बुधवार, 8 जुलाई 2026

सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल, एस.एस.बी. शाखा के विद्यार्थियों ने "वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 – एक पेड़ माँ के नाम" के पर सृजनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन पर डीएम ने किया सम्मानित






                             मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल, एस.एस.बी. शाखा के विद्यार्थियों ने "वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 – एक पेड़ माँ के नाम" के अंतर्गत आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता, का आयोजन किया। यह आयोजन गाजियाबाद रेंज, सामाजिक वानिकी प्रभाग, गाजियाबाद द्वारा किया गया था, इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करते  हुए विधार्थियों ने विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने सम्मानित किया।

पुरस्कार प्राप्त विद्यार्थी:

*कुशाग्र चौधरी (कक्षा 10 'स') — प्रथम पुरस्कार*

*वंशिका पनाचे (कक्षा 11 'अ') — द्वितीय पुरस्कार*

*ऋत्विक पायसी (कक्षा 10 'स') — तृतीय पुरस्कार*

*अतिशा दूबे (कक्षा 10 'ब') — सांत्वना पुरस्कार*

*पूर्वा कौशिक (कक्षा 11 'ब') — सांत्वना पुरस्कार*

डा० सुभाष जैन ने बताया कि विजेता विद्यार्थियों को जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया। इस गौरवपूर्ण अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन सर डॉ ० सुभाष जैन भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति से समारोह की शोभा बढ़ाने हेतु उपस्थित रहे। उनके स्नेहिल आशीर्वाद, प्रेरणादायी शब्दों एवं निरंतर प्रोत्साहन ने विद्यार्थियों का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया। 

डा० सुभाष जैन ने बताया कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की प्रतिभा, सृजनात्मक सोच, परिश्रम एवं समर्पण का प्रतीक है। विद्यालय परिवार सभी विजेता विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों तथा मार्गदर्शक शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित करता है।

सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मक अभिव्यक्ति एवं उत्कृष्टता को निरंतर प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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पूज्य मोरारी बापू के श्रीमुख से प्रवाहित 980वीं श्रीराम कथा का भव्य समापन, पूज्य मोरारी बापू ने श्री रामकथा के माध्यम से दिया मर्यादा, सेवा और राष्ट्र निर्माण का अमृत संदेश*


                             संवाददाता

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी,  महामण्डलेश्वर सतुआ बाबा, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड़, पुष्कर सिंह धामी  एवं आचार्य लोकेश मुनि की गरिमामयी उपस्थिति*

हरिद्वार, 8 जुलाई। परम पवित्र सप्तपुरी देवभूमि हरिद्वार की पुण्यधरा श्री रामनाम के दिव्य रस, संतों की वाणी और भक्ति की मधुर सरिता से अनुप्राणित हो उठी। प्रेम नगर आश्रम में पूज्य मोरारी बापू के श्रीमुख से प्रवाहित 980वीं श्रीराम कथा का समापन अत्यन्त श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। श्रीराम कथा के माध्यम से भगवान श्रीराम के दिव्य चरित्र का वर्णन तथा वर्तमान समय में मानवीय मूल्यों, करुणा, सत्य, मर्यादा, प्रेम और सेवा को जीवन में उतारने की प्रेरणा पूज्य बापू ने प्रदान की।

समापन अवसर पर उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कथा-स्थल पर पहुँचकर श्रद्धापूर्वक रामकथा का श्रवण किया तथा पूज्य मोरारी बापू, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी सहित पूज्य संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस पावन अवसर पर महामण्डलेश्वर सतुआ बाबा जी एवं  आचार्य लोकेश मुनि जी  की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक आलोकित किया। 

पूज्य मोरारी बापू के श्रीमुख से प्रवाहित रामकथा रूपी ज्ञानधारा आत्मा को स्पर्श करने वाला जीवन-दर्शन है। उनकी वाणी में प्रवाहित श्री राम कथा के माध्यम से उन्होंने प्रेरणा दी कि श्रीराम जी का जीवन हमें विभाजन नहीं, बल्कि समरसता; संघर्ष नहीं, बल्कि समाधान; और अधिकार नहीं, बल्कि कर्तव्य का मार्ग दिखाता है।

श्री रामकथा का वास्तविक उद्देश्य जीवन का परिवर्तन है। जब मन में राम बसते हैं तो व्यवहार में करुणा आती है, परिवार में प्रेम बढ़ता है, समाज में विश्वास जागता है और राष्ट्र में नैतिकता का प्रकाश फैलता है। यही श्रीराम कथा की सबसे बड़ी साधना और सबसे बड़ा संदेश है।

आज विश्व अनेक प्रकार की चुनौतियों से गुजर रहा है। ऐसे समय में श्रीरामजी के आदर्श सत्य, त्याग, सेवा, मर्यादा, सहिष्णुता और लोकमंगल, मानवता के लिए सबसे बड़ा पथप्रदर्शक बन सकते हैं। राष्ट्र की वास्तविक शक्ति केवल आर्थिक प्रगति में नहीं, बल्कि संस्कारित नागरिकों, संवेदनशील समाज और मूल्यनिष्ठ जीवन में निहित होती है।

परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने संदेश दिया कि श्री राम केवल एक नाम नहीं, भारत की आत्मा हैं। राम केवल आराधना नहीं, बल्कि जीवन की मर्यादा, राष्ट्र की संस्कृति और मानवता की चेतना हैं। जिस राष्ट्र के हृदय में राम बसते हैं, वहाँ विभाजन नहीं, एकता जन्म लेती है; वहाँ वैमनस्य नहीं, सद्भाव पल्लवित होता है; वहाँ स्वार्थ नहीं, सेवा संस्कार बन जाती है।

आज भारत को केवल आर्थिक रूप से सशक्त बनने की नहीं, बल्कि आध्यात्मिक, नैतिक और सांस्कृतिक रूप से भी विश्व का पथप्रदर्शक बनने की आवश्यकता है। श्री राम जी की शक्ति का आधार शस्त्र नहीं, चरित्र है; नेतृत्व का आधार अधिकार नहीं, उत्तरदायित्व है; और राष्ट्र की वास्तविक पहचान उसकी सीमाओं से नहीं, बल्कि उसके संस्कारों से होती है। 

आइए, हम श्रीराम जी को अपने विचारों में, व्यवहार में, परिवार में, शिक्षा में, शासन में और राष्ट्र-जीवन के प्रत्येक आयाम में उतारें। जब प्रत्येक भारतीय के हृदय में श्री राम के सत्य, करुणा, सेवा, समरसता और मर्यादा के मूल्य जागृत होंगे, तब भारत केवल एक शक्तिशाली राष्ट्र ही नहीं, बल्कि विश्व को शान्ति, सह-अस्तित्व और वसुधैव कुटुम्बकम् का मार्ग दिखाने वाला विश्वगुरु बनेगा। यही रामकथा का संदेश है, यही राष्ट्रधर्म है और यही मानवता का भविष्य है। उन्होंने पूज्य बापू को 980 वीं श्रीराम कथा की अमृत धारा प्रवाहित करने हेतु अनेकानेक धन्यवाद देते हुये उनका अभिनन्दन किया।

 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी संतों का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए भारतीय संस्कृति, सनातन परम्परा और संत समाज के राष्ट्र निर्माण में योगदान को नमन करते हुये उन्होंने कहा कि पूज्य संतों की प्रेरणा समाज को दिशा देती है तथा श्री रामकथा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और जीवन-मूल्यों से जोड़ने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि पूज्य बापू का सान्निध्य उन्हें कई बार प्राप्त हुआ और हर बार उन्हें एक नूतन ऊर्जा प्राप्त होती है।

पूज्य स्वामी जी ने पूज्य मोरारी बापू को रूद्राक्ष का दिव्य पौधा और भगवान शिव की प्रतिमा भेंट कर उत्तराखंड़ की दिव्य भूमि पर उनका अभिनन्दन किया।

रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद ग्रेटर नेक्स्ट ने “ऑक्सीजन ड्राइव” के अंतर्गत 100 पौधों का वृक्षारोपण अभियानचलाया


संवाददाता

हापुड़, 8 जुलाई 2026:। रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद ग्रेटर नेक्स्ट द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से “ऑक्सीजन ड्राइव – Go Green, Breathe Clean” का सफल आयोजन जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल, आनंद विहार, हापुड़ में किया गया। इस अभियान के अंतर्गत विद्यालय परिसर में 100 पौधों का वृक्षारोपण किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पीडीजी जे. के. गौड़ (AKS) एवं विशिष्ट अतिथि रोटेरियन दीपक अग्रवाल (DDZ) की गरिमामयी उपस्थिति में वृक्षारोपण कर अभियान का शुभारंभ किया गया। सभी अतिथियों एवं रोटरी सदस्यों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

इस अवसर पर क्लब की अध्यक्ष रोटेरियन निधि गौड़ ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक नागरिक का वृक्षारोपण में योगदान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी से पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल करने का भी आग्रह किया।

कार्यक्रम के दौरान क्लब के सदस्यों, उनके परिवारजनों, जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल के इंटरैक्टर्स (Interact Club) एवं विद्यालय परिवार ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए परिसर में विभिन्न प्रकार के छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण किया। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए "Let's Plant Hope, Let's Plant Life" के संकल्प को दोहराया।

इस अभियान के सफल आयोजन में प्रोजेक्ट चेयर रोटेरियन मीनू त्यागी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस अवसर पर रोटेरियन निधि जैन, रोटेरियन धनेश, रोटेरियन विनीत अग्रवाल, रोटेरियन संजय त्यागी, रोटेरियन ए.के. वर्मा, रोटेरियन एच.के. जोशी, रोटेरियन ऊषा गौड़, रोटेरियन सुरेंद्र शर्मा, रोटेरियन प्रवीण शर्मा एवं रोटेरियन वरुण गौड़ सहित रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद ग्रेटर नेक्स्ट के अन्य पदाधिकारी, सदस्यगण एवं अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण हेतु निरंतर कार्य करने की प्रतिबद्धता के साथ हुं।

मंगलवार, 7 जुलाई 2026

चंदा चोरी के मामले में जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी द्वारा संयुक्त रूप से सर्व बुद्धि पदयात्रा निकली




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद सभी कांग्रेस जनों को वर्षा के रूप में प्राप्त हुआ   कांग्रेस की "सद्बुद्धि पदयात्रा", अयोध्या श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी एवं अनियमितताओं के विरोध में उठाई पूरे उत्तर प्रदेश में आवाज उठाई उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय  के अहवन पर जिला कांग्रेस कमेटी गाजियाबाद अध्यक्ष सतीश शर्मा एवं महानगर कांग्रेस कमेटी गाजियाबाद वीर सिंह जाटव के संयुक्त तत्वावधान में अयोध्या श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी एवं अनियमितताओं के विरोध तथा दोषियों को सद्बुद्धि  करने की कामना को लेकर "प्रभु श्रीराम से गुहार लगाई  सद्बुद्धि पदयात्रा" का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, पर जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता एकत्र होकर  जिला अध्यक्ष श्री सतीश शर्मा जी के द्वारा सद्बुद्धि पदयात्रा दुर्गा भाभी चौक, नवयुग मार्केट, से शुरू होकर चोपला बाजार स्थित चोपला मंदिर, घंटाघर होते हुए गुड़ मंडी स्थित हनुमान मंदिर पहुँची।


पदयात्रा के दौरान क्षेत्र में हुई तेज वर्षा को कांग्रेसजनों ने प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद मानते हुए पूरे उत्साह, श्रद्धा एवं जोश के साथ यात्रा जारी रखी। कार्यकर्ताओं ने भगवान जयसियाराम के जयघोष एवं धार्मिक भावनाओं के साथ यात्रा को सफल बनाया।


हनुमान मंदिर में पहुँचकर सभी कांग्रेसजनों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ एवं हनुमान आरती की। इसके उपरांत प्रभु श्रीराम एवं पवनपुत्र हनुमान जी से प्रार्थना की गई कि अयोध्या श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में यदि किसी प्रकार की चोरी अथवा अनियमितता हुई है तो उसके दोषियों को सद्बुद्धि प्रदान करें, उन्हें उनके कृत्यों का उचित दंड मिले तथा भविष्य में किसी भी रामभक्त की आस्था के साथ खिलवाड़ न हो।


इस अवसर पर जिला अध्यक्ष श्री सतीश शर्मा ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में किसी भी प्रकार की अनियमितता अत्यंत गंभीर विषय है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

महानगर अध्यक्ष श्री वीर सिंह जाटव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सदैव जनभावनाओं, धार्मिक आस्था और पारदर्शिता के पक्ष में खड़ी रही है। श्रीराम मंदिर देशवासियों की आस्था का केंद्र है और उसकी पवित्रता एवं मर्यादा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता, ब्लॉक अध्यक्ष, फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे

जिला कांग्रेस अध्यक्ष सतीश शर्मा महानगर कांग्रेस अध्यक्ष वीर सिंह जाटव पूर्व मंत्री सतीश शर्मा पूर्व प्रत्यशी पुष्प रावत पूर्व पृथ्वी विधानसभा प्रत्याशी शशि भूषण शर्मा पूर्व प्रदेश सचिव पंकज तंजानिया जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा हाजी खुर्शीद अली कोषाध्यक्ष अश्वनी त्यागी जिला व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुशील शर्मा रूबी मलिक सीमा नजमीन हरेंद्र बाबा राजू शर्मा अमित शर्मा अमित बंटी आचार्य विकास त्यागी हरपाल सिंह कंचन वर्मा रवि सूर्य यश कौशिक बाबूराम शर्मा राजकुमार शर्मा इरफान नेताजी अनवर कुरेशी आबिद अली श्याम पोरवाल पन्नालाल शर्मा राजीव शर्मा जगतार सिंह भट्टी अब्दुल कादिर हाफिज सलमानी शिवानी चौधरी पुनीत लो विनोद त्रिपाठी रियाज सैफी अजय शर्मा अनु मलिक रिजवान मलिक आशुतोष गुप्ता जिला मीडिया प्रभारी द्वारा खाबर प्रेषित की जा रही है आदि सैकड़ो प्रभु श्री राम के कांग्रेस भक्ति मौजूद थे

दृष्टि बदलिए, दृश्य बदल जाएगा, ऐनक बदलेगी तो एंगल बदलेंगे, और एंगल बदलेंगे तो जीवन के सारे ट्रायएंगल स्वतः बदल जाएंगे--स्वामी चिदानन्द सरस्वती, उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने रचा इतिहास

 







*🌺उत्तराखण्ड राज्य के सबसे लंबे कार्यकाल वाले राज्यपाल बने, सेवा, नेतृत्व और राष्ट्रसमर्पण का स्थापित किया नया मानदण्ड*

*✨परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं पतंजलि योगपीठ, आचार्य बालकृष्ण जी का पावन सान्निध्य, उद्बोधन और आशीर्वाद*

*💐एब्सोल्यूट इंटेलिजेंस डोंट सर्च, फाइंड (प्रज्ञा, खोजें नहीं, समाधान पाएँ) पुस्तक का भव्य लोकार्पण*

*💥ज्ञान, चेतना और मानवता पर मंथन*

* राज्यपाल गुरमीत सिंह मेडल वाले ही नहीं माॅडल गर्वनर*

*🌼अन्तर्राष्ट्रीय क्षमा दिवस पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का संदेेश - क्षमा करो और आगे बढ़ो, यही जीवन का सिद्धान्त है, यही कर्म का नियम है. क्षमा मन को बोझ से मुक्त करती है, संबंधों में प्रेम जगाती है और जीवन में शांति, सकारात्मकता तथा आत्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है*.

देहरादून, 7 जुलाई। उत्तराखण्ड के संवैधानिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) माननी राज्यपाल श्री गुरमीत सिंह जी ने राज्य के सबसे लंबे कार्यकाल वाले राज्यपाल बनने का गौरव प्राप्त किया। उन्होंने 1,756 दिनों का कार्यकाल पूर्ण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह उपलब्धि एक संवैधानिक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड के विकास, सुशासन और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण का सशक्त प्रतीक है।

लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने 15 सितम्बर 2021 को उत्तराखण्ड के आठवें राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की थी। उनका कार्यकाल 4 वर्ष, 9 माह और 21 दिन का हो चुका है, जो राज्य गठन के बाद किसी भी राज्यपाल का सबसे लंबा कार्यकाल है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि सम्पूर्ण उत्तराखंड़ की है।

अपने कार्यकाल के दौरान राज्यपाल गुरमीत सिंह ने संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन के साथ समाज के विविध वर्गों के बीच एक प्रेरक मार्गदर्शक, संवेदनशील संरक्षक और जनहितैषी व्यक्तित्व के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उन्होंने राजभवन को जनसंवाद, नवाचार, शिक्षा, युवा प्रेरणा और सामाजिक जागरूकता का सक्रिय केन्द्र बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास किए।

राज्यपाल के रूप में उन्होंने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, युवा नेतृत्व, सैनिक एवं पूर्व सैनिक कल्याण, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, जैव विविधता, स्वास्थ्य तथा सामाजिक समरसता जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों को प्राथमिकता दी। उन्होंने समय-समय पर विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों, युवाओं, सैनिक परिवारों तथा विभिन्न सामाजिक समूहों के साथ संवाद स्थापित कर समाज के सर्वांगीण विकास को नई दिशा प्रदान की। राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में उन्होंने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, अनुसंधान, कौशल विकास तथा भारतीय ज्ञान परम्परा को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण पहल की।

उत्तराखण्ड के राज्यपाल  गुरमीत सिंह ने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परम्परा आज वैश्विक स्तर पर नई स्वीकार्यता प्राप्त कर रही है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और अध्यात्म का समन्वय ही भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है। ऐसे ग्रन्थ समाज में सकारात्मक चिंतन, अनुसंधान और नवाचार की नई दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने इस महत्त्वपूर्ण कृति के प्रकाशन पर सभी रचनाकारों और आयोजकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि राज्यपाल गुरमीत सिंह का जीवन राष्ट्रसेवा की प्रेरणादायी यात्रा है। भारतीय सेना में लगभग चार दशकों तक उत्कृष्ट सेवा देने के बाद उन्होंने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन भी उसी समर्पण, अनुशासन और दूरदृष्टि के साथ किया। देशभक्ति उनके परिवार की परम्परा रही है और यही संस्कार आगे चलकर उनके व्यक्तित्व और नेतृत्व की आधारशिला बने। श्री गुरमीत सिंह जी ने भारत की शक्ति व संस्कृति को संरक्षित करने का कार्य किया है।

उन्होंने सैनिक पृष्ठभूमि से प्राप्त अनुशासन, समयबद्धता, पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा को राजभवन की कार्यशैली में भी प्रतिबिंबित किया। उत्तराखण्ड की प्राकृतिक धरोहर, हिमालय, नदियों, वन सम्पदा और जैव विविधता के संरक्षण के लिए उन्होंने अनेक अवसरों पर जनजागरूकता का संदेश दिया। 

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज विश्व एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की ओर बढ़ रहा है, लेकिन मानवता का भविष्य एआई से सुरक्षित नहीं होगा। हमें एआई के साथ आरआई (राइटियस इंटेलिजेंस, ऋषि इंटेलिजेंस ), एसआई (स्पिरिचुअल इंटेलिजेंस) और सनातन इंटेलिजेंस की भी आवश्यकता है आइए अध्यात्म इंटेलिजेंस की ओर बढ़े।

प्रख्यात वैज्ञानिक एवं लेखक प्रो. अरुण तिवारी ने पुस्तक का विस्तृत परिचय देते हुए कहा कि एब्सोल्यूट इंटेलिजेंस डोंट सर्च, फाइंड (प्रज्ञा, खोजें नहीं, समाधान पाएँ) पुस्तक विज्ञान और अध्यात्म के बीच संवाद स्थापित करने वाला एक वैचारिक सेतु है। उन्होंने बताया कि आधुनिक विज्ञान जहाँ बुद्धि की सीमाओं का अन्वेषण करता है, वहीं भारतीय अध्यात्म प्रज्ञा के माध्यम से अनन्त चेतना का अनुभव कराता है। यह ग्रन्थ दोनों धाराओं को एक सूत्र में पिरोने का अभिनव प्रयास है।

कार्यक्रम का शुभारम्भ राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् एवं राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुआ, जिससे सम्पूर्ण सभागार राष्ट्रभक्ति और भारतीय संस्कृति की दिव्य भावना से ओत-प्रोत हो उठा।

इसके उपरान्त राज्यपाल के वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत करते हुए इस महत्त्वपूर्ण आयोजन की भूमिका प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परम्परा आज पुनः वैश्विक मंच पर अपनी सार्थकता सिद्ध कर रही है और ऐसे ग्रन्थ भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।

उत्तराखण्ड की पावन देवभूमि में आज ज्ञान, विज्ञान और अध्यात्म के अद्वितीय समन्वय का एक ऐतिहासिक क्षण साकार हुआ। लोक भवन, देहरादून के सभागार में आयोजित गरिमामय समारोह में एब्सोल्यूट इंटेलिजेंस डोंट सर्च, फाइंड (प्रज्ञा, खोजें नहीं, समाधान पाएँ) पुस्तक का भव्य लोकार्पण उत्तराखण्ड के माननीय राज्यपाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। 

समारोह में योग, आयुर्वेद, विज्ञान, शिक्षा और अध्यात्म जगत की अनेक विशिष्ट विभूतियों की गरिममयी उपस्थिति रही।

इस अवसर पर  रवि रमन , विश्वविद्यालयों के कुलपति, डीन, प्रोफेसर, गणमान्य अतिथि, नारी शक्ति की गरिमामयी उपस्थिति रही।

सोमवार, 6 जुलाई 2026

हिन्दू संघर्ष समिति निकोला टेस्ला की 170वीं जयंती पर करेगी “टेस्ला विवेकानन्द फ्रेंडशिप फोरम” का शुभारम्भ-मोहित माधव




संवाददाता

नई दिल्ली । हिन्दू संघर्ष समिति द्वारा 10 जुलाई 2026 को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में विश्वविख्यात वैज्ञानिक निकोला टेस्ला की 170वीं जयंती के अवसर पर “टेस्ला विवेकानन्द फ्रेंडशिप फोरम” का शुभारम्भ किया जाएगा।

इस कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए हिन्दू संघर्ष समिति के राष्ट्रीय सचिव  मोहित माधव ने कहा कि यह केवल एक स्मृति समारोह नहीं, बल्कि विज्ञान, अध्यात्म, संस्कृति और वैश्विक सहयोग को समर्पित एक दूरदर्शी पहल है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द और निकोला टेस्ला के विचार आज भी विश्व को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं तथा यह फोरम उन्हीं आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बनेगा।

मोहित माधव ने देशभर के युवाओं, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, उद्योग जगत, नीति निर्माताओं एवं प्रबुद्ध नागरिकों से इस ऐतिहासिक अवसर पर सहभागिता का आग्रह करते हुए कहा—

“भारत ने सदैव ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का संदेश दिया है। ‘टेस्ला विवेकानन्द फ्रेंडशिप फोरम’ विज्ञान और आध्यात्मिक चेतना के समन्वय के माध्यम से विश्व बंधुत्व, नवाचार, ज्ञान-विनिमय और सांस्कृतिक सहयोग को नई गति प्रदान करेगा। यह मंच आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र निर्माण एवं मानव कल्याण के लिए प्रेरित करेगा।”

उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य भारत और विश्व के बीच ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार, सांस्कृतिक संवाद एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित सहयोग को सशक्त बनाना है।

इस अवसर पर हिन्दू संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महामंत्री श्री अनुप पाण्डेय ने कहा कि समिति राष्ट्रहित, सांस्कृतिक जागरण एवं वैश्विक समन्वय के ऐसे रचनात्मक प्रयासों के लिए निरंतर कार्यरत है। उन्होंने सभी राष्ट्रप्रेमी नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक पहल का हिस्सा बनने का आह्वान किया।




रालोद संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष व रालोद के प्रोफ़ेशनल मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष के मध्य हुई महत्वपूर्ण बैठक

 


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । राष्ट्रीय लोकदल के प्रोफेशनल मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट रविकांत चड्ढा ने आज राष्ट्रीय लोकदल के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद के. सी. त्यागी  से शिष्टाचार भेंट की।

बैठक के दौरान राष्ट्रीय लोकदल के संगठनात्मक विस्तार, पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने तथा समाज के सभी वर्गों को संगठन से जोड़ने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।बैठक मे राष्ट्रीय लोकदल के संगठन को देशभर में और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।गाँव, नगर, बूथ एवं मंडल स्तर तक संगठन को सशक्त करने तथा नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने की रणनीति पर चर्चा हुई।युवाओं, किसानों, महिलाओं, व्यापारियों, पेशेवर वर्ग, मजदूरों एवं समाज के सभी वर्गों को राष्ट्रीय लोकदल की नीतियों से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री, किसान मसीहा एवं स्वतंत्रता सेनानी श्रद्धेय चौधरी चरण सिंह जी तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजीत सिंह जी के किसान हितैषी, लोकतांत्रिक और जनकल्याणकारी कार्यों एवं विचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर सहमति बनी।राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री श चौधरी जयंत सिंह द्वारा कौशल विकास, युवाओं के प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि युवाओं को कौशल, शिक्षा और रोजगार से जोड़ने वाली योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुँचाकर संगठन के प्रति विश्वास और सहभागिता को बढ़ाया जाए।दोनों नेताओं ने संगठनात्मक मजबूती के लिए प्रोफेशनल वर्ग, शिक्षित युवाओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर भी विचार साझा किए।बैठक में राष्ट्रीय लोकदल की विचारधारा, किसान हित, सामाजिक न्याय, युवाओं के सशक्तिकरण और संगठन के विस्तार को आगामी समय की प्रमुख प्राथमिकता बताया गया।दोनों नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री माननीय चौधरी जयंत सिंह जी के नेतृत्व में संगठन निरंतर मजबूत होगा तथा पार्टी की नीतियाँ और विचारधारा समाज के प्रत्येक वर्ग तक और प्रभावी ढंग से पहुँचेगी।

श्री कांची कामकोटि पीठम् के 69वें जगद्गुरु शंकराचार्य, जयेन्द्र सरस्वती महास्वामी का अवित्तम् (धनिष्ठा) जन्म नक्षत्र महोत्सव मे शामिल हुए पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती

 







उत्तर और दक्षिण का दिव्य आलिंगन*

 *🌺कांची की पावन भूमि पर सनातन चेतना का अलौकिक संगम*

*💐चतुर्थ कुम्भाभिषेकम् के पावन अवसर पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य श्री विजयेंद्र सरस्वती जी महाराज एवं पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी की दिव्य भेंट* 

*🌼श्री कांची कामकोटि पीठम की स्थापना जगद्गुरु आदि शंकर भगवान्पाद ने लगभग 2507 वर्ष पूर्व (509 ईसा पूर्व दृ 477 ईसा पूर्व) की थी*

*इस पावन अवसर पर सनातन संस्कृति, अयोध्या धाम, श्रीराम मन्दिर, युवाओं के संस्कारों के रोपण, दक्षिण व उत्तर का दिव्य संगम* 


 नई दिल्ली। श्री कांची कामकोटि पीठम् के चतुर्थ कुम्भाभिषेकम् तथा 69वें जगद्गुरु शंकराचार्य, पूज्यपाद प्रातःस्मरणीय  जयेन्द्र सरस्वती जी के अवित्तम् (धनिष्ठा) जन्म नक्षत्र महोत्सव के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का दिव्य सान्निध्य प्राप्त हुआ।

लगभग ढाई सहस्राब्दियों पूर्व जगद्गुरु आदि शंकर भगवान्पाद द्वारा स्थापित श्री कांची कामकोटि पीठम् भारत की सनातन चेतना का जीवंत केन्द्र है। युगों से यह पीठ वेद, उपनिषद, शास्त्र, धर्म, संस्कृति और राष्ट्रधर्म के संरक्षण का दिव्य दायित्व का अद्भुत निर्वहन कर रही है। आज भी उसकी यह ज्योति सम्पूर्ण विश्व को भारतीय अध्यात्म का मार्ग दिखा रही है।

चतुर्थ कुम्भाभिषेकम् का यह महोत्सव एक धार्मिक अनुष्ठान के साथ आत्मशुद्धि, लोकमंगल और दिव्य ऊर्जा के पुनर्संचार का विराट उत्सव है। भगवान कार्तिकेय के पावन विग्रह का महाअभिषेक, वैदिक मंत्रों के दिव्य उच्चारण, यज्ञ की पवित्र अग्नि, अनेकों श्रद्धालुओं की सामूहिक प्रार्थनाएँ और पूज्य संतों का सान्निध्य प्राप्त हुआ। कुम्भाभिषेकम् प्रत्येक बारह वर्षों में सम्पन्न होने वाला यह महोत्सव भारतीय संस्कृति, दक्षिण एवं उत्तर का दिव्य संगम है।

इस दिव्य अवसर पर पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य श्री विजयेंद्र सरस्वती जी महाराज एवं पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का आत्मीय संगम हुआ। यह उत्तर और दक्षिण भारत की आध्यात्मिक धाराओं का ऐसा आलिंगन है, जिसने यह संदेश दिया कि सनातन धर्म की शक्ति उसकी विविधता में निहित एकता है।

इस भेंट में वर्षों पुरानी आत्मीयता पुनः सजीव हो उठी। वर्ष 1975 से प्रारम्भ हुई यह आध्यात्मिक निकटता, पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य श्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती महास्वामी जी, पूज्य श्री जयेन्द्र सरस्वती महास्वामी जी और अब पूज्य श्री विजयेंद्र सरस्वती जी महाराज के स्नेह एवं आशीर्वाद से निरन्तर पुष्पित-पल्लवित होती रही है। परमार्थ निकेतन और श्री कांची कामकोटि पीठम् का यह संबंध साझा आध्यात्मिक संकल्प, राष्ट्रनिर्माण और मानवता की सेवा का संबंध है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य श्री विजयेंद्र सरस्वती जी महाराज को परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश पधारने का सादर आमंत्रण दिया जो कि मां गंगा और कावेरी, हिमालय और दक्षिण की ज्ञान परम्पराओं, तप और भक्ति, वेद और सेवा के पुनर्मिलन का आमंत्रण है।

दोनों पूज्य संतों ने इस बात पर भी गहन चिंता और आशा व्यक्त की कि भारत का भविष्य केवल आधुनिक शिक्षा से नहीं, बल्कि संस्कारयुक्त शिक्षा से निर्मित होगा। आज आवश्यकता है कि युवाओं के हृदय में भारतीय संस्कृति, गुरु-शिष्य परम्परा, परिवार, पर्यावरण, सेवा, करुणा और राष्ट्रप्रेम के बीज रोपे जाएँ। वही संस्कार आने वाले भारत को विश्व के लिए प्रकाशस्तम्भ बनाएँगे।

भारत की सांस्कृतिक शक्ति किसी भौगोलिक सीमा में बँधी नहीं है। हिमालय की तपःभूमि और दक्षिण की ज्ञानभूमि जब एक साथ खड़ी होती हैं, तब सम्पूर्ण भारत एक परिवार के रूप में दिखाई देता है। यही सनातन का स्वरूप है, जहाँ विविध परम्पराएँ हैं, परन्तु उद्देश्य एक है; अनेक भाषाएँ हैं, परन्तु भाव एक है; अनेक तीर्थ हैं, परन्तु चेतना एक है। 

श्री कांची की इस पावन भूमि से उठी यह आध्यात्मिक ज्योति सम्पूर्ण विश्व को यह प्रेरणा देती है कि संस्कृति का संरक्षण केवल स्मृतियों से नहीं, बल्कि पूज्य संतों के जीवन और उनके साझा संकल्पों से होता है। यह दिव्य मिलन आने वाली पीढि़यों के लिए एक प्रेरक अध्याय रहेगा जहाँ उत्तर और दक्षिण ने मिलकर पुनः उद्घोष किया कि सनातन केवल एक परम्परा नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के कल्याण का शाश्वत पथ है।

आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के 29 वें जन्मदिवस पर परमार्थ निकेतन के पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने दी शुभकामनायें

 




*✨ज्ञान, दान और ध्यान महोत्सव में सनातन चेतना का भव्य समागम*

*💐आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर बेटियों की शिक्षा का किया ऐतिहासिक संकल्प* 

🌼आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी द्वारा रचित ‘मेरा सन्यासी’ कृति का हुआ लोकार्पण*

*💥हनुमान चालीसा एवं सुन्दरकाण्ड के महापाठ से गुंजायमान हुआ भारत मंडपम*

*🌺आचार्य बालकृष्ण, आचार्य लोकेश मुनि मनोज बाजपेयी , भजन सम्राट कन्हैया मित्तल तथा देश की अनेक विशिष्ट विभूतियों एवं पूज्य संतों की गरिमामयी उपस्थिति*

नई दिल्ली। प्रदर्शनी हॉल, भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित ज्ञान, दान और ध्यान महोत्सव एक ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महापर्व के रूप में आयोजित किया गया। इस पावन असवसर पर परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज का दिव्य सान्निध्य प्राप्त हुआ।  

आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी के पावन जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने सनातन संस्कृति के अप्रतिम वैभव का साक्षात्कार किया। यह आयोजन भारतीय अध्यात्म, सेवा, संस्कार और सनातन जीवन-दृष्टि का ऐसा विराट उत्सव था जिसने प्रत्येक उपस्थित श्रद्धालु के हृदय में धर्म, राष्ट्र और मानवता के प्रति नई ऊर्जा, नया विश्वास और नई प्रेरणा का संचार किया।

इस ऐतिहासिक अवसर पर आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने एक ऐसी घोषणा की जिसने पूरे सभागार को भाव-विभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि जिन हजारों निर्धन एवं जरूरतमंद बेटियों का विवाह उन्होंने सम्पन्न कराया था, अब उनकी बेटियों की सम्पूर्ण शिक्षा का दायित्व भी उनके द्वारा वहन किया जाएगा। यह घोषणा भारतीय संस्कृति के शाश्वत आदर्श की पुनर्प्रतिष्ठा है जहाँ बेटी को केवल सम्मान ही नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार और स्वावलम्बन का अधिकार भी दिया गया है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी के पावन जन्मदिवस पर शुभकामनाएँ देते हुए कहा, ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, अखण्ड ऊर्जा एवं निरंतर लोकमंगल की शक्ति प्रदान करें। आप अपनी तपस्या, भक्ति और ओजस्वी वाणी से सनातन धर्म की दिव्य पताका को विश्व के कोने-कोने में फहराते रहे। आपकी प्रेरणा से अनेकों हृदयों में धर्म, संस्कृति, राष्ट्रप्रेम और भगवान श्रीराम तथा श्रीहनुमान जी के प्रति अटूट श्रद्धा जागृत हो रही है। आपका जीवन सदैव धर्म, सेवा और मानवता के कल्याण के लिए समर्पित रहे। आप दिव्यायु हों, दीर्घायु हों, सदैव स्वस्थ रहें, मस्त रहें।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि ज्ञान हमें दिशा देता है, ध्यान हमें दिव्यता से जोड़ता है और दान जीवन को सार्थक बनाता है। जब ये तीनों एक साथ जीवन में उतरते हैं, तब केवल व्यक्ति ही नहीं, सम्पूर्ण समाज और राष्ट्र जागृत होता है। उन्होंने कहा कि आज का भारत केवल आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर नहीं है, बल्कि वह अपनी आध्यात्मिक चेतना के आलोक से सम्पूर्ण विश्व को मार्गदर्शन देने की क्षमता भी रखता है और इसका श्रेय हमारी ऋषि परम्परा और संत परम्परा को जाता है। 

कार्यक्रम के दौरान आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी द्वारा रचित कृति ‘मेरा सन्यासी’ का भव्य विमोचन भी सम्पन्न हुआ। यह कृति गुरु-शिष्य परम्परा, वैराग्य, समर्पण, आध्यात्मिक साधना और सनातन जीवन-दर्शन के गहन अनुभवों का सजीव दस्तावेज है। पुस्तक का लोकार्पण उपस्थित पूज्य संतों एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

तत्पश्चात हजारों श्रद्धालुओं ने एक स्वर में हनुमान चालीसा तथा सुन्दरकाण्ड का महापाठ किया। सम्पूर्ण भारत मंडपम श्रीराम और हनुमान जी के जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। 

आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि सनातन केवल एक परम्परा नहीं, बल्कि जीवन जीने की शाश्वत कला है। जब तक हमारी संस्कृति, हमारे संस्कार, हमारी मातृशक्ति और हमारी युवा पीढ़ी अपने मूल्यों से जुड़ी रहेगी, तब तक भारत का भविष्य सदैव उज्ज्वल रहेगा। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि धर्म को सेवा, करुणा, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के माध्यम से अपने जीवन का व्यवहारिक स्वरूप बनाएं।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भारत का सनातन दर्शन ही वह प्रकाश है जो सम्पूर्ण मानवता को शांति, करुणा, सह-अस्तित्व और वैश्विक परिवार की भावना का मार्ग दिखा सकता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे आधुनिकता को अपनाते हुए भी अपनी आध्यात्मिक जड़ों से जुड़े रहें, क्योंकि यही भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।

ज्ञान, दान और ध्यान महोत्सव में पूज्य संतों की वाणी, सेवा का संकल्प और समाज का सहयोग के एक साथ दर्शन हुये। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का ऐसा अध्याय बनेगा, जहाँ भक्ति के साथ सेवा, संस्कार के साथ शिक्षा और अध्यात्म के साथ राष्ट्र निर्माण का विराट संदेश सम्पूर्ण समाज तक पहुँचेगा।

सनातन धर्म की पताका को विश्वभर में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को सुदृढ़ करने तथा भारतीय संस्कृति के गौरव को जन-जन तक पहुँचाने में आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी का योगदान निरंतर प्रेरणास्पद है और सेवा, साधना और संस्कार की अखण्ड ज्योति को प्रज्ज्वलित कर रहा है, जो सम्पूर्ण मानवता को प्रेम, शांति, करुणा और आत्मोन्नति की दिशा में अग्रसर होने का संदेश देती है।

इस भव्य आयोजन में देशभर से पधारे संत-महात्मा, विद्वान, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, विभिन्न क्षेत्रों की अनेक विशिष्ट विभूतियाँ तथा हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने इसे भारत की आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक अस्मिता और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत उत्सव बताया।

गुरुवार, 2 जुलाई 2026

संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष पद पर पूर्व सांसद के सी त्यागी को बनाए जाने पर रालोद कार्यकर्ताओं में ख़ुशी की लहर-- अजय वीर सिंह

 






                              मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह ने रालोद के संसदीय बोर्ड का गठन किया है उसमें पूर्व सांसद के सी त्यागी को अध्यक्ष बनाया है । संसदीय बोर्ड में रालोद के पुराने व निष्ठावान नेताओं को शामिल किया गया है । 

रालोद के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय वीर सिंह एडवोकेट ने कहा कि रालोद के संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष के सी त्यागी जी को बना कर राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने ग़ाज़ियाबाद का सम्मान बढ़ाया है । इससे रालोद के कार्यकर्ताओं में जोश व उत्साह का माहौल है । के सी त्यागी जी को लम्बा राजनीतिक अनुभव है और निश्चित रूप से उनके अनुभव से पार्टी को मजबूती मिलेगी । के सी त्यागी जी ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व चौधरी चरण सिंह जी के साथ अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया था और अब संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बन कर उनके सपनों को पूरा करने का कार्य किया जाएगा ।

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती के पावन सान्निध्य में हुआ निःशुल्क रोगी बस सेवा का शुभारम्भ

 




                               संवाददाता

     ऋषिकेश से देहरादून तक स्वास्थ्य सेवा की नई जीवनरेखा बनेगी फ्री पेशेंट बस सेवा*

*💐महंत रघुवीर गिरि महाराज, वीरभद्र महादेव मंदिर, ऋषिकेश, महापौर, नगर निगम, ऋषिकेश, शम्भू पासवान , जिला महामंत्री, भारतीय जनता पार्टी, ऋषिकेश, महामंत्री, नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, ऋषिकेश प्रतीक कालिया 

*🌺करुणा, सेवा और मानवता के संकल्प को मिलेगा नया आयाम*

*🌼माधव सेवा मानव सेवा*

*🙏🏻स्वामी चिदानन्द सरस्वती*

ऋषिकेश, 2 जुलाई। परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में निःशुल्क रोगी बस सेवा का शुभारम्भ हुआ। पूज्य स्वामी जी ने हरी झंड़ी दिखाकर ऋषिकेश से देहरादून तक फ्री पेशेंट बस सेवा का आज उद्घाटन किया।

ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड हॉस्पिटल, देहरादून द्वारा निःशुल्क रोगी बस सेवा का शुभारम्भ किया गया। इस ऐतिहासिक जनकल्याणकारी पहल का आज शुभारम्भ हुआ। वीरभद्र महादेव मंदिर, बैराज ऋषिकेश से चिकित्सा जगत, सामाजिक संगठनों, पूज्य संत, स्वयंसेवकों तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थित में हुआ।

वर्तमान समय में उत्तराखंड़ में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, परन्तु अनेक गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए अस्पताल तक पहुँचना भी एक बड़ी चुनौती है। अनेक मरीजों को लंबी प्रतीक्षा और परिवहन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में यह निःशुल्क रोगी बस सेवा पीड़ित मानवता के प्रति संवेदनशील समाज की सामूहिक प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है।

यह सेवा ऋषिकेश से ग्राफिक एरा हॉस्पिटल, देहरादून तक उन मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं निःशुल्क परिवहन उपलब्ध कराएगी, जिन्हें गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं तक पहुँचने में कठिनाई होती है। इससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राहत मिलेगी और समय पर उपचार प्राप्त करने में सहायता होगी।

इस अवसर पर अपने संदेश में पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सेवा सबसे बड़ी साधना है। रोगी की सेवा केवल चिकित्सा नहीं, बल्कि ईश्वर की प्रत्यक्ष आराधना है। जब किसी पीड़ित के जीवन में आशा का दीप जलता है, तभी मानवता का वास्तविक उत्सव प्रारम्भ होता है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज आवश्यकता आधुनिक अस्पतालों के साथ साथ ऐसी संवेदनशील व्यवस्थाओं की भी है जो गरीब से गरीब व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करें। अनेक बार बीमारी से अधिक पीड़ा अस्पताल तक पहुँचने की असुविधा देती है। ऐसे में यह निःशुल्क रोगी बस सेवा उन परिवारों के लिए वरदान सिद्ध होगी, जो आर्थिक अभाव के कारण गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा से वंचित रह जाते हैं।

उन्होंने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा भारतीय जीवन दर्शन का शाश्वत संदेश है। सेवा का वास्तविक स्वरूप यही है, जिसमें किसी अपेक्षा का स्थान न हो। 

पूज्य स्वामी जी ने ग्राफिक एरा हॉस्पिटल और ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ कमल घनशाला जी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल अस्पताल की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि वह प्रत्येक गाँव, प्रत्येक परिवार और प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम संस्थानों का दायित्व केवल उत्कृष्ट सुविधाएँ उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन सुविधाओं को समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति तक पहुँचाना भी है। यही राष्ट्रधर्म, मानवधर्म और सनातन धर्म का वास्तविक स्वरूप है।

ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड हॉस्पिटल के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह सेवा पूर्णतः जनहित को समर्पित है तथा इसका उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर, सुरक्षित एवं निःशुल्क परिवहन उपलब्ध कराना है। भविष्य में इस सेवा का विस्तार उत्तराखण्ड के अन्य क्षेत्रों तक करने की भी योजना है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि जब पूज्य संतों का आशीर्वाद और समाज का सहयोग एक साथ जुड़ता है, तब कई लोगों के जीवन में नई आशा, नया विश्वास और नया भविष्य जन्म लेता है। इस उत्कृष्ट पहल के लिये ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड हॉस्पिटल का अभिनन्दन।

रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद विकास ने बालिका शिक्षा को समर्पित लगभग ₹18 लाख की सेवा परियोजनाओं का किया शुभारंभ









मुकेश गुप्ता

गाज़ियाबाद, 1 जुलाई । रोटरी वर्ष 2026-27 के प्रथम दिवस पर रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद विकास द्वारा कन्या वैदिक विद्यालय इंटर कॉलेज, गाज़ियाबाद में बालिका शिक्षा एवं स्वच्छता को समर्पित सेवा परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की छात्राओं द्वारा राष्ट्रगान एवं स्वागत गीत से हुआ। इसके उपरांत छात्राओं ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। विद्यालय की अध्यापिका श्रीमती चेतना शर्मा ने विद्यालय के गौरवशाली इतिहास को गीतात्मक प्रस्तुति के माध्यम से अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

डॉक्टर्स डे के अवसर पर वरदान अस्पताल के डा० हिमांशु भारद्वाज, डा० राजीव अग्रवाल एवं डा० अदिति अग्रवाल को उनके उत्कृष्ट चिकित्सकीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वहीं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स डे के अवसर पर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए सुनील गोयल एवं रो.सीए के. के. कोहली , सीए निखिल गर्ग, सीए आरोही गर्ग, सीए विनम्र चौधरी और सीए भागचंद का भी सम्मान किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रो० अमित गुप्ता एवं रो० स्वाति गुप्ता ने क्लब द्वारा लगभग ₹18 लाख की लागत से विद्यालय में निर्मित किए जाने वाले 32 शौचालयों तथा विद्यार्थियों के लिए इंडस्ट्रियल आर.ओ. आधारित शुद्ध पेयजल परियोजना का शिलान्यास किया। उन्होंने विद्यालय परिसर में फलदार पौधों का वृक्षारोपण भी किया।

अपने संबोधन में डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रो० अमित गुप्ता ने रोटरी क्लब ऑफ गाज़ियाबाद विकास की सराहना करते हुए कहा कि बालिका शिक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ी यह परियोजना रोटरी की सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है तथा समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है।

इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी रो० स्वाति जैन, DDA रो० मनोज अग्रवाल एवं असिस्टेंट गवर्नर रो० अनुराग अग्रवाल का क्लब अध्यक्ष रो. कैलाश मंगला एवं श्रीमती कल्पना मंगला / रो.नरेश जिंदल एवं श्रीमती रितु जिंदल द्वारा स्वागत किया गया।

विद्यालय के प्रबंधक शरद गर्ग ने रोटरी क्लब द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती महिमा कटियार ने उत्तर प्रदेश भारत स्काउट एंड गाइड की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली कन्या वैदिक विद्यालय इंटर कॉलेज की 11 छात्राओं का सम्मान कराया। कार्यक्रम का संचालन रो० पवन गुप्ता ने किया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रो० अनिल गर्ग, श्रीमती कमलेश गर्ग, रो० राम अवतार जिंदल, रो. पवन गुप्ता, रो० राजेश अग्रवाल, श्रीमती उर्मिल अग्रवाल, रो० योगेश गर्ग, श्रीमती रेखा गर्ग, रो० संजय अग्रवाल,रो.अंजू अग्रवाल, रो० संजय गर्ग, श्रीमती मनीषा गर्ग, रो० के.के कोहली, रो. विजय जिंदल, रो.चम्पा जिंदल, रो.विजय अग्रवाल, श्रीमती वीना अग्रवाल, रो० कुलदीप रोहतगी, श्रीमती दीपिका रोहतगी, रो.नीरज गुप्ता, रो. कैलाश गोयल, रो. विनीत महेश्वरी, रो० सतीश अग्रवाल, रो० जितेंद्र जैन, श्रीमती मधु जैन, रो० आनंद प्रकाश गोयल, श्रीमती दया गोयल,डा० राजीव अग्रवाल,श्रीमती रेनू अग्रवाल,रो.अतुल गुप्ता, श्रीमती बबीता गुप्ता,रो.पुनीत गर्ग, श्रीमती बबीता गर्ग, रो.विनीत सिंह, रो.राहुल चौहान, मोनिका गर्ग,रो० अजय गुप्ता सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।


सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग-एमएसएमई देश के ‘‘राष्ट्र निर्माता’’ हैं, समस्याओं का होगा समयबद्ध समाधानः जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़



मुकेश गुप्ता

अंतर्राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग दिवस पर आईआईए गाजियाबाद चैप्टर और जिला प्रशासन के बीच फॉर्च्यून इन ग्राज़िया में भव्य संवाद बैठक संपन्न।

 मोदीनगर-निवाड़ी में जल्द शुरू होगा नया औद्योगिक क्षेत्र; प्रदेश सरकार की मंशानुसार द्रुतगामी मार्ग (एक्सप्रेस-वे) के किनारे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी।

 आईआईए के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष ने नए औद्योगिक क्षेत्र में ‘‘फ्री-होल्ड’’ (स्वामित्व अधिकार) भूमि नियम लागू करने की रखी मांग।

 जिलाधिकारी ने 5 वर्ष से अधिक लंबित बैंक गारंटी की मुक्ति और लोनी में राज्य कर्मचारी बीमा निगम (ईएसआईसी) औषधालय खोलने जैसे अहम मुद्दों पर दिए त्वरित निर्देश।



गाजियाबाद, 2 जुलाई 2026। आज अंतर्राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग दिवस के उपलक्ष्य में फॉर्च्यून इन ग्राज़िया के प्रांगण में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) गाजियाबाद चैप्टर द्वारा एक महत्वपूर्ण संवाद बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य अतिथि जिलाधिकारी महोदय श्री रविन्द्र कुमार मांदड़ (आईएएस) ने की। मंच का कुशल संचालन श्री हर्ष अग्रवाल द्वारा किया गया, जिसके बाद अधिकारियों और उद्यमियों के बीच औपचारिक परिचय सत्र संपन्न हुआ। 


द्रुतगामी मार्ग के किनारे बन रहे नए औद्योगिक क्षेत्र-जिलाधिकारी

बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार की दूरगामी औद्योगिक नीतियों की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी  महोदय ने बताया कि प्रदेश सरकार की मंशानुसार जिले के विभिन्न द्रुतगामी मार्गों (एक्सप्रेस-वे) के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने हेतु भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, ताकि द्रुतगामी मार्ग के बिल्कुल नजदीक आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र बनाए जा सकें। इसी कड़ी में उन्होंने जानकारी देते हुए कहा, ‘‘मोदीनगर-निवाड़ी क्षेत्र में हम बहुत जल्द एक नया औद्योगिक क्षेत्र प्रारंभ करने जा रहे हैं। 

जिलाधिकारी की इस बात का स्वागत करते हुए आईआईए के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नीरज सिंघल ने प्रशासन के समक्ष एक महत्वपूर्ण नीतिगत सुझाव रखा। उन्होंने अनुरोध किया कि इस नए औद्योगिक क्षेत्र में उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए ‘‘फ्री-होल्ड’’ (स्वामित्व अधिकार) भूमि आवंटन का नियम भी शामिल होना चाहिए, जिससे उद्यमियों को मालिकाना हक मिल सके और निवेश में आसानी हो।

एमएसएमई उद्योग देश के असली राष्ट्र निर्माता, समस्याओं पर ऐतिहासिक निर्णय

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग देश के असली राष्ट्र निर्माता हैं।’’ उन्होंने गाजियाबाद के औद्योगिक निवेश को सुरक्षित रखने के लिए कई बड़े निर्णय लिएः-

नीति एवं सहायता राशि रोस्टरः औद्योगिक नीति और विभिन्न सरकारी सहायता राशि (सब्सिडी) की छूट की जानकारी जमीनी स्तर तक पहुँचाने के लिए एक क्षेत्रवार रोस्टर बनाया जाएगा, जिसे उपायुक्त उद्योग के माध्यम से प्रसारित किया जाएगा।

लंबित बैंक गारंटीः 5 वर्ष या उससे अधिक समय से लंबित बैंक गारंटियों की मुक्ति के लिए जिलाधिकारी अपने स्तर से संबंधित विभागों को आधिकारिक पत्र भेजेंगे।

चिकित्सा स्वास्थ्य सुविधाएंः राज्य कर्मचारी बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ लोनी क्षेत्र में नया राज्य कर्मचारी बीमा निगम औषधालय (डिस्पेंसरी) खोले जाने का आश्वासन दिया।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) नोटिस पर राहतः 

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा निजी औद्योगिक क्षेत्रों की दशकों पुरानी इकाइयों को भेजे जा रहे नोटिसों के संबंध में आवश्यक और तर्कसंगत निर्णय लिए जाएंगे।

सीधा संपर्कः जिलाधिकारी ने उद्यमियों को भरोसा दिया कि किसी भी गंभीर समस्या के समाधान के लिए वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं, जिला स्तरीय उद्योग बन्धु बैठक की प्रतीक्षा की आवश्यकता नहीं है। वे 24 घण्टे समस्याओं के समाधान तथा सुझावों के कार्यान्वयन हेतु हमेशा तत्पर हैं। 

बैठक में श्रम विभाग के नए श्रम नियमों (लेबर कोड) और कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा हुई। इस दौरान मंच पर आईआईए के नवनिर्वाचित केंद्रीय कार्यकारिणी समिति सदस्य  राकेश अनेजा भी गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे। प्रशासनिक पक्ष से उपायुक्त उद्योग आशुतोष सिंह, उपश्रम आयुक्त डॉ. दिव्य प्रताप सिंह और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह मौजूद रहे।

आईआईए ने उठाए उद्योग जगत के संवेदनशील मुद्देः-

आईआईए गाजियाबाद चैप्टर के (कार्यपालक चेयरमैन) श्री संजय अग्रवाल ने जिलाधिकारी के समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत कर स्थानीय उद्योगों के सुचारू संचालन के लिए अघोषित विद्युत कटौती, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण इंद्रप्रस्थ योजना भूखंड प्रकरण, विकास शुल्क और गुलधर रैपिड मेट्रो स्टेशन से आईटीसी तक फैले अतिक्रमण को हटाने की मांग रखी।

इसी क्रम में निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष आईआईए डॉ. नीरज सिंघल ने वायु प्रदूषण से निपटने और सटीक निगरानी के लिए अत्याधुनिक बॉश प्रदूषण सूचकांक प्रणाली (बॉश पॉल्यूशन इंडेक्स सिस्टम) स्थापित करने हेतु प्रशासन से सहयोग मांगा। साथ ही जिला उद्योग केंद्र की खाली भूमि पर एक भव्य ‘‘प्रदर्शनी केंद्र’’ (एक्सपो सेंटर) बनाने का अनुरोध किया, जिसके लिए जिलाधिकारी ने पूर्ण रूप से आश्वस्त किया। आईआईए जल्द ही इसका विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करेगा।

सैकड़ों उद्यमियों की मौजूदगी में सफल आयोजनः इस ऐतिहासिक संवाद बैठक में गाजियाबाद के सैकड़ों प्रतिष्ठित उद्यमियों ने भाग लेकर कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाया। बैठक के अंत में सभी आगंतुकों और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति संजय गर्ग द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न पदाधिकारी जेपी कौशिक, एसके शर्मा, मनोज कुमार, प्रदीप गुप्ता, साकेत अग्रवाल, अमित नागलिया,  यश जुनेजा,  अमित बंसल,  रमन मिगलानी, दिनेश गर्ग, संदीप गुप्ता, अजय पटेल, कुलदीप गुप्ता, पुनीत माहेश्वरी, सुभाष गुप्ता, अमरिक सिंह, मनीष मदान, बसंत अग्रवाल, विनीत माहेश्वरी, ओपी धमीजा मोजूद रहे।



राजेश कुमार के नेतृत्व में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर लगाई छबील




                                मुकेश गुप्ता

दिल्ली । लक्ष्मी नगर वेस्ट गुरु अंगद नगर में राजश कुमार राजू जी के नेतृत्व में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी निर्जला एकादशी पर्व पर मीठे दूध की छबील का आयोजन किया गया । राजेश कुमार जी ने बताया कि अबकी बार 500 लीटर दूध वह 125 शरबत की बोतल और फिर दूध का वितरण किया गया।इस अवसर पर  क्षेत्र के भाजपा विधायक अभय वर्मा जो सरकार में मुख्य सचेतक भी हैं उपस्थित हुए। छविकला  रूचि अग्रवाल, कीमती लाल, मनोज गुप्ता,अनिल, हर्ष बत्रा, गजल कपूर,  धर्मेंद्र गुप्ता, प्रंशात वर्मा,नितिन सारीं, मीना, कुसुम गोला आदि क्षेत्र के सैकड़ों लोग तथा सभी सम्मानित लोगों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। और सनातन धर्म की पताका को फहराया।

बुधवार, 1 जुलाई 2026

परमार्थ निकेतन से प्रकृति संरक्षण और राष्ट्रधर्म का अमर उद्घोष,पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण का महायज्ञ-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

 


                              संवाददाता

*💥मानसून की पहली वर्षा के पावन अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं ऋषिकुमारों ने किया पौधारोपण*

*🩺राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर सभी चिकित्सकों को परमार्थ निकेतन से हार्दिक शुभकामनाएँ

ऋषिकेश, 1 जुलाई।  मानसून की प्रथम वर्षा के समय आज परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने ऋषिकुमारों के साथ पौधारोपण कर भारत के हरित भविष्य, प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व और राष्ट्रधर्म के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का बीजारोपण किया।

भारत की आत्मा उसकी संस्कृति, नदियों, वनों और हरित धरती में बसती है। यदि इनके संरक्षण से हमारा पर्यावरण सुरक्षित होगा, हमारी सभ्यता, हमारी संस्कृति और हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान भी अक्षुण्ण रहेगा।

इस अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण आज केवल पर्यावरणीय विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रधर्म का सर्वाेच्च स्वरूप है। जो समाज अपने जल, जंगल, जमीन और जैव विविधता की रक्षा नहीं कर सकता, वह अपनी सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय अस्मिता को भी लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रख सकता।

उन्होंने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति ने सदैव प्रकृति को देवत्व प्रदान किया है। हमारे यहाँ नदियाँ जीवनदायिनी हैं, पर्वत देव तुल्य हैं, वृक्ष पूजनीय हैं और पृथ्वी स्वयं माता है। भारतीय जीवनदृष्टि उपभोग, यूज एंड थ्रो नहीं, बल्कि सहअस्तित्व, संरक्षण और संवर्धन का संदेश देती है। आधुनिक विकास तभी सार्थक है जब वह प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर आगे बढ़े।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज आवश्यकता केवल पौधे लगाने की नहीं, बल्कि पौधों के साथ अपना रिश्ता पुनः स्थापित करने की है। जब तक प्रत्येक नागरिक पौधों को परिवार के सदस्य की तरह अपनाकर उसका पालन-पोषण नहीं करेगा, तब तक हरियाली का स्वप्न अधूरा रहेगा। पौधारोपण जीवनभर निभाया जाने वाला संकल्प है।

उन्होंने कहा कि जंगल केवल लकड़ी का स्रोत नहीं, बल्कि शुद्ध वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता और जलवायु संतुलन के आधार हैं। नदियाँ केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, कृषि, संस्कृति और जीवन की धड़कन हैं। भूमि केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि हमारे पूर्वजों का तप, त्याग और आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर है। यदि हम इनका सम्मान नहीं करेंगे तो विकास का कोई भी मॉडल स्थायी नहीं रह सकता।

पूज्य स्वामी जी ने विशेष रूप से युवाओं और बच्चों का आह्वान करते हुए कहा कि भारत का भविष्य केवल तकनीक और अर्थव्यवस्था से नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ हमारे संबंध से तय होगा। यदि नई पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली बना लेती है तो भारत विश्व को पुनः संतुलित, टिकाऊ और आध्यात्मिक विकास का मार्ग दिखा सकता है। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक परिवार, प्रत्येक विद्यालय, प्रत्येक आश्रम और प्रत्येक संस्था को हर वर्ष पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण का संकल्प भी लेना होगा।

उन्होंने कहा कि मानसून प्रकृति का उत्सव है। यह हमें याद दिलाता है कि जीवन का प्रत्येक नया आरंभ धरती के प्रति कृतज्ञता से होना चाहिए। वर्षा की प्रत्येक बूंद हमें यह संदेश देती है कि यदि हम प्रकृति का सम्मान करेंगे तो प्रकृति हमें अन्न, जल, स्वास्थ्य और समृद्धि के रूप में अनेक गुना लौटाएगी।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि अपने जीवन में कम से कम एक से पांच पौधों को पूर्ण समर्पण के साथ विकसित करे, जल का संरक्षण करे, नदियों को प्रदूषण से मुक्त रखने का प्रयास करे और प्रकृति के प्रति संवेदनशील जीवनशैली अपनाए। यही सच्चा राष्ट्रप्रेम है, यही सनातन संस्कृति का संदेश है और यही आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी है।

मानसून की पहली वर्षा में परमार्थ निकेतन से हरित चेतना का आह्वान करते हुये पर्यावरण संरक्षण को राष्ट्र निर्माण के महायज्ञ से जोड़ने हेतु स्वामी जी ने युवाओं को प्रेरित किया।

राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर सभी चिकित्सकों को परमार्थ निकेतन से हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुये कहा कि मानव सेवा ही माधव सेवा है, ईश्वर सेवा है और इस पावन साधना के सच्चे अग्रदूत हमारे चिकित्सक हैं। 

चिकित्सकों का समर्पण, करुणा और सेवा-भाव अनगिनत जीवन में आशा, विश्वास और नवजीवन का संचार करते हैं। चिकित्सक केवल रोगों का उपचार नहीं करते, बल्कि मानवता की रक्षा और जीवन की गरिमा को भी संबल प्रदान करते हैं. उन सभी चिकित्सकों का जीवन सदैव मानव कल्याण का प्रेरक और पथप्रदर्शक बना रहे. आज की परमार्थ गंगा आरती सभी चिकित्सकों के स्वस्थ व दीर्घायुस्य हेतु समर्पित की गयी।

एक पेड़ मां के नाम मुहिम को आगे बढ़ा रहा है निगम, महापौर, नगर आयुक्त, पार्षदों तथा अधिकारियों ने किया विजयनगर में रक्षा विभाग की जमीन पर पौधारोपण

 









मुकेश गुप्ता

वन महोत्सव का शुभारंभ, 1 जुलाई से 7 जुलाई तक सभी वार्डों में होगा पौधारोपण

*विजयनगर में विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी हो रहा है बड़े स्तर पर काम---महापौर*

*मियावकी पद्धति से 388961 पौधों को सफलता पूर्वक बनाया गया वृक्ष--नगर आयुक्त

गाजियाबाद । नगर निगम ने 1 जुलाई से वन महोत्सव की शुरुआत की गई है जिसके क्रम में महापौर सुनीता दयाल, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक द्वारा विजयनगर आर्मी लैंड में पौधारोपण किया गया मौके पर विजयनगर क्षेत्र के पार्षद तथा निगम के अधिकारी गण उपस्थित रहे, लगभग 9 एकड़ भूमि पर एक लाख से अधिक पौधे लगाने की शुरुआत की गई है, महापौर तथा नगर आयुक्त द्वारा उपस्थित पार्षदों तथा अधिकारियों को भी पेड़ लगाने के लिए कहा गया, सभी ने पेड़ लगाए पौधारोपण कि श्रृंखला को बढ़ाते हुए शहर के अनेकों क्षेत्र में वार्डों के अंतर्गत पौधारोपण किया गया।


गाजियाबाद नगर निगम 1 जुलाई से 7 जुलाई तक वन महोत्सव मना रहा है जिसमें शहर के 100 वार्डों में पौधारोपण किया जाएगा शासन द्वारा दिया गया लक्ष्य 1 लाख 8000 को पूरा किया जाएगा, महापौर तथा नगर आयुक्त द्वारा विजयनगर से पौधारोपण की शुरुआत की गई शहर वासियों को भी अधिक से अधिक पौधारोपण करने के लिए जागरूक किया गया ।

महापौर ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम द्वारा विजयनगर क्षेत्र में विशेष रूप से विकास कार्य कराए जा रहे हैं इसके अलावा पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए भी बड़े स्तर पर कार्य चल रहे हैं जिसमें आर्मी लैंड लगभग 48 एकड़ भूमि पर 6 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे इसी श्रृंखला में आज पौधारोपण की शुरुआत की गई है 9 एकड़ भूमि पर एक लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे, विजयनगर के उपस्थित पार्षदों द्वारा विजयनगर के वार्डों में हो रहे विकास कार्य और वृहद प्लांटेशन के लिए महापौर तथा नगर आयुक्त का धन्यवाद किया गया ।

नगर आयुक्त द्वारा बताया गया कि गाजियाबाद नगर निगम द्वारा अब तक लगभग 17 स्थान पर गंदगी हटाकर प्लांटेशन का कार्य किया गया है मियावकी पद्धति से 388961 पौधों को सफलतापूर्वक वृक्ष बनाया है जिसके क्रम में हर्ष इंडस्ट्रियल एरिया मोहन नगर, पाइप मार्केट साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया, राजेंद्र नगर इंडस्ट्रियल एरिया मोहन नगर, साउथ साइड इंडस्ट्रियल एरिया विजयनगर, सिद्धार्थ विहार विजय नगर, रक्षा राइफल आर्मी ग्राउंड विजय नगर, रईसपुर कवि नगर, लोहा मंडी पुलिस स्टेशन कवि नगर, बुलंदशहर इंडस्ट्रियल एरिया कवि नगर, महर्षि दयानंद पार्क, इंदिरापुरम कनवानी ब्रिज एरिया, साइन उपवन में गंदगी हटाकर पौधे लगाए गए जो कि जनहित में पर्यावरण सुधार का कार्य कर रहे हैं। एक पेड़ मां के नाम मुहिम के अंतर्गत वन महोत्सव के क्रम में पौधारोपण सभी वार्डों में प्रारंभ हुआ है जिसमें विजयनगर में बृहद प्लांटेशन किया जाएगा, पौधों को वृक्ष बनाकर निगम शहर की वायु गुणवत्ता सुधार का प्रयास कर रहा है, नगर आयुक्त द्वारा सघन प्लांटेशन के लिए योजना के क्रम में रफ्तार से कार्य करने के निर्देश प्रभारी उद्यान डॉक्टर अनुज को दिए गए, मौके पर वरिष्ठ प्रभारी उद्यान नरेंद्र कुमार चौधरी भी उपस्थित रहे ।

प्रभारी उद्यान डॉक्टर अनुज ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम द्वारा शासन के लक्ष्य की पूर्ति के क्रम में प्लांटेशन किया जाएगा। जिसकी शुरुआत आज की गई है, इसके अलावा भी आर्मी लैंड तथा निगम की रिक्त भूमि, सेंट्रल  वर्ज, पार्को में प्लांटेशन किया जाएगा, वन महोत्सव एक सप्ताह चलेगा जिसमें शहर को वृहद प्लांटेशन के लिए भी जागरूक किया जाएगा, फलदार छायादार पौधे लगाए जाएंगे, मौके पर महापौर तथा नगर आयुक्त द्वारा मालियों को भी सम्मानित किया गया ।

प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रताप विहार योजना के 477 ईडब्ल्यूएस भवनों का लॉटरी ड्रॉ सम्पन्न, चयनित लाभार्थियों में दिखी अपार खुशी



 






                              मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा आज 1 जुलाई, 2026 को हिन्दी भवन, लोहिया नगर, गाजियाबाद में प्रातः 11:00 बजे प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत योजना संख्या 923-41 डी, प्रताप विहार, गाजियाबाद के 477 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) भवनों के आवंटन हेतु लॉटरी ड्रॉ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त उक्त योजना के 47 प्रतीक्षा सूची (वेटिंग) भवनों हेतु भी लॉटरी ड्रॉ सम्पन्न कराया गया।

लॉटरी ड्रॉ की प्रक्रिया अपर जिलाधिकारी (नगर), गाजियाबाद, अपर सचिव, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, वित्त नियंत्रक, विशेष कार्याधिकारी तथा परियोजना अधिकारी, डूडा, गाजियाबाद की उपस्थिति में बड़ी संख्या में उपस्थित आवेदकों के समक्ष पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप सम्पन्न कराई गई। प्राधिकरण द्वारा यह सुनिश्चित किया गया कि सम्पूर्ण प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ सम्पन्न हो, जिससे सभी पात्र आवेदकों को समान अवसर प्राप्त हो सके।

लॉटरी ड्रॉ के अवसर पर बड़ी संख्या में आवेदक एवं उनके परिजन उपस्थित रहे, जिससे सभागार पूरी तरह उत्साह एवं उम्मीदों से भरा रहा। जैसे-जैसे लॉटरी प्रक्रिया आगे बढ़ती गई और चयनित लाभार्थियों के नाम घोषित होते गए, सभागार में खुशी का माहौल देखने को मिला। जिन आवेदकों के नाम आवंटन सूची में आए, वे खुशी से झूम उठे तथा अनेक लाभार्थियों ने इसे अपने जीवन का सबसे यादगार क्षण बताया। लाभार्थियों ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने वर्षों से अपने घर का सपना संजोए आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सपने को साकार करने का कार्य किया है।

उपस्थित लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रशंसा की। साथ ही गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा सम्पूर्ण आवंटन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराए जाने की भी सराहना करते हुए प्राधिकरण के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के पात्र परिवारों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं किफायती आवास उपलब्ध कराने हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है। प्राधिकरण भविष्य में भी भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करता रहेगा।