बुधवार, 1 अप्रैल 2026

लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट ने ज्ञानपीठ केन्द्र“ 1 पर भगवान महाबीर का जन्मोत्सव” ”मानव कल्याण, शांति, अहिंसा दिवस” के रूप में मनाई




मुकेश गुप्ता

 गाजियाबाद/साहिबाबाद । लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा “ज्ञानपीठ केन्द्र“ 1, स्वरुप पार्क जी0 टी0 रोड साहिबाबाद के प्रांगण में मंगलवार को “भगवान महाबीर का जन्मोत्सव” ”मानव कल्याण, शांति, अहिंसा दिवस” के रूप में आयोजित किया गया, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महान कवि अवधेश कुमार मिश्र एडवोकेट रहे, अध्यक्षता डा0 देवकर्ण चौहान ने, आयोजन इंजी0 धीरेन्द्र यादव, संचालन श्रमिक नेता अनिल कुमार मिश्र ने किया। कार्यक्रम में लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट के संस्थापक/अध्यक्ष राम दुलार यादव शिक्षाविद मुख्य वक्ता के रूप में शामिल रहे, कार्यक्रम में शामिल सभी साथियों ने जैन धर्म के 24वें तीर्थांकर महाबीर स्वामी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें स्मरण करते हुए उनके सन्देश को जन-जन में पहुचाने तथा उनके द्वारा दिये गये प्रेरणादायक विचार पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को कैलाश चन्द्र, जगन्नाथ प्रसाद ने भी संबोधित किया। राजेन्द्र सिंह ने पाखंड पर तथा हुकुम सिंह ने गीत के माध्यम से नफरत पर चोट कर सद्भाव और प्रेम का सन्देश दिया।

           भगवान महाबीर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी विचारक राम दुलार यादव शिक्षाविद ने कहा कि “महाबीर स्वामी द्वारा दिये गये उपदेश मानव जाति के कल्याण के लिए आज भी प्रासंगिक हैं” उन्होंने सामज में व्याप्त विषमता, हिंसा, कुरीतियों, छुवाछूत, जातिवाद और धार्मिक पाखंड का घोर विरोध किया, वह मानव द्वारा मानव के शोषण के विरोधी रहे, लेकिन आज विश्व के विकसित देश, विकासशील या अविकसित देशों के संसाधनों की लूट और शोषण कर रहे है, अपनी महत्वकांक्षा को पूरा करने के लिए मानवता को हिंसाग्रस्त कर रौद रहे है, भगवान महाबीर के सिद्धांतों के विपरीत आचरण करने से धन संग्रह करने की लूट मची है, सत्य का स्थान झूठ ने ले लिया है, अनाचार, अन्याय, अत्याचार से पूरा विश्व त्रस्त है, आतंक मचा है, वर्तमान समय में भगवान महाबीर के सिद्धांतों और जीवन शैली तथा नैतिक आचरण अपनाने से ही विश्व शांति संभव है, हमें उनके बताए मार्ग को अपने जीवन में उतारना चाहिए, तभी मानव कल्याण, शांति, अहिंसा का वातावरण देश, विदेश में बन सकता है, आज देश, समाज को दिशा देने वालों को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए, नहीं तो झूठ, लूट, संचय, हिंसा और अनाचार का साम्राज्य मानवता को निगलकर नष्ट कर देगा।

               कार्यक्रम में प्रमुख रूप शामिल रहे, राम दुलार यादव, कैलाश चन्द्र,  अवधेश कुमार मिश्र, डा0 देवकर्ण चौहान, सम्राट सिंह, ओम प्रकाश अरोड़ा, झारखंडे गुप्ता, एस0 एन0 जायसवाल, वीर सिंह सैन, राम नयन यादव, विजय भाटी एडवोकेट, ताहिर अली, अनिल कुमार मिश्र,  रवि चौहान, राजेन्द्र सिंह, ब्रह्म प्रकाश, मुनीव यादव, जगन्नाथ प्रसाद, मो0 सलाम, हरिकृष्ण, प्रेम चन्द पटेल, हुकुम सिंह, फूल चन्द पटेल, अमृत लाल चौरसिया, उधम सिंह आदि।


                                                                                              


                                                                                          

                                                                                         

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