मुकेश गुप्ता
गाज़ियाबाद, 18 जुलाई 2026। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद ग्रेटर नेक्स्ट ने गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) के सहयोग से स्वर्ण जयंती पार्क, इंदिरापुरम में “ऑक्सीजन ड्राइव” के अंतर्गत 500 पौधों का वृक्षारोपण अभियान सफलतापूर्वक आयोजित किया।
कार्यक्रम में PDG जे. के. गौड़, PDG अशोक अग्रवाल, रोटेरियन सुरेन्द्र शर्मा, रोटेरियन एच. के. जोशी, रोटेरियन प्रवीण शर्मा, रोटेरियन दीपक अग्रवाल, रोटेरियन एम. सी. गौड़ तथा इंदिरापुरम के पार्षद धीरज सहित रोटरी क्लब के सदस्यों, JKG International School के इंटरैक्ट क्लब एवं रोटरैक्ट क्लब के विद्यार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा पर्यावरण प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा लगाए गए पौधों की देखभाल का संकल्प भी लिया।
इस अवसर पर PDG जे. के. गौड़ ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने का संकल्प है। PDG अशोक अग्रवाल ने सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने का आह्वान किया। इंदिरापुरम के पार्षद श्री धीरज ने भी इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
क्लब की अध्यक्षा रोटेरियन निधि गौड़ ने कहा कि प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया।
परियोजना अध्यक्ष रोटेरियन मीनू त्यागी ने बताया कि “ऑक्सीजन ड्राइव” का उद्देश्य केवल पौधारोपण करना नहीं, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण एवं संवर्धन सुनिश्चित करना भी है।
क्लब सचिव रोटेरियन पुष्कर गोयल ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण, सभी विशिष्ट अतिथियों, पार्षद श्री धीरज, रोटरी परिवार तथा JKG International School के इंटरैक्ट एवं रोटरैक्ट क्लब के विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
“Plant Today, Breathe Tomorrow” के संदेश के साथ सम्पन्न इस अभियान में सभी उपस्थित जनों ने पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास एवं स्वच्छ भारत के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। 500 पौधों का यह वृक्षारोपण अभियान समाज में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।



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