सोमवार, 24 अगस्त 2026

विश्व हिंदू परिषद, गाजियाबाद के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल सावरिया ने मंहत नारायण गिरिका आर्शीवाद लिया


मुकेश गुप्ता
  गाजियाबाद । विश्व हिंदू परिषद, गाजियाबाद महानगर के नवनियुक्त अध्यक्ष अनिल अग्रवाल सांवरिया अपने दायित्व ग्रहण करने के साथ ही संगठन के मूल उद्देश्यों—हिंदू समाज का संगठन, सामाजिक समरसता, सेवा, संस्कार तथा सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन—को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। वे समाज के विभिन्न वर्गों, संत-महात्माओं और प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों से लगातार संपर्क कर हिंदू समाज की एकता, जागरूकता और सशक्तिकरण के लिए संवाद स्थापित कर रहे हैं।

इसी क्रम में अनिल अग्रवाल सांवरिया ने आज सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान दूधेश्वर महादेव के दर्शन-पूजन किए तथा मंदिर के पीठाधीश्वर एवं श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने अनिल अग्रवाल सांवरिया को नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्व हिंदू परिषद का कार्य केवल एक संगठन का कार्य नहीं, बल्कि हिंदू समाज को संगठित, जागरूक और सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति, संस्कार और हिंदुत्व के विचार को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करना समय की आवश्यकता है।

महाराजश्री ने कहा, “आपको हिंदू समाज के हित में सेवा, समरसता और संगठन की भावना के साथ कार्य करना है। नई पीढ़ी को अपने धर्म और संस्कृति से जोड़ना, समाज में एकता का भाव बढ़ाना और सनातन मूल्यों के प्रति जागरूकता पैदा करना आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए।”

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अनिल अग्रवाल सांवरिया अपने नए दायित्व का पूरी निष्ठा, सक्रियता और समर्पण के साथ निर्वहन करते हुए गाजियाबाद महानगर में विश्व हिंदू परिषद को और अधिक सशक्त बनाएंगे तथा हिंदू समाज की एकता एवं सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

अनिल अग्रवाल सांवरिया ने श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए कहा कि वे विश्व हिंदू परिषद द्वारा दिए गए दायित्व का पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन की प्रेरणा से वे सेवा, संस्कार, सामाजिक समरसता और संगठन के माध्यम से हिंदू समाज के उत्थान, एकता तथा सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।

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