रविवार, 27 जुलाई 2025

हरियाली तीज महोत्सव समिति द्वारा आयोजित तीज महोत्सव में भावना व रशिम वर्मा तीज कवीन बनी

 

                         मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । हरियाली तीज महोत्सव समिति द्वारा भव्य तीज महोत्सव ताराचन्द बंसल, अजय कुमार गोयल व अमित बंसल के सौजन्य से रविवार दिनांक 27 जुलाई 2025 को मीनामल की धर्मशाला, हापुड़ रोड, गाजियाबाद पर पारंपरिक उल्लास और आधुनिक साज-सज्जा के साथ मनाया गया। रंग बिरंगे परिधानों में सजी महिलाओं ने गीत संगीत की स्वरलहरियो के साथ तीज का उत्सव मनाया गया। इस आयोजन की मुख्य संयोजिका शालिनी गोयल ने कहा कि तीज जैसे पर्व हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का माध्यम बनते हैं। यह उत्सव महिलाओं के आत्मबल व सामूहिक शक्ति का प्रतीक है। इस कार्यक्रम का संचालन संयोजिका शालिनी गोयल व संयोजक अजय कुमार गोयल ने किया। कार्यक्रम के श्रीमती डॉ. अन्तिमा चौधरी प्रधानाचार्या नगर पालिका बालिका इण्टर कॉलेज एवं श्री प्रेमचन्द गुप्ता चेयरमैन दुर्गा वाशिंग पाउडर (मुख्य अतिथिगण ) व अति विशिष्ट अतिथि  पवन गोयल जीडीए बोर्ड सदस्य को समिति के पदाधिकारियों ने पटका व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।  

तीज क्वीन का खिताब ग्रुप-1 (40 वर्ष से कम) भावना व ग्रुप-2 (40 वर्ष से अधिक) रश्मि  वर्मा ने अपने नाम किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रतिभागियों की प्रस्तुति के निष्पक्ष मूल्यांकन मंडल में डॉ. वीना मित्तल व नीतू बंसल का विशेष सहयोग रहा।  इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम में शिवी, कोमल, काव्या, नंदिनी, तनवी, निशिका, वाणी, मयूरी, सृष्टि, पिंकी, सोनल, प्रियंका, टीना, शालू, दयावती, रेखा, नर्मदा, रेनू, सीमा, कंचन, मंजू आदि महिलाओं व बच्चों ने अपनी शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दौरान मनमोहक राधा-कृष्ण, शंकर-पार्वति, कृष्ण-सुदामा, काली माँ की झांकियों की प्रस्तुति ने सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। इस अवसर पर ताराचंद बंसल, अजय कुमार गोयल, अमित बंसल, शालिनी गोयल, नेहा बंसल, मेनका बंसल, नर्मदा गर्ग, दयावती शर्मा, रेखा गर्ग, अनिता शर्मा, नरेन्द्र बंसल, अनुराग अग्रवाल, राकेश मोहन, प्रदीप गुप्ता, महेन्द्र गुप्ता, राजीव अग्रवाल, रोशनलाल शर्मा, अश्वनी बत्रा, नीतू कंसल, भारती गर्ग, मुकेश गोयल, राकेश मित्तल, राजेश गुप्ता, बी एन अग्रवाल, अतुल आनन्द गुप्ता, मनोज तायल, राधारमण अग्रवाल आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही।

27 वें ब्राह्मण युवक-युवती परिचय सम्मलेन के मुख्य पंजीकरण कार्यालय का हुआ उदघाटन: पं0 जे. के. गौड़




                          मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा गाजियाबाद के 27 वें ब्राह्मण युवक-युवती परिचय सम्मलेन के मुख्य पंजीकरण कार्यालय का उदघाटन संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं0 गोपाल दत्त शर्मा द्वारा किया गया| कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पं0 संजीव शर्मा विद्यायक रहे! कार्यक्रम के अन्य अतिथि प0 सुरेंद्र कुमार मुन्नी, प0 के. के. शर्मा आदि रहे, एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोजन समिति के अध्यक्ष पं0 आदेश शर्मा द्वारा की गई|


पं ० जे. के. गौड़ ने बताया कि भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के 27 वें ब्राह्मण युवक-युवती परिचय सम्मलेन विगत 27 वर्षों से लगातार महानगर एवं जनपद शाखा द्वारा आयोजित किया जाता रहा है। पिछले वर्ष लगभग 600 पंजीकरण हुए थे। इस वर्ष लगभग 700 की संभावना है। आज पहले दिन ही 25 पंजीकरण हो चुके है।  उनहोंने बताया कि यह कार्यक्रम 08 एवं 09 नवम्बर  2025 को अग्रसेन भवन लोहिया नगर में आयोजित होगा। इस परिचय सम्मलेन में एन.सी.आर. के साथ-साथ दिल्ली, पंजाब, हरियाणा एवं यू.पी. के दुरस्त जनपदों से भी पंजीकरण होते है। बाहर के जनपदों से पंजीकरण करने वाले अभिभावकों के ठहरने की व्यवस्था आयोजन समिति द्वारा निशुल्क की जाती है। 

 पं ० जे. के. गौड़ ने बताया  कि पंजीकरण कार्यालय एवं पश्चिमी उ० प्र० के विभिन्न जनपदों के स्थानीय कार्यालय में कराए जा सकते है। पंजीकरण ऑनलाइन भी संस्था की वेबसाइट www.abbmsgzb.in  के माध्यम द्वारा कर ईमेल: abbmgzb@gmail.com पर भेजे जाएंगे। 

उदघाटन में पं. जे. के. गौड़, पं. जयनन्द शर्मा, पं. सुभाष शर्मा, पं. नरेश पाल कौशिक, पं. नरेन्द्र कुमार शर्मा,  पं. अमित भारद्वाज, पं. विष्णु शर्मा, पं. परमानन्द गौड़, पं. आदेश शर्मा, पं. आर के शर्मा, पं. विजय भरद्वाज, पं. संदीप शर्मा, पं. हरी ओम शर्मा, पं. आशुतोष शर्मा, पं. जे पी शर्मा, पं. हिमांशु भरद्वाज, पं. धीरज भार्गव, पं. डी डी शर्मा, पं. अशोक शर्मा, पं. फेरुदत्त शर्मा, पं. सुरेन्द्र शर्मा, पं. एस. के. शर्मा, पं. नितिन शर्मा, पं. राजेंद्र शर्मा, पं. मदन शर्मा आदि भी मौजूद रहे।





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महालक्ष्मी राजयोग जैसे शुभ योग में मनाया जाएगा हरियाली तीज का पर्व

 

गाजियाबादःसिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर, श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता व दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने सभी को हरियाली तीज पर्व की बधाई दी। साथ ही सभी पर भगवान शिव व माता पार्वती की   कृपा हमेशा बने रहने का आशीर्वाद दिया। महाराजश्री ने कहा कि इस बार की हरियाली तीज और भी खास है क्योंकि रविवार को महालक्ष्मी राजयोग बन रहा है। महालक्ष्मी राजयोग के कारण महालक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होगी जिससे जीवन में सुख-समृद्धि व खुशहाली आएगी। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि हरियाली तीज का धार्मिक महत्व बहुत अधिक है। यह पर्व अखंड सौभाग्य और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और खुशहाली के लिए मनाया जाता है।  सुहागिन महिलाएं इस दिन पति की लंबी उम्र व परिवार में प्रेम व सुख-शांति के लिए व्रत रखती हैं। वहीं  कुंवारी लड़कियां योग्य जीवनसाथी के लिए व्रत रखती हैं। भारत के कई हिस्सों में हरियाली तीज को बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। हरियाली तीज को माता पार्वती और भगवान शिव के पवित्र मिलन का प्रतीक माना जाता है। इसी कारण इस पर्व माता पार्वती व भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से अखंड सौभाग्य के साथ सुख-शांति व खुशहाली का वरदान प्राप्त होता है। इस पर्व पर महिलाओं द्वारा हाथों में मेहंदी लगाने की परम्परा भी है। हाथों में मेहंदी लगाने से माता पार्वती प्रसन्न होती हैं और हर मनोकामना पूर्ण करती हैं। हरियाली तीज का पर्व सुहाग और सौभाग्य से जुड़ा है। इसी कारण माता पार्वती को चूड़ी, बिंदी, सिंदूर, कंघी, मेहंदी, लाल चुनरी आदि सोलह श्रृंगार की वस्तुएं माता पार्वती को अर्पित की जाती हैं। इससे सुहाग का आशीर्वाद मिलता है और वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहती है।

प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता वरूण शर्मा परमार्थ निकेतन दर्शनार्थ आये, स्वामी चिदानन्द सरस्वती से लिया आशीर्वाद

 


🌺स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में विश्व विख्यात परमार्थ गंगा आरती में अभिनेता वरूण शर्मा ने किया सहभाग

🌸स्वामी जी ने हिमालय की हरित भेंट रूद्राक्ष का पौधा देकर वरूण शर्मा का किया अभिनन्दन

ऋषिकेश, 26 जुलाई। प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता वरुण शर्मा ने आज ऋषिकेश स्थित विश्वविख्यात आश्रम, परमार्थ निकेतन में पहुँचकर दिव्य दर्शन किए और  स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उनका यह आगमन उनके लिये एक आध्यात्मिक अनुभूति से परिपूर्ण रहा, जिसमें उन्होंने परमार्थ गंगा तट की शांति को अनुभव कर सनातन संस्कृति की जीवंत परंपराओं का अनुभव किया।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में वरुण शर्मा ने परमार्थ निकेतन की विश्व प्रसिद्ध एवं भव्य गंगा आरती में सहभाग किया। प्रतिदिन सायंकाल गंगा के तट पर आयोजित होने वाली यह आरती एक दिव्य धार्मिक अनुष्ठान के साथ ही पर्यावरण संरक्षण, जलसंरक्षण और विश्वशांति का संदेश देने वाली भारत की सांस्कृतिक विरासत है।

गंगा आरती के पश्चात् स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने वरुण शर्मा को हिमालय की हरित भेंट, रूद्राक्ष का पौधा प्रदान कर उनका अभिनन्दन किया। यह प्रतीकात्मक भेंट न केवल पर्यावरण संतुलन के प्रति प्रतिबद्धता है, जो संदेश देती है कि आध्यात्मिकता और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं।

इस अवसर पर स्वामी जी ने कहा, बॉलीवुड जैसे प्रभावशाली माध्यम से यदि पर्यावरण, जल, स्वच्छता और संस्कृति के संदेशों को प्रचारित किया जाए, तो यह जनमानस को जागरूक करने का सशक्त मार्ग बन सकता है। वरुण जैसे युवा लोकप्रिय अभिनेता युवाओं के प्रेरणास्रोत है, उनकी फिल्मों से एक सकारात्मक दिशा मिलती है।

वरुण शर्मा ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे परमार्थ निकेतन आने का अवसर मिला। यहाँ की ऊर्जा, पूज्य स्वामी जी का सान्निध्य, और गंगा आरती का दिव्य अनुभव अविस्मरणीय है। मैं स्वामी जी का आभारी हूँ, जिन्होंने मुझे इतना प्रेम और प्रेरणा दी। उनके पर्यावरण और स्वच्छता अभियान वास्तव में अद्भुत हैं।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने हिमालय की हरित भेंट रूद्राक्ष का पौधा वरूण शर्मा को आशीर्वाद स्वरूप भेंट किया।

शनिवार, 26 जुलाई 2025

🇮🇳कारगिल विजय दिवस पर हमारे वीर बलिदानियों के बलिदान को नमन, सैनिक वेतन के लिये नहीं वतन के लिये लड़ते हैं--स्वामी चिदानन्द सरस्वती


✨विजय, जज्बा और अमर चेतना का पर्व

💥विजय दिवस, भारत की आत्मा की विजय

ऋषिकेश, 26 जुलाई। परमार्थ निकेतन में आज कारगिल विजय दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती  के पावन सान्निध्य में ऋषिकुमारों ने तिरंगा हाथों में लेकर भारत की सेना के वीर बलिदानियों को अपनी भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित की। आज की परमार्थ गंगा आरती विशेष रूप से उन रणबाँकों को समर्पित की गई, जिन्होंने कारगिल युद्ध में अद्वितीय शौर्य और पराक्रम का परिचय देते हुए माँ भारती की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। सभी ने भारत की सीमाओं की रक्षा में शहीद हुए अमर बलिदानियों को कृतज्ञता और सम्मान के साथ नमन किया।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती  ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कहा, हमारे सैनिक किसी वेतन के लिये नहीं, बल्कि वतन के लिये लड़ते हैं। उनका जीवन देश की सेवा और सुरक्षा के लिये समर्पित होता है। वे सीमाओं पर खड़े होकर न केवल गोलियों से लड़ते हैं, बल्कि हमारी नींद, हमारी आजादी, और हमारे तिरंगे की गरिमा की रक्षा के लिये अपना सब कुछ न्यौछावर करते हैं।

स्वामी जी ने कहा कि जो वीर बर्फीली चोटियों पर देश के लिए अपना लहू बहाते हैं, वे किसी स्वार्थ या सम्मान के लिये नहीं, बल्कि माँ भारती के लिए मर-मिटने का जज्बा लेकर चलते हैं। 

स्वामी चिदानन्द सरस्वती  ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक युद्ध की स्मृति नहीं है, यह भारत की आत्मा की विजय का प्रतीक है। यह वह ज्वाला है जिसने हर भारतीय हृदय में राष्ट्रप्रेम की अग्नि को प्रज्वलित किया। यह कोई सामरिक जीत मात्र नहीं थी, बल्कि भारत की जुझारू चेतना की उद्घोषणा थी,  वह आत्मा जो हिमालय से ऊँची है, गंगा से पवित्र और तिरंगे की तरह गौरवशाली है।

भारत के वीर सैनिकों का यह वाक्य या तो तिरंगा लहराकर आऊँगा, या उसमें लिपटकर आऊँगा। यह केवल शब्द नहीं, बल्कि उन वीरों की विशाल राष्ट्रनिष्ठा और राष्ट्र प्रेम की अभिव्यक्ति है। मानव इतिहास में ऐसे समर्पण दुर्लभ हैं, यह आदर्श है शक्ति और भावना का केवल भारत में ही देखने को मिलती है।

आज हम भारतवासी उन सभी अमर बलिदानियों को शत-शत नमन करते हैं, जिनकी रगों में रक्त नहीं, मातृभूमि के लिए समर्पण बहता है। आज हम उन सभी का स्मरण करते हैं जिन्होंने न केवल अपनी जान दी, बल्कि देश की आत्मा को अक्षुण्ण रखा; मातृभूमि की रक्षा और सम्मान को अक्षुण्ण रखा।

1999 का कारगिल युद्ध भारतीय सेना के शौर्य की अद्भुत मिसाल है। पर्वतीय प्रदेशों में अत्यधिक दुर्गम सामरिक स्थितियों में जिस अद्भुत साहस, और रणनीति का परिचय दिया व अद्भुत था। कारगिल की वह लड़ाई आज भी हर भारतीय को राष्ट्र संगठित रखने का संदेश देती है।

मैराथन की तैयारियों के मददेनजर प्राधिकरण उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने सिटी फारेस्ट का लिया जायजा




डीसीपी ट्रांसहिंडन एवं एडीसीपी ट्रैफिक के साथ की मंत्रणा, मैराथन के रूट (एलिवटेड रोड) का भी लिया जायजा

                         मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर 27 जुलाई दिन रविवार को होने वाली ग्रीनाथाॅन  की थींम रन फाॅर ग्रीन गाजियाबाद के मद्देनजर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष  अतुल वत्स के द्वारा शनिवार  को राजनगर एक्सटेंशन स्थित सिटी फारेस्ट का जायजा लिया। इस बीच डीसीपी ट्रांसहिंडन  निमिष  पाटिल और एडिशनल  एडीसीपी ट्रेफिक   सच्चिदानंद सिंह के साथ मंत्रणा की और मैराथन के रूट का जायजा लिया। देर शाम  को  सिटी फारेस्ट में प्राधिकरण के अधीनस्थ अधिकारियों और स्टाफ के साथ बैठक का आयोजन किया गया और अधीनस्थ अधिकारी एवं स्टाफ को जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया। 

प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने कहा कि सिटी फॉरेस्ट में प्रातः 5 बजे से जुम्बा और भांगड़ा का कार्यक्रम रखा गया है और प्रातः 5:30 बजे से 21.1 किलो मीटर की हाफ मैराथन दौड़ की शुरू आत होगी , 10 किलों मीटर की दौड़ प्रतिस्पर्धा प्रातः 5:45 बजे से रखने का तय किया गया है जबकि 5 किलो मीटर की दौड़ का आयोजन प्रातः 6:15 बजे से किया जायेगा। इसी तरह 3 किलो मीटर की फन दौड़ प्रातः 6:30  बजे से होगी । प्रातः 8:30 से 9:00 बजे के बीच एक दौड़, एक पेड माँ के नाम से वृक्षारोपण का कार्यक्रम  प्रस्तावित किया गया है । इस मैराथन से प्रत्येक उम्र के लोग जुडे सकें इसके लिए इसे चार अलग श्रेणियों में रखा गया है, अर्थात 21.1 किलो मीटर,10 किलो मीटर, 5 और 3 किलो मीटर फन रन। इस मैराथन की शुरुआत सिटी फारेस्ट से की जाएगी, एलीवेटेड रोड होते हुए मार्ग तय किया गया है।  

उपाध्याय अतुल वत्स ने बताया कि इस दिवस पर हिंडन नदी के किनारे पौधे भी लगाए जाएंगे। मैराथन में हिस्सा लेने वालों को टी शर्ट,मैडल तथा सार्टिफिकेट भी उपलब्ध कराए जाएंगे।  मैराथन में विजेताओं को नगद धनराशि से भी सम्मानित किया जाएगा, 21.1 किलो मीटर मैराथन में विजेता महिला एवं  पुरुषों को 21 हजार की धनराशि से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ साथ प्रथम रनर को 11 हजार एवं द्वितीय रनर को 5100 रूपए  एवं 10 किलो मीटर की मैराथन में विजेता महिला एवं पुरुषों   को 11 हजार एवं प्रथम रनर को 5100 और द्वितीय रनर को 3100 एवं 5 किलो मीटर की मैराथन में विजेता महिला एवं पुरुषों  को 5100 तथा प्रथम रनर को 3100 और द्वितीय रनर को 2100 नगद धनराशि  से सम्मानित किया जाएगा।

तुषार कौशिक रालोद युवा के महानगर अध्यक्ष बने

 

                         मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । राष्ट्रीय लोकदल महानगर द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन जे एस बी पार्टी हाल नवयुग मार्केट में  किया गया। प्रेस में युवा महानगर अध्यक्ष पद पर  तुषार कौशिक को मनोनीत किया गया। उन्हें मनोनयन पत्र हसतेनापुर क्षेत्रीय अध्यकू युवा आसिफ चौधरी  और महानगर अध्यक्ष डा० रेखा चौधरी ने सोपा ।कार्यक्रम का  संचालन प्रदेश महासचिव रविन्द्र चौहान ने किया और  तुषार कौशिक के साथ बहुत से युवाओं ने पार्टी की सस्स्यता ग्रहण की ।क्षेत्रीय अध्यक्ष युवा आशिक थरी के पार क अध्यक्ष मनोनीत होने पर बधाई दी और को पार्टी से जोड़ने का लक्ष्य दिया। महानगर चौधरी ने कहा कि तुषार कौशिक एक समाजसेवी है और समाज के हर मुद्दे पर काम करते हैं पार्टी में भी वे समाज सेवा की भावना से काम करेंगे। काम


कार्यक्रम में अलासंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  इन्द्रजीत सिंह टीटू जगराज  बालियान, सविन्द्र चौहान, विजय कौशिक, भूपेन्द्र इबास प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, सतबीर सिंह, सुधीर तोकर, राजू गीतम विशाल चौधरी अपेन्द्र चौधरी, संजीव अरोडा, खेल प्रकोष्ठ, सूजीव चौधरी प्रदीप त्यागी, दिनेश शर्मा, दोतीय उपाध्यक्ष विशाल सिरोही, उदश उपाध्यक दीपाला, गीता त्यागी, प्रेमा किसान प्रकोष्ठ प्रदेश प्रदेश सचिव अमित त्यागी पूर्व जिलाध्यक्ष अमित त्यागी, प्रदेश सचिव ओ०ड़ी व्याग व्यागी, राजू सिंह रह पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने वाली है अभिपक कुमार, बबलू मोहित कुमार शिवक लिभमा राजा शमा, विवेक शर्मा, दीपक तवर, अमित, पवन सूर्यवंशी आदि उपस्थित हुए

शुक्रवार, 25 जुलाई 2025

12 वर्ष की तपस्या करने वाले दौलत गिरि महाराज को बड़ा शिव मंदिर बाबा प्रेम गिरि महाराज का महंत घोषित किया गया

 



श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज की अध्यक्षता में हुए महंताई चादर विधि समारोह में देश भर के संतों व भक्तों ने भाग लिया 



                         मुकेश गुप्ता

नई दिल्लीः12 वर्ष की तपस्या करने वाले दौलत गिरि महाराज को बड़ा शिव मंदिर बाबा प्रेम गिरि महाराज का महंत घोषित किया गया

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज की अध्यक्षता में हुए महंताई चादर विधि समारोह में देश भर के संतों व भक्तों ने भाग लिया 

नई दिल्लीः 

12 वर्ष से तपस्या कर रहे दौलत गिरि महाराज की 12 वर्ष की तपस्या पूर्ण हो गई।   तपस्या पूरी होने पर शुक्रवार को उन्हें श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के संरक्षक और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि जी महाराज के आज्ञा व निर्देशानुसार बड़ा शिव मंदिर बाबा प्रेम गिरि महाराज आश्रम न्यू अशोक नगर का विधिवत रूप से महंत घोषित किया गया। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर, श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता व दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज की अध्यक्षता मे हुए समारोह में देश भर से साधु-संतों व भक्तों ने भाग लिया। शुक्रवार को दोपहर 12 बजे शोभा यात्रा निकाली गई। उसके बाद अभिजीत मुहूर्त में उनका महंताई चादर विधि समारोह हुआ। सबसे पहले श्री पंच दशनाम जूना अखाडे की ओर से सचिव कंचन गिरि महाराज ने चादर ओढाई। उसके बाद दिल्ली संत महामंडल की ओर से अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज, महामंत्री महामंडलेश्वर नवल किशोर दास महाराज, कोषाध्यक्ष महंत धीरेंद्र पुरी महाराज, महामंडलेश्वर शिवचंद्रानंद गिरी महाराज ब्रहमचारी, श्रीमहंत रामा पुरी महाराज, मोइयापुर के थानापति धर्मेंद्र गिरि महाराज नोएडा गौतम बुध नगर, भागीरथ पुरी आश्रम के महंत शुक्रपुरी महाराज महादेव रेलेश्वर महादेव मंदिर के महंत बबलू गिरि महाराज, दादरी से महंत  किशन गिरि महाराज, महंत नारायण गिरि महाराज,नागा का ठाकुरद्वारा गुप्ता कॉलोनी दिल्ली कोतवाल मंगलदास, हनुमान मंदिर के महंत भूषण गिरि महाराज ने चादर ओढाई। महंत बनने के बाद महंत दौलत गिरि महाराज ने सबसे पहले ब्रह्मलीन महंत प्रेम गिरि महाराज की समाधि पर मत्था टेका व पूजा-अर्चना की। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि महंत दौलत गिरि महाराज ने 12 वर्ष तक तपस्या की। बाबा मोहन धाम की खोली में भी उन्होंने तपस्या की। उन जैसे तपस्वी संतों की ही आज समाज व देश को जरूरत है। उनके महंत बनने से समाज में एक बार फिर से धर्म की स्थापना होगी और सनातन धर्म का परचम विश्व भर में फहराएगा। महंत दौलत गिरि महाराज ने कहा कि उनका जीवन धर्म के लिए ही समर्पित है। श्रीमहंत प्रेम गिरि महाराज के दिखाए मार्ग पर चलते हुए वे धर्म, आध्यात्म व भारतीय संस्कृति व विरासत की पुर्नस्थापना के लिए समर्पित रहेंगे। आरएसएस के प्रचारक राजेश अशोक भाटी, प्रसिद्ध समाजसेवी रमेश शर्मा पिल्लू प्रधान गांधी नगर डीसीपी दिल्ली आशीष धनिया, राजपाल डेढा, विमल, जितेंद्र आदि भी मौजूद रहे। भंडारे में हजारों संतों व भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।

आयुष एवं आयुष शिक्षा सचिव, उत्तराखंड, दीपेंद्र चैधरी (आईएएस) आये परमार्थ निकेतन, स्वामी चिदानन्द सरस्वती से भेंट कर लिया आशीर्वाद

 ✨अमर शहीद श्रीदेव सुमन जी की पुण्यतिथि पर परमार्थ निकेतन गंगा जी की आरती अर्पित कर श्रद्धा सुमन किये समर्पित

💐उत्तराखंड को हैल्थ व वेलनेस राज्य के रूप में विकसित करने हेतु हुई विशद् चर्चा

💥जनक्रांति के अग्रदूत, मातृभूमि के लिए अमर बलिदान _का अनुपम उदाहरण है शहीद श्रीदेव सुमन जी

🌻श्रीदेव सुमन जी केवल एक क्रांतिकारी नहीं, बल्कि चेतना का स्थायी स्रोत-- स्वामी चिदानन्द सरस्वती

                     विशेष संवाददाता

ऋषिकेश, 25 जुलाई। परमार्थ निकेतन में आयुष एवं आयुष शिक्षा सचिव, उत्तराखंड, दीपेंद्र चैधरी  (आईएएस) का आगमन हुआ। उन्होंने स्वामी चिदानन्द सरस्वती से भेंट कर आशीर्वाद लिया। उत्तराखंड को हैल्थ व वेलनेस राज्य के रूप में विकसित करने हेतु हुई विशद चर्चा। स्वामी जी ने उन्हें कांवड मेला के सफलतापूर्वक समापन की शुभकामनायें दी।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती  ने कहा कि उत्तराखंड को हैल्थ और वेलनेस के क्षेत्र में वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करना होगा। गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों में हैल्थ व वेलनेस सेंटर्स खोलने की आवश्यकता पर बल देते हुये कहा कि यहां पर आयुर्वेद का विकास एक अत्यंत दूरदर्शी व यथार्थ दृष्टिकोण है। 

हैल्थ व वेलनेस सेंटर स्थापित करने से देश-विदेश से आने वाले योग प्रेमियों को प्रशिक्षण प्रदान करने तथा ट्रेनिंग प्रोग्राम संचालित करने हेतु भी मदद मिलेगी तथा उत्तराखंड की महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बना सकते हैं। साथ ही हिमालय की गोद में समृद्ध जड़ी-बूटी परम्परा को संरक्षित कर, उत्तराखंड़ को केरल की भांति एक अग्रणी हैल्थ व वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा सकता है।

राष्ट्र जनक्रांति के महानायक, स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी श्रीदेव सुमन की पुण्यतिथि पर परमार्थ निकेतन में विशेष यज्ञ कर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी और परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने श्रद्धासुमन अर्पित किये।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती  के पावन सान्निध्य में आज की परमार्थ निकेतन गंगा जी की आरती उन्हें समर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती  ने कहा कि श्रीदेव सुमन जी एक विचार थे; वे चिंगारी थे, क्रांति की ज्वाला थे। उनका जीवन त्याग, तप, सत्य और स्वदेश के लिए समर्पण की अद्भुत मिसाल है। 

गांधीजी से प्रभावित होकर उन्होंने सत्याग्रह, असहयोग और अहिंसा को अपने जीवन का मार्ग बनाया। उन्होंने टिहरी राज्य की तानाशाही और अन्याय के विरुद्ध आवाज बुलंद की। उन्होंने जनमानस को शिक्षित करने, संगठित करने और अत्याचार के विरुद्ध उठ खड़े होने की शक्ति दी। अपने लेखों, भाषणों और आंदोलनों के माध्यम से उन्होंने उत्तराखंड की राजनीति में क्रांतिकारी चेतना का संचार किया।

1944 में टिहरी रियासत की जेल में बंद किए गए श्रीदेव सुमन जी ने जब जेल में अमानवीय व्यवहार और तानाशाही का विरोध किया, तो उन्हें यातनाएँ दी गईं। लेकिन उन्होंने झुकने से इनकार किया। उन्होंने 84 दिन तक आमरण अनशन किया। अंततः 25 जुलाई 1944 को उन्होंने अपना जीवन मातृभूमि के चरणों में अर्पित कर दिया। वे मर कर भी जनमानस में, चेतना में, और स्वतंत्र भारत के इतिहास में अमर हो गए। 

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि आज की पीढ़ी को श्रीदेव सुमन जी जैसे अमर बलिदानियों से प्रेरणा लेनी होगी। जिन्होंने बताया कि एक अकेला व्यक्ति भी अन्याय के विरुद्ध क्रांति खड़ी कर सकता है। वे उत्तराखंड ही नहीं, संपूर्ण भारत के गौरव हैं।

स्वामी जी ने कहा कि आज उनका नाम केवल इतिहास की किताबों में नहीं, बल्कि चेतना में, संस्कार में और उत्तराखंड की आत्मा में बसा है। वे उन दुर्लभ सेनानियों में थे, जिन्होंने सत्ता के सामने घुटने नहीं टेके, बल्कि सत्य और आत्मबल के सामने सत्ता को झुका दिया। उनकी पुण्यतिथि राष्ट्रीय चेतना को पुनः जागृत करने का दिन है। 

स्वामी जी ने कहा कि राष्ट्र से बड़ा कोई धर्म नहीं, और सेवा से बड़ी कोई साधना नहीं। आज जब समाज अनेक सामाजिक, नैतिक और पर्यावरणीय चुनौतियों से जूझ रहा है, तब ऐसे समय में हमें उन वीर सपूतों की स्मृति और प्रेरणा की सर्वाधिक आवश्यकता है, जिन्होंने निःस्वार्थ भाव से राष्ट्रहित में अपने प्राणों का बलिदान दिया। 

अमर शहीद श्रीदेव सुमन जी ऐसे ही युगनायक थे, जिनका जीवन संघर्ष, तप और त्याग की अनुपम गाथा है। श्रीदेव सुमन जी केवल एक क्रांतिकारी नहीं, बल्कि चेतना का स्थायी स्रोत है। हमें उनके आदर्शों को आत्मसात कर एक जागरूक, सशक्त और सुसंस्कृत समाज की रचना करनी होगी। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

ममता की छाँव सेवा ट्रस्ट के तीज उत्सव में महिलाओं ने ढोलक की थाप पर रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए

  गाजियाबाद (सुशील कुमार शर्मा) : ममता की छांव सेवा ट्रस्ट (पंजी.)  द्वारा शुक्रवार 25 जुलाई को अपराह्न  उत्सव- भवन, विजय नगर में तीज़ का उत्सव  रंगारंग कार्यक्रम कर मनाया गया। लगभग  4 घंटे चले इस कार्यक्रम में 70 से अधिक महिलाओं ने भागीदारी की । सभी महिलाओं की एंट्री फिल्मी धुन  'तुम इतने दिन कहां रहे' और 'अच्छा तो हम चलते हैं'  की तर्ज पर हुई। उसके पश्चात सभी ने ढोलक की थाप पर कुछ भजन और सावन के गीत गाए और नृत्य किया। उसके पश्चात कुछ गेम्स खेले गए। जिसमें एक गेम था 'आउट और इन'। एक गेम पर्चियों के साथ था। जिसमें पर्ची में जो भी शब्द और गाने लिखे थे महिलाओं को वह गाना एक्शन के साथ करके दिखाना था। उसके बाद एक महिला के चित्र पर आंखें बंद करके बिंदी, काजल और लिपस्टिक लगाने की स्पर्धा हुई। सुधा रानी ने सावन के गीत पर,रानी ममता ने 'चूड़ी मज़ा न देगी पर,' श्वेता त्रिपाठी ने 'ये  गलियां ये चौबारा' व पूनम और मुस्कान ने एक-एक गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया। छोटी बच्ची ओमाइशा त्रिपाठी ने एक प्यारे से गाने पर बहुत सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया।सीमा शर्मा और सुधा रानी ने 'बैठ जा, बैठ गई ,खड़ी हो जा, खड़ी हो गई' गाने पर एक लघु नाटिका पेश की। सीमा शर्मा, सुधा रानी,  मंजू त्रिपाठी, अर्चना शर्मा ने मिलकर छोटे-छोटे एक्शन के साथ 'एक -दूसरे के वास्ते मरना पड़े तो, हैं तैयार हम' गाने को प्रस्तुत किया और फिर मैलाॅडी गाने पर सभी ने मिलकर एक साथ नृत्य किया। कार्यक्रम का समापन 'वन्दे मातरम् गीत' और स्वादिष्ट भोजन के साथ किया गया।

  कार्यक्रम में रानी ममता, मंजू त्रिपाठी सीमा शर्मा, सुधारानी, अर्चना शर्मा, प्रीति कुकरेजा, रश्मि अग्रवाल , प्रेमवती, रेनू गौतम, बेबी डूबे,सीमा तलवार, कुसुम शर्मा, राजेश्वरी, भावना, रेनू वर्मा ,प्रसून वर्मा, सुशीला सागर, अरुणा, ऊषा रानी, चंद्रकांता गोयल, कीर्ति नंदा, पिंकी कपूर, रितु त्यागी, विधि धमीजा, पूनम शर्मा , शशि गुप्ता, सुधा खंडेलवाल, रक्षिता, मनु गर्ग , कंचन द्विवेदी, सुधा त्रिवेदी, दीपा शर्मा, निधि जैन, निर्मल ,डाॅ शारदा शर्मा, राज खत्री, संगीता शर्मा, शिवानी गुप्ता, रचना गुप्ता ,प्रभा गौतम ,कल्पना गुप्ता निर्मला, मुस्कान, रिया सेठी व राधा सेठी आदि ने भागीदारी की।

बुधवार, 23 जुलाई 2025

आज जरूरत है आजाद की तरह जीने और शिव की तरह जागने की---स्वामी चिदानन्द सरस्वती


अमर क्रांतिकारी चन्द्रशेखर आजाद की जयंती पर परमार्थ निकेतन मां गंगा जी के तट से विनम्र श्रद्धांजलिमहाशिवरात्रि के पावन पर्व पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश से हम समस्त देशवासियों और विश्व परिवार को शुभकामनाएं

शिवरात्रि आत्मचेतना और ब्रह्मांडीय संतुलन से जुड़ने की रात्रि

                       मुकेश गुप्ता

ऋषिकेश।  23 जुलाई, भारतीय इतिहास का वह स्वर्णिम दिन है जब मातृभूमि की गोद में एक ऐसी ज्वाला ने जन्म लिया, जिसने सम्पूर्ण ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी। वह ज्वाला थे, चन्द्रशेखर आजाद।

भारत के युवा क्रान्तिकारी आन्दोलन के पुरोधा, चन्द्रशेखर आजाद मात्र 24 वर्ष की आयु में शहीद हो गए, पर उनकी शौर्यगाथा आज भी भारतवर्ष की धमनियों में उर्जा बनकर प्रवाहित हो रही है। उनका जीवन साहस, स्वाभिमान और बलिदान की प्रतिमूर्ति है। वे कहते थे “मैं आजाद था, आजाद हूँ और आजाद ही रहूँगा।”

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि आज जब हम उनकी जयंती मना रहे हैं, यह केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान के लिए एक आह्वान है, क्या हम आजाद के सपनों का भारत बना पाए? क्या आज के युवा उतने ही समर्पित, साहसी और राष्ट्रनिष्ठ हैं जितने आजाद थे?

चन्द्रशेखर आजाद ने राष्ट्र को परम धर्म माना और उसी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कभी आत्मसमर्पण नहीं किया, अंतिम गोली स्वयं पर चलाई, पर गुलामी को गले नहीं लगाया। आज जब युवा वर्ग पर पश्चिमी प्रभाव, नशे, अपसंस्कृति और आत्मकेंद्रित जीवन का प्रभाव दिखायी देता है, तब चन्द्रशेखर आजाद की जयंती जागृति का बिगुल है। आज का दिन हमें यह पुकारकर कह रहा है कि इतिहास को जीना सीखो।

आज का दिन भारतभूमि के लिए विशेष है हम भारत माता के वीर सपूत, स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी योद्धा चन्द्रशेखर आजाद की जयंती मना रहे हैं, जिन्होंने राष्ट्र के लिए जिया और वे केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं थे बल्कि वे भारतीय आत्मा की अस्मिता, स्वाभिमान और संघर्ष का प्रतीक हैं। उनकी घोषणायें केवल शब्द नहीं थी, वह तप और त्याग से युक्त एक अग्नि-ज्योति थी, जिसने पूरे देश को स्वतंत्रता की ज्वाला में झोंक दिया। मात्र 24 वर्ष की आयु में बलिदान देकर वे अमर हो गए, लेकिन उनके विचार और उनका साहस आज भी प्रत्येक राष्ट्रभक्त के हृदय में धधकता है।

आज के युवाओं को यह समझने की आवश्यकता है कि स्वतन्त्रता केवल राजनीतिक या भौगोलिक नहीं होती, बल्कि यह मानसिक, सांस्कृतिक और आत्मिक चेतना का विषय भी है। जब तक हम मानसिक रूप से पराधीन रहेंगे तब तक हम पूर्ण रूप से स्वतंत्र नहीं हो सकते। यह समय राष्ट्र के पुनर्निर्माण का है और एक नये क्रांति की पुकार का है। 

स्वामी जी ने कहा कि आज जरूरत है आजाद की तरह जीने और शिव की तरह जागने की।

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश से हम समस्त देशवासियों और विश्व परिवार को शुभकामनाएं दी। यह दिव्य रात्रि आत्मचेतना और ब्रह्मांडीय संतुलन से जुड़ने का पर्व है।

भगवान शिव केवल संहारक नहीं, वे संतुलन, नवसृजन और करुणा के प्रतीक हैं। उनका डमरु सृष्टि के नाद को प्रकट करता है, और जटाओं से बहती मां गंगा उनकी कृपा की अजस्र धारा है। तीसरा नेत्र केवल विनाश नहीं, बल्कि अज्ञान के अंधकार को दूर करने वाली जागरूकता का प्रतीक है।

जब हम शिवलिंग पर जल अर्पित करते हैं, यह मात्र एक अनुष्ठान नहीं होता, बल्कि हमारे भीतर के अहंकार, नकारात्मकता और स्वार्थ को शुद्ध करने की प्रक्रिया बन जाता है।

आज, जब पृथ्वी जलवायु संकट से जूझ रही है, पर्यावरण असंतुलन चरम पर है, तब हमें शिव से प्रेरणा लेकर ‘नीलकंठ’ बनना होगा अपने स्वार्थों के विष को पीकर, समाज और प्रकृति की रक्षा के लिए आगे आना होगा। आइए, इस महाशिवरात्रि पर हम संकल्प लें, हर जीवन साधना बने, हर कर्म सेवा बने,  प्रकृति की रक्षा हमारा धर्म बने, और हमारा जीवन शिवमय बने।

दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में श्रावण शिवरात्रि पर सावन की फुहारों के बीच लाखों शिवभक्तों व कांवडियों ने किया जलाभिषेक

 




                          मुकेश गुप्ता

 श्रद्धा व आस्था बरसी मंदिर में देश भर से आए  दूधेश्वर मय कर दिया इस बार की श्रावण शिवरात्रि बहुत ही खास है, भगवान दूधेश्वर की कृपा से सभी भक्तों का हेागा कल्याणः श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज

लाखों की भीड़ व भारी बारिश के बावजूद शिवभक्तों को जलाभिषेक करने में कोई दिक्कत नहीं हुई 

गाजियाबादः आज सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में बुधवार को श्रावण शिवरात्रि पर भगवान दूधेश्वर की कृपा की ऐसी बारिश हुई कि देश भर से आए लाखों शिवभक्त व कांवडिएं भगवान की भक्ति, श्रद्धा व आस्था से सराबोर हो गए। भारी बारिश के बावजूद शिवभक्तों व कांवडियों की ऐसी जबरदस्त भीड़ उमड़ी कि पूरा गाजियाबाद भगवान दूधेश्वर के जयकारों से गूंज उठा। देश भर से आए शिवभक्तों ने भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना की व हरिद्वार, ऋषिकेश, नीलकंठ, गंगोत्री आदि तीर्थ स्थलों से लाए गंगाजल से उनका अभिषेक किया और मंदिर के पीठाधीश्वर, श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता व दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से भेंटकर उनका आशीर्वाद लिया। चतुर्दशी के जलाभिषेक का मुहूर्त प्रातः 4 बजे से था, मगर कांवडियों की भीड़ को देखते हुए दूधेश्वर नाथ मठ महादेव में मंदिर में जलाभिषेक का सिलसिला रात्रि 12 बजे से ही शुरू हो गया। सर्वप्रथम महाराजश्री ने भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना की व उनका जलाभिषेक किया। 

उन्होंने मंदिर में विराजमान सभी देवी-देवताओं, सिद्ध गुरू मूर्तियों, नवग्रह व गौमाता की पूजा-अर्चना की। प्राचीन देवी मंदिर द्वारका पुरी दिल्ली गेट के महंत गिरिशानंद गिरि महाराज ने धूप व दीप आरती की। भगवान का भव्य श्रृंगार मंदिर की श्रृंगार समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल ने किया। मंदिर के मीडिया प्रभारी एस आर सुथार ने बताया कि महाराजश्री की अध्यक्षता व मार्गदर्शन में जलाभिषेक को लेकर जिला व पुलिस प्रशासन व नगर निगम ने ऐसी शानदार व्यवस्था की कि लाखों शिवभक्त व कांवडियों की भीड़ व भारी बारिश के बावजूद जलाभिषेक में कोई दिक्कत नहीं आई और भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक निरंतर होता रहा और भक्तों को भगवान दूधेश्वर के दर्शन-पूजन व जलाभिषेक में कोई परेशानी नहीं हुई। शिवभक्तों की कतार घंटाघर तो कांवडियों की कतार श्री ठाकुर द्वारा मंदिर तक पहुंच गई। मंदिर के 500 से अधिक स्वयंसेवक भी व्यवस्था में सहयोग के लिए तैनात रहे। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि श्रावण शिवरात्रि पर दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में भगवान दूधेश्वर की कृपा बरसती है। उनकी कृपा से सभी कष्ट, दुख व संकट दूर होते हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है। उनका जीवन सुख-सृमद्धि व खुशहाली से भर जाता है। इस बार की श्रावण शिवरात्रि और भी खास रही क्योंकि इस बार श्रावण शिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग, गजकेसरी योग, नवपंचम योग व बुधवारी श्रावण शिवरात्रि का योग बना है। ऐसे योग में श्रावण शिवरात्रि के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक व पूजा करना और अधिक शुभ फलदायी होता है। भगवान दूधेश्वरनाथ महादेव की कृपा से संपूर्ण क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है। जीडीए वीसी अतुल वत्स,शहर विधायक संजीव शर्मा, भाजपा के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के महानगर अध्यक्ष बलप्रीत सिंह, पूर्व एमएलसी प्रशांत चौधरी, पूर्व महापौर आशा शर्मा, पूर्व आशु वर्मा, पूर्व सांसद रमेश चंद तोमर पूर्व विधायक सुरेंद्र कुमार मुन्नी, बिल्डर असोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष लालचंद शर्मा भाजपा नेता विजय मोहन, गौ सेवा का विश्व रिकार्ड बनाने वाले मुखिया गुर्जर, कविनगर के पूर्व थानाध्यक्ष अनिल समानिया, मनोज त्यागी आदि ने भी भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक किया। मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष धर्मपाल गर्ग ने भी मंदिर में पूजा-अर्चना की व भक्तों का स्वागत किया। महाराजश्री की प्रेरणा से दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर के आसपास के क्षेत्रों से लेकर मोदीनगर तक लगाए गए कांवड शिविरों में श्रावण शिवरात्रि पर उत्सव का माहौल रहा। आसमान से बरसती सावन की फुहारों के बीच डीजे पर भजनों की धुनों पर थिकरते शिवभक्तों ने गाजियाबाद को भगवान शिव की भक्ति से भिगो दिया। उपाध्यक्ष अनुज धर्म गर्ग विजय मित्तल, विजय सिंघल,गोरव गर्ग,अजय चोपड़ा,धीरज झा आदि का विशेष सहयोग रहा। महाराजश्री व मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष धर्मपाल गर्ग ने सभी पत्रकारों का माला-पटका पहनाकर व प्रसाद देकर सम्मान किया। 

आठ प्रहर की पूजा-अर्चना कराई

मंदिर में आठ प्रहर की पूजा-अर्चना आचार्य तयोराज उपाध्याय, अनिल पाढी लक्ष्मीकांत पाढी, नंदू पांडे, विवेक मित्तल, अमित गोस्वामी रोहित त्रिपाठी नित्यानंद आचार्य ने कराई। पूजा-अर्चना की व्यवस्था में महाराजश्री के परम सेवक स्वामी किशन गिरि रमेशानंद गिरि व शैलेन्द्रगिरि जी महाराज का विशेष सहयोग रहा। 

मंदिर में धर्म ध्वजा की स्थापना की गई

मंदिर में महाराजश्री की प्रेरणा से अभिजीत मुहूर्त 12 बजकर 1 मिनट पर धर्म ध्वजा की स्थापना की गई। साथ ही जलहरी को 6 माह के लिए हटा दिया गया। अब जलहरी की पुनः स्थापना 6 माह बाद महाशिवरात्रि पर की जाएगी। 

भगवान के मनोहारी श्रृंगार से आत्मिक आंनद की अनुभूति हुई 

मंदिर में आठ प्रहर का पूजन, रूद्राभिषेक भी हुआ। श्रीमहंत नारायण गिरि  महाराज के पावन सान्निध्य में भगवान दूधेश्वर का दुग्धाभिषेक, पंचामृत स्नान, बेलपत्र अर्पण तथा शिवमहिमा पर आधारित भव्य श्रृंगार पूजन हुआ। शिवभक्तों ने भगवान दूधेश्वर के मनोहारी श्रृंगार दर्शन कर आत्मिक आनंद की अनुभूति की।

श्रावण शिवरात्रि का ऐतिहसिक आयोजन अविस्मरणीय बन गया 

श्रावण शिवरात्रि जैसा विशाल ऐतिहािसक आयोजन महाराजश्री के सानिध्य में अविस्मरणीय बन गया। मंदिर प्रशासन, जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन तथा नगर निगम द्वारा ’सुरक्षा, स्वास्थ्य, जल सेवा, स्वच्छता व चिकित्सा व्यवस्था’ के शानदार प्रबंध किए गए। पुलिस कमिश्नर जे रविंद्र गौड़ व जिलाधिकारी दीपक मीणा ने रात्रि में मंदिर का निरीक्षण भी किया। 

 मंदिर समिति, स्वयंसेवकों तथा सेवा संस्थाओं ने दिन-रात एक कर सेवाभाव से व्यवस्था को संभाला। कांवड़ियों के लिए विश्राम स्थल, ठंडा जलए चिकित्सा शिविरए  प्राथमिक उपचार की किट, ’ और प्रसाद वितरण जैसी सेवाएं भी सुचारु रूप से चला। 

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 8वीं वाहिनी NDRF में रुद्राभिषेक एवं ध्यान सत्र का आयोजन किया गया






                        मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । महाशिवरात्रि जैसे अत्यंत पावन पर्व पर 8वीं वाहिनी, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), गाजियाबाद परिसर में आज आध्यात्मिक वातावरण में रुद्राभिषेक एवं ध्यान सत्र का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव से किया गया।

इस कार्यक्रम का शुभारंभ पूज्य गुरुजी मुनिश  महाराज एवं गुरुमाता  के दिव्य सान्निध्य में किया गया। समारोह में  पी.के. तिवारी, डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल, 8वीं वाहिनी NDRF, के साथ-साथ वाहिनी के समस्त अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी, बचावकर्मी एवं उनके परिवारजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही।भगवान शिव का अभिषेक गुरुजी द्वारा हाल ही में पूर्ण की गई मानसरोवर यात्रा से लाया गया पवित्र जल से किया गया। यह जल हिमालय की पवित्र ऊंचाइयों से लाया गया था, जिसे शुद्धता, शक्ति और आत्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। भगवान भोलेनाथ का यह दिव्य रुद्राभिषेक वाहिनी में कार्यरत सभी कार्मिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण, स्वास्थ्य, सुख-शांति एवं समृद्धि की मंगलकामना के साथ सम्पन्न हुआ।

इसके उपरांत गुरुजी मुनिश महाराज ने सभी उपस्थितजनों को शिव-व्याप्त पंचाक्षरी मंत्र "ॐ नमः शिवाय" के माध्यम से एक आध्यात्मिक ध्यान सत्र (Meditation Session) में सहभागी बनाया। यह सत्र न केवल मानसिक शांति प्रदान करने वाला रहा, बल्कि आत्मिक संतुलन, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उत्थान का माध्यम भी बना।

यह आयोजन कर्मभूमि पर कार्यरत जवानों के लिए एक आध्यात्मिक पुनर्भरण (spiritual recharge) का कार्य करता है। संकटों और आपदाओं से निपटने वाले इन कर्मवीरों के लिए ऐसा वातावरण मानसिक संतुलन और ऊर्जा प्राप्त करने में सहायक होता है।

समारोह के अंत में डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल श्री पी.के. तिवारी जी द्वारा मुख्य अतिथि गुरुजी एवं गुरुमाता जी को श्रद्धापूर्वक धन्यवाद ज्ञापित किया गया, और  उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि—

> "ऐसे आध्यात्मिक आयोजन हमारे बल के सदस्यों के मनोबल को मजबूत करते हैं और उनके परिवारों में भी संस्कार और आस्था का भाव जागृत करते हैं।"

पूरे कार्यक्रम के दौरान परिसर में भक्तिमय वातावरण व्याप्त रहा। भजन, मंत्रोच्चार और ध्यान के साथ यह आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बन गया। 

मंगलवार, 22 जुलाई 2025

तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि भारत माता का गौरव--स्वामी चिदानन्द सरस्वती





                     विशेष संवाददाता

ऋषिकेश। आज 22 जुलाई को परमार्थ निकेतन में गर्व और श्रद्धा के साथ राष्ट्रीय ध्वज दिवस मनाया गया। यह दिन भारत के तिरंगे के प्रति सम्मान प्रकट करने, उसकी गौरवशाली विरासत को याद करने और प्रत्येक नागरिक के भीतर देशभक्ति की भावना को सशक्त करने का दिन है। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भारत का तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, यह हमारी पहचान, हमारे बलिदानों, और हमारे आदर्शों का प्रतीक है। यह रंगों और प्रतीकों से सजा हुआ एक ऐसा प्रेरणास्रोत है जो हर भारतवासी के मन में राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत करता है।

राष्ट्रीय ध्वज दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी और परमार्थ गुरूकुल के आचार्यों व ऋषिकुमारों ने तिरंगा लहराकर तिरंगे के प्रति श्रद्धा और संकल्प के साथ जुड़ने का आह्वान किया।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती  ने कहा कि तिरंगा केवल कपड़े का टुकड़ा नहीं, यह भारत माता का मुकुट है। यह उन शहीदों की अंतिम साँस है जिन्होंने हँसते-हँसते अपने प्राण मातृभूमि के चरणों में समर्पित कर दिए। तिरंगे का प्रत्येक रंग हमारी आत्मा से जुड़ा हुआ है, केसरिया साहस का, सफेद शांति का और हरा समृद्धि का प्रतीक है। अशोक चक्र हमें निरंतर प्रगति और धर्म के पथ पर चलने की प्रेरणा देते हंै। तिरंगे का सम्मान भारत के स्वाभिमान का सम्मान है।

भारत के राष्ट्रीय ध्वज में सम्मिलित हर रंग और प्रतीक एक गहरी राष्ट्रीय चेतना को दर्शाता है। केसरिया रंग, यह त्याग, बलिदान और साहस का प्रतीक है। यह हमें उन स्वतंत्रता सेनानियों की याद दिलाता है जिन्होंने अपनी जान देकर भारत को आजाद कराया। श्वेत रंग, शांति, सत्य और पवित्रता का प्रतीक, यह हमें गांधीजी की अहिंसा की राह पर चलने की प्रेरणा देता है। हरा रंग, यह समृद्धि, हरियाली और विकास का प्रतीक है जो भारत के कृषिप्रधान स्वरूप को दर्शाता है। अशोक चक्र 24 तीलियों वाला यह नीला चक्र धर्म, न्याय और सतत प्रगति का प्रतीक है, जो हमें कर्म करते रहने की प्रेरणा देता है।

स्वामी जी ने अपने संदेश में विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे तिरंगे को केवल उत्सव का प्रतीक न मानें, बल्कि इसे अपनी सोच, कार्य और चरित्र में उतारें। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा तो हुआ, अब हर दिल तिरंगा होना चाहिए। जब तक हमारे विचार, व्यवहार और उद्देश्य राष्ट्रहित में नहीं होंगे, तब तक तिरंगे का वास्तविक सम्मान नहीं हो सकता।

स्वामी जी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज दिवस हमें केवल अतीत की याद नहीं दिलाता, बल्कि भविष्य की दिशा भी दिखाता है। यह हमें हमारी जड़ों, हमारी जिम्मेदारियों और हमारी एकता की शक्ति का बोध कराता है। आज जब हम तिरंगे को श्रद्धा से नमन करते हैं, तो यह केवल एक ध्वज को नहीं, बल्कि भारत माता के गौरव, हमारे बलिदान और हमारी उम्मीदों को नमन होता है। आज की परमार्थ गंगा आरती भारत माता को समर्पित की गयी। गंगा जी की आरती के दौरान तिरंगा लहराकर देवभक्ति व देशभक्ति का संदेश दिया।

भाजपा नेता श्री संगीत सोम ने किया दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर में जलाभिषेक, लिया पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज से आशीर्वाद



                         मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । श्रावण मास के पावन अवसर पर आज प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर, गाजियाबाद में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक श्री संगीत सोम ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज से विशेष रूप से आशीर्वाद प्राप्त किया।

श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना को विशेष फलदायी माना जाता है। इसी कड़ी में श्री संगीत सोम ने विधि-विधान के साथ जलाभिषेक कर भगवान दूधेश्वरनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।

दूधेश्वर नाथ मंदिर के पीठाधीश्वर श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता व दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज जी ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा कि धर्म और संस्कृति की सेवा में राजनेताओं की सहभागिता समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी अपील की कि वे इस पवित्र माह में अधिक से अधिक सेवा, भक्ति एवं संयम का पालन करें।

म्यांमार भूकंप राहत अभियान में (ऑपरेशन ब्रह्मा) विशिष्ट योगदान देने वाली टीम का सम्मान में समारोह का आयोजन

 



                       मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । 8वीं बटालियन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, कमला नेहरु नगर में सोमवार को म्यांमार में आये भीषण भूकंप के राहत अभियान ऑपरेशन ब्रह्मा  के अंतर्गत सेवा प्रदान करने वाली 8वीं बटालियन की रेस्क्यू टीम के विशिष्ट योगदान और उत्कृष्ट सेवा को सम्मानित करने हेतु एक गरिमामय सम्मान समारोह   आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  पियूष आनंद, आईपीएस, महानिदेशक, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, रहे जिनका स्वागत  नरेन्द्र सिंह बुंदेला, आईपीएस ,महानिरीक्षक,   मोहसिन शाहेदी, उप महानिरीक्षक (ऑप्स) तथा  प्रवीण कुमार तिवारी, उप महानिरीक्षक 08वी बटालियन द्वारा किया गया।  मुख्य अतिथि पियूष आनंद, आईपीएस, महानिदेशक, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल,  टीम की साहसिक सेवाओं और मानवीय योगदान की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

उल्लेखनीय है कि 29 मार्च 2025 को हिंडन एयरबेस से 80 रेसक्यूर्स की टीम पी.के. तिवारी (कमांडेंट) के नेतृत्व में म्यांमार के लिए रवाना हुई थी। इस टीम में 6 अधिकारी, 74 अन्य रेसक्यूर्स के साथ , महिला रेसक्यूर्स तथा K-9 डॉग यूनिट भी शामिल थीं  जो की 06-04 -25 को ऑपरेशन ब्रह्मा  को  सफल कर वतन को वापस पहुँचें।  

टीम ने सबसे ज्यादा 07 दिन तक कुल 14 राहत कार्य क्षेत्रों में सेवाएं दीं, जिनमें से 64 मृत शरीरों की बरामदगी की गई। अत्याधुनिक उपकरणों और INSARAG प्रशिक्षण से सुसज्जित यह टीम भूकंप प्रभावितों को त्वरित सहायता पहुंचाने में पूर्णतः सक्षम रही।

यह अभियान भारत की मानवीय सहायता की प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा जिसके लिए  माण्डले  के मुख्यमंत्री द्वारा रा० आ०मो० बल  को विशेष प्रतिक चिन्ह सुपूर्त किये

 जिसे देश के साथ-साथ पड़ोसी देशों ने भी सराहना प्रदान की। टीम के सराहनीय कार्यों ने न केवल बल की प्रतिष्ठा बल्कि देश के गौरव को भी बढ़ाया।

टीम की उपलब्धियों और सेवा भावना को सम्मानित करने के लिए यह आयोजन एक प्रेरणास्पद पहल रहा, जिससे भविष्य के रेसक्यूर्स का मनोबल और उच्च होगा।


सोमवार, 21 जुलाई 2025

कांवर यात्रा पर क्या बोले पंडित दुष्यंत शर्मा

कांवर यात्रा पर सत्ता बन्धु की टीम पहुंची हरिद्वार| पूरी खबर देखने के लिए अभी विडियो के लिंक पर क्लिक करें|

कावड़ महोत्सव को सफल बनाने में जुटा नगर निगम, मेरठ रोड स्थित कंट्रोल रूम से नगर आयुक्त ने की मॉनिटरिंग, टीम को दिये व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश

 

                           मुकेश गुप्ता

आयोजित कावड़ शिविरों, मंदिरों तथा कावड़ रूट पर  जलाभिषेक तक व्यवस्था में 24 घंटे अलर्ट रहे अधिकारी व टीम- नगर आयुक्त

गाजियाबाद । नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक द्वारा कावड़ रूट, मंदिरों तथा आयोजित कावड़ शिविरों में व्यवस्थाओं को दुरुस्त बनाए रखने के लिए 24 घंटे निगम अधिकारियों तथा टीम को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं, मेरठ रोड स्थित कंट्रोल रूम पर पहुंचकर नगर आयुक्त द्वारा चल रहे कार्यों की मॉनिटरिंग की तथा वॉकी टॉकी के माध्यम से सभी विभागों के अधिकारियों तथा विशेष रूप से सफाई मित्रों को व्यवस्था बनाए रखने तथा साफ सफाई को बेहतर करने के लिए निर्देशित किया गया, मौके पर सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन ललित जायसवाल भी उपस्थित रहे । 

पेयजल हेतु टैंकरों की व्यवस्था, नियमित रूप से सभी आयोजित कावड़ शिवर में फागिंग तथा साफ-सफाई की व्यवस्था, मंदिरों के बाहर साफ सफाई की व्यवस्था डस्टबिन नियमित रूप से खाली करने की व्यवस्था, लगे हुए मोबाइल शौचायलयों को साफ रखने की व्यवस्था, कावड़ रूट को प्रकाश युक्त रखने की व्यवस्था अन्य आवश्यक सभी व्यवस्थाओं के लिए गाजियाबाद नगर निगम के अधिकारी लगातार निरीक्षण पर रहे तथा 24 घंटे जलाभिषेक तक टीम अलर्ट रहेगी निर्देश नगर आयुक्त द्वारा टीम को दिए गए। नगर आयुक्त द्वारा बताया गया कि गाजियाबाद नगर निगम सीमा अंतर्गत आने वाले क्षेत्र अंतर्गत निगम की टीम तथा सभी विभाग लगे हुए हैं अधिकारियों की मॉनीटरिंग भी प्रबल बनी हुई है कावड़ महोत्सव को भव्यता देने के लिए सोमवार तथा मंगलवार के दिन भव्य पुष्प वर्षा भी की जाएगी जिसमें सभी अधिकारी तथा पाषर्द मिलकर माननीय महापौर की अध्यक्षता में कावड़ यात्रियों तथा श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा करेंगे। 

रविवार, 20 जुलाई 2025

हिंडन एयरपोर्ट से देश के प्रमुख शहरों के लिए केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ने हवाई सेवाओं की शानदार शुरुआत की

 










मुकेश गुप्ता
गाजियाबाद, 20 जुलाई 2025 – गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरपोर्ट से आज देश के प्रमुख शहरों के लिए बहुप्रतीक्षित हवाई सेवाओं की शुरुआत भव्य समारोह के साथ की गई। इस ऐतिहासिक अवसर पर बेंगलुरु, कोलकाता, वाराणसी, गोवा, पटना, इंदौर, चेन्नई, अहमदाबाद और मुंबई के लिए उड़ानों को केंद्रीय नागर विमानन मंत्री  राममोहन नायडू किन्जारापु, गाजियाबाद के लोकसभा सांसद  अतुल गर्ग, और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव  मनोज कुमार सिंह द्वारा संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।इस मौके पर कई गणमान्य अतिथि व वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे जिनमें डीजीसीए के महानिदेशक श्री फैज़ अहमद किदवई (आईएएस), एएआई के अध्यक्ष  विपिन कुमार (आईएएस), जिलाधिकारी गाजियाबाद  दीपक मीणा, पुलिस कमिश्नर जे रविंद्र गोड़, हिंडन एयरपोर्ट के प्रबंध निदेशक  उमेश यादव सहित अनेक महत्वपूर्ण अधिकारी शामिल रहे।इस ऐतिहासिक पहल में सलाहकार समिति के सदस्य  संजीव गुप्ता, पप्पू पहलवान,  संजीव मित्तल,  पवन रेडी और सांसद प्रतिनिधि  राजेंद्र मित्तल (मेदी वाले) की भी प्रमुख उपस्थिति रही।

इसके अतिरिक्त नवीन गर्ग, संदीप पाल, महिम गुप्ता, अंकुर गोयल, मनीष पण्डित और पंकज कोहली सहित अनेक स्थानीय प्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता इस विशेष अवसर के साक्षी बने।

इस नई सुविधा के शुभारंभ से न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश को देश के बड़े महानगरों से जोड़ा गया है, बल्कि व्यापार, पर्यटन और निवेश की संभावनाओं को भी मजबूती मिली है। अब गाजियाबाद व आस-पास के नागरिक सीधे हवाई यात्रा के माध्यम से इन शहरों तक त्वरित और सुविधाजनक रूप से पहुँच सकेंगे।

हिंडन एयरपोर्ट अब उड़ान योजना के तहत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का एक सशक्त केंद्र बनकर उड़ान भरने को तैयार है।

किनेसियोथेरेप्यूटिक टेपिंग पर गाजियाबाद में हुई कार्यशाला, विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिभागियों ने लिया भाग

 

                           मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद  (20 जुलाई, 2025): शारीरिक उपचार की उन्नत तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गाजियाबाद के अवंतिका क्षेत्र स्थित शिशौदिया एक्टिव लाइफ एंड फिजियोथेरेपी सेंटर में रविवार को “किनेसियोथेरेप्यूटिक टेपिंग” पर आधारित एक दिवसीय प्रमाणपत्र कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में देशभर से आए  फिजियोथेरेपिस्ट, स्वास्थ्यकर्मी और फिजियोथेरेपी के छात्रों ने हिस्सा लिया।


इस विशेष कार्यशाला का नेतृत्व जानी-मानी फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. मीनाक्षी शिशौदिया ने किया, जो ऑर्थोपेडिक मेडिसिन (बेल्जियम) में डिप्लोमा प्राप्त, सायरियाक्स सर्टिफाइड प्रैक्टिशनर तथा एडवांस्ड पेल्विक फ्लोर रिहैब विशेषज्ञ हैं। डॉ. शिशौदिया ने प्रतिभागियों को किनेसियो टेपिंग के सिद्धांतों, तकनीकों और विभिन्न चिकित्सीय स्थितियों में इसके उपयोग की गहन जानकारी दी।


प्रशिक्षण का रहा व्यावहारिक पक्ष 


प्रमुख कार्यशाला में प्रतिभागियों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान किया गया, बल्कि वास्तविक केस स्टडीज़ और प्रैक्टिकल डेमोंस्ट्रेशन के ज़रिए व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रतिभागियों ने ऑर्थोपेडिक, न्यूरोलॉजिकल, गायनोकॉलॉजिकल और स्पोर्ट्स रिलेटेड कंडीशंस के लिए टेपिंग एप्लिकेशन सीखा। इसके अलावा, चेहरे की टेपिंग और पोस्चर करेक्शन जैसे विशेष क्षेत्रों पर भी सत्र आयोजित किए गए।


कार्यशाला के अंत में एक इंटरएक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र और अनुभव साझा करने का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने सवालों के उत्तर प्राप्त किए और एक-दूसरे से सीखने का अवसर भी पाया।


प्रशस्ति और भविष्य की योजनाएं


इस अवसर पर डॉ. शिशौदिया ने कहा, “आज की चिकित्सा प्रणाली में नॉन-इनवेसिव थेरेपी का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। हमें गर्व है कि इतने उत्साहित प्रतिभागियों ने इस कार्यशाला में भाग लिया और टेपिंग तकनीक को पेशेवर स्तर पर अपनाने की दिशा में रुचि दिखाई।”


कार्यशाला में शामिल सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र, अध्ययन सामग्री और प्रैक्टिस के लिए एक टेपिंग रोल भी प्रदान किया गया।

इस सफल आयोजन के बाद शिशौदिया एक्टिव लाइफ एंड फिजियोथेरेपी सेंटर ने भविष्य में इसी तरह की और भी व्यावसायिक कार्यशालाएं आयोजित करने की घोषणा की है। किनेसियोथेरेप्यूटिक टेपिंग पर गाजियाबाद में हुई कार्यशाला, विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिभागियों ने लिया भाग


गाजियाबाद (20 जुलाई, 2025):

शारीरिक उपचार की उन्नत तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गाजियाबाद के अवंतिका क्षेत्र स्थित शिशौदिया एक्टिव लाइफ एंड फिजियोथेरेपी सेंटर में रविवार को “किनेसियोथेरेप्यूटिक टेपिंग” पर आधारित एक दिवसीय प्रमाणपत्र कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में देशभर से आए  फिजियोथेरेपिस्ट, स्वास्थ्यकर्मी और फिजियोथेरेपी के छात्रों ने हिस्सा लिया।


इस विशेष कार्यशाला का नेतृत्व जानी-मानी फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. मीनाक्षी शिशौदिया ने किया, जो ऑर्थोपेडिक मेडिसिन (बेल्जियम) में डिप्लोमा प्राप्त, सायरियाक्स सर्टिफाइड प्रैक्टिशनर तथा एडवांस्ड पेल्विक फ्लोर रिहैब विशेषज्ञ हैं। डॉ. शिशौदिया ने प्रतिभागियों को किनेसियो टेपिंग के सिद्धांतों, तकनीकों और विभिन्न चिकित्सीय स्थितियों में इसके उपयोग की गहन जानकारी दी।


प्रशिक्षण का रहा व्यावहारिक पक्ष 


प्रमुख कार्यशाला में प्रतिभागियों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान किया गया, बल्कि वास्तविक केस स्टडीज़ और प्रैक्टिकल डेमोंस्ट्रेशन के ज़रिए व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रतिभागियों ने ऑर्थोपेडिक, न्यूरोलॉजिकल, गायनोकॉलॉजिकल और स्पोर्ट्स रिलेटेड कंडीशंस के लिए टेपिंग एप्लिकेशन सीखा। इसके अलावा, चेहरे की टेपिंग और पोस्चर करेक्शन जैसे विशेष क्षेत्रों पर भी सत्र आयोजित किए गए।


कार्यशाला के अंत में एक इंटरएक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र और अनुभव साझा करने का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने सवालों के उत्तर प्राप्त किए और एक-दूसरे से सीखने का अवसर भी पाया।


प्रशस्ति और भविष्य की योजनाएं


इस अवसर पर डॉ. शिशौदिया ने कहा, “आज की चिकित्सा प्रणाली में नॉन-इनवेसिव थेरेपी का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। हमें गर्व है कि इतने उत्साहित प्रतिभागियों ने इस कार्यशाला में भाग लिया और टेपिंग तकनीक को पेशेवर स्तर पर अपनाने की दिशा में रुचि दिखाई।”


कार्यशाला में शामिल सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र, अध्ययन सामग्री और प्रैक्टिस के लिए एक टेपिंग रोल भी प्रदान किया गया।

इस सफल आयोजन के बाद शिशौदिया एक्टिव लाइफ एंड फिजियोथेरेपी सेंटर ने भविष्य में इसी तरह की और भी व्यावसायिक कार्यशालाएं आयोजित करने की घोषणा की है।