शुक्रवार, 17 जुलाई 2026

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के संरक्षण व मार्गदर्शन में संचालित दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान के रजत जयंती समारोह ने गाजियाबाद को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं

 




मुकेश गुप्ता

देश भर से आए संतों व अतिथियों ने कहा, श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के आशीर्वाद से दूधेश्वर वेद विद्यालय के विद्यार्थी पूरे विश्व को धर्म, ज्ञान, संस्कारों व नैतिक मूल्यों के प्रकाश से आलोकित कर रहे हैं

गाजियाबाद । सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में संचालित दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान के रजत जयंती समारोह ने गाजियाबाद को नई ऊंचाइयां प्रदान की। दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष, दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर जूना अखाड़ा के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष, हिंदू यूनाइटिड फ्रंट के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन सानिध्य व अध्यक्षता में हुए समारोह ने वैदिक शिक्षा, सनातन संस्कृति, राष्ट्रधर्म एवं भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं को और समृद्ध किया। आचार्य महामंडलेश्वर विश्वेश्वरानन्द गिरि महाराज विले पारले आश्रम पश्चिम मुम्बई, कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम, महामंडलेश्वर चेतना माता हरिद्वार, महामंडलेश्वर श्रद्धामाता हरिद्वार, जूना अखाड़ा के सचिव व दिल्ली संत महामंडल के संगठन मंत्री श्रीमहंत कंचन गिरि महाराज, दिल्ली संत महामंडल के कोषाध्यक्ष महंत धीरेंद्र पुरी महाराज, सिद्धेश्वर वेद विद्यालय गाजियाबाद के संस्थापक महंत मुकेशानंद गिरि महाराज जैसे सिद्ध संतों की पावन मौजदूगी ने समारोह को नई गरिमा प्रदान की। 

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान जसोल, बालोतरा के अध्यक्ष रावल किशन सिंह, विशिष्ट अतिथि प्रो विरूपाक्ष वि जड्डीपाल सचिव, महर्षि सान्दीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान, उज्जैन, विश्व ह्रिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, विधायक संजीव शर्मा, श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान जसोल, बालोतरा के संयोजक कुंवर हरिशचंद्र सिंह, जिंदल पब्लिक स्कूल के संस्थापक राम अवतार जिंदल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। महाराजश्री ने सभी संतों व अतिथियों का स्वागत व अभिनंदन किया और कहा कि प्राचीन समय में भारत विश्व गुरू था और सोने की चिड़िया कहलाता था तो इसका श्रेय महान भारतीय शिक्षा व संस्कृति को ही था। भारतीय शिक्षा, संस्कृति व धर्म में सभी के कल्याण की जो भावना है, उसी ने पूरे विश्व को ज्ञान व संस्कारों के प्रकाश से आलोकित किया। 



भारत की गुरूकुल शिक्षा पद्धति विश्व की सर्वश्रेष्ठ शिक्षा पद्धति है, मगर हम उसी को भूल गए, जिसका परिणाम सभी के सामने है। भारत को पुनः विश्व गुरू व सोने की चिड़िया बनाना है तो हमें अपनी प्राचीन गुरूकुल शिक्षा पद्धति की ओर लोटना होगा। दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान भारत की गौरवमयी गुरूकुल शिक्षा पद्धति को पुर्नस्थापित करने का कार्य कर रहा है तो इसका श्रेय यहां के आचार्यो व विद्यार्थियों को है, जिन्होने अपनी मेहनत, लगन व समर्पण से दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान ही नहीं गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश व देश का गौरव पूरे विश्व में बढाया है। आचार्य महामंडलेश्वर विश्वेश्वरानन्द गिरि महाराज ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के मार्गदर्शन में दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान आज उत्तर प्रदेश या भारत ही नहीं पूरे विश्व में अलग पहचान बना चुका है। यह विद्यालय भारत के गौरव को पुनः लौटाने का कार्य कर रहा है। कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के मार्गदर्शन व आशीर्वाद से दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान की आज पूरे विश्व में अलग पहचान है। यहां के विद्यार्थी विश्व को ज्ञान, धर्म व संस्कृति के प्रकाश से आलौकित करने का महान कार्य कर रहे हैं। महामंडलेश्वर चेतना माता हरिद्वार, महामंडलेश्वर श्रद्धामाता हरिद्वार ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज धर्म ही नहीं शिक्षा, संस्कार, संस्कृति, पर्यावरण व भारतीय विरासत के संरक्षण व संवर्धन क जो कार्य कर रहे हैं, वह हम सभी के लिए अनुकरणीय है। उनके नेतृत्व व मार्गदर्शन में दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान भारत की प्राचीन गौरवमयी गुरूकुल शिक्षा पद्धति को पुर्नस्थापित कर देश को नई ऊंचाईयां प्रदान कर रहा है। दिल्ली संत महामंडल के संगठन मंत्री श्रीमहंत कंचन गिरि महाराज ने कहा कि दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान ने प्राचीन भारतीय शिक्षा को पुनः विश्व भर नई पहचान दी है तो इसका श्रेय श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज को है। महाराजश्री ने धर्म, समाज व देश की सेवा का जां संकल्प ले रखा है, वह सभी को समाज व देश हित में जुट जाने के लिए प्रेरित कर रहा है। दिल्ली संत महामंडल के कोषाध्यक्ष महंत धीरेंद्र पुरी महाराज ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के मार्गदर्शन व आशीर्वाद से ही  दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान आज पूरे विश्व में देश का गौरव बढा रहा है। महंत मुकेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि  श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के संरक्षण व मार्गदर्शन में आज दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान आज गाजियाबाद ही नहीं पूरंे देश की शान बन चुका है। मुख्य अतिथि श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान जसोल, बालोतरा के अध्यक्ष रावल किशन सिंह ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान के माध्यम से धर्म, संस्कार व नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण जो शिक्षा बच्चों व युवाओं को दे रहे हैं, वह ही भारत को पुनः विश्व गुरू बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी। विधायक संजीव शर्मा ने कहा कि यह हम सभी का परम सौभाग्य है कि हमें श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज जैसे सिद्ध, तपस्वी व राष्ट्रीय संत का पावन सानिध्य प्राप्त हो रहा है, जो पूरे विश्व में सनातन धर्म व भारतीय शिक्षा का प्रकाश फैला रहे हैं। विशिष्ट अतिथि प्रो विरूपाक्ष वि जड्डीपाल सचिव, महर्षि सान्दीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान ने कहा कि दूधेश्वर वेद विद्यालय आज वैदिक शिक्षा, सनातन संस्कृति, राष्ट्रधर्म व आध्यात्मिकता की मिसाल कायम कर रहा है। श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान जसोल, बालोतरा के संयोजक कुंवर हरिशचंद्र सिंह ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज जैसे सच्चे व तपस्वी संत ही भारत को पुनः विश्व में शिखर पर पहुंचा सकते हैं। शिक्षाविद राम अवतार जिंदल ने कहा कि दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान गाजियाबाद ही नहीं पूरे देश का गौरव है। नवरत्न सोनी ने कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज पूरे विश्व में धर्म व ज्ञान की पताका फहरा रहे हैं। सभी संतों व अतिथियों को भगवान दूधेश्वर के चित्र, स्मृति चिंह, माला व पटका से सम्मानित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्यो के लिए श्री दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज गर्ग, विनय संकोची, अजय चोपडा, दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर श्रृंगार समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल, धर्मेंद्र चौधरी,  एस आर सुथार, मंदिर के मीडिया प्रभारी, बी के शर्मा हनुमान, एडवोकेट हर्ष पांडेय, मंदिर के लेखा परीक्षक संजीव गुप्ता, नितिन कुमार व कवि राज कौशिक को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। रजत जयंती समारोह का शुभारंम प्रातः 4 बजे दीप प्रज्जवलन से हुआ। उसके बाद मंगलाचरण व राष्ट्र गान का आयोजन हुआ। सरस्वती वंदना के बाद चलचित्र के माध्यम से दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान की उपलब्धियों को दिखाया गया। विद्या पीठ के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान की स्मारिका का विमोचन भी किया गया।

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