बुधवार, 22 अप्रैल 2026

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने किया गोविन्दपुरम अनाज मंडी का औचक निरीक्षणः घटतौली से सम्बंधित ना हो कोई कमी, किसानों की सुविधा का रखा जाएं विशेष ध्यान: जिलाधिकारी




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । गोविंदपुरम अनाज मण्डी में व्यवस्थाओं को परखने के लिए जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने औचक निरीक्षण किया। उनके अचानक पहुंचने से मंडी प्रशासन और कर्मचारियों में हलचल मच गई। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और मंडी की समग्र व्यवस्था का वास्तविक आकलन करना था।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले किसानों के रुकने की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने देखा कि दूर-दराज से आने वाले किसानों के लिए ठहरने की पर्याप्त और साफ-सुथरी व्यवस्था है या नहीं। इसके बाद उन्होंने मंडी परिसर में यातायात और पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने वाहनों की आवाजाही को सुचारू बनाए रखने और अनावश्यक जाम से बचने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने घटतौली जैसी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तौल कांटों की जांच भी कराई। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी व्यापारी या कर्मचारी द्वारा घटतौली करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कहा कि तौल प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल सके।

इसके अलावा, उन्होंने विक्रेता किसानों के लिए खानपान की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसानों को स्वच्छ और उचित दरों पर भोजन उपलब्ध कराया जाए। शौचालय और विश्राम स्थलों की स्थिति का भी जायजा लेते हुए उन्होंने साफ-सफाई और नियमित रखरखाव के निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए और उनकी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। 

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने मंडी की व्यवस्थाओं के साथ-साथ अभिलेखों की भी गहन जांच की। उन्होंने मेंटेनेंस रजिस्टर, खाता बही, गेट रजिस्टर सहित अन्य महत्वपूर्ण रजिस्टरों का अवलोकन करते हुए उनके सही तरीके से संधारण और अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी रजिस्टर नियमित रूप से अपडेट किए जाएं और उनमें किसी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि न हो। उन्होंने कहा कि अभिलेखों का सही रख-रखाव पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बेहद आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि रिकॉर्ड में किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के इस पहलू से यह स्पष्ट हुआ कि प्रशासन मंडी की व्यवस्थाओं को न केवल भौतिक स्तर पर बल्कि दस्तावेजी स्तर पर भी मजबूत और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने खाद्यान्न भण्डारण व्यवस्था का भी बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने गोदामों में रखे गए अनाज की गुणवत्ता, रख-रखाव और सुरक्षा मानकों की स्थिति की जांच की। इस दौरान यह देखा गया कि अनाज को नमी, कीटों और अन्य नुकसान से बचाने के लिए निर्धारित मानकों का पालन हो रहा है या नहीं।  जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि भण्डारण स्थलों की नियमित सफाई और फ्यूमिगेशन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अनाज सुरक्षित और गुणवत्ता युक्त बना रहे। उन्होंने यह भी कहा कि गोदामों में उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे खाद्यान्न खराब न हो।

निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी मॉंदड़ ने मंडी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी व्यवस्थाएं पारदर्शी और किसान हित में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और उनकी शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए। इस औचक निरीक्षण से मंडी में व्यवस्थाओं को सुधारने की दिशा में एक सकारात्मक संदेश गया है।

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