मुकेश गुप्ता
ग़ाज़ियाबाद । गाजियाबाद के हिंदी भवन में कल से "संस्कार उपवन परिवार" के तत्वावधान मे “श्री भक्तमाल जयंती उत्सव" आज धूमधाम प्रारंभ हो गया है।
पांच दिन चलने वाले इस कार्यक्रम के प्रथम दिन *पूज्य इंद्रेश उपाध्याय * का मंगलमय आगमन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत राधावल्लभ संकीर्तन मंडल के सदस्यों ने संकीर्तन से की। लुभानी बृजवासी ने भी भजनों का आनंद दिया। पुनः संस्कार उपवन के संस्थापक गुरुजी नवनीतप्रिय दास जी के द्वारा भक्तमाल कथा का गायन किया गया। आप द्वारा आज के समाज मे आ रही संस्कारों की कमी पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि सन्तों की वाणी के सुनने से ही हमारे संस्कार सही हो सकते है ।
बृन्दावन से कार्यक्रम में पधारे इंद्रेश उपाध्याय जी ने सभी से भक्तमाल की कथा अपने ठाकुर जी को सुनाने की प्रेरणा दी। होली के रसिया व संतों के पदों को गाकर आपने गाजियाबाद में वृन्दावन की अनुभूति करा दी।
तू ना सँभाले तो हमें कौन सँभाले
मेरी नैया है अब तेरे हवाले
जय प्रभु जगन्नाथ।
गीत पर सभी भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया । होली गीत पर तो सभी श्रद्धालु नाचने लगे । आपको अफ्रिका के देशों मे कथा वाचन करने जाना था , अनेक ब्रज चर्चा सुनाकर आप विदेश में कथा हेतू प्रस्थान कर गये ।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक श्री रामअवतार जिंदल व अनिल गर्ग ने सभी संतों का पटका व माला पहनाकर स्वागत किया। अंत में सभी ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के मुख्य यजमान प्रदीप कुमार, शरद अग्रवाल, अनुराग गोयल, विनीत माहेश्वरी, रामनिवास बंसल आदि ने संतों से आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम की व्यवस्था मुख्य रूप से वेद प्रकाश बंसल, मुकेश कुमार, अतुल गुप्ता, आशीष सिंघल, मुकेश गोयल, विवेक गोयल, सीमा गोयल, राजकुमार सिंघल, संजय अग्रवाल,शशि श्रीवास्तव ,राकेश मित्तल, निर्मल गोयल जी आदि ने संभाली ।




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