अभियान के प्रत्येक चरण में सादगी, अनुशासन, ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी को प्राथमिकता दी जायेगी: प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह
विश्व पर्यावरण दिवस से योग दिवस तक अभियान के तहत कराये जायेंगे कार्यक्रम: प्रभारी मंत्री
गाजियाबाद । उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह एवं गाजियाबाद के प्रभारी मंत्री द्वारा दुर्गावती देवी सभागार विकास भवन में प्रेस वार्ता की गई। इस दौरान उन्होने बताया कि केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में दिनांक 5 जून से 21 जून 2026 तक आयोजित जन कल्याण एवं जन जागरुकता अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित समस्त कार्यक्रम "सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान" के मूल भाव के अनुरुप संचालित किया जाये। अभियान के प्रत्येक चरण में सादगी, अनुशासन, ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी को प्राथमिकता दी जायेगी। उन्होने इस सम्बंध में विस्तार से जानकारी दी।
विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून, 2026): "एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण। जिसमें अमृत सरोवरों, तालाबों, सड़कों, एक्सप्रेसवे, नदी एवं नहरों के किनारे पौधारोपण तथा सिटी फॉरेस्ट विकसित करने पर विशेष बल। स्थानीय एवं फलदार प्रजातियों को प्राथमिकता। नगर निगम, नगर पालिकाओं एवं ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक मुक्त कार्यक्रमों का आयोजन।जनसहभागिता एवं पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा।
विशेष जन-संपर्क एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम ( 8 जून से 14 जून, 2026): विभिन्न वर्गों के नागरिकों से संवाद। केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार, जिससे अधिक से अधिक संख्या में लाभार्थी इसका लाभ ले सकें ।"सरकार आपके द्वार शिविरों का आयोजन। सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान। नागरिक समस्याओं का त्वरित निस्तारण हेतु करें कार्य।
जन-कल्याण शिविर एवं स्वास्थ्य मेला (14 जून से 16 जून, 2026): सभी विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी हेतु स्टॉल। पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण। स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सा शिविर। आयुष्मान कार्ड, किसान योजनाएं, पेंशन योजनाएं आदि का लाभ प्रदान करना। सफलता की कहानियों का प्रदर्शन किया जाएं।
विकसित भारत संकल्प सम्मेलन (16 जून से 17 जून, 2026): राज्य स्तर से चयनित विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजनों एवं विशेषज्ञों के साथ संवाद।विकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश विषय पर चर्चा। युवाओं, उद्यमियों, शिक्षकों, चिकित्सकों एवं किसानों की सहभागिता। सरकार की उपलब्धियों एवं भविष्य की योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया जाएं।
विकास प्रदर्शनी (17 जून से 20 जून, 2026): केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का प्रदर्शन। ओडीओपी/ओडीओसी उत्पादों की प्रदर्शनी। अवसंरचना, औद्योगिक विकास एवं कानून व्यवस्था में हुए सुधारों का प्रदर्शन। 'पहले और अब थीम पर विकास कार्यों का प्रदर्शन। लाभार्थी अनुभव एवं सफलता वीडियो का प्रदर्शन।
प्राकृतिक खेती कार्यशालाएं (18 जून से 19 जून, 2026): प्राकृतिक एवं जैविक खेती का प्रशिक्षण। जीवामृत, बीजामृत एवं जैविक कीटनाशक निर्माण का प्रदर्शन। जल संरक्षण एवं कम लागत अधिक आय आधारित खेती पर चर्चा। सफल किसानों का सम्मान। कृषि उत्पाद एवं तकनीकी स्टॉलों का आयोजन।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून, 2026): जनपद एवं ग्राम पंचायत स्तर पर योग कार्यक्रम। युवाओं, महिलाओं, एनसीसी एवं स्वयंसेवी संगठनों की सहभागिता। योग जागरूकता रैली एवं जनभागीदारी। स्वास्थ्य एवं फिटनेस के प्रति जागरूकता।
रात्रि चौपाल एवं रात्रि विश्राम (अभियान अवधि के दौरान): ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि चौपाल का आयोजन। जन शिकायतों का निस्तारण। योजनाओं की समीक्षा एवं फीडबैक प्राप्त करना। स्थानीय समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण। ग्रामीण विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा।
प्रभारी मंत्री ने कहा प्रत्येक कार्यक्रम को सफल बनाने में मीडिया की अहम भूमिका होती है। अत: मीडिया बन्धुओं से सरकार की उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण, प्रेस वार्ता एवं मीडिया संवाद, विभागीय उपलब्धियों पर पीपीटी एवं प्रचार सामग्री का प्रदर्शन, सोशल, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार कराया जाएं।


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