शनिवार, 5 सितंबर 2026

नंद के आनंद भयो” के जयघोष से गूंजा दूधेश्वर नाथ मंदिर मध्यरात्रि खीरे से लड्डू गोपाल का प्राकट्य, हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन; 2000 व्रतियों के लिए फलाहारी प्रसाद की व्यवस्था

 








मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” और “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भव्य एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज के पावन सानिध्य एवं अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

मंहत नारायण गिरि ने बताया कि शुक्रवार की सायं 7 बजे विशेष आरती के बाद रात्रि 8 बजे से गोपाल सहस्रनाम पाठ, विशेष अभिषेक-अर्चन, भजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रारंभ हुए। भगवान का माखन-मिश्री, इलायची दाना और गुलाब की पंखुड़ियों से विशेष अर्चन किया गया। प्रधानाचार्य तोयराज उपाध्याय एवं रोहित त्रिपाठी सहित वेद विद्यापीठ के आचार्यों और विद्यार्थियों ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित आकर्षक झांकियों एवं नृत्य-नाटिकाओं ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

उन्होंने बताया कि मध्यरात्रि ठीक 12 बजे मंदिर की प्राचीन परंपरा के अनुसार खीरे से लड्डू गोपाल का प्राकट्य होते ही पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। भगवान को भोग अर्पित करने के बाद श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज ने महाआरती की। इसके पश्चात श्रद्धालुओं को चरणामृत, माखन-मिश्री, पंजरी, फलाहारी मिठाइयां एवं फल निःशुल्क वितरित किए गए।

जन्माष्टमी का व्रत रखने वाले करीब 2000 श्रद्धालुओं के लिए मखाने की खीर, सिंघाड़े के आटे की पूड़ी, रायता और अरबी की सब्जी सहित फलाहारी प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई। मंदिर की परंपरा के अनुसार दर्शन एवं प्रसाद के लिए किसी श्रद्धालु से कोई शुल्क नहीं लिया गया।

आयोजन को सफल बनाने में श्री दूधेश्वर वेद विद्यापीठ के सचिव लक्ष्मीकांत, मंदिर प्रबंधक अमित कुमार शर्मा, शंकर झा, विजय मित्तल सहित मंदिर के कर्मचारियों, श्रृंगार सेवा समिति, कार्यकर्ताओं और भक्तों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन रमेश मंगल ने किया।

रात्रि 8 बजे से लगभग 2 बजे तक चले छह घंटे के इस महोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज ने जन्माष्टमी महोत्सव को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने में विशेष सहयोग देने के लिए गाजियाबाद जिला प्रशासन, पुलिस कमिश्नरेट, पुलिस प्रशासन, नगर निगम एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। महाराजश्री ने व्यवस्था में जुटे मंदिर के सभी कार्यकर्ताओं, सेवादारों, स्वयंसेवकों एवं श्रद्धालु भक्तों को भी धन्यवाद एवं आशीर्वाद दिया। साथ ही जन्माष्टमी महोत्सव को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग करने वाले सभी पत्रकार बंधुओं, छायाकारों, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति विशेष धन्यवाद प्रेषित किया।



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