शनिवार, 31 जनवरी 2026

यशोदा मेडिसिटी की नई पहल एक ऐसा मैच जो जान बचाता है,स्टेम सेल डोनेशन को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में कदम

                         मुकेश गुप्ता

एक आसान बकल स्वाब टेस्ट की जीवन बचाने वाली क्षमता और भारत में स्टेम सेल डोनर रजिस्ट्री बढ़ाने की जरूरत पर केंद्रित पहल

गाजियाबाद, 31 जनवरी 2026। दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख अस्पतालों में से एक, यशोदा मेडिसिटी ने AMatchThatSavesLives नामक जन-जागरूकता अभियान का आयोजन किया। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को स्टेम सेल डोनेशन के महत्व और जीवन बचाने में बकल स्वाब टेस्ट की भूमिका के बारे में जागरूक करना था। DATRI स्टेम सेल डोनेशन रजिस्ट्री और जेनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के साथ मिलकर आयोजित इस अभियान में आसपास की आवासीय सोसायटियों से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। यह सहभागिता न केवल स्टेम सेल डोनेशन को लेकर बढ़ती जन-जागरूकता को दर्शाती है, बल्कि भारत में स्टेम सेल डोनर रजिस्ट्री के विस्तार की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।


इस कार्यक्रम में  अभिनव गोपाल, आईएएस, मुख्य विकास अधिकारी, गाज़ियाबाद, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

आज के चिकित्सकीय परिदृश्य में इस तरह की पहल की आवश्यकता और भी स्पष्ट हो जाती है। ल्यूकेमिया, लिम्फोमा, थैलेसीमिया और अन्य गंभीर रक्त विकारों से जूझ रहे कई मरीजों के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट ही एकमात्र उपचारात्मक विकल्प होता है। हालांकि, 70 प्रतिशत से अधिक मरीजों को अपने परिवार के भीतर उपयुक्त डोनर नहीं मिल पाता। इसके अलावा, असंबंधित डोनर से मेल मिलने की संभावना भी अत्यंत कम, लगभग 10,000 में एक, होती है, क्योंकि इसके लिए ह्यूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन (HLA) का अत्यधिक सटीक मेल आवश्यक होता है। ऐसे में मरीजों और संभावित डोनर्स के बीच की दूरी अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

इन्हीं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, इस अभियान के माध्यम से लोगों को यह जानकारी दी गई कि जीवन बचाने की दिशा में पहला कदम एक साधारण बकल स्वाब टेस्ट हो सकता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित, त्वरित और बिना किसी दर्द के होती है। अभियान के दौरान स्टेम सेल डोनेशन को लेकर फैली आम गलतफहमियों को दूर करने और लोगों को सही जानकारी के साथ आगे आने के लिए प्रेरित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य जागरूकता को सार्थक भागीदारी में बदलना रहा। इसके तहत यशोदा मेडिसिटी, इंदिरापुरम और यशोदा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, कौशांबी में विशेष जागरूकता एवं पंजीकरण बूथ लगाए गए। यहां लोगों ने स्टेम सेल डोनर के रूप में पंजीकरण कराया, बकल स्वाब सैंपल दिए और विशेषज्ञ चिकित्सकों से बातचीत कर यह समझा कि एक छोटा-सा, सोच-समझकर लिया गया निर्णय भविष्य में किसी मरीज के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है।

इन प्रयासों को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अभियान के दौरान स्वास्थ्य वार्ताओं और पैनल चर्चाओं का आयोजन किया गया। इनमें थैलेसीमिक्स इंडिया एवं थैलेसीमिया इंटरनेशनल फेडरेशन की सचिव सुश्री शोभा तुली, DATRI की नॉर्थ इंडिया हेड सुश्री बिंदिया साहनी सहित स्वास्थ्य एवं सार्वजनिक जागरूकता क्षेत्र के अन्य प्रमुख विशेषज्ञों ने सहभागिता की। वक्ताओं ने भारत में स्टेम सेल डोनर इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने, समय पर उपयुक्त डोनर मिलने से मरीजों के उपचार परिणामों में होने वाले सकारात्मक बदलाव, तथा दीर्घकालिक जन-जागरूकता की अहम भूमिका पर अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

अभियान के मानवीय पक्ष को सामने लाने के लिए #BMTKiKahaniSurvivorKiZubani के तहत मरीजों और सर्वाइवर्स की वास्तविक कहानियां भी साझा की गईं, जिन्होंने यह स्पष्ट किया कि स्टेम सेल डोनेशन किस तरह जीवन बदल देने वाला प्रभाव डाल सकता है।


डॉ. पी. एन. अरोड़ा, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने कहा कि“स्टेम सेल डोनेशन के प्रति जागरूकता फैलाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह अभियान चिकित्सा उत्कृष्टता के साथ-साथ जनस्वास्थ्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।”

डॉ. उपासना अरोड़ा,  मैनेजिंग डायरेक्टर, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने कहा, कि “‘A Match That Saves Lives’ के माध्यम से हमारा प्रयास स्टेम सेल डोनेशन की जीवनरक्षक क्षमता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और डोनर रजिस्ट्रेशन को सरल व सुलभ बनाने का रहा है। यशोदा मेडिसिटी में हमारी उन्नत बोन मैरो ट्रांसप्लांट सुविधाएं मरीजों को उपचार के हर चरण में सहयोग प्रदान करती हैं, वहीं यह अभियान जरूरतमंद मरीजों तक समय पर उम्मीद पहुंचाने वाले एक मजबूत डोनर नेटवर्क के निर्माण में भी सहायक सिद्ध हुआ है।”

डॉ. निवेदिता ढींगरा, डायरेक्टर एवं हेड,हेमेटोलॉजी, हेमेटो-ऑन्कोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट,ने कहा कि  “हर नया पंजीकृत डोनर मरीजों को एक उपयुक्त मैच के और करीब ले जाता है, जो उपचार की सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। ‘A Match That Saves Lives’ जैसे अभियान स्टेम सेल डोनेशन को लोगों के लिए सरल बनाते हैं, प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी देते हैं और जागरूकता को ऐसे ठोस कदमों में बदलते हैं, जो वास्तव में जीवन बचा सकते हैं।”

‘A Match That Saves Lives’ अभियान जनस्वास्थ्य के प्रति यशोदा मेडिसिटी की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है और यह स्पष्ट करता है कि मरीज-केंद्रित देखभाल अस्पताल की चारदीवारी से आगे बढ़कर समाज तक भी प्रभावी रूप से पहुंच सकती है।

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