सोमवार, 19 जनवरी 2026

स्वतंत्र प्रकाशन ने रेखाचित्र विधा को पुनर्जीवित किया: ममता कालिया, पुस्तक मेले में ‘लाइफ स्केच’ परियोजना के अंतर्गत नौ पुस्तकों का लोकार्पण

 

                          विशेष संवाददाता 

  नई दिल्ली: विश्व पुस्तक मेला में 'लाइफ स्केच श्रृंखला' के अंतर्गत प्रकाशित पुस्तकों के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ लेखिका ममता कालिया ने कहा कि एक साथ नौ पुस्तकों का प्रकाशन कर स्वतंत्र प्रकाशन समूह ने रेखाचित्र विधा को पुनर्जीवित किया है। यह कार्य किसी सच्चे पुस्तक प्रेमी का ही हो सकता है। उन्होंने इसे लेखक मंच से रचा गया इतिहास बताया। नाटककार प्रताप सहगल ने रेखाचित्र विधा की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यह हिंदी साहित्य को समृद्ध करने वाली विधा है, किंतु पिछले कुछ दशकों से इसमें अपेक्षित लेखन नहीं हो पाया है।

  वरिष्ठ लेखिका मीना झा ने कहा कि न सिर्फ़ यह विधा पुनर्जीवित हुई है, बल्कि इसकी नई जमीन तैयार हुई है। लेखक रणविजय राव ने इसे अपनी जड़ों की ओर लौटने जैसा अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि रेखाचित्र लेखन के माध्यम से वे अपने भीतर की कोमल संवेदनाओं को फिर से छू सके। कार्यक्रम का संचालन डॉ. स्वाति चौधरी ने किया। इस अवसर पर डॉ. शशि सहगल, सन्दीप तोमर एवं सुशील स्वतंत्र ने भी विचार व्यक्त किए।

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