विशेष संवाददाता
नई दिल्ली: विश्व पुस्तक मेले के आखिरी दिन वरिष्ठ कहानीकार एवं 'कथा रंग' के अध्यक्ष शिवराज सिंह के कहानी संग्रह 'मोहरो' का लोकार्पण करते हुए सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार सुभाष चंदर ने कहा कि शौकिया लेखन आपकी रचनात्मकता को समृद्ध करता है। इसके लिए निरंतरता एवं नियमितता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह इसका साक्षात प्रमाण हैं कि शौकिया लेखन से शुरू हो कर वह लेखन की मुख्य धारा में शामिल हुए हैं। श्री चंदर ने कहा कि बीते चंद सालों में हमने शिवराज सिंह को एक गंभीर लेखक के रूप में स्थापित होते हुए देखा है। सुप्रसिद्ध रचनाकार डॉ. स्वाति चौधरी ने कहा कि लेखन एक ऐसी यात्रा है जिसका उम्र से नहीं अनुभव से ताल्लुक है। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह की दूसरी पारी ने साबित कर दिया कि उनके पास तीक्ष्ण लेखकीय चेतना और दृष्टि है। डॉ. स्वाति ने कहा कि ताजिंदगी पेशेवर इंजीनियर रहे शिवराज सिंह का लेखन मौलिकता से भरपूर है।
संग्रह पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार पंकज प्रसून ने कहा कि आज सोशल मीडिया निरंतर लेखकों की फौज तैयार कर रहा है। शिवराज सिंह के लेखन की विशेष बात यह है कि वह किसी जमात में शामिल नहीं हैं। पुस्तक के प्रकाशक अद्विक प्रकाशन के स्वामी अशोक गुप्ता ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर वागीश शर्मा, लेखिका सीनिवाली शर्मा, लेखक बलराम अग्रवाल, श्रीमती ज्ञानो गुर्जरी, विनीता सिंह, अनंत पवार, श्वेता चौधरी, सोनल, शेषराज सिंह पवार व नीतू भड़ाना सहित बड़ी संख्या में अतिथि मौजूद थे ।
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