प्रातः 3:30 बजे महंत गिरिशानंद गिरि महाराज ने की धूप-दीप आरती, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज रहा मंदिर परिसर
गाजियाबाद, 24 अगस्त 2026 । सावन के चौथे एवं अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में आज प्रातःकाल से ही शिवभक्तों का सैलाब उमड़ा हुआ है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से आए श्रद्धालु बड़ी संख्या में भगवान दूधेश्वर महादेव के दर्शन, पूजन एवं जलाभिषेक कर रहे हैं। पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से गूंज रहा है।
मंदिर के पीठाधीश्वर, श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष, जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष एवं हिंदू यूनाइटेड फ्रंट के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज के पावन सानिध्य एवं अध्यक्षता में सावन के अंतिम सोमवार के सभी धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न हो रहे हैं। महाराजश्री मंदिर में उपस्थित रहकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान कर रहे हैं।
भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक रविवार मध्यरात्रि 12 बजे से प्रारंभ हो गया था। सबसे पहले श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने भगवान दूधेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक कर देश, समाज और विश्व के कल्याण की प्रार्थना की। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन एवं जलाभिषेक प्रारंभ हुआ। मंदिर के कपाट लगातार 24 घंटे श्रद्धालुओं के लिए खुले हैं और भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।
आज प्रातः 3:30 बजे प्राचीन देवी मंदिर, द्वारकापरी दिल्ली गेट के महंत गिरिशानंद गिरि जी महाराज ने भगवान दूधेश्वर महादेव की धूप आरती एवं दीप आरती की। आरती के समय बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान दूधेश्वर के दर्शन किए और पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि सावन का चौथा एवं अंतिम सोमवार भगवान शिव की आराधना, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए अत्यंत पुण्यदायी है। इस सोमवार को प्रीति योग, आयुष्मान योग, बुधादित्य राजयोग और हंस राजयोग जैसे शुभ संयोग भी बन रहे हैं। भगवान शिव का वास कैलाश पर होने के कारण रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। श्रद्धा और सच्चे भाव से भगवान दूधेश्वर की आराधना करने वाले भक्तों पर महादेव की कृपा अवश्य होती है।
मंदिर में आठों प्रहर भगवान दूधेश्वर का पूजन एवं रुद्राभिषेक किया जा रहा है। दोपहर की आरती के पश्चात भगवान दूधेश्वर को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा। संध्याकाल में भी महंत गिरिशानंद गिरि महाराज द्वारा धूप एवं दीप आरती की जाएगी। श्री दूधेश्वर श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल एवं उनके सहयोगियों द्वारा भगवान दूधेश्वर का भव्य श्रृंगार किया जाएगा।
श्री दूधेश्वर वेद विद्या संस्थान के आचार्य तोयराज उपाध्याय, आचार्य लक्ष्मीकांत पाढ़ी, मंदिर के प्रबंधक अमित कुमार शर्मा, शंकर झा सहित मंदिर परिवार के सदस्य श्रद्धालुओं की सेवा एवं धार्मिक अनुष्ठानों की व्यवस्था में जुटे हुए हैं।
मंदिर के मीडिया प्रभारी एस. आर. सुथार ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं मंदिर प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। भक्तों को व्यवस्थित रूप से दर्शन एवं जलाभिषेक कराया जा रहा है।
श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने सभी शिवभक्तों को सावन के अंतिम सोमवार की शुभकामनाएं देते हुए भगवान दूधेश्वर महादेव से प्रार्थना की कि वे सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण करें तथा देश और विश्व में सुख, शांति, समृद्धि, आरोग्यता और सद्भाव बनाए रखें।



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