शुक्रवार, 1 मार्च 2024

पेपर लीक माफियाओ के तार सरकार तंत्र से मजबूत - सीमा त्यागी

                     मुकेश गुप्ता सत्ता बन्धु

गाजियाबाद। एक तरफ जहाँ नकल विहीन परीक्षा कराने के दावे कर प्रदेश सरकार मीडिया में सुर्खियां बटोर रही है वही नकल माफिया लगातार पेपर लीक कराकर सरकार के दावों की पोल खोलने पर अड़े है अभी कुछ दिन पहले ही पेपर लीक होने के कारण 60244 पदों के लिये "पुलिस सिपाही भर्ती " रद्द करनी पड़ी थी इस भर्ती के लिये 50 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था  पुलिस सिपाही भर्ती को रद्द करने के लिये लाखो अभ्यर्थी सड़क पर उतर आये थे जिसके बाद सरकार को भर्ती रद्द करने का बड़ा कदम उठाने के लिये विवश होना पड़ा अब हम बोर्ड परीक्षाओं में नकल माफियाओ के बुलंद हौसले को देख रहे है जिसके परिणामस्वरूप जहाँ आईएससी बोर्ड का कैमेस्ट्री का पेपर  लीक हुआ वही अब कल यूपी बोर्ड के 12 वी के दो पेपर लीक कर नकल माफियाओ ने प्रदेश सरकार के नकल विहीन परीक्षा कराने के दावों को खुली चुनौती दी है हमे समझना होगा कि बच्चे बोर्ड परीक्षाओं के लिये साल भर तैयारी करते है उसके बाद जब वो अपनी परीक्षा देने के लिये परीक्षा केंद्रों पर पहुचते है तो उनको पता चलता है कि उनकी परीक्षा का पेपर लीक होने के कारण रद्द कर दिया गया है क्या सरकार के नुमाइंदे बच्चो की मनोस्थिति पर पड़ रहे विपरीत असर को समझ सकते है सरकार की सख्ती के बाद भी नकल माफिया पीछे हटने को तैयार नही इसका मतलब यह है कि नकल माफियाओ का तंत्र सरकार के तंत्र से ज्यादा मजबूत है सिपाही भर्ती  परीक्षा ,बोर्ड परीक्षा हो या फिर अन्य परीक्षा हो नकल माफिया अपने निजी स्वार्थ और मोटी कमाई के चक्कर मे युवाओं के सुनहरे भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है सरकार को नकल माफियाओ के बड़े तंत्र को तोड़ने और इस पर अंकुश लगाने के लिए कुछ अलग फार्मूला अपनाना होगा में प्रदेश के मुख्यमंत्री जी से निवेदन करती हूँ कि वो नकल माफियाओ पर लगाम लगाकर प्रदेश के युवाओं के सपनो को चकनाचूर होने से बचाये 



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