रविवार, 15 फ़रवरी 2026

महाशिवरात्रि पर्व पर जलाभिषेक के लिए श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में देश-विदेश के भक्तों का उमड़ा सैलाब

 




मुकेश गुप्ता

भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक कर भक्तों ने श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से लिया आशीर्वाद 

महाराजश्री ने तीन दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों व दूधेश्वर भक्तों का धन्यवाद किया 


गाजियाबादः महाशिवरात्रि पर्व पर सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में देश-विदेश के भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर परिसर ही नहीं आसपास का पूरा क्षेत्र भी भगवान दूधेश्वर के जयकारों से गूंजायमान हो गया। मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन सानिध्य में जलाभिषेक के लिए पहुंचे भक्तों की कतारें शंभू दयाल इंटर कॉलेज से आगे तक पहुंच गई। 

महाराजश्री ने महादेव व माता पार्वती के स्वरूप के साथ किया जलाभिषेक  

मंदिर में जलाभिषेक के लिए भक्तों का तांता शनिवार की रात्रि 9 बजे से ही लगने लगा था। रात्रि 12 बजे तक भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने महादेव व माता पार्वती के स्वरूप के साथ भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना की व जलाभिषेक किया। मंदिर में विराजमान सभी देवी-देवताओं व गुरू मूर्तियों की भी पूजा-अर्चना की। दास विजय बाबा लंदन यूके व श्री दूधेश्वर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज गर्ग ने भी भगवान का जलाभिषेक किया। प्राचीन देवी मंदिर द्वारका पुरी दिल्ली गेूट के महंत गिरिशानंद गिरि महाराज ने आरती की और उसके बाद मंदिर के कपाट खोले गए तो जस्सी पुरा, कैलाश नगर ही नहीं जीटी रोड भी भगवान दूधेश्वर व हर हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।   श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि मगवान महादेव व माता पार्वती के स्वरूपों ने रात भर भक्तों को दर्शन व आशीर्वाद दिया और सुबह वापस कैलाश चले गए।

भगवान के जलाभिषेक के लिए घंटों इंतजार करना पडा

मंदिर के मीडिया प्रभारी पिंटू सुथार ने बताया कि भगवान दूधेश्वर के जलाभिषेक के लिए मंदिर में देश-विदेश से पहुंचे लाखों भक्तों लंबी-लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पडा।। इसके बावजूद उनके उत्साह में कोई कमी नहीं रही। कतारों में लगे बच्चे, युवा, महिला, बुजुर्ग भगवान के भजनों से पूरे वातावरण को दूधेश्वरमय बनाते रहे।  महाराजश्री के मार्गदर्शन-अध्यक्षता तथा जिला-पुलिस प्रशासन, नगर निगम आदि के सहयोग से इतनी बेेहतर व्यवस्था रही कि लाखों की संख्या में भक्तों के पहुंचने के बाद किसी भी भक्त को जलाभिषेक करने में कोई दिक्कत नीं हो रही है और सभी ने व्यवस्थाओं की सराहना की

वीआईपी ने भी भगवान दूधेश्वर के दरबार मे ंलगाई हाजरी




भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक करने के लिए वीआईपी भी पहुंचे। भाजपा के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने रात्रि 2 बजे ही भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना व जलाभिषेक किया। सांसद अतुल गर्ग व विधायक संजीव शर्मा ने भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना व जलाभिषेक कर महाराजश्री से भेंट की। पूर्व महापौर आशु वर्मा ने भी भगवान की पूजा-अर्चना की। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने विधि-विधान के साथ भगवान की पूजा-अर्चना की। विभिन्न राजनैतिक दलों के नेता भी परिवार के साथ जलाभिषेक करने पहुंचे। राजस्थान से ठाकुर जितेंद्र सिंह सिवाना उमेश सिंह, महेंद्र सिंह आदि भक्तों ने जलाभिषंेक किया। पुलिस कमिश्नर  जे रविंदर गौड़ ने सुरक्षा व्यवस्था पर स्वयं नजर रखी। न्यायिक अधिकारियों समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों, उद्योगपतियों, व्यापारियों महंत शैलेंद्र गिरि महाराज, पंडित महेश चंद्र वशिष्ठ, रमेश गिरि महाराज, मगल गिरि आदि ने भी भगवान का जलाभिषेक किया। महाराजश्री की अध्ध्यक्षता व दूधेश्वर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज धर्म गर्ग की देख-देख में मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव ने भक्तों की भीड व सफलता का इतिहास रचा। अनुज धर्म गर्ग की ओर से भक्तों के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने सभी जनप्रतिनिधियों, सभी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों, मीडिया कर्मियों, सभी पत्रकार बंधुओं, मंदिर के स्वयंसेवकों और भगवान दूधेश्वर के सभी भक्तों का महाशिवरात्रि पर्व को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया। 

मीडिया प्रभारी पिंटू सुथार ने बताया कि

भगवान के भव्य श्रृंगार को देख अभिभूत हुए भक्त

 भगवान दूधेश्वर का भव्य श्रृंगार किया गया। भगवान का श्रृंगार श्री दूधेश्वर श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल द्वारा किया गया जिसमें मुकेश, प्रतीक, राजेश, यश, नकुल, दक्ष, कुशंक आदि दूधेश्वर भक्तों का पूर्ण सहयोग रहेगा। भगवान का श्रृंगार 501 किलो फलों व फूलों से किया गया और उन्हें 56 भोग भी अर्पित किए गए

भगवान शिव व मां पार्वती का विवाह हुआ

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व के दिन ही दिन भगवान शिव व माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसी कारण बहुत से स्थानों पर महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान शिव की बारात निकालकर भगवान शिव व मां पार्वती का विवाह कराया जाता है। दूधेश्वर नाथ मंदिर में शनिवार की रात्रि भगवान शिव की बारात जस्सीपुरा मोड से निकाली गई। बारात के मंदिर पहुंचने पर उसका भक्तों ने स्वागत किया।  बारात में भूत-प्रेत, शिवगण से लेकर ब्रहमाजी, भगवान विष्णु व अन्य देवी-द्रेवता भी शामिल थे। भगवान शिव व माता पार्वती का विधि-विधान के साथ विवाह हुआ, जिसके बाद भजन संध्या का आयोजन किया गया।

 

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