मुकेश गुप्ता
नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि महोत्सव में मां भगवती की आराधना, शतचंडी महायज्ञ और धार्मिक अनुष्ठानों में उमड़े श्रद्धालु
गाजियाबाद। गाजियाबाद स्थित प्राचीन सिद्धपीठ श्री देवी मंदिर में नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि महोत्सव का समापन कन्या पूजन, विधि-विधान से पूजा-अर्चना, हवन-यज्ञ की पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ श्रद्धा और भक्तिभाव से संपन्न हुआ। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर, गाजियाबाद के पीठाधीश्वर, श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष एवं जूना अखाड़ा 13 मढ़ी के अध्यक्ष श्रीमहन्त नारायण गिरि महाराज के आशीर्वाद एवं पावन सानिध्य में आयोजित नवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत पूरे नवरात्रि महोत्सव के दौरान मंदिर में मां भगवती के दर्शन, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर मां के जयकारों और भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा।
नवरात्रि महोत्सव मंदिर के महंत श्री गिरिशानंद गिरि जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, संतान की खुशहाली और जीवन में सुख-शांति की कामना की। महोत्सव के दौरान प्रतिदिन मां भगवती की पूजा-अर्चना, आरती, हवन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए, जिनमें भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की गई। श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर में सुबह से ही दर्शन के लिए भक्तों का पहुंचना शुरू हो जाता था। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां भगवती के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना की।
कन्या पूजन के साथ हुआ महोत्सव का समापन
नवरात्रि महोत्सव के अंतिम दिन राम नवमी के पावन अवसर पर कन्या पूजन का आयोजन किया गया। धार्मिक परंपराओं के अनुसार छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया गया। कन्याओं को तिलक लगाकर, विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भोजन कराया गया तथा उपहार एवं दक्षिणा भेंट की गई। श्रद्धालुओं ने कन्याओं का आशीर्वाद प्राप्त कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर में आयोजित शतचंडी महायज्ञ के अंतर्गत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां समर्पित की गईं। यज्ञ की पूर्णाहुति के अवसर पर विश्व कल्याण, समाज में सुख-शांति, आपसी सद्भाव, देश की उन्नति और मानव कल्याण की कामना की गई। धार्मिक अनुष्ठानों के समापन पर श्रद्धालुओं ने मां भगवती के जयकारे लगाए और मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से भर उठा।
विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
नवरात्रि महोत्सव के समापन पर मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर की धार्मिक परंपराओं के अनुरूप भक्तों ने सेवा और सहयोग के माध्यम से आयोजन में सहभागिता निभाई। भंडारे के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
मंदिर के महंत श्री गिरिशानंद गिरि जी महाराज ने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मां भगवती की आराधना को शक्ति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि नवरात्रि का पर्व हमें नारी शक्ति के सम्मान, धर्म के मार्ग पर चलने, सेवा भाव अपनाने और समाज में प्रेम एवं सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। मां दुर्गा के नौ स्वरूप हमें जीवन में साहस, संयम, करुणा और धर्म के प्रति समर्पण का संदेश देते हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि मां भगवती की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे और प्रत्येक परिवार में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली आए। उन्होंने समाज के लोगों से धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सामाजिक सेवा, जरूरतमंदों की सहायता और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाने का आह्वान किया। महंत विजय गिरि जी महाराज ने बताया कि
इस प्रकार प्राचीन सिद्धपीठ श्री देवी मंदिर में नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि महोत्सव कन्या पूजन, शतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति, पूजा-अर्चना और विशाल भंडारे के साथ श्रद्धा एवं उल्लासपूर्वक संपन्न हुआ।नवरात्रि महोत्सव के विभिन्न धार्मिक आयोजनों में गाजियाबाद शहर विधायक संजीव शर्मा, बाबा लाल मंदिर के महंत महेश दास महाराज, प्रवेश गर्ग, राहुल गर्ग,उपमहापौर राजीव शर्मा, श्री रूप गिरि महाराज, श्री सुनील नागर, दूधेश्वरनाथ मंदिर की श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल, साध्वी गिरजानंदनी गिरि, योगेन्द्र सिंह, सतवीन चौधरी, शिवकुमार, मीडिया प्रभारी पिंटू सुथार सहित अनेक संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यापारी बंधुओं, मातृशक्ति एवं सैकड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता रही। श्रद्धालुओं ने मां भगवती के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और अगले वर्ष पुनः नवरात्रि महोत्सव में शामिल होने की कामना के साथ मंदिर से विदाई ली।



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