नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान किया जाए: जिलाधिकारी
गाजियाबाद । विजयनगर क्षेत्र में वर्षा के दौरान उत्पन्न जलभराव की समस्या के संबंध में क्षेत्रवासियों द्वारा की गई शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने संबंधित अधिकारियों के साथ उस मुख्य नाले का स्थलीय निरीक्षण किया, जिसके कारण प्रताप विहार, केला भट्टा, सेक्टर 11 एवं कैलाश नगर क्षेत्र में जल निकासी प्रभावित होने की स्थिति सामने आई है।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि प्रताप विहार, केला भट्टा एवं कैलाश नगर क्षेत्र का वर्षा जल जिस मुख्य नाले के माध्यम से निकलता है, उसका पिछला भाग पर्याप्त चौड़ा है। किंतु प्रतीक ग्रैंड सोसाइटी के नवीन टावरों के निर्माण के दौरान नाले के एक हिस्से को संकरा कर उसमें छोटे पाइप स्थापित कर जल निकासी की व्यवस्था कर दी गई है, जबकि आगे का नाला अपनी मूल चौड़ाई में खुला हुआ है। नाले की चौड़ाई कम होने के कारण वर्षा जल का प्रवाह बाधित हुआ, जिससे आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हुई।
नाले की वर्तमान स्थिति का अवलोकन करने के उपरांत जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से पूछा कि नाले की चौड़ाई कम किए जाने की अनुमति किस स्तर पर प्रदान की गई तथा इस संबंध में आवश्यक निगरानी एवं नियामकीय कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह मामला गंभीर जांच का विषय है। उन्होंने निर्देश दिए कि नाले के संकरे किए जाने की परिस्थितियों एवं संबंधित उत्तरदायित्वों की जांच कराई जाए तथा यदि किसी अधिकारी, संस्था अथवा संबंधित पक्ष की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने नगर निगम, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण तथा आवास विकास परिषद के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल निकासी व्यवस्था का तकनीकी परीक्षण कराते हुए समस्या के स्थायी समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही तत्काल प्रारंभ की जाए, ताकि भविष्य में वर्षा के दौरान जलभराव की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुविधाओं से संबंधित आधारभूत ढांचे की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान किया जाए। निरीक्षण के दौरान जीडीए सचिव विनय कुमार मिश्रा, नगर निगम के चीफ इंजीनियर नरेंद्र चौधरी आदि अधिकारी उपस्थित रहे।



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