मुकेश गुप्ता
गाजियाबाद 23 अगस्त 2026 । लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा “महात्मा गाँधी सभागार” एस-52 हर्षा कंपाउंड लोनी रोड मोहन नगर इंडस्ट्रियल एरिया परिसर में मूर्धन्य विद्वान कैलाश चंद्रा द्वारा लिखित पुस्तक “बौद्ध धम्म उद्भव एवं विकास” का विमोचन समारोह आयोजित किया गया, कार्यक्रम की अध्यक्षता वेद प्रकाश ने की, मुख्य अतिथि डा० सरोज कुमारी रही, संचालन लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट के संस्थापक/अध्यक्ष, समाजवादी विचारक राम दुलार यादव शिक्षाविद ने किया, कार्यक्रम को एस० एस० प्रसाद, मथुरा प्रसाद, डा० अश्वनी कुमार, डा० पिंटू जी, डा० राजेन्द्र, जोगेन्द्र ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर कैलाश चंद्रा द्वारा लिखित पुस्तक “बौद्ध धम्म उद्भव एवं विकास” का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया।
पुस्तक विमोचन समारोह को संबोधित करती हुई प्रखर वक्ता डा० सरोज कुमारी ने कहा कि “भगवान बुद्ध को ज्ञान के प्रकाश से आलोकित करने में उनकी पत्नी यशोधरा का महत्वपूर्ण योगदान है, जैसे कैलाश चंद्रा की धर्मपत्नी का, लेखक ने बौद्ध धम्म उद्भव एवं विकास पुस्तक लिख आम-जन को लाभान्वित करने में सरल भाषा का प्रयोग कर आडम्बर, रुढ़िवाद, शोषण से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया है, मै लेखक कैलाश चंद्रा की भूरि-भूरि प्रशंसा कर साधुवाद देती हूँ”।
इस अवसर पर कैलाश चंद्रा जी कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों तथा साथियों और मातृशक्ति का अभिनन्दन करते हुए कार्यक्रम में शामिल होने के लिए तथा उनका फूल-मालाओं, बुके देकर अभिनन्दन करने की सराहना की तथा आभार व्यक्त किया
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षाविद राम दुलार यादव ने कहा कि आज पुस्तक विमोचन समारोह में कैलाश चंद्रा द्वारा लिखित पुस्तक “बौद्ध धम्म उद्भव एवं विकास” का विमोचन मंचासीन साथियों ने किया, हम सभी का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामना देते है, आज जहाँ धार्मिक पाखंड, आडम्बर बढ़ता जा रहा है, शोषण, अन्याय, अनाचार, झूठ और अहंकार चरम सीमा पर है, भगवान बुद्ध धम्म उद्भव एवं विकास पुस्तक जन-जन को प्रेरणा देगी, भगवान बुद्ध का दर्शन वैज्ञानिक और तर्क संगत है, भगवान बुद्ध पर कोई चर्चा मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है, बाबा साहेब डा0 अम्बेदकर ने जब धम्म दीक्षा नागपुर में 1956 में लिया तो पंडित राहुल सांकृत्यायन ने कहा कि “उन्होंने बौद्ध धर्म का नये सिरे से ऐसा खम्भा गाड दिया है जिसे कोई अब हिला नहीं सकता”| हम पुस्तक विमोचन समारोह के अवसर पर गर्व और गौरव से यह कह सकते हैं कि “बौद्ध धम्म उद्भव एवं विकास” पुस्तक बौद्ध धर्म को समझने, जानने और वैचारिक क्रान्ति करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हम कैलाश चंद्रा जी को शुभकामना और बधाई देते हुए आभार व्यक्त करते हैं।
कार्यक्रम के अध्यक्ष ने सभी श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध के चार आर्यसत्य हैं, दुःख है, दुःख का कारण है, दुःख का निरोध है, दुःख का निवारण है, उससे मुक्ति का मार्ग अष्टांगिक मार्ग और ध्यान है, हमें प्रेम, करुणा, त्याग, दया के मार्ग पर चलना चाहिए तथा विषमता, हिंसा से दूर रहना चाहिए, सभी दुखों की जड़ जातिवाद और आडम्बर है, कैलाश जी को शुभ कामना, इन्होने पुस्तक में कुरीतियों और रुढ़िवाद पर गहरी चोट की है।
कार्यक्रम में शामिल रहे वेद प्रकाश, डा० सरोज कुमारी, डा० अश्वनी, डा० पिन्टू, डा० राजेन्द्र, समाजवादी पार्टी गाजियाबाद के महानगर अध्यक्ष वीरेन्द्र यादव एडवोकेट, जोगेंद्र सिंह, एस० एस० प्रसाद, मथुरा प्रसाद, समाज सेविका फूलमती यादव, रोहिताश कुमार, राज कुमार, राम प्यारे यादव, राम खिलाडी, महेन्द्र सिंह, कपिल गौतम, तेजपाल सिंह, सुरेन्द्र कुमार, अवधेश यादव, मनोज कुमार शर्मा, अनिल मिश्र, डा० देवकर्ण चौहान, सरदार अवतार सिंह काले, राजन कश्यप, विश्वनाथ यादव, महेन्द्र यादव, सम्राट सिंह, वीर सिंह सैन, ओम प्रकाश अरोड़ा, मुनीव यादव, विजय मिश्र, इंजी० धीरेन्द्र यादव, सुरेन्द्र, श्रीनिवास यादव अध्यक्ष जी, आदि सैकड़ों लोगों ने भाग लिया, हुकुम सिंह ने “वह खेत में मिलेगा, खलिहान में मिलेगा” तथा ताहिर अली ने ज्ञानपीठ सन्देश “लोकतंत्र बचाना है, संविधान बचाना है” गीत सुना सभी को आत्म मुग्ध कर कर्तव्य –पथ पर चलने का आह्वान किया ।