रविवार, 30 अगस्त 2026

जरूरतमंदों की मदद को आगे आया बिराज फाउंडेशन

 





मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। नंदग्राम स्थित आश्रम रोड पर शनि देव मंदिर परिसर में बिराज  फाउंडेशन की ओर से जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान फाउंडेशन के सदस्यों ने जरूरतमंदों को कपड़े, खाद्य सामग्री एवं आर्थिक सहायता प्रदान की।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सामग्री वितरित की गई। फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग की मदद करना प्रत्येक व्यक्ति की सामाजिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से फाउंडेशन लगातार सेवा एवं जनकल्याण के कार्य कर रहा है।

इस अवसर पर मौजूद लोगों ने बिराज फाउंडेशन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि जरूरतमंदों की सहायता के ऐसे कार्य समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं।

फाउंडेशन की ओर से भविष्य में भी जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए इसी तरह के सेवा कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई।

इस दौरान संस्थापक बिराज सिंह, संजय केसरवानी ओर आदि मौजूद रहे

विविधता हमारी सुंदरता है, एकता हमारा सत्य” न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन से ‘वन वर्ल्ड, वन ह्यूमैनिटी’ का वैश्विक संदेश

 






*✨यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ में डॉ. मोहन भागवत जी ने दिया मानवता की एकता, सद्भाव और समरसता का संदेश*

*🌺परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, डा साध्वी भगवती सरस्वती जी, पूज्य स्वामी परमात्मानन्द और दिव्य विभूतियों का पावन सान्निध्य*

💥*विभिन्न आस्थाओं, संस्कृतियों और समुदायों के प्रतिनिधियों ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना को साकार करने का लिया संकल्प*

न्यूयॉर्क, 29/30 अगस्त। न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित ‘वन वर्ल्ड, वन ह्यूमैनिटी’ एवं ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ ने मानवता की एकता, विविधता के सम्मान, धार्मिक सद्भाव, संवाद और वैश्विक शांति का शक्तिशाली संदेश दिया। भारतीय मूल के अमेरिकियों सहित विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों, आध्यात्मिक एवं धार्मिक नेताओं तथा सामाजिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्यजनों की उपस्थिति में आयोजित इस विशेष समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी, परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, डा साध्वी भगवती सरस्वती ने संबोधित किया। 

इस भव्य आयोजन का मूल उद्देश्य भारतीय सनातन दर्शन के कालजयी उद्घोष “वसुधैव कुटुम्बकम्’ सम्पूर्ण विश्व एक परिवार है” पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम ने विभिन्न आस्थाओं, संस्कृतियों और परंपराओं के बीच संवाद, परस्पर सम्मान तथा मानवता की साझा चेतना को मजबूत करने का संदेश दिया।

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने सरसंघचालक राष्ट्रऋषि श्री मोहन भागवत जी, धर्मगुरुओं, बहनों और भाइयों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज हम अनेक आस्थाओं और परंपराओं से जुड़े हैं, लेकिन हमारी आत्मा एक है और हम सभी एक वैश्विक परिवार के अंग हैं। यही सनातन धर्म और भारत की महान सभ्यता की मूल भावना है।


पूज्य स्वामी जी ने कहा कि सनातन धर्म केवल किसी एक समुदाय के कल्याण की नहीं, बल्कि सम्पूर्ण सृष्टि के मंगल की कामना करता है “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः।” हमारे वेदों का संदेश है “आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः” अर्थात सभी दिशाओं से श्रेष्ठ और कल्याणकारी विचार हमारे पास आएँ। यही जीवन-दृष्टि सबको अपनाने, सबका सम्मान करने और सबको साथ लेकर चलने की प्रेरणा देती है।


उन्होंने कहा कि हमें प्रेम को कर्म, आध्यात्मिकता को आचरण, शांति को व्यवहार और सेवा को साधना बनाना होगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों की दशकों से चली आ रही सेवा-परंपरा इसी समर्पण का उदाहरण है “मेरे लिए क्या है?” से आगे बढ़कर “मेरे माध्यम से क्या हो सकता है?” का भाव ही भारतीय दर्शन है।


पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज विश्व को इसी चेतना की आवश्यकता है। हमारी विविधताएँ विभाजन नहीं, शक्ति बनें और हमारी आस्थाएँ संघर्ष नहीं, संवाद एवं सद्भाव का माध्यम बनें। आइए, हम केवल साथ उपस्थित होने का नहीं, बल्कि साथ चलने का संकल्प लें। यही सनातन का संदेश है, यही भारत की आत्मा है और यही “वसुधैव कुटुम्बकम्” की वैश्विक भावना है।

अपने संबोधन में डॉ. मोहन भागवत जी ने भारतीय जीवन-दृष्टि की समावेशी चेतना को रेखांकित करते हुए कहा कि हिंदू होने का अर्थ ही यह स्वीकार करना है कि अलग-अलग मार्ग एक ही लक्ष्य की ओर ले जाते हैं और प्रत्येक मनुष्य की अपनी गरिमा है।

उन्होंने मानवता की मूल एकता पर बल देते हुए कहा कि मनुष्य के बीच किसी प्रकार का भेद नहीं है। हमारी पूजा-पद्धतियाँ, परंपराएँ और जीवन जीने के तरीके अलग हो सकते हैं, लेकिन प्रत्येक व्यक्ति में समान मानवीय गरिमा और चेतना विद्यमान है।

डॉ. भागवत जी ने कहा कि दुनिया में अनेक धर्म, पंथ, पूजा-पद्धतियाँ और जीवन-शैलियाँ हैं, लेकिन मानवता की मूल चेतना एक है। विविधता प्रकृति का स्वभाव है और एकता उसके पीछे निहित सत्य है।

भारत की सनातन परंपरा ने सदैव विभिन्न मतों और आस्थाओं के सम्मान तथा सह-अस्तित्व की भावना को महत्व दिया है। यही कारण है कि भारतीय संस्कृति में अनेक मार्गों को स्वीकार करते हुए सभी के कल्याण की कामना की गई है।

उन्होंने कहा कि अपनी पहचान और आस्था के प्रति श्रद्धा रखते हुए दूसरे की पहचान और आस्था का सम्मान करना ही सच्ची मानवता है। विविधता को समाप्त करना एकता नहीं है; बल्कि विविधताओं को स्वीकार करते हुए उनमें निहित एकत्व को अनुभव करना ही वास्तविक एकता है।

डा साध्वी भगवती सरस्वती जी ने इस कार्यक्रम में हिन्दू धर्म का प्रतिनिधित्व करते हुये “असतो मा सद्गमय” के दिव्य मंत्र के साथ ओपनिंग प्रेयर की। उन्होंने प्रार्थना करते हुए कहा कि हे प्रभु! हमें उस अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलिए, उस असत्य से सत्य की ओर ले चलिए, जिसमें हम स्वयं पीड़ा सहते हैं और अपनी अज्ञानता के कारण दूसरों के लिए भी पीड़ा का कारण बनते हैं।


उन्होंने कहा कि यह अंधकार केवल असत्य का ही नहीं, बल्कि उस मिथ्या पहचान का भी है, जिसमें हम स्वयं को केवल अपने भौतिक शरीर, उसके आकार, रूप, रंग, जाति, धर्म और बाहरी पहचान तक सीमित मान लेते हैं। इसी गलत पहचान में हम स्वयं भी दुःख भोगते हैं और दूसरों के लिए भी दुःख का कारण बनते हैं।


पूज्य साध्वी जी ने कहा कि “असतो मा सद्गमय” की प्रार्थना हमें इस मिथ्या पहचान के अंधकार से सत्य के प्रकाश की ओर ले जाती है, उस सत्य की ओर, जहाँ हम स्मरण करते हैं कि हम केवल यह शरीर नहीं हैं; हम दिव्य आत्माएँ हैं, जो शाश्वत, अनंत और परमात्मा से जुड़ी हुई।


उन्होंने कहा कि जब हम इस सत्य को पहचानते हैं, तब हमारे भीतर का भेद मिटने लगता है। हम अलग-अलग शरीर हो सकते हैं, हमारी पहचान और आस्थाएँ अलग हो सकती हैं, लेकिन हमारी आत्मा एक है, हम परमात्मा के साथ एक हैं, हम एक-दूसरे से जुड़े हैं और हम सम्पूर्ण सृष्टि के साथ एकाकार हैं। यही अंधकार से प्रकाश की, असत्य से सत्य की और विभाजन से एकत्व की यात्रा है।

कार्यक्रम में भारतीय मूल के अमेरिकियों सहित विभिन्न समुदायों के लोगों की सहभागिता रही। विभिन्न आस्थाओं और परंपराओं से जुड़े प्रतिनिधियों ने एक मंच पर एकत्र होकर एकता, सद्भाव, संवाद और मानवता की साझा भावना को अभिव्यक्त किया।

कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि विश्व में स्थायी शांति केवल मतभेदों को समाप्त करने से नहीं, बल्कि एक-दूसरे को समझने, संवाद करने, सम्मान देने और साथ मिलकर मानवता की सेवा करने से स्थापित होगी।

न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम में 5,000 से ज्यादा भारतीय मूल के अमेरिकी शामिल हुए। इसका आयोजन अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग ने किया। कार्यक्रम में 30 देशों के 180 धार्मिक नेताओं का सहभाग रहा।

श्री धार्मिक रामलीला समिति, कविनगर का रामलीला महोत्सव 2026 हेतु भूमि पूजन संपन्न हुआ


















                              मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । श्री धार्मिक रामलीला समिति, कविनगर द्वारा रामलीला महोत्सव 2026 हेतु भूमि पूजन आज  30 अगस्त 2026 को रामलीला मैदान कविनगर मे संपन्न हुआ। 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद अतुल गर्ग के साथ समिति के का.अध्यक्ष विपुल शर्मा, का.महामंत्री  पवन गुप्ता, कार्यकारिणी सदस्य,मनोनीत सदस्य एवं अन्य गणमान्य लोगो ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ भूमि पूजन का भव्य आयोजन सम्पन्न कराया।

भूमि पूजन कार्यक्रम में मुख्य रूप बलदेव राज शर्मा पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री,गाजियाबाद सदर विधायक संजीव शर्मा ,पूर्व महापौर आशु वर्मा ,भा.ज.पा महानगर अध्यक्ष  मयंक गोयल,महानगर महामंत्री  गौरव चोपड़ा एंव पंकज भारद्वाज, कविनगर पार्षद शिवम शर्मा, एसीपी कविनगर  सिद्धार्थ गौतम, एसीपी नंदग्राम जियाऊदीन हक,एस एच ओ अनुराग शर्मा,चौकी इंचार्ज अनुज कुमार,अशोक मोंगा ,गुरु पवन सिन्हा जी,

पप्पू पहलवान,आनंद प्रकाश गोयल, सुषांत गोयल, विजेंद्र यादव जी,विजय चौधरी,राहुल चौधरी,वी.के शर्मा (हनुमान) राकेश शर्मा,अशोक भारतीय,बालकिशन,रितेश,सुनील गुप्ता।समिति के निवर्तमान महामंत्री भूपेंद्र चोपडा,मुकेश सिंघल,दिवाकर सिंघल,तरुण चौटानी,संजय मित्तल,अजय जैन,गुलशन बजाज,अजय गुप्ता,नवेन्दु सक्सेना,

दिव्यांशु सिंघल,सुंशात चोपडा पत्रकार मनोज गुप्ता,अशोक शर्मा,अशोक ओझा दीपक भाटी,संदीप सिंघल,संजीव वर्मा,विनित गौड़, योगेश कौशिक, मुकेश गुप्ता, सुएन राही,किशन स्वरुप,अनिल सावरिया जी,श्री राज कौशिक जी, 

पूर्व मंत्री बालेशवर त्यागी, सुरेंद्र कुमार मुन्नी,आदि गणमान्य लोगो की गरिमामयी उपस्थिति रही।

निवर्तमान अध्यक्ष जायसवाल पूरे कार्यक्रम मे उपस्थित रहे।

एस एस के फाउंडेशन करेगा भजन क्लबिंग' के जरिए संस्कृति, संस्कार और सेवा का संदेश आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की सहायता, युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास

 



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। एस एस के फाउंडेशन  द्वारा आगामी 6 सितंबर 2026, रविवार को गाजियाबाद के विद्या बाल भवन, सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-11, वसुंधरा, गाजियाबाद में शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक एक भव्य सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजन 'भजन कल्याण' का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य भक्ति एवं भारतीय संस्कृति के माध्यम से समाज में सेवा, सहयोग और संस्कार की भावना को मजबूत करना है।

यह जानकारी रविवार को एक प्रेसवार्ता मे आयोजन समिति की के पदाधिकारी मुकेश जौहरी, सौरभ गौस्वामी, राकेश सिरोही, नूतन पटवाल,मनोज रावत,रंजना बघेल, रेनू ममगईन,सुप्रीत गुसैन ने दी। उन्होंने बताया कि

भजन क्लबिंग' का प्रमुख उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की सहायता करना है।

उन्होंने बताया कि

समाज के ऐसे बच्चे जो आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा और विकास के बेहतर अवसरों से वंचित रह जाते हैं, उनके सहयोग के लिए इस आयोजन को सेवा के एक माध्यम के रूप में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन के माध्यम से समाज के सक्षम लोगों को भी जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए आगे आने का संदेश दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि

इसके साथ ही यह आयोजन युवाओं को अपनी भारतीय संस्कृति, परंपराओं, संस्कारों और गौरवशाली धरोहर से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।


आयोजकों का मानना है कि आधुनिकता के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना आज की आवश्यकता है। भजन, संगीत और आध्यात्मिक वातावरण के माध्यम से युवा पीढ़ी को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा।


बनारस के प्रसिद्ध कलाकार अभिषेक राय एवं टीम देंगे प्रस्तुति

उन्होंने बताया कि

कार्यक्रम में बनारस के प्रसिद्ध कलाकार अभिषेक राय एवं उनकी टीम द्वारा विशेष भजन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति दी जाएगी। भक्ति संगीत और भारतीय संस्कृति से जुड़े इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं संस्कृति प्रेमियों के पहुंचने की संभावना है।


कार्यक्रम में लगभग 1000 से 1200 लोगों के शामिल होने की संभावना है।

गाजियाबाद-एनसीआर में अपनी तरह का यह एक विशेष आयोजन होगा, जिसमें सांस्कृतिक जागरण, युवा पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने और जरूरतमंद बच्चों की सहायता जैसे सामाजिक उद्देश्यों को एक साथ जोड़ा गया है।

कार्यक्रम में अनुसार निम्न गणमान्य अतिथियों के शामिल होने की संभावना है

पीठाधीश्वर श्री महंत नारायण गिरि जी श्री दूधेश्वर नाथ महादेव मंदिर, गाजियाबाद,आध्यात्मिक गुरु एवं परम संत आचार्य डॉ. पवन दिव्य गुरुजी अध्यक्षीय संरक्षक; पर्यावरण, वन एवं जल आवास, फिल्म, पुरस्कार आदि से जुड़े सामाजिक-सांस्कृतिक क्षेत्र के व्यक्तित्व ददन सगम होगी।

 सुनील कुमार शर्मा भारतीय जनता पार्टी, विधायक, साहिबाबाद, उत्तर प्रदेश, संजीव शर्मा- विधायक, गाजियाबाद, शहर,कैप्टन विकास गुप्ता - अध्यक्ष सर्वोदय सेवा -अध्यक्ष मुख्र्भेदय, सेवा फाउंडेशन परिषद एवं पूर्व सांसद एवं मंत्री सेना, उत्तर प्रदेश सचिदानंद पोखरियाल पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री, उत्तराखंड सरकार तथा भाजपा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मानसिंह,गौस्वामी, उपस्थित होगें।

आयोजकों ने बताया कि इन विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति कार्यक्रम को और गरिमामय बनाएगी तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को एक मंच पर आने का अवसर मिलेगा।

मुकेश जौहरी ने बताया कि यह पहला गाजियाबाद-एनसीआर में संस्कृति और सेवा का अनूठा प्रयास हैं। SKK Foundation का कहना है कि 'भजन क्लबिंग' केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने, युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने और समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों की सहायता करने का एक सामूहिक अभियान है।

औयोजकों के अनुसार गाजियाबाद-एनसीआर में अपनी तरह का यह पहला ऐसा प्रयास है, जिसमें भक्ति, संस्कृति, युवा जागरण और सामाजिक सेवा को एक साथ जोड़ने की पहल की जा रही है। इस आयोजन के माध्यम से समाज में एकता, सद्भाव, सेवा और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

आमजन से सहभागिता की अपील

SKK Foundation ने गाजियाबाद-एनसीआर के सभी नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संगठनों, संस्कृति प्रेमियों एवं समाजसेवियों से इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।

उन्होंने बताया कि फाउंडेशन की ओर से कहा गया कि भारत की संस्कृति और संस्कार केवल हमारी विरासत नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों की पहचान भी हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को इस विरासत को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। संस्था ने लोगों से आग्रह किया कि वे कार्यक्रम में उपस्थित होकर न केवल भारतीय संस्कृति एवं भक्ति संगीत का आनंद लें, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की सहायता के इस सामाजिक प्रयास में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

उन्होंने बताया कि SKK Foundation का संदेश है-आइए, भजन की मधुर धुनों में डूबें, अपनी संस्कृति से जुड़ें और सेवा के इस अभियान को मिलकर सफल बनाएं।

शनिवार, 29 अगस्त 2026

परमार्थ निकेतन में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी

 



संवाददाता

राष्ट्रीय खेल दिवस पर खिलाड़ियों और देश के युवाओं को स्वस्थ, अनुशासित एवं राष्ट्रनिर्माण के संकल्प का संदेश*

“खेलेंगे तो स्वस्थ रहेंगे, अनुशासित रहेंगे तो आगे बढ़ेंगे और राष्ट्रप्रेम से जुड़ेंगे तो भारत को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे”*

ऋषिकेश, 29 अगस्त। हॉकी के जादूगर, महान भारतीय खिलाड़ी और ‘पद्म भूषण’ मेजर ध्यानचंद की जयंती के पावन अवसर पर उन्हें परमार्थ निकेतन मे विनम्र श्रद्धांजलि दी गई। उनकी अद्भुत खेल प्रतिभा, अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रप्रेम ने भारतीय खेल जगत को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया। उनकी स्मृति में मनाया जाने वाला राष्ट्रीय खेल दिवस केवल खेल प्रतिभाओं का सम्मान करने का अवसर नहीं, बल्कि खेलों को जीवन का अभिन्न संस्कार बनाने और राष्ट्र के स्वस्थ, सशक्त एवं अनुशासित भविष्य के निर्माण का संकल्प लेने का दिन है।

मेजर ध्यानचंद जी ने अपने खेल कौशल से यह सिद्ध किया कि जब प्रतिभा के साथ साधना, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण जुड़ जाता है, तो सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं रहती, बल्कि वह पूरे राष्ट्र के गौरव का कारण बन जाती है। उनके हाथों में हॉकी की स्टिक केवल एक खेल उपकरण नहीं थी, वह भारत के आत्मविश्वास, सामर्थ्य और तिरंगे के गौरव की प्रतीक बन गई थी। उनके खेल ने दुनिया को भारतीय प्रतिभा की शक्ति से परिचित कराया और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ऐसी प्रेरणा छोड़ी, जो आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।

राष्ट्रीय खेल दिवस हमें याद दिलाता है कि खेल केवल मैदान पर जीत-हार का विषय नहीं है। खेल जीवन जीने की कला सिखाता है। खेल हमें अनुशासन, धैर्य, संघर्ष, टीम भावना, नेतृत्व, आत्मविश्वास और विपरीत परिस्थितियों में भी आगे बढ़ते रहने का संस्कार देता है। मैदान में खिलाड़ी जिस प्रकार हार के बाद उठकर फिर प्रयास करता है, उसी प्रकार जीवन में भी असफलताओं को सीख में बदलकर आगे बढ़ना ही वास्तविक विजय है।

आज भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ऊर्जा है। आवश्यकता है कि हमारे युवा अपनी इस ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दें। मोबाइल और डिजिटल दुनिया के बढ़ते प्रभाव के बीच खेल का मैदान हमारे बच्चों और युवाओं को स्वस्थ शरीर, संतुलित मन और मजबूत व्यक्तित्व प्रदान कर सकता है। 

भारत की समृद्ध परंपरा में शरीर और मन की साधना को सदैव विशेष महत्व दिया गया है। योग हमें भीतर से संतुलित करता है और खेल हमें बाहर से सशक्त बनाता है। जब योग की शांति, खेल का उत्साह, अनुशासन की शक्ति और राष्ट्रप्रेम की भावना एक साथ जुड़ती है, तब एक स्वस्थ, समर्थ और संस्कारवान भारत का निर्माण होता है।

आज के दिन हम देश के प्रत्येक खिलाड़ी, प्रशिक्षक, खेल शिक्षक, अभिभावक और उन सभी लोगों को नमन करते हैं, जो भारत की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे रहे हैं। छोटे-छोटे गांवों, कस्बों और दूरदराज के क्षेत्रों से निकलकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों की संघर्षगाथाएं पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

आइए, मेजर ध्यानचंद के जीवन से प्रेरणा लेकर खेल को साधना, अनुशासन को जीवन-मंत्र और राष्ट्रसेवा को सर्वाेच्च लक्ष्य बनाएं। अपने शरीर को स्वस्थ, मन को सकारात्मक, विचारों को ऊँचा और कर्मों को राष्ट्रहित में समर्पित करने का संकल्प लें।

सोमवार, 24 अगस्त 2026

परमार्थ निकेतन से श्रावण के चतुर्थ सोमवार पर समत्व का संदेश,भगवान शिव से सीखें संतुलित, समरस और करुणामय जीवन- पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती





                               संवाददाता

ऋषिकेश, 24 अगस्त। श्रावण के पावन चतुर्थ सोमवार के अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने मंगलकामनाएँ देते हुए अपने संदेश में कहा कि भगवान शिव हमें समत्व, संयम, करुणा और लोकमंगल की ओर ले जाता है। आज जब जीवन अत्यंत तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है, विचारों में असहमति बढ़ रही है और मन निरंतर बाहरी परिस्थितियों से प्रभावित हो रहा है, तब शिव का समत्वमय स्वरूप समाज और विशेषकर युवा पीढ़ी के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि समत्व अर्थात् समान व्यवहार ही नहीं है बल्कि यह जीवन की परिस्थितियों के बीच अपने अंतर्मन का संतुलन बनाए रखने की साधना है। भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं “समत्वं योग उच्यते” अर्थात् समत्व ही योग है। सुख-दुःख, लाभ-हानि, जय-पराजय और मान-अपमान जैसी द्वंद्वात्मक परिस्थितियों में मन की संतुलित अवस्था ही योग का सार है।

भगवान शिव का स्वरूप इस समत्व को सहज रूप से अभिव्यक्त करता है। उनके साथ कैलास की शांति भी है और तांडव की ऊर्जा भी, वे योगी भी हैं और गृहस्थ भी, उनके मस्तक पर चंद्रमा की शीतलता है तो कंठ में हलाहल विष को धारण करने की सामर्थ् भी। उनके स्वरूप में विरोधाभास नहीं, बल्कि विविधताओं का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। यही शिवत्व का संदेश है, जीवन में परिस्थितियाँ अनेक हों, लेकिन अंतःकरण का संतुलन न खोएँ।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज समाज में अनेक प्रकार के मत, विचार, जीवनशैली और दृष्टिकोण हैं। विविधता सनातन संस्कृति की शक्ति रही है। समत्व हमें सिखाता है कि असहमति हो सकती है, विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन हृदय अलग नहीं होने चाहिए।

आज का युवा अनेक अवसरों के साथ अनेक दबावों से भी गुजर रहा है। सोशल मीडिया पर निरंतर तुलना, सफलता का दबाव, त्वरित परिणाम की अपेक्षा और दूसरों के जीवन से अपने जीवन की तुलना, मन में असंतुलन पैदा कर सकती है। शिव का ध्यान युवाओं को यह संदेश देता है कि अपनी यात्रा को दूसरों की यात्रा से न तौलें। किसी की सफलता देखकर ईर्ष्या नहीं, प्रेरणा लें, असफलता आने पर निराशा नहीं, आत्मचिंतन करें।

श्रावण के चतुर्थ सोमवार पर परमार्थ निकेतन की ओर से यही संदेश है कि हम शिव के समत्व को अपने जीवन का आधार बनाएँ। सुख आए तो अहंकार न हो, दुःख आए तो विश्वास न टूटे, सफलता मिले तो सेवा बढ़े और शक्ति मिले तो विनम्रता बढ़े। शिव हमें संदेश देते हैं, बाहरी परिस्थितियाँ बदलती रहें, पर भीतर का दीपक स्थिर रहे।

आइए, इस पावन सोमवार संकल्प लें हम अपने मन में समत्व, हृदय में करुणा, वाणी में मधुरता, कर्मों में सेवा और जीवन में लोकमंगल की भावना को स्थान देंगे। महादेव की कृपा से हमारे भीतर शांति, हमारे परिवारों में प्रेम, हमारे समाज में समरसता और हमारे राष्ट्र में सुख, शांति एवं समृद्धि का विस्तार हो।

सावन के चौथे व अंतिम सोमवार पर दूधेश्वरनाथ मंदिर में उमड़ा शिवभक्तों का सैलाब, श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन सानिध्य में देश-विदेश से आए श्रद्धालु कर रहे भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक

 




मुकेश गुप्ता

प्रातः 3:30 बजे महंत गिरिशानंद गिरि महाराज ने की धूप-दीप आरती, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज रहा मंदिर परिसर

गाजियाबाद, 24 अगस्त 2026 । सावन के चौथे एवं अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में आज प्रातःकाल से ही शिवभक्तों का सैलाब उमड़ा हुआ है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से आए श्रद्धालु बड़ी संख्या में भगवान दूधेश्वर महादेव के दर्शन, पूजन एवं जलाभिषेक कर रहे हैं। पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से गूंज रहा है।

मंदिर के पीठाधीश्वर, श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष, जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष एवं हिंदू यूनाइटेड फ्रंट के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज के पावन सानिध्य एवं अध्यक्षता में सावन के अंतिम सोमवार के सभी धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न हो रहे हैं। महाराजश्री मंदिर में उपस्थित रहकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान कर रहे हैं।

भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक रविवार मध्यरात्रि 12 बजे से प्रारंभ हो गया था। सबसे पहले श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने भगवान दूधेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक कर देश, समाज और विश्व के कल्याण की प्रार्थना की। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन एवं जलाभिषेक प्रारंभ हुआ। मंदिर के कपाट लगातार 24 घंटे श्रद्धालुओं के लिए खुले हैं और भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।

आज प्रातः 3:30 बजे प्राचीन देवी मंदिर, द्वारकापरी दिल्ली गेट के महंत गिरिशानंद गिरि जी महाराज ने भगवान दूधेश्वर महादेव की धूप आरती एवं दीप आरती की। आरती के समय बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान दूधेश्वर के दर्शन किए और पूरा वातावरण शिवमय हो गया।

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि सावन का चौथा एवं अंतिम सोमवार भगवान शिव की आराधना, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए अत्यंत पुण्यदायी है। इस सोमवार को प्रीति योग, आयुष्मान योग, बुधादित्य राजयोग और हंस राजयोग जैसे शुभ संयोग भी बन रहे हैं। भगवान शिव का वास कैलाश पर होने के कारण रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। श्रद्धा और सच्चे भाव से भगवान दूधेश्वर की आराधना करने वाले भक्तों पर महादेव की कृपा अवश्य होती है।

मंदिर में आठों प्रहर भगवान दूधेश्वर का पूजन एवं रुद्राभिषेक किया जा रहा है। दोपहर की आरती के पश्चात भगवान दूधेश्वर को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा। संध्याकाल में भी महंत गिरिशानंद गिरि महाराज द्वारा धूप एवं दीप आरती की जाएगी। श्री दूधेश्वर श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल एवं उनके सहयोगियों द्वारा भगवान दूधेश्वर का भव्य श्रृंगार किया जाएगा।

श्री दूधेश्वर वेद विद्या संस्थान के आचार्य तोयराज उपाध्याय, आचार्य लक्ष्मीकांत पाढ़ी, मंदिर के प्रबंधक अमित कुमार शर्मा, शंकर झा सहित मंदिर परिवार के सदस्य श्रद्धालुओं की सेवा एवं धार्मिक अनुष्ठानों की व्यवस्था में जुटे हुए हैं।

मंदिर के मीडिया प्रभारी एस. आर. सुथार ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं मंदिर प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। भक्तों को व्यवस्थित रूप से दर्शन एवं जलाभिषेक कराया जा रहा है।

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने सभी शिवभक्तों को सावन के अंतिम सोमवार की शुभकामनाएं देते हुए भगवान दूधेश्वर महादेव से प्रार्थना की कि वे सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण करें तथा देश और विश्व में सुख, शांति, समृद्धि, आरोग्यता और सद्भाव बनाए रखें।


संस्कृति मंत्रालय व थर्टीन स्कूल की प्रस्तुति,‘सरफरोशी की तमन्ना’ का ऐतिहासिक मंचन

 

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। देश के जाने-माने नाट्य निर्देशक अक्षयवर नाथ श्रीवास्तव, अजय कुमार व आदित्य श्रीवास्तव द्वारा लिखित, परिकल्पित एवं अक्षयवर नाथ श्रीवास्तव द्वारा निर्देशित नाटक ‘सरफरोशी की तमन्ना’ का मंचन गाजियाबाद के आईएमएस यूनिवर्सिटी कैंपस में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से थर्टीन स्कूल ऑफ टैलेंट डेवलपमेंट ने किया। एक घंटा बीस मिनट की अवधि वाले इस नाटक में क्रांतिकारी अशफाक उल्ला खां, राम प्रसाद बिस्मिल, रोशन सिंह, सचिन्द्र सान्याल, मन्मथनाथ गुप्त आदि के नेतृत्व में 9 अगस्त 1925 को लखनऊ के पास काकोरी में हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के क्रांतिकारियों द्वारा ब्रिटिश सरकार का खजाना लूटने के लिए पैसेंजर ट्रेन रोके जाने की ऐतिहासिक घटना को शानदार ढंग से मंचित किया गया। राम प्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में हुए इस ऐतिहासिक और साहसिक कदम को नाटक में प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया गया। क्रांतिकारियों के चरित्र और उनके राष्ट्रभक्ति के जज्बे को सभी कलाकारों ने बखूबी प्रदर्शित किया। निर्देशक अक्षयवर नाथ श्रीवास्तव ने पूरे नाट्य मंचन पर मजबूत पकड़ बनाए रखी। अदालत में क्रांतिकारियों पर मुकदमे और बहस के दृश्य विशेष रूप से दर्शकों को प्रभावित करते हैं। क्रांतिकारियों की ओर से पैरवी कर रहे बैरिस्टर बी.के. चैधरी के रूप में प्रमोद शिशोदिया तथा सरकारी वकील जगत नारायण मुल्ला की भूमिका में आदित्य श्रीवास्तव का अभिनय काबिले-तारीफ रहा। क्रांतिकारियों के बीच लोकप्रिय जेलर चंपालाल की भूमिका में अक्षयवर नाथ श्रीवास्तव ने भी विशेष छाप छोड़ी। नाटक में पारस ने पत्रकार, हवलदार और चंद्रशेखर आजाद, आकाश ने राजेंद्र नाथ लहरी, समाचार पत्र विक्रेता, निशांत ने सचिन्द्र नाथ सान्याल, राजीव ने बनवारी, अर्पित ने मन्मथ नाथ, निखिल ने रोशन सिंह, श्रेयस ने सचिन्द्र नाथ बख्शी एवं गवर्नर लॉर्ड रीडी, जैद ने मुकुंदी एवं इंस्पेक्टर जनरल, अक्षत ने अशफाक उल्ला खां तथा शिवम ने राम प्रसाद बिस्मिल की भूमिकाएं निभाईं। दीपाली जैन, हर्षिता और तरुणा ने भी अपनी भूमिकाओं से प्रभाव छोड़ा। प्रियांक, नीतू, तन्मय, इम्प्रीक, कोमल कुमार और सजल सहित अन्य कलाकारों ने भी दमदार अभिनय किया। पूरे नाटक में देशभक्ति का जज्बा बरकरार रहा। तकनीकी दृष्टि से भी नाटक बेहद मजबूत रहा। इसके दृश्य इतने जीवंत थे कि दर्शकों को ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो वे स्वयं उसी ऐतिहासिक काल में खड़े हों। अक्षयवर नाथ श्रीवास्तव के कसे हुए निर्देशन में प्रत्येक कलाकार ने अपने किरदार में जान फूंक दी। सेट एवं लाइट डिजाइनर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से जुड़े किरण कुमार रहे। मंच संचालन रोजी श्रीवास्तव, संगीत निर्देशन डॉ. संकल्प श्रीवास्तव, मेकअप मुकेश झा, प्रॉपर्टी प्रभारी तरुणा पाल तथा अन्य कलाकारों और तकनीकी सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। नाटक की समाप्ति पर आयोजक राकेश छारिया ने अक्षयवर नाथ श्रीवास्तव को बुके देकर सम्मानित किया। आईएमएस यूनिवर्सिटी में आयोजित इस नाटक को देखने के लिए शहर के प्रतिष्ठित रोटेरियन, पत्रकार, कवि और गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

रोटरी क्लब गाजियाबाद विकास ने लगाए 82 सजावटी एवं फलदार वृक्ष, एक हजार पौधों के महाअभियान का हुआ शुभारंभ


मुकेश गुप्ता

 गाजियाबाद, 24 अगस्त। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए रोटरी क्लब ऑफ गाजियाबाद विकास द्वारा शनिवार को हाईटेक इंजीनियरिंग कॉलेज, वेदांता फार्म हाउस के निकट, एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत कॉलेज परिसर के पूल साइड क्षेत्र में 82 सजावटी एवं फलदार वृक्षों का रोपण किया गया।

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि लगाए गए सभी वृक्षों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण की जिम्मेदारी कॉलेज के निदेशक एवं क्लब सदस्य रो. आनन्द प्रकाश ने अपने स्तर पर लेने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर क्लब ने कॉलेज परिसर के बाहर एक हजार वृक्ष लगाने के महाअभियान का भी शुभारंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र को अधिक हरित बनाना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है। क्लब पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल आने वाले समय में स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन संस्था के निदेशक रो. आनन्द प्रकाश एवं दया गर्ग द्वारा किया गया। रोटरी क्लब अध्यक्ष रो. कैलाश मंगला एवं रो. कल्पना मंगला ने सभी अतिथियों एवं सदस्यों का स्वागत करते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संदेश दिया।

वृक्षारोपण अभियान में क्लब सचिव रो. नरेश जिंदल, रो. संजय अग्रवाल, रो. कुलदीप कोहली, रो. अनिल गर्ग, रो. सहदेव भारद्वाज, रो. विनीत माहेश्वरी, रो. आलोक गर्ग, रो. संजय गर्ग, रो. मनीषा गर्ग तथा रो. बबिता गर्ग सहित अनेक रोटेरियनों ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण कर कार्यक्रम को सफल बनाया।

कार्यक्रम के समापन पर सभी सदस्यों ने यह संकल्प लिया कि "एक पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं, उसकी देखभाल करना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।" रोटरी क्लब गाजियाबाद विकास द्वारा यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल के रूप में निरंतर जारी रहेगा।

विश्व हिंदू परिषद, गाजियाबाद के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल सावरिया ने मंहत नारायण गिरिका आर्शीवाद लिया


मुकेश गुप्ता
  गाजियाबाद । विश्व हिंदू परिषद, गाजियाबाद महानगर के नवनियुक्त अध्यक्ष अनिल अग्रवाल सांवरिया अपने दायित्व ग्रहण करने के साथ ही संगठन के मूल उद्देश्यों—हिंदू समाज का संगठन, सामाजिक समरसता, सेवा, संस्कार तथा सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन—को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। वे समाज के विभिन्न वर्गों, संत-महात्माओं और प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों से लगातार संपर्क कर हिंदू समाज की एकता, जागरूकता और सशक्तिकरण के लिए संवाद स्थापित कर रहे हैं।

इसी क्रम में अनिल अग्रवाल सांवरिया ने आज सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान दूधेश्वर महादेव के दर्शन-पूजन किए तथा मंदिर के पीठाधीश्वर एवं श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने अनिल अग्रवाल सांवरिया को नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्व हिंदू परिषद का कार्य केवल एक संगठन का कार्य नहीं, बल्कि हिंदू समाज को संगठित, जागरूक और सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति, संस्कार और हिंदुत्व के विचार को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करना समय की आवश्यकता है।

महाराजश्री ने कहा, “आपको हिंदू समाज के हित में सेवा, समरसता और संगठन की भावना के साथ कार्य करना है। नई पीढ़ी को अपने धर्म और संस्कृति से जोड़ना, समाज में एकता का भाव बढ़ाना और सनातन मूल्यों के प्रति जागरूकता पैदा करना आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए।”

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अनिल अग्रवाल सांवरिया अपने नए दायित्व का पूरी निष्ठा, सक्रियता और समर्पण के साथ निर्वहन करते हुए गाजियाबाद महानगर में विश्व हिंदू परिषद को और अधिक सशक्त बनाएंगे तथा हिंदू समाज की एकता एवं सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

अनिल अग्रवाल सांवरिया ने श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए कहा कि वे विश्व हिंदू परिषद द्वारा दिए गए दायित्व का पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन की प्रेरणा से वे सेवा, संस्कार, सामाजिक समरसता और संगठन के माध्यम से हिंदू समाज के उत्थान, एकता तथा सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।

रविवार, 23 अगस्त 2026

पुलिस परिवार की महिलाओं ने मनाया हरियाली तीज़ उत्सव





                            मुकेश गुप्ता

 गाजियाबाद । कविनगर रामलीला ग्राउंड स्थित जागृति भवन में वामा सारथी पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वाधान में  21 अगस्त की संध्या में हरियाली तीज़ उत्सव का भव्य आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कमिश्नरेट गाजियाबाद की वामा सारथी अध्यक्षा श्रीमती प्राची चौधरी (पत्नी अपर पुलिस आयुक्त अपराध और मुख्यालय कमिश्नरेट गाज़ियाबाद) ने की ।इस अवसर पर कमिश्नरेट गाज़ियाबाद की सभी महिला पुलिस अधिकारियों ,पुलिस उच्चाधिकारीगण की धर्मपत्नियों,प्रशासनिक महिला अधिकारी ,प्रशासनिक अधिकारीगण की धर्मपत्नियों, पुलिस परिवार की महिलाओं और बच्चों ने उल्लास के साथ महोत्सव में सहभागिता की । इस दौरान महिलाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक पारंपरिक गीत, नृत्य प्रदर्शन, मेंहदी प्रतियोगिता, फैशन शो और तीज पर्व से जुड़े पारंपरिक खेलो का आयोजन किया गया । मेहंदी कार्यक्रम में महिलाओं ने आकर्षक मेहंदी रचाई जिसमें प्रथम स्थान पर श्रीमती सुम्मी, द्वितीय स्थान पर श्रीमती पिंकी चौधरी,तृतीय स्थान पर श्रीमती रेशमा और तीज क्वीन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर श्रीमती सोमा विश्वास, द्वितीय स्थान पर श्रीमती चंचल चौधरी , तृतीय स्थान पर श्रीमती शीतल चौधरी रही। पुलिस परिवार की महिलाओं ने इस अवसर पर अपनी पारंपरिक संस्कृति और तीज पर्व  की खुशियों को साझा किया । कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के पारंपरिक पर्व तीज को उत्साहपूर्वक मनाने के साथ महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करना तथा आपसी सौहार्द और संस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना रहा ।*

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के समर्पित वैज्ञानिकों, कर्मयागियों को दी बधाई


मुकेश गुप्ता

ऋषिकेश, 23 अगस्त। भारत की अंतरिक्ष यात्रा विज्ञान की उपलब्धियों के साथ उस भारत की जीवंत गाथा है, जिसकी चेतना ने हजारों वर्षों पहले ही आकाश को केवल देखने की वस्तु नहीं, बल्कि ‘अनंत’ को जानने की दिशा माना था। जिस सभ्यता ने सूर्य को देवत्व, चंद्रमा को शीतल चेतना, नक्षत्रों को कालगणना और आकाश को ब्रह्मांडीय विस्तार के रूप में अनुभव किया, उसी भारत ने आज आधुनिक विज्ञान की शक्ति से अंतरिक्ष की गहराइयों में अपनी नई पहचान अंकित की है।

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के समर्पित वैज्ञानिकों, अभियंताओं, तकनीशियनों, शोधकर्ताओं तथा इस महान यात्रा से जुड़े प्रत्येक कर्मयोगी को हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन। यह दिवस चंद्रमा पर भारत की विजय के साथ उस अदम्य भारतीय संकल्प का उत्सव भी है।

चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता ने भारत को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के निकट सफलतापूर्वक उतरने वाला अग्रणी राष्ट्र बनाया। यह उपलब्धि तकनीकी कौशल, वैज्ञानिक सूझबूझ, धैर्य और टीम भावना का अद्भुत संगम थी परंतु इसकी सबसे बड़ी प्रेरणा यह है कि भारत ने यह यात्रा अपनी स्वदेशी प्रतिभा, स्वदेशी तकनीक और आत्मनिर्भर वैज्ञानिक क्षमता के बल पर आगे बढ़ाई।

भारत की अंतरिक्ष यात्रा हमें यह भी स्मरण कराती है कि आधुनिकता और सनातन एक-दूसरे के पूरक हैं। सनातन का अर्थ केवल अतीत में लौटना नहीं; सनातन का अर्थ है उस शाश्वत जिज्ञासा को जीवित रखना जो मनुष्य को प्रश्न पूछने, सत्य खोजने और अज्ञात के पार देखने के लिए प्रेरित करती है।

ऋग्वेद की प्रार्थना “आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः” अर्थात् चारों दिशाओं से हमारे पास श्रेष्ठ विचार आएँ, विज्ञान भी तो इसी जिज्ञासा का नाम है, जो ज्ञात है, उसके आगे अज्ञात को जानने का साहस।

हमारे ऋषियों ने आकाश की ओर देखकर ब्रह्मांड के रहस्यों पर चिंतन किया; आज हमारे वैज्ञानिक उसी आकाश की ओर देखकर अंतरिक्षयान भेज रहे हैं। कभी हमारे आचार्यों ने “यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे” की अनुभूति की, आज भारतीय वैज्ञानिक सूक्ष्मतम तकनीक से लेकर विराट ब्रह्मांड तक की संरचनाओं को समझने का प्रयास कर रहे हैं। यह यात्रा केवल तकनीकी विकास नहीं, बल्कि जिज्ञासा से ज्ञान, ज्ञान से विज्ञान और विज्ञान से कल्याण तक की यात्रा है।

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस हमें दिशा देता है जड़ों से जुड़े रहकर ऊँचाइयों को छूने की। आइए, इस राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर एक नए भारत का संकल्प लें, जहाँ सनातन की चेतना, आधुनिक विज्ञान की दृष्टि और आत्मनिर्भर भारत की शक्ति एक साथ आगे बढ़े।

जिस भारत ने कभी आकाश में नक्षत्रों की गति को समझने का प्रयास किया था, वही भारत आज अंतरिक्ष की नई सीमाएँ रच रहा है। यह केवल चंद्रमा तक पहुँचना नहीं है; यह भारत की चेतना का क्षितिज विस्तृत होना है।

कैलाश चंद्रा द्वारा लिखित पुस्तक “बौद्ध धम्म उद्भव एवं विकास” का विमोचन डा० सरोज कुमारी ने किया

मुकेश गुप्ता

  गाजियाबाद 23 अगस्त 2026 ।  लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा “महात्मा गाँधी सभागार” एस-52 हर्षा कंपाउंड लोनी रोड मोहन नगर इंडस्ट्रियल एरिया परिसर में मूर्धन्य विद्वान कैलाश चंद्रा द्वारा लिखित पुस्तक “बौद्ध धम्म उद्भव एवं विकास” का विमोचन समारोह आयोजित किया गया, कार्यक्रम की अध्यक्षता वेद प्रकाश ने की, मुख्य अतिथि डा० सरोज कुमारी रही, संचालन लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट के संस्थापक/अध्यक्ष, समाजवादी विचारक राम दुलार यादव शिक्षाविद ने किया, कार्यक्रम को एस० एस० प्रसाद, मथुरा प्रसाद, डा० अश्वनी कुमार, डा० पिंटू जी, डा० राजेन्द्र, जोगेन्द्र ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर कैलाश चंद्रा द्वारा लिखित पुस्तक “बौद्ध धम्म उद्भव एवं विकास” का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया।

          पुस्तक विमोचन समारोह को संबोधित करती हुई प्रखर वक्ता डा० सरोज कुमारी ने कहा कि “भगवान बुद्ध को ज्ञान के प्रकाश से आलोकित करने में उनकी पत्नी यशोधरा का महत्वपूर्ण योगदान है, जैसे कैलाश चंद्रा की धर्मपत्नी का, लेखक ने बौद्ध धम्म उद्भव एवं विकास पुस्तक लिख आम-जन को लाभान्वित करने में सरल भाषा का प्रयोग कर आडम्बर, रुढ़िवाद, शोषण से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया है, मै लेखक कैलाश चंद्रा की भूरि-भूरि प्रशंसा कर साधुवाद देती हूँ”।

          इस अवसर पर कैलाश चंद्रा जी कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों तथा साथियों और मातृशक्ति का अभिनन्दन करते हुए कार्यक्रम में शामिल होने के लिए तथा उनका फूल-मालाओं, बुके देकर अभिनन्दन करने की सराहना की तथा आभार व्यक्त किया 

         कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षाविद राम दुलार यादव ने कहा कि आज पुस्तक विमोचन समारोह में कैलाश चंद्रा द्वारा लिखित पुस्तक “बौद्ध धम्म उद्भव एवं विकास” का विमोचन मंचासीन साथियों ने किया, हम सभी का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामना देते है, आज जहाँ धार्मिक पाखंड, आडम्बर बढ़ता जा रहा है, शोषण, अन्याय, अनाचार, झूठ और अहंकार चरम सीमा पर है, भगवान बुद्ध धम्म उद्भव एवं विकास पुस्तक जन-जन को प्रेरणा देगी, भगवान बुद्ध का दर्शन वैज्ञानिक और तर्क संगत है, भगवान बुद्ध पर कोई चर्चा मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है, बाबा साहेब डा0 अम्बेदकर ने जब धम्म दीक्षा नागपुर में 1956 में लिया तो पंडित राहुल सांकृत्यायन ने कहा कि “उन्होंने बौद्ध धर्म का नये सिरे से ऐसा खम्भा गाड दिया है जिसे कोई अब हिला नहीं सकता”| हम पुस्तक विमोचन समारोह के अवसर पर गर्व और गौरव से यह कह सकते हैं कि “बौद्ध धम्म उद्भव एवं विकास” पुस्तक बौद्ध धर्म को समझने, जानने और वैचारिक क्रान्ति करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हम कैलाश चंद्रा जी को शुभकामना और बधाई देते हुए आभार व्यक्त करते हैं।

          कार्यक्रम के अध्यक्ष ने सभी श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध के चार आर्यसत्य हैं, दुःख है, दुःख का कारण है, दुःख का निरोध है, दुःख का निवारण है, उससे मुक्ति का मार्ग अष्टांगिक मार्ग और ध्यान है, हमें प्रेम, करुणा, त्याग, दया के मार्ग पर चलना चाहिए तथा विषमता, हिंसा से दूर रहना चाहिए, सभी दुखों की जड़ जातिवाद और आडम्बर है, कैलाश जी को शुभ कामना, इन्होने पुस्तक में कुरीतियों और रुढ़िवाद पर गहरी चोट की है।

           कार्यक्रम में शामिल रहे वेद प्रकाश, डा० सरोज कुमारी, डा० अश्वनी, डा० पिन्टू, डा० राजेन्द्र, समाजवादी पार्टी गाजियाबाद के महानगर अध्यक्ष वीरेन्द्र यादव एडवोकेट, जोगेंद्र सिंह, एस० एस० प्रसाद, मथुरा प्रसाद, समाज सेविका फूलमती यादव, रोहिताश कुमार, राज कुमार, राम प्यारे यादव, राम खिलाडी, महेन्द्र सिंह, कपिल गौतम, तेजपाल सिंह, सुरेन्द्र कुमार, अवधेश यादव, मनोज कुमार शर्मा, अनिल मिश्र, डा० देवकर्ण चौहान, सरदार अवतार सिंह काले, राजन कश्यप, विश्वनाथ यादव, महेन्द्र यादव, सम्राट सिंह, वीर सिंह सैन, ओम प्रकाश अरोड़ा, मुनीव यादव, विजय मिश्र, इंजी० धीरेन्द्र यादव, सुरेन्द्र, श्रीनिवास यादव अध्यक्ष जी, आदि सैकड़ों लोगों ने भाग लिया, हुकुम सिंह ने “वह खेत में मिलेगा, खलिहान में मिलेगा” तथा ताहिर अली ने ज्ञानपीठ सन्देश “लोकतंत्र बचाना है, संविधान बचाना है” गीत सुना सभी को आत्म मुग्ध कर कर्तव्य –पथ पर चलने का आह्वान किया ।


                                                                                                                                    


                                                                                                                             

                                                                                                                             

जल संरक्षण की दिशा में उत्थान समिति की एक और महत्वपूर्ण पहल, उत्थान वाटिका में वर्षा-जल संचयन टैंक स्थापित, विधायक अजीत पाल त्यागी और भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने उदघाटन



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। भूजल संरक्षण और वर्षा जल की एक-एक बूंद को सहेजने के उद्देश्य से उत्थान समिति द्वारा नगर निगम गाजियाबाद के सहयोग से उत्थान वाटिका में वर्षा-जल संचयन टैंक की स्थापना की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक श्री अजीत पाल त्यागी तथा विशिष्ट अतिथि भाजपा महानगर अध्यक्ष श्री मयंक गोयल की गरिमामयी उपस्थिति रही।


कार्यक्रम का उद्देश्य वर्षा जल को व्यर्थ बहने से रोककर उसे भूजल पुनर्भरण के लिए उपयोग में लाना तथा आम नागरिकों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।


जल बचाना केवल सामाजिक दायित्व नहीं, आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी” — सत्येन्द्र सिंह


उत्थान समिति के चेयरमैन सत्येन्द्र सिंह ने कहा कि भूजल स्तर में लगातार हो रही गिरावट भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है। केवल सरकार या प्रशासन के प्रयासों से इसका समाधान संभव नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा।


उन्होंने कहा, “बारिश का पानी प्रकृति द्वारा दिया गया अनमोल संसाधन है। यदि हम इसे वैज्ञानिक तरीके से धरती में वापस पहुँचाएं तो भूजल स्तर को बेहतर करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। हमारा प्रयास है कि ‘जल संजीवनी अभियान’ के माध्यम से वर्षा-जल संचयन को एक जन आंदोलन बनाया जाए। पार्कों, संस्थानों, औद्योगिक परिसरों, आवासीय क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों पर अधिक से अधिक वर्षा-जल संचयन प्रणालियां विकसित हों।”


सत्येन्द्र सिंह ने नगर निगम गाजियाबाद के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्थान समिति पर्यावरण और जल संरक्षण के क्षेत्र में अपने प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ाती रहेगी।

हर घर और संस्थान को वर्षा जल संरक्षण की जिम्मेदारी लेनी होगी'—अजीत पाल त्यागी

मुख्य अतिथि विधायक अजीत पाल त्यागी ने उत्थान समिति की पहल की सराहना करते हुए कहा कि जल संकट से निपटने के लिए वर्षा-जल संचयन अत्यंत प्रभावी माध्यम है। जल संरक्षण को केवल अभियान के रूप में नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि “समाज में जब स्वयंसेवी संस्थाएं और नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आते हैं, तभी बड़े बदलाव संभव होते हैं। प्रत्येक घर, कॉलोनी, पार्क, संस्थान और औद्योगिक इकाई को अपनी क्षमता के अनुसार वर्षा जल को संरक्षित करने का प्रयास करना चाहिए।”

उन्होंने उत्थान समिति के प्रयास को अन्य सामाजिक संस्थाओं के लिए भी प्रेरणादायक बताते हुए जल संरक्षण के लिए अधिक से अधिक जनभागीदारी का आह्वान किया।

“जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना समय की आवश्यकता”—मयंक गोयल

विशिष्ट अतिथि भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने कहा कि पर्यावरण और जल संरक्षण सीधे तौर पर समाज के भविष्य से जुड़ा विषय है। विकास के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।


उन्होंने कहा, “जल है तो जीवन है और जल का संरक्षण भविष्य का संरक्षण है। वर्षा की प्रत्येक बूंद को सहेजने की सोच यदि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे तो भूजल संकट जैसी बड़ी चुनौती का प्रभावी समाधान निकाला जा सकता है। उत्थान समिति द्वारा किया जा रहा यह प्रयास समाज को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने की दिशा में सराहनीय कदम है।”

उन्होंने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से जल संरक्षण अभियानों में सक्रिय भागीदारी करने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

पूर्व विधायक कृष्ण वीर सिंह सिरोही ने पार्क की देखभाल करने वाले मालियों एवं कर्मचारियों का सम्मान किया एवं सभी को उपहार दिए ।

कार्यक्रम में उत्थान समिति के चेयरमैन सत्येन्द्र सिंह, डायरेक्टर जनरल अरुण त्यागी, अशोक कुमार , भाजपा मंडल अध्यक्ष राहुल तोमर , मंडल अध्यक्ष नीरज त्यागी , पार्षद अमित त्यागी , पार्षद मनोज त्यागी, संदीप त्यागी रसम, पंडित अशोक भारतीय, अंशुल राणा , सहित समिति के सदस्य, गणमान्य नागरिक एवं स्थानीय निवासी उपस्थित रहे।


गाजियाबाद मे आयोजित हुआ भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘भारतम्’,भारतीय संस्कृति की विविधता, शास्त्रीय संगीत के रूप में अतुल्य भारत की दिखी झलक

 



                               मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद 23 अगस्त2 2026। एमपी फाउंडेशन के तत्वाधान मे गाजियाबाद स्थित हिंदी भवन में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘भारतम्’ का आयोजन हुआ । कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय कला, संगीत, नृत्य एवं संस्कृति की समृद्ध परंपरा को एक मंच पर प्रस्तुत करना है और अपनी सांस्कृतिक विरासत को जनता से रूबरू कराना था।

कार्यक्रम का उद्घाटन भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल एवं अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) से सम्मानित श्री विष्णु कांत चतुर्वेदी जी तथा आईटीबीपी के डीआईजी श्री अवनीन्द्र कुमार ने किया ।कार्यक्रम में देश के सुप्रसिद्ध कलाकार  उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित डॉ. रिंदाना रहस्या एवं डॉ. अविनाश कुमार द्वारा शास्त्रीय गायन, ध्रुव बेदी द्वारा सितार वादन तथा राकेश साईं बाबू के निर्देशन में भारत की विभिन्न नृत्य शैलियों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गई ।कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का संदेश दिया गया,एमपी फाउंडेशन ने कला एवं संस्कृति प्रेमियों, गणमान्य नागरिकों तथा गाजियाबाद  के  शहरवासियों से के लिया ये आयोजन किया कार्यक्रम का उपस्थित सभी लोगों ने जमकर आनंद उठाया और भारतीय कला को जाना,एमपी फाउंडेशन की अध्यक्ष नूपुर श्रीवास्तव ने कहा आगे भी हम देशभर में ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करेंगे ।