गाजियाबाद/साहिबाबाद । महान स्वतंत्रता सेनानी भारत रत्न लोकतंत्र के प्रबल समर्थक, विलक्षण प्रतिभावान लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जन्म दिवस कार्यक्रम ज्ञानपीठ केन्द्र 1, स्वरुप पार्क जी0 टी0 रोड साहिबाबाद के प्रांगण में लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा आयोजित किया गया, इस अवसर पर “सम्पूर्ण क्रान्ति लाओ, लोकतंत्र बचाओ” विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, मुख्य वक्ता समाजवादी चिन्तक राम दुलार यादव शिक्षाविद भी कार्यक्रम में शामिल हुए, सभी साथियों ने क्रान्तिकारी नेता जे0 पी0 के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें स्मरण किया, तथा उनके द्वारा बताये गये क्रान्तिकारी विचार पर चलने का संकल्प ले, लोकतंत्र की रक्षा के लिए जन-जन में प्रचार-प्रसार करने का आह्वान किया गया, कार्यक्रम की अध्यक्षता जय प्रकाश सिंह एडवोकेट ने, आयोजन इंजी0 धीरेन्द्र यादव ने, संचालन श्रमिक नेता अनिल मिश्र ने किया | जगन्नाथ प्रसाद मुख्य अतिथि रहे, ताहिर अली ने ज्ञानपीठ सन्देश “लोकतंत्र बचाना है, संविधान बचाना है, परिवर्तन लाना है, भईया परिवर्तन लाना है“ प्रस्तुत किया | राजेन्द्र सिंह ने भजन सुना, हुकुम सिंह ने लोकनायक के सम्मान में देश प्रेम, किसान, मजदूर के जीवन पर प्रकाश डालने वाला गीत गा कार्यक्रम में शामिल सभी साथियों को आत्मविभोर कर दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी चिन्तक शिक्षाविद राम दुलार यादव ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश विलक्षण प्रतिभावान, निर्भीकता पूर्वक अपने विचार व्यक्त करने वाले प्रखर समाजवादी नेता रहे, उन्होंने कठिन परिश्रम कर शिक्षा अर्जित की और मार्क्सवाद से प्रभावित रहे लेकिन जब वह गाँधी जी के संपर्क में आये तो वह गाँधीवादी हो गये, उनका मानना था कि राष्ट्रपिता का विचार सात्विक अहिंसक है, जबकि मार्क्सवाद तामसिक हिंसा से सत्ता हासिल करना चाहते थे, उन्होंने गाँधी जी के विचार को आगे बढ़ाते हुए सम्पूर्ण क्रान्ति का नारा दिया, राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक क्रान्ति, बौद्धिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, नैतिक क्रान्ति, उनका मानना था कि प्रेम, सद्भाव, बंधुत्व और करुणा से नये समाज का निर्माण होगा जिसमे सभी तरह के भेद-भाव समाप्त होंगे, सभी को शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार के साधन सुलभ होंगे | राजनीति लोक कल्याण का कार्य बिना किसी भेद-भाव के हर वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित होगी।
श्री यादव ने कहा कि गुजरात और बिहार में आंदोलित छात्रों की बढ़ी फीस तत्कालीन सरकार ने वापस नहीं लिया, आन्दोलन जोर पकड़ा, तंत्र का दुरुपयोग हो रहा था, जयप्रकाश जी ने छात्रों, नवजवानों को संगठित कर लोकतंत्र की रक्षा के लिए सत्ता के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल बजा दिया, देश में मंहगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार चरम सीमा पर सत्ता के संरक्षण में हो रहा था, देश में आपातकाल लगा, जयप्रकाश जी समेत सभी दलों के नेताओं को जेल में डाल दिया गया, आपातकाल हटा, लोकनायक के नेतृत्व में चुनाव हुआ, इन्ही के अथक प्रयास ने तत्कालीन सरकार को केन्द्र से उखाड़ दिया।
आज भी लोकतंत्र, संविधान, संवैधानिक संस्थाओं को वर्तमान सरकार कमजोर कर रही है, मंहगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, झूठ, लूट से हर वर्ग परेशान है, छात्र, नवजवान सडकों पर आंदोलित है, सरकार आन्दोलन को कुचलने का हर संभव प्रयास कर रही है, आज किसी लोकनायक की ओर देश देख रहा, जो लोकतंत्र की रक्षा कर सम्पूर्ण क्रान्ति का समाज बनाये, जिससे व्यक्ति गरिमापूर्ण जीवन जी सके।
इस अवसर पर ज्ञानपीठ केन्द्र के प्रमुख साथियों, समाजवादी विचारकों ने लोक नायक जयप्रकाश जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया, राम दुलार यादव, इंजी0 धीरेन्द्र यादव, राम प्यारे यादव, जय प्राकश सिंह एडवोकेट, ताहिर अली, राजेन्द्र सिंह, विजय भाटी एडवोकेट, रामेश्वर यादव, अमृतलाल चौरसिया, राम नाथ सिंह, जगन्नाथ प्रसाद, मुनीव यादव, हुकुम सिंह, डा0 देवकर्ण चौहान, सम्राट सिंह, सी0 बी0 मौर्य, हरेन्द्र यादव, प्रेम चन्द पटेल, विक्रम सिंह, हरिकृष्ण, उदय प्रताप आदि।


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