सोमवार, 14 सितंबर 2026

गणेश चतुर्थी, मिट्टी की प्रतिमा से भीतर की चेतना तक की दिव्य यात्रा

 






संवाददाता

टेम्स के तट पर गूँजी माँ गंगा की आरती

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती, पूज्य स्वामी स्वरूपानन्द एवं पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती का पावन सान्निध्य में हिन्दी दिवस की शुभकामनायें

ऋषिकेश, 14 सितंबर। लंदन के हृदय, टेम्स नदी के तट पर माँ गंगा की आरती भारत की सनातन चेतना का एक भावपूर्ण स्पर्श है। माँ गंगा जी की आरती का टेम्स तट पर आगाज़ दो संस्कृतियों का अद्भुत मिलन है। 

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, पूज्य स्वामी स्वरूपानन्द जी एवं पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी का पावन सान्निध्य में दिव्य टेम्स के तट पर दिव्य गंगा आरती सम्पन्न हुयी।

इस दिव्य अवसर ने यूके के हिंदू समुदाय की एकता और अपनी जड़ों के प्रति प्रेम को भी अत्यंत सुंदर रूप में प्रकट किया। अलग-अलग स्थानों, परिवारों और पीढ़ियों से आए लोग जब एक साथ मिलकर वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेेश पूरी दुनिया को दे रहे हैं। यह गंगा आरती का दीप केवल टेम्स के तट पर नहीं जला, यह उन हृदयों में जला, जो अपनी जड़ों से जुड़े हैं और अपनी संस्कृति के प्रकाश को पूरे विश्व तक पहुँचाना चाहते हैं। टेम्स की धारा से आज मां गंगा का एक मौन संदेश विश्व तक पहुँचा। टेम्स के तट पर प्रज्वलित यह दीप भारत की उस शाश्वत भावना का दीप है, जो कहती है-“सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः।” यूके के हिंदू समुदाय को इस ऐतिहासिक, भावपूर्ण और गौरवमयी क्षण के लिए हृदय से अभिनंदन।

लंदन से परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने गणेशजी की शुभकामनायें देते हुये कहा कि श्री गणेश जी के जन्म की दिव्य कथा, प्रकृति से पुरुष, देह से चेतना और सीमित अहं से विराट अस्तित्व की आध्यात्मिक यात्रा है।

उन्होंने कहा कि गणेशजी का मस्तक अलग होना केवल एक घटना नहीं, बल्कि सीमित ‘मैं’ और अहंकार के विसर्जन का प्रतीक है। जब संकीर्ण अहं की पहचान टूटती है, तभी विराट चेतना का प्राकट्य होता है। भगवान शिव द्वारा उन्हें गज का मस्तक प्रदान करना व्यापक दृष्टि और उच्च चेतना की ओर उनके रूपांतरण का संदेश देता है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि गणेशजी का प्रत्येक अंग जीवन के लिए एक गहन संदेश देता है। उनका विशाल मस्तक हमें विराट दृष्टि अपनाने की प्रेरणा देता है, बड़े कान गहराई से सुनने और छोटी आँखें एकाग्रता का संदेश देती हैं। उनकी सूँड सूक्ष्मतम वस्तु को उठाने के साथ विशाल शक्ति का भी प्रतीक है, जो हमें कोमलता और सामर्थ्य, सूक्ष्मता और शक्ति के संतुलन की शिक्षा देती है। एकदंत हमें सिखाता है कि जीवन में विवेकपूर्वक सार को धारण करना और अनावश्यक को छोड़ना आवश्यक है।

उनका विशाल उदर जीवन में आने वाले सुख-दुःख, मान-अपमान और सफलता-असफलता को पचाने की साधना का प्रतीक है। साधना का अर्थ कठिनाइयों से बचना नहीं, बल्कि यह सीखना है कि परिस्थितियाँ हमारे भीतर विष न बनें। उनके चरणों में स्थित मूषक चंचल मन और अनियंत्रित इच्छाओं का प्रतीक है। गणेशजी उसे नष्ट नहीं करते, बल्कि उस पर आरूढ़ होते हैं। यह संदेश देता है कि मन को मिटाना नहीं, बल्कि मन पर आरूढ़ होना और इच्छाओं को दबाना नहीं, बल्कि उन्हें सही दिशा देना ही साधना है।

पूज्य स्वामी जी ने इस गणेश चतुर्थी पर मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करने और उसके भीतर एक बीज रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रतिमा मिट्टी की हो, उसमें श्रद्धा का भाव हो और विसर्जन के बाद वही मिट्टी प्रकृति में लौटकर एक नए जीवन का आधार बने। उन्होंने कहा कि गणेशजी की प्रतिमा के साथ केवल मिट्टी का विसर्जन न हो, बल्कि एक वृक्ष का जन्म हो और हमारे भीतर भी विवेक, करुणा, संतुलन तथा प्रकृति-प्रेम का बीज अंकुरित हो।

उन्होंने कहा कि श्री गणेशजी की प्रतिमा को घर में स्थापित करना हमारी परंपरा है, लेकिन उन्हें अपने भीतर प्रकट करना सनातन का रहस्य है। यह गणेश चतुर्थी केवल उत्सव न हो, बल्कि प्रकृति-सम्मान, पर्यावरण संरक्षण और आत्म-जागरण का पर्व बने।

मुख्यमंत्री ने किया गाजियाबाद 360 किताब का अनावरण, महापौर तथा नगर आयुक्त को दी शुभकामनाएं

 



मुकेश गुप्ता 

नगर निगम की गाजियाबाद 360 कॉफी टेबल बुक का हुआ अनावरण, 164 पेज में डेढ़ सौ से अधिक कार्यों को दर्शाया

गाजियाबाद । नगर निगम ने शहर हित, पर्यावरण हित में विशेष कार्य किए गए हैं जिसको गाजियाबाद 360 बुक में दर्शाया गया हैl नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश अनुसार गाजियाबाद नगर निगम के सभी विभाग जलकल, उद्यान, स्वास्थ्य, प्रकाश, टैक्स तथा निर्माण विभाग तीव्र गति से शहर के विकास में कार्य कर रहा है जिसमें पर्यावरण का भी विशेष ध्यान रखते हुए कार्य किए गए हैं गाजियाबाद 360 किताब में दिखाया गया है लगभग डेढ़ सौ से अधिक प्रोजेक्ट्स को 164 पेज में विस्तृत रूप से दिखाया गया, नगर निगम की गाजियाबाद 360 कॉफी टेबल बुक का अनावरण उत्तर प्रदेश के  मुख्यमंत्री द्वारा किया गया मौके मुख्यमंत्री ने महापौर सुनीता दयाल तथा नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के द्वारा शहर में पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए किया जा रहे कार्यों की सराहना भी की गई, नगर आयुक्त से प्रमुख चल रहे प्रोजेक्ट बायोडायवर्सिटी पार्क, बायो सीएनजी प्लांट, सी एम ग्रिड फेस 2 योजना, उपवन योजना तथा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी भी ली गई, गाजियाबाद 360 किताब में गाजियाबाद नगर निगम की प्लानिंग को देखकर भी संतोष जताया तथा अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया, मौके पर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार माँदड,पुलिस उपायुक्त गाजियाबाद जे रविंदर गौड, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल, मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ भी उपस्थित रहे जिनके द्वारा गाजियाबाद नगर निगम को शुभकामनाएं दी गई ।


महापौर सुनीता दयाल द्वारा बताया गया गाजियाबाद नगर निगम द्वारा पिछले 3 साल में अब तक शहर हित में तथा पर्यावरण हित में अनेकों कार्य किए हैं, नगर निगम ने आधुनिक युग के साथ कदम को बढ़ाते हुए आधुनिक उपकरण तथा तकनीकी को अपनाया गया है इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, आई ट्रिपल सी, वी टी एम एस, ई ऑफिस इसी का उदाहरण हैl विकास के कार्यों को रफ्तार देने जनहित में नए-नए प्रोजेक्ट लाने का कार्य गाजियाबाद नगर निगम द्वारा किया गया है, बड़ी योजनाओं में सी एम ग्रिड फेस 2 योजना इंदिरापुरम को एक नया स्वरूप देगी, वही मियावकी पद्धति से वृहद प्लांटेशन पर्यावरण तथा शहर हित का प्रत्यक्ष प्रमाण है इसी प्रकार आने को छोटे व बड़े कार्य जो गाजियाबाद नगर निगम द्वारा किए गए हैं गाजियाबाद 360 में दिखाए गए हैं जिसके लिए माननीय पार्षदों तथा अधिकारियों की विशेष भूमिका रही है।


नगर आयुक्त ने बताया कि शासन की योजना के क्रम में गाजियाबाद नगर निगम शहर वासियों के लिए विशेष कार्य कर रहा है जिसके आधार पर गाजियाबाद नगर निगम की "गाजियाबाद 360" कॉफी टेबल बुक बनाई गई है जिसमें न केवल गाजियाबाद नगर निगम द्वारा पूरे किए गए प्रोजेक्ट की जानकारी है बल्कि आगामी योजना और चल रहे प्रोजेक्ट के बारे में भी बताया गया है इसके आधार पर जनहित में आगे की योजना और चल रहे कार्यों में सरलता बनेगी, माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा (Ghaziabad 360) के बारे में चर्चा की गई है, जिसके अंतर्गत नगर निगम के 164 पेजों में विभिन्न कार्यों, पहलों और भविष्य की योजनाओं को दर्शाया गया है। ​इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स, ​I-CCC (Integrated Command and Control Centre): नगर निगम की सुविधाओं को स्मार्ट बनाने के लिए। ​CM Grids: सड़कों का विकास एवं सुधार (जिसमें चार फेज़ शामिल हैं—एक पूर्ण, दूसरा प्रगति पर, और बाकी प्रस्तावित) ​गाजियाबाद नगर निगम मुख्यालय: नए हेडक्वार्टर और ज़ोनल ऑफिस का निर्माण/सुधार। ​टाउन हॉल व एतिहासिक स्थल: टाउन हॉल की मरम्मत, चौराहों का सौंदर्य करण प्रमुख स्थान का सौंदर्य करण ​अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर, पूर्वांचल-उत्तरांचल भवन, डिजिटल लाइब्रेरी, साईं उपवन, वर्टिकल पार्किंग, यूपी गेट का विकास, सीनियर सिटीजन केयर सेंटर, स्मार्ट क्लासेस और मल्टी-लेवल कार पार्किंग। ​अपशिष्ट प्रबंधन सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट,​बायो-CNG प्लांट, भारत का पहला STP-आधारित बायो-CNG प्लांट, ​लेगेसी वेस्ट, ​अन्य पहल सी&डी (C&D) वेस्ट प्लांट, ड्राई वेस्ट प्लांट, कम्युनिटी कंपोस्टिंग सेंटर, ग्लास अपसाइक्लिंग सेंटर, स्वच्छ मोहल्ला स्क्वाड और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट। ​जल संचयन और पर्यावरण,जल संचयन जल भागीदारी' के तहत रेन वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर्स का निर्माण (जिसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार भी मिला)। ​गंगा जल आपूर्ति: 10 MLD गंगा वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट। ​हरियाली व सौंदर्यीकरण: मियावाकी तकनीक से 17 साइट्स पर सघन वन, उपवन योजना, हिंडन नदी की सफाई के लिए IIT दिल्ली के साथ MOU (Nature-based solutions), और ग्रीन नेट्स व कूलिंग स्टेशंस लगाना। ​परिवहन व विद्युत व्यवस्था, ई-बस व ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर, साथ ही चार्जिंग स्टेशंस की स्थापना। ​स्मार्ट लाइटिंग: CCMS (Central Control and Monitoring System) द्वारा कमांड सेंटर से ही स्ट्रीट लाइट्स का संचालन और सोलर लाइट्स का उपयोग। ​भविष्य की प्रस्तावित योजनाएं (Upcoming / On-going Projects): ​UCF (Urban Challenge Fund) प्रोजेक्ट्स: गाजियाबाद इंटीग्रेटेड बिजनेस हब, लॉजिस्टिक्स पार्क और को-वर्किंग स्पेस।​अन्य योजनाएं: मल्टी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, समृद्धि गलियारा, बस शेल्टर, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, पेट क्रेमेटोरियम (Pet Crematorium), और एबीसी सेंटर्स (ABC Centers)​डिजिटल व नागरिक सेवाएं:​एप्स व पोर्टल: 311 App, MyGNN Portal, VTMS और ITMS तकनीक।​निगम का सशक्तीकरण: ई-ऑफिस प्रणाली हेतु 150 से अधिक डेस्कटॉप, कार्यकारिणी कक्ष का मेकओवर और शक्ति रसोई की शुरुआत,​नागरिक गतिविधियां: कांवड़ यात्रा प्रबंधन, प्लॉग रन और दिवाली कॉम्पिटिशन, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में गाजियाबाद की रैंक 18वीं (2024) और 12वीं (2025) से सुधरकर 9वीं रैंक पर आना व अन्य को विस्तार से बताया गया है।

पर्यावरण हित तथा जनहित को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद नगर निगम आधुनिक तकनीकी के माध्यम से न केवल मॉनिटरिंग पर कार्य कर रहा है बल्कि धरातल पर भी आधुनिक उपकरणों का उपयोग शहर को सुविधा उपलब्ध कराने में सरलता का अनुभव कर रहा है, शहर को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए प्लानिंग को और अधिक मजबूती और चल रहे कार्यों में और अधिक तेजी लाने के लिए गाजियाबाद 360 का अनावरण किया गया है जो की सराहनीय है ।

आर्य समाज सनातन की रीढ - मनोज धामा

 



मुकेश गुप्ता 

गाजियाबाद  ‌। बेहटा गांव स्थित लावण्या फार्म हाउस मे जिला आर्य प्रतिनिधि सभा गाजियाबाद दूारा शनिवार को सघन वेद प्रचार कार्यक्रम का आयोजन किया ।

इस अवसर पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मनोज धामा भी मुख्य अतिथि के रूप मे कार्यक्रम मे उपस्थित रहे । 

कार्यक्रम के आयोजकों दूारा मनोज धामा का पटका पहनाकर स्वागत किया ।

इस अवसर पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मनोज धामा ने भी सभी को संबोधित करते हुये कहा कि आर्य समाज हमारे समाज मे सुधार के लिये बहुत कार्य कर रहे हैं जिनमे समाज मे चल रही कुरीतियों का विरोध , आंदोलन, मूर्तिपूजा, जात-पात के भेदभाव, छुआछूत, बाल विवाह, बहुविवाह और पाखंडपूर्ण अंधविश्वासों का कड़ा विरोध करता है। 

सामाजिक सुधार: इसने महिलाओं की शिक्षा, विधवा पुनर्विवाह और सामाजिक समानता का जोरदार समर्थन किया है। 

शिक्षा में योगदान: समाज ने देश में वैदिक संस्कृति और आधुनिक शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए डीएवी (DAV) स्कूल/कॉलेज और गुरुकुलों की स्थापना में बड़ा योगदान दिया है।

इस अवसर पर श्रद्धानन्द शर्मा, नितिश कुमार, आचार्य कृष्ण मुनी, भजन उपदेशिका कल्याणी जी, सभासद मोनू प्रधान, बबलू खलीफा,मनोज आर्य,नीरज, रणवीर धामा, राजवीर धामा, किरणपाल धामा, अमित कुमार, योगेन्द्र भारदूाज, चांदू आर्य, वैदकौर, नीलम,संगीता, रेणु, पूजा, सहित सैकड़ों की संख्या मे आर्य समाज के अनुयायी उपस्थित रहे ।

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य दूधेश्वर गणपति लड्डू महोत्सव का शुभारंभ, विधायक संजीव शर्मा ने जन्मदिन पर किया गणपति पूजन, प्रतिदिन लगेगा 2100 लड्डुओं का भोग,

 










मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद, 14 सितंबर 2026। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर, गाजियाबाद में सोमवार को भव्य “दूधेश्वर गणपति लड्डू महोत्सव–2026” का शुभारंभ श्रद्धा, उल्लास एवं वैदिक विधि-विधान के साथ हुआ। कार्यक्रम मंदिर के पीठाधीश्वर एवं श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

प्रातः 10:30 बजे श्री गणपति महाराज की प्रतिमा के समक्ष गणेश पूजन, अभिषेक एवं विशेष धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ हुआ। दूधेश्वर वेद विद्यापीठ के आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार, गणपति स्तुति एवं सहस्रनाम पाठ के साथ विधिवत पूजन कराया। भगवान गणपति को प्रिय मोदक एवं लड्डुओं का भोग लगाया गया तथा दूर्वा अर्पित कर सुख-समृद्धि, शांति एवं लोककल्याण की कामना की गई।

अनुज धर्म गर्ग एवं परिवार रहे मुख्य यजमान

महोत्सव के मुख्य यजमान श्री अनुज धर्म गर्ग जी, अध्यक्ष, श्री दूधेश्वर नाथ मंदिर विकास समिति, एवं उनके परिवारजन रहे। उन्होंने विधिवत संकल्प लेकर भगवान गणपति का पूजन किया तथा दूर्वा, पुष्प, मोदक एवं लड्डू अर्पित किए। पूजन में श्री विजय मित्तल जी एवं श्री बी.के. शर्मा जी ने भी सहभागिता कर भगवान गणपति का आशीर्वाद प्राप्त किया।

गाजियाबाद के लोकप्रिय विधायक संजीव शर्मा अपने जन्मदिन के अवसर पर सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने भगवान दूधेश्वर एवं गणपति महाराज के दर्शन-पूजन कर विधि-विधान से श्री गणेश की आराधना की तथा गाजियाबाद सहित क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि, शांति एवं सर्वांगीण विकास की प्रार्थना की।

इस अवसर पर श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज ने विधायक श्री संजीव शर्मा जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके मंगलमय, यशस्वी एवं दीर्घायु जीवन का आशीर्वाद प्रदान किया।

इसी अवसर पर हिमांशु शर्मा जी का भी जन्मदिन मनाया गया। श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज ने उन्हें सम्मानित करते हुए जन्मदिन की शुभकामनाएं एवं मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।

वैदिक मंत्रोच्चार से भक्तिमय हुआ मंदिर परिसर

दूधेश्वर वेद विद्यापीठ के आचार्य लक्ष्मीकांत जी, आचार्य नित्यानंद जी, आचार्य रोहित त्रिपाठी जी, आचार्य अजय दाधीच जी एवं साध्वी विष्णुप्रिया गिरि जी के साथ महंत महेश दास जी, बाबा लाल मंदिर ने विभिन्न वेदियों एवं देवताओं का विधिवत पूजन कराया।

वैदिक मंत्रोच्चार, गणपति स्तुति एवं सहस्रनाम पाठ से संपूर्ण मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। स्थापना एवं पूजन के अवसर पर विजय मित्तल, अध्यक्ष, श्रृंगार सेवा समिति, विजय सिंगल, सुनील शर्मा, बी.के. शर्मा हनुमान, पुनीत पाहवा, अमित शर्मा, सचिन, पिंटू , संजीव वर्मा सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर भगवान गणपति की पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।

भगवान गणेश की आराधना से दूर होते हैं सभी विघ्न : श्रीमहन्त नारायण गिरि

श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज ने कहा कि भगवान श्री गणेश बुद्धि, विवेक, ज्ञान, समृद्धि एवं शुभता के अधिष्ठाता हैं। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणपति के पूजन से की जाती है। सच्ची श्रद्धा एवं भक्ति से गणपति महाराज की आराधना करने वाले भक्तों के जीवन के विघ्न दूर होते हैं तथा उनके मनोरथ पूर्ण होते हैं।

प्रतिदिन 2100 लड्डुओं का लगेगा भोग

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी दूधेश्वर गणपति लड्डू महोत्सव के दौरान भगवान गणपति को प्रतिदिन 2100 लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। महोत्सव के दौरान कुल 11 हजार लड्डू भगवान गणपति को अर्पित करने का संकल्प लिया गया है।

महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक तथा सायं 4:00 बजे से 6:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना होगी। सायंकालीन पूजन के पश्चात भगवान गणपति की भव्य आरती एवं श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया जाएगा।

17 सितंबर को निकलेगी भव्य गणपति शोभायात्रा

पिंटू सुथार ने बताया कि दूधेश्वर गणपति लड्डू महोत्सव का भव्य समापन 17 सितंबर 2026 को विशाल गणपति शोभायात्रा के साथ होगा। शोभायात्रा प्रातः 9:30 बजे सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर से प्रारंभ होगी और गाजियाबाद के प्रमुख बाजारों एवं विभिन्न मार्गों से होते हुए मुरादनगर स्थित दूधेश्वर घाट पहुंचेगी।

दूधेश्वर घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक परंपराओं के अनुसार भगवान गणपति की प्रतिमा का विधिवत विसर्जन किया जाएगा।

मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव में शामिल होकर भगवान गणपति का आशीर्वाद प्राप्त करने एवं धर्म-अध्यात्म के इस पावन आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया है।


वैश्य एकता समिति के तात्वाधान में 99वां मासिक परिचय सम्मेलन आयोजित

 



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद 13 सितम्बर 2026 । वैश्य एकता समिति गाजियाबाद द्वारा  को दुर्गा वाशिंग पाउडर परिसर, पारस होटल के पीछे, अम्बेडकर रोड, कालकागढ़ी चौक, गाजियाबाद पर विवाह योग्य वैश्य युवक युवती तथा ब्राह्मण, पंजाबी एवं अन्य वर्ग हेतु 99वां मासिक परिचय सम्मेलन समिति के अध्यक्ष प्रेमचंद गुप्ता (चेयरमैन दुर्गा वाशिंग पाउडर) के सौजन्य से आयोजित किया गया। समिति के अध्यक्ष ने सभी प्रत्याशियों, अभिभावको, परिचयकर्ताओं एवं आयोजन में उपस्थित समाजसेवियों व पत्रकार बंधुओं का अभिनंदन करते हुए उन्हें गणेश चतुर्थी एवं गांधी जयंती की शुभकामनाएं प्रेषित की। उन्होने कहा कि आप सभी के सहयोग के कारण यह सम्मेलन हर माह सफलतापूर्वक आयोजित हो रहा है एवं प्रत्येक माह 40-50 नये रजिस्टेªशन फार्म का सहयोग मिलता रहा है तथा 12-13 रिश्ते भी तय हो जाते हैं, इसके लिए उन्होने सभी का धन्यवाद किया। उन्होने बताया कि अगले माह अक्टूबर में सम्मेलन का शताब्दी माह (100वां) मनाया जाएगा।

 प्रेमचंद गुप्ता ने बताया कि आगामी 11 अक्टूबर 2026 को 100वें मासिक परिचय सम्मेलन में अपनी उपस्थिति प्रदान कर कार्यक्रम की शोभा में श्रीवृद्धि करें। संयोजक एवं महासचिव अजय कुमार गोयल ने सभी प्रत्याशियों का मंच के माध्यम से परिवार सहित परिचय कराया। उन्होने बताया कि इस माह सम्मेलन में 35 नये प्रत्याशियों के पंजीकरण हुए एवं पत्रिका में पूर्व पंजीकृत प्रत्याशियों से सम्पर्क करने पर 12 प्रत्याशियों के वैवाहिक सम्बन्ध तय होने की जानकारी प्राप्त हुई है जो कि समिति के लिए बहुत ही हर्ष का विषय है, उन्होने कहा कि यह कार्य प्रेमचंद गुप्ता जी के मार्गदर्शन व सभी पदाधिकारियों एवं अभिभावकों के सहयोग से सम्भव हो पाया है। पत्रिका के संपादन का कार्य अनुराग अग्रवाल के द्वारा बहुत कम समय में किया गया जिसके लिए मैं समिति के समस्त पदाधिकारियों की तरफ से उनका भी विशेष रूप से आभार प्रकट करता हूँ। समारोह में उपस्थित युवती प्रत्याशियों द्वारा मंच पर परिचय देने के उपरांत उन्हें पुरूस्कार देकर सम्मानित भी किया गया। सम्मेलन को सफल बनाने में अध्यक्ष प्रेमचंद गुप्ता, अजय कुमार गोयल, अनुराग अग्रवाल, रेनू अग्रवाल, अनुपम जिन्दल, बी एन अग्रवाल, राकेश मित्तल, रमेशचंद गुप्ता, महेन्द्र गुप्ता, अनिल गुप्ता, एस्ट्रो मनोज अग्रवाल, एवं राधारमण अग्रवाल, लक्ष्मी नारायण सिंघल, राजीव अग्रवाल आदि पदाधिकारियों का भी सहयोग रहा।

रविवार, 13 सितंबर 2026

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती के 75वें वर्ष में प्रवेश के इस वर्ष में लंदन में विशेष आध्यात्मिक समागम का हुआ शुभारंभ








लंदन 13 सितंबर ।आज का युग तकनीक और डिजिटल माध्यमों से पूरी दुनिया को एक-दूसरे के अत्यंत निकट ले आया है, लेकिन वास्तविक जुड़ाव केवल तकनीक से नहीं, बल्कि प्रेम, करुणा, सेवा और आध्यात्मिकता से होता है। लंदन में एक विशेष आध्यात्मिक समागम आयोजित किया गया, जिसमें लंदन में रहने वाले एक हजार से अधिक भक्तों और विश्वभर से अनेक श्रद्धालुओं ने डिजिटल माध्यम से जुड़कर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, साध्वी भगवती सरस्वती जी और संतों के पावन सान्निध्य और आध्यात्मिक संदेशों को आत्मसात किया।

यह विशेष आयोजन परमार्थ पीठाधीश्वर, परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के 75वें जन्मवर्ष को समर्पित किया। पूज्य स्वामी जी का जीवन आध्यात्मिक साधना के साथ-साथ मानवता, पर्यावरण संरक्षण, गंगा संरक्षण, सेवा, सद्भाव और विश्वशांति के लिए समर्पित है। उनके 75वें वर्ष में प्रवेश का यह अवसर सेवा, साधना और समर्पण से भरी उस जीवन-यात्रा का अभिनंदन है, जिसने भारत ही नहीं, बल्कि विश्व के अनेक देशों के श्रद्धालुओं को आध्यात्मिकता और सेवा से जोड़ा है।

इस विशेष अवसर पर परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी, पूज्य संत श्री त्रिलोचन दर्शन दास जी, श्री राज राजेश्वर शास्त्री दास जी तथा अन्य पूज्य संत-महात्माओं का पावन सान्निध्य प्राप्त होगा।

समागम का मूल भाव है, दूरी चाहे कितनी भी हो, हृदयों को जोड़ने वाली शक्ति प्रेम और आध्यात्मिकता की है। डिजिटल युग में तकनीक हमारे लिए एक माध्यम बन सकती है, लेकिन उस माध्यम को सार्थक बनाती है हमारी भावना। जब तकनीक सेवा, सद्भाव, ज्ञान और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का माध्यम बनती है, तब वह मानवता को जोड़ने वाली शक्ति बन जाती है।

दुनिया के कोने में रहें, प्रवासी भारतीयों के हृदय में भारत कभी दूर नहीं होता। वह भारत की मिट्टी की सुगंध में, माँ की लोरी में, घर की पूजा में, दीपक की लौ में, त्योहारों की खुशियों में और संस्कारों की हर छोटी-सी परंपरा में जीवित रहता है। वे अपने बच्चों को हिंदी, भारतीय भाषाएँ, योग, संस्कृति, पर्व और परिवार के संस्कार देकर भारत से जोड़ते हैं। उनके घर भले ही विदेशों में हों, पर उनके हृदय में गंगा बहती है, मंदिरों की घंटियाँ गूंजती हैं और भारत की आत्मा धड़कती है। यही प्रवासी भारतीयों की सबसे सुंदर विरासत है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि हमारी प्रगति केवल बाहरी विकास में नहीं, बल्कि भीतर के विकास में भी होती है। विज्ञान और तकनीक हमें बाहरी संसार से जोड़ सकते हैं, लेकिन ध्यान, प्रार्थना, सेवा और प्रेम हमें अपने भीतर से जोड़ते हैं। आज आवश्यकता है कि आधुनिक तकनीक के साथ प्राचीन ऋषि-परंपरा की चेतना का समन्वय हो और हमारी डिजिटल दुनिया करुणा, शांति तथा एकत्व की वाहक बने।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि “वसुधैव कुटुम्बकम्” जीवन जीने की दृष्टि है। जब हम अपने भीतर यह अनुभव करते हैं कि समस्त मानवता एक परिवार है, तब धर्म, भाषा, देश और संस्कृति की सीमाएँ हमें विभाजित नहीं करतीं, बल्कि विविधता में एकता का उत्सव बन जाती हैं। लंदन में आयोजित यह विशेष समागम इसी वैश्विक एकत्व की भावना को अभिव्यक्ति है। 

पूज्य स्वामी जी के 75वें जन्मवर्ष का उत्सव हमें यह स्मरण कराता है कि जीवन की वास्तविक सार्थकता इस बात में नहीं कि हमने कितना प्राप्त किया, बल्कि इस बात में है कि हमने कितना बाँटा, कितनों में आशा जगाई, कितने हृदयों को प्रेम दिया और कितने लोगों के जीवन को सेवा से स्पर्श किया।

पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि आज विश्व को केवल ज्ञान, तकनीक या संसाधनों की ही आवश्यकता नहीं है बल्कि, विश्व को एक नई दृष्टि की आवश्यकता है, ऐसी दृष्टि, जिसमें हम स्वयं को प्रकृति से अलग नहीं, बल्कि उसका अभिन्न अंग मानें, धर्म को विभाजन नहीं, प्रेम और एकत्व का मार्ग समझें, और विकास को केवल भौतिक समृद्धि नहीं, बल्कि चेतना, करुणा और सेवा की समृद्धि मानें। सनातन की दृष्टि हमें संदेश देती है कि हम सब एक ही अस्तित्व की अभिव्यक्तियाँ हैं। जब हमारी सोच ‘मैं’ से ‘हम’ और ‘मेरे’ से ‘हमारे’ की ओर बढ़ेगी, तभी मानवता एक शांत, करुणामय और टिकाऊ भविष्य की ओर आगे बढ़ सकेगी।

यह अवसर एक आह्वान भी है, आइए, तकनीक को केवल सुविधा का माध्यम न बनाकर सद्भाव और सेवा का माध्यम बनाएं। अपने डिजिटल जीवन में भी करुणा, संयम, सत्य और सकारात्मकता को स्थान दें। अपने समय, प्रतिभा और संसाधनों का उपयोग समाज और प्रकृति के कल्याण के लिए करें।

पूज्य स्वामी जी के 74 वर्षों का यह उत्सव वास्तव में 74 वर्षों की साधना से निकली सेवा की सुगंध, करुणा की गंगा और एकत्व के संदेश का उत्सव है। आइए, दूरियाँ मिटाएँ, हृदय जोड़ें और तकनीक के माध्यम से भी प्रेम, सेवा एवं एकत्व की ज्योति जलाएँ।

ब्रह्म समागम में पहुंचे उपमुख्यमंत्री ने ब्राह्मण समाज के त्याग, समर्पण और राष्ट्रवाद को रेखांकित किया, राष्ट्र प्रथम, ब्राह्मण सदैव राष्ट्र चिंतक: बृजेश पाठक

 








मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में आयोजित ब्रह्म समागम में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने ब्राह्मण समाज की गौरवशाली परंपरा, त्याग, समर्पण और राष्ट्रवाद को रेखांकित करते हुए समाज को एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि ब्राह्मण सदैव राष्ट्र को सर्वोपरि रखता है। हमारी परंपरा समाज को देने की रही है। समाज निर्माण में ब्राह्मण समाज द्वारा दिए गए संस्कार आज भी नई पीढ़ी को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दधीचि जैसे तपस्वी ऋषि इसी त्याग और समर्पण की परंपरा के प्रतीक हैं, जिन्होंने अपनी अस्थियों तक का दान कर समाज और राष्ट्र कल्याण का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज बिना किसी स्वार्थ और लालच के समाज कल्याण में विश्वास रखता है। समाज को संगठित, संस्कारित और सुव्यवस्थित बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आसुरी शक्ति हमारे समाज को भ्रमित या विभाजित नहीं कर सकती। बुद्धि और विवेक से संपन्न इस समाज की रगों में त्याग और समर्पण की भावना कूट-कूटकर भरी है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ब्राह्मण समाज को अपनी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए सामाजिक एकता, संस्कार और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने समाज की एकजुटता को समय की आवश्यकता बताते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया।

कार्यक्रम प्रारंभ से पूर्व उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता एवं राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्रा  की धर्मपत्नी स्वर्गीय सत्यवती देवी जी के लिए 2 मिनट का मौन धारण किया गया।

कार्यक्रम के आयोजक आर.डी. शर्मा ने उपस्थित सभी अतिथियों एवं समाज के गणमान्य लोगों का जोरदार स्वागत एवं अभिनंदन किया। आर.डी. शर्मा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पधारे सभी ब्राह्मण साथियों एवं जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए ब्राह्मण समाज की एकजुटता का आह्वान किया


इस अवसर पर शहर विधायक संजीव शर्मा, विधान परिषद सदस्य सुनील भराला, नानक चंद शर्मा, विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के पीठाधीश्वर ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान,अमरेश शर्मा, धर्मेंद्र भारद्वाज, लोकेश दीक्षित, आरती शर्मा (बागपत), आरती त्यागी, आदेश फौजी, प्रदीप शर्मा, सुनील शर्मा, महेंद्र दत्त शर्मा, पंकज मुद्गल, विशाल गोस्वामी, मनीष भार्गव, अंकुर शर्मा, विनय शर्मा सहित ब्राह्मण समाज के अनेक प्रतिष्ठित लोग उपस्थित रहे।

वहीं, गाजियाबाद ब्रह्म समागम में पहुंचे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक का पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार पहुंचने पर महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल एवं पंकज भारद्वाज के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। कार्यकर्ताओं ने अपने नेता का जोरदार स्वागत करते हुए उन्हें भगवान परशुराम का फरसा भेंट किया।

कार्यक्रम के दौरान ब्राह्मण समाज की एकजुटता, सामाजिक सहभागिता, संस्कार और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका को लेकर व्यापक चर्चा हुई। ब्रह्म समागम ने समाज के विभिन्न वर्गों और प्रतिनिधियों को एक मंच पर एकत्रित कर सामाजिक समरसता एवं संगठन की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।

जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी आपसी सामंजस्य से अभियान को ऐतिहासिक बनाएं : धर्मपाल सिंह





                                 मुकेश गुप्ता

सेवा संकल्प अभियान’ को सफल बनाने हेतु प्रभारी मंत्री श्री धर्मपाल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक सम्पन्न

जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना ‘सेवा संकल्प अभियान’ का प्रमुख उद्देश्य : प्रभारी मंत्री

गाजियाबाद। दुर्गावती देवी सभागार, विकास भवन में उत्तर प्रदेश सरकार के मा० प्रभारी मंत्री श्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।

विकास भवन पहुंचने पर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ सहित अन्य अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर प्रभारी मंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया। बैठक से पूर्व मा० प्रभारी मंत्री एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों का पौधा भेंट कर तथा पटका पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया।

बैठक में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ एवं मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत 12 अध्यायों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें ‘सेवा दिवस-आशीर्वाद का दीया’, ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’, ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’, ‘आंगन मिलन सेवा’, ‘सेवा की कहानी’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा-विकसित भारत का संकल्प’, ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा के रंग राष्ट्र के संग’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ तथा ‘सुशासन सेवा संवाद’ प्रमुख हैं। अभियान के दौरान थीम आधारित कार्यक्रमों के साथ-साथ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से लाभान्वित कराने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के निरंतर सार्वजनिक सेवा काल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों एवं योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना तथा प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक संकल्प से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि यह अभियान समाज के सभी वर्गों को सरकार की उपलब्धियों एवं जनहितकारी योजनाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।

 प्रभारी मंत्री धर्मपाल ने जिलाधिकारी के नेतृत्व में की जा रही तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन की तैयारियां सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की योजना उत्कृष्ट है और अब जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को सक्रिय सहभागिता के साथ इसे जन-जन तक पहुंचाना होगा, ताकि सरकार की प्रत्येक योजना का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंच सके। अतः जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता एवं अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए अभियान को ऐतिहासिक सफलता प्रदान करें।

बैठक में महापौर श्रीमती सुनीता दयाल, जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती ममता त्यागी, विधायक मोदीनगर डॉ. मंजू शिवाच, विधायक सदर संजीव शर्मा, विधायक मुरादनगर  अजीत पाल त्यागी, भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजकरन नय्यर, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

बैठक के उपरांत प्रभारी मंत्री  धर्मपाल ने मीडिया प्रतिनिधियों से वार्ता कर अभियान की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की जानकारी भी साझा की।

शुक्रवार, 11 सितंबर 2026

जिलाधिकारी ने एनजीओ एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को प्रदान किए प्रशस्ति पत्र




मुकेश गुप्ता 

सेवा संकल्प अभियान’ को सफल बनाने हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आहूत

गाजियाबाद। महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाए जाने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की क्रियान्वयन बैठक आहूत की गई। अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना तथा प्रत्येक नागरिक को विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प से जोड़ना है। 

बैठक के दौरान जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ को ऐतिहासिक एवं यादगार बनाने में प्रत्येक व्यक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सभी एनजीओ, सामाजिक संगठनों एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स द्वारा अभियान के विभिन्न कार्यक्रमों को सफल बनाने में सक्रिय सहभागिता की अपेक्षा है। उन्होंने सेवा एवं सहयोग के साथ-साथ मीडिया एवं सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने बताया कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत 12 अध्यायों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें ‘सेवा दिवस-आशीर्वाद का दीया’, ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’, ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’, ‘आंगन मिलन सेवा’, ‘सेवा की कहानी’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा-विकसित भारत का संकल्प’, ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा के रंग राष्ट्र के संग’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ तथा ‘सुशासन सेवा संवाद’ शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत इन थीम आधारित कार्यक्रमों के साथ-साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा तथा पात्र व्यक्तियों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित कराने हेतु भी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में एनजीओ से आदेश धामा, सौम्य सिंह रावत, ममता त्यागी उर्फ गीता टाय, बीना रंधावा, ज्योति गुप्ता, शालू पांडे (विमला), लव यादव, सुषमा गंगवार, संध्या श्रीवास्तव, प्रीतम सैनी, निभा श्रीवास्तव, परमजीत कौर, संजीव हुडा, तनुज गंभीर, जीतेन्द्र बच्चन, श्रीमती काजल छिब्बर, डॉ. शशि श्रीवास्तव, सुजल सक्सेना, रजनी ढौंडियाल जोशी, शैफाली गुप्ता, ज्योति सिंह, तुषार शर्मा, डॉ. नीलम शर्मा, उमेश शर्मा, मयंक चौधरी, मेघ राज अरोड़ा, नरेश कुमार, जगमोहन सिंह रावत सहित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स में वेद प्रकाश शर्मा, शशांक, रूबल कुमार, मोहित गौड़, दिव्यांश कुमार एवं राज सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। बैठक का संचालन एनजीओ कोऑर्डिनेटर श्री तनुज गंभीर ने किया।

परमार्थ निकेतन गुरुकुल में श्री गणेशजी की पर्यावरण-अनुकूल मूर्ति निर्माण कार्यशाला आयोजित

 





संवाददाता 

*🌼मिट्टी में गढ़ा गणेशजी का मंगलमय स्वरूप, संस्कारों में रचा प्रकृति-संरक्षण का संकल्प*

*💥ऋषिकुमारों ने पर्यावरण-अनुकूल भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का किया निर्माण*

*🌺प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य का दिया प्रेरणादायी संदेश*

ऋषिकेश, 11 सितम्बर। परमार्थ निकेतन गुरुकुल में ऋषिकुमारों के लिये भगवान श्री गणेशजी की पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमा निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ऋषिकुमारों ने प्राकृतिक मिट्टी से भगवान श्री गणेशजी की सुंदर प्रतिमाओं का निर्माण किया। यह कार्यशाला सनातन संस्कृति में निहित     प्रकृति-प्रेम, संवेदनशीलता, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण की चेतना को जीवन में उतारने का एक सुंदर अवसर है।

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने संदेश में कहा कि श्री गणेश, विघ्नहर्ता हैं, वे हमारी बुद्धि को ऐसी दिशा देने वाले देवता हैं, जिसमें विकास और विनाश के बीच का अंतर समझ में आए। बुद्धि वही है जो प्रकृति को जीतने की नहीं, उसके साथ जीने की कला सिखाए।

उन्होंने कहा कि जब हमारे बच्चे अपने हाथों से मिट्टी को आकार देकर श्री गणेशजी का स्वरूप गढ़ते हैं, तब वे केवल एक प्रतिमा नहीं बना रहे होते, वे अपने भीतर एक विचार को आकार दे रहे होते हैं कि प्रकृति हमारी वस्तु नहीं, हमारी विरासत है; जल हमारा संसाधन नहीं, जीवन का आधार है और धरती केवल रहने का स्थान नहीं, हमारी आने वाली पीढ़ियों की अमानत है।

उन्होंने कहा कि मिट्टी से गणेश बनाना और उसी मिट्टी को सम्मानपूर्वक प्रकृति में लौटाना हमारे ऋषियों की उस जीवन-दृष्टि का स्मरण है, जिसमें सृष्टि से लिया गया प्रत्येक तत्व कृतज्ञता के साथ उसी सृष्टि को वापस करने की भावना रखता है।

कार्यशाला के दौरान ऋषिकुमारों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ प्राकृतिक मिट्टी को अपने हाथों से आकार दिया। किसी ने भगवान श्री गणेश की सूंड को सुंदर स्वरूप दिया, किसी ने उनके विशाल कानों को आकार दिया और किसी ने उनके मुकुट तथा अन्य अलंकरणों को साकार किया। मिट्टी के प्रत्येक कण के साथ उनकी सृजनशीलता, श्रद्धा और प्रकृति के प्रति आत्मीयता भी अभिव्यक्त होती रही।

श्री गणेशजी की पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमा निर्माण के माध्यम से ऋषिकुमारों ने यह संदेश दिया कि उत्सव वही सुंदर है जो आनंद दे, आस्था जगाए और प्रकृति को आहत न करे। पर्व-त्योहार हमारे जीवन में रंग, उल्लास और ऊर्जा भरते हैं; अब आवश्यकता है कि इन उत्सवों में पर्यावरण के प्रति करुणा और जिम्मेदारी का रंग भी उतना ही गहरा हो।

ऋषिकुमारों के हाथों बनी श्री गणेशजी की प्रतिमाएँ मानो इसी प्रश्न का उत्तर है कि मिट्टी में आकार लेते गणेशजी और मन में आकार लेता पर्यावरण-संरक्षण का संकल्प, यही इस कार्यशाला की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

यशोदा ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स की डॉ. उपासना अरोड़ा ने BRICS WBA समिट में महिला स्वास्थ्य संवाद का नेतृत्व किया

 


मुकेश गुप्ता 

_BRICS WBA महिला-नेतृत्व विकास समिट 2026 में डॉ. उपासना अरोड़ा ने अलग-अलग देशों के विशेषज्ञों के साथ चर्चा की कि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा, डिजिटल हेल्थ और AI को जोड़कर महिलाओं के स्वास्थ्य को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है

 गाज़ियाबाद 10 सितंबर 2026 । यशोदा ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स की मैनेजिंग डायरेक्टर और BRICS WBA हेल्थकेयर वर्किंग ग्रुप की प्रमुख डॉ. उपासना अरोड़ा ने नई दिल्ली में BRICS WBA महिला-नेतृत्व विकास समिट 2026 में महिलाओं के स्वास्थ्य पर एक हाई-लेवल पैनल चर्चा का नेतृत्व और संचालन किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने के लिए प्राइमरी हेल्थकेयर, डिजिटल हेल्थ और AI को बेहतर तरीके से जोड़ने की बात कही।


"इनोवेटिंग फॉर वुमन्स हेल्थ: ब्रिजिंग प्राइमरी केयर, टेक्नोलॉजी एंड एक्सेस" विषय पर आयोजित इस सेशन में हेल्थकेयर और उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया, खासकर ग्रामीण और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के तरीकों पर। विशेषज्ञों ने बताया कि तकनीक के बेहतर इस्तेमाल, मजबूत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और समय पर इलाज से महिलाओं के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाया जा सकता है। चर्चा में शुरुआती जांच और बीमारी की पहचान में डिजिटल हेल्थ, टेलीमेडिसिन और AI की भूमिका के साथ-साथ मातृ स्वास्थ्य, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की जरूरत और नियमित फॉलो-अप पर भी जोर दिया गया। डॉ. अरोड़ा ने कहा कि तकनीक तभी सही मायने में असर दिखा सकती है, जब उसे प्रशिक्षित लोगों और मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था का साथ मिले, ताकि मरीजों को जागरूकता और जांच से लेकर इलाज और ठीक होने तक लगातार बेहतर देखभाल मिल सके

डॉ. अरोड़ा ने कहा, "यशोदा में हमने देखा है कि समय पर बीमारी की पहचान, विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख और नियमित फॉलो-अप से मरीजों के स्वास्थ्य में बड़ा सुधार हो सकता है, खासकर उन मरीजों के लिए जिन्हें इलाज के अलग-अलग चरणों में समन्वित देखभाल की जरूरत होती है। टेक्नोलॉजी महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी कमियों को दूर करने में अहम भूमिका निभा सकती है, लेकिन अकेले टेक्नोलॉजी से बदलाव नहीं लाया जा सकता। इसके लिए मजबूत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं, अच्छी तरह प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों और एक प्रभावी फॉलो-अप व्यवस्था की भी जरूरत है, जो महिलाओं को जागरूकता और जांच से लेकर इलाज और स्वास्थ्य-लाभ तक हर चरण में सहयोग दे। जरूरत इस बात की है कि तकनीक, डॉक्टर और स्वास्थ्य सेवाएं एक साथ जुड़ें, ताकि महिलाओं को नई तकनीक का फायदा आसानी से मिले और उन्हें लगातार बेहतर देखभाल मिलती रहे, फिर चाहे वे कहीं भी रहती हों।"

इस पैनल में भारत, ईरान, रूस और ब्राज़ील से महिला स्वास्थ्य सेक्टर के स्टेकहोल्डर शामिल रहे, जिन्होंने अलग-अलग हेल्थकेयर सिस्टम और क्षेत्रों के अनुभव साझा किए। इस क्रॉस-कंट्री संवाद ने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर दृष्टिकोण साझा करने और साझेदारी बढ़ाने की अहमियत पर ज़ोर दिया।

समिट में डॉ. अरोड़ा की भागीदारी हेल्थकेयर वर्किंग ग्रुप के उनके नेतृत्व को और मजबूत करती है।  यह ग्रुप BRICS महिला विकास एजेंडा के तहत महिलाओं के लिए बेहतर प्राथमिक और बचाव आधारित स्वास्थ्य सेवाओं पर काम कर रहा है। उनकी भागीदारी अंतरराष्ट्रीय मंच पर यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स का प्रतिनिधित्व भी करती है, जो बिजनेस, सरकार और हेल्थकेयर सेक्टर को महिला-नेतृत्व विकास के लिए एक साथ लाता है।

BRICS वुमन्स बिजनेस अलायंस (WBA) की स्थापना 2020 में ब्रिक्स देशों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए हुई थी; हेल्थकेयर इसके प्रमुख सहयोग विषयों में शामिल है। जनवरी 2026 में भारत ने WBA की अध्यक्षता संभाली।