श्रावण शिवरात्रि पर मंगलवार को पूरे दिन व रात्रि भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक होगा
श्रावण शिवरात्रि पर मंदिर में आठों प्रहर का पूजन भी होगा
गाजियाबाद । सावन के दूसरे सोमवार को सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में भक्तों का भक्तों का सैलाब उमड़ा। वहीं देश के विभिन्न शहरों से कांवडियों द्वारा भगवान दूधेश्वर के जलाभिषेक का सिलसिला भी लगातार जारी है। भगवान दूधेश्वर, हर हर महादेव व बोल बम के उदघोष से दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर ही नहीं आसपास का क्षेत्र भी गुंजायमान हो रहा है। मंदिर के मीडिया प्रभारी एस आर सुथार ने बताया कि जलाभिषेक का सिलसिला रविवार से ही जारी है। रविवार को कांवडियों ने हाजरी का जल चढाकर भगवान दूधेश्वर के दरबार में हाजरी लगाई तो आज सावन के दूसरे सोमवार, त्रयोदशी व प्रदोष के जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं। मंदिर के पीठाधीश्वर, श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष, जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष एवं हिंदू यूनाइटेड फ्रंट के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज तो संत संसद में भाग लेने के लिए लंदन प्रवास पर हैं, मगर उनके पावन सानिध्य व निर्देशानुसार ऐसी व्यवस्थाएं की गई हैं कि किसी भी भक्त या कांवडिये को कोई परेशानी ना हो।
प्राचीन देवी मंदिर द्वारका पुरी दिल्ली गेट के महंत गिरिशानंद गिरि महाराज व साध्वी महंत विष्णु प्रिया गिरि महाराज वृंदावन धाम के हाथों में व्यवस्थाओं की बागडौर है और जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, महापौर, नगर आयुक्त, विधायक समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी व्यवस्थाओं पर स्वयं नजर रख रहे हैं। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज लंदन से ही व्यवस्थाओं की जानकारी ले रहे हैं। श्री दूधेश्वर श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल, मंदिर के प्रबंधक अमित कुमार शर्मा, शंकर झा, आचार्य लक्ष्मीकांत पाढी, आदि समेत मंदिर के स्वयं सेवक व दूधेश्वर भक्त भी पूर्ण सहयोग कर रहे हैं। विधायक संजीव शर्मा, पूर्व विधायक संगीत सोम ने मंदिर में भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना की। जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, महापौर, नगर आयुक्त समेत अनेक अधिकारियों ने भगवान की पूजा-अर्चना करने के साथ व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। मंगलवार को श्रावण शिवरात्रि पर भगवान दूधेश्वर के जलाभिषेक का सिलसिला प्रातः 6 बजे से शुरू होगा और पूरे दिन व रात्रि जलाभिषेक होगा। आठों प्रहर का विशेष पूजन व अभिषेक भी विधि-विधान के साथ होगा। प्रथम प्रहर का पूजन प्रातः 6 00 बजे से 8 बजे तक, द्वितीय प्रहर का पूजन प्रातः 9 बजे से 11 बजे तक, तृतीय प्रहर का पूजन मध्याह्न 12 बजे से 2 बजे तक, चतुर्थ प्रहर का पूजन अपराह्न 3 बजे से 5 बजे तक, पंचम प्रहर सायं 6 बजे से 7.30 बजे तक होगा। सायं 7.30 बजे से 8 बजे तक प्राचीन देवी मंदिर द्वारकापुरी दिल्ली गेट के महंत गिरिशानंद गिरि महाराज द्वारा भगवान दूधेश्वर की विशेष धूप-दीप आरती की जाएगी। षष्ठम प्रहर का पूजन रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक, सप्तम प्रहर का पूजन रात्रि 11 बजे से 1 बजे तक व अष्टम प्रहर का पूजन रात्रि 2 बजे से प्रातः 4 बजे तक होगा। इस दौरान मंदिर परिसर भगवान भोलेनाथ के जयघोष, वैदिक मंत्रों और शिव आराधना से गुंजायमान रहेगा।









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