क्रॉसिंग रिपब्लिक में पेड़ों की कटाई पर बवाल, छंटाई के नाम पर बड़े पैमाने पर पेड़ काटने का कोशिश नाकाम; वन विभाग की जांच में सामने आई अनियमितताएं
गाजियाबाद। क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र में आसपास की पगडंडियों और चौराहा क्षेत्र में पेड़ों की कटाई-छंटाई को लेकर मामला सामने आया है। स्थानीय पत्रकार रविंद्र आर्य ने आरोप लगाया कि मौके पर करीब पांच पेड़ों की कटाई-छंटाई की जा रही थी, जिनमें दो पेड़ों को बुरी तरह काट दिया गया था, जबकि एक पेड़ को जड़ से हटाने का प्रयास किया जा रहा था।
रविंद्र आर्य के अनुसार, उन्होंने तत्काल मौके का वीडियो बनाया और आगे की कटाई रुकवाई। इसके बाद कटाई करने वाले ठेकेदार से संपर्क करने का प्रयास किया गया। अमित के कहने पर दीपक एवं राजपाल को फोन कर मामले की जानकारी देने और बातचीत करने की कोशिश की गई, लेकिन आरोप है कि ठेकेदार ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद वह स्थानीय पुलिस थाने पहुंचे और मामले में लिखित शिकायत दी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि क्षेत्र में हर वर्ष इसी तरह बिना आवश्यक अनुमति और निर्धारित मानकों का पालन किए पेड़ों की कटाई-छंटाई की जाती रही है। इस बार भी सामान्य छंटाई के बजाय बड़े आकार की शाखाओं और पेड़ों के हिस्सों को काटे जाने का आरोप है। शिकायत में करीब 10 इंच तक के पेड़ों के हिस्से काटे जाने की बात कही गई है।
मामले को लेकर रविंद्र आर्य ने जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी (एसडीएम) तथा गाजियाबाद वन विभाग की डीएफओ ईशा तिवारी से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद डीएफओ ईशा तिवारी के निर्देश पर वन विभाग की ग्राउंड अधिकारी निमी कुशिया को मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने और कटे हुए पेड़ों की स्थिति की जांच करने के लिए कहा गया।
वन विभाग के इंस्पेक्टर नितिन और राठी सहित टीम ने किया सर्वे
मामले की जांच के दौरान वन विभाग के इंस्पेक्टर नितिन एवं राठी सहित संबंधित अधिकारियों ने मौके पर सर्वे किया। सर्वे में छंटाई के नाम पर अत्यधिक पेड़ काटे जाने की बात सामने आने की जानकारी दी गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, मौके पर केवल पांच पेड़ों की कटाई हो पाई थी, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए कटाई रुकवा दी गई। आरोप है कि संबंधित लोग पेड़ को जड़ से काटने की मंशा भी जता रहे थे।
वन विभाग की धारा 4/10 के तहत मुकदमे की कार्रवाई की बात
शिकायतकर्ता के अनुसार, मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ वन विभाग की धारा 4/10 के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने की कार्रवाई की बात कही गई है। हालांकि, संबंधित धाराओं में कार्रवाई और मुकदमा दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि विभागीय बयान या अभिलेखों से होना अभी आवश्यक है।
रविंद्र आर्य का कहना है कि डीएफओ ईशा तिवारी को शिकायत दिए जाने के बावजूद मौके पर पेड़ों की कटाई किए जाने का मामला गंभीर है। उनके अनुसार, शिकायत के बाद वन विभाग की ग्राउंड अधिकारी निमी कुशिया के निर्देश पर सर्वे कराया गया, जिसमें छंटाई के नाम पर अत्यधिक पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया।
ट्रॉली की नंबर प्लेट पर भी उठे सवाल
रविंद्र आर्य के अनुसार, कटे हुए पेड़ों के हिस्सों को एक ट्रॉली में रखा गया था। आरोप है कि ट्रॉली पर आईटीओ नंबर प्लेट दिखाई नहीं दे रही थी। इस बिंदु को भी शिकायत में जांच का हिस्सा बनाया गया है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि एनजीटी के आदेशों एवं निर्धारित पर्यावरणीय मानकों का पालन किया जाना आवश्यक है। ऐसे में वन विभाग को यह जांच करनी चाहिए कि पेड़ों की कटाई किस अनुमति के तहत की जा रही थी और क्या संबंधित नियमों का उल्लंघन हुआ है।
मामला क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र, गाजियाबाद का है। शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए वीडियो एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग की स्थलीय जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब विभागीय जांच और आधिकारिक कार्रवाई से स्पष्ट होगा कि कटाई के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं तथा संबंधित लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।



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