गाजियाबाद । भारत रत्न संविधान शिल्पी डा. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से सफल बनाने तथा कार्यक्रम में उत्कृष्ट सहयोग के लिए डा भीमराव अंबेडकर जनकल्याण समिति ने सभी आयोजकों और सहयोगियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों ने क्षेत्रीय पार्षद नरेश कुमार जाटव के आवास पर पहुंचकर उन्हें पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया। साथ ही बाबा साहेब की प्रतिमा भेंट कर उनका स्वागत किया। पार्षद की धर्मपत्नी को भी सम्मान प्रदान किया गया।
पार्षद नरेश कुमार जाटव ने समिति पदाधिकारियों को बधाई देते हुए बाबा साहेब के आदर्शों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पी थे, जिन्होंने दलितों और वंचितों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उन्होंने छुआछूत के खिलाफ अभियान चलाया, पूना पैक्ट के माध्यम से दलितों को आरक्षण दिलाया और 1956 में नागपुर में लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म ग्रहण किया। स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री के रूप में उन्होंने संविधान सभा में समानता, स्वतंत्रता और न्याय के सिद्धांतों को मजबूत आधार प्रदान किया। उनके विचार आज भी सामाजिक न्याय की प्रेरणा हैं। इस सम्मान समारोह ने बाबा साहेब के जीवन दर्शन को जीवंत करने का संदेश दिया, जो क्षेत्रवासियों के बीच उनके प्रति श्रद्धा को और गहरा करेगा। इस मौके पर गुलजारी लाल,महेश कुमार गौतम, प्रताप सिंह, (जे.ई. साहब), तेजवीर जाटव, राजेंद्र, ऋषिपाल , राम बाबू, राहुल , संजीव चौहान , बृजवीर् विक्रम, मनोज,चरण सिंह, सुशील,सीमा देवी, सुमन , मंजू गौतम,विम्लेश सावित्री जाटव आदि मौजूद रहे।


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें