रविवार, 9 अगस्त 2026

सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में 10 अगस्त को द्वितीय सोमवार, त्रयोदशी-प्रदोष और 11 अगस्त को चतुर्दशी एवं श्रावण शिवरात्रि पर लाखों शिवभक्त व कांवड़िये करेंगे जलाभिषेक-मंहत नारायण गिरीं

 


मुकेश गुप्ता
गाजियाबाद । ऐतिहासिक एवं पौराणिक सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में पवित्र श्रावण मास के अवसर पर श्रावण शिवरात्रि महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। मंदिर के पीठाधीश्वर परम पूज्य श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन निर्देशानुसार सभी धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न होंगे। श्रावण शिवरात्रि के पावन अवसर पर देश-विदेश से आने वाले लाखों शिवभक्त एवं कांवड़िये भगवान श्री दूधेश्वर नाथ महादेव का जलाभिषेक कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

मंदिर के मीडिया प्रभारी एस. आर. सुथार ने बताया कि विश्व को धर्म, करुणा, अहिंसा, मानवता, संस्कार, शांति एवं समरसता का संदेश देने के लिए श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज इन दिनों लंदन में आयोजित संत संसद में मुख्य अतिथि के रूप में भाग ले रहे हैं। महाराजश्री लंदन से ही कांवड़ मेले एवं श्रावण शिवरात्रि महोत्सव के लिए मंदिर में की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ले रहे हैं तथा आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान कर रहे हैं।




उन्होंने बताया कि मंदिर में हाजिरी के जल का अभिषेक रविवार शाम तक किया गया। त्रयोदशी एवं प्रदोष का जलाभिषेक सोमवार, 10 अगस्त को प्रातः 8 बजे से शुरू होगा। इसी दिन श्रावण मास का द्वितीय सोमवार होने के कारण मंदिर में लाखों शिवभक्त भगवान श्री दूधेश्वर नाथ महादेव का जलाभिषेक करेंगे।

चतुर्दशी एवं श्रावण शिवरात्रि पर जलाभिषेक मंगलवार, 11 अगस्त को प्रातः 6 बजे से शुरू होगा। पूरे दिन एवं रात्रि भगवान श्री दूधेश्वर नाथ महादेव का विशेष जलाभिषेक एवं पूजन किया जाएगा। श्रावण शिवरात्रि का व्रत भी मंगलवार को ही रखा जाएगा।

श्रावण शिवरात्रि के अवसर पर भगवान श्री दूधेश्वर नाथ महादेव का आठों प्रहर विशेष पूजन एवं अभिषेक विधि-विधान के साथ किया जाएगा। प्राचीन देवी मंदिर, दिल्ली गेट के महंत गिरिशानंद गिरि महाराज द्वारा भगवान दूधेश्वर की विशेष धूप-दीप आरती की जाएगी।

षष्ठम प्रहर का पूजन रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक, सप्तम प्रहर का पूजन रात्रि 11 बजे से 1 बजे तक तथा अष्टम प्रहर का पूजन रात्रि 2 बजे से प्रातः 4 बजे तक होगा। इस दौरान मंदिर परिसर भगवान भोलेनाथ के जयघोष, वैदिक मंत्रों एवं शिव आराधना से गुंजायमान रहेगा।

24 घंटे खुले रहेंगे मंदिर के कपाट

दो दिवसीय कांवड़ मेले के दौरान 10 अगस्त से 11 अगस्त तक मंदिर के कपाट 24 घंटे श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे, ताकि किसी भी भक्त अथवा कांवड़िये को दर्शन एवं जलाभिषेक में परेशानी न हो। कांवड़ियों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की जाएगी।

मंदिर के सभी स्वयंसेवक महाराजश्री के पावन सानिध्य एवं उनके निर्देशानुसार कांवड़ मेले और श्रावण शिवरात्रि पर्व को ऐतिहासिक एवं यादगार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। स्वयंसेवक 24 घंटे श्रद्धालुओं एवं कांवड़ियों की सेवा में तत्पर रहेंगे।

मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज धर्म गर्ग ने श्रद्धालुओं का आह्वान किया कि वे श्रद्धा, संयम एवं शांति के साथ भगवान श्री दूधेश्वर नाथ महादेव के दर्शन एवं जलाभिषेक करें। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम एवं मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का अत्यंत पवित्र काल है। श्रावण शिवरात्रि के दिन भगवान दूधेश्वर का श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप एवं ‘ॐ नमः शिवाय’ का जप करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं को लेकर श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल अपनी पूरी टीम के साथ व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं। इस अवसर पर मंदिर प्रबंधक अमित शर्मा, आचार्य लक्ष्मीकांत पाढी़, शंकर झा, पुनित पावा, सचिव, आचार्य तोयराज ,एस एस सुथार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं व्यवस्थापक श्रद्धालुओं की सेवा एवं व्यवस्थाओं में मौजूद रहेंगे। महंत गिरिशा नन्द गिरि जी महाराज ने आज  कई कावड़ शिविर का किया  उद्घाटन जिसमें सैकड़ो कांवड़ियों के भजन प्रसाद एवं  रुकने की व्यवस्था कीगई।


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