ब्रह्मऋषि विभूति बी.के. शर्मा हनुमान बच्चों को लेकर पहुंचे जिलाधिकारी कार्यालय, मासूम सवालों ने जीता सबका दिल
डीएम रविन्द्र मांदड़ ने बच्चों संग बिताए यादगार पल: दिया सफलता का मंत्र
गाजियाबाद। मोबाइल और इंटरनेट के दौर में जहां आज की युवा पीढ़ी और बच्चे आभासी दुनिया में उलझते जा रहे हैं, वहीं कुछ बच्चे आज भी ज्ञान, समझ और प्रशासनिक व्यवस्था को जानने की उत्सुकता रखते हैं। ऐसा ही भावुक और प्रेरणादायक दृश्य उस समय देखने को मिला जब विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के पीठाधीश्वर ब्रह्मऋषि विभूति बी.के. शर्मा हनुमान के नातिन नव्या, मिस्टी और पोतो वियान शर्मा, अयान शर्मा ने उनसे सवाल किया ‘डीएम क्या होता है?’ जैसा सवाल पूछ लिया। बच्चों की मासूम जिज्ञासा को गंभीरता से लेते हुए ब्रह्मऋषि विभूति बी.के. शर्मा हनुमान ने उन्हें बेहद सरल भाषा में समझाया कि डीएम यानी जिलाधिकारी जिले का सबसे बड़ा प्रशासनिक अधिकारी होता है, जो पूरे जिले की व्यवस्था संभालता है। लेकिन बच्चों की उत्सुकता यहीं शांत नहीं हुई। उन्होंने तुरंत जिलाधिकारी से मिलने की इच्छा जता दी। बच्चों की इस मासूम जिद को पूरा करने के लिए ब्रह्मऋषि विभूति बी.के. शर्मा हनुमान उन्हें सीधे जिलाधिकारी कार्यालय लेकर पहुंचे। जैसे ही जिलाधिकारी रविन्द्र मांदड़ को पता चला कि कुछ छोटे बच्चे उनसे मिलने आए हैं, उन्होंने तुरंत अपने कार्यालय में बुलाया और बड़े स्नेह के साथ उनका स्वागत किया। बच्चों ने जिलाधिकारी को गुलाब का फूल भेंट कर उनसे कई रोचक सवाल पूछे। जिलाधिकारी रविन्द्र मांदड़ ने भी बच्चों के हर सवाल का बेहद सहज और आत्मीयता से जवाब दिया। बातचीत के दौरान जब जिलाधिकारी ने बच्चों से पूछा कि वे बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं, तो बच्चों ने उत्साह से कहा कि हम भी आपकी तरह बड़े अधिकारी बनेंगे। मासूम बच्चों के सपनों और उत्साह को देखकर वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो उठे। इस अवसर पर ब्रह्मऋषि विभूति बी.के. शर्मा हनुमान ने जिलाधिकारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों के मन में अच्छे संस्कार और बड़े सपने जगाना ही समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। यह मुलाकात न सिर्फ बच्चों के लिए यादगार बनी, बल्कि यह संदेश भी दे गई कि सही मार्गदर्शन और प्रेरणा मिलने पर आज की पीढ़ी देश का भविष्य बदल सकती है।



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