पुस्तक एक्सचेंज मेले के पहले दिन सैकड़ों अभिभावकों एवं बच्चों ने बदली आपस में किताबें
गाजियाबाद । राजनगर एक्सटेंशन स्थित ओरा कायमेरा सोसायटी में इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन , राजनगर एक्सटेंशन ट्रस्ट, सहायता संपर्क एवं सॉलिड रूफ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय निःशुल्क बुक एक्सचेंज मेले का शुभारंभ बड़े जोश और उत्साह के साथ किया गया। मुख्य अतिथि "वीर चक्र " विजेता कर्नल टीपी त्यागी ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। बुक एक्सचेंज मेले के पहले ही दिन जहा सैकड़ों अभिभावकों और बच्चों ने एक-दूसरे से किताबों का आदान-प्रदान किया। वहीं पुस्तक मेले में गाजियाबाद ब्लड सेंटर की तरफ से लगाए गए कैंप में युवाओं ने 13 यूनिट रक्त दान कर इस मुहिम को अपना समर्थन दिया मेले में आए बच्चों और अभिभावकों का उत्साह देखने लायक रहा बुक एक्सचेंज मेले की मुहिम से जहां शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की भावना को बढ़ावा मिल रहा है वहीं पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दूर तक जा रहा है इस अवसर पर कर्नल टीपी त्यागी ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा,
"आज जब शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है, ऐसे में यह बुक एक्सचेंज मेला समाज के लिए एक मिसाल है। यह केवल किताबों का आदान-प्रदान नहीं, बल्कि ‘साझा संसाधन और जिम्मेदार नागरिकता’ की जीवंत संस्कृति का निर्माण है। यदि देशभर में ऐसी पहलें आगे बढ़ें, तो न केवल अभिभावकों का आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि हम लाखों पेड़ों को कटने से भी बचा सकते हैं। यह पहल वास्तव में आत्मनिर्भर और संवेदनशील समाज की दिशा में एक सशक्त कदम है।"
इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष सीमा त्यागी और महासचिव महीपाल सिंह रावत ने कहा,"हमारा उद्देश्य केवल किताबों का आदान-प्रदान कराना नहीं, बल्कि समाज में सहयोग, बचत और पर्यावरण संरक्षण की सोच को मजबूत करना है। पहले ही दिन सैकड़ों अभिभावकों की भागीदारी यह दर्शाती है कि लोग इस पहल को दिल से स्वीकार कर रहे हैं। आने वाले समय में हम इसे और बड़े स्तर पर लेकर जाएंगे ताकि अधिक से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिल सके।"
राजनगर एक्सटेंशन ट्रस्ट के अध्यक्ष दीपांशु मित्तल सहायता संपर्क के अध्यक्ष तुषार कंसल एवं सॉलिड रूफ के सौरभ अग्रवाल ने कहा इस बुक एक्सचेंज मेले का उद्देश्य अभिभावकों को महंगी किताबों के बोझ से राहत दिलाना, बच्चों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना और हर वर्ष कॉपी-किताबों के नाम पर होने वाले पेड़ों के कटान को रोकने के प्रति जागरूकता फैलाना है। हम उम्मीद करते है दूसरे दिन और भी ज्यादा अभिभावक इस पुस्तक मेले में आकर किताबें एक्सचेंज करेंगे ।



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