सत्ता बन्धु संवाददाता
AIBEA के लिए तीन दशकों से अधिक समर्पित नेतृत्व, निःस्वार्थ सेवा और सामाजिक चेतना के प्रतीक
गाजियाबाद । वरिष्ठ बैंक यूनियन नेता एवं प्रख्यात समाजसेवी शीतला प्रसाद सिंह काशनिवार को दुःखद निधन हो गया। उनके निधन से बैंकिंग क्षेत्र, संगठित श्रमिक आंदोलन तथा सामाजिक जीवन को एक अपूरणीय क्षति पहुँची है। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और शुक्रवार को दोपहर लगभग 2:00 बजे मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। शीतला प्रसाद सिंह के पुत्र सतेन्द्र सिंह ने बताया कि शीतला प्रसाद सिंह ने बैंक सेवा से सेवानिवृत्त होने के पश्चात भी बैंक कर्मचारियों के अधिकारों, सम्मान और कल्याण के लिए आजीवन संघर्ष किया। वे ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) से तीन दशकों से अधिक समय तक सक्रिय रूप से जुड़े रहे और प्रदेश अध्यक्ष के रूप में संगठन को सशक्त नेतृत्व प्रदान किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर संगठन मंत्री के रूप में भी संगठन की नीतिगत दिशा और मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने बताया कि उनका नेतृत्व स्पष्ट वैचारिक दृष्टि, दृढ़ संकल्प और कर्मचारियों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा। तथा
संगठनात्मक दायित्वों के साथ-साथ वे सामाजिक, धार्मिक एवं जनकल्याणकारी कार्यों में भी निरंतर सक्रिय रहे। उनका सम्पूर्ण जीवन निःस्वार्थ सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण रहा। जो भी सहायता या मार्गदर्शन की अपेक्षा लेकर उनके पास पहुँचा, उन्होंने कभी किसी को निराश नहीं किया। यही कारण है कि वे समाज के हर वर्ग में समान रूप से सम्मान और स्नेह के पात्र बने रहे।
उनके निधन की सूचना मिलते ही बैंक कर्मचारियों, यूनियन पदाधिकारियों तथा सहयोगियों में गहरा शोक व्याप्त हो गया। देशभर से विभिन्न संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और शुभचिंतकों द्वारा शोक-संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएँ प्रेषित की जा रही हैं।
शीतला प्रसाद सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती मनोरमा सिंह ने सामाजिक एवं पारिवारिक दायित्वों में सदैव उनका सशक्त सहयोग किया। परिवार में उनके दो पुत्र सत्येन्द्र सिंह एवं नीतेंद्र सिंह, तथा एक पुत्री—श्रीमती अपर्णा सिंह हैं।
शोकाकुल परिवार की ओर से यह भी सूचित किया गया है कि पारिवारिक रीति-रिवाजों एवं आवश्यक कर्मकांडों के कारण आगामी 15 दिनों तक सत्येन्द्र सिंह अपने पैतृक गाँव शाहगंज, जनपद जौनपुर में रहेंगे।
मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल से पार्थिव देह वाराणसी ले जाई जाएगी, जहाँ अंतिम संस्कार संपन्न होगा। इसके पश्चात शेष धार्मिक एवं पारिवारिक कार्यक्रम ग्राम छताईं कला, शाहगंज में आयोजित किए जाएंगे।
शीतला प्रसाद सिंह का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का प्रेरणास्रोत रहेगा।

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