गाजियाबाद/ साहिबाबाद । ज्ञान पीठ केन्द्र 1, स्वरुप पार्क जी0 टी0 रोड साहिबाबाद के प्रांगण में लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा सामाजिक क्रान्ति के अग्रदूत, रुढ़िवाद, पाखंड के घोर विरोधी, मानवतावादी, महामानव महात्मा ज्योति राव फूले का जन्म दिन समारोह “सामाजिक, शैक्षणिक क्रान्ति दिवस” के रूप में बड़े उल्लास के साथ मनाया गया, सभी कार्यक्रम में शामिल विद्वानगणों ने चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें स्मरण करते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व की सराहना की तथा उनके द्वारा दिखाए गये मार्ग का अनुशरण करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी चिन्तक राम दुलार यादव शिक्षाविद मुख्य वक्ता ने कहा कि महात्मा ज्योति राव फूले के बारे में डा0 अम्बेदकर ने लिखा है कि वह “भगवान बुद्ध, संत कबीर के बाद तीसरे हमारे पथ-प्रदर्शक रहे हैं“ उन्होंने उस समय सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्रान्ति का बिगुल बजाया जब भारतीय समाज की बहुसंख्यक जनता दुर्गति की चक्की में पिस रही थी, मानव जीवन विपिन्नावस्था की अँधेरी सुरंग में पहुँच गया था, उनकी अज्ञानता, अशिक्षा, बेबसी, लाचारी, और भय का लाभ उठाकर अंधविश्वासी, पाखंडी, सामंती, पुरोहितवादी ताकतें उनकी मेहनत की कमाई का दोहन कर अपना स्वार्थ सिद्ध करने में लगी हुई थी, पूरा समाज शोषण, अन्याय, अत्याचार के बोझ से कराह रहा था, स्वर्ग, नर्क, पाप, पुन्य का डर दिखा समाज के पिछड़े, दलित, शोषित, पीड़ित जन और महिलाओं को शिक्षा से वंचित किया जा रहा था, उस समय महात्मा ज्योति राव फूले ने हर प्रकार के शोषण, अन्याय, अत्याचार, अनाचार और धार्मिक पाखंड का घोर विरोध करते हुए लोगों में सामाजिक समता, शैक्षणिक क्रान्ति की ज्वाला प्रज्जवलित करने के लिए कमजोर वर्गों और महिलाओं के लिए स्कूल खोले, चिकित्सा की सुविधा प्रदान की तथा सामाजिक रुढ़िवाद, कुरीतियों से विधवा तथा नवजात बच्चों के संरक्षण की व्यवस्था की, विषमता दूर करने के लिए अपमान सहते हुए अपना जीवन लगा दिया ।
श्री यादव ने कह कि आज भी 21वीं शदी में विश्व प्रसन्नता सूचकांक में हम 147 देशों में 116 वें स्थान पर है, धार्मिक पाखंड चरम सीमा पर है, असमानता सुरसा के मुंह की तरह बढ़ रही है, 1% भारत के लोग 40% से अधिक संपत्ति पर कब्ज़ा कर लिए है, गरीबी, मंहगाई, बेरोजगारी बढ़ रही है, शिक्षा और चिकित्सा आम आदमी की पकड़ से बाहर हो गयी है, हमें महात्मा ज्योति राव फूले के विचार से प्रेरणा लेकर देश के कमजोर वर्गों, महिलाओं और बच्चों को मुख्य धारा में लाने की व्यवस्था करें, तभी इन महापुरुषों का सपना साकार होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डा0 देवकर्ण चौहान ने, संचालन श्रमिक नेता अनिल मिश्र ने, आयोजन इंजी0 धीरेन्द्र यादव ने किया | राम प्यारे यादव, जगन्नाथ प्रसाद, कैलाश चन्द्र ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया, राजेन्द्र सिंह, हुकुम सिंह महात्मा के सम्मान में गीत प्रस्तुत किया, विनोद त्रिपाठी ने ज्ञानपीठ सन्देश सुना सभी को आत्मविभोर कर दिया, श्रद्धा सुमन अर्पित करने वाले प्रमुख रहे, विश्वनाथ यादव, देवमन यादव, महेन्द्र यादव, फूल चन्द पटेल, शम्भुनाथ जायसवाल, अमृत लाल चौरसिया, राजेन्द्र, विनोद कुमार, ब्रह्म प्रकाश, मुनीव यादव, कृष्णानंद यादव, सम्राट सिंह, ओम प्रकाश अरोड़ा, शिवानन्द चौबे, विजय भाटी एडवोकेट, डी0 के0 सिंह, अनिल मिश्र, कैलाश चन्द्र, राम प्यारे यादव, जगन्नाथ प्रसाद, ताहिर अली, विकास कुमार, अमर बहादुर, रोहित, हरिकृष्ण, प्रेम चन्द पटेल आदि शामिल रहे।



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