रविवार, 10 अगस्त 2025

राजनगर में रामलीला महोत्सव हेतु हुआ भूमि पूजन एवं सुन्दरकाण्ड का पाठ, श्री राम के उदघोष के साथ फहराई हनुमान जी की पताका





                          मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद ।  श्री रामलीला समिति राजनगर की ओर से रामलीला मंचन हेतु भूमि पूजन रविवार 10 अगस्त को किया गया, मुख्य अतिथि  विजय कुमार गुप्ता (हरिराम इस्पात लोहा मंडी) एवं मुकेश कुमार गुप्ता (रॉडिक फार्मा लिमिटेड) ने भूमि पूजन कर हनुमान जी की ध्वजा फहराई। इससे पूर्व संस्था के सभी पदाधिकारियो,अतिथियों व सदस्यों ने हवन एवं पूजा में भाग लिया। इस मौके पर सुंदरकांड का पाठ भी किया गया जिसमें वीर हनुमान और राधा कृष्ण की झांकी प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात सभी ने मिलकर रामलीला महोत्सव के लिए भूमि पूजन किया।

 संस्थापक सदस्य एवं मुख्य संरक्षक जितेंद्र यादव, वार्ड सभासद प्रवीण चौधरी एवं अजय शर्मा की अध्यक्षता में भूमि पूजन कराया गया, इस मौके पर उन्होंने कहा कि भगवान राम की महिमा अपरम पार है, भगवान हम सभी के आराध्य है इसलिए हर वर्ष रामलीला का मंचन किया जाता है, इस वर्ष भी राजनगर रामलीला हाईटेक और भव्यता से की जाएगी। कार्यक्रम के स्वागतअध्यक्ष और उद्योगपति योगेश गोयल (सुधा स्टील्स) द्वारा सभी का स्वागत किया गया इस मौके पर रामलीला समिति के अध्यक्ष जयकुमार गुप्ता ने बताया कि आगामी 16 सितंबर से डांडिया नाइट से श्री रामलीला मेले का आरंभ हो जाएगा और 4 अक्टूबर को कवि सम्मेलन के साथ संपन्न होगा, समिति के महामंत्री सीए दीपक मित्तल ने बताया कि अतिथियों और दर्शकों के मंचन देखने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे है ताकि मंचन का पूरा आनंद सभी रामभक्त उठा सके। समिति के मेला प्रबंधक एस् एन अग्रवाल  ने बताया की गणेश शोभा यात्रा के लिए झांकियां, बैंड तथा मेले आदि के लिए सब दुकानों की ज्यादातर बुकिंग हो चुकी है। इस वर्ष रामलीला महोत्सव में सुरक्षा के लिए और भी कड़े इंतजाम किए जा रहे है। भूमि पूजन के दौरान समिति के कोषाध्यक्ष आर के शर्मा, मुख्य संयोजक राकेश मिश्रा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आर एन पाण्डेय, सुभाष शर्मा, जी पी अग्रवाल, बृजमोहन सिंघल, मोती लाल गर्ग, सुंदर लाल यादव, राजीव मोहन, के पी गुप्ता

उपाध्यक्ष महावीर बंसल, राधेश्याम सिंघल, दिनेश शर्मा, दीपक सिंघल, दीपक कांत गुप्ता सचिव मनीष वशिष्ठ, विकल्प कौशिक, संयुक्त कोषाध्यक्ष राजीव गुप्ता, मुख्य सलाहकार अनिल कुमार (क्वालिटी स्टील्स), संगठन मंत्री  मुकेश मित्तल एवं अमरीश कुमार त्यागी शर्मा, प्रचार मंत्री रेखा अग्रवाल, सौरभ गर्ग, सुनील दत्त मेला प्रबंधक विनोद गोयल, आलोक मित्तल, विजय लुंबा, विधि सलाहकार अमरपाल तेवतिया, सिमरन रंधावा संयोजक देवेंद्र गर्ग, डा आर के मित्तल, जितेंद्र रंधावा, ओम प्रकाश भोला, मदनलाल हरित, गोल्डी सहगल, बी के अग्रवाल, वीरेंद्र सारस्वत, पंकज भारद्वाज आदि समेत राजनगर के गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।


वैश्य एकता समिति का 87वा विवाह योग्य वैश्य युवक युवती परिचय सम्मेलन सम्पन्न, 15 रिश्ते हुए तय--प्रेमचंद गुप्ता

                         मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । वैश्य एकता समिति गाजियाबाद द्वारा 10 अगस्त 2025 को दुर्गा वाशिंग पाउडर परिसर, पारस होटल के पीछे, अम्बेडकर रोड, कालकागढ़ी चौक, गाजियाबाद पर विवाह योग्य वैश्य युवक युवतियों एवं समाज के अन्य वर्ग हेतु 87वां मासिक परिचय सम्मेलन समिति के अध्यक्ष प्रेमचंद गुप्ता ;(चेयरमैन दुर्गा वाशिंग पाउडर) के सौजन्य से आयोजित किया गया। समिति के अध्यक्ष ने सभी प्रत्याशियों, अभिभावको, परिचयकर्ताओं एवं आयोजन में उपस्थित समाजसेवियों व पत्रकार बंधुओं का अभिनंदन करते हुए उन्हें स्वतन्त्रता दिवस व जन्माष्टमी की शुभकामनाएं प्रेषित की। उन्होने कहा कि आप सभी के सहयोग के कारण यह सम्मेलन हर माह सफलतापूर्वक आयोजित हो रहा है एवं प्रत्येक माह 55-60 नये रजिस्टेªशन फार्म का सहयोग सदैव मिलता रहा है तथा 14-15 रिश्ते भी तय हो जाते हैं, इसके लिए उन्होने सभी का धन्यवाद अर्पित किया। समिति द्वारा विवाह योग्य वैश्य युवक युवती हेतु परिचय सम्मेलन के साथ-साथ ब्राह्मण एवं अन्य वर्ग के युवक एवं युवती हेतु भी सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। महासचिव व संयोजक अजय कुमार गोयल ने सभी प्रत्याशियों का मंच के माध्यम से परिवार सहित परिचय कराया। उन्होने बताया कि इस माह परिचय सम्मेलन में 30 नये प्रत्याशियों के पंजीकरण हुए एवं पत्रिका में पूर्व पंजीकृत प्रत्याशियों से सम्पर्क करने पर 11 प्रत्याशियों के वैवाहिक सम्बन्ध तय होने की जानकारी प्राप्त हुई है जो कि समिति के लिए बहुत ही हर्ष का विषय है, उन्होने कहा कि यह कार्य प्रेमचंद गुप्ता जी के मार्गदर्शन व सभी पदाधिकारियों एवं अभिभावकों के सहयोग से सम्भव हो पाया है। समारोह में उपस्थित युवती प्रत्याशियों द्वारा मंच पर परिचय देने के उपरांत उन्हें पुरूस्कार देकर सम्मानित भी किया गया। पत्रिका के संपादन का कार्य अनुराग अग्रवाल के द्वारा बहुत कम समय में तैयार किया गया जिसके लिए समिति के समस्त पदाधिकारियों की तरफ से उनका विशेष रूप से आभार प्रकट किया गया। सम्मेलन को सफल बनाने में अध्यक्ष प्रेमचंद गुप्ता, अजय कुमार गोयल, अनुराग अग्रवाल, बुद्वगोपाल गोयल, राकेश मित्तल, नीरू अग्रवाल, विजय कुमार अग्रवाल, के आर गुप्ता, राजेश्वरदयाल जिन्दल, दीपा गर्ग एवं राजीव अग्रवाल, महेन्द्र गुप्ता, लक्ष्मी नारायण सिंघल, राधारमण अग्रवाल आदि पदाधिकारियों का विशेष सहयोग रहा।

शनिवार, 9 अगस्त 2025

चमकेगी लोनी चमकेगा क्षेत्र -- मनोज धामा





मुकेश गुप्ता
 गाजियाबाद/लोनी । लोनी नगरपालिका के चैयरमेन प्रतिनिधि मनोज धामा ने शुक्रवार को आर्ड 21 के अगरौला गांव,खानपुर गांव,दौलतनगर,दुगरावली मे 3 करोड 8 लाख रूपये की लागत से होने वाले विकास कार्यों का नारियल फोड़कर उद्घाटन किया । 

इस अवसर पर कॉलोनी वासियों ने मनोज धामा का ढोल नगाड़ों के साथ फूल-माला पहनाकर व पुष्प वर्षा करते हुये जोरदार स्वागत किया । 

इस अवसर पर मनोज धामा ने सभी को संबोधित करते हुये कहा कि   आज हम लोग वार्ड 21 के गांव व कॉलोनी मे विकास कार्यों की जो डोर जुडी हुई है। उसमे 1 मोती और जोड रहे हैं जिससे कि हमारी लोनी मे विकास कार्यो की रफ्तार बनी रहे आज के कार्यक्रम पूर्व मे प्रस्तावित हो चुके थे परंतु लोनी नगरपालिका अध्यक्ष रंजीता धामा का स्वास्थ्य खराब होने के कारण वो आज नही आ सकी अत: मै उनके प्रतिनिधि के रूप मे आप सभी लोनी की देवतुल्य जनता के बीच उपस्थित हूं एवं ये हम सभी का सौभाग्य है कि हमें इतनी कर्मठ व लग्नशील महिला शक्ति के नेतृत्व मे नगरपालिका की कार्य प्रणाली चल रही है ।

आज अगरौला,दौलतनगर,खानपुर के हमारे अपने परिवारों के दूारा जो विश्वास हम पर बनाया है वो अब उनको विकास कार्यों के रूप मे लौटाने का समय है ये सभी क्षेत्र पहली बार नगरपालिका का वार्ड बना है अत: ये हमारा दायित्व है कि हम सभी को साथ लेकर चले तथा पूर्ण क्षेत्र का विकास करे ।

वार्ड 21 मे इंटरलाकिंग टाइल्स गलियों के साथ ही आर °सी°सी ° नालियों का निर्माण कराया जा रहा है एवं लगभग 1 करोड 26 लाख रूपये की लागत से शम्शान घाट की चहारदीवारी,भराव,टीन शैड भी बनाया जायेगा ये अंतिम संस्कार स्थल बेहद ही जर्जर अवस्था मे था अब इसका जीर्णोधार कराया जा रहा है । 

वार्ड 21 की जनता ने मनोज धामा जिंदाबाद के नारे लगाये तथा विकास कार्यों के लिये धन्यवाद दिया तथा युवा शक्ति ने मनोज धामा को आने वाले समय मे हर तरह से सहयोग करने का आश्वासन दिया । 

इस अवसर पर सभासद गगन  गज्जी प्रधान, नूरहसन भाटी , पूर्व प्रधान दर्शन कुमार, सेलक प्रधान,सचिन खारी,  डा° धर्मपाल ,डा° जितेन्द्र,धीरज, महेश ,स्माइल, रामशरण,चरण सिंह,रामदास,जगराम,चिंटू बैॆसला, कपिल बैसला, दयानन्द गुरूजी,पंकज नबंरदार, गीता देवी,सरोज देवी, बिल्किस, रेशमा,सुल्ताना, नगमा बेगम, नूरंजहा सहित सैकड़ों की संख्या मे कालोनीवासी उपस्थित रहे ।

धराली (उत्तरकाशी) आपदा पीड़ितों के लिए परमार्थ निकेतन में विशेष प्रार्थना और यज्ञ

 

                          मुकेश गुप्ता

✨स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के आशीर्वाद से धराली पीड़ियों के लिये भेजी गयी राहत सामग्री, फल और सब्जियां

🌺आज धराली का हाल भले ही बदहाल हो, लेकिन वहां की मिट्टी में उम्मीद और हौसले के बीज अब भी जीवित हैं

💥धराली गांव के पुनर्निर्माण, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं, बच्चों की शिक्षा, और जीविकोपार्जन के साधनों को पुनः स्थापित करने के लिए दीर्घकालिक परियोजनाओं की अत्यंत आवश्यकता

ऋषिकेश, 9 अगस्त। पाँच अगस्त को आई भयंकर आपदा ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद के धराली गांव की पूरी तस्वीर बदल दी। यह वही धराली है जो कभी कल-कल बहती पावन भागीरथी, नीले आकाश, ऊँचे हिमालयी पर्वत, देवदार के गगनचुंबी वृक्षों और सुंदर वादियों से सुसज्जित था। मानो प्रकृति ने अपने हाथों से इस गाँव का श्रृंगार किया हो किंतु, इस बार उसी प्रकृति ने एक विनाशकारी रूप में यहां के लोगों से उनका सब कुछ छीन लिया।

धराली का वर्तमान दृश्य किसी गहरे घाव जैसा है, टूटी-फूटी सड़कें, मलबे में दबे घर, बह चुकी फसलें, और उजड़ चुके बाग-बगीचे। गाँव का हर चेहरा दर्द और हताशा की कहानी कह रहा है। यह दृश्य 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद के रामबाड़ा की याद दिलाता है, जो तब से देश के मानचित्र से ही गायब हो गया।

इस त्रासदी ने न केवल लोगों के घर और रोजगार छीन लिए, बल्कि उनकी आर्थिक नींव को भी हिला दिया। प्राकृतिक आपदाएं केवल शारीरिक और मानसिक पीड़ा ही नहीं देतीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी तहस-नहस कर देती हैं। धराली के लोग अपने खेत-खलिहान, दुकानें, व्यवसाय और वर्षों की मेहनत से बनाए घर एक पल में खो बैठे।

ऐसे कठिन समय में, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने विदेश की धरती से धराली पीड़ितों की सहायता हेतु राहत और सहयोग प्रदान करते का आह्वान किया। आपदा चाहे कितनी भी भयंकर क्यों न हो, आशा और सेवा की रोशनी उससे बड़ी होती है। धराली के हमारे भाई-बहनों को यह संदेश देना है कि वे अकेले नहीं हैं पूरा देश, पूरी मानवता उनके साथ खड़ी है।

स्वामी जी के आशीर्वाद और मार्गदर्शन में, परमार्थ निकेतन की सेवा टीम ने धराली और आसपास के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री भेजी। इसमें एक हजार किलो से अधिक ताजी सब्जियां, राशन सामग्री, बच्चों और महिलाओं के कपड़े, रेनकोट, दूध पाउडर, चप्पलें, छाते, मोमबत्ती माचिस, बरसाती, मेडिकल किट  और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं, जिन्हें स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवकों के सहयोग से पीड़ित परिवारों तक पहुंचाया गया।

स्वामी जी ने कहा कि सेवा केवल राहत सामग्री पहुंचाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह पीड़ितों के मनोबल को भी मजबूत करे। राहत दल ने राहत सामग्री वितरित कीं और पीड़ित परिवारों से संवाद भी किया, उनका दर्द सुना, और उन्हें भरोसा दिलाया कि पुनर्निर्माण की राह पर हर कदम पर उनके साथ खड़े रहेंगे।

स्वामी जी ने विशेष रूप से आह्वान किया की कि देश-विदेश से लोग आगे आएं और आर्थिक, सामग्री एवं मानसिक सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा हमारा उत्तराखंड केवल भौगोलिक स्थान नहीं है, यह हमारी संस्कृति, आस्था और आध्यात्म का केंद्र है। इसे पुनः संवारना हम सबका कर्तव्य है।

धराली के लोग आज भी मलबे के बीच उम्मीद की किरण देख रहे हैं। उनका विश्वास है कि जैसे प्रकृति ने कभी उनके गाँव को सजाया था, वैसे ही एक दिन यह गाँव फिर से बस जाएगा। माँ गंगा की कृपा और जनमानस के सहयोग से धराली का हर आंगन फिर से हंसी-खुशी से गूंजे। आज धराली का हाल भले ही बदहाल हो, लेकिन वहां की मिट्टी में उम्मीद और हौसले के बीज अब भी जीवित हैं।

आने वाले समय में गांव के पुनर्निर्माण, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं, बच्चों की शिक्षा, और जीविकोपार्जन के साधनों को पुनः स्थापित करने के लिए दीर्घकालिक परियोजनाओं की अत्यंत आवश्यकता है ताकि कल को यह गाँव फिर से अपनी सुंदरता, समृद्धि और सांस्कृतिक पहचान के साथ खड़ा हो सके।

उधोग जगत की समस्याओं के समाधान के लिये औधोगिक विकास मंत्री नंदगोपाल नंदी से मिले गाजियाबाद के इंडस्ट्रियलिस्ट

 



                          मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । लखनऊ में उतर प्रदेश के औधोगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी से गाजियाबाद के इंडस्ट्रियलिस्ट ने मुलाकात करते हुए उधोग जगत की कुछ प्रमुख समस्याओं से अवगत कराया। बृहस्पतिवार को  ऑल इंडिया इंडस्ट्रियलिस्ट एशोसिएशन के अध्यक्ष उपेन्द्र गोयल, मनोज शर्मा, संजीव सचदेवा सहित उत्तर प्रदेश उधोग व्यापार मण्डल उधोग मंच के प्रदेश अध्यक्ष संजीव कुमार गुप्ता  ने उत्तर प्रदेश के औधोगिक विकास मंत्री नंदगोपाल नंदी को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें कई महत्वपूर्ण विषयों सहित यूपीसीडा के द्वारा इंडस्ट्रीज़ के रखरखाव के लिए 72 रूपये / स्क्वॉड शुल्क वसूलने पर भी आपत्ति दर्ज कराईं गई। ऑल इंडिया इंडस्ट्रियलिस्ट संगठन के अध्यक्ष उपेन्द्र गोयल ने बताया कि मंत्री जी ने हमारी बातों को बहुत ही ध्यान से सुना तथा उन्हें उचित मानते हुए, तत्काल ही यूपीसीडा के सीईओ मयूर माहेश्वरी को इनके जल्द से जल्द समाधान कराने के लिए आदेशित किया। उधोग जगत की समस्याओं के लिए सदैव अग्रसर रहने के लिए सुनील सचदेवा सहित सभी ने नंदगोपाल नंदी का आभार प्रकट किया है।

शशि प्रकाश गोयल को उत्तर प्रदेश का मुख्य सचिव नियुक्त किये जाने पर गाजियाबाद के उद्यमियों ने दी बधाई

 

                         मुकेश गुप्ता

उधोग मंच के प्रदेश अध्यक्ष संजीव कुमार गुप्ता एवं इंडस्ट्रियलिस्ट एशोसिएशन के अध्यक्ष उपेन्द्र गोयल ने क्षेत्र के उद्यमियों की समस्याओं का सौंपा ज्ञापन

गाजियाबाद । उत्तर प्रदेश शाशन में मुख्य सचिव के रूप में नियुक्त किये गए शशि प्रकाश गोयल से लखनऊ सचिवालय में समरकूल ग्रुप के चेयरमैन एवं उत्तर प्रदेश उधोग व्यापार मण्डल उधोग मंच के प्रदेश अध्यक्ष संजीव कुमार गुप्ता एवं ऑल इंडिया इंडस्ट्रियलिस्ट एशोसिएशन के अध्यक्ष उपेन्द्र गोयल ने मुलाकात कर उन्हें मुख्य सचिव नियुक्त किये जाने पर पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं। तथा क्षेत्र के उद्यमियों की समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन भी मुख्य सचिव को सौंपा। संजीव कुमार गुप्ता एवं उपेन्द्र गोयल पिछले दो दिनों से लखनऊ में है। तथा दोनों  ने ही उधोग जगत के हितों के लिए अनेकों मंत्रालयों में संपर्क करके क्षेत्र के उद्यमियों की समस्याओं से संबंधित अधिकारियों एवं मंत्रियों को अवगत कराया है। इस लखनऊ दौरे के संबंध में ऑल इंडिया इंडस्ट्रियलिस्ट एशोसिएशन के अध्यक्ष उपेन्द्र गोयल ने बताया कि पिछले कई वर्षों के पश्चात अब हमारा संगठन सक्रियता से उधोग जगत की समस्याओं को उचित प्लेटफॉर्म पर उठा रहा है। तथा इसके साकारात्मक परिणाम भी हमें प्राप्त हो रहें हैं।

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज की अध्यक्षता में दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान में श्रावणी पूर्णिमा पर श्रावणी उपाकर्म महोत्सव का आयोजन हुआ

 


                          मुकेश गुप्ता

हिंदू धर्म में श्रावणी  उपाकर्म का बहुत अधिक महत्व हैः श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज

महाराजश्री के आशीर्वाद से विद्यालय के सभी नए विद्यार्थियों का मुंडन, कर्णभेदन व उपनयन संस्कार हुआ 

महाराजश्री ने विद्यार्थियों से कहा, वेदों का अध्ययन कर पूरे विश्व में सनातन धर्म, भारतीयता व भारतीय संस्कृति की ध्वजा फहराएं

गाजियाबाद । श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में संचालित दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान में शनिवार को श्रावणी पूर्णिमा पर श्रावणी उपाकर्म महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव का आयोजन श्री दूधेश्वर पीठाधीश्वर, विद्यालय के संस्थापक 

अध्यक्ष, श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता व दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज की अध्यक्षता में हुआ, जिसमें गुरुकुल में अध्ययनरत नए विद्यार्थियों का सामूहिक उपाकर्म व उपनयन (यज्ञोपवीत) संस्कार कराया गया। विश्व संवाद संपर्क सचिव अमित गोस्वामी ने बताया कि शुक्रवार को सभी नए विद्यार्थियों का मुण्डन संस्कार तथा कर्णभेदन संस्कार भी हुआ। 

सभी विद्यार्थियों ने उपनयन संस्कार के बाद महाराजश्री से आशीर्वाद लिया। महाराजश्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे देश का भविष्य हैं। अतः वेदों का सभी बटुक पूरी श्रद्धा, विश्वास व आस्था के साथ अध्ययन करें और उसे बाद पूरे विश्व में वेद, भारतीय संस्कृति, परम्परा, विरासत व सनातन धर्म की ध्वजा फहराकर भारत को पुनः विश्व गुरू बनाएं। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि आज पूरा विश्व यह समझ रहा है कि पूरी मानवता का कल्याण भारत व सनातन धर्म ही कर सकता है। ऐसे में हम सबकी जिम्मेदारी और भी बढ जाती है। हमें सनातन धर्म व यहां की गुरूकुल शिक्षा पद्धति से पूरे विश्व को प्रकाशित करना है, तभी वसुधैव कुटुंबकम् की परिकल्पना साकार हो पाएगी। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि श्रावणी उपाकर्म एक महत्वपूर्ण हिंदू संस्कार है जो विशेष रूप से ब्राह्मणों द्वारा मनाया जाता है। यह श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन आयोजित किया जाता है और इसमें दशविध स्नान प्रायश्चित  संकल्प ऋषि पूजन नूतन यज्ञोपवीत (पवित्र धागा) धारण, वैदिक मंत्रों का पाठ व जाप करना इत्यादि सम्मिलित हैं। यह संस्कार आध्यात्मिक नवीनीकरण और ज्ञान के मार्ग पर चलने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यज्ञोपवीत संस्कार, जिसे यज्ञोपवीत संस्कार भी कहा जाता है,यह संस्कार  हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण संस्कार है। यह 16 संस्कारों में से एक है, जो विद्यारम्भ और ब्रह्मचर्य की शुरुआत का प्रतीक है। इस संस्कार में बालक को यज्ञोपवीत (जनेऊ) पहनाया जाता है, जो तीन धागों वाला एक पवित्र सूत्र होता है। इस पवित्र सूत्र का हिंदू धर्म में बहुत अधिक महत्व है क्योंकि इसे त्रिदेव यानि ब्रह्मा, विष्णु व महेश का प्रतीक माना जाता है। विद्यालय के सचिव लक्ष्मीकांत पाढ़ी, प्रधानाचार्य तोयराज उपाध्याय, आचार्य नित्यानंद, आचार्य रोहित त्रिपाठी, आचार्य किशन शर्मा, आचार्य अजय दाधीच, विद्यालय के कोषाध्यक्ष विवेक गोयल आदि भी मौजूद रहे।

गुरुवार, 7 अगस्त 2025

जिलाधिकारी की अध्यक्षता "हर घर तिरंगा" कार्यक्रम 2025 के भव्य आयोजन के सम्बन्ध में शिक्षा विभाग के साथ बैठक सम्पन्न


पूर्ण हर्षोंल्लास के साथ मनाया जायेगा स्वतंत्रता दिवस: जिलाधिकारी  रविन्द्र कुमार माँदड़

"हर घर तिरंगा" अभियान के मद्देनज़र हर घर लहरायेंगे राष्ट्रीय ध्वज: जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़

विद्यार्थी प्रतियोगिता, प्रदर्शनी और रैली के माध्यम से दिखायेंगे देशभक्ति की भावना: जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़

                       



                           मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी  रविन्द्र कुमार माँदड़ की अध्यक्षता में "हर घर तिरंगा" कार्यक्रम 2025 के भव्य आयोजन के सम्बन्ध में शिक्षा विभाग से सम्बंधित अधिकारियों, प्रबन्धक / प्रधानाचार्य समस्त परिषदीय वित्तविहीन / राजकीय / अशासकीय सहायता प्राप्त/वित्तविहीन / इण्टर कॉलेज / यू०पी०बोर्ड / सी०बी०एस०ई०/ आई०सी०एस०ई० बोर्ड जनपद गाजियाबाद के अधिकारियों/प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी  ने अवगत कराया कि शासनादेश के क्रम में ''हर घर तिरंगा'' (एचजीटी) अभियान को घरों, कार्यालयों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर प्रमुखता से तिरंगा फहराकर, सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया जाना है। उन्होने कहा कि तिरंगे के साथ सेल्फी, प्रभात फेरी, तिरंगा रैलियों (बाइक और साइकिल रैलियों सहित), तिरंगा प्रदर्शनियों और जन-भागीदारी जैसी गतिविधियों ने 'स्वतन्त्रता दिवस समारोह' को देशभक्ति से भरपूर और देश भर में व्यापक रूप से मनाया जाने वाला उत्सव बना दिया है। यह अभियान जनता के लिए उन स्वतन्त्रता सेनानियों और सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक विशेष अवसर भी है, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा और तिरंगे के सम्मान में अपने प्राणों की आहुति दी है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम इसी भावना को जारी रखें। 

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि दिनांक 08 अगस्त, 2025 को तिरंगा रंगोली प्रतियोगिता राखी बनाने की कार्यशाला, निबन्ध, कविता, क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया जाय एवं स्कूलों की दीवारों और बोर्डो का तिरंगा से प्रेरित कला से सजाना सुनिश्चित किया जाएं। दिनांक 11 अगस्त, 2025 को प्रत्येक विद्यालय में 'तिरंगा महोत्सव" के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाये जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि  विधायक / महापौर / ब्लॉक प्रमुख/ग्राम प्रधान/पार्षद को आमंत्रित किया जायें तथा विजेता छात्रों को सम्मानित भी किया जाये। दिनांक 12 अगस्त, 2025 को प्रत्येक विद्यालय के छात्रों के माध्यम से तिरंगा रैली में एन०सी०सी० स्काउट एवं एन०एस०एस० के छात्रों को सम्मलित करते हुए आयोजन किया जाये। दिनांक 13 अगस्त, 2025 को प्रत्येक विद्यालयों में छात्रों के माध्यम से तिरंगा साईकिल यात्रा का आयोजन किया जाये एवं समस्त भवनों को तिरंगा लाईट से सजाया जाये। दिनांक 14 अगस्त, 2025 विभाजत की विभीषिका के चित्रों की प्रदर्शनी लगाकर छात्रों को विभाजन की त्रासदी के विषय में जानकारी प्रदान की जाये। दिनांक 15 अगस्त, 2025 को पूर्ण उत्साह के साथ स्वतंत्रता दिवस का आयोजन किया जाये।

सभी छात्रों/अध्यापकें/अभिभावकें से तिरंगा के साथ सैल्फी लेकर वेबसाइट https://harghartiranga.com/ पर अपलोड करायें। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम सब मिलकर इस अभियान को राष्ट्र के प्रति अपनी भावनाओं को प्रदर्शित कर सफल बनायेंगे। बैठक में स्कूलों की तरफ से सुभाष जैन, गुलशन भाम्बरी, जोगेंद्र सिंह  बग्गू, अजय जैन, आलोक गर्ग, रामौतार जिंदल,  आदि उपस्थित हुए। 

परमार्थ निकेतन में सेवा की परंपरा के अंतर्गत प्रतिदिन निराश्रितों, संतों एवं ज़रूरतमंदों के लिए तीनों समय भंडारे का आयोजन किया जा रहा है--स्वामी चिदानन्द सरस्वती

 


उत्तराखंड के उत्तरकाशी, धराली, पौड़ी जनपद के बुरांसी और बांकुड़ा गांवों में हुई भीषण अतिवृष्टि और भूस्खलन से हुई त्रासदी पर परमार्थ निकेतन ने व्यक्त की गहरी संवेदनायें                                 

हमारा उत्तराखंड फिर खड़ा होगा

हम सारी सीमाओं से ऊपर उठकर उत्तराखंडी बनें

--स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश, 7 अगस्त। उत्तराखंड के उत्तरकाशी, धराली, पौड़ी जनपद के बुरांसी और बांकुड़ा गांवों में हुई भीषण अतिवृष्टि और भूस्खलन की त्रासदी ने पूरे प्रदेश ही नही पूरे देश  को शोक में डुबो दिया है। इस विनाशकारी प्राकृतिक आपदा में कई अनमोल जानें चली गईं, सैकड़ों परिवार बेघर हो गए, और कई गांवों में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया।

हर उजड़ा घर, हर टूटी हुई दीवार, और हर डबडबाई आंख यही कह रही है कि यह केवल एक भौगोलिक त्रासदी नहीं, यह हमारी सहनशीलता, हमारी सामूहिक चेतना और हमारी मानवीय संवेदनाओं की कसौटी है।

परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने विदेश प्रवास से भेजे अपने संदेश में इस भीषण आपदा पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड की धरती केवल हिमालय की गोद नहीं, यह संकल्पों की जन्मभूमि है। यह वह देवभूमि है जहाँ पीड़ा को भी तपस्या की तरह सहा जाता है, जहाँ टूटना नहीं आता, केवल और अधिक मजबूती से खड़े होने का संकल्प आता है।

स्वामी जी ने कहा कि यह समय पीड़ितों को अकेला छोड़ देने का नहीं, उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का है। यह समय पीड़ितों व प्रभावितों के आंसू पोंछने का है। पीड़ितों के लिए हमारे दिल, द्वार और दोनों हाथ खुले है। हम सब की एकता, सेवा, सहानुभूति और समर्पण ही इस समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

स्वामी जी ने कहा कि पहाड़ का दर्द भी पहाड़ की तरह ही होता है। इस समय प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, आवश्यक दवाइयाँ, कंबल, तिरपाल, वस्त्र एवं प्राथमिक चिकित्सा सेवाओं की अत्यंत आवश्यकता है। केन्द्र व राज्य सरकार तथा भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी व हमारी सेनायें दिन रात मेहनत कर रही है। अब हम सब का कर्तव्य है कि हम स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय करते हुए दूरदराज और जरूरतमंद क्षेत्रों में मदद पहुंचाने में सहयोग प्रदान करें। कई ऐसे गांव, जो अभी भी संचार से कटे हुए हैं, वहां तक पहुँचने के लिए हरसंभव प्रयास करें।

स्वामी जी ने देश-विदेश के सभी श्रद्धालुओं, सेवाभावी संगठनों, प्रवासी भारतीयों का आह्वान करते हुए कहा कि इस कठिन समय में उत्तराखंड को आपकी आवश्यकता है। आपकी एक सहायता, चाहे वह आर्थिक हो, चिकित्सा सामग्री हो, राहत पैकेट हो, या केवल एक सच्चे हृदय से की गई प्रार्थना, वह अत्यंत मूल्यवान है। आइए, हम मिलकर उत्तराखंड को फिर खड़ा करें।

उन्होंने कहा कि इस त्रासदी की घड़ी में सहयोग देना केवल दान नहीं, यह हमारा मानवीय और राष्ट्रीय कर्तव्य है। राहत और पुनर्निर्माण का कार्य केवल सरकार और प्रशासन का दायित्व नहीं, हर संवेदनशील नागरिक का धर्म है।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि हमारा उत्तराखंड फिर खड़ा होगा, क्योंकि इसकी आत्मा अडिग है, इसकी संस्कृति अजेय है और इसकी जड़ें हिमालय जितनी गहरी हैं। उत्तराखंड बार-बार टूटने के बाद भी बार-बार उठा है क्योंकि यहां के लोगों के पास आत्मबल है। यह धरती पीड़ा को भी पुण्य में बदलने की शक्ति रखती है।

उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि हम सभी एक होकर, धर्म, जाति, भाषा और सीमाओं से ऊपर उठकर एक उत्तराखंडी बनें। परमार्थ निकेतन में सेवा की परंपरा के अंतर्गत प्रतिदिन निराश्रितों, संतों एवं ज़रूरतमंदों के लिए तीनों समय भंडारे का आयोजन किया जा रहा है.

बुधवार, 6 अगस्त 2025

वर्ल्ड योग फेस्टिवल-2025 में भारत की आध्यात्मिक आवाज बनीं डा साध्वी भगवती सरस्वती

 



हेनली-ऑन-थेम्स, यूनाइटेड किंगडम में डा साध्वी भगवती सरस्वती ने सनातन धर्म पर दिया ज्ञानवर्द्धक उद्बोधन

स्वामी सर्वप्रियानंद  ने अद्वैत वेदांत के ज्ञान से योग जिज्ञासुओं को किया आलोकित

विश्व स्तर के महान वक्ता, योगी और योगाचार्यों और योग जिज्ञासुओं का सहभाग

वर्ल्ड  योग फेस्टिवल-2025 में योग की विभिन्न शैलियों, आयुर्वेदिक चिकित्सा, प्राणायाम, ध्यान, कीर्तन, नृत्य, और शांति साधना का अनूठा संगम


हेनली-ऑन-थेम्स, यूनाइटेड किंगडम, 6 अगस्त 2025 । इंग्लैंड की सुंदर वादियों में स्थित हेनली शो ग्राउंड में आयोजित वर्ल्ड   योग फेस्टिवल-2025 एक अनुपम आध्यात्मिक और योगिक उत्सव के रूप में संपन्न हुआ। इस महोत्सव में योग, वेदांत, आयुर्वेद, ध्यान, संगीत, मंत्र, साधना और सेवा के विविध आयामों को जीवंत किया गया।

इस दिव्य आयोजन में भारत की ओर से आध्यात्मिक प्रतिनिधित्व करते हुए डा साध्वी भगवती सरस्वती जी ने अपने प्रज्ञापूर्ण, करुणामयी और सशक्त विचारों से वैश्विक साधकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साध्वी जी ने योग के माध्यम से उपचार  और आंतरिक शांति प्राप्त करना विषय पर अपने गहरे अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवन-दर्शन है जो आत्मा को उसके वास्तविक स्वरूप से जोड़ता है।

उन्होंने कहा कि जब हम योग के माध्यम से अपने भीतर की पीड़ा को स्वीकारते हैं और उसे प्रेम में बदलते हैं, तभी सच्चा उपचार होता है। योग हमें भीतर से मुक्त करता है, और आत्मा के वास्तविक स्वरूप का साक्षात्कार कराता है।

डा साध्वी जी ने सनातन धर्म, नारी शक्ति, सेवा, पर्यावरण संरक्षण विशेषकर मां गंगा के प्रति श्रद्धा और वैश्विक एकता के विषयों पर भी गूढ़ और प्रभावशाली उद्बोधन दिया। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने भारत की सनातन चेतना, आध्यात्मिक परंपरा और आधुनिक वैश्विक संवाद के बीच एक पुल का कार्य किया।

अद्वैत वेदांत की ऊँचाइयों पर दिव्य मार्गदर्शन न्यूयॉर्क स्थित रामकृष्ण मिशन के इस प्रबुद्ध संत स्वामी सर्वप्रियानंद जी ने किया। उन्होंने तात्त्विक अद्वैत वेदांत व अष्टावक्र गीता की शिक्षाओं के माध्यम से योग जिज्ञासुओं को आत्मबोध की ओर उन्मुख किया। स्वामी जी की शांत, तर्कयुक्त और सरल शैली ने पश्चिमी एवं भारतीय साधकों को वेदांत की ऊँचाइयों तक पहुँचाया। 

उन्होंने कहा कि योग और अद्वैत वेदांत दोनों ही भारत की महान आध्यात्मिक परंपराएं हैं, जो आत्मबोध और मुक्ति की ओर ले जाती हैं। योग, विशेषकर पतंजलि योगसूत्र के अनुसार, मन को शुद्ध करने, इंद्रियों को नियंत्रित करने और चित्त को स्थिर करने की विधा है। योग का उद्देश्य है “चित्तवृत्ति निरोध”, अर्थात् मन की सारी हलचलों को शांत करना, जिससे साधक अपने सच्चे स्वरूप को जान सके।

अद्वैत वेदांत कहता है कि आत्मा और ब्रह्म एक ही हैं “अहं ब्रह्मास्मि” (मैं ही ब्रह्म हूँ)। लेकिन इस ज्ञान तक पहुँचने के लिए मन का शांत होना आवश्यक है, और यही कार्य योग करता है।

योग साधना से जब मन शुद्ध होता है, विक्षेप शांत होते हैं, तब साधक अद्वैत वेदांत के उस अनुभव तक पहुँच सकता है जहाँ द्वैत मिट जाता है न साधक रहता है, न साध्य, केवल शुद्ध ब्रह्म की अनुभूति होती है इसलिए कहा जाता है योग से शुद्धि, वेदांत से सिद्धि। योग आत्मज्ञान की तैयारी कराता है, और वेदांत आत्मा को उसके ब्रह्मस्वरूप का साक्षात्कार कराता है। दोनों मिलकर जीवन को मुक्ति, शांति और ज्ञान की ओर ले जाते हैं।

वर्ल्ड  योग फेस्टिवल-2025 योग और वेदांत का दिव्य उत्सव के साथ यह एक आध्यात्मिक क्रांति की शुरुआत भी है, जिसमें भारत की परंपराएं, मूल्य और ज्ञान वैश्विक चेतना का प्रवाह प्रवाहित हुआ। स्वामी सर्वप्रियानंद जी और साध्वी भगवती सरस्वती जी आदि पूज्य संतों की गरिमामयी उपस्थिति ने भारत को आध्यात्मिक नेतृत्वकर्ता के रूप में पुनः स्थापित किया।

अद्वैत वेदांत के महान वक्ता स्वामी सर्वप्रियानंद जी ने अष्टावक्र गीता, अद्वैत वेदांत, सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की महान वक्ता, डा साध्वी भगवती सरस्वती जी, ने हीलिंग योग, सेवा और सनातन मूल्यों पर प्रवचन दिया, योगाचार्य ज्ञानदेव गिरि जी, सनातन धर्म मुक्ति का पथ, स्वामिनी ब्रह्मप्रज्ञा नंदा जी, हिन्दू धर्म की स्वामी ब्रह्मविद्यानंद जी ने वेदांत दर्शन, स्वामिनी ब्रह्मप्रज्ञा नंदा जी ने वेदांत की शिक्षा, श्री राम बनर्जी ने वेदांत और जीवन, रूपर्ट स्पिरा ने अद्वैत वेदांत के आधुनिक दृष्टिकोण, श्री पूर्णेश एवं रोवेना ने वेदांत, श्री सतीश शर्मा जी ने वेदांत और वर्तमान युग में योग तथा आयुर्वेद और स्वास्थ्य पर डॉ. पार्थसारथी, आयुर्वेद में आधुनिक दृष्टिकोण, डॉ. सरनिया पार्थसारथी, नारियों के  स्वास्थ्य और आयुर्वेद, मायरा लेविन ने योग और आयुर्वेद का समन्वय, मोनिषा भारद्वाज ने आयुर्वेदिक पाक कला, पॉली बाल्डविन ने पोषण एवं पाचन स्वास्थ्य आदि अनेक वक्ताओं व योगाचार्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

मंगलवार, 5 अगस्त 2025

उत्तरकाशी त्रासदी के पीड़ितों को संबल प्रदान करते हेतु परमार्थ निकेतन, गंगा आरती की समर्पित, आपदा की इस घड़ी में आइए हम हर आँसू को आशा में बदलें--स्वामी चिदानन्द सरस्वती

 

उत्तरकाशी के धराली में हुई प्राकृतिक त्रासदी पर परमार्थ निकेतन ने गहरी संवेदना प्रकट की

ऋषिकेश, 5 अगस्त। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र में भारी वर्षा और भूस्खलन के कारण उत्पन्न भीषण आपदा में अनेक लोगों को जानमाल की क्षति हुई है। कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, आधारभूत संरचना को नुकसान पहुँचा है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश ने इस त्रासदी पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए आज की परमार्थ गंगा आरती पीड़ितों को संबल प्रदान करते हेतु समर्पित की।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती  ने विदेश प्रवास से भेजे अपने संदेश में कहा कि उत्तरकाशी में घटी यह घटना हृदयविदारक है। यह पीड़ा केवल एक भौगोलिक आपदा नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की संवेदना को झकझोरने वाली घटना है। हम सभी इस कठिन समय में एकजुट होकर पीड़ितों के साथ खड़े हैं। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे सभी प्रभावितों को संबल, धैर्य और शक्ति प्रदान करें।

स्वामी जी ने कहा कि पहाड़ों पर रहने वालों का जीवन स्वयं एक तप है। वे   प्राकृतिक कठिनाइयों, सीमित संसाधनों और विषम परिस्थितियों के बीच भी निष्ठा, श्रम और सहिष्णुता से जीवन जीते हैं और आज जो उत्तरकाशी में हुआ वह    प्रकृति का अपने विकराल रूप से एक प्रहार है। यह केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि पूरे समाज को पर्यावरणीय संतुलन की महत्ता का संकेत है। ऐसे समय में हमें सेवा, सहयोग और संवेदना के साथ मिलकर पीड़ितों के साथ खड़ा होना होगा।

आज परमार्थ निकेतन में संपन्न होने वाली सायंकालीन गंगा आरती उत्तरकाशी के सभी पीड़ितों की कुशलता, सुरक्षा और शीघ्र पुनर्निर्माण हेतु समर्पित की गई। 

स्वामी जी ने इस अवसर पर राज्य सरकार, केंद्र सरकार, जिला प्रशासन, भारतीय सेना व अन्य राहत एजेंसियों के त्वरित और समर्पित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी, माननीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी और उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व व निगरानी में रहत व बचाव कार्य शीघ्रता से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह समय है जब शासन, संस्थाएँ, सेना और समाज हम सब मिलकर कार्य करें ताकि राहत और पुनर्वास के कार्य प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सकें और प्रभावितों तक तुरंत राहत पहंुचे।

स्वामी जी ने देशभर के नागरिकों, संस्थाओं और संगठनों से आग्रह किया कि वे इस संकट की घड़ी में उत्तरकाशी के प्रभावितों के सहयोग हेतु आगे आए।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद स्थित धराली क्षेत्र में हुई भीषण वर्षा और भूस्खलन के कारण अनेक लोगों की जानमाल को भारी क्षति पहुँची है। गाँवों के घरों, खेतों और बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचा है, जिससे स्थानीय जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हमारा यह विश्वास है कि पहाड़ की समस्याएँ पहाड़ जैसी बड़ी अवश्य होती हैं, पर जब हम सब साथ खड़े होते हैं, तो समाधान भी सामूहिक संकल्प से संभव होते हैं।  

आइए, हम सब एकजुट होकर इस आपदा से बाहर निकलें। पीड़ितों के सहयोग, सेवा और पुनर्वास में अपना योगदान दें। संवेदना, समर्पण और संकल्प के साथ आगे बढ़ें। यही समय है एक परिवार की तरह साथ खड़े होने का, ताकि हर आँसू को आशा में बदला जा सके।

सोमवार, 4 अगस्त 2025

जीडीए अधिकारियों ने कैलाश मानसरोवर भवन का किया निरीक्षण

                        मुकेश गुप्ता

शासनादेश  के क्रम में  उठाया गया कदम

 गाजियाबाद ।  मुख्यमंत्री श योगी आदित्यनाथ द्वारा हाल ही में गाजियाबाद में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए आदेशों  के अनुपालन में उपाध्यक्ष गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के निर्देशों  के क्रम में सोमवार  4 अगस्त  को प्राधिकरण सचिव राजेश कुमार सिंह और प्रभारी मुख्य अभियंता  आलोक  रंजन के  साथ अभियंत्रण की टीम के द्वारा इंदिरापुरम स्थित *कैलाश मानसरोवर भवन* का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ये जानने का प्रयास किया गया कि कैलाश  मानसरोवर भवन के रखरखाव के लिए प्राधिकरण को किस तरह के कदम उठाने होंगे और इसके सदुपयोग के लिए क्या क्या प्रक्रिया अपनायी जा सकती है। शासनादेश के माध्यम से इंदिरापुरम स्थित कैलाश  मानसरोवर भवन साल मे चार माह कैलाश  मानसरोवर यात्रियों के उपयोग हेतु सुरक्षित रखते हुए अवशेष आठ माह के दौरान पीपीपी मोड पर पर्यटन विभाग के स्थान पर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण स्तर से संचालित किए जाने के निर्देश  दिए गए है। प्राधिकरण के द्वारा शीघ्र इस कडी में उन एजेंसियों को आमंत्रित किया जाएगा जो कैलाश  मानसरोवर भवन को संचालित करने की इच्छुक हो। शीघ्र ही गाजियाबाद विकास प्राधिकरण एवं धर्माथ विभाग द्वारा आपसी सहमति से विभागीय हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक शर्तो  के साथ एमओयू  निष्पादित  किया जाएगा।

यादगार रही रफ़ी के नगमों भरी एक शाम,,

 


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । लोकतंत्र रक्षक सेनानी स्वर्गीय सेवाराम बग्गा के 88 में जन्मदिवस के उपलक्ष में  रविवार की रात्रि में सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक स्वर्गीय मोहम्मद रफी   के गीतों की एक संगीत संध्या का आयोजन प्रताप विहार स्थित सेवाराम बग्गा अकादमी का म्यूजिक एंड आर्ट (एस बी रिकार्ड्स एंड स्टूडिओस ) के ऑडिटोरियम में किया गया

 जिसका शीर्षक "" रफी के यादगार रंग-- अभिजीत शर्मा के संग "" दीप प्रज्वलन एवं गणेश वंदना साथ हुई कार्यक्रम की शुरुआत के पश्चात् संजय बग्गा सहित 6 बेहतरीन गायक /गायिकाओं ने अपनी मखमली आवाजों से समा बांध दिया मुख्य रूप से आमंत्रित गायक अभिजीत शर्मा जिनकी आवाज मोहम्मद रफी जी के बिल्कुल करीब जान पडती है, पूरे कार्यक्रम के दौरान मंच पर छाए रहे उनके फैंस बार-बार खड़े होकर उनका अभिवादन करते रहे केवल 16 वर्ष की आयु में अभिजीत शर्मा ने दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई है इसके अलावाआमंत्रित कलाकारों मे पीयूषशर्मा,जेन्या विश्वकर्मा, अदिति शुक्ला, इरफान अहमद आदि ने अपने गीतों पर दर्शकों की खूब वाह वाही  लूटी.गिटार पर जिमी लुइस, तबला गुलशन कुमार, और बलवंत सिंह कीबोर्ड ने कार्यक्रम को संगीत से संवारा

 मंच का संचालन गायक संगीत निर्देशक एवं एस बी रिकॉर्ड्स अकैडमी के मैनेजिंग डायरेक्टर संजय बग्गा ने बखूबी से निभाया

 मैं यह सोचकर उसके दर से उठा था, तुम मुझे यूं भुला न पाओगे, पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है, मुझे तेरी मोहब्बत का सहारा मिल गया होता, मेरा तो जो भी कदम है तेरी राहों में है, सलामत रहे दोस्ताना हमारा, ओ दूर के मुसाफिर आदि पचास से अधिक गीत प्रस्तुत किये गए साथ ही स्वर्गीय श्री सेवाराम बग्गा जी को समर्पित एक लघु नाटिका शीर्षक ""पापा की डायरी"" का भावपूर्ण मंचन भी अकादमी के कलाकारो द्वारा किया गया आमंत्रित अतिथि गणों में विशेष रूप से शामिल श्री एन के अग्रवाल जी, राजीव बग्गा एडवोकेट, सपा नेता, सिंगराज अमित बग्गा उर्फ़ सोनू भाजपा नेता, संजय पांडेय समाजसेवी, तरुण शर्मा वरिष्ठ भाजपा नेता राजीव सतीजा गौतम कपूर हेमंत कुमार राज ठाकुर तथा अन्य 100 से भी अधिक दर्शकों ने कार्यक्रम का आनंद उठाया इस अवसर पर सभी गायक गायकायों, एवं आमंत्रित अतिथियों को एसबी रिकॉर्ड्स के डायरेक्टर संजय बग्गा  एवं सचिव श्रीमती नीरू बग्गा द्वारा स्मृति चिन्ह पुरस्कार आदि भेंट किए गए कार्यक्रम के उपरांत एच बी रिकॉर्ड्स की और से भोजन की व्यवस्था भी की गई थी अंत में संजय बग्गा एवं श्रीमती नीरू बग्गा द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम जारी रखने की घोषणा की,

कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने सावन के अंतिम सोमवार को भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना की

 

                          मुकेश गुप्ता

मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महराज ने आचार्यश्री का स्वागत अभिनंदन किया 

गाजियाबादः कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम सावन के अंतिम सोमवार को सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर पहुंचे। उन्होंने भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना की व जलाभिषंेक किया। आचार्य प्रमोद कृष्णम को अपने बीच देखकर भक्तों का जोश भी बढ गया और उन्होंने भगवान दूधेश्वर के जयकारों से मंदिर ही नहीं आसपास के क्षेत्र को भी गूंजायमान कर दिया। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से भेंट की। महाराजश्री ने उनका स्वागत अभिनदन किया। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि यह गाजियाबादवासियों का सौभाग्य है कि उन्हें भगवान दूधेश्वर के दर्शन बहुत ही सुलभता व सरलता के साथ होते हैं। भगवान दूधेश्वर भगवान शिव का ही स्वरूप है। भगवान शिव ही मंदिर में भगवान दूधेश्वर के रूप में विराजमान हैं और उनकी पूजा-अर्चना करने व जलाभिषेक करने मात्र से ही भक्तों के सभी दुख-दर्द हो जाते हैं और उनके जीवन में सुख-समृद्धि व खुशहाली का वास होता है व प्रत्येक मनोकामना पूर्ण होती है। मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने मंदिर की ख्याति को विश्व में भर पहुंचा दिया है। वे भारतीयता व सनातन धर्म कर पताका विश्व भर में फहरा रहे हैं। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि कलियुग में भगवान विष्णु भगवान कल्कि के रूप में अवतार लेंगे और आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कल्कि धाम की स्थापना कर भगवान के आगमन व स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी हैं और धाम ही नहीं आसपास के क्षेत्र को भी पवित्र व भक्तिमय बना दिया है।ज आज कल्कि धाम विश्व के प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में अपन पहचान बना रहा है तो इसका श्रेय आचार्य प्रमोद कृष्णम को ही है। एस आर सुथार मीडिया प्रभारी श्रीदुधेश्वरनाथ

रविवार, 3 अगस्त 2025

जलाभिषेक से पूरे सावन मास व सावन के सभी सोमवार के जलाभिषेक का पुण्य प्राप्त होगा--श्रीमहंत नारायण गिरि

 


                          मुकेश गुप्ता

सावन के अंतिम सोमवार को सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में उमड़ेगा भक्तों का सैलाब

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज की अध्यक्षता में जलाभिषेक के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं

 सावन के अंतिम सोमवार को भगवान दूधेश्वर के 

 गाजियाबादःसावन मास समापन की ओर है। कल सावन मास का अंतिम सोमवार है और  सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में सावन के अंतिम सोमवार को भक्तों की भीड़ उमड़ेगा। देश भर के भक्तों भगवान दूधेश्वर नाथ का दर्शन.पूजन कर उनका गंगाजल से अभिषेक करेंगे। जलाभिषेे के दौरान भक्तों को कोई परेशानी ना हो, इसके लिए मंदिर के पीठाधीश्वर, श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता व दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज की अध्यक्षता व मार्गदर्शन में विशेष तैयारियां की गई हैं। जिला.पुलिस प्रशासन व नगर निगम के साथ मंदिर के स्वयंसेवक भी व्यवस्थाओं में पूर्ण सहयोग देंगे। मंदिर के मीडिया प्रभारी एस आर सुथार ने बताया कि सावन के अंतिम सोमवार भगवान दूधेश्वर नाथ के जलाभिषेक हेतु मंदिर में देश भर से भक्त पहुंचेंगे। इस बार भीड सावन के तीनों सोमवार की अपेक्षा और अधिक रहेगी। इसी के चलते मंदिर में इस बार खास तैयारियां की गई। रात्रि 10 बजे से भक्तों की कतारें लग जाएंगी। सबसे पहले श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज पूजा.अर्चना कर भगवान दूधेश्वर का अभिषेक करेंगेए उसके बाद रात्रि 12 बजे के बाद मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे। रात्रि 3 बजे भगवान का भव्य श्रृंगार होगा। प्राचीन देवी मंदिर द्वारका पुरी दिल्ली गेट के महंत गिरिशानंद गिरि महाराज ने धूप आरती व दीप आरती करेंगे व भगवान को छप्पन भोग लगाया जाएगा। सांय 7 बजे भी भगवान का भव्य श्रृंगारए अभिषेकए आरती होगी और छप्पन भोग लगाया जाएगा। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि सावन का अंतिम सोमवार उन भक्तों के लिए भगवान दूधेश्वर की पूजा का स्वर्णिम अवसर है, जो किसी कारणवश सावन माह या सावन के सोमवार को उनका दर्शन.पूजन नहीं कर पाए। अंतिम सोमवार को भगवान दूधेश्वर की पूजा.अर्चना व जलाभिषेक पूरे सावन माह व सभी सोमवार के फल की प्राप्ति होगी। स्वार्थ सिद्धि योग, ब्रहम योग, इंद्र योग, अनुराधा नक्षत्र, चित्रा नक्षत्र जैसे शुभ संयोग के चलते सावन का अंतिम सोमवार और भी खास हो गया है। सबसे विशेष बात यह होगी कि 4 अगस्त को सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरूआत प्रातः 11 बजकर 41 मिनट से शुरू हो जाएगी और इसका समापन 5 अगस्त को दोपहर 1से 3 बजे तक रहेगी। ऐसे में एकादशी तिथि भी रहेगी जिससे भक्तों को भगवान विष्णु की कृपा भी प्राप्त होगीए हालांकि सूर्योदय कालीन एकादशी होने की वजह से एकादशी व्रत 5 अगस्त को रखा जाएगा।  महाराजश्री ने कहा कि ऐसी कन्याएं जिनका विवाह नहीं हो पा रहा है, वे सावन के अंतिम सोमवार को व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करें और दूध, दही, गंगाजल, शहद आदि से भगवान का अभिषेक करें, उन्हें योग्य जीवन साथी की प्राप्ति होगी। इसके अलावा जिस मनोकामना के साथ सावन के अंतिम सोमवार को भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना की जाएगी, वह अवश्य पूर्ण होगी।

जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, इंदिरापुरम में राजधानी युवा संसद ग्लोबल पंचायत 2.0 का आयोजन किया गया






                          मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । राजधानी युवा संसद, जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, इंदिरापुरम के सहयोग से 'ग्लोबल पंचायत 2. O’ का आयोजन कर रहा है। यह आयोजन 3-4 अगस्त 2025 को जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, इंदिरापुरम में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। विद्यालय के चेयरमैन जे. के. गौड़, डायरेक्टर  वरुण गौड़ एवं प्रधानाचार्या श्रीमती निधि गौड़ ने स्मृति चिह्न व पुष्प गुच्छ भेंट कर मुख्य अतिथि  राम निवास गोयल, पूर्व वक्ता, दिल्ली विधानसभा का स्वागत किया। विद्यालय के चेयरमैन  जे. के. गौड़, ने अपने सम्बोधन में कहा, "इस तरह के मंच युवाओं को वैश्विक चुनौतियों पर अपने विचार प्रकट करने और समाधान ढूंढने का अद्वितीय अवसर प्रदान करते हैं। आज की युवा पीढ़ी को सिर्फ शिक्षा ही नहीं, बल्कि वैश्विक दृष्टिकोण भी चाहिए, ताकि वे भविष्य के नेता बन सकें। 'ग्लोबल पंचायत 2.0' ऐसे ही मंचों में से एक है, जो छात्रों में नेतृत्व क्षमता, विचारों की स्पष्टता और जिम्मेदारी का भाव पैदा करता है।" विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती निधि गौड़ ने कहा, "हमारे छात्रों को इस आयोजन से न केवल बौद्धिक विकास मिलेगा, बल्कि उन्हें व्यावहारिक दुनिया के बारे में भी समझने का मौका मिलेगा। यह आयोजन उन्हें निर्णय लेने, संवाद करने और नेतृत्व करने के कौशल विकसित करने में मदद करेगा, जो उनके भविष्य में अत्यधिक महत्वपूर्ण होंगे।"

इस दो दिवसीय सम्मेलन में 7 प्रमुख समितियों जैसे- लोकसभा, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC), अखिल भारतीय राजनीतिक दलों की बैठक (AIPPM), ऐतिहासिक हितधारकों की बैठक (HSM), अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC), भारतीय चिकित्सा संघ (IMA), अंतरराष्ट्रीय प्रेस का गठन किया गया है, जिनमें विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की गई|

इस आयोजन में केवल जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने ही नहीं, बल्कि विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने विचारों व नेतृत्व क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। यह सहभागिता आयोजन को और अधिक विविधतापूर्ण व समृद्ध बनाती है।

‘ग्लोबल पंचायत 2.0’ निश्चित ही एक ऐसा मंच सिद्ध हुआ है, जिसने छात्रों में वैश्विक मुद्दों की समझ, नेतृत्व, समन्वय, और संवाद जैसे महत्वपूर्ण गुणों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।





रोटरी क्लब ग़ाज़ियाबाद विकास द्वारा आयोजित झूलोत्सव फरेगरेंस ड्रीम होम्स सिद्धार्थ विहार मे धूमधाम से मनाया






                        मुकेश गुप्ता

ग़ाज़ियाबाद । सावन  की हरियाली और रिमझिम फुहारों के बीच रोटरी क्लब ग़ाज़ियाबाद विकास द्वारा आयोजित झूलोत्सव 2 अगस्त शनिवार को बड़े हर्षोल्लास एवं भक्ति भाव से फरेगरेंस ड्रीम होम्स सिद्धार्थ विहार ग़ाज़ियाबाद मे सम्पन्न हुआ । 

          माधो गोपाल दास (गोवर्धन मथुरा से) और उनकी मंडली द्वारा प्रस्तुत राधा-कृष्ण के मधुर भजन इतने मनोहारी रहे कि सभी अतिथि नृत्य करने को विवश हो गए। पूरा माहौल कृष्ण भक्ति में सराबोर रहा । कार्यक्रम के दौरान राधा रानी का सिंधारा प्रसंग के समय रोटरी परिवार की महिलाएं सिर पर भरे हुए थालों के साथ राधा रानी के स्वागत में आईं, तो पूरा माहौल भक्ति रस से सराबोर हो गया।

   यह आयोजन न केवल एक सामाजिक उत्सव था, बल्कि राधा-कृष्ण भक्ति के रंग में रँगा हुआ एक आध्यात्मिक अनुभव भी रहा। रोटरी क्लब ग़ाज़ियाबाद विकास की यह पहल निश्चित ही समाज में सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देने वाली रही।

            कार्यक्रम का संचालन कमलेश गर्ग , शिखा माहेश्वरी व चम्पा जिन्दल  ने  किया। रोटरी अध्यक्ष कैलाश चन्द गोयल ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सबका अभार व्यक्त किया , विशेष रूप से अनिल गर्ग व कमलेश गर्ग  का उनके विशेष सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया । 

             सचिव रो० कैलाश मंगला व कल्पना मंगला ने  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भूषण चौहान व सहायक गवर्नर मोहिन्दर सिंह का स्वागत किया । कार्यक्रम में मुख्य रूप से रो० विनीत माहेश्वरी, रो० संजय गर्ग, रो० विजय जिन्दल  , रो० सतीश गर्ग, रो० अनिल गर्ग, रो० सहदेव भारद्वाज, रो० , श्याम कोहली, नलिन गोयल , रो० विजय जिन्दल, बी. के. बंसल , मोती लाल अग्रवाल , रो० शील गर्ग, रो० नरेश जिन्दल, रो० राम अवतार जिन्दल, रो० आनन्द प्रकाश, रो० अशोक अग्रवाल, रो० अरविंद गर्ग, दिनेश गर्ग, सतीश अग्रवाल, सुनील गर्ग,नवीन खुराना, चम्पा जिन्दल, सरोज बंसल , मोनिका गर्ग, कल्पना मंगला ,निर्मल गोयल , रचना खुराना , शिखा माहेश्वरी,कमलेश गर्ग, अंजू अग्रवाल, अनिता भारद्वाज,मनीषा गर्ग , रीमा गुप्ता , अर्चना अग्रवाल, सोमलता गर्ग , रितू जिन्दल, कमलेश गर्ग , दिव्या अग्रवाल, प्रिति सिंघल, कमलेश अग्रवाल, नीलम गर्ग , तूलिका गर्ग,आरूषी गोयल , दया अग्रवाल ने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ायी । रो ० संजय अग्रवाल  ने सबका अभार व्यक्त किया ।



केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने संजीव गुप्ता को व्यापारी भामाशाह पुरस्कार से किया सम्मानित

 








                        मुकेश गुप्ता

समरकूल ग्रुप की बढ़ती ग्रोथ और ऐसी, रेफ्रिजरेटर की शुरुआत के लिए भारतीय उधोग व्यापार मण्डल के स्थापना दिवस पर दिल्ली में किया सम्मानित

गाजियाबाद । रविवार को दिल्ली के आकाशवाणी भवन के सभागार में भारतीय उधोग व्यापार मण्डल की स्थापना के 44 वर्ष पूर्ण होने पर स्थापना दिवस के अवसर पर संगठन की ओर से आयोजित व्यापारी सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  सुनील सिंघी के द्वारा समरकूल ग्रुप के चेयरमैन और उत्तर प्रदेश उधोग व्यापार मण्डल (उधोग मंच) के प्रदेश अध्यक्ष संजीव कुमार गुप्ता को व्यापारी भामाशाह पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। तथा देश भर के 28 प्रांतों से आये संगठन के प्रतिनिधियों ने व्यापारियों की समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा की। जिनके निवारण हेतु केन्द्र सरकार की ओर से व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुनील सिंघी ने व्यापारियों को आस्वस्त किया। इसके पश्चात देश के विकास और जीडीपी में भामाशाह के रूप में अपना अहम योगदान करने वाले स्थापित व्यापारियों को व्यापारी भामाशाह पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्ति पर संजीव कुमार गुप्ता ने भारतीय उधोग व्यापार मण्डल का धन्यवाद देते हुए अपने प्रदेश अध्यक्ष मुकुन्द मिश्रा का भी आभार प्रकट किया। इस कार्यक्रम में संगठन के हजारों पदाधिकारियों ने भाग लिया।

जब हम पौधे लगाते हैं, तो धरती से मित्रता का एक पवित्र बीज भी बोते हैं--स्वामी चिदानन्द सरस्वती

 


अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस 2025*

थीम, सेतु निर्माण-आइए, प्रकृति के साथ करें मित्रता का सेतु निर्माण

ऋषिकेश। अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस की इस वर्ष की थीम है सेतु निर्माण है जो यह प्रेरणा देती है कि मित्रता केवल व्यक्तियों के बीच नहीं, बल्कि संस्कृति, समुदाय, देश और प्रकृति के साथ भी एक आत्मीय संबंध बनाकर सहअस्तित्व की दिशा में बढ़ा जा सकता है।

अन्तर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस पर आज जब विश्व एक ओर तकनीक और प्रगति की ऊँचाइयों को छू रहा है, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक असंतुलन, जलवायु परिवर्तन, और पर्यावरणीय संकट जैसे मुद्दे मानवीय जीवन को चुनौती दे रहे हैं। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि हम केवल इंसानों के साथ ही नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ भी मित्रता का सेतु बनाएं।

हमारी सनातन संस्कृति में प्रकृति केवल संसाधन नहीं, बल्कि माता है। अन्तर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस हमें यह अवसर देता है कि हम अपने जीवन के सबसे पुराने मित्र प्रकृति के साथ संबंधों को पुनः स्मरण करें, उसका संरक्षण करें और उसके साथ सामंजस्य स्थापित करें।

सेतु निर्माण अर्थात् केवल दो व्यक्तियों या समुदायों के बीच पुल बनाना नहीं है, बल्कि मानव और प्रकृति के बीच भी एक ऐसा भावनात्मक, व्यवहारिक और स्थायी पुल बनाना है जो हमें एक-दूसरे के पूरक बनाता है।

स्वामी जी ने कहा कि जब हम पौधे लगाते हैं, तो हम केवल हरियाली नहीं बढ़ाते, बल्कि धरती से मित्रता का एक पवित्र बीज भी बोते हैं। यह बीज न केवल वृक्ष बनकर छाया, ऑक्सीजन और फल देता है, बल्कि यह हमारे भीतर प्रकृति के प्रति करुणा, संवेदना और जिम्मेदारी की भावना भी जाग्रत करता है। एक छोटा सा पौधा हमारे और धरती के बीच एक स्थायी संबंध का प्रतीक बन जाता है। यह हमें सिखाता है कि सच्ची मित्रता वह है जो निःस्वार्थ हो, जो जीवनदायिनी हो, और जो आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेम और सुरक्षा प्रदान करे।

जब हम जल की बूँद बचाते हैं, तो हम नदियों से मित्रता निभाते हैं और जब हम प्लास्टिक मुक्त जीवन जीते हैं, तो हम वायु, जल और धरती तीनों के प्रति सम्मान प्रकट करते हैं।

आईये आज मित्रता दिवस के अवसर पर एक पौधा अपने प्रिय मित्र के नाम पर लगाये। अपने मित्रों को पर्यावरण संवेदनशील उपहार बीज बम, पौधे या पुनः उपयोगी वस्तुएं दें।

अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस पर आइए, प्रकृति के साथ भी सेतु बनाएं और जीवन को हरित मित्रता से जोड़ें। जहां सेतु होंगे, वहीं समरसता होगी। जहां समरसता होगी, वहीं शांति और समृद्धि होगी। आइए, मित्रता को एक नई दिशा दें एक ऐसी दिशा जो प्रेमपूर्ण संबंधों और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता से युक्त हो।

शनिवार, 2 अगस्त 2025

हमारा तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, यह भारत माता की आत्मा का प्रतीक--स्वामी चिदानन्द सरस्वती

 


🇮🇳तिरंगे के जनक श्री पिंगली वेंकय्या जी की जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि

✨परमार्थ निकेतन गंगा जी की आरती श्री पिंगली वेंकय्या जी को की समर्पित

ऋषिकेश, 2 अगस्त। आज भारतवर्ष पिंगली वेंकय्या जी की 147वीं जयंती मना रहा है। वह महान व्यक्तित्व जिन्होंने भारत के राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगे’ की परिकल्पना कर देश को एक ऐसी पहचान दी, जो आज हमारी अस्मिता, आत्मसम्मान और अखंडता का प्रतीक है। उनका जीवन राष्ट्रसेवा, विज्ञान, और मातृभूमि के प्रति अद्वितीय समर्पण की प्रेरक गाथा है।

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि वेंकय्या जी एक सच्चे राष्ट्रभक्त थे। स्वदेशी आंदोलन से प्रेरित होकर उन्होंने न केवल विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार किया, बल्कि कपास की कृषि में शोध कार्य भी प्रारंभ किया। उन्होंने अमेरिका से कंबोडियन कपास के बीज मंगवाकर भारतीय कपास के साथ क्रॉस-ब्रीडिंग की और एक नई हाइब्रिड कपास की किस्म विकसित की, जिसे वेंकय्या कपास के नाम से जाना गया।

वेंकय्या जी का सबसे महान योगदान भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की परिकल्पना और निर्माण है। स्वतंत्रता संग्राम के समय, एक राष्ट्रीय ध्वज की आवश्यकता महसूस की जा रही थी जो देशवासियों को एक सूत्र में बाँध सके। 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने जिस ध्वज को भारत का राष्ट्रीय ध्वज घोषित किया, उसका मूल आधार पिंगली वेंकय्या जी का ही डिजाइन था।

स्वामी जी ने कहा कि आज जो तिरंगा हम गर्व से फहराते हैं, वह न केवल हमारी संप्रभुता का प्रतीक है, बल्कि उसमें वेंकय्या जी के तप, परिश्रम और देशभक्ति की जीवंत भावना समाहित है।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि हमारा तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, यह भारत माता की आत्मा का प्रतीक है। इसका प्रत्येक रंग और चिह्न हमारे जीवन मूल्यों और राष्ट्रीय आदर्शों का सजीव चित्रण है। केसरिया रंग वीरता, त्याग और बलिदान की भावना को दर्शाता हैय सफेद रंग शांति, सत्य और समरसता का प्रतीक हैय हरा रंग जीवन, समृद्धि और उन्नति की प्रेरणा देता है और मध्य में स्थित अशोक चक्र 24 तीलियों वाला यह चक्र सतत् कर्म और धर्म के पथ पर आगे बढ़ने का संदेश देता है।


युवाओं के लिए तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि एक आह्वान है देश के लिए जीने, सीखने, संघर्ष करने और कुछ कर दिखाने का। यह हमें याद दिलाता है कि हम उस भूमि के वासी हैं, जहाँ भगत सिंह ने हँसते-हँसते फाँसी को गले लगाया, जहाँ नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा कहा।

आज जब भी तिरंगा लहराता है, हर युवा का हृदय गर्व से भर उठता है। आइए, तिरंगे को केवल हाथों में नहीं, दिलों में उठाएँ और अपने कर्म, चरित्र और संकल्प से भारत को विश्वगुरु बनाएं।

आज, जब हम हर घर तिरंगा जैसे अभियानों के माध्यम से तिरंगे को आमजन से जोड़ते हैं, तब यह आवश्यक है कि हम बच्चों और युवाओं को बताएं कि इस तिरंगे की प्रेरणा और परिकल्पना किस महापुरुष की देन है। पिंगली वेंकय्या जी केवल झंडे के निर्माता नहीं, बल्कि भारत की आत्मा के चितेरे थे। उन्होंने हमें वह प्रतीक दिया जिसने देश को स्वतंत्रता की राह पर एकजुट किया और आज भी हम सबको एक सूत्र में बाँधता है।

उनकी जयंती पर भारत उन्हें शत-शत नमन करता है। आइए, इस अवसर पर संकल्प लें कि हम तिरंगे के गौरव को न केवल अपने हाथों में बल्कि अपने हृदय में भी धारण करें, और वेंकय्या जी जैसे राष्ट्रसेवकों के जीवन से प्रेरणा लेते हुए देश की सेवा में तत्पर रहें।