शनिवार, 23 मई 2026

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने उज्जैन में भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना व अभिषेक किया

 






विशेष संवाददाता

उज्जैन मध्य प्रदेश । श्रीमहंत हरी गिरि जी महाराज संरक्षक अंतर्राष्ट्रीय श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा महामंत्री अखाड़ा परिषद, अध्यक्ष सभापति श्रीमंहत मोहन भारती सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर गाजियाबाद के पीठाधीश्वर जूना अखाड़ा के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज 10 दिन की कुंभ मेला पूजन, देव दर्शन व संत सम्पर्क यात्रा के लिए उज्जैन पहुंच गए। महाराजश्री का उज्जैन पहुंचने पर भक्तों द्वारा स्वागत अभिनंदन किया गया। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने उज्जैन में महाकाल के दर्शन किए। जूना अखाड़ा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमहंत महेश पुरी महाराज,श्रीमहंत रामेश्वर गिरि महाराज, श्रीमहंत केदारपुरी महाराज, भास्कर पुरी महाराज, परमात्मानंद गिरि महाराज, सेक्रेटरी श्रीमंहत ओम भारती, थानापति नीलकंठ गिरी, श्रीमहंत विष्णु प्रिया गिरि श्रीधाम वृंदावन मथुरा उत्तर प्रदेश, किशन गिरी समेत सैकडों संतों के उन्होंने भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना की व उनका अभिषेक किया। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि महाकालेश्वर, उज्जैन मध्य प्रदेश में शिप्रा नदी के तट पर स्थित हिंदुओं का एक अत्यंत पवित्र और आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह देश का एकमात्र दक्षिणमुखी, दक्षिण दिशा की ओर मुख वालाद्ध ज्योतिर्लिंग है। यहाँ स्थापित शिवलिंग स्वयंभू, स्वयं से प्रकट हुआ  है। शिव पुराण के अनुसार, प्राचीन काल में अवंतिका ;उज्जैनद्ध नगरी में दूषण नामक राक्षस ने आतंक मचा रखा था। भक्तों की रक्षा के लिए भगवान शिव धरती फाड़कर महाकाल के रूप में प्रकट हुए और उस राक्षस का वध किया। तभी से वे यहाँ काल के नियंत्रक के रूप में विराजमान हैं और अपने भक्तों की रक्षा कर रहे हैं। यहाँ की सबसे अनूठी विशेषता भस्म आरती है, जो ब्रह्म मुहूर्त ;सुबह तड़के में होती है। इसमें ताज़ी चिता की भस्म से भगवान शिव का श्रृंगार किया जाता है। महाराजश्री ने कहा कि महाकाल भगवान के दर्शन मात्र से ही मृत्यु का भय भी दूर हो जाता है। श्रीमहंत महेश पुरी महाराज ने कहा कि दक्षिणमुखी होने के कारण महाकालेश्वर महादेव की अत्यन्त  महत्ता है। इसके दर्शन मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। श्रीमहंत रामेश्वर गिरि महाराज ने कहा कि जो महाकाल का भक्त होता है उसका काल भी कुछ नहीं बिगड़ सकता है। श्रीमहंत केदारपुरी महाराज ने कहा कि महाकाल भगवान कभी भी अपने भक्तों को निराश नहीं करते हैं। जो भी भक्त सच्चे मन से उनके शरण में आ जाता है, उसके सभी दुख, कष्ट व संकट दूर हो जाते हैं। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज के संरक्षण व मार्गदर्शन में दत्त अखाडा, दातार अखाडा व नीलगिरि में चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया  थानापति  महन्त  चांद गिरि जी महाराज। नासिक में कुंभ मेला 2027 के लिए हो कार्यो का निरीक्षण किया नील गंगा जूना अखाड़ा में गोविंद सोलंकी राहुल कटियार पत्रकार सभी गुरु मूर्तियों का स्वागत किया

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