डीपीएसजी प्रबंधन की मनमानी के आगे जिला प्रशासन बेबस , मांगा चार दिन का समय
गाजियाबाद । जिले के बड़े नामी स्कूल दिल्ली पब्लिक स्कूल गाजियाबाद, मेरठ रोड द्वारा स्कूल समय में 2 घंटे का अतिरिक्त समय जोड़ने को लेकर इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन के नेतृत्व में डीपीएसजी के लगभग 500 से 600 अभिभावकों ने स्कूल समय को रोल बैक करने के लिए 7 घंटे का मैराथन प्रदर्शन जिला मुख्यालय पर किया । प्रदर्शन के दौरान स्कूल प्रबंधन के खिलाफ अभिभावकों ने जबरदस्त नारे बाजी की । जिसके बाद जिलाधिकारी की तरफ से सिटी मजिस्ट्रे पेरेंट्स से वार्ता करने आए इस दौरान इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन द्वारा स्कूल समय को लेकर न्यू एजुकेशन पॉलिसी 2020 , नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क जो सभी स्कूलों पर लागू होता है उत्तर प्रदेश सरकार के महानिदेश शिक्षा का आदेश और तमाम साक्ष्य दिखाए जिस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक और सिटी मजिस्ट्र के पास कोई जवाब नहीं था । सिटी मजिस्ट्रे की तरफ से 5 पेरेंट्स को डीएम के साथ मीटिंग करने के लिए बोला गया लेकिन पेरेंट्स ने साफ मना कर दिया कि वार्ता सभी अभिभावकों के सामने होगी । और अंत तक जिला अधिकारी अभिभावकों से मिलने बाहर नहीं आए और लगभग 2.30 बजे कार्यालय से बिना पेरेंट्स से मिले ही चले गए जिसको लेकर पेरेंट्स में रोष व्याप्त हो गया और पेरेंट्स से नारे बाजी और तेज कर दी । पुलिस प्रशाशन द्वारा पेरेंट्स को दबाव में लेने के लिए एफआईआर से लेकर पीएससी बुलाने की धमकी दी गई लेकिन आईपीए के नेतृत्व के कारण पेरेंट्स दबाव में नहीं आए । पेरेंट्स की एकजुटता के आगे प्रशासन के हाथ पैर फूल गए जिसके बाद एक बार मीटिंग करने की कवायद चली और अंत में जिला प्रशासन द्वारा समाधान निकालने के लिए चार दिन का समय मांगा गया । सिटी मजिस्ट्रे बीएसए, और डीआईओएस ने बताया कि सीबीएसई और एनसीआरटी को जिलाधिकारी द्वारा पत्र भेजा जा रहा है हम जल्दी ही इस समस्या का समाधान करेंगे । हालांकि पेरेंट्स का कहना है कि क्या जिला अधिकारी और शिक्षा अधिकारियों के पास इतनी पावर नहीं की वो स्कूल से पूछ सके कि आखिर किसके आदेश से उन्होंने स्कूल के समय में दो घंटे का समय बढ़ाया है खबर ये भी है खुद डीएम साहब का बच्चा भी इसी स्कूल का विद्यार्थी है अब देखना यह कि क्या जिला प्रशासन और अधिकारी डीपीएसजी जैसे नामी स्कूल पर कार्रवाई कर पाएगा या अदृश्य दबाव में झुक जाएंगे । आज पेरेंट्स की एकता हमें जब दिखाई दी जब अधिकतर पेरेंट्स ने अपने बच्चे स्कूल नहीं भेजे और स्कूल की बस खाली ही गई पेरेंट्स का कहना है कि हमारी लड़ाई न्याय मिलने तक जारी रहेगी और जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता तब तक हम ना तो अपने बच्चों को स्कूल भेजेंगे और ना ही स्कूल के दबाव में झुकेंगे । हम आईपीए के साथ मिलकर आगे लड़ने की रणनीति बनायेंगे अगर हमें डीएम और शिक्षा अधिकारियों से न्याय नहीं मिलेगा तो हम दिल्ली कुच करेंगे ।



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