गुरुवार, 30 जुलाई 2026

कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु 6 कंट्रोल रूम, 11 जोनल, 24 सेक्टर एवं 108 सब मजिस्ट्रेट तैनात: जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़

 

मुकेश गुप्ता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशानुरूप कांवड़ यात्रा को भव्य, सुरक्षित एवं ऐतिहासिक बनाने में सभी करें सहयोग : जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड

समन्वय, सतर्कता एवं जनसहभागिता से कांवड़ यात्रा को सकुशल सम्पन्न कराएं अधिकारी : जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़

कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा, स्वास्थ्य, प्रकाश एवं स्वच्छता की व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें: जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़

कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी समस्या की सूचना तत्काल दें, त्वरित होगा समाधान : जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़

गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  की मंशानुरूप एवं प्राप्त निर्देशों के क्रम में जनपद गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित, भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आपसी समन्वय, सतर्कता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करते हुए कांवड़ यात्रा को सकुशल एवं हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न कराया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था, श्रद्धा एवं सामाजिक समरसता का महापर्व है। इसे सफल एवं ऐतिहासिक बनाने में प्रशासन, पुलिस, विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संगठनों तथा आमजन की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या अथवा संभावित बाधा की जानकारी तत्काल उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए, जिससे समस्या के विकराल रूप धारण करने से पूर्व ही उसका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों एवं श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन का सहयोग करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने विशेष रूप से कांवड़ मार्गों, प्रमुख जलाभिषेक स्थलों एवं स्नान स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं से यातायात नियमों का पालन करने, अनुशासन बनाए रखने तथा सुरक्षा संबंधी निर्देशों का अनुपालन करने का आग्रह किया।

मुरादनगर गंगनहर (छोटा हरिद्वार) पर विशेष सुरक्षा प्रबंध

जिलाधिकारी ने बताया कि मुरादनगर गंगनहर स्थित छोटा हरिद्वार सहित जनपद के सभी प्रमुख स्नान एवं जलाभिषेक स्थलों पर सुरक्षा एवं सुविधा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त पुलिस बल, गोताखोर दल, बैरिकेडिंग एवं निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें।

कांवड़ मार्गों पर प्रकाश, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था

जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि जनपद में कांवड़ यात्रा को सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए सभी प्रमुख मार्गों को गड्ढामुक्त एवं स्वच्छ बनाया गया है। संपूर्ण कांवड़ मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु 6,970 स्ट्रीट लाइटों एवं आवश्यकतानुसार जनरेटर की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्थानों पर चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए हैं तथा एम्बुलेंस सेवाओं को चौबीसों घंटे सक्रिय रखा गया है। इसके अतिरिक्त आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने हेतु स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

सीसीटीवी निगरानी, कंट्रोल रूम एवं मजिस्ट्रेट तैनाती से होगी सतत मॉनिटरिंग

कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रमुख स्थलों एवं मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी की जा रही है। जनपद में 06 कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं तथा उनकी संपर्क व्यवस्थाएं सक्रिय कर दी गई हैं।  यात्रा के सफल संचालन एवं प्रभावी पर्यवेक्षण हेतु 11 जोनल मजिस्ट्रेट, 24 सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं 108 सब मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। साथ ही भीड़ नियंत्रण एवं जनसुविधा के दृष्टिगत पब्लिक एड्रेस सिस्टम, वॉच टावर, सिविल डिफेंस, डीवीएफ फोर्स एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

24 घंटे सक्रिय रहेंगे कंट्रोल रूम, प्रत्येक सूचना पर होगी त्वरित कार्रवाई

कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु जनपद में विभिन्न स्थानों पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जो 24 घंटे सक्रिय रहकर कार्य करेंगे। जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक कंट्रोल रूम प्राप्त होने वाली छोटी से छोटी सूचना एवं घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे।

जनपद में स्थापित किए कंट्रोल रूम

कलेक्ट्रेट मुख्यालय स्थित मुख्य कंट्रोल रूम — प्रभारी: परियोजना निदेशक, डीआरडीए, गाजियाबाद। दूरभाष : 0120-2989508

राज चौपला, मोदीनगर स्थित कंट्रोल रूम — प्रभारी: उपायुक्त, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, गाजियाबाद। दूरभाष : 01232-299210

गंगनहर (छोटा हरिद्वार) स्थित कंट्रोल रूम — प्रभारी: मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, गाजियाबाद। दूरभाष : 01232-299212

मेरठ तिराहा स्थित कंट्रोल रूम — प्रभारी: उप श्रमायुक्त, गाजियाबाद। दूरभाष : 0120-2989507

दुधेश्वरनाथ मंदिर स्थित कंट्रोल रूम — प्रभारी: नगर मजिस्ट्रेट, गाजियाबाद। दूरभाष : 0120-2989506

टीलामोड़ स्थित कंट्रोल रूम — प्रभारी: जिला समाज कल्याण अधिकारी, गाजियाबाद। दूरभाष : 0120-2989509

इसके अतिरिक्त कानून-व्यवस्था एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित सूचनाओं के त्वरित निस्तारण हेतु निम्न विशेष कंट्रोल रूम भी संचालित रहेंगे—

पुलिस कांवड़ सेल कंट्रोल रूम — प्रभारी: श्रीमती उपासना पाण्डेय, सहायक पुलिस आयुक्त, गाजियाबाद। मोबाइल : 7017652500

एनडीआरएफ कंट्रोल रूम — प्रभारी: नामित एनडीआरएफ अधिकारी। मोबाइल : 9412221035 दूरभाष : 0120-2766618


श्रद्धालुओं हेतु पार्किंग, पेयजल, भोजन एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध

जिलाधिकारी ने बताया कि कांवड़ियों के वाहनों की पार्किंग हेतु पर्याप्त स्थान चिन्हित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त पेयजल, शौचालय, विश्राम, चिकित्सा एवं शिविरों के संचालन हेतु निर्धारित होल्डिंग क्षेत्र विकसित किए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु खाद्य सुरक्षा विभाग की 14 टीमों का गठन किया गया है, जो निरंतर निरीक्षण एवं प्रवर्तन की कार्रवाई कर रही हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान शासन के निर्देशों के अनुरूप मांस एवं मदिरा की दुकानों को कवर अथवा आवश्यकतानुसार बंद रखने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

कांवड़ यात्रा के मद्देनज़र जिलाधिकारी की अपील

जिलाधिकारी  रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने पुनः जनपदवासियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारी संगठनों एवं श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि सभी के सहयोग, अनुशासन एवं समर्पण से ही कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा की अवधि में पूर्ण सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

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