मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

पूज्य संत श्री तुलसाराम महाराज का दिल्ली हुआ आगमन, भव्य शोभायात्रा एवं भजन संध्या में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

 





गुरुदेव ने दिया माता-पिता की सेवा, सदाचार, सामाजिक एकता और आपसी प्रेम का संदेश


रिपोर्ट : पिंटू सुथार। नई दिल्ली। अनंत श्री विभूषित श्री श्री 1008 ब्रह्म सवित्री सिद्ध पीठाधीश्वर परम पूज्य श्री तुलसाराम जी महाराज जी के दिल्ली आगमन पर राजपुरोहित समाज, दिल्ली-एनसीआर की ओर से भव्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूज्य गुरुदेव जी अपनी तप-साधना एवं चातुर्मास भगवान श्री बाँके बिहारी जी के श्रीचरणों में तथा माँ यमुना जी के पावन तट पर सम्पन्न करने के उपरांत 4 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पधारे।

पूज्य गुरुदेव जी के दिल्ली आगमन के अवसर पर भव्य शोभायात्रा (रथ यात्रा) निकाली गई। आकर्षक रूप से सुसज्जित बग्गी में पूज्य गुरुदेव जी को विराजमान कर शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के दौरान बड़ी संख्या में पुरुषों, महिलाओं एवं बच्चों सहित समाजबंधुओं और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्री खेतेश्वर दाता के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।


*कलश यात्रा में बेटियों ने बढ़ाई आयोजन की शोभा*


शोभायात्रा में नन्हीं बच्चियों ने सिर पर कलश धारण कर पारंपरिक वेशभूषा में भाग लिया। बच्चियों की इस सुंदर एवं संस्कारपूर्ण सहभागिता ने भारतीय संस्कृति, परंपरा और संस्कारों की जीवंत झलक प्रस्तुत की तथा पूरे आयोजन की शोभा को और बढ़ा दिया।

कार्यक्रम के दौरान समाजबंधुओं ने पूज्य गुरु महाराज जी का पुष्पमालाओं से स्वागत कर आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरुदेव जी के साथ आए श्रद्धालुओं एवं भक्तों का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया। 


*भजन संध्या में देर तक गूंजे भक्ति के स्वर*


कार्यक्रम के दौरान भव्य भजन संध्या का भी आयोजन किया गया। प्रसिद्ध भजन कलाकार चुन्नीलाल जी राजपुरोहित ने अपनी भजनों की प्रस्तुतियों से उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। भजनों एवं जयकारों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक एवं भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु देर तक भक्ति में भाव-विभोर नजर आए।कार्यक्रम का मंच संचालन चंदन सिंह जी ने किया।


*गुरुदेव जी ने दिया माता-पिता की सेवा और सदाचार का संदेश*


इस अवसर पर पूज्य गुरुदेव ने अपने प्रेरणादायी आशीर्वचन में माता-पिता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताते हुए कहा कि जिन माता-पिता ने हमें जन्म दिया, संस्कार दिए और इस योग्य बनाया, उनकी तन-मन से सेवा करना तथा उनकी आज्ञा का पालन करना प्रत्येक व्यक्ति का प्रथम कर्तव्य है।

उन्होंने समाजबंधुओं से सत्य के मार्ग पर चलने, अच्छे कर्म करने तथा बुरे व्यसनों से दूर रहने का आह्वान किया। गुरुदेव ने कहा कि मनुष्य को सदैव सही रास्ते पर चलना चाहिए और एक परिवार की तरह मिल-जुलकर रहना चाहिए और समाजबंधुओं से एक-दूसरे की सहायता करने तथा सुख-दुःख में परस्पर साथ खड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने सभी से प्रेमपूर्वक रहने तथा समाज की एकता को मजबूत करने का संदेश दिया।


पूज्य गुरुदेव के सरल, सारगर्भित एवं प्रेरणादायी वचनों से उपस्थित समाजबंधु भाव-विभोर हो गए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरुदेव के दर्शन एवं आशीर्वचन प्राप्त किए। अंत में प्रसादी का आयोजन भी किया गया।


*बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने लिया भाग*

कार्यक्रम में कान सिंह जी गुरलाई, श्रवणसिंह जी नारवा , जोरावर सिंह जी कनोडिया, सोहन सिंह जी पुरोहितासनी, पहलाद सिंह जी मादड़ी, जबर सिंह जी भासूदा, पवन सिंह जी ढाबर, बाबू सिंह जी सरवड़ी, बलवंत सिंह जी सिद्धमुख, गोविंद सिंह जी निम्बाड़ा, डूंगर सिंह जी अराबा, भेरू सिंह जी सराना, भैरू सिंह जी लूम्बावास, दीपक जी भीनमाल, जोग सिंह आलासन, हिम्मता जी, बाबू सिंह जी आलासन, नरपत सिंह जी आलासन, रतन सिंह जी खुड़ी, गोरधन सिंह जी लेड़ी , स्वरूप सिंह चावंडा एवं भंवर सिंह जी नारवा सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। जिसमें राजस्थान प्रवासी महासंघ के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पिंटू सुथार तेलवाडा ने भी महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त किया।


कार्यक्रम के समापन पर राजपुरोहित समाजबंधुओं ने पूज्य गुरुदेव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने तथा समाज में एकता, प्रेम, संस्कार, सेवा एवं परस्पर सहयोग की भावना को और मजबूत करने का संकल्प लिया।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें