शुक्रवार, 7 अगस्त 2026

राज कुमार गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में "भारतीय ज्ञान प्रणाली : मानविकी एवं विज्ञान" विषय पर पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का हुआ सफल आयोजन




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के उद्देश्यों एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रभावी क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए राज कुमार गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गाजियाबाद में 03 अगस्त से 07 अगस्त तक "भारतीय ज्ञान प्रणाली : मानविकी एवं विज्ञान" विषय पर पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का सफल आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को भारतीय ज्ञान प्रणाली के मूल विचारों, उसके वैज्ञानिक और मानवीय पहलुओं तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार उच्च शिक्षा में उसके महत्व से परिचित कराना था। कार्यक्रम के मुख्य वक्ताओं में डॉ. अशोक कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर तथा डॉ. पंकज शर्मा, प्रोफेसर, (एन. आई. टी. टी. टी. आर. चंडीगढ़) शामिल रहे। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने भारतीय ज्ञान परंपरा, शिक्षा में भारतीय मूल्यों की उपयोगिता, अनुसंधान, नवाचार और समग्र शिक्षा पर सरल एवं प्रेरणादायक व्याख्यान दिए। उन्होंने बताया कि भारतीय ज्ञान प्रणाली को आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ जोड़कर विद्यार्थियों में नैतिक मूल्य, नवाचार, तार्किक सोच और राष्ट्र निर्माण की भावना को और मजबूत बनाया जा सकता है। कार्यक्रम का सफल  आयोजन डॉ. राजेश मिश्रा, संयोजक (विभागाध्यक्ष - ए. एस. एच.) तथा डॉ. विकास कटोच, सह-संयोजक द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर संस्थान के वाइस चेयरमैन  अक्षत गोयल, ग्रुप एडवाइज़र डॉ. लक्ष्मण प्रसाद, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. डी. के. चौहान, डायरेक्टर डॉ. बी. सी. शर्मा, डीन एकेडमिक्स डॉ. आर. के. यादव तथा डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर . एच जी. गर्ग ने सभी वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप भारतीय ज्ञान प्रणाली को उच्च शिक्षा का हिस्सा बनाना समय की आवश्यकता है और ऐसे कार्यक्रम शिक्षकों के ज्ञान और शिक्षण कौशल को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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