शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2026

परमार्थ त्रिवेणी पुष्प, प्रयागराज में भगवान श्री जगन्नाथ जी प्राण-प्रतिष्ठा पूर्णाहुति समारोह संपन्न






परमार्थ त्रिवेणी पुष्प, प्रयागराज भगवान श्री जगन्नाथ जी प्राण प्रतिष्ठा पूर्णाहुति के अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने ऋषिकन्याओं द्वारा संगम आरती करने और कन्या गुरूकुल खोलने का किया आह्वान

प्रयागराज के लगभग सभी मठोेेें, अखाड़ों, मन्दिरों व आश्रमों के पूज्य संत और भगवान श्री जगन्नाथ धाम पुरी के प्रमुख आचार्य  मधुसूदन  का पावन सान्निध्य व आशीर्वाद

हाइकोर्ट के न्यायधीश, शिक्षाविद्, उच्चाधिकारी, समाज सेवी, उद्योगतियों की गरिमामयी उपस्थिति

संगम के हर घाट पर आरती हो, साप्ताहिक श्रमदान के माध्यम से घाटों को स्वच्छ रखने का किया आह्वान

संगम के तट से आपसी संगम बनाये रखने का किया आह्वान

स्वच्छता बाहर और स्वच्छता भीतर-स्वामी चिदानन्द सरस्वती*

प्रयागराज, 27 फरवरी। तीर्थराज प्रयागराज के पावन संगम तट पर स्थित परमार्थ त्रिवेणी पुष्प परिसर में भगवान श्री जगन्नाथ जी के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की दिव्य पूर्णाहुति अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुई। इस ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, अध्यक्ष परमार्थ निकेतन, के सान्निध्य में संत समाज, शिक्षाविदों, न्यायविदों, उच्चाधिकारियों, उद्योगपतियों तथा सैकड़ों श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।


समारोह में भगवान श्री जगन्नाथ धाम पुरी से पधारे प्रमुख आचार्य श्री मधुसूदन जी सहित प्रयागराज के लगभग सभी मठों, अखाड़ों, मंदिरों एवं आश्रमों के पूज्य संतों ने अपनी पावन उपस्थिति से आयोजन को आध्यात्मिक ऊँचाइयों तक पहुँचाया। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, यज्ञ और पूर्णाहुति के साथ सम्पूर्ण वातावरण भक्ति और दिव्यता से ओतप्रोत हो उठा।


इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि “प्राण-प्रतिष्ठा अर्थात् अपने हृदय में ईश्वर की चेतना जगाने का संकल्प है। जब तक हमारे भीतर संस्कार, सेवा और सद्भाव की प्रतिष्ठा नहीं होगी, तब तक समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव नहीं है।

उन्होंने विशेष रूप से ऋषिकन्याओं द्वारा संगम आरती की परंपरा प्रारंभ करने का आह्वान करते हुए कहा कि हमारी बेटियाँ केवल परिवार की शक्ति नहीं, बल्कि संस्कृति और राष्ट्र की आधारशिला हैं। संगम तट, न्यू अरैल घाट पर ऋषिकन्याओं द्वारा नियमित आरती भारतीय संस्कृति की गरिमा, नारी शक्ति और आध्यात्मिक नेतृत्व का प्रतीक बनेगी। इसी क्रम में उन्होंने कन्या गुरूकुल खोलने की घोषणा की, जहाँ बालिकाओं को वेद, संस्कृत, योग, ध्यान, भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक शिक्षा का समन्वित प्रशिक्षण दिया जाएगा।

स्वामी जी ने कहा कि “नारी शिक्षित होगी तो राष्ट्र सशक्त होगा। कन्या गुरूकुल भारत की उस प्राचीन परंपरा को पुनर्जीवित करेगा, जहाँ ज्ञान, संस्कार और सेवा का संगम होता था। भारत की अन्य भाषाओं में भी कर्मकाण्ड का प्रशिक्षण उन कन्याओं को दिया जायेगा ताकि वे संस्कारों व संस्कृति की अलख जगा सके।

उन्होंने संगम की पवित्रता और स्वच्छता बनाये रखने पर विशेष बल देते हुए उपस्थित जनसमूह से आग्रह किया कि “संगम के हर घाट पर आरती हो और प्रत्येक सप्ताह श्रमदान के माध्यम से घाटों की सफाई की जाए। स्वच्छता केवल बाहरी नहीं, भीतरी भी होनी चाहिए। जब तक मन स्वच्छ नहीं होगा, तब तक समाज भी स्वच्छ नहीं बन सकता।”

“स्वच्छता बाहर और स्वच्छता भीतर” का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि जैसे हम गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम को निर्मल रखना चाहते हैं, वैसे ही अपने विचारों, भावनाओं और कर्मों को भी निर्मल रखना होगा। पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त घाट, सामूहिक श्रमदान और जन-जागरूकता के माध्यम से ही संगम की पवित्रता को बनाए रखा जा सकता है और इसमें मठों, आश्रमों और अखाड़़ों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

उन्होंने संगम की आध्यात्मिकता को सामाजिक एकता से जोड़ते हुए कहा, “यह केवल नदियों का संगम नहीं, बल्कि हृदयों का संगम है। हमें जाति, भाषा, क्षेत्र और मतभेदों से ऊपर उठकर आपसी प्रेम, सहयोग और सद्भाव का संगम बनाना है क्योंकि जब समाज एकजुट होगा, तभी राष्ट्र मजबूत होगा।”

अंत में स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि “आइए, हम सब मिलकर संगम से सेवा, संस्कार और समर्पण की ज्योति प्रज्वलित करें। अपने भीतर की नकारात्मकता को जलाकर सकारात्मकता, करुणा और राष्ट्रप्रेम का दीप जलाएँ। यही सच्ची प्राण-प्रतिष्ठा है।

स्वामी जी ने इस पूरे आयोजन के सफलतापूर्वक सम्पन्न होने के लिये विनोद बागरोडिया, रजत बागरोडिया, श्रीमती उपासना बागरोडिया, श्रीमती आभा बागरोडिया, आभा बागरोडिया ट्रस्ट,  अरूण सारस्वत जी, आचार्य दीपक शर्मा, रेखा मशरूवाला, अतुल मशरूवाला, माधव, आचार्य दीलिप, संतोष गुप्ता, संतोष पाण्डेय, शिव, अन्जना, समस्त ऋषिकुमार, पुरी से महाप्रसाद बनाने आये महाराज, समस्त पुरोहितगण और सभी का अभिनन्दन कर सम्मानित किया।

फूलों की प्रदर्शनी का जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने किया उद्घघाटन, खिल उठा अपना शहर गाजियाबाद



   मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । लैण्डक्राफ्ट डवलपर्स प्रा०लि० द्वारा हॉर्टिकल्चर एण्ड फ्लोरिकल्चर सोसायटीज गाजियाबाद के सहयोग से "फ्लावर शो एवं चटकारे" गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी बारहवें पलावर शो का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष यह आयोजन 27 फरवरी, 2026 से 01 मार्च, 2026 समय दोपहर 12 बजे से रात्रि 10 बजे तक गोल्फलिंक्स, एन०एच०-09, गाजियाबाद में हो रहा है।

कार्यक्रम का उदघाटन जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार मांदड़ (आई.ए.एस.) के कर कमलों द्वारा किया गया।


इस बार पर्यावरण/प्रदूषण के साथ-साथ ऑक्सीजन एवं इम्यूनिटी बूस्टर पौधे एवं योगा मुख्य आकर्षण का केन्द्र हैं। साथ ही साक्षरता, रीसाइक्लिंग सामग्री का उपयोग तथा कम्पोस्टिंग इत्यादि प्रमुखता से प्रदर्शित किये जा रहे हैं। किचन गार्डन, हँगिंग गार्डन, अर्बन माइनिंग, टेरेस गार्डन, वर्टिकल गार्डन, लैण्डस्कैपिंग, विभिन्न प्रकार की मेडिसनल प्लांट्स, वायु शोधन करने वाले पौधे, बोनसाई, कैक्टस, सैलुलेण्डस, हाइपरसोनिक, स्वदेशी पुष्प, फल एवं रसायन रहित (आर्गेनिक) सब्जियों का प्रदर्शन किया गया है। फ्लावर शो में मनोरंजन एवं अनेक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया है जैसे-नृत्य, योग साधना, सांस्कृतिक कार्यक्रम, गायन एवं फैशन शो, मेहंदी, टेटू, रंगोली. पतंग बाजी, झूले, बर्डस, बटर फ्लाई, विभिन्न प्रकार के स्टॉल आदि आकर्षण का केन्द्र हैं।


इस बार विशेष रूप से अर्बन गार्डिनिंग जैसे हाइड्रोपोनिक, एक्यापोनिक एवं एरोपोनिक के द्वारा पौधे किस प्रकार उगाये जा सकते हैं प्रदर्शित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पर्यावरण एवं सनातन का बहुत सुन्दरता से समायोजन किया गया है। सनातन की दृष्टि से धनुषवाण द्वार के साथ शिववालय डमरू, वन्दे मातरम-शब्द नही संकल्प, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सैटेलाइट, पर्यावरण ऑक्सीजन पार्लर, बंटर पलाई, मोर, बत्तख, खरगोश, विभिन्न प्रकार की मछलियों एवं एक्जोटिक प्लान्ट के साथ-2 बहुत सुन्दर लैण्डस्केपिंग का मनमोहक प्रदर्शन किया गया है। फूलों की छटा तो निहारते बनती है। स्वाद का भी विशेष ध्यान रखा गया है।


मनोरंजन के साथ-साथ चटकारे में विभिन्न शहरों से फूड स्टॉल्स में मुख्य रूप से सीताराम बाजार वाले छोटे लाल की फुट कुलिया और काठी कबाब, फत्ते की कचौड़ी, आगरा के पराठे, चाँदनी चौकी की जलेबी, नागपाल के छोले-भठूरे, डोलमा मोमोज, योग्बे स्पेशल भेल पूरी, लखनऊ के मशहूर टुन्डे कबाब एवं एवं प्रमुख नगरीय स्वादिष्ट व्यंजन है। आयोजन भव्य, ज्ञानवर्धक, मनोरंजक एवं प्रेरणादायक होगा। बागवानी से सम्बन्धित वर्कशॉप का भी आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में लैण्डक्राफ्ट तथा फ्लोरिकल्चर सोसाइटी गाजियाबाद के साथ-2, ए०के०जी० इन्टीट्यूट, जी०डी०ए०, नगर निगम गाजियाबाद, नोएडा अथॉरिटी इत्यादि ने भी बहुत सुन्दर प्रस्तुति दी है। धन्यवाद सहित।



जन समस्याओं के समाधान में गुणवत्ता पूर्ण परिणाम दें अधिकारी- नगर आयुक्त

 

  मुकेश गुप्ता

प्राप्त होने वाली कॉल पर प्रतिदिन शत प्रतिशत कार्यवाही हेतु नगर आयुक्त ने सभी विभाग को दिए निर्देश, तैयार होगा डाटाबेस

गाजियाबाद । नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक द्वारा जन समस्याओं के समाधान हेतु समस्त विभाग को गुणवत्ता पूर्ण कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं जिसके क्रम में नगर आयुक्त द्वारा समस्त अपर नगर आयुक्त सहित समस्त विभाग के अधिकारियों, जोनल प्रभारी, व समस्त विभाग के अधिशासी अभियंता, अवर अभियंता, व टीम को कॉल पर प्राप्त होने संदर्भों पर गुणवत्ता पूर्ण कार्यवाही करने के लिए कहा गया है, प्रतिदिन प्राप्त होने वाली कॉल का डेटाबेस तैयार करने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं प्राप्त समस्याओं का समाधान तद दिवस में ही करना सुनिश्चित करें निर्देशित किया गया है ।


गाजियाबाद नगर निगम इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के माध्यम से 311 पर प्रतिदिन 100 से 150 शिकायत प्राप्त होती हैं तथा कंट्रोल रूम के माध्यम से भी 70 से 80 शिकायतें प्रतिदिन निस्तारित की जाती है,  इसके अलावा गाजियाबाद नगर निगम के सभी अधिकारियों के सीयूजी नंबर पर भी शहर वासियों का संपर्क बना रहता है जिसके माध्यम से प्रतिदिन प्राप्त होने वाली समस्याओं संदर्भों पर तद दिवस में ही निस्तारण की कार्यवाही करने के निर्देश नगर आयुक्त द्वारा दिए गए हैं जिसका एक डेटाबेस भी तैयार किया जाएगा अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार तथा अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव को समस्त विभाग के अधिकारियों को प्राप्त होने वाली कॉल रिकॉर्ड तथा संदर्भों की सारणी तैयार करने के लिए भी कहा गया है।

गाजियाबाद नगर निगम लगातार जन समस्याओं के समाधान में जुटा हुआ है प्रतिदिन अलग-अलग माध्यम से जन समस्याओं का समाधान शहर हित में तेजी से कराया जा रहा है निगम अधिकारियों की मॉनीटरिंग भी प्रबल है। पार्षदों तथा जनप्रतिनिधियों की कॉल अटेंड होने के साथ-साथ शहर वासियों की कॉल अटेंड करते हुए प्राप्त संदर्भों पर तेजी से कार्यवाही कराई जाए नगर आयुक्त द्वारा अधिकारियों तथा टीम को निर्देशित किया गया है।

प्रताप विहार सेक्टर-11 में नई रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन का गठन,तेजेश चौहान बने अध्यक्ष, सोसायटी एक्ट के तहत मिला पंजीकरण प्रमाणपत्र

 



                             मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। प्रताप विहार सेक्टर-11 क्षेत्र में संस्था संचालन को लेकर लंबे समय से चल रहे असंतोष के बीच क्षेत्रवासियों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाते हुए नई रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) का गठन किया है। शीर्ष नेतृत्व के कथित मनमाने एवं निरंकुश व्यवहार से असंतुष्ट अधिकांश निवासियों ने बैठक कर नई कार्यकारिणी के गठन का प्रस्ताव पारित किया।

बैठक में सर्वसम्मति से “प्रताप विहार सेक्टर 11 रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन” के गठन का निर्णय लिया गया। इसके बाद संस्था के पदाधिकारियों ने अधिनियम संख्या 21, 1860 (सोसायटी पंजीकरण अधिनियम) के तहत आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति करते हुए विधिवत पंजीकरण के लिए आवेदन किया।



सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के उपरांत 25 फरवरी 2026 को डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स कार्यालय द्वारा संस्था को पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। प्रमाणपत्र प्राप्त होने के साथ ही नई आरडब्ल्यूए को आधिकारिक मान्यता मिल गई है।

संस्था के संरक्षक सलेक चंद शर्मा और सुंदर लाल भाटी ने बताया कि नई आरडब्ल्यूए का गठन पूर्ण पारदर्शिता, संवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों को आधार बनाकर किया गया है। संस्था का उद्देश्य किसी भी प्रकार के विवाद से बचते हुए आपसी समन्वय के माध्यम से क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करना तथा सभी निवासियों को सदस्य बनने का अवसर प्रदान करना है।

पंजीकरण प्रमाणपत्र मिलने के बाद सेक्टर-11 के ए, बी, सी, डी, ई, एफ एवं जी ब्लॉकों के सामाजिक एवं गणमान्य लोगों की एक विस्तृत बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन के विस्तार, कार्ययोजना एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। उपस्थित लोगों ने सर्वसम्मति से विश्वास जताया कि संस्था अपने घोषित उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करते हुए सभी ब्लॉकों में स्वच्छता, सुरक्षा, मूलभूत सुविधाओं एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देगी।

संस्था नवनिर्वाचित अध्यक्ष तेजेश चौहान एवं अन्य सभी पदाधिकारियों ने क्षेत्रवासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक सहभागिता से ही प्रताप विहार सेक्टर-11 को एक आदर्श आवासीय क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।

गुरुवार, 26 फ़रवरी 2026

एफडीएम आधारित एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (3डी प्रिंटिंग) पर आरकेजीआईटी में विशेष कार्यशाला का आयोजन

 


                                मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । राज कुमार गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आरकेजीआईटी), गाजियाबाद के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा 24 फरवरी को एफडीएम तकनीक आधारित 3डी प्रिंटिंग विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में डिप्लोमा के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए 3डी प्रिंटिंग तकनीक का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया।

विद्यार्थियों को 3डी प्रिंटर के प्रमुख भागों के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही 3डी प्रिंटिंग में उपयोग होने वाले विभिन्न प्रकार के फिलामेंट एवं उनके गुणों की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम में 3डी प्रिंटिंग के विभिन्न क्षेत्रों जैसे शिक्षा, डिजाइन, उत्पाद विकास, विनिर्माण तथा अन्य औद्योगिक अनुप्रयोगों में इसके महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

विभागाध्यक्ष (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) डॉ. पंकज कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान औद्योगिक परिदृश्य में 3डी प्रिंटिंग जैसी उन्नत तकनीकों का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने और अपने कौशल को निरंतर विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

संस्थान के निदेशक डॉ. बी. सी. शर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ विद्यार्थियों के तकनीकी कौशल, नवाचार क्षमता एवं उद्योगोन्मुख दृष्टिकोण को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। 

वाइस चेयरमैन अक्षत गोयल  ने भी विभाग के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि व्यावहारिक प्रशिक्षण और तकनीकी समझ ही विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करती है।

कार्यशाला का समन्वय मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री अंकित द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी छात्रों ने, कार्यशाला को अत्यंत ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया।

एडीआरएफकी 8वी वाहिनी मे हुई 4 दिवसीय ढही हुई संरचना खोज और बचाव प्रतियोगिता का हुआ समापन




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 8वीं वाहिनी में  23 फरवरी से 26 फरवरी 2026 तक चार दिवसीय उत्तरी क्षेत्र सीएसएसआर (Collapsed Structure Search and Rescue) ढही हुई संरचना खोज और बचाव) प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया।

प्रतियोगिता का समापन  गंभीर सिंह चौहान, उप महानिरीक्षक (डीआईजी), नॉर्थ ज़ोन, मुख्यालय एनडीआरएफ, एडिशनल पुलिस कमिश्नर गाजियाबाद, केशव कुमार चौधरी आईपीएस द्वारा किया गया। 

इस प्रतियोगिता में 07 राज्यों की 08 टीमों ने भाग लिया, जिनमें हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर, उत्तराखंड, पंजाब तथा दिल्ली की एसडीआरएफ टीमें शामिल रहीं। कुल 171 प्रतिभागियों ने विभिन्न आपदा परिदृश्यों पर आधारित व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रतिस्पर्धाओं में अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में 08 कैनाइन (डॉग स्क्वॉड) भी शामिल रहे, जिन्होंने मलबे में खोज एवं बचाव (Search & Rescue) संबंधी अभ्यासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रतियोगिता परिणाम: प्रथम स्थान: हिमाचल प्रदेश एसडीआरएफ.  द्वितीय स्थान: उत्तर प्रदेश एसडीआरएफ

उक्त दोनों टीमों का चयन राष्ट्रीय स्तर की सीएसएसआर प्रतियोगिता हेतु किया गया है।

समापन समारोह में अपने संबोधन के दौरान डीआईजी गंभीर सिंह चौहान ने कहा कि भारत के अधिकांश क्षेत्र भूकंप एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं। ऐसे में एनडीआरएफ द्वारा एसडीआरएफ टीमों को नियमित रूप से उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिससे वे किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने में सक्षम हों।

इस अवसर पर  सुदेश कुमार, कमांडेंट, 8वीं वाहिनी एनडीआरएफ ने जानकारी दी कि प्रतियोगिता में भाग लेने से पूर्व एनडीआरएफ की विभिन्न वाहिनियों द्वारा संबंधित टीमों को पूर्व प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। इसी क्रम में 8वीं वाहिनी एनडीआरएफ, गाजियाबाद द्वारा उत्तर प्रदेश एसडीआरएफ टीम को लखनऊ में प्रतियोगिता पूर्व विशेष प्रशिक्षण (Pre-Competition Training) दिया गया, जिससे टीम की तकनीकी दक्षता एवं प्रतिस्पर्धात्मक तैयारी को और अधिक सुदृढ़ किया जा सका। आगामी राष्ट्रीय सीएसएसआर प्रतियोगिता का फाइनल भी गाजियाबाद स्थित 8वीं वाहिनी में आयोजित किया जाएगा, जिसमें सभी ज़ोनों से प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली कुल 08 टीमें प्रतिभाग करेंगी।

बुधवार, 25 फ़रवरी 2026

तथाकथित सवर्णों को साक्षी महाराज से कुछ सीखना चाहिए_महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी



सवर्णों को धमकाने वाले साक्षी महाराज को महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी का जवाब

गाजियाबाद । आज शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने एक वीडियो जारी करके तथाकथित सवर्णों को धमकाने वाले भाजपा सांसद साक्षी महाराज को उत्तर दिया है।

जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि साक्षी महाराज को जो कुछ मिला वो राम मंदिर और हिंदुत्व के कारण मिला है।आज तथाकथित सवर्णों को साक्षी महाराज 90 प्रतिशत से डरा रहे हैं जबकि तथाकथित सवर्णों की वोट के बिना वो कभी भी कोई चुनाव नहीं जीत पाए हैं और न ही आगे जीत सकते हैं।जिन तथाकथित सवर्णों ने उन्हें हमेशा सर माथे बैठाया,आज वो स्वयं को मुसलमानों,तथाकथित पिछड़ों और अन्य के साथ मिलकर दमन की धमकी दे रहे हैं।

उन्होंने साक्षी महाराज को यह भी याद दिलाया कि तथाकथित पिछड़ों की उपेक्षा के नाम पर वो भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में गए थे और वहां चुनाव नहीं जीत पाने की स्थिति में भाजपा में फिर वापस आ गए।अपनी इस अवसरवादिता को कोसने के बजाय वो हमे धमका रहे हैं,ये बहुत ही शर्मनाक है।

डा0 के0एन0 मोदी विश्वविद्यालय एवं ग्रैप सिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मध्य हुआ एमओयू

 

सत्ता बन्धु संवाददाता

मोदीनगर। डा0 के0एन0 मोदी विश्वविद्यालय मोदीनगर, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश एवं ग्रैप सिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नोएडा उत्तर प्रदेश के मध्य  एमओयू हुआ।

 डा0 के0एन0 मोदी विश्वविद्यालय मोदीनगर, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश  द्वारा छात्र/छात्राओं को ट्रेनिंग और हैंड्स-ऑन सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के ज़रिए टेक्निकल स्किल्स को विकसित किया जा सके, जिससे कि छात्र/छात्राओं को एकेडमिक और टेक्निकली फ़ायदा होगा।

ग्रैप सिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एक बहुराष्ट्रीय सॉफ्टवेयर कॉर्पोरेशन है, जिसकी स्थापना 1980 में जापान में हुई थी और 1996 से भारत में इसकी उपस्थिति है। वे डेवलपर टूल्स, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सर्विसेज, एजुकेशन सॉल्यूशंस और स्कूल मैनेजमेंट सिस्टम जैसे उत्पादों और सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करते हैं, ग्रेपसिटी के मुख्य ऑफिस अमेरिका, जापान, भारत, चीन, दक्षिण कोरिया, मंगोलिया, वियतनाम और अल्बानिया में हैं। 

समझौता ज्ञापन पर डा0 के0एन0 मोदी विश्वविद्यालय मोदीनगर, गाज़ियाबाद के कुलपति प्रो0 (डॉ0) पी0 एन0 रिषीकेशा  ने तथा ग्रैप सिटी की ओर से उनकी वाइस प्रेसिडेंट सुश्री नाने आओकी द्वारा हस्ताक्षर किए गए। 

इस अवसर पर ग्रेपसिटी इंडिया के सीनियर मैनेजर-OM और कैंपस एंगेजमेंट मधु के बुजू, तथा  डॉ के0एन0 मोदी फ़ाउंडेशन के कुलसचिव श्री यू0एन0 मिश्रा, ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट अधिकारी श्री अजय प्रजापति  एवं  श्री आशीष मिश्रा उपस्थित रहे।

इस अवसर पर दोनों संस्थानों के बीच अकादमिक एवं तकनीकी सहयोग को और अधिक मजबूत करने पर जोर दिया गया। इससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, इस अवसर पर कुलपति प्रो0 (डॉ0) पी0 एन0 रिषीकेशा  ने कहा कि यह समझौता  विश्वविद्यालय के छात्र/छात्राओं के इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के संबंध मे एक मील का पत्थर साबित होगा, तथा यह समझौता  विश्वविद्यालय लिए गौरव का विषय है और अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

क्षेत्र का विकास ही मेरी प्रार्थमिकता है--विधायक संजीव शर्मा

 







                            मुकेश गुप्ता

 गाजियाबाद । सांसद  अतुल गर्ग व गाजियाबाद एवं शहर विधायक संजीव शर्मा द्वारा भाटिया मोड़ से लाल कुआं फ्लाईओवर हनुमान मंदिर तक ज़ी टी रोड के दोनों तरफ सड़क निर्माण, डिवाइडर निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस महत्वपूर्ण परियोजना की अनुमानित लागत ₹16 करोड़ 34 लाख 27 हजार है।

इस अवसर पर सांसद अतुल गर्ग ने कहा कि इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र में व्यापार को बढ़ावा मिलेगा तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सदैव गाजियाबाद सहित पूरे प्रदेश के विकास के लिए संकल्पित एवं प्रयासरत रहते हैं।

शहर विधायक संजीव शर्मा  ने कहा कि शहर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की गति निरंतर जारी है। आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कराए जा रहे हैं और भविष्य में भी विकास की गतिविधियां इसी प्रकार जारी रहेंगी।

मीडिया प्रभारी अजय चोपड़ा ने बताया कि माननीय सांसद जी एवं विधायक जी सदैव अपने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए चिंतित रहते हैं और जनहित में निरंतर कार्य कर रहे हैं।

इस अवसर पर गाँधी नगर मंडल अध्यक्ष वरुण नागर, क्रासिंग मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, शहर मंडल अध्यक्ष महिम गुप्ता,क्षेत्रीय पार्षद विनील दत,पार्षद उदित मोहन, पार्षद पूनम सिंह, पार्षद ओमप्रकाश ओड, पार्षद कन्हैया, पार्षद संतोष राणा,पार्षद देवनारायण शर्मा, अनुज मित्तल,राजेंद्र मित्तल,उमेश भाटी,अतुल शर्मा,धीरज सिंह नागर, हिमांशु पाराशर, आशुतोष शर्मा, राहुल भाटी, मनोज कांगड़ा, अनु चौधरी, एम पी जैन, मनोज, अमित, संजय आदि उपस्थित रहे

               

             

   

स्कूल में नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर व जागरूकता सेमिनार आयोजित,गणेश अस्पताल के डाक्टरों ने ,बच्चों को दी सुरक्षा व स्वास्थ्य की जानकारी


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । राजनगर एक्सटेंशन स्थित श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल में गणेश हॉस्पिटल की ओर से नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर एवं जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बिराज फाउंडेशन तथा उज्जवल भारत मिशन के संयुक्त संयोजन में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान गणेश हॉस्पिटल की सीईओ डॉ मोनिशा शर्मा एवं उज्जवल भारत मिशन की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पल्लवी भारद्वाज ने बच्चों को ह्यगुड टच-बैड टचह्ण, व्यक्तिगत सुरक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, संतुलित खानपान तथा सोशल मीडिया के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बच्चों ने इन महत्वपूर्ण विषयों को गंभीरता से सुना और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया। साथ ही हॉस्पिटल की मेडिकल टीम द्वारा सभी बच्चों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया।

बिराज फाउंडेशन की ओर से डॉ निशा ने बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में प्रेरित किया और जीवन में शिक्षा की भूमिका पर प्रकाश डाला। विद्यालय की प्रिंसिपल प्रीति तिवारी ने कहा कि विद्यालय में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम एवं स्वास्थ्य शिविर भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, जिससे बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।

बिराज फाउंडेशन के संस्थापक एवं गणेश हॉस्पिटल के जनरल मैनेजर डॉ बिराज ने कहा कि उनकी संस्था सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर कार्य करती रहेगी। वहीं उज्जवल भारत मिशन के प्रदेश अध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने बताया कि उनकी संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, बाल अधिकार एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती रहती है।

इस अवसर पर उज्जवल भारत मिशन के संस्थापक अध्यक्ष उमेश शर्मा, विद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी दिलीप जी सहित स्कूल प्रबंधन, समस्त स्टाफ, गणेश हॉस्पिटल की मेडिकल टीम और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करना रहा।

मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे. पी. नड्डा ने यशोदा मेडिसिटी ने एमएमजी ज़िला अस्पताल, गाज़ियाबाद के साथ एआई-सक्षम ई-आईसीयू कमांड सेंटर की शुरुआत की

 




                             मुकेश गुप्ता

एम एम जी अस्पताल को उन्नत क्रिटिकल केयर सेवाओं से जोड़ा गया

दिल्ली-एनसीआर, 24 फ़रवरी 2026: यशोदा मेडिसिटी ने रोगी-केंद्रित और तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मज़बूत करते हुए एआई-सक्षम ई-आईसीयू कमांड सेंटर की शुरुआत की। यह पहल यशोदा फ़ाउंडेशन्स के अंतर्गत एक सीएसआर (कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य तकनीक और विशेषज्ञ निगरानी के माध्यम से गंभीर मरीजों की देखभाल को बेहतर बनाना है।

इस कमांड सेंटर का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री  जे. पी. नड्डा ने यशोदा मेडिसिटी के वरिष्ठ नेतृत्व और चिकित्सकों की उपस्थिति में किया। इस पहल के तहत यशोदा मेडिसिटी के बेस कमांड सेंटर को एमएमजी ज़िला अस्पताल, गाज़ियाबाद के आईसीयू से जोड़ा गया है।

यहां आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से मरीजों से जुड़े डेटा का रियल-टाइम विश्लेषण किया जाता है। यदि मरीज की स्थिति बिगड़ने की संभावना होती है, तो सिस्टम पहले से चेतावनी देता है। इससे दूर बैठकर विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा निगरानी, बेहतर समन्वय और तय चिकित्सा प्रक्रियाओं के अनुसार इलाज संभव हो पाता है।

अस्पताल की सूचना प्रणालियों और बेडसाइड मॉनिटरिंग उपकरणों से जुड़कर यह एआई-सक्षम ई-आईसीयू प्लेटफ़ॉर्म मरीजों के बड़े डेटा को एक ही डैशबोर्ड पर दिखाता है। इसमें मौजूद विशेष एआई इंजन मरीजों के जोखिम का आकलन करता है और ज़रूरत पड़ने पर तुरंत अलर्ट भेजता है। इससे डॉक्टरों को त्वरित और सही निर्णय लेने में मदद मिलती है, संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है और इलाज की लागत कम करने में भी सहायता मिलती है।

यशोदा मेडिसिटी की एक समर्पित और विशेषज्ञ क्रिटिकल केयर टीम इस कमांड सेंटर से 24x7 निगरानी करती है और ज़रूरत के अनुसार समय पर मार्गदर्शन करती है, जिससे वैश्विक मानकों के अनुरूप इलाज सुनिश्चित होता है।


यह पहल न केवल गंभीर रूप से बीमार मरीजों के इलाज के परिणामों में सुधार लाने में सहायक है, बल्कि आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के मरीजों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली आईसीयू सेवाओं को अधिक सुलभ और किफ़ायती बनाने में भी मदद करती है।

मरीजों की निगरानी के साथ-साथ यह प्रणाली ज़मीनी स्तर पर काम कर रही मेडिकल टीमों के लिए प्रशिक्षण और मार्गदर्शन का भी माध्यम है। तय चिकित्सा प्रक्रियाओं और एआई से मिलने वाली जानकारी के ज़रिये विभिन्न आईसीयू में इलाज की गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित होती है।

यह एआई-सक्षम ई-आईसीयू कमांड सेंटर यशोदा मेडिसिटी की उस दीर्घकालिक सीएसआर सोच का हिस्सा है, जिसके तहत एक जुड़े हुए क्रिटिकल केयर नेटवर्क का निर्माण किया जा रहा है। यशोदा मेडिसिटी ने अपनी लगभग सभी चिकित्सा सेवाओं में एआई तकनीक को अपनाया है और डेटा आधारित, सटीक और तकनीक-सहायता प्राप्त इलाज को आगे बढ़ा रहा है। आने वाले समय में इस मॉडल को अन्य ज़िला अस्पतालों तक भी विस्तार दिया जाएगा, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक विशेषज्ञ इलाज पहुंच सके।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री  जे. पी. नड्डा ने कहा, “यशोदा मेडिसिटी की एआई-सक्षम ई-आईसीयू जैसी पहल यह दिखाती है कि तकनीक के ज़रिये स्वास्थ्य सेवाओं को किस तरह मज़बूत किया जा सकता है। यह सीएसआर पहल गंभीर मरीजों के लिए लगातार विशेषज्ञ निगरानी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगी साथ ही अन्य अस्पतालों को भी समाज के लिए योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी।”

डॉ. पी. एन. अरोड़ा, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, ने कहा कि हमारी हमेशा से यही सोच रही है कि हर मरीज को विश्वस्तरीय इलाज मिले। एआई-सक्षम ई-आईसीयू कमांड सेंटर के ज़रिये हम आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ देखरेख को अस्पताल की सीमाओं से बाहर तक पहुंचा रहे हैं। इसका उद्देश्य ज़मीनी स्तर पर काम कर रही मेडिकल टीमों को लगातार सहयोग देना है ताकि सही समय पर सही इलाज संभव हो सके।

 शुभांग अरोड़ा, एग्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने कहा कि यह एआई-सक्षम ई-आईसीयू कमांड सेंटर हमारी उस सोच को दर्शाता है, जिसमें तकनीक के ज़रिये बड़े स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। एआई और रियल-टाइम निगरानी के माध्यम से हम क्रिटिकल केयर के मानकों को और मज़बूत कर रहे हैं।

यह उद्घाटन यशोदा मेडिसिटी की रोगी सुरक्षा, इलाज की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं के नए मानक स्थापित करने की प्रतिबद्धता को दिखाता है।

यशोदा मेडिसिटी के बारे में:

यशोदा मेडिसिटी दिल्ली-एनसीआर में स्थित एक अत्याधुनिक क्वाटरनरी केयर अस्पताल है, जो यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की तीन दशकों की विरासत पर आधारित है। 8+ एकड़ में फैले इस परिसर में कुल 1,200 बेड हैं, जिनमें से पहले चरण में 635 बेड कार्यरत हैं। यहां 65 से अधिक विशेषताएं और 12 से अधिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हैं। यह अस्पताल आधुनिक तकनीक, हरित और डिजिटल डिज़ाइन तथा रोगी-केंद्रित देखभाल के साथ भारत और अंतरराष्ट्रीय मरीजों के लिए उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है।



गाजियाबाद के हिंदी रचनाकार नागेन्द्र त्रिपाठी मातृभाषा रत्न सम्मान से अलंकृत




                           मुकेश गुप्ता

-12 पुस्तकों के यशस्वी लेखक हैं नागेन्द्र त्रिपाठी

-गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी सम्मिलित है नागेन्द्र त्रिपाठी 

गाजियाबाद । गाजियाबाद के सुप्रसिद्ध लेखक, कवि, साहित्यकार व समाजसेवी नागेन्द्र त्रिपाठी को नेपाल की राजधानी काठमांडू में मातृभाषा रत्न अंतर्राष्ट्रीय मानद उपाधि सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें मातृभाषा हिन्दी के प्रचार - प्रसार व उन्नयन में उल्लेखनीय योगदान हेतु दिया गया।

यह गरिमामयी सम्मान नेपाल की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल द्वारा प्रदान किया गया। समारोह का उद्देश्य नेपाल-भारत मैत्री विकास, देवनागरी लिपि के संरक्षण एवं संवर्धन, हिंदी-नेपाली जैसी मैत्री भाषाओं के वैश्विक प्रचार-प्रसार के साथ-साथ देश-विदेश के कवि, लेखक, साहित्यकार एवं शिक्षकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करना रहा।

इस अवसर पर नेपाल, भारत सहित पाँच देशों के अनेक साहित्यिक एवं शैक्षिक प्रतिभाओं को मातृभाषा रत्न मानद उपाधि तथा मातृभाषा गौरव सम्मान से अलंकृत किया गया। इसी क्रम में नागेन्द्र त्रिपाठी को उनके उल्लेखनीय साहित्यिक, शैक्षिक एवं सामाजिक योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र (सर्टिफिकेट) प्रदान कर सम्मानित किया गया। नागेन्द्र त्रिपाठी के साथ ही चार देशों की कई प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया है, जिसमें से 17 वर्ष की नव प्रतिभा से लेकर 86 वर्ष के अग्रजों का सम्मान किया गया है। 

नागेन्द्र त्रिपाठी गाजियाबाद के चर्चित कवि, लेखक , समाजसेवी एवं साहित्यिक संपादक हैं। उनकी कई एकल कृतियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं तथा वर्तमान में वे बुलंदी अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्था के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी हैं। वे विभिन्न साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं और इससे पूर्व भी उन्हें अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।

सम्मान अवसर पर संस्था के अध्यक्ष आनन्द गिरि मायालु ने बधाई देते हुए कहा कि शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन का उद्देश्य प्रतिभाशाली रचनाकारों को प्रोत्साहित कर उनमें नव ऊर्जा का संचार करना है। उन्होंने कहा कि नागेन्द्र त्रिपाठी जैसी लोकप्रिय हस्ती एवं संवेदनशील कवि का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना अत्यंत गौरव का विषय है। उनकी कविताएँ समाज को सकारात्मक दिशा और प्रेरक संदेश देती हैं।

नागेन्द्र त्रिपाठी के इस सम्मान की सूचना मिलते ही साहित्यिक जगत में हर्ष का वातावरण है। उनके शुभचिंतकों, मित्रों एवं साहित्यप्रेमियों ने उन्हें बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।

होलिका दहन और विशेष ज्योतिषीय उपाय

        

                मदन गुप्ता 'सपाटू'- विभूति फीचर्स

            फाल्गुन का मास नवजीवन का संदेश देता है। यह उत्सव वसंतागमन तथा अन्न समृद्घि का मेघदूत है। जहां गुझिया की मिठास है, वहीं  रंगों की बौछारों से तन मन भी खिल उठते हैं। जहां शुद्घ प्रेम व स्नेह के प्रतीक, कृष्ण के रास का अवसर है वहीं होलिका दहन, अच्छाई की विजय का भी परिचायक भी है। सामूहिक गानों, रासरंग, उन्मुक्त वातावरण का एक राष्ट्रीय, धार्मिक व सांस्कृतिक त्यौहार है।

होलिका दहन का वैज्ञानिक दृष्टिकोण

        होली के आयोजन में अग्नि प्रज्जवलित कर वायुमंडल से संक्रामक विषाणु दूर करने प्रयास होता है। इस दहन में वातावरण शुद्धि हेतु हवन सामग्री के अलावा गूलर की लकड़ी, गोबर के उपले, नारियल, अधपके अन्न आदि के अलावा बहुत सी अन्य ऐसी सामग्री का प्रयोग किया जाता है जिससे आने वाले रोगों के कीटाणु मर जाते हैं। जब लोग 150 डिग्री तापमान वाली होलिका के गिर्द परिक्रमा करते हैं तो उनमें रोगोत्पादक जीवाणुओं को समाप्त करने की प्रतिरोधात्मक क्षमता में वृद्धि होती है और वे कई रोगों से बच जाते है। ऐसी दूर दृष्टि भारत के हर पर्व में विद्यमान है जिसे समझने और समझाने की आवश्यकता है। देश भर में एक साथ एक विशिष्ट रात में होने वाले होलिका दहन, इस सर्दी और गर्मी की ऋतु -संधि में फूटने वाले मलेरिया, वायरल, फ्लू और अनेक संक्रामक रोग-कीटाणुओं के विरुद्ध यह एक धार्मिक सामूहिक अभियान है।

*प्राचीन काल में होली*

       हिरण्यकश्यप जैसे राक्षस के यहां, भक्त प्रह्लाद जैसे ईश्वर भक्तपुत्र का जन्म हुआ। अपने ही पुत्र को पिता ने जलाने का प्रयास किया। हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को वरदान था कि अग्नि उसे जला नहीं सकती। इसलिए प्रह्लाद को उसकी गोद में बिठाया गया। परंतु  ईश्वरनिष्ठ बालक अपनी बुआ की गोद से हंसता खेलता बाहर आ गया और होलिका भस्म हो गई। तभी से प्रतीकात्मक रुप से इस संस्कृति को उदाहरण के तौर पर कायम रखा गया है और उत्सव से एक रात्रि पूर्व, होलिका दहन की परंपरा पूरी श्रद्धा व धार्मिक हर्षोल्लास से मनाई जाती है।            

         भविष्य पुराण में नारद जी युधिष्ठिर से फाल्गुन पूर्णिमा के दिन सब लोगों को अभयदान देने की बात करते हैं ताकि सारी प्रजा उल्लासपूर्वक यह पर्व मनाएं। जैमिनी सूत्र में होलिकाधिकरण प्रकरण, इस पर्व की प्राचीनता दर्शाता है। विन्ध्य प्रदेश में प्राप्त 300 ईस्वी पूर्व के एक शिलालेख में पूर्णिमा की रात्रि में मनाएं जाने वाले इस उत्सव का उल्लेख है। वात्सायन के कामसूत्र में होलाक नाम से इस उत्सव का वर्णन  किया है। सातवीं शती के रत्नावली नाटिका में महाराजा हर्ष ने होली का जिक्र किया है। ग्यारहवीं शताब्दी में मुस्लिम पर्यटक अल्बरुनी ने अपने इतिहास में भारत की होली का विशेष उल्लेख किया है।                        

*होली के रंंग किस राशि के संग?*

         होली आपसी मतभेद मिटाकर गले मिलने का सुअवसर है। परंतु कई बार खुशी का मौका गम में बदल जाता है। प्रेम का प्रवाह नफरत में परिवर्तित हो जाता है। मानव शरीर पर रंगों का वैज्ञानिक और ज्योतिषीय प्रभाव दोनों ही पड़ता है। यह इंसान की मनोवृति प्रभावित करता है। अनुकूल रंग मूड को बढिय़ा बना सकता हैं। वहीं गलत रंग आपको आपस में भिड़ा सकता है।  अत: गलत रंगों से बचना चाहिए। आप यदि अपनी राशि के अनुसार रंग लगाएं और विशेष रंग से बचे तो होली का उत्सव और रंगीन हो जाएगा।

*मेष व वृश्चिक* आप लाल, केसरिया  व गुलाबी गुलाल का टीका लगाएं व लगवाएं और काले व नीले रंगों से बचें ।

*वृष व तुला* आपको सफेद, सिल्वर, भूरे, मटमैले रंगों से होली क्रीड़ा भाएगी। हरे रंगों से बचें।

*मिथुन व कन्या* हरा रंग आपके मनोकूल रहेगा। लाल, संतरी रंगों से बचें।

*कर्क* पानी के रंगों से इस होली पर बचें। आसमानी या चंदन का तिलक करें या करवाएं। काले नीले रंगों से परहेज रखें।

*सिंह* पीला, नारंगी और गोल्डन रंगों का उपयोग करें। काला, ग्रे, सलेटी  व नीला रंग आपकी मनोवृति खराब कर सकते हैं।

*धनु व मीन* इन राशि वालों के लिए पीला, लाल, नारंगी रंग फिज़ा को और रंगीन बनाएगा। काला रंग न लगाएं न लगवाएं।

*मकर व कुंभ* आप चाहे काला, नीला, ग्रे रंग जितना मर्जी लगाएं या लगवाएं, मस्ती रहेगी पर लाल, गुलाबी गुलाल से बचें।

*सिंथेटिक रंगों की बजाय प्राकृतिक रंगों का करें प्रयोग* 

  सूखे या गीले रंगों में प्राकृतिक वस्तुओं और फूलों का प्रयोग किया जा सकता है। भगवान कृष्ण होली पर टेसू के फूलों का प्रयोग करते थे। लाल रंग पवित्रता, हरा प्रकृति, नीला शांति,पीला शुद्घता, गुलाबी उल्लास तथा काला क्रूरता का आभास देता है। मेंहदी, पालक, पुदीना पीस कर छान लें और प्राकृतिक हरा रंग तैयार है। टेसू, पलाश, गुलमोहर के फूलों से लाल रंग बनाएं। हल्दी तथा गेंदे के फूल आपको  पीला रंग देंगे। अमलतास, अनार के छिलके, चुकंदर गहरा गुलाबी रंग देगा। कचनार से गुलाबी रंग मिलेगा। थोड़ा सा केसर बहुत सा नारंगी रंग बना देता है। चाय या काफी का प्रयोग भी आप ब्राउन रंग के लिए कर सकते हैं।

सूखे रंगों के लिए आप, लाल, पीला व सफेद चंदन मुल्तानी मिट्टी या मैदे में मिलाकर प्राकृतिक गुलाल बना सकते हैं।यह त्वचा के लिए गुणकारी भी रहेगा।

*होलिका दहन पर विभिन्न समस्याओं के लिए  कर सकते हैं  विशेष उपाय* 

         होली व दीवाली ऐसे विशेष अवसर हैं जब हर प्रकार की साधनाएं, तांत्रिक क्रियाएं तथा छोटे छोटे उपाय भी सार्थक हो जाते हैं।

    व्यापार वृद्घि तथा नजर उतारने के लिए,  दुकान, आफिस या कार्यालय में सायंकाल एक सफेद कपड़े पर गेहूं और सरसों की 7-7 ढेरियां रखें। इन पर एक एक काली मिर्च रखें। 7 नीबू के 2-2 टुकड़े कर के इन ढेरियों पर रखें। निम्न मंत्र का 7 बार पाठ करें- ओम् कपालिनी स्वाहा !  मंत्र पाठ समाप्ति पर इस सारी सामग्री की पोटली बनाकर लाल मौली से गांठ लगाकर बांध लें और दुकान या घर में एक सिरे से आरंभ कर के चारों कोनों पर घुमा कर बाहर ले आएं। इस पोटली को होलिका में डाल दें।

दुकान,आफिस, फैक्ट्री या मकान में अक्सर होने वाली या अचानक चोरी या नुक्सान, के बचाव हेतु - सूखा नारियल और तांबे का पैसा घर या दुकान में सात बार चारों कोनों में घुमा कर होलिका में डालें।

धनवृद्घि हेतु होलिका में  यह मंत्र ओम् *श्रीं हृीं श्रीं महालक्ष्मये नम:* 108 बार पढ़ते जाएं और शक्कर की आहुति देते जाएं।

रोग निराकरण के लिए एक सूखा नारियल, एक लौंग, काले तिल, सरसों पीड़ित पर 7 बार उल्टा घुमा के होलिका में डालें।

कार्यसिद्घि के लिए, खोपरे के दो आधे-आधे कटोरे की शक्ल में टुकड़े कर लें। इस में कपूर, काले तिल, बर्फी, सिंदूर, हरी इलायची, लौंग रख के इस मंत्र की एक माला करें- *ओम् हृीं क्लीं फट् स्वाहा* सामग्री को काले कपड़े में बांध कर होलिका में 7 परिक्रमा करके अर्पित कर दें।

          दांपत्य जीवन में मिठास लाने के लिए - रुई की 108 बत्तियां देसी घी में भिगोकर होलिका में संबंध सुधार की अनुनय सहित डालें।

         यदि आपको लगता है कि किसी ने आपके ऊपर तांत्रिक अभिचार किया हुआ है जिसके कारण आपकी प्रगति ठप्प हो गई है तो देसी घी में भीगे दो लौंग, एक बताशा,एक पान का पत्ता होलिका दहन में अर्पित करें। दूसरे दिन वहां की राख लाकर शरीर पर मलें और नहा लें। तांत्रिक अभिचार दूर हो जाएगा।

यदि आपको लगता है कि बच्चे को किसी की नजर लग गई है तो - देसी घी में भीगे पांच लौंग, एक बताशा,एक पान का पत्ता होलिका दहन में अर्पित करें। दूसरे दिन वहां की राख लाकर ताबीज में भर के बच्चे को पहनाएं

        यदि आपके घर को बुरी नजर लग गई है उसे उतारने का यह स्वर्णिम अवसर है। देसी घी में भीगे दो लौंग, एक बताशा, मिश्री, एक पान का पत्ता होलिका दहन में अर्पित करें। दूसरे दिन वहां की राख लाकर  लाल कपड़े में बांधकर घर में रखें।

          यदि कोई आपकी धन वापसी  में बेईमानी कर रहा है और आप मुकदमे में नहीं पड़ना चाहते तो - होलिका दहन स्थल पर धन न लौटाने वाले का नाम जमीन पर अनार की लकड़ी से त्रिकोण के अन्दर लिखें और उस पर हरा गुलाल छिड़क दें।होलिका माता से धन वापसी की प्रार्थना करें।अगले दिन वहां से राख उठा के जल में उस व्यक्ति का नाम लेते हुए प्रवाहित कर दें।

यदि शत्रुता की बाधा है तो - होलिका में उल्टे चक्कर लगाते हुए आक की जड़ के 7 टुकड़े, विरोधी का नाम लेते हुए डालें। यदि व्यापार में लगातार घाटा या  आर्थिक हानि हो रही है तो- होलिका दहन की सायं दुकान या मकान के मुख्य द्वार की चौखट पर गुलाल छिड़कें, उस पर आटे का बना चार मुखी दीपक  जलाएं। उस दीपक को जलती होलिका में डाल आएं।

        गंभीर रोग यदि मेडिकल उपचार से भी ठीक नहीं हो रहा तो - देसी घी में भीगे दो लौंग, एक बताशा, मिश्री, एक पान का पत्ता होलिका दहन में अर्पित करें। दाएं हाथ में 4 गोमती चक्र लेकर रोग मुक्ति की प्रार्थना करें। चक्र  रोगी की पलंग के चारों पायों में चांदी की तार से बांध दें।

    11 गोमती चक्र पीड़ित के ऊपर से 21 बार विपरीत दिशा में घुमाएं और होलिका में फेंक दें या दक्षिण दिशा में फेंकें या दो लौंग, काले तिल, सरसों,नारियल 21 बार उसार के अग्नि में डालें।

         यदि  पति या पत्नी किसी के चंगुल में है तो  होली की 7 परिक्रमा करते हुए औरत या उस पुरुष का नाम लेंकर 7 गोमती चक्र डालते जाएं।

    यदि  राज्यप्रकोप हो तो  तेजफल और गेहूं की एक मुट्ठी होलिका में डालें ।

     किसी प्रकार का विवाद, दोस्तों से मनमुटाव हो तो एक मुट्ठी चावल और 7 फूटी कौडिय़ां होलिका में भस्मित करेंं।

          किसी प्रकार का भाइयों से मनमुटाव या भूमि विवाद हो तो 11 नीम की पत्तियां और लाल चंदन, होलिका दहन में अर्पित करें।

     गले या वाणी संबंधी रोग के लिए- हरी मूंग की एक मुट्ठी डालें।

    पिता या किसी बुजुर्ग से विवाद समाप्ति हेतु, हल्दी की 7 गांठें और एक मुटठी चने की दाल डालें।

खांसी, अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति के ऊपर से सात बार उल्टा घुमा कर 48 बादाम होलिका में समर्पित करें।

पुत्र या पुत्री से परेशानी, हो या वह कहने में न हो तो सूखे प्याज लहसुन और हरा नींबू होलिका में डालें।

ये अनुभूत उपाय हैं जिन्हें सदियों से हमारे देश में प्रयोग कर लाभ उठाया जा रहा है। *(विभूति फीचर्स)*

जिला प्रशासन 10 मार्च को करेगा “गाज़ियाबाद सीएसआर एवं सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव 2026” का आयोजन--अभिनव गोपाल



                           मुकेश गुप्ता

गाज़ियाबाद । जिला प्रशासन गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद सीएसआर एवं सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन 10 मार्च 2026, प्रातः 9:30 बजे से सांय 6:00 बजे तक, रेडिसन ब्लू, कौशांबी में करेगा। उक्त जानकारी मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने दुर्गावती देवी सभागार, विकास भवन में आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि यह कॉन्क्लेव सार्थक कलेक्टिव, जो नई दिल्ली स्थित एक प्रबंधन परामर्श (मैनेजमेंट कंसल्टिंग) फर्म है, के साथ रणनीतिक साझेदारी में आयोजित किया जा रहा है। 

सीडीओ ने बताया कि इस कॉन्क्लेव का प्रमुख उद्देश्य गाज़ियाबाद जनपद में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) निवेश, सस्टेनेबिलिटी पहलों तथा उद्योग सहभागिता को जिला प्रशासन की प्राथमिक विकास आवश्यकताओं के साथ एक संरचित ढांचे में जोड़ना है। यह पहल सीएसआर व्यय को अलग-अलग एवं बिखरी हुई गतिविधियों के रूप में देखने के बजाय, उसे एक समन्वित, परिणाम-उन्मुख और दीर्घकालिक जिला विकास रणनीति के रूप में स्थापित करने का प्रयास है।

कॉन्क्लेव का लक्ष्य विभिन्न कॉर्पोरेट्स, उद्योग संगठनों, एमएसएमई, नागरिक समाज संस्थाओं एवं प्रशासनिक तंत्र के बीच सार्थक संवाद स्थापित करना है, ताकि गाज़ियाबाद के लिए एक स्पष्ट, प्राथमिकताबद्ध और मापनीय जिला सामाजिक कार्य योजना तैयार की जा सके। इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य सीएसआर गतिविधियों में व्याप्त विखंडन को समाप्त कर, उन्हें एक साझा विज़न, डेटा-आधारित दृष्टिकोण और जवाबदेह क्रियान्वयन प्रणाली के साथ जोड़ना है, जिससे विकासात्मक एवं पर्यावरणीय परिणामों को प्रभावी रूप से मापा और विस्तारित किया जा सके।

प्रमुख विषय-वस्तु

कॉन्क्लेव में गाज़ियाबाद के सामाजिक-आर्थिक एवं पर्यावरणीय परिदृश्य से जुड़े प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं:

- औद्योगिक मांग के अनुरूप शिक्षा एवं व्यावसायिक कौशल विकास

- सार्वजनिक स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण एवं टेलीहेल्थ एकीकरण

- भूजल पुनर्भरण एवं जल संसाधन प्रबंधन

- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं स्वच्छ शहरी प्रणाली

- पशु कल्याण एवं ग्रामीण आजीविका संवर्धन

- जिला स्तरीय डीकार्बोनाइजेशन एवं ईएसजी-संबद्ध विकास

इस अवसर पर एक संरचित जिला डीकार्बोनाइजेशन फ्रेमवर्क भी प्रस्तुत किया जाएगा, जिसका उद्देश्य गाज़ियाबाद को जलवायु-अनुरूप विकास एवं विनियामक तत्परता के लिए एक आदर्श औद्योगिक जनपद के रूप में स्थापित करना है।

*प्रायोजक एवं संस्थागत सहयोगी*

कॉन्क्लेव को डाबर रेड पेस्ट द्वारा पावर्ड किया जा रहा है तथा निम्नलिखित प्रमुख औद्योगिक साझेदारों का सहयोग प्राप्त है:

- कॉन्टिनेंटल कार्बन इंडिया – आतिथ्य साझेदार

- समरकूल टेक्नोलॉजीज़ – एमएसएमई साझेदार

- हमदर्द लेबोरेट्रीज़ – हेल्थकेयर साझेदार

- श्रीराम पिस्टन्स एंड रिंग्स – मोबिलिटी साझेदार

- एचडीएफसी बैंक – बैंकिंग साझेदार

ये साझेदारियां उद्योग जगत की उस सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, जिसके माध्यम से गाज़ियाबाद के संरचित एवं सतत विकास रोडमैप में सार्थक योगदान दिया जा सके।

*सहभागिता एवं अपेक्षित परिणाम*

इस कार्यक्रम में राज्य स्तरीय राजनीतिक प्रतिनिधित्व, जिला प्रशासन एवं नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, प्रमुख परास्तलीय निकायों के प्रतिनिधि, अग्रणी कॉर्पोरेट्स के सीएसआर एवं सस्टेनेबिलिटी प्रमुख, एमएसएमई प्रतिनिधि तथा नागरिक समाज संगठनों की भागीदारी अपेक्षित है।

कॉन्क्लेव के माध्यम से गाज़ियाबाद में सीएसआर निवेश की दिशा, प्राथमिकताओं और क्रियान्वयन तंत्र को अधिक स्पष्ट एवं संस्थागत स्वरूप दिया जाएगा। इसका उद्देश्य शासन एवं उद्योग के बीच स्थायी सार्वजनिक–निजी साझेदारी को सुदृढ़ करना तथा जनपद को एक अग्रदर्शी, सस्टेनेबिलिटी-उन्मुख औद्योगिक मॉडल के रूप में स्थापित करना है।

कॉन्क्लेव से संबंधित अधिक जानकारी हेतु हितधारक निम्न वेबसाइट पर जा सकते हैं:

https://www.saarthakcollective.com/ghaziabadcsrconclave

मीडिया प्रतिनिधियों को कार्यक्रम के कवरेज हेतु आमंत्रित किया जाता है।

सोमवार, 23 फ़रवरी 2026

विधायक संजीव शर्मा ने आरसीसी नाले के निर्माण कार्य में यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए विधुत विभाग व लोक निर्माण अधिकारियों के साथ की बैठक




                              मुकेश गुप्ता

 गाजियाबाद । राष्ट्रीय राजमार्ग 9 की सर्विस रोड के समानांतर कृष्णा नगर बागू मे भारत पेट्रोल पंप से लेकर रोज वेली स्कूल तक मार्ग एवं आरसीसी नाले के निर्माण कार्य में यूटिलिटी शिफ्टिंग के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में संपन्न हुई।

बैठक में बिजली विभाग की ओर से चीफ इंजीनियर पवन अग्रवाल, अधिशासी अभियंता ऐश्वर्या सिंह, एसडीओ अनिल चौरसिया एवं प्रमोद सिंह उपस्थित रहे। वहीं लोक निर्माण विभाग की ओर से अधिशासी अभियंता रामराजा, सहायक अभियंता डी.के. शर्मा, अवर अभियंता सुशील कुमार शर्मा सहित क्रॉसिंग मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी एवं पार्षद धर्मेंद्र नागर भी मौजूद रहे।

 विधायक  ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि यूटिलिटी शिफ्टिंग की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी न हो और निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को सुगम आवागमन एवं बेहतर जल निकासी व्यवस्था का लाभ मिल सके।

                   

           

दिल्ली में क्षत्रिय समाज के कार्यालय पर एक केन्द्रीय कमेटी बैठक कि सम्पन्न

  



नई दिल्ली । रविवार शाम को शास्त्री नगर दिल्ली-52 में क्षत्रिय समाज के कार्यालय पर एक बैठक केन्द्रीय कमेटी द्वारा आयोजित कि गई जिसमें यूजीसी 2026 अध्यादेश को वापस लेने सम्बंधित ज्ञापन भारत के सभी जिलों में adm एवं जिलाधिकारी द्वारा 6 मार्च को राष्ट्रपति महोदया को भिजवाने हेतु आहुत कि गई जिसकी अध्यक्षता  राष्ट्रीय संयोजक श्री रमेश सिंह राघव जी ने कि एवं समस्त जागरूक नागरिकों से अनुरोध किया गया कि ज्ञापन का प्रारुप भेजा जा रहा है, या तो उसी का प्रिंट निकाल कर या आप अपनी-अपनी संस्था के लैटर पैड पर एक समान भाषा में, एक ही दिन शुक्रवार 6 मार्च को अपने अपने जिले व तहसील स्तर पर अपने अन्य साथियों के साथ व सभी जिलों में सभी साथियों से कहकर पूरे देश में ज्ञापन दिलवाना सुनिश्चित करें। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव  हिरेंद्र राठौड़, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष गंगा सिंह काठाडी,राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष  सत्यभान सिकरवार एवं समस्त प्रबुद्ध जनों कि उपस्थिति में सर्व सहमति से यह निर्णय लिया गया एवं समस्त स्वर्ण समाज के साथियों द्वारा 6 मार्च को सभी प्रदेशों में इसी रूप से राष्ट्रपति को सभी तहसीलों एवं जनपदो द्वारा ज्ञापन सौंपना निश्चित किया गया

उपस्थित साथी महेश परिहार, रामानुज भदोरिया, रूप सिंह तोमर, सत्यम बिसेन, कमल भदौरिया, भूपेंद्र तोमर, कुंदन भाटी, राजकुमार जादौन, रवि भदोरिया, बिजेंदर राणा आदि 



हिंदू समाज में कोई भी छोटा या बड़ा नहीं हैः श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज

 









                               मुकेश गुप्ता

हमें सभी हिंदुओं को एक माला की तरह पिरोना हैः महामंडलेश्वर नवल किशोर दास महाराज

हिदू धर्म में छूआछूत व भेदभाव के लिए कोई जगह ही नहीं हैः स्वामी चक्रपाणि महाराज

गाजियाबादः सकल हिंदू समाज सिद्धार्थ विहार गाजियाबाद द्वारा रविवार को विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सिद्धार्थ विहार चौक, पुलिस चौकी के पास हुए विराट ह्रिदू सम्मेलन के मुख्य अतिथि सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज रहे। विशिष्ट अतिथि  दिल्ली संत महामंडल के महामंत्री महामंडलेश्वर नवल किशोर दास महाराज, अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अखिल भारतीय संत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज तथा प्राचीन देवी मंदिर द्वारका पुरी दिल्ली गेट के महंत व जूना अखाड़ा के सचिव गिरिशानंद गिरि महाराज रहे। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि सनातन धर्म ही एकमात्र ऐसा धर्म है, जो पूरे विश्व की ही नहीं समस्त जीव-जंतुओं के ठभी कल्याण की बात कहता है। प्रकृति, वृक्ष, जल, वायु, पृथ्वी, आकाश, सूर्य जिनसे भी हमारा असितत्व है, उन सभी की पूजा करता है। सनातन का अर्थ ही है कि जिसका अंत नो हो और सत्य का कभी अंत नहीं होता है। सनातन धर्म सत्य आधारित धर्म है, इसी कारण युग बदलते रहे और तरह-तरह के हमजे होते रहे, मगर सनातन धर्म यानि हिंदू भक्त धु्रव की तरह अटल रहा और हमेशा अटल रहेगा। आज हिंदू धर्म में जो सबसे बडी विकृति यह आई है कि हम जातिवाद, रंगवाद व क्षेत्रवाद में बंट गए हैं, जबकि सनातन धर्म में जात-पात के लिए कोई जगह ही नहीं है। हम सभी जब एक ही भगवान की संतान हैं तो ना कोई छोटा है और ना ही कोई बडा है। हम सभी एक समान है। अतः हमें इस बात का प्रण लेना है कि हमें एक ऐसे हिंदू राष्ट्र का निर्माण करना है, जिसमें समरसता हो और पूरा हिंदू समाज एक परिवार के रूप रहता हो। इस कार्य के लिए संतों को एकजुट होकर आगे आना होगा क्योंकि संत हिंदुओं को एकजुट कर उन्हें एक परिवार का रूप देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। महामंडलेश्वर नवल किशोर दास महाराज ने कहा कि एक माला में कई तरह के फूल होते हैं। उनका रंग व आकृति भी अलग-अलग होते हैं, मगर एक धागे में जब उन्हें पिरोया जाता है तो सभी एक समान हो जाते हैं। इसी प्रकार हमें सभी हिंदुओं को भी जातवाद, परिवारवाद, क्षेत्रवाद, रंगवाद से मुक्त कर सनातन रूपी माला में पिरोना है। स्वामी चक्रपाणि महाराज ने कहा कि हिदू धर्म में छूआछूत व भेदभाव के लिए कोई जगह ही नहीं है। हिंदू धर्म जाति की नहीं कर्म की बात करता है। हमें जातिवाद के षडयंत्र को असफल करना है और हिंदुओं को एकजुट करना है। महंत गिरिशानंद महाराज ने कहा कि हिंदुओं का एकजुट होना आज की सबसे बडी आवश्यकता है। सकल हिंदू समाज सिद्धार्थ विहार गाजियाबाद के अध्यक्ष यतेंद्र नागर ने सभी संतों का स्वागत अभिनंदन किया। सचिव रवि गुप्ता व  कोषाध्यक्ष रवि धमीजा ने विशेष सहयोग दिया।

परमार्थ निकेतन में कथाव्यास निकुंज जी महाराज के पावन श्रीमुख से श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा हो रही प्रवाहित

 




                        सत्ता बन्धु संवाददाता

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती का पावन सान्निध्य, आशीर्वाद व उद्बोधन

लंदन से आये कथा यजमान रीटा बेन, राकेश भाई जोशी  और सम्पूर्ण जोशी परिवार व ईष्ट मित्र श्रीमद भागवत कथा, परमार्थ गंगा आरती, प्रातःकालीन यज्ञ और परमार्थ निकेतन में होने वाली आध्यात्मिक गतिविधियों को कर रहे आत्मसात

संगीतकार वृंद के मधुर संगीत से पूरा वातावरण हुआ संगीतमय

ऋषिकेश, 23 फरवरी। परमार्थ निकेतन में कथाव्यास निकुंज  महाराज के पावन श्रीमुख से श्रीमद्भागवत महापुराण की अमृतमयी कथा ज्ञान गंगा के रूप में प्रवाहित हो रही है, जिसमें लंदन से आये भक्त, श्रद्धालु आत्मिक शांति, भक्ति और जीवन दर्शन का दिव्य अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। यह दिव्य कथा संदेेश दे रही है कि सनातन संस्कृति की जड़ें आज भी समाज के हृदय में गहराई से समाई हुई हैं। चाहे हम भारत में रह रहे हों या विदेश में, सनातन तो सभी के हृदय में समाहित है।

इस पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, स्वामी शुकदेवानन्द ट्रष्ट के मैनेजिंग ट्रष्टी, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का सान्निध्य, आशीर्वाद और प्रेरणादायी उद्बोधन ने सभी श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जीवन का दर्शन है, जीवन जीने की कला है। यह ग्रंथ हमें करुणा, सेवा, समर्पण और ईश्वर प्रेम का मार्ग दिखाता है। उन्होंने सभी का आह्वान करते हुये कहा कि कथा के माध्यम से प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में उतारें और समाज व राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।

परमार्थ निकेतन गंगा तट पर कथा करवाने हेतु विशेष रूप से लंदन से पधारे कथा यजमान रीटा बेन, राकेश भाई जोशी तथा सम्पूर्ण जोशी परिवार अपने इष्ट मित्रों सहित पधारे हैं। वे कथा श्रवण करने के साथ ही परमार्थ निकेतन की विभिन्न आध्यात्मिक गतिविधियों, गंगा आरती, प्रातःकालीन यज्ञ, ध्यान-साधना और सत्संग को भी आत्मसात कर रहे हैं। विदेशी भूमि से आए इन भक्तों का उत्साह यह संदेश देता है कि सनातन धर्म की महिमा विश्वभर में लोगों को आकर्षित कर रही है।

प्रतिदिन सायंकाल आयोजित होने वाली परमार्थ गंगा आरती में भक्तों की भावपूर्ण उपस्थिति से सम्पूर्ण वातावरण दिव्यता से ओत-प्रोत हो उठता है। माँ गंगा के तट पर दीपों की ज्योति, वेद मंत्रों की गूँज और भजनों की मधुर ध्वनि मन को अद्भुत शांति प्रदान करती है। ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वयं प्रकृति भी इस आध्यात्मिक उत्सव में सम्मिलित होकर भक्ति की धारा में बह रही हो।

संगीतकार वृंद के मधुर भजनों और वाद्य यंत्रों की स्वर लहरियों ने कथा स्थल को संगीतमय बना रही है। भजन श्रद्धालुओं के हृदय को छूते हुआ उन्हें भक्ति रस में सराबोर कर रहा है। परमार्थ निकेतन का स्वर्गतुल्य दिव्य वातावरण, संगीत, कथा और साधना का यह संगम उपस्थित जनसमूह के लिए अविस्मरणीय अनुभव है।

कथाव्यास  निकुंज महाराज अपनी सरल, मधुर और प्रभावशाली वाणी में भागवत के प्रसंगों के माध्यम से जीवन के गूढ़ सत्य का दर्शन करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब हम अपने जीवन में भगवान के नाम, सेवा और सत्संग को स्थान देते हैं, तब भीतर की नकारात्मकता स्वतः समाप्त हो जाती है। भागवत कथा हमें संदेश देती है कि सच्चा सुख बाहरी भोगों में नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धता और ईश्वर के साथ संबंध में निहित है।

श्रीमती रीटा बेन व रमेश भाई जोशी  ने कहा कि हमारा परम सौभाग्य है कि परमार्थ निकेतन के दिव्य प्रांगण में हमें नौ दिनों तक कथा श्रवण करने का परम सौभाग्य प्राप्त हो रहा रहे।

भागवत ज्ञान गंगा समाज को सकारात्मक ऊर्जा, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जागरण की ओर प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम है। परमार्थ निकेतन में प्रवाहित हो रही श्रीमद्भागवत कथा श्रद्धालुओं के जीवन में नई आशा, विश्वास और आध्यात्मिक प्रकाश का संचार कर रही है। इस तरह के आयोजन सनातन संस्कृति की दिव्यता का जीवंत उदाहरण है, जो मानवता को प्रेम, सेवा और सद्भाव का संदेश देते हैं। ऐसी पावन कथाएँ समाज को जोड़ने, संस्कारों को सुदृढ़ करने और राष्ट्र को आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने का माध्यम हैं।