बुधवार, 4 फ़रवरी 2026

यशोदा मेडिसिटी ने विश्व कैंसर दिवस पर "व्यापक कैंसर देखभाल में प्रगति"पर CME कार्यक्रम आयोजित किया

 





                        मुकेश गुप्ता

कार्यक्रम में रोगी-केंद्रित उन्नत कैंसर देखभाल और यशोदा हेल्थ कार्ड की शुरुआत को प्रमुखता दी गई

गाजियाबाद, 4 फरवरी 2026:  दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख अस्पतालों में से एक, यशोदा मेडिसिटी ने विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर “व्यापक कैंसर देखभाल में प्रगति” विषय पर कंटिन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में कैंसर उपचार में बहु-विषयक, तकनीक-सक्षम और रोगी-केंद्रित कार्यप्रणाली के महत्व पर जोर दिया गया। साथ ही, शीघ्र निदान, व्यक्तिगत उपचार और बेहतर दीर्घकालिक परिणामों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। यह पहल यशोदा मेडिसिटी की उस विशिष्टता से समर्थित है, जिसके अंतर्गत दक्षिण-पूर्व एशिया में कैंसर देखभाल प्रौद्योगिकियों का पहला और सबसे उन्नत संयोजन उपलब्ध है, जो एक ही प्रणाली के अंतर्गत एकीकृत, सटीक और रोगी-केंद्रित उपचार को सक्षम बनाता है।

इस सत्र में यशोदा मेडिसिटी के वरिष्ठ विशेषज्ञ शामिल हुए, जिनमें डॉ. मनीष सिंघल, वाइस चेयरमैन, मेडिकल ऑन्कोलॉजी; डॉ. गगन सैनी, वाइस चेयरमैन एवं हेड, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी; प्रो. डॉ. राजिंदर कुमार, प्रिंसिपल डायरेक्टर एवं यूनिट हेड, न्यूरोसर्जरी; डॉ. आसिम रिज़वी, प्रिंसिपल डायरेक्टर, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जरी; डॉ. सतिंदर कौर, सीनियर डायरेक्टर एवं हेड, गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जरी; डॉ. निवेदिता ढींगरा, डायरेक्टर एवं हेड, हेमेटोलॉजी, हेमेटो-ऑन्कोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट; डॉ. अभिषेक यादव, डायरेक्टर, मेडिकल ऑन्कोलॉजी; तथा डॉ. निखिल टंडन, कंसल्टेंट, ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी शामिल थे।

विशेषज्ञों ने कैंसर उपचार में उभरते रुझानों पर चर्चा की, जिसमें पर्सनलाइज़्ड ऑन्कोलॉजी, प्रिसीजन रेडिएशन, उन्नत सर्जिकल एवं रोबोटिक तकनीकें तथा अन्य आधुनिक उपचार पद्धतियाँ शामिल हैं, जो उपचार की सटीकता, सुरक्षा और रोगी की शीघ्र रिकवरी को बेहतर बनाती हैं।

उन्होंने सॉलिड ट्यूमर, ब्लड कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, महिलाओं से संबंधित कैंसर तथा दुर्लभ एवं जटिल कैंसरों के उपचार में समेकित देखभाल पथ के महत्व को भी रेखांकित किया। साथ ही समय पर रेफरल, मल्टीडिसिप्लिनरी ट्यूमर बोर्ड, तथा निदान से लेकर उपचार और सर्वाइवर्शिप तक की सतत देखभाल की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

इस सीएमई के दौरान यशोदा हेल्थ कार्ड का भी शुभारंभ किया गया। यह कार्ड मरीजों को रोकथाम, समय पर जांच और व्यक्तिगत उपचार योजना में सहायता प्रदान करता है और क्लिनिकल निर्णय-निर्माण में रोगियों को प्राथमिकता देने की यशोदा मेडिसिटी की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दर्शाता है।

डॉ. पी. एन. अरोड़ा, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने कहा, “विश्व कैंसर दिवस कैंसर के विरुद्ध संघर्ष में जागरूकता, शीघ्र पहचान, क्लिनिकल उत्कृष्टता और करुणामय, रोगी-प्रथम दृष्टिकोण के महत्व को सुदृढ़ करता है। इस सीएमई और यशोदा हेल्थ कार्ड के शुभारंभ के माध्यम से, हम उन्नत चिकित्सकीय प्रथाओं द्वारा समर्थित समग्र एवं सुलभ कैंसर देखभाल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराते हैं।”

डॉ. उपासना अरोड़ा, मैनेजिंग डायरेक्टर, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने कहा, “कैंसर देखभाल तेज़ी से व्यक्तिगत और प्रिसीजन-आधारित उपचार की दिशा में विकसित हो रही है। ऐसे सीएमई के माध्यम से हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चिकित्सक वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप बने रहें और वैज्ञानिक प्रगति को मरीजों के बेहतर सर्वाइवल परिणामों तथा जीवन की गुणवत्ता में परिवर्तित कर सकें।”

इस कार्यक्रम के माध्यम से यशोदा मेडिसिटी समग्र कैंसर देखभाल में एक उत्कृष्ट केंद्र के रूप में अपनी भूमिका को और सुदृढ़ करती है तथा ज्ञान साझा करने और नवाचार को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर आगे बढ़ाती है।

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