सोमवार, 26 अक्टूबर 2026

राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2026 में शहरी विकास, सुशासन और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर मंथन, नगर आयुक्त ने भी साझा की प्लानिंग

 




शहर वासियों की आवश्यकता को ध्यान में रखने के साथ-साथ पर्यावरण हित को ध्यान में रखते हुए नगर निगम कर रहा है कार्य- नगर आयुक्त

                              मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा ओडिशा सरकार के सहयोग से 24 एवं 25 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2026 का आयोजन किया गया। सम्मेलन का मुख्य विषय ‘अर्बन राइजिंग – शहरी प्रणालियों, समाधानों और सेवा वितरण पर पुनर्विचार’ रहा। सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने किया। इसमें 1,200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। विभिन्न राज्यों के शहरी विकास मंत्री, महापौर, नगर निकायों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, शहरी विकास विशेषज्ञ, शिक्षाविद्, उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए, उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री ए के शर्मा, प्रमुख सचिव नगर विकास पी गुरु प्रसाद, गाजियाबाद के नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए नगर आयुक्त गाजियाबाद ने शहर की विकास की प्लानिंग को भी साझा किया गया जिसमें शहर की आवश्यकताओं को देखते हुए प्रोजेक्ट पर चल रहे कार्यों पर विशेष रूप से उपस्थित जनों को बताया गया।


नगर आयुक्त ने बताया कि शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं पर सम्मेलन में शहरों की बेहतर योजना, मजबूत शहरी प्रशासन, आधुनिक आधारभूत संरचना, किफायती आवास, स्वच्छता, जल प्रबंधन, अपशिष्ट निस्तारण तथा नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

उन्होंने बताया कि सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि शहरी विकास का उद्देश्य केवल निर्माण कार्यों को पूरा करना नहीं, बल्कि नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना, नगर निकायों की कार्यक्षमता बढ़ाना और शहरों को समावेशी, सुरक्षित, स्वच्छ एवं टिकाऊ बनाना होना चाहिए चर्चा हुई, इसी क्रम में गाजियाबाद में नगर निगम द्वारा लाए गए प्रोजेक्ट भी शहर वासियों की आवश्यकता और पर्यावरण तथा शहर हित के साथ-साथ उद्योग बंधुओं के लिए भी लाभदायक सिद्ध होंगे।

नगर आयुक्त ने बताया कि गाजियाबाद के बायोडायवर्सिटी पार्क, टीएसटीपी तथा इंदिरापुरम में चल रहे सी एम ग्रिड फेस 2 के कार्यों के बारे में नगर आयुक्त द्वारा बताया गयाl गाजियाबाद नगर निगम द्वारा आधुनिक तकनीकी का उपयोग करते हुए पर्यावरण तथा शहर वासियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जा रहे हैं आगामी योजनाओं को भी साझा किया गया l कचरा निस्तारण को लेकर किया जा रहे कार्य, भूगर्भ जल संरक्षण के लिए किया जा रहे कार्य, वायु गुणवत्ता सुधार के लिए किया जा रहे कार्यों पर विशेष रूप से साझा किया गया।


सम्मेलन के दौरान शहरी विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल और प्रकाशन प्रस्तुत किए गए। इनमें HUDCO की अर्बन इन्वेस्ट विंडो (UiWIN) पत्रिका, जल एवं अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में क्षमता निर्माण के लिए समर्थ्य प्लेटफॉर्म, ANKUR हैंडबुक, ओडिशा टाउन प्लानिंग हैंडबुक तथा प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) से संबंधित प्रकाशन शामिल रहे। इसके अतिरिक्त PMAY-U 2.0 मोबाइल एप्लिकेशन, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी सलाह-पत्र तथा सार्वजनिक स्थानों को अधिक समावेशी और नागरिकों के लिए सुलभ बनाने से संबंधित पहल भी प्रस्तुत की गईं।

विकसित भारत-2047 की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सम्मेलन के समापन सत्र में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने शहरी विकास की चुनौतियों का समाधान करने, किफायती आवास को बढ़ावा देने, स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने और नगर निकायों की कार्यक्षमता में सुधार लाने की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मेलन से प्राप्त सुझावों में बेहतर शहरी नियोजन, विभागीय समन्वय, मजबूत नगर निकाय, टिकाऊ वित्तीय व्यवस्था और जवाबदेह नागरिक सेवा वितरण को प्राथमिकता दी गई। इन सुझावों का उद्देश्य देश के शहरों को अधिक रहने योग्य, समावेशी, पर्यावरण के अनुकूल और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना है। राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2026 शहरी विकास से जुड़े विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और व्यावहारिक समाधान तैयार करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। सम्मेलन में हुई चर्चाओं एवं सुझावों से विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप देश में शहरी सुधारों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

गाजियाबाद नगर निगम से अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

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