मंगलवार, 21 अप्रैल 2026

डॉ. बी.आर.अंबेडकर जयंती पर पार्षद नरेश कुमार जाटव का किया भव्य स्वागत,समिति ने जताया आभार




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । भारत रत्न संविधान शिल्पी डा. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से सफल बनाने तथा कार्यक्रम में उत्कृष्ट सहयोग के लिए डा भीमराव अंबेडकर जनकल्याण समिति ने सभी आयोजकों और सहयोगियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों ने क्षेत्रीय पार्षद नरेश कुमार जाटव के आवास पर पहुंचकर उन्हें पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया। साथ ही बाबा साहेब की प्रतिमा भेंट कर उनका स्वागत किया। पार्षद की धर्मपत्नी को भी सम्मान प्रदान किया गया।

पार्षद नरेश कुमार जाटव ने समिति पदाधिकारियों को बधाई देते हुए बाबा साहेब के आदर्शों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पी थे, जिन्होंने दलितों और वंचितों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उन्होंने छुआछूत के खिलाफ अभियान चलाया, पूना पैक्ट के माध्यम से दलितों को आरक्षण दिलाया और 1956 में नागपुर में लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म ग्रहण किया। स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री के रूप में उन्होंने संविधान सभा में समानता, स्वतंत्रता और न्याय के सिद्धांतों को मजबूत आधार प्रदान किया। उनके विचार आज भी सामाजिक न्याय की प्रेरणा हैं। इस सम्मान समारोह ने बाबा साहेब के जीवन दर्शन को जीवंत करने का संदेश दिया, जो क्षेत्रवासियों के बीच उनके प्रति श्रद्धा को और गहरा करेगा। इस मौके पर  गुलजारी लाल,महेश कुमार गौतम, प्रताप सिंह, (जे.ई. साहब), तेजवीर जाटव, राजेंद्र, ऋषिपाल , राम बाबू, राहुल , संजीव चौहान , बृजवीर् विक्रम, मनोज,चरण सिंह, सुशील,सीमा देवी, सुमन , मंजू गौतम,विम्लेश सावित्री जाटव आदि मौजूद रहे।

सोमवार, 20 अप्रैल 2026

कोरी समाज की धर्मशाला के प्रथम तल का विधायकसंंजीव शर्मा ने निधि से किया शिलान्यास

 


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । आज शिव दुर्गा मंदिर, माता कॉलोनी में कोरी समाज की धर्मशाला के प्रथम तल के निर्माण कार्य का विधायक निधि से विधिवत शिलान्यास किया गया।

इस निर्माण कार्य की अनुमानित लागत 22.85 लाख रुपये है।

इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि यह धर्मशाला समाज के लोगों के लिए एक सशक्त सामाजिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास की योजनाओं को पहुंचाना है और क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है।

विधायक ने यह भी कहा कि “हमारी प्राथमिकता है कि क्षेत्र का समग्र विकास हो और हर समाज को सम्मान व सुविधाएं मिलें। इस धर्मशाला के निर्माण से कोरी समाज के लोगों को एक बेहतर स्थान उपलब्ध होगा, जहां वे अपने सामाजिक एवं पारिवारिक कार्यक्रम सुगमता से आयोजित कर सकेंगे।”

मीडिया प्रभारी अजय चोपड़ा ने कहा कि यह निर्माण कार्य क्षेत्र में सामाजिक एकता और सामुदायिक विकास को नई दिशा देगा। उन्होंने बताया कि विधायक जी के नेतृत्व में लगातार जनहित के कार्य किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्रवासियों को सीधा लाभ मिल रहा है और विकास की गति तेज हुई है।

          इस अवसर पर पप्पू पहलवान,प्रताप विहार मंडल अध्यक्ष हेमराज माहौर,पार्षद गोपाल सिसोदिया,पार्षद भगवत गुप्ता,पूर्व पार्षद चंपा माहौर, राकेश कोरी, लेखराज माहौर, सुधीर शर्मा, नानक चंद कोरी,सोनू माहौर, ओम प्रकाश,मनोज कोरी लाल सिंह कोरी, बुद्ध सिंह कोरी,अंकित गुप्ता सहित अनेक गणमान्य क्षेत्रवासी और कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे..

                   

            

माँ गंगा के पावन तट ऋषिकेश में पूज्य गोविंददेव गिरि महाराज के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारम्भ

 



पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पावन सान्निध्य

*💥भागवत कथा सम्बंधों की कथा* 

*🌺उत्तराखण्ड नेगेटिव नैरेटिव की धरती नहीं, नटराज की धरती

*🌸चार धाम यात्रा में आस्था व व्यवस्था का अद्भुत संगम -स्वामी चिदानन्द सरस्वती*

ऋषिकेश, 20 अप्रैल। माँ गंगा के पावन तट, योगनगरी में पूज्य गोविंददेव गिरि जी महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित हो रही दिव्य श्रीमद्भागवत कथा के पावन अवसर पर आज एक अत्यंत प्रेरणादायी, गरिमामय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण क्षण रहा, जब परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज एवं उत्तराखण्ड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी का पावन सान्निध्य, उद्बोधन एवं आशीर्वचन प्राप्त हुए।

इस अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने अत्यंत ओजस्वी एवं प्रेरणादायी संदेश देते हुए कहा कि “उत्तराखण्ड नेगेटिव नैरेटिव की धरती नहीं, नटराज की धरती है।” उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि देवताओं, ऋषियों, तपस्वियों और दिव्य चेतना की भूमि है। यह वह पावन धरा है जहाँ हिमालय की गोद में ऋषियों ने तप किया, जहाँ माँ गंगा का अवतरण हुआ, जहाँ प्रत्येक कण में आध्यात्मिकता, संस्कृति और सनातन जीवन मूल्यों की सुगंध विद्यमान है।

उन्होंने आगे कहा कि यह प्रदेश विश्व को केवल प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन ही नहीं देता, बल्कि योग, अध्यात्म, शांति, साधना, संस्कृति और जीवन जीने की शैली प्रदान करता है। यहाँ की नदियाँ केवल जलधारा नहीं, जीवनधारा हैं, यहाँ के पर्वत केवल शिलाखंड नहीं, तप और त्याग के प्रतीक हैं, यहाँ के तीर्थ केवल स्थल नहीं, आत्मजागरण के केंद्र हैं।

पूज्य स्वामी जी ने आह्वान किया कि देवभूमि की पावनता, नदियों की निर्मलता, पर्यावरण की शुचिता तथा संस्कृति की गरिमा की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। यदि हम उत्तराखण्ड की आत्मा को समझना चाहते हैं, तो हमें उसके अध्यात्म, सेवा, संस्कार और समर्पण को समझना होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखण्ड सरकार देवभूमि की आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक अस्मिता और प्राकृतिक संपदा के संरक्षण हेतु पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पूज्य संतों का मार्गदर्शन राज्य की सबसे बड़ी शक्ति है और उनके आशीर्वाद से उत्तराखण्ड निरंतर अपनी विरासत को साथ लेकर विकास, धर्म और संस्कृति के मार्ग पर अग्रसर है।

माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ऋषिकेश, हरिद्वार, केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री सहित सम्पूर्ण उत्तराखण्ड भारत की सनातन आत्मा का जीवंत स्वरूप है। सरकार का प्रयास है कि तीर्थ स्थलों का विकास हो, श्रद्धालुओं को सुविधाएँ प्राप्त हों और आने वाली पीढ़ियाँ अपनी जड़ों, संस्कृति और विरासत से जुड़ी रहें।

कथा व्यास पूज्य गोविंददेव गिरि जी महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित श्रीमद्भागवत कथा श्रद्धालुओं के अंतर्मन में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संचार कर रही है। वे अपनी कथाओं के माध्यम से धर्म, नीति, करुणा, सेवा, प्रेम और समर्पण के दिव्य संदेश जन-जन तक पहुँच रहे हैं।

ऋषिकेश की पावन धरती पर संतशक्ति, जनशक्ति और शासनशक्ति का यह अद्भुत संगम समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है कि जब अध्यात्म और प्रशासन साथ चलते हैं, तब राष्ट्र और समाज का समग्र उत्थान सुनिश्चित होता है।

कथा आयोजक अरूण माहेश्वरी,श्रीमती मंजू माहेश्वरी द्वारा इस दिव्य श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया जिसे सम्पूर्ण माहेश्वरी परिवार व ईष्टमित्र इस दिव्य कथा का आनंद ले रहे है।

श्री राधागोविन्द सेवा समिति, धर्मशाला सेठ कन्हैया लाल, शारदा रोड, मेरठ, के अध्यक्ष श्याम सुन्दर केला , कोषाध्यक्ष  देवेन्द्र कुमार भटटर, उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार माहेश्वरी अनुज गांधी,  शिवराज किशोर मूना, राकेश माहेश्वरी  और अनेक पदाधिकारियों ने सहभाग किया।

महंत हरि गिरि महाराज ने महंत नारायण गिरि महाराज को जूना अखाड़ा की 13 मणि का अध्यक्ष बनाया

 



संवाददाता

महाराजश्री को अध्यक्ष बनने पर विश्व भर से बधाई संदेश मिल रहे हैं 

माहुरगढ़,  नांदेड़ःजूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर, गाजियाबाद के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता तथा दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज को जूना अखाड़ा की 13 मणि का अध्यक्ष बनाया है। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के 13 मणि का 

अध्यक्ष बनने से देश-विदेश के संतों में खुशी है और विश्व भर से बधाई संदेश मिल रहे हैं। श्रीमहंत हर गिरि महाराज ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज धर्म, आध्यात्म, भारतीय संस्कृति व शिक्षा ही नहीं समाज व देश सेवा के कार्यो में भी मिसाल कायम कर रहे हैं। उनका पूरा जीवन सनातन धर्म को मजबूत करने, उसका प्रचार-प्रसार करने, बच्चों व युवाओं को संस्कारवान बनाने, समाज को नशा व दहेज मुक्त बनाने तथा जरूरतमंदों की सेवा के लिए समर्पित है। वे सनातन धर्म को एकजुट करने का कार्य भी कर रहे हैं। उनकी इन सेवाओं को देखते हुए ही उन्हें सबसे बडी 13 मणि का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है, श्रीमहंत हरि गिरि महाराज व जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज जैसे महान, सिद्ध व तपस्वी संतों के मार्गदर्शन व पावन सानिध्य से उसे पूरा करेंगे और 13 मणि, जूना अखाड़ा ही नहीं सनातन वैदिक धर्म को भी मजबूत कर उसे विश्व में शिखर पर ले जाने का प्रयास करेंगे। जूना अखाड़ा में 4 मणि हैं और इनमें सबे बडी मणि 13 मणि है, जिससे विश्व भर के हजारों संत जुडे हैं। श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने महाराजश्री को 13 मणि का अध्यक्ष बनाया है। महाराजश्री श्री दूधेश्वर वेद विद्या संस्थान, यूनाइटिड हिंदू फ्रंट के अध्यक्ष  भी हैं। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के 13 मणि का अध्यक्ष बनने के बाद से उन्हें विश्व भर से बधाईयां मिल रही हैं।

डा० के०एन० मोदी फ़ाउंडेशन मोदी विश्वविद्यालय,में 28वे रक्तदान शिविर का चैयरमैन प्रो० (डा०) डी० के० मोदी ने किया उदघाटन






सत्ता बन्धु संवाददाता

मोदीनगर।  डा० के०एन० मोदी फ़ाउंडेशन मोदी विश्वविद्यालय,में 28वे रक्तदान शिविर का चैयरमैन प्रो० (डा०) डी० के० मोदी ने उदघाटन किया।

शिविर का उदघाटन यू0एन0 मिश्रा, डा० के०एन० मोदी विश्वविद्यालय, मोदीनगर के कुलपति  पी0एन0 ऋषीकेश , डा0 के0एन0 मोदी फ़ाउंडेशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ0 दीपांकर शर्मा  ने दीप प्रज्वलित कर किया। प्रो0 (डा0) डी0 के0 मोदी ने रक्तदान की महत्ता को समझाते हुए सभी को रक्तदान के प्रति जागरूक किया। उन्होने कहा कि इस प्रकार के शिविर का आयोजन समय-समय पर होना चाहिए। कुलपति श्री पी0एन0 ऋषीकेश जी ने बताया की आपके द्वारा किया गया रक्तदान अनेको लोगों की जिन्दगी बचा सकता है। यह एक महादान है। रक्तदान शिविर का आयोजन एम0 एम0 जी0 जिला हॉस्पिटल गाज़ियाबाद के डा० अंजुल चौधरी और डॉ0 विनोद कुमार डॉ0 सुजीत कुमार के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर संस्थान के अध्यापको एंव छात्र / छात्राओं द्वारा बढ़ चढ़ कर रक्तदान किया गया। सायं तक चले शिविर में 100 यूनिट से अधिक रक्तदान हुआ। इस अवसर पर विभिन्न संस्थानो के निदेशक, विभागाध्यक्ष, अध्यापक गण एवं छात्र/छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल आयोजन श्री तरुण कुमार, डा० ब्रजेश कुमार, आशीष मिश्रा एवं हरेंद्र सिंह शैलोन द्वारा किया गया।

राजनगर एक्सटेंशन मै धूमधाम से मनाया गया परशुराम जन्मोत्सव,कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा रहे मुख्य अतिथि, हज़ारों लोग शामिल हुए

 







मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । राजनगर एक्सटेंशन की फॉरच्यून रेजिडेंसी के क्लब मै  परशुराम जन्मोत्सव प्रतिवर्ष की भाँति  धूमधाम से मनाया गया, जिसमें भजन  संध्या, मनमोहन झांकियां,फूलों की होली व पारिवारिक मंगल मिलन कार्यक्रम हुआ और भक्तों ने कार्यक्रम का आनंद लिया,   कार्यक्रम मै 500 से अधिक ब्राह्मण परिवार शामिल हुए 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा  का समिति के सदस्यों ने फरसा भेट कर स्वागत किया ,इस अवसर पर मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने उपस्थित श्रद्धालुओं के साथ भगवान परशुराम जी के आदर्शों धर्म, पराक्रम और न्याय को आत्मसात करने का संदेश साझा किया।  कार्यक्रम मै विशिष्ट अतिथि डॉक्टर अनिल अग्रवाल (पूर्व राज्यसभा सांसद),डॉ संजीव शर्मा (राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य),जै के गौर, पारस शर्मा (हीरा स्वीट),दिनेश रैना, अनुराग कोशिश, थानाध्यक्ष अनुराग शर्मा, दामोदर लीला दास प्रभु( इस्कॉन) का समिति के सदस्यों ने प्रतीक चिन्ह और फरसा भेट कर स्वागत किया |

कार्यक्रम मे भगवान परशुराम जन्मोत्सव समिति के अध्यक्ष अभिषेक शर्मा ,संरक्षक आशुतोष तिवारी, राजन त्रिपाठी, देवेन्द्र चौबे, एन के शर्मा, उपाध्यक्ष संतोष भारद्वाज, विवेक शर्मा,अभिनव पांडे, आदित्य पंडित, सचिव बिजेंद्र विद्रोही, सह सचिव अरविंद भारद्वाज, कोषाध्यक्ष राजेश तिवारी, सह कोषाध्यक्ष पवन द्विवेदी, महामंत्री बी पी उपाध्याय,अभिषेक पांडे, सौरभ शर्मा, विशाल शर्मा, प्रवक्ता पद्माकर मिश्रा, प्रचार प्रभारी केके पांडे, मीडिया प्रभारी सुजीत झा , गौरव शर्मा, प्रवीण उपाध्याय,नितिन शर्मा,अरुण मिश्रा,एम के अग्रवाल,नीरज विजयवर्गीय, सीमा सक्सेना, अरविंद त्यागी, कपिल त्यागी,कमलदीप त्यागी,मंजूमन त्रिपाठी,केके शर्मा,राजकुमार भाटी ,कपिल शर्मा,करुणा शर्मा, अनुराधा शर्मा, दिशा शर्मा,दिव्या त्यागी,रिंकी शर्मा, श्वेता सक्सेना, अलका रानी, प्राची अग्रवाल,नीतिका शुक्ला,वसुंधरा मिश्रा,लक्ष्मी शुक्ला,चिंकी शर्मा ,कल्पना दुबे,आदि मुख्य रूप से रहे! कार्यक्रम मे हज़ारों भक्तों ने प्रतिभाग किया |

रविवार, 19 अप्रैल 2026

परम पूज्य महामण्डलेश्वर आचार्य प्रवर अनन्त विभूषित युगपुरुष स्वामी परमानन्द गिरि महाराज का 71वाँ संन्यास जयंती महोत्सव धूमधाम से मनाया

 






सत्ता बन्धु संवाददाता

 अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर अनन्त विभूषित युगपुरुष स्वामी परमानन्द गिरि महाराज के 71वें संन्यास जयंती महोत्सव में आध्यात्मिक सानिध्य - योगऋषि पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज, पतंजलि योगपीठ, पूज्य स्वामी चिदानन्द मुनि जी महाराज, परमाध्यक्ष्ज्ञ, परमार्थ निकेतन ऋषिकेश, पूज्य साध्वी ऋतंभरा जी, दीदीमां,  निरंजनी पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर राजगुरु बीकानेर, पूज्य स्वामी विशोकानन्द भारती जी महाराज, आचार्य महामण्डलेश्वर पूज्य स्वामी कैलाशानन्द जी महाराज, आनन्द पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर पूज्य स्वामी बालकानन्द गिरि जी महाराज, पूज्य महंत डॉ. रविन्द्रपुरी जी महाराज, निर्मल पीठाधीश्वर पूज्य  महंत ज्ञानेन्द्र सिंह जी महाराज, राष्ट्रीय अध्यक्ष अ.भा. संत समिति जगद्गुरु पूज्य स्वामी अविचलदास जी महाराज, गुजरात, पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज, पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार, महामण्डलेश्वर पूज्य स्वामी अनन्तदेव जी महाराज, वामदेव ज्योतिर्मठ, वृन्दावन, पूज्य बाबा निर्मल दास जी महाराज, रायपुर, पंजाब, राष्ट्रीय महामंत्री अ.भा. संत समिति दण्डी स्वामी पूज्य जीतेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज, वाराणसी, महामण्डलेश्वर पूज्य साध्वी निरंजन ज्योति जी (अध्यक्ष-राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग), महामण्डलेश्वर पूज्य स्वामी हरिचेतनानन्द जी महाराज, हरिद्वार, महामण्डलेश्वर पूज्य स्वामी आत्मानन्द पुरी जी महाराज, हरिद्वार*

मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड, पुष्कर सिंह धामी, मदन कौशिक, आयुष एवं आयुष शिक्षा, कैबिनेट मंत्री उत्तराखण्ड सरकार,  प्रदीप बत्रा जी, कैबिनेट मंत्री उत्तराखण्ड सरकर बजरंग बागड़ा जी, महामंत्री, विश्व हिन्दू परिषद, अशोक तिवारी जी, राष्ट्रीय मंत्री, विश्व हिन्दू परिषद, आदि अनेक विभूतियों का पावन सान्निध्य*

*💦नमामि गंगे के सहयोग से गंगा तट पर निर्मित अखंड परमधाम घाट का वर्चुअल उद्घाटन*

*💥संन्यास केवल वस्त्र परिवर्तन नहीं बल्कि वृत्ति परिवर्तन* 

*✨सन्यास “ममत्व” से “समत्व” की ओर, “अहं” से “ब्रह्म” की ओर अग्रसर होने की यात्रा*

*🙏🏻स्वामी चिदानन्द सरस्वती*

ऋषिकेश, 19 अप्रैल। परम पूज्य महामण्डलेश्वर आचार्य प्रवर अनन्त श्री विभूषित युगपुरुष स्वामी परमानन्द गिरि जी महाराज का 71वाँ संन्यास जयंती महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ आयोजित हुआ। जिसमें पूज्य संतों, महंतों, विशिष्ट विभूतियों और राजनीतिज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

धर्म, अध्यात्म, सेवा और सनातन संस्कृति के उज्ज्वल प्रेरणास्तंभ परम पूज्य महामण्डलेश्वर आचार्य प्रवर अनन्त  विभूषित युगपुरुष स्वामी परमानन्द गिरि जी महाराज के 71वें संन्यास जयंती महोत्सव का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भव्यता एवं दिव्यता के साथ मनाया गया। पूज्य संतों का संन्यास जीवन की त्याग, तप, साधना, सेवा और लोकमंगल की अखंड यात्रा का दिव्य उत्सव है।

स्वामी परमानन्द गिरि जी महाराज ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र, धर्म और मानवता के कल्याण हेतु समर्पित किया। उन्होंने वेद, उपनिषद, गीता एवं सनातन ज्ञान परंपरा के आलोक को जन-जन तक पहुँचाने का महनीय कार्य किया है। 

71वाँ संन्यास जयंती महोत्सव विविध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से युक्त था जिसका शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चार, पूजन-अर्चन एवं गुरु वंदना के साथ किया। इसके पश्चात संत-महात्माओं, विद्वानों एवं भक्तजनों द्वारा पूज्य गुरुदेव के तपस्वी जीवन, राष्ट्रनिष्ठ विचारधारा तथा समाजोत्थान में उनके अनुपम योगदान पर विचार व्यक्त किए।  मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड पुष्कर सिंह धामी जी ने कहा कि पूज्य युगपुरुष स्वामी परमानन्द गिरि जी ने सदैव समाज को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने भव्य बद्री एवं दिव्य बद्री के दर्शन का आह्वान किया। गंगा कॉरिडोर के निर्माण की जानकारी दी तथा शारदा कॉरिडोर के विकास का भी आह्वान किया।

उन्होंने देहरादून स्थित हिन्दू स्टडी सेंटर के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि वहाँ युवा पीढ़ी आकर शोध कार्य करेगी। समान नागरिक संहिता, सबके लिए शिक्षा तथा मदरसा बोर्ड को बंद करने के निर्णय की जानकारी भी प्रदान की। साथ ही बताया कि जुलाई 2026 से मदरसों में उत्तराखण्ड बोर्ड का ही पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि देवभूमि के देवत्व को बनाए रखने के लिए हमारी सरकार समर्पित है। 12 हजार एकड़ भूमि को लैंड जिहाद से मुक्त कराने का कार्य किया गया है। सख्त धर्मांतरण कानून लाने तथा लैंड जिहाद और लव जिहाद से मुक्त उत्तराखण्ड की दिशा में सरकार संकल्पित है।

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि संन्यास संसार से पलायन नहीं, बल्कि समस्त सृष्टि को अपना परिवार मानकर सेवा करने का महान संकल्प है। पूज्य स्वामी जी केम जीवन में करुणा, समता, आध्यात्मिक अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत समन्वय है। 

71 वर्षों का यह संन्यास जीवन तप की तेजस्विता, त्याग की गरिमा और सेवा की साधना का अनुपम इतिहास है। पूज्य स्वामी जी का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का दिव्य स्रोत है।

संन्यास बाह्य परिधान का विषय नहीं, अपितु अंतःकरण की परिपक्वता का नाम है। सनातन दर्शन कहता है जब चित्त विषयासक्ति से निवृत्त होकर ब्रह्मतत्त्व में प्रवृत्त हो, तभी संन्यास का उदय होता है।

मुण्डकोपनिषद् कहता है “परिक्ष्य लोकान् कर्मचितान् ब्राह्मणो निर्वेदमायात्”। संसार का त्याग नहीं, संसार की अनित्यता का बोध ही तो सन्यास है। श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण जी ने कहा है संन्यास निष्क्रियता नहीं, अनासक्ति है।

योगऋषि स्वामी रामदेव जी ने कहा कि जिस दिन अभेद दृष्टि हमारे अंतःकरण में जागृत हो जाएगी, उसी दिन विभाजन की दीवारें स्वतः ढह जाएँगी। जब हम जाति, पंथ, भाषा, प्रांत, मत और उपासना-पद्धतियों के भेद से ऊपर उठकर एक ही सनातन चेतना को पहचानेंगे, तब वास्तविक एकता का सूर्योदय होगा। सनातन का मूल स्वर ही अभेद है “एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति”, सत्य एक है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने परम पूज्य महामण्डलेश्वर आचार्य प्रवर अनन्त श्री विभूषित युगपुरुष स्वामी परमानन्द गिरि जी महाराज को रूद्राक्ष का पौधा भेंट कर उनका अभिनन्दन किया।

हमारा हर प्रयास मानवता के लिए समर्पित है चाहे कोई व्यक्ति बीमारी से ग्रस्त हो या आपदा पीड़ित : सुभाष गुप्ता

 







मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । हमारा हर प्रयास मानवता के लिए समर्पित है चाहे कोई व्यक्ति बीमारी से ग्रस्त हो या आपदा पीड़ित होके संदेश के तहत रेड क्रॉस सोसायटी गाजियाबाद ने अग्निकांड मे प्रभावित लोगों को जल खाना वितरित किया।

 गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र में कानावनी गांव में 500 झुगियों में लगी आग ने सभी निशक्त परिवारों का सब कुछ राख कर दिया ।

 रेड क्रॉस सोसाइटी प्रदेश सभापति व उत्तर प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक  के  आदेशानुसार तथा प्रदेश महासचिव रामानंद कटियार की अनुशंसा पर आज रेड क्रॉस गाजियाबाद की टीम अग्नि पीड़ित परिवार जनों से मिली, स्थिति की जानकारी जुटाई ।

सभी परिवारों की वेदना को समझते हुए रेड क्रॉस गाजियाबाद के निवर्तमान सभापति रो. डॉ. सुभाष गुप्ता के नेतृत्व में आज सभी आपदा ग्रस्त जनों को भोजन व बोतल बंद पानी वितरित किया गया । ये वो लोग हैं 2 दिन से घर में चूल्हा जलना तो दूर खाना भी नसीब नहीं हो रहा था ।

 धूप और बारिश दोनों का संकट गहराया हुआ है इसको संज्ञान में लेते हुए रेड क्रॉस गाजियाबाद द्वारा अन्य एन जी ओ से तिरपाल का प्रबंध कराकर विपरीत कराए गए।

 विज्ञप्ति जारी करते हुए सुभाष गुप्ता ने बताया कि आज की इस सेवा में मेरे साथ विपिन अग्रवाल, प्रशांत गर्ग व हमारे सारथी रिंकू वर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।

 

शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026

रेडक्रॉस सोसायटी गाजियाबाद के नेतृत्व में एसीपी उपासना पाडेय ने 75क्षय रोगियों को प्रदत पोषण पोटली वितरित की

 





मुकेश गुप्ता

  गाजियाबाद । विजय नगर स्थित टी. बी. यूनिट पर श्रीमती उपासना पांडे सहायक पुलिस आयुक्त पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद की गरिमामई उपस्थिति में  क्षय रोग विभाग द्वारा चयनित पात्र 75 क्षय रोगियों को  रेडक्रॉस गाजियाबाद द्वारा प्रदत पोषण पोटली व न्यूट्रीश्यन पाउडर वितरित की। सभी उपस्थित मरीजों व उनके परिचारको को रोग से लड़ने की क्षमता बढ़ाने के लिए दवा के साथ साथ पोष्टीक भोजन निरंतर लेने की सलाह दी l 

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ अनिल यादव ने बताया कि टी. बी. मुक्त भारत अभियान में सुभाष गुप्ता के नेतृत्व में रेडक्रॉस गाजियाबाद की टीम पिछले चार वर्ष से पूरे जोरशोर से लगी हूई है l जनपद गाजियाबाद को स्वस्थ संकल्प की पताका जनपद के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक फहराई जा रही है l प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर गांव गांव पहुँच कर  100 दिन का सघन जाँच अभियान चलाकर टी. बी. रोगियों की तलाश की जा रही है और चयनित रोगियों को पोषण पोटली का वितरण निरंतर चल रहा है l

रेडक्रॉस गाजियाबाद के निवर्तमान सभापति रो. डॉ. सुभाष गुप्ता ने कहा कि अकेला व्यक्ति कुछ नहीं कर सकता l यह बात भी सत्य हैं कि सेवा करने के लिए समर्पण बहुत जरूरी है, नियत साफ होती है तो मंजिल आसान रहती हैl रेड क्रॉस के माध्यम से जो भी सेवा कार्य चल रहे हैं उसमें मेरी टीम और मेरे परिवार का बहुत बड़ा समर्पण हैl

 आज के कार्यक्रम को सजीव करने का श्रेय एम. सी. गौड़, विपिन अग्रवाल, आर. डी. शर्मा, संजय यादव, डॉ. अशोक के अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग की टीम को जाता है l सभी का आभार

नारी शक्ति वंदन अधिनि​यम'' राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित कराना: कमलावती सिंह,

 






                           मुकेश गुप्ता

कमलावती सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम हर्षोंल्लास के साथ सम्पन्न*

सरकार का संकल्प महिलाओं को शिक्षित, सशक्त एवं जागरूक बनाना: मुख्य अतिथि श्रीमती कमलावती सिंह, 

महिलाओं का योगदान हर क्षेत्र में सराहनीय:  सुनील कुमार शर्मा

गाजियाबाद । "नारी शक्ति वंदन अभियान" के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कार्यक्रम व "नारी शक्ति वंदन' विषयक प्रेस-वार्ता का आयोजन किया गया। जनपद गाजियाबाद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के सन्दर्भ में जागरूकता गोष्ठी व प्रेस वार्ता मुख्य अतिथि श्रीमती कमलावती सिंह, मा० अध्यक्ष उत्तर प्रदेश महिला कल्याण निगम की गरिमामयी उपस्थिति में हिन्दी भवन, लोहिया नगर, गाजियाबाद में हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। उक्त कार्यक्रम महानगर भाजपा, जिला प्रशासन व सूचना विभाग के सौजन्य से सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि महोदया द्वारा द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। तदोपरांत कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गये। 

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियाँ संपादित की गईं, जिनमें महिलाओं की गोद भराई, शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार, पुष्टाहार वितरण तथा जनपद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित करना प्रमुख रहा। साथ ही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत अन्य लाभार्थियों को भी लाभान्वित किया गया।

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल राजनीतिक आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को नेतृत्व एवं निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से संसद एवं विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि होगी, जिससे नीति-निर्माण में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को और अधिक प्राथमिकता मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि यह अधिनियम लैंगिक समानता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ समाज में महिलाओं की भूमिका को लेकर स्थापित रूढ़िवादी धारणाओं में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होगा तथा महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मविश्वास एवं प्रेरणा प्रदान करेगा।

मुख्य अतिथि द्वारा यह भी उल्लेख किया गया कि केन्द्र एवं राज्य सरकार महिलाओं एवं बालिकाओं के सर्वांगीण विकास हेतु निरंतर प्रतिबद्ध हैं। इस क्रम में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, कन्या सुमंगला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण अभियान, राष्ट्रीय महिला कोष, उत्तर प्रदेश महिला सामर्थ्य योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना, 181 महिला हेल्पलाइन, सुकन्या समृद्धि योजना सहित उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना, विधवा पेंशन एवं वृद्धावस्था पेंशन जैसी विभिन्न योजनाएँ प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ किया गया है, जिससे उन्हें समाज में समान अवसर एवं अधिकार प्राप्त हो रहे हैं।

अपने उद्बोधन के अंत में मुख्य अतिथि ने कहा कि सरकार का संकल्प महिलाओं को शिक्षित, सशक्त एवं जागरूक बनाना है, ताकि उन्हें निर्णय प्रक्रिया में सहभागी बनाते हुए राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु प्रतिबद्ध होकर कार्य करें, जिससे भारत को समृद्ध, विकसित एवं सशक्त राष्ट्र बनाने में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

 सुनील कुमार शर्मा कैबिनेट मंत्री ने कहा कि महिलाओं की हर क्षेत्र में अहम भूमिका रहती है चाहे वह घर में या आॅफिस में। महिलाओं ने जिस क्षेत्र में भी कार्य किया वह सराहनीय रहा है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं और देशहित में एक अच्छी पहल है।

भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल द्वारा कार्यक्रम को सफल बनाने में हेतु सभी आगुन्तकों का आभार प्रकट किया गया।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा महिला पदाधिकारी, महिला पार्षद, कार्यकत्री, स्कूल की छात्रायें, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां, आशा /ए०एन०एम०, महिला लाभार्थियों, महिला वॉलेटियर, महिला ग्राम प्रधान सहित सैकड़ों की संख्या में सम्मानित महिलाएं उपस्थित रहे। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर महिलाओं में खुशी की लहर थी और मोदी जी के जिन्दाबाद के उद्घोष से पूरा हिन्दी भवन गूंज उठा। कार्यक्रम उपरान्त सभी के लिए सूक्ष्म जलपान की व्यवस्था भी कराई गयी।

सी.बी.एस.ई. कक्षा 10वीं परीक्षा परिणाम में श्री ठाकुर द्वारा बालिका विद्यालय की छात्राओं ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन

 



मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । श्री ठाकुर द्वारा बालिका विद्यालय का सी.बी.एस.ई. कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम इस वर्ष अत्यंत उत्कृष्ट रहा। विद्यालय की सभी 480 छात्राएं सफलतापूर्वक उत्तीर्ण हुईं, जिससे विद्यालय का परिणाम शत-प्रतिशत रहा।

विद्यालय टॉपर्स:

प्रथम स्थान – मानसी वर्मा (98.00%)

द्वितीय स्थान – सौम्या पोखरियाल (96.17%)

तृतीय स्थान – चारु सारस्वत (95.17%)

इन छात्राओं ने अपनी उत्कृष्ट उपलब्धि से विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।

विद्यालय के उपाध्यक्ष दिनेश कुमार गोयल (सोप वाले), मैनेजर  ज्ञान प्रकाश गोयल, कोषाध्यक्ष  मोहित गुप्ता तथा प्रधानाचार्या श्रीमती पूनम शर्मा ने मेधावी छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति की घोषणा की, जिससे उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

विद्यालय प्रबंधन समिति ने छात्राओं, अभिभावकों एवं शिक्षकों को इस शानदार सफलता के लिए हार्दिक बधाई दी तथा छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित करते हुए आगामी परीक्षाओं में और बेहतर प्रदर्शन करने का संदेश दिया। साथ ही, भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट परिणाम बनाए रखने की आशा व्यक्त की।

साहित्यकार नागेन्द्र त्रिपाठी डॉ.अंबेडकर कीर्ति सम्मान 2026 से अलंकृत

 




▪️अखिल भारतीय कबीर मठ ने प्रदान किया सम्मान

▪️कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों सहित वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी सम्मिलित है नागेन्द्र त्रिपाठी का नाम

गाजियाबाद/नागौर(ब्यूरो)।कबीर आश्रम सेवा संस्थान बड़ी खाटू व डॉ. अंबेडकर प्रतिमा अनावरण समिति नागौर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में उत्तर प्रदेश के प्रख्यात साहित्यकार व समाजसेवी नागेन्द्र त्रिपाठी को डा.अंबेडकर कीर्ति सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया।उन्हें हिंदी में गद्य व काव्य लेखन,समाज सेवा तथा पर्यावरण संरक्षण में योगदान के लिए यह राष्ट्रीय सम्मान दिया गया।

                बताते चलें कि लेखक नागेन्द्र त्रिपाठी ने मातृभाषा हिंदी में 12 पुस्तकें लिखी हैं उनको लेखन के क्षेत्र में उल्लेखनीय अवदान हेतु कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं तथा उनका नाम इंडिया बुक आफ वर्ल्र्ड रिकॉर्ड, हारवर्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड लंदन तथा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया है । 

        मुख्य अतिथि नागौर के विधायक हरेंद्र मिर्धा, विशिष्ट अतिथि राजस्थान सरकार की राज्य मंत्री मंजू मेघवाल तथा कांग्रेस जिला अध्यक्ष हनुमान बांगड़ा ने भी अपने उद्बोधन में कार्यक्रम के आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की । अध्यक्षता रोहिणी के सरपंच महेश शर्मा ने की व बड़ी खाटू कबीर आश्रम के संस्थापक महंत डॉ नानक दास जी महाराज पद्मश्री हिमताराम भांभू पर्यावरणविद और भामाशाह प्रेम रतन शर्मा ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में उल्लेखनीय योगदान किया ।

           समारोह में शिक्षा को सर्वसुलभ बनाने व सामाजिक समरसता का संदेश देने पर जोर दिया गया । प्रतिमा लोकार्पण व म्यूजियम भवन उद्घाटन भी कार्यक्रम की सफलता में चार चाँद लगा गया ।

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने जनता दर्शन में सुनी जन समस्यायें


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। जिलाधिकारी  रविन्द्र कुमार माँदड़ द्वारा कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनता दर्शन के दौरान जनसुनवाई की गयी। जन सुनवाई के दौरान राजस्व विभाग, जीडीए, नगर निगम, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों से सम्बंधित प्रार्थना/शिकायती पत्र प्राप्त हुए। जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों को शासन के मंशा अनुरूप त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कराने के आदेश दिये। इसी क्रम में मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार “जनता दर्शन” / जनसुनवाई की सीधे सीएम आॅफिस उत्तर प्रदेश से लाइव कनेक्टिविटी के माध्यम से मॉनिटरिंग की जा रही है। ​जिलाधिकारी महोदय ने जनमानस की सुविधा हेतु जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया हुआ है कि सभी कार्य दिवस में सुबह 10 से 12 बजे जन शिकायतें सुनेंगे और उनके साथ जूम पर लाइव रहेंगे। जनता दर्शन के दौरान जिलाधिकारी महोदय द्वारा कई शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया एवं जूम के माध्यम से संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर उन्हें शिकायतों से अवगत कराते हुए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के आदेश दिए।

जनता दर्शन के दौरान एडीएम एल/ए  अवनीश सिंह, एडीएम जे अंजुम बी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे

संत निरंकारी मिशन के नेतृत्व में बाबा गुरबचन सिंह की पावन स्मृति में ‘मानव एकता दिवस’ 24 अप्रैल 2026 को श्रद्धा, समर्पण और प्रेममय वातावरण में आयोजित होगा


मुकेश गुप्ता

नई दिल्ली, 17 अप्रैल, 2026:- जब मानव हृदय में प्रेम की मधुर धारा अविरल प्रवाहित होती है और आत्मा एकत्व के दिव्य स्पंदन से आलोकित होती है, तभी मानवता का वास्तविक और पावन स्वरूप प्रकट होता है। यह वही स्थिति है जहाँ समस्त भेदभाव स्वतः विलीन हो जाते हैं और करुणा, समरसता तथा सार्वभौमिक भाईचारे का भाव जीवन्त हो उठता है। इसी दिव्य आध्यात्मिक चेतना को साकार करने हेतु संत निरंकारी  मिशन द्वारा बाबा गुरबचन सिंह जी की पावन स्मृति में ‘मानव एकता दिवस’ 24 अप्रैल 2026 को श्रद्धा, समर्पण और प्रेममय वातावरण में आयोजित किया जाएगा, जो संपूर्ण मानव जाति को एकत्व, सेवा और सद्भाव का अमूल्य संदेश प्रदान करेगा।

सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन सान्निध्य में दिल्ली के बुराड़ी स्थित सरोवर के सम्मुख ग्राउंड नं. 2 में एक भव्य एवं दिव्य सत्संग का आयोजन किया जाएगा, जहाँ श्रद्धालु भक्त प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिकता के अद्वितीय संगम का अनुभव करेंगे। यह पावन अवसर केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मिक जागृति का उत्सव होगा, जो प्रत्येक हृदय को ईश्वरीय एकत्व के अनुभव से जोड़ते हुए आंतरिक शांति और संतोष की अनुभूति कराएगा।

इसके साथ ही देश-विदेश की विभिन्न शाखाओं में भी श्रद्धालु भक्त एकत्रित होकर इस दिव्य सत्संग को गहन आत्मिक भाव से साकार करेंगे। इस पावन संगम के माध्यम से हर हृदय प्रेम, शांति और भाईचारे के प्रकाश से आलोकित होगा तथा मानवता की एकसूत्रता का संदेश विश्वभर में प्रसारित होगा।

यह पावन दिवस बाबा गुरबचन सिंह जी एवं चाचा प्रताप सिंह जी की दिव्य स्मृति को समर्पित है, जिनका सम्पूर्ण जीवन त्याग, समर्पण और निःस्वार्थ सेवा की अद्वितीय मिसाल रहा है। उन्होंने अपने आचरण और विचारों के माध्यम से मानवता को प्रेम, विनम्रता और परोपकार का सच्चा मार्ग दिखाया। उनके दिव्य आदर्श आज भी प्रत्येक हृदय में सेवा, भक्ति और एकत्व की ज्योति प्रज्वलित करते हैं, और मानव मात्र को यह प्रेरणा देते हैं कि सच्ची साधना केवल शब्दों में नहीं, बल्कि निस्वार्थ सेवा, करुणा और आपसी भाईचारे के भाव में निहित हैं।

दिल्ली के मुख्य आयोजन स्थल पर प्रातः 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक रक्तदान शिविर गहन श्रद्धा, समर्पण और सेवा-भाव के साथ आयोजित किया जाएगा। इस पावन सेवा यज्ञ में विभिन्न अस्पतालों के अनुभवी चिकित्सक एवं इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी की समर्पित टीम अपनी विशेषज्ञता और करुणा के साथ सेवा प्रदान करेगी, जिससे यह प्रयास मानवता के प्रति संवेदनशीलता का सजीव उदाहरण बनेगा।

संत निरंकारी मण्डल के सचिव जोगिन्दर सुखीजा के अनुसार, संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के मार्गदर्शन में आयोजित इन शिविरों में हजारों श्रद्धालु निःस्वार्थ भाव से रक्तदान कर मानव जीवन की रक्षा हेतु अपना अमूल्य योगदान अर्पित करेंगे। यह सेवा न केवल जरूरतमंदों के जीवन में नई आशा का संचार करती है, बल्कि दान करने वाले के हृदय में भी आत्मिक संतोष, शांति और कृतार्थता का दिव्य अनुभव उत्पन्न करती है।

उल्लेखनीय है कि संत निरंकारी मिशन रक्तदान के क्षेत्र में सदैव अग्रणी रहा है जहां 4 दशको से रक्तदान का सफल आयोजन किया जा रहा है। मिशन का स्वयं का ब्लड बैंक मुम्बई में निरंतर परोपकार और सेवा-भाव के साथ अपनी अमूल्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। विगत् वर्षों में आयोजित हजारों रक्तदान शिविरों के माध्यम से अनगिनत जीवनों को नया संबल और जीवनदान प्राप्त हुआ है।

निःसंदेह, यह पुण्य प्रयास सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की दिव्य शिक्षाओं का सजीव एवं प्रेरणादायी प्रतिबिंब है, जो मानव हृदय में प्रेम, एकत्व और सह-अस्तित्व की पावन ज्योति प्रज्वलित करता है। उनकी करुणामयी प्रेरणा प्रत्येक व्यक्ति को यह अनुभूति कराती है कि सच्चा जीवन वही है, जो सेवा, विनम्रता और आपसी सद्भाव के मार्ग पर अग्रसर हो।

परमार्थ निकेतन पधारे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती के पावन सान्निध्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया गंगा पूजन, अभिषेक और अति रुद्रम एवं शतचंडी महायज्ञ में अर्पित की आहुतियाँ

 




सत्ता बन्धु संवाददाता

*🌟उत्तराखंड़ की उत्तरोत्तर उन्नति, भारत की सुरक्षा और विश्व शान्ति हेतु की विशेष प्रार्थना*

*✨उत्तराखंड़ राज्य की समृद्धि हेतु किया वैदिक हवन*

*✨विश्व के अनेक देशों से आयी 200 से अधिक विदूषियों ने किया वेदों के मंत्रों का गान*

 *🌟आठ दिवसीय अति रुद्रम एवं शतचंडी महायज्ञ में 15,000 रुद्रम मंत्रों का जाप, 1,500 रुद्र होम, 300 दुर्गा सप्तशती पाठ, 300 चंडी होम, रुद्रम, दुर्गा सप्तशती, रुद्र घनम्, रुद्र क्रमम्, महान्यासम्, अरुण प्राश्नम्, अश्वमेधम, उदकाशांति आदि अनेक अनुष्ठानों का आयोजन*

*✨अति रुद्रम एवं शतचंडी महायज्ञ एक अद्वितीय आध्यात्मिक स्पंदन-पुष्कर सिंह धामी *

*💐उत्तराखंड, भारत की आध्यात्मिक चेतना का धड़कता हृदय-स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी*

ऋषिकेश, 17 अप्रैल। माँ गंगा के पावन तट, परमार्थ निकेतन में आज प्रातःकाल उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी  सपरिवार परमार्थ निकेतन पधारे। पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य, आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन में  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी, श्रीमती धामी जी और  विधायक यमकेश्वर रेणु बिष्ट ने माँ गंगा का पूजन, अभिषेक तथा दिव्य अति रुद्रम एवं शतचंडी महायज्ञ में वैदिक विधि-विधान से आहुतियाँ अर्पित कीं।

यह आयोजन उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत, सनातन परंपराओं की गरिमा तथा राष्ट्र कल्याण के प्रति समर्पण का जीवंत प्रतीक है। माँ गंगा के तट पर 200 से अधिक विदूषियों ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण कर पूरे वातावरण को पवित्र ध्वनि से गूंजायमान किया। सम्पूर्ण वातावरण दिव्यता, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा से आलोकित हो उठा।

 मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तराखंड राज्य की निरंतर उन्नति, भारत की सुरक्षा, समृद्धि तथा सम्पूर्ण विश्व में शांति और सद्भाव के लिए विशेष प्रार्थना की। साथ ही देवभूमि उत्तराखंड की समृद्धि, प्राकृतिक संतुलन, कल्याण और आध्यात्मिक उन्नयन हेतु विशेष हवन में आहुति अर्पित की।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि उत्तराखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक चेतना का धड़कता हृदय है। हिमालय की गोद, मां गंगा की निर्मल धारा और ऋषियों की तपःस्थली यह भूमि सम्पूर्ण मानवता को योग, शांति और धर्म का संदेश देती आ रही है। उन्होंने कहा कि जब सरकार, शासन और आध्यात्मिकता का समन्वय होता है, तब समाज में संतुलन, सेवा और सत्कार्यों का शुभारम्भ भी होता है।

 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ही ने कहा कि परमार्थ निकेतन में आयोजित अति रुद्रम एवं शतचंडी महायज्ञ एक अद्वितीय आध्यात्मिक स्पंदन है, जो मानवता के कल्याण, पर्यावरण संरक्षण, विश्व शांति और आंतरिक जागरण का संदेश दे रहा है। यह आयोजन उत्तराखंड की आध्यात्मिक गरिमा, सनातन संस्कृति की शक्ति और राष्ट्र निर्माण की प्रेरक ऊर्जा का अद्भुत संगम है। 

माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत की आत्मा उसकी संस्कृति में बसती है, उत्तराखंड की शक्ति उसकी आध्यात्मिक चेतना में, और मानवता का भविष्य शांति, सेवा तथा सनातन मूल्यों में निहित है।

इस दिव्य आयोजन में विश्व के अनेक देशों से आयी 200 से अधिक विदूषियों ने वेदों के मंत्रों का सामूहिक गान किया। यह दृश्य सनातन संस्कृति की वैश्विक स्वीकार्यता तथा नारी शक्ति के वैदिक उत्थान का अनुपम उदाहरण है। विविध देशों, भाषाओं और संस्कृतियों से आई इन साधिकाओं ने वेदमंत्रों के शुद्ध उच्चारण से यह संदेश दिया कि सनातन ज्ञान सीमाओं से परे समस्त मानवता की धरोहर है।

आठ दिवसीय अति रुद्रम एवं शतचंडी महायज्ञ अपने आप में अद्वितीय, विराट और अत्यंत शक्तिशाली आध्यात्मिक अनुष्ठान है। इस महायज्ञ में 15,000 रुद्रम मंत्रों का जाप, 1,500 रुद्र होम, 300 दुर्गा सप्तशती पाठ एवं 300 चंडी होम सम्पन्न हो रहे हैं। साथ ही रुद्रम, दुर्गा सप्तशती, रुद्र घनम्, रुद्र क्रमम्, महान्यासम्, अरुण प्राश्नम् अश्वमेधम तथा उदकाशांति आदि वैदिक अनुष्ठानों का भी विधिवत् आयोजन किया गया।

 अमृतेश्वर्यंबा समेत ,  अमृतेश्वरानंदनाथ सरस्वती, नरेश नटराजन , हिमाशु  के मार्गदर्शन में दक्षिण भारत व लंदन से आये विद्वान नारी शक्ति ने इस अनुष्ठान में सहभाग किया।

आरकेजीआईटी में ‘हैकवार्ट्स 2026’ का हुआ सफल आयोजन

 




                                मुकेश गुप्ता

गाज़ियाबाद: राज कुमार गोयल प्रौद्योगिकी संस्थान (आरकेजीआईटी) के कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग द्वारा गीक्स फॉर गीक्स कैंपस बॉडी के सहयोग से ‘हैकवार्ट्स 2026’ हाइब्रिड हैकाथॉन का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संकाय समन्वयकों डॉ. गगनजोत कौर एवं राहुल शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में 400 से अधिक पंजीकरण हुए, जिनमें से 100 से अधिक प्रतिभागी फाइनल चरण तक पहुंचे। प्रतिभागियों ने विभिन्न क्षेत्रों में नवाचारी समाधान प्रस्तुत किए, जिनका उद्देश्य एम वी पी निर्माण एवं गिटहब के माध्यम से व्यावहारिक उपयोग था।

प्रतियोगिता में शैडो सिंडिकेट टीम (परम राज सिंह, विवेक चौहान, मोहम्मद फैज, मोहम्मद कैसर आलम) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। लेज़ीकोडर्स टीम (अरविंद कुमार, ओम कुशवाहा, ऋषभ पाल) ने द्वितीय स्थान तथा कोडक्लैश टीम (आदित्य कुमार झा, सलोनी त्यागी, अभिषेक शर्मा) ने तृतीय स्थान हासिल किया। सभी विजेताओं को नकद पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. बी. सी. शर्मा एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अमित सिंघल ने छात्रों को नवाचार एवं तकनीकी उत्कृष्टता के लिए प्रेरित किया।

साथ ही अक्षत गोयल (उपाध्यक्ष), डॉ. लक्ष्मण प्रसाद (समूह सलाहकार), डॉ. डी. के. चौहान (कार्यकारी निदेशक), डॉ. आर. के. यादव (डीन – शैक्षणिक), डॉ. रामेंद्र सिंह (डीन – आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ), एच. जी. गर्ग (डीन – छात्र कल्याण) एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम की सफलता पर सभी प्रतिभागियों व आयोजन टीम को शुभकामनाएं दीं।

यह हैकाथॉन छात्रों के लिए नवाचार, सहयोग और तकनीकी कौशल को प्रदर्शित करने का एक उत्कृष्ट मंच साबित हुआ।

इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज में भव्य दीक्षांत समारोह, 451 विद्यार्थियों को की उपाधि प्रदान






                             मुकेश गुप्ता

- यूनिवर्सिटी–इंडस्ट्री संवाद में 100 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल

साहिबाबाद। इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज में शुक्रवार को गरिमामय एवं भव्य दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ से संबद्ध विभिन्न पाठ्यक्रमों के कुल 451 छात्र-छात्राओं को विधिवत उपाधियां प्रदान की गईं।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एकेटीयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) जे.पी. पांडे, विशिष्ट अतिथि अनूप कुमार राय (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, गाजियाबाद), संस्थान के चेयरमैन विष्णु शरण, वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल एवं गौरव अग्रवाल, कैंपस निदेशक डॉ. डी.के. शर्मा, प्लेसमेंट डायरेक्टर आकांक्षा अग्रवाल तथा रजिस्ट्रार अल्पना रानी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

समारोह का आकर्षक शुभारंभ अरवाचीन भारतीय भवन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, विवेक विहार के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत बैगपाइप बैंड की मनमोहक प्रस्तुति से हुआ। इसके पश्चात कैंपस निदेशक डॉ. डी.के. शर्मा ने संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध गतिविधियों एवं प्लेसमेंट में हुई उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डाला।

दीक्षांत समारोह में कुल 451 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के 168, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग के 103, डेटा साइंस के 66, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के 12 तथा इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के 102 विद्यार्थी शामिल रहे। इसके अतिरिक्त 66 मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा लगभग 4.15 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि वितरित की गई।

अपने संबोधन में कुलपति प्रो. (डॉ.) जे.पी. पांडे ने विद्यार्थियों को आत्मविकास, सशक्त निर्णय क्षमता एवं तकनीकी दक्षता को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संदेश दिया। उन्होंने गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन में गुरु का स्थान सर्वोपरि होता है। साथ ही उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह तकनीक तेजी से उन्नत हो रही है और स्वयं को अद्यतन करने में सक्षम है, ऐसे में युवाओं को समय रहते इसे अपनाना आवश्यक है।

इस अवसर पर कुलपति द्वारा संस्थान में स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस—रोबोटिक्स एंड ड्रोन लैब तथा स्पेस टेक्नोलॉजी लैब का उद्घाटन भी किया गया।

दीक्षांत समारोह के उपरांत ‘यूनिवर्सिटी–इंडस्ट्री संवाद’ का आयोजन किया गया, जिसमें उद्योग जगत की वर्तमान चुनौतियों एवं उनके समाधान पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम में इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन, साहिबाबाद इंडस्ट्री एसोसिएशन, गाजियाबाद एवं नोएडा मैनेजमेंट एसोसिएशन तथा जिला उद्योग निगम के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इसके साथ ही 100 से अधिक मल्टीनेशनल एवं नवरत्न कंपनियों के संस्थापक, प्रबंध निदेशक, वरिष्ठ प्रबंधक एवं एचआर प्रमुख भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में संस्थान के पूर्व छात्रों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही, जिनमें से कई सफल उद्यमी के रूप में स्थापित हैं और 50 से अधिक स्टार्टअप का संचालन कर रहे हैं। समारोह का समापन उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में हुआ।

इस दौरान एमआईईटी के कैंपस निदेशक डॉ. संजय कुमार सिंह, डीन एकेडमिक्स डॉ. अमित कुमार जैन, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. मीनाक्षी शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।