गाजियाबाद । 18 जनवरी 2026 दिन रविवार को हिंदू सम्मेलन केशव बस्ती समिति द्वारा गोविंदपुरम गाजियाबाद में आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम कनक फार्म हाउस रामबाग गोविंदपुरम में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिवकुमार प्रांत कारवाह मेरठ रहे ।
इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ पवन सिन्हा जी (गुरुजी) आध्यात्मिक गुरु, शिक्षाविद रहे ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बबलू बंसल द्वारा की गई कार्यक्रम का प्रारंभ मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता द्वारा दीप प्रज्वल कर कार्यक्रम की विधिवत प्रारंभ किया । इस अवसर पर मुख्य अतिथि शिवकुमार ने देश में हो रही समस्याएं तथा जातियों को लेकर समाज को बांटने पर विस्तार से चर्चा की तथा समाज को इस समस्या से बचने का एकमात्र उपाय जातियों मे न बटने तथा हिंदू बनने की सलाह दी तथा विभाजनकारी शक्तियों से अपने समाज को बचाने के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित किया। अपने संबोधन में संघ के शताब्दी वर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे आत्म मंथन और समाज को नई दिशा देने वाला अवसर बताया । उन्होंने पंच परिवर्तन के सिद्धांत का भी उल्लेख किय सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन और स्वयं आधारित जीवन अर्थात स्व का भाव , नागरिक कर्तव्य बोध और शिष्टाचार के विषयों को विस्तार पूर्वक चर्चा की।
इसी क्रम में मुख्य वक्ता डॉ पवन सिन्हा ने हिंदुओं के इतिहास ,हिंदुओं के ऊपर हुए अत्याचार व समय के साथ-साथ हिंदुओं के विकास पर चर्चा की तथा अपने इतिहास को पढ़ने जानने व उसको अपने अंदर धारण करने की सलाह दी । मंच संचालन स्नेहा भारती कवित्री द्वारा किया गया इस अवसर पर उन्होंने भी कविता पाठ किया तथा हिंदुओं को जागृत रहने और समाज के लिए काम करने की बात कही । कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष बबलू बंसल द्वारा कार्यक्रम में आए सभी लोगों को धन्यवाद दिया । इस अवसर पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों की संख्या लगभग 650 रही । इस अवसर पर मौजूद रहे । सर्वरुप से राजकुमार , अमरीश कुमार कौत्स, ओमवीर सुंदरलाल ,अध्यक्ष बबलू बंसल , उपाध्यक्ष राजेश वशिष्ठ, मनोज कुमार ,रविंद्र कुमार, कविता शर्मा ,संदीप दुबे, सचिव नंदकिशोर वर्मा , सह सचिव अशोक कुमार जी , पवन कुमार जी , कोषाध्यक्ष अमित राजोरा सह कोषाध्यक्ष सोमपाल , सदस्य मुकेश फौजी, राजकुमार , सौरभ राजपूत, महक सिंह मलिक , जय भगवान सिंह , राकेश कुमार गजराज जी, सौरभ शर्मा , कमलेश शास्त्री शिवाकांत , राहुल शुक्ला , रविकांत शास्त्री, राजवीर गोपाल और लोकेंश आदि उपस्थित रहे।


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