गाजियाबाद । केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को रानी दुर्गावती देवी सभागार, विकास भवन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पिछले 12 वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों को जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत करना था।
संगोष्ठी की अध्यक्षता विधायक मोदीनगर श्रीमती मंजू शिवाच एवं विधायक सदर गाजियाबाद सुनील शर्मा द्वारा की गई। कार्यक्रम में सदस्य विधान परिषद दिनेश गोयल, भारतीय जनता पार्टी महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, भाजपा जिलाध्यक्ष चैन सिंह, मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन वैश्य की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त जनपद के वरिष्ठ चिकित्सकों, भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) के पदाधिकारियों तथा भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में जनपद गाजियाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। इस अवधि में 1,98,420 क्षय रोगियों की पहचान कर उनका सफल उपचार किया गया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत 17,52,722 बच्चों तथा 81,055 विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। 11,15,740 व्यक्तियों की गैर-संचारी रोग (NCD) स्क्रीनिंग की गई।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में 2,01,570 महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ प्रदान किया गया तथा 36,250 गर्भवती महिलाओं का सिजेरियन सेक्शन के माध्यम से सुरक्षित प्रसव कराया गया। परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत 825 पुरुष नसबंदी एवं 24,146 महिला नसबंदी प्रक्रियाएं संपन्न कराई गईं।
सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में 8,46,120 बच्चों को पूर्ण रूप से प्रतिरक्षित किया गया। वहीं 6,60,183 पात्र व्यक्तियों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराए गए तथा 1,03,215 मरीजों का प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत विभिन्न चिकित्सालयों में निःशुल्क उपचार कराया गया।
स्वास्थ्य अवसंरचना के विकास की चर्चा करते हुए बताया गया कि विगत 12 वर्षों में जनपद में दो 50 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय, एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 5 ग्रामीण आयुष्मान आरोग्य मंदिर तथा 168 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना की गई है।
संगोष्ठी में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। नियमित टीकाकरण अभियान के माध्यम से शत-प्रतिशत टीकाकरण कवरेज की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए संस्थागत प्रसव एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया गया है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जनपद में राजकीय चिकित्सालयों का आधुनिकीकरण, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के माध्यम से आमजन को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
संगोष्ठी में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक पहुंचाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों, अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से जनस्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं जनोन्मुखी बनाने का आह्वान किया।







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