क्रॉसर: बिना चीरे दूरबीन विधि से ऑपरेशन, तेजी से रिकवरी और सुनने की क्षमता में सुधार
गाज़ियाबाद। अवेकनिंग इंडिया फाउंडेशन और हर्ष ईएनटी हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नि:शुल्क ईएनटी कैंप का समापन समारोह सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह कैंप लगातार जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए राहत का माध्यम बनकर उभरा है। शिविर के दसवें दिन तक कुल 111 मरीजों के कान के पर्दे सफलतापूर्वक बनाए गए, जो अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है।
इस विशेष शिविर में एंडोस्कोपिक कार्टिलेज टिंपनोप्लास्टी जैसी अत्याधुनिक सर्जिकल तकनीक का उपयोग किया गया। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बिना बड़े चीरे के ही दूरबीन विधि के माध्यम से कान के पर्दे की मरम्मत की जाती है। इससे मरीजों को कम दर्द होता है और उनकी रिकवरी भी तेजी से होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रक्रिया से मरीजों की सुनने की क्षमता में भी काफी सुधार देखने को मिलता है, जो उनके जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है।
कैंप का मुख्य उद्देश्य उन मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना रहा, जो आर्थिक तंगी के कारण महंगे इलाज का खर्च वहन नहीं कर पाते। इस पहल के तहत मरीजों को नि:शुल्क जांच, परामर्श, सर्जरी और दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही ऑपरेशन के बाद की देखभाल और जरूरी सावधानियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि मरीज जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ हो सकें।
इस कैंप में प्रोफेसर (डॉ.) ब्रजपाल त्यागी के नेतृत्व में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने लगातार सेवाएं दीं। टीम में डॉ. नितिन, डॉ. गरिमा, डॉ. महादेव, डॉ. अर्जुन और सैफी सहित अन्य स्टाफ सक्रिय रूप से जुड़े रहे। सभी चिकित्सकों ने आधुनिक उपकरणों और उन्नत तकनीकों का उपयोग करते हुए सुरक्षित और सटीक ऑपरेशन किए। टीम की मेहनत और समर्पण के चलते शिविर में आने वाले अधिकांश मरीजों को सफल उपचार मिल सका।
डॉ. त्यागी ने बताया कि इस तरह के स्वास्थ्य शिविर समाज के लिए बेहद जरूरी हैं, क्योंकि इससे उन लोगों को भी समय पर इलाज मिल पाता है, जो संसाधनों की कमी के कारण इलाज से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में और अधिक मरीजों के ऑपरेशन किए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस सुविधा का लाभ मिल सके।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और इसे समाज के लिए एक सराहनीय कदम बताया। उनका कहना है कि इस प्रकार के नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। ऐसे प्रयास न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


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