गाजियाबाद, 28 मार्च 2026: दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख अस्पतालों में से एक, यशोदा मेडिसिटी ने ‘संगिनी – Let’s Fix Each Other’s Crown’ नामक एक विशेष स्त्री रोग कैंसर सपोर्ट ग्रुप मीट का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों को एक संरचित मंच के माध्यम से जोड़ना और उन्हें आपसी सहयोग व अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करना था। इस पहल का आयोजन यशोदा इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर के अंतर्गत वुमन कैंसर सेंटर, गाइनकोलॉजिक ऑन्कोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जरी विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम में एनटीपीसी लिमिटेड के माननीय चीफ मेडिकल ऑफिसर, डॉ. बसंत कुमार बेहेरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
स्त्री रोग कैंसर का प्रभाव केवल उपचार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह मरीजों को मानसिक और सामाजिक स्तर पर भी प्रभावित करता है। इसी को ध्यान में रखते हुए ‘संगिनी’ को एक ऐसे मंच के रूप में आयोजित किया गया, जहाँ महिलाएं खुलकर अपने अनुभव साझा कर सकें, एक-दूसरे से जुड़ सकें और आपसी सहयोग के माध्यम से आत्मविश्वास प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में मरीजों, सर्वाइवर्स और उनके परिजनों ने भाग लिया और अनुभव-आधारित संवादों में हिस्सा लिया। स्टोरीटेलिंग और संवादात्मक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी बात रखने और समान परिस्थितियों से गुजर रहे अन्य लोगों से जुड़ने का अवसर मिला।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण रैंप वॉक रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास के साथ मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह प्रस्तुति उनकी शक्ति, आत्मविश्वास और बीमारी से परे अपनी पहचान को पुनः स्थापित करने का प्रतीक बनी। इसके साथ ही संगीत और लाफ्टर थेरेपी जैसे सत्रों ने कार्यक्रम को और अधिक सहभागितापूर्ण बनाया और प्रतिभागियों के आत्मविश्वास को और मजबूत किया।
डॉ. पी. एन. अरोड़ा, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने कहा, “एक अस्पताल के रूप में हमारा विश्वास हमेशा हर मरीज को समग्र और निरंतर देखभाल प्रदान करने में रहा है। ‘संगिनी’ जैसी पहलें ऐसे मंच तैयार करने की दिशा में हमारे प्रयास को दर्शाती हैं, जो मरीजों को जुड़ने, सीखने और सहयोग का अनुभव करने में मदद करती हैं।”
डॉ. सतिंदर कौर, सीनियर डायरेक्टर एवं हेड, गाइनकोलॉजिक ऑन्कोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जरी,ने कहा, “स्त्री रोग कैंसर से गुजर रही महिलाओं के सामने इलाज के साथ कई सवाल और संशय होते हैं। ‘संगिनी’ जैसे सपोर्ट ग्रुप इन चिंताओं को समझने, सही जानकारी देने और मरीजों को आगे की राह के लिए ज्यादा तैयार और आत्मविश्वासी बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।”
इस तरह की पहलों के माध्यम से यशोदा मेडिसिटी एकीकृत कैंसर देखभाल को मजबूत करने के साथ-साथ मरीजों के लिए सहयोग और सहभागिता पर आधारित बेहतर देखभाल अनुभव विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है।




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