शुक्रवार, 31 जुलाई 2026

लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट ने उपन्यासकार, कहानीकार “मुंशी प्रेमचंद” का जन्म दिन समारोह, साहित्य सम्मान, दिवस के रूप में मनाया






मुकेश गुप्ता


गाजियाबाद/साहिबाबाद।  आज लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा ज्ञानपीठ केन्द्र 1, स्वरुप पार्क जी0 टी0 रोड साहिबाबाद के प्रांगण में मूर्धन्य लेखक, यथार्थवाद के प्रवर्तक, बेजोड़ उपन्यासकार, कहानीकार “मुंशी प्रेमचंद” का जन्म दिन समारोह, साहित्य सम्मान, दिवस के रूप में आयोजित किया गया, कार्यक्रम में समाजवादी चिन्तक राम दुलार यादव शिक्षाविद मुख्य वक्ता के रूप में शामिल रहे, सभी उपस्थित साथियों ने मुंशी प्रेमचंद को जयकारे के नारों के साथ पुष्प अर्पित कर स्मरण किया तथा उनकी रचनाओं से प्रेरणा ले देश, समाज, व्यक्ति के सम्मान में काम करने का संकल्प लिया ।

   कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी चिन्तक राम दुलार यादव शिक्षाविद ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद की लेखनी ग्रामीण जीवन जीने वाले किसान, मजदूर, शोषित, पीड़ित, प्रताड़ित लोगों की कहानी है, जो सामंतवादी व्यवस्था तथा सूदखोरों के हर तरह के शोषण के शिकार रहे है, उन्होंने अपनी लेखनी के मध्यम से अन्यायपूर्ण व्यवस्था का विरोध किया, तथा समाज को उद्वेलित किया, वह यथार्थवाद के प्रवर्तक लेखक थे, उन्होंने केवल हिंदी साहित्य को ही नहीं बल्कि उर्दू साहित्य को भी सम्मान दिया, वे विपन्नता का जीवन जीते हुए भी कभी स्वाभिमान और सम्मान से समझौता नहीं किया, अपने विचार पर निर्भीकता पूर्वक डटे रहे, उन्होंने महिलाओं की पीड़ा को भी सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर जन-जन में लोक प्रियता हासिल किया, उन्होंने न केवल सामाजिक व धार्मिक पाखंड और कुरीतियों पर प्रहार किया, बल्कि राजनीतिक रूप से भी देश को ब्रिटिश गुलामी से मुक्त कराने के लिए महात्मा गाँधी के आह्वान पर असहयोग आन्दोलन में भाग ले सरकारी नौकरी से त्याग पत्र दे दिया, वह युग प्रवर्तक प्रगतिशील लेखक है, वह हिंदी साहित्य में “प्रेम चन्द युग” से पहले और उनके बाद के रूप में हमेशा याद किये जायेंगे।

         श्री यादव ने कहा कि आजादी के 79 वर्ष बाद भी भारत की अधिकांश आबादी अन्याय, अत्याचार, अहंकार, शोषण, नफ़रत तथा आर्थिक विपन्नता की शिकार है, आज विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट में भारत 147 देशों में 116 वें स्थान पर नेपाल और पाकिस्तान से पीछे है, प्रति व्यक्ति आय में विश्व के 182 देशों में 149 वें नंबर पर, भ्रष्टाचार में 91 नंबर पर तथा प्रेस स्वतंत्रता में हम 180 देशों में 157 वें नंबर पर जो घोर चिंताजनक है, और बहुत ही गंभीर स्थिति में है, लोकतंत्र की जड़ें हिल रही है, संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता संदेह के घेरे में है, नैतिक आचरण, सत्य, ईमानदारी का देश, समाज में अभाव है, भय का वातावरण बनाया जा रहा है, देश में 100 करोड़ के करीब लोग अभाव का जीवन जी रहे है, उनकी आवाज का कोई महत्त्व नहीं रह गया, आज भी इसलिए मुंशी प्रेमचंद प्रासंगिक है, हमें समाज, देश में संविधान का आदर करते हुए सद्भाव, भाईचारा, प्रेम और बंधुत्व का वातावरण बनाना चाहिए, तभी देश, समाज, व्यक्ति का विकास संभव है।

           कार्यक्रम की अध्यक्षता डा0 देवकर्ण चौहान ने, आयोजन इंजी0 धीरेन्द्र यादव ने, संचालन श्रमिक नेता अनिल मिश्र ने किया, कार्यक्रम को जगन्नाथ प्रसाद, चन्द्रबली मौर्य, सम्राट सिंह यादव ने भी संबोधित किया तथा कहा कि मुंशी प्रेमचंद ने बाल विवाह, बेमेल विवाह तथा सामाजिक कुरीतियों और रुढ़िवाद का विरोध तथा विधवा विवाह का समर्थन किया, वह महाजनी शोषण के विरोधी रहे | हुकुम सिंह, राजेन्द्र सिंह देश-प्रेम के गीत सुनाये पंडित विनोद त्रिपाठी ने ज्ञानपीठ सन्देश “लोकतंत्र बचाना है, संविधान बचाना है” प्रस्तुत किया।

             कार्यक्रम में शामिल हो मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर पुष्प अर्पित किया प्रमुख रहे राम दुलार यादव, डा0 देवकर्ण चौहान, ओम प्रकाश अरोड़ा, विजय मिश्र, एस0 एन0 जायसवाल, रामकरन जायसवाल, राजेंदर सिंह, मुनीव यादव, ब्रह्म प्रकाश, हुकुम सिंह, के0 के0 सिंह, अनिल मिश्र, सम्राट सिंह, चन्द्रबली मौर्य, अमृतलाल चौरसिया, जगन्नाथ प्रसाद, विक्रम सिंह, हरिकृष्ण, नागेन्द्र प्रसाद मौर्य, अमर बहादुर, पंडित विनोद त्रिपाठी आदि रहे।


                                                                                                                           

                                                                                                                

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गुरुवार, 30 जुलाई 2026

प्रताप विहार में प्रत्येक बुधवार एवं शुक्रवार लगेगा विद्युत उपभोक्ता सेवा शिविर-संजीव शर्मा

 

मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । शहर विधायक संजीव शर्मा के निरंतर प्रयासों एवं क्षेत्रवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) द्वारा 33 केवी विद्युत उपकेंद्र, प्रताप विहार, गाजियाबाद में प्रत्येक बुधवार एवं शुक्रवार को विद्युत उपभोक्ता सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे।

इन शिविरों में उपभोक्ताओं की बिजली बिल संशोधन, बिल संबंधी त्रुटियों के सुधार, मीटर एवं विद्युत आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों सहित अन्य समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। इससे क्षेत्रवासियों को विभागीय कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे तथा उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सकेगा।

गौरतलब है कि शहर विधानसभा के प्रताप विहार निवासी  नवयुवक  भोजपुरी विकास समिति के अध्यक्ष अनिल सिंह सहित अनेक क्षेत्रवासियों ने जनता दर्शन के दौरान शहर विधायक संजीव शर्मा से मिलकर क्षेत्र में विद्युत बिल एवं अन्य समस्याओं के समाधान हेतु नियमित शिविर लगाए जाने का अनुरोध किया था क्योंकि इसके लिए सभी क्षेत्र वासियों पहले त्रुटि ठीक कराने हेतू कविनगर कार्यालय जाना पड़ता था जनहित को सर्वोपरि मानते हुए विधायक  ने तत्काल पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता एवं पत्राचार कर इस व्यवस्था को शीघ्र लागू कराने के निर्देश दिए, जिसके परिणामस्वरूप अब प्रताप विहार में नियमित सेवा शिविर लगाए जाएंगे।

इस अवसर पर शहर विधायक संजीव शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता आमजन को सरल, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना है। विद्युत विभाग द्वारा लगाए जा रहे ये सेवा शिविर क्षेत्रवासियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगे। उन्होंने सभी विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की कि जिनके बिजली बिल, मीटर अथवा अन्य विद्युत संबंधी कोई भी समस्या हो, वे निर्धारित दिवस पर शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त करें।



यशोदा मेडिसिटी ने मालदीव के उच्च स्तरीय 35 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया

 


मुकेश गुप्ता

मालदीव के 35 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने यशोदा मेडिसिटी का दौरा किया और यहां उपलब्ध आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सा विशेषज्ञता और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता के बारे में जानकारी प्राप्त की

गाजियाबाद, 30 जुलाई, 2026 । यशोदा मेडिसिटी, दिल्ली-एनसीआर के अस्पताल, ने मालदीव के एक प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया, जिसका नेतृत्व मालदीव की हाई कमिश्नर महामहिम सुश्री आयशथ अजीमा ने किया। इस प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 35 सदस्य शामिल थे। इस दौरे का उद्देश्य भारत की आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को समझना और यशोदा मेडिसिटी में तकनीक आधारित सुविधाओं, विशेष चिकित्सा सेवाओं और अनुभवी चिकित्सकों की टीम के माध्यम से प्रदान की जा रही उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करना था। 

दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल के प्रमुख विभागों का भ्रमण किया, जिसमें आधुनिक डायग्नोस्टिक सेवाएं, विशेष उत्कृष्टता केंद्र (Centres of Excellence), क्रिटिकल केयर यूनिट्स और आधुनिक उपचार सुविधाएं शामिल थीं। प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों से बातचीत की और यशोदा मेडिसिटी में अपनाए जा रहे मल्टी-डिसिप्लिनरी उपचार मॉडल के बारे में जाना, जो आधुनिक चिकित्सा तकनीक और बेहतर उपचार प्रक्रियाओं पर आधारित है। 

इस दौरे ने विभिन्न विशेषज्ञताओं में जटिल चिकित्सा मामलों के प्रबंधन में यशोदा मेडिसिटी की क्षमताओं को दर्शाया। साथ ही, यह भारत और मालदीव के बीच स्वास्थ्य सेवाओं, ज्ञान के आदान-प्रदान और चिकित्सा सहयोग के नए अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा। यह सहयोग दोनों देशों के बीच उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच के साझा दृष्टिकोण को मजबूत करता है। 

डॉ. उपासना अरोड़ा, मैनेजिंग डायरेक्टर, यशोदा ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स, ने कहा,  "महामहिम सुश्री आयशथ अजीमा और मालदीव के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करना हमारे लिए सम्मान की बात है। ऐसे अवसर स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करते हैं और उन्नत चिकित्सा सेवाओं व बेहतर मरीज देखभाल के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।"

कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु 6 कंट्रोल रूम, 11 जोनल, 24 सेक्टर एवं 108 सब मजिस्ट्रेट तैनात: जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़

 

मुकेश गुप्ता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशानुरूप कांवड़ यात्रा को भव्य, सुरक्षित एवं ऐतिहासिक बनाने में सभी करें सहयोग : जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड

समन्वय, सतर्कता एवं जनसहभागिता से कांवड़ यात्रा को सकुशल सम्पन्न कराएं अधिकारी : जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़

कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा, स्वास्थ्य, प्रकाश एवं स्वच्छता की व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें: जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़

कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी समस्या की सूचना तत्काल दें, त्वरित होगा समाधान : जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़

गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  की मंशानुरूप एवं प्राप्त निर्देशों के क्रम में जनपद गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित, भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आपसी समन्वय, सतर्कता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करते हुए कांवड़ यात्रा को सकुशल एवं हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न कराया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था, श्रद्धा एवं सामाजिक समरसता का महापर्व है। इसे सफल एवं ऐतिहासिक बनाने में प्रशासन, पुलिस, विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संगठनों तथा आमजन की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या अथवा संभावित बाधा की जानकारी तत्काल उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए, जिससे समस्या के विकराल रूप धारण करने से पूर्व ही उसका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों एवं श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन का सहयोग करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने विशेष रूप से कांवड़ मार्गों, प्रमुख जलाभिषेक स्थलों एवं स्नान स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं से यातायात नियमों का पालन करने, अनुशासन बनाए रखने तथा सुरक्षा संबंधी निर्देशों का अनुपालन करने का आग्रह किया।

मुरादनगर गंगनहर (छोटा हरिद्वार) पर विशेष सुरक्षा प्रबंध

जिलाधिकारी ने बताया कि मुरादनगर गंगनहर स्थित छोटा हरिद्वार सहित जनपद के सभी प्रमुख स्नान एवं जलाभिषेक स्थलों पर सुरक्षा एवं सुविधा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त पुलिस बल, गोताखोर दल, बैरिकेडिंग एवं निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें।

कांवड़ मार्गों पर प्रकाश, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था

जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि जनपद में कांवड़ यात्रा को सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए सभी प्रमुख मार्गों को गड्ढामुक्त एवं स्वच्छ बनाया गया है। संपूर्ण कांवड़ मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु 6,970 स्ट्रीट लाइटों एवं आवश्यकतानुसार जनरेटर की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्थानों पर चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए हैं तथा एम्बुलेंस सेवाओं को चौबीसों घंटे सक्रिय रखा गया है। इसके अतिरिक्त आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने हेतु स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

सीसीटीवी निगरानी, कंट्रोल रूम एवं मजिस्ट्रेट तैनाती से होगी सतत मॉनिटरिंग

कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रमुख स्थलों एवं मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी की जा रही है। जनपद में 06 कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं तथा उनकी संपर्क व्यवस्थाएं सक्रिय कर दी गई हैं।  यात्रा के सफल संचालन एवं प्रभावी पर्यवेक्षण हेतु 11 जोनल मजिस्ट्रेट, 24 सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं 108 सब मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। साथ ही भीड़ नियंत्रण एवं जनसुविधा के दृष्टिगत पब्लिक एड्रेस सिस्टम, वॉच टावर, सिविल डिफेंस, डीवीएफ फोर्स एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

24 घंटे सक्रिय रहेंगे कंट्रोल रूम, प्रत्येक सूचना पर होगी त्वरित कार्रवाई

कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु जनपद में विभिन्न स्थानों पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जो 24 घंटे सक्रिय रहकर कार्य करेंगे। जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक कंट्रोल रूम प्राप्त होने वाली छोटी से छोटी सूचना एवं घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे।

जनपद में स्थापित किए कंट्रोल रूम

कलेक्ट्रेट मुख्यालय स्थित मुख्य कंट्रोल रूम — प्रभारी: परियोजना निदेशक, डीआरडीए, गाजियाबाद। दूरभाष : 0120-2989508

राज चौपला, मोदीनगर स्थित कंट्रोल रूम — प्रभारी: उपायुक्त, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, गाजियाबाद। दूरभाष : 01232-299210

गंगनहर (छोटा हरिद्वार) स्थित कंट्रोल रूम — प्रभारी: मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, गाजियाबाद। दूरभाष : 01232-299212

मेरठ तिराहा स्थित कंट्रोल रूम — प्रभारी: उप श्रमायुक्त, गाजियाबाद। दूरभाष : 0120-2989507

दुधेश्वरनाथ मंदिर स्थित कंट्रोल रूम — प्रभारी: नगर मजिस्ट्रेट, गाजियाबाद। दूरभाष : 0120-2989506

टीलामोड़ स्थित कंट्रोल रूम — प्रभारी: जिला समाज कल्याण अधिकारी, गाजियाबाद। दूरभाष : 0120-2989509

इसके अतिरिक्त कानून-व्यवस्था एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित सूचनाओं के त्वरित निस्तारण हेतु निम्न विशेष कंट्रोल रूम भी संचालित रहेंगे—

पुलिस कांवड़ सेल कंट्रोल रूम — प्रभारी: श्रीमती उपासना पाण्डेय, सहायक पुलिस आयुक्त, गाजियाबाद। मोबाइल : 7017652500

एनडीआरएफ कंट्रोल रूम — प्रभारी: नामित एनडीआरएफ अधिकारी। मोबाइल : 9412221035 दूरभाष : 0120-2766618


श्रद्धालुओं हेतु पार्किंग, पेयजल, भोजन एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध

जिलाधिकारी ने बताया कि कांवड़ियों के वाहनों की पार्किंग हेतु पर्याप्त स्थान चिन्हित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त पेयजल, शौचालय, विश्राम, चिकित्सा एवं शिविरों के संचालन हेतु निर्धारित होल्डिंग क्षेत्र विकसित किए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु खाद्य सुरक्षा विभाग की 14 टीमों का गठन किया गया है, जो निरंतर निरीक्षण एवं प्रवर्तन की कार्रवाई कर रही हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान शासन के निर्देशों के अनुरूप मांस एवं मदिरा की दुकानों को कवर अथवा आवश्यकतानुसार बंद रखने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

कांवड़ यात्रा के मद्देनज़र जिलाधिकारी की अपील

जिलाधिकारी  रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने पुनः जनपदवासियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारी संगठनों एवं श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि सभी के सहयोग, अनुशासन एवं समर्पण से ही कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा की अवधि में पूर्ण सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

परमार्थ निकेतन में दिव्यता व भव्यता के साथ मनाया गुरू पूजन-पादुका पूजन,







संवाददाता

*🌺भारत सहित विश्व के अनेक देशों से आये भक्तों ने परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के पावन श्रीचरणों में संर्कीतन, भजनों व भावों से व्यक्त की भावनायें*

*💥परमार्थ गुरूकुल के नन्हे नन्हे ऋषिकुमारों ने गुरू शिष्य परम्परा की दिव्यता को किया आत्मसात*

*💥गुरु पूर्णिमा पर्व पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का संदेश-परम्पराओं को बचाएँ, पर्यावरण को भी बचाएँ; संतति को बचाना है तो प्रकृति और संस्कृति दोनों को बचाएँ*

ऋषिकेश, 29 जुलाई। गुरु पूर्णिमा पर्व के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने सभी देशवासियों एवं विश्वभर में सनातन संस्कृति से जुड़े श्रद्धालुओं को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं मंगलकामनाएँ दीं।


पूज्य स्वामी जी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल गुरु के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन पर्व है, यह जीवन को पूर्णता, समर्पण और सेवा से जोड़ने का दिव्य अवसर है। भारतीय गुरु-परम्परा हमें केवल ज्ञान के साथ प्रकृति,      संस्कृति और समस्त सृष्टि के साथ संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा भी देती है।


आज गुरु पूर्णिमा के पावन महोत्सव पर परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने आदि गुरु शंकराचार्य जी, महर्षि वेदव्यास जी से लेकर सम्पूर्ण गुरु-परम्परा, आचार्यों, परमाचार्यों एवं दैवी सम्पद् मण्डल की पूर्ण परम्परा को नमन करते हुए कहा कि आज का पर्व गुरु-पर्व है, गुरु पूर्णिमा है और पूर्ण होने का पर्व है। यह समर्पण का पर्व है, कृतज्ञता का पर्व है और कृत-कृत्य होने का पर्व है। हम कृतज्ञ भी हों और कृत-कृत्य भी हों। कृतज्ञता उस दिव्य परम्परा के प्रति, जिसकी वजह से आज हम हैं, और कृत-कृत्यता का अनुभव कि उन्हीं की कृपा से आज जीवन दिव्यता अनुभव करता है। जो भी हम अनुभव कर रहे हैं, वह सब उन महापुरुषों की कृपा है।

यह पर्व पवित्र होने का है, जीवन को धन्य बनाने का है। आज महर्षि वेदव्यास जी का प्राकट्य दिवस है। आज का दिन उस दिव्य लय और परम लय में विलय का दिन है।

पूज्यपाद महामण्डलेश्वर स्वामी शुकदेवानन्द जी महाराज कहा करते थे-जीवन मुक्ति सोइ, मुक्ति मरे न मुक्ति होय। उन्होंने यह मंत्र दिया और उसे अनुभव भी कराया। उसी का सार है-आज पहली बार मेरी ज़िन्दगी में कर रहा महसूस, मैं भी जी रहा हूँ। आज पहली बार मेरी ज़िन्दगी में बिन पिए भी पी रहा हूँ। आज पहली बार साँसों के सफ़र में हो सकी है एक अपनी चीज़ अपनी। आज पहली बार मेरी प्रातः हो सकी है मेरी अपनी। आज मैं अनमोल हूँ, बेमोल बिककर, जग न अब मेरी कहीं कीमत लगाए। इसलिए यदि द्वार आए मुक्ति भी, तो बेइजाज़त आज वह भी लौट जाए। यही अनुभव पूज्य महाराज श्री कराते थे।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि गुलाम व्यक्ति बनता है अपनी वासनाओं से। गुलाम व्यक्ति बनता है अपनी इच्छाओं से। जीवन में निराशा और उदासी सचमुच तभी आती है, जब व्यक्ति सही पथ पर गमन नहीं करता। मन में कुछ होगा और बाहर कुछ होगा, तो समस्याएँ तो आएँगी ही; लेकिन समस्याओं का समाधान उनके लिए होता है, जो, जो कुछ भी करते हैं, प्रभु का मानकर करते हैं।

आज से 56 वर्ष पूर्व एक बड़े प्यारे संत थे। जब परमार्थ निकेतन में प्रार्थना होती थी, तब वे गाते थे-मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन किसी का है दिया। जो भी अपने पास है, वह धन किसी का है दिया।

पूज्यपाद स्वामी भजनानन्द महाराज भी बड़ी गंभीरता से प्रतिदिन गाते थे-राम का नाम लेकर जो मर जाएँगे...वे इन पंक्तियों की चर्चा भी करते थे। उन सभी महापुरुषों ने अपने जीवन के सार को समझा था। जब हम अपने जीवन में यह अनुभव कर लेंगे, तब इन छोटी-छोटी बातों का कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सच तो यह है कि यही छोटी-छोटी बातें हमें छोटा बना देती हैं। आज का दिन इन सभी छोटी बातों से ऊपर उठकर समर्पण का है।

यह दीनता और हीनता से ऊपर उठने का पर्व है, गुरु पूर्णिमा और जो दीनता व हीनता से उठाकर गले लगा ले, उसी का नाम सद्गुरु है। जब हम अपने स्वरूप को भूल जाते हैं, तब हर प्रकार की गुलामियाँ हमें घेर लेती हैं। उन सभी गुलामियों और तनावों से मुक्त होने का पर्व है गुरु पूर्णिमा।

गुरु पूर्णिमा का अर्थ ही है, जीवन में सबेरा होना, जीवन में प्रकाश का होना और जीवन में प्रकाश का प्रकट होना। जीवन में यह घट जाना ही गुरु पूर्णिमा है। प्रकाश ही जीवन है और अन्धेरा ही मृत्यु है। जन्म माँ देती है और जब जीवन मिलता है, तब गुरु पूर्णिमा होती है। यह किसी के हो जाने का पर्व है। यह समर्पण आ जाए, भटकाव मिट जाए, अन्धकार मिट जाए, कोहरा छँट जाए, इसी का नाम है गुरु पूर्णिमा।

खुद से खुद की मुलाकात करा देना ही गुरु पूर्णिमा है। गुरु पूर्णिमा सजावट का नहीं, स्वयं को सजाने का पर्व है। भारतीय चेतना कपड़ों का नहीं, कर्मों का पर्व है।

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर पूज्य स्वामी जी ने वैश्विक परमार्थ परिवार को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से आशीर्वचन व आशीर्वाद प्रदान किया। पूरे विश्व से गुरु पूर्णिमा पर अनेकों श्रद्धालुओं व भक्तों ने अपने भावपूर्ण प्रणाम व वंदन भेजे। उसे स्वीकार करते हुए सभी के लिए माँ गंगा से मंगलकामनाएँ कीं और कहा कि जो जहाँ पर हैं, वहीं से अपने टाइम, टैलेंट, टेनासिटी व टेक्नोलॉजी से मानवता की सेवा करते रहें।

उन्होंने सभी का आह्वान करते हुये कहा कि परम्पराओं को बचाएँ, परन्तु पर्यावरण को भी बचाएँ। संतति को बचाना है तो प्रकृति और संस्कृति दोनों को बचाना होगा। यदि हमारी संस्कृति सुरक्षित रहेगी और प्रकृति संरक्षित रहेगी, तभी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा।

उन्होंने कहा, गुरु पूर्णिमा पर उस दिव्य सद्गुरु के नाम एक पेड़ अवश्य लगाएँ। यही गुरु-दक्षिणा का श्रेष्ठ स्वरूप है। एक वृक्ष पृथ्वी के प्रति हमारी श्रद्धा, आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी और गुरु के उपदेशों को जीवन में उतारने का सजीव प्रतीक है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि जीवन, संस्कृति, करुणा और भविष्य की रक्षा का संकल्प है। गुरु हमें जोड़ते हैं, जागृत करते हैं और जीवन को दिशा देते हैं। उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए प्रत्येक व्यक्ति यदि एक वृक्ष लगाने और उसकी सेवा का संकल्प ले, तो यह गुरु पूर्णिमा वास्तव में धरती, मानवता और समस्त सृष्टि के लिए मंगलमयी बन सकती है।

सावन माह के प्रथम दिवस जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने श्री दूधेश्वर नाथ मंदिर में किया जलाभिषेक, जनकल्याण एवं प्रदेश की समृद्धि की कामना की





                              मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । सावन माह के प्रथम दिवस जनपद गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर पहुँचकर भगवान श्री दूधेश्वर महादेव का विधि-विधानपूर्वक जलाभिषेक एवं पूजन-अर्चन किया तथा प्रदेश एवं जनपदवासियों के सुख, समृद्धि, शांति एवं कल्याण की कामना की। वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक रीति-रिवाजों के मध्य पूजन सम्पन्न हुआ। श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज ने जिलाधिकारी को सावन माह की शुभकामनाएँ प्रदान करते हुए प्रसाद एवं आशीर्वाद भेंट किया।

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने कहा कि सावन माह भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं एवं आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है। यह पर्व समाज में सद्भाव, सकारात्मक ऊर्जा तथा लोककल्याण की भावना को सुदृढ़ करने का संदेश देता है। उन्होंने जनपदवासियों के सुखद, सुरक्षित एवं मंगलमय जीवन की कामना की।

इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष  मयंक गोयल, जिला सूचना अधिकारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

स्ट्रीट डॉग में माइक्रोचिप लगाने वाला उत्तर प्रदेश का पहला नगर निगम बना गाजियाबाद,शहर के 48000 श्वानो में रेबीज टीकाकरण तथा बध्याकरण किया

 


मुकेश गुप्ता

*वार्ड संख्या 01 विजयनगर, वार्ड संख्या 100 वसुंधरा से हुई स्ट्रीट डॉग्स में माइक्रोचिप लगाने की शुरुआत*

गाजियाबाद । नगर निगम आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश अनुसार गाजियाबाद नगर निगम स्ट्रीट डॉग्स की समस्या के समाधान को लेकर तेजी से कार्य कर रहा है जिसमें स्ट्रीट डॉग्स में रेबीज टीकाकरण तथा बध्याकरण की कार्यवाही की जा रही है इसी क्रम को आगे बढ़ते हुए गाजियाबाद नगर निगम ने स्ट्रीट डॉग्स में माइक्रोचिप लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद नगर निगम पहला नगर निगम है जिसमें स्ट्रीट डॉग्स में माइक्रोचिप लगाई जा रही है, प्रथम चरण में वसुंधरा जोन के वार्ड संख्या 100 विजयनगर जोन के वार्ड संख्या 01 के स्ट्रीट डॉग्स में माइक्रोचिप लगाने का कार्य किया जा रहा है ।

डॉ अनुज उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी द्वारा बताया गया लगभग शहर के 48000 स्वानो का बध्यकरण ओर रेबीज टीकाकरण सफलतापूर्वक किया गया है, इसी क्रम में स्ट्रीट डॉग्स में माइक्रोचिप लगाने की प्रक्रिया को भी प्रारंभ कर दिया गया है जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी लिया जा रहा है कई आरडब्ल्यूए पदाधिकारी बढ़-चढ़कर माइक्रोचिप की प्रक्रिया पूर्ण करने में सहयोग कर रहे हैं, गाजियाबाद को पूर्ण रूप से रेबीज मुक्त करने के लिए अभियान जारी है साथ में माइक्रो चिप लगाने के लिए भी तेजी से कार्य किया जा रहा है जो कि वार्ड वार चलेगा ।

नगर आयुक्त द्वारा बताया गया कि स्ट्रीट डॉग्स में माइक्रोचिप लगाने का कार्य अभियान के रूप में चल रहा है क्षेत्रीय पार्षदों का विशेष सहयोग निगम के चल रहे अभियान में मिल रहा है, मॉनिटरिंग को प्रबल बनाए रखने के लिए नगर आयुक्त द्वारा डॉक्टर आशीष त्रिपाठी पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए गए गाजियाबाद नगर निगम निराश्रित श्वानों के लिए शेल्टर होम बनाने के लिए भी तीव्र गति से कार्य कर रहा है। 

बुधवार, 29 जुलाई 2026

गुरू पूर्णिमा पर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से गुरू दीक्षा लेने के लिए देश भर से हजारों भक्त दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर पहुंचे

 






मुकेश गुप्ता

महाराजश्री ने प्रातः 9 बजे से अपरान्ह 4 बजे तक भक्तों को गुरू दीक्षा व आशीर्वाद प्रदान किया

भक्तों की भीड़ को देखते हुए श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज अपरान्ह 4 बजे से फिर व्यास गददी पर बैठकर आशीर्वाद प्रदान करेंगे 

गाजियाबादः सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में गुरू पूर्णिमा पर मंदिर के पीठाधीश्वर जूना अखाड़ा के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष व हिंदू यूनाइटिड फ्रंट के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज की ऐसी कृपा बरसी कि गुरू पूजन व गुरू दीक्षा के लिए देश भर से आए हजारों भक्त भक्ति, श्रद्धा, आस्था व विश्वास से सराबोर हो गए। सद्गुरु श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से दीक्षा व आशीर्वाद लेने के लिए विभिन्न राज्यों से युवा से लेकर बड़े तक पहुंचे और प्रातः 9 बजे से लेकर अपरान्ह 4 बजे तक भजन-कीर्तन से मंदिर परिसर ही नहीं आसपास के वातावरण को भी गुरूमय कर दिया। बुधवार को महाराजश्री ने सबसे पहले भगवान दूधेश्वर नाथ महादेव का पूजन-अर्चन व रुद्राभिषेक पूजन किया। उसके पश्चात श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के इष्टदेव एवं गुरु महाराज दत्त भगवान तथा मंदिर में विराजमान सभी देवी-देवताओं का पूजन हुआ।





मठ में विराजमान समस्त गुरु समाधियों एवं गुरु मूर्तियों का पूजन-अर्चन पुष्प, अक्षत, धूप-दीप से अर्चन किया गया। गौ माता एवं विप्र देव व विद्यार्थियों का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया गया। दूधेश्वर वंेद विद्या संस्थान के सभी आचार्यो, विद्यार्थियों तथा सभी भक्तों ने हवन में विश्व शांति, राष्ट्र की समृद्धि, सनातन धर्म की उन्नति एवं समस्त मानवता के कल्याण की कामना करते हुए आहुति दी। इसके बाद महाराजश्री का पूजन कर देश भर से आए भक्तों ने गुरू दीक्षा ग्रहण की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। दीक्षा प्राप्त करने का सिलसिला प्रातः 9 बजे से अपरान्ह 4 बजे तक चला। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड, केरला कनार्टक, आंध प्रदंेश तमिलनाडु, बिहार पंजाब, उडीसा, पांडुचेरी आदि राज्यों से भक्तों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी के चलते महाराजश्री 4 बजे से फिर व्यास गददी पर विराजमान होंगे और देर रात्रि तक भक्तों को गुरू दीक्षा व आशीर्वाद प्रदान कोंगे।  श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि गुरु ही जीवन का आधार हैं। गुरु के बिना ज्ञान, संस्कार और मुक्ति संभव नहीं है। जीवन में गुरु का बहुत अधिक महत्व  है क्योंकि वे अज्ञान के अंधकार को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं, सही मार्ग दिखाते हैं और जीवन को सार्थक बनाते हैं। गुरू दो शब्दों गु व रु से मिलकर बना है। गु का अर्थ अंधकार और रु का अर्थ उसे मिटाने वाला होता है। गुरु बिना गति नहीं है। गुरु के बिना, हम अपने अंतिम लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकते हैं।  गुरु हमें न केवल शिक्षा देते हैं, बल्कि सही और गलत में अंतर करना भी सिखाते हैं। वे हमारे चरित्र, सोच और व्यवहार को सही दिशा में ले जाते हैं। गुरु का मार्गदर्शन हमें जीवन में आने वाली कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति देता है। उनका ज्ञान और अनुभव हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करता है। हमारे शास्त्रों में भी कहा गया है कि  गुरु बिन ज्ञान नहीं होता। यह वाक्य हमें बताता है कि गुरु के बिना ज्ञान प्राप्त करना संभव नहीं है। गुरु हमें अज्ञान के अंधकार से बाहर निकालकर ज्ञान का प्रकाश देते हैं। गुरू के मार्गदर्शन से हम अपने जीवन में बड़ेसे बड़े लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। इसी कारण  भारतीय संस्कृति में गुरु को भगवान से भी ऊँचा स्थान दिया गया है। गुरु पूर्णिमा हमें गुरु के प्रति समर्पण और कृतज्ञता का भाव सिखाती है। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त करने वाले भक्तों में लवकुश जन्म भूमि बालैनी बागपत के अनंतेश्वर गिरि महाराज, जूना अखाडे के मंत्री व देवी मंदिर दिल्ली गेट के महंत गिरिशानंद गिरि महाराज, महंत शैलेंद्र गिरि महाराज, महंत विजय गिरि महाराज, श्मशानवासिनी साध्वी महंत कैलाश गिरि महाराज, विधायक संजीव शर्मा, बीजेपी के प्रदेश महामंत्री यतेंद्र शर्मा, महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, एसीपी उपासना पांडेय, बी के शर्मा हनुमान, जिला एमएमएजी अस्पताल के सीएमएस, पंकज भारद्वाज, सुरेन्द सिंह चम्पावत केरला, महेंद्र सिंह देवड़ा, दशरथ सिंह केरला, नरेंद्र सिंह केरला, शिक्षाविद राम अवतार जिंदल, महिम गुप्ता, धर्मेंद्र चौधरी, मुम्बई से बहादुर सिंह, अनेक पार्षदों,  विभिन्न दलों के नेता, उद्यमी, व्यापारी, समाजसेवी, धार्मिक-सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, अधिकारी, शहर के गणमान्य नागरिक आदि शामिल रहे। मंदिर परिसर प्रातःकाल ही वैदिक मंत्रों और शंख ध्वनि से गुंजायमान हो उठा। सभी ने विश्व शांति, राष्ट्र की समृद्धि, सनातन धर्म की उन्नति एवं समस्त मानवता के कल्याण की प्रार्थना की। मंदिर को दीपों और पुष्पों से सजाया गया तथा भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया।

मंगलवार, 28 जुलाई 2026

गुरू पूर्णिमा पर्व पर सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में गुरू भक्ति, श्रद्धा, विश्वास व आस्था का मेला लगेगा

 

मुकेश गुप्ता

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से गुरू दीक्षा लेने के लिए देश भर से हजारों भक्त मंदिर पहुंचेंगे

महाराजश्री बोले, सच्चे मन से गुरु का पूजन करने  से ज्ञान, सफलता, सुख-समृद्धि तथा जीवन की बाधाओं से मुक्ति मिलती है

गाजियाबादः सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में बुधवार को गुरू पूर्णिमा पर्व पर गुरू भक्ति, श्रद्धा, विश्वास व आस्था कसा मेला लगेगा। मंदिर में आयोजित गुरू पूर्णिमा महोत्सव में मंदिर के पीठाधीश्वर जूना अखाड़ा के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष व हिंदू यूनाइटिड फ्रंट के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से दीक्षा लेने के लिए देश भर से हजारों भक्त मंदिर पहुंचेंगे, जिसके लिए मंदिर में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।  मंदिर के मीडिया प्रभारी एस आर सुथार ने बताया कि बुधवार को सर्वप्रथम भगवान दूधेश्वर नाथ, भगवान दत्तात्रेय समेत सभी देवी-देवताओं, सभी सिद्ध संत समाधियों व महर्षि वेद व्यास का पूजन होगा। उसके बाद भक्त महाराजश्री का पूजन करेंगे। उनसे गुरू दीक्षा लेने का समय प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक का रहेगा। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से गुरू दीक्ष़्ाा लेने के लिए देश भर से भक्त आ रहे हैं, इसी कारण विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि किसी भी भक्त को कोई परेशानी ना हो। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि गुरू पूर्णिमा पर्व का सनातन धर्म में बहुत अधिक महत्व है। यह दिन गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व है। गुरु की महिमा अपरंपार है। गुरु के बिना ज्ञान की प्राप्‍ति नहीं हो सकती है। गुरू ही भक्त को अज्ञान रूपी अंधकार से बाहर निकालकर ज्ञान रूपी प्रकाश से उसके जीवन को प्रकाशित करता है और उसे अच्छे-बुरे का ज्ञान देकर व उसका सही मार्गदर्शन कर उसके जीवन को सफल व धन्य बनाता है। बिना गुरू के परमात्मा का साक्षात्कार भी नहीं किया जा सकता है। यही कारण है कि  गुरु को भगवान से भी ऊपर दर्जा दिया गया है। वास्तव में गुरू ईश्वर के ही प्रतिनिधि हैं। गुरू पूर्णिमा पर सच्चे मन से गुरु का पूजन करने  से ज्ञान, सफलता, सुख-समृद्धि तथा जीवन की बाधाओं से मुक्ति मिलती है। महाराजश्री ने बताया कि गुरू पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं क्योंकि पुराणों, महाभारत और चारों वेदों के रचयिता महर्षि वेद व्यास का जन्म आषाढ़ पूर्णिमा को ही हुआ था। योग परंपरा के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव ने पहले गुरु के रूप में सप्तऋषियों को योग का ज्ञान देना शुरू किया था।

आर.के.जी.आई.टी. में ‘फ्यूचर वर्कफोर्स के लिए ए.आई.’ विषय पर पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित

 


मुकेश गुप्ता

एन.आई.टी.टी.टी.आर. चंडीगढ़ के सहयोग एवं इंटेल के तकनीकी सहयोग से शिक्षकों को ए.आई. तकनीक से सशक्त बनाने की पहल

 गाजियाबाद । राज कुमार गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आर.के.जी.आई.टी.), गाजियाबाद के एम.सी.ए. विभाग द्वारा एन.आई.टी.टी.टी.आर., चंडीगढ़ के सहयोग एवं इंटेल के तकनीकी सहयोग से ‘ए.आई. फॉर फ्यूचर वर्कफोर्स’ विषय पर पांच दिवसीय शॉर्ट-टर्म फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफ.डी.पी.) का आयोजन 20 से 24 जुलाई 2026 तक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) एवं मशीन लर्निंग (एम.एल.) की नवीनतम अवधारणाओं और व्यावहारिक अनुप्रयोगों से अवगत कराना तथा उन्हें भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करना था।

यह कार्यक्रम एम.सी.ए. विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शिवा गर्ग के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर  शैलेंद्र सिंह चौहान ने प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर की भूमिका निभाई। कार्यक्रम में विभिन्न तकनीकी एवं प्रबंधन संस्थानों के फैकल्टी सदस्यों ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया।

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ वक्ताओं ने स्मार्ट फ्रेमवर्क के माध्यम से एक्शन प्लान तैयार करने, न्यूरल नेटवर्क मॉडल के विभिन्न प्रकार, ऑरेंज डेटा माइनिंग टूल पर हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण तथा कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रासंगिकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।

इस अवसर पर डॉ. शिवा गर्ग ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को बदलती तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप अपने ज्ञान एवं कौशल को अद्यतन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) बी.सी. शर्मा ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल अकादमिक उत्कृष्टता और नवाचार आधारित शिक्षण वातावरण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) डी.के. चौहान ने एम.सी.ए. विभाग को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के साथ विद्यार्थियों की शैक्षणिक एवं रोजगार क्षमता को मजबूत करने में सहायक हैं।

समापन अवसर पर प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर शैलेंद्र सिंह चौहान ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञ वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद ग्रेटर नेक्स्ट एवं यशोदा मेडिसिटी के संयुक्त तत्वावधान में किशोरियों हेतु मासिक धर्म स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला एवं निःशुल्क सैनिटरी पैड वितरण कार्यक्रम सम्पन्न




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद ग्रेटर नेक्स्ट ने यशोदा मेडिसिटी के सहयोग से उच्च प्राथमिक विद्यालय, ब्लॉक बिसरख-1, गौतम बुद्ध नगर में किशोरियों के लिए "मासिक धर्म स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला एवं निःशुल्क सैनिटरी पैड वितरण" कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं आत्मविश्वास के प्रति जागरूक बनाना था।

कार्यक्रम के दौरान यशोदा मेडिसिटी की वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योत्सना सिंह (MBBS, MS – Obstetrics & Gynaecology) ने छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान अपनाई जाने वाली स्वच्छता, संतुलित पोषण, संक्रमण से बचाव, एनीमिया से बचने के उपाय, मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य तथा नियमित देखभाल के बारे में सरल एवं वैज्ञानिक जानकारी प्रदान की। उन्होंने छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें बिना किसी संकोच के स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर खुलकर चर्चा करने के लिए प्रेरित किया।



कार्यशाला के उपरांत लगभग 300 छात्राओं को निःशुल्क सैनिटरी पैड वितरित किए गए, जिससे उन्हें सुरक्षित एवं स्वच्छ मासिक धर्म प्रबंधन के प्रति प्रोत्साहित किया जा सके।

इस अवसर पर क्लब की अध्यक्ष रोटेरियन निधि गौड़ ने कहा कि किशोरियों का स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आत्मविश्वास एक सशक्त समाज की नींव है। मासिक धर्म स्वास्थ्य पर जागरूकता फैलाना समय की आवश्यकता है तथा रोटरी क्लब भविष्य में भी महिलाओं एवं बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण से जुड़े ऐसे सेवा कार्य निरंतर आयोजित करता रहेगा।

कार्यक्रम को सफल बनाने में जे.के.जी. इंटरनेशनल स्कूल, इंदिरापुरम के इंटरैक्ट क्लब के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहयोग प्रदान किया। विद्यालय की इंटरैक्ट क्लब टीचर इंचार्ज सुश्री ज्योत्सना गर्ग की सक्रिय सहभागिता एवं समन्वय ने कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद ग्रेटर नेक्स्ट ने यशोदा मेडिसिटी की चिकित्सकीय टीम, विद्यालय प्रशासन, जे.के.जी. इंटरनेशनल स्कूल, इंदिरापुरम के इंटरैक्ट क्लब के विद्यार्थियों एवं सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए समाज में महिला स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प दोहराया।



वृंदावन में पूज्य श्री श्री 1008 तुलछाराम जी महाराज का दिव्य स्वागत, 29 जुलाई से प्रारंभ होगा 46वाँ दिव्य चातुर्मास महा-महोत्सव

 





मुकेश गुप्ता

वृंदावन। श्री खेतेश्वर ब्रह्मधाम तीर्थ, आसोतरा के गादीपति, अनन्त श्री विभूषित ब्रह्मर्षि, ब्रह्मचारी, ब्रह्म सावित्री सिद्धपीठाधीश्वर बाल ब्रह्मचारी पूज्य संत **श्री श्री 1008 तुलछाराम जी महाराज** के 46वें दिव्य चातुर्मास महा-महोत्सव के लिए वृंदावन आगमन पर समस्त उत्तर भारत राजपुरोहित समाज द्वारा उनका भव्य एवं दिव्य स्वागत किया गया।

पूज्य गुरुदेव के स्वागत में पुष्पवर्षा, माल्यार्पण एवं भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसके पश्चात कृष्ण साधक ट्रस्ट परिसर में महाप्रसादी का आयोजन किया गया। **46वें दिव्य चातुर्मास महा-महोत्सव का संपूर्ण आयोजन उत्तर भारत राजपुरोहित समाज के तत्वावधान में वेदांताचार्य डॉ. श्री ध्यानाराम जी महाराज के सान्निध्य एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।** महा-महोत्सव की तैयारियाँ पिछले दो माह से निरंतर चल रही थीं।

पूज्य गुरुदेव 23 जुलाई को ब्रह्मधाम आसोतरा से प्रस्थान कर जोधपुर, पुष्कर, किशनगढ़, जयपुर एवं भरतपुर सहित विभिन्न स्थानों से होते हुए वृंदावन पहुँचे। यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर राजपुरोहित समाज एवं श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया गया।

वृंदावन आगमन के उपरांत पूज्य गुरुदेव जी ने हजारों श्रद्धालुओं के साथ वृंदावन में परिक्रमा और मंदिरों में दर्शन-पूजन किए।

इसी दौरान **श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मंदिर** के सिद्धपीठाधीश्वर **श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज** ने वृंदावन में चातुर्मास कर रहे ब्रह्मसावित्री सिद्धपीठाधीश्वर पूज्य श्री श्री 1008 तुलछाराम जी महाराज से आत्मीय भेंट की। इस अवसर पर दोनों संतों के मध्य धर्म, संस्कृति, सनातन परंपरा, राष्ट्रहित एवं आध्यात्मिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज ने पूज्य तुलछाराम जी महाराज के तप, त्याग, सेवा एवं सनातन धर्म के संरक्षण में उनके योगदान की सराहना करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की।

29 जुलाई से प्रारंभ होगा चातुर्मास महा-महोत्सव

पूज्य गुरुदेव 29 जुलाई से चातुर्मास स्थल पर तप, साधना, स्वाध्याय एवं धर्म प्रवचनों का शुभारंभ करेंगे। 46वाँ दिव्य चातुर्मास महा-महोत्सव 29 जुलाई से 26 सितम्बर तक वृंदावन में आयोजित होगा। इस दौरान प्रतिदिन धर्म प्रवचन, तप-साधना, भक्ति, आध्यात्मिक सत्संग, यज्ञ, धार्मिक अनुष्ठान एवं विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस अवसर पर उत्तर भारत एवं देश के विभिन्न राज्यों से आए राजपुरोहित समाज के अनेक गणमान्य समाजबंधु उपस्थित रहे। इनमें गिरधारी सिंह (बालोतरा), भंवरसिंह कनाना, इंद्रसिंह सरताज राजगुरु (बासनी), सुरेंद्रसिंह "नमकीनों के बादशाह" (बासनी मनणा), रघुनाथसिंह अराबा, भागीरथसिंह मादड़ी (अमृतसर), मोहनसिंह सरपंच (चांबड़ी), राहुलसिंह घेवड़ा, जगदीशसिंह फूलासर, श्यामसिंह चाडवास, महेंद्रसिंह सरपंच प्रतिनिधि (सरवड़ी), प्रवीणसिंह चांवड़ा, राजेंद्रसिंह कुचामन, विष्णुसिंह, लिखमसिंह, मांगीलाल धीरी, अनोपसिंह किशनासर, प्रेमसिंह नारवा, मोतीसिंह थोब, श्रवणसिंह नारवा, डूंगर सिंह अराबा, हुक्मसिंह घेवड़ा, बजरंगसिंह बासनी, तगसिंह डोली, संदीपसिंह आड़सर, गणपतसिंह बड़ी सवाई, भेरूसिंह सराणा, सोहनसिंह पुरोहितासनी, प्रह्लादसिंह मादड़ी, जबरसिंह भासूदा, संपतसिंह बड़ी सवाई, पवनसिंह ढाबर, बाबूसिंह सरवड़ी एवं जोरावरसिंह कनोड़िया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं समाजबंधु उपस्थित रहे।

पूज्य गुरुदेव ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं एवं समाजबंधुओं को आशीर्वाद प्रदान करते हुए धर्म, संस्कार, समाज सेवा तथा सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का संदेश दिया।

उत्तर भारत राजपुरोहित समाज के **कानसिंह गुरड़ाई** ने बताया कि पूज्य श्री श्री 1008 तुलछाराम जी महाराज का 46वाँ दिव्य चातुर्मास महा-महोत्सव श्रद्धा, साधना एवं आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम होगा। उन्होंने कहा कि 29 जुलाई से 26 सितम्बर तक चलने वाले इस महोत्सव में देशभर से हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन उपस्थित होकर धर्म प्रवचनों, सत्संग एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का लाभ प्राप्त करेंगे।


सिद्धार्थ विहार व्यापार मण्डल ने विधायक से की बालिका डिग्री कॉलेज की मांगःविजयनगर लाइन पार क्षेत्र में डिग्री कॉलेज न होने से हजारों छात्राओं का भविष्य अधर में





मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद, 28 जुलाई 2026। सिद्धार्थ विहार व्यापार मण्डल के पदाधिकारियों ने आज शहर विधायक माननीय श्री संजीव शर्मा जी से शिष्टाचार भेंट की ओर ज्ञापन सौंपकर सिद्धार्थ विहार, विजयनगर लाइन पार क्षेत्र में राजकीय बालिका डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग की।

व्यापार मण्डल के अध्यक्ष वसीम अली ने बताया कि सिद्धार्थ विहार, विजयनगर गाजियाबाद का एक महत्वपूर्ण और तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है। यहां बालिकाओं के लिए केवल एक राजकीय बालिका इंटर कॉलेज है। इंटर के बाद उच्च शिक्षा के लिए क्षेत्र में एक भी डिग्री कॉलेज नहीं है।

डिग्री कॉलेज न होने के कारण क्षेत्र की मेधावी छात्राओं को पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ता है। सुरक्षा और आर्थिक कारणों से अनेक अभिभावक अपनी बेटियों को बाहर नहीं भेज पाते, जिससे उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती है।

उन्होंने विधायक से मांग की कि जनहित और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सिद्धार्थ विहार, विजयनगर क्षेत्र में राजकीय बालिका डिग्री कॉलेज की स्थापना कराई जाए।

इस अवसर पर व्यापार मंडल के महानगर के वरिष्ठ पदाधिकारी अजय चोपड़ा  ,संरक्षक बृजभूषण सिंह,वरिष्ठ उपाध्यक्ष  हर्ष कुमार, कोषाध्यक्ष डॉक्टर अमन माथुर, उपाध्यक्ष नीलकमल, लीगल एडवाइजर एडवोकेट शैलेंद्र वर्मा , विनोद भट्ट , राहुल निमेष, डॉ खालिद चौधरी,सहित अनेक व्यापारीगण उपस्थित रहे

सोमवार, 27 जुलाई 2026

गुरु पूर्णिमा पर विशेष: दिव्य एवं भव्य व्यास पूजन, विश्व कल्याण की प्रार्थना! गुरु का आशीर्वाद एक अमूल्य उपहार है जो जीवन के अंधकार को दूर कर सही राह दिखाता है। यह शिष्य के भीतर ज्ञान, सकारात्मकता और आत्मविश्वास जगाता है! श्री श्री1008 हरप्रसाद शर्मा (झावल) अलवर वाले बाबा

 


मुकेश गुप्ता

गुरु वह नहीं होता जो आपके लिए मशाल थामे रहता है, बल्कि वह होता है जो आपको प्रकाश की ओर मार्गदर्शन करता है । गुरु हाथ थामता है, मन खोलता है और हृदय को स्पर्श करता है!!

दिल्ली/गाजियाबाद। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सकल गददियो के स्वामी श्री श्री1008 प० रामगोपाल जी महाराज भूगोर अलवर वाले बाबा के परमभक्त शिष्य श्री हरप्रसाद शर्मा (झावल) जी  के सान्निध्य में दिव्य एवं भव्य व्यास पूजन एवं गुरु वंदन कार्यक्रम का भव्य आयोजन 28 जुलाई 2026 जुलाई को दिल्ली के सी 1 (गणेश नगर पाडवनगर काम्प्लेक्स) हनुमान मंदिर पटपड़गंज में धूमधाम से आयोजन किया जाएगा। तथा 29 जुलाई गुरुपूर्णमा कार्यक्रम हरिद्वार में किया जाएगा।दिल्ली कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार, पूजन-अर्चना तथा विश्व शांति, राष्ट्र की उन्नति एवं समस्त मानव समाज के कल्याण की मंगलकामना के साथ विशेष प्रार्थना की गई।इस अवसर पर श्री हरप्रसाद शर्मा '(झावल) बाबा जी ने उपस्थित श्रद्धालुओं एवं समाजजनों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान भगवान से भी श्रेष्ठ माना गया है। 

गुरु ही अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं तथा मनुष्य को सत्य, धर्म, संस्कार और कर्तव्य का मार्ग दिखाते हैं। गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि अपने जीवन को सही दिशा देने वाले गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता व्यक्त करने का महान अवसर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सच्चे और आदर्श गुरुओं का अभाव महसूस किया जा रहा है। आज अनेक स्थानों पर मठ, आश्रम और स्वयंभू गुरुओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व है कि वह किसी भी गुरु को स्वीकार करने से पहले उसके आचरण, चरित्र, ज्ञान, सेवा-भाव, जीवन मूल्यों एवं समाज के प्रति उसके योगदान की भली-भांति जांच-परख अवश्य करे। केवल वेशभूषा या बाहरी आडंबर देखकर किसी को गुरु स्वीकार करना उचित नहीं है।

 उन्होंने कहा कि सच्चा गुरु वही है जो अपने शिष्यों में मानवता, राष्ट्रभक्ति, सनातन संस्कृति, सेवा, सदाचार और नैतिक मूल्यों का विकास करे। ऐसा गुरु न केवल व्यक्ति के जीवन का कल्याण करता है, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र को भी सशक्त एवं संस्कारित बनाता है। गुरु का चयन विवेक, श्रद्धा और सत्य की कसौटी पर होना चाहिए, तभी जीवन सार्थक एवं सफल बन सकता है।कार्यक्रम में व्यास पूजन के उपरांत उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने गुरु परंपरा के संरक्षण एवं भारतीय संस्कृति के संवर्धन का संकल्प लिया। साथ ही विश्व में शांति, सद्भाव, समृद्धि एवं मानव कल्याण के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई। उपस्थित सभी लोगों ने गुरु पूर्णिमा के इस आयोजन को आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक जागरण एवं सामाजिक एकता का प्रेरणादायी आयोजन बताते हुए इसकी सराहना की। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया तथा गुरु परंपरा के आदर्शों का अनुसरण करते हुए समाज में सद्भाव, संस्कार और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया। सभी भक्तजनो प्रसाद ग्रहण किया।

बिराज फाउंडेशन के सहयोग से गणेश अस्पताल ने नंदग्राम में लगाया निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 200 लोगों ने उठाया लाभ

 



मुकेश गुप्ता

ईडब्ल्यूएस वर्ग के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी स्वास्थ्य संबंधी सलाह

भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे जनसेवा अभियान

गाजियाबाद। स्वास्थ्य सेवाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से बिराज फाउंडेशन के सहयोग से गणेश अस्पताल द्वारा नंदग्राम ई-ब्लॉक में निशुल्क स्वास्थ्य परामर्श एवं जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में करीब 200 लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त कर आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली।

बिराज फाउंडेशन के संस्थापक एवं सीईओ डॉ. बिराज सिंह ने बताया कि नंदग्राम क्षेत्र में बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के परिवार निवास करते हैं, जिनके लिए इस प्रकार के निशुल्क स्वास्थ्य शिविर बेहद उपयोगी साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।  

गणेश अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. प्रतीक शर्मा ने कहा कि अस्पताल सामाजिक दायित्व के तहत समय-समय पर निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करता है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा परामर्श और जांच की सुविधा मिल सके। 

शिविर में मरीजों की सामान्य स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप, शुगर सहित अन्य आवश्यक परीक्षण किए गए तथा चिकित्सकों ने उन्हें स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिया। आयोजन को सफल बनाने में विमल कुमार यादव एवं डॉ. रामोद यादव का विशेष सहयोग रहा। वहीं गणेश अस्पताल की ओर से डॉ. ललित, डॉ. नमरीन, योगेश, निधि, राहुल और मोहन सहित चिकित्सा एवं सहयोगी स्टाफ ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे शिविर लगाए जाने की मांग की।

कारगिल विजय दिवस पर अमर शहीद बलिदानियों को परमार्थ निकेतन मे दी भावभीनी ऋदाजंली

 



संवाददाता

आज की परमार्थ गंगा आरती की अमर शहीदों को की समर्पित

कारगिल विजय दिवस भारत की आत्मा की विजय-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश, 26 जुलाई। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, परमार्थ पीठाधीश्वर,  पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भारत माता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वाेच्च बलिदान देने वाले सभी अमर वीर बलिदानियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कारगिल विजय दिवस भारत की आत्मा, उसके स्वाभिमान, उसके साहस और उसकी सनातन चेतना की विजय का दिवस है। यह दिन हमें उन वीर सपूतों के अद्वितीय पराक्रम, त्याग, अनुशासन और राष्ट्रनिष्ठा को स्मरण करने का अवसर देता है, जिन्होंने अपने वर्तमान का बलिदान देकर हमारे भविष्य को सुरक्षित बनाया।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि कारगिल की ऊँची बर्फीली चोटियाँ केवल युद्ध की साक्षी नहीं हैं, वे उन अमर बलिदानों की तपोभूमि हैं जहाँ भारत के वीर जवानों ने अपने रक्त से राष्ट्रप्रेम का ऐसा इतिहास लिखा, जिसे आने वाली पीढ़ियाँ सदैव गर्व के साथ स्मरण करेंगी। जब पूरा देश अपने घरों में सुरक्षित था, तब हमारे सैनिक शून्य से नीचे तापमान, दुर्गम पर्वतों और विषम परिस्थितियों के बीच केवल एक संकल्प लेकर डटे हुए थे, भारत की आन, बान और शान की रक्षा के हेतु। 

उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों ने अपने परिवारों से ऊपर राष्ट्र को रखा, अपने सुखों से ऊपर कर्तव्य को रखा और अपने जीवन से ऊपर भारत माता के सम्मान को रखा। यही त्याग उन्हें अमर बनाता है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि राष्ट्र केवल मानचित्र पर बनी सीमाओं का नाम नहीं है। राष्ट्र हमारी संस्कृति है, हमारी सभ्यता है, हमारी मातृभाषाएँ हैं, हमारे तीर्थ हैं, हमारी नदियाँ हैं, हमारा हिमालय है और करोड़ों भारतीयों की साझा चेतना है। कारगिल के वीरों ने केवल सीमाओं की रक्षा नहीं की, बल्कि भारत की आत्मा, उसकी अस्मिता और उसके गौरव की रक्षा की। उनके कारण ही हम स्वतंत्र आकाश में साँस लेते हैं, अपने पर्व मनाते हैं, अपने विचार व्यक्त करते हैं और अपने सपनों को साकार कर पाते हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वीरता और करुणा एक-दूसरे की विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। एक सैनिक के हाथ में शस्त्र इसलिए होता है ताकि समाज के हाथों में शास्त्र बने रहें, बच्चों के हाथों में पुस्तकें रहें और प्रत्येक नागरिक सुरक्षित एवं सम्मानपूर्ण जीवन जी सके। सैनिकों का त्याग सम्पूर्ण समाज की शान्ति का आधार है।

उन्होंने कहा कि आज हमें ऐसा भारत बनाना है जो केवल आर्थिक रूप से समृद्ध हो और नैतिक रूप से भी विश्व के लिए प्रेरणा बने। जिस धरती की रक्षा हमारे वीर सैनिक अपने प्राणों की आहुति देकर करते हैं, उस धरती को स्वच्छ, हरित और जीवनदायिनी बनाए रखना भी हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है। स्वच्छ नदियाँ, सुरक्षित वन, हरित पर्वत और स्वच्छ पर्यावरण भी सशक्त राष्ट्र की पहचान हैं। 

उन्होंने युवाओं से विशेष आह्वान करते हुए कहा कि कारगिल के वीरों से प्रेरणा लेकर वे अपने जीवन में अनुशासन, निष्ठा, परिश्रम, साहस और सेवा को अपनाएँ। आज राष्ट्र को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो केवल सफल ही नहीं, बल्कि संवेदनशील, संस्कारित और उत्तरदायी नागरिक बनें। यही भारत के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति है।

आज की परमार्थ गंगा आरती वीर बलिदानियों को  समर्पित की।