक्षा में बाधा बनती हैं। अनेक परिवारों में बालिकाओं की शिक्षा को लेकर अभी भी असमान दृष्टिकोण दिखाई देता है। कुछ बच्चे विद्यालय पहुँचने से पहले ही श्रम, पारिवारिक जिम्मेदारियों या अन्य परिस्थितियों के कारण पढ़ाई छोड़ देते हैं।

इन समस्याओं के साथ एक और अत्यंत महत्वपूर्ण विषय जुड़ा है, बच्चों की सुरक्षा। शिक्षा का वातावरण तभी सार्थक हो सकता है, जब प्रत्येक बालक-बालिका विद्यालय, छात्रावास, गुरुकुल और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षित, सम्मानपूर्ण एवं भयमुक्त अनुभव करे। किसी भी बच्चे को हिंसा, शोषण, भेदभाव, उपेक्षा या भय के वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने के लिए विवश नहीं होना चाहिए।

शिक्षा और सुरक्षा एक-दूसरे से अलग नहीं हैं। जिस प्रकार ज्ञान का प्रकाश अज्ञान के अंधकार को दूर करता है, उसी प्रकार सुरक्षित वातावरण भय को दूर कर आत्मविश्वास का निर्माण करता है। अतः प्रत्येक शैक्षणिक संस्था का दायित्व है कि वह बच्चों के लिए केवल पाठ्यक्रम और परीक्षाओं की व्यवस्था न करे, बल्कि उनके शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक कल्याण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे।

इन चुनौतियों का समाधान केवल सरकारी योजनाओं या विद्यालयों की संख्या बढ़ाने से नहीं होगा। इसके लिए परिवार, विद्यालय, समाज, प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं को मिलकर एक समग्र दृष्टिकोण अपनाना होगा।

शिक्षा की गुणवत्ता और संस्कारों पर समान ध्यान देना होगा। बच्चों को केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं, बल्कि सत्य, अहिंसा, करुणा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन और सेवा के संस्कार भी दिए जाएँ। शिक्षा ऐसी हो, जो बच्चों को प्रश्न पूछने, विचार करने, सही निर्णय लेने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित करे।

सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण के लिए स्पष्ट और प्रभावी व्यवस्था आवश्यक है। विद्यालयों और छात्रावासों में सुरक्षा मानकों का नियमित निरीक्षण हो। भवनों, विद्युत व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ शौचालय और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। 

आज आवश्यकता है कि हम बच्चों को केवल सफल बनने की नहीं, बल्कि सार्थक जीवन जीने की शिक्षा दें। उन्हें प्रकृति से प्रेम करना, जल का संरक्षण करना, समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील रहना और अपने ज्ञान का उपयोग लोककल्याण के लिए करना सिखाएँ। जब शिक्षा जीवन-मूल्यों से जुड़ती है, तब वह व्यक्ति के साथ-साथ समाज का भी उत्थान करती है।

आइए, इस दिन हम केवल साक्षरता का उत्सव न मनाएँ, बल्कि शिक्षा के अधिकार, बच्चों की सुरक्षा और मानव गरिमा की रक्षा के लिए अपने संकल्प को जीवन में उतारें।

शहर विधायक संजीव शर्मा ने जिलाधिकारी से उनके राजनगर स्तिथ आवास पर विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं को लेकर की मुलाक़ात






मुकेश गुप्ता

 गाजियाबाद । शहर विधायक संजीव शर्मा ने जिलाधिकारी से उनके राजनगर स्तिथ आवास पर मुलाक़ात की। उन्होंने जिलाधिकारी से शहर विधानसभा क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं एवं विकास कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा की। शहर विधायक संजीव शर्मा जी ने  स्पष्ट कहा कि जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी संबंधित विभाग समयबद्ध तरीके से सभी विकास कार्यो को पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूर्ण करें, यह सुनिश्चित किया जांए।

बैठक में निम्न प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई—

1. लाइनपार क्षेत्र में बालिका डिग्री कॉलेज की स्थापना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई।

2. गौर सिद्धार्थ सोसाइटी, सिद्धार्थ विहार में गंगाजल की वाटर सप्लाई शुरू करवाने के संबंध में।्व

्वंवंवधववौ3. विधानसभा क्षेत्र में जल निगम द्वारा निर्मित पांच पानी की टंकियों का अभी तक हस्तांतरण नहीं किए जाने का विषय। विधायक जी ने बताया कि संबंधित विभाग को कई पत्र भेजे जाने के बावजूद उचित जवाब नहीं दिया गया है।

4. गाजियाबाद विधानसभा क्षेत्र में आधार सेंटर स्थापित किए जाने के संबंध में।

5. महामाया स्टेडियम, गाजियाबाद में निर्माण एवं विकास कार्यों में हुई अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार की जांच के संबंध में।

6. क्रॉसिंग रिपब्लिक, गाजियाबाद में फायर स्टेशन स्थापित कराए जाने के संबंध में।

7 श्री दूधेश्वर नाथ मंदिर कॉरिडोर एवं दुकानों से संबंधित विषय पर आवश्यक कार्रवाई।

8. भूमियों से संबंधित समाज कल्याण विभाग की जानकारी एवं कार्रवाई के संबंध में।

9. NHAI एवं PWD से संबंधित सड़क चौड़ीकरण के विषय पर आवश्यक कार्रवाई कराने की मांग की।

शहर विधायक  संजीव शर्मा ने कहा कि गाजियाबाद शहर का समग्र एवं संतुलित विकास हमारी प्राथमिकता है। प्रत्येक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं बेहतर हों, युवाओं और बेटियों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिलें, यातायात व्यवस्था सुगम हो तथा आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ समय पर मिले—इसी दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि जनहित से जुड़े इन सभी विषयों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि गाजियाबाद को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ सके।

बिराज फाउंडेशन और गणेश अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में नंदग्राम स्थित श्री राधाकुंज, गली नंबर-4 में लगाया निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, लोगों ने उठाया स्वास्थ्य परामर्श का लाभ

  





मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। बिराज फाउंडेशन और गणेश अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में नंदग्राम स्थित श्री राधाकुंज, गली नंबर-4 में वीके पैथकैयर पर नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने पहुंचकर स्वास्थ्य संबंधी जांच और चिकित्सकीय परामर्श का लाभ उठाया।

शिविर में फिजिशियन एवं अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों की जांच की गई। इस दौरान लंबाई, वजन, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, पीएफटी, ईसीजी और हीमोग्लोबिन समेत विभिन्न स्वास्थ्य जांच की गईं। चिकित्सकों ने जांच रिपोर्ट के आधार पर मरीजों को आवश्यक परामर्श और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी दी।

शिविर में डॉ. ललित, डॉ. इकरा, लोकेन्द्र, शिवानी, निधि मोहन सैनी और रीना समेत चिकित्सकीय टीम मौजूद रही।

बिराज फाउंडेशन के संस्थापक बिराज सिंह ने वीके पैथकैयर का आभार जताते हुए कहा कि संस्था और गणेश अस्पताल की ओर से समय-समय पर इस तरह के नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं। इनका उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को उनके क्षेत्र में ही स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी जनहित से जुड़े ऐसे कार्यक्रम जारी रहेंगे।

सोमवार, 7 सितंबर 2026

सत्य निकेतन हादसा - शिक्षा के साथ सुरक्षा भी हमारे युवाओं का अधिकार,परमार्थ निकेतन की ओर से गहरी संवेदना, सुरक्षित छात्रावासों और जवाबदेह व्यवस्था का आह्वान

 

संवाददाता

परमार्थ निकेतन गंगा आरती घायल विद्यार्थियों के शीघ्र स्वस्थ लाभ हेतु समर्पित

ऋषिकेश, 7 सितम्बर। दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के निकट सत्य निकेतन में छात्र-आवास के रूप में उपयोग की जा रही बहुमंजिला इमारत के ढहने की हृदयविदारक घटना ने पूरे देश को भीतर तक झकझोर दिया है। यह केवल एक इमारत का गिरना नहीं है, यह उन परिवारों के सपनों पर आई ऐसी चोट है, जिन्होंने अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा, बेहतर भविष्य और जीवन में आगे बढ़ने के लिए दिल्ली भेजा था। 

परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश की ओर से इस हृदयविदारक घटना में दिवंगत आत्माओं के प्रति भावभीनी श्रद्धांजलि तथा उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना है। घायल विद्यार्थियों के शीघ्र स्वस्थ होने और जो भी लोग अभी संकट में हैं, उनके सुरक्षित बाहर आने के लिए माँ गंगा के श्रीचरणों में प्रार्थना है।

भारत के कोने-कोने से युवा दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में शिक्षा प्राप्त करने आते हैं। किसी छोटे शहर से, किसी गाँव से, किसी दूरस्थ प्रदेश से माता-पिता अपने बेटे-बेटियों को इस विश्वास के साथ दिल्ली भेजते हैं कि उनका बच्चा शिक्षा पाएगा, अपने सपनों को आकार देगा और एक उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करेगा।

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि हर छात्र किसी के घर का चिराग है। हर बेटी किसी माँ की आँखों का सपना है। हर बेटा किसी पिता की वर्षों की मेहनत का विश्वास है। हर युवा भारत के भविष्य की एक जीवंत संभावना है। इसलिए जब किसी छात्रावास, या किराये के आवास में सुरक्षा की अनदेखी होती है, तो वह केवल भवन निर्माण के नियमों की अनदेखी नहीं होती, वह किसी परिवार के विश्वास की अनदेखी होती है।

शिक्षा का पहला आधार सुरक्षित जीवन है। जिस भवन में विद्यार्थी रहते हैं, उसकी मजबूती, अग्नि-सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था, आपातकालीन निकास, संरचनात्मक स्थिरता, स्वच्छता, पानी की व्यवस्था, भीड़ की क्षमता और समय-समय पर होने वाला सुरक्षा निरीक्षण, इन सबकी जिम्मेदारी उतनी ही गंभीर होनी चाहिए जितनी शिक्षा की गुणवत्ता की।

हर छात्रावास और भवन की आयु, निर्माण की गुणवत्ता, अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण, बेसमेंट में परिवर्तन, मरम्मत अथवा निर्माण कार्य, विद्युत और अग्नि-सुरक्षा मानकों की स्वतंत्र जाँच हो। किसी भी निर्माण या तोड़फोड़ के कार्य के दौरान विद्यार्थियों को उसी भवन में रखना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। सिर्फ दुर्घटना के बाद जाँच और कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। सुरक्षा की व्यवस्था दुर्घटना से पहले होनी चाहिए।

हमें एक ऐसी व्यवस्था की आवश्यकता है जिसमें प्रत्येक छात्रावास आपातकालीन निकास योजना, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन संपर्क व्यवस्था और नियमित निरीक्षण का रिकॉर्ड हो। विद्यार्थियों और अभिभावकों को भी यह जानकारी उपलब्ध हो कि जिस भवन में उनका बच्चा रह रहा है, वह सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है या नहीं।

यदि किसी भवन में नियमों की अनदेखी हुई, अवैध निर्माण हुआ, सुरक्षा मानकों से समझौता हुआ अथवा समय पर निरीक्षण नहीं हुआ, या भवन मालिक, संचालक, संबंधित एजेंसियाँ और जहाँ कहीं प्रशासनिक लापरवाही हुई हो, वहाँ उत्तरदायित्व की स्पष्ट और पारदर्शी व्यवस्था होनी चाहिए।

हमारा युवा भारत ज्ञान, नवाचार, विज्ञान, तकनीक और संस्कृति के माध्यम से विश्व का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है। लेकिन जिस युवा के कंधों पर भारत का भविष्य रखा जाना है, उसके सिर पर एक सुरक्षित छत होना भी उतना ही आवश्यक है। कोई माता-पिता अपने बच्चे को शिक्षा के लिए भेजें तो उनके मन में भय नहीं, विश्वास हो। कोई विद्यार्थी अपने सपनों के शहर में आए तो उसके साथ सुरक्षा भी आए। हर छात्रावास केवल रहने की जगह नहीं, सुरक्षित जीवन का आश्रय बने। और शिक्षा की हर यात्रा सुरक्षित भविष्य की यात्रा बने।

माँ गंगा, सत्य निकेतन हादसे में प्रभावित सभी परिवारों को यह असहनीय दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें, दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें, घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य प्रदान करें और मलबे में फँसे सभी के लिए सुरक्षित जीवन की प्रार्थना स्वीकार करें। 

इस कठिन घड़ी में अपनी जान की परवाह किए बिना जीवन बचाने के लिए अथक प्रयास कर रहे रेस्क्यू टीम, सभी राहत एवं बचावकर्मियों, पुलिस, अग्निशमन दल, चिकित्सकों और स्वयंसेवकों के साहस एवं सेवा-भाव को।

भव्य भूमि पूजन के साथ श्री सुल्लामल रामलीला महोत्सव–2026 का हुआ शुभारंभ






मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। श्री सुल्लामल रामलीला कमेटी घंटाघर द्वारा आयोजित रामलीला महोत्सव–2026 का भूमि पूजन समारोह भव्य एवं श्रद्धापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में कमेटी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, शहर के गणमान्य नागरिकों एवं सांसद अतुल गर्ग ने विधि-विधान से पूजन किया। इस अवसर पर सांसद अतुल गर्ग ने चांदी से बने फावड़े से भूमि पूजन कर रामलीला महोत्सव के शुभारंभ की घोषणा की। भूमि पूजन समारोह के दौरान रामलीला के पात्रों ने अपनी कला का प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध किया।




रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अजय बंसल ने बताया कि 4 अक्टूबर को नगर में रावण का दूत निकाला जाएगा। इसके अगले दिन गणेश शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होकर निकलेगी, जिसके बाद रामलीला का भव्य मंचन प्रारंभ होगा।

उन्होंने बताया कि इस बार रामलीला मेले को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए आधुनिक झूले लगाए जा रहे हैं। शाम 5 बजे से 7 बजे तक एक झूले के साथ एक झूला निःशुल्क रहेगा। इसके साथ ही मेले में विभिन्न प्रकार के स्टॉल, दुकानें एवं खोमचे भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

अध्यक्ष अजय बंसल ने बताया कि इस बार संदीप अरोड़ा के नेतृत्व में कलाकार रामलीला का मंचन करेंगे। रामलीला में सीता जी की अग्नि परीक्षा का प्रसंग पहली बार प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं राम विवाह, सीता जी का स्वयंवर एवं सीता विदाई के प्रसंग विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

भूमि पूजन के दौरान पत्रकारों को कमेटी द्वारा सम्मानित किया गया।

भूमि पूजन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अशोक गोयल उस्ताद, अजय बंसल अध्यक्ष, संजीव मित्तल वरिष्ठ उपाध्यक्ष, अनिल चौधरी कनिष्ठ उपाध्यक्ष, नरेश अग्रवाल महामंत्री, प्रदीप मित्तल वरिष्ठ मंत्री, सुधीर गोयल कोषाध्यक्ष, रविंद्र मित्तल लेखा परीक्षक, विधायक संजीव शर्मा, चेयरमैन विभु बंसल, दिनेश गोयल, ललित जायसवाल, विपुल शर्मा, विवेक मित्तल, पूर्व मंत्री सतीश शर्मा, सुरेंद्र कुमार मुन्नी, राकेश अग्रवाल, ज्ञान प्रकाश गोयल, राजेन्द्र मित्तल मेंदी वाले, अमरीश त्यागी, दीपक त्यागी, शरद शर्मा, डॉ. ओ.पी. गुप्ता, महेश अग्रवाल, नंद किशोर नंदू, राघवेंद्र शर्मा, विकास मित्तल, आदित्य स्वामी, ललित कश्यप, विनय सिंघल (कर सलाहकार), श्रवण कुमार, दिनेश शर्मा बब्बे, पवन जैन, सुभाष गुप्ता, अतुल जैन, देवेंद्र मित्तल, राकेश मित्तल, वाजपेयी पूर्व अध्यक्ष वीरू बाबा, सुबोध गुप्ता, राजेश बंसल, प्रेम चंद गुप्ता, पार्षद राजीव शर्मा, पार्षद नीरज गोयल, सुनील कुमार शीलो, उदित मोहन, सुनील यादव, अनुज मित्तल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं रामलीला कमेटी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

SKK Foundation के नेतृत्व में बाबा श्याम की कृपा से भव्य रूप से सम्पन्न हुआ “भजन जैमिंग 2026”,मंहत नारायण गिरि व आध्यात्मिक पवन गुरु ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ










मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद, 7 सितंबर 2026। SKK Foundation द्वारा समाजहित एवं जरूरतमंद बच्चों के सहयोग के उद्देश्य से आयोजित “भजन जैमिंग 2026” का भव्य आयोजन रविवार, 6 सितंबर को विद्या बाल भवन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-11, वसुंधरा, गाजियाबाद में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में बाबा श्याम की भक्ति, संगीत और उत्साह का ऐसा संगम देखने को मिला कि पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग गया।

आयोजन से पूर्व सुबह मौसम को लेकर कुछ चिंता बनी हुई थी, लेकिन बाबा श्याम की कृपा से कार्यक्रम के दौरान बारिश नहीं हुई और कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। उपस्थित लोगों ने भक्ति गीतों पर झूमते हुए कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया।





SKK Foundation की स्थापना को अभी दो वर्ष ही हुए हैं। इतने कम समय में संस्था द्वारा इतने बड़े स्तर के आयोजन को सफलतापूर्वक आयोजित करना संस्था की पूरी टीम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। संस्था की ओर से कहा गया कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी टीम की मेहनत, समाज के लोगों के विश्वास एवं सहयोग और बाबा श्याम की कृपा का परिणाम है।

मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा

“भजन जैमिंग 2026” में अनेक VVIP एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। श्री दूधेश्वर महादेव मठ मंदिर, गाजियाबाद के पीठाधीश्वर श्री महंत नारायण गिरी जी तथा देश-विदेश में प्रसिद्ध एस्ट्रो गुरु एवं आध्यात्मिक गुरु डॉ. पवन सिन्हा जी, जिन्हें “एस्ट्रो अंकल” के नाम से भी जाना जाता है, की उपस्थिति कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में रही।

इसके अतिरिक्त कैप्टन विकास गुप्ता जी, दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, ने कार्यक्रम के समापन के पश्चात विशेष रूप से पहुंचकर संस्था को अपना स्नेह एवं आशीर्वाद प्रदान किया।

कार्यक्रम में शहर विधायक, गाजियाबाद संजीव शर्मा, पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री, उत्तराखंड सरकार सच्चिदानंद पोखरियाल ज, पूर्व प्रधान आयुक्त, भारत सरकार एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा डॉ. अनूप श्रीवास्तव , मोटिवेशनल स्पीकर, बिजनेस कोच, रियल एस्टेट एक्सपर्ट एवं इन्वेस्टर डॉ. मुनीष बंसल, संरक्षक, अखंड भारत मिशन एवं पूर्व सभापति, रेड क्रॉस सोसाइटी डॉ. सुभाष गुप्ता , राष्ट्रीय कवि वैभव शर्मा , प्रिंसिपल, विद्या बाल भवन सीनियर सेकेंडरी स्कूल डॉ. हरिदत्त शर्मा तथा डेंटल सर्जन डॉ. वंदना  की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

नंदग्राम स्थित नंद भवन से पधारे मंदिर के विशेष पुजारी मनीष गोस्वामी जी की उपस्थिति ने आयोजन को आध्यात्मिक रूप से और भी विशेष बना दिया।

अभिषेक राय एवं टीम की प्रस्तुति ने बांधा समां

कार्यक्रम में बनारस के सुप्रसिद्ध कलाकार अभिषेक राय एवं उनकी टीम ने शानदार प्रस्तुति देकर उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। भक्ति गीतों और संगीत से सजी प्रस्तुतियों पर दर्शक जमकर झूमे और कार्यक्रम का वातावरण भक्तिमय होने के साथ-साथ उत्साह और उमंग से भर गया।

संस्था की ओर से कहा गया कि पिछले दो वर्षों में SKK Foundation द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में आमंत्रित अनेक सम्मानित एवं विशिष्ट अतिथियों ने अपनी उपस्थिति से संस्था का उत्साह बढ़ाया है। संस्था ने इसे समाज में उसके प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण बताया।

कार्यक्रम की सफलता में SKK Foundation की पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम के सदस्यों ने मंच संचालन, मीडिया प्रबंधन, अतिथि सत्कार, स्क्रिप्ट, मेकअप, अनाउंसमेंट, प्रिंटिंग एवं अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारियां पूरी निष्ठा के साथ निभाईं।


इसके अलावा वैभव सक्सेना , मनोज सिंह रावत  एवं संस्था की पूर्व सामाजिक सचिव रेनू बंसल  का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। रेनू बंसल  ने कार्यक्रम के शुरुआती चरण में व्यवस्थाओं को संभालते हुए पूरे माहौल को उत्साहपूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


SKK Foundation की ओर से संस्था के संस्थापक  मुकेश जौहरी  का विशेष आभार व्यक्त किया गया। संस्था के सदस्यों ने कहा कि संस्थापक के मार्गदर्शन, सुझाव, सहयोग और निरंतर नेतृत्व ने संस्था को इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

संस्था के सदस्यों के अनुसार, मुकेश जौहर के मार्गदर्शन में पूरी टीम विश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करती है और सामूहिक प्रयासों से प्रत्येक आयोजन को सफल बनाने का प्रयास करती है।

डांडिया नाइट 2025 से भजन जैमिंग 2026 तक का सफर

SKK Foundation ने पिछले वर्ष “डांडिया नाइट 2025” का सफल आयोजन किया था। इस वर्ष “भजन जैमिंग 2026” के माध्यम से संस्था ने एक अलग और अनूठी संकल्पना के साथ लोगों को जोड़ने का प्रयास किया।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भक्ति एवं संगीत से सजी शाम में दर्शकों और संस्था के सदस्यों ने जमकर डांस किया और आयोजन को यादगार बना दिया।

संस्था ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष टीम का विस्तार हुआ है और प्रत्येक सदस्य ने अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए पूरी निष्ठा के साथ कार्य किया। संस्था का लक्ष्य भविष्य में इससे भी बड़े स्तर पर समाजहित के कार्यक्रम आयोजित करना है।

कार्यक्रम में संस्था के वरिष्ठ संरक्षक सच्चिदानंद पोखरियाल, संस्थापक मुकेश जौहरी , नूतन पटवाल, रेनू ममगाईं , सौरव गोस्वामी , पारुल सक्सेना , अखिल सक्सेना, सुप्रीत सिंह गोसाईं, मनोज सिंह रावत, मोनी सैनी, राकेश सिरोही, राम गोपाल सिंह, रंजना बघेल, रेनू बंसल , Parakh Sharma, वैभव सक्सेना, विशाल वर्मा जी एवं संस्था के पूर्व कोऑर्डिनेटर विजय कुमार सक्सेना आदि अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

SKK Foundation ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, मीडिया प्रतिनिधियों, सहयोगियों, सदस्यों एवं दर्शकों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

संस्था की ओर से कहा गया, “यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी टीम की एकजुटता, समाज के विश्वास और बाबा श्याम की कृपा की सफलता है।”

आयोजन के समापन पर सभी ने श्रद्धा एवं उत्साह के साथ “बोल हारे के सहारे की जय, बाबा श्याम की जय” के जयकारे लगाए।

SKK Foundation ने भविष्य में भी समाजहित के लिए इसी प्रकार निरंतर कार्य करते रहने का संकल्प दोहराया।

रविवार, 6 सितंबर 2026

17 सितंबर को स्व अशोक श्रीवास्तव की जयंती पर आयोजित होगा परिवार मिलन समारोह-सतेन्द्र यादव




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी (सुभास पार्टी) द्वारा आयोजित पार्टी के प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक श्रीवास्तव के जन्मदिवस समारोह की कार्ययोजना एवं समन्वय बैठक” 6 सितंबर 2026 सुबह 10.30 बजे पार्टी कार्यालय पर (सुभास पार्टी) की आयोजन किया गया जिसमें 17 सितंबर को होने वाले पार्टी के प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक श्रीवास्तव के जन्मदिन के कार्यक्रम की तैयारी का जायजा लिया गया ।

 बैठक की शुरुआत पार्टी के संस्थापक सत्येंद्र यादव ने की, उन्होंने कार्यक्रम में आए हुए कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम की तैयारी के बारे में पूछा और बताया पार्टी के प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक श्रीवास्तव का जन्म 17 सितंबर 1951 को हुआ था और यदि आज वे जीवित होते हैं तो 75 साल के होते, पार्टी उनका जन्मदिन धूमधाम से मनाना चाहती है इसलिए किसी भी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए।

 इसके उपरांत पार्टी के मुरादनगर से पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मनोज शर्मा होदिया ने कहा, पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक श्रीवास्तव हम सबके दिलों में बसते हैं और उनके जन्मदिन को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा इसमें पूर्वांचल से जुड़े विभिन्न संगठन कार्यक्रम को सफल बनाने में लग गए हैं हम उनका धन्यवाद करते हैं।


 इस अवसर पर बोलते हुए विश्व भोजपुरी सम्मेलन गाजियाबाद इकाई के महामंत्री जेपी द्विवेदी ने कहा कि अशोक श्रीवास्तव ने भोजपुरी को विश्व तक पहुंचने में बहुत योगदान दिया है उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता हमें उनका जन्मदिन बहुत ही भव्य तरीके से बनाना है।


 इस क्रम को आगे  बढ़ाते हुए पूर्वांचल भोजपुरी महासभा के संरक्षक जेपी यादव ने अशोक श्रीवास्तव के भोजपुरी भाषा को आगे बढ़ाने के लिए योगदान को याद किया और उन्हें पूर्वांचल के लोगों के दिलों का सम्राट बताया इसके बाद बैठक में पार्टी के महानगर अध्यक्ष पवन सक्सेना ने अपने विचार रखें उन्होंने कहा कि स्वर्गीय अशोक श्रीवास्तव का जीवन सदैव दूसरों की सहायता के लिए रहा उन्होंने उनसे जुड़े हर व्यक्ति का सम्मान किया और हर जरूरतमंद की हर संभव सहायता की, कार्यकर्ताओं में उनके लिए एक अलग ही सम्मान और प्यार है हम कार्यकर्ताओं का यह प्रथम कर्तव्य है कि हम उनकी याद में किए जा रहे कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना हर संभव प्रयास करें अशोक श्रीवास्तव अमर हो गए हैं और वह सदैव पार्टी के कार्यकर्ताओं के दिलों में रहेंगे।

समीक्षा बैठक का समापन राष्ट्रगान गाकर किया गया इसके बाद आए कार्यकर्ताओं ने हल्का जलपान किया इस अवसर पर मुख्य रूप से दीनानाथ मिश्रा शांति झा शिव मोहन सिंह विजय सिंह अनिल श्रीवास्तव आशुतोष सिन्हा रामनरेश ठाकुर कमल यादव शैलेंद्र श्रीवास्तव दिग्विजय सिंह हरिशंकर वर्मा अनिल सिंह आरपी शुक्ला संजय श्रीवास्तव गिरीश मिश्रा महेश पांडे लल्लन सुजीत तिवारी विनोद अकेला प्रभाशंकर सिंह कृष्ण मोहन झा राजेंद्र यादव दीपक वर्मा रिंकू विकास शैलेश शर्मा हरि ओम शर्मा सेठ साहब उपस्थित रहे।

गौवत्स श्री राधाकृष्ण जी पधारे परमार्थ निकेतन,माँ गंगा के पावन तट पर सनातन चेतना, भक्ति और प्रेम से युक्त दिव्य कथा का शुभारम्भ

 





मुकेश गुप्ता

ऋषिकेश, 6 सितम्बर। परमार्थ निकेतन में गौवत्स श्री राधाकृष्ण जी के पावन आगमन हुआ, परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों और आचार्यों ने शंख ध्वनि और पूष्प वर्षा कर अभिनन्दन किया। परमार्थ निकेतन परिसर में सनातन की दिव्य अखण्ड कथा के रूप में निरंतर प्रवाहित हो रही है। 

परमार्थ निकेतन आज वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय आयोजनों के एक विशिष्ट वैश्विक डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है। हिमालय की गोद और माँ गंगा के पावन तट पर स्थित परमार्थ निकेतन में देश-विदेश से आने वाले साधक, संत, आध्यात्मिक गुरु, विद्वान, कलाकार और विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट अतिथि दिव्य आयोजनों का हिस्सा बनते हैं। यहाँ होने वाला प्रत्येक आयोजन भारतीय सनातन संस्कृति, योग, ध्यान, गंगा-सेवा, पर्यावरण चेतना और विश्वबंधुत्व का संदेश लेकर वैश्विक समुदाय तक पहुँचता है। परमार्थ निकेतन में आयोजन एक आध्यात्मिक अनुभव बन जाते हैं।

कथाओं के आयोजन के रूप में माँ गंगा के तट पर भक्ति की एक ऐसी तरंग प्रस्फुटित होती है जिसमें गौ, गंगा, गोविन्द और गुरु-परम्परा के सनातन सूत्रों का साधक एक साथ अनुभव करते हैं। 

भारतीय संस्कृति में कथा वह सेतु है जो हमें अपने भीतर छिपे दिव्यत्व से जोड़ती है। कथा के शब्द बाहर से कानों में प्रवेश करते हैं, पर उनका वास्तविक प्रयोजन भीतर के मौन तक पहुँचना है। जब कथा हृदय में उतरती है, तब श्रोता केवल कथा नहीं सुनता, वह स्वयं को सुनना प्रारम्भ करता है।

वर्तमान समय में हम बाहरी उपलब्धियों के बीच भीतर से रिक्त होते जा रहे हैं, तब कथाएँ हमारे जीवन को पुनः उसकी जड़ों से जोड़ती हैं। वे हमें स्मरण कराती हैं कि हमारी संस्कृति केवल प्राचीन स्मृतियों का संग्रह नहीं, बल्कि आज भी जीवित, स्पंदित और मार्गदर्शक जीवन-दृष्टि है।

गौवत्स श्री राधाकृष्ण जी ने कहा कि परमार्थ निकेतन की पावन धरा पर आगमन स्वयं सनातन की करुणा, भक्ति और प्रेम का साकार स्पर्श है। जहाँ गौ में मातृत्व और करुणा का दर्शन होता है, जहाँ गंगा में पवित्रता और मोक्ष की धारा प्रवाहित होती है और जहाँ गोविन्द में प्रेम का परम स्वरूप अनुभव होता है तथा कथा इन सभी भावों को एक दिव्य अनुभूति में पिरो देती है। 

परमार्थ निकेतन में यह कथा-यात्रा सनातन चेतना को जन-जन तक पहुँचाने का एक सुंदर माध्यम है। यहाँ माँ गंगा बाहर बह रही हैं और कथा भीतर बह रही है, गंगा की निर्मल धारा तन-मन को पावन करती है, तो कथा की अमृतधारा अंतर्मन को स्पर्श कर चेतना को जागृत करती है। एक धारा जीवन को शुद्ध करती है, दूसरी जीवन के अर्थ को प्रकाशित करती है, यही परमार्थ की दिव्यता है।

श्री रामलीला समिति द्वारा राजनगर में विधि विधान से हुआ भूमि पूजन,हनुमान जी की पताका हुई स्थापित




                                 मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद ।  श्री रामलीला समिति राजनगर की ओर से आगामी रामलीला महोत्सव  हेतु भूमि पूजन  किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में  विधायक अजीत पाल त्यागी एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में  पार्षद प्रवीन चौधरी (डिप्टी मेयर),  तथा समाज सेविका विभा रावत ने पूजन किया एवं हनुमान जी की पताका स्थापित की।

पताका की स्थापना से पूर्व  संस्था के सभी पदाधिकारियों,अतिथियों व सदस्यों ने सामूहिक रूप से सुंदरकांड का पाठ किया गया तथा हवन एवं पूजन में भी भागीदारी की। इस दौरान कलाकारों द्वारा वीर हनुमान जी की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की गई। कलाकार जब हनुमान जी के रूप में मंच पर उतरे तो स्वतः सभी के साथ श्रद्धा से जुड़ गये और सभी ने झुक कर प्रणाम किया। 






भक्ति भाव से सभी ने सुन्दरकाण्ड की समाप्ति के बाद मिलकर रामलीला महोत्सव के लिए भूमि पूजन किया एवं हनुमान जी की पताका स्थापित की। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष जयकुमार गुप्ता ने कहा कि हमारे परम श्रद्धेय प्रभु राम जी कृपा से आज यह शुभ अवसर हमें  मिला है। प्रभु हनुमान जी से प्रार्थना है कि श्री राम महोत्सव का पूरा आयोजन निर्विघ्न संपन्न हो। उन्होंने सभी को इस राम जी के कार्य में सहयोग के लिए बधाई दी।

 इस मौके पर संस्थापक सदस्य एवं मुख्य संरक्षक जितेंद्र यादव ( पूर्व विधायक)ने कहा कि भगवान राम हम सभी के प्रेरणास्त्रोत है , उनके आदर्श हम अपने जीवन में ढाल सकें तथा हर उम्र के लोगों को तक उनके आदर्शो को पहुंचा सकें, और मानवीय मूल्यों की धरोहर नई पीढ़ी को सौंप सकें, इसलिए हर वर्ष रामलीला का मंचन किया जाता है। महामंत्री सीए दीपक कुमार मित्तल ने बताया कि मेले की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है। जल्दी ही सभी पदाधिकारियों को उनका दायित्व सौंप दिया जाएगा।

भूमि पूजन के दौरान समिति के अध्यक्ष  जय कुमार गुप्ता, महामंत्री सीए दीपक कुमार मित्तल, कोषाध्यक्ष आर के शर्मा, संरक्षक  नरेश सिंगल, संगठन मंत्री  मुकेश मित्तल एवं अमरीश कुमार त्यागी ,मुख्य मेला प्रबन्धक विनीत शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आर एन पाण्डेय, आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष सीए डीके गोयल ,  मोती लाल गर्ग, के पी गुप्ता,  उपाध्यक्ष राधेश्याम सिंघल, एस.एन.अग्रवाल,  दीपक कांत गुप्ता , विधि सलाहकार अमरपाल तेवतिया,आकाश वशिष्ठ, सचिव मनीष वशिष्ठ,अलोक मित्तल,संयुक्त कोषाध्यक्ष राजीव गुप्ता, विनोद गोयल, प्रचार मंत्री रेखा अग्रवाल, सौरभ गर्ग, विजय लुंबा, देवेंद्र गर्ग, राजेश गुप्ता, अमरीश बंटू, भाजपा नेता नीरज त्यागी, ओम प्रकाश भोला, मदनलाल हरित, गोल्डी सहगल, वीरेंद्र सारस्वत, पंकज भारद्वाज, संजय गर्ग , पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष आरके जैन, भूपेंद्र चित्तौडिया, मेघना बंसल, गगन अरोड़ा आदि समेत राजनगर के गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।