बुधवार, 29 अप्रैल 2026

आई.टी.एस स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में “स्पिक मैके” के सहयोग से भव्य शास्त्रीय वाद्य संगीत कार्यक्रम का आयोजन

 





मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । आई.टी.एस स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, मोहन नगर, गाजियाबाद में 28 अप्रैल 2026 को “स्पिक मैके” के सहयोग से पीजीडीएम (2025–27) बैच के विद्यार्थियों के लिए एक अत्यंत भावपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक शास्त्रीय वाद्य संगीत कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के द्रोणाचार्य ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों के बीच भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रति रुचि को बढ़ावा देना और उन्हें महान कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति का अनुभव प्रदान करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ पं. राजेंद्र प्रसन्ना (ग्रैमी पुरस्कार विजेता, बांसुरी एवं शहनाई वादक) देवज्योति दास गुप्ता (तबला)  राम मोरावल (बांसुरी), आई.टी.एस एजुकेशन ग्रुप के निदेशक (पीआर)  सुरेंद्र सूद, आई.टी.एस स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के निदेशक प्रो. डॉ. अजय कुमार द्वारा परम्परागत रूप से द्वीप प्रज्जवलन के साथ हुआ, जो ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार का प्रतीक है। 

इस अवसर पर आई.टी.एस स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के निदेशक प्रो. डॉ. अजय कुमार एवं आई.टी.एस एजुकेशन ग्रुप के निदेशक (पीआर)  सुरेंद्र सूद द्वारा  मुख्य अतिथियों को पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट कर उनका औपचारिक स्वागत एवं सम्मान किया गया।

निदेशक प्रो. डॉ. अजय कुमार ने अपने स्वागत भाषण में भारतीय शास्त्रीय संगीत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के तेज़-तर्रार जीवन में सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ाव अत्यंत आवश्यक है और ऐसे कार्यक्रम छात्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण रहे प्रसिद्ध ग्राम्मी अवॉर्ड विजेता एवं बांसुरी एवं शहनाई वादन के महान कलाकार पंडित राजेंद्र प्रसन्न। उनके साथ तबला वादन में देवज्योति दास गुप्ता एवं बांसुरी पर राम मोरावल ने संगत दी। अपने प्रस्तुतीकरण से पूर्व पंडित राजेंद्र प्रसन्न ने अपने संगीत जीवन के कुछ प्रेरणादायक अनुभव साझा किए। उन्होंने वर्ष 2004 में लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में अपने ऐतिहासिक प्रदर्शन का उल्लेख किया, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई और आगे चलकर उन्हें ग्राम्मी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

इसके बाद प्रस्तुत हुआ मनमोहक संगीत सत्र, जिसमें पंडित राजेंद्र प्रसन्न, देवज्योति दास गुप्ता एवं राम मोरावल की तिकड़ी ने अद्भुत सामंजस्य के साथ शास्त्रीय रागों की प्रस्तुति दी। सुरों की गहराई, ताल की उत्कृष्टता और कलाकारों के बीच तालमेल ने पूरे ऑडिटोरियम में एक अलौकिक वातावरण का सृजन किया। समग्र रूप से यह कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा और सभी उपस्थित लोगों के लिए एक प्रेरणादायक एवं सांस्कृतिक रूप से समृद्ध अनुभव सिद्ध हुआ।

इस अवसर पर आई.टी.एस – द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ. आर. पी. चड्ढा ने इस गरिमामय सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे एक सराहनीय पहल बताया। वहीं, आई.टी.एस – द एजुकेशन ग्रुप के वाइस चेयरमैन श्री अर्पित चड्ढा ने समाज को सशक्त बनाने तथा सांस्कृतिक एवं सामाजिक मूल्यों के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया और कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं प्रदान की।

कार्यक्रम  के दौरान दर्शक मंत्रमुग्ध होकर प्रस्तुति का आनंद लेते रहे और लगातार तालियों से अपनी सराहना व्यक्त करते रहे। कार्यक्रम का समापन समूह छायाचित्र सत्र के साथ हुआ, जिसमें कलाकारों, अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों ने इस यादगार अवसर को संजोया।

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