बुधवार, 12 अगस्त 2026

लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट के संस्थापक/अध्यक्ष समाजवादी चिन्तक राम दुलार यादव ने दीनानाथपुर पुट्ठी के राधाकृष्ण मंदिर मे कावंड यात्रियों का किया स्वागत




 




मुकेश गुप्ता
 गाजियाबाद 11 अगस्त 2026। आस्था और विश्वास की प्रतीक कावंड यात्रियों का स्वागत राधाकृष्ण मंदिर दीनानाथपुर पुट्ठी जनपद गाजियाबाद परिसर में सैकड़ों महिलाओं, पुरुषों द्वारा माला पहना कर किया गया, भगवान शंकर को जलाभिषेक करते हुए हर हर महादेव के जोरदार जयकारे से आकाश गूंज उठा, हजारों लोगों ने मंदिर पहुँच कर भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया, भंडारा 12 बजे प्रारंभ होकर रात तक चलता रहा। लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट के संस्थापक/अध्यक्ष समाजवादी चिन्तक राम दुलार यादव शिक्षाविद, समाज सेविका फूलमती यादव, इंजी0 धीरेन्द्र यादव, शिशिर यादव मुख्य रूप से शामिल होकर दर्शनार्थियों का स्वागत किया।

       इस अवसर पर शिक्षाविद राम दुलार यादव ने कहा कि भगवान शिव भोले नाथ सरलता की प्रति मूर्ति है, उन्होंने लोक कल्याण के लिए समुद्र मंथन से निकले बिष को अपने कंठ में धारण कर लिया, वह नीलकंठ कहलाये, इसी कारण आज के दिन भगवान शंकर को गंगा जल चढाने की परंपरा है, भगवान शिव प्रकृति अनुरागी है, इसलिए वह बेल-पत्र, आंक-धतूर, बेर जो आसानी से प्राप्त है, से प्रसन्न हो जाते है, भगवान शंकर सच में असली समाजवादी है, जिनकी पूजा गरीब, अमीर, पीड़ित, प्रताड़ित सभी करते है, भगवान शंकर ने मानवता के कल्याण के लिए अपने सुख-वैभव का त्याग कर लोगो को सन्देश दिया, कि दूसरों की भलाई के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर देना ही सबसे बड़ी सेवा है, शिव कल्याण और सत्य के प्रतीक है, उनकी भेष-भूषा, रहन-सहन, विपरीत परिस्थितियों में भी एकता और कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है, हमें भी समाज में  भगवान शिव के आदर्श सत्य, त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सभी के साथ मिलजुल कर रहना चाहिए, विपरीत परिस्थितियों में भी एकता कायम रखनी चाहिए।

       समारोह में श्रद्धालुओं, कांवड़ियों का जिन्होंने जलाभिषेक किया स्वागत करने वालों में प्रमुख रहे, बाबा मदन गिरी, ब्रजपाल प्रधान, सत्यवीर प्रधान, राजेश नम्बरदार, महेन्द्र यादव, रमेश यादव, वीरपाल सूबेदार, सुभाष प्रधान, बेगराज यादव, सत्तू यादव, सुनील प्रधान, अचपल यादव, मुकेश यादव, पाला नरेन्द्र यादव, रोबिन नम्बरदार, एन0 ए0 यादव, कालू यादव, टिंकल मुखिया, राजू यादव, मानिक चन्द पटेल रहे, हजारों महिलाओं, बच्चों, दर्शनार्थियों ने भंडारा का आनन्द लिया ।


                                                                                      


                                                                             

                                                                               

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