गाजियाबाद । गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की 172वीं बोर्ड बैठक आज गुरुवार को प्राधिकरण सभागार में सम्पन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण बोर्ड के अध्यक्ष तथा मेरठ मण्डल के आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने की, बैठक मे प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नन्द किशोर कलाल , वित्त नियंत्रक ए. के.वाजपेई, सचिव विवेक कुमार मिश्रा के साथ- साथ मा. बोर्ड के सदस्य पवन गोयल व केशव त्यागी व अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे| बैठक में शहर के समग्र एवं दीर्घकालिक विकास से जुड़े 13 महत्वपूर्ण एजेंडों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया तथा सभी प्रमुख प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने बताया कि बैठक में अग्नि सुरक्षा सुदृढ़ीकरण, एरोसिटी परियोजना, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, हरनंदीपुरम आवासीय योजना, हाईटेक एवं इंटीग्रेटेड टाउनशिप परियोजनाओं की प्रगति, भू-उपयोग परिवर्तन, समूह आवास विकास, मॉडल जोनिंग रेगुलेशन्स-2025 तथा आधुनिक शहरी आधारभूत संरचना से जुड़े अनेक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एवं दूरगामी प्रभाव वाला प्रस्ताव राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र के निकट विकसित की जाने वाली “एरोसिटी” एवं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम परियोजना रही। बोर्ड द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार ग्राम मोरटा, अटौर एवं मेवला अगरी क्षेत्र की लगभग 200.2515 हेक्टेयर भूमि पर एरोसिटी एवं सुनियोजित शहरी विकास परियोजना विकसित किए जाने को स्वीकृति प्रदान की गई।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना हेतु भूमि उपलब्ध कराने के लिए तीन मॉडल तैयार किए हैं जिनमें
•लैंड पूलिंग
•आपसी सहमति से भूमि क्रय
•अधिनियम के माध्यम से भूमि अर्जन को अनुमोदित करते हुए आवश्यक वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यवाही आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। प्राधिकरण द्वारा स्पष्ट किया गया कि किसानों एवं स्थानीय हितों का संरक्षण सुनिश्चित करते हुए परियोजना को पारदर्शी एवं योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने बताया कि प्रस्तावित एरोसिटी परियोजना को गाजियाबाद के भविष्य की “गेम चेंजर” परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत आधुनिक आवासीय सेक्टर, कॉर्पोरेट एवं कमर्शियल हब, होटल, कन्वेंशन सेंटर, विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क, स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर, मनोरंजन क्षेत्र एवं अत्याधुनिक नागरिक सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है। इससे बड़े स्तर पर निवेश, रोजगार सृजन एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की संभावना है। परियोजना हेतु भूमि अधिग्रहण के लिए लगभग ₹2813 करोड़ के वित्तीय अनुमोदन को भी बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।
उन्होंने बताया कि इसी क्रम में उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) एवं GDA के मध्य संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) मॉडल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम विकसित किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। परियोजना में दोनों संस्थाओं की सहभागिता के आधार पर खेल अवसंरचना, भूमि विकास एवं आधुनिक स्पोर्ट्स सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने बताया कि बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यह परियोजना केवल क्रिकेट स्टेडियम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके माध्यम से पूरे क्षेत्र में आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम, हॉस्पिटैलिटी, कमर्शियल गतिविधियों एवं शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। प्रस्तावित स्टेडियम भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी करने में सक्षम होगा तथा गाजियाबाद को वैश्विक खेल मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा।
उन्होंने बताया कि परियोजना में प्राधिकरण एवं UPCA की *50-50 प्रतिशत भागीदारी* (भूमि, निर्माण एवं संचालन) निर्धारित किए जाने संबंधी प्रस्ताव को भी बोर्ड द्वारा स्वीकृति दी गई। साथ ही शासनादेशों एवं वित्तीय प्रक्रियाओं का अनुपालन करते हुए प्रस्ताव शासन को प्रेषित किए जाने हेतु GDA को अधिकृत किया गया।
बैठक में *“हरनंदीपुरम आवासीय योजना* ” के द्वितीय चरण को गति देने हेतु भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बोर्ड द्वारा ग्राम भावापुर, मोरटा एवं शाहपुर निज-मोरटा की कुल 125.2874 हेक्टेयर भूमि आपसी सहमति के आधार पर क्रय किए जाने हेतु लगभग ₹2179.50 करोड़ की धनराशि के वित्तीय अनुमोदन को स्वीकृति प्रदान की गई।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने बताया कि हरनंदीपुरम योजना को गाजियाबाद की भविष्य की सबसे आधुनिक एवं सुव्यवस्थित आवासीय योजनाओं में विकसित किए जाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत चौड़ी सड़कें, आधुनिक सीवरेज एवं ड्रेनेज नेटवर्क, हरित क्षेत्र, पार्क, सामुदायिक सुविधाएं, शिक्षा एवं स्वास्थ्य अवसंरचना तथा स्मार्ट अर्बन सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने बताया कि प्रदेश में तेजी से बढ़ती हाईराइज इमारतों एवं शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से अत्याधुनिक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। ये प्लेटफॉर्म लगभग 102 मीटर ऊंचाई तक राहत एवं बचाव कार्य करने में सक्षम होंगे। इसके लिए GDA द्वारा ₹100 करोड़ की धनराशि उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग को उपलब्ध कराई जा चुकी है। उपकरणों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु “थर्ड पार्टी क्वालिटी एश्योरेंस” की व्यवस्था भी लागू की जाएगी।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने बताया कि बैठक में विभिन्न हाईटेक एवं इंटीग्रेटेड टाउनशिप परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई। समीक्षा के दौरान वेब सिटी परियोजना की वर्तमान प्रगति पर अध्यक्ष द्वारा असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए गए कि विकास कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। यह भी स्पष्ट किया गया कि विकास परियोजनाओं में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण कराया जाएगा।
इसके अतिरिक्त मधुबन बापूधाम योजना के अंतर्गत ग्रुप हाउसिंग, व्यावसायिक, मिश्रित उपयोग एवं सामुदायिक सुविधाओं से संबंधित भूखंडों में मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि तथा जोनिंग रेगुलेशन्स-2025 के अनुरूप आवश्यक संशोधनों को भी बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।
इंदिरापुरम योजना के शक्ति खंड-2 स्थित नियोजित व्यावसायिक भूखंड संख्या C-01 (क्षेत्रफल 6959.586 वर्गमीटर) के भू-उपयोग को व्यावसायिक से आवासीय ग्रुप हाउसिंग में परिवर्तित किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई।
इसके अतिरिक्त गाजियाबाद विकास प्राधिकरण क्षेत्र में संचालित हाईटेक टाउनशिप “ सन सिटी” की संशोधित DPR (क्षेत्रफल 2420.11 एकड़) को भी बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया गया।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि शहर को सुरक्षित, आधुनिक, निवेश-अनुकूल एवं विश्वस्तरीय नागरिक सुविधाओं से युक्त बनाने हेतु सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। आने वाले समय में गाजियाबाद को NCR के सबसे आधुनिक एवं तीव्र गति से विकसित होने वाले शहरों में स्थापित करने की दिशा में प्राधिकरण निरंतर कार्य करता रहेगा।

















































