अंतर्राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग दिवस पर आईआईए गाजियाबाद चैप्टर और जिला प्रशासन के बीच फॉर्च्यून इन ग्राज़िया में भव्य संवाद बैठक संपन्न।
मोदीनगर-निवाड़ी में जल्द शुरू होगा नया औद्योगिक क्षेत्र; प्रदेश सरकार की मंशानुसार द्रुतगामी मार्ग (एक्सप्रेस-वे) के किनारे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी।
आईआईए के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष ने नए औद्योगिक क्षेत्र में ‘‘फ्री-होल्ड’’ (स्वामित्व अधिकार) भूमि नियम लागू करने की रखी मांग।
जिलाधिकारी ने 5 वर्ष से अधिक लंबित बैंक गारंटी की मुक्ति और लोनी में राज्य कर्मचारी बीमा निगम (ईएसआईसी) औषधालय खोलने जैसे अहम मुद्दों पर दिए त्वरित निर्देश।
गाजियाबाद, 2 जुलाई 2026। आज अंतर्राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग दिवस के उपलक्ष्य में फॉर्च्यून इन ग्राज़िया के प्रांगण में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) गाजियाबाद चैप्टर द्वारा एक महत्वपूर्ण संवाद बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य अतिथि जिलाधिकारी महोदय श्री रविन्द्र कुमार मांदड़ (आईएएस) ने की। मंच का कुशल संचालन श्री हर्ष अग्रवाल द्वारा किया गया, जिसके बाद अधिकारियों और उद्यमियों के बीच औपचारिक परिचय सत्र संपन्न हुआ।
द्रुतगामी मार्ग के किनारे बन रहे नए औद्योगिक क्षेत्र-जिलाधिकारी
बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार की दूरगामी औद्योगिक नीतियों की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी महोदय ने बताया कि प्रदेश सरकार की मंशानुसार जिले के विभिन्न द्रुतगामी मार्गों (एक्सप्रेस-वे) के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने हेतु भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, ताकि द्रुतगामी मार्ग के बिल्कुल नजदीक आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र बनाए जा सकें। इसी कड़ी में उन्होंने जानकारी देते हुए कहा, ‘‘मोदीनगर-निवाड़ी क्षेत्र में हम बहुत जल्द एक नया औद्योगिक क्षेत्र प्रारंभ करने जा रहे हैं।
जिलाधिकारी की इस बात का स्वागत करते हुए आईआईए के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नीरज सिंघल ने प्रशासन के समक्ष एक महत्वपूर्ण नीतिगत सुझाव रखा। उन्होंने अनुरोध किया कि इस नए औद्योगिक क्षेत्र में उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए ‘‘फ्री-होल्ड’’ (स्वामित्व अधिकार) भूमि आवंटन का नियम भी शामिल होना चाहिए, जिससे उद्यमियों को मालिकाना हक मिल सके और निवेश में आसानी हो।
एमएसएमई उद्योग देश के असली राष्ट्र निर्माता, समस्याओं पर ऐतिहासिक निर्णय
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग देश के असली राष्ट्र निर्माता हैं।’’ उन्होंने गाजियाबाद के औद्योगिक निवेश को सुरक्षित रखने के लिए कई बड़े निर्णय लिएः-
नीति एवं सहायता राशि रोस्टरः औद्योगिक नीति और विभिन्न सरकारी सहायता राशि (सब्सिडी) की छूट की जानकारी जमीनी स्तर तक पहुँचाने के लिए एक क्षेत्रवार रोस्टर बनाया जाएगा, जिसे उपायुक्त उद्योग के माध्यम से प्रसारित किया जाएगा।
लंबित बैंक गारंटीः 5 वर्ष या उससे अधिक समय से लंबित बैंक गारंटियों की मुक्ति के लिए जिलाधिकारी अपने स्तर से संबंधित विभागों को आधिकारिक पत्र भेजेंगे।
चिकित्सा स्वास्थ्य सुविधाएंः राज्य कर्मचारी बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ लोनी क्षेत्र में नया राज्य कर्मचारी बीमा निगम औषधालय (डिस्पेंसरी) खोले जाने का आश्वासन दिया।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) नोटिस पर राहतः
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा निजी औद्योगिक क्षेत्रों की दशकों पुरानी इकाइयों को भेजे जा रहे नोटिसों के संबंध में आवश्यक और तर्कसंगत निर्णय लिए जाएंगे।
सीधा संपर्कः जिलाधिकारी ने उद्यमियों को भरोसा दिया कि किसी भी गंभीर समस्या के समाधान के लिए वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं, जिला स्तरीय उद्योग बन्धु बैठक की प्रतीक्षा की आवश्यकता नहीं है। वे 24 घण्टे समस्याओं के समाधान तथा सुझावों के कार्यान्वयन हेतु हमेशा तत्पर हैं।
बैठक में श्रम विभाग के नए श्रम नियमों (लेबर कोड) और कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा हुई। इस दौरान मंच पर आईआईए के नवनिर्वाचित केंद्रीय कार्यकारिणी समिति सदस्य राकेश अनेजा भी गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे। प्रशासनिक पक्ष से उपायुक्त उद्योग आशुतोष सिंह, उपश्रम आयुक्त डॉ. दिव्य प्रताप सिंह और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह मौजूद रहे।
आईआईए ने उठाए उद्योग जगत के संवेदनशील मुद्देः-
आईआईए गाजियाबाद चैप्टर के (कार्यपालक चेयरमैन) श्री संजय अग्रवाल ने जिलाधिकारी के समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत कर स्थानीय उद्योगों के सुचारू संचालन के लिए अघोषित विद्युत कटौती, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण इंद्रप्रस्थ योजना भूखंड प्रकरण, विकास शुल्क और गुलधर रैपिड मेट्रो स्टेशन से आईटीसी तक फैले अतिक्रमण को हटाने की मांग रखी।
इसी क्रम में निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष आईआईए डॉ. नीरज सिंघल ने वायु प्रदूषण से निपटने और सटीक निगरानी के लिए अत्याधुनिक बॉश प्रदूषण सूचकांक प्रणाली (बॉश पॉल्यूशन इंडेक्स सिस्टम) स्थापित करने हेतु प्रशासन से सहयोग मांगा। साथ ही जिला उद्योग केंद्र की खाली भूमि पर एक भव्य ‘‘प्रदर्शनी केंद्र’’ (एक्सपो सेंटर) बनाने का अनुरोध किया, जिसके लिए जिलाधिकारी ने पूर्ण रूप से आश्वस्त किया। आईआईए जल्द ही इसका विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करेगा।
सैकड़ों उद्यमियों की मौजूदगी में सफल आयोजनः इस ऐतिहासिक संवाद बैठक में गाजियाबाद के सैकड़ों प्रतिष्ठित उद्यमियों ने भाग लेकर कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाया। बैठक के अंत में सभी आगंतुकों और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति संजय गर्ग द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न पदाधिकारी जेपी कौशिक, एसके शर्मा, मनोज कुमार, प्रदीप गुप्ता, साकेत अग्रवाल, अमित नागलिया, यश जुनेजा, अमित बंसल, रमन मिगलानी, दिनेश गर्ग, संदीप गुप्ता, अजय पटेल, कुलदीप गुप्ता, पुनीत माहेश्वरी, सुभाष गुप्ता, अमरिक सिंह, मनीष मदान, बसंत अग्रवाल, विनीत माहेश्वरी, ओपी धमीजा मोजूद रहे।




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