रविवार, 25 अक्टूबर 2026

अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद का 2 दिवसीय क्षेत्रीय अधिवेशन का केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने किया उद्घाटन

 







मुकेश गुप्ता

ग़ाज़ियाबाद । नेहरूनगर स्थित पं.दीनदयाल ऑटोडोरीयम में अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद का 2 दिवसीय क्षेत्रीय अधिवेशन रविवार को सम्पन्न हुआ।

दो दिनों तक चलने वाले इस आयोजन का उद्घाटन केंद्रीय क़ानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के द्वारा किया गया।

इस अधिवेशन में राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा अनेक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी जानकारियाँ अधिवक्ताओं के साथ साझा की गयी।

  डिजिटल युग में न्याय प्रणाली-मिडिया ट्रायल और न्यायिक निष्पक्षता की चुनौतीयॉं विषय पर बोलते हुए टी वी टुडे ग्रुप के डिप्टी एडिटर संजय शर्मा ने कहा कि पत्रकारिता अपने चुनौति वाले दौर से गुजर रही है, जहॉं खबरों को जल्दी पहुँचाने की प्रतिस्पर्धा है वहॉं कई बार अपरिपक्वता भी सामने आती है,न्याय प्रणाली में मीडिया ट्रायल की अपनी प्रभावशीलता भूमिका है और इसको नज़रअंदाज़ करना अब सम्भव नहीं हैं लेकिन संतुलन बहुत आवश्यक है।

नये अपराधिक क़ानून और फ़ोरेंसिक साक्ष्य की अनिवार्यता पर बोलते हुये 

राष्ट्रीय फ़ॉरेंसिंक विज्ञान विश्वविद्यालय, गांधी नगर गुजरात 

से पधारे प्रोफेसर डॉ नवीन कुमार चौधरी ने बताया कि तकनीकी के बदलाव के कारण अपराध नये नये रूपों में हमारे सामने आ रहे हैं, जहॉं 

फ़ॉरेंसिंक साक्ष्यों का महत्व दिन प्रतिदिन और बढ़ता जा रहा है। आज फ़ॉरेंसिंक साक्ष्य अपराध को डिकोड करने की अहम कड़ी बन गये हैं।

अधिवेशन में संघ और समन्वय/संगठन संस्कृति पर अपना विषय रखते हुये राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक महेन्द्र जी ने अधिवक्ताओं को जागृत 

ज़िम्मेदार नागरिक बताया।संघ ने अपनी सौ वर्ष की यात्रा पूर्ण करके अब पंच परिवर्तन के द्वारा प्रत्येक नागरिक को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है और जिसके बल पर देश को विश्वगुरु के सर्वोच्च स्थान पर स्थापित करने का बड़ा लक्ष्य लिया गया है,अधिवक्ता इसमें अपनी महती भूमिका निभायेंगे ऐसा उन्होंने विश्वास जताया।

संवैधानिक संस्थाओं का सुदृढ़ीकरण एवं विधिक नैतिकता जैसे विषय पर बोलते हुये पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस एन झा ने कहा कि आज देश में संवैधानिक संस्थाओं पर कई बार प्रश्न चिन्ह लगाने का प्रयास किया जाता है,यह जानते हुये भी कि इन संस्थाओं के बल पर ही देश की सारी व्यवस्थाएँ टिकी हैं। तो ऐसे में हमारा दायित्व और बढ़ जाता है कि हम न्याय को सबके लिये सुलभ और पारदर्शी बनायें।

उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा डॉ गीता खन्ना ने न्याय प्रक्रिया को तीव्र करने का आह्वान किया। 

भारतीय न्याय व्यवस्था का भारतीयकरण विषय पर बोलते हुए अधिवक्ता परिषद की राष्ट्रीय उपाध्यक्षा श्रीमती सीमा सिंह ने कहा कि किसी भी देश की न्याय व्यवस्था मानवीयता के साथ साथ उस देश की सामाजिक रचना और परम्पराओं को ध्यान में रखते हुये ही बनाई जाती है, और तभी वह न्याय कहलाती है अन्यथा न्याय और अन्याय में अधिक अंतर नहीं रह जाता।

अधिवेशन के समापन सत्र को सम्बोधित करते हुये अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सत्यप्रकाश प्रकाश राय ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करते हुये उन्हें समाज के सजग नेतृत्वकर्ता के रूप में कार्य करने का आह्वान किया।

ज्ञात रहे कि दो दिन चलने वाले इस आयोजन में उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के सभी जनपदों तथा तहसीलों तथा सभी उच्च न्यायालय से 1200 से अधिक अधिवक्ता उपस्थित रहे।

अधिवक्ता परिषद के क्षेत्रीय संयोजक विपिन त्यागी ने क्षेत्रीय अधिवेशन को इतना सफल बनाने के लिये सभी व्यवस्था के बंधुओं-बहनों एवं बड़ी संख्या में पधारे आगंतुक अधिवक्ताओं 

का आभार व्यक्त किया।

अधिवेशन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं मिलन कार्यक्रम में अधिवक्ताओं द्वारा अनेक प्रस्तुतियों का मंचन किया गया जिसका सभी अधिवक्ताओं ने आनंद लिया गया।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से उत्तराखंड  अधिवक्ता परिषद के महामंत्री अनुज शर्मा, काशी प्रांत के महामंत्री नीरज सिंह,राष्ट्रीय मंत्री चरण सिंह त्यागी,अवध प्रांत की महामंत्री मीनाक्षी परिहार, ब्रज प्रांत के महामंत्री प्रमोद कुमार आदि अनेक गणमान्य आगंतुक उपस्थित रहे।


सिल्वरलाइन प्रेस्टिज स्कूल के प्रांगण में वार्षिकोत्सव ‘तरंग 2026’ ’पृथ्वीराज चौहान - गाथा शौर्य व स्वाभिमान की’ का हुआ भव्य आयोजन

 






मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । 24 अक्टूबर 2026 । सिल्वरलाइन प्रेस्टिज स्कूल, सीनियर सेकेंडरी शाखा, गाज़ियाबाद के प्रांगण में रविवार को वार्षिकोत्सव ‘तरंग 2026’ पृथ्वीराज चौहान - गाथा शौर्य व स्वाभिमान  की’ का भव्य आयोजन किया गया । इस अवसर पर कक्षा III से V तक के विद्यार्थियों ने ‘पृथ्वीराज चौहान–गाथा शौर्य व स्वाभिमान की’ एक प्रभावशाली संगीतमय नाट्य प्रस्तुति की। इसके माध्यम से विद्यार्थियों ने वीरता, स्वाभिमान, देशभक्ति, त्याग और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के गौरवशाली इतिहास को जीवंत कर दिया।


कार्यक्रम की शुरुआत एक शानदार बैंड प्रस्तुति के साथ हुई, जिसने पूरे वातावरण को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्य अतिथि डॉ. राम अवतार जिंदल (राष्ट्रीय अध्यक्ष, इंडिपेंडेंट स्कूल्स फेडरेशन ऑफ इंडिया-ISFI), गुलशन कुमार भाम्बरी (महासचिव, ISFI), आलोक गर्ग (संस्थापक सदस्य, ISFI, गाजियाबाद) एवं सरदार जोगेंद्र सिंह (संस्थापक सदस्य, ISFI, गाजियाबाद) ने विद्यालय अध्यक्ष डॉ. सुभाष जैन और अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ मिलकर दीप प्रज्वलित किया। इसके पश्चात, माननीय अध्यक्ष, डॉ० सुभाष जैन द्वारा अतिथिगण का आभार व्यक्त करते हुए अतिथिगण को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

विद्यालय के बैंड की ऊर्जावान प्रस्तुति ने समारोह के उत्साह को और बढ़ा दिया एवं वाद्य-संगीत की प्रस्तुति ने समारोह को एक नया आयाम प्रदान किया। कॉन्गो, गिटार और कैसियो जैसे वाद्य-यंत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों ने सुर, ताल और लय का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। नाट्य प्रस्तुति में पृथ्वीराज चौहान के जीवन के विभिन्न पड़ावों को दिखाया गया, जिनमें उनका जन्म, शिक्षा, युद्ध कौशल का प्रशिक्षण, राज्याभिषेक एवं संयोगिता के संग विवाह के दृश्य भी शामिल थे। तराइन के युद्ध, मुहम्मद गोरी की हार, जयचंद का विश्वासघात, चंदबरदाई की ऐतिहासिक भूमिका और जौहर की घटना के अभिनय द्वारा विद्यार्थियों ने दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का समापन एक अत्यंत प्रभावशाली प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसमें वीरता, देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के अंतिम क्षणों में पृथ्वीराज चौहान की कालजयी विरासत का जश्न मनाया गया और साहस, सम्मान तथा बलिदान के शाश्वत महत्व को प्रदर्शित किया गया।

विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. सुभाष जैन ने अपने संबोधन के माध्यम से बच्चों के पालन-पोषण में समय, विश्वास, प्रोत्साहन एवम भारत की समृद्ध ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरी समझ विकसित करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इससे बच्चे आत्मविश्वासी, जिम्मेदार और अपनी संस्कृति से जुड़े रहेंगे। उपाध्यक्ष नमन जैन ने छात्रों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा की आधुनिक शिक्षा में नवाचार, अनुशासन, तकनिकी समझ एवं सामूहिक सहभागिता पर विशेष महत्व दिया। निदेशक प्रशासन, श्री प्रणव जैन ने गणमान्य अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और छात्रों का आभार व्यक्त किया। प्रधानाचार्या, डॉ. गीता जोशी ने अपने संबोधन में कहा की वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शेक्षणिक रूप से तैयार करना ही नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी, संवेदनशील, रचनात्मक एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करना भी है।

सिल्वरलाइन प्रेस्टिज स्कूल ने समग्र शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ करते हुए विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी, भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार तथा राष्ट्र की समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक धरोहर से गहराई से जुड़े जिम्मेदार नागरिकों के रूप में विकसित करने के अपने संकल्प को दोहराया।

शनिवार, 24 अक्टूबर 2026

अभिषेक गर्ग के नेतृत्व में डूंडाहेड़ा में लगा समाजवादी निःशुल्क मेडिकल कैंप, AIMIM के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष फरहान ने साथियों सहित थामा सपा का दामन

 








                              
                              मुकेश गुप्ता
गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग के नेतृत्व में शनिवार को डूंडाहेड़ा स्थित शिव मंदिर चौक, तालाब के पास समाजवादी निःशुल्क मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। शिविर में सैकड़ों लोगों ने पहुंचकर विभिन्न स्वास्थ्य जांचों और निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श का लाभ उठाया। इस दौरान राजनीतिक गतिविधियों के तहत AIMIM के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष फरहान ने अपनी टीम के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल होने की घोषणा की और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में आस्था जताई। मेडिकल कैंप का उद्घाटन डूंडाहेड़ा के बुजुर्ग हाजी कासिम एवं सपा प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग ने संयुक्त रूप से किया।

शिविर में चिकित्सकों ने लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया। कैंप के दौरान ब्लड प्रेशर, ईसीजी, हीमोग्लोबिन, पीएफटी यानी फेफड़ों की कार्यक्षमता और ब्लड शुगर की निःशुल्क जांच की गई। इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना और उन्हें समय पर चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराना रहा। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाया।

इस अवसर पर हाजी कासिम ने कहा कि समाज के जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने अभिषेक गर्ग की ओर से निःशुल्क मेडिकल कैंप आयोजित कराए जाने की सराहना की। वहीं, अभिषेक गर्ग ने कहा कि वंचितों, शोषितों और जरूरतमंदों की सहायता करना समाजवादी पार्टी की जनसेवा की भावना का हिस्सा है। उनका प्रयास है कि विधानसभा गाजियाबाद के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे स्वास्थ्य शिविर आयोजित कराकर आम लोगों को जांच और चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

अभिषेक गर्ग ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी जनहित से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रही है। स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाओं को आम जनता तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भी समय पर जांच और उचित परामर्श मिल सके। उन्होंने कहा कि जनसेवा के ऐसे कार्यक्रम आगे भी जारी रखने का प्रयास किया जाएगा।


फरहान ने टीम के साथ समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की

मेडिकल कैंप के दौरान AIMIM के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष फरहान ने अपनी टीम के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में विश्वास जताते हुए पार्टी के साथ मिलकर कार्य करने की बात कही। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। फरहान के साथियों के पार्टी में शामिल होने को कार्यक्रम का एक प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम माना गया।

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष सपा शाहनवाज खान, पूर्व जिला सचिव, डॉ. सलीम, सपा नेता मंजूर भाई, हाजी कासिम, अर्श, पूर्व पार्षद प्रत्याशी किरन चौधरी, सपा नेता मुस्तफा खान, मुकेश त्यागी, आशा राम त्यागी, कपिल त्यागी, निशांत त्यागी, बालक राम गोयल, विवेक यादव, पप्पू यादव, मोहम्मद अली, डॉ. जावेद, एडवोकेट आसिफ खान, रहीस ठेकेदार, भूरे खान, निखिल पर्चा, ओम दत्त जाटव, फरहान, रिजवान, शानू, यासीन मास्टर, अमीरू, उस्मान, दिलशाद और रामनाथ त्यागी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।



आस्था की सुगंध और भक्ति की मिठास से महका 79वां निरंकारी सन्त समागम का पहला दिन


 


                               संवाददाता

परमात्मा के एहसास से जीवन में जागृति का भाव निरंतर बना रहता है-निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज

समालखा, 24 अक्टूबर, 2026। जब हृदय में प्रेमाभक्ति का प्रकाश जागृत होता है, तब जीवन का प्रत्येक भाव प्रेम, समर्पण और मानव एकत्व की दिव्य अनुभूति से महक उठता है। इसी आध्यात्मिक चेतना एवं प्रेमपूर्ण संदेश से ओतप्रोत निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने समालखा (हरियाणा) स्थित निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर आयोजित चार दिवसीय 79वें वार्षिक निरंकारी सन्त समागम के प्रथम दिवस पर देश-विदेश से सम्मिलित हुए लाखों श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए प्रेम, भक्ति और मानवीय एकत्व की महत्ता को उजागर किया।

सतगुरु माता जी ने अपने पावन प्रवचनों में कहा कि ब्रह्मज्ञान जागृति का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि इसकी शुरुआत है। सच्ची जागृति वही है, जब मनुष्य जीवन के प्रत्येक पल में निराकार के एहसास के साथ प्रेम, विश्वास और विनम्रता से जीवन व्यतीत करे। सत्संग में केवल उपस्थित होना पर्याप्त नहीं, बल्कि वहाँ से प्राप्त शिक्षाओं को अपने व्यवहार में अपनाना आवश्यक है। हमारी सेवा और समर्पण दिखावे के लिए नहीं, बल्कि सच्चे भावों से युक्त होना चाहिए। दूसरों के प्रति प्रेम रखना, निंदा और अहंकार से बचना तथा अपनी वाणी और कर्मों से अच्छाई दर्शाना ही वास्तविक आध्यात्मिक जागृति की पहचान है। 




सतगुरु माता जी ने प्रेरित किया कि परमात्मा द्वारा प्रदत्त साधनों का उपयोग मानवता की सेवा एवं परोपकार के लिए किया जाए। जीवन की हर परिस्थिति में मन की शांति, सहजता और विश्वास बनाए रखें। अंत में माता जी ने आशीर्वाद देते हुए कामना की कि सभी श्रद्धालुओं के जीवन में सेवा, सुमिरन और सत्संग के प्रति समर्पण बना रहे तथा ब्रह्मज्ञान से प्राप्त दिव्य प्रकाश सदैव उनके जीवन को प्रेम, शांति और भक्ति से आलोकित करता रहे।

देश-विदेश से विभिन्न संस्कृतियों एवं पृष्ठभूमियों के श्रद्धालुओं का यह प्रेमपूर्ण मिलन समागम स्थल को भक्ति, एकत्व और सद्भावना के दिव्य भावों से गुंजायमान कर रहा था।

सेवादल रैली

समागम के दूसरे दिन का शुभारम्भ भव्य सेवादल रैली से हुआ, जिसमें भारत के विभिन्न राज्यों एवं विदेशों से सम्मिलित हुए हजारों सेवादल बहन-भाइयों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शारीरिक व्यायाम, स्किट, खेलकूद, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं मिशन की शिक्षाओं पर आधारित लघु नाटिकाओं के माध्यम से अनुशासन, सहयोग और निःस्वार्थ सेवा का सुंदर संदेश दिया गया।

सेवादल रैली में उपस्थित भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए सतगुरु माता जी ने संदेश दिया कि सेवा केवल ड्यूटी निभाने तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न अंग है। सच्चा सेवादार वही है, जो निरंकार को हृदय में बसाकर हर परिस्थिति में मानवता के कल्याण के लिए तत्पर रहे।

सतगुरु माता जी ने प्रेरित किया कि निरंकार पर अटूट विश्वास रखते हुए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं तथा तन, मन और धन को परोपकार में लगाकर जीवन को सार्थक बनाएं।

इससे पूर्व, सतगुरु माता जी के करकमलों द्वारा शांति एवं एकत्व के प्रतीक मिशन के ‘श्वेत ध्वज’ का ध्वजारोहण किया गया।

रैली के दौरान संत निरंकारी सेवादल के मुख्य संचालक एस के जुनेजा ने विश्वभर से आए सेवादल स्वयंसेवकों की ओर से सतगुरु माता जी के चरणों में श्रद्धा अर्पित करते हुए सभी के लिए पावन आशीर्वाद की कामना की।

दिल्ली में 1 नवम्बर से वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए वाहनों का रहेगा प्रतिबंध,परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों एवं परिवहन व्यवसायियों से की अपील


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । दिल्ली मे 1 नवम्बर 2026 से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शीतकाल के दौरान वायु प्रदूषण की रोकथाम एवं वायु गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से दिल्ली में विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू किए जा रहे हैं। इस संबंध में परिवहन विभाग, गाजियाबाद द्वारा समस्त परिवहन व्यवसायियों, ट्रांसपोर्ट यूनियनों तथा वाहन स्वामियों से निर्धारित प्रतिबंधों एवं उनकी प्रभावी तिथियों की जानकारी प्राप्त कर नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की है।

 सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) गाजियाबाद अशोक कुमार श्रीवास्तव ने वायुगुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 1 नवंबर, 2025 से BS-VI, CNG, LNG, एवं इलेक्ट्रिक वाहनों को छोड़कर अन्य व्यावसायिक माल वाहक वाहनों, तथा हल्के माल वाहक वाहन (LGV), मध्यम माल वाहक वाहन (MGV), एवं भारी माल वाहक वाहन (HGV) के दिल्ली में प्रवेश पर प्रतिबंध लागू किया गया है। उक्त व्यवस्था में दिल्ली में पंजीकृत वाहनों को अपवाद प्रदान किया गया है तथा BS-IV श्रेणी के व्यावसायिक मालवाहक वाहनो को दिनांक 31 अक्टूबर, 2026 तक सीमित अवधि के लिए दिल्ली में प्रवेश की अनुमति का उल्लेख किया गया है।

उन्होंने बताया कि इसी प्रकार, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 1 नवंबर, 2026 से CNG/इलेक्ट्रिक / BS-VI डीजल श्रेणी के अतिरिक्त अन्य बसों, जिनमें ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट एवं अन्य सेवा व्यवस्थाओं के अन्र्तगत संचालित बसें भी सम्मिलित हैं, को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। उक्त प्रतिबंध दिल्ली में पंजीकृत बसों पर लागू नहीं होगा।

सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) गाजियाबाद अशोक कुमार श्रीवास्तव ने परिवहन यूनियनों एवं वाहन स्वामियों से अपील की गई है कि वे दिल्ली में प्रवेश से पूर्व अपने वाहनों की उत्सर्जन श्रेणी एवं लागू प्रतिबंधों की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि प्रतिबंधित वाहनों के संचालन के कारण होने वाली असुविधा एवं संभावित दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके।

सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल के प्रांगण में वार्षिकोत्सव 2026 "पॉम पॉम शो" 'तारे ज़मीन पर' का हुआ भव्य आयोजन

 


प्री-फाउंडेशन से कक्षा दो तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभा, सृजनशीलता, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास का संदेश दिया

                              मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद 24अक्टूबर 2026। सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल (एस. एल. पी. एस), सीनियर सेकेंडरी शाखा, गाज़ियाबाद में वार्षिकोत्सव 'तारे ज़मीन पर का भव्य आयोजन किया गया। प्री-फाउंडेशन से कक्षा दो तक के नन्हें मुन्हें विद्यार्थियों ने विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रत्येक बच्चे की विशिष्ट प्रतिभा को पहचानने, उसकी अंतर्निहित क्षमताओं को विकसित करने तथा उसे अपनी आकांक्षाओं की पूर्ति करने हेतु प्रोत्साहित करने का संदेश दिया। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य बच्चों की व्यक्तिगत रुचियों, योग्यताओं और भावनाओं का सम्मान करते हुए उनके विकास के महत्त्व को रेखांकित करना रहा।

समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का सम्मान एवं अभिनंदन किया गया तथा विद्यार्थियों द्वारा मधुर संगीत प्रस्तुत कर मुख्य अतिथिगण एवं अभिभावक गण का स्वागत किया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. सुभाष जैन, श्रीमती बबीता जैन, उपाध्यक्ष नमन जैन, कार्यकारी निदेशक रचनात्मक एवं अनुभवात्मक कार्यक्रम सुश्री मोनिका जैन, संस्थापक निदेशक डॉ. माला कपूर, निदेशक प्रशासन प्रणव जैन, निदेशक वित्त डॉ. स्वाति अग्रवाल, प्रधानाचार्या डॉ. गीता जोशी एवं रणनीति, कौशल एवं क्षमता निर्माण के निदेशक डॉ. सी. एस. नायर की गरिमामयी उपस्थिति रही। अभिभावकों एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी समारोह में सहभागिता की।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में बाल्यावस्था की सहज अभिव्यक्ति, सपनों, पारिवारिक संबंधों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को केंद्र में रखकर विविध प्रस्तुतियों दी गई। गणेश वंदना पर आधारित मनोहारी नृत्य से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके पश्चात 'खोल दे पर', 'गिव मी सम सनशाइन', 'मैं कभी बतलाता नहीं' और 'ऑल इज़ वेल जैसे गीतों पर विद्यार्थियों ने आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों के प्रति अभिभावकों की समझ, भावनात्मक सहयोग और प्रोत्साहन की आवश्यकता को उजागर किया गया। साथ ही, यह संदेश दिया गया कि बच्चों पर दूसरों से आगे निकलने का दबाव डालने के बजाय उनकी विशिष्ट क्षमताओं को पहचानकर उन्हें अपने सपनों को साकार करने के अवसर दिए जाने चाहिए।

कार्यक्रम के अगले चरण में विभिन्न प्रेरणादायी व्यक्तित्वों के जीवन, उपलब्धियों और संघर्षों को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया। 'मैथ में डब्बा गुल के माध्यम से महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन की असाधारण प्रतिभा को दर्शाया गया, जबकि 'में राधा तेरी, तू मेरा श्याम' की प्रस्तुति ने प्रख्यात कथक नर्तक पंडित बिरजू महाराज की अनुपम कला-साधना को सम्मानित किया। 'दिल यह ज़िद्दी है' के माध्यम से विश्वविख्यात मुक्केबाज़ मैरी कॉम के संघर्ष, साहस और दृढ़ संकल्प को प्रस्तुत किया गया। वहीं, 'शाबाशियों ने डिस्लेक्सिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा बच्चों की विविध अधिगम क्षमताओं को समझाने और स्वीकार करने का संदेश दिया। उद्योगपति एवं समाजसेवी रतन टाटा के जीवन मूल्यों से प्रेरित 'आशाएँने आशावाद, परिश्रम, दूरदृष्टि और लक्ष्य के प्रति समर्पण की भावना को रेखांकित किया।

समारोह का समापन ठान लिया और बादल पे पाँव हैं गीतों पर आधारित ऊर्जापूर्ण प्रस्तुतियों के साथ हुआ। विद्यार्थियों के उत्साह, आत्मविश्वास, समन्वय और मंचीय कौशल ने उपस्थित दर्शकों को प्रभावित किया। प्रत्येक प्रस्तुति ने इस विचार को सशक्त किया कि हर बच्चे में कोई न कोई विशिष्ट गुण और क्षमता होती है, जिसे उचित मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और प्रोत्साहन के माध्यम से विकसित किया जा सकता है।

इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. सुभाष जैन ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों को अपनी क्षमताओं को पहचानने और उनकी महत्वकांक्षाओं को साकार करने हेतु पर्याप्त समय, विश्वास और प्रोत्साहन देने हेतु प्रेरित किया। उसके उपरांत बच्चों की रुचियों का सम्मान करने तथा उन्हें स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने पर बल दिया। उपाध्यक्ष श्री नमन जैन ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए शिक्षा में सृजनशीलता, अनुशासन और सामूहिक सहयोग की महत्त्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। निदेशक प्रशासन श्री प्रणव जैन ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. गीता जोशी ने अपने संबोधन में बच्चों के विकास हेतु दृढ़ संकल्प, साहस और आत्मविश्वास को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियाँ प्राप्त करना नहीं, बल्कि बच्चों में सृजनात्मकता, भावनात्मक संतुलन, संवेदनशीलता और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करना भी है। उन्होंने बच्चों की व्यक्तिगत विशेषताओं को समझने तथा उन्हें अपनी क्षमताओं के अनुरूप आगे बढ़ने हेतु प्रेरित किया।

वार्षिकोत्सव 'तारे ज़मीन पर' के माध्यम से सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल ने प्रत्येक विद्यार्थी की विशिष्ट प्रतिभा को पहचानने और उसके विकास हेतु अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को दोहराया।

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026

अधिवक्ता परिषद ब्रज का दो दिवसीय अधिवेशन कल से गाजियाबाद मे-श्रद्धा चौहान


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । अधिवक्ता परिषद ब्रज की गाजियाबाद इकाई द्वारा  24-25 अक्टूबर 2026 को पंडित दीनदयाल ऑटोडोरीयम में क्षेत्र अधिवेशन का आयोजन किया जा रहा है।जिसमे पन्द्रह सो से अधिक अधिवक्ता, जज आदि उपस्थित होगे।

यह जानकारी अधिकता परिषद  की अध्यक्ष श्रीमति श्रद्धा चौहान ,महामत्री अरुण कुमार ,वरुण त्यागी उपाध्यक्ष, राजीव गुप्ता कोषाध्यक्ष आदि ने सयुंक्त रुप से प्रेसवार्ता मे दी।

उन्होंने बताया कि अधिकता परिषद जो विधि क्षेत्र में कार्य करने वाले विधिवेत्तागण एवं राष्ट्रवादी अधिवक्ताओं का एक ऐसा संगठन है जो समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय प्रदान किए जाने की चिंता करता है तथा न्यायिक व्यवस्था में सहजता तथा सुगमता आए निरंतर इस प्रयास में लगा रहता है. गाजियाबाद अधिकारी के अध्यक्ष श्रीमती द्वारा बताया गया कि इस आयोजन में उत्तर प्रदेश उत्तराखंड के सभी जनपदों तथा तहसीलों तथा सभी उच्च न्यायालय से लगभग 1200 से अधिक अधिवक्ता रहेंगे. उपस्थित अधिवक्ताओं के द्वारा सात सत्रों में विधि के सभी विषयों पर चर्चा की जाएगी जिनमें एफ.सी.आर.ए. वक्फ अधिनियम, फॉरेंसिक साइंस एवं आर्टिफिशियल का वकालत में उपयोग जैसे तमाम बिंदुओं पर विधिक मंथन होगा. इस अधिवेशन में वक्ताओं के रूप में पटना तथा राजस्थान हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे सत्यानंद झा, गुजरात की गांधीनगर स्थित फोरेंसिक यूनिवर्सिटी से नरेंद्र चौधरी उत्तराखंड से राज्य महिला आयोग तथा बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्षता श्रीमती गीता कंडवाल इसके अतिरिक्त मीडिया क्षेत्र से वरिष्ठ संवाददाता (आजतक) संजय शर्मा, सईद अंसारी जैसे अनेकों वक्ताओं का मार्गदर्शन इन विषयों पर अधिवक्ताओं को प्राप्त होगा. उनके द्वारा बताया गया कि इस अधिवेशन में अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के भी राष्ट्रीय स्तर के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे

प्रेस वार्ता में इकाई महामंत्री अरुण कुमार द्वारा बताया गया कि अधिवक्ता परिषद द्वारा इस प्रकार का क्षेत्र अधिवेशन प्रथम बार किया जा रहा है.

प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से वरुण त्यागी, अनिमेष मित्तल, राजीव गुप्ता अशोक शर्मा, मोहनीश जयंत व अन्य अधिवक्ता गण उपस्थित रहे।



परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य मे हुआ छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित महानाट्य ‘जाणता राजा’ का आयोजन

 





गाज़ियाबाद में 22 से 28 अक्टूबर तक होगा भव्य महानाट्य का आयोजन राष्ट्रचेतना, स्वराज्य और भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का स्मरण

 पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तराखंड़, पद्म भूषण भगत सिंह कोश्यारी, महामण्डलेश्वर स्वामी ईश्वरदास  और विभिन्न विशिष्ट अतिथियों, विभूतियों और गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रहे

अद्वितीय शौर्य और वीरता की प्रतीक वीरांगना कित्तूर की रानी चेन्नम्मा को उनकी जयंती पर परमार्थ निकेतन से नमन         

                             विशेष संवाददाता

ऋषिकेश/गाज़ियाबाद, 23 अक्टूबर 2026। छत्रपति शिवाजी महाराज के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति, सुशासन और स्वराज्य के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से दिव्य प्रेम सेवा मिशन न्यास द्वारा गाज़ियाबाद में भव्य महानाट्य ‘जाणता राजा’ का आयोजन किया गया। आज, 23 अक्टूबर को परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी मुख्य अतिथि के रूप में विशेष रूप से आमंत्रित है। माननीय पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तराखंड़, पद्म भूषण श्री भगत सिंह कोश्यारी जी, महामण्डलेश्वर स्वामी ईश्वरदास जी और विभिन्न विशिष्ट अतिथियों, विभूतियों और गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। 

पद्मविभूषण बाबासाहेब पुरंदरे द्वारा लिखित एवं निर्देशित यह महानाट्य छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रेरणादायी जीवन और उनके राष्ट्रनिर्माण के आदर्शों को मंच पर जीवंत करता है। शिवाजी महाराज का जीवन हमें संदेश देता है कि स्वराज्य अर्थात् राजनीतिक स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, सांस्कृतिक अस्मिता, धर्म-संरक्षण, न्यायपूर्ण शासन और जनकल्याण के प्रति समर्पण भी है।

 आशीष  के नेतृत्व में दिव्य प्रेम सेवा मिशन पिछले लगभग 30 वर्षों से हरिद्वार में कुष्ठ रोग से प्रभावित, अनाथ, असहाय और निराश्रित लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य एवं स्वावलंबन से जुड़े अनेक सेवा-प्रकल्प निःशुल्क संचालित कर रहा है। सेवा कार्यों के विस्तार तथा उत्तर प्रदेश के जनमानस में राष्ट्रचेतना जागृत करने के उद्देश्य से आयोजित यह महानाट्य भारतीय इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के अदम्य शौर्य, दूरदर्शी नेतृत्व और स्वराज्य के संकल्प की गौरवगाथा को जीवंत करता भव्य ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अध्याय का सजीव चित्रण है।यह महानाट्य दर्शकों को शिवाजी महाराज के युग की प्रेरणादायी यात्रा पर ले जाता है।

छत्रपति शिवाजी महाराज केवल एक वीर योद्धा ही नहीं, बल्कि कुशल प्रशासक, दूरदर्शी राष्ट्रनायक और लोककल्याणकारी शासक भी थे। उन्होंने प्रतिकूल परिस्थितियों में अदम्य साहस, नीति, शौर्य और आत्मविश्वास के बल पर स्वराज्य की स्थापना की। उनकी शासन-व्यवस्था न्याय, सुशासन, जनकल्याण और     सांस्कृतिक गौरव के आदर्शों से प्रेरित थी। उनके लिए सत्ता नहीं, जनसेवा सर्वाेपरि थी। ‘जाणता राजा’ स्वराज्य, राष्ट्रधर्म, संस्कृति और आत्मगौरव की चेतना जागृत करने वाला एक महान सांस्कृतिक अनुभव है, जो आज की पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है।

छत्रपति शिवाजी महाराज युवाओं के लिए साहस, नेतृत्व, आत्मसम्मान और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध की प्रेरणा है। उनका व्यक्तित्व संदेश देता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प, दूरदृष्टि और जनकल्याण की भावना से इतिहास की दिशा बदली जा सकती है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का बोध भी कराते हैं।

अद्वितीय शौर्य और वीरता की प्रतीक वीरांगना कित्तूर की रानी चेन्नम्मा को उनकी जयंती पर परमार्थ निकेतन से नमन। अंग्रेज़ी हुकूमत की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध उनका साहसिक संघर्ष भारत के इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय है। 

मातृभूमि की स्वतंत्रता और सम्मान की रक्षा के लिए उनका अडिग संकल्प भारतीय नारी शक्ति और राष्ट्रभक्ति की अमर मिसाल है। उनका पराक्रम और त्याग पीढ़ियों को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने तथा राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखने की प्रेरणा देता रहेगा।

‘जाणता राजा’ महानाट्य के माध्यम से स्वराज्य, संस्कृति, साहस और राष्ट्रगौरव की उस चेतना को पुनः जागृत करने का एक अद्भुत प्रयास है। यह आयोजन इतिहास को स्मरण करने के साथ-साथ उससे प्रेरणा लेकर वर्तमान और भविष्य के भारत के निर्माण का संकल्प लेने का अवसर भी है।

बुधवार, 21 अक्टूबर 2026

जिलाधिकारी के निर्देशन पर पहली बार गांव में आयोजित हुआ किसान दिवस,किसानों की समस्याओं का करें त्वरित निस्तारण: रविंद्र कुमार मॉंदड़






प्रशासन का उद्देश्य किसानों की समस्याओं को समझना और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है: जिलाधिकारी

धरनारत किसानों ने जिलाधिकारी से संवाद के पश्चात समाप्त किया धरना

                            मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । किसानों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक नई पहल करते हुए पहली बार किसान दिवस का आयोजन विकास भवन सभागार के स्थान पर ब्लॉक भोजपुर के ग्राम तलहेटा की चौपाल पर किया। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ की अध्यक्षता में आयोजित इस किसान दिवस में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और उनके गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। इस पहल से पूर्व से धरने पर बैठे किसानों की समस्याओं पर भी संवाद हुआ, जिसके बाद जिलाधिकारी ने किसानों का धरना समाप्त कराया। किसानों ने इस पहल के लिए जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी एवं उप कृषि निदेशक का आभार व्यक्त किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसानों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझना और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “किसानों के बीच, किसानों के साथ, किसानों की बात” के मूल मंत्र के साथ इस पहल को अगले माह भी दोहराया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को आगामी किसान दिवस का आयोजन भी किसी ग्राम में ही करने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिक से अधिक किसान सीधे जिला प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रख सकें।




किसान दिवस में सिंचाई, विद्युत, खाद-बीज, राजस्व, गन्ना भुगतान सहित विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समस्याओं का संज्ञान लेकर उनके निस्तारण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

गन्ना किसानों के भुगतान को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश

जिलाधिकारी ने चीनी मिल द्वारा किसानों के ब्याज की बकाया धनराशि 21.65 करोड़ रुपये का भुगतान दीपावली से पहले सुनिश्चित कराने के लिए जिला गन्ना अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए, ताकि किसानों को समय से उनका बकाया भुगतान मिल सके।

विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर जताई नाराजगी

किसान दिवस के दौरान विद्युत विभाग से संबंधित समस्याओं के विषय में अधिशासी अभियंता द्वारा समुचित जानकारी न दिए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने विभाग से संबंधित शिकायतों की पूरी जानकारी रखें तथा किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।

एक सप्ताह में शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश

मुख्य विकास अधिकारी ने समस्त विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसान दिवस में प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर एक सप्ताह के भीतर शिकायतकर्ता से संपर्क स्थापित किया जाए और समस्या का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही न बरतने तथा किसानों को कार्रवाई से अवगत कराने पर भी जोर दिया।

जिलाधिकारी ने विगत किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों की निस्तारण आख्या प्रस्तुत नहीं करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध चेतावनी जारी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक  आशीष कुमार सिंह सहित कृषि, उद्यान, सिंचाई, विद्युत, राजस्व, पशुपालन एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में विजेंद्र सिंह चौधरी ने उपस्थित अधिकारियों एवं किसान बंधुओं का धन्यवाद ज्ञापित किया। ग्राम स्तर पर किसान दिवस आयोजित करने की इस पहल को किसानों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने तथा समस्याओं के त्वरित निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जनपद का नाम रोशन करने पर मोदीनगर की बेटी सिमरन और मुरादनगर निवासी प्रदीप को दी शुभकामनाएं


किसान दिवस के दौरान जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने एशियन पैरा गेम्स-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जनपद गाजियाबाद का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाली मोदीनगर की बेटी सिमरन शर्मा और मुरादनगर निवासी प्रदीप कुमार को हार्दिक बधाई दी। जापान में आयोजित प्रतियोगिता में सिमरन शर्मा ने महिलाओं की 200 मीटर दौड़ 24.80 सेकंड में पूरी कर स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं, प्रदीप कुमार ने एफ-54 वर्ग की भाला फेंक स्पर्धा में 27.45 मीटर का प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता।

जिलाधिकारी ने कहा कि दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि जनपद के लिए गौरव का विषय है। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शासन स्तर से की जाने वाली घोषणाओं को तत्काल प्रभाव से लागू कराया जाएगा। निर्वाचन कार्यों के समापन के बाद दोनों खिलाड़ियों को जिला आइकॉन के रूप में सम्मानित किया जाएगा और उन्हें प्रशासनिक गतिविधियों से भी जोड़ा जाएगा।


SKK फाउंडेशन एवं अलख पांडेय के सहयोग से गाजियाबाद में पहली बार राष्ट्रीय स्तर के T20 व्हीलचेयर क्रिकेट अवेयरनेस मैच 24 अकटूबर को











                               मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। दिव्यांग खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करने, उन्हें समाज में उचित सम्मान दिलाने तथा व्हीलचेयर क्रिकेट के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से SKK फाउंडेशन द्वारा T20 व्हीलचेयर क्रिकेट अवेयरनेस मैच 2026 का आयोजन 24 अक्टूबर 2026 को किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय स्तर की खेल एवं सामाजिक जागरूकता पहल को साकार करने में अलख पांडेय का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। SKK फाउंडेशन इस आयोजन के क्रियान्वयन, संचालन एवं व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी निभा रहा है।

यह जानकारी SKK फाउंडेशन के संस्थापक मुकेश जोहरी, संस्थापिका नूतन पटवाल, मीडिया प्रकोष्ठ अध्यक्ष सौरभ गोस्वामी, महासचिव रेनू ममगई, सामाजिक सचिव मोनी सैनी तथा जॉइंट सेक्रेटरी राकेश सिरोही ने सयुंक्त रुप से प्रेसवार्ता मे दी। उन्होंने बताया कि यह गाजियाबाद में किसी संस्था द्वारा आयोजित होने वाला पहला राष्ट्रीय स्तर का व्हीलचेयर क्रिकेट मैच है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का बेहतर मंच उपलब्ध कराना, उनकी उपलब्धियों को पहचान दिलाना तथा समाज में समानता, सम्मान और समावेशिता की भावना को मजबूत करना।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आयोजन ने बताया कि खिलाड़ियों की भागीदारी, मैच की तैयारियों, ट्रॉफियों और पुरस्कारों से जुड़ी जानकारी साझा की गई। फाउंडेशन की टीम ने इस पहल को सफल बनाने तथा दिव्यांग खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहरा

SKK फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अलख पांडेय जी का सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उनके सहयोग से फाउंडेशन दिव्यांग खिलाड़ियों को मंच उपलब्ध कराने और समाज में सकारात्मक जागरूकता फैलाने की दिशा में कार्य कर रहा है।

फाउंडेशन का उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर समान अवसर, आत्मविश्वास, सम्मान और सशक्तीकरण का वातावरण तैयार करना भी है

SKK फाउंडेशन ने यह भी संकल्प व्यक्त किया कि आने वाले समय में अलख पांडेय जी के सहयोग से समाज के जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों के हित में अन्य सामाजिक कार्यों को भी आगे बढ़ाया जाएगा।

24 अक्टूबर को दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बीच होगा T20 मुकाबला

T20 व्हीलचेयर क्रिकेट अवेयरनेस मैच 2026 का आयोजन 24 अक्टूबर 2026, शनिवार को TNM ग्राउंड, न्याय खंड-1, इंदिरापुरम, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश में किया जाएगा।

मुख्य मुकाबला शाम 4:00 बजे से रात 10:00 बजे तक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होगा। दिल्ली और उत्तर प्रदेश की व्हीलचेयर क्रिकेट टीमों के बीच 20-20 ओवर का मुकाबला खेला जाएगा। फ्लडलाइट्स की रोशनी में होने वाला यह मैच दर्शकों एवं खेल प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।

इस आयोजन में व्हीलचेयर क्रिकेट से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों, टीम प्रतिनिधियों, तकनीकी अधिकारियों तथा भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों की भागीदारी प्रस्तावित है।

21 अक्टूबर 2026 को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 24 अक्टूबर को होने वाले मुकाबले की विजेता एवं उपविजेता टीमों को प्रदान की जाने वाली ट्रॉफियों का अनावरण किया गया। इसके साथ ही खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को सम्मानित करने के लिए निर्धारित पुरस्कारों एवं नकद पुरस्कारों की जानकारी भी साझा की गई।

SKK फाउंडेशन की ओर से खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के लिए टीम स्तर के साथ-साथ व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर भी सम्मानित करने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों की मेहनत, प्रतिभा, अनुशासन और खेल भावना को प्रोत्साहित करना है।

खिलाड़ियों के लिए निर्धारित पुरस्कार

- विजेता टीम: विजेता ट्रॉफी एवं नकद पुरस्कार।

- उपविजेता टीम: उपविजेता ट्रॉफी एवं नकद पुरस्कार।

- मैन ऑफ द मैच: उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को ट्रॉफी एवं नकद पुरस्कार।

- बेस्ट बैट्समैन: सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी को ट्रॉफी एवं नकद पुरस्कार।

- बेस्ट बॉलर: सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ी को ट्रॉफी एवं नकद पुरस्कार।

- बेस्ट फील्डर: उत्कृष्ट क्षेत्ररक्षण करने वाले खिलाड़ी को ट्रॉफी एवं नकद पुरस्कार दिया जाएगा।

इस पुरस्कार व्यवस्था के माध्यम से खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने के साथ यह संदेश दिया जाएगा कि व्हीलचेयर क्रिकेट में भी प्रतिभा, मेहनत, अनुशासन और खेल भावना का उतना ही महत्व है जितना किसी अन्य खेल में।


व्हीलचेयर क्रिकेट से जुड़े प्रमुख पदाधिकारी एवं अधिकारी होंगे शामिल


इस आयोजन में व्हीलचेयर क्रिकेट से जुड़े कई वरिष्ठ पदाधिकारियों, तकनीकी अधिकारियों और टीम प्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:


- स्क्वाड्रन लीडर अभय प्रताप सिंह (सेवानिवृत्त) — अध्यक्ष, Wheelchair Cricket India एवं संयुक्त सचिव, DCCI।

- अदिति शर्मा — फिजियोथेरेपिस्ट, भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम।

- अनमोल वशिष्ठ — टीम मैनेजर।

- अनुराग कश्यप — अध्यक्ष, हरियाणा व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन एवं मैच तकनीकी अधिकारी।

- सोमजीत सिंह — कप्तान, भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम।

- सोनू गुप्ता — टीम इंडिया के चयनकर्ता।


इन पदाधिकारियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति से खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा और व्हीलचेयर क्रिकेट से जुड़े अनुभवों, उपलब्धियों तथा संभावनाओं को साझा करने का अवसर प्राप्त होगा।

भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट का प्रतिनिधित्व कर चुके खिलाड़ी भी होंगे शामिल जिनमें सोनू गुप्ता- अनमोल वशिष्ठ- राजा बाबू- सौरभ मलिक- गौरव यादव- इरफान हैदर,सोमजीत सिंह उपस्थित होगे।

इन खिलाड़ियों की उपस्थिति से अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी तथा उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि मुख्य T20 मुकाबले से पहले एक विशेष 5-5 ओवर का अवेयरनेस एवं मोटिवेशनल मैच आयोजित किया जाएगा। इस मैच में कुछ प्रतिष्ठित व्यक्ति व्हीलचेयर पर बैठकर खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट खेलेंगे।


मेवाड़ में ‘समकालीन समाज में मानवाधिकार’ पर सेमिनार आयोजित

 


मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । वसुंधरा स्थित मेवाड़ लॉ इंस्टिट्यूट में ‘समकालीन समाज में मानवाधिकार’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में एडवोकेट बरखा छाबड़ा ने बाल अधिकारों के संरक्षण एवं नीतिगत बदलावों पर विचार रखे, जबकि मुख्य वक्ता एडवोकेट अशोक बाबू ने कैदियों और विचाराधीन कैदियों के अधिकारों पर प्रकाश डाला। बी.ए.एल.एल.बी. के 15 विद्यार्थियों ने शिक्षा, महिला अधिकार, पर्यावरण, निजता, स्वास्थ्य, श्रम एवं अपराध पीड़ितों के अधिकारों सहित विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतियाँ दीं। प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इंस्टिट्यूट की निदेशक डॉ. अलका अग्रवाल ने कहा कि ऐसी संगोष्ठियाँ विद्यार्थियों में शोध एवं आलोचनात्मक चिंतन की प्रवृत्ति विकसित करती हैं। डॉ. वियंता पाल ने आभार व्यक्त किया। सेमिनार एच. एस. एस. विभाग ने संयोजित किया।

मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

दशहरे पर परमार्थ निकेतन में वेद, उपनिषद, पुराण एवं शास्त्रों का पूजन

 



                              संवाददाता

परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने गुरुकुलों में शास्त्र पूजन की परंपरा को जीवंत रखने का किया आह्वान

ऋषिकेश, 20 अक्टूबर। विजयादशमी के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन में परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने वेद, उपनिषद, पुराण एवं शास्त्रों का श्रद्धापूर्वक पूजन किया। यह पूजन भारतीय ज्ञान-परंपरा, ऋषि-मनीषा और जीवन को दिशा देने वाले शाश्वत मूल्यों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। दशहरा जहाँ अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और अहंकार पर मर्यादा की विजय का पर्व है, वहीं शास्त्र पूजन हमें स्मरण कराता है कि विजय का वास्तविक आधार केवल बाहरी सामर्थ्य नहीं, बल्कि आंतरिक विवेक और आत्मसंयम है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने इस अवसर पर संदेश दिया कि गुरुकुलों में शास्त्र एवं शस्त्र पूजन की परंपरा को केवल एक अनुष्ठान के रूप में नहीं, बल्कि जीवन निर्माण की सतत प्रक्रिया के रूप में जीवंत रखना होगा। आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों, अपनी ज्ञान-परंपरा और अपने सांस्कृतिक उत्तरदायित्व से जोड़ना समय की महती आवश्यकता है।

भारतीय परंपरा में शास्त्र केवल पढ़ने का नहीं बल्कि जीवन को समझने, अपने कर्तव्यों को पहचानने और सही-गलत के बीच विवेकपूर्ण निर्णय लेने का मार्ग हैं। वेद मानवता को व्यापक दृष्टि देते हैं, उपनिषद आत्मबोध और चेतना की गहराई तक ले जाते हैं, पुराण आदर्शों को कथाओं के माध्यम से जनमानस तक पहुँचाते हैं और धर्मशास्त्र जीवन के विविध आयामों में कर्तव्य, मर्यादा एवं उत्तरदायित्व का बोध कराते हैं।

शास्त्र पूजन का अर्थ पुस्तकों के सम्मुख दीप प्रज्वलित करना भर नहीं है; इसका वास्तविक अर्थ है ज्ञान के प्रति विनम्र होना, सत्य को स्वीकार करने का साहस रखना और अपने आचरण को सद्ज्ञान के अनुरूप ढालना। ग्रंथों की पूजा तभी सार्थक होती है, जब उनके आदर्श हमारे व्यवहार में उतरें, हमारे निर्णयों में विवेक बनें और हमारे जीवन में करुणा, न्याय तथा सेवा का आधार बनें।

आज सूचनाओं का विस्तार अभूतपूर्व है, लेकिन सूचना और ज्ञान एक ही बात नहीं हैं। तकनीक हमें बहुत कुछ बता सकती है, किंतु क्या उचित है, क्या अनुचित; किसका हित करना है, किस प्रलोभन से बचना है और शक्ति का उपयोग किस उद्देश्य से करना है, इन प्रश्नों का उत्तर विवेक देता है। शास्त्र पूजन इसी विवेक को जागृत करने का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अवसर है।

गुरुकुल भारतीय शिक्षा-दर्शन की वह परंपरा है, जहाँ शिक्षा का उद्देश्य केवल आजीविका अर्जित करना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का समग्र विकास रहा है। यहाँ ज्ञान के साथ विनय, सामर्थ्य के साथ संयम, अधिकार के साथ कर्तव्य और सफलता के साथ सेवा का संस्कार विकसित करने की प्रेरणा मिलती है।


दशहरे पर गुरुकुलों में शास्त्र पूजन का विशेष महत्त्व है, क्योंकि यह विद्यार्थियों को स्मरण कराता है कि शिक्षा का सर्वाेच्च उद्देश्य केवल अधिक जानना नहीं, बल्कि सही दृष्टि से जीना है। यदि ज्ञान से अहंकार बढ़े, सामर्थ्य से संवेदनशीलता घटे और सफलता से समाज के प्रति उत्तरदायित्व समाप्त हो जाए, तो शिक्षा अपनी पूर्णता प्राप्त नहीं करती।


गुरुकुलों में इस परंपरा को जीवंत रखने का अर्थ है कि नई पीढ़ी अपनी        सांस्कृतिक विरासत को केवल इतिहास की वस्तु न समझे, बल्कि वर्तमान की प्रेरणा और भविष्य की दिशा के रूप में स्वीकार करे। परंपरा तभी जीवित रहती है, जब वह अगली पीढ़ी के विचार, व्यवहार और चरित्र में स्थान पाती है।


परमार्थ निकेतन में शास्त्र पूजन की यह परंपरा इसी व्यापक संदेश को रेखांकित करती है कि आध्यात्मिकता जीवन से पलायन नहीं, बल्कि जीवन को अधिक जागरूक, उत्तरदायी और लोकमंगलकारी बनाने की प्रेरणा है। शास्त्र हमें दृष्टि दें, शस्त्र रक्षा का संकल्प दें और श्रीराम के आदर्श हमारे आचरण को दिशा दें, तभी विजयादशमी का पर्व अपने वास्तविक अर्थ में सार्थक होगा।

गुरुकुलों में शास्त्र और शस्त्र पूजन की परंपरा इसी संकल्प के साथ आगे बढ़े कि ज्ञान से विवेक, शक्ति से सुरक्षा, शिक्षा से संस्कार और धर्म से मानवता पुष्ट हो। यही विजयादशमी का शाश्वत संदेश है, शक्ति का आधार धर्म, ज्ञान का आधार विनय और विजय का आधार मर्यादा है।

माता जानकी रसोई में भंडारे के दौरान सेवा और सहयोग का हुआ सम्मान

 

                            मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद। सेक्टर 23 संजय नगर केo ब्लॉक में माता जानकी रसोई जहाँ पर प्रतिदिन सैकड़ों जरूरतमंदों को भोजन प्रशाद कराया जाता है वहीं आज भंडारे का आयोजन किया गया जिसमे सभी ने बढ़चढ़ कर सेवा और सहयोग किया।

प्रतिदिन सेवा और सहयोग करने वाले आदरणीय माता और भाइयो का पटका पहना कर सम्मानित किया और हृदय से आभार व्यक्त किया।

भंडारे में विभा रावत समाज सेवी, एड. दिनेश शर्मा प्रदेश उपाध्यक्ष अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा रा, मनवीर नागर जी पूर्व पार्षद, सुधीर द्विवेदी जी, ज्योति प्रकाश जी, यू डी शर्मा जी, राजेंद्र त्यागी जी, धीरू भाई, समरेश विश्वकर्मा, योगेश अग्रवाल, राहुल माहेश्वरी, राहुल शर्मा, सचिन गुप्ता, संदीप शर्मा, मृदुल गुप्ता, अंशुल वशिष्ठ, अनिल शर्मा, आर पी तिवारी उमेश शर्मा, मनोज श्रीवास्तव और संदीप पांडे आदि मौजूद रहे।

सोमवार, 19 अक्टूबर 2026

महानवमी पर समरकूल में सम्मान समारोह एवं भव्य भंडारे का आयोजन,समरकूल गोल्डन परिवार के हजारों सदस्यों ने ग्रहण किया प्रसाद

 




मुकेश गुप्ता

गाजियाबाद । शारदीय नवरात्रि की महानवमी के पावन अवसर पर समरकूल ग्रुप के प्रतिष्ठान पर विशाल भंडारा एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया।

मेरठ रोड स्थित समरकूल के मुख्य प्लांट पर आयोजित इस भंडारे में समरकूल गोल्डन परिवार के हजारों कर्मचारियों, स्टाफ सदस्यों, ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस अवसर पर समरकूल के संस्थापक चेयरमैन संजीव कुमार गुप्ता ने कंपनी के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले मुख्य स्टाफ सदस्यों एवं पुराने कर्मचारियों को पटका पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समरकूल परिवार की एकता और मेहनत ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने कहा कि माँ दुर्गा के आशीर्वाद से हमारा समरकूल निरंतर प्रगति कर रहा है और यह भंडारा माँ के प्रति आभार व्यक्त करने का एक छोटा सा प्रयास है।

इस अवसर पर संजीव कुमार गुप्ता, राजीव कुमार गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, आशुतोष गुप्ता, रोहित गोयल, नरेश बत्रा सहित समरकूल परिवार के सभी सदस्य उपस्थित रहे।