सोमवार, 29 जून 2026

साहेब कबीर जयंती पर सिकंदर यादव के निवास पर 15वें विशाल भंडारे का भव्य आयोजन,"साहेब कबीर की वाणी मानवता, समानता और भाईचारे का संदेश देती है"-सिकंदर यादव

 





मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। साहेब कबीर जयंती के पावन अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी सिकंदर यादव के निवास पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 15वें विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, राजनीतिक प्रतिनिधियों, पत्रकारों तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर साहेब कबीर को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ साहेब कबीर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि के साथ हुआ। अपने संबोधन में वरिष्ठ समाजसेवी सिकंदर यादव ने कहा कि साहेब कबीर ने अपनी वाणी के माध्यम से मानवता, समानता, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में भी साहेब कबीर की शिक्षाएं समाज को भेदभाव, ऊंच-नीच और जातिवाद से मुक्त होकर समानता के आधार पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।

उन्होंने साहेब कबीर के प्रसिद्ध दोहे सुनाते हुए उनके अर्थ भी बताए—

"बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।

जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।।"

उन्होंने कहा कि इस दोहे का संदेश है कि व्यक्ति को दूसरों की कमियां देखने से पहले स्वयं का आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।

इसके बाद उन्होंने दूसरा दोहा सुनाया—

"जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिए ज्ञान।

मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान।।"

उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति का सम्मान उसकी जाति या जन्म से नहीं, बल्कि उसके ज्ञान, चरित्र, गुण और कर्मों से होना चाहिए।

इस अवसर पर वीरेंद्र यादव, फैसल खान, नसीम खान, सत्येंद्र यादव सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पत्रकारों में अली मेहंदी, रिंकू सिंह, मुकेश गुप्ता तथा नवीन सेठी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

इसके अतिरिक्त कर्मशील भारती, मनोज शर्मा, कुणाल यादव, रवि यादव, दिनेश यादव, प्रदीप यादव, पूनम यादव, प्रेम के. यादव, राजलक्ष्मी यादव, रतन सिंह यादव, बिजेंद्र यादव, आशीष यादव, जाकिर हुसैन, संदीप, अमित सैनी, आकाश चौधरी, मिलिंद अविनाश, मिलन यादव, अविनाशी यादव, हरसरूप ठेकेदार, आर.पी. सिंह, सोम यादव तथा बसु यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

भंडारे में सभी धर्मों और समाज के लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम का वातावरण श्रद्धा, सेवा, समानता और भाईचारे की भावना से ओत-प्रोत रहा। अंत में आयोजक सिकंदर यादव ने सभी अतिथियों, सहयोगियों एवं स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साहेब कबीर के बताए मार्ग पर चलकर ही समानता, मानवता और भाईचारे पर आधारित समाज का निर्माण किया जा सकता है। कार्यक्रम का समापन साहेब कबीर के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ हुआ।

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